SBI Funds Listing Gain: IPO को ताबड़तोड़ बोली, अब लिस्टिंग का इंतजार, पहले दिन इतने मुनाफे की गुंजाइश

SBI Funds Listing Gain: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपाओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला। शेयर अलॉट हो चुके हैं और अब इसकी लिस्टिंग का इंतजार है। हर कैटेगरी के निवेशकों के धांसू रिस्पांस के बाद आईपीओ निवेशकों को शेयर ₹574 के भाव पर जारी हुए हैं। अब मंगलवार को मंगल होने की उम्मीद है क्योंकि ग्रे मार्केट से 16% से अधिक लिस्टिंग गेन के संकेत मिल रहे हैं। ग्रे मार्केट में इसके शेयर इश्यू प्राइस से ₹92.5 यानी 16.11% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। इससे शेयरों की मजबूत लिस्टिंग के संकेत मिल रहे हैं।

हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। अब अलॉटमेंट की बात करें तो अगर आपने आईपीओ में बोल लगाई थी और अभी तक स्टेटस चेक नहीं किया है तो इसे या तो बीएसई की वेबसाइट पर या रजिस्ट्रार एमयूएफजी की वेबसाइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम SBI Funds चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे चेक करें स्टेटस

https://ipostatus.kfintech.com/, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट आईपीओ पर क्लिक करके SBI Funds चुनें।

एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या पैन में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

सबमिट करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

SBI Funds IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

एसबीआई फंड्स का ₹9813 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 14-16 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 41.73 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 140.11 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 22.51 गुना खुदरा निवेशकों का हिस्सा 3.76 गुना, एंप्लॉयीज का हिस्सा 4.65 गुना और शेयरहोल्डर्स का हिस्सा 9.52 गुना भरा था।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ हैं बल्कि ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 17,09,56,631 शेयरों की बिक्री हुई है। इसमें से 12,83,34,397 शेयर एसबीआई और 7,53,74,842 शेयर एमुंडी इंडिया होल्डिंग ने बेचे हैं। चूंकि यह इश्यू पीरी तरह से ऑफर फॉर सेल का था तो आईपीओ का पैसा कंपनी को नहीं मिला बल्कि शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स एसबीआई और एमुंडी इंडिया को मिला।

SBI Funds के बारे में

AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) के हिसाब से देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट एसबीआई म्यूचुअल फंड को मैनेज करती है। यह एसबीआई और एमुंडी का ज्वाइंट वेंचर है। यह इक्विटी फंड्स, डेट फंड्स, हाइब्रिड फंड्स, ईटीएफ और PMS (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज) जैसे निवेश प्रोडक्ट्स ऑफर करती है। 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक यह र्16.32 लाख करोड़ के एसेट्स मैनेज कर रही है जोकि म्यूचुअल फंड्स को कुल एयूएम का करीब 15.5% है। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के हिसाब से इंडिविजुअल और इंस्टीट्यूशनल मिलाकर इसके 1.60 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। इसके पोर्टफोलियो में 126 म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 21% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹3,067.38 करोड़ और टोटल इनकम भी इस दौरान 20% के सीएजीआर से उछलकर ₹4,976.11 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में ₹326.73 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

72nd National Film Awards Winners: यामी गौतम, कार्तिक आर्यन और ममूटी ने जीता बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड, ‘आर्टिकल 370’ बनीं बेस्ट फिल्म, यहां देखें पूरी लिस्ट

72nd National Film Awards Winners: शनिवार शाम को 72वें नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड्स के विजेताओं की घोषणा की गई, जिसमें 2024 के लिए भारतीय सिनेमा के बेहतरीन काम को सम्मानित किया गया। बॉलीवुड स्टार्स से लेकर क्षेत्रीय कलाकारों तक, विजेता अलग-अलग भाषाओं और जॉनर में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हैं।

इन अवॉर्ड्स की घोषणा नई दिल्ली के नेशनल मीडिया सेंटर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई। यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला, जबकि कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ में शानदार परफॉर्मेंस के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड दिया गया। उन्होंने यह अवॉर्ड ‘ब्रमायुगम’ (मलयालम) के लिए ममूटी के साथ शेयर किया। ‘आर्टिकल 370’ ने बेस्ट फ़ीचर फ़िल्म का अवॉर्ड भी जीता, जबकि ‘श्रीकांत’ को बेस्ट हिंदी फ़िल्म का अवॉर्ड मिला। राजकुमार पेरियासामी को ‘अमरन’ (तमिल) के लिए बेस्ट डायरेक्टर का सम्मान मिला।

‘आर्टिकल 370’ ने कुल तीन अवॉर्ड जीते, जिसमें शाश्वत सचदेव को बैकग्राउंड म्यूज़िक के लिए अवॉर्ड मिला। ‘पुष्पा: द रूल 2’ ने दो अवॉर्ड जीते – बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन-दीपावली नूर और शीतल शर्मा और बेस्ट स्क्रीनप्ले- योगेश देशपांडे (स्वर्गंधर्व सुधीर फड़के – मराठी), बांद्रेड्डी सुकुमार (पुष्पा: द रूल 2 – तेलुगु)। ‘कल्कि 2898 AD’ ने दो अवॉर्ड जीते – बेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन (कल्कि 2898 AD – तेलुगु) और भरपूर मनोरंजन देने वाली बेस्ट पॉपुलर फिल्म।

आइए, साल 2024 के विजेताओं की पूरी लिस्ट देखते हैं-

फीचर फिल्म्स

सर्वश्रेष्ठ तुलु फिल्म- आईएमबीयू

सर्वश्रेष्ठ गढ़वाली फिल्म- ढोली

सर्वश्रेष्ठ गारो फिल्म- रिमडोटियांगा

सर्वश्रेष्ठ तेलुगु फिल्म- कमेटी कुरोलू (द कार्निवल कमेटी)

सर्वश्रेष्ठ तमिल फिल्म- रायन

सर्वश्रेष्ठ पंजाबी फिल्म- गॉडडे गॉडडे चा

सर्वश्रेष्ठ उड़िया फिल्म- लहरी (टाइड ऑफ टाइम्स)

सर्वश्रेष्ठ मराठी फिल्म- मुक्कम पोस्ट बोम्बिलवाड़ी

सर्वश्रेष्ठ मणिपुरी फिल्म- सुनीता

सर्वश्रेष्ठ मलयालम फिल्म- फेमिनिची फातिमा (फेमिनिस्ट फातिमा)

सर्वश्रेष्ठ कोंकणी फिल्म- मोग आसुम (लेट देयर बी लव)

सर्वश्रेष्ठ कन्नड़ फिल्म- मिथ्या (इल्यूजन)

सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म- श्रीकांत

सर्वश्रेष्ठ गुजराती फिल्म- मारन (द हंट)

सर्वश्रेष्ठ बंगाली फिल्म- चल्वहित्रा एखोन (कैलिडोस्कोप नाउ)

सर्वश्रेष्ठ असमिया फिल्म- जुईफूल (नारंगी और बैंगनी)

सर्वश्रेष्ठ एक्शन निर्देशन- महाराजा (तमिल)

सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी- विजय गांगुली (आज की रात – स्त्री 2)

सर्वश्रेष्ठ गीत- मनोज मुंतशिर (मैदान – “जाने दो”) – हिंदी

सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन- जी. वी. प्रकाश कुमार (अमरन – तमिल) – सर्वश्रेष्ठ पृष्ठभूमि संगीत, शाश्वत सचदेव (अनुच्छेद 370) – हिंदी

सर्वश्रेष्ठ मेकअप- पी. रवि कुमार (समिति कुरोलू)

सर्वश्रेष्ठ पोशाक डिजाइन- दीपाली नूर और शीतल शर्मा (पुष्पा: द रूल पार्ट 02)

सर्वश्रेष्ठ प्रोडक्शन डिज़ाइन- कल्कि 2898 ई. (तेलुगु)

सर्वश्रेष्ठ संपादन- आर. कलाईवन्नन (अमरन – तमिल)

सर्वश्रेष्ठ ध्वनि डिज़ाइन: मानस चौधरी (भूल भुलैया 3)

सर्वश्रेष्ठ पटकथा- योगेश देशपांडे (स्वर्गंधर्व सुधीर फड़के – मराठी), बंदरेड्डी सुकुमार (पुष्पा: द रूल 2 – तेलुगु)

सर्वश्रेष्ठ संवाद- वेंकी एटलुरी (लकी भास्कर – तेलुगु)

सर्वश्रेष्ठ छायांकन- शहनाद जलाल (ब्रमयुगम – मलयालम)

सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका (महिला)- वैकोम विजयलक्ष्मी (ए.आर.एम. – “अंगु वाना कोनिलु” – मलयालम)

श्रेष्ठ पार्श्व गायक (पुरुष)- अभय जोधपुरकर (घराट गणपति – “नवसाची गौरी माज़ी” – मराठी)

सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार- रिद्धिमान बनर्जी, तपोमोय देब, गीताश्री चक्रवर्ती (ओंको की कोथिन – बंगाली); अरुणदेव पाथुला (चिन्ना कथा काडु – तेलुगु); आतिश एस शेट्टी (मिथ्या – कन्नड़)

क्या आप भी अनलिस्टेड मार्केट में शेयर खरीद रहे हैं? तो पहले ये बातें जान लीजिए

शेयरों के अनिलिस्टेड बाजार में पहले कभी इनवेस्टर्स की ऐसी दिलचस्पी नहीं दिखी थी। आज निवेशक कंपनी के शेयरों के स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने तक का इंतजार नहीं करना चाहते। वे आईपीओ से महीनों या सालों से पहले शेयर खरीद रहे हैं। उन्हें लगता है कि पहले निवेश करने पर लिस्टिंग के वक्त उन्हें ज्यादा मुनाफा कमाने का मौका मिलेगा। लेकिन, हाल में कुछ कंपनियों के शेयरों की लिस्टिंग से एक बात साफ हो गई है कि शेयरों में पहले निवेश करने का मतलब यह नहीं है कि आप सस्ते में शेयर खरीद रहे हैं।

हम एचडीपी फाइनेंशियल सर्विसेज का उदाहरण लेते हैं। अनलिस्टेड मार्केट में इस शेयर का प्राइस 1,000-1,300 रुपये चल रहा था। एक बार तो यह 1,525 रुपये तक पर पहुंच गया था। लेकिन, कंपनी ने आईपीओ में शेयर के लिए 700-740 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इसी तरह टाटा कैपिटल के शेयर के प्राइस अनलिस्टेड मार्केट में 700-1,125 रुपये पहुंच गए थे। लेकिन, कंपनी ने आईपीओ में शेयर की कीमत 310-326 रुपये तय की थी।

SBI Funds Management के आईपीओ में भी यही बात देखने को मिली। कंपनी ने अनलिस्टेड मार्केट में चल रहे शेयर के प्राइस के मुकाबले 30 फीसदी से ज्यादा डिस्काउंट पर आईपीओ में प्राइस तय किए। इन सभी कंपनियों के शेयरों में अनलिस्टेड मार्केट में निवेश करने वाले इनवेस्टर्स नोशनल लॉस उठा रहे थे। इसकी वजह यह नहीं है कि कंपनी के बिजनेस में किसी तरह की कमी आई। इसकी वजह है कि अनलिस्टेड मार्केट में शेयर की कीमतें जरूरत से ज्यादा चढ़ गई थीं।

इसका मतलब है कि इनवेस्टर्स उपर्युक्त मामलों से कुछ बातें समझ सकते हैं:

1 अनिलिस्टेड मार्केट में स्टॉक एक्सचेंजों की तरह शेयर का प्राइस डिस्कवर नहीं होता

यह समझ लेना जरूरी है कि लिस्टेड मार्केट के मुकाबले अनिलिस्टेड मार्केट में शेयर का प्राइस अलग तरह से डिस्कवर होता है। अनलिस्टेड मार्केट में शेयर का प्राइवेट ट्रांजेक्शन होता है। इस बाजार में शेयर खरीदने वालों और बेचने वालों की संख्या सीमित होती है। इस वजह से कुछ मुट्ठीभर खरीदारी शेयरों की वैल्यूएशंस को बढ़ा देते हैं। दरअसल, कंपनी के आईपीओ लॉन्च होने की खबर आते ही अनलिस्टेड बाजार में शेयर की कीमत चढ़ने लगती है।

2. अच्छी कंपनी में भी आपका निवेश खराब हो सकता है

अच्छी कंपनी का मतलब यह नहीं है कि आप उसके शेयर में किसी भी कीमत पर निवेश करें। हर निवेश से पहले यह देखना जरूरी है कि वह इनवेस्टमेंट अर्निंग्स, बुक वैल्यू, ग्रोथ की संभावना और रिटर्न प्रोफाइल के लिहाज से कितनी वैल्यू ऑफर करता है। यह भी समझना जरूरी है कि आईपीओ में शेयर की वैल्यूएशन व्यापक प्रोसेस से तय होती है। इसमें इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की डिमांड, ग्रोथ आउटलुक और बाजार में चल रही स्थितियों का हाथ होता है।

3. FOMO फंडामेंटल एनालिसिस की जगह नहीं ले सकता

कई निवेशक सिर्फ मौका चूक जाने के डर (FOMO) से निवेश करते हैं। इससे शेयर की कीमत में बुलबुला बनता है। इनवेस्टर्स को किसी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के बिजनेस के बारे में जरूरी जानकारी हासिल करना और उसे समझना जरूरी है। लेकिन, व्यावहारिक रूप से बहुत कम निवेशक ऐसा करते हैं। सिर्फ दूसरों को देख किसी शेयर में निवेश करने से बड़ा लॉस हो सकता है।

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Video: देखते ही देखते पानी में समा गया मासूम, बहराइच में मगरमच्छ के हमले का डरावना वीडियो आया सामने

उत्तर प्रदेश के बहराइच से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने इस हादसे की भयावह तस्वीर सामने ला दी, जिसमें एक मगरमच्छ के हमले के बाद एक मासूम बच्चे की जान चली गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और डर का माहौल है। 12 साल के सुनील की मौत ने हर किसी को भावुक कर दिया, क्योंकि वह पहले ही अपने माता-पिता को खो चुका था और अपने छोटे भाई-बहन के लिए उम्मीद की किरण बना हुआ था।

ग्रामीणों के मुताबिक, नदी किनारे हुए इस हादसे में सुनील को बचाने के लिए उसके चाचा ने पूरी कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ के सामने उनकी कोशिशें नाकाम रहीं। इस घटना ने नदी किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

मां-बाप का साया पहले ही उठ चुका था

सुनील की जिंदगी पहले से ही संघर्षों से भरी थी। कम उम्र में ही उसने माता-पिता को खो दिया था। वह अपने छोटे भाई और बहन के साथ चाचा के घर रहकर पढ़ाई करता था और घर के कामों में भी मदद करता था। सुनील का सपना था कि वह पढ़-लिखकर अपने भाई-बहन का सहारा बने, लेकिन एक दर्दनाक हादसे ने सब कुछ बदल दिया।

नदी किनारे हुआ खौफनाक हादसा

घटना के बाद गांव का माहौल गम और डर से भर गया। जिस नदी किनारे सुनील पर हमला हुआ, वहां पहुंचकर ग्रामीण आज भी सहम जाते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यही वह जगह थी, जहां सुनील और मगरमच्छ के बीच जिंदगी की आखिरी लड़ाई हुई थी।

चाचा ने बचाने के लिए लगाई पूरी ताकत

बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 2 से 2:30 बजे के बीच सुनील अपने चाचा के साथ खेत में धान की रोपाई में मदद कर रहा था। खेत नदी के बेहद करीब था। कुछ देर बाद जब सुनील नदी किनारे गया, तभी मगरमच्छ ने अचानक हमला कर दिया। आवाज सुनकर चाचा मौके पर पहुंचे और बिना अपनी जान की परवाह किए पानी में कूद गए। उन्होंने सुनील का हाथ पकड़ लिया, जबकि मगरमच्छ उसे अपनी ओर खींच रहा था।

10-15 मिनट तक चली जिंदगी बचाने की जद्दोजहद

सुनील को बचाने के लिए चाचा और मगरमच्छ के बीच करीब 10 से 15 मिनट तक संघर्ष चलता रहा। इस दौरान सुनील की चचेरी बहन भी वहां पहुंच गई और उसने भी अपने पिता को पीछे खींचने की कोशिश की। लेकिन आखिरकार मगरमच्छ सुनील को पानी के अंदर खींचकर ले गया।

वन विभाग ने संभाली स्थिति, ग्रामीणों को चेतावनी

घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से नदी के आसपास जाने से बचने की अपील की। सुनील के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

दो मासूमों के सिर से उठा आखिरी सहारा

सुनील की मौत ने पूरे गांव को दुख में डुबो दिया है। सबसे बड़ा सवाल अब उसके छोटे भाई और बहन के भविष्य को लेकर है, जिनके लिए सुनील ही सबसे बड़ा सहारा था। यह हादसा सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए कभी न भूल पाने वाला दर्द बन गया है।

JK Cement Q1 Result: 20% बढ़ा रेवेन्यू लेकिन 14% गिरा मुनाफा, ये है वजह, सोमवार को रहेगी शेयरों पर नजर

JK Cement Q1 Result: सीमेंट सेक्टर की दिग्गज कंपनी जेके सीमेंट के लिए चालू वित्त वर्ष 2026 की शुरुआत मिली-जुली रही। एक तरफ इसके रेवेन्यू में 20% से अधिक की तेजी आई तो दूसरी तरफ ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी को झटका लगा और शुद्ध मुनाफा भी 14% से अधिक घट गया। कंपनी ने 18 जुलाई को जून तिमाही के कारोबारी नतीजे पेश किए और अब सोमवार 20 जुलाई को मार्केट खुलने पर शेयरों पर इसका असर दिख सकता है। अभी इसके शेयरों के स्थिति की बात करें तो 17 जुलाई को बीएसई पर यह 0.65% की गिरावट के साथ ₹5388.90 (JK Cement Share Price)s पर बंद हुआ था। पिछले साल 20 अगस्त 2025 को बीएसई पर यह एक साल के हाई ₹7,565 पर था जिससे 10 महीने में यह 38.27% फिसलकर 12 जून 2026 को एक साल के निचले स्तर ₹4,670.05 पर आ गया था।

JK Cement Q1 Result: खास बातें

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में जेके सीमेंट का ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर 20.3% बढ़कर ₹4,031.7 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन शुद्ध मुनाफा इस दौरान 14.5% गिरकर ₹277 करोड़ पर आ गया। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी को जून तिमाही में दबाव झेलना पड़ा। इसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर 5.8% गिरकर जून तिमाही में ₹647.7 करोड़ पर आ गया तो ईबीआईटीडीए मार्जिन भी सिकुड़कर 20.5% से 16.1% पर आ गया। मार्जिन में गिरावट के चलते इसकी कमाई पर दबाव पड़ा और रेवेन्यू में दोहरे अंकों की ग्रोथ के बावजूद शुद्ध मुनाफा नीचे आया।

जून तिमाही में कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ मजबूत बनी रही और सालाना आधार पर इसमें 18% की तेजी आई। ग्रे सीमेंट का वॉल्यूम 19% तो व्हाइट सीमेंट और पुट्टी का वॉल्यूम 11% बढ़ा। जून तिमाही में ग्रे सीमेंट की बिक्री 59.6 लाख टन रही तो व्हाइट सीमेंट की बिक्री 5.4 लाख टन रही जोकि सालाना आधार पर 29% अधिक रहा।

कंपनी के मुताबिक दोहरे अंकों में वॉल्यूम ग्रोथ की वजह वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में शुरू हुए 6 MTPA क्षमता विस्तार और यूएई से कम आयात पर व्हाइट सीमेंट वॉल्यूम में हुई बढ़ोतरी है। ऑपरेटिंग प्रॉफिट को लेकर कंपनी का कहना है कि प्राइस हाइक और व्हाइट सीमेंट वॉल्यूम में तेजी के बावजूद मेंटेनेंस और पैकेजिंग कॉस्ट में उछाल के चलते इसे झटका लगा।

विस्तार की योजना को लेकर कंपनी का कहना है कि ग्रे सीमेंट कैपेसिटी बढ़ाने का काम योजना के मुताबिक ही बढ़ रहा है। अभी इसकी क्षमता 32.3 MTPA है जिसे बढ़ाकर वित्त वर्ष 2028 तक 40 MTPA और वित्त वर्ष 2030 तक 50 MTPA करने की योजना है। इसे लेकर कंपनी ने अगले दो साल में ₹5000-₹6000 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) की योजना बनाई है।

Stock in Focus: 20 जुलाई को इस नवरत्न कंपनी के शेयरों पर रहेगी नजर, विलय के बड़े प्लान को बोर्ड की मंजूरी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lohia Corp IPO: कानपुर की लोहिया कॉर्प का आईपीओ 23 जुलाई को खुलेगा, जानिए इश्यू के बारे में सबसे जरूरी बातें

लोहिया कॉर्प का आईपीओ 23 जुलाई को खुलेगा। एंकर इनवेस्टर्स के लिए यह इश्यू एक दिन पहले यानी 22 जुलाई को खुल जाएगा। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा। इसका मतलब यह है कि कंपनी इश्यू में नए शेयर इश्यू नहीं करेगी। सिर्फ कंपनी के प्रमोटर्स अपने शेयर बेचेंगे।

ओएफएस में प्रमोटर्स 2.59 करोड़ शेयर बेचेंगे

Lohia Corp कानपुर की कंपनी है। यह टेक्निकल टेक्सटाइल्स के मशीनरी और इक्विपमेंट्स बनाती है। ऑफर फॉर सेल में प्रमोटर्स 2.59 करोड़ शेयर बेचेंगे। 23 जुलाई को ही दो और आईपीओ आ रहे हैं। इसलिए इनवेस्टर्स को सोच-समझकर आईपीओ में निवेश करने की सलाह है। आईपीओ से आने वाला पूरा पैसा शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स की जेब में जाएगा। कंपनी को कोई पैसा नहीं मिलेगा।

30 जुलाई को शेयर बाजार में लिस्ट होंगे शेयर 

कंपनी ने ओएफएस में बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या घटा दी है। पहले ओएफएस में 4.22 करोड़ शेयरों को बेचने का प्लान था। इस इश्यू में रिटेल इनवेस्टर्स 27 जुलाई तक इनवेस्ट कर सकते हैं। शेयरों का ऐलॉटमेंट 28 जुलाई को होने की उम्मीद है। शेयर स्टॉक एक्सचेंज में 30 जुलाई को लिस्ट हो जाएंगे। कंपनी ने अपने एंप्लॉयीज के लिए 2 लाख शेयर रिजर्व किए हैं। कंपनी ने अभी प्राइस बैंड का ऐलान नहीं किया है।

कंपनी टेक्निकल टेक्सटाइल्स के मशीनरी बनाती है

इस आईपीओ का सिर्फ 10 फीसदी हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। ओएफएस में लोहिया फैमिली अपने शेयर्स बेचेगी। लोहिया कॉर्प टेक्निकल टेक्सटाइल्स के लिए मशीनरी और इक्विपमेंट्स बनाने वाली दुनिया की बड़ी कंपनियों में से एक है। यह टेप एक्सट्रूशन लाइंस, सर्कुलर लूम, कोटिंग एंड लैमिनेशन लाइंस, प्रिंटिंग एंड कनवर्सन मशीन, मल्टीफिलामेंट यार्न मशीन जैसे प्रोडक्ट्स बनाती है।

FY26 में प्रॉफिट में 64.2 फीसदी का उछाल

FY26 में कंपनी का प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 64.2 फीसदी बढ़कर 193.5 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले प्रॉफिट 117.8 करोड़ रुपये था। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू 24.7 फीसदी बढ़कर 1,717 करोड़ रुपये रहा। Rajoo Engineers, Lakshmi Machine Works (LMW) और ममता मशीनरी इसकी प्रतिस्पर्धी कंपनियां हैं।

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शेयर बाजार के सेंटीमेंट में इम्प्रूवमेंट 

यह आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब शेयर बाजारों के सेंटिमेंट में इम्प्रूवमेंट दिख रहा है। अमेरिका-ईरान की लड़ाई फिर से उग्र रूप धारण करने और क्रूड की कीमतों में उछाल के बावजूद शेयर बाजारों में ज्यादा गिरावट नहीं आई है। निफ्टी 24,000 अंक के लेवल के ऊपर बना हुआ है। 17 जुलाई को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों निफ्टी और सेंसेक्स में जबर्दस्त तेजी आई।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

सांप के डसने से मौत समझ रहे थे लोग, लेकिन जांच में सामने आई ऐसी साजिश जिसने पूरे मेरठ को हिला दिया

मेरठ में एक स्कूल संचालक की मौत का मामला अब साधारण हादसे से कहीं आगे बढ़कर सनसनीखेज आपराधिक जांच का रूप ले चुका है। शुरुआती तौर पर इसे सांप के डसने से हुई मौत माना गया था, लेकिन पुलिस की जांच में सामने आए दावों ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस वारदात को इस तरह अंजाम दिया गया कि पहली नजर में यह प्राकृतिक हादसा लगे और किसी को शक न हो। मामले में मृतक की पत्नी, उसके कथित प्रेमी और दो सपेरों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस का कहना है कि हत्या के लिए बेहद जहरीले करैत सांप का इस्तेमाल किया गया और पूरी साजिश पहले से तैयार की गई थी। इस खुलासे के बाद मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों के आधार पर होगी।

सांप के डसने की कहानी निकली हत्या की साजिश

उत्तर प्रदेश के मेरठ में पहले जिस मौत को सामान्य सांप के डसने का मामला माना जा रहा था, वही अब एक चौंकाने वाली हत्या की जांच में बदल गई है। पुलिस का आरोप है कि 32 साल से स्कूल चला रहे अतुल कुमार पंवार की हत्या बेहद सुनियोजित तरीके से की गई।

पत्नी और प्रेमी पर रची साजिश का आरोप

पुलिस के अनुसार, अतुल की पत्नी दामिनी ने स्कूल में बस चालक के रूप में काम करने वाले तुषार के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। आरोप है कि पहले अतुल को दूध में नींद की गोलियां मिलाकर पिलाई गईं, ताकि वह गहरी नींद में चला जाए।

करैत सांप बना कथित ‘मर्डर वेपन’

जांच में सामने आया कि अतुल के बेहोश होने के बाद बिस्तर पर एक बेहद जहरीला करैत सांप छोड़ दिया गया। सांप के डसने से उसकी मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि इस साजिश में दो सपेरे सोनू और उदय कुमार की भी मदद ली गई, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला

यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई यूजर्स ने इसे “Calculated, Cold, Cruel” बताते हुए हैरानी जताई। कुछ लोगों ने आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की, जबकि कई ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रियाएं दीं।

जांच जारी, पुलिस जुटा रही सबूत

पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। फिलहाल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। अदालत में पेश होने वाले सबूतों और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम पुष्टि होगी।

सांप के डसने से मौत समझ रहे थे लोग, लेकिन जांच में सामने आई ऐसी साजिश जिसने पूरे मेरठ को हिला दिया

मेरठ में एक स्कूल संचालक की मौत का मामला अब साधारण हादसे से कहीं आगे बढ़कर सनसनीखेज आपराधिक जांच का रूप ले चुका है। शुरुआती तौर पर इसे सांप के डसने से हुई मौत माना गया था, लेकिन पुलिस की जांच में सामने आए दावों ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस वारदात को इस तरह अंजाम दिया गया कि पहली नजर में यह प्राकृतिक हादसा लगे और किसी को शक न हो। मामले में मृतक की पत्नी, उसके कथित प्रेमी और दो सपेरों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस का कहना है कि हत्या के लिए बेहद जहरीले करैत सांप का इस्तेमाल किया गया और पूरी साजिश पहले से तैयार की गई थी। इस खुलासे के बाद मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों के आधार पर होगी।

सांप के डसने की कहानी निकली हत्या की साजिश

उत्तर प्रदेश के मेरठ में पहले जिस मौत को सामान्य सांप के डसने का मामला माना जा रहा था, वही अब एक चौंकाने वाली हत्या की जांच में बदल गई है। पुलिस का आरोप है कि 32 साल से स्कूल चला रहे अतुल कुमार पंवार की हत्या बेहद सुनियोजित तरीके से की गई।

पत्नी और प्रेमी पर रची साजिश का आरोप

पुलिस के अनुसार, अतुल की पत्नी दामिनी ने स्कूल में बस चालक के रूप में काम करने वाले तुषार के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। आरोप है कि पहले अतुल को दूध में नींद की गोलियां मिलाकर पिलाई गईं, ताकि वह गहरी नींद में चला जाए।

करैत सांप बना कथित ‘मर्डर वेपन’

जांच में सामने आया कि अतुल के बेहोश होने के बाद बिस्तर पर एक बेहद जहरीला करैत सांप छोड़ दिया गया। सांप के डसने से उसकी मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि इस साजिश में दो सपेरे सोनू और उदय कुमार की भी मदद ली गई, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला

यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई यूजर्स ने इसे “Calculated, Cold, Cruel” बताते हुए हैरानी जताई। कुछ लोगों ने आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की, जबकि कई ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रियाएं दीं।

जांच जारी, पुलिस जुटा रही सबूत

पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। फिलहाल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। अदालत में पेश होने वाले सबूतों और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम पुष्टि होगी।