8th Pay Commission: सिर्फ एक बार नहीं बल्कि हर साल सैलरी में होगा बंपर इजाफा! सालाना इंक्रीमेंट वाला ये फार्मूला समझिए

8th Pay Commission Salary Calculation: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की टीम राज्यों के दौरों के साथ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगी यूनियनों के साथ लगातार बैठकें कर रही है। दिल्ली, लद्दाख, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बाद आयोग की परामर्श प्रक्रिया अब अंतिम चरणों की ओर बढ़ रही है।

कर्मचारी यूनियनों द्वारा आयोग को सौंपे गए ज्ञापनों से एक बात साफ हो गई है कर्मचारी न केवल फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी चाहते हैं, बल्कि इस बार वार्षिक वेतन वृद्धि की दर को भी 3% से बढ़ाकर 5% से 7% करने की मांग कर रहे हैं। आइए समझते हैं कि तुरंत मिलने वाला बड़ा फिटमेंट फैक्टर ज्यादा फायदेमंद है या हर साल मिलने वाला ज्यादा इंक्रीमेंट?

3% की जगह मिले 5% से 7% का इंक्रीमेंट

7वें वेतन आयोग के तहत फिलहाल कर्मचारियों को 3% की दर से सालाना इंक्रीमेंट मिलता है। हालांकि, 8वें वेतन आयोग के सामने प्रमुख कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है:

कर्मचारी संगठनप्रस्तावित सालाना इंक्रीमेंट
NC-JCM6%
AIDEF6%
FNPO6%
AINPSEF 7%
IRTSA5%

वार्षिक इंक्रीमेंट में कंपाउंडिंग की ताकत

फिटमेंट फैक्टर लागू होते ही कर्मचारियों की शुरुआती बेसिक पे में तुरंत बड़ा उछाल आता है। लेकिन सालाना इंक्रीमेंट की भूमिका लंबी अवधि के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है।

जब हर साल बेसिक पे बढ़ती है, तो अगले साल का इंक्रीमेंट उस बढ़ी हुई रकम पर लगता है। यानी इस पर कंपाउंडिंग जैसा असर काम करता है। अगर आपकी नौकरी 15 से 30 साल बची है, तो सालाना इंक्रीमेंट की उच्च दर आपकी सैलरी को फिटमेंट फैक्टर के मुकाबले कई गुना ज्यादा बढ़ा सकती है।

कैल्कुलेशन से समझें फिटमेंट फैक्टर vs 7% इंक्रीमेंट

मान लीजिए किसी Level 10 कर्मचारी की मौजूदा बेसिक पे ₹56,100 है। अलग-अलग परिस्थितियों में 15 और 30 साल बाद सैलरी का अनुमानित गणित इस प्रकार हो सकता है:

कैल्कुलेशन से समझें फिटमेंट फैक्टर vs 7% इंक्रीमेंट

(नोट: यह केवल गणना को समझाने के लिए एक काल्पनिक उदाहरण है। वास्तविक सैलरी सरकार द्वारा स्वीकृत अंतिम फिटमेंट फैक्टर और पे-स्ट्रक्चर पर निर्भर करेगी।)

कर्मचारियों के लिए सबसे बेहतर क्या होगा?

आंकड़ों से साफ है कि केवल 7% इंक्रीमेंट मिलने पर लंबे समय (30 साल) में बेसिक पे ₹4.27 लाख तक पहुंच सकती है, जो 2.57x फिटमेंट फैक्टर के ₹3.50 लाख वाले आंकड़े से कहीं ज्यादा है। लेकिन इसके लिए कर्मचारियों को कंपाउंडिंग का फायदा उठाने के लिए सालों इंतजार करना पड़ेगा।

इसलिए, कर्मचारियों के लिए सबसे सही और फायदेमंद विकल्प ‘फिटमेंट फैक्टर + हाई इंक्रीमेंट’ का कॉम्बिनेशन होगा:

बंपर फिटमेंट फैक्टर: इससे पहले ही साल से बेसिक पे में तुरंत और बड़ी बढ़ोतरी मिलेगी।

5% से 7% इंक्रीमेंट: इससे पूरी सर्विस के दौरान हर साल वेतन तेजी से बढ़ता रहेगा।

कब तक आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट?

पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाला 8वां वेतन आयोग फिलहाल सभी हितधारकों से चर्चा कर रहा है। माना जा रहा है कि आयोग अपनी सिफारिशें और अंतिम रिपोर्ट मई-जून 2027 तक सरकार को सौंप सकता है।

Delhi Student Gangrape: दिल्ली में चलती बस में 16 साल की छात्रा से गैंगरेप, ड्राइवर और कंडक्टर गिरफ्तार

Delhi Student Gangrape: देश की राजधानी दिल्ली में एक स्लीपर बस के अंदर 16 वर्षीय स्कूली छात्रा से कथित गैंगरेप का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना कश्मीरी गेट इलाके की बताई जा रही है। दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच के बाद बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल स्लीपर बस को भी जब्त कर लिया है। उसकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, घटना 4 अगस्त की रात की है। पीड़िता उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की रहने वाली कक्षा 11 की छात्रा है। बताया जा रहा है कि घरवालों से नाराज होकर वह नोएडा में अपने चचेरे भाई/बहन के पास आ रही थी।

इस दौरान ग्रेटर नोएडा में परी चौक पर वह एक स्लीपर बस में बैठ गई। चलती बस में ड्राइवर और कंडक्टर ने गैंगरेप किया। फिप उसे दिल्ली में कश्मीरी गेट बस अड्डे पर उतार दिया। पुलिस ने आरोपी ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार कर लिया है। स्लीपर बस में पर्दे लगे थे, इसलिए अंदर का किसी को दिखाई नहीं दिया।

आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा के परी चौक से दिल्ली के कश्मीरी गेट की दूरी 47 किलोमीटर है। इसी बीच छात्रा से बस में दरिंदगी हुई। इस पूरे रूट में उत्तर प्रदेश और दिल्ली दोनों राज्यों का क्षेत्र आता है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस को इसकी भनक इसलिए नहीं लगी क्योंकि बस में पर्दें लगे हुए थे।

परिवार से नाराज होकर निकली थी छात्रा

पुलिस सूत्रों के अनुसार, छात्रा का घर पर किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद वह परिवार को बताए बिना घर से निकल गई थी। वह नोएडा में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार से मिलने जा रही थी। भारी बारिश और अंधेरा होने के कारण छात्रा रास्ते में भटक गई। वह गलती से ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर उतर गई। इसी दौरान वहां से एक खाली स्लीपर बस गुजरी। छात्रा ने बस को रुकने का इशारा किया, जिसके बाद चालक ने बस रोक दिया। ड्राइवर और कंडक्टर ने छात्रा से कथित तौर पर कहा कि वे नोएडा सेक्टर-63 जा रहे हैं। इसके बाद छात्रा बस में सवार हो गई।

बस चलने के कुछ देर बाद शुरू हुई कथित ज्यादती

आरोप है कि बस के चलने के कुछ समय बाद कंडक्टर ने छात्रा के साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। छात्रा के मुताबिक, इसके बाद ड्राइवर और कंडक्टर ने उसके साथ कथित तौर पर जबरन गैंगरेप किया। पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद देर रात दोनों आरोपियों ने छात्रा को कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड पर उतार दिया और वहां से फरार हो गए।

डरी हुई छात्रा ने पुलिस को दी जानकारी

घटना के बाद डरी और सदमे में आई छात्रा ने कश्मीरी गेट पुलिस से संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश में कई जगह दबिश दी। जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को तिमारपुर इलाके की एक बस पार्किंग से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप के रूप में हुई है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल स्लीपर बस को भी कब्जे में ले लिया है। बस को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि मामले से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें।

मरम्मत के बाद खाली बस लेकर लौट रहे थे आरोपी

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी जिस बस को चला रहे थे, उसमें पहले मैकेनिकल खराबी आ गई थी। इसके बाद बस को मरम्मत के लिए सूरजपुर की एक वर्कशॉप में ले जाया गया था। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद ड्राइवर और कंडक्टर खाली बस लेकर तिमारपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने परी चौक के पास छात्रा को देखा।

करीब 47 किलोमीटर तक चली बस

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, परी चौक से कश्मीरी गेट तक बस ने करीब 47 किलोमीटर की दूरी तय की। बस स्लीपर कोच थी। उसमें यात्रियों की सीट/बर्थ के आसपास पर्दे लगे हुए थे। पुलिस के अनुसार, इन पर्दों की वजह से बाहर से बस के अंदर क्या हो रहा था, उसे देख पाना मुश्किल था।

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फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया कि स्लीपर बस पर्दों वाली थी, इसलिए बाहर से गुजरने वाले लोग बस के अंदर हो रही गतिविधियों को नहीं देख पाए।

Toxic box office collection day 5: यश स्टारर ने 214 करोड़ का आंकड़ा पार किया, ‘जन नायकन’ से निकली आगे

Toxic box office collection day 5: गीतू मोहनदास और यश की फ़िल्म ‘Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups’ बुधवार को बड़ी उम्मीदों के साथ सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई। रिलीज़ के पहले दिन, यश की इस फ़िल्म ने भारत में बॉक्स ऑफ़िस पर ₹101 करोड़ से ज़्यादा की कमाई की और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की ओपनिंग का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इतनी ज़बरदस्त शुरुआत को देखते हुए उम्मीद थी कि यह फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर कई रिकॉर्ड तोड़ेगी। हालांकि, दूसरे दिन ‘Toxic’ की कमाई में भारी गिरावट आई और तब से इसकी रोज़ाना की कमाई लगातार घटती जा रही है।

Toxic का 5वें दिन का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

ट्रेड ट्रैकर Sacnilk के अनुसार, Toxic ने रविवार को भारत में ₹23 करोड़ का नेट कलेक्शन किया। इससे फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन अब तक ₹214.10 करोड़ हो गया है। रविवार को फिल्म की कुल थिएटर ऑक्यूपेंसी 25.3% रही और इसे 16,241 शो में दिखाया गया। शनिवार के ₹25.15 करोड़ के मुकाबले रविवार के कलेक्शन में लगभग 8.5% की मामूली गिरावट देखी गई। हालांकि फिल्म ने भारत में नेट कलेक्शन के मामले में ₹200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है, लेकिन रिकॉर्ड ओपनिंग के बाद से इसके रोज़ाना के कलेक्शन में लगातार गिरावट आ रही है।

Toxic का 5वें दिन भाषा के हिसाब से कलेक्शन

भाषा के हिसाब से देखें तो, Toxic के सबसे ज़्यादा शो हिंदी में थे, जिनकी संख्या 11,734 थी। हिंदी वर्शन ने ₹14.50 करोड़ कमाए और 24% ऑक्यूपेंसी दर्ज की। वहीं, कन्नड़ वर्शन ने सिर्फ़ 1,297 शो से ₹6.40 करोड़ का नेट कलेक्शन किया और शानदार 50% ऑक्यूपेंसी हासिल की। ​​तेलुगु भाषा में रिलीज़ हुई फिल्म ने 1,541 शो से ₹1.40 करोड़ का नेट कलेक्शन किया और 23% ऑक्यूपेंसी रही, जबकि तमिल भाषा के शो से ₹0.60 करोड़ का नेट कलेक्शन हुआ (1,416 शो से)। मलयालम वर्शन ने 253 शो से ₹0.10 करोड़ का नेट कलेक्शन किया।

Toxic का अब तक का प्रदर्शन

Toxic ने पहले दिन भारत में ₹101.10 करोड़ के ज़बरदस्त नेट कलेक्शन के साथ अपनी थिएटर यात्रा शुरू की। हालांकि, गुरुवार को फिल्म के कलेक्शन में भारी गिरावट आई और इसने ₹37.65 करोड़ कमाए, जो पहले दिन के आंकड़े से 62.8% कम था।

शुक्रवार को भी गिरावट का यह सिलसिला जारी रहा और फिल्म ने ₹27.20 करोड़ का कलेक्शन किया। शनिवार को Toxic के कलेक्शन में और गिरावट आई और इसने भारत में ₹25.15 करोड़ का नेट कलेक्शन किया।

Toxic ने ‘जना नायकन’ और ‘करुप्पु’ के लाइफटाइम इंडिया नेट कलेक्शन को पीछे छोड़ा

Toxic ने यश की पिछली ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘KGF चैप्टर 2’ के मुकाबले भारत में रिलीज़ के शुरुआती पांच दिनों में हुई कमाई का आधे से भी कम कलेक्शन किया है। KGF चैप्टर 2 ने रिलीज़ के पांच दिनों के अंदर भारत में ₹430.15 करोड़ का नेट कलेक्शन किया था।

वहीं, ‘टॉक्सिक’ ने सूर्या की ‘करुप्पु’ (जिसने ₹198.18 करोड़ कमाए थे) और विजय की ‘जाना नायकन’ (जिसने ₹198.22 करोड़ कमाए थे) के भारत में लाइफटाइम नेट कलेक्शन के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है।

‘टॉक्सिक’ के बारे में

गीतू मोहनदास की डायरेक्ट की गई फ़िल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में यश मुख्य भूमिका में हैं। उनके साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत, हुमा कुरैशी और अक्षय ओबेरॉय भी हैं।

Silver Price 31 August: चांदी हुई महंगी या सस्ती? जानें आज का ताजा भाव और शहरवार रेट

सोमवार, 31 अगस्त 2026 को सुबह करीब 6:30 बजे Bullion.co.in के अनुसार चांदी की कीमत ₹2,42,190 प्रति किलोग्राम रही। वहीं, 925 स्टर्लिंग सिल्वर का भाव ₹2,24,026 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। निवेशकों और चांदी खरीदने वालों के लिए आज के रेट खास हैं, क्योंकि पिछले कुछ दिनों में कीमती धातु की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

एक महीने में चांदी करीब 11% चढ़ी

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 999 फाइन चांदी की कीमत में पिछले एक महीने के दौरान 11 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, एक साल की अवधि में चांदी का भाव करीब 100 फीसदी तक बढ़ चुका है। यानी लंबी अवधि में चांदी ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है।

बड़े शहरों में चांदी के दाम

देश के अलग-अलग शहरों में चांदी की कीमत में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। प्रमुख शहरों में 999 फाइन चांदी के रेट इस प्रकार हैं:

मुंबई: ₹2,41,760 प्रति किलो

दिल्ली: ₹2,41,340 प्रति किलो

चेन्नई: ₹2,42,460 प्रति किलो

कोलकाता: ₹2,41,440 प्रति किलो

बेंगलुरु: ₹2,41,950 प्रति किलो

हैदराबाद: ₹2,42,140 प्रति किलो

इन आंकड़ों के अनुसार, दिए गए प्रमुख शहरों में चेन्नई में चांदी सबसे महंगी और दिल्ली में सबसे सस्ती रही।

रविवार को नहीं हुआ था कारोबार

30 अगस्त, रविवार को घरेलू बुलियन मार्केट में नियमित कारोबार नहीं हुआ था। इसलिए उस दिन चांदी के कोई नए क्लोजिंग रेट जारी नहीं किए गए। इससे पहले 28 अगस्त को आखिरी कारोबारी सत्र में चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।

दिल्ली के सर्राफा बाजार में 999 शुद्धता वाली चांदी ₹5,000 की गिरावट के साथ ₹2,45,500 प्रति किलोग्राम पर आ गई थी। इससे पहले इसका भाव ₹2,50,500 प्रति किलो था।

खरीदारी से पहले चेक करें ताजा रेट

चांदी की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार, मांग-सप्लाई और बाजार की स्थिति के आधार पर लगातार बदल सकती है। इसके अलावा अलग-अलग शहरों में टैक्स, स्थानीय शुल्क और अन्य लागत के कारण कीमत में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए चांदी खरीदने से पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर जांच लें।

Gold Price Today: सप्ताह के पहले दिन सोना कमजोर, दिल्ली से लेकर चेन्नई तक गिरा भाव

Nepal Flash Flood: तबाही के बाद नेपाल में फिर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा, भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ा, जारी हुआ अलर्ट

Nepal Flash Flood: नेपाल में 26 अगस्त को आए विनाशकारी बाढ़ ने सबकुछ तबाह कर दिया। बाढ़ में अब तक कम से कम 800 लोगों के मरने की खबर है वहीं हजारों लोग लापता है। अभी लोग इस तबाही से उबर भी नहीं पाए हैं कि नेपाल में एक बार फिर बाढ़ का खतरे का अलर्ट आने लगा। भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद अधिकारियों ने रविवार को नई चेतावनी जारी की है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित जगह पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। वहीं, राहत और बचाव टीमें पहले आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रही हैं।

लोगों को भेजा जा रहा अलर्ट

रविवार सुबह लोगों के मोबाइल पर बाढ़ को लेकर चेतावनी मैसेज भेजे जा रहे है। इसके बाद से पहले से प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता और बढ़ गई। वहींलगातार मिल रही अलग-अलग चेतावनियों के कारण प्रभावित गांवों के लोगों के बीच भी डर और असमंजस का माहौल बना हुआ है। इसी बीच राहत और बचाव दल काठमांडू को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से जोड़ने वाले प्रमुख हाईवे को फिर से खोलने में जुटे हुए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।

चीन से मिली जानकारी

नेपाल में बाढ़ को लेकर जारी नई चेतावनी चीन से मिली ताजा जानकारी के बाद जारी की गई है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रमुख धर्म राज उप्रेती ने बताया कि ऊपरी इलाकों में पानी का बहाव बढ़ने की सूचना मिली है। इसके बाद नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है। न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, करीब 5.6 किलोमीटर दूर बना एक बड़ा गड्ढा अब भी चिंता का कारण बना हुआ है, जिसमें बड़ी मात्रा में पानी जमा है। अधिकारियों ने इसकी स्थिति पर लगातार नजर रखने की बात कही है।

लापता लोगों की तलाश जारी

26 अगस्त को आए बाढ़ और भूस्खलन ने नेपाल के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है और बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। आपदा एजेंसी के अनुसार, देश में मृतकों की संख्या बढ़कर 788 हो गई है, जबकि 2,502 लोग अब भी लापता हैं। वहीं, चीन की सीमा से लगे प्रभावित क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ है, जहां अधिकारियों ने 16 लोगों की मौत और 546 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। राहत और बचाव अभियान के बीच लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है।

ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने से आई बाढ़

नेपाल और तिब्बत में आई भीषण बाढ़ के बाद सैकड़ों विदेशी नागरिकों के लापता होने की खबर है। इनमें कई लोग नौकरी, पहाड़ों की यात्रा और धार्मिक यात्रा के लिए हिमालयी क्षेत्र में पहुंचे थे। बताया जा रहा कि ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने और बड़ी मात्रा में पानी व मलबा नीचे आने से नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव की चपेट में आने से कई घर, पुल और अन्य ढांचे बह गए, जिससे नेपाल और तिब्बत के कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है।

Mohan Bhagwat Canada Visit: ‘हिंदू जागे तो दुनिया जागेगी’, कनाडा में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने दिया एकता का संदेश

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : US में बॉन्ड यील्ड बढ़ने और क्रूड में उछाल से भारतीय बाजार के सेंटिमेंट कमजोर दिख रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी 100 प्वाइंट से ज्यादा नीचे आ गया है। शुक्रवार को FIIs की कैश और वायदा मिलाकर 5600 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली देखने को मिली। इनके नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट फिर दो लाख के पार चले गए हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

28 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए और लगातार दो दिनों की गिरावट का सिलसिला खत्म होगा। IT शेयरों में बढ़त की वजह से निफ्टी 24,150 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा था। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 330.92 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर 77,264.51 पर और निफ्टी 84.80 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 24,175.65 पर बंद हुआ। वीकली बेसिस पर देखें तो मार्केट में लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट जारी रही। बीते हफ्ते BSE सेंसेक्स और निफ्टी50 दोनों में 0.3% की गिरावट आई। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा और निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में बहुत कम बदलाव के साथ कारोबार खत्म हुआ

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

28 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 5,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर बेचे,लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 5,183 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर इसकी भरपाई कर दी और लगातार 14वें दिन भी खरीदारी जारी रखी।

Stock Market LIVE Updates : GIFT Nifty से मिल रहे कमजोर शुरुआत के संकेत, US और एशियाई बाजारों में गिरावट

एशियाई करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसी में मिला-जुला असर दिख रहा है। इंडोनेशियाई रुपिया 0.29% और जापानी येन 0.09% मजबूत हुए हैं। दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.04% की गिरावट आई है,जबकि फिलीपींस पेसो 0.10% कमजोर हुआ है। थाई बाहत 0.19% और ताइवान डॉलर 0.17% गिरे हैं। चीनी रेनमिनबी में 0.14% की नरमी आई हैं,जबकि मलेशियाई रिंगित 0.20% टूटा है। सिंगापुर डॉलर भी 0.02% नीचे आया है।

वेस्ट एशिया टेंशन और बढ़ी

वेस्ट एशिया टेंशन और बढ़ गई है। लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान का पलटवार हुआ है। ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान के सुप्रीम लीडर र्मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि डॉलर की भूमिका धीरे-धीरे खत्म करने की जरूरत है। इधर क्रूड 90 डॉलर के पार चला गया है।

US फेड चेयरमैन ने दिए दरें बढ़ाने के संकेत, बॉन्ड यील्ड 4.7 के पार, डॉलर इडेक्स में उछाल

US फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि महंगाई लक्ष्य से ज्यादा रही तो कदम उठाने पड़ेंगे। इस बयान के बाद बॉन्ड यील्ड 4.7 के पार चली गई है। डॉलर इंडेक्स में भी उछाल आया है। सोना-चांदी ठंडे पड़े हैं। अमेरिकी बाजार भी कमजोरी के साथ बंद हुए। वहीं एशिया भी कमजोर दिख रहा है। निक्केई और कॉस्पी 2% फिसले हैं।

सबसे बड़े IPO का रास्ता हुआ साफ

देश के सबसे बड़े IPO का रास्ता साफ हो गया है। सेबी ने जियो प्लैटफॉर्म्स के IPO को मंजूरी दे दी है। जियो प्लैटफॉर्म्स 27 करोड़ फ्रेश शेयर जारी करेगी। इस रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में होगा।

HDFC बैंक से रिटायर होंगे शशिधर जगदीशन

शशिधर जगदीशन दोबारा HDFC बैंक के MD&CEO नहीं बनेंगे। ये 26 अक्टूबर को रिटायर होंगे। उन्होंने कहा है कि वे दोबारा नियुक्ति नहीं चाहते। उन्होंने बैंक के बोर्ड से कहा है कि उत्तराधिकारी तलाश करने का प्रोसेस तेज किया जाए।

सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान का विरोध

ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज की और से बड़ी खबर आई है। सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान का विरोध किया गया है। NCLT के फैसले को कैनरा, HDFC बैंक और LIC हाउसिंग फाइनेंस चुनौती देंगे।

MSCI की आज रीबैलेंसिंग

आखिरी आधे घंटे में आज MSCI की रीबैलेंसिंग होगी। लॉरस लैब्स,लेंसकार्ट,अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और ग्रो शामिल होंगे। वहीं बालकृष्ण इंडस्ट्रीज, SBI कार्ड्स और एस्ट्रल बाहर होंगे। MSCI में भारत के वेटेज में भी हल्की बढ़त होगी।

LPG Price 31 August 2026: महीने के आखिरी दिन जानें गैस सिलेंडर का ताजा भाव, दिल्ली-मुंबई समेत इन शहरों में कितनी है कीमत

LPG Price Today: 31 अगस्त 2026 को LPG सिलेंडर की कीमतों पर सबकी नजर है। हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के दामों में बदलाव करती हैं। ऐसे में आज 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर और 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं और कारोबारियों में खास दिलचस्पी है।

घरेलू LPG की कीमत का सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ता है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर के दाम होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और दूसरे कारोबारों की लागत को प्रभावित करते हैं।

दिल्ली, मुंबई और बड़े शहरों में LPG का भाव

दिल्ली में घरेलू 14.2 किलो LPG सिलेंडर की कीमत ₹942 है, जबकि मुंबई में यह ₹941.50 में उपलब्ध है।फिलहाल 1 सितंबर 2026 के नए LPG रेट जारी होने का इंतजार है। नए दाम सामने आने तक ग्राहकों को पिछले महीने लागू कीमतों के आधार पर ही सिलेंडर मिल रहा है। शहर के हिसाब से LPG की कीमत अलग हो सकती है, इसलिए बुकिंग से पहले अपने शहर का मौजूदा रेट जरूर जांच लें

शहरघरेलू LPG (14.2 किलो)कमर्शियल LPG (19 किलो)
कोलकाता₹968.00₹2,872.50
मुंबई₹941.50₹2,691.50
चेन्नई₹957.50₹2,906.00
गुड़गांव₹950.50₹2,755.00
नोएडा₹939.50₹2,738.00
बैंगलोर₹944.50₹2,821.00
भुवनेश्वर₹968.00₹2,908.00
चंडीगढ़₹951.50₹2,760.00
हैदराबाद₹994.00₹2,985.00
जयपुर₹945.50₹2,765.50
लखनऊ₹979.50₹2,860.50
पटना₹1,031.50₹3,018.00
तिरुवनंतपुरम₹951.00

जून में बढ़े थे घरेलू LPG के दाम

घरेलू LPG की कीमतों में आखिरी बड़ा बदलाव जून 2026 में देखने को मिला था। उस समय तेल कंपनियों ने 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में ₹29 की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद दिल्ली में घरेलू LPG का भाव ₹913 से बढ़कर ₹942 हो गया था।

जून के बाद घरेलू सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसलिए सितंबर में भी लोगों की नजर इस बात पर है कि क्या तेल कंपनियां घरेलू LPG के दाम में कोई बदलाव करती हैं।

अगस्त में कमर्शियल LPG हुआ था सस्ता

कमर्शियल LPG सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों को 1 अगस्त को राहत मिली थी। तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमतों में अलग-अलग शहरों में करीब ₹192 से ₹209 तक की कटौती की थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी को इसका प्रमुख कारण माना गया था।

सितंबर में LPG के दाम पर क्यों है नजर?

LPG की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और गैस बाजार के साथ-साथ रुपये की स्थिति और वैश्विक सप्लाई का भी असर पड़ता है। मध्य-पूर्व में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग गतिविधियों में आई कमी के कारण आने वाले समय में तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई पर दबाव बढ़ने की आशंका है। ऐसे में 1 सितंबर के बाद भी LPG की कीमतों में संभावित बदलाव पर लोगों की नजर बनी रहेगी। सिलेंडर बुक करने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर चेक करें।

Mohan Bhagwat Canada Visit: ‘हिंदू जागे तो दुनिया जागेगी’, कनाडा में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने दिया एकता का संदेश

Mohan Bhagwat Canada Visit: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कनाडा के टोरंटो में आयोजित ‘हिंदू विश्व बंधु-एम्ब्रेस द वर्ल्ड इन फ्रेंडशिप’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिंदू पहचान, विविधता, एकता और भारत की सभ्यतागत सोच पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि हिंदू शब्द को किसी एक भाषा, पूजा पद्धति या जीवनशैली तक सीमित नहीं किया जा सकता। हिंदू विचारधारा की मूल भावना अलग-अलग विविधताओं को स्वीकार करने और उनमें मौजूद एकता को पहचानने की है।

मोहन भागवत ने आगे कहा कि हिंदू की पहचान किसी खास भाषा, पूजा के तरीके या जीवन जीने की शैली से तय नहीं होती। उन्होंने कहा कि हिंदू विचार सभी को स्वीकार करने और सभी का सम्मान करने की भावना पर आधारित है।

उन्होंने कहा, “जब मैं हिंदू कहता हूं तो हिंदू शब्द को किसी विशेष भाषा, किसी विशेष पूजा या किसी विशेष जीवनशैली से परिभाषित नहीं किया जा सकता।” भागवत ने जोर देकर कहा कि हिंदू विचारधारा में ‘सबका सम्मान और सबकी स्वीकृति’ का भाव है।

‘विविधता स्वाभाविक है, एकता वास्तविकता’

RSS प्रमुख ने भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता का जिक्र करते हुए कहा कि देश में जाति, पंथ और भाषाओं की अनेकता हमेशा से रही है। उनके मुताबिक, अलग-अलग होना स्वाभाविक है, लेकिन एकता मूल वास्तविकता है।

उन्होंने कहा, “कई जातियां हैं, कई पंथ हैं, कई भाषाएं हैं। सब कुछ अनेक है। विविधता स्वाभाविक है, जबकि एकता वास्तविकता है।” भागवत ने कहा कि भारत की प्राचीन सभ्यतागत सोच यह सिखाती है कि विविधता को एकता के लिए खतरा नहीं माना जाना चाहिए। बल्कि उसका सम्मान और संरक्षण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विविधता एकता की अभिव्यक्ति है। यही विविधता समाज को सुंदर बनाती है।

‘हिंदू जागे तो दुनिया जागेगी’

मोहन भागवत ने अपने संबोधन में सेवा और मानवता की भावना को भी हिंदू विचार से जोड़ा। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा जरूरतमंदों की मदद करने की रही है और कई बार भारत ने बिना मांगे भी दूसरों की सहायता की है। उन्होंने कहा, “जब भी दुनिया में कहीं भारत से मदद मांगी गई, भारत ने कभी मना नहीं किया। बल्कि बिना मांगे भी मदद का हाथ बढ़ाया। यही भारत की परंपरा और उसका डीएनए है।”

इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि आपने यह बात सुनी होगी कि अगर हिंदू जागता है तो दुनिया जागती है। भागवत ने कहा कि हिंदू आध्यात्मिक परंपरा लोगों को विविधता के भीतर एकता देखने की सीख देती है। इसमें केवल मनुष्यों ही नहीं। बल्कि जीव-जंतुओं और निर्जीव प्रकृति के साथ भी जुड़ाव की भावना पर जोर दिया जाता है।

‘वसुधैव कुटुंबकम’ का किया जिक्र

RSS प्रमुख ने अपने भाषण में भारत की प्राचीन अवधारणा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे पूरी दुनिया को एक परिवार मानने वाली सोच बताया। उन्होंने कहा कि खुले विचारों वाले और ज्ञान रखने वाले लोग इस विचार को स्वीकार करते हैं कि पूरी पृथ्वी एक परिवार है। भागवत के मुताबिक, इंसानों के बीच बाहरी रूप-रंग को लेकर भले ही अंतर दिखाई दे। लेकिन मूल रूप से सभी एक हैं। इसी सोच से दूसरों की सेवा करने का दायित्व पैदा होता है। उन्होंने कहा, “दूसरों की सेवा करना हमारा कर्तव्य है। हमने यह ज्ञान प्राप्त किया है, जो हमें स्थायी खुशी और संतुष्टि देता है।”

‘भारत विश्वगुरु बना, महाशक्ति बनकर नहीं’

मोहन भागवत ने भारत के वैश्विक प्रभाव की तुलना केवल सैन्य या आर्थिक ताकत से करने के बजाय सेवा और मानवीय मूल्यों से की। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया पर अपना प्रभाव किसी सुपरपावर के रूप में नहीं बनाया, बल्कि अपने चरित्र और दुनिया की सेवा के कारण ‘विश्वगुरु’ बना। उन्होंने कहा, “कोई भारत को सुपरपावर कह सकता है, लेकिन भारत सुपरपावर नहीं था। उसने दुनिया की सेवा की और अपने चरित्र के कारण ‘विश्वगुरु’ बना, ‘महाशक्ति’ नहीं।”

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश शरणार्थियों का उदाहरण

भागवत ने भारत की शरण देने की परंपरा को समझाने के लिए इतिहास के कई उदाहरण दिए। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश शरणार्थियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब पोलैंड के लोग युद्ध और संकट के कारण परेशान थे, तब जामनगर के महाराजा ने उन्हें शरण और सुरक्षा दी। उन्हें तब तक संरक्षण दिया गया, जब तक वे सुरक्षित रूप से अपने देश लौटने की स्थिति में नहीं आ गए।

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न्होंने भारत की हालिया मानवीय सहायता का भी उदाहरण दिया। भागवत ने मध्य-पूर्व के एक युद्ध क्षेत्र से भारतीय नागरिकों की निकासी का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सैन्य विमानों ने न केवल भारतीयों बल्कि सात अन्य देशों के नागरिकों को भी सुरक्षित निकाला।

IMD Weather Update: अगले 24 घंटों में आसमान से होगी आफत की बारिश! IMD का अलर्ट, 18 राज्यों में होगी भारी बरसात

IMD Weather Update: पिछले कुछ दिनों से देश के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला बना हुआ है। वहीं राज्यों के लोगों को अभी बारिश से राहत नहीं मिलने वाली है। अब मौसम विभाग ने आने वाले कुछ घंटों के लिए नया अलर्ट जारी किया है। IMD के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार समेत 18 राज्यों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है। बारिश के साथ कई इलाकों में 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। इसके अलावा कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। आईएमडी ने मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बंगाल की खाड़ी में बने मौसम सिस्टम का असर पूर्वी और मध्य भारत में दिख सकता है। कई राज्यों में तेज बारिश के साथ जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा है। तेज हवाओं से पेड़ और कमजोर ढांचे भी प्रभावित हो सकते हैं। आइए जानते हैं कैसा होगा आज का मौसम

इन राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग ने आने वाले समय के लिए कई राज्यों में बारिश को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में अगले 24 घंटे के दौरान अचानक बाढ़ की स्थिति बनने का खतरा है। इसके अलावा पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल समेत कई राज्यों में हल्की से तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम बिगड़ सकता है। लोगों को भारी बारिश के दौरान जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कैसा होगा यूपी-दिल्ली का मौसम

दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में मौसम अगले कुछ दिनों तक बदला हुआ नजर आ सकता है। राजधानी दिल्ली में आज आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है, जबकि आने वाले दिनों में हल्की बारिश के साथ तेज हवा और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। वहीं उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर तेज होने की उम्मीद है। पूर्वी और पश्चिमी यूपी के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को बारिश और आंधी के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

US-Iran War: अमेरिका का ईरान पर फिर बड़ा हमला, होर्मुज स्ट्रेट में की जमकर बमबारी, तेहरान ने जॉर्डन के अमेरिकी ठिकानों पर दागी मिसाइलें

US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका ने एक बार फिर से होर्मुज स्ट्रेट में ईरान पर जमकर बमबारी की है। अमेरिका ने ईरान के लारक द्वीप (Larak Island) पर हमला कर वहां मौजूद दो मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाया है। इसके बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया है। यह करीब एक महीने में अमेरिका की ईरान के खिलाफ पहली मिलिट्री एक्शन है।

इस हमले से फरवरी से रुक-रुक कर चल रही लड़ाई में आई शांति टूट गई है। ईरान ने इसे जानलेवा हमला बताते हुए बदला लेने की घोषणा की है। इससे एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी हमले को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह जुलाई के अंत के बाद ईरान पर अमेरिका का पहला बड़ा हमला है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कमांडर टिम हॉकिन्स ने CBS News को बताया कि IRGC की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। BBC के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने देखा था कि ईरानी बल होर्मुज जलडमरूमध्य में रॉकेट और समुद्री बारूदी सुरंगें (Sea Mines) लॉन्च करने की तैयारी कर रहे थे।

लारक द्वीप पर क्यों हुआ हमला?

लारक द्वीप ईरान के महत्वपूर्ण बंदरगाह बंदर अब्बास के बिल्कुल करीब स्थित है। यह रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य के बीचों-बीच आता है। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान फिलहाल इस इलाके से गुजरने वाले टैंकरों को लारक द्वीप के पास से होकर जाने और जांच कराने के लिए मजबूर कर रहा है।

कुछ जहाजों से कथित तौर पर 20 लाख डॉलर तक का शुल्क लिए जाने की बात भी सामने आई है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान की ओर से समुद्री सुरंगें बिछाने की तैयारी को देखते हुए लारक द्वीप पर मौजूद लॉन्चरों को निशाना बनाया गया।

ईरान ने दी बदले की धमकी

ईरानी सेना IRGC ने अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की है। इसे ट्रंप प्रशासन की बड़ी रणनीतिक और घातक गलती बताया। IRGC के प्रवक्ता होसैन मोहेब्बी ने कहा कि इस गलत आकलन की कीमत अमेरिका को आर्थिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर चुकानी पड़ेगी। ईरान की IRGC से जुड़े तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, लारक द्वीप पर हमला ड्रोन के जरिए किया गया। एजेंसी ने दावा किया कि हमले में दो लोगों की मौत हुई है। जबकि दो अन्य घायल हुए हैं। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया।

जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमला

ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, IRGC ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों किंग हुसैन और अल-अजराक को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। IRGC का दावा है कि इन हमलों में अमेरिकी ठिकानों के तकनीकी ढांचे, रखरखाव सुविधाओं और लड़ाकू विमानों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। वहां भारी नुकसान हुआ है।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने देश के हवाई क्षेत्र में घुसी आठ मिसाइलों को रोक लिया है। जॉर्डन की सरकारी न्यूज एजेंसी पेट्रा के अनुसार, सेना के प्रवक्ता ने बताया कि ये मिसाइलें सोमवार तड़के देश के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई थीं।

ट्रंप ने दी थी समुद्री सुरंगों पर चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में बिछाई गई सभी समुद्री बारूदी सुरंगों को या तो नष्ट कर दिया गया है या हटा दिया गया है। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी थी कि यदि ईरान ने दोबारा किसी जहाज या नाव के जरिए नई सुरंगें बिछाने की कोशिश की तो उसे नष्ट कर दिया जाएगा। हालांकि, ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने ट्रंप के इस दावे को ‘प्रचार और भ्रम फैलाने वाली बात’ बताया है।

ईरान पर बढ़ रहा आर्थिक दबाव

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव के साथ-साथ आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है। अमेरिका ने 24 अगस्त को ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों का ऐलान किया था। इनका उद्देश्य ईरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अलग-थलग करना तथा उसके सहयोगी देशों पर सेकेंडरी प्रतिबंधों का दबाव बढ़ाना है। ईरानी अधिकारियों और सरकारी मीडिया ने इन प्रतिबंधों को पहले से जारी अमेरिकी आर्थिक दबाव का ही विस्तार बताया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका सैन्य संघर्ष में असफल रहने के बाद आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है। युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया के कुल इस्तेमाल होने वाले तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का करीब 20% हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता था। इसलिए इस इलाके में किसी भी तरह का सैन्य टकराव या समुद्री ट्रैफिक में रुकावट का असर सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि वैश्विक तेल कीमतों, शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

छह महीने से जारी है ईरान युद्ध

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य हमले शुरू किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों को निशाना बनाया था। इस संघर्ष के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री ट्रैफिक लगभग बंद हो गया था।

अब लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले और उसके बाद जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी जवाबी कार्रवाई ने इस लंबे संघर्ष को एक बार फिर गंभीर मोड़ पर ला दिया है। सबसे बड़ी टेंशन यह है कि होर्मुज में फिर से सैन्य टकराव बढ़ा तो इसका सीधा असर दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार पर पड़ सकता है।

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