नेतन्याहू की न्यूयॉर्क में होगी गिरफ्तारी? मेयर ममदानी के बयान से अमेरिका और इजरायल में मचा हड़

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर बड़ा बयान दिया है। जोहरान मामदानी ने कहा है कि, वह शहर के कानूनी विशेषज्ञों से इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क आने पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को गिरफ्तार करने का कानूनी अधिकार शहर के पास है।

मामदानी ने दिया बड़ा बयान

एक इंटरव्यू में जोहरान मामदानी ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान किए गए उस वादे को दोहराया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर नेतन्याहू न्यूयॉर्क आएंगे तो उनकी गिरफ्तारी की कोशिश की जाएगी। उन्होंने इसके पीछे इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट का हवाला दिया। हालांकि, मम्दानी ने यह भी माना कि उन्हें अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किसी विदेशी देश के प्रधानमंत्री को हिरासत में लेने का कानूनी अधिकार न्यूयॉर्क शहर के पास है या नहीं। इसलिए इस मुद्दे पर कानूनी सलाह ली जा रही है।

जोहरान मामदानी ने कहा, “मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को हेग में होना चाहिए। इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया है और उन्हें युद्ध अपराधों के आरोपों का सामना करना चाहिए। कई लोग उनके पिछले वर्षों के फैसलों और कार्रवाइयों को देखते हुए यही राय रखते हैं।” उन्होंने कहा- कानून ने जितनी इजाजत दी, उतनी कार्रवाई करेंगे

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान मामदानी ने कहा कि इस मामले में शहर का कानून उन्हें जितनी कार्रवाई करने की अनुमति देगा, वह उसी के अनुसार कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा, “न्यूयॉर्क शहर का कानून मुझे जो भी करने की इजाजत देता है, हम वही करेंगे।”

इजराइल ने मेयर के बयान को किया खारिज

जोहरान मामदानी के इस बयान पर इजरायल की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने उनके बयान को पूरी तरह खारिज कर दिया। डैनन ने आरोप लगाया कि मेयर न्यूयॉर्क शहर की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय इजरायल को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर में बढ़ रही यहूदी-विरोधी घटनाओं से निपटने के बजाय मम्दानी ऐसे बयान देकर विवाद खड़ा कर रहे हैं और सुर्खियां बटोरने की कोशिश कर रहे हैं।

तन्याहू तय कार्यक्रम के अनुसार न्यूयॉर्क आएंगे

संयुक्त राष्ट्र में इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने कहा कि मेयर जोहरान मामदानी के बयानों से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू तय कार्यक्रम के अनुसार न्यूयॉर्क आएंगे और संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे। डैनन ने कहा कि नेतन्याहू दुनिया के सामने इजरायल का पक्ष रखेंगे और अपने देश के नागरिकों की सुरक्षा के अधिकार पर जोर देंगे। उन्होंने पलटवार करते हुए यह भी कहा कि अगर किसी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, तो वह मेयर जोहरान मामदानी हैं। इसके अलावा, नेतन्याहू ने भी मम्दानी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मम्दानी को यह सोचने की जरूरत है कि वह किसकी आलोचना कर रहे हैं और किसका समर्थन कर रहे हैं। नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि मम्दानी लगातार इजरायल को निशाना बना रहे हैं और देश के विरोधी समूहों का बचाव करते हैं।

नेतन्याहू की संभावित गिरफ्तारी पर कानूनी बहस तेज

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान मामदानी का कहना है कि अगर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है, तो वह पूरी तरह न्यूयॉर्क शहर के मौजूदा कानूनों के तहत ही होगी। उन्होंने साफ किया कि गिरफ्तारी को आसान बनाने के लिए कोई नया कानून नहीं लाया जाएगा। यह पूरा मामला इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) द्वारा वर्ष 2024 में बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट से जुड़ा है। ICC ने गाज़ा में इजरायल के सैन्य अभियान के दौरान कथित युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों के आधार पर यह वारंट जारी किया था। हालांकि, अमेरिका ICC के अधिकार क्षेत्र को मान्यता नहीं देता। बताया जा रहा है कि बेंजामिन नेतन्याहू सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क जा सकते हैं। हर साल इस बैठक में दुनिया भर के कई देशों के प्रमुख और वरिष्ठ नेता महत्वपूर्ण कूटनीतिक चर्चाओं के लिए एकत्र होते हैं।

8th Pay Commission Updates: फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी सैलरी में होने वाली बढ़ोतरी, जानिए कितना रहेगा फिटमेंट फैक्टर

आठवें वेतन आयोग ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन में संशोधन की सिफारिशें देने से पहले चर्चा की प्रक्रिया तेज कर दी है। एंप्लॉयीज की नजरें वेतन आयोग की सिफारिशों पर लगी हैं। इस बार आयोग वेतन में संशोधन, अलाउन्सेज, सैलरी स्ट्रक्चर सहित कई मसलों के बारे में अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा। इसका फायदा एक करोड़ से ज्यादा लोगों को मिलेगा। इनमें केंद्र सरकार के करीब 50 लाख एंप्लॉयीज और 65 लाख पेंशनर्स शामिल हैं।

आयोग की 9 दौर की बैठकें हो चुकी हैं

आठवां वेतन आयोग अब तक रीजनल और केंद्रीय एंप्लॉयीज यूनियंस और दूसरे पक्षों के साथ नौ दौर की बैठकें पूरी कर चुका है। इस महीने की 9 और 10 तारीख को उसने कोलकाता में बैठक की। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों को कहना है कि आयोग की सिफारिशें अगले साल जून-जुलाई तक आने की उम्मीद है। उसके बाद केंद्र सरकार सिफारिशों पर विचार करने के बाद उन्हें लागू करने के बारे में अंतिम फैसला लेगी।

फैमिली यूनिट्स की परिभाषा बदलने की मांग

ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉयीज फेडरेशन ने आयोग से फैमिली यूनिट्स की परिभाषा में बदलाव करने की सलाह दी है। आयोग फैमिली यूनिट्स के आधार पर वेतन में संशोधन का कैलकुलेशन करता है। फेडरेशन का कहना है कि फैमिली यूनिट्स 3 से बढ़ाकर 4.4 की जानी चाहिए। इसमें आश्रित माता-पिता को भी शामिल किया जाना चाहिए। इससे फिटमेंट फैक्टर 2.05 से बढ़कर 2.10 हो जाएगा। फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से बेसिक सैलरी भी बढ़ जाएगी।

मेट्रो शहरों के लिए 36 फीसदी एचआरए की मांग

एंप्लॉयीज यूनियंस को उम्मीद है कि वेतन आयोग डीए, एचआरए और ट्रैवल अलाउंसेज पर भी विचार करेगा और इनके कैलकुलेशन के तरीकों में जरूरी संशोधन करेगा। एंप्लॉयीज के प्रतिनिधि एक्स कैटेगरी के शहरों के लिए 36 फीसदी एचआरए की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वाय कैटेगरी के शहरों के लिए एचआरए 24 फीसदी और जेड कैटेगरी के शहरों के लिए 12 फीसदी होना चाहिए। ट्रैवल अलाउंसेज को भी लेवल 1 एंप्लॉयीज के लिए कम से कम प्रति माह 9000 रुपये करने की मांग की जा रही है।

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एंप्लॉयीज की सबसे ज्यादा नजरें फिटमेंट फैक्टर पर 

एंप्लॉयीज की सबसे ज्यादा नजरें फिटमेंट फैक्टर पर है। एंप्लॉयीज के प्रतिनिधि और यूनियंस 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं। सातवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। अगर 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग मान ली जाती है तो केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज का मिनिमम बैसिक पे बढ़कर प्रति माह 69,000 रुपये हो जाएगा। अभी यह 18,000 रुपये है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि क्रूड की कीमतों में उछाल से सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ा है। ऐसे में फिटमेंट फैक्टर 1.82-2.57 के बीच रह सकता है।

दक्षिण कोरिया का जलवा, अमेरिका से जापान तक ट्रेडर्स की वॉचलिस्ट में, पहली बार देख रहे Kospi का चार्ट

Korea effect on US-Japan: यूके, अमेरिका और जापान के फंड मैनेजर्स अब ट्रेडिंग शुरू होने से पहले दक्षिण कोरिया के शेयर मार्केट पर एक नजर डाल रहे हैं। एक समय था कि दक्षिण कोरिया का बाजार लंदन, न्यूयॉर्क और टोक्यो के फंड मैनेजर्स के लिए बहुत अहम नहीं था लेकिन अब $4 लाख करोड़ का इक्विटी मार्केट एआई स्टॉक्स की चाल तय कर रहा है। दक्षिण कोरिया की सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और एसके हीनिक्स (SK Hynix) के शेयरों में उतार-चढ़़ाव अब दुनिया भर की चिप कंपनियों के शेयरों पर असर डाल रही है। खास बात ये है कि एसके हीनिक्स (SK Hynix) की अमेरिका में हाल ही लिस्टिंग हुई जिससे कोरिया का असर अमेरिका तक पहुंच गया और अब कोरिया की सेंटीमेंट-आधारित ट्रेडिंग अब चौबीसों घंटे ग्लोबल एआई स्टॉक्स की चाल तय कर रही है।

दक्षिण कोरिया की वॉचलिस्ट में एंट्री

निवेश के तौर-तरीके बदल रहे हैं। जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट के एशिया मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट ने अपनी 14 साल की नौकरी में पहली बार कंपनी की ग्लोबल टीम के सामने कोरिया पर एक प्रेजेंटेशन दिया। जापानी ट्रेडर् दक्षिण कोरिया के कोस्पी इंडेक्स को अपनी वॉच लिस्ट में शामिल कर रहे हैं। पाइनब्रिज इन्वेस्टमेंट्स के लंदन-स्थित पोर्टफोलियो मैनेजर हनी रेढा (Hani Redha) का कहना है कि अब सभी कोरियाई निवेशक हैं। हनी का कहना है कि उनके दिन की शुरुआत अब कोरियाई बाजार में एआई ट्रेडिंग को देखने से होती है। जब कोरियाई बाजार बंद हो जाता है तो उनका ध्यान अमेरिकी मार्केट में एसके हीनिक्स के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स और कोरिया से जुड़े ईटीएफ (ETFs) पर चला जाता है। हनी के मुताबिक यह लगभग 24 घंटे नजर रखने जैसा है।

वैश्विक बाजारों पर गहरा असर

कोरियाई मार्केट का अमेरिका में असर पिछले हफ्ते साफ तौर पर दिखा। एआई की मांग को लेकर संदेहों पर कोस्पी में करीब 9% की गिरावट आई तो इसकी आंच अमेरिकी मार्केट तक फैल गई। एसके हीनिक्स के अमेरिकी लिस्टेड स्टॉक्स में 9.3% की फिसलन आई जिससे दूसरी बड़ी चिप कंपनियों के शेयर भी धड़ाम हो गए। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक कोरिया और अमेरिका के बीच गहरे संबंध अब आंकड़ों में भी दिखाई देने लगे हैं। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक दक्षिण कोरिया के मार्केट इंडेक्स कोस्पी और अमेरिकी मार्केट के इंडेक्स नास्डाक 100 के बीच 60-दिनों का कोरिलेशन बढ़कर 0.46 पर पहुंच गया जोकि दो साल में सबसे अधिक है और पांच साल के औसत 0.16 से करीब तीन गुना अधिक है।

कोरियाई स्टॉक्स का असर मार्केट की गिरावट में और दिखता है। ब्लूमबर्ग के डेटा के अनुसार 7 जुलाई को कोरियाई बाजार में कमजोरी के दौरान कोस्पी के प्रति नैस्डैक 100 इंडेक्स की संवेदनशीलता साल 1990 के बाद से सबसे हाई लेवल पर पहुंच गई। इसी तरह MSCI वर्ल्ड इंडेक्स के लिए भी यह पैमाना इस महीने की शुरुआत में चार साल के हाई लेवल पर पहुंच गया।

न्यूयॉर्क में टाइग्रेस फाइनेंशियल पार्टनर्स के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर इवान फीनसेथ का कहना है कि कोरिया असल में नैस्डैक और एसओएक्स जैसे ही उतार-चढ़ाव वाले इकोसिस्टम का हिस्सा बन गया है। उनका कहना है कि एसके हीनिक्स, सैमसंग और कोस्पी अब अमेरिकी एआई और चिप से जुड़े रिस्क के लिए प्री-मार्केट इंडिकेटर का काम कर रहे हैं।

कोस्पी और जापान के निक्केई 225 के बीच भी कोरिलेशन यानी संबंध तेजी से बढ़ा है। इसी वजह से ऑर्टस एडवाइजर्स के जापान इक्विटी स्ट्रैटेजी हेड एंड्रयू जैक्सन ने इस साल की शुरुआत में बारीकी से नजर रखने के लिए कोस्पी का चार्ट शामिल किया। उन्होंने यह काम 20 साल से अधिक समय में पहली बार किया है। एचएसबीसी होल्डिंग्स में एशिया पैसिफिक के इक्विटी स्ट्रैटेजी हेड हेराल्ड वैन डेर लिंडे का कहना है कि आजकल सभी मीटिंग में कोरिया पर चर्चा होती है। जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट में एशिया पैसिफिक के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट ताई हुई का भी कहना है कि इस साल से पहले अपनी ग्लोबल टीम के सामने उन्होंने कोरिया के बारे में कोई प्रेजेंटेशन नहीं दिया था।”

बना रहेगा कोरिया का वैश्विक मार्केट पर असर?

अब सवाल उठता है कि क्या दक्षिण कोरिया अब वैश्विक मार्केट के लिए अहम इंडिकेटर बना रहेगा। इसे लेकर यूबीएस सुमी ट्रस्ट वेल्थ मैनेजमेंट में जापान इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट चिसा कोबायाशी (Chisa Kobayashi) का कहना है कि जब तक एआई रैली जारी है, दक्षिण कोरियाई मार्केट अहम बना रहेगा। हालांकि उनका कहना है कि मार्केट में लेवरेज से जुड़े उतार-चढ़ाव और कम मेच्योर मार्केट की वजह से ट्रेडिंग मुश्किल हो जाती है क्योंकि यह फंडामेंटल्स से उल्टी दिशा में आगे बढ़ सकता है।

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Katrina Kaif: बेस्ट बर्थडे…, लिटिल विहान और विक्की कौशल के साथ कैटरीना कैफ ने कुछ यूं मनाया जन्मदिन

Katrina Kaif: जिंदगी के बड़े पड़ावों के साथ जन्मदिन अक्सर और भी खास हो जाते हैं, और इस साल कैटरीना कैफ के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। एक मां के तौर पर अपना पहला जन्मदिन मनाते हुए, उन्होंने विक्की कौशल और विहान के साथ जश्न मनाया। बाद में, एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम पर परिवार की प्यारी तस्वीरों के ज़रिए फैंस को इस निजी सेलिब्रेशन की झलक दिखाई।

रविवार को कैटरीना ने इंस्टाग्राम पर परिवार के साथ अपनी कुछ खास तस्वीरें शेयर करके फैंस को अपने जन्मदिन के सेलिब्रेशन की झलक दिखाई। हल्के नारंगी रंग के कपड़े पहने, वह अपने पति विक्की कौशल और बेटे विहान के साथ दिन बिताते हुए बेहद खुश नज़र आईं। हालांकि कपल ने अभी भी अपने बेटे का चेहरा सबके सामने नहीं दिखाया है, लेकिन इन प्यारी तस्वीरों ने फैंस के चेहरे पर मुस्कान ला दी।

इस पोस्ट के साथ एक प्यारा सा नोट भी था, जिसमें बताया गया था कि यह जन्मदिन एक्ट्रेस के लिए कितना खास था। उन्होंने बेटे के लिए प्यार भरा मैसेज लिखते हुए कहा, “तुम मेरे लिए सबसे कीमती आशीर्वाद हो, जिसके लिए मैं हमेशा शुक्रगुजार रहूंगी। सबसे अच्छा जन्मदिन।”

कैटरीना ने विक्की को भी नहीं भुलाया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में अपने पति का जिक्र करते हुए लिखा, “तुम भी कुछ कम नहीं हो…”विक्की कौशल ने इंस्टाग्राम पर एक सादी लेकिन दिल को छू लेने वाली पोस्ट से कैटरीना कैफ का जन्मदिन और भी खास बना दिया। अपने प्राइवेट सेलिब्रेशन की एक झलक फैंस को दिखाते हुए, एक्टर ने अपनी पत्नी के साथ एक प्यारी सी तस्वीर शेयर की, जिसने तुरंत सबका ध्यान खींच लिया। गुब्बारों या बर्थडे केक से कहीं ज़्यादा, विक्की का प्यार भरा ‘बेयर हग’ ही था जिसने इस पल को यादगार बना दिया।

फोटो शेयर करते हुए विक्की ने हिंदी लिखा, “जान का जन्मदिन (मेरी प्रेमिका का जन्मदिन)।” तस्वीर में कैटरीना मुस्कुरा रही हैं और विक्की उन्हें गले लगाए हुए हैं, एक हाथ में बर्थडे केक का टुकड़ा है। दोनों सफेद और सुनहरे गुब्बारों के सामने खड़े हैं, बैकग्राउंड में “हैप्पी बर्थडे” का बैनर लगा है।

हमेशा की तरह, दोनों ने सिंपल स्टाइलिश लुक अपनाया। कैटरीना ने हल्के मेकअप और खुले बालों के साथ एक डेनिम ड्रेस पहनी थी, जबकि विक्की ने क्लासिक सफेद फुल-स्लीव शर्ट को डार्क ट्राउजर के साथ पहना था। इस सहज तस्वीर में कपल के बीच की वो गर्मजोशी और सहजता झलक रही है, जिसे फैंस हमेशा से पसंद करते आए हैं।

कैटरीना कैफ और विक्की कौशल इस साल जनवरी में एक बेटे के माता-पिता बने। फैंस के साथ यह खुशी की खबर शेयर करते हुए, कपल ने यह भी साफ़ किया कि वे अपने बेटे की ज़िंदगी को प्राइवेट रखना चाहते हैं और सोशल मीडिया पर उसका चेहरा नहीं दिखाएंगे।

उन्हें आखिरी बार सलमान खान के साथ ‘टाइगर 3’ में देखा गया था। वहीं, फैंस फरहान अख्तर की बहुचर्चित रोड ट्रिप फिल्म ‘जी ले ज़रा’ का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, जिसमें प्रियंका चोपड़ा और आलिया भट्ट भी हैं। शेड्यूलिंग की दिक्कतों के कारण इस फिल्म को कई बार आगे बढ़ाया गया है। हालांकि अफवाहें थीं कि इसे बंद कर दिया गया है, लेकिन मेकर्स ने साफ़ किया है कि यह प्रोजेक्ट अभी बस कुछ समय के लिए रोक दिया गया है।

रोबोट पहनाएगा आपकी ड्रेस! जानिए कैसे बिना हाथ लगाए काम करती है ये स्मार्ट टेक्नोलॉजी

तकनीक लगातार इंसानी जिंदगी को आसान बनाने के लिए नए रास्ते खोल रही है। इसी कड़ी में एक ऐसा रोबोटिक आविष्कार सामने आया है, जो भविष्य में कपड़े पहनने की पूरी प्रक्रिया को बदल सकता है। दक्षिण कोरिया के KAIST और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा स्मार्ट रोबोटिक कपड़ा सिस्टम विकसित किया है, जो बिना हाथों का इस्तेमाल किए कुछ ही सेकंड में व्यक्ति को कपड़े पहनाने में मदद कर सकता है। यह तकनीक खासतौर पर बुजुर्गों, दिव्यांगों और उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है, जिन्हें शारीरिक सीमाओं के कारण रोजमर्रा के कामों में परेशानी होती है।

शोधकर्ताओं ने इसमें खास लचीली रोबोटिक ट्यूब का इस्तेमाल किया है, जो कपड़े को धीरे-धीरे शरीर पर चढ़ाने का काम करती हैं। यह खोज न सिर्फ सुविधा बढ़ाने वाली है, बल्कि भविष्य के सहायक रोबोटिक्स की नई दिशा भी दिखाती है।

कपड़े के अंदर लगे हैं खास वाइन रोबोट

इस रोबोटिक सिस्टम की सबसे खास बात इसमें इस्तेमाल किए गए सॉफ्ट एयर-पावर्ड रोबोट हैं। इन्हें कपड़ों के अंदर सिल दिया जाता है। ये लचीली ट्यूब जैसी संरचनाएं हवा भरने पर फैलती हैं और धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए कपड़े को शरीर के चारों ओर खींच लेती हैं। यह प्रक्रिया कुछ ऐसी होती है जैसे कपड़ा अंदर से बाहर की ओर पलटते हुए शरीर पर चढ़ता जाता है। खास बात यह है कि इस दौरान व्यक्ति को बिल्कुल स्थिर रहने की जरूरत नहीं पड़ती।

आइडिया आया बारिश में फंसे अनुभव से

इस अनोखी तकनीक के पीछे एक दिलचस्प कहानी भी है। शोधकर्ता किम नाम ग्यून ने बताया कि उन्हें यह विचार तब आया, जब वे साइकिल चलाते समय बारिश में फंस गए थे। उस समय उनके मन में आया कि अगर रेनकोट खुद ही शरीर पर चढ़ जाए तो कितना आसान हो जाएगा। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए टीम ने ऐसा पहनने योग्य रोबोटिक सिस्टम तैयार किया।

बेल की तरह काम करता है यह रोबोट

शोधकर्ताओं ने इस तकनीक को पौधों की बेल, खासकर चढ़ने वाली आइवी से प्रेरित होकर बनाया है। जैसे बेल अपनी नोक से बढ़ते हुए सतह के करीब रहती है, वैसे ही ये रोबोटिक ट्यूब कपड़े के अंदर आगे बढ़ती हैं। यह सिस्टम संकरी जगहों से गुजर सकता है, मुड़ी हुई सतहों के हिसाब से खुद को ढाल सकता है और फिसलन या ढलान वाली सतहों पर भी काम करने की क्षमता रखता है।

AI नहीं, मैकेनिकल डिजाइन है इसकी ताकत

आमतौर पर रोबोटिक सिस्टम के लिए जटिल सॉफ्टवेयर और कंट्रोल एल्गोरिदम की जरूरत होती है, लेकिन इस तकनीक की खासियत इसका सरल डिजाइन है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह सिस्टम अपने खास भौतिक ढांचे के कारण काम करता है, जिससे इसे ज्यादा आसान, लचीला और उपयोगी बनाया जा सकता है।

दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए बन सकता है सहारा

यह आविष्कार उन लोगों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकता है, जिन्हें रोजमर्रा के कामों में दूसरों की सहायता लेनी पड़ती है। बुजुर्गों और शारीरिक रूप से कमजोर लोगों को इससे कपड़े पहनने में अधिक स्वतंत्रता मिल सकती है। इसके अलावा यह तकनीक अस्पतालों, आपातकालीन सेवाओं और सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में भी उपयोगी हो सकती है।

फायरफाइटर्स और मेडिकल स्टाफ को भी मिलेगा फायदा

शोधकर्ताओं का मानना है कि यह सिस्टम उन जगहों पर भी काम आ सकता है, जहां लोगों को जल्दी से सुरक्षात्मक कपड़े पहनने पड़ते हैं।

सेमीकंडक्टर क्लीनरूम, फायर ब्रिगेड, हेल्थकेयर और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों के लिए यह तकनीक समय बचाने वाला समाधान बन सकती है।

अभी शुरुआती चरण में है तकनीक

हालांकि यह आविष्कार काफी प्रभावशाली है, लेकिन अभी इसे आम लोगों के इस्तेमाल के लिए तैयार नहीं किया गया है। शोधकर्ता इस तकनीक को और बेहतर बनाने पर काम कर रहे हैं। यह खोज दिखाती है कि जहां एक ओर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं रोबोटिक्स और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में नए प्रयोग भी लोगों की जिंदगी आसान बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

38 हजार रुपये की नौकरी छोड़ चाय बेचने लगा शख्स, अब कमाई सुनकर लोग बोले- ये तो कमाल हो गया

The Odyssey box office collection day 2: क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ने पकड़ी रफ्तार, रिलीज के दूसरे दिन 39 करोड़ से ज्यादा कमाई की

The Odyssey box office collection day 2: क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ‘द ओडिसी’ भारतीय बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त रफ़्तार से आगे बढ़ रही है। मैट डेमन, टॉम हॉलैंड और ऐनी हैथवे स्टारर इस एपिक फैंटेसी ड्रामा की कमाई में दूसरे दिन अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखी गई, जिससे भारत में इसकी कुल नेट कमाई ₹39 करोड़ के पार पहुँच गई।

ट्रेड वेबसाइट Sacnilk के अनुसार, ‘द ओडिसी’ ने दूसरे दिन भारतीय बॉक्स ऑफ़िस पर ज़बरदस्त बढ़त दर्ज की। क्रिस्टोफर नोलन के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म ने दूसरे दिन 8,791 शो में अनुमानित ₹22 करोड़ की नेट कमाई की, जो इसके ओपनिंग डे की कमाई से काफ़ी ज़्यादा है। इसके साथ ही, फ़िल्म की भारत में कुल नेट कमाई ₹39.40 करोड़ हो गई है, जबकि भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन अब ₹47.03 करोड़ है।

फ़िल्म की ₹22 करोड़ की नेट कमाई, इसके ओपनिंग डे के ₹17.40 करोड़ के कलेक्शन के मुकाबले 26.4% ज़्यादा है। यह दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया और लोगों के बीच फ़िल्म की तारीफ़ को दिखाता है। नोलन की यह एपिक फ़िल्म लगातार रफ़्तार पकड़ रही है।

ऑक्यूपेंसी की बात करें तो, ‘द ओडिसी’ ने दूसरे दिन 54.4% फ़ुटफ़ॉल (दर्शकों की उपस्थिति) दर्ज किया। फ़िल्म का इंग्लिश वर्ज़न बॉक्स ऑफ़िस पर छाया रहा और इसने दिन की कुल कमाई में ₹17.75 करोड़ का योगदान दिया, जबकि हिंदी-डब वर्ज़न ने ₹2.35 करोड़ जोड़े।

दुनिया भर में ‘द ओडिसी’ की ओपनिंग ज़बरदस्त रही। ‘वैरायटी’ के अनुसार, फिल्म ने शुक्रवार को नॉर्थ अमेरिका के 3,919 स्क्रीन्स से $51 मिलियन की कमाई की। यह फिल्म नोलन की अब तक की सबसे बड़ी ग्लोबल ओपनिंग बनने की राह पर है; इसने 73 इंटरनेशनल मार्केट से $137.3 मिलियन और कुल मिलाकर $257.8 मिलियन कमाए हैं। यह आंकड़ा उनकी पिछली बड़ी फिल्मों – ‘द डार्क नाइट राइज़ेस’ ($249 मिलियन वर्ल्डवाइड डेब्यू), ‘द डार्क नाइट’ ($198 मिलियन वर्ल्डवाइड डेब्यू) और ‘ओपेनहाइमर’ ($180 मिलियन वर्ल्डवाइड डेब्यू) – के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देता है।

क्रिस्टोफर नोलन द्वारा लिखित और निर्देशित, ‘द ओडिसी’ होमर की क्लासिक ग्रीक कविता से प्रेरित एक शानदार फैंटेसी एक्शन फिल्म है। ‘द ओडिसी’ में कई बड़े सितारे हैं, जिसमें मैट डेमन ने मशहूर ओडिसियस का किरदार निभाया है। टॉम हॉलैंड उनके बेटे टेलीमैकस की भूमिका में हैं, जबकि रॉबर्ट पैटिनसन एंटिनोस का रोल कर रहे हैं। ऐनी हैथवे पेनेलोप का किरदार निभा रही हैं और चार्लीज़ थेरॉन आकर्षक कैलिप्सो के रोल में हैं। फिल्म में लुपिता न्योंगो, ज़ेंडया, जॉन बर्नथल, हिमेश पटेल, जॉन लेगुइज़ामो और मिया गोथ भी शामिल हैं।

यह कहानी राजा ओडिसियस (मैट डेमन) की है, जो ट्रोजन युद्ध के बाद इथाका लौटने की अपनी दस साल की यात्रा के दौरान राक्षसों, पौराणिक जीवों और बेहद मुश्किल हालात का सामना करते हैं। इस शानदार एडवेंचर के साथ-साथ, फ़िल्म ओडिसियस और उनकी पत्नी पेनेलोप (ऐनी हैथवे) के बीच की इमोशनल लव स्टोरी को भी दिखाती है।

‘द ओडिसी’ (The Odyssey), ‘ओपेनहाइमर’ (Oppenheimer) के बाद नोलन की पहली फ़ीचर फ़िल्म है। ‘ओपेनहाइमर’ ने ‘बेस्ट पिक्चर’ समेत सात एकेडमी अवॉर्ड जीते थे। ‘द ओडिसी’ 17 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी।

भारी बारिश से जम्मू-कश्मीर में हालात बिगड़े, रोकी गई अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा

जम्मू-कश्मीर में मौसम तेजी से खराब हो रहा है। बीते 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश की वजह से यहां बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। राजौरी, अनंतनाग, उधमपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की स्थिति बनी है। वहीं कई इलाकों में शनिवार को हुई भारी बारिश के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अमरनाथ यात्रा और श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

वहीं, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में लोगों की जान बचाना है। उन्होंने बताया कि वह रविवार सुबह से ही हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, खासकर राजौरी शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में, जहां भारी बारिश से स्थिति गंभीर बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि वह स्थानीय विधायकों के लगातार संपर्क में हैं और प्रशासन पूरी तरह से राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार हर प्रभावित परिवार की हरसंभव मदद करेगी। जिन लोगों के घरों और संपत्ति को भारी बारिश या अचानक आई बाढ़ से नुकसान हुआ है, उन्हें भी हर जरूरी सहायता दी जाएगी।

महिला लापता, घरों और दुकानों को भारी नुकसान

जम्मू-कश्मीर के राजौरी ज़िले में तेज़ बारिश के बाद अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए। इस हादसे में एक महिला लापता हो गई है, जबकि कई घरों, गाड़ियों और दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। शनिवार रात शुरू हुई मूसलाधार बारिश से रिहायशी और निचले इलाकों में पानी भर गया। तेज़ बहाव की वजह से कई मकानों और अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। बचाव दल लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और लापता महिला की तलाश में जुटे हुए हैं।

रोकी गई अमरनाथ यात्रा

खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 19 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहलगाम और बालटाल, दोनों मार्गों से यात्रा पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। कश्मीर के कमिश्नर अंशुल गर्ग ने बताया कि 19 जुलाई से बालटाल और नुनवान/चंदनवाड़ी बेस कैंप से किसी भी श्रद्धालु को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह फैसला इन दोनों बेस कैंपों में मौजूद सभी श्रद्धालुओं पर लागू होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में खराब मौसम की संभावना को देखते हुए यात्रा मार्गों की सुरक्षा का दोबारा आकलन किया जा रहा है। मौसम में सुधार और रास्तों को सुरक्षित पाए जाने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने का फैसला लिया जाएगा। अंशुल गर्ग ने कहा कि प्रशासन लगातार मौसम और यात्रा मार्गों पर नजर बनाए हुए है। जैसे ही हालात सामान्य होंगे और सुरक्षा सुनिश्चित हो जाएगी, अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू करने की जानकारी श्रद्धालुओं को दी जाएगी।

वैष्णो देवी यात्रा भी रोकी गई

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस साल चल रही अमरनाथ यात्रा के दौरान अब तक 3.7 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र अमरनाथ गुफा पहुंचकर बाबा बर्फानी के दर्शन और पूजा-अर्चना कर चुके हैं। वहीं, खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी यात्रा भी फिलहाल कुछ समय के लिए रोक दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति सामान्य होने और यात्रा मार्ग सुरक्षित पाए जाने के बाद ही दोनों यात्राएं दोबारा शुरू करने का फैसला लिया जाएगा। यात्रियों से अपील की गई है कि वे प्रशासन की ओर से जारी ताजा जानकारी और निर्देशों का पालन करें।

China: ट्रक के टायर पर बैठ 3 घंटे तक बाढ़ में तैरता रहा शख्स, वजह जानकर भावुक हो जाएंगे आप

दक्षिणी चीन से सामने आई एक भावुक कर देने वाली कहानी ने लोगों का दिल जीत लिया है। गुआंग्शी झुआंग स्वायत्त क्षेत्र में रहने वाले 30 साल के जी (Xie) ने अपने बुजुर्ग माता-पिता की चिंता में ऐसा कदम उठाया, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। लगातार बारिश और भयानक बाढ़ के कारण जब माता-पिता से संपर्क टूट गया, तो बेटे ने इंतजार करने के बजाय खुद उन्हें खोजने का फैसला किया। खतरनाक बाढ़ के पानी, तेज बहाव और मुश्किल हालात के बीच शिए करीब तीन घंटे तक तैरता रहा और अपने माता-पिता तक पहुंचने की कोशिश करता रहा।

इस दौरान उसकी हिम्मत और परिवार के प्रति प्यार ने लोगों को भावुक कर दिया। जी (Xie) की ये कहानी बताती है कि अपनों की चिंता इंसान को बड़े से बड़े खतरे का सामना करने की ताकत दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी लोग उसकी बहादुरी की जमकर सराहना कर रहे हैं।

बारिश और बाढ़ ने मचाई तबाही

गुआंग्शी क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। इस प्राकृतिक आपदा में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए और कई लोगों की जान भी चली गई। जी (Xie) के माता-पिता किनझोउ शहर के पास एक गांव में रहते थे, जो बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल था।

पिता चावल बचाने गए और फिर नहीं लौटे

स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, बाढ़ का पानी घर के आसपास बढ़ने लगा था। घटना से एक रात पहले जी (Xie) की मां ने उसे फोन कर बताया कि उसके पिता हाल ही में कटे हुए चावल को बचाने के लिए बाहर गए हैं, लेकिन काफी समय बाद भी वापस नहीं लौटे। बिजली कटने और मोबाइल नेटवर्क बाधित होने के कारण जी (Xie) अपने माता-पिता से दोबारा संपर्क नहीं कर पाया। उसे डर सताने लगा कि कहीं उसके 63 वर्षीय पिता बाढ़ के तेज बहाव में बह तो नहीं गए।

टायरों के सहारे शुरू किया खतरनाक सफर

अगली सुबह शिए ने अपने एक दोस्त के साथ माता-पिता के गांव जाने का फैसला किया। शहर से गांव की दूरी करीब 10 किलोमीटर थी और रास्ते में हर तरफ पानी भरा हुआ था। बाढ़ पार करने के लिए दोनों ने एक स्थानीय दुकान से ट्रक के दो पुराने टायर खरीदे और उन्हें तैरने के सहारे के रूप में इस्तेमाल किया।

तेज धार और ठंडे पानी के बीच जारी रही जंग

जी (Xie)पहले से अच्छा तैराक था, लेकिन उसने माना कि यह सफर आसान नहीं था। रास्ते में तेज बहाव और ठंडे पानी ने मुश्किलें बढ़ा दीं। कई जगह उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। बताया गया कि अंतिम एक किलोमीटर की दूरी तय करने में ही लगभग एक घंटा लग गया।

ऊपरी मंजिल पर फंसे मिले पिता

कई घंटों की मेहनत के बाद जब शिए अपने घर पहुंचा, तो उसने देखा कि बढ़ते पानी के कारण उसके पिता घर की ऊपरी मंजिल पर फंस गए थे। पिता को सुरक्षित देखकर बेटे को राहत मिली। इसके बाद जी (Xie) ने अपने पिता को घर के पीछे बने संकरे रास्ते से निकालकर ऊंचाई वाले दूसरे घर तक पहुंचाया, जहां वह सुरक्षित रह सके।

बेटे ने पहले बचाया, फिर पिता को समझाया

पिता को सुरक्षित देखने के बाद जी (Xie) ने उन्हें डांट भी लगाई। उसने कहा कि चावल बचाने के लिए अपनी जिंदगी खतरे में डालना सही फैसला नहीं था। शिए ने बताया कि पिता उसे देखकर मुस्कुराए थे, लेकिन उसने तुरंत उन्हें समझाया कि किसी भी सामान से ज्यादा जरूरी इंसान की जिंदगी होती है।

मुश्किल समय में बेटे के प्यार की मिसाल

जी (Xie) की यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। बाढ़ जैसी खतरनाक स्थिति में अपने माता-पिता के लिए उसकी हिम्मत, चिंता और प्यार ने लोगों को भावुक कर दिया। यह घटना दिखाती है कि परिवार के प्रति जिम्मेदारी और अपनापन इंसान को मुश्किल से मुश्किल हालात का सामना करने की ताकत दे सकता है।

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Yami Gautam: ‘आप जानते हैं मैंने हार क्यों नहीं मानी…’ नेशनल अवॉर्ड जीतने के बाद यामी गौतम ने लिखा इमोशनल नोट

Yami Gautam: ‘आर्टिकल 370’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड जीतने के बाद यामी गौतम ने एक इमोशनल नोट शेयर किया है। यह सम्मान हिंदी सिनेमा में उनके 14 साल के सफ़र में एक बड़ी उपलब्धि है। साथ ही, इस फिल्म ने 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड भी जीता।

हालांकि, यामी के लिए यह सम्मान सिर्फ़ उनकी फिल्मों की लिस्ट में एक और नाम जुड़ने जैसा नहीं है। अपने पोस्ट में उन्होंने उन सालों के इंतज़ार और अपने काम पर रखे भरोसे को याद किया, और बताया कि ‘आर्टिकल 370’ उनके लिए इतनी खास क्यों थी।

लगातार कोशिश करते रहने के बारे में बात करते हुए यामी ने अपने नोट की शुरुआत में लिखा, “हर सफ़र में एक ऐसा पल आता है जो आपको याद दिलाता है कि आपने हार क्यों नहीं मानी। आज मेरे लिए वही पल है। ‘आर्टिकल 370’ के लिए नेशनल अवॉर्ड मिलना एक ऐसा सम्मान है जिसे मैं ज़िंदगी भर याद रखूंगी।”

इसके बाद उन्होंने अपनी इस जीत का श्रेय उस तरीके को दिया जिससे उन्होंने अपना करियर बनाया है—यानी पहचान पाने के पीछे भागने के बजाय अपने काम को ही अपनी पहचान बनने दिया। उन्होंने लिखा, “चौदह सालों से, मैंने बस अपने काम के प्रति ईमानदार रहने और ईमानदारी से काम करने की कोशिश की है, और अपनी परफॉर्मेंस को ही अपनी पहचान बनने दिया है। यह सम्मान उम्मीद, लगन, हिम्मत और सिनेमा के लिए अटूट प्यार से भरे सफर का नतीजा लगता है। यह एक ऐसा सपना है जिसे मैंने सालों से अपने दिल में संजोकर रखा था और आज, मैं इसे बहुत आभार और विनम्रता के साथ स्वीकार कर रही हूं।”

एक्टर की बातों से यह साफ हो गया कि वह इस अवॉर्ड को अचानक मिली पहचान के बजाय, एक लंबे और अक्सर मुश्किल भरे सफर का नतीजा मानती हैं। यामी ने यह भी बताया कि यह फिल्म उनके पहले के कई प्रोजेक्ट्स से कैसे अलग थी। इंटेलिजेंस ऑफिसर ज़ूनी हक्सर का मुख्य किरदार निभाने के अलावा, वह इस फिल्म से भावनात्मक रूप से भी जुड़ी हुई थीं क्योंकि इसे उनके अपने प्रोडक्शन हाउस ने बनाया था।

उन्होंने कहा, “‘आर्टिकल 370’ मेरे लिए कभी भी कोई आम फिल्म नहीं थी। यह एक ऐसी कहानी थी जिस पर मुझे गहरा यकीन था। यह बात कि यह हमारा अपना प्रोडक्शन था, इस सम्मान को और भी ज़्यादा भावनात्मक और निजी बनाती है। हर चुनौती, हर बातचीत और सेट पर बिताया हर दिन एक ही मकसद से प्रेरित था – इस कहानी को ईमानदारी और पूरे यकीन के साथ लोगों तक पहुंचाना।”

आदित्य सुहास जंभले के निर्देशन में बनी फिल्म ‘आर्टिकल 370’ को ज्योति देशपांडे, आदित्य धर और लोकेश धर ने प्रोड्यूस किया था। फिल्म को नेशनल अवॉर्ड मिलने से इसकी टीम के लिए यह घोषणा दोहरी खुशी का मौका बन गई। यामी ने जूरी, टीम और दर्शकों का शुक्रिया अदा किया। यामी ने इस पोस्ट के ज़रिए उन सभी लोगों का आभार जताया जिन्होंने फिल्म में योगदान दिया और जो रिलीज़ के बाद इससे जुड़े।

यामी ने लिखा, “इस शानदार सम्मान के लिए सम्मानित जूरी, हमारे दूरदर्शी डायरेक्टर, बेहतरीन कास्ट और क्रू, और दर्शकों के हर उस सदस्य का दिल से शुक्रिया, जिन्होंने ‘आर्टिकल 370’ को इतने प्यार और भरोसे के साथ अपनाया। आपने हमें याद दिलाया कि सार्थक कहानियां हमेशा लोगों के दिलों तक अपनी जगह बना ही लेती हैं।”

उन्होंने उन लोगों का भी शुक्रिया अदा किया जिन्होंने सेट के बाहर भी उनका साथ दिया और उनके करियर के मुश्किल दौर में उनके साथ खड़े रहे। मेरे परिवार, मेरी टीम, मेरे शुभचिंतकों और उन सभी लोगों का शुक्रिया, जिन्होंने उतार-चढ़ाव के हर दौर में मुझ पर भरोसा बनाए रखा। आपके भरोसे ने ही मुझे आगे बढ़ते रहने की हिम्मत दी, तब भी जब मंज़िल बहुत दूर लग रही थी।”

यामी ने अपना नोट यह कहते हुए खत्म किया कि नेशनल अवॉर्ड को वह अपनी मंज़िल नहीं मानतीं। इसके बजाय, उन्होंने इसे खुद को और आगे बढ़ाने की प्रेरणा के तौर पर देखा। उन्होंने लिखा, “यह अवॉर्ड किसी सपने का अंत नहीं है, बल्कि एक बड़ी ज़िम्मेदारी की शुरुआत है। आगे बढ़ते रहना, रिस्क लेना और ऐसी कहानियाँ सुनाना जो मायने रखती हैं।”

यामी ने कहा, “सपने सच होते हैं, लेकिन तभी जब आपका जुनून हार न माने। यह उन सभी सपने देखने वालों के लिए है जो अभी भी अपने खास पल का इंतज़ार कर रहे हैं। कभी भी भरोसा करना न छोड़ें।”

कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू और उनकी पत्नी राधा ने शेयर किए 5 मनी रूल्स, आपके काम भी आएंगे

सेलिब्रिटीज कई बार रुपये-पैसे को लेकर अपनी सोच और आदतों के बारे में बताते हैं। हाल में कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू और उनकी पत्नी राधा ने कुछ मनी रूल्स शेयर किए हैं। उन्होंने बताया है कि 45 साल की उम्र में अपने दो बच्चों के साथ वे हर महीने अपने पैसे कैसे खर्च करते हैं। ये रूल्स आपको भी काम आ सकते हैं।

1. फिजूलखर्ची की जगह आर्थिक आजादी पर करें फोकस

अंकुर और उनकी पत्नी राधा का मानना है कि ब्रांड्स पर ज्यादा पैसे खर्च करना ठीक नहीं है। इसकी जगह हमें वेल्थ क्रिएशन और आर्थिक आजादी के बारे में सोचना चाहिए। कई लोग सिर्फ स्मार्ट और बेहतर दिखने के लिए काफी पैसे खर्च कर देते हैं। अंकुर ने कहा, “हम अमीर दिखने के लिए कभी पैसे खर्च नहीं करते। हम अमीर बनने और आर्थिक आजादी के लिए पैसे खर्च करते हैं।”

2. हेलदी फूड्स पर पैसे खर्च करने में कोई खराबी नहीं

दोनों का कहना है कि अगर आप हेल्दी फूड पर पैसे खर्च करते हैं तो इसमें कोई खराबी नहीं है। उन्होंने कहा, “खाने की सेहतमंद चीजों पर खर्च करने में हम कभी संकोच नहीं करते। हमारे शरीर में जो जाता है वह हमारा सबसे बड़ा वेल्थ है। हालांकि, हेल्दी फूड्स सस्ते नहीं हैं।”

3. तड़कभड़क की जगह ग्रोथ पर करें खर्च

कई लोग भौतिक चीजों पर काफी पैसे खर्च करते हैं। इसकी जगह अपनी ग्रोथ के लिए पैसे खर्च करना चाहिए। इसमें नई जगह घूमना जैसी चीजें शामिल हैं, जो आपको काफी कुछ सिखाती हैं। उन्होंने कहा, “हम चीजों से ज्यादा अनुभव के लिए खर्च करते हैं। चीजें आपको एक बार खुशी देती हैं और उनका कोई अंत नहीं है। पिछले साल हमने 116 दिन घूमने में बिताए।”

4. पहले इनवेस्ट करें फिर खर्च करें

ज्यादातर लोग पहले खर्च करते हैं, फिर जो पैसे बचते हैं उसका निवेश करते हैं। लेकिन, वारिकू परिवार पहले निवेश करता है और फिर खर्च करता है। वारिकू ने कहा, “जैसे ही सैलरी आती है, उसका बड़ा हिस्सा हम निवेश कर देते हैं। बाकी पैसा हम खर्च के लिए इस्तेमाल करते हैं। आज 30 तारीख है और हमारे अकाउंट में सिर्फ 9000 रुपये और 6000 रुपये बचे हैं।”

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5. पढ़ने और सीखने पर खर्च करने में कंजूसी नहीं

अगर आप नई किताबें खरीदने या नई चीजें सीखने पर खर्च करते हैं तो इसमें कोई खराबी नहीं है। वारिकू ने कहा, “रुचि पॉटरी, वाटरकलरिंग और टेनिस सीख रही हैं। हमारे बच्चे भी कई क्लासेज में जाते हैं।”