Caller Name Display Service : क्या है कॉलर नेम डिस्प्ले की व्यवस्था, मोबाइल यूजर्स को क्या फायदा होगा, पूरी खबर में पढ़िए

Caller Name Display Service : क्या है कॉलर नेम डिस्प्ले की व्यवस्था, मोबाइल यूजर्स को क्या फायदा होगा, पूरी खबर में पढ़िए

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मोबाइल फोन पर कॉल करने वाले की पहचान करना अब आसान हो सकता है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने 1 नवंबर से सभी टेलीकॉम ग्राहकों के लिए कॉलर नेम डिस्प्ले (Caller Name Display) अनिवार्य कर दिया है। इस निर्देश के तहत टेलीकॉम कंपनियों को कॉलर का नाम दिखाने की व्यवस्था लागू करने के साथ-साथ इस सुविधा से जुड़ी ग्राहकों की शिकायतों का समाधान भी करना होगा।

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इस कदम का मुख्य उद्देश्य फोन कॉल के दौरान पारदर्शिता बढ़ाना और मोबाइल यूजर्स को आने वाली कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान करने में मदद देना है।

 

क्या है कॉलर नेम डिस्प्ले की व्यवस्था?

 

कॉलर नेम डिस्प्ले ऐसी सुविधा है, जिसके जरिए मोबाइल फोन पर इनकमिंग कॉल आने के दौरान कॉल करने वाले का नाम दिखाई दे सकता है। इससे यूजर्स को यह समझने में मदद मिल सकती है कि उन्हें किसकी कॉल आ रही है। दूरसंचार विभाग के इस निर्देश का उद्देश्य कॉल करने वाले की पहचान से जुड़ी व्यवस्था को बेहतर बनाना है, ताकि ग्राहकों को अनजान नंबरों से आने वाली कॉल के बारे में अधिक जानकारी मिल सके।

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टेलीकॉम कंपनियों की क्या होगी जिम्मेदारी?

 

दूरसंचार विभाग के निर्देश के अनुसार, टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं को कॉलर नेम डिस्प्ले की अनिवार्य व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करना होगा। इसके अलावा, यदि किसी ग्राहक को इस सुविधा से संबंधित परेशानी होती है या वह शिकायत दर्ज कराता है, तो कंपनी को उसका समाधान करना होगा।

 

इससे कॉलर नेम डिस्प्ले सुविधा के संचालन के साथ-साथ ग्राहकों की समस्याओं के निपटारे की जिम्मेदारी भी टेलीकॉम ऑपरेटरों पर होगी।

 

मोबाइल यूजर्स को क्या फायदा होगा?

 

कॉलर नेम डिस्प्ले की व्यवस्था का उद्देश्य फोन पर संपर्क करने वाले व्यक्ति की पहचान को आसान बनाना और दूरसंचार सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाना है। हालांकि, यह सुविधा अपने आप में हर अनजान कॉल या संभावित धोखाधड़ी वाली कॉल की पहचान की गारंटी नहीं देती। इस निर्देश को लागू करने की विस्तृत प्रक्रिया, नाम दिखाने के तकनीकी मानकों और ग्राहकों की शिकायतों के निपटारे से जुड़े अतिरिक्त विवरणों की जानकारी अभी सामने आनी बाकी है।

रेवंत ने कृषि के लिए 20 दिनों तक बिना रुकावट बिजली आपूर्ति के दिये निर्देश

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कम बारिश के मद्देनजर खड़ी फसलों को बचाने के लिए अगले 20 दिनों तक कृषि क्षेत्र को चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।

इसके साथ ही श्री रेड्डी ने इस मामले में लापरवाही बरतने पर ऊर्जा विभाग के विशेष मुख्य सचिव और टीजी-जेनको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) सहित वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित करने की चेतावनी भी दी है।

उन्होंने बुधवार रात यहां कम बारिश, अल नीनो के प्रभाव तथा बिजली और पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में बार-बार बिजली कटौती को लेकर कड़ी नाराजगी जतायी। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि बार-बार निर्देश दिये जाने के बावजूद स्थिति में सुधार क्यों नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि बिजली की कमी के कारण किसानों की फसलों को नुकसान नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को कृषि क्षेत्र में बिजली की अधिक मांग वाले क्षेत्रों की पहचान करने और फसल कटाई पूरी होने तक पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बिजली उत्पादन क्यों नहीं बढ़ाया गया। उन्होंने पूछा कि नैनी और महानदी से कोयले की आपूर्ति की व्यवस्था होने के बावजूद यादाद्रि बिजली संयंत्र अपनी स्थापित क्षमता के अनुसार पूरा उत्पादन क्यों नहीं कर रहा है।

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उन्होंने कहा, “मैं जनता के प्रति जवाबदेह हूं। खड़ी फसलों को बचाने के लिए बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के बार-बार निर्देश देने के बावजूद स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।” उन्होंने कहा, ” मैं ऐसे किसी भी कदम को बर्दाश्त नहीं करूंगा, जिससे जनता को परेशानी हो। लापरवाही बरतने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शूंगा।”

मुख्यमंत्री ने अल नीनो के संभावित प्रभाव को कोविड-19 महामारी के समान एक आपदा बताते हुए कहा कि यदि विभागों ने समय रहते बचाव के उपाय नहीं किए, तो मौजूदा परिस्थितियां बड़े संकट का रूप ले सकती हैं। उन्होंने सभी विभागों को जून तक के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने, अल नीनो के संभावित प्रभावों का आकलन करने और सामान्य बारिश बहाल होने तक जनता की परेशानियां कम करने के लिए आपसी समन्वय से काम करने का निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्यभर में पेयजल की कमी को रोकने के लिए पहले से व्यवस्था करने और पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने ग्रेटर हैदराबाद क्षेत्र में निर्माण कार्यों और अन्य उपयुक्त जरूरतों के लिए मलजल शोधन संयंत्रों से शोधित पानी का इस्तेमाल करने को कहा। उन्होंने बताया कि स्थिति से निपटने की तैयारियों के तहत प्रत्येक मंडल में समूह-एक और समूह-दो के अधिकारियों की नियुक्ति की जायेगी। ये अधिकारी बारिश की कमी, बिजली और पेयजल आपूर्ति, फसलों की स्थिति तथा चारे की उपलब्धता पर नजर रखेंगे। उन्होंने कहा कि जमीनी स्थिति की नियमित रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दशहरा और दिवाली के बीच ग्राम सभाएं आयोजित करने तथा सांस्कृतिक दलों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया। इन अभियानों के जरिए अल नीनो के संभावित प्रभावों की जानकारी देने के साथ-साथ पानी और बिजली की बचत को बढ़ावा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि सामान्य बारिश बहाल होने तक सभी विभाग सतर्क रहें और लोगों की परेशानियां कम से कम रखने के लिए पहले से ही आवश्यक कदम उठायें।

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जियो प्लेटफॉर्म्स दूसरे देशों में अपनी टेलीकॉम टेक्नोलॉजी मॉडल का इस्तेमाल करेगी, आकाश अंबानी ने बताय पूरा प्लान

जियो प्लेटफॉर्म्स अपने एसेट-लाइट मॉडल के जरिए विदेश में अपनी सेवाओं का विस्तार करना चाहती है। इससे कंपनी को अपनी टेलीकॉम टेक्नोलॉजी का फायदा उठाने का मौका मिलेगा। इसके लिए कंपनी दुनियाभर के बाजारों में ऑपरेटर्स से पार्टनरशिप करेगी। कंपनी के चेयरमैन आकाश अंबानी ने गुरुवार को इस बारे में बताया।

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से जुड़े प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंबानी ने कहा कि जियो खुद को नेटवर्क बिल्डर या कनवेंशनल सॉफ्टेवयर सर्विसेज प्रोवाइडर के बजाय मैनेज्ड सर्विसेज पार्टनर के रूप में स्थापित करना चाहती है। इसके लिए कंपनी भारत में विकिसत और इस्तेमाल किए जा रहे टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल दूसरे देशों में करेगी।

उन्होंने कहा कि जियो का प्रॉपरायटरी एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी स्टैक दुनिया के सबसे जटिल टेलीकॉम मार्केट्स में तैयार किया गया है। इसका भारत में इस्तेमाल हो रहा है। हमारे लिए इसका इस्तेमाल दूसरे देशों में करने का मौका है। इसके लिए विकसित और विकासशील दोनों तरह के देशों में ऑपरेटर्स से पार्टनरशिप के मौके हैं।

उन्होंने कहा कि कंपनी विदेश में अपनी सेवाओं के विस्तार के लिए खुद को मैनेज्ड सर्विसेज पार्टनर के रूप में पेश करेगी। इससे टेलीकॉम ऑपरेटर्स को अपनी ग्रोथ के लिए सिर्फ नेटवर्क बिल्डर या सॉफ्टवेयर सर्विस प्रोवाइडर बनने की जगह हमारी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर सकेंगे।

अंबानी ने कहा कि जियो इंटरनेशनल पार्टनर्स के चुनाव में सावधानी बरतेगी। इसके लिए वह बाजार के आकार और अपनी बैलेंसशीट में संभावित योगदान के आधार फैसले लेगी। उन्होंने कहा कि इस स्ट्रेटेजी से आने वाले सालों में कंपनी को टेक्नोलॉजी में अपने निवेश का फायदा उठाने का रास्ता मिलेगा।

जियो प्लेटफॉर्म्स के चेयरमैन ने कहा कि जियो ने अपना टेलीकॉम टेक्नोलॉजी स्टैक विकसित करने के लिए बड़ा निवेश किया है। कंपनी ने 7,220 से ज्यादा पेटेंट्स फाइल किए हैं। इन्हें कंपनी के 12,000 से ज्यादा इंजीनियर्स ने तैयार किए हैं। कंपनी ने भारत में 5जी का व्यापक नेटवर्क बनाया है। उन्होंने इसे चीन के बाहर सबसे बड़ा 5जी सब्सक्राइबर बेस बताया।

Video: 2 साल भारत में रही कोरियाई महिला, 7 शहर घूमने के बाद इस जगह पर आया दिल

भारत में घूमने की जगहों की कमी नहीं है, लेकिन हर किसी की पसंद अलग होती है। दक्षिण कोरिया की जंग ए उम ने अपने बच्चों के साथ भारत में दो साल बिताए और इस दौरान कई शहरों को करीब से जाना। हालांकि, उनकी यात्राओं में एक जगह ऐसी रही, जिसने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया। समुद्र की खूबसूरती और वहां के अनुभवों ने उनका नजरिया ही खास बना दिया। अब उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पसंदीदा जगह का जिक्र किया है, जिसके बाद लोग उनकी यात्रा पर चर्चा कर रहे हैं और उन्हें नए पर्यटन स्थलों के सुझाव दे रहे हैं।

भारत के सात शहरों में देखा अलग-अलग रंग

जंग ए उम ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसका शीर्षक था, ‘भारत में 2 साल: एक कोरियाई मां की ईमानदार राय’। इसमें उन्होंने भारत में रहने और घूमने के अपने अनुभव बताए। उन्होंने चेन्नई, बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई, केरल, कोयंबटूर और अंडमान की यात्रा की। उनके मुताबिक, भारत इतना बड़ा और विविधताओं से भरा देश है कि हर शहर में अलग माहौल महसूस होता है। कहीं भाषा बदल जाती है, कहीं खानपान और कहीं लोगों की जीवनशैली। इसके बावजूद उन्हें हर जगह खूबसूरती और लोगों का अच्छा व्यवहार देखने को मिला। उनका कहना है कि भारत के अलग-अलग शहरों का अपना आकर्षण है और हर जगह कुछ नया सीखने और देखने को मिलता है।

अंडमान की खूबसूरती ने किया सबसे ज्यादा प्रभावित

जिन जगहों को जंग ने देखा, उनमें अंडमान द्वीपसमूह उनका पसंदीदा बनकर उभरा। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य, साफ पानी और समुद्र के भीतर दिखाई देने वाला जीव-जगत उन्हें बेहद पसंद आया।

स्कूबा डाइविंग के दौरान समुद्री जीवन को करीब से देखने का अनुभव भी उनके लिए खास रहा। उन्होंने बताया कि वह ऑफ-सीजन में अंडमान पहुंची थीं, फिर भी वहां का अनुभव उनकी उम्मीदों से कहीं बेहतर निकला। अपनी पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने अंडमान को अपनी पसंदीदा नई खोजों में से एक बताया और वहां की प्राकृतिक सुंदरता को यादगार करार दिया।

भारत में अभी घूमने के लिए बहुत कुछ बाकी

दो साल भारत में बिताने के बावजूद जंग को लगता है कि अभी कई जगहें देखना बाकी हैं। उन्होंने कहा कि जब तक वह भारत में रहेंगी, नई जगहों की खोज करती रहेंगी और अपने अनुभव दुनिया के लोगों के साथ साझा करेंगी। उनकी पोस्ट पर लोगों ने भी खूब प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने भारत की तारीफ करने के लिए उनका धन्यवाद किया, जबकि कुछ ने उन्हें पूर्वोत्तर भारत घूमने की सलाह दी। एक यूजर ने बताया कि पूर्वोत्तर का अनुभव देश के दूसरे हिस्सों से काफी अलग है।

सोशल मीडिया पर क्यों पसंद आ रही है कहानी?

जंग का अनुभव बताता है कि भारत की पहचान सिर्फ उसके ऐतिहासिक स्थलों या प्राकृतिक नजारों से नहीं, बल्कि यहां की सांस्कृतिक विविधता और लोगों के व्यवहार से भी बनती है। उनके लिए अंडमान की यात्रा सिर्फ घूमने-फिरने का मौका नहीं, बल्कि एक ऐसी खोज रही, जिसने भारत के प्रति उनकी यादों को और खास बना दिया।

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पेशावर में विद्यालय की छत ढहने से 34 लोगों की मौत

पाकिस्तान के पेशावर शहर में गुरुवार को एक निजी विद्यालय की छत ढह जाने से 34 लोगों की मौत हो गयी जबकि 52 लोग घायल हो गये। मृतकों में ज्यादातर 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और एक शिक्षिका शामिल हैं। घायलों में कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

सरकारी आपातकालीन सेवा ‘रेस्क्यू 1122’ के अनुसार, यह हादसा दीर कॉलोनी के कॉलेज रोड स्थित ‘अल-खैर’ नामक निजी विद्यालय में आज सुबह करीब 08:48 बजे हुआ। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिये गये। स्थानीय प्रशासन और चश्मदीदों के मुताबिक, हादसे के बाद राहत कर्मियों और स्थानीय लोगों ने घंटों मलबे की तलाशी ली, क्योंकि आशंका थी कि और भी बच्चे मलबे में दबे हो सकते हैं। राहत कार्यों में सहायता के लिए पाकिस्तानी सेना के जवान भी बचाव दलों के साथ जुट गये।

लेडी रीडिंग अस्पताल (एलआरएच) के प्रवक्ता मोहम्मद आसिम ने बताया कि अस्पताल में आपातकाल घोषित कर डॉक्टर घायलों के इलाज में जुटे हैं।

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इस बीच, पेशावर पुलिस ने विद्यालय के मालिक खान मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इमारत बेहद खतरनाक हालत में है और इसके और अधिक ढहने का जोखिम बना हुआ है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस भीषण गहरा दुख जताया है।

श्री शरीफ ने ‘एक्स’ पर दुख जताते हुए लिखा है, “विद्यालय की छत गिरने की दुखद और दिल दहला देने वाली घटना का गहरा दुख है, जिससे कई कीमती जानें चली गयी। जान गंवाने वाले बच्चों और शिक्षकों के दुखी परिवारों के साथ मेरी संवेदना है। मैं उन परिवारों के लिए सब्र और हिम्मत की दुआ करता हूं, जिन्होंने अपनी जान गंवायी।”

उन्होंने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी से घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है। उन्हें यह भी निर्देश दिया है कि घटना में घायल हुए बच्चों और दूसरे लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं दी जायें और प्रभावित परिवारों को हर मुमकिन मदद दी जाये।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज और सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने भी दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

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Trump का मास्टरप्लान: ईरान पर गिरेगा दुनिया का सबसे खतरनाक ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’? तबाही मचा देता है यह हथियार

Trump Mother of All Bombs: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के ऊर्जा ढांचों और परमाणु ठिकानों पर अपने सबसे शक्तिशाली बम को गिराने का एक नया स्ट्राइक प्लान तैयार कर लिया है। अब बस ट्रंप के सैन्य अभियानों को फिर से शुरू करने के आदेश का इंतजार है।

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने खुलासा किया है कि प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई में GBU-43/B मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट (MOAB), जिसे आम भाषा में ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ कहा जाता है, के इस्तेमाल पर विचार किया जा रहा है। इस योजना में ईरान के पिकैक्स माउंटेन स्थित संदिग्ध अंडरग्राउंड न्यूक्लियर फैसिलिटी को निशाना बनाना भी शामिल है।

क्या है ट्रंप का नया स्ट्राइक प्लान?

अमेरिकी सैन्य रणनीतिकारों ने ट्रंप के निर्देश पर कई ‘स्ट्राइक पैकेज’ तैयार किए हैं, जो अमेरिका में होने वाले आगामी मिडटर्म चुनावों से पहले या बाद में लागू किए जा सकते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने सेना को ईरान के विशाल ऊर्जा ढांचे और पिकैक्स माउंटेन जैसे अत्यधिक सुरक्षित परमाणु ठिकानों को कवर करने वाले विकल्प तैयार करने को कहा है।

संवेदनशीलता का हवाला देते हुए व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने इस पर सीधे टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि ‘राष्ट्रपति ट्रंप यह सुनिश्चित करने के लिए सभी विकल्प खुले रख रहे हैं कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके।’

वैसे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन सैन्य विकल्पों के तैयार होने का मतलब यह नहीं है कि ट्रंप ने हमले को अंतिम मंजूरी दे दी है।

आखिर क्या है ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ (MOAB)?

GBU-43/B MOAB अमरीकी सैन्य बेड़े में मौजूद सबसे बड़ा और घातक गैर-परमाणु बम है। लगभग 9,800 किलोग्राम वजनी यह जीपीएस-गाइडेड बम एक बहुत बड़े क्षेत्र में भारी तबाही मचाने के लिए डिजाइन किया गया है।

बंकर-बस्टर बमों के विपरीत, जो जमीन के गहराई में छेद करने के बाद फटते हैं, MOAB जमीन की सतह के ठीक ऊपर विस्फोट करता है। इससे इसका विनाशकारी दबाव बाहर की तरफ फैलता है। इसका धमाका लगभग 9 शहर के ब्लॉक्स के बराबर बड़े इलाके को पूरी तरह तबाह करने में सक्षम है।

आखिर क्या है 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' (MOAB)?

2000 के दशक की शुरुआत में विकसित इस हथियार का मुख्य मकसद दुश्मन की भारी सैन्य टुकड़ियों, हथियारों और मजबूत सैन्य ठिकानों को नष्ट करने के साथ-साथ विरोधी ताकतों में खौफ पैदा करना भी था।

क्या यह ईरान के अंडरग्राउंड न्यूक्लियर ठिकानों को तबाह कर सकता है?

इसकी विशाल विनाशकारी क्षमता के बावजूद, अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञों और अधिकारियों को संदेह है कि क्या यह बम ईरान की गहराई में बनी और मजबूत ग्रेनाइट चट्टानों से ढकी परमाणु संरचनाओं को भेद पाएगा।

गहराई में पैठ न बना पाना: पिकैक्स माउंटेन की परमाणु सुविधाएं ग्रेनाइट की कई परतों के नीचे सुरक्षित हैं। सीएनएन से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि ‘MOAB विशाल इलाके को साफ करने के लिए एक बेहतरीन मनोवैज्ञानिक हथियार है, लेकिन इसे जमीन में गहराई तक छेद करने वाले वारहेड के रूप में डिजाइन नहीं किया गया है।’

नागरिकों के नुकसान का खतरा: इसके विशाल ब्लास्ट रेडियस की वजह से आबादी वाले इलाकों के पास मौजूद ऊर्जा ठिकानों पर हमला करने से भारी नागरिक हताहत हो सकते हैं।

सिर्फ मनोवैज्ञानिक दबाव: इसके बावजूद, सैन्य सलाहकारों का मानना है कि भले ही यह सामरिक रूप से निर्णायक साबित न हो, लेकिन तेहरान पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए यह काफी है।

युद्ध खत्म करने के दबाव में ट्रंप: ‘आतिशबाजी का शो’?

यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब ट्रंप प्रशासन पर पिछले 6 महीनों से अधिक समय से चले आ रहे इस संघर्ष को खत्म करने का भारी दबाव है, क्योंकि कोई कूटनीतिक सफलता हाथ नहीं लगी है।

अमेरिकी अधिकारी ऐसे विकल्पों की तलाश कर रहे हैं जो दुनिया को अमेरिकी सैन्य ताकत भी दिखा सकें और वाशिंगटन को युद्ध से बाहर निकलने का एक आसान रास्ता भी दे सकें। एक सूत्र ने कुछ प्रस्तावों को महज एक ‘आतिशबाजी का शो’ करार दिया, ताकि ट्रंप अपनी प्रतीकात्मक जीत का दावा कर सकें।

अमेरिकी सेना इस बात की तैयारी भी कर रही है कि अगर कोई नया हमला अधिकृत किया जाता है, तो ईरान की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया या जवाबी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

अमेरिका ने अप्रैल 2017 में ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के सुरंग परिसरों को नष्ट करने के लिए पहली बार ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ का इस्तेमाल किया था, जिसमें 36 आतंकी मारे गए थे।

IMD Weather Forecast: दिल्ली-NCR में आज गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट! 60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, जानें अगले 7 दिनों का मौसम

IMD Weather Forecast: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, 15 अक्टूबर को दिल्ली के कई इलाकों में बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश भी हो सकती है। बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने बताया है कि दिन के दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

जबकि झोंकों के साथ हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। दिल्ली में सुबह से दोपहर के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके बाद शाम से रात के दौरान भी कई स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक का एक और दौर आने की संभावना है।

‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी

राजधानी दिल्ली में गुरुवार सुबह हल्की बारिश हुई। इसके बाद आसमान में काले बादल छाए रहे। IMD ने दिन में हल्की से मध्यम बारिश होने, बादल गरजने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के मद्देनजर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। आईएमडी ने कहा कि शहर के कई हिस्सों में दिन में बारिश होने की संभावना है और इस दौरान बिजली चमकने और रुक-रुककर तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत तापमान से 3.7 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया है, जिससे दिन के तापमान में गिरावट आने की संभावना है।

आईएमडी ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए कहा कि गुरुवार दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक या आकाशीय बिजली गिरने तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने दिन में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश होने का भी पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश और तेज हवाओं का असर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग हो सकता है। इसलिए यह जरूरी नहीं है कि राजधानी के सभी इलाकों में एक जैसी बारिश हो।

दिल्ली-NCR में तापमान का क्या है हाल?

दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। जबकि न्यूनतम तापमान में करीब 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.7 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। इससे साफ है कि रात के तापमान में अभी भी गर्माहट बनी हुई है। हालांकि, दिन के अधिकतम तापमान में कुछ स्थानों पर सामान्य से कम स्तर दर्ज किया गया।

दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश दर्ज नहीं की गई। मौसम केंद्र सफदरजंग के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटे में बारिश शून्य मिलीमीटर रही। ऐसे में 15 अक्टूबर को होने वाली संभावित बारिश से मौसम में अस्थायी बदलाव देखने को मिल सकता है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली-NCR के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। वहीं, आने वाले दिनों में बारिश की संभावना के बाद मौसम शुष्क होने और तापमान में फिर बढ़ोतरी होने का अनुमान है।

16 अक्टूबर को भी बारिश के आसार

दिल्ली में 16 अक्टूबर को भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। IMD के मुताबिक, आसमान में सामान्य तौर पर बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। सुबह जल्दी से दोपहर तक गरज-चमक और बिजली के साथ बारिश का एक दौर आने की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। इसका मतलब है कि 15 और 16 अक्टूबर को दिल्ली में बादल, बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। इसके बाद मौसम के शुष्क होने का अनुमान है।

17 अक्टूबर से साफ होने लगेगा मौसम

17 अक्टूबर को दिल्ली में बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 18 अक्टूबर से मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 19 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन भी आसमान मुख्य रूप से साफ रहने और बारिश नहीं होने की संभावना है।

20 और 21 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, 20 अक्टूबर को भी दिल्ली में बारिश की संभावना नहीं है। आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 21 अक्टूबर को भी मुख्य रूप से साफ आसमान रहने का अनुमान है।

इस दिन अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। इस तरह, 15 और 16 अक्टूबर को बारिश और गरज-चमक की संभावना के बाद 17 से 21 अक्टूबर के बीच मौसम के अधिकतर शुष्क रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान भी धीरे-धीरे 32 से 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

तापमान को लेकर मौसम विभाग का क्या अनुमान?

IMD के मुताबिक, अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसका अर्थ है कि बारिश के कारण शुरुआती दिनों में दिन के तापमान में कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन सप्ताह के अगले हिस्से में धूप निकलने के साथ गर्मी फिर महसूस हो सकती है।

पश्चिमी विक्षोभ का मौसम पर असर

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर और उससे सटे उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर भी ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। एक अन्य ट्रफ उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश से पूर्व-मध्य अरब सागर तक फैला हुआ है, जो पूर्वी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के ऊपर से गुजर रहा है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बादलों और बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं।

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असल जिंदगी में बिल्कुल नॉन-ड्रामैटिक हैं आदित्य धर: यामी गौतम

बॉलीवुड अभिनेत्री यामी गौतम ने अपने पति और फिल्मकार आदित्य धर को असल जिंदगी में बेहद शांत और सहज स्वभाव का बताया है। सोनी मराठी के कार्यक्रम ‘कोण होणार करोडपति’ के आगामी एपिसोड में यामी अपनी फिल्म ‘नयी नवेली’ के प्रचार के दौरान अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के साथ बातचीत में अपनी प्रेम कहानी से जुड़े दिलचस्प किस्से साझा करेंगी।

इस एपिसोड में यामी गौतम और अभिनेता आदिनाथ कोठारे माधुरी दीक्षित के सामने हॉट सीट पर नजर आएंगे। इस दौरान यामी बताएंगी कि माधुरी की फिल्मों में दिखाई गई प्रेम कहानियों ने उनके प्यार को लेकर नजरिये को किस तरह प्रभावित किया।

माधुरी की फिल्मों की प्रेम कहानियों को याद करते हुए यामी कहती हैं आपकी फिल्में देखकर हमें लगता था कि प्रेम कहानी हो तो ऐसी हो। हर लड़की ऐसे ही किसी लम्हे का सपना देखती है, जिसमें मन ही मन लगे-‘पलट, पलट!’ लेकिन असल जिंदगी में आदित्य और मुझमें एक बात एक जैसी है। हम दोनों ही बहुत कम खुलने वाले और बिल्कुल नॉन-ड्रामैटिक लोग हैं।

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यामी ने बताया कि उनकी पहली मुलाकात फिल्म ‘उरी’ के सेट पर हुई थी। उस समय आदित्य फिल्म का निर्देशन कर रहे थे और यामी अभिनय कर रही थीं। शूटिंग के दौरान दोनों के बीच ज्यादा बातचीत नहीं हुई, लेकिन फिल्म के प्रचार के दौरान साथ में इंटरव्यू देते हुए उन्हें एक-दूसरे को बेहतर ढंग से जानने का मौका मिला।

यामी के अनुसार, बातचीत के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि जिंदगी, परिवार और संस्कारों को लेकर दोनों की सोच काफी मिलती है। आदित्य का शांत स्वभाव, सभी के प्रति सम्मान और काम के प्रति जुनून उन्हें बेहद पसंद आया।

यामी ने कहा हमारी पहली मुलाकात ‘उरी’ के सेट पर हुई थी। शूटिंग के दौरान हमारी ज्यादा बातचीत नहीं हुई। लेकिन प्रमोशन के समय जब हम साथ इंटरव्यू देते थे, तो एक-दूसरे के जवाब भी सुनते थे। तभी मुझे लगा कि इनके उसूल और पारिवारिक संस्कार मेरे जैसे हैं। आदित्य की यही बात मुझे बहुत अच्छी लगी। सेट पर मैं पहले ही देख चुकी थी कि वह कैसे इंसान हैं। ऐसे लोग बहुत कम मिलते हैं। वह कभी किसी पर गुस्सा नहीं करते थे, सबकी इज्जत करते थे और अपने काम को लेकर बेहद जुनूनी थे। साथ ही, बहुत शांत और सुलझे हुए भी थे।

इस पर माधुरी दीक्षित ने मुस्कुराते हुए कहा बिल्कुल आपकी तरह। यामी ने अपने जीवनसाथी के बारे में कहा ऐसा साथी मिलना बहुत बड़ी बात होती है। मैं बहुत खुशकिस्मत हूं कि आदित्य मेरे पति हैं। ‘कोण होणार करोडपति’ का यह विशेष एपिसोड सोनी मराठी पर सोमवार से शनिवार रात नौ बजे प्रसारित होता है। दर्शक इसे सोनी लिव पर भी देख सकते हैं।

Pic Credit : UNI