Asian Games में इस भारतीय धावक के कमाल से 44 बाद मैराथन में मिला सिल्वर मेडल

 

सावन बरवाल ने एशियाई खेलों में शनिवार को पुरूषों की मैराथन फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर अप्रत्याशित रजत पदक जीता जो इस स्पर्धा 44 साल बाद भारत का पहला पदक है।

भारत ने पिछली बार मैराथन में पदक 1982 के एशियाई खेलों में जीता था।सेना के 28 वर्ष के खिलाड़ी बरवाल ने दो घंटे 11 मिनट 37 सेकंड में 42 .195 किलोमीटर की मैराथन पूरी की। वह स्वर्ण पदक जीतने वाले जापान के इचिताका यामाशिता से 48 सेकंड पीछे रहे जिन्होंने दो घंटे 10 मिनट 49 सेकंड का समय निकाला। चीन के पेइयू फेंग दो घंटे 12 मिनट 13 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

एशियाई खेलों में मैराथन में इससे पहले 1982 में दिल्ली में होसुर कुक्काप्पा सीतारन ने भारत को कांस्य पदक दिलाया था। बरवाल एशियाई खेलों में मैराथन में पदक जीतने वाले चौथे भारतीय भी बन गए। दिल्ली में 1951 में पहले एशियाई खेलों में छोटा सिंह ने स्वर्ण और सूरत सिंह माथुर ने कांस्य पदक जीता था।

बरवाल ने 5000 मीटर, 10000 मीटर और हाफ मैराथन दौड़ने के बाद इसी साल मैराथन में पदार्पण किया  अप्रैल में बरवाल ने रॉटरडम में एनएन मैराथन में शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना दो घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। भारत के कार्तिक करकेरा दो घंटे 22 मिनट 41 सेकंड के समय के साथ 19 धावकों में 17वें स्थान पर रहे।

रांची में जल्द शुरू होगा नाइट मार्केट, झारखंड की संस्कृति की मिलेगी झलक

रांची के लोगों के लिए अच्छी खबर है। सिटी में नाइट मार्केट बनने जा रहा है। एक तरफ इससे रांची के लोगों को शॉपिंग का नया एक्सपीरियंस मिलेगा तो दूसरी तरफ रोजगार के बड़े मौके बनेंगे। नाइट मार्केट के लिए जमीन की पहचान कर ली गई है। आइए इस नाइट मार्केट की खास बातें जानते हैं।

ग्रामीण महिलाओं को एलॉट होंगे आउटलेट

रांची में प्रस्तावित नाइट मार्केट की खास बात यह है कि इसमें ग्रामीण महिलाओं को प्राथमिकता के साथ फूड आउटलेट एलॉट किया जाएगा। इतना ही नहीं आउटलेट शुरू करने के लिए उन्हें सब्सिडी भी दी जाएगी। इस मार्केट के लिए करमटोली चौक के करीब स्थित करमटोली तालाब के पास 51 डिसमिल जमीन की पहचान कर ली गई है। इस जमीन की बाउंड्री भी हो गई है।

शॉपिंग के साथ लजीज व्यंजन का उठा सकेंगे लुत्फ

रांची के नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा, “ग्रामीण महिलाओं से आउटलेट का कोई रेंट नहीं लिया जाएगा। अपने घर खाना बनाने वाली महिलाओं को आउटलेट मिलेगा। उनके आउटलेट को प्रमोट किया जाएगा और उनको पलाश ब्रैंड से भी जोड़ा जाएगा। नाइट मार्केट को ऐसे प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने का प्लान है, जहां शहर के लोग शॉपिंग के नए एक्सपीरियंस के साथ ही लजीज व्यंजन का लुफ्त उठा सकेंगे।

नाइट मार्केट में मिलेगी झारखंड की संस्कृति की झलक 

नाइट मार्केट के जरिए न सिर्फ झारखंड के व्यंजन को पहचान मिलेगी बल्कि बल्कि लोगों को हेल्दी फूड भी उपलब्ध होगा। खासतौर पर यहां मिलेट प्रोडक्ट्स यह उपलब्ध होंगे। इनमें मड़वा, बाजरा, मकई, घोड़ा चावल, मडवा के बने लड्डू, मकई लड्डू व बिस्किट, बांस के अचार शामिल हैं। यहां पर सिटी के लोगों को झारखंड के सोहराय पेंटिंग की खूबसूरत कलाकृति भी देखने को मिलेगी। नाइट मार्केट की साज-सज्जा का खास ध्यान रखने का प्लान है।

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शहर के लोगों में नाइट मार्केट को लेकर उत्साह

गौरव ने कहा कि यह सिर्फ नाइट मार्केट नहीं होगा बल्कि यहां आप झारखंड की संस्कृति और आदिवासियों की जिंदगी के बारे में जान सकेंगे। लोग नाइट पार्क में झारखंड के खानपान, यहां के कपड़े, यहां की पेंटिंग को एक्सप्लोर कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि खासकर राज्य के बाहर के लोगों को नाइट मार्केट में पूरे झारखंड को करीब से देखने का मौका मिलेगा। सिटी के लोगों में नाइट मार्केट को लेकर काफी उत्साह है।

(रांची से शिखा श्रेया की रिपोर्ट)

Market Insight : बाजार में हालात पलटे, इंश्योरेंस सेक्टर में होगा बड़ा एक्सीडेंट, ऑटो और रियल्टी शेयरों में भी गिरावट का डर

Market Insight : बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में हालात पलट गए हैं। कल अच्छी क्लोजिंग के बावजूद हमने लॉन्ग लेकर जाने से मना किया था। नजरिया यही था कि ट्रेड लेकर जाना जुआ खेलने जैसा होगा। परसों के आउटसाइड डे के बाद कल इनसाइड डे बना था। अगर गिफ्ट निफ्टी सही है तो आज हम 23,250-23,300 पर खुलेंगे। 23,100-23,150 का जोन बाजार के लिए लक्ष्मण रेखा है। आज इंश्योरेंस सेक्टर में बड़ा एक्सीडेंट होगा। IRDAI का कंसल्टेशन पेपर उम्मीद से एकदम उल्टा आया है।

बाजार: आज के संकेत

बॉन्ड यील्ड से कोहराम मच गया है। 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.135% पर आ गई है। जुलाई 2007 के बाद 10 साल की यील्ड सबसे ज्यादा ऊंचाई पर है।इसमें 7 अप्रैल 2025 के बाद एक-दिन की सबसे बड़ी तेजी आई है। 2 साल की यील्ड 4.947% पर पहुंच गई है। मई 2024 के बाद सबसे ऊंची 2 साल की यील्ड दिखी है। 30 साल की यील्ड 5.398% पर पहुंच गई है। 30 साल की यील्ड जून 2007 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर है।

यील्ड में तेजी के कारण

US के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI के आंकड़े मजबूत रहे हैं। सर्विसेज PMI 5 साल के हाई पर पहुंच गई है। S&P Global सितंबर सर्विसेज PMI 58.7 पर है। अगस्त में सर्विसेज PMI 56.5 पर थी। मैन्युफैक्चरिंग PMI 56.7 पर, 4 साल के हाई पर है। यह कोरोना के बाद 2015 से सबसे तेज उछाल है।

अभी और बढ़ेगी ब्याज दर?

फेड गवर्नर माइकल बार की हॉकिस चेतावनी आई है। उन्होंने कहा है कि महंगाई को समय पर नीचे लाने के लिए पॉलिसी में बदलाव जरूरी है। टिकाऊ ग्रोथ और ज्यादा रोजगार के लिए प्राइस स्टेबिलिटी अहम है। CME फेडवॉच टूल के मुताबिक Oct में 0.25% बढ़ोतरी की संभावना 70% है। पहले 0.25% बढ़ोतरी की संभावना 55% ही थी।

बॉन्ड की कमजोर नीलामी

5 साल के ट्रेजरी नोट की नीलामी में डिमांड कमजोर रही है। ऑप्शन 5.033% यील्ड पर पूरा हुआ। 6 ऑप्शन का औसत यील्ड 4.186% रहा।

कच्चे तेल में फिर तेजी

ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान के UNGA में भाषण के बाद कच्चे तेल में तेजी आई। ब्रेंट $102 के ऊपर है। WTI भी $91/बैरल के पार चला गया है। UK मैरीटाइम एजेंसी का दावा है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में एक कार्गो जहाज में आग लगी है।

पॉलिटिको की रिपोर्ट है कि US डीजल एक्सपोर्ट पर रोक लगा सकता है। प्रशासन रोक के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। 90 दिनों के लिए एक्सपोर्ट पर रोक की योजना है। अमेरिका के एनर्जी सेक्रेटरी हैं क्रिस राइट ने कहा है कि पूरा बैन नहीं होगा,कुछ पाबंदियों पर विचार किया जा रहा है। एक्सपर्ट्स की चेतावनी है कि डीजल एक्सपोर्ट पर रोक का फैसला गलत होगा। इससे US में रिटेल गैसोलीन महंगा हो सकता है।

ट्रंप पर बरसे मसूद पेजेशकियान

UNGA में ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट में फ्रीडम ऑफ नेविगेशन की इजाजत नहीं। सबसे पहले प्रतिबंध और नेवल ब्लॉकेड हटना जरूरी है। अब तक हॉर्मुज से सभी ने फायदा उठाया है। लेकिन ईरान प्रतिबंध झेले,ये मंजूर नहीं है। किसी भी हाल में बल की भाषा स्वीकार नहीं है।

पेजेशकियान ने कहा कि ईरान की एटॉमिक हथियार बनाने में दिलचस्पी नहीं है। लेकिन विकास के लिए न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी जरूरी है। न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी विकसित करना ईरान का अधिकार है। किसी भी सूरत में अपना अधिकारी नहीं छोड़ेंगे। प्रोग्राम से जुड़े सवाल युद्ध के मैदान पर हल नहीं होंगे। पेजेशकियान ने आगे कहा कि स्ट्रेट से अमेरिकी नेवल ब्लॉकेड तुरंत हटे। ईरानी एसेट्स को अनफ्रीज करना जरूरी है। सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना भी जरूरी है।

आज का एक्सीडेंट: PB Fintech

IRDAI का कंसल्टेशन पेपर उम्मीद से एकदम उल्टा है। PB Fintech आज 10% नीचे खुल सकता है और हो सकता है उसके बाद और भी गिरे। बाजार की उम्मीद से कहीं ज्यादा खराब कंसल्टेशन पेपर आया है।

इस कंसल्टेशन पेपर का सबसे ज्यादा असर PB Fintech, Turtlemint, Max Fin, HDFC Life, LTF, IndusInd Bank और IDFC First Bank पर पड़ेगा। वहीं, LIC और SBI Life पर इसका सबसे कम असर होगा।

आज कहां लगाएं दांव?

PB फिनटेक आज का एक्सीडेंट होगा। बाकी इंश्योरेंस शेयरों में भी आज गिरावट संभव है। ONGC और OIL में आज वापस रिकवरी आ सकती है। इंटरग्लोब और एशियन पेंट्स पर क्रूड में रैली का असर दिख सकता है। मुथूट,मणप्पुरम में आज सोने में गिरावट और NBFCs में दबाव का असर दिख सकता है। चांदी में गिरावट से हिंदुस्तान जिंक में दबाव संभव है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती से मेटल शेयरों में गिरावट आ सकती है। बैंक और NBFCs में आज दबाव संभव है। लार्जकैप IT शेयरों में भी आज गिरावट का खतरा है। ऑटो और रियल्टी शेयरों में आज बड़ी गिरावट की आशंका है।

NSE की लिस्टिंग

NSE की लिस्टिंग शायद बहुत ज्यादा प्रीमियम पर ना हो। प्री-IPO निवेशकों का लॉक इन है लेकिन करीब 15,000 करोड़ के फ्लोट पर नहीं हैं। कुछ चुनिंदा AIFs पर लॉक इन लागू नहीं है। NSE में आज AIF की सप्लाई आएगी। 1 महीने के बाद एंकर निवेशकों की सप्लाई आएगी और 6 महीने बाद प्री-IPO निवेशकों की सप्लाई आएगी। NSE में डिमांड भी मजबूत रह सकती है। MSCI शायद फास्ट ट्रैक पर NSE को शामिल करे।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 23,300-23,350 पर और सबसे अहम सपोर्ट 23,100-23,150 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,400-23,450 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23,500-23,550 पर है। 200 पॉइंट नीचे खुलने के बाद थोड़ा रुकें। आज देखना होगा 23,100-23,150 बचता है या नहीं।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी पर पहला सपोर्ट 56,000-56,200 पर और क्रिटिकल सपोर्ट 55,500-55,800 पर है। फिलहाल रजिस्टेंस की बात करना बेमानी है।

 

Trading Plan: बाजार के दायरे में रहने की उम्मीद, SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह से जानें आज के लिए ट्रेडिंग रणनीति

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Surat Employee News: ₹10 हजार बकाए के लिए बॉस की दुकान में लगाई आग! 14 दुकानें जलकर खाक; 24 करोड़ रुपये का माल स्वाहा

Surat Employee News: गुजरात के सूरत से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, महज 10 हजार रुपये के कथित बकाए पेमेंट को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि इसका अंजाम करोड़ों रुपये के नुकसान के रूप में सामने आया। सूरत पुलिस के मुताबिक, एक पूर्व अकाउंटेंट ने अपने मालिक से नाराज होकर उसकी दुकान में कथित तौर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसकी वजह से देखते ही देखते आग ने आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में 14 दुकानें जलकर खाक हो गईं। इस दौरान करीब 24 करोड़ रुपये का कपड़ा एवं अन्य सामान नष्ट हो गया।

बताया जा रहा है कि यह घटना 9 सितंबर को सरोली इलाके के ‘श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट (Surat Shyam Sangini Textile Market)’ में हुई थी। शुरुआती तौर पर इसे आग लगने की घटना माना जा रहा था। लेकिन कई दिनों की जांच के बाद पुलिस ने इसे कथित रूप से सुनियोजित आगजनी बताया है। मामले में सूरत क्राइम ब्रांच ने 33 वर्षीय विनोद पंडित सावले (Vinod Pandit Sawale) को आगजनी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा कि 9 सितंबर को सरोली इलाके में लगी आग कोई हादसा नहीं थी। बल्कि कर्मचारी द्वारा अपने मालिक के खिलाफ जान-बूझकर लगाई गई आग थी।

अप्रैल में नौकरी शुरू की थी, कुछ समय बाद हुआ विवाद

पुलिस के अनुसार, सावले ने अप्रैल 2026 में मार्केट की छठी मंजिल स्थित एक दुकान में अकाउंटेंट के तौर पर काम शुरू किया था। उसे करीब 30 हजार रुपये सैलरी मिलती थी। बाद में उसके काम को लेकर दुकान मालिक के साथ विवाद हुआ। फिर उसने नौकरी छोड़ दी। पुलिस का कहना है कि सावले का करीब ₹10 हजार के कथित बकाया भुगतान को लेकर भी मालिक से विवाद था। इसी बकाए पेमेंट को लेकर वह नाराज था। कथित तौर पर उसने मालिक को सबक सिखाने के लिए आग लगाने की योजना बनाई।

पहली कोशिश नाकाम, दूसरी बार पेट्रोल लेकर पहुंचा

जांच में पुलिस ने दावा किया कि यह पहली बार नहीं था जब सावले ने दुकान में आग लगाने की कोशिश की। उसने कथित तौर पर पहले भी आग लगाने का प्रयास किया था। लेकिन वह सफल नहीं हुआ। इसके बाद उसने दूसरी योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक, उसने करीब 150 रुपये का पेट्रोल खरीदा और उसे प्लास्टिक की थैली तथा एक बोतल में लेकर मार्केट पहुंचा।

12:30 बजे दुकान के बाहर पेट्रोल छिड़कने का आरोप

CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने बताया कि एक सख्त चेहरे को सफेद रुमाल से ढककर और कंधे पर बैग लटकाए मार्केट में दाखिल हुआ था। पुलिस के मुताबिक, बाद में उसकी पहचान सावले के रूप में हुई। जांच के अनुसार, सावले ने देवध गांव स्थित एक पेट्रोल पंप से करीब 150 रुपये का पेट्रोल लिया। फिर 8 सितंबर की रात करीब 9 बजे वह मार्केट पहुंचा। वह 5वीं मंजिल की सीढ़ियों के पास बैठकर इंतजार करता रहा।

करीब रात 12:30 बजे जब मार्केट लगभग सुनसान हो गया, उसने कथित तौर पर दुकान के बाहर रखे कपड़े के बॉक्स और पार्सल पर पेट्रोल छिड़का। फिर उसमें आग लगा दी। इसके बाद वह मौके से भाग गया। आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते आग आसपास की दुकानों तक फैल गई। पुलिस के मुताबिक, करीब 14 दुकानें पूरी तरह जल गईं। जबकि बड़ी मात्रा में कपड़ा और अन्य सामान नष्ट हो गया। आग पर काबू पाने में दमकलकर्मियों को करीब 38 घंटे लगे।

1,500 CCTV कैमरों से खुला राज

घटना के बाद सरोली पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने मार्केट और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान 1,500 से ज्यादा CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग का विश्लेषण किया गया। ये कैमरे सूरत पुलिस के ‘विश्वास प्रोजेक्ट’ फेज-2 के तहत लगाए गए हैं। जांचकर्ताओं ने संदिग्ध के आने-जाने के रास्ते को आगे और पीछे की दिशा में ट्रैक किया। इसी CCTV ट्रेल के आधार पर पुलिस कथित तौर पर सावले तक पहुंची।

FIR की जानकारी मिलते ही बंद किया मोबाइल, परिवार के साथ भागा

पुलिस के अनुसार, आग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और FIR दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद सावले ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया। इतना ही नहीं पत्नी तथा बच्चे के साथ वह सूरत से फरार हो गया। जांच में पुलिस को पता चला कि वह पहले राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर गया और बाद में अयोध्या पहुंचा। बाद में जब वह सूरत लौटा तो क्राइम ब्रांच को उसके ठिकाने की जानकारी मिली। गणपति सुरक्षा व्यवस्था में तैनात क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे डिंडोली के फ्लावर गार्डन के पास गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे सरोली पुलिस के हवाले कर दिया गया।

पुलिस कर रही पेट्रोल खरीद और कथित साजिश की जांच

सूरत के अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर करणराज वाघेला के अनुसार, आग से करीब 25 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। वहीं, पुलिस की जांच में जले हुए कपड़े और अन्य सामान की कीमत करीब ₹24 करोड़ बताई गई है। सूरत पुलिस अब आरोपी से कथित साजिश, आग लगाने की पूरी योजना और पेट्रोल की खरीद से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ कर रही है।

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जांचकर्ता उस पेट्रोल पंप संचालक की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं, जिसने कथित तौर पर आरोपी को पेट्रोल बेचा था। पुलिस ने घटना का क्रम समझने के लिए आरोपी को श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट भी ले जाकर सीन का री-कंस्ट्रक्शन कराया। इस दौरान आरोपी हाथ जोड़े हुए नजर आया। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।

विधानसभा चुनाव से पहले गांधीनगर में संग्राम: अमित शाह के गढ़ में त्रिकोणीय मुकाबले की तैयारियां तेज

विधानसभा चुनाव से पहले गांधीनगर में संग्राम: अमित शाह के गढ़ में त्रिकोणीय मुकाबले की तैयारियां तेज

amit shah

Gandhinagar Municipal Election 2026: गुजरात विधानसभा चुनाव में अभी 14 महीने का समय बाकी है, लेकिन राज्य की राजधानी गांधीनगर में नगर निगम चुनाव की घोषणा होते ही सियासी पारा चढ़ गया है। 2021 का गांधीनगर नगर निगम चुनाव काफी हाई-वोल्टेज रहा था। आम आदमी पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सी.आर. पाटिल की मजबूत घेराबंदी के कारण आप केवल 1 सीट ही जीत सकी थी। वहीं कांग्रेस को 2 सीटों से संतोष करना पड़ा था। गांधीनगर नगर निगम में पहली बार भाजपा ने अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल कर मेयर पद पर कब्जा जमाया था। ALSO READ: सूरत में मालिक ने बकाया 10000 वेतन नहीं दिया तो कर्मचारी ने पेट्रोल से फूंक दिया 24 करोड़ का सामान

 

गुजरात राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा गांधीनगर नगर निगम की घोषणा होते ही राज्य की राजनीति में भारी हलचल शुरू हो गई है। इस चुनाव में मतदान 11 अक्टूबर को होगा और परिणाम 13 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। 2021 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की थी, जिसे देखते हुए भाजपा अपना वर्चस्व बनाए रखना चाहती है। दूसरी ओर, विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे इस चुनाव में विपक्षी दल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी भी अपना दमखम दिखाने के लिए मैदान में उतर चुके हैं। 

 

पिछले चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला और भाजपा का दबदबा

 

वर्ष 2021 का गांधीनगर नगर निगम चुनाव बेहद दिलचस्प रहा था। उस समय आम आदमी पार्टी ने पूरी ताकत लगाई थी, लेकिन सी.आर. पाटिल की रणनीति के आगे आप केवल 1 सीट जीत पाई। इसके साथ ही कांग्रेस को केवल 2 सीटों पर ही जीत मिली। भाजपा ने पहली बार अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल करते हुए मेयर पद पर कब्जा जमाया था। ALSO READ: सोमनाथ मंदिर, खानपुर कमलम और CM को उड़ाने की धमकी, गुजरात में हड़कंप

 

अमित शाह के क्षेत्र में साख की लड़ाई

 

गांधीनगर नगर निगम का बड़ा हिस्सा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में आता है, इसलिए इस चुनाव के नतीजों को बेहद अहम माना जा रहा है। भाजपा, कांग्रेस और आप के बीच त्रिकोणीय जंग होने की उम्मीद है। विपक्षी दल अगर अपनी सीटें बढ़ाने में सफल रहते हैं तो उनका मनोबल बढ़ेगा, जबकि भाजपा एक भी सीट गंवाए बिना विपक्ष पर मानसिक बढ़त हासिल करने की रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। 

 

गांधीनगर नगर निगम का इतिहास और शुरुआती चुनाव

अहमदाबाद और मेहसाणा जिलों के हिस्सों को अलग करके 1964 में गांधीनगर जिले का गठन किया गया था। इसके बाद गुजरात हाईकोर्ट के आदेश पर 16 मार्च 2010 को गांधीनगर नगर निगम का गठन हुआ। वर्ष 2011 में हुए पहले चुनाव में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2016 के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला रहा और दोनों को 16-16 सीटें मिलीं, लेकिन भाजपा ने दलबदल के सहारे अपनी सत्ता बना ली। 

 

विजयी इतिहास और आगामी चुनाव पर नजर

गांधीनगर नगर निगम के तीसरे चुनाव में भाजपा ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करते हुए कुल 44 में से 41 सीटों पर कब्जा जमाकर इतिहास रचा था। अब राज्य निर्वाचन आयोग ने चौथे चुनाव की घोषणा कर दी है। 11 अक्टूबर को होने वाले मतदान और 13 अक्टूबर को आने वाले नतीजों से तय होगा कि भाजपा अपना गढ़ बचा पाती है या विपक्षी दल कोई नया उलटफेर करने में कामयाब होते हैं।

एक जैसे फिंगरप्रिंट और रेटिना! जुड़वां बहनों का आधार कार्ड बनाने में छूटे पसीने, जानिए रामपुर DM अजय द्विवेदी ने कैसे सुलझाया ये केस

रामपुर की तुबा जुबैर और खिजरा जुबैर के लिए एक जैसी शक्ल-सूरत सिर्फ पारिवारिक समानता नहीं, बल्कि पहचान की बड़ी उलझन बन गई। दोनों बहनों की जिंदगी में एक ऐसा वक्त आया, जब खुद को अलग-अलग साबित करना भी आसान नहीं रहा। मामला इतना पेचीदा था कि एक जरूरी सरकारी दस्तावेज बन गया, जबकि दूसरी बहन के लिए वही प्रक्रिया बार-बार रुकती रही। परिवार ने इसे दूर करने के लिए कई कोशिशें कीं, लेकिन हर बार तकनीकी दिक्कत सामने आ गई। इस परेशानी का असर सिर्फ कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं था, बल्कि बच्ची से जुड़े जरूरी काम भी प्रभावित होने लगे।

आखिरकार मामला स्थानीय स्तर से निकलकर उच्च स्तर तक पहुंचा और कई हफ्तों की कोशिश के बाद रास्ता निकला। ये कहानी सिर्फ दो जुड़वां बहनों की नहीं, बल्कि उस परिवार के इंतजार, चिंता और राहत की भी है, जिसने अपनी ही बेटी की पहचान को सिस्टम के सामने साबित करने के लिए लंबी जद्दोजहद की।

एक बहन की पहचान बनी, दूसरी की फाइल अटक गई

रामपुर नगर के खारी कुआं मोहल्ले में रहने वाले जुबैर इलियास की जुड़वां बेटियां तुबा और खिजरा हैं। दोनों का पहचान पत्र बनवाने की प्रक्रिया शुरू हुई तो शुरुआत में सब सामान्य रहा। एक बच्ची का पंजीकरण हो गया। मुश्किल तब सामने आई, जब दूसरी बेटी का नामांकन कराया गया। बायोमीट्रिक प्रणाली ने उसके डेटा को पहले से दर्ज रिकॉर्ड से अत्यधिक मिलता-जुलता पाया। सिस्टम ने इसे डुप्लीकेट नामांकन की आशंका माना और आवेदन आगे बढ़ने से रोक दिया। परिवार के लिए यह महज तकनीकी दिक्कत नहीं थी। पहचान पत्र न होने से बच्ची के स्कूल प्रवेश और सरकारी योजनाओं से जुड़े जरूरी काम प्रभावित होने लगे।

जुड़वां बहनों की समानता बनी सिस्टम की चुनौती

आम तौर पर बायोमीट्रिक प्रणाली किसी व्यक्ति की अलग पहचान सुनिश्चित करने के लिए उसके शारीरिक डेटा का इस्तेमाल करती है। लेकिन तुबा और खिजरा के मामले में दोनों के बीच मौजूद जैविक समानता ने यही व्यवस्था चुनौती के सामने खड़ी कर दी।

एक तरफ सिस्टम सुरक्षा के लिहाज से किसी संभावित डुप्लीकेट रिकॉर्ड को स्वीकार नहीं कर रहा था, दूसरी तरफ परिवार के सामने यह साबित करने की चुनौती थी कि दोनों बच्चियां अलग-अलग व्यक्ति हैं। यही वह मोड़ था, जहां एक तकनीकी समस्या धीरे-धीरे पूरे परिवार की चिंता बन गई।

जनता दर्शन में पहुंची फरियाद, डीएम ने बनाया रास्ता

कई स्तरों पर प्रयास के बावजूद जब समाधान नहीं निकला तो जुबैर इलियास ने रामपुर कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन में अपनी समस्या जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के सामने रखी। मामले को सामान्य दस्तावेजी शिकायत मानने के बजाय प्रशासन ने इसे बायोमीट्रिक पहचान से जुड़ी तकनीकी समस्या के रूप में लिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर स्थानीय स्तर पर दस्तावेजों की जांच और सत्यापन कराया गया। इसके बाद जिला प्रशासन ने यूआईडीएआई अधिकारियों से संपर्क किया और पूरे मामले का विवरण, जरूरी दस्तावेज तथा सत्यापन रिपोर्ट मुख्यालय भेजी।

जब मामला पहुंचा दिल्ली के तकनीकी विशेषज्ञों तक

चूंकि समस्या बायोमीट्रिक डी-डुप्लीकेशन प्रणाली से जुड़ी थी, इसलिए इसे यूआईडीएआई मुख्यालय, नई दिल्ली भेजा गया। वहां उपलब्ध रिकॉर्ड और प्रशासन की ओर से भेजे गए सत्यापन दस्तावेजों की तकनीकी जांच की गई। सामान्य व्यवस्था में किसी नए नामांकन का बायोमीट्रिक डेटा पहले से मौजूद रिकॉर्ड से बहुत अधिक मेल खाने पर सिस्टम उसे संभावित डुप्लीकेट मानकर रोक देता है। इस मामले में भी यही हुआ था। लेकिन जिला प्रशासन के सत्यापन और विशेष अनुरोध के बाद मामले को असाधारण परिस्थिति के तौर पर लिया गया। जरूरी सुरक्षा और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद तकनीकी स्तर पर विशेष समाधान निकाला गया।

तीन महीने बाद खत्म हुआ इंतजार

तकनीकी समाधान के बाद दूसरी बच्ची का नामांकन सफल हो सका। पूरी प्रक्रिया को पूरा होने में करीब तीन महीने लगे। इस दौरान जिला प्रशासन और यूआईडीएआई अधिकारियों के बीच लगातार संपर्क बना रहा। आखिरकार वह दिन भी आया, जब तुबा और खिजरा दोनों के अलग-अलग पहचान पत्र जारी हो गए।

दो बहनें, दो पहचान और परिवार के चेहरे पर सुकून

पहचान पत्र हाथ में आने के बाद जुबैर इलियास अपनी दोनों बेटियों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनके लिए ये कार्ड सिर्फ सरकारी दस्तावेज नहीं थे, बल्कि उस लंबे इंतजार के खत्म होने का प्रमाण थे जिसमें एक छोटी-सी तकनीकी अड़चन ने परिवार को महीनों परेशान रखा। तुबा और खिजरा की कहानी यह भी बताती है कि तकनीक जहां पहचान को आसान और सुरक्षित बनाने का काम करती है, वहीं असाधारण मामलों में मानवीय हस्तक्षेप और संवेदनशील प्रशासनिक कार्रवाई भी उतनी ही जरूरी हो सकती है।

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भंगार से कला गढ़ रहे हैं सूरत के साकीरभाई, अब अपने हुनर को पहचान दिलाने की कोशिश | Creative Person

भंगार से कला गढ़ रहे हैं सूरत के साकीरभाई, अब अपने हुनर को पहचान दिलाने की कोशिश | Creative Person

बचपन पूरा मजदूरी में बीता…
आज साकीरभाई सूरत के सबसे क्रिएटिव लोगों में गिने जाते हैं।
पिछले 18 सालों से वो भंगार से मिनी व्हीकल्स और अनोखी एंटिक चीज़ें बनाकर लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।
वो लोगों के लिए ऐसी यूनिक कलाकृतियां बनाते हैं, लेकिन अब उनका सपना है कि उनके इस हुनर को एक अलग पहचान मिले।
अगर आप भी भंगार से ऐसी एंटिक चीज़ें बनवाना चाहते हैं, तो साकीरभाई से 9898256082 पर संपर्क कर सकते हैं।
@shakirbatli

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भंगार से कला गढ़ रहे हैं सूरत के साकीरभाई, अब अपने हुनर को पहचान दिलाने की कोशिश | Creative Person | Best from Waste | Miniature Art | Surat

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Honda का नया इलेक्ट्रिक स्कूटर QC3 लॉन्च, 145km रेंज के साथ मिलेगा 32-लीटर स्टोरेज

Honda QC3 Electric Scooter: Honda ने भारत में 1.35 लाख रुपये की कीमत पर QC3 इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च कर दिया है, जो उसकी बढ़ती EV रेंज में एक नया मॉडल है। QC3 में 3kWh की बैटरी और 145km की IDC रेंज के साथ-साथ सीट के नीचे 32-लीटर का स्टोरेज और 5-इंच का TFT डिस्प्ले दिया गया है। होंडा के लिए, यह नया स्कूटर ‘Activa e’ से अलग है क्योंकि इसमें स्वैपेबल सेटअप के बजाय फिक्स्ड बैटरी का इस्तेमाल किया गया है।

बता दें कि Honda QC3 को सबसे पहले पांच शहरों में पेश किया जा रहा है, इसलिए शुरुआत में इसकी उपलब्धता सीमित रहेगी। फिलहाल, QC3 की 5,000 रुपये में बुकिंग शुरू हो गई है, और कंपनी की योजना है कि इस स्कूटर की पहुंच को धीरे-धीरे बढ़ाया जाए।

Honda QC3 Electric Scooter: कीमत और उपलब्धता

Honda QC3 की कीमत 1.35 लाख रुपये (एक्स-शोरूम, नई दिल्ली) है। इसकी बुकिंग Honda की वेबसाइट और चुनिंदा RedWing डीलरशिप पर 5,000 रुपये में शुरू हो गई है। लॉन्च के समय, यह स्कूटर दिल्ली, आगरा, कटक, सूरत और कोल्लम में बेचा जाएगा। Honda ने कहा है कि इसे धीरे-धीरे और शहरों में भी उपलब्ध कराया जाएगा।

यानी QC3 को भले ही देश में लॉन्च कर दिया गया है, लेकिन इन पांच शहरों के बाहर रहने वाले ग्राहक फिलहाल Honda डीलरशिप पर जाकर इसे खरीद नहीं सकेंगे। शुरुआत में सीमित शहरों में उपलब्धता इस इलेक्ट्रिक स्कूटर की लॉन्चिंग का एक अहम हिस्सा है।

Honda QC3 Electric Scooter: 3kWh बैटरी, 145km रेंज

QC3 इलेक्ट्रिक स्कूटर में 3kWh का बैटरी पैक लगा है और इसकी IDC रेंज 145km बताई गई है। Honda का कहना है कि इसे 0 से 80% तक चार्ज होने में लगभग 2 घंटे 40 मिनट लगते हैं, जबकि पूरी तरह चार्ज होने में लगभग चार घंटे का समय लगता है।

Honda QC3 Electric Scooter: 32-लीटर स्टोरेज

QC3 की खासियतें काफी आसान और काम की हैं। इसमें सीट के नीचे 32 लीटर का स्टोरेज और स्मार्ट की (Smart Key) मिलती है। इसका इंस्ट्रूमेंट कंसोल 5-इंच का TFT यूनिट है, जिसमें Honda RoadSync कनेक्टिविटी और टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन की सुविधा है। यह स्कूटर चार कलर ऑप्शन में उपलब्ध है। इनमें Matt Photon Gray Metallic, Pearl Precious White, Pearl Shallow Blue और Pearl Siren Blue शामिल हैं।

Honda QC3 Vs TVS iQube

Honda QC3 का मुकाबला शहरों में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर से होगा। इस सेगमेंट में TVS iQube के अलावा Bajaj Chetak और Ather Rizta जैसे मॉडल भी शामिल हैं। Honda QC3 की खास बातों में 1.35 लाख रुपये की कीमत, 3kWh बैटरी, 145 किलोमीटर की IDC रेंज और 32 लीटर का स्टोरेज शामिल है।

हालांकि, इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय सिर्फ रेंज का आंकड़ा देखना काफी नहीं होता। चार्जिंग की सुविधा, रोजाना इस्तेमाल में मिलने वाली वास्तविक रेंज, स्टोरेज स्पेस, आपके शहर में उपलब्धता और ऑन-रोड कीमत जैसे कई दूसरे फैक्टर भी जरूरी होते हैं। इन्हीं चीजों के आधार पर ग्राहक Honda QC3 की तुलना TVS iQube और दूसरे इलेक्ट्रिक स्कूटरों से कर सकते हैं।

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जमुई में लड़की से बदसलूकी: राज्य महिला आयोग ने रिपोर्ट मांगी

बिहार के जमुई जिले में सड़क किनारे एक लड़के और लड़की के साथ ‘बदसलूकी’ के मामले में पुलिस ने सोमवार को कहा कि उसने कथित घटना से जुड़े वीडियो के आधार पर सात आरोपियों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

वहीं, बिहार राज्य महिला आयोग ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए कथित घटना पर जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।

जमुई के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विश्वजीत दयाल ने संवाददाताओं से कहा कि कथित घटना 19 सितंबर की शाम की है और वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे वाहन के नंबर के आधार पर पीड़ित लड़के और लड़की का पता लगा लिया गया है।

उन्होंने कहा, “कथित घटना दो दिन पुरानी है, लेकिन कल तक न तो पीड़ित लड़के और न ही लड़की ने पुलिस से कोई शिकायत की थी। आज जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब हमने दोनों पीड़ितों का पता लगाया।”

दयाल ने बताया कि जमुई थाने में दर्ज प्राथमिकी में पीड़ितों ने किसी आरोपी का नाम नहीं लिया है, लेकिन वीडियो फुटेज की मदद से करीब सात लोगों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों से पूछताछ जारी है और सोशल मीडिया से वायरल वीडियो हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

दयाल ने बताया कि पीड़ित लड़का और लड़की एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ते हैं। हालांकि, उन्होंने यह कहते हुए कोई अन्य जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया कि “कुछ सूचनाओं को व्यक्तिगत कारणों से गुप्त रखा जाना जरूरी है।”

इस बीच, कथित ‘मॉरल पुलिसिंग’ का यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक आक्रोश का कारण बना है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इस घटना को “बेहद विचलित करने वाली” बताया। उन्होंने लिखा, “यह संस्कृति नहीं, पितृसत्तात्मकता है।”

राहुल ने आरोप लगाया कि ऐसी मानसिकता को “अंधभक्तों” ने सामान्य बना दिया है। उन्होंने वीडियो के आधार पर पहचाने गए आरोपियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की।

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राहुल ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार से सवाल किया कि “सार्वजनिक सड़क पर भी एक लड़की सुरक्षित क्यों नहीं है?”

आम आदमी पार्टी (आप) ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर कथित घटना से जुड़ा वीडियो साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘बेटी बचाओ’ नारे का जिक्र किया और आरोप लगाया कि “भाजपा शासित बिहार में एक बेटी की गरिमा तार-तार की जा रही है।”

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने सोमवार को कहा कि लड़कियों और महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि आयोग ने जमुई के जिलाधिकारी से पूरे मामले की विस्तृत जानकारी मांगी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

उधर, जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि राज्य सरकार ऐसी घटनाओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी आपराधिक घटना के बाद प्रशासन त्वरित कार्रवाई करता है और प्रभावशाली व्यक्ति भी कानून से ऊपर नहीं हैं।

कुशवाहा ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर निशाना साधते हुए दावा किया कि बिहार में 2005 से पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति अलग थी, जबकि वर्तमान में दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाती है।

राजद नेता शक्ति सिंह यादव ने घटना को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए। वहीं, भाजपा प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि सरकार मामले की गंभीरता से जांच करा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बिहार सरकार में मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है और वह जमुई के पुलिस अधीक्षक से बात कर पूरे मामले की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

Pic Credit : UNI

Saudi Arabia के ‘स्काईवास्प’ अटैक के आगे बेदम हुए हूती लड़ाके, जानें कैसे सऊदी अरब के इस सस्ते और टिकाऊ उपाय ने बदली जंग की तस्वीर

अब तक सऊदी अरब के महंगे और हाईटेक हथियार हूती लड़ाकों के गोरिल्ला अटैक के आगे बौने साबित हो रहे थे। लेकिन जब से सऊदी अरब ने जंग की पुरानी रणनीति को छोड़ कर नई रणनीति अपनाई है, तब से खाड़ी देशों के बीच जारी जंग की सूरत बदलती नजर आ रही है। हाल ही में यमन की राजधानी सना पर सऊदी अरब ने जो हमला किया, उससे हूती विद्रोहियों के पांव उखड़ गए और भागने के लिए उनके पास जमीन कम पड़ गई।

इस हमले में सऊदी अरब की मिसाइलें नहीं गरजीं, बल्कि ‘स्काईवास्प’ अटैक किया गया। इस हमले ने अटैक ने रातों-रात मध्य पूर्व के युद्ध के समीकरण को बदल कर रख दिया है। हूती विद्रोहियों के हथियार अब काम नहीं आ रहे हैं। सऊदी अरब का यह हथियार त्रिकोणीय आकार के खौफनाक ड्रोन्स हैं, जो हूतियों के ठिकानों पर तबाही मचा रहे हैं। हूती लड़ाकों की एंटी-एयरक्राफ्ट गन से ड्रोन को मार गिराने की कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं। इस हमले के बाद पूरे साना शहर में हड़कंप मच गया और हूती विद्रोहियों के कई अहम ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचने का दावा किया जा रहा है।

सऊदी अरब ने जंग में उतारे कामिकेज ड्रोन स्काईवास्प

खाड़ी देशों के बीच जारी जंग में सऊदी अरब ने बेहद विनाशकारी कामिकेज यानी ‘सुसाइड’ ड्रोन उतार दिए हैं। इनका नाम ‘स्काईवास्प’ है, जो एक तरह के कीड़े के लिए अंग्रेज में इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द वॉस्प से लिया गया है। हिंदी में इसे ततैया कहते हैं। ये सऊदी अरब का पहला स्वदेशी लंबी दूरी का सुसाइड ड्रोन है। सुसाइड ड्रोन उन हथियारों को कहा जाता है, जो मिसाइल की तरह सीधे अपने टारगेट से टकराकर खुद को भी खत्म कर लेते हैं।

ईरान के ‘शाहिद-136’ ड्रोन पर आधारित स्काईवास्प

स्काईवास्प का डिजाइन काफी हद तक ईरान के मशहूर ‘शाहिद-136’ ड्रोन से मिलता-जुलता है। शाहिद-136 का इस्तेमाल रूस-यूक्रेन युद्ध में बड़े पैमाने पर हुआ है। इसे हूती विद्रोही भी अक्सर सऊदी अरब और लाल सागर में जहाजों पर हमले के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं। अब सऊदी अरब ने इसी से प्रेरित खुद का कामिकेज ड्रोन तैयार कर लिया है, जो दुश्मन के घर में घुसकर सटीक हमला करने में माहिर है।

सस्ता और टिकाऊ हथियार बना स्काईवास्प

एक ‘स्काईवास्प’ ड्रोन की कीमत महज करीब 35,000 डॉलर यानी लगभग 29 से 30 लाख रुपए आती है। जहां एक मिसाइल की कीमत लाखों डॉलर होती है। इस ड्रोन की मारक क्षमता करीब 1,500 किलोमीटर है। यानी सऊदी अरब अपनी सीमा से यमन के हूतियों के ठिकानों पर सटीक निशाना लगा सकता है। ये ड्रोन जीपीएस और नेविगेशन सिस्टम से पूरी तरह लैस होता है, जिससे ये दुश्मन की लोकेशन पर सटीक वार करता है और एयर डिफेंस सिस्टम को आसानी से चकमा दे सकता है।

सऊदी और अमेरिका मिलकर बनाया

स्काईवास्प सऊदी अरब का पहला स्वदेशी प्रोजेक्ट है। इसे ‘SR2Vector’ नाम की कंपनी ने बनाया है, जो सऊदी अरब और अमेरिका का एक ज्वाइंट वेंचर है।

Dhaka bomb blast: सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद छावनी बनी बांग्लादेश की राजधानी ढाका, ढाका पुलिस ने 500 से ज्यादा को किया गिरफ्तार