Ahmedabad: अहमदाबाद में बड़ा हादसा…पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका, आग लगने से 8 लोगों की मौत

अहमदाबाद के महमूदपुरा इलाके में शुक्रवार को एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस हादसे में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए एल.जी. अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों का कहना है कि राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की कई गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। दमकलकर्मी लगातार आग बुझाने और मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। पुलिस और दमकल विभाग ने आग लगने की वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, इस हादसे में हुए कुल नुकसान और मृतकों की अंतिम संख्या को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

खबर अपडेट हो रही है…

Viral Video: ’74 लाख खर्च हुए, फिर भी…’ IIM से पढ़ाई करने के लिए युवक ने छोड़ी सरकारी नौकरी, कहानी हुई वायरल

भारत में सरकारी नौकरी को सबसे सुरक्षित और सम्मानजनक करियर माना जाता है। वहीं एक बार सरकारी नौकरी मिलने के बाद बहुत कम लोग इसे अपनी इच्छा से छोड़ने का फैसला करते हैं। इसी बीच एक युवक का पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक युवक ने बेहतर भविष्य और नए अवसरों की तलाश में सरकारी नौकरी छोड़कर आईआईएम अहमदाबाद में पढ़ाई करने का रास्ता चुना। उसके मुताबिक ये फैसला उनके करियर को नई दिशा देगा और आगे चलकर अधिक बड़े मौके हासिल करने में मदद करेगा।

क्यों छोड़ी नौकरी

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए पोस्ट में अमित सोनी ने बताया कि, आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए करने का फैसला उनके लिए आसान नहीं था। उनके मुताबिक, सरकारी नौकरी छोड़ने और पढ़ाई पूरी करने तक इस फैसले की कुल लागत करीब 74 लाख रुपये रही। उन्होंने बताया कि ये रकम कैसे बनी, लेकिन उनका मुताबिक, उन्हें अपने इस फैसले पर कोई पछतावा नहीं है और वह इसे अपने करियर के लिए सही मानते हैं। अमित सोनी पहले भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात थे

बताया पूरा खर्च

अमित सोनी ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में कहा, “करीब 74 लाख रुपये। सरकारी नौकरी छोड़ने का फैसला मेरे लिए इतना महंगा पड़ा। जिस दिन मुझे आईआईएम अहमदाबाद में दाखिला मिला, उसी दिन मैंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया।” उन्होंने बताया कि इस रकम में एमबीए की पढ़ाई पर होने वाला खर्च भी शामिल है और वह आय भी, जिसे उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ने के कारण हासिल नहीं किया।

 

सोनी के अनुसार, आईआईएम अहमदाबाद के एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम फॉर एग्जीक्यूटिव्स (PGPX) की ट्यूशन फीस 37.10 लाख रुपये है। इसके अलावा, इंटरनेशनल इमर्शन प्रोग्राम पर करीब 4.5 लाख रुपये और पढ़ाई के दौरान रहने-खाने सहित अन्य खर्चों पर लगभग 2.5 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने के बाद उन्हें 9.80 लाख रुपये रिजाइन बॉन्ड के रूप में जमा करने पड़े।

20 लाख का हुआ नुकसान

इसके अलावा, सोनी ने सरकारी नौकरी छोड़ने से होने वाले ऑपर्च्युनिटी कॉस्ट का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, आईआईएम अहमदाबाद में पढ़ाई के दौरान एक साल तक नौकरी नहीं करने की वजह से उन्हें वेतन और अन्य नौकरी से मिलने वाले लाभों के रूप में करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बावजूद सोनी का कहना है कि उन्हें अपने फैसले पर कभी पछतावा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि नौकरी छोड़ते समय उनके पास कोई बैकअप प्लान नहीं था, सिर्फ अपने फैसले पर पूरा भरोसा था। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “सिर्फ विश्वास।” वहीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या ये फैसला सही था, तो उन्होंने जवाब दिया, “बिल्कुल, यह पूरी तरह इसके लायक था।”

क्यों लिया ये फैसला

सोनी ने कहा कि वह अपने इस फैसले को केवल पैसों के नजरिए से नहीं देखते। उनके मुताबिक, कुछ फैसलों की असली कीमत रुपये में नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले अनुभव और भविष्य में होने वाले बदलाव से तय होती है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “कुछ निवेश की कीमत लाखों रुपये से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि आप आगे चलकर क्या बनते हैं। यूनिफॉर्म से बोर्डरूम तक का यह सफर मेरे जीवन का दूसरा चैप्टर है।” इससे पहले एक इंस्टाग्राम वीडियो में भी उन्होंने बताया था कि सरकारी नौकरी छोड़कर दोबारा पढ़ाई करने का फैसला उन्होंने आरामदायक जीवन नहीं, बल्कि अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए लिया था।

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देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन सस्ती है या महंगी? यहां जान लें किराया, टाइमिंग, रूट की पूरी जानकारी

भारत की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन रविवार, 19 जुलाई से हरियाणा के जींद-सोनीपत रेल मार्ग पर नियमित यात्री सेवा शुरू करेगी। यह भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। साथ ही, यह पर्यावरण के अनुकूल और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था की दिशा में अहम कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। “नमो ग्रीन रेल” थीम पर शुरू की गई इस सेवा का संचालन और रखरखाव उत्तर रेलवे का दिल्ली मंडल करेगा।

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन 19 जुलाई से जींद-सोनीपत रेल मार्ग पर नियमित व्यावसायिक सेवा शुरू कर देगी।

जींद-सोनीपत के बीच चलेगी हाइड्रोजन ट्रेन

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद जंक्शन और सोनीपत के बीच चलेगी। इसे ट्रेन नंबर 74010 और 74009 के रूप में चलाया जाएगा। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) में तैयार की गई यह ट्रेन 89 किलोमीटर की दूरी करीब दो घंटे में पूरी करेगी। इसकी अधिकतम परिचालन गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। यह हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली डीएमयू (डीजल मल्टीपल यूनिट) ट्रेन के रूप में सोमवार से रविवार तक हर दिन सेवा देगी।

इन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन

यह ट्रेन जींद जंक्शन से सोनीपत के बीच कुल 14 स्टेशनों पर रुकेगी। रास्ते में पांडु पिंडारा सहित कई छोटे स्टेशनों पर भी यात्रियों को सुविधा मिलेगी। ट्रेन जिन स्टेशनों पर रुकेगी, वे हैं— जींद जंक्शन, जींद सिटी, पांडु पिंडारा, ललित खेड़ा हॉल्ट, भंभेवा, ईशापुर खेड़ी हॉल्ट, बुटाना हॉल्ट, खंडारी हॉल्ट, गोहाना, राभड़ा हॉल्ट, लाठ हॉल्ट, मोहाना हरियाणा, बरवासनी हॉल्ट और सोनीपत।

टिकट का किराया कितना होगा?

जींद-सोनीपत हाइड्रोजन ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को सामान्य डीएमयू ट्रेन जितना ही किराया देना होगा। यानी इस ट्रेन के लिए कोई अलग या अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। रेलवन (RailOne) मोबाइल ऐप के अनुसार, जींद जंक्शन से जींद सिटी तक सामान्य श्रेणी का टिकट 10 रुपये का है। वहीं, जींद से सोनीपत तक पूरे 89 किलोमीटर के सफर के लिए सामान्य श्रेणी का किराया 25 रुपये रखा गया है। यानी इस हाइड्रोजन ट्रेन में सामान्य श्रेणी का न्यूनतम किराया 10 रुपये और अधिकतम किराया 25 रुपये होगा।

हाइड्रोजन ट्रेन का समय

ट्रेन नंबर 74010 सुबह 7:40 बजे जींद जंक्शन से रवाना होगी और सुबह 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। रास्ते में यह ट्रेन जींद सिटी (7:47 बजे), पांडु पिंडारा (7:55 बजे), ललित खेड़ा हॉल्ट (8:08 बजे), भंभेवा (8:18 बजे), ईशापुर खेड़ी हॉल्ट (8:25 बजे), बुटाना हॉल्ट (8:32 बजे), खंडारी हॉल्ट (8:40 बजे), गोहाना (8:48 बजे), राभड़ा हॉल्ट (8:57 बजे), लाठ हॉल्ट (9:06 बजे), मोहाना हरियाणा (9:15 बजे) और बरवासनी हॉल्ट (9:26 बजे) पर रुकेगी।

वापसी का समय

वापसी में ट्रेन नंबर 74009 सुबह 10:40 बजे सोनीपत से चलेगी और दोपहर 1:00 बजे जींद जंक्शन पहुंचेगी। इस दौरान ट्रेन बरवासनी हॉल्ट, मोहाना हरियाणा, लाठ हॉल्ट, राभड़ा हॉल्ट, गोहाना, खंडारी हॉल्ट, बुटाना हॉल्ट, ईशापुर खेड़ी हॉल्ट, भंभेवा, ललित खेड़ा हॉल्ट, पांडु पिंडारा और जींद सिटी स्टेशन पर भी रुकेगी। यह नई समय-सारणी 19 जुलाई 2026 से लागू होगी। यह ट्रेन रोजाना चलेगी और इसमें यात्री सामान्य अनारक्षित टिकट लेकर सफर कर सकेंगे।

Rajesh Sharma: प्रभास स्टारर ‘फौजी’ के सेट पर बीमार पड़े राजेश शर्मा अस्पताल से हुए डिस्चार्ज, सामने आया हेल्थ अपडेट

Rajesh Sharma: प्रभास की आने वाली फिल्म ‘फ़ौजी’ की शूटिंग के दौरान कीड़े के काटने की घटना के कुछ दिनों बाद, अस्पताल से छुट्टी मिलने पर एक्टर राजेश शर्मा मुंबई स्थित अपने घर पर ठीक हो रहे हैं। हालांकि अनुभवी एक्टर की हालत ठीक बताई जा रही है और उम्मीद है कि वे जल्द ही काम पर लौटेंगे, लेकिन इस घटना को लेकर अलग-अलग बातें सामने आई हैं।

फेडरेशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इलाज के बाद शर्मा घर लौट आए हैं और अभी ठीक हो रहे हैं। इस बात की पुष्टि करते हुए FWICE के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने बॉलीवुड हंगामा को बताया, “राजेश शर्मा जी को हाल ही में अस्पताल से छुट्टी मिली है। वे अभी मुंबई में अपने घर पर ठीक हो रहे हैं। वे आने वाले दिनों में एक प्रोजेक्ट की शूटिंग के लिए विदेश भी जाने वाले हैं।”

हाल ही में, उनके पारिवारिक दोस्त और एक्टर सुदीपा चटर्जी ने बताया कि शर्मा की हालत ‘काफी बेहतर’ है और उनकी स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। चटर्जी ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, “अब वे थोड़े बेहतर हैं। किसी अनजान कीड़े के काटने की वजह से यह हुआ है; टेस्ट किए जा रहे हैं और उनकी हालत पर नज़र रखी जा रही है। इलाज चल रहा है और पिछले दो दिनों में वे काफी बेहतर हुए हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “राजेश जी की मां बहुत बुज़ुर्ग हैं और उनकी बहन विदेश में थीं, इसलिए वे हमारे पारिवारिक दोस्त हैं। जब हमें इस बारे में पता चला, तो हम तुरंत अस्पताल पहुंचे और तभी मैंने अपना पहला बयान भी दिया।”

सुदीपा ने आगे बताया, “हैदराबाद से लौटने के बाद जब वे घर पर थे, तो उन्हें बुखार था। उन्हें लगा कि यह बुखार है या शायद मच्छर के काटने की वजह से हो सकता है, इसलिए वे घर आ गए। घर पर बेचैनी महसूस होने के बाद वे पास के अस्पताल गए, जहां उन्हें भर्ती कर लिया गया।”

शर्मा की सेहत से जुड़ी खबरें इस महीने की शुरुआत में तब सामने आईं, जब एक्ट्रेस और उनकी पारिवारिक दोस्त सुदीपा चटर्जी ने सोशल मीडिया पर एक बयान शेयर किया; हालांकि, बाद में उस बयान को हटा दिया गया। बयान में कहा गया था कि हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में ‘फ़ौजी’ की शूटिंग के दौरान एक्टर को किसी कीड़े ने काट लिया था। इसमें आगे बताया गया कि इस घटना के बाद उनकी हालत बिगड़ गई, जिसके बाद वे कोलकाता गए और इलाज के लिए ढाकुरिया के मणिपाल अस्पताल में भर्ती हुए।

हालांकि, ‘फौजी’ के मेकर्स ने ऐसी किसी घटना की जानकारी होने से इनकार किया है। ‘गुल्टे’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म की टीम के सदस्यों ने बताया कि राजेश ने अपनी तय शूटिंग लगभग एक हफ़्ते पहले ही पूरी कर ली थी और वे सेट से जा चुके थे। उन्होंने कहा कि उन्हें कीड़े के काटने की घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

एक्टर अक्षय कुमार, जिन्होंने ‘भूत बंगला’ में शर्मा के साथ काम किया है, ने भी इस खबर पर प्रतिक्रिया दी और उनके जल्द ठीक होने की कामना की। X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, “शूटिंग के दौरान कीड़े के काटने के बाद मेरे प्यारे दोस्त राजेश की सेहत के बारे में सुनकर बहुत चिंता हुई। उम्मीद है कि महादेव उन्हें जल्द और पूरी तरह से ठीक कर देंगे। जल्दी ठीक हो जा यार, अभी साथ बैठकर बहुत हंसना है।”

राजेश शर्मा या उनके प्रतिनिधियों ने अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। शर्मा ने कई सालों में बेहतरीन काम किया है। उन्होंने ‘खोसला का घोसला’, ‘इश्किया’, ‘नो वन किल्ड जेसिका’, ‘चिल्लर पार्टी’, ‘द डर्टी पिक्चर’, ‘स्पेशल 26’, ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’, ‘इंडियाज़ मोस्ट वांटेड’ और ‘भूत बंगला’ जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया है।

कमाई तगड़ी पर बचत जीरो! क्या आप भी फंस चुके हैं ‘लाइफस्टाइल क्रीप’ के इस मायाजाल में? जानें बचने के 5 आसान उपाय

Financial Planning and Budgeting Tips: नौकरी में प्रमोशन होना, बंपर सैलरी हाइक मिलना या बिजनेस से होने वाली कमाई का बढ़ना हर किसी को एक सुखद अहसास देता है। इसे देखकर लगता है कि हमारे वित्तीय लक्ष्य बिल्कुल सही रास्ते पर हैं। इसके बावजूद, एक कड़वी हकीकत यह भी है कि समाज में ‘मोटी सैलरी’ कमाने वाले कई लोग भी महीने का अंत आते-आते पैसों की तंगी से जूझने लगते हैं।

असल में दिक्कत यह नहीं है कि वे हर महीने कितना कमा रहे हैं, बल्कि समस्या उस अंतर में है जो उनके बैंक खाते में आने वाले पैसे और चुपके से जेब से बाहर जाने वाले खर्चों के बीच होता है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि आज के दौर में ‘अफोर्डेबिलिटी’ का मतलब केवल यह नहीं है कि आप आज कोई चीज खरीद सकते हैं या नहीं, बल्कि इसका मतलब यह है कि क्या आप अपनी बचत को नुकसान पहुंचाए या बिना कर्ज लिए उसे लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं।

आइए जानते हैं कुछ ऐसे प्रैक्टिकल बजटिंग टिप्स, जो आपकी अच्छी सैलरी को असल मायने में आपकी ‘आर्थिक सुरक्षा’ में बदल सकते हैं।

1. CTC के भ्रम से बाहर निकलें, ‘इन-हैंड सैलरी’ से बनाएं बजट

ज्यादातर लोग अपने सालाना कॉस्ट-टू-कंपनी (CTC) या ग्रॉस सैलरी के हिसाब से अपने खर्चों की प्लानिंग करने की गलती कर बैठते हैं। सीटीसी का आंकड़ा नौकरी बदलते समय या सैलरी नेगोशिएशन के दौरान तो बहुत काम आता है, लेकिन घर का बजट चलाने में इससे कोई मदद नहीं मिलती।

आपको हमेशा इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि टैक्स (TDS), प्रोविडेंट फंड (PF) और अन्य कटौतियों के बाद हर महीने आपके बैंक अकाउंट में वास्तविक रूप से कितना पैसा क्रेडिट हो रहा है। अगर आप खाते में आने वाली रकम से बड़े आंकड़े पर अपना बजट तैयार करेंगे, तो महीने के आखिरी हफ्ते में निराशा ही हाथ लगेगी।

2. फिक्स्ड खर्चे बयां करते हैं आपके बजट का सच

अपने वित्तीय स्वास्थ्य को समझने का सबसे आसान तरीका यह है कि आप उन खर्चों की एक लिस्ट बनाएं जिन्हें आप किसी भी कीमत पर टाल नहीं सकते। इसमें आपके घर का किराया या होम लोन की EMI, बच्चों की स्कूल फीस, इंश्योरेंस प्रीमियम, कार लोन, राशन का खर्च और बिजली-पानी के यूटिलिटी बिल शामिल होते हैं।

इन अनिवार्य खर्चों को अलग करने के बाद जो रकम बचती है, वही आपके बजट की असली ‘फ्लेक्सिबिलिटी’ तय करती है। इस एक्सरसाइज को करने के बाद बहुत से लोगों को यह देखकर हैरानी होती है कि अपनी मर्जी से खर्च करने के लिए उनके पास उतनी बड़ी रकम बची ही नहीं है, जितना वे मानकर चल रहे थे।

3. ‘लाइफस्टाइल अपग्रेड’ करने से पहले दो बार सोचें

सैलरी में बढ़ोतरी होते ही अक्सर लोग बड़े वित्तीय कमिटमेंट कर लेते हैं। जैसे ही आय बढ़ती है, एक बड़ा घर किराए पर लेना, महंगी कार खरीदना या हर वीकेंड पर महंगे रेस्टोरेंट में जाना बहुत आसान और किफायती लगने लगता है। इस बदलाव का सबसे बड़ा चैलेंज यह है कि ये लाइफस्टाइल अपग्रेड धीरे-धीरे आपके स्थायी फिक्स्ड खर्चों में बदल जाते हैं।

अगर भविष्य में कभी नौकरी में कोई बदलाव होता है, बिजनेस में मंदी आती है या किसी आपातकालीन स्थिति के कारण आपकी आय कम होती है, तो इन बढ़े हुए फिक्स्ड कमिटमेंट्स को संभालना बेहद मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि फाइनेंशियल प्लानर्स हमेशा सैलरी हाइक मिलने के कम से कम 3 से 6 महीने बाद तक कोई बड़ा लाइफस्टाइल अपग्रेड न करने की सलाह देते हैं।

4. पहले बचत करें, फिर बचे हुए पैसों को खर्च करें

मिडिल क्लास और नौकरीपेशा लोगों में बजटिंग की सबसे आम गलती यह होती है कि वे महीने भर खुलकर खर्च करते हैं और सोचते हैं कि महीने के अंत में जो कुछ बचेगा, उसे बचा लेंगे। हकीकत में महीने के अंत तक बचने वाली यह रकम या तो बेहद मामूली होती है या फिर शून्य होती है।

वित्तीय सलाहकार हमेशा यह सुझाव देते हैं कि आपको अपनी बचत और निवेश (जैसे- म्यूचुअल फंड एसआईपी या पीपीएफ) को महीने के किसी अन्य जरूरी बिल की तरह देखना चाहिए। जैसे ही सैलरी अकाउंट में आए, सबसे पहले इमरजेंसी फंड, रिटायरमेंट या लॉन्ग टर्म गोल्स के लिए पैसे अलग कर दें। ऐसा करने से फिजूलखर्ची के चक्कर में आपकी बचत कभी नहीं छूटेगी।

5. अनचाहे खर्चों और आपातकाल के लिए रखें जगह

एक ऐसा बजट जो केवल तभी काम करता है जब सब कुछ आपकी प्लानिंग के मुताबिक चल रहा हो, असल में एक बेहद कमजोर बजट है। जिंदगी में कभी भी मेडिकल इमरजेंसी, घर या गाड़ी की अचानक मरम्मत, पारिवारिक संकट या कुछ समय के लिए नौकरी छूटने जैसी परिस्थितियां आ सकती हैं।

इसी वजह से एक मजबूत इमरजेंसी फंड का होना और खुद पर बहुत ज्यादा कर्ज (EMIs का बोझ) न लादना समझदारी की निशानी है। यही एक छोटी सी तैयारी एक सामान्य वित्तीय असुविधा और एक बड़े वित्तीय संकट के बीच का अंतर तय करती है।

कुल मिलाकर आपकी फाइनेंशियल सिक्योरिटी इस बात से तय नहीं होती कि आपकी सैलरी कितनी बड़ी है। यह इस बात से तय होती है कि क्या आप बिना क्रेडिट कार्ड या कर्ज के जाल में फंसे अपने सभी मासिक खर्चों को पूरा कर पा रहे हैं और भविष्य के लिए पर्याप्त बचत कर रहे हैं या नहीं। हर दो-तीन महीने में अपने खर्चों का रिव्यू करना आपको चौंकाने वाले नतीजे दे सकता है। कई बार फायदा ज्यादा कमाने से नहीं, बल्कि यह समझने से होता है कि आप उसे खर्च कैसे कर रहे हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

इस डिफेंस स्टॉक ने नागपुर की नुवाल फैमिली को बना दिया 1.2 लाख करोड़ रुपये का मालिक

सोलर इंडस्ट्रीज का शेयर इस साल अब तक 51 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इससे इस शेयर के निवेशक गदगद हैं। साथ ही नागपुर की नुवाल फैमिली की संपत्ति भी नई ऊंचाई पर पहुंच गई है। यह परिवार देश के सबसे अमीर प्रमोटर समूहों में शामिल हो गया है। सोलर इंडस्ट्रीज में नुवाल फैमिली की 73.1 फीसदी हिस्सेदारी है।

सोलर इंडस्ट्रीज का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.67 लाख करोड़ पहुंचा

सोलर इंडस्ट्रीज के शेयरों में आई तेजी से इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.67 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। इसमें कंपनी के एक्सप्लोसिव और डिफेंस बिजनेसेज की स्ट्रॉन्ग ग्रोथ का हाथ है। कंपनी के शेयरों में आई तेजी ने नुवाल परिवार को बीते कुछ सालों की देश में वेल्थ क्रिएशन की सबसे बड़ी स्टोरी बना दी है।

सबसे ज्यादा वैल्यूएशन वाली प्रमोटर ग्रुप कंपनियों में शामिल 

सोलर इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा वैल्यूएशन वाली प्रमोटर ग्रुप कंपनियों में से एक बन गई है। इससे नुवाल फैमिली भी भारत के कुछ बड़े बिजनेस घरानों में शामिल हो गया है। प्रमोटरी की हिस्सेदारी की वैल्यू के लिहाज से सोलर इंडस्ट्रीज डीएलएफ से आगे निकल गई है।

डिफेंस सेगेमेंट से कंपनी के कारोबार को मिला बूस्ट 

कंपनी की रीरेटिंग में उसके डिफेंस बिजनेस का बड़ा हाथ है। सोलर इंडस्ट्रीज की एंट्री डिफेंस सेक्टर में 2010 में हुई थी। इस बीच कंपनी के कुल रेवेन्यू में डिफेंस बिजनेस की हिस्सेदारी करीब 5 फीसदी से बढ़कर करीब 20 फीसदी हो गई है। इससे इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव्स सेगमेंट में कंपनी की स्थिति मजबूत हुई है।

FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 10000 करोड़ रुपये पहुंचा

सोलर इंडस्ट्रीज के लिए लंबी अवधि में ग्रोथ के बड़े मौके दिख रहे हैं। कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा है, जिसका असर इसके शेयरों पर दिखा है। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू करीब 10,000 करोड़ रुपये पहुंच गया। टैक्स बाद प्रॉफिट करीब 1,800 करोड़ रुपये रहा। इसका रिटर्न ऑन इक्विटी करीब 29 फीसदी है। रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड करीब 37.5 फीसदी है।

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मनीष नुवाल कंपनी के सबसे बड़े शेयरहोल्डर 

मनीष नुवाल कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ एग्जिक्यूटिव अफसर हैं। वह कंपनी के सबसे बड़े शेयरहोल्डर हैं। उनकी कंपनी में 38.9 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी के फाउंडर सत्यनारायण नुवाल की करीब 3.5 फीसदी हिस्सेदारी है। प्रमोटर के ट्रस्ट की करीब 29 फीसदी हिस्सेदारी है। सीमा नुवाल की 1.37 फीसदी हिस्सेदारी है। इससे कंपनी में प्रमोटर की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 73.11 फीसदी है।

Deepika Padukone: 7 महीने की प्रेग्नेंट दीपिका पादुकोण कर रहीं नॉन-स्टॉप शूटिंग, फैंस कर रहे तारीफ

Deepika Padukone: करीब दो दशकों से दीपिका पादुकोण ने भारतीय सिनेमा की सबसे प्रोफेशनल और ईमानदार अभिनेत्रियों में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उनकी शानदार अदाकारी ने दुनियाभर के दर्शकों का दिल जीता है, लेकिन जिस बात ने उन्हें सबसे अलग बनाया है, वह है अपने काम के प्रति उनका समर्पण।

उन्होंने हर बार यह साबित किया है कि एक बार किसी फिल्म के लिए हामी भरने के बाद, वह हर परिस्थिति में अपना सौ प्रतिशत देती हैं। अपने पूरे करियर में दीपिका ने हर प्रोजेक्ट को पूरी लगन और जिम्मेदारी के साथ पूरा किया है। हाल ही में 7 महीने की प्रेग्नेंसी के दौरान लगातार शूटिंग करने की खबर ने एक बार फिर इसे साबित कर दिया है।

इसका सबसे बड़ा उदाहरण उनकी पहली प्रेग्नेंसी के दौरान देखने को मिला, जब वह ‘सिंघम अगेन’ की शूटिंग कर रही थीं। गर्भवती होने के बावजूद उन्होंने फिल्म की शूटिंग जारी रखी और न तो प्रोडक्शन में कोई देरी होने दी और न ही शूटिंग शेड्यूल प्रभावित होने दिया। उन्होंने फिल्ममेकर्स से किए अपने हर वादे को निभाया और यह सुनिश्चित किया कि फिल्म का काम बिना किसी रुकावट के आगे बढ़े।

अब उनकी दूसरी प्रेग्नेंसी के दौरान भी यही कहानी दोहराई जा रही है। कुछ महीने पहले दीपिका अपनी दूसरी संतान की उम्मीद करते हुए ‘किंग’ की शूटिंग करती नजर आई थीं। अब जब वह अपनी प्रेग्नेंसी के थर्ड ट्राइमेस्टर में हैं, तब भी वह ‘राका’ की लगातार शूटिंग कर रही हैं। खबरों के मुताबिक, वह लगभग बिना रुके काम कर रही हैं, जिसमें लगातार नाइट शिफ्ट्स भी शामिल हैं। सबसे खास बात यह है कि वह यह सब करते हुए घर पर अपनी डेढ़ साल की बेटी की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं।

दीपिका की प्रेग्नेंसी कभी भी फिल्ममेकर्स के लिए शेड्यूल बदलने, शूटिंग टालने या प्रोडक्शन में किसी तरह की परेशानी का कारण नहीं बनी। उन्होंने किसी भी प्रोजेक्ट को बीच में छोड़ने के बजाय, जिन फिल्मों के लिए उन्होंने हामी भरी, उन सभी के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। यह सिर्फ अनुशासन ही नहीं, बल्कि हर फिल्म से जुड़े लोगों, उनकी योजना और उनके निवेश के प्रति उनके सम्मान को भी दर्शाता है।

फिल्म इंडस्ट्री में जहां बड़े बजट की फिल्मों का पूरा काम तय शेड्यूल पर निर्भर करता है, वहां इस तरह की ईमानदारी और प्रोफेशनलिज़्म आसानी से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। दीपिका यह साबित करती हैं कि किसी कलाकार की प्रोफेशनलिज़्म सिर्फ पर्दे पर उसकी परफॉर्मेंस से नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे निभाई गई उसकी जिम्मेदारियों से भी तय होती है।

चाहे ‘सिंघम अगेन’ के दौरान उनकी पहली प्रेग्नेंसी हो, ‘किंग’ की शूटिंग के समय दूसरी प्रेग्नेंसी, या अब तीसरे चरण में ‘राका’ की लगातार शूटिंग—एक चीज़ हमेशा एक जैसी रही है, और वह है अपने काम के प्रति दीपिका पादुकोण का अटूट समर्पण। मातृत्व की जिम्मेदारियों को निभाते हुए भी वह अपने हर प्रोफेशनल कमिटमेंट को पूरी ईमानदारी से पूरा कर रही हैं और बिना किसी समझौते के वर्क-लाइफ बैलेंस की एक मजबूत मिसाल पेश कर रही हैं।

8 घंटे की शिफ्ट की मांग को लेकर जिन लोगों ने उन्हें सवालों के घेरे में खड़ा किया, वही मुद्दा राष्ट्रीय बहस बन गया। लेकिन जब बात अपने काम के प्रति समर्पण की आती है, तो दीपिका पादुकोण जैसी मिसाल बहुत कम देखने को मिलती है। उनकी यही निरंतरता, ईमानदारी और जिम्मेदारी उन्हें भारतीय सिनेमा की सबसे प्रोफेशनल अभिनेत्रियों में से एक बनाती है।

FIFA World Cup 2026 Final: अर्जेंटीना और स्पेन के बीच ब्लॉकबस्टर फाइनल, जानें भारत में कब और कहां देख सकते हैं मुकाबला

FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है। फीफा वर्ल्ड कप का नया चैंपियन मिलने में सिर्फ एक मुकाबला बाकी है। कई हफ्तों तक चले रोमांचक मुकाबलों के बाद अब खिताब के लिए स्पेन और अर्जेंटीना आमने-सामने होंगे। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की मेजबानी में खेले गए इस टूर्नामेंट का समापन एक हाई-वोल्टेज फाइनल के साथ होगा। दुनियाभर के फुटबॉल फैंस बेसब्री से फाइनल का इंतजार कर रहे हैं। दोनों टीमें ट्रॉफी जीतने के इरादे से मैदान में उतरेंगी। वहीं भारत में फैंस यह जानना चाहते हैं कि फाइनल किस तारीख और समय पर देखा जा सकेगा।

भारत में कितने बजे शुरू होगा मुकाबला

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला स्पेन और अर्जेंटीना के बीच न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेला जाएगा। खिताबी मुकाबला स्पेन और अर्जेंटीना के बीच रविवार, 19 जुलाई (स्थानीय समय) को खेला जाएगा। वहीं भारतीय दर्शकों को ये मैच सोमवार, 20 जुलाई की आधी रात के बाद यानी 12:30 बजे (IST) देखने को मिलेगा। यानी भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों को इस महामुकाबले का रोमांच देखने के लिए रविवार देर रात तक जागना पड़ेगा। स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले इस खिताबी मुकाबले का इंतजार देश के लाखों फुटबॉल प्रेमी बेसब्री से कर रहे हैं।

वहीं तीसरे स्थान के लिए इंग्लैंड और फ्रांस की टीमें 18 जुलाई (स्थानीय समय) को मियामी के हार्ड रॉक स्टेडियम में भिड़ेंगी। भारतीय समय के अनुसार ये मुकाबला 19 जुलाई की रात 12:30 बजे शुरू होगा।

सेमीफाइनल में इसे दी मात

स्पेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से हराकर शानदार अंदाज में फाइनल का टिकट हासिल किया। वहीं मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से मात देकर लगातार दूसरी बार खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। अब ट्रॉफी के लिए दोनों टीमें फाइनल में बढ़ेगी।

कहां पर देखें लाइव मुकाबला

भारत में फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले का लाइव प्रसारण कई प्लेटफॉर्म पर देखा जा सकेगा। ऑनलाइन मैच देखने वाले दर्शक इसे ZEE5 पर लाइव स्ट्रीम कर सकेंगे। वहीं टीवी पर यह मुकाबला Unite8 स्पोर्ट्स चैनल पर प्रसारित होगा। इसके अलावा, डीडी फ्री डिश का इस्तेमाल करने वाले फुटबॉल प्रशंसक DD Sports पर भी इस हाई-वोल्टेज मुकाबले का सीधा प्रसारण देख सकेंगे।

IMD Heavy Rain Alert: 9 सक्रिय चक्रवाती सिस्टम एक्टिव, IMD ने 20+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, यूपी से बिहार तक मूसलाधार

India Weather Update: देश भर में मानसून की रफ्तार अब बेहद आक्रामक हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई को जारी ताजा वेदर बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम, पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान मानसून की स्थिति बेहद सक्रिय रहने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश के वायुमंडल में 9 बड़े चक्रवाती सिस्टम, ट्रफ और मौसमी प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इनके संयुक्त प्रभाव से देश के 20 से अधिक राज्यों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दूसरी तरफ अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां काफी धीमी बनी रहेंगी।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, आने वाले दिनों में आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

देश में एक्टिव हैं 9 चक्रवाती सिस्टम

18 जुलाई के मुताबिक देश के आसमान में अभी कई ताकतवर सिस्टम बने हुए हैं-

  • झारखंड-बंगाल पर चक्रवाती परिसंचरण: गांगेय पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों और उससे सटे उत्तरी झारखंड पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है लेकिन इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण इसी क्षेत्र पर समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक लगातार सक्रिय है।
  • बिहार से बंगाल की खाड़ी तक ट्रफ: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी बिहार से लेकर झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है।
  • उत्तरी हरियाणा पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी हरियाणा और उसके आस-पास के इलाके पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश पर चक्रवाती सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में पूर्वी यूपी के ऊपर एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
  • दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
  • दक्षिण ओडिशा पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण ओडिशा और उसके आस-पास के इलाके पर एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है।
  • उत्तर-पूर्वी असम पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तर-पूर्वी असम और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु) पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण तमिलनाडु से सटे मन्नार की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण लगातार बरकरार है।
  • उत्तरी केरल पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी केरल और उसके आस-पास के क्षेत्र पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

इसके अतिरिक्त पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ के रूप में 70°E देशांतर के साथ और 30°N अक्षांश के उत्तर में सक्रिय है जबकि मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर और पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है।

पिछले 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिश?

अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक): छत्तीसगढ़ और मेघालय में रिकॉर्ड तोड़ बरसात दर्ज की गई है।

बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी): पंजाब, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु में दर्ज हुई।

भारी बारिश (7 से 11 सेमी): हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, कोंकण व गोवा, ओडिशा, बिहार, त्रिपुरा, तटीय व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश व यानम और केरल में दर्ज की गई।

अगले 6-7 दिनों का राज्यवार विस्तृत पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर)

पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई के दौरान और पश्चिमी यूपी में 19-24-जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 18 जुलाई को छिटपुट बारिश की संभावना है। 18 से 21 जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और 18 से 20 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 22-24 जुलाई के बीच भारी बारिश भी होगी।

उत्तराखंड में 18-24 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर चलेगा। 19 और 20 जुलाई को उत्तराखंड में अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है। इसके साथ ही 18 और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 19-20 व 22-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को हिमाचल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 व 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18, 20-21 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में18 जुलाई को छिटपुट और 19-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश और 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश की आशंका है। 18-21 और 23 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 18-19 जुलाई और 24 जुलाई को छिटपुट जबकि 20 से 23 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होगी। 20 से 22 जुलाई के दौरान इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 19 और 23 जुलाई को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वी राजस्थान में 18-23 जुलाई को छिटपुट और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जबकि 20-24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में 18-24 जुलाई के दौरान छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

2- पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल)

बिहार में 18-21 जुलाई तक व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश का अनुमान है। 18 से 20 जुलाई के बीच बिहार में बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट है जबकि 21 से 24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। झारखंड में 18-23 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी (24 जुलाई को छिटपुट)। राज्य में 18 से 21 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 18 और 19 जुलाई को यहां कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट है। 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18-19 व 21-22 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी है।

गांगेय पश्चिम बंगाल में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी जिसमें 21-23 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 18-19 जुलाई को व्यापक बारिश (20-24 जुलाई को छिटपुट) होगी और 18-20 जुलाई के दौरान भारी बारिश का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को छिटपुट, जबकि 21-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी।

3- पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अरुणाचल)

असम और मेघालय में राज्यों में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी (21-22 जुलाई को छिटपुट)। 18 जुलाई को असम और मेघालय में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 19-20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 21-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 18-20 जुलाई और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। 18 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 18-24-जुलाई के दौरान लगातार व्यापक बारिश होगी जिसमें 18 से 22 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है।

Kia Sorento Hybrid SUV की भारत में एंट्री जल्द! दमदार डिजाइन, हाईटेक फीचर्स और हाइब्रिड इंजन का मिलेगा फायदा

Kia Sorento Hybrid: Kia भारतीय बाजार में अपनी नई Sorento Hybrid SUV को उतारने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने हाल ही में एक टीजर जारी किया है, जिसमें एक नई हाइब्रिड SUV की झलक दिखाई गई है। माना जा रहा है कि यह अपकमिंग Kia Sorento Hybrid हो सकती है। कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने इस SUV की अनऑफिशियल बुकिंग भी शुरू कर दी है।

मिलेंगे दमदार फीचर्स?

इंटीरियर की बात करें तो, 2026 Kia Sorento में एक प्रीमियम केबिन मिलता है, जो कई मॉडर्न फीचर्स से लैस है। इस 7-सीटर SUV के केबिन के अंदर एक डुअल-डिस्प्ले सेटअप दिया गया है जिसमें दोनों स्क्रीन का साइज 12-इंच है। इसके साथ ही, इसमें कंट्रोल बटन के साथ फोर-स्पोक स्टीयरिंग व्हील, एक प्रीमियम लेदर गियर नॉब, वॉल्यूम और फैन स्पीड कंट्रोल करने के लिए रोटरी डायल के साथ टच-बेस्ट HVAC पैनल, स्टडी पेडल्स और एक डुअल-टोन थीम मिलती है।

इसके अलावा, इस गाड़ी में लेवल-2 ADAS सुइट, मैनुअल रूप से डिम होने वाला IRVM, पैनोरमिक सनरूफ, पावर्ड और वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स जैसे कई सारे फीचर्स मिलने की उम्मीद है।

कैसा होगा डिजाइन?

2026 Kia Sorento का डिजाइन काफी दमदार और प्रीमियम नजर आता है। इसका लुक ऊंचा और बॉक्सी रखा गया है, जो इसे एक मजबूत SUV वाली पहचान देता है। इसके फ्रंट में Y-शेप के हॉरिजॉन्टल LED DRLs दिए गए हैं, जो टर्न इंडिकेटर का काम भी करते हैं। इसके अलावा, SUV में वर्टिकल डिजाइन वाले चार LED प्रोजेक्टर हेडलैंप मिलते हैं।

7-सीटर Sorento के फ्रंट प्रोफाइल में ब्लैक टाइगर नोज ग्रिल, एयर डैम्स और ब्लैक-आउट रेडिएटर ग्रिल जैसे एलिमेंट्स दिए गए हैं, जो इसे ज्यादा स्पोर्टी और आकर्षक लुक देते हैं।

साइड और रियर लुक

गाड़ी के साइड प्रोफाइल में पूरी लंबाई तक फैली हुई पतली ब्लैक बॉडी क्लैडिंग दी गई है, जो इसे एक रफ और प्रीमियम SUV वाला लुक देती है। इसके अलावा, इसमें व्हील आर्च क्लैडिंग और बड़े 19-इंच अलॉय व्हील मिलते हैं। पीछे की तरफ C-शेप की टेललाइट्स दी गई हैं, जो साइड तक फैली हुई है। इसके साथ ही, इसमें छोटा रूफ स्पॉइलर, टेलगेट पर Kia की बैजिंग और रूफ पर शार्क फिन एंटीना दिया गया है।

इंजन और पावरट्रेन

कंपनी ने अभी तक आने वाली इंजन की कोई जानकारी नहीं दी है। हालांकि, ग्लोबल मार्केट में यह SUV कई पावरट्रेन विकल्पों के साथ उपलब्ध है। इनमें 2.5 लीटर पेट्रोल इंजन, 2.5 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन और 1.6 लीटर टर्बो हाइब्रिड पावरट्रेन शामिल हैं।

उम्मीद की जा रही है कि भारत में किआ Sorento को स्टॉन्ग हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के साथ पेश कर सकती है। इसके अलावा, ग्राहकों के लिए इसमें पेट्रोल इंजन का विकल्प भी दिया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह SUV भारतीय बाजार में प्रीमियम हाइब्रिड सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बन सकती है।