NICL Recruitment 2026: नेशनल इंश्योरेंस कंपनी में असिस्टेंट के 500 पदों पर भर्ती शुरू, जानें कौन कर सकता है आवेदन

NICL Recruitment 2026: अगर आप ग्रेजुएट हैं और बीमा क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो देश की प्रमुख नेशनल बीमा कंपनी (NICL) असिस्टेंट के पदों पर भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कंपनी 500 पदों पर योग्य उम्मीदवारों को नियुक्त करेगी। इन पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी करने के साथ ही आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार एनआईसीएल की आधिकारिक वेबसाइट nationalinsurance.nic.co.in/recruitment पर 07 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रखें, आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में की जाएगी।

एनआईसीएल भर्ती 2026: एक नजर में

ऑनलाइन आवेदन शुरू : 18 जुलाई 2026

ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि : 7 अगस्त 2026

आवेदन शुल्क जमा करने की अवधि : 18 जुलाई 2026 से 7 अगस्त 2026 तक

फेज-1 (प्रारंभिक) ऑनलाइन परीक्षा : 27 अगस्त 2026

फेज-2 (मुख्य) ऑनलाइन परीक्षा : 30 अक्टूबर 2026

500 पदों पर राज्यवार की जाएगी भर्ती

एनआईसीएल के इस भर्ती अभियान के तहत कुल 500 असिस्टेंट पद भरे जाएंगे, जिनकी नियुक्ति राज्यवार की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवार सिर्फ एक ही राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के लिए आवेदन कर सकेंगे। सबसे अधिक रिक्तियां महाराष्ट्र (57), तमिलनाडु (49), पश्चिम बंगाल (46), राजस्थान (36), केरल (35), गुजरात (34), उत्तर प्रदेश (24), दिल्ली (20) और बिहार (12) में निकाली गई हैं।

आवेदन के नियम और शर्तें

शैक्षिक योग्यता : उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही जिस राज्य के लिए उम्मीदवार आवेदन करेगा, वहां की क्षेत्रीय भाषा पढ़ने, लिखने और बोलने का ज्ञान होना जरूरी है। अंतिम चयन से पहले क्षेत्रीय भाषाकी परीक्षा भी आयोजित की जाएगी।

आयु सीमा : 1 जुलाई 2026 के अनुसार उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष होनी चाहिए। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और अन्य आरक्षित वर्गों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन तीन चरणों में किया जाएगा।

  • ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा
  • ऑनलाइन मुख्य परीक्षा
  • क्षेत्रीय भाषा परीक्षा

रीजनल लैंग्वेज टेस्ट केवल क्वालिफाइंग होगा। अंतिम मेरिट सूची केवल मुख्य परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी।

परीक्षा पैटर्न

प्रारंभिक परीक्षा में 100 अंकों के 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें अंग्रेजी भाषा, रीजनिंग और क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड से प्रश्न होंगेहों गे। परीक्षा की कुल अवधि 60 मिनट होगी। मुख्य परीक्षा में 200 अंकों के 200 प्रश्न होंगेहों गे। इसमें रीजनिंग, अंग्रेजी भाषा, न्यूमेरिकल एबिलिटी, जनरल अवेयरनेस और कंप्यूटर नॉलेज से प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा की अवधि 120 मिनट होगी।

दोनों ऑनलाइन परीक्षाओं में प्रत्येक गलत उत्तर पर एक-चौथाई (1/4) अंक की नेगेटिव मार्किंग लागू होगी, जबकि बिना उत्तर छोड़े गए प्रश्नों पर श्नों कोई अंक नहीं काटे जाएंगे।

आवेदन शुल्क

एससी, एसटी, दिव्यांग (PwBD) और भूतपूर्व सैनिक (Ex-Servicemen) वर्ग के उम्मीदवारों से कोई आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा। अन्य सभी वर्गों के उम्मीदवारों को 850 रुपये आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा।

एनआईसीएल असिस्टेंट भर्ती 2026 आवेदन करने के स्टेप्स

  • आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें।
  • सबसे पहले अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें और आवेदन फॉर्म भरें।
  • पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करें।
  • निर्धारित प्रारूप में हस्ताक्षर अपलोड करें।
  • बाएं हाथ के अंगूठे का निशान अपलोड करें।
  • निर्धारित प्रारूप में हस्तलिखित घोषणा अपलोड करें।
  • सभी जानकारी भरने के बाद आवेदन पत्र को ध्यान से जांच लें।
  • पात्रता के अनुसार आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।
  • फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।
  • ध्यान रखें कि फाइनल सबमिट के बाद आवेदन पत्र में किसी भी प्रकार का संशोधन नहीं किया जा सकेगा।

SBI Recruitment 2026: एसबीआई में हो रही है मेडिकल ऑफिसर की भर्ती, फॉर्म भरने की लास्ट डेट 14 जुलाई से बढ़कर हुई 21 जुलाई

Rashifal Today: आज के दिन जल्दबाजी में ना लें कोई फैसला, जानें क्या कहता हैं आपका राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज का दिन ज्यादातर लोगों के लिए पैसों से जुड़े मामलों में सोच-समझकर फैसले लेने का संकेत दे रहा है। जल्दबाजी में खर्च करने से बचने और भविष्य के लिए बेहतर आर्थिक योजना बनाने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज भविष्य को ध्यान में रखकर आर्थिक फैसले लेने का दिन है। बिना सोचे-समझे खर्च करने से बचें। अपनी आय और खर्च का हिसाब देखें और बचत बढ़ाने की कोशिश करें। अगर आप अभी अनुशासन बनाए रखेंगे तो आने वाले समय में आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों से जुड़ी योजनाओं पर ध्यान देना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। बजट की समीक्षा करें और देखें कि कहीं अनावश्यक खर्च तो नहीं हो रहा। निवेश और बचत की योजनाओं पर विचार करने का अच्छा समय है। धैर्य और समझदारी से लिए गए फैसले भविष्य में लाभ देंगे।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में योजना बनाकर चलना जरूरी है। खर्च और निवेश दोनों में संतुलन रखें। किसी भी नए वित्तीय अवसर को समझने के बाद ही फैसला लें। साथ ही, अचानक आने वाले खर्चों के लिए कुछ अतिरिक्त बचत रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। भावनाओं में आकर खरीदारी करने से बचें। ऐसा बजट बनाएं जिसमें जरूरी जरूरतों के साथ थोड़ी अतिरिक्त गुंजाइश भी रहे। लंबे समय को ध्यान में रखकर लिए गए आर्थिक फैसले बेहतर परिणाम देंगे।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपनी आय और खर्च का पूरा हिसाब रखने की जरूरत है। गैर-जरूरी खर्च कम करें और भविष्य की जरूरतों के लिए बचत बढ़ाएं। अगर कोई नया निवेश या अवसर सामने आए तो पूरी जानकारी लेने के बाद ही फैसला करें। सही योजना आपको आर्थिक मजबूती दे सकती है।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज व्यवस्थित तरीके से वित्तीय योजना बनाने का समय है। अपने खर्चों को प्राथमिकता दें और केवल जरूरी चीजों पर पैसा खर्च करें। छोटी-छोटी बचत भी भविष्य में बड़ा लाभ दे सकती है। अपनी आर्थिक रणनीति की समीक्षा करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आपको बचत और लंबे समय की आर्थिक सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। लग्जरी चीजों पर खर्च करने से बचें और अपनी जरूरतों के अनुसार बजट तैयार करें। अनुशासन के साथ लिया गया हर फैसला भविष्य में आर्थिक स्थिरता देगा।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन भविष्य की वित्तीय योजना बनाने के लिए अच्छा है। बिना सोचे कोई बड़ा खर्च न करें। अपने निवेश और बचत की समीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर बदलाव करें। समझदारी से लिए गए फैसले आगे चलकर अच्छा लाभ दे सकते हैं।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन किसी भी फैसले में जल्दबाजी न करें। जोखिम उठाने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करें। अपने आर्थिक लक्ष्य तय रखें और उसी के अनुसार आगे बढ़ें। बजट पर नियंत्रण बनाए रखने से भविष्य में आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

खराब मौसम की मार, अमरनाथ के बाद अब वैष्णो देवी यात्रा भी रोकी गई…यहां जान लें लेटेस्ट अपडेट

मौसम विभाग (आईएमडी) की खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए 19 जुलाई से अमरनाथ यात्रा और माता वैष्णो देवी यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। अमरनाथ यात्रा को पहलगाम और बालटाल, दोनों मार्गों से अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने यह फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर लिया है।

कश्मीर के मंडल आयुक्त अंशुल गर्ग ने बताया कि 19 जुलाई से बालटाल और नुनवान-चंदनवाड़ी बेस कैंप से किसी भी श्रद्धालु को आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। यह आदेश उन सभी यात्रियों पर लागू होगा, जो इन बेस कैंपों में मौजूद हैं। मौसम सामान्य होने तक उन्हें आगे बढ़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक खराब मौसम की संभावना को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने कहा कि यात्रा मार्ग की सुरक्षा का पूरा आकलन करने के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा।

कश्मीर के मंडल आयुक्त अंशुल गर्ग ने कहा कि यात्रा मार्ग की सुरक्षा और मौसम की स्थिति का पूरी तरह आकलन करने के बाद ही अमरनाथ यात्रा दोबारा शुरू करने का फैसला लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यात्रा कब शुरू होगी, इसका निर्णय मौके के हालात और मौसम को लेकर जारी होने वाली अगली आधिकारिक सलाह के आधार पर किया जाएगा।

इस साल बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

यात्रा पर अस्थायी रोक ऐसे समय लगाई गई है, जब इस साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा में शामिल हुए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 3.7 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में अमरनाथ यात्रा में आमतौर पर 3 लाख से कुछ अधिक श्रद्धालु शामिल होते रहे हैं। वहीं, 2024 में यह संख्या 5 लाख के पार पहुंच गई थी, जो हाल के वर्षों में सबसे अधिक मानी गई।

वैष्णो देवी यात्रा भी अस्थायी रूप से रोकी गई

खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए माता वैष्णो देवी यात्रा भी कुछ समय के लिए रोक दी गई है। जम्मू प्रशासन ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है, क्योंकि इलाके में मौसम खराब रहने की आशंका है। प्रशासन ने अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा पर जाने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं से फिलहाल अपनी यात्रा टालने की अपील की है। साथ ही कहा है कि वे केवल सरकारी और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। अधिकारियों के अनुसार, मौसम सामान्य होने और यात्रा मार्ग की सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही दोनों यात्राएं दोबारा शुरू करने का फैसला लिया जाएगा।

IND vs ENG 3rd ODI: लॉर्ड्स में होगा वनडे सीरीज का फैसला, क्या बारिश डालेगी मुकाबले में खलल?

IND vs END 3rd ODI: भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला रविवार, 19 जुलाई को खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर दोपहर 3:30 से खेला जाएगा। भारत और इंग्लैंड दोनों ही अब तक एक-एक मैच जीत चुकी हैं, इसलिए जो भी टीम ये मुकाबला जीतेगी वह सीरीज पर कब्जा कर लेगी। ऐसे में दोनों टीमों के खिलाड़ी जीत के इरादे से मैदान में उतरेंगे। दोनों टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है। वहीं मुकाबला शुरू होने से पहले जानें कैसी होगी दोनों टीमों की प्लेइंग 11 और पिच रिपोर्ट

क्या बारिश डालेगी मुकाबले में खलल?

लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेले जाने वाले तीसरे और निर्णायक वनडे के दौरान मौसम साफ रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार मैच के दिन आसमान साफ रहने या हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। तापमान करीब 13 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है और बारिश की आशंका बेहद कम है। वहीं हवा में नमी सामान्य रहने की उम्मीद है। शुरुआती ओवरों में हल्की हवा तेज गेंदबाजों को थोड़ी मदद दे सकती है, लेकिन कुल मिलाकर मौसम क्रिकेट खेलने और मैच देखने के लिए अनुकूल रहने का अनुमान है। दोनों टीमों को पूरे 50-50 ओवर का मुकाबला खेलने का मौका मिल सकता है।

कैसी होगी लॉर्ड्स की पिच

लॉर्ड्स की पिच को संतुलित माना जाता है, जहां बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों को मदद मिलने की संभावना रहती है। मैच की शुरुआत में नई गेंद से तेज गेंदबाजों को सीम और उछाल मिल सकता है, जिससे शुरुआती ओवर काफी अहम होंगे। इसके बाद पिच बल्लेबाजी के लिए बेहतर होती जाती है और रन बनाना आसान हो जाता है। वहीं, जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, स्पिन गेंदबाजों को भी पिच से टर्न और पकड़ मिलने की उम्मीद रहती है।

टॉस जीतने वाली टीम को क्या करना चाहिए?

लॉर्ड्स की पिच पर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम आमतौर पर 270 से 290 रन के बीच का स्कोर बनाने की कोशिश करती है। ऐसे में मुकाबले में टॉस की भूमिका अहम रहती है, लेकिन यही मैच का फैसला नहीं करता। इस मैदान पर पिच दोनों टीमों को बराबर मौका देती है, इसलिए बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम के जीतने की संभावना अधिक रहती है।

कहां पर देखें लाइव मुकाबला

भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा और निर्णायक वनडे मैच 19 जुलाई को लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। ये मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा। क्रिकेट प्रशंसक इस मैच का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर देख सकेंगे, जबकि ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग JioHotstar ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी।

भारत और इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग 11

भारत की संभावित प्लेइंग 11: शुभमन गिल (कैप्टन), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (वाइस-कैप्टन), केएल राहुल (WK), शिवम दुबे, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार

इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग 11: विल जैक्स, बेन डकेट, जो रूट, हैरी ब्रूक (कैप्टन), जोस बटलर (WK), सैम करन, जैकब बेथेल, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, साकिब महमूद, गस एटकिंसन

भारत और इंग्लैंड की पूरी टीम

इंडिया की ODI स्क्वॉड: शुभमन गिल (कैप्टन), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (वाइस-कैप्टन), केएल राहुल (WK), ईशान किशन (WK), वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, नीतीश कुमार रेड्डी, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बरार।

इंग्लैंड की ODI टीम: हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर, जेम्स कोल्स, सैम करन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक्स, साकिब महमूद, आदिल राशिद, जो रूट, जोश टंग।

FIFA World Cup 2026 Final: फीफा वर्ल्ड कप फाइनल से पहले अलर्ट! न्यूयॉर्क के आसमान पर छाया काला धुआं

FIFA World Cup Final: फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। स्पेन और अर्जेंटीना के बीच फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। दुनियाभर के फुटबॉल फैंस बेसब्री से फाइनल का इंतजार कर रहे हैं। फाइनल मुकाबला स्पेन और अर्जेंटीना के बीच न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेला जाएगा। वहीं फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से पहले कनाडा में जंगल में लगी आग का धुआं अमेरिका के उत्तर-पूर्वी इलाकों तक पहुंच गया है। इसकी वजह से कई जगहों पर लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी जारी की गई है। न्यूयॉर्क में रविवार को होने वाले फीफा विश्व कप फाइनल भी यहीं पर खेला जाएगा।

रविवार को अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाले फीफा विश्व कप फाइनल पर मौसम का कितना असर पड़ेगा, इसे लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। वहीं खिलाड़ियों और दर्शकों की सुरक्षा फीफा की सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है। एक्सपर्ट के मुताबिक, मैच वाले दिन तक हवा की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।

80 हजार दर्शक हो सकते हैं शामिल

इस सप्ताह न्यूयॉर्क शहर में कनाडा की जंगल की आग के धुएं का असर साफ तौर पर देखने को मिला। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की और बाहरी गतिविधियां कम करने के साथ-साथ बाहर रहने पर बीच-बीच में आराम करने की सलाह दी। न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी के ओपन-एयर स्टेडियम में होने वाले फीफा विश्व कप फाइनल में अर्जेंटीना और यूरोपीय चैंपियन स्पेन के मुकाबले को देखने के लिए 80 हजार से ज्यादा दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में लगाए जाने वाले सार्वजनिक स्क्रीनिंग कार्यक्रम में भी करीब 50 हजार फुटबॉल प्रशंसकों के मैच देखने की संभावना जताई गई है।

आज साफ हो सकता है धुंवा

एक्यूवेदर के मौसम विज्ञानी एलेक्स दासिल्वा ने रॉयटर्स को एक इंटरव्यू में बताया, “जिन इलाकों में धुआं ज्यादा है, वहां लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। खासकर वे लोग जो पहले से श्वसन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं या ज्यादा संवेदनशील हैं, उनके लिए बेहतर होगा कि वे जितना संभव हो घर के अंदर ही रहें।” उन्होंने आगे कहा, “शनिवार को अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे हवा में फैला काफी धुआं साफ हो जाएगा। इसके बाद रविवार सुबह ठंडी हवाएं चलने की उम्मीद है, जो इलाके में बचा हुआ धुआं भी काफी हद तक दूर कर देंगी।”

लोगों को घर में रहने की सलाह

न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने गुरुवार को कहा कि जंगल की आग से उठे धुएं की वजह से पूरे राज्य की हवा की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जितना संभव हो घर के अंदर रहें और बिना जरूरत बाहर निकलने से बचें। हाल के वर्षों में उत्तरी कनाडा में लगने वाली जंगल की आग का धुआं गर्मियों के दौरान अमेरिका के कई इलाकों तक पहुंचना आम बात बन गया है।

एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर रविवार को मौसम पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ, तो खिलाड़ियों के लिए मैदान पर खेलना आसान नहीं होगा। धुआं और गर्मी दोनों ही खिलाड़ियों की सेहत पर असर डाल सकते हैं। ऐसे में मुकाबले के दौरान उन्हें पर्याप्त पानी पीना होगा और शरीर को ठंडा रखने पर विशेष ध्यान देना पड़ेगा।

Sonam Wangchuk: अब कैसी है सोनम वांगचुक की तबीयत? सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने दी यह जानकारी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस 21वें दिन वहां से हटाकर अस्पताल ले गई है। दिल्ली पुलिस ने साफ कहा कि हाई कोर्ट के आदेश और मेडिकल एक्सपर्ट्स की सलाह के अनुसार, सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें जरूरी मेडिकल देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वहीं सफदरजंग अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि सोनम वांगचुक पूरी तरह होश में हैं और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। हालांकि, लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने की वजह से उनके शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, वांगचुक की नाड़ी, ब्लड प्रेशर और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर सामान्य है। लेकिन लंबे समय तक उपवास करने के कारण उनकी सेहत पर असर पड़ा है। डॉक्टरों का कहना है कि हालत बिगड़ने और किसी गंभीर परेशानी से बचाने के लिए तुरंत इलाज की जरूरत है।

अस्पताल के मुताबिक, दिल्ली एम्स के एक विशेषज्ञ डॉक्टर ने भी वांगचुक की जांच की है। उन्होंने इलाज कर रही टीम की राय से सहमति जताई है कि उन्हें नसों के जरिए तरल पदार्थ (आईवी फ्लूइड) और इलेक्ट्रोलाइट देना चिकित्सकीय रूप से जरूरी है। एम्स के डॉक्टर भी अब इलाज करने वाली टीम में शामिल हो गए हैं और उनकी सेहत पर लगातार नजर रखेंगे।

अस्पताल के हेल्थ बुलेटिन की अहम बातें

  • सोनम वांगचुक पूरी तरह होश में हैं और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है।
  • उनकी ब्लड प्रेशर और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर सामान्य है।
  • लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने की वजह से उनके शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के लक्षण मिले हैं।
  • डॉक्टरों का कहना है कि हालत बिगड़ने और किसी गंभीर समस्या से बचाने के लिए तुरंत इलाज जरूरी है।
  • एम्स के एक विशेषज्ञ डॉक्टर ने भी वांगचुक की जांच की और इलाज कर रही टीम की राय से सहमति जताई।
  • एम्स का एक डॉक्टर अब इलाज करने वाली टीम का हिस्सा है और उनकी सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है।

डॉक्टरों ने सोनम वांगचुक को मुंह से तरल पदार्थ (ओरल फ्लूइड) या नस के जरिए तरल पदार्थ (आईवी फ्लूइड) और इलेक्ट्रोलाइट देने की सलाह दी है। अस्पताल के अनुसार, कई बार समझाने के बावजूद वांगचुक ने आईवी फ्लूइड, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) और दवाएं लेने से इनकार कर दिया है। अस्पताल का कहना है कि वांगचुक के परिवार ने भी अभी तक डॉक्टरों की ओर से सुझाए गए इलाज के लिए सहमति नहीं दी है। फिलहाल वांगचुक की लगातार मेडिकल निगरानी की जा रही है। डॉक्टर उन्हें और उनके परिवार को समझाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वे इलाज के लिए सहमत हो जाएं और किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके।

निजी डॉक्टर ने उठाए सवाल

इससे पहले दिन में सोनम वांगचुक के निजी डॉक्टर डॉ. नितिन दिघे ने भी अस्पताल की कुछ मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल उठाए थे। डॉ. दिघे का कहना है कि शुक्रवार दोपहर जब वांगचुक का ब्लड सैंपल लिया गया था, तब उनके शरीर में पोटेशियम का स्तर सामान्य था। उन्होंने कहा कि वह इसकी पुष्टि के लिए एक स्वतंत्र लैब में दोबारा ब्लड टेस्ट कराना चाहते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल ने परिवार को मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई।

पत्नी ने भी मेडिकल रिपोर्ट पर जताई आपत्ति

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने भी अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल उठाए और स्वतंत्र जांच की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि परिवार की यह मांग नहीं मानी गई कि वांगचुक की जांच किसी दूसरी लैब में कराई जाए और उनके खून के नमूने स्वतंत्र जांच के लिए परिवार को दिए जाएं। आंग्मो ने यह भी दावा किया कि परिवार ने वांगचुक को अस्पताल से छुट्टी देने की मांग की थी, ताकि उन्हें अपनी पसंद के किसी दूसरे अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया जा सके।

बॉयफ्रेंड की शादी की खबर नहीं सह पाई सॉफ्टवेयर इंजीनियर, उठाया खौफनाक कदम

आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले की रहने वाली 26 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर कीर्ति ने पिछले सप्ताह मुंबई में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वह अपने निजी रिश्ते को लेकर लंबे समय से मानसिक तनाव में थीं। बताया जा रहा है कि कीर्ति पिछले आठ वर्षों से प्रकाशम जिले के पोंडुरु गांव के रहने वाले साई सुमंत के साथ रिश्ते में थीं। इसी बीच साई के परिवार ने उनकी शादी किसी दूसरी महिला से तय कर दी, जिसके बाद कीर्ति काफी परेशान रहने लगी थीं।

बॉयफ्रेंड की शादी तय होते ही युवती ने की आत्महत्या

पुलिस के अनुसार, 14 जुलाई को कीर्ति मुंबई स्थित अपने पीजी आवास में मृत मिलीं। मामले की जांच की जा रही है। परिवार के लिए छोड़े गए एक सुसाइड नोट में कीर्ति ने इच्छा जताई कि उनका अंतिम संस्कार उनके बॉयफ्रेंड के पैतृक गांव में किया जाए। उन्होंने यह भी लिखा कि अंतिम संस्कार से पहले उनके शरीर पर ‘थाली’ (मंगलसूत्र) बांधा जाए। पुलिस ने सुसाइड नोट को जांच का हिस्सा बना लिया है।

16 जुलाई को मुंबई में पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद कीर्ति का शव उनके परिवार को सौंप दिया गया। इसके बाद परिवार शव को आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के पोंडुरु गांव स्थित उसके बॉयफ्रेंड के घर ले गया, जहां उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। घटना की जानकारी मिलते ही टंगुटुरु पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को शांत कराया। बाद में पुलिस की मौजूदगी और स्थानीय लोगों के सहयोग से पोंडुरु गांव में कीर्ति का अंतिम संस्कार किया गया।

‘अमीर दिखना पड़ता है महंगा’, बेंगलुरु के प्रोफेशनल ने बताया पैसे बचाने का अनोखा तरीका, वायरल हुआ पोस्ट

बेंगलुरु के एक प्रोफेशनल का सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों खूब चर्चा में है। पोस्ट में व्यक्ति ने बताया कि, साधारण लाइफस्टाइल अपनाकर और महंगे गैजेट्स व लग्जरी चीजों से दूरी बनाकर वह कई जगहों पर पैसे बचा लेते हैं। उन्होंने बताया कि इसी वजह से उन्होंने iPhone और MacBook का इस्तेमाल छोड़ दिया और आज भी 10 साल पुरानी हैचबैक कार चलाते हैं। उनका मानना है कि अमीर दिखने की कोशिश कई बार लोगों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ डाल देती है। उनकी ये सोच सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट

अपनी लिंक्डइन पोस्ट में मीनांक मिन्नू ने बताया कि, वह जानबूझकर सादगी भरी लाइफस्टाइल अपनाते हैं। उनका कहना कि, ऐसा करने से उन्हें खरीदारी के दौरान बेहतर दाम पर सामान मिल जाता है। उन्होंने लिखा, “मैं हमेशा गरीब दिखने की कोशिश करता हूं। इससे मुझे मोलभाव करने में ज्यादा मुश्किल होती है।” मिन्नू ने बताया कि उन्होंने अपनी लाइफस्टाइल में भी इसी सोच के मुताबिक बदलाव किए। उन्होंने कहा, “मैंने अपना iPhone बेच दिया और उसकी जगह Vivo फोन खरीद लिया। MacBook भी बेच दिया और ASUS का लैपटॉप ले लिया। आज भी मैं 10 साल पुरानी हैचबैक कार चलाता हूं, जो मुश्किल से E20 फ्यूल पर चलती है।”

ऐसा करना कोई मजबूरी नहीं

उन्होंने ये भी साफ किया कि ऐसा करना उनकी मजबूरी नहीं थी। उनके मुताबिक, “क्या मैं नई कार खरीद सकता हूं? बिल्कुल खरीद सकता हूं। लेकिन मेरी सोच ये है कि जैसे ही लोग आपको अमीर समझने लगते हैं, कई चीजें अपने आप महंगी हो जाती हैं।” मीनांक मिन्नू के मुताबिक, भारत में किसी व्यक्ति की बाहरी छवि कई बार उसके साथ होने वाले व्यवहार को प्रभावित करती है। उन्होंने अपनी बात समझाते हुए लिखा, “20 रुपये किलो मिलने वाले आलू 28 रुपये किलो हो जाते हैं। 500 रुपये का ट्रैफिक चालान किसी तरह 1,500 रुपये तक पहुंच जाता है। iPhone होने की वजह से 200 रुपये का मोबाइल कवर 700 रुपये में मिलता है। लोग आपसे उधार मांगने से भी बचते हैं, जिसे शायद कभी लौटाना ही न हो।”

अतिरिक्त खर्च से बचना है

मिन्नू ने आगे कहा, “लोग सिर्फ आपको देखकर राय नहीं बनाते, बल्कि उसी हिसाब से आपकी कीमत भी तय कर देते हैं।” उन्होंने ये भी बताया कि इसका मतलब सस्ते प्रोडक्ट खरीदना नहीं था। उन्होंने कहा, “दिलचस्प बात यह है कि मेरा Vivo फोन iPhone से भी महंगा है और मेरा ASUS लैपटॉप MacBook से ज्यादा कीमत का है। मेरा मकसद पैसे बचाने के लिए सस्ती चीजें खरीदना नहीं था, बल्कि ‘अमीर दिखने’ की वजह से लगने वाले अतिरिक्त खर्च से बचना था।”

उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में भारत में कारोबार करने के तरीके पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने लिखा, “भारत में बिजनेस कुछ इसी तरह चलता है।” आगे उन्होंने कहा, “भारत के कई बड़े और अमीर लोग स्टारबक्स जैसी जगहों पर नहीं, बल्कि पुराने कैफे में बैठकर करोड़ों की डील करते हैं। गुमनाम रहना भी एक बड़ी ताकत है। अपने काम से काम रखो, कम दिखावा करो, शांति से जियो और ‘ध्यान आकर्षित करने’ की कीमत किसी और को चुकाने दो।”

लोगों ने दिए रिएक्शन

सोशल मीडिया पर लिंक्डइन पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने पोस्ट की तारीफ करते हुए लिखा, “पोस्ट का आखिरी हिस्सा मुझे सबसे ज्यादा पसंद आया। कई बार जितना कम हम लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचते हैं, उतने ही सच्चे अनुभव मिलते हैं। बहुत अच्छी सीख।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “मैं अमीर दिखने से ज्यादा अमीर बनना पसंद करूंगा। सादगी ही सबसे बड़ी खूबसूरती है।”

वहीं एक यूजर ने लिखा, “MacBook ज्यादातर मामलों में Asus से बेहतर है। मैं अपनी जरूरत और काम के हिसाब से प्रोडक्ट खरीदता हूं। लोग मुझे अमीर समझें या गरीब, इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।” एक अन्य यूजर ने अपनी उलझन जाहिर करते हुए लिखा, “मुझे यह बात समझ नहीं आई, माफ कीजिए।”

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इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन रह सकता है दमदार

भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में शानदार रह सकता है। स्ट्रॉन्ग ग्रोथ, लगातार अच्छा कैपिटल एक्सपेंडिचर और क्रेडिट एक्सपैंशन इसकी वजह होगी। हालांकि, इनफ्लेशन बढ़ने से इंटरेस्ट रेट में इजाफा हो सकता है। एललामा की रिपोर्ट में यह कहा गया है।

चुनौतियों की बीच इकोनॉमिक ग्रोथ 7.8 फीसदी

इस रिपोर्ट में इनफ्लेशन बढ़ने की आशंका जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने ऑयल की दोगुनी कीमतों को बर्दाश्त किया है। महंगे ऑयल के बावजूद 7.8 फीसदी ग्रोथ बनाए रखी है। भारतीय इकोनॉमी ज्यादातर दूसरी बड़ी इकोनॉमीज के मुकाबले मजबूत है। 7.8 फीसदी जीडीपी ग्रोथ के साथ ही मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 59.3 है।

निफ्टी की वैल्यूएशन 10 साल के एवरेज के मुकाबले कम

इनफ्लेशन को चिंता की वजह बताते हुए इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इनफ्लेशन बढ़ने के 9-15 महीनों के दौरान मार्केट में तेजी दिखी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि निफ्टी अपने 10 साल के एवरेज 18.6 के पी/ई के मुकाबले 17.7 पी/ई पर आ गया है। इस हिसाब से महंगे बाजारों के मुकाबले भारतीय बाजार सस्ता है।

घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से बाजार को मिला सहारा

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने इस साल भारतीय शेयर बाजारों में अब तक 29 अरब डॉलर की बिकवाली की है। इसके मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 45.5 अरब डॉलर का निवेश किया है। इस रिपोर्ट में एनर्जी, मेटल्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, डिफेंस, फार्मास्युटिकल्स, ऑटोमोबाइल्स के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई गई है।

बाजार के लिए ये हैं कुछ बड़े रिस्क

रिपोर्ट में कहा गया है कि तेल की कीमतों में तेज उछाल, आरबीआई के उम्मीद से पहले इंटरेस्ट रेट में वृद्धि और जल्द डिसइनफ्लेशन जैसे रिस्क बने हुए हैं। ऐसे में रियल एस्टेट और साइक्लिकल्स में ओवरवेट बने रहना ठीक होगा। जुलाई में विदेशी संस्थागत निवेशकों का रुख भारत को लेकर बदला है। उन्होंने भारत में बिकवाली से ज्यादा खरीदारी की है।

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17 जुलाई को प्रमुख सूचकाकों में जोरदार तेजी

अमेरिका-ईरान के बीच फिर से लड़ाई शुरू होने और क्रूड में उछाल के बावजूद भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट नहीं दिखी है। 17 जुलाई को सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार तेजी दिखी। निफ्टी 1.09 फीसदी यानी 261.55 फीसदी चढ़कर 24,334 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.25 फीसदी यानी 964 अंक के उछाल के साथ 78,151 पर क्लोज हुआ।

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25 लाख का इनामी नक्सली अजय महतो गिरफ्तार, 21 साल से था सक्रिय… चार राज्यों की पुलिस को थी तलाश

झारखंड के गिरिडीह में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कोबरा 209 बटालियन की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने 25 लाख रुपये के इनामी माओवादी अजय महतो को गिरफ्तार कर लिया है। उसे मोचू और टाइगर के नाम से भी जाना जाता है। गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने बताया कि अजय महतो को पिपराडीह गांव के जंगलों में चलाए गए संयुक्त अभियान के दौरान पकड़ा गया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को उसके इलाके में मौजूद होने की पक्की खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस और सीआरपीएफ ने सर्च ऑपरेशन चलाया और उसे गिरफ्तार कर लिया।

2005 से था एक्टिव

पुलिस के मुताबिक, अजय महतो साल 2005 से माओवादी गतिविधियों में शामिल था। वह संगठन में स्पेशल एरिया कमेटी (एसएसी) कमांडर के पद पर काम कर रहा था। उस पर जबरन वसूली करने, हथियार और विस्फोटक जुटाने तथा हमलों की साजिश रचने जैसे कई गंभीर आरोप हैं। अधिकारियों ने बताया कि झारखंड के कई जिलों में अजय महतो के खिलाफ 240 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षा बलों पर हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि अजय महतो की गिरफ्तारी से उन इलाकों में माओवादी गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा, जहां वह लंबे समय से सक्रिय था।

 ‘ऑपरेशन कगार’ है जारी

अजय महतो की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब झारखंड समेत कई राज्यों में सुरक्षा बल माओवाद के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और उसकी विशेष कोबरा (CoBRA) कमांडो इकाइयां माओवादी नेताओं और उनके नेटवर्क के खिलाफ संयुक्त अभियान चला रही हैं। इसी अभियान के तहत ‘ऑपरेशन कगार’ भी चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य माओवादी प्रभावित इलाकों में कार्रवाई को और तेज करना है। इस अभियान में कई सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। अधिकारी बताते हैं कि अभियान के दौरान माओवादियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, खुफिया जानकारी जुटाई जा रही है और जंगलों व दूरदराज के इलाकों में सुरक्षा बल लगातार सर्च ऑपरेशन और इलाके पर नियंत्रण मजबूत करने का काम कर रहे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश से माओवादी प्रभाव खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की समय-सीमा तय की थी। सरकार का कहना है कि लगातार सुरक्षा अभियान और प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए तय समय के भीतर देश को माओवादी गतिविधियों से मुक्त बनाने की कोशिश जारी है। अधिकारियों के अनुसार, अजय महतो जैसे बड़े माओवादी नेताओं की गिरफ्तारी इसी रणनीति का हिस्सा है। उनका कहना है कि ऐसे अभियानों का मकसद माओवादी संगठनों के वरिष्ठ नेताओं को पकड़ना, उनके नेटवर्क को तोड़ना और उनकी गतिविधियों को कमजोर करना है।