KPSC Exam Scam: भर्ती परीक्षा धांधली में बड़ा एक्शन! IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र गंगवार गिरफ्तार, कौन हैं ये?

KPSC Exam Scam: कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद उन्हें फर्स्ट एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के आवास पर उनके सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि बाद में उन्हें परप्पना अग्रहारा जेल ले जाया गया। सूत्रों के अनुसार, जज ने निर्देश दिया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी गंगवार को सोमवार 31 को अदालत में पेश किया जाए।

सीआईडी उनकी हिरासत की मांग कर सकती है। इससे पहले सीआईडी अधिकारियों ने शुक्रवार और शनिवार को गंगवार से पूछताछ की। वह जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए जारी नोटिस के जवाब में पहुंचे थे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, गंगवार से पूछताछ इसलिए की जा रही थी क्योंकि वह फरवरी 2024 से मार्च 2026 तक कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में परीक्षा नियंत्रक (Controller of Examinations) पद पर तैनात थे।

MSME के डायरेक्टर पद पर थे तैनात

उन्होंने बताया कि जांच में सहयोग नहीं करने के आरोप में उन्हें हिरासत में लिया गया। 2016 बैच के आईएएस अधिकारी गंगवार फिलहाल उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) के निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। सीआईडी भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। इसमें परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड और ओएमआर शीट के रखरखाव तथा इसमें शामिल अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

ED रेड के निशाने पर आए IAS

सूत्रों के अनुसार, सीआईडी आगे की जांच के लिए गंगवार को संबंधित अदालत में पेश कर उनकी हिरासत की मांग कर सकती है। हाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से केपीएससी में कथित अनियमितताओं के संबंध में छापेमारी किए जाने के बाद अधिकारी के पता-ठिकाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।

इसके बाद राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने कहा था कि गंगवार ने उन्हें सूचित किया था कि वह अपने पिता की तबीयत से जुड़ी आपात स्थिति के कारण उत्तर प्रदेश स्थित अपने पैतृक गांव गए थे। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने भी इस अधिकारी से जुड़े परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था। अधिकारियों के अनुसार, केपीएससी से जुड़ी अनियमितताओं के मामले में सीआईडी और ईडी द्वारा अलग-अलग जांच की जा रही है।

भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की जांच तेज

KPSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर CID की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है। इसी क्रम में गंगवार से भी दो दिनों तक पूछताछ की गई।

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अब उनकी गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित अनियमितताओं में उनकी क्या भूमिका थी और परीक्षा प्रक्रिया में किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं। फिलहाल IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार न्यायिक हिरासत में हैं। फिलहाल, मामले की जांच CID के स्तर पर जारी है।

HDFC Bank Share Price: MD और CEO पर नए ऐलान से दिखी 3% तक तेजी, अब ब्रोकरेज का क्या है नजरिया

HDFC Bank के मौजूदा मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) शशिधर जगदीशन अपना कार्यकाल (टर्म) खत्म होने के बाद फिर से नियुक्ति नहीं चाहते हैं। उनका टर्म 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। इस ऐलान के बाद 31 अगस्त को दिन में बैंक के शेयर में करीब 3 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। बीएसई पर शेयर 739.50 रुपये के हाई तक गया। कई ब्रोकरेज फर्मों ने मैनेजमेंट में संभावित बदलाव को लेकर सकारात्मक रुख बरकरार रखा है। लेकिन नए CEO की नियुक्ति को लेकर निकट भविष्य की अनिश्चितता के कारण सावधान भी हैं।

HDFC Bank ने नए MD और CEO की तलाश शुरू कर दी है। कहा है कि उसका बोर्ड उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया में तेजी लाएगा। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, बैंक को उम्मीद है कि वह जगदीशन के 26 अक्टूबर को रिटायर होने से पहले ही अपने नए CEO की नियुक्ति कर लेगा। HDFC Bank के नए MD और CEO के रोल के लिए इंटरनल और एक्सटर्नल दोनों तरह के कैंडिडेट्स पर विचार किया जा रहा है।

HDFC Bank स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज फर्मों के रुख की बात करें तो HDFC Bank पर कवरेज करने वाले एनालिस्ट्स इस डेवलपमेंट को लेकर बंटे हुए हैं। बर्नस्टीन ने बैंक के स्टॉक के लिए ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 1,150 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज लीडरशिप में बदलाव को सकारात्मक मानता है। उसका कहना है कि नया CEO बैंक की कहानी को नए सिरे से पेश करने का स्वाभाविक मौका दे सकता है।

जेपी मॉर्गन ने भी स्टॉक पर अपनी ‘ओवरवेट’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 990 रुपये तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि इस घटनाक्रम का असर निकट भविष्य में स्टॉक पर पड़ सकता है, लेकिन समय पर उत्तराधिकार की प्रक्रिया पूरी होने से नेतृत्व को लेकर बनी अनिश्चितता कम हो सकती है। निवेशकों का भरोसा बहाल करने के लिए नेट इंटरेस्ट इनकम (शुद्ध ब्याज आय) में बढ़ोतरी का फिर से शुरू होना काफी मायने रखता है है।

एक्सिस कैपिटल ने ‘बाय’ कॉल के साथ 1,030 रुपये का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि जगदीशन के फैसले से दूसरे कार्यकाल के छोटा होने की आशंका खत्म हो गई है। नए उत्तराधिकारी को पूरे 3 साल का कार्यकाल मिल सकता है।

IIFL, जेफरीज, ICICI सिक्योरिटीज की क्या राय

IIFL ने जगदीशन के फैसले को न्यूट्रल से थोड़ा पॉजिटिव बताया है। तर्क है कि इससे रेगुलेटरी मंजूरी मिलने पर अगला कार्यकाल छोटा होने का जोखिम खत्म हो जाता है। हालांकि कैजाद भरूचा एक संभावित इंटरनल कैंडिडेट (अंदरूनी उम्मीदवार) हो सकते हैं, लेकिन IIFL का कहना है कि कार्यकाल की पाबंदियों के कारण उन्हें काम करने के लिए कम समय मिल सकता है। भरूचा का HDFC Bank के बोर्ड में फुल-टाइम डायरेक्टर के तौर पर 15 साल का कार्यकाल 2029 में खत्म होगा। इसके चलते उन्हें टॉप पोजिशन पर बहुत कम मौका मिलेगा। कहा जा रहा है कि यह उनके नाम पर विचार करने में रुकावट बन सकता है। IIFL के मुताबिक, इसके उलट कोई भरोसेमंद बाहरी उम्मीदवार लीडरशिप में एक नई शुरुआत और लंबा कार्यकाल दे सकता है।

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अन्य ब्रोकरेज ने इस बदलाव को लेकर ज्यादा सावधानी भरा रुख अपनाया है। जेफरीज ने ‘बाय’ रेटिंग तो बनाए रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस को 1,050 रुपये से घटाकर 880 रुपये कर दिया है। FY27-29 के लिए कमाई के अनुमानों में भी 3-3 प्रतिशत की कटौती की है। ब्रोकरेज का मानना है कि नेतृत्व में बदलाव से बैंक के रेवेन्यू की रफ्तार, खासकर डिपॉजिट जुटाने और फीस से होने वाली आय पर असर पड़ सकता है। साथ ही बढ़ती अनिश्चितता से बैंक की कॉस्ट ऑफ इक्विटी बढ़ सकती है और वैल्यूएशन पर दबाव पड़ सकता है।

जेफरीज का कहना है कि इन सबके बावजूद HDFC Bank की वैल्यूएशन इतनी ज्यादा नहीं है कि रेटिंग घटाई जाए। ICICI सिक्योरिटीज ने भी अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस 1,020 रुपये से घटाकर 920 रुपये प्रति शेयर कर दिया है।

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LAC के पास भारत को मिलेगा दूसरा रणनीतिक रूट; जानिए हूरी-टाक्सिंग रोड प्रोजेक्ट कैसे काउंटर करेगा चीन को

अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने हुरी से ताक्सिंग तक करीब 95 किलोमीटर लंबी नई सड़क के लिए विस्तृत योजना तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चीन सीमा के करीब स्थित ताक्सिंग तक पहुंचने के लिए ये सड़क बेहद अहम मानी जा रही है। इसके बनने से दूरदराज के इलाकों में आवाजाही आसान होने के साथ सीमावर्ती क्षेत्र में जरूरी सामान और सेवाएं पहुंचाने में भी मदद मिल सकती है।

सीमावर्ती इलाके में होगा बेहतर संपर्क

CNN-News18 के मुताबिक, बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने हुरी से ताक्सिंग तक प्रस्तावित सड़क को लेकर आगे की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सड़क की व्यवहारिकता जांचने के साथ डिटेल्ड परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की योजना है। करीब 95.35 किलोमीटर लंबी ये नई सड़क पूरी तरह नए रास्ते पर बनाई जाएगी और इसे ‘प्रोजेक्ट अरुणांक’ के तहत विकसित किया जाना है। अधिकारियों के डाक्युमेंट्स के मुताबिक, सड़क का निर्माण एनएचडीएल के तय मानकों के अनुसार किया जाएगा, जिससे सीमावर्ती इलाके में बेहतर सड़क संपर्क तैयार हो सके।

ताक्सिंग तक पहुंचना काफी मुश्किल

हुरी-ताक्सिंग सड़क सिर्फ दो इलाकों को जोड़ने वाली सड़क नहीं है। इससे अरुणाचल प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और सीमा के करीब पहुंच को आसान बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। साथ ही, जरूरी सामान और लोगों की आवाजाही भी सुगम होने की उम्मीद है। ताक्सिंग अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले में स्थित एक दूरदराज का इलाका है। ये जिला मुख्यालय दापोरिजो से 200 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी पर है और चीन की सीमा के नजदीक पड़ता है। पहाड़ी और कठिन भौगोलिक स्थिति के कारण यहां लंबे समय तक पहुंचना काफी मुश्किल रहा है।

नई सड़क बनने से होगा फायदा

हाल के वर्षों में ताक्सिंग तक सड़क पहुंची है, लेकिन वहां जाने का रास्ता आज भी काफी मुश्किल है। नाचो से ताक्सिंग की मौजूदा सड़क कई जगह संकरी और खराब है। कुछ हिस्सों में दो गाड़ियों का एक साथ निकलना भी मुश्किल होता है। इससे आम लोगों और सेना के वाहनों को परेशानी होती है। ऐसे में हुरी से ताक्सिंग तक नई सड़क बनने से इस समस्या को कम किया जा सकता है। नई सड़क बनने से सेना के लिए सीमा वाले इलाके में आना-जाना और जरूरी सामान पहुंचाना आसान हो सकता है। इससे वाहन, ईंधन और दूसरी जरूरी चीजें जल्दी पहुंचाई जा सकेंगी। अधिकारियों के मुताबिक, किसी आपात स्थिति में एक से ज्यादा रास्ते होना जरूरी होता है। ऐसे में नया रास्ता सेना के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है।

चीन के काफी करीब है ताक्सिंग

ताक्सिंग ऊपरी सुबनसिरी जिले में चीन के तिब्बत क्षेत्र के पास स्थित एक अहम सीमावर्ती बस्ती है। यह इलाका वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के करीब होने की वजह से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां बेहतर सड़क होने से सैनिकों की आवाजाही आसान हो सकती है और जरूरत के समय जरूरी सामान और दूसरी सुविधाएं जल्दी पहुंचाई जा सकती हैं। मजबूत सड़क संपर्क से सीमावर्ती इलाकों में सप्लाई, मेडिकल मदद और इंजीनियरिंग टीमों की पहुंच को भी बेहतर बनाया जा सकता है।

मजबूत की जा रही कनेक्टिविटी

हुरी-ताक्सिंग सड़क की योजना ऐसे समय में सामने आई है, जब सीमावर्ती क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। ताक्सिंग की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए इस इलाके में विकास कार्यों पर भी लगातार ध्यान दिया जा रहा है। इसी साल फरवरी में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने ताक्सिंग का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने ताक्सिंग-नाचो-कोडुखा-लाइमकिंग क्षेत्र में कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत की और कुछ योजनाओं का उद्घाटन भी किया।

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Manoj Bajpayee: मजाक…मजाक तक रहे तो कोई परेशानी नहीं, मनोज बाजपेयी ने ‘लेटेंट’ पर समय रैना के बिहारी जोक्स पर किया रिएक्ट

Manoj Bajpayee: मनोज बाजपेयी ने ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट सीज़न 2’ में समय रैना और शेरोन वर्मा के बीच हुई बातचीत से जुड़े विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बिहार, कश्मीर और कश्मीरी पंडितों के विस्थापन से जुड़े मज़ाक की वजह से इन कॉमेडियन्स की आलोचना हो रही है और इस सेगमेंट पर राजनीतिक नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, बाजपेयी ने कहा कि उन्हें लोगों के एक-दूसरे की पृष्ठभूमि (बैकग्राउंड) पर मज़ाक करने से कोई दिक्कत नहीं है, बशर्ते बातचीत मज़ाक के तौर पर हो और इस दौरान सम्मान बना रहे।

समय रैना के बिहारी मज़ाक पर मनोज बाजपेयी की प्रतिक्रिया

इस विवाद के बारे में IANS से ​​बात करते हुए मनोज ने कहा कि लोगों को तुरंत बुरा माने बिना खुद पर भी हंसने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर यह सब मज़ाक में है, तो मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है। हमें खुद पर हंसना और साथ में हंसना सीखना चाहिए, एक-दूसरे पर हंसना चाहिए और फिर भी बुरा नहीं मानना ​​चाहिए या आहत नहीं होना चाहिए।”

एक्टर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि खुद के बारे में मज़ाक करने की समझ के साथ-साथ दूसरे व्यक्ति और उनकी पृष्ठभूमि का सम्मान करना भी ज़रूरी है। मनोज के अनुसार, जब दो लोगों के बीच सहज संबंध होते हैं, तो एक-दूसरे के बारे में मज़ाक करना स्वाभाविक रूप से उनकी बातचीत का हिस्सा बन सकता है। हालांकि, उन्होंने ऐसा करते समय आपसी सम्मान बनाए रखने पर ज़ोर दिया।

समय रैना और शेरोन वर्मा ने क्या कहा?

यह विवाद ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट सीज़न 2’ के हालिया एपिसोड में समय और शेरोन के बीच हुई बातचीत के बाद शुरू हुआ। इस सेगमेंट के दौरान, शेरोन ने समय की कश्मीरी पंडित पृष्ठभूमि को लेकर मज़ाक किया, जबकि समय ने शेरोन के बिहार से जुड़ाव का ज़िक्र करते हुए मज़ाक में जवाब दिया। इसके बाद इस बातचीत के क्लिप्स सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

कुछ दर्शकों को ये बातें पसंद नहीं आईं, खासकर इसलिए क्योंकि बातचीत में कश्मीरी पंडितों और उनके विस्थापन का ज़िक्र था। एपिसोड के क्लिप्स ऑनलाइन सामने आने के बाद कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने कॉमेडियन्स की आलोचना की। इस एपिसोड के बाद आई दूसरी प्रतिक्रियाओं से मनोज की प्रतिक्रिया अलग है। क्षेत्रीय पहचान से जुड़े मज़ाक पर पूरी तरह आपत्ति जताने के बजाय, उन्होंने कहा कि मज़ाक करते समय सामने वाले व्यक्ति का ध्यान रखते हुए खुद पर भी हंसने की क्षमता होनी चाहिए।

नेताओं ने ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ की बातचीत की आलोचना की

इस विवाद पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आई हैं। बीजेपी विधायक राम कदम ने इस सेगमेंट की आलोचना की और इसे समय (Samay) द्वारा पब्लिसिटी पाने की कोशिश बताया। IANS से ​​बात करते हुए कदम ने कहा कि सनातन हिंदू देवी-देवताओं और कश्मीरी पंडितों का मज़ाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए। उन्होंने आपत्तिजनक टिप्पणी करने और बाद में माफ़ी मांगने के चलन पर भी आपत्ति जताई।

बिहार के मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी इन टिप्पणियों की आलोचना की और ऐसी बातों को अस्वीकार्य बताया। तिवारी ने कहा, “हमारे देश के किसी भी नागरिक के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी अस्वीकार्य है। जो लोग ऐसी बातें करते हैं, वे देश को तोड़ने की बात कर रहे हैं। हम अखंड भारत का सपना देखने वाले लोग हैं और हमारे लिए राजा और आम नागरिक बराबर हैं।”

समय रैना ने अभी तक ताज़ा आलोचना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। शैरन के साथ हुई बातचीत को लेकर हो रही ताज़ा आलोचना पर समय ने अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ सीज़न 2 के इस सेगमेंट पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं; जहाँ राजनीतिक नेता मज़ाक पर आपत्ति जता रहे हैं, वहीं मनोज ने हास्य के बड़े सवाल पर एक अलग नज़रिया अपनाया है।

RBI Plastic Notes: कैसा होगा RBI का नया प्लास्टिक नोट? टेंडर रेस में उतरीं दुनिया की दिग्गज कंपनियां

RBI Polymer Banknotes Plan: भारत में कागजी नोटों की जगह जल्द ही टिकाऊ और मजबूत प्लास्टिक के नोट ले सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) द्वारा जारी किए गए टेंडर के लिए दो विदेशी कंपनियों और एक भारतीय कंपनी ने अपनी बोलियां जमा कर दी हैं।

शुरुआती चरण में रिजर्व बैंक ₹10 और ₹20 के नोटों को पॉलीमर में छापने की योजना पर विचार कर रहा है। आइए जानते हैं कि इस प्रोजेक्ट की मुख्य शर्तें क्या हैं और कौन सी कंपनियां इसकी रेस में आगे चल रही हैं।

RBI की 2 सबसे सख्त शर्तें: चीन-पाकिस्तान से दूरी और नो-एनिमल फैट

BRBNMPL ने टेंडर में हिस्सा लेने वाली कंपनियों के सामने दो बेहद अहम और सख्त शर्तें रखी हैं:

चीन और पाकिस्तान से पूर्ण फायरवॉल: भारतीय मुद्रा की सुरक्षा और संवेदनशीलता को देखते हुए सभी बोलीदाताओं को हलफनामा देना होगा कि वे भारत में अपने ऑपरेशन्स को चीन और पाकिस्तान में मौजूद अपनी किसी भी गतिविधि से पूरी तरह अलग रखेंगे।

जानवरों की चर्बी पर बैन: कंपनियों को प्रमाणित करना होगा कि सप्लाई की जाने वाली पॉलीमर शीट में जानवरों की चर्बी या उसका DNA शामिल नहीं होगा। ब्रिटेन जैसे देशों में पॉलीमर नोटों में एनिमल फैट का इस्तेमाल विवाद का कारण बना था, जिसके चलते RBI अब भारत के लिए इसे लेकर बेहद सतर्क है।

तुरंत चाहिए 68,000 रीम पॉलीमर शीट

रिपोर्ट के अनुसार, BRBNMPL को भारतीय बैंक नोटों की छपाई के लिए ‘तत्काल’ 68,000 रीम पॉलीमर सबस्ट्रेट की आवश्यकता है। एक रीम में पॉलीमर फिल्म की 500 शीट्स होंगी। सभी कंपनियों को सैंपल्स जमा करने होंगे। इन सैंपल्स को भारत के विभिन्न जलवायु क्षेत्रों में टेस्ट किया जाएगा। इसके बाद सफल कंपनियों को ही अंतिम टेंडर में हिस्सा लेने दिया जाएगा।

रेस में कौन-कौन सी दिग्गज कंपनियां शामिल?

पॉलीमर नोटों के सबस्ट्रेट सप्लाई के लिए दुनिया की जानी-मानी कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है:

कॉस्मो फर्स्ट और डी ला रू: भारत की सबसे बड़ी BOPP एक्सपोर्टर कॉस्मो फर्स्ट ने यूके (UK) स्थित दुनिया की सबसे बड़ी बैंक नोट सप्लायर कंपनी De La Rue को अपना तकनीकी पार्टनर बनाया है। डी ला रू सुरक्षा फीचर्स और पॉलीमर सबस्ट्रेट तकनीक मुहैया कराएगी।

CCL सिक्योर: ऑस्ट्रेलिया स्थित यह कंपनी दुनिया के 40 से अधिक केंद्रीय बैंकों को पॉलीमर नोट सोल्यूशन्स दे रही है। कंपनी का दावा है कि उसके पॉलीमर नोट पारंपरिक कॉटन (सूती) के नोटों की तुलना में 6 गुना ज्यादा टिकाऊ होते हैं।

Q&T हाई-टेक पॉलीमर: वियतनाम की इस कंपनी ने अपने देश में कॉटन करेंसी के मुकाबले 78% लागत की बचत का दावा किया है और अब इसने भी भारतीय टेंडर के लिए बोली लगाई है।

कागजी नोटों से कितने अलग होंगे प्लास्टिक के नोट?

लंबी उम्र और मजबूती: पॉलीमर नोट पानी, नमी और धूल-मिट्टी से खराब नहीं होते। इनकी लाइफ सामान्य कागजी नोटों के मुकाबले 6 गुना तक ज्यादा होती है।

नकली नोटों पर लगाम: इन नोटों में आधुनिक सिक्योरिटी फीचर्स और विंडो ट्रांसपेरेंसी जोड़ी जाती है, जिससे इनकी नकल बनाना लगभग नामुमकिन हो जाता है।

हाइजीनिक और साफ-सुथरे: कागजी नोटों की तुलना में पॉलीमर नोट साफ रहते हैं और इनसे कीटाणु फैलने का खतरा कम रहता है।

दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट अब सिर्फ 60-70 मिनट दूर! ₹4,000 करोड़ का 50 KM एलिवेटेड एक्सप्रेसवे मंजूर, जानिए पूरा प्लान

Delhi to Jewar Airport: राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। नोएडा अथॉरिटी ने दिल्ली को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने वाले करीब 50 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट को फाइनल मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक का सफर काफी तेज और आसान होने की उम्मीद है।

News24 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस मेगा प्रोजेक्ट पर करीब 4,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसका उद्देश्य दिल्ली, नोएडा और जेवर एयरपोर्ट के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करना और मौजूदा सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करना है।

अक्षरधाम से सीधे जेवर एयरपोर्ट तक बनेगा कॉरिडोर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित एलिवेटेड एक्सप्रेसवे अक्षरधाम मंदिर के आसपास से शुरू होकर सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर तक जाएगा। इसकी कुल लंबाई करीब 50 किलोमीटर होगी, जिसमें लगभग 27 किलोमीटर हिस्सा नोएडा क्षेत्र में आएगा।

एक्सप्रेसवे का मुख्य हिस्सा छह लेन का होगा। वहीं, जहां से वाहन एक्सप्रेसवे पर प्रवेश करेंगे, वहां संभावित जाम और ट्रैफिक बॉटलनेक को रोकने के लिए सड़क को आठ लेन तक चौड़ा किया जाएगा।इस परियोजना के निर्माण और आगे लंबे समय तक रखरखाव की जिम्मेदारी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के पास होगी। फिलहाल, यह प्रोजेक्ट डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के चरण में है।

पहले यमुना के किनारे था रूट, फिर 5 मीटर बदला गया

इस एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट में एक अहम बदलाव भी किया गया है। शुरुआती योजना के तहत सड़क को यमुना नदी के तटबंध के बिल्कुल साथ बनाने का प्रस्ताव था। हालांकि, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने इस एलाइनमेंट को लेकर बाढ़ के खतरे और निर्माण की संरचनात्मक सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं जताईं। इसके बाद अधिकारियों ने प्रस्तावित मार्ग को करीब 5 मीटर नोएडा की तरफ खिसका दिया। एलाइनमेंट में इस बदलाव के बाद संशोधित योजना को अंतिम मंजूरी मिल गई है।

सेक्टर-94 से मिलेगा प्रमुख कनेक्शन

नोएडा के सेक्टर-94 से करीब 120 मीटर चौड़ी सड़क इस एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के लिए प्रमुख पहुंच मार्ग के रूप में काम करेगी। निर्माण से पहले प्रस्तावित रूट पर मिट्टी की जांच भी की जाएगी। NHAI यह पता लगाएगा कि जमीन कितने भार को सुरक्षित रूप से सहन कर सकती है। इसके आधार पर आगे निर्माण से जुड़ी तकनीकी योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट का सफर 60-70 मिनट में होगा पूरा!

सबसे बड़ा फायदा यात्रा समय में कमी के रूप में देखने को मिल सकता है। परियोजना के चालू होने के बाद दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक का सफर करीब 60 से 70 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है। इसका फायदा पूर्वी दिल्ली और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को खास तौर पर मिलेगा। मयूर विहार, पटपड़गंज, आईपी एक्सटेंशन, कालिंदी कुंज और सरिता विहार जैसे इलाकों से जेवर एयरपोर्ट पहुंचना पहले की तुलना में आसान हो सकता है। इसके अलावा यह कॉरिडोर मंझावली पुल के जरिए फरीदाबाद से भी जुड़ सकेगा। इससे दिल्ली-NCR के कई प्रमुख इलाकों के बीच एयरपोर्ट कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

NCR के कई बड़े एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा

50 किलोमीटर का यह एलिवेटेड कॉरिडोर अकेले एक सड़क परियोजना नहीं होगा, बल्कि इसे NCR के व्यापक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का हिस्सा माना जा रहा है। इसके जरिए दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद और जेवर एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। मौजूदा सड़क नेटवर्क पर एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों का दबाव बढ़ने के साथ यह नया मार्ग भविष्य में ट्रैफिक को अलग-अलग रूट पर बांटने में भी मदद कर सकता है।

गाजियाबाद से जेवर तक रैपिड रेल-मेट्रो भी चलेगी

जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए केवल सड़क नेटवर्क पर ही काम नहीं हो रहा है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक एक नए 72.44 किलोमीटर लंबे ट्रांजिट कॉरिडोर की योजना भी सामने रखी है। इसमें दो तरह की सेवाएं एक ही कॉरिडोर पर प्रस्तावित हैं। यात्रियों के लिए 11 नमो भारत स्टेशन होंगे, जो तेज क्षेत्रीय यात्रा में मदद करेंगे।

इसके अलावा स्थानीय यात्रियों के लिए 18 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं। यह कॉरिडोर गाजियाबाद के दिल्ली-मेरठ नमो भारत स्टेशन से जेवर एयरपोर्ट तक जाएगा। NCRTC के मुताबिक, इसका करीब 71.5 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड होगा, जबकि लगभग 1.29 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत होगा।

एयरपोर्ट के लिए बदल रहा पूरा कनेक्टिविटी नेटवर्क

कुल मिलाकर जेवर एयरपोर्ट के आसपास सड़क और सार्वजनिक परिवहन दोनों स्तरों पर कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़े प्रोजेक्ट सामने आ रहे हैं। अक्षरधाम से जेवर तक प्रस्तावित 50 किलोमीटर का एलिवेटेड एक्सप्रेसवे और गाजियाबाद-जेवर नमो भारत-मेट्रो कॉरिडोर के पूरा होने पर NCR के अलग-अलग हिस्सों से एयरपोर्ट पहुंचना पहले के मुकाबले काफी आसान हो सकता है। हालांकि, एलिवेटेड एक्सप्रेसवे अभी DPR चरण में है, इसलिए निर्माण शुरू होने और इसके पूरी तरह चालू होने की समयसीमा आगे की परियोजना मंजूरियों और निर्माण प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

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Rajat Dalal: ‘हर चीज की एक सीमा होती है’, रजत दलाल ने रास्ता रोक रही कार में अपनी थार से मारी टक्कर

Rajat Dalal: हरियाणा के फरीदाबाद में पार्किंग को लेकर हुए एक झगड़े का वीडियो शेयर करने के बाद रजत दलाल एक बार फिर चर्चा में हैं। वीडियो में वह अपनी ‘थार’ गाड़ी से उस कार को टक्कर मारते हुए दिखे, जिसने उनका रास्ता रोक रखा था।

पूरा मामला क्या है?

‘बिग बॉस 18’ के कंटेस्टेंट ने ये वीडियो अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर पोस्ट किए और बताया कि गाड़ियां इस तरह पार्क की जाती हैं कि उनकी कार का रास्ता रुक जाता है और यह एक आम समस्या बन गई है। बताया जा रहा है कि यह घटना फरीदाबाद के सेक्टर 16 में हुई। पहले वीडियो में रजत ने दिखाया कि उनकी ‘थार’ दो गाड़ियों के बीच पार्क थी और उनकी SUV के आगे और पीछे दोनों तरफ कारें खड़ी थीं। उन्होंने कहा कि उन्हें अक्सर ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ता है।

वीडियो शेयर करते हुए रजत ने लिखा, “यह रोज़ का ड्रामा है। वे हर दिन मेरी कार को ब्लॉक कर देते हैं।” एक और क्लिप में, रजत अपनी थार (Thar) को उस कार से टकराते हुए दिखे जो उनके सामने पार्क की गई थी। ऐसा उन्होंने वहां से निकलने से पहले किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने गाड़ी के मालिक का लगभग 45-50 मिनट तक इंतज़ार किया, लेकिन वे नहीं मिले। उन्होंने यह भी दावा किया कि कार पर कोई कॉन्टैक्ट नंबर नहीं था।

वीडियो के कैप्शन में लिखा था, “45-50 मिनट तक सब्र से इंतज़ार किया, कोई कॉन्टैक्ट नंबर नहीं, कुछ भी नहीं।” इसके बाद रजत ने और भी वीडियो शेयर किए जिनमें गाड़ियां लेन में गलत तरीके से पार्क की हुई दिख रही थीं। उन्होंने कहा कि पार्किंग की यह समस्या कई बार हुई है और साफ़ किया कि ये वीडियो पहले से तय (स्टेज्ड) या प्रमोशन के मकसद से नहीं बनाए गए थे।

उन्होंने लिखा, “यह कोई प्रमोशनल वीडियो या स्क्रिप्टेड चीज़ नहीं है। पार्किंग को लेकर हर दिन यही हाल होता है। यह ड्रोन से लिया गया एरियल शॉट नहीं है। इसे जिम की तीसरी मंज़िल से रिकॉर्ड किया गया था। हर चीज़ की एक लिमिट होती है।”

बैकग्राउंड

यह पहली बार नहीं है जब रजत गाड़ियों से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा में आए हैं। 2024 में, उन पर अपनी कार से एक बाइक सवार को टक्कर मारने और बिना रुके गाड़ी चलाते रहने का आरोप लगा था। उन पर उस समय तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चलाने का भी आरोप था। इससे पहले, रजत को एक 18 साल के छात्र को इंस्टाग्राम पोस्ट को लेकर अगवा करने और उसके साथ मारपीट करने के आरोपों में गिरफ़्तार किया गया था। बाद में उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया गया था।

September 2026: दूध से लेकर LPG सिलेंडर तक… 1 सितंबर से बदल जाएंगे ये 9 बड़े नियम! आपकी जेब पर पड़ेगा बड़ा असर

Financial Rule Changes September 2026: सितंबर का महीना शुरू होते ही आम आदमी से लेकर निवेशकों और करदाताओं के लिए कई नियम बदलने वाले हैं। सितंबर 2026 में दूध की कीमतों से लेकर डीमैट अकाउंट, एडवांस टैक्स, एलपीजी सिलेंडर बायोमेट्रिक और फ्लाइट में सफर तक से जुड़े 9 बड़े बदलाव लागू हो रहे हैं। 1 सितंबर 2026 से लागू होने वाले इन सभी 9 महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में विस्तार से जानिए।

1. डीमैट और म्यूचुअल फंड में नॉमिनेशन के नए नियम

1 सितंबर 2026 से डीमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड फोलियो के लिए नॉमिनेशन के नए दिशानिर्देश लागू हो जाएंगे। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने खातों का नॉमिनेशन स्टेटस तुरंत चेक करें और आवश्यक प्रक्रिया या ऑप्ट-आउट फॉर्म समय रहते पूरा कर लें।

2. SEBI के नए ETF रूल्स

शेयर बाजार के नियामक सेबी का नया एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) फ्रेमवर्क 7 सितंबर 2026 से लागू होने जा रहा है। इसमें बेस प्राइस, प्राइस बैंड, प्री-ओपन कॉल ऑक्शन और क्लोज-आउट प्रक्रियाओं में बदलाव शामिल हैं। पहले इसे लागू करने की समयसीमा अलग थी, जिसे बढ़ाकर 7 सितंबर किया गया है।

3. FCNR(B) डिपॉजिट पर स्पेशल स्वैप विंडो बंद

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की FCNR(B) डिपॉजिट के लिए विशेष डॉलर-रुपया स्वैप सुविधा 31 अगस्त को समाप्त हो रही है। 1 सितंबर से नई FCNR(B) एफडी पर यह स्पेशल फैसिलिटी नहीं मिलेगी। हालांकि, FCNR(B) डिपॉजिट बंद नहीं हुए हैं, लेकिन अब इन पर ब्याज दरें बैंक की सामान्य दरों के आधार पर तय होंगी।

4. एडवांस टैक्स चुकाने की लास्ट डेट: 15 सितंबर

करदाताओं के लिए 15 सितंबर 2026 एडवांस टैक्स की अगली किश्त जमा करने की अंतिम तिथि है। नियमों के तहत, योग्य टैक्सपेयर्स को 15 सितंबर तक अपनी कुल एडवांस टैक्स देनदारी का कम से कम 45% हिस्सा सरकार को जमा करना अनिवार्य है।

5. छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव

सितंबर का आखिरी दिन यानी 30 सितंबर छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वालों के लिए बेहद अहम है। केंद्र सरकार अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए पीपीएफ (PPF), सुकन्या समृद्धि और एनएससी (NSC) जैसी स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की नई ब्याज दरों की समीक्षा और घोषणा करेगी।

6. इंटरनेशनल फ्लाइट्स: बोर्डिंग पास पर स्टैंप की जरूरत खत्म

1 सितंबर 2026 से भारत से विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर मोहर लगवाने की बाध्यता से छूट दे दी गई है। अब यात्री अपने मोबाइल में इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास का उपयोग कर सकते हैं या प्रिंटेड पास दिखाकर इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

7. LPG e-KYC की अनिवार्यता

घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (e-KYC) कराने की समयसीमा 31 अगस्त यानी आज तक है। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, उन्हें 1 सितंबर के बाद रसोई गैस सिलेंडर की रीफिल बुकिंग या सब्सिडी दरों का लाभ लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

8. मुंबई में दूध की कीमतें बढ़ीं

मुंबई में 1 सितंबर से ताजा भैंस के दूध के थोक दामों में ₹9 प्रति लीटर की बढ़ोतरी होने वाली है। इसके बाद अब दूध की नई दरें ₹102 प्रति लीटर तक पहुंच गई हैं। यह रिवाइज्ड रेट अगले छह महीनों के लिए लागू रहेंगे।

9. मुंबई में ऑटो और टैक्सी के किराए में बढ़ोतरी

मुंबई में रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के लिए भी झटका लगने वाला है। 1 सितंबर से मुंबई में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी के बेस फेयर में बढ़ोतरी होने वाली है, जिससे लोकल ट्रैवलिंग थोड़ी महंगी हो जाएगी।