Delhi Weather Today: दिल्ली में आज आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट, देखें वेदर फोरकास्ट

Delhi Weather Today: पिछले दो सालों में जुलाई के सबसे गर्म दिनों में से एक का सामना करने के बाद, दिल्ली को मंगलवार (7 जुलाई) को काफी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी में बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान लगाया है। इसके लिए मौसम विभाग ने “येलो अलर्ट” जारी किया है, साथ ही कुछ इलाकों में बिजली कड़कने और आंधी-तूफान की संभावना भी जताई है।

IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक, मंगलवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। हालांकि, पिछले दिन की तुलना में तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन उमस ज्यादा बने रहने की संभावना है, जिससे बारिश होने तक मौसम असहज रहेगा।

दो साल में जुलाई का सबसे गर्म दिन दर्ज

सोमवार का दिन दिल्ली में पिछले दो सालों में सबसे गर्म जुलाई का दिन रहा। हवा में ज्यादा नमी (उमस) होने की वजह से लोगों को महसूस होने वाला तापमान (फील्स लाइक) करीब 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। जिस वजह से शहर भर के लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा।

दिल्ली में कब तक बारिश होगी?

IMD ने अनुमान लगाया है कि उत्तर भारत में मानसून के मजबूत होने के साथ ही अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। सात दिनों के पूर्वानुमान के मुताबिक, 8 जुलाई से 10 जुलाई के बीच आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

बता दें कि उत्तर भारत में मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं, इसलिए आने वाले दिनों में दिल्ली में बार-बार बारिश होने की उम्मीद है। इससे लोगों को गर्मी से तो राहत मिलेगी, लेकिन शहर में जगह-जगह पानी भरने और ट्रैफिक में रुकावट का खतरा भी बढ़ जाएगा।

IMD ने लोगों को सलाह दी है कि वे तूफान के दौरान, खासकर सफर करते समय सतर्क रहें। तेज बारिश के दौरान पानी भरने, कम विजिबिलिटी, ट्रैफिक जाम और कुछ समय के लिए रुकावटें आ सकती हैं। लोगों को यह भी सलाह गई है कि बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें और घर से बाहर निकलने से पहले मौसम की आधिकारिक जानकारी जरूर देख लें।

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वेकेशन में घूमना सिर्फ एक ट्रिप नहीं बल्कि एक रॉयल एक्सपीरियंस हो, तो भारत में इन 6 पैलेस होटल्स को करें एक्सप्लोर!

भारत के कई ऐतिहासिक महल और किले अब लग्जरी होटलों में बदल चुके हैं, जहां ठहरना सिर्फ एक ट्रिप नहीं बल्कि “रॉयल एक्सपीरियंस” बन जाता है। यहां आपको राजाओं जैसी लाइफस्टाइल, शाही कमरे, शानदार सर्विस और ऐतिहासिक माहौल एक साथ देखने को मिलता है। आइये जानते है इन महलों की और भी खास बातें:

1. रामबाग पैलेस, जयपुर

 

रामबाग पैलेस: इन 12 तस्वीरों के ज़रिये कीजिए 'जयपुर के गहने' और दुनिया के सबसे अच्छे होटल की सैर

रामबाग पैलेस कभी जयपुर के महाराजा का शाही निवास था, जिसे आज एक अल्ट्रा-लक्जरी हेरिटेज होटल में बदल दिया गया है। यहां के कमरे बेहद भव्य हैं, जिनमें राजस्थानी आर्किटेक्चर और मॉडर्न सुविधाओं का शानदार मेल मिलता है। गार्डन, रॉयल डाइनिंग और स्पा जैसी सुविधाएं इसे और खास बनाती हैं। यहां ठहरना किसी राजा के जीवन को जीने जैसा एक्सपीरियंस देता है।

 

2. उम्मेद भवन पैलेस, जोधपुर

Tour of India Umaid Bhawan Palace

उम्मेद भवन पैलेस दुनिया के सबसे बड़े प्राइवेट रेजिडेंस में से एक है। इसका एक हिस्सा अभी भी शाही परिवार के पास है और बाकी हिस्सा ताज होटल ग्रुप द्वारा चलाया जाता है। यहां की रॉयल आर्ट डेको स्टाइल, संगमरमर के हॉल और रॉयल कमरे इसे बेहद खास बनाते हैं। यह पैलेस आज भी शाही ठाठ-बाट की असली झलक दिखाता है।

 

3. नीमराना फोर्ट पैलेस, राजस्थान

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नीमराना फोर्ट दिल्ली के पास स्थित एक ऐतिहासिक किला होटल है। यह 15वीं शताब्दी का किला अब एक हेरिटेज रिसॉर्ट बन चुका है। यहां ज़िपलाइनिंग, रॉयल पूल, और हिल व्यू रूम्स जैसी सुविधाएं मिलती हैं। यह जगह खासकर वीकेंड ट्रिप और कपल्स के बीच बहुत पॉपुलर है।

 

4. फलकनुमा पैलेस, हैदराबाद

ताज फलकनुमा पैलेस | प्रवेश समय | हैदराबाद पर्यटन

फलकनुमा पैलेस आसमान से हैदराबाद को देखने जैसा एक्सपीरियंस देता है क्योंकि यह ऊंचाई पर है। यहां की इटैलियन संगमरमर की सीढ़ियां, पुरानी लाइब्रेरी और शाही डाइनिंग हॉल बहुत पॉपुलर हैं। नवाबों की शान को आज भी यहां महसूस किया जा सकता है। यह भारत के सबसे लक्जरी होटलों में गिना जाता है।

 

5. ताज लेक पैलेस, उदयपुर

Taj Lake Palace Udaipur, Udaipur (अपडेट की गई कीमतें 2026)

झील के बीच बना यह सफेद संगमरमर का पैलेस किसी सपने जैसा लगता है। यहां पहुंचने के लिए नाव का इस्तेमाल किया जाता है, जो इसे और भी खास बनाता है। रात में झील की रोशनी में यह पैलेस बेहद खूबसूरत दिखता है। यह रोमांटिक और रॉयल एक्सपीरियंस के लिए दुनिया भर में मशहूर है।

 

6. सिटी पैलेस, उदयपुर

Udaipur city palace Images - Free Download on Magnific (formerly Freepik)

उदयपुर का सिटी पैलेस राजस्थान की सबसे रॉयल और ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है। यह पैलेस पिछोला झील के किनारे है और अपनी बड़ा स्ट्रक्चर, सुंदर नक्काशी और राजसी आंगनों के लिए जाना जाता है। इसका निर्माण मेवाड़ राजवंश ने कई सदियों में अलग-अलग लेवल में किया था। यहां के अंदर म्यूजियम, शाही दरबार हॉल, क्रिस्टल गैलरी और पुरानी रॉयल चीजें आज भी सेफ रखी गई हैं।ये सभी महल सिर्फ रहने की जगह नहीं हैं, बल्कि भारत की शाही विरासत और इतिहास को जीने का मौका देते हैं। यहां ठहरना एक ऐसा एक्सपीरियंस है जिसे शब्दों में पूरी तरह नहीं बताया जा सकता। हर पैलेस अपनी अलग कहानी और रॉयल पहचान के लिए जाना जाता है।

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच GIFT Nifty ने Nifty50 के लिए अच्छी शुरुआत का संकेत दिया। फ्यूचर्स 102 पॉइंट्स बढ़कर 24,586 पर कोटेड थे।ज़्यादातर एशियाई बाज़ार नीचे ट्रेड कर रहे थे, जिसमें साउथ कोरिया का कोस्पी सबसे ज़्यादा नुकसान में था। कोस्पी 5 परसेंट नीचे था, जबकि जापान का निक्केई 255 0.93 परसेंट गिरा।

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर प्राइस 7 परसेंट गिर गया, जबकि कंपनी ने 89.4 ट्रिलियन वॉन का रिकॉर्ड शुरुआती ऑपरेटिंग प्रॉफ़िट पोस्ट किया था।रात भर में, डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल 0.29 परसेंट बढ़कर 53,055.91 के रिकॉर्ड क्लोजिंग पर सेटल हुआ। S&P 500 और नैस्डैक कंपोजिट क्रमशः 0.72 परसेंट और 1.12 परसेंट ऊपर सेटल हुए।

तेल की कीमतें ऊपर ट्रेड कर रही थीं क्योंकि इन्वेस्टर्स सप्लाई रिकवरी और डिमांड पर ध्यान दे रहे थे। जुलाई फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर $72.33 प्रति बैरल पर कोटेड था। सोने और चांदी के फ्यूचर्स क्रमशः 0.32 प्रतिशत और 0.63 प्रतिशत नीचे ट्रेड कर रहे थे।

Petrol Diesel Price Today: आज के ताजा रेट जारी, जानें आपके शहर में कितना महंगा या सस्ता हुआ ईंधन

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 07 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये | डीजल 99.55 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.56 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये | डीजल 98.80 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये | डीजल 95.55 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

थाईलैंड टूर का प्लान है तो अभी रुकिए, ये 5 नियम नहीं जाने तो होगा भारी नुकसान!

थाईलैंड ने हाल ही में इंडियन ट्रैवलर के लिए वीजा और ट्रैवल नियमों को पहले से ज्यादा सख्त कर दिया है। इसका मकसद टूरिज्म को कंट्रोल करना नहीं, बल्कि फर्जी ट्रैवलर्स, ओवरस्टे और जॉब स्कैम जैसी बढ़ती समस्याओं को रोकना है। साथ ही सिस्टम को ज्यादा डिजिटल और सेफ बनाने के लिए नई तकनीक भी जोड़ी गई है। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर क्या बदल गया है और ट्रैवलर को किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है:

थाईलैंड ने क्यों कड़े किए नियम?

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थाईलैंड एक बहुत ही पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन है, जहां हर साल लाखों विदेशी जाते हैं, जिनमें इंडियन भी बड़ी संख्या में होते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से कुछ समस्याएं बढ़ी हैं, जैसे— कुछ लोग टूरिस्ट वीजा पर आकर अवैध रूप से काम करने लगे, कई लोग वीजा खत्म होने के बाद भी रुक जाते हैं , फर्जी डॉक्यूमेंट्स और गलत ट्रैवल प्लानिंग के केस भी सामने आए, इन्हीं कारणों से सरकार ने सिस्टम को सख्त और डिजिटल बनाने का फैसला लिया है ताकि सही ट्रैवलर्स को परेशानी न हो और गलत एक्टिविटीज पर रोक लग सके।

 अब क्या-क्या नए बदलाव लागू हुए हैं?

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पासपोर्ट वैलिडिटी नियम (6 महीने अनिवार्य): थाईलैंड ट्रिप के लिए अब यह जरूरी कर दिया गया है कि आपका पासपोर्ट कम से कम 6 महीने तक वैध हो। अगर वैलिडिटी कम है तो एयरपोर्ट पर एंट्री में परेशानी हो सकती है, इसलिए पहले से पासपोर्ट की जांच करना जरूरी है।

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ट्रैवल प्रूफ शर्त (रिटर्न टिकट + होटल बुकिंग): अब ट्रैवलर को यह साबित करना होगा कि वे सिर्फ टूरिस्ट के रूप में जा रहे हैं। इसके लिए कन्फर्म वापसी का टिकट और होटल या रहने की पक्की बुकिंग दिखाना जरूरी हो सकता है, जिससे पूरा ट्रैवल प्लान स्पष्ट रहे।

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फाइनेंशियल प्रूफ (20,000 THB नियम): ट्रिप के दौरान खर्च करने के लिए पर्याप्त पैसे होना जरूरी है। इसके तहत लगभग 20,000 थाई बाहत (THB) कैश या बैंक बैलेंस दिखाना पड़ सकता है, ताकि यह साबित हो सके कि ट्रैवलर आर्थिक रूप से सक्षम है।

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पर्सनल ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स नियम: हर ट्रैवलर को अपने सभी जरूरी डॉक्यूमेंट जैसे पासपोर्ट, वीजा, होटल बुकिंग और ट्रैवल प्लान अलग-अलग और सही तरीके से तैयार रखने होंगे। ग्रुप ट्रैवल में भी हर व्यक्ति के लिए अलग डॉक्यूमेंट जरूरी हो सकते हैं, इसलिए पूरी तैयारी पहले से करना जरूरी है।

TDAC (Thailand Digital Arrival Card सिस्टम) में सबसे बड़ा बदलाव

डिजिटल एंट्री सिस्टम क्या है?

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थाईलैंड ने अब TDAC नाम का नया डिजिटल सिस्टम लागू किया है, जिसे सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। यह एक ऑनलाइन फॉर्म है जिसे ट्रैवलर को ट्रिप से पहले भरना जरूरी होता है और यह पुराने पेपर इमिग्रेशन फॉर्म की जगह ले चुका है।

क्या-क्या भरना होता है?

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इस डिजिटल फॉर्म में ट्रैवलर को अपनी बेसिक ट्रैवल डिटेल्स देनी होती हैं, जैसे पासपोर्ट की जानकारी, फ्लाइट डिटेल्स, होटल या रहने का पता और ट्रिप का उद्देश्य। इससे इमिग्रेशन विभाग को पहले से पूरी जानकारी मिल जाती है।

क्यों लाया गया यह सिस्टम?

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इस सिस्टम से एयरपोर्ट पर लंबी लाइनें कम होंगी और एंट्री प्रक्रिया तेज और आसान हो जाएगी। साथ ही ट्रैवलर का डेटा पहले से सिस्टम में मौजूद रहेगा, जिससे सुरक्षा और ट्रैकिंग भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।

नियम न मानने पर क्या होगा?

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अगर कोई ट्रैवलर TDAC फॉर्म सही तरीके से नहीं भरता है या जरूरी जानकारी पूरी नहीं देता है, तो उसे एयरपोर्ट पर एंट्री से रोका जा सकता है, डिपोर्ट भी किया जा सकता है और भविष्य में वीजा मिलने में भी दिक्कत आ सकती है। इसलिए ट्रिप से पहले सभी डॉक्यूमेंट्स और डिजिटल फॉर्म सही तरीके से पूरा करना बहुत जरूरी है।

थाईलैंड ने नियम इसलिए भी सख्त किए हैं ताकि गलत ट्रैवल और अवैध काम पर रोक लगे और टूरिज्म सिस्टम सेफ और डिजिटल बने। अगर आपके डॉक्यूमेंट्स सही हैं और आप एक असली टूरिस्ट हैं, तो आपको कोई परेशानी नहीं होगी—बस पहले से तैयारी करना जरूरी है।

Rashifal Today: 7 जुलाई को किस मूलांक को होगा धन लाभ और किसे बरतनी होगी सावधानी! जानें सबकुछ

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन नए अवसर आपके सामने आ सकते हैं। अगर किसी नए प्रोजेक्ट या निवेश के बारे में सोच रहे हैं तो पहले पूरी जानकारी जरूर लें। जल्दबाजी से बचें और केवल उन्हीं योजनाओं में पैसा लगाएं जो लंबे समय तक लाभ दे सकें। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक मामलों में आपके लिए शुभ रहने वाला है। भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई योजनाएं फायदा दे सकती हैं। अपने बजट और बचत की समीक्षा करें। बिना जरूरत खर्च करने से बचें और ऐसे फैसले लें जो आने वाले समय में आर्थिक मजबूती दें।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आपको नए अवसर मिल सकते हैं, खासकर तकनीक और नए कामों से जुड़े क्षेत्रों में। जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान दें और किसी भी योजना को अच्छी तरह समझने के बाद ही आगे बढ़ें। धैर्य से काम लेने पर लाभ मिलेगा।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज नए निवेश या बड़े खर्च से बचना बेहतर रहेगा। यह समय अपनी आर्थिक स्थिति को समझने और भविष्य की योजनाओं को व्यवस्थित करने का है। सोच-समझकर लिए गए फैसले आगे चलकर आपके लिए फायदेमंद साबित होंगे।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आर्थिक दृष्टि से दिन अच्छा रहेगा। भविष्य के लिए नई योजना बनाने का सही समय है। अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें और बचत बढ़ाने पर ध्यान दें। समझदारी से लिया गया फैसला आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज नए अवसर आपके सामने आ सकते हैं। अगर किसी नए प्रोजेक्ट या निवेश के बारे में सोच रहे हैं तो पहले पूरी जानकारी जरूर लें। जल्दबाजी से बचें और केवल उन्हीं योजनाओं में पैसा लगाएं जो लंबे समय तक लाभ दे सकें।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन सोच-विचार करने का है। बड़े आर्थिक फैसले फिलहाल टाल दें। अपनी बचत, खर्च और भविष्य की योजनाओं पर ध्यान दें। सही योजना बनाकर आगे बढ़ेंगे तो आने वाले समय में आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आर्थिक मामलों में आज का दिन आपके पक्ष में रहेगा। अपने बजट और निवेश की समीक्षा करें। अनावश्यक खर्चों से दूरी बनाएं और भविष्य के लिए मजबूत वित्तीय योजना तैयार करें। आज की समझदारी आगे अच्छा लाभ दिला सकती है।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आपको नए काम या निवेश के अवसर मिल सकते हैं। खासकर तकनीक और नए बिजनेस से जुड़े लोगों के लिए दिन अच्छा है। हालांकि, किसी भी फैसले में जल्दबाजी न करें। सही योजना और धैर्य से काम करेंगे तो भविष्य सुरक्षित रहेगा।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत है। बड़े निवेश या भारी खर्च करने से बचें। अपने भविष्य के लक्ष्यों पर ध्यान दें और लंबी अवधि की वित्तीय योजना बनाएं। सोच-समझकर लिया गया फैसला आने वाले समय में लाभ देगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Ram Mandir: पांच करोड़ का रामचरितमानस…राम मंदिर में कितना आया चढ़ावा? ट्रस्ट ने दिया पूरा हिसाब

Ram Mandir Donation: अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को एक अहम बैठक हुई। इस बैठक महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने करीब तीन घंटे लंबी चली ट्रस्ट की बैठक के बाद मीडिया का सामने इसकी घोषणा की। ट्रस्ट ने दान चोरी और महत्वपूर्ण इस्तीफा-नियुक्तियों के लेकर जानकारी दी। ट्रस्ट की ओर से अब प्राप्त की गईं दान का पूरा ब्यौरा दिया गया।

चढ़ावा का दिया ब्योरा

बता दें कि, राम मंदिर में दान की गई कीमती चीजों के गायब होने के आरोपों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार को श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए गहने और अन्य कीमती वस्तुएं सार्वजनिक रूप से दिखाईं। ट्रस्ट ने कहा कि दान में मिली सभी वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका सही तरीके से रिकॉर्ड रखा गया है। ट्रस्ट ने जिन वस्तुओं को दिखाया, उनमें करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य की सोने की परत चढ़ी रामचरितमानस की एक प्रति भी शामिल थी, जिसे एक श्रद्धालु ने मंदिर को भेंट किया था। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने दान की गई वस्तुओं का आधिकारिक रजिस्टर भी मीडिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि यह कदम दान की कीमती वस्तुओं के गायब होने से जुड़े आरोपों और लोगों की शंकाओं को दूर करने के लिए उठाया गया है।

मंदिर को दान में मिली इतनी चीजें

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने कहा कि कुछ लोग यह आरोप लगा रहे हैं कि मंदिर को दान में मिली कई कीमती वस्तुएं गायब हो गई हैं। उन्होंने कहा, “इसी वजह से हम दान की गई सभी वस्तुओं का आधिकारिक रजिस्टर आपके सामने लेकर आए हैं। जिन वस्तुओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, उनका पूरा विवरण भी हम दिखाएंगे।” ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर को दान में मिली हर वस्तु का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाता है। स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने बताया कि रजिस्टर में अब तक करीब 2,800 दान की गई वस्तुओं का विवरण दर्ज है। हालांकि, इनमें से केवल कुछ वस्तुओं को उदाहरण के तौर पर मीडिया और लोगों के सामने प्रदर्शित किया गया।

स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने कहा, “हमारे पास दान में मिली करीब 2,800 वस्तुओं का पूरा रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज है और सभी चीजें सुरक्षित रखी गई हैं। जिन पांच वस्तुओं को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, उन्हें हम केवल उदाहरण के तौर पर आपके सामने लेकर आए हैं।” ट्रस्ट ने यह भी बताया कि अब तक मंदिर को करीब 2,926 दान की गई वस्तुएं मिल चुकी हैं। यदि कोई श्रद्धालु अपने द्वारा दान की गई वस्तु के बारे में जानकारी लेना चाहता है, तो वह ट्रस्ट के किसी अधिकारी से पहले समय लेकर अयोध्या आ सकता है। ट्रस्ट की ओर से उसे पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

ट्रस्ट ने दी ये जानकारी

ट्रस्ट ने कहा कि जो श्रद्धालु अपने दान की गई वस्तु के बारे में जानकारी लेना चाहते हैं या यह जानना चाहते हैं कि उसका उपयोग कैसे किया जा रहा है, वे पहले ट्रस्ट के किसी अधिकारी से समय लेकर अयोध्या आ सकते हैं। उन्हें दान से जुड़ी पूरी जानकारी दी जाएगी। इस बीच, ट्रस्ट ने बताया कि उसकी अगली बैठक 22 अगस्त को होगी। इस बैठक में दान की कथित चोरी की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट पेश किए जाने की उम्मीद है। साथ ही जांच के निष्कर्षों और ट्रस्ट में नए ट्रस्टियों की नियुक्ति जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने कहा कि ट्रस्ट की मांग है कि दान की कथित चोरी में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा, “22 अगस्त को ट्रस्ट की अगली बैठक होगी। हमें उम्मीद है कि तब तक विशेष जांच टीम (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट मिल जाएगी। उसी रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी और नए ट्रस्टियों की नियुक्ति पर भी फैसला लिया जाएगा।” उन्होंने कहा कि चोरी, चोरी होती है और इसमें किसी तरह की ढील नहीं दी जानी चाहिए। उनके अनुसार, एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि सभी दोषियों को, चाहे वे अभी फरार ही क्यों न हों, पकड़कर कानून के मुताबिक सजा दिलाई जाए। ट्रस्ट भी इसी मांग पर पूरी तरह कायम है।

Viral Video: ‘लंदन में फोन छिपाकर चलती हूं, भारत में बिना डर के’, विदेशी महिला के इस वीडियो ने इंटरनेट पर मचाया धमाल

सोशल मीडिया पर इन दिनों विदेशी महिला टूरिस्ट का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में विदेशी महिला भारत में अपने घूमने के एक्सपीरिएंस को शेयर करती हुई नजर आ रही है। उसने बताया कि भारत के कई राज्यों की यात्रा के दौरान उसे सार्वजनिक जगहों पर मोबाइल इस्तेमाल करने में कोई डर नहीं लगा। वहीं इस मामले में भारत उन्हें लंदन से भी ज्यादा सेफ लगा। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं इस वीडियो पर लोगों ने अपना रिएक्शन भी दिया है।

डिजिटल क्रिएटर एम्मा ने बताया कि, केरल और मेघालय समेत भारत के कई राज्यों की यात्रा के दौरान उनका एक्सपीरिएंस काफी अच्छा रहा। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, “ये बात विवादित लग सकती है, लेकिन सच कहूं तो मुझे लंदन की तुलना में भारत में अपना फोन इस्तेमाल करने को लेकर कम चिंता हुई।”

सड़कों पर रिकॉर्ड की वीडियो

वीडियो में एम्मा भारत की सड़कों पर आराम से चलते हुए अपने फोन से व्लॉग रिकॉर्ड करती नजर आती हैं। वह बिना किसी डर के खुलेआम मोबाइल का इस्तेमाल करती दिखाई देती हैं। वीडियो पर लिखा था, “मैं भारत में अपना फोन हाथ में लेकर चल रही हूं।” इसके बाद वीडियो का दूसरा हिस्सा लंदन का है, जहां वह अपना फोन पहले सावधानी से बैग में रखती हैं और फिर उसे सेफ रखने के लिए मजबूती से हाथ में पकड़ लेती हैं।

फोन की नहीं थी चिंता

उन्होंने लिखा, “केरल, वर्कला, गुवाहाटी और मेघालय जैसी जगहों की यात्रा करने के बाद मेरी सोच पूरी तरह बदल गई। भारत आने से पहले मैंने जो बातें सुनी थीं, मेरा अनुभव उनसे बिल्कुल अलग रहा। मैं आराम से वीडियो शूट कर रही थी, खुलेआम अपना फोन इस्तेमाल कर रही थी और एक पल के लिए भी मुझे यह महसूस नहीं हुआ कि मुझे हर समय अपना सामान संभालकर रखना है।”

लंदन में फोन चोरी का डर

उन्होंने अपने इस अनुभव की तुलना लंदन की रोजमर्रा की जिंदगी से करते हुए लिखा, “वहीं दूसरी ओर लंदन में हालात बिल्कुल अलग हैं। वहां मुझे हमेशा फोन चोरी होने की चिंता रहती है। सच कहूं तो ऐसा लगता है जैसे मेरा फोन मेरे हाथ से चिपका हुआ हो, क्योंकि मैं उसे एक पल के लिए भी ढीला नहीं छोड़ती।” उन्होंने आगे लिखा, “हर जगह के अपने-अपने जोखिम होते हैं और यह सिर्फ मेरा निजी अनुभव है। मेरा यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि कहीं भी बिना सावधानी के घूमना चाहिए। लेकिन इतना जरूर कहना चाहूंगी कि इंटरनेट पर जो बातें दिखाई देती हैं, वे हमेशा पूरी सच्चाई नहीं बतातीं।”

लोगों ने पोस्ट पर किए कमेंट

उनकी पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही। वहीं इस तुलना पर लोग अपनी-अपनी राय रखी और अपने यात्रा के एक्सपीरिएंश भी शेयर किए। कई यूजर्स ने कहा कि उन्हें भारत के कई शहरों में खुलेआम फोन इस्तेमाल करने में सुरक्षित महसूस हुआ, वहीं कुछ लोगों का मानना था कि सुरक्षा हर शहर और इलाके के हिसाब से अलग हो सकती है। एक यूजर ने लिखा, “बिल्कुल सही… यूके में तो अब घड़ियां भी सुरक्षित नहीं हैं।” दूसरे यूजर ने कहा, “ये वीडियो शेयर करने के लिए धन्यवाद। आजकल चोरी के मामलों में यूरोप, भारत के मुकाबले ज्यादा असुरक्षित लगता है।”

एक दूसरे यूजर ने कहा, “भारत में ज्यादा समस्या स्कैम की है, सड़क पर फोन छीनने जैसी घटनाएं उतनी आम नहीं हैं, क्योंकि यहां ज्यादातर लोगों के पास पहले से अच्छे स्मार्टफोन हैं।” वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, “ऐसा बिल्कुल नहीं है। मेरे एक दोस्त के भाई का फोन गुरुग्राम में सड़क पर चलते समय बात करते-बात करते छीन लिया गया था। हम भी सड़क पर चलते समय अपना फोन या हैंडबैग हमेशा सुरक्षित रखते हैं। मुझे लगता है कि यह पोस्ट सिर्फ ध्यान खींचने के लिए बनाई गई है।”

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सऊदी अरब ने सस्ता किया तेल, 26 साल में सबसे बड़ी कटौती; जानिए क्या है वजह

सऊदी अरब ने एशियाई ग्राहकों के लिए बड़ा दांव खेला है। सरकारी तेल कंपनी Saudi Aramco ने अगस्त के लिए अपने सबसे ज्यादा बिकने वाले Arab Light Crude की कीमत में 11 डॉलर प्रति बैरल की कटौती कर दी है। यह कम से कम 26 साल में सबसे बड़ी कटौती मानी जा रही है।

अब कंपनी एशिया के ग्राहकों को Arab Light क्षेत्रीय बेंचमार्क के मुकाबले 1.50 डॉलर प्रति बैरल की छूट पर बेचेगी। दिलचस्प बात यह है कि Bloomberg के सर्वे में एनालिस्टों ने औसतन 8 डॉलर प्रति बैरल की कटौती का अनुमान लगाया था। लेकिन Saudi Aramco ने उससे भी बड़ी कटौती कर दी।

आखिर कीमत घटाने की जरूरत क्यों पड़ी?

इसकी सबसे बड़ी वजह है कच्चे तेल की बढ़ती सप्लाई। जून के बीच से ही तेल की कीमतों में लगातार गिरावट आ रही है। इस दौरान अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम हुआ। इसके बाद Strait of Hormuz से जहाजों की आवाजाही फिर सामान्य होने लगी।

जब तेल की सप्लाई आसान हुई, तो बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ गया। इसी का असर Brent Crude पर भी दिखा। इसकी कीमत गिरकर करीब 72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। यानी लगभग वहीं, जहां यह फरवरी के आखिर में थी।

मिडिल ईस्ट से तेजी से बढ़ रही है सप्लाई

मध्य पूर्व से अब पहले के मुकाबले ज्यादा तेल बाजार में आ रहा है। युद्ध के दौरान Saudi Aramco ने फारस की खाड़ी के Ras Tanura बंदरगाह से निर्यात कम कर दिया था। उस समय कंपनी ने ज्यादातर तेल Yanbu बंदरगाह के जरिए भेजा था, क्योंकि Strait of Hormuz में आवाजाही बुरी तरह प्रभावित थी।

अब हालात बदल चुके हैं। समुद्री यातायात फिर सामान्य हो रहा है। ऐसे में Aramco ने Ras Tanura से भी निर्यात बढ़ा दिया है। एक समय यह युद्ध शुरू होने से पहले के स्तर के करीब 90% तक पहुंच गया।

OPEC+ ने भी बढ़ाया उत्पादन

तेल बाजार पर दबाव बढ़ने की एक और वजह OPEC+ का फैसला है। इस समूह की अगुवाई सऊदी अरब और रूस कर रहे हैं। OPEC+ ने अगस्त के लिए एक बार फिर उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है।

युद्ध के दौरान कई खाड़ी देशों के लिए उत्पादन बढ़ाना आसान नहीं था, क्योंकि Hormuz के रास्ते तेल भेजने में दिक्कत थी। अब समुद्री रास्ता सामान्य हो रहा है। ऐसे में सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश अपने बढ़े हुए उत्पादन कोटे का पूरा फायदा उठा सकेंगे।

एनालिस्टों का मानना है कि OPEC+ के इस फैसले से साफ संकेत मिलता है कि फिलहाल संगठन अपने सदस्य देशों को ज्यादा तेल निकालने से नहीं रोकना चाहता। अगर सप्लाई इसी तरह बढ़ती रही, तो आने वाले महीनों में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।

Crude Oil Price: 60 डॉलर से नीचे जा सकता है कच्चा तेल! एक्सपर्ट बोले- चीन बदलेगा पूरा खेल

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AC vs Air Cooler: बारिश के मौसम में AC या एयर कूलर? जानें कौन देगा बेहतर कूलिंग और आराम

बारिश के मौसम में मौसम काफी खुशनुमा हो जाता है। वहीं बारिश के मौसम में गर्मी तो कम हो जाती है, लेकिन हवा में नमी बढ़ने से घर के अंदर काफी उमस महसूस होती है। ऐसे में घर को ठंडा रखने के लिए कई लोग नया कूलिंग अप्लायंस खरीदने का सोचते हैं। एयर कंडीशनर (AC) या एयर कूलर में से कौन सा घर के लिए अच्छा होगा, इसे लेकर अक्सर लोगों के मन में उलझन बनी रहती है। अगर आप भी बारिश के दौरान एयर कंडीशनर (AC) या एयर कूलर लेने का सोच रहे तो इनके बीच का अंतर जरुर जाने।

एयर कंडीशनर और एयर कूलर दोनों का काम कमरे को ठंडा करना है, लेकिन दोनों की तकनीक और काम करने का तरीका अलग होता है। इसलिए बारिश के मौसम में कौन-सा उपकरण आपके लिए सही रहेगा, ये आपकी जरूरत और मौसम की स्थिति पर निर्भर करता है।

जानें एसी और कूलर के फायदें

बारिश के मौसम में एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल कई मामलों में ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। ये केवल कमरे का तापमान कम नहीं करता, बल्कि हवा में मौजूद अतिरिक्त नमी को भी कम कर देता है। इससे कमरे में उमस घटती है और माहौल ज्यादा ठंडा व आरामदायक महसूस होता है।

वहीं, एयर कूलर गर्म और सूखे मौसम में बेहतर तरीके से काम करता है। यह पानी की मदद से हवा को ठंडा करता है। लेकिन बारिश के मौसम में हवा में पहले से ही नमी अधिक होती है, इसलिए कूलर की ठंडक उतनी असरदार नहीं रहती और कमरे में उमस भी बढ़ सकती है।

उमस भरी गर्मी में कौन सा बेहतर

बारिश के दिनों में एयर कूलर कई बार कमरे को आरामदायक बनाने के बजाय उमस और बढ़ा सकता है। इसलिए ऐसे मौसम में एयर कंडीशनर (AC) अधिक बेहतर विकल्प माना जाता है। एयर कूलर पानी से भीगे कूलिंग पैड के जरिए हवा को ठंडा करता है और यह तरीका तब सबसे अच्छा काम करता है, जब मौसम गर्म और सूखा हो। लेकिन हवा में नमी ज्यादा होने पर इसकी ठंडक का असर काफी कम हो जाता है।

बारिश के मौसम में हवा में नमी पहले से ही अधिक होती है, इसलिए एयर कूलर ठीक तरह से ठंडक नहीं दे पाता। इसके विपरीत, एयर कंडीशनर (AC) कमरे का तापमान कम करने के साथ-साथ हवा से अतिरिक्त नमी भी हटाता है। इससे कमरा ठंडा, सूखा और ज्यादा आरामदायक बना रहता है। यही वजह है कि मानसून के दौरान ज्यादातर लोग एयर कूलर की बजाय AC को बेहतर विकल्प मानते हैं।