Bank Nifty Trend : बैंक निफ्टी में तीन दिन की बढ़त थमी, 1% से ज्यादा टूटा इंडेक्स, केनरा बैंक और कोटक ने लगाई सबसे तगड़ी चपत

Bank Nifty Trend : कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच 14 जुलाई को बैंक निफ्टी इंडेक्स में 1% से ज्यादा की गिरावट आई है। जिससे इसकी लगातार तीन दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया है। आज ब्रेंट क्रूड की कीमत कुछ समय के लिए 85 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई,जो 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के समझौते के बाद से सबसे ऊंची कीमत है। सोमवार को अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरी रात ईरान पर हमले किए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी शिपिंग पर रोक फिर से लागू कर दी और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए 20% शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है।

कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से उधार लेने की लागत बढ़ सकती है,बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हो सकती है और ट्रेजरी से होने वाले मुनाफे में कमी आ सकती है। इसके चलते बैंकिंग शेयरों पर दबाव बना है।

बैंक निफ्टी की इस गिरावट में केनरा बैंक,कोटक महिंद्रा बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक का योगदान सबसे ज्यादा है। इनमें 2%,1.6% और 1.3% की गिरावट आई है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और फेडरल बैंक भी उन बैंकों में शामिल थे जिनके शेयरों में गिरावट आई है। फाइनेंशियल सर्विस कंपनियों श्रीराम फाइनेंस,बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व में 1-2% की कमजोरी के साथ कारोबार हो रहा है। 1.25 बजे के आसपास बैंक निफ्टी 1.15 फीसदी की गिरावट के साथ 57,475 के आसपास कारोबार कर रहा था।

बैंक निफ्टी व्यू

बजाज ब्रोकिंग रिसर्च का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए ऊपर की तरफ,58,700 (जून का हाई) अभी भी एक तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। अगर इंडेक्स इस लेवल के ऊपर मजबूती से बंद होता है,तो इससे चल रहे कंसोलिडेशन से ब्रेकआउट की पुष्टि होगी और आने वाले हफ्तों में 59,300 और फिर 60,000 के लेवल की ओर रैली शुरू हो सकती है। अगर बैंक निफ्टी 58,700 के ऊपर नहीं जा पाता है तो इसका मतलब होगा कि पिछले 4 हफ्तों से चल रहा कंसोलिडेशन और जारी रहेगा।

नीचे की तरफ,57,400-57,500 के लेवल के तत्कल सपोर्ट के तौर पर काम करने की उम्मीद है,जो गुरुवार के गैप-अप जोन और सोमवार के निचले स्तर से मेल खाता है। अगला अहम सपोर्ट 56,500 पर है,जहां 20 हफ्ते और 50-हफ्ते के EMA और पिछले हफ्ते का निचला स्तर एक साथ मिलते हैं,जिससे यह एक मजबूत डिमांड जोन बन जाता है।

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा की राय

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए 57,500 पर तत्काल सपोर्ट है। जबकि 57,200 अगला अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है। ऊपर की तरफ,58,500 मुख्य रेजिस्टेंस है और इस लेवल के ऊपर ब्रेकआउट से नई तेजी आ सकती है। जब तक इंडेक्स सपोर्ट के ऊपर बना हुआ है ट्रेडर्स को गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार की राय

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि कुछ ऐसी मुश्किलें फिर से सामने आ रही हैं जिनका असर जल्द ही भारतीय बाजार पर पड़ सकता है। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड की कीमत 84 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। अगर तेल में यह तेजी जारी रहती है, तो इससे भारत के मैक्रो-इकोनॉमिक हालात पर फिर से खरीब असर पड़ सकता है। BoP (भुगतान संतुलन) की कमजोरी और रुपये पर संभावित असर फिर से ऐसी परेशानियां आ सकती हैं जिनसे बाजार पर बुरा असर पड़ सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि US में 10 ईयर बॉन्ड यील्ड का बढ़कर 4.61% हो जाना एक और चिंता की बात है,जिसका असर विदेशी निवेश पर पड़ सकता है। जून में भारत की रिटेल महंगाई दर बढ़कर 4.38% हो गई है और इसके और बढ़ने की संभावना है। इन चुनौतियों को देखते हुए,निवेशकों को सावधानी बरतनी होगी। तेजी से बदलते जियोपॉलिटिकल और आर्थिक माहौल में निवेश से जुड़े फैसले लेना बहुत मुश्किल होता जा रहा है। निवेशकों इस लगातार बदलते हालात पर नजर बनाए रखनी चाहिए और खासकर कच्चे तेल की कीमतों के मामले में स्थिति साफ होने का इंतजार करना चाहिए।

 

 Stock Of The Day : ब्लॉक डील के बाद बायोकॉन में आई शानदार तेजी, 6% से ज्यादा चढ़कर वायदा का टॉप गेनर बना स्टॉक

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

US-Iran War: ईरान ने अमेरिका को दिया बड़ा झटका! मार गिराया 40 लाख डॉलर की कीमत वाला ये ड्रोन

Iran-US War: पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ गया है। कुछ दिनों से शांत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फिर से हाहाकार मच गया है। ईरान और अमेरिका में एक बार फिर तन गई है। अमेरिका ने सोमवार रात को फिर से ईरान पर सैन्य कार्रवाई की। वहीं अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने भी बड़ा एक्शन लिया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने सोमवार को दावा किया कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर उड़ रहे अमेरिका के एमक्यू-1 ड्रोन को मार गिराया है।

ईरान ने अमेरिका को दिया बड़ा झटका 

ईरान के सरकारी टीवी नेटवर्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “कुछ मिनट पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर एक अमेरिकी एमक्यू-1 ड्रोन को मार गिराया है।” ईरान के कई सरकारी मीडिया संस्थानों ने भी इस खबर की जानकारी दी है। हालांकि, इस घटना से जुड़ी ज्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आई है। वहीं, अमेरिका की सेना और व्हाइट हाउस की ओर से भी इस दावे पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

होर्मुज में लगातार बढ़ रहा है तनाव

अमेरिकी ड्रोन गिराए जाने का यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका ने लगातार तीसरी रात ईरान के ठिकानों पर हमला किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करना और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों के लिए पैदा हो रहे खतरे को कम करना है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी दोबारा लागू करने का ऐलान किया है, जो मंगलवार से शुरू होगी। इसके अलावा, उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत फीस लगाने का प्लान बना रही है। इन फैसलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इसका असर दुनिया भर के तेल बाजार पर भी पड़ा है और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है।

ईरानी हमले में एक भारतीय की मौत

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने मंगलवार को बताया कि ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास ईरानी क्रूज़ मिसाइलों के हमले में यूएई के दो टैंकर क्षतिग्रस्त हो गए। इस हमले में एक भारतीय चालक दल (क्रू) के सदस्य की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग घायल हुए हैं। वहीं, एमक्यू-1 प्रीडेटर अमेरिका का एक मानवरहित विमान (ड्रोन) है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी करने और सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जाता है। यह एजीएम-114 हेलफायर मिसाइलें दागने में भी सक्षम है। एक एमक्यू-1 ड्रोन की कीमत करीब 40 लाख डॉलर (लगभग 4 मिलियन डॉलर) बताई जाती है, जबकि इसके पूरे ऑपरेशनल सिस्टम की लागत करीब 2 करोड़ डॉलर (लगभग 20 मिलियन डॉलर) होती है।

Asian Market Today: एशिया बाजारों में गिरावट, नैस्डैक 1.55% फिसला, यूएस बॉन्ड यील्ड बढ़ी

Asian Market Today: US-ईरान युद्ध के बीच तेल की बढ़ती कीमतों से सेंटिमेंट पर असर पड़ने से मंगलवार को एशियाई बाज़ारों में गिरावट के साथ कारोबार हुआ। नैस्डैक 1.5 फीसदी से ज्यादा फिसला, डाओ और S&P में भी दबाव दिखा। जापान का निक्केई 225 0.58% गिरा, जबकि टॉपिक्स 0.30% बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.46% और हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स 1.11 फीसदी की गिरावट के साथ ट्रेड करता नजर आया। ताइवान का बाजार 2.24 फीसदी  गिरकर 44,338.19 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि  शंघाई कम्पोजिट 0.07 फीसदी की बढ़त के साथ फ्लैट कामकाज कर रहा है।

गिफ्ट निफ्टी 24,050 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 168 पॉइंट्स का डिस्काउंट था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए नेगेटिव शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट सोमवार को नीचे बंद हुआ क्योंकि मिडिल ईस्ट युद्ध के हालिया बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ गईं और रिस्क लेने की क्षमता कम हो गई।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 138.31 पॉइंट्स या 0.26% गिरकर 52,498.70 पर आ गया, जबकि S&P 500 59.92 पॉइंट्स या 0.79% गिरकर 7,515.47 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 408.43 पॉइंट्स या 1.55% गिरकर 25,873.18 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के शेयर की कीमत 3.52% गिरी, AMD के शेयर 4.21% गिरे, ब्रॉडकॉम के शेयर 3.98% गिरे, इंटेल के शेयर 6.12% फिसले, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 4.32% गिरे, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.53% बढ़े, मेटा के शेयर 1.86% गिरे, अल्फाबेट के शेयर 1.23% गिरे, टेस्ला के शेयर 3.19% टूटे, और स्पेसएक्स के शेयर 4.24% फिसले।

US-ईरान युद्ध

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ऑफिशियली सांसदों को बताया है कि देश एक बार फिर ईरान के साथ युद्ध में है, और अपने एडमिनिस्ट्रेशन को कांग्रेस की मंज़ूरी के बिना इस इलाके में मिलिट्री इस्तेमाल करने के लिए 60 दिन का समय दिया है। इस बीच, यमन में ईरान सपोर्टेड हूथियों ने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के आभा एयरपोर्ट को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

बॉन्ड यील्ड

US ट्रेजरी यील्ड रातों-रात तेज़ी से बढ़ी क्योंकि तेल की बढ़ती कीमतों ने US-ईरान के बीच नए तनाव के बाद इन्फ्लेशन की आशंका बढ़ा दी। बेंचमार्क US 10-साल के ट्रेजरी नोट पर यील्ड 4.9 bps बढ़कर 4.618% हो गई, जबकि 30-साल के बॉन्ड पर यील्ड 3.3 bps बढ़कर 5.104% हो गई। दो-साल के US ट्रेजरी यील्ड 6.5 bps बढ़कर 4.273% हो गई।

बेंचमार्क जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) की यील्ड दूसरे दिन भी बढ़ी। 10-साल के JGB की यील्ड 1 bp बढ़कर 2.795% हो गई। दो-साल की यील्ड और पांच-साल की यील्ड दोनों स्थिर रहीं।

कच्चे तेल की कीमतें

US-ईरान युद्ध में नए सिरे से बढ़ोतरी के बाद होर्मुज स्ट्रेट से एनर्जी फ्लो को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतें 2% बढ़कर चार हफ्तों में अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2% बढ़कर $84.98 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 2.1% बढ़कर $79.79 प्रति बैरल हो गया। पिछले सेशन में ब्रेंट क्रूड 9.6% बढ़ा, जो मई 2020 के बाद से इसकी सबसे बड़ी डेली बढ़त है।

आज सोने का रेट

महंगाई को कंट्रोल करने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ने की बढ़ती संभावना के कारण सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही। स्पॉट गोल्ड की कीमतें 0.1% गिरकर $3,996.63 प्रति औंस हो गईं, जबकि चांदी की कीमत 0.3% गिरकर $57.50 प्रति औंस हो गई।

डॉलर

US महंगाई के डेटा से पहले डॉलर स्थिर हुआ। डॉलर इंडेक्स, जो येन और यूरो सहित कई करेंसी के मुकाबले डॉलर को मापता है, 101.27 पर फ्लैट था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूरो डॉलर के मुकाबले $1.1383 पर और स्टर्लिंग $1.3347 पर ट्रेड कर रहा था। जापानी येन डॉलर के मुकाबले लगभग फ्लैट 162.40 प्रति डॉलर पर था।

Crude Oil Price Surge: ट्रंप के बयान ने फिर लगाई क्रूड में आग, कल के निचले स्तर से 10% उछला भाव, $85 के करीब पहुंचा

Global Market Today: वेस्ट एशिया तनाव से बिगड़ा ग्लोबल बाजार का मूड़, एशिया में दबाव, कोस्पी 5% से ज्यादा टूटा, निक्केई भी 2% नीचे

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

अमेरिका बन गया होर्मुज का चौधरी? ट्रंप के एक ऐलान ने ईरान नहीं पूरी दुनिया की बढ़ा दी टेंशन, पेट्रोल-गैस के लिए फिर मच जाएगा कोहराम!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक ऐसा ऐलान किया, जिसकी गूंज खाड़ी देशों से लेकर भारत के हर उस घर तक पहुंचेगी, जहां रसोई गैस सिलेंडर जलता है।ट्रंप ने खुद को “होर्मुज स्ट्रेट का गार्जियन” घोषित करते हुए कहा कि अब इस जलमार्ग से गुजरने वाले हर कमर्शियल कार्गो और तेल टै

Read More

‘हॉर्मुज स्ट्रेट कब्जे में लेगा अमेरिका’, ट्रंप बोले- जहाजों से वसूलेंगे पेट्रोलिंग चार्ज; ईरान पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाया

Trump Iran Conflict: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) का नियंत्रण अपने हाथ में लेगा। उन्होंने ईरान पर दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम समझौते को तोड़ने का आरोप भी लगाया। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान लगातार दूसरे दिन एक-दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं।

ट्रंप ने ईरान पर क्या कहा?

Fox News से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा करेगा। उन्होंने कहा, “हम हॉर्मुज का नियंत्रण अपने हाथ में ले रहे हैं। हम इसकी रक्षा करेंगे। हो सकता है कि भविष्य में यहां से गुजरने वाले जहाजों से सुरक्षा के बदले शुल्क भी लिया जाए।”

ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि हालिया समझौते को ईरान ने तोड़ा। उनके मुताबिक, समझौता होने के बेहद करीब था, लेकिन ईरान ने बाद में ड्रोन हमला कर दिया।

दोनों देशों के बीच फिर हमले

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। ईरान ने ओमान में रडार सिस्टम और जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस के ईंधन भंडार और गोला-बारूद डिपो को भी निशाना बनाने का दावा किया। वहीं, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन ने कहा कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया।

दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार, मिसाइल और ड्रोन ठिकानों के साथ-साथ छोटी नौकाओं को भी निशाना बनाया। इन हमलों में लड़ाकू विमान, नौसैनिक जहाज और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

हॉर्मुज स्ट्रेट पर तनाव बढ़ा

दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल की सप्लाई हॉर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरती है। ऐसे में यहां बढ़ा तनाव पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार के लिए चिंता का विषय बन गया है।

ईरान के सरकारी मीडिया का दावा है कि उसकी नौसेना ने हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो जहाजों पर चेतावनी के तौर पर फायरिंग की और उन्हें रोक दिया। वहीं, अमेरिका का कहना है कि उसकी सुरक्षा में इस रास्ते से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही जारी है।

तेल की कीमतों में उछाल

तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। ब्रेंट क्रूड एक समय 5% तक चढ़ गया, जबकि बाद में इसकी बढ़त करीब 3.5% रह गई। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। निवेशकों को डर है कि अगर हॉर्मुज में संकट और गहराया, तो वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।

बातचीत के दरवाजे अभी खुले

सैन्य तनाव के बीच ईरान ने कहा है कि वह कतर, पाकिस्तान और ओमान के मध्यस्थों के संपर्क में है और संघर्ष को और बढ़ने से रोकने की कोशिश जारी है। हालांकि, ईरान ने अमेरिका पर कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर करने का आरोप लगाया है। वहीं, ट्रंप अब भी दावा कर रहे हैं कि समझौता लगभग हो चुका था, लेकिन ईरान ने उसे तोड़ दिया।

Stocks to Watch: 14 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 18 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Strait of Hormuz : ईरान को ट्रंप की चेतावनी, अमेरिका बनेगा ‘हॉर्मुज का गार्जियन’, मिडिल ईस्ट तनाव बढ़ा तनाव

iran stops pakistan ship in hormuz

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की नौसैनिक नाकाबंदी (Naval Blockade) दोबारा शुरू करेगा और अब से खुद को 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का संरक्षक' के रूप में स्थापित करेगा। ट्रंप ने यह घोषणा Fox News को दिए एक इंटरव्यू और अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर की। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य हमलों का दौर तेज हो गया है।

ALSO READ: EPFO का बड़ा अपडेट, नौकरी बदलने पर अब 2 तरीकों से करें PF ट्रांसफर, मिनटों में होगा पूरा प्रोसेस

ट्रंप बोले- ईरान की नाकाबंदी फिर होगी लागू

ट्रंप ने Truth Social पर लिखा कि अमेरिका “ईरानी नाकाबंदी” को फिर से लागू कर रहा है, जिसके तहत ईरान के जहाजों और उनसे जुड़े ग्राहकों की आवाजाही पर रोक लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अब से अमेरिका हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा का जिम्मा संभालेगा। इसके बदले इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले सभी माल पर 20 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा, ताकि सुरक्षा व्यवस्था पर होने वाले खर्च की भरपाई की जा सके। ट्रंप ने कहा कि इस योजना को तत्काल प्रभाव से लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

ALSO READ: रूस ने ईरान की मदद के लिए भेजा प्रलयंकारी विमान Tu-214PU, ट्रंप की रूस को चुनौती, क्या बढ़ेगा युद्ध का दायरा?

हॉर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है अहम?

हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक स्तर पर होने वाले करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस निर्यात इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। ऐसे में यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकता है।

अमेरिका-ईरान संघर्ष फिर बढ़ा

रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन, कुवैत, ओमान और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं अमेरिकी सेना ने ईरान के तटीय बंदरगाह वाले इलाकों पर हमले किए। इन हमलों के बाद दोनों देशों के बीच चल रही संघर्ष विराम (Ceasefire) वार्ता पर भी संकट गहरा गया है।

donald trump

पहले हुआ था समझौता

दोनों देशों ने पिछले महीने एक प्रारंभिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें लड़ाई रोकने, अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को व्यापारिक जहाजों के लिए खोलने पर सहमति बनी थी। हालांकि, अमेरिका द्वारा नाकाबंदी दोबारा लागू करने की घोषणा से इस समझौते के महत्वपूर्ण प्रावधानों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

ईरान ने दी कड़ी चेतावनी

ईरान के संयुक्त सैन्य कमान खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि वह किसी भी स्थिति में हॉर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन में अमेरिकी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करेगा। ईरानी सेना ने कहा कि यदि अमेरिका या उसके सहयोगी देशों ने ईरान की अनुमति के बिना इस क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई की या व्यापारिक जहाजों की आवाजाही में बाधा डाली, तो इसका कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। ईरान ने क्षेत्रीय देशों को भी चेतावनी दी कि यदि उन्होंने अमेरिका को किसी प्रकार का सैन्य या लॉजिस्टिक सहयोग दिया, तो उसे ईरान की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ युद्ध जैसी कार्रवाई माना जाएगा।

‘हम होर्मुज स्ट्रेट पर कब्जा करने जा रहे हैं’, ईरान पर तबाही बरसाने के बाद डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा; बोले- फीस भी लेंगे

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिका रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज स्ट्रेट का ऑपरेशनल कंट्रोल अपने हाथ में लेने की दिशा में बढ़ रहा है।एक फोन इंटरव्यू के दौरान, ट्रंप ने ग्लोबल ऑयल शिपिंग रूट को सुरक्षित करने के लिए वहां अमेरिकी मौजूदगी बनाए रखने और उसके लिए फीस लेने

Read More

US-Iran War: अमेरिका-ईरान जंग के बीच रूस ने क्यों भेजा ‘तबाही वाला प्लेन’? जानिए इसके पीछे की बड़ी वजह

अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर ज्यादा समय तक नहीं टिक सका। एक बार फिर दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है और लगातार सैन्य हमले किए जा रहे हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि पूरे पश्चिम एशिया में संघर्ष और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी बीच रूस की गतिविधियों ने भी दुनिया का ध्यान खींचा है। रूस ने अपना स्पेशल कमांड प्लेन ईरान भेजा है।

रूस ने भेजा ये खतरनाक विमान

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रूस ने अपना स्पेशल कमांड प्लेन टीयू-214पीयू (Tu-214PU) ईरान की सीमा के पास भेजा है। यह विमान किसी भी बड़े संकट या युद्ध जैसी स्थिति में सरकार के शीर्ष नेतृत्व के लिए कमांड और नियंत्रण केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। टीयू-214पीयू को अक्सर अमेरिका के उन स्पेशल प्लेन जैसा माना जाता है, जिनका इस्तेमाल आपातकालीन हालात में सरकार और सेना के संचालन के लिए किया जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव के दौरान यह विमान तेहरान पहुंचा।

रिपोर्ट के मुताबिक, जून में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर के ऐलान के बाद भी अमेरिका ने ईरान से जुड़े कुछ ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई जारी रखी। वहीं, होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हुए हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ गया। बताया जा रहा है कि युद्धविराम ज्यादा समय तक नहीं टिक सका और पिछले सप्ताह इस अहम समुद्री मार्ग पर हुए हमलों के बाद हालात फिर बिगड़ गए। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि रूसी कमांड विमान की यह तैनाती रूस और ईरान के बीच मजबूत रणनीतिक संबंधों का संकेत है। उनके अनुसार, ईरान में इस विमान की मौजूदगी दिखाती है कि क्षेत्र में तनावपूर्ण हालात के बावजूद दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग जारी है।

Tu-214PU की खासियतें

टीयू-214पीयू (Tu-214PU) रूस के टुपोलेव Tu-214 यात्री विमान का विशेष सैन्य और कमांड संस्करण है। इसे अनौपचारिक तौर पर “डूम्सडे प्लेन” यानी संकट या युद्ध जैसी आपात स्थिति में इस्तेमाल होने वाला विमान भी कहा जाता है। यह विमान रूस के राष्ट्रपति और देश के शीर्ष अधिकारियों के लिए तैयार किया गया है। इसमें अत्याधुनिक संचार (कम्युनिकेशन) और कमांड सिस्टम लगाए गए हैं, जिनकी मदद से बड़े अधिकारी हवा में रहते हुए भी सरकारी और सैन्य कामकाज का संचालन कर सकते हैं।

इस विमान के नाम में “पीयू (PU)” का मतलब रूसी भाषा में उड़ता हुआ कमांड पोस्ट होता है। दिखने में यह सामान्य यात्री विमान जैसा लगता है, लेकिन इसके अंदर पूरी तरह अलग और सुरक्षित कमांड सेंटर बनाया गया है। इसमें आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और विशेष उपकरण लगाए गए हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित तरीके से कमांड और नियंत्रण किया जा सके।

आसमान में उड़ता कमांड सेंटर

इस विमान को रूस के शीर्ष नेतृत्व के लिए एक चलता-फिरता कमांड सेंटर बनाया गया है। इसमें ऐसे आधुनिक रेडियो और कम्युनिकेशन सिस्टम लगे हैं, जिनकी मदद से राष्ट्रपति और वरिष्ठ अधिकारी यात्रा के दौरान भी सरकारी और सैन्य कामकाज संभाल सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इस विमान की अधिकतम क्रूज़िंग स्पीड करीब 850 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसकी उड़ान क्षमता लगभग 6,500 किलोमीटर तक बताई जाती है, जिससे यह बिना रुके लंबी दूरी तय कर सकता है। इसी वजह से इसे दुनिया के दूसरे वीआईपी कमांड विमानों की श्रेणी में रखा जाता है। इसका एक और उन्नत सैन्य संस्करण Tu-214PU-SBUS भी है, जिसमें और बेहतर तथा सुरक्षित संचार प्रणाली लगी होने की बात कही जाती है।

पश्चिम एशिया में फिर बढ़ा तनाव

रूस के इस विशेष विमान के पहुंचने के बीच पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने सोमवार, 13 जुलाई को दावा किया कि उसने कुवैत में मौजूद अली अल-सलेम एयर बेस पर ईंधन भंडारण टैंक और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया। इसके अलावा अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर लगे एक रडार सिस्टम पर भी हमला करने का दावा किया गया। कुवैत को अमेरिका का करीबी सहयोगी देश माना जाता है।

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, आईआरजीसी ने कहा कि ये हमले अमेरिका के खिलाफ चलाए जा रहे उसके “आंख के बदले आंख” अभियान के तीसरे चरण का हिस्सा हैं। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका की पिछली सैन्य कार्रवाई के जवाब में की गई है। साथ ही उसने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर आगे भी ऐसे अभियान जारी रह सकते हैं।

Market Insight: इसी हफ्ते निफ्टी छू सकता है 24500 का लेवल, शानदार रिटर्न के लिए बेहतरीन टेक्निकल सेटअप वाले इन शेयरों पर लगाएं दांव

Market Insight: सोमवार को दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त देखने को मिल रही है। IT शेयरों में आई जबरदस्त तेजी ने बेंचमार्क इंडेक्स को शुरुआती नुकसान से उबरने में मदद की है। दोपहर 2:30 बजे के आसपास सेंसेक्स 99.38 अंक या 0.13 प्रतिशत बढ़कर 77,668.77 पर और निफ्टी 17.15 अंक या 0.07 प्रतिशत बढ़कर 24,224.05 पर पहुंच गया। मार्केट ब्रेथ भी पॉजिटिव दिख रहा है। 2,034 शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है। जबकि 1,953 शेयरों में गिरावट दिख रही है। IT शेयरों ने इस तेजी को लीड किया है। मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में भी अच्छी बढ़त नजर आ रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ,जबकि इंडिया VIX दिन के उच्चतम स्तर से नीचे आने के बावजूद ऊंचे स्तर पर बना हुआ है।

ऐसे में बाजार की आगे की संभावनाओं पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने कहा कि पिछले सोमवार को उन्होंने सतर्क रहने के साथ 24,500 के आसपास प्रॉफिट बुकिंग की राय दी थी। उसके बाद ट्रंप के बयान बाद पिछले हफ्ते शार्प करेक्शन देखने को मिला। लेकिन एक वोलेटाइल वीक होने के बावजूद निफ्टी ने 24131 के 200 DMA पर सपोर्ट लिया। निफ्टी की पिछले हफ्ते की क्लोजिंग भी रिलेटिवली अच्छी रही। अब इस वीक की बात करें तो निफ्टी जब तक 24,000 के ऊपर है मार्केट का सेंटीमेंट बाय ऑन डिप का रहेगा। लॉन्ग पोजीशंस के लिए यहां से 23,950 का स्टॉप लॉस लगा सकते हैं। अगर इंट्राडे में 24,000 के आसपास कोई भी डिप आती है तो खरीदारी करने की राय रहेगी। निफ्टी के लिए 24,500 पर एक रेजिस्टेंस है। इसको निकालना थोड़ा सा मुश्किल जरूर रहेगा। कल की एक्सपायरी में काफी डाटा भी चेंज होता हुआ दिखेगा। निफ्टी में क्लियरली बाय ऑन डिप का ट्रेंड है।

दूसरी सबसे इंटरेस्टिंग बात यह हो रही है कि बैंक निफ्टी ने लास्ट वीक थोड़ा विराम लिया। बैंक निफ्टी में तीन-चार वीक की आउटपरफॉर्मस थी और उसके बाद यह लास्ट वीक में कंसोलिडेट करता हुआ दिखा। लेकिन इस कंसोलिडेशन में पीएसयू बैंक्स का डेटा बहुत ही बेहतरीन निकल कर आया। अगर आप फ्यूचर्स का डेटा देखें तो कनरा बैंक का ओपन इंटरेस्ट तीन साल के हाईएस्ट लेवल पर है। आप अगर ओवरऑल पीएसयू बैंक्स को देखें तो बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक के रिजल्ट्स बढ़िया रहे। इन स्टॉक्स ने काफी बेहतरीन मूव दिए। काफी सारे स्टॉक्स में ओपन इंटरेस्ट बढ़ा है। यह 1 साल और 3 साल के हाई पर है।

ऐसा लगता है कि हालिया करेक्शन के बाद पीएसयू बैंक्स में फिर से तेजी आने की उम्मीद है। इसको ध्यान में रखते हुए पोजीशनल बेसिस पर यूनियन बैंक का सेटअप बहुत प्रॉमिसिंग लगता है। यूनियन बैंक में इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। इसमें 162 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा। अगले 5-10 दिनों में यह शेयर 180 रुपए तक के टारगेट्स हासिल कर सकता है। पीएसयू बैंक्स में यूनियन बैंक सबसे बेहतरीन पिक है।

इसके अलावा डेली चार्ट्स पर यूटीआई एएमसी में भी एक बहुत ही बेहतरीन राउंडिंग बॉटम देखने को मिला है। डिलीवरी बेसिस पर एक महीने के व्यू के हिसाब से यूटीआई एएमसी में 1086 रुपए के आसपास खरीदारी की जा सकती है। इसका पहला लक्ष्य 1100 रुपए का होगा। इस स्टॉक में तकरीबन 1 महीने में 20% तक की तेजी देखने को मिल सकती है।

आईटी शेयरों पर बात करते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि आईटी सेक्टर में हमें बाउंस बैक देखने को मिल रहा है। पिछले वीक भी इस सेक्टर में काफी बेहतरीन बाउंस बैक देखने को मिला था। फ्राइडे को TCS के रिजल्ट्स आ जाने के बाद आईटी शेयरों में जोश भर गया। अब Tech Mahindra का सेटअप काफी अच्छा दिख रहा। स्टॉक अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेजेज के आसपास कंसोलिडेट कर रहा है। खरीदारी के लिए इसका रिस्क रिवॉर्ड फेवरेबल है। इस स्टॉक में 1540-1550 रुपए तक के टारगेट मिल सकते हैं। Tech Mahindra में इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। लॉन्ग्स के लिए 1430 रुपए का स्टॉप लॉस रखे।

इसके अलावा पीएसयू बैंक स्पेस से ही केनरा बैंक का शेयर भी अच्छा लग रहा है। इसका ओपन इंटरेस्ट 3 साल के हाईएस्ट लेवल पर ट्रेड कर रहा है। इस शेयर में 125 रुपए के स्टॉप लॉस की साथ खरीदारी करने की सलाह हो। अगले 5-10 दिनों में इस शेयर में 140 रुपए तक के टारगेट्स मिल सकते हैं।

राहुल शर्मा को भी एम्बर एंटरप्राइजेज का सेटअप भी काफी अच्छा दिख रहा है। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में इस शेयर में काफी अच्छी खरीदारी देखने को मिली है। 8200 रुपए के टारगेट्स के लिए इस शेयर को खरीदा जा सकता है। लॉन्ग पोजीशंस के लिए 7800 रुपए का स्टॉप लॉस रखें। इस स्टॉक का टेक्निकल सेटअप काफी बेहतरीन दिख रहा है। यहां पर मोमेंटम कैच अप होता हुआ दिखेगा।

Trading Plan : बाजार में अब बड़ा ट्रेंड “Buy on dips” का, ऐसे में बने रहें और गिरावट में और सौदे जोड़ें

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।