Shakti Pumps Share Price: ₹354 करोड़ का ऑर्डर मिलने पर निवेशक गदगद, शेयर 8% तक भागा

कंप्रेसर, पंप और डीजल इंजन बनाने वाली शक्ति पंप्स इंडिया के शेयरों में 6 जुलाई को दिन में 8 प्रतिशत तक की अच्छी बढ़त देखी गई। हालांकि बाद में तेजी की रफ्तार कम हो गई। शेयर में खरीद बढ़ने की वजह है कंपनी को 353.89 करोड़ रुपये का एक ऑर्डर मिलना। शक्ति पंप्स ने शनिवार को शेयर बाजारों को इस बारे में जानकारी दी थी। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी को यह ऑर्डर महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) से मिला है।

यह ऑर्डर पूरे महाराष्ट्र के लिए 3 हॉर्सपावर (HP), 5 HP, 7.5 HP की 15,000 ऑफ-ग्रिड सोलर फोटोवॉल्टिक वॉटर पंपिंग सिस्टम्स (SPWPS) पंपों के लिए है। ऑर्डर ‘मागेल त्याला सौर कृषी पंप योजना’ के तहत है। इस काम को वर्क ऑर्डर जारी होने के 60 दिनों के अंदर पूरा किया जाना है।

शक्ति पंप्स पर इन SPWPS पंपों की डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई, ट्रांसपोर्ट, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग की जिम्मेदारी है। ऑर्डर की वैल्यू GST के बिना 324.96 करोड़ रुपये और GST के साथ 353.89 करोड़ रुपये है। यह रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन नहीं है।

2 साल में Shakti Pumps India शेयर 350 प्रतिशत चढ़ा

शक्ति पंप्स इंडिया का मार्केट कैप बढ़कर 7300 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.35 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 3 साल में 510 प्रतिशत और 3 महीनों में 18 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं एक साल में कीमत 36 प्रतिशत फिसली है। BSE पर शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 949.95 रुपये और एडजस्टेड लो 457 रुपये है। शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 842.36 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 29.13 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 2,643.11 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 243.79 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। शक्ति पंप्स वित्त वर्ष 2026 के लिए 1 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 29 जुलाई 2026 है। वित्त वर्ष 2025 के लिए भी कंपनी ने इतने ही रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

पाकिस्तानी फेयरनेस क्रीम लगाने से 18 महिलाओं की किडनी पर संकट! भारत में बिक्री को लेकर उठे बड़े सवाल

बाजार में ऐसी कई स्किन-व्हाइटनिंग क्रीम मौजूद हैं जो कुछ ही दिनों में गोरा और बेदाग रंग देने का दावा करती हैं। आकर्षक विज्ञापनों और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण बड़ी संख्या में लोग इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल भी कर रहे हैं। लेकिन हर चमकदार पैकेज के पीछे सुरक्षित उत्पाद हो, यह जरूरी नहीं है। हाल ही में एक मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बिना जांचे-परखे ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर आंख मूंदकर भरोसा करना सही है। इस घटना के बाद स्किन-केयर प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता, उनमें इस्तेमाल होने वाले रसायनों और ऑनलाइन बिकने वाले कॉस्मेटिक सामान की निगरानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि त्वचा की देखभाल के लिए हमेशा प्रमाणित और भरोसेमंद उत्पादों का ही चुनाव करना चाहिए, क्योंकि सुंदर दिखने की जल्दबाजी कभी-कभी सेहत पर भारी पड़ सकती है।

तीन ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर लगा तत्काल बैन

महाराष्ट्र FDA ने जांच के बाद तीन स्किन-केयर प्रोडक्ट्स की बिक्री, वितरण और इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगा दी। इनमें Goree Beauty Cream, Face Fresh Gold (Beauty Cream और Beauty Serum) और Golden Star Beauty Cream शामिल हैं। जांच में इन्हें Not of Standard Quality (NSQ) घोषित किया गया।

लैब टेस्ट में मिला जहरीला सच

एफडीए की लैब जांच में इन क्रीमों में मरकरी (पारा) और लेड (सीसा) की मात्रा तय मानकों से कई गुना ज्यादा पाई गई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे तत्व लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।

चेंबूर से खुली पूरे मामले की कड़ी

इस कार्रवाई से कुछ दिन पहले मुंबई के चेंबूर में एक दुकानदार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि उसने आयात प्रतिबंध के बावजूद कथित तौर पर पाकिस्तान में बनी Goree Beauty Cream का स्टॉक रखा और उसकी बिक्री की।

18 मरीज… और एक जैसी आदत

डॉक्टरों ने जब नागपुर में दो साल के दौरान किडनी की बीमारी से जूझ रही 18 महिलाओं के मामलों का अध्ययन किया तो एक समानता सामने आई। सभी महिलाएं लंबे समय से एक ही स्किन-व्हाइटनिंग क्रीम का इस्तेमाल कर रही थीं। इसी के बाद मामले की गहराई से जांच शुरू हुई।

752 गुना ज्यादा मरकरी होने का दावा

हेल्थ कंटेंट क्रिएटर चिराग बरजात्या ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि महाराष्ट्र FDA की रिपोर्ट में Goree Beauty Cream में मरकरी की मात्रा कानूनी सीमा से 752 गुना अधिक पाई गई। उनका कहना है कि यही कारण गंभीर स्वास्थ्य जोखिम की वजह बन सकता है।

कैसे नुकसान पहुंचाती है मरकरी?

विशेषज्ञों के अनुसार, मरकरी त्वचा में बनने वाले मेलानिन को कम कर देती है, जिससे रंग हल्का दिखाई देता है। लेकिन यह असली निखार नहीं बल्कि रासायनिक असर होता है। धीरे-धीरे यह धातु त्वचा के जरिए शरीर में पहुंचकर खासकर किडनी में जमा होने लगती है और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा देती है।

ऑनलाइन बिक्री पर उठे बड़े सवाल

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह क्रीम कई इंस्टाग्राम पेजों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Meesho पर भी उपलब्ध थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाए कि प्रतिबंध और आयात नियमों के बावजूद ऐसा प्रोडक्ट भारतीय बाजार तक कैसे पहुंचा।

लोगों की बढ़ी चिंता, मीशो ने क्या कहा?

सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने लोगों से बिना जांचे-परखे स्किन-व्हाइटनिंग प्रोडक्ट्स से दूर रहने की अपील की। वहीं Meesho ने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद उसने इसकी जांच शुरू कर दी है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

विशेषज्ञों की सलाह

अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य ऐसी स्किन-व्हाइटनिंग क्रीम इस्तेमाल करता है, तो उसकी गुणवत्ता और सामग्री की जांच जरूर करें। बिना लेबल वाले या संदिग्ध स्रोत से खरीदे गए कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स से बचना ही सबसे सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।

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Diljit Dosanjh: ‘मरते दम तक पंजाब के साथ हूं’, भारत में ‘सतलुज’ बैन के बाद दिलजीत दोसांझ ने फैंस से डाउनलोड की हुई कॉपीज शेयर करने को कहा

Diljit Dosanjh: हनी त्रेहान की डायरेक्ट की हुई फिल्म ‘सतलुज’ के रिलीज़ होने के सिर्फ़ दो दिन बाद ही ZEE5 इंडिया से हटाए जाने पर दिलजीत दोसांझ ने अपनी बात रखी है। जहां कई दर्शक इस अचानक हटाए जाने से हैरान थे, वहीं एक्टर का कहना है कि उन्हें पहले से ही पता था कि ऐसा हो सकता है।

सोमवार को एक लाइव सेशन में फ़ैन्स से बात करते हुए दिलजीत ने बताया कि टीम ने जान-बूझकर प्रमोशन नहीं किया, क्योंकि उन्हें डर था कि अगर पहले से ही फ़िल्म के आने की घोषणा कर दी जाती, तो शायद यह कभी रिलीज ही नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा मकसद यह पक्का करना था कि मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की कहानी लोगों तक पहुंचे, भले ही यह कुछ ही समय के लिए क्यों न हो। लाइवस्ट्रीम के दौरान उन्होंने कहा, “आप मुझे जितना चाहें उतना परेशान कर सकते हैं। मैं मरते दम तक पंजाब के साथ हूं।”

मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की ज़िंदगी पर बनी बायोपिक ड्रामा फ़िल्म ‘सतलुज’ (जिसे पहले ‘पंजाब ’95’ नाम से बनाया गया था) सेंसरशिप की वजह से लगभग चार साल तक अटकी रहने के बाद आखिरकार 3 जुलाई को ZEE5 पर रिलीज हुई। लेकिन भारत में यह फ़िल्म मुश्किल से दो दिन ही चल पाई और 5 जुलाई को इसे चुपचाप प्लेटफ़ॉर्म से हटा दिया गया।

एक लाइव सेशन के दौरान फ़ैन्स से बात करते हुए दिलजीत दोसांझ ने कहा कि टीम को पहले से ही पता था कि ऐसा हो सकता है। दिलजीत ने कहा, “यह घटना 1995 में हुई थी और तब लोगों को इस बारे में बात नहीं करने दी गई थी। आज भी ऐसा ही हो रहा है। हद हो गई! मुझे थोड़ा दुख है। हम आज भी वहीं खड़े हैं, जबकि अब 2026 चल रहा है।”

इसीलिए उन्होंने फ़िल्म की रिलीज की घोषणा करने या उसका प्रमोशन करने का फ़ैसला नहीं किया। सिंगर-एक्टर ने पंजाबी में कहा, “पहले दिन से ही इसकी उम्मीद थी, और इसीलिए हम फ़िल्म का प्रमोशन भी नहीं कर पाए और बिना किसी को बताए इसे रिलीज कर दिया। अगर हम रिलीज़ की घोषणा करते और दो दिन पहले इसका प्रमोशन करते, तो यह फ़िल्म रिलीज ही नहीं हो पाती। लेकिन अब मुझे तसल्ली है कि फ़िल्म हर घर तक पहुंच गई है। फ़िल्म आपके पास है, लोगों ने इसे डाउनलोड किया है, और आज नई पीढ़ी इसके बारे में बात कर रही है।”

एक्टर ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि वीकेंड के बाद जब ऑफिस खुलेंगे तो कुछ हलचल होगी, लेकिन उन्होंने यह नहीं सोचा था कि फिल्म को रविवार शाम को ही हटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “अभी रविवार की शाम है। जिस बात का मुझे शुक्रवार को ही शक था, जो बात मेरे मन में पहले से थी-इसलिए यह कोई हैरानी की बात नहीं है क्योंकि ऐसा होना मुमकिन लग रहा था—हां, मुझे लगा था कि जब सोमवार को ऑफिस खुलेंगे, तो फिल्म पर बैन लग सकता है। लेकिन मुझे अंदाज़ा नहीं था कि ऐसा रविवार शाम को ही हो जाएगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म को शुरू से ही मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा, “फिल्म शुरू करने में हमें डेढ़ साल लग गए। एडिटिंग के बाद, फिल्म चार साल तक अटकी रही। मैं दो साल तक फिल्म से जुड़ा रहा। हनी पाजी ने फिल्म को छह साल दिए।”

हालांकि ‘सतलुज’ भारत में सिर्फ़ 48 घंटों के लिए ही उपलब्ध थी, लेकिन दिलजीत दोसांझ का मानना ​​है कि फ़िल्म ने अपना काम कर दिया था। लाइवस्ट्रीम के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि लोगों ने इसे देखा, डाउनलोड किया और इसकी कहानी पर बात करना शुरू किया।

उन्होंने लाइवस्ट्रीम में आगे कहा- लेकिन अब मुझे तसल्ली है कि यह फ़िल्म हर घर तक पहुंच गई है। फ़िल्म आप तक पहुंची है, लोगों ने इसे डाउनलोड किया है और आज नई पीढ़ी इसके बारे में बात कर रही है। मैंने एक वीडियो देखा—एक बहुत प्यारा वीडियो जो मैंने आज सुबह उठने के बाद देखा, जिसमें एक गुरुद्वारा साहिब के अंदर फ़िल्म दिखाई जा रही है। तो अब मुझे तसल्ली है कि फ़िल्म आप तक पहुंच गई है। सबने जो मेहनत की थी, उस मेहनत का आप तक पहुंचना बहुत ज़रूरी था। मैं इससे बहुत संतुष्ट हूं। ईश्वर की महिमा हो। मैं सभी का शुक्रिया अदा करता हूं और पूरी टीम को बधाई देता हूं क्योंकि हमारा काम, जो बात हम कहना चाहते थे और जिस तरह से कहना चाहते थे, वह लोगों तक बिल्कुल उसी तरह पहुंची है,” ।

दिलजीत ने यह भी कहा कि एक बार जब कोई चीज़ इंटरनेट पर आ जाती है, तो लोगों को उसे देखने से रोकना लगभग नामुमकिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि अब यह फ़िल्म दर्शकों की है। उन्होंने कहा, “अब मुझे बहुत राहत महसूस हो रही है कि आखिरकार यह फ़िल्म आप तक पहुँच गई है। अब यह आपकी फ़िल्म है, अब इसे रोका नहीं जा सकता। यह अब लोगों की फ़िल्म है, आप इसे अब रोक नहीं सकते। मुझे लगता है कि जो लोग ऐसा सोचते हैं कि एक बार कोई चीज़ ऑनलाइन आने के बाद उसे बस ऐसे ही डिलीट किया जा सकता है, वे या तो मासूम हैं या उन्हें जानकारी नहीं है।”

दिलजीत दोसांझ ने उन सभी लोगों से भी अपील की जिन्होंने भारत में फ़िल्म की छोटी सी रिलीज़ के दौरान इसे डाउनलोड किया था कि वे इसे आगे भी शेयर करें ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग इसे देख सकें। उन्होंने कहा, “अब आप इसे आपस में शेयर कर सकते हैं, यह आपकी फ़िल्म है।

दिलजीत के लिए ‘सतलुज’ सिर्फ़ एक फ़िल्म से कहीं ज़्यादा है। उन्होंने कहा कि यह कहानी ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचनी चाहिए और दर्शकों से अपील की कि वे इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करके ज़िंदा रखें। फ़िल्म को दर्शकों तक पहुंचाने के लंबे संघर्ष के बारे में बात करते हुए, उन्होंने पिछले चार सालों के सफ़र को याद किया। “यह फ़िल्म सबके पास है। जिन्होंने इसे नहीं देखा है, वे इसे अपने दोस्तों और साथियों को दिखा सकते हैं। आज सोमवार है- मैंने सुना है कि फ़िल्म अभी भी विदेशों में उपलब्ध है, देखते हैं कि यह कब तक रहती है। या अगर फ़िल्म कहीं वापस आती है, अगर वे इस मकसद के लिए लड़ सकते हैं… तो हम पिछले चार सालों से इसके लिए लड़ रहे हैं।”

भारतीय पासपोर्ट का नया जलवा, इंडियन पासपोर्ट होल्डर को बिना वीजा के मिलेगी इतने देशों में एंट्री!

क्या आप जानते हैं कि 2026 में भारत का पासपोर्ट दुनिया में किस स्थान पर है? हर साल ग्लोबल पासपोर्ट रैंकिंग यह बताती है कि किस देश के सिटिज़न को कितनी आसानी से ट्रैवल की सुविधा मिलती है। इस रैंकिंग में भारत की पोजीशन और बदलाव दोनों ही चर्चा में रहते हैं। आइए जानते हैं इस साल की लेटेस्ट रिपोर्ट क्या कहती है:

भारत की ग्लोबल रैंकिंग

Why the Indian passport is falling in global ranking

2026 के ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में भारत को 197 देशों में 125वां रैंक मिला है। यह दिखाता है कि भारत की रैंकिंग अभी भी मिड-लो रेंज पर बनी हुई है। साथ ही यह भी संकेत देता है कि अभी सुधार की काफी गुंजाइश बाकी है।

भारत का स्कोर

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रिपोर्ट के अनुसार भारत का कुल कंपोजिट स्कोर 45.1 रहा, जो पिछले पांच सालों में सबसे बेहतर स्कोर (5-year high) माना गया है। यानी सुधार भी देखने को मिला है और ट्रैवल की सुविधा धीरे-धीरे बेहतर हो रही है।

 

भारत की तुलना दूसरे देशों से

Henley Global Passport Index 2026: Singapore leads, UAE climbs to 5th, US back at 10—India's rank revealed

भारत से ठीक ऊपर नामीबिया (124वां) और नीचे अज़रबैजान (126वां) रहा। इससे पता चलता है कि भारत की पोजीशन अभी भी कई देशों के बीच मिड-टेबल में है और कॉम्पिटिशन काफी टाइट है।

रैंकिंग का बेसिस

 

Indian Passport Power 2026: 56 Visa-Free Destinations

यह इंडेक्स सिर्फ वीज़ा-फ्री ट्रैवल पर नहीं बल्कि तीन चीजों पर बेस्ड है:

मोबिलिटी (ट्रैवल की सुविधा), इन्वेस्टमेंट के मौके, लाइफ क्वालिटी, इन तीनों का बैलेंस ही फाइनल रैंक तयडिसाइड करता है।

 इंडियन ट्रैवलर का स्टेटस

Indian passport services get costlier in UAE from July 1. Here's how much you'll now pay

इंडियन पासपोर्ट होल्डर कई देशों में वीज़ा-ऑन-अराइवल और ई-वीज़ा की सुविधा मिलती है, लेकिन अभी भी कई डेवलप्ड कंट्री के लिए लंबी वीज़ा प्रोसेस करनी पड़ती है। इससे ट्रैवल प्लान थोड़ा मुश्किल और समय लेने वाला हो जाता है।

दुनिया के टॉप पासपोर्ट

India's Passport Power on the Rise: Facilitating Easier International Travel for Indians

2026 में दुनिया का सबसे मजबूत पासपोर्ट स्वीडन का रहा। इसके बाद स्विट्ज़रलैंड, फ़िनलैंड, जर्मनी, नीदरलैंड और डेनमार्क जैसे यूरोपीय देश टॉप पर रहे। सिंगापुर टॉप 10 में एकमात्र गैर-यूरोपीय देश रहा। यह दिखाता है कि यूरोप अभी भी ग्लोबल मोबिलिटी में आगे है।

 

भारत का पासपोर्ट अभी भी मिड-रैंक में है लेकिन धीरे-धीरे सुधार दिख रहा है। वीज़ा-ऑन-अराइवल और ई-वीज़ा की सुविधाएं इंडियन ट्रैवलर के लिए राहत देती हैं। हालांकि कई डेवलप्ड कंट्री तक पहुंच अभी भी आसान नहीं है। आने वाले समय में बेहतर एग्रीमेंट से भारत की रैंकिंग और मजबूत होने की उम्मीद है।

PC Jeweller Share Price: चढ़ते बाजार में ज्वेलरी स्टॉक में जबरदस्त सेलिंग, कीमत 9% तक लुढ़की; लेकिन क्यों?

ज्वेलरी सेक्टर की कंपनी पीसी ज्वेलर लिमिटेड के निवेशकों के लिए 6 जुलाई का दिन बेहद खराब बीत रहा है। शेयर की कीमत में दिन में 9 प्रतिशत तक की गिरावट दिखाई दी। बीएसई पर भाव 9.37 रुपये के लो तक गया। कंपनी का मार्केट कैप घटकर 7900 करोड़ रुपये के करीब रह गया है। शेयर एक साल में 40 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देख चुका है। कंपनी ने 2 जुलाई को अप्रैल-जून 2026 तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया था। इसके बाद शुक्रवार, 3 जुलाई को शेयर में इंट्राडे के दौरान 10 प्रतिशत तक की तेजी दिखी थी। हालांकि बाद में शेयर BSE पर 4.4 प्रतिशत बढ़त के साथ बंद हुआ था।

माना जा रहा है कि सोमवार की गिरावट शेयर में ऊंचे स्तरों पर की जा रही प्रॉफिट बुकिंग का नतीजा हो। लेकिन एक वजह स्टॉक एक्सचेंज की ओर से मांगा गया क्लैरिफिकेशन भी हो सकता है। शुक्रवार को शेयर में हैवी वॉल्यूम को देखते हुए BSE ने पीसी ज्वेलर से सफाई मांगी थी।

तो क्या है PC Jeweller का जवाब

जवाब में पीसी ज्वेलर ने कहा है कि हम यह बताना चाहते हैं कि SEBI (लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2015 के रेगुलेशन 30 के अनुसार, कंपनी उन सभी घटनाओं, जानकारियों आदि का समय पर खुलासा करती रही है, जिनका कंपनी के कामकाज/प्रदर्शन पर असर पड़ता है। इनमें प्राइस सेंसिटिव इनफॉरमेशन आदि भी शामिल हैं। कंपनी भविष्य में भी ऐसे खुलासे करती रहेगी।

आगे कहा कि किसी शेयर की कीमत/वॉल्यूम में कोई भी उतार-चढ़ाव बाजार पर निर्भर करता है और यह कई फैक्टर्स के कारण होता है, जिनमें कंपनी की ओर से दी गई कोई भी जानकारी, घटना या इवेंट आदि को लेकर निवेशकों की सोच भी शामिल है। पीसी ज्वेलर ने कहा है कि फिलहाल उसके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जो शेयर की कीमत/वॉल्यूम पर असर डाल सकती हो और जिसका खुलासा करना जरूरी हो।

HDFC Bank Share Price: Q1 में अच्छे बिजनेस और नए चेयरमैन की घोषणा से शेयर 3% तक उछला; ब्रोकरेज बुलिश

Q1 में कैसा रहा बिजनेस

पीसी ज्वेलर का कहना है कि अप्रैल-जून 2026 में उसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 21% बढ़ा। कंपनी कर्ज-मुक्त होने के अपने लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है और उसे उम्मीद है कि वह चालू तिमाही यानि कि जुलाई-सितंबर 2026 में यह मुकाम हासिल कर लेगी। कंपनी ने जॉइंट सेटलमेंट एग्रीमेंट की शर्तों के तहत बैंकों का बकाया कर्ज जून तिमाही के दौरान लगभग 24% कम किया है। चालू तिमाही में बाकी कर्ज चुकाने और कर्ज-मुक्त होने से आने वाले समय में उसकी वित्तीय स्थिति काफी मजबूत होगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

14 साल की उम्र में AI कंपनी बनाकर छा गया ये लड़का, बुर्ज खलीफा में ऑफिस, कौन हैं जैनम जैन?

जहां 14 साल की उम्र में ज्यादातर बच्चे स्कूल, खेल और सोशल मीडिया में अपना समय बिताते हैं, वहीं जैनम जैन ने बहुत कम उम्र में एक अलग ही पहचान बना ली है। उन्होंने इतनी छोटी उम्र में एक AI स्टार्टअप की शुरुआत की, जिसने टेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप की दुनिया में सभी को हैरान कर दिया है। उनकी यह उपलब्धि सिर्फ एक सफलता नहीं, बल्कि एक ऐसी कहानी है जो ये दिखाती है कि अगर सोच बड़ी हो तो उम्र कोई बाधा नहीं बनती।

जैनम का नाम अब उन युवा फाउंडर्स में शामिल हो चुका है जो कम उम्र में बड़े सपने देख रहे हैं और उन्हें हकीकत में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी कहानी तेजी से चर्चा में है और लोग इसे एक प्रेरणादायक उदाहरण के तौर पर देख रहे हैं, जो युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

AI स्टार्टअप “Mengo Engine” की शुरुआत

जैनम जैन ने “Mengo Engine” नाम का AI प्लेटफॉर्म बनाया है, जो बिजनेस को आसान बनाने में मदद करता है। यह टूल कंपनियों के लिए मार्केटिंग, कस्टमर मैनेजमेंट, लीड जनरेशन और कंटेंट बनाने जैसे काम ऑटोमेट करता है। इसका मकसद है AI को हर बिजनेस के लिए आसान बनाना।

दुनिया की सबसे ऊंची इमारत में ऑफिस

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि उनका स्टार्टअप दुबई की मशहूर इमारत Burj Khalifa के 141वें फ्लोर पर स्थित है। इतनी प्रतिष्ठित जगह से कंपनी चलाना उन्हें दुनिया के सबसे कम उम्र के AI फाउंडर्स में शामिल करता है।

6 साल की उम्र से शुरू हुआ बिजनेस का सफर

जैनम की दिलचस्पी बिजनेस में तब जागी जब वो सिर्फ 6 साल के थे। उनके पिता उन्हें एक बिजनेस मीटिंग में ले गए थे, जहां से उनके मन में यह समझ और जिज्ञासा पैदा हुई कि असल दुनिया में बिजनेस कैसे काम करता है।

105 दिनों में पूरा किया 10वीं का कोर्स

13 साल की उम्र में उन्होंने IGCSE 10वीं की पढ़ाई सिर्फ 105 दिनों में पूरी कर ली। उनका मानना है कि तेज लर्निंग से उन्हें अपने स्टार्टअप पर ज्यादा ध्यान देने का समय मिला।

खुद से सीखी AI की दुनिया

जैनम ने कोई खास AI कोर्स नहीं किया। उन्होंने खुद प्रोजेक्ट्स बनाए, इंटरनेट से सीखा और लगातार एक्सपेरिमेंट करते रहे। यही सेल्फ-लर्निंग उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।

छोटी उम्र में बड़ा रिज्यूमे

उनके नाम पहले से ही कई उपलब्धियां हैं—2 पेटेंट फाइल किए, TEDx स्पीच दी, किताब लिखी, यूट्यूब पर 1.45 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर बनाए और कई अवॉर्ड्स भी जीते। यह सब उनकी मेहनत और सीखने की लगन दिखाता है।

50 दिन के चैलेंज से बदलते रहे खुद को

10 साल की उम्र से उन्होंने खुद के लिए 50 दिन के चैलेंज सेट किए। इनमें 50 किताबें पढ़ना, 50 नेटवर्किंग इवेंट्स अटेंड करना और हजारों किलोमीटर की यात्रा करके नए लोगों से सीखना शामिल था।

बड़ा सपना यूनिकॉर्न कंपनी बनाना

इतनी कम उम्र में सफलता पाने के बाद भी उनका सपना बड़ा है। वो एक ग्लोबल यूनिकॉर्न टेक कंपनी बनाना चाहते हैं। उनका मानना है कि उम्र नहीं, बल्कि मेहनत और निरंतर सीखना सफलता की असली कुंजी है।

कौन से हैं भारत के वो 2 एयरपोर्ट, जिनकी डिजाइन और खूबसूरती ने ग्लोबल लिस्ट में बनाई जगह?

Oberoi Realty Shares: दिल्ली एनसीआर में ग्रैंड एंट्री, ₹8109 करोड़ की बुकिंग पर शेयरों ने छू दी नई ऊंचाई

Oberoi Realty Shares: लग्जरी होम तैयार करने वाली ओबेरॉय रियल्टी के शेयर आज तूफानी स्पीड से ऊपर चढ़े और उछलकर यह एक साल के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। गुरग्राम में थर्टी सिक्स्टी नॉर्थ प्रोजेक्ट में करीब ₹8109 करोड़ की ग्रास बुकिंग्स पर शेयर चमक उठे। दिल्ली एनसीआर में यह इसका पहला लग्जरी रेजिडेंशियल डेवलपमेंट है। कंपनी ने जब आज एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी तो निवेशक इसके शेयरों पर टूट पड़े। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी ने इसे संभाल लिया।

फिलहाल बीएसई पर यह 2.33% की बढ़त के साथ ₹1,975.30 पर है। इंट्रा-डे में यह 2.84% उछलकर ₹1,985.00 तक पहुंच गया था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई है। करीब 4 ही महीने पहले यह 23 मार्च 2026 को एक साल के निचले स्तर ₹1,390.15 पर था। इसे कवर करने वाले 27 एनालिस्ट्स में से 17 ने खरीदारी, 8 ने होल्ड और 2 ने सेल रेटिंग दी है।

Oberoi Realty की दिल्ली एनसीआर में ग्रैंड एंट्री

ओबेरॉय रियल्टी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि थ्री सिक्स्टी नॉर्थ प्रोजेक्ट दिल्ली एनसीआर में उसका पहला लग्जरी रेजिडेंशियल डेवलपमेंट है। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में लगभग 13.52 लाख स्क्वेयर फीट रेरा कारपेट एरिया (23.1 लाख स्क्वायर फीट बिक्री योग्य एरिया) की बुकिंग हुई है। यह प्रोजेक्ट गुरुग्राम के सेक्टर 58 में गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड पर लगभग 14.8 एकड़ में फैला है। कंपनी ने बताया कि इसमें आगे चलकर सात रेजिडेंशियल टावर, लैंडस्केप्ड ओपन स्पेस और क्लब थ्री सिक्स्टी नॉर्थ के साथ-साथ रिटेल और कैफे वाला एक खास बुलेवार्ड शामिल होगा।

क्या रुझान है ब्रोकरेज फर्म का?

थ्री सिक्स्टी नॉर्थ प्रोजेक्ट के पहले चरण को मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ओबेरॉय रियल्टी को लेकर पॉजिटिव है। ब्रोकरेज ने इसे खरीदने की सलाह दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹1,850 से बढ़ाकर ₹2,090 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि कंपनी की FY27 प्री-सेल्स पिछले साल के मुकाबले 123% अधिक रहेगी। नोमुरा का मानना है कि नए मार्केट में एंट्री और लॉन्च पाइपलाइन इसके शेयरों की फिर से रेटिंग के लिए अहम ट्रिगर बनेगा।

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International Kissing Day 2026: ऐश्वर्या राय से लेकर शबाना आजमी तक, जब स्टार्स के किस सीन पर खूब हुआ बवाल

International Kissing Day 2026: हर साल 6 जुलाई को ‘इंटरनेशनल किसिंग डे’ मनाया जाता है। यह दिन यूनाइटेड किंगडम में शुरू हुआ था और अब इसे दुनिया भर में प्यार और भावनाओं को जाहिर करने वाले एक इनफॉर्मल मौके के तौर पर मनाया जाता है। आइए, बॉलीवुड के 5 सबसे विवादित ऑन-स्क्रीन किस पर एक नजर डालते हैं।

1-माधुरी दीक्षित और विनोद खन्ना (1988)

फिल्म ‘दयावान’ में विनोद खन्ना ने डायरेक्टर के ‘कट’ कहने के बाद भी माधुरी दीक्षित को किस करना जारी रखा था। इतना ही नहीं उनके होंठ पर काट तक लिया था। 20 साल की इस सीन को फिल्माने के बाद इतना सहम और दर गईं थी कि सेट पर रोने लगी थीं। इस इंटीमेट सीन पर काफी हंगामा हुआ था। कहा जाता है कि इस हादसे के बाद से माधुरी ने फिर कभी विनोद खन्ना के साथ काम नहीं किया।

2-श्रीदेवी और उमेश मेहरा (1980)

फिल्म ‘गुरु’ के दौरान, श्रीदेवी ने किसिंग सीन करने से साफ मना कर दिया था। लेकिन डायरेक्टर ने बॉडी डबल का इस्तेमाल करके इस सीन शूट किया था। फिल्म में ऐसा दिखाया कि वह एक्ट्रेस ही थीं। श्रीदेवी की मां ने इस धोखे की कड़ी आलोचना की थी और इसे इंडस्ट्री में अपना सबसे बुरा अनुभव बताया।

3-ऐश्वर्या राय-ऋतिक रोशन (धूम 2 2006)

2006 में ब्लॉकबस्टर एक्शन फिल्म ‘धूम 2’ में को-स्टार ऋतिक रोशन के साथ ऑन-स्क्रीन किसिंग सीन की वजह से ऐश्वर्या राय को काफी विवाद का सामना करना पड़ा था। इस सीन पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी, क्योंकि उन्होंने पहले कभी ऑन-स्क्रीन किस नहीं किया था और कई लोग उन्हें कल्चरर रोल मॉडल मानते थे।

कंगना रनौत और वीर दास (2014)

ऐसी खबरें आईं थी कि ‘रिवॉल्वर रानी’ में किसिंग सीन के दौरान दास ने रनौत को “चोट पहुंचाई” थी। दास ने इन दावों को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया है और बाद में रनौत ने उनका बचाव किया था। उन्होंने एक्टर्स का फायदा उठाने के लिए पत्रकार की निंदा की थी। हाल में एक बार फिर से ये मामला उठा था।

धर्मेंद्र-शबाना आजमी(2023)

धर्मेंद्र वैसे तो हमेशा से रोमांटिक हीरो के तौर पर पसंद किए गए हैं। लेकिन 2023 में करण जौहर की फिल्म रॉकी और रानी की प्रेम कहानी में 88 साल की उम्र में उन्होंने शबाना आजमी के साथ लिप-लॉक सीन देकर हर किसी को हैरान कर दिया था। इस सीन के बाद खूब हंगामा हुआ था।

उदित नारायण फैन इंटरेक्शन (2025)

फिल्मों से हटकर, दिग्गज सिंगर उदित नारायण को एक वायरल वीडियो के कारण काफी आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसमें वे एक महिला फैन के साथ दिखे थे। इस घटना ने पब्लिक बाउंड्रीज़ और आर्टिस्ट-फैन इंटरेक्शन पर बहस छेड़ दी थी।

8th Pay Commission: पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! न्यूनतम पेंशन 67% और उम्र के साथ 100% हाइक की मांग, देखें पूरी लिस्ट

8th Pay Commission Pension Revision Demands: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के साथ-साथ देश के करीब 65 लाख रिटायर्ड पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी एक बेहद महत्वपूर्ण खबर आ रही है। आयोग इस समय विभिन्न राज्यों का दौरा करके कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और हितधारकों से मुलाकात कर सुझाव जुटा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले इस आयोग के कार्यक्षेत्र में 31 दिसंबर 2025 या उससे पहले रिटायर होने वाले पेंशनर्स की पेंशन की समीक्षा करना भी शामिल है। अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने पेंशन को लेकर कई बड़ी और क्रांतिकारी मांगें रखी हैं। आइए समझते हैं कि पेंशनर्स के लिए क्या-क्या मुख्य मांगें की गई हैं और इन्हें कब तक लागू किया जा सकता है।

प्रमुख कर्मचारी संगठनों की क्या हैं मांगें?

नेशनल काउंसिल फॉर जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन और ऑल इंडिया डिफेंस एंप्लॉयीज फेडरेशन (AIDEF) जैसे बड़े संगठनों ने आयोग को अपनी विस्तृत मांगें सौंपी हैं:

NC-JCM: संशोधित वेतन के साथ पेंशन का स्ट्रक्चरल अलाइनमेंट किया जाए।

महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन: पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में सुधार और इसे DA से जोड़ा जाए।

AIDEF: नए रिवाइज्ड पे-स्ट्रक्चर के आधार पर सभी पेंशनर्स के लिए एक समान पेंशन लागू की जाए।

पेंशन रिवीजन से जुड़ी 5 सबसे बड़ी मांगें

हितधारकों और कर्मचारी यूनियनों द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगें नीचे दी गई हैं:

  1. न्यूनतम पेंशन में बंपर बढ़ोतरी: पेंशनर्स के लिए न्यूनतम पेंशन को आखिरी बार मिले वेतन या आखिरी 10 महीनों के औसत वेतन का 67% किया जाए।
  2. फिटमेंट फैक्टर और डीआर में सुधार: पेंशन कैलकुलेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले फिटमेंट फैक्टर को संशोधित किया जाए और डियरनेस रिलीफ (DR) के ढांचे की समीक्षा करके इसे पेंशन लाभों में जोड़ा जाए।
  3. फैमिली पेंशन और ग्रेच्युटी: फैमिली पेंशन के दायरे को बढ़ाया जाए, ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा में बढ़ोतरी हो और पेंशन कम्यूटेशन यानी पेंशन की एकमुश्त रकम के नियमों में सुधार किया जाए।
  4. पेंशन स्कीम चुनने की आजादी: रिटायर्ड कर्मचारियों को उनकी सुविधा के अनुसार पुरानी पेंशन योजना (OPS), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) या यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया जाए।
  5. उम्र बढ़ने के साथ बढ़ेगी पेंशन: जैसे-जैसे पेंशनभोगी की उम्र बढ़े, उसकी पेंशन में भी आनुपातिक बढ़ोतरी की जाए। 90 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए इसे आखिरी वेतन का 100% करने का प्रस्ताव है।

उम्र के हिसाब से कितनी पेंशन बढ़ाने की है मांग?

संगठनों ने बढ़ती उम्र के साथ पेंशनर्स की चिकित्सा और अन्य जरूरतों को देखते हुए इस प्रकार पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है:

उम्र के हिसाब से कितनी पेंशन बढ़ाने की है मांग?

आयोग का अगला शेड्यूल और देशव्यापी बैठकें

8वें वेतन आयोग ने अप्रैल, मई और जून में कई राज्यों का दौरा किया है। जुलाई में भी बैठकों का दौर जारी है:

भुवनेश्वर (ओडिशा): 6 और 7 जुलाई को आयोग यहां हितधारकों के साथ अहम चर्चा कर रहा है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन 15 जून को ही बंद हो चुके थे।

कोलकाता (पश्चिम बंगाल): इसके बाद आयोग 9 और 10 जुलाई को कोलकाता का दौरा करेगा।

मुंबई दौरा: आयोग ने मुंबई में सेंट्रल रेलवे जोन के तहत विभिन्न रेलवे विभागों का दौरा करने की इच्छा भी जताई है, ताकि कर्मचारियों की कामकाजी परिस्थितियों को करीब से समझा जा सके।

कब तक लागू होंगी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें?

आमतौर पर वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने में गठन के बाद से करीब 18 महीने का समय लगता है, जो मध्य-2027 (फरवरी या अप्रैल 2027) के आसपास पूरा होगा।

रिपोर्ट सौंपने के बाद, पिछले ट्रेंड्स बताते हैं कि केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने और इसे पूरी तरह लागू होने में 2 से 3 साल का समय लग जाता है। इसका मतलब है कि 2027 में घोषित होने वाली वेतन और पेंशन बढ़ोतरी साल 2029 या 2030 तक पूरी तरह से जमीन पर लागू हो पाएगी।