ChatGPT से दिनभर करती थी बातचीत! महिला की हुई मौत, परिवार ने OpenAI पर लगाए गंभीर आरोप

अमेरिका में एक महिला की मौत के मामले में AI चैटबॉट को लेकर बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है। अलबामा की 29 साल की क्रिश्चियन फेथ मैडिसन के परिवार ने OpenAI के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। परिवार का आरोप है कि ChatGPT के साथ हुई लंबी बातचीत ने महिला की मानसिक परेशानियों को बढ़ाया और वह धीरे-धीरे इस तकनीक पर भावनात्मक रूप से निर्भर हो गईं।परिवार ने दावा किया है कि चैटबॉट ने उनकी चिंताओं और भ्रमित विचारों को चुनौती देने के बजाय उन्हें बढ़ावा दिया।

इस मामले ने AI की भूमिका, सुरक्षा उपायों और मानसिक संकट से गुजर रहे लोगों के साथ बातचीत करते समय तकनीकी कंपनियों की जिम्मेदारी को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। हालांकि, लगाए गए आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं और मामले पर कानूनी प्रक्रिया जारी है।

ChatGPT पर लगाए गए ये आरोप

मुकदमे में दावा किया गया है कि चैटबॉट ने महिला के कुछ भ्रमित विचारों को चुनौती देने के बजाय उन्हें मजबूत किया। परिवार का आरोप है कि ChatGPT ने खुद को एक भरोसेमंद साथी की तरह पेश किया और महिला को यह विश्वास दिलाया कि उसके जीवन का कोई विशेष आध्यात्मिक उद्देश्य है। परिवार का कहना है कि बातचीत के दौरान महिला की मानसिक स्थिति बिगड़ती गई और चैटबॉट ने उसे सही मदद लेने के लिए सही ढ़ंग से प्रोत्साहित नहीं किया।

2025 में हुई थी महिला की मौत

शिकायत के अनुसार, क्रिश्चियन फेथ मैडिसन की मौत 9 जून 2025 को अलबामा में इंटरस्टेट-22 पर ट्रैफिक के बीच आने से हुई। परिवार का आरोप है कि ChatGPT के साथ हुई बातचीत इस दुखद घटना में एक अहम कारण बनी।  इस केस में OpenAI और उसके CEO सैम ऑल्टमैन का नाम भी शामिल किया गया है।

 AI कंपनियों की जिम्मेदारी पर उठे सवाल

यह मामला इस बात पर बड़ी बहस शुरू कर सकता है कि मानसिक तनाव या भावनात्मक संकट से गुजर रहे लोगों के साथ बातचीत करने वाले AI सिस्टम की कानूनी जिम्मेदारी कितनी होनी चाहिए।महिला के परिवार के वकीलों का कहना है कि AI कंपनियों को ऐसे यूजर्स के लिए ज्यादा मजबूत सुरक्षा उपाय बनाने चाहिए, जो मानसिक परेशानी के संकेत दिखाते हैं।

OpenAI ने क्या कहा?

OpenAI ने अभी अदालत में अपना औपचारिक जवाब दाखिल नहीं किया है और लगाए गए आरोप साबित नहीं हुए हैं। कंपनी पहले कह चुकी है कि वह संकट में मौजूद यूजर्स की पहचान करने और उन्हें भरोसेमंद लोगों या आपातकालीन सेवाओं से मदद लेने के लिए प्रेरित करने वाले सुरक्षा फीचर्स को बेहतर बना रही है।

AI और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बढ़ रही कानूनी चुनौतियां

यह मामला उन बढ़ती कानूनी चुनौतियों में शामिल हो गया है, जिनमें AI चैटबॉट्स की भूमिका और उनकी जिम्मेदारी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों के फैसले भविष्य में AI सुरक्षा नियमों, कंपनियों की जिम्मेदारी और चैटबॉट डिजाइन के लिए नए मानक तय कर सकते हैं।

Zomato पर महिला कर्मचारी के गंभीर आरोप, वायरल पोस्ट ने कंपनी के वर्क कल्चर पर उठाए सवाल

FY27 की दूसरी छमाही में विदेशी निवेशकों की होगी वापसी, एक्सपर्ट ने बताया कहां दांव लगाने से होगी कमाई

लंबे समय बाद विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव दिखा है। जुलाई में उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली से ज्यादा खरीदारी की है। इससे अमेरिका-ईरान में फिर से लड़ाई शुरू होने के बावजूद बाजार में ज्यादा गिरावट नहीं आई है। शेयर बाजार के ट्रेंड को समझने के लिए मनीकंट्रोल ने AlfAccurate Advisors के चीफ इनवेस्टमेंट अफसर राजेश कोठारी से बातचीत की।

कोठारी ने कहा कि इंटरेस्ट रेट उम्मीद के मुताबिक रहने पर विदेशी निवेशकों की इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में धीरे-धीरे भारतीय बाजार में वापसी होगी। उनका मानना है कि बाजार में हालिया गिरावट के बाद भारतीय बाजार की वैल्यूएशंस वाजिब हो गई है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा वैल्यूएशंस पर रियल एस्टेट सेक्टर को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। हालांकि, हाउसिंग ईकोसिस्टम के बारे में उनकी सोच पॉजिटिव है। उनका मानना है कि इस सेक्टर में बिल्डिंग मैटेरियल्स और रियल एस्टेट की एंसिलियरीज कंपनियों के शेयरों में रिस्क-रिवॉर्ड अट्रैक्टिव दिख रहा है।

आईटी सेक्टर के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि इस सेक्टर में सेलेक्टिव रहने की जरूरत है। डिमांड में सुस्ती का दौर बीत चुका है। वैश्विक अनिश्चितता घटने पर डिस्क्रेशनरी खर्च में धीरे-धीरे इम्प्रूवमेंट दिखेगा। हालांकि, रिकवरी के एकसमान रहने की उम्मीद नहीं है। आईटी सर्विसेज ऑफर करने वाली ट्रेडिशनल कंपनियों के मुकाबले डिजिटल कपैबिलिटीज, एआई सर्विसेज ऑफर करने वाली कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर रहेगा।

क्या एआई थीम में अब दिलचस्पी घट रही है? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एआई थीम अभी शुरुआती अवस्था में है। कुछ खास ग्लोबल एआई कंपनियों के शेयरों की वैल्यूएशंस काफी बढ़ गई है। उनमें बीच-बीच में करेक्शंस दिख सकता है। लेकिन, एआई थीम से जुड़ी इनवेस्टमेंट साइकिल मजबूत बनी हुई है।

कोठारी ने कहा कि घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़ी कंपनियों को इंडिया की तेज ग्रोथ का फायदा मिलेगा। भारत में लोगों की खर्च करने योग्य इनकम बढ़ रही है। सरकार की पॉलिसी भी सपोर्टिव है। ऐसे में ऑटो एंसिलियरीज, कैपिटल गुड्स, कंजम्प्शन, बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में अच्छी संभावना दिख रही है। खासकर इन सेक्टर की वे कंपनियां अच्छी दिख रही हैं, जिनकी अर्निंग्स को लेकर तस्वीर साफ है।

IDBI Bank Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 5% बढ़कर हुआ ₹2115 करोड़, NII में 10% का इजाफा

हिस्सेदारी बिक्री की राह तक रहे IDBI Bank ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। तिमाही के दौरान बैंक का शुद्ध स्टैंडअलोन मुनाफा सालाना आधार पर 5 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 2115.18 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 2007.36 करोड़ रुपये था। कुल इनकम 1.35 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी के साथ 8,573 करोड़ रुपये हो गई। जून 2025 तिमाही में यह 8,458 करोड़ रुपये थी।

बैंक ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसकी शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 3,486 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 3,166 करोड़ रुपये थी। ऑपरेटिंग प्रॉफिट घटकर 2,167.81 करोड़ रुपये रह गया, जो जून 2025 तिमाही में 2,354 करोड़ रुपये था।

NPA का हाल

जून 2026 तिमाही में IDBI Bank का ग्रॉस NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) रेशियो 2.30 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 2.93 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी सालाना आधार पर कम होकर 0.16 प्रतिशत पर आ गया। जून 2025 तिमाही में यह 0.21 प्रतिशत था। एसेट्स पर रिटर्न घटकर 1.89 प्रतिशत रह गया, जो जून 2025 तिमाही में 2.01 प्रतिशत था।

IDBI Bank के शेयर पर सोमवार को रहेगी नजर

IDBI Bank के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 87.02 रुपये है। बैंक का मार्केट कैप 93500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 3 महीनों में 16 प्रतिशत मजबूत हुआ है। तिमाही नतीजे जारी होने के बाद सोमवार, 20 जुलाई को शेयर की चाल पर निवेशकों की नजर रहेगी।

रणनीतिक बिक्री के लिए मिलीं नई बोलियां

हाल ही में सरकार को IDBI Bank की रणनीतिक बिक्री के लिए फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स और एमिरेट्स एनबीडी से संशोधित वित्तीय बोलियां मिली हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि सफल बोली लगाने वाले के बारे में अंतिम फैसला वित्तीय बोलियां खुलने के बाद लिया जाएगा। ऐसा बहुत जल्द होने की संभावना है। सरकार और LIC की IDBI Bank में कुल 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Most watched Movies On OTT 2026: ओटीटी पर सबसे ज्यादा बार देखी गईं ये टॉप 10 फिल्में, रणवीर सिंह से कृति सेनन तक लिस्ट में शामिल

Most watched Movies On OTT 2026: 2026 के पहले छह महीनों का OTT रिपोर्ट कार्ड आ गया है और लेटेस्ट स्ट्रीमिंग नंबर डिजिटल स्पेस में थिएटर रिलीज के बढ़ते असर को दिखाते हैं। इसमें देश के दो सबसे बड़े स्टार, रणवीर सिंह और कृति सेनन सबसे आगे हैं, जिनकी फिल्में जनवरी और जून 2026 के बीच स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाले बॉलीवुड टाइटल्स में शामिल हुई हैं।

रणवीर सिंह

एक्टर धुरंधर और धुरंधर 2 दोनों के साथ चार्ट में सबसे ऊपर हैं, जो इस फ्रैंचाइजी की थिएटर रन से परे भी जबरदस्त पॉपुलैरिटी को कन्फर्म करता है। धुरंधर ने 35.2 मिलियन व्यूज के साथ टॉप स्पॉट हासिल किया, जबकि धुरंधर 2 27.8 मिलियन व्यूज के साथ उसके ठीक पीछे रहा। दोनों फिल्मों को मिलाकर 63 मिलियन से ज़्यादा व्यूज़ मिले हैं, जिससे यह फ्रेंचाइजी इस साल की अब तक की सबसे बड़ी OTT सक्सेस स्टोरी बन गई है।

कृति सेनन

जहां रणवीर सिंह का बड़ा सिनेमैटिक यूनिवर्स बस अछूता है, वहीं कृति सेनन ने चुपचाप और शान से खुद को OTT व्यूअरशिप की बिना किसी शक के क्वीन का ताज पहनाया है! पिछले साल, उन्होंने दो पत्ती से राज किया, और उससे पहले, क्रू ने OTT स्पेस पर राज किया था!

कृति सेनन ने तेरे इश्क में के साथ अपना शानदार डिजिटल रन जारी रखा, जिसने 12 मिलियन व्यूज के साथ लिस्ट में तीसरा स्थान हासिल किया। यह परफॉर्मेंस उनकी पिछली OTT रिलीज़ की सफलता के बाद, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर कृति की लगातार अपील को और मजबूत करती है। अलग-अलग जॉनर में दर्शकों को खींचने की उनकी काबिलियत ने उन्हें डिजिटल स्पेस में भी लीडिंग फीमेल स्टार्स में से एक बना दिया है।

जहां मेल एक्टर्स ने हाई-ऑक्टेन एक्शन के साथ मुकाबला किया, वहीं कृति सनेन इमोशनल स्पेस में पूरी तरह से हावी रहीं। आनंद एल राय की हिट रोमांटिक ड्रामा तेरे इश्क में ने 12 मिलियन व्यूज के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। इस बीच, नेटफ्लिक्स ने इस चार्ट पर राज किया, जिसने टॉप 10 में से 9 स्लॉट हासिल किए, उसके बाद जियोहॉटस्टार ने धुरंधर के लिए दो स्थान साझा किए।

ओटीटी पर 2026 की टॉप 10 सबसे ज्यादा देखी गई बॉलीवुड फिल्में देखें। ये फिल्में या तो सीधे ओटीटी पर आईं या अपनी थिएट्रिकल रन पूरी करने के बाद।

1. धुरंधर – 35.2 मिलियन-नेटफ्लिक्स-जियोहॉटस्टार

2. धुरंधर 2 – 27.8 मिलियन-नेटफ्लिक्स-जियोहॉटस्टार

3. तेरे इश्क में – 12 मिलियन-नेटफ्लिक्स

4. भूत बांग्ला – 11.6 मिलियन-NetFlix

5. मर्दानी 3 – 10.7 मिलियन-NetFlix

6. हक – 9.6 मिलियन-नेटफ्लिक्स

7. दे दे प्यार दे 2 – 9.5 मिलियन-नेटफ्लिक्स

8. बॉर्डर 2 – 8.4 मिलियन-नेटफ्लिक्स

9. किस किस को प्यार करूं 2 – 8.3 मिलियन-जियोहॉटस्टार

10. दो दीवाने शहर में – 5.1 मिलियन-नेटफ्लिक्स

थियेटर ब्लॉकबस्टर्स को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर लगातार मज़बूती मिल रही है, 2026 के पहले छह महीनों में एक बार फिर भारत के बड़े सितारों का डिजिटल आकर्षण दिखा है। रणवीर सिंह की धुरंधर फ्रैंचाइज़ी ने OTT व्यूअरशिप के लिए बेंचमार्क सेट किया है, जबकि कृति सनोन की तेरे इश्क में इस साल स्ट्रीमिंग पर सबसे ज़्यादा देखी जाने वाली महिला-प्रधान बॉलीवुड फ़िल्म बन गई है।

₹1 लाख का लोन लेकर शुरू किया काम, अब सालाना ₹8 लाख की कमाई! मिलिए छत्तीसगढ़ की ‘लखपति दीदी’ दिलमति से

Chhattisgarh Lakhpati Didi Dilmati Success Story: पारंपरिक खेती से जैसे-तैसे गुजारा करने से लेकर आज सालाना ₹8 लाख तक की कमाई करने तक, छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले की दिलमति की कहानी देश के ग्रामीण इलाकों में आ रहे बड़े बदलाव की मिसाल है। दिलमति ने एक सफल सुअर पालन व्यवसाय खड़ा करके न केवल अपने परिवार को आर्थिक तंगी से बाहर निकाला, बल्कि वे छत्तीसगढ़ की ‘लखपति दीदी’ बनकर उभरी हैं।

उनकी इस सफलता ने उनके गांव के कई अन्य परिवारों को भी इस बिजनेस से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है। आइए जानते हैं दिलमति के संघर्ष और उनकी कामयाबी की पूरी कहानी।

कौन हैं लखपति दीदी दिलमति?

दिलमति छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल बलरामपुर जिले के लादुवा गांव की रहने वाली हैं। वे स्थानीय ‘मां दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह’ (SHG) की एक सक्रिय सदस्य हैं। कुछ साल पहले तक दिलमति का परिवार पूरी तरह से पारंपरिक खेती पर निर्भर था। सीमित आय के कारण उन्हें घर चलाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।दिलमति की जिंदगी में यू-टर्न तब आया जब वे स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। यहां उन्हें सरकार द्वारा समर्थित आजीविका के अवसरों और योजनाओं के बारे में जानकारी मिली।

₹1 लाख के लोन से ऐसे खड़ा किया साम्राज्य

समूह के अधिकारियों और जानकारों से प्रोत्साहन मिलने के बाद दिलमति ने एक साहसिक कदम उठाया। दिलमति ने स्वयं सहायता समूह (SHG) के जरिए ₹1 लाख का लोन लिया। इस रकम से उन्होंने सुअर पालन का काम शुरू करने के लिए पड़ोसी राज्य झारखंड से 10 सुअर खरीदे।

धीरे-धीरे उनका यह बिजनेस मुनाफे में बदल गया। उनके फार्म में प्रत्येक मादा सुअर 9 से 10 बच्चों (पिगलेट्स) को जन्म देती है, और एक-एक बच्चा बाजार में करीब ₹5,000 में बिकता है। आज के समय में दिलमति के पास 9 मादा सुअर हैं, जिससे उनकी सालाना आमदनी ₹7 लाख से ₹8 लाख के बीच हो जाती है।

कमाई से तैयार किए कमाई के नए साधन

दिलमति केवल सुअर पालन तक ही सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने इस बिजनेस से होने वाली कमाई को समझदारी से दूसरी जगहों पर री-इन्वेस्ट किया:

  1. उन्होंने सुअरों के रहने के लिए एक पक्का और आधुनिक शेड बनवाया है।
  2. खेती को आसान बनाने के लिए धान और मक्का की थ्रेशिंग (मिसाई) मशीनें खरीदीं।
  3. अपनी खेती में ड्रिप इरिगेशन तकनीक को अपनाया और बड़े पैमाने पर जैविक सब्जियों की खेती शुरू की।
  4. इन सब अलग-अलग जरियों से अब उनके परिवार के पास कमाई के कई माध्यम तैयार हो चुके हैं।

गांव की महिलाओं के लिए बनीं रोल मॉडल, प्रशासन भी करेगा मदद

दिलमति की इस बड़ी सफलता ने लादुवा गांव की तस्वीर बदल दी है। दिलमति की कामयाबी को देखकर गांव के करीब 10 से 15 अन्य परिवारों ने भी सुअर पालन को अपनी आजीविका के रूप में अपना लिया है। दिलमति खुद अब दूसरी महिलाओं को नियमित बचत करने, समूहों से जुड़ने और लोन लेकर अपना खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए प्रेरित करती हैं।

दिलमति की इस उपलब्धि को देखते हुए बलरामपुर जिला प्रशासन अब इस तरह की आजीविका पहलों को बड़े पैमाने पर विस्तार देने की योजना बना रहा है। बलरामपुर के कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मुताबिक, प्रशासन अब एक ‘गोट क्लस्टर प्रोजेक्ट’ तैयार कर रहा है। इसके तहत और भी अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने और ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए उन्नत नस्ल की बकरियां उपलब्ध कराई जाएंगी।

Zomato पर महिला कर्मचारी के गंभीर आरोप, वायरल पोस्ट ने कंपनी के वर्क कल्चर पर उठाए सवाल

एक पूर्व कर्मचारी की LinkedIn पोस्ट ने Zomato से जुड़े एक मामले को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज कर दी है। महिला ने अपनी पोस्ट में कंपनी में काम करने के दौरान कथित मानसिक दबाव और अनुचित व्यवहार का सामना करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि नौकरी शुरू करने के बाद उनकी परेशानियां बढ़ती गईं और शिकायत करने के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली। महिला के अनुसार, उन्होंने अपनी बात कंपनी के आंतरिक शिकायत तंत्र और अधिकारियों तक पहुंचाई, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका। उनकी पोस्ट वायरल होने के बाद कई लोगों ने कार्यस्थल पर कर्मचारियों की सुरक्षा, शिकायतों के समाधान और पारदर्शी जांच की जरूरत पर सवाल उठाए।

महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। खबर लिखे जाने तक Zomato की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

स्वास्थ्य बिगड़ा, फिर भी नहीं मिली राहत!

महिला के अनुसार, उन्होंने अप्रैल 2026 में कंपनी जॉइन की थी। कुछ समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और डॉक्टरों ने उन्हें गंभीर हाई ब्लड प्रेशर (210/119) होने की जानकारी दी। उन्होंने कुछ समय के लिए घर से काम (Work From Home) की अनुमति मांगी, लेकिन दावा है कि उनकी यह मांग स्वीकार नहीं की गई। उन्होंने बताया कि नौकरी जारी रखने के लिए उन्हें अपने खर्च पर ऑफिस के पास घर बदलना पड़ा।

टीम लीड पर लगाए मानसिक उत्पीड़न के आरोप

पूर्व कर्मचारी का कहना है कि उन्हें अपने टीम लीड की ओर से लगातार मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने इस बारे में कंपनी के अंदर शिकायत भी की, जिसके बाद स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें सुबह की शिफ्ट दी गई। हालांकि, उनका आरोप है कि इसके बाद भी उनके साथ अलग व्यवहार किया गया और बार-बार छुट्टी लेने के लिए कहा जाता रहा।

शिकायत के बाद नौकरी चली गई?

महिला ने आरोप लगाया कि 29 जून 2026 को उन्होंने अपनी मां की तबीयत खराब होने के कारण वर्क फ्रॉम होम की मांग की थी, लेकिन अनुमति नहीं मिली। उसी दिन उन्होंने अपने टीम लीड पर अनुचित शारीरिक व्यवहार का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई।

उनका दावा है कि शिकायत के तुरंत बाद उन्हें मीटिंग में बुलाकर नौकरी से निकालने की जानकारी दे दी गई। कुछ ही मिनटों में उनका लैपटॉप, ईमेल और स्लैक एक्सेस बंद कर दिया गया और बिना किसी औपचारिक दस्तावेज के ऑफिस छोड़ने को कहा गया।

न्याय चाहिए, सहानुभूति नहीं

महिला ने कहा कि उन्होंने कंपनी के Speak Up सिस्टम, HR और वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुंचाई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका यह भी आरोप है कि उन्हें अब तक रिलीविंग लेटर और एक्सपीरियंस लेटर नहीं दिया गया, जिससे नई नौकरी पाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने लिखा कि उनका परिवार आर्थिक रूप से उन पर निर्भर है और उन्हें सिर्फ निष्पक्ष जांच, सम्मान और न्याय चाहिए। उनका दावा है कि उनके पास अपने आरोपों से जुड़े दस्तावेज और बातचीत के रिकॉर्ड भी मौजूद हैं।

सोशल मीडिया पर उठे कई सवाल

LinkedIn पर पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने महिला के समर्थन में टिप्पणियां कीं। कुछ लोगों ने वर्क फ्रॉम ऑफिस नीति पर सवाल उठाए, तो कई ने कहा कि कर्मचारियों की शिकायतों के निपटारे की व्यवस्था अधिक पारदर्शी होनी चाहिए। वहीं कुछ यूजर्स ने रोजगार से जुड़े दस्तावेज समय पर जारी न किए जाने को भी गंभीर मुद्दा बताया।

कंपनी की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं

खबर लिखे जाने तक Zomato की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। फिलहाल महिला के सभी आरोप दावे हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

नौकरी का ऑफर मिला, लेकिन उम्मीदवार ने कर दिया इनकार, वजह जानकर लोग कर रहे तारीफ

हर शेयर पर ₹656 का बंपर डिविडेंड, 24 जुलाई से पहले बनना होगा शेयरहोल्डर; कीमत 2 सप्ताह में 8% मजबूत

फार्मा कंपनी एबॉट इंडिया लिमिटेड वित्त वर्ष 2025-26 के लिए हर शेयर पर 656 रुपये का डिविडेंड देने वाली है। इस अमाउंट में 131 रुपये का स्पेशल और 525 रुपये का फाइनल डिविडेंड शामिल है। रिकॉर्ड डेट 24 जुलाई है। इस तारीख से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुके होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

दोनों तरह के डिविडेंड की घोषणा मई महीने में हुई थी। प्रपोजल पर 13 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद डिविडेंड का पेमेंट 18 अगस्त को या उसके बाद किया जाएगा। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

एबॉट इंडिया ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 475 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। इसका डिविडेंड देने का अच्छा इतिहास है। कंपनी साल 2003 से लगातार डिविडेंड दे रही है। 525 रुपये प्रति शेयर, एबॉट का अब तक का सबसे ज्यादा डिविडेंड अमाउंट है।

Abbott India का शेयर एक साल में 18 प्रतिशत कमजोर

कंपनी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 28013.60 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 59500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 2 सप्ताह में 8 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं एक साल में करीब 18 प्रतिशत नीचे आया है। एबॉट इंडिया में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 74.99 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 35,280 रुपये और एडजस्टेड लो 25,164 रुपये है।

ICICI Bank Q1 Results: मुनाफे में 16% का उछाल, इनकम 5% बढ़ी; एसेट क्वालिटी और सुधरी

कंपनी की वित्तीय सेहत

एबॉट इंडिया का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,709.51 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 394.93 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। ​पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 6,929 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 1,552 करोड़ रुपये रहा। यह कंपनी Abbott Laboratories की ​सब्सिडियरी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

‘न इलाज, न मेडिकल रिपोर्ट’… सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने अस्पताल पर उठाए ये सवाल

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस शनिवार सुबह सफदरजंग अस्पताल ले गई। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वहीं सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने शनिवार को आरोप लगाया कि भूख हड़ताल के 21वें दिन सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इसकी जानकारी न तो उन्हें दी गई और न ही परिवार के किसी सदस्य को।

पत्नी गीतांजलि ने उठाए ये सवाल

मीडिया से बातचीत में आंग्मो ने कहा कि शुक्रवार शाम सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने वांगचुक की जांच की थी। उस समय उनके सभी जरूरी स्वास्थ्य पैरामीटर सामान्य थे। उन्होंने अस्पताल के इस दावे पर भी सवाल उठाया कि वांगचुक के शरीर में पोटेशियम का स्तर खतरनाक रूप से कम हो गया है। आंग्मो ने कहा, “सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से यहां बिना उन्हें या मुझे बताए लाया गया। शुक्रवार शाम डॉक्टरों ने उनकी जांच की थी और उनके सभी स्वास्थ्य पैरामीटर सामान्य थे। अब अस्पताल कह रहा है कि उनका पोटेशियम स्तर बहुत कम हो गया है और यह जानलेवा है। लेकिन जब हमने मेडिकल रिपोर्ट दिखाने को कहा, तो हमें रिपोर्ट नहीं दी गई।”

डॉक्टर कर रहे निगरानी

गीतांजलि जे. आंग्मो ने यह भी कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट ने सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती करने का कोई आदेश नहीं दिया था। उनके मुताबिक, अदालत ने सिर्फ उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच और निगरानी करने के लिए कहा था। उन्होंने बताया कि फिलहाल वांगचुक का कोई इलाज नहीं किया जा रहा है। डॉक्टर केवल उनकी सेहत पर नजर रख रहे हैं और जरूरी मेडिकल टेस्ट कर रहे हैं। आंग्मो ने कहा कि अस्पताल की रिपोर्ट नहीं मिलने की वजह से परिवार अब किसी बाहरी लैब में दोबारा जांच कराने की तैयारी कर रहा है। आंग्मो ने कहा, “अभी उनका कोई इलाज नहीं चल रहा है। डॉक्टर सिर्फ निगरानी कर रहे हैं और मेडिकल टेस्ट कर रहे हैं। हम अब बाहरी लैब में भी उनकी जांच कराने जा रहे हैं।”

गीतांजलि जे. आंग्मो ने अस्पताल की ओर से बताए गए 2.9 पोटेशियम स्तर पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले यह स्तर 4.3 था, इसलिए किसी भी दवा या इलाज से पहले वह रिपोर्ट की दोबारा पुष्टि कराना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि सोनम वांगचुक का अनशन अभी भी जारी है। वह केवल नमक मिला पानी पी रहे हैं और चीनी का सेवन नहीं कर रहे हैं। आंग्मो ने कहा, “मैं सरकार की आभारी हूं कि उन्होंने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन आगे का फैसला हम खुद करेंगे। इस मामले में सरकार के किसी और हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।”

उन्होंने यह भी बताया कि लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने की वजह से वांगचुक को कमजोरी और मांसपेशियों में कमी महसूस हो रही है। इसके बावजूद वह पूरी तरह सतर्क हैं और मानसिक रूप से मजबूत बने हुए हैं। आंग्मो ने कहा कि सोमवार को प्रस्तावित मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार निकाला जाएगा, चाहे सोनम वांगचुक उसमें शामिल हो पाएं या नहीं।

‘नीला मेरा रंग है…’ जंतर-मंतर पर स्याही फेंके जाने के बाद अभिजीत दिपके का रिएक्शन वायरल

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे एक विरोध प्रदर्शन के दौरान, एक महिला ने कथित तौर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर नीली स्याही फेंक दी, जिससे वहां अफरातफरी मच गई। इस घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें देखा जा सकता है कि स्याही फेंके जाने के बाद लोग अभिजीत दीपके के आसपास जमा हो गए और वहां काफी हंगामा हुआ।

हालांकि, इस घटना के पीछे की वजह की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थिति को काबू में लाने से पहले विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ देर के लिए भ्रम और अव्यवस्था की स्थिति बन गई थी। अधिकारियों ने अभी तक कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है और इस बारे में और जानकारी का इंतजार है।

सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ यूजर्स ने स्याही फेंकने की घटना पर सवाल उठाए और कहा कि किसी भी विरोध को शांतिपूर्ण तरीके से जताना चाहिए। वहीं, कुछ अन्य यूजर्स ने अभिजीत दीपके की आलोचना की और आरोप लगाया कि उन्होंने प्रदर्शन को राजनीतिक दिखावा बना दिया है।

एक यूजर ने व्यंग्यपूर्वक लिखा, “क्या ये एक ही दिन मेरे सारे काम करेगा?”

एक अन्य यूजर ने महिला के इरादों पर सवाल उठाते हुए कहा, “स्याही फेंकने का क्या मतलब है? क्या इस महिला को लगता है कि शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह सही है और इसमें कोई कमी, असमानता या कठोरता नहीं है?” एक अन्य ने आगे कहा, “अगर वह इस आंदोलन से सहमत नहीं है तो वह विरोध स्थल पर क्यों थी? वैसे वह है कौन?

बाद में दिपके ने X पर एक छोटी सी पोस्ट में इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “नीला मेरा रंग है… जय भीम!”—इस टिप्पणी पर ऑनलाइन मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं।

सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, दिपके ने भूख हड़ताल की घोषणा की

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर 20 दिन की भूख हड़ताल पूरी करने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। वांगचुक ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के समर्थन में भूख हड़ताल कर रहे थे, जो कथित NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।

बता दें कि स्याही फेंकने की घटना से कुछ समय पहले ही अभिजीत दीपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।

दीपके ने X पर पोस्ट कर लिखा था, “मैं अभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर रहा हूं।”

इस पर भी इंटरनेट पर लोगों ने जमकर प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने उनसे पूछा, “पक्का? ब्रेड पकौड़े की कसम?”

कई यूजर्स ने उनकी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि दिपके सोनम वांगचुक के नाम का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ उठाने के लिए कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “अभिजीत दिपके, आप पर शर्म आती है कि आप सोनम वांगचुक सर के नाम, उनके दर्द और संघर्ष का बेशर्मी से इस्तेमाल सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने और इस भूख हड़ताल के नाटक के जरिए ध्यान आकर्षित करने के लिए कर रहे हैं। सोनम सर वास्तविक चिकित्सा देखभाल और सम्मान के हकदार हैं, न कि उन्हें राजनीतिक हथियार बनाया जाना चाहिए। हम NEET, CBSE और छात्र आत्महत्याओं के मामले में वास्तविक न्याय के लिए सोनम वांगचुक के साथ मजबूती से खड़े हैं – आपके निजी लाभ के लिए नहीं।”

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HDFC Bank Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 5% बढ़ा, इनकम 7% घटी; NPA गिरा

प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank के अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे सामने आ गए हैं। तिमाही के दौरान स्टैंडअलोन बेसिस पर बैंक का शुद्ध मुनाफा 19059.72 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे 18155.21 करोड़ रुपये से 5 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं दूसरी ओर कुल इनकम 7 प्रतिशत घटकर 92184.38 करोड़ रुपये रही। जून 2025 तिमाही में यह 99200 करोड़ रुपये थी।

एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, जून 2026 तिमाही में HDFC Bank का ग्रॉस NPA (Non-Performing Assets) रेशियो सालाना आधार पर कम होकर 1.17 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 1.4 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी मामूली तौर पर घटकर 0.41 प्रतिशत हो गया। जून 2025 तिमाही में यह 0.47 प्रतिशत था। NPA में गिरावट बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार दर्शाती है।

HDFC Bank शेयर एक साल में 17 प्रतिशत कमजोर

HDFC Bank के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 819.65 रुपये है। बैंक का मार्केट कैप 12.62 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। शेयर एक साल में 17 प्रतिशत नीचे आया है। तिमाही नतीजे जारी होने के बाद सोमवार, 20 जुलाई को शेयर फोकस में रहेगा।

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