Sawan 2026 Mangla Gauri Vrat: इस साल सावन में कब-कब किया जाएगा मंगला गौरी व्रत? तरीख सहित जानें पूजा विधि और उद्यापन के नियम

Sawan 2026 Mangla Gauri Vrat: सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। पूरी दुनिया में शिव भक्त बेसब्री से इस माह के शुरू होने का इंतजार करते हैं। हिंदू कैलेंडर के इस पांचवें महीने में भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद पाने के लिए श्रद्धालु पूजा और उपवास करते हैं। सावन के महीने में सोमवार के अलावा मंगलवार का भी विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में सावन के महीने में आने वाले सभी मंगलवार माता पार्वती के स्वरूप मां मंगला गौरी को समर्पित होते हैं। यह व्रत विवाहित महिलाएं अपने अखंड सौभाग्य, वैवाहिक सुख और पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं, जबकि अविवाहित कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति के लिए इसे करती हैं। इस व्रत में व्रती को एक समय ही अन्न, बिना नमक या फलाहार ग्रहण करना चाहिए।

सावन 2026 मंगला गौरी व्रत की तारीखें

इस साल सावन मास में मंगला गौरी व्रत की तिथियां, पूजा विधि और उद्यापन नियम नीचे दिए गए हैं :

मंगला गौरी व्रत 2026 की तिथियां

साल 2026 में सावन के महीने में कुल 4 मंगला गौरी व्रत रखे जाएंगे :

पहला मंगला गौरी व्रत : 04 अगस्त 2026 सावन का प्रथम मंगलवार

दूसरा मंगला गौरी व्रत : 11 अगस्त 2026 सावन का द्वितीय मंगलवार

तीसरा मंगला गौरी व्रत : 18 अगस्त 2026 सावन का तृतीय मंगलवार

चौथा मंगला गौरी व्रत : 25 अगस्त 2026 सावन का चतुर्थ (अंतिम) मंगलवार

मंगला गौरी व्रत 2026 पूजा विधि

प्रातः काल की तैयारी : व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ या नए वस्त्र धारण करें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें।

चौकी की स्थापना : पूजा घर में एक लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं। उस पर माता पार्वती और भगवान शिव की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।

पूजा सामग्री : माता रानी को रोली, चंदन, अक्षत, फल, फूल और माला अर्पित करें। मंगला गौरी व्रत में मां गौरी को 16 श्रंगार की वस्तुएं और 16 माला, 16 लड्डू या नैवेद्य अर्पित करने का विधान है।

दीपक प्रज्वलित करना : आटे से बना एक चौमुखी दीपक जलाएं, जिसमें 16 तार की बत्तियां या सूत हो।

कथा व आरती : मंगला गौरी व्रत कथा का पाठ करें या श्रवण करें। इसके बाद पार्वती चालीसा का पाठ करें और अंत में मां गौरी और भगवान शिव की आरती करके प्रसाद वितरित करें।

मंगला गौरी व्रत उद्यापन विधि

शास्त्रों के अनुसार, महिलाएं मंगला गौरी व्रत शादी के शुरुआती 5 वर्ष या फिर 16 मंगलवार तक रखती हैं और सावन के आखिरी मंगलवार को इसका उद्यापन करती हैं:

  • उद्यापन के दिन भी सुबह सामान्य व्रतों की तरह ही मां मंगला गौरी की पूरी श्रद्धा से पूजा करें। इस दिन पूरे परिवार के साथ हवन-यज्ञ किया जाता है।
  • उद्यापन के मुख्य नियम के तहत 16 सुहागन महिलाओं को आदरपूर्वक घर पर आमंत्रित किया जाता है।
  • इन सभी महिलाओं को प्रेमपूर्वक भोजन कराया जाता है और उन्हें सुहाग की सामग्री भेंट किया जाता है।
  • अंत में सुहागिन महिलाओं और घर के बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया जाता है, जिससे व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।

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Yes Bank Q1 Results: यस बैंक का मुनाफा 33% उछला, निफ्टी बैंक में वापसी के बाद चमके नतीजे! जानें हर एक डिटेल

Yes Bank Q1 FY27 Financial Results: यस बैंक ने आज, 18 जुलाई को FY27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। जून तिमाही में यस बैंक के नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 33.5% की शानदार बढ़त दर्ज की गई है। साथ ही बैंक की ब्याज से होने वाली कमाई में भी तगड़ा उछाल आया है।

हालांकि, तिमाही आधार पर बैंक के प्रोविजंस यानी लोन डूबने की आशंका में रखी रकम में 100% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। आइए आपको बताते हैं यस बैंक के पहली तिमाही के नतीजों की हर एक बड़ी बात।

मुनाफा 33.5% बढ़ा, नेट इंटरेस्ट इनकम में भी उछाल

यस बैंक के लिए मुनाफे और कोर इनकम के मोर्चे पर यह तिमाही बेहतर साबित हुई है। जून तिमाही में यस बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 33.5% बढ़कर ₹1,070 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल की इसी तिमाही में बैंक का मुनाफा कम था। यह प्रदर्शन सीएनबीसी-टीवी18 के पोल के अनुमान (₹1,100 करोड़) के बिल्कुल करीब रहा है। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम सालाना आधार पर 17.5% की ग्रोथ के साथ ₹2,786.3 करोड़ रही है।

तिमाही आधार पर दोगुने से ज्यादा बढ़े प्रोविजंस

नतीजों में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला आंकड़ा प्रोविजंस का रहा है। मार्च तिमाही के मुकाबले जून तिमाही में यस बैंक का प्रोविजन 100% से भी ज्यादा बढ़कर ₹394 करोड़ पर पहुंच गया है। मार्च तिमाही में यह आंकड़ा महज ₹187 करोड़ था। प्रोविजंस का बढ़ना यह दिखाता है कि बैंक ने संभावित खराब लोन से निपटने के लिए सुरक्षित फंड की राशि को बढ़ाया है।

एसेट क्वालिटी रही पूरी तरह स्थिर, नहीं बढ़ा एनपीए

प्रोविजंस बढ़ने के बावजूद बैंक की एसेट क्वालिटी पिछली तिमाही के स्तर पर ही पूरी तरह टिकी हुई है। ग्रॉस एनपीए पिछली तिमाही के समान ही 1.3% पर स्थिर रहा। हालांकि वैल्यू के हिसाब से यह मार्च के ₹3,604 करोड़ से मामूली बढ़कर ₹3,704 करोड़ रहा है। नेट एनपीए भी बिना किसी बदलाव के 0.2% पर बरकरार रहा। वैल्यू के मामले में यह पिछली तिमाही के ₹653 करोड़ के मुकाबले ₹677 करोड़ रहा है।

लोन और डिपॉजिट का कैसा रहा हाल?

यस बैंक के लोन ग्रोथ नेट एडवांस में सालाना आधार पर 18.4% की मजबूत बढ़त दर्ज की गई है और यह ₹2.85 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। मार्च तिमाही के मुकाबले भी यह 4.3% बढ़ा है। बैंक के कुल डिपॉजिट में सालाना आधार पर 14.3% की बढ़त हुई है और यह ₹3.15 लाख करोड़ रहा। हालांकि, तिमाही आधार पर मार्च के मुकाबले डिपॉजिट में 1.1% की मामूली गिरावट देखी गई है।

निफ्टी बैंक में वापसी के बाद शेयरों की स्थिति

शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन नतीजों से ठीक पहले यस बैंक का शेयर 0.9% की मामूली गिरावट के साथ ₹23.53 पर बंद हुआ था। इस साल की शुरुआत से बात करें तो यस बैंक के शेयर ने निवेशकों को करीब 10% का रिटर्न दिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि हाल ही में इंडेक्स रिशफल के दौरान यस बैंक को दोबारा निफ्टी बैंक इंडेक्स में शामिल कर लिया गया है, जिससे निवेशकों का भरोसा इस स्टॉक पर बढ़ा है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bhadli Navami 2026 Date: कब है भड़ली नवमी और क्यों मनाई जाती है? इस दिन बिना अच्छा मुहूर्त देखे कर सकते हैं कोई भी शुभ कार्य

Bhadli Navami 2026 Date: भड़ली नवमी को भड़रिया नवमी या कंदर्प नवमी भी कहते हैं। यह आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। हिंदू धर्म में इस दिन का बहुत बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। इस दिन को अक्षय तृतीया और देवउठनी एकादशी के समान ही ‘अबूझ मुहूर्त’ माना गया है। इसका मतलब यह है कि इस पूरे दिन ग्रह और नक्षत्र की स्थिति इतनी अनुकूल होती है कि किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए पंचांग या ज्योतिषी से अलग से मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता नहीं होती।

कब मनाई जाएगी भड़ली नवमी 2026?

वैदिक पंचांग के अनुसार तिथियों का समय कुछ इस प्रकार रहेगा:

नवमी तिथि प्रारंभ : 22 जुलाई 2026 को सुबह 05:16 बजे से

नवमी तिथि समाप्त : 23 जुलाई 2026 को सुबह 07:03 बजे तक

उदयातिथि के नियमों के अनुसार नवमी तिथि का सूर्योदय 22 जुलाई को हो रहा है, इसलिए मुख्य रूप से भड़ली नवमी का त्योहार और पूजा इसी दिन संपन्न की जाएगी।

भड़ली नवमी 2026 धार्मिक महत्तव

भड़ली नवमी के ठीक दो दिन बाद ‘देवशयनी एकादशी’ आती है, जिससे चातुर्मास की शुरुआत होती है। मान्यता है कि देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार, इस अवधि में विवाह, मुंडन, जनेऊ या गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते क्योंकि इस दौरान उनका प्रत्यक्ष आशीर्वाद नहीं मिल पाता। इसलिए, भड़ली नवमी को विवाह और अन्य शुभ कार्यों के लिए सीजन का आखिरी दिन मानकर धूमधाम से मनाया जाता है। इसके अलावा, इसके बाद भगवान विष्णु अगले चार महीनों के लिए विश्राम अवस्था में चले जाते हैं, इसलिए श्रद्धालु इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। लोग व्रत रखते हैं, मंदिरों में जाते हैं और आने वाले चार महीनों के लिए भगवान का संरक्षण व आशीर्वाद मांगते हैं। यह दिन आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का अंतिम दिन भी होता है। इस वजह से तांत्रिक और आध्यात्मिक साधना करने वाले लोगों के लिए मां दुर्गा (शक्ति) की पूजा करने और हवन अनुष्ठान संपन्न करने के लिहाज से यह बेहद पवित्र तिथि मानी जाती है।

इस दिन से करना माना जाता है शुभ

  • गुप्त नवरात्रि का अंतिम दिन होने के कारण इस दिन कन्या पूजन करना और गरीबों को दान देना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
  • यदि किसी के विवाह में रुकावटें आ रही हों, तो भड़ली नवमी के अबूझ मुहूर्त का लाभ उठाकर विवाह संपन्न कराया जाता है।
  • नया वाहन खरीदना, सोने-चांदी की खरीदारी करना या नए घर में प्रवेश करने के लिए भी लोग इस दिन को चुनते हैं।

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PNB Q1 Results: पंजाब नेशनल बैंक का मुनाफा 3 गुना से ज्यादा उछला, टैक्स में भारी कटौती से चमके नतीजे, पढ़ें हर एक डिटेल

Punjab National Bank FY27 Q1 Results: सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े बैंक पंजाब नेशनल बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। सालाना आधार पर बैंक के कोर पैरामीटर्स भले ही थोड़े सुस्त नजर आ रहे हैं, लेकिन बैंक के नेट प्रॉफिट में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।

टैक्स खर्चों में आई भारी कमी ने पीएनबी के मुनाफे को तगड़ा बूस्ट दिया है, जिससे बैंक का मुनाफा पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 3 गुना से भी ज्यादा बढ़ गया है। आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि पहली तिमाही में पीएनबी का प्रदर्शन कैसा रहा और निवेशकों के लिए इस रिजल्ट में क्या खास है।

नेट प्रॉफिट में बंपर उछाल, टैक्स में राहत ने बदली बाजी

PNB के लिए जून तिमाही मुनाफे के लिहाज से शानदार साबित हुई है:

मुनाफे में बड़ी छलांग: जून तिमाही में पीएनबी का नेट प्रॉफिट उछलकर ₹5,253 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल की इसी तिमाही (Q1) में बैंक का मुनाफा केवल ₹1,675 करोड़ था।

टैक्स खर्च में भारी गिरावट: बैंक के मुनाफे में इस रिकॉर्ड तेजी की सबसे बड़ी वजह टैक्स देनदारी का कम होना है। जून तिमाही में पीएनबी का टैक्स खर्च घटकर ₹1,725 करोड़ रह गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹5,083 करोड़ था।

ब्याज से कमाई 6 तिमाहियों के उच्चतम स्तर पर

अगर बैंक के मुख्य कामकाज यानी ब्याज से होने वाली कमाई की बात करें तो सालाना आधार पर पीएनबी की शुद्ध ब्याज आय 2.1% बढ़कर ₹10,798 करोड़ रही। हालांकि सालाना ग्रोथ मामूली है, लेकिन यह आंकड़ा पिछले 6 तिमाहियों में बैंक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है।

एसेट क्वालिटी में सुधार: डूबा हुआ पैसा यानी NPA घटा

बैंक की एसेट क्वालिटी यानी बैड लोन की स्थिति इस तिमाही में काफी स्थिर और बेहतर नजर आई है। बैंक का ग्रॉस एनपीए पिछली तिमाही (मार्च) के 2.95% से घटकर 2.78% पर आ गया है। रुपयों में बात करें तो यह ₹37,124 करोड़ से घटकर ₹35,380 करोड़ रह गया है।

बैंक का नेट एनपीए भी मार्च तिमाही के 0.29% से मामूली सुधरकर 0.28% पर आ गया है। वैल्यू के हिसाब से यह ₹3,609 करोड़ से घटकर ₹3,433 करोड़ बचा है।

बैंक के लिए सबसे अच्छी बात यह रही कि नए खराब लोन की रफ्तार धीमी हुई है। जून तिमाही में नए स्लिपेज ₹2,080 करोड़ रहे, जो मार्च तिमाही के ₹2,758 करोड़ से काफी कम हैं।

हालांकि, लोन डूबने की आशंका में रखी जाने वाली रकम पिछली तिमाही के ₹424 करोड़ से मामूली बढ़कर ₹541 करोड़ हो गई है।

नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दिखा थोड़ा दबाव

सालाना आधार पर बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जो यह दर्शाता है कि फंड की लागत थोड़ी बढ़ी है:

ग्लोबल एनआईएम: यह सालाना आधार पर 2.7% से घटकर 2.5% पर आ गया। हालांकि, मार्च तिमाही (2.47%) के मुकाबले इसमें 3 बेसिस पॉइंट की मामूली बढ़त है।

डोमेस्टिक एनआईएम: घरेलू स्तर पर बैंक का मार्जिन पिछले साल के 2.84% से 20 बेसिस पॉइंट घटकर 2.64% रहा, लेकिन यह भी मार्च के 2.61% से 3 बेसिस पॉइंट बेहतर है।

PNB के शेयरों का क्या है हाल?

नतीजों से ठीक पहले, यानी शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन पंजाब नेशनल बैंक का शेयर एनएसई पर 0.75% की बढ़त के साथ ₹106.01 पर बंद हुआ था। हालांकि, अगर इस साल की शुरुआत से बात करें तो पीएनबी का स्टॉक अब तक करीब 15% टूट चुका है। ऐसे में सोमवार को बाजार खुलने पर इन नतीजों का असर शेयर की चाल पर देखने को मिल सकता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Annu Kapoor: अन्नू कपूर ने ‘रामायणम्’ में सई पल्लवी की कास्टिंग पर उठाए सवाल, बोले- ‘नितेश तिवारी कौन है?’

Annu Kapoor: रामायण बॉलीवुड की सबसे चर्चित आगामी फिल्मों में से एक बनी हुई है। नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित, दो भाग वाले पौराणिक महाकाव्य में रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी देवी सीता की भूमिका में हैं। पहली किस्त दिवाली 2026 पर रिलीज़ होने की उम्मीद है। बढ़ती चर्चा के बीच, अनुभवी अभिनेता अन्नू कपूर ने इस फिल्म पर विचार किया है।

2023 में फिल्म पर तंज करने के बाद, उन्होंने अब एक हालिया इंटरव्यू में नितेश तिवारी की साख और साई पल्लवी की कास्टिंग दोनों पर सवाल उठाया है। जूम से बात करते हुए, अन्नू कपूर ने 2023 में की गए कमेंट पर नजर डाली, जिसमें इस बहस पर फिर से चर्चा हुई कि क्या रामायण जैसे कालजयी महाकाव्य को बड़े पर्दे के लिए अनुकूलित किया जाना चाहिए।

बातचीत के दौरान, उन्होंने साईं पल्लवी को देवी सीता के रूप में कास्ट करने के फैसले पर भी सवाल उठाया और पसंद पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “क्या बनाएंगे? जो बनाएंगे वो रामानंद सागर की रामायण को तकनीकी रूप से बहुत शोबाजी कर देंगे। लेकिन उसके बाद आप ये सोचिए कि किसे आपने सीता का रोल दिया है? सीता मां है। क्या इस देश के हिंदू श्री रामचन्द्र को नारायण का अवतार मानते हैं। किसने लिया है माता सीता के रूप में? तब अब आप सोचिए। आने दीजिए।”

यह पूछे जाने पर कि क्या वह फिल्म की कास्टिंग से असहमत हैं, अन्नू कपूर ने फिल्म निर्माता नितेश तिवारी की साख पर सवाल उठाते हुए जवाब दिया, “नितेश तिवारी कौन हैं?” वरिष्ठ अभिनेता ने कहा, “आप जिसका नाम ले रहे हो उसको जानता भी नहीं हूं मैं। कौन है? क्या करते हैं? मुझे तो पता भी नहीं। मैं फिल्म नहीं देखता हूं और मैंने कुछ चीज मिस नहीं की। मुझे खेद है।

इस बीच, रामायणम् ट्रेलर का दिल्ली में एक भव्य लॉन्च कार्यक्रम में अनावरण किया जाएगा। फिल्म के कलाकारों और टीम के प्रमुख सदस्यों के उपस्थित रहने की उम्मीद है। रणबीर और साईं के अलावा, रामायण में रवि दुबे को लक्ष्मण, सनी देओल को हनुमान और यश को रावण की भूमिका में दिखाया गया है। कलाकारों की टोली में लारा दत्ता, इंदिरा कृष्णन, रकुल प्रीत सिंह, अरुण गोविल, आदिनाथ कोठारे और कुणाल कपूर भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर! सैलरी, DA और पेंशन में बदलाव का पूरा रोडमैप जारी, देखें पूरी लिस्ट

8th Pay Commission ToR Full List Out: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें पे कमीशन को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। केंद्रीय कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (ToR) से यह साफ हो गया है कि नए वेतन आयोग के दायरे में क्या-क्या चीजें शामिल होंगी और कर्मचारियों की सैलरी, डीए (DA), पेंशन तथा अन्य भत्तों में किस तरह के बदलाव होने जा रहे हैं।

इस 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का सीधा फायदा देश के 1 करोड़ से अधिक लोगों को मिलेगा। इसमें लगभग 50 लाख सक्रिय केंद्रीय कर्मचारी और करीब 65 लाख पेंशनभोगी शामिल हैं। आइए जानते हैं कि 8th CPC की इस पूरी लिस्ट में आपके लिए क्या खास है।

8th Pay Commission का गठन और समय सीमा

8वां वेतन आयोग एक अस्थायी निकाय होगा। इसमें एक अध्यक्ष, एक पार्ट-टाइम सदस्य और एक सदस्य-सचिव शामिल होंगे। आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर आयोग बीच में अंतरिम रिपोर्ट भी सौंप सकता है।

सैलरी, DA और भत्तों में क्या-क्या बदलेगा?

8th CPC के टर्म्स ऑफ रेफरेंस के मुताबिक, आयोग इन प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक बदलावों की जांच करेगा और अपनी सिफारिशें देगा:

पे-मैट्रिक्स और सैलरी स्ट्रक्चर: कर्मचारियों के मूल वेतन और पे-मैट्रिक्स को तर्कसंगत बनाया जाएगा ताकि सरकारी सेवाओं में बेहतरीन टैलेंट को आकर्षित किया जा सके।

भत्ते: इसमें मुख्य रूप से महंगाई भत्ता (DA), पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) की समीक्षा और संशोधन शामिल है।

अन्य सुविधाएं और लाभ: कर्मचारियों के सालाना इंक्रीमेंट, प्रमोशन पॉलिसी और समकालीन कामकाजी जरूरतों के आधार पर मिलने वाली अन्य नकद या गैर-नकद सुविधाओं की समीक्षा की जाएगी।

भत्तों का युक्तिकरण: वर्तमान में मिल रहे तमाम तरह के छोटे-बड़े भत्तों की संख्या की समीक्षा होगी ताकि उनकी जटिलता को कम किया जा सके।

परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव और बोनस पर नया फोकस

नए वेतन आयोग में काम के कल्चर को अधिक कुशल और जवाबदेह बनाने पर विशेष जोर दिया गया है:

कार्य संस्कृति में सुधार: एक ऐसा इमोल्यूमेंट स्ट्रक्चर तैयार करना जिससे सरकारी कामकाज में दक्षता, जवाबदेही और जिम्मेदारी को बढ़ावा मिले।

उत्पादकता आधारित बोनस: मौजूदा बोनस योजनाओं की समीक्षा की जाएगी ताकि इसे परफॉर्मेंस से जोड़ा जा सके।

इंसेंटिव स्कीम: बेहतर और उत्कृष्ट काम करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत करने के लिए वित्तीय और प्रदर्शन-आधारित मापदंडों के साथ एक नई इंसेंटिव योजना की सिफारिश की जाएगी।

पेंशनर्स और NPS/UPS के लिए क्या है खास?

वेतन आयोग पेंशनभोगियों के हितों और उनकी वित्तीय सुरक्षा की भी पूरी समीक्षा करेगा:

NPS और UPS के तहत ग्रेच्युटी: राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली और एकीकृत पेंशन योजना के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के लिए डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी की समीक्षा कर नई सिफारिशें दी जाएंगी।

ओल्ड पेंशन धारक: जो कर्मचारी NPS या UPS के दायरे में नहीं हैं, उनकी ग्रेच्युटी और मासिक पेंशन की भी विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, बिना अंशदान वाली गैर-अंशदायी पेंशन योजनाओं की बिना फंड वाली लागत का भी आकलन किया जाएगा।

सिफारिशें तय करते समय किन बातों का रखा जाएगा ध्यान?

8th Pay Commission केवल एकतरफा सिफारिशें नहीं देगा, बल्कि उसे देश की आर्थिक स्थिति को भी ध्यान में रखना होगा:

देश की आर्थिक स्थिति और राजकोषीय विवेक: सरकार के खजाने पर बहुत ज्यादा वित्तीय बोझ न पड़े, इसका ध्यान रखा जाएगा।

कल्याणकारी योजनाएं: यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वेतन बढ़ाने के बाद भी देश के विकास कार्यों और जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट बचा रहे।

राज्यों पर असर: केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को आमतौर पर राज्य सरकारें भी कुछ संशोधनों के साथ लागू करती हैं। इसलिए राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का भी आकलन किया जाएगा।

प्राइवेट सेक्टर से तुलना: पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (CPSUs) और प्राइवेट सेक्टर में कर्मचारियों को मिलने वाली सैलरी, वर्किंग कंडीशन और बेनिफिट्स की तुलना भी की जाएगी।

कौन-से कर्मचारी होंगे इसके पात्र?

8th CPC की सिफारिशें केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों, एजेंसियों और निम्नलिखित श्रेणियों के कर्मचारियों पर लागू होंगी:

  • केंद्रीय कर्मचारी (इंडस्ट्रियल और नॉन-इंडस्ट्रियल दोनों)
  • अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारी
  • सशस्त्र रक्षा बल के कर्मी
  • केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी
  • भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी
  • संसद के अधिनियमों के तहत स्थापित नियामक निकायों के सदस्य (आरबीआई को छोड़कर)
  • सुप्रीम कोर्ट के अधिकारी और कर्मचारी
  • केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा वहन किए जाने वाले खर्च वाले हाईकोर्ट के कर्मचारी
  • केंद्र शासित प्रदेशों की अधीनस्थ अदालतों के न्यायिक अधिकारी

Vikram-1 Launch: Skyroot एयरोस्पेस ने रचा इतिहास, भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट हुआ लॉन्च

शनिवार को भारत ने अपनी अंतरिक्ष यात्रा में एक अहम उपलब्धि हासिल की, जब हैदराबाद की कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने ‘मिशन आगमन’ के तहत श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर (SDSC-SHAR) से देश के पहले प्राइवेट तौर पर विकसित ऑर्बिटल-क्लास लॉन्च व्हीकल, ‘विक्रम-1’ को लॉन्च किया। दोपहर 12:05 बजे पहले लॉन्च पैड से हुआ यह लॉन्च, किसी भारतीय प्राइवेट कंपनी द्वारा भारतीय जमीन से रॉकेट को ऑर्बिट में भेजने की पहली कोशिश है। बता दें कि यह ग्लोबल कमर्शियल लॉन्च मार्केट में देश के प्रवेश का संकेत है।

गौरतलब है कि इस रॉकेट को असल में सुबह 11:30 बजे लॉन्च किया जाना था, लेकिन उड़ान भरने से कुछ मिनट पहले इसे थोड़ी देर के लिए रोका गया और आखिरकार यह दोपहर 12:05 बजे लॉन्च हुआ।

ISRO के चेयरमैन वी. नारायणन और ISRO के पूर्व प्रमुख एस. सोमनाथ ने श्रीहरिकोटा से विक्रम-1 की उड़ान देखी।

विक्रम-1 ध्वनी की रफ्तार से 5 गुना तेजी से उड़ान भरेगा

इस ऐतिहासिक लॉन्च के बाद, विक्रम-1 कुछ ही सेकंड में ध्वनि की रफ्तार को पार कर लेगा। उड़ान भरने के कुछ ही पलों बाद, विक्रम-1 तेजी से रफ्तार पकड़ेगा और उड़ान के सिर्फ 25 सेकंड में ध्वनि की रफ्तार (जिसे ‘मैक 1’ कहा जाता है) को पार कर लेगा।

स्काईरूट के मिशन प्रोफाइल के अनुसार, उड़ान शुरू होने के 1 मिनट 30 सेकंड के भीतर रॉकेट मैक-5 यानी ध्वनि की गति से पांच गुना तेज रफ्तार हासिल कर लेगा। इसके बाद इसका पहला चरण (फर्स्ट स्टेज) अलग हो जाएगा।

विक्रम-1 ऐतिहासिक लॉन्च के लिए तैयार

माना जा रहा है कि विक्रम-1 की टेस्ट फ्लाइट से भारत ग्लोबल प्राइवेट ऑर्बिटल लॉन्च मार्केट में कदम रखेगा। पूरी तरह से एक प्राइवेट भारतीय कंपनी द्वारा विकसित, विक्रम-1 देश का पहला प्राइवेट तौर पर बनाया गया ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल है और यह भारत की कमर्शियल स्पेस क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।

लॉन्च से पहले, स्काईरूट एयरोस्पेस ने बताया कि सभी जरूरी एयरस्पेस और समुद्री मंजूरियां मिल गई हैं। इसके अलावा रॉकेट के फ्लाइट पाथ और उसके प्रभाव वाले क्षेत्रों में हवाई और समुद्री गतिविधियों पर अस्थायी प्रतिबंध भी लगाया गया है, ताकि लॉन्च को सुरक्षित और सफल तरीके से पूरा किया जा सके।

मिशन आगमन

18 नवंबर 2022 में विक्रम-S के सफल लॉन्च के बाद, ‘मिशन आगमन’ स्काईरूट एयरोस्पेस का दूसरा मिशन है। विक्रम-S भारतीय जमीन से अंतरिक्ष में पहुंचने वाला पहला प्राइवेट तौर पर बनाया गया रॉकेट था।

शनिवार को होने वाले लॉन्च से पहले, कंपनी ने लॉन्च पैड पर विक्रम-1 के सभी स्टेज के इंटीग्रेशन और स्टैकिंग का काम पूरा कर लिया था। इसके बाद रॉकेट की फाइनल जांच, टेलीमेट्री इंटरफेस का वेरिफिकेशन और रडार ट्रैकिंग टेस्ट किए गए।

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मुंबई में शख्स ने लाखों की सैलरी छोड़ किया 1.5 करोड़ का इन्वेस्टमेंट’, रेस्टोरेंट और निवेश से हो रही 4 लाख की कमाई

एक व्यक्ति, जिसने ऐसा रास्ता चुना जिसे कई लोग जोखिम भरा मानते थे, अब आर्थिक आजादी और काम और निजी जिंदगी के बीच बेहतर संतुलन का आनंद ले रहा है। सोशल मीडिया पर अंकित पांडे द्वारा साझा की गई उनकी कहानी ने ऑनलाइन कई लोगों को प्रेरित किया है।

पोस्ट के अनुसार, उस व्यक्ति ने मुंबई में अपनी 1.5 लाख रुपये प्रति महीने की नौकरी छोड़ दी, जबकि लोगों ने उससे कहा कि वह बहुत बड़ी गलती कर रहा है। उसने अपना फ्लैट लगभग 3 करोड़ रुपये में बेच दिया और कोई दूसरा महंगा अपार्टमेंट खरीदने के बजाय अपने होमटाउन वापस चला गया।

उसने लगभग 20 लाख रुपये में जमीन खरीदी, 50 लाख रुपये में घर बनवाया और दो रेस्टोरेंट खोलने के लिए लगभग 50 लाख रुपये का निवेश किया। आज, दोनों रेस्टोरेंट जोमैटो और स्विगी पर लिस्टेड हैं और कर्मचारी उन्हें मैनेज करते हैं। बताया जाता है कि इन बिजनेस से उसे इतना मुनाफा होता है कि वह हर महीने लगभग 3 लाख रुपये बचा लेता है।

उसने फिक्स्ड डिपॉजिट में भी 1.5 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे उसे ब्याज के तौर पर हर महीने लगभग 1 लाख रुपये मिलते हैं। कुल मिलाकर, उसकी मासिक आय लगभग 4 लाख रुपये बताई जाती है। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।

एक यूजर ने लिखा, “बिना किसी विरासत, बिना किसी असली सोशल सर्कल और शहर से बिना किसी सच्चे लगाव के, मेट्रो शहर में सिर्फ एक औसत सैलरी पर गुज़ारा करना, एक दुखद जीवन जैसा लगता है।”एक दूसरे व्यक्ति ने कहा, “भले ही यह सच्ची कहानी हो, लेकिन जब वह होमटाउन गया तो उसके पास 3 करोड़ रुपये की पूंजी और पहले की बचत थी, जिससे बिजनेस और नई ज़िंदगी शुरू की जा सकती थी। हर किसी के पास, जो मेट्रो से होमटाउन जाता है, ऐसी सुविधा नहीं होती। अच्छी कहानी है, लेकिन ज़्यादातर लोगों के लिए आदर्श या उनसे जुड़ी हुई नहीं है।”

एक तीसरे व्यक्ति ने कहा, “यह इतना आसान नहीं है! रेस्टोरेंट का बिजनेस ही जोखिम भरा होता है! इतने सारे लाइसेंस और रिश्वत, लेबर की समस्याएं, सफाई के सर्टिफिकेट वगैरह, जिन्हें कॉम्पिटिटर निशाना बना सकते हैं! मैं रोज़ रेस्टोरेंट बंद होते देखता हूं!”

‘भूत बनकर आऊंगा…’, सोनम वांगचुक के एक बयान से ऐसा क्या हुआ कि आधी रात पुलिस को लेना पड़ा बड़ा एक्शन?

Sonam Wangchuk Hospitalization: दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीती रात एक बड़ा एक्शन देखने को मिला। पिछले 20 दिनों से जारी आंदोलन के बीच शनिवार तड़के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल शिफ्ट कर दिया। इसके बाद माहौल पूरी तरह गरमा गया है।

इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक का बयान तेजी से वायरल हो रहा है। इस बयान में उन्होंने 20 जुलाई के संसद मार्च को लेकर एक ऐसी बात कही थी, जो आज जंतर-मंतर पर हुई कार्रवाई के बाद लोगों के जेहन में दोबारा तैरने लगी है। आइए आपको बताते हैं कि सोनम वांगचुक ने पिछले दिनों क्या कहा था, आज की घटना से उसका क्या कनेक्शन है और क्या उनके इस बयान से प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।

’20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा, वरना भूत बनकर आऊंगा…’

भूख हड़ताल के दौरान अपने समर्थकों और देश की जनता को संबोधित करते हुए सोनम वांगचुक ने अपनी शारीरिक स्थिति और आंदोलन के भविष्य को लेकर बड़ी बात कही थी। उन्होंने कहा था, ‘मैं बाहर से भले ही कमजोर हूं, लेकिन अंदर से बहुत मजबूत हूं। मुझे उम्मीद है आप लोग भी अंदर-बाहर दोनों तरफ से बहुत मजबूत होंगे। हमें यह मजबूती 20 जुलाई तक चाहिए, जब बहुत शांतिपूर्ण तरीके से संसद मार्च निकालेंगे। हम एक साथ चलेंगे और देश के मंदिर में अपनी प्रार्थना सुनाएंगे। आप सब चलेंगे हमारे साथ? वादा करते हैं ना? मैं 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा। अगर नहीं आए और 20 जुलाई का प्रदर्शन सफल नहीं रहा तो मैं ‘भूत’ बनके आऊंगा।’

क्या वांगचुक के इस ‘संकल्प’ से डर गया प्रशासन?

सोनम वांगचुक का यह बयान केवल एक भावनात्मक अपील नहीं थी, बल्कि यह उनके अटूट संकल्प को दिखा रहा था। आज जब 21वें दिन पुलिस ने उन्हें जबरन प्रदर्शन स्थल से उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया, तो समर्थकों का कहना है कि प्रशासन कहीं न कहीं वांगचुक के इसी इरादे और 20 जुलाई के ‘संसद मार्च’ की तैयारी से घबरा गया था।

आंदोलन को बिखेरने की कोशिश?

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने वांगचुक को इसलिए हटाया ताकि 20 जुलाई को होने वाले बड़े प्रदर्शन की धार को कमजोर किया जा सके।

वहीं दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस और डॉक्टरों का कहना है कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक दबाव में नहीं, बल्कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश और वांगचुक की जान बचाने के लिए की गई है, क्योंकि 21 दिनों के अनशन के कारण उनके शरीर में पानी की बेहद कमी हो चुकी थी।

अस्पताल में शिफ्टिंग के बाद और मजबूत हुआ समर्थकों का इरादा

सोनम वांगचुक ने अपने बयान में जिस ‘मजबूती’ का जिक्र किया था, वह आज जंतर-मंतर पर साफ देखने को मिली। वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद भी आंदोलन थमा नहीं है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने खुद शनिवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान कर दिया है।

कार्यकर्ताओं का साफ कहना है कि अगर वांगचुक अस्पताल में भी रहते हैं, तो भी 20 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन संसद मार्च हर हाल में निकाला जाएगा और देश के लोकतंत्र के मंदिर संसद तक अपनी बात पहुंचाई जाएगी।

इस म्यूचुअल फंड ने 10 लाख रुपये के निवेश को सिर्फ 5 साल में 20 लाख रुपये बना दिया

म्यूचुअल फंड की स्कीम में एकमुश्त निवेश करने पर भी अच्छा रिटर्न मिलता है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल फ्लेक्सीकैप फंड ने एकमुश्त निवेश करने वाले इनवेस्टर्स का पैसा सिर्फ 5 साल में डबल कर दिया है। इस फंड की शुरुआत जुलाई 2021 में हुई थी। तब अगर आपने इस फंड में 10 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश किया होता तो 30 जून, 2026 को आपका पैसा बढ़कर 19.61 लाख रुपये हो गया होता। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने अपने इस फंड के रिटर्न का डेटा जारी किया है।

17 जुलाई, 2021 को हुई थी फंड की शुरुआत

ICICI Prudential Mutual Fund ने 17 जुलाई, 2026 को इस फंड के लॉन्च के 5 साल पूरे होने पर इसके रिटर्न का डेटा जारी किया है। ICICI Prudential Flexicap Fund की शुरुआत 17 जुलाई 2021 को हुई थी। एसेट मैनेजमेंट कंपनी के मुताबिक, इस फंड के रिटर्न का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 14.55 फीसदी है। यह फंड के बेंचमार्क BSE 500 Total Return Index (TRI) के 11.88 फीसदी सीएजीआर रिटर्न से काफी ज्यादा है।

5 साल में 10000 का मंथली सिप आज 8.47 लाख होता

किसी निवेशक ने इस फंड की शुरुआत के समय इसमें 10,000 रुपये का मंथली सिप शुरू किया होता तो आज उसका पैसा बढ़कर 8.47 लाख रुपये हो गया होता। यह 13.83 फीसदी सीएजीआर रिटर्न है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनवेस्टर्स किसी अच्छे फंड में SIP या एकमुश्त दोनों ही तरीकों से निवेश कर सकते हैं। जो निवेशक एकमुश्त निवेश नहीं कर सकते, सिप उनके लिए निवेश का आसान तरीका है।

यह ओपन-एंडेड फ्लेक्सीकैप इक्विटी स्कीम है

ICICI Prudential Mutual Fund एक ओपन-एंडेड इक्विटी फ्लेक्सी कैप स्कीम है। इसका मतलब है कि यह छोटी-बड़ी सभी तरह की कंपनियों के शेयरों में निवेश कर सकती है। यह स्कीम निवेश में बॉटम-अप स्टॉक सेलेक्शन एप्रोच का इस्तेमाल करती है। इसका फोकस उन कंपनियों की पहचान पर होता है, जिनमें लंबी अवधि में ग्रोथ की बड़ी संभावना होती है।

क्वालिटी बिजनेसेज के स्टॉक्स में निवेश पर फोकस

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के सीनियर फंड मैनेजर रजत चंडाक ने इस स्कीम के बारे में बताया, “स्कीम का फोकस रिसर्च के जरिए क्वालिटी बिजनेसेज के सेलेक्शन पर रहा है। स्कीम मार्केट की हर साइकिल के हिसाब से लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट एप्रोच का इस्तेमाल करती है।”

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61 फीसदी निवेश लार्जकैप स्टॉक्स में 

30 जून, 2026 को इस फंड का करीब 61 फीसदी निवेश लार्ज-कैप स्टॉक्स में था। 9 फीसदी मिडकैप स्टॉक्स में था। 25 फीसदी निवेश स्मॉलकैप स्टॉक्स में था। अभी निवेश के मामले में इस फंड का झुकाव कंजम्प्शन-ओरिएंटेड स्टॉक्स में है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हालांकि, इस फंड का रिटर्न अच्छा है, लेकिन निवेशकों को किसी फंड के पिछले रिटर्न को देखकर उसमें निवेश का फैसला करना चाहिए। इस फंड में निवेश से पहले इनवेस्टर्स को अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की राय जरूर लेनी चाहिए।