8 साल के एक्सपीरियंस वाले SBI मैनेजर की CTC 35.25 लाख रुपये की पर इसका चौंकाने वाला ब्रेकअप और कैच हुआ वायरल

भारत में सरकारी नौकरी आज भी सुरक्षित करियर और अच्छी सैलरी की वजह से लोगों की पहली पसंद मानी जाती है। खासकर अगर आपकी नौकरी सरकारी बैंक में हो तो अलग ही बात होती है। हाल ही में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के एक स्केल-3 मैनेजर की बताई जा रही सैलरी स्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे इस डाक्युमेंट में सालाना करीब 35.24 लाख रुपये की ग्रॉस सैलरी दिखाई गई है, लेकिन कई लोगों का कहना है कि इसकी पूरी तस्वीर कुछ अलग है। इसे देखने के बाद लोग सरकारी बैंक कर्मचारियों की सैलरी और उससे जुड़ी सुविधाओं को लेकर अलग-अलग राय दे रहे हैं।

यूजर ने पोस्ट किया सैलरी स्लिप

एक्स (X) पर शेयर की गई पोस्ट के कैप्शन में लिखा गया, “लोग अक्सर कहते हैं कि एसबीआई कर्मचारियों की जिंदगी पूरी तरह से सेटल होती है, लेकिन इस स्केल-3 मैनेजर की सैलरी स्लिप देखने के बाद आपकी सोच बदल सकती है।” पोस्ट करने वाले यूजर ने दावा किया कि, संबंधित कर्मचारी ने करीब आठ साल पहले एसबीआई में प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) के रूप में नौकरी शुरू की थी। बाद में पदोन्नति मिलने के बाद वह स्केल-3 मैनेजर बन गया। पोस्ट के साथ शेयर किए गए वित्त वर्ष 2025-26 के फॉर्म-16 के अनुसार, उसकी कुल वार्षिक ग्रॉस सैलरी 35,24,315.88 रुपये बताई गई है।

व्यक्ति ने कही ये बात

पोस्ट शेयर करने वाले व्यक्ति ने ये भी साफ किया कि ग्रॉस सैलरी को कर्मचारी की हर महीने मिलने वाली आय नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस रकम में लीव फेयर कंसेशन (LFC) एनकैशमेंट और लीव एनकैशमेंट शामिल हैं, जो सैलरी के बार-बार मिलने वाले हिस्से के बजाय एक बार या कभी-कभी मिलने वाले फायदे हैं। पोस्ट में आगे लिखा गया, “इसके अलावा, हर महीने आयकर, एनपीएस (NPS), ईपीएफ (EPF), होम लोन की ईएमआई, कार लोन और टू-व्हीलर लोन जैसी कई मदों में कटौती होती है। इसलिए फॉर्म-16 में दिखाई गई ग्रॉस सैलरी और हर महीने बैंक खाते में आने वाली वास्तविक रकम में काफी अंतर हो सकता है।”

सोशल मीडिया पर किया कमेंट

इस पोस्ट के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच नई बहस शुरू हो गई। एक यूजर ने लिखा, “फॉर्म-16 देखने में भले ही शानदार लगता हो, लेकिन हर महीने हाथ में आने वाली सैलरी असली स्थिति बताती है। ग्रॉस सैलरी के बड़े आंकड़े हमेशा बैंक कर्मचारियों की वास्तविक कमाई नहीं दिखाते।” दूसरे यूजर ने मजाकिया अंदाज में कहा, “यही सबसे बड़ी बात है। हम अक्सर सिर्फ बड़े आंकड़े देखकर राय बना लेते हैं, जबकि टैक्स, कटौतियां, जिम्मेदारियां और आखिर में हाथ में आने वाली रकम को नजरअंदाज कर देते हैं।”

एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए लिखा, “आठ साल की नौकरी के बाद स्केल-3 पर करीब 2 लाख रुपये इन-हैंड सैलरी मिल रही है। मेरे हिसाब से यह काफी अच्छा पैकेज है। इतने ही अनुभव वाले कई क्लास-ए गजेटेड अधिकारियों से भी यह बेहतर माना जा सकता है।”

Ram Mandir : चंदा चोरी मामले में FIR दर्ज कराने वाले कृष्ण मोहन को ट्रस्ट की कमान, चंपत राय का इस्तीफा मंजूर

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली और अहम बैठ सोमवार को हुई। वहीं बैठक के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के  कोषाध्यक्ष  गोविंद देव गिरी महराज ने कई अहम जानकारियां दी हैं।  गोविंग देव गिरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। कृष्ण मोहन को अब ट्रस्ट का नया महासचिव बनाया गया है। बता दें कि, चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा अपने पद से पहले ही इस्तीफा दे दिया था।

कौन हैं कृष्ण मोहन 

बता दें कि, कृष्ण मोहन ने राम मंदिर में दान चोरी को लेकर एफआईआर कराई थी। इन्हीं की एफआईआर पर आज पुलिस इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही हैं, साथ ही इन्हीं के एफआईआर के आधार पर अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई थी और उनसे दान चोरी की रकम वसूली जा रही है।

बैठक के बाद सामने आई ये बड़ी जानकारी

बता दें कि, चाढ़ावा चोरी का मामले सामने आने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक करीब 3 घंटे तक चली। इस बैठक में क्या कुछ फैसले हुए इसकी जानकारी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि, चंपत राय और अनिल मिश्रा की श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से छुट्टी हो गई है। कोषाध्यक्ष गोविंद देव ने बताया कि ट्रस्ट की बैठक में दोनों का त्यागपत्र मंजूर कर लिया है। चंपत राय की जगह ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन अंतरिम महासचिव होंगे।

राम मंदिर की सबसे अहम मीटिंग

जानकारी के मुताबिक, अयोध्या में राम मंदिर परिसर मीटिंग की शुरुआत होते ही सबसे पहले राम मंदिर से जुड़ी हालिया घटना पर गहरा दुख जताया गया। इसके ठीक बाद, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने बैठक के मुख्य एजेंडा को सबके सामने रखा। राम मंदिर ट्रस्ट के साल 2020 में गठन के बाद से अब तक की यह सबसे महत्वपूर्ण बैठक मानी जा रही है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब मंदिर के चंदे में कथित चोरी और हेराफेरी के आरोपों की जांच चल रही है।

मामले की चल रही है जांच

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या कथित तौर पर हेराफेरी किए गए पैसों से और भी संपत्तियां खरीदी गई थीं। इसके लिए पैसों के लेन-देन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अब तक मंदिर में दान इकट्ठा करने और उसकी गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, श्रद्धालुओं के दान के कथित दुरुपयोग और पैसों के इस्तेमाल की जांच अभी भी जारी है।

EPF Interest Credit: बड़ी खुशखबरी! EPFO ने 8 करोड़ PF खाते में ब्याज जमा करने का दिया आदेश; इन 4 तरीकों से करें चेक

EPF Interest Rate: करीब 8 करोड़ EPF खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25% ब्याज देने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इसके साथ ही सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को सदस्यों के खातों में ब्याज की रकम जमा करने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं।

EPFO ने अपने हालिया सर्कुलर में कहा है कि केंद्र सरकार ने Employees’ Provident Fund Scheme, 1952 के पैरा 60(1) के तहत 2025-26 के लिए 8.25% ब्याज दर को मंजूरी दे दी है। अब सभी संबंधित कार्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे जल्द से जल्द यह ब्याज सदस्यों के EPF खातों में जमा करें।

इस बार जल्दी आएगा ब्याज

इस बार EPFO ने अपने डेटाबेस का कंसालिडेशन (Database Consolidation) किया है। साथ ही सॉफ्टवेयर सिस्टम को भी अपग्रेड किया गया है।

इसी वजह से ब्याज जमा करने की प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्यादा तेज और आसान रहने की उम्मीद है। पहले सभी खातों में ब्याज जमा होने में एक से दो महीने तक लग जाते थे। लेकिन इस बार प्रक्रिया काफी तेज हो सकती है।

लंबे समय से इंतजार कर रहे थे सदस्य

EPF सदस्य काफी समय से अपने खातों में ब्याज आने का इंतजार कर रहे थे। दरअसल, मार्च 2026 में EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25% ब्याज दर को मंजूरी दी थी। इसके बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा गया।

नियमों के मुताबिक, CBT की मंजूरी के बाद प्रस्ताव वित्त मंत्रालय के पास जाता है। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही ब्याज खातों में जमा किया जाता है।

लगातार तीसरे साल नहीं बदली ब्याज दर

वित्त मंत्रालय ने जून 2026 में 8.25% ब्याज दर को मंजूरी दे दी थी। इसके साथ ही लगातार तीसरे साल EPF पर ब्याज दर 8.25% ही रखी गई है। अब औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद EPFO ने ब्याज की रकम खातों में जमा करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

यानी अगर आपका भी EPF खाता है, तो आने वाले दिनों में आपके खाते में वित्त वर्ष 2025-26 का 8.25% ब्याज दिखाई देने लगेगा।

EPF खाते में ब्याज आया या नहीं? ऐसे करें चेक

अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके EPF खाते में 8.25% ब्याज जमा हुआ है या नहीं, तो इन आसान तरीकों से चेक कर सकते हैं।

1. EPFO Member Passbook से चेक करें

  • EPFO Member Passbook पोर्टल पर जाएं।
  • अपना UAN और पासवर्ड डालकर लॉग इन करें।
  • अपना EPF खाता चुनें।
  • पासबुक खोलें।
  • यहां Interest Update या नई एंट्री में जमा हुआ ब्याज दिखाई देगा।

2. UMANG ऐप से चेक करें

  • मोबाइल में UMANG ऐप खोलें।
  • EPFO सेक्शन में जाएं।
  • View Passbook पर टैप करें।
  • UAN और OTP की मदद से लॉग इन करें।
  • पासबुक में ब्याज की एंट्री चेक करें।

3. SMS से बैलेंस जानें

  • अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 7738299899 पर यह SMS भेजें:
  • EPFOHO UAN ENG
  • अगर हिंदी में जानकारी चाहिए, तो ENG की जगह HIN लिखें।
  • कुछ ही देर में EPF बैलेंस और ब्याज की जानकारी SMS के जरिए मिल जाएगी।

4. मिस्ड कॉल देकर चेक करें

  • अपने UAN से जुड़े रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 9966044425 पर मिस्ड कॉल दें।
  • कुछ सेकंड में SMS आएगा।
  • इसमें EPF बैलेंस और खाते की जानकारी मिल जाएगी।

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New Tractor: महिंद्रा ने भारत में लॉन्च किया नया ट्रैक्टर, इस साल अभी 7 और नए लॉन्च की तैयारी

भारत के टॉप ट्रैक्टर ब्रांड में से एक महिंद्रा ट्रैक्टर्स ने घरेलू कृषि बाजार में अपनी पकड़ को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने सोमवार को अपने बहुउद्देशीय ट्रैक्टर YuvoTech+ 585 DI V1 को देशव्यापी स्तर पर लॉन्च करने की घोषणा की है। इसी के साथ महिंद्रा ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए भारतीय किसानों के लिए एक बड़ा रोडमैप पेश करते हुए 7 नए ट्रैक्टर और 12 नए फीचर्स लॉन्च करने का भी एलान किया है।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के इस बड़े प्लान में महिंद्रा की न्यू ट्रैक्टर रेंज और स्वराज प्रोटेक के नए प्रोडक्ट्स भी शामिल होंगे जो खेती-किसानी को अधिक आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाएंगे।

सफल टेस्टिंग के बाद पूरे भारत में मिला बाजार, मिलेगी 6 साल की वारंटी

महिंद्रा ट्रैक्टर्स ने इस दमदार ट्रैक्टर को चुनिंदा बाजारों में मिली बड़ी सफलता और बेहतरीन प्रतिक्रिया के बाद अब पूरे देश में उतारने का फैसला किया है। महिंद्रा ट्रैक्टर्स के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) हर्ष राय ने लॉन्चिंग के मौके पर कहा कि चुनिंदा बाजारों में सफल शुरुआत के बाद अब हम YuvoTech+ 585 DI V1 को पूरे भारत में लॉन्च कर रहे हैं। हमारे तेजी से बढ़ते हुए YuvoTech प्लेटफॉर्म पर निर्मित यह ट्रैक्टर उन्नत तकनीक, दमदार प्रदर्शन और व्यावहारिक फीचर्स का एक बेहतरीन संयोजन है।

किसानों के भरोसे को दोगुना करने के लिए कंपनी ने इस नए ट्रैक्टर के साथ 6 साल की इंडस्ट्री-लीडिंग वारंटी देने की घोषणा की है। यह ट्रैक्टर देश भर में महिंद्रा के सभी डीलरशिप पर बिक्री के लिए उपलब्ध रहेगा।

जून में महिंद्रा की ट्रैक्टर बिक्री में 12.38% का शानदार उछाल

यह मेगा लॉन्चिंग ऐसे समय में हुई है जब भारतीय ट्रैक्टर सेगमेंट की स्थिति लगातार मजबूत बनी हुई है। हाल ही में जून महीने के आए बिक्री के आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीण और कृषि बाजारों में ट्रैक्टरों की मांग काफी तेज है। जून महीने में महिंद्रा की ट्रैक्टर बिक्री में सालाना आधार पर (YoY) 12.38% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और कंपनी ने कुल 58177 यूनिट ट्रैक्टर बेचे। इसी सेगमेंट की दूसरी बड़ी कंपनी एस्कॉर्ट्स कुबोटा ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इसकी बिक्री सालाना आधार पर 19.78% बढ़कर 13172 यूनिट तक पहुंच गई।

El Nino की चिंता के बीच सरकारी नीतियां बनेंगी किसानों का ढाल

खेती-किसानी के लिए मौसम और अल नीनो (El Nino) की स्थिति हमेशा एक बड़ी चिंता रहती है। इस पर बात करते हुए महिंद्रा के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस के प्रेसिडेंट वीजय नाकरा ने बीते दिन कहा था कि हालांकि, अभी El Nino के असर का पूरा आकलन करना जल्दबाजी होगा लेकिन सरकार की मजबूत नीतियां जैसे लगातार खाद सब्सिडी और स्थानीय स्तर पर दी जा रही सहायता किसानों के जोखिम को कम करने में काफी मदद कर सकती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि सरकार के इन सकारात्मक कदमों से खरीफ सीजन पर पड़ने वाले किसी भी विपरीत असर को भी कुछ हद तक कम किया जा सकता है, जिससे कृषि क्षेत्र की ग्रोथ और ट्रैक्टरों की मांग बाजार में बनी रहेगी।

Crude Oil Price: 60 डॉलर से नीचे जा सकता है कच्चा तेल! एक्सपर्ट बोले- चीन बदलेगा पूरा खेल

Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में इस साल बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। Crystol Energy के ग्लोबल एडवाइजर Christof Ruehl का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे, तो कच्चे तेल का भाव 60 डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे जा सकता है। फिलहाल, कच्चा तेल 72 डॉलर के आसपास बना हुआ है।

हालांकि, इसमें सबसे बड़ा रोल चीन का होगा। अगर चीन अपने रणनीतिक तेल भंडार (Strategic Petroleum Reserve) को भरने में देरी करता है, तो कीमतों पर और दबाव आ सकता है।

सप्लाई ज्यादा होगी, मांग घटेगी

Christof Ruehl का कहना है कि आने वाले महीनों में तेल का उत्पादन खपत से ज्यादा रह सकता है। उनके मुताबिक, Strait of Hormuz से जहाजों की आवाजाही अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। हाल के भू-राजनीतिक तनाव भी कम हुए हैं। इसका मतलब है कि बाजार में तेल की सप्लाई पहले के मुकाबले आसान होगी।

उनका मानना है कि साल की दूसरी छमाही में तेल की कीमतों की दिशा काफी हद तक चीन तय करेगा। सवाल सिर्फ इतना है कि चीन तेल कब खरीदता है और कितनी मात्रा में खरीदता है।

60 डॉलर से नीचे क्यों जा सकता है तेल?

Christof Ruehl का कहना है कि अगर चीन सस्ती कीमत का इंतजार करता है और खरीदारी टाल देता है, तो कच्चे तेल का भाव कुछ समय के लिए 60 डॉलर प्रति बैरल से नीचे भी जा सकता है।

हालांकि, उन्हें यह भी लगता है कि 60 डॉलर के नीचे जाते ही चीन अपने रणनीतिक भंडार को भरने के लिए बड़ी खरीदारी शुरू कर सकता है। ऐसा हुआ, तो कीमतों को सहारा मिल सकता है।

OPEC+ भी बढ़ा रहा है उत्पादन

तेल की सप्लाई बढ़ने की एक और वजह OPEC+ है। Ruehl का कहना है कि OPEC+ देशों ने हाल ही में उत्पादन बढ़ाया है। इसके अलावा UAE, रूस, इराक और ईरान जैसे देश भी ज्यादा तेल निकाल रहे हैं।

यानी बाजार में तेल की कमी नहीं दिख रही। सप्लाई लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।

OPEC के सामने भी मुश्किल

Christof Ruehl का मानना है कि आने वाले वर्षों में OPEC के सामने बड़ी चुनौती आ सकती है। अगर दुनिया में तेल की मांग अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचकर घटने लगती है, तो तेल उत्पादक देशों के बीच बाजार हिस्सेदारी की लड़ाई और तेज हो जाएगी।

उनका कहना है कि अगर भविष्य में 2025 को ‘पीक ऑयल डिमांड’ का साल माना गया, तो यह पूरी ऑयल इंडस्ट्री के लिए गेम चेंजर साबित होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर भविष्य में और देश UAE की तरह OPEC छोड़ने का फैसला करते हैं, तो बाकी सदस्य देशों पर प्रतिस्पर्धा का दबाव और बढ़ जाएगा।

अभी सबसे बड़ा फैक्टर क्या है?

Christof Ruehl का मानना है कि फिलहाल तेल की कीमतों के लिए सबसे बड़ा जोखिम गिरावट का है। बशर्ते कोई नया बड़ा भू-राजनीतिक संकट न खड़ा हो।

हालांकि, उनके मुताबिक 60 डॉलर प्रति बैरल का स्तर काफी अहम है। अगर कीमतें इससे नीचे जाती हैं, तो चीन बड़ी खरीदारी करके बाजार को सहारा दे सकता है। यही वजह है कि आने वाले महीनों में पूरी दुनिया की नजर चीन की खरीदारी पर रहेगी।

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Mumbai Bullet Train: बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में बड़ी कामयाबी! भारत की सबसे बड़ी टनल बोरिंग मशीन ने मुंबई में शुरू की अंडरग्राउंड टनलिंग

भारत के पहले मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट ने एक और बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। देश के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए इस प्रोजेक्ट के तहत मुंबई में अंडरग्राउंड टनलिंग (भूमिगत सुरंग बनाने) का काम आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। एचटी के मुताबिक 5 जुलाई को देश की सबसे बड़ी रेलवे टनल बोरिंग मशीन (TBM) ने विक्रोली से बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्टेशन की तरफ जमीन को चीरते हुए अपनी यात्रा शुरू कर दी है। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए एक औपचारिक लॉन्च कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

इसकी अध्यक्षता केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव करने वाले थे। मुंबई में मूसलाधार बारिश के चलते जारी किए गए ‘रेड अलर्ट’ के कारण इस औपचारिक कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा लेकिन मशीन ने तय समय पर सुरंग बनाने का अपना काम शुरू कर दिया।

13.6 मीटर व्यास वाली देश की सबसे बड़ी रेलवे TBM

सुरंग बनाने के इस बेहद जटिल काम में 13.6 मीटर व्यास वाली एक विशाल मिक्सशील्ड टीबीएम का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह भारत में किसी भी रेलवे टनलिंग प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल की जाने वाली अब तक की सबसे बड़ी टनल बोरिंग मशीनों में से एक है। इस महाकाय मशीन का कुल वजन लगभग 3100 टन है और इसकी लंबाई 96 मीटर है। यह मशीन एक 6 किलोमीटर लंबी सिंगल-ट्यूब सुरंग खोदेगी। इसके भीतर से ही बुलेट ट्रेन की अप और डाउन दोनों लाइनें गुजरेंगी। यह टनल बुलेट ट्रेन रूट के मुंबई में बनाए कुल 21 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड सेक्शन का हिस्सा है।

जमीन से 56 मीटर नीचे से हुआ लॉन्च, दो तकनीकों का हो रहा इस्तेमाल

रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक इस 21 किलोमीटर लंबे भूमिगत खंड में से 16 किलोमीटर का हिस्सा घनसोली के सांवली से लेकर बीकेसी) के बीच का है। इसे टनल बोरिंग मशीनों के जरिए खोदा जा रहा है। बाकी 5 किलोमीटर का हिस्सा न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड तकनीक के जरिए पहले ही सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। इस नई टीबीएम को विक्रोली में जमीन की सतह से 56 मीटर नीचे बनाए गए एक विशाल शाफ्ट से लॉन्च किया गया है। इसने अब बीकेसी की तरफ बढ़ना शुरू कर दिया है।

क्या है मिक्सशील्ड तकनीक और इसकी खासियतें?

इस प्रोजेक्ट में इस्तेमाल की जा रही मिक्सशील्ड टेक्नोलॉजी को विशेष रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के लिए डिजाइन किया गया है। यह तकनीक मिश्रित मिट्टी की स्थिति और उन इलाकों में जहां भूजल का दबाव बहुत अधिक होता है, वहां पूरी सुरक्षा के साथ काम करने में सक्षम है। टनलिंग के दौरान जमीन धंसने या जमीन के ऊपर होने वाली हलचल और व्यवधान को यह तकनीक बिल्कुल न्यूनतम रखती है। इस मशीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह एक तरफ सुरंग की खुदाई करती जाती है और साथ ही साथ प्रीकास्ट कंक्रीट लाइनिंग सेगमेंट्स को अपनी जगह पर फिट भी करती जाती है। इससे निर्माण की गति काफी तेज हो जाती है और सुरक्षा के मानक भी बेहतर होते हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और महापे में बना कास्टिंग यार्ड

नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने इस पूरे प्रोजेक्ट को सपोर्ट करने के लिए विक्रोली में 56 मीटर गहरा लॉन्च शाफ्ट तैयार किया है। इसके साथ ही वहां स्लरी और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, एक समर्पित पावर सबस्टेशन और अन्य आवश्यक सहायक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया गया है। सुरंग की खुदाई के दौरान आसपास की इमारतों को कोई नुकसान न पहुंचे, इसके लिए बेहद संवेदनशील निगरानी उपकरण लगाए गए हैं। इनमें सेटलमेंट मार्कर्स, टिल्ट मीटर्स, सीस्मोग्राफ और 3D मॉनिटरिंग टारगेट शामिल हैं, जो पल-पल की रिपोर्ट दर्ज कर रहे हैं। सुरंग की दीवारों को मजबूती देने के लिए जरूरी करीब 77000 प्रीकास्ट कंक्रीट सेगमेंट्स का निर्माण करने के लिए महापे में 11.17 हेक्टेयर का एक विशाल कास्टिंग यार्ड स्थापित किया गया है।

क्या है इस टनलिंग प्रोजेक्ट की डेडलाइन?

रेलवे अधिकारियों द्वारा दी गई समयसीमा के अनुसार, इस अंडरग्राउंड प्रोजेक्ट को दो अलग-अलग चरणों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। विक्रोली से बीकेसी साल 2027 की शुरुआत तक और विक्रोली से घनसोली को मार्च 2028 तक पूरा किया जाएगा।

राम मंदिर दान चोरी केस में बड़ा खुलासा! आरोपी ने रिश्तेदारों पर उड़ाए 19 लाख, खरीदी SUV

Ram Mandir : अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली और अहम बैठ सोमवार को हुई। चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं बैठक के बीच इस मामले को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, अयोध्या के राम मंदिर में दान की कथित हेराफेरी मामले की जांच अब और गहराई से की जा रही है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि कथित तौर पर निकाले गए पैसों का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया।

आरोपी ने किया बड़ा खुलासा

इस मामले के आरोपी अविनाश शुक्ला ने पूछताछ के दौरान पैसों के खर्च से जुड़ी कई अहम जानकारियां दी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान अविनाश शुक्ला ने बताया कि कथित तौर पर करीब 19 लाख रुपये अपने रिश्तेदारों और परिचितों पर खर्च किए गए। उसने यह भी बताया कि लगभग 6 लाख रुपये एक भाई की शादी में खर्च हुए, 5 से 6 लाख रुपये दूसरे भाई को दिए गए और करीब 3.5 लाख रुपये में एक मारुति ब्रेज़ा कार खरीदी गई।

दोस्त के खाते में ट्रांसफर किए पैसे

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि अविनाश शुक्ला ने कथित तौर पर अपने एक दोस्त के खाते में करीब 2.5 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। इतना ही नहीं, उसने उसी दोस्त को एक महंगा मोबाइल फोन भी गिफ्ट में दिए थे। पुलिस को यह भी शक है कि कुछ छोटी-छोटी रकम कई अन्य लोगों में भी बांटी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, ये जानकारियां तब सामने आईं जब पुलिस ने 24 घंटे की रिमांड के दौरान अविनाश शुक्ला से करीब 13 घंटे तक लगातार पूछताछ की। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूछताछ से उन्हें कई अहम सुराग मिले हैं।

जांच के दौरान मिले अमेरिकी डॉलर

जांच के दौरान पुलिस अविनाश शुक्ला को कई जगहों पर भी लेकर गई। इनमें कौशलपुरी का एक योग केंद्र और 14 कोसी परिक्रमा मार्ग शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्ला ने उन स्थानों की भी पहचान की, जहां कथित तौर पर दान की रकम आपस में बांटी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसियों ने इस मामले में अब तक 20.39 लाख रुपये नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर, सोने और चांदी के गहने, अन्य कीमती सामान और एक गाड़ी जब्त की है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि UP42AP6054 नंबर की मारुति ब्रेज़ा कार कथित तौर पर दान की हेराफेरी से मिले पैसों से खरीदी गई थी। हालांकि, इस कार का पंजीकरण अविनाश शुक्ला के भाई अभिषेक के नाम पर कराया गया था।

अब तक आठ लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी

रिपोर्ट के मुताबिक, जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या कथित तौर पर हेराफेरी किए गए पैसों से और भी संपत्तियां खरीदी गई थीं। इसके लिए पैसों के लेन-देन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अब तक मंदिर में दान इकट्ठा करने और उसकी गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, श्रद्धालुओं के दान के कथित दुरुपयोग और पैसों के इस्तेमाल की जांच अभी भी जारी है।

Viral Post: बेंगलुरु में टीचर की सिर्फ 6000 रुपये सैलरी? वायरल पोस्ट पर लोगों ने जताई हैरानी

Viral Post: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। पोस्ट में एक प्राइवेट स्कूल में काम करने वाली टीचर की सैलरी सुनकर हर कोई हैरान है। सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में एक यूजर ने बताया की बेंगलुरु के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने वाली टीचर की कथित 6,000 रुपये मासिक सैलरी मिलती है। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। व्यक्ति के इस दावे के बाद लोगों के बीच प्राइवेट स्कूलों में शिक्षकों के कम वेतन और बड़े शहरों में लगातार बढ़ रही खर्चों को लेकर बहस शुरू हो गई है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा पोस्ट

सोशल मीडिया एक्स (X) पर मोहम्मद नौसाथ नाम के एक यूजर ने दावा किया कि, उनकी भाभी को बेंगलुरु के एक प्री-स्कूल में टीचर की नौकरी मिली है। उन्होंने बताया कि उन्हें हर महीने केवल 6,000 रुपये वेतन देने की बात कही गई। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मेरी भाभी को अभी-अभी बेंगलुरु के एक प्ले-स्कूल/किंडरगार्टन में टीचर की नौकरी मिली है और उन्हें हर महीने सिर्फ 6,000 रुपये वेतन मिलेगा। एक तरफ स्कूलों की फीस लगातार बढ़ रही है, जबकि दूसरी तरफ शिक्षकों को इतनी कम सैलरी दी जा रही है। आखिर कोई भी व्यक्ति किसी मेट्रो शहर में 6,000 रुपये महीने में कैसे गुजारा कर सकता है?” इसके साथ ही उन्होंने लोगों से इस मुद्दे पर अपनी राय भी मांगी।

लोगों ने किए कमेंट

ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यूजर ने इस पर तरह-तरह के रिएक्श दे रहे हैं। कई यूजर्स ने प्राइवेट स्कूलों में टीचरों को मिलने वाले कम वेतन, काम करने की परिस्थितियों और शिक्षा क्षेत्र में वेतन व्यवस्था को लेकर खुलकर अपनी राय रखी। कई यूजर्स ने इतनी कम सैलरी पर कर्मचारियों से की जाने वाली उम्मीदों पर सवाल उठाए। एक व्यक्ति ने व्यंग्य करते हुए लिखा कि 6,000 रुपये महीने में पहले किराया, बिजली-पानी के बिल, पढ़ाई और राशन का खर्च निकाल लें, फिर अगर कुछ पैसे बच जाएं तो परिवार के साथ बाहर खाना भी खा सकते हैं।

इन दावों को कुछ लोगों ने किया खारिज

वहीं कई लोगों ने इस दावे पर भरोसा नहीं किया। उनका कहना था कि बेंगलुरु जैसे बड़े शहर में किसी शिक्षक को सिर्फ 6,000 रुपये महीने की सैलरी मिलना यकीन करना मुश्किल है। एक यूजर ने टिप्पणी की कि दक्षिण भारत के कई इलाकों में निर्माण कार्य करने वाले मजदूर भी इससे कहीं अधिक कमाई कर लेते हैं, इसलिए इस दावे की सच्चाई पर सवाल उठना स्वाभाविक है। एक अन्य यूजर ने इस कथित वेतन की तुलना दूसरे क्षेत्रों में मिलने वाली शुरुआती नौकरियों की सैलरी से की। उनका कहना था कि कई संस्थानों में हेल्पर और सपोर्ट स्टाफ को भी इससे अधिक वेतन मिलता है। ऐसे में एक शिक्षक को सिर्फ 6,000 रुपये महीने मिलने का दावा कई लोगों को अविश्वसनीय लगा।

Satluj Row: दिलजीत दोसांझ के फैंस से हर हाल में फिल्म देखने की लगाई थी गुहार, अब ZEE5 ने एंटी-पायरेसी अपील जारी की

Satluj Row: ZEE5 पर रिलीज होने के सिर्फ दो दिन बाद ही, ‘सतलुज’ फ़िल्म को हटा दिया गया, जिसमें दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालरा का किरदार निभाया है। इसके बाद, एक्टर ने लोगों से फ़िल्म की डाउनलोड की गई कॉपीज को आगे भेजने की अपील की ताकि यह ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंच सके। हालांकि यह फ़िल्म भारत में उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसके पायरेटेड वर्जन अभी भी फैल रहे हैं, और इसी वजह से ZEE5 ने लोगों से इन डाउनलोड की गई फाइलों को आगे भेजना बंद करने की अपील की है।

सोमवार, 6 जुलाई को, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ‘सतलुज’ की पायरेटेड कॉपीज फैलने के बाद ZEE5 ने एक और बयान जारी किया। अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर OTT प्लेटफ़ॉर्म ने कहा, “हमें उम्मीद है और हम हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं। पायरेसी को बढ़ावा न दें। हम ‘सतलुज’ को आप तक वापस पहुँचाने के लिए हर संभव रास्ता तलाशने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

ZEE5 ने एक पोस्टर भी शेयर किया जिसमें यह मैसेज था- “सतलुज को वापस लाने के लिए हम अपनी तरफ से कोशिश कर रहे हैं। प्लीज आप भी अपना योगदान दें, पायरेसी को सपोर्ट न करें।” इस बारे में बात करते हुए कि एक बार कंटेंट रिलीज़ हो जाने के बाद उसे बैन करना या डिलीट करना नामुमकिन है।

एक्टर ने आगे कहा, “तो अब मुझे बहुत राहत महसूस हो रही है कि आखिरकार फिल्म आप तक पहुंच गई है। अब यह आपकी फिल्म है। अब इसे रोका नहीं जा सकता। यह अब लोगों की फिल्म है। आप इसे अब रोक नहीं सकते। मुझे लगता है कि जो लोग ऐसा सोच रहे हैं कि एक बार कोई चीज ऑनलाइन आ जाए तो उसे बस ऐसे ही डिलीट किया जा सकता है, वे या तो मासूम हैं या उन्हें जानकारी नहीं है।”

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दिलजीत ने उन लोगों से, जिन्होंने फिल्म डाउनलोड की है, इसे ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए कहा और कहा, “अब आप इसे आपस में शेयर कर सकते हैं। यह आपकी फिल्म है। लेकिन मैं खुश और राहत महसूस कर रहा हूं कि फिल्म आखिरकार दर्शकों तक पहुंच गई। बहुत से लोगों ने इसे पहले ही डाउनलोड कर लिया है। एक बार कोई चीज़ ऑनलाइन आ जाती है, तो वह कभी डिलीट नहीं होती। मैंने राजस्थान का एक वीडियो देखा जिसमें लोग फिल्म देख रहे हैं। मुझे बहुत खुशी हुई। प्लीज इसे अपने दोस्तों और अपने आस-पास के सभी लोगों को दिखाएं।”

हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी और दिलजीत दोसांझ की मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘सतलुज’, मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन से प्रेरित है। इस फिल्म का नाम पहले ‘पंजाब ’95’ था और सर्टिफिकेशन से जुड़ी दिक्कतों के कारण यह लगभग चार साल तक रिलीज़ नहीं हो पाई थी। CBFC से मंज़ूरी मिलने के लिए लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार इसका प्रीमियर ZEE5 पर हुआ; दिलजीत ने पहले ही कहा था कि प्लेटफ़ॉर्म पर रिलीज़ हुआ वर्शन बिना किसी कट-छाँट वाला है। इस फिल्म को RSVP और MacGuffin Pictures ने प्रोड्यूस किया है और इसमें दिलजीत के साथ अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान मुख्य भूमिकाओं में हैं।

Tata Motors PV Q1 Update: तीन गुना बढ़ी Curvv, Sierra की बिक्री; पंच, नेक्सॉन ने भी दिखाया दम

Tata Motors PV Q1 Update: टाटा ग्रुप की दिग्गज ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles Ltd के लिए अप्रैल-जून 2026 तिमाही शानदार रही है। कंपनी की ज्यादातर पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री और प्रोडक्शन में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। कंपनी ने ये आंकड़े सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) को सौंपे हैं।

Punch और Nexon की बिक्री 52% बढ़ी

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में Punch और Nexon का प्रोडक्शन बढ़कर 1,17,711 यूनिट हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 80,001 यूनिट था। घरेलू बिक्री भी जोरदार बढ़ी। यह 76,230 यूनिट से बढ़कर 1,15,882 यूनिट पहुंच गई। यानी करीब 52% की बढ़ोतरी हुई।

हालांकि, निर्यात लगभग स्थिर रहा। इस बार 317 यूनिट का निर्यात हुआ। पिछले साल यह आंकड़ा 320 यूनिट था।

Curvv और Sierra की बिक्री तीन गुना के करीब

Curvv और Sierra की डिमांड भी तेजी से बढ़ी। इन दोनों मॉडलों का प्रोडक्शन 9,135 यूनिट से बढ़कर 25,790 यूनिट हो गया। घरेलू बिक्री 8,272 यूनिट से बढ़कर 25,150 यूनिट पहुंच गई। यानी लगभग तीन गुना बढ़ोतरी हुई।

हालांकि, निर्यात में गिरावट आई। इस तिमाही में 23 यूनिट का निर्यात हुआ। पिछले साल यह आंकड़ा 101 यूनिट था।

Safari, Harrier और Sumo की भी अच्छी डिमांड

Safari, Harrier और Sumo की बिक्री भी मजबूत रही। इन मॉडलों का प्रोडक्शन 6,488 यूनिट से बढ़कर 11,976 यूनिट हो गया। घरेलू बिक्री 6,536 यूनिट से बढ़कर 12,117 यूनिट पहुंच गई।

निर्यात में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली। इस बार 30 यूनिट का निर्यात हुआ। पिछले साल सिर्फ 1 यूनिट विदेश भेजी गई थी।

Tiago, Tigor और Altroz की बिक्री घटी

हर मॉडल की कहानी अच्छी नहीं रही। Tiago, Tigor, Altroz, Zest और Bolt की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई। इनका प्रोडक्शन 35,496 यूनिट से घटकर 30,163 यूनिट रह गया। घरेलू बिक्री भी 32,801 यूनिट से घटकर 27,017 यूनिट पर आ गई।

हालांकि, एक अच्छी बात भी रही। इन मॉडलों का निर्यात 548 यूनिट से बढ़कर 2,038 यूनिट हो गया।

Nano और Hexa अब भी लाइन से बाहर

इस तिमाही में भी Nano और Hexa का न तो प्रोडक्शन हुआ और न ही घरेलू बिक्री या निर्यात। कंपनी ने साफ किया है कि ये शुरुआती आंकड़े हैं। इनका अभी ऑडिट नहीं हुआ है। ऑडिट के बाद अंतिम आंकड़ों में थोड़ा बदलाव हो सकता है।

Tata Motors पर Citi की क्या राय?

पिछले हफ्ते ब्रोकरेज फर्म Citi ने Tata Motors Passenger Vehicles पर अपनी ‘Sell’ रेटिंग बरकरार रखी थी। हालांकि, नई Sierra EV की तारीफ भी की। ब्रोकरेज के मुताबिक, Sierra EV में 63 kWh और 75 kWh बैटरी पैक का विकल्प मिलेगा। बड़ा बैटरी पैक एक बार चार्ज करने पर 500 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज देगा।

इसकी शुरुआती कीमत 18.8 लाख रुपये रखी गई है। टॉप वेरिएंट की कीमत 24.8 लाख रुपये तक जाती है। इसका मुकाबला Mahindra BE 6, Mahindra XEV 9E और Maruti e-Vitara से होगा।

Citi का कहना है कि Hyundai Creta Electric और MG ZS EV के मुकाबले Sierra EV की कीमत प्रतिस्पर्धी है। खासकर एंट्री-लेवल वेरिएंट की कीमत ऐसी रखी गई है, जिससे ग्राहक ऊंचे वेरिएंट खरीदने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।

टाटा मोटर्स के शेयरों का हाल

Tata Motors Passenger Vehicles Ltd का शेयर सोमवार को 0.81% की बढ़त के साथ 346.95 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 10.72% टूटा है। वहीं, 1 साल के दौरान इसमें करीब 16% की गिरावट आई है।

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