Meta CEO Mark Zuckerberg ने भारत से मांगी माफी, 5-6 घंटे तक Facebook से हटाया गया था PM Modi का वीडियो

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Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने भारत में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर Child Sexual Abuse Material (CSEAM) और Deepfake Content की उपलब्धता को लेकर माफी मांगी है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सूत्रों के मुताबिक, Zuckerberg ने Meta के वरिष्ठ वैश्विक अधिकारियों की मंत्रालय के साथ हुई बैठक के दौरान इस मामले पर खेद जताया।  Meta, Facebook, Instagram और WhatsApp की पैरेंट कंपनी है।

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हटाया था PM Modi का वीडियो

Zuckerberg की यह माफी ऐसे समय में सामने आई है जब इससे पहले बुधवार को एक संसदीय समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के Facebook वीडियो को हटाए जाने के मामले में Meta प्रमुख को तीन दिन के भीतर माफी मांगने को कहा था। प्रधानमंत्री मोदी का छात्रों और Gen Z को संबोधित करने वाला वीडियो कुछ समय के लिए Facebook से हटाए जाने पर समिति ने गंभीर नाराजगी जताई थी।

समिति ने चेतावनी दी थी कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो Meta को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा यानी Safe Harbour protection वापस लेने की दिशा में कदम उठाया जा सकता है। ऐसी स्थिति में संबंधित मामलों में अभियोजन और FIR दर्ज होने का रास्ता खुल सकता है।

लोकसभा सचिवालय की ओर से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव को भेजे गए पत्र में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छात्रों और Gen Z को संबोधित करने वाला वीडियो Facebook से करीब 5-6 घंटे तक हटाया जाना समिति ने गंभीरता से लिया था। यह वीडियो परीक्षा से जुड़े विवादों और पेपर लीक के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री के संदेश से संबंधित था। समिति ने इस घटना को लेकर Meta से स्पष्टीकरण और जवाबदेही की मांग की थी।

मेटा की टीम को सरकार ने बुलाया था 

सरकार पीएम मोदी का वीडियो फेसबुक से हटाने से भी नाराज थी। मोदी ने 23 जुलाई को यह वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने पेपर लीक को बड़ी समस्या बताया था। उन्होंने ऐसे मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की भी बात कही थी। आईटी मंत्रालय और मेटा के अधिकारियों के बीच 2 दिन की बैठक चल रही है। सरकार ने मेटा की ग्लोबल टीम को दिल्ली बुलाया है। 5 अगस्त को बैठक का पहला दिन था।

मार्क जुकरबर्ग को दिया गया था 3 दिन का समय 

समिति की ओर से कहा गया था कि मेटा  प्रमुख मार्क जुकरबर्ग को मामले में माफी मांगनी चाहिए। अगर निर्धारित समय में माफी नहीं आती है, तो समिति भारत में उपलब्ध कानूनी संरक्षण को वापस लेने की दिशा में कदम उठाने पर विचार कर सकती है। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि Safe Harbour protection इंटरनेट प्लेटफॉर्म को यूजर्स द्वारा पोस्ट की गई सामग्री के लिए कुछ कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है, बशर्ते वे लागू नियमों और कानूनी दायित्वों का पालन करें।

क्यों महत्वपूर्ण हुआ मामला

प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया पोस्ट को हटाए जाने की घटना ने भारत में Big Tech platforms, content moderation और social media accountability को लेकर बहस को तेज कर दिया था।  Meta की ओर से पहले इस वीडियो को गलती से हटाए जाने की बात सामने आई थी और वीडियो बाद में बहाल कर दिया गया था।

 

Zuckerberg ने अधिकारियों के जरिए भेजी माफी

 

MeitY के सूत्रों के अनुसार, Mark Zuckerberg ने प्लेटफॉर्म के संचालन में हुई गलतियों को लेकर शीर्ष अधिकारियों के माध्यम से अपनी माफी पहुंचाई। सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान Meta ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ खास तरह के कंटेंट को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए बड़ी रकम का भुगतान किया गया था। सूत्र के मुताबिक, Meta ने गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी और इस पर अफसोस जताया। हालांकि, मंत्रालय की ओर से इस संबंध में अभी सार्वजनिक रूप से विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।

CSEAM और महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट पर भी सख्ती

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने उन intermediary platforms के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जहां CSEAM और महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक सामग्री उपलब्ध होने का आरोप है। सूत्रों के मुताबिक, समिति की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि जो प्लेटफॉर्म खुद तय करते हैं कि किस यूजर को कौन-सा कंटेंट दिखाया जाएगा, उन्हें केवल intermediary की सामान्य परिभाषा के तहत सुरक्षा नहीं दी जा सकती। समिति ने कथित तौर पर कहा कि ऐसे मामलों में IT Act के तहत Safe Harbour protection लागू नहीं होगा।

Google India को लेकर भी समिति ने मांगी कार्रवाई

संसदीय समिति ने Google India से जुड़े एक कथित साइबर फ्रॉड मामले का भी उल्लेख किया है। समिति के अनुसार, शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि फर्जी ऐप्स के माध्यम से निवेश करने पर उन्हें 48 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। पत्र में कहा गया कि Hyderabad Cyber Police की कार्रवाई में Google India के प्रमुख को कथित साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मामले में सह-आरोपी के तौर पर शामिल किए जाने की बात सामने आई है। समिति ने इस मामले में भी भारत सरकार से Google India के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई करने की इच्छा जताई है।

‘ऐसी लड़की से ही करूंगा शादी…’ युवक की शर्तें वायरल, लोगों ने जमकर लगाई क्लास

सोशल मीडिया पर आए दिन ऐसी पोस्ट वायरल होती रहती हैं, जो लोगों का ध्यान खींचने के साथ बहस का मुद्दा भी बन जाती हैं। हाल ही में एक्स (X) पर एक यूजर की पोस्ट ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी। यूजर ने अपनी होने वाली पत्नी को लेकर कई शर्तों की एक लंबी लिस्ट साझा की, जिसमें उसकी पसंद, जीवनशैली और व्यवहार से जुड़ी बातें शामिल थीं। पोस्ट सामने आते ही लोगों ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं।

कुछ ने इसे निजी पसंद बताया, तो कई यूजर्स ने इन शर्तों को अवास्तविक और विवादित करार दिया। देखते ही देखते यह पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई और रिश्तों में अपेक्षाओं, आजादी और सोच को लेकर नई बहस शुरू हो गई।

पत्नी के लिए रखीं कई अजीबोगरीब शर्तें

@Only_OneRR नाम के यूजर ने दावा किया कि वह सिर्फ उसी लड़की से शादी करेगा, जो उसकी सभी शर्तों को पूरा करती हो। उसकी लिस्ट में कई ऐसी बातें थीं, जिन्हें देखकर सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाने शुरू कर दिए। उसने लिखा कि उसकी होने वाली पत्नी कुंवारी हो, बिना मेकअप के खूबसूरत दिखे, लंबाई 5 फीट 2 इंच और वजन ठीक 45 किलो हो। इसके अलावा वह हर तरह का खाना बनाना जानती हो, नारीवाद का समर्थन न करती हो, सोशल मीडिया इस्तेमाल न करती हो और उसके कोई पुरुष मित्र न हों।

24 घंटे लाइव लोकेशन शेयर करने की शर्त पर मचा बवाल

यूजर की सबसे ज्यादा आलोचना उस शर्त को लेकर हुई, जिसमें उसने कहा कि पत्नी हर जगह जाने से पहले अनुमति ले और 24 घंटे अपनी लाइव लोकेशन शेयर करे। उसने यह भी लिखा कि पत्नी का कोई अतीत न हो और वह उसके माता-पिता की देखभाल अपने माता-पिता की तरह करे।

सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर सुनाई खरी-खोटी

पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने इसे अव्यावहारिक और नियंत्रण करने वाली सोच बताया। लोगों का कहना था कि रिश्ते बराबरी, भरोसे और सम्मान पर टिकते हैं, न कि इतनी पाबंदियों पर। एक यूजर ने लिखा कि ऐसी सोच में साथी नहीं बल्कि किसी को नियंत्रित करने की इच्छा दिखाई देती है। वहीं दूसरे यूजर ने मजाक करते हुए कहा कि ऐसी लड़की शायद धरती पर नहीं, किसी और ग्रह पर मिलेगी।

कुछ यूजर्स ने भी रखा अपना पक्ष

हालांकि कुछ लोगों ने यह भी कहा कि हर व्यक्ति को अपनी पसंद और प्राथमिकताएं रखने का अधिकार है। लेकिन ज्यादातर प्रतिक्रियाओं में यूजर की शर्तों को लेकर आलोचना ही देखने को मिली।

‘पत्नी चाहिए या रोबोट?’ इंटरनेट पर छिड़ी चर्चा

कई लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि इतनी शर्तों के साथ जीवनसाथी ढूंढना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है। कुछ यूजर्स ने इसे रिश्ते की बजाय एकतरफा नियमों की सूची बताया। इस वायरल पोस्ट ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर रिश्तों में अपेक्षाओं, स्वतंत्रता और आपसी सम्मान को लेकर बहस तेज कर दी है।

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सैलरी नहीं, ये 5 आदतें खाली कर रही हैं आपकी जेब! बेंगलुरु के क्रिएटर ने बताया बचत का तरीका

बेंगलुरु के कंटेंट क्रिएटर अक्षय सीएन ने लोगों का ध्यान बचत से जुड़ी एक अहम समस्या की ओर दिलाया है। उनका कहना है कि कम सैलरी नहीं, बल्कि रोजाना होने वाले छोटे-छोटे खर्च कई बार आर्थिक स्थिति को प्रभावित करते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर बताया कि फूड डिलीवरी, कैब राइड, गैरजरूरी शॉपिंग, बेकार सब्सक्रिप्शन और बिना प्लानिंग के वीकेंड खर्च जैसी आदतें धीरे-धीरे बड़ी रकम में बदल जाती हैं।

अक्षय के मुताबिक, ज्यादा कमाई करने वाले लोग भी अगर खर्चों पर नजर नहीं रखते तो बचत नहीं कर पाते। वहीं सीमित आय वाले लोग सही प्लानिंग के जरिए पैसे बचा सकते हैं। उनकी पोस्ट ने सोशल मीडिया पर लोगों के बीच खर्च करने की आदतों और बेहतर वित्तीय प्रबंधन को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।

वायरल वीडियो में बताए पैसे खत्म करने वाले कारण

Instagram पेज @bangalore_viral चलाने वाले अक्षय सीएन ने एक वीडियो शेयर कर ऐसी 5 आदतों के बारे में बताया, जो धीरे-धीरे हर महीने की बचत को कम कर देती हैं। इनमें बार-बार ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना, कैब पर ज्यादा खर्च, बेवजह खरीदारी, बिना इस्तेमाल वाले सब्सक्रिप्शन और बिना बजट के वीकेंड प्लान शामिल हैं।

‘समस्या सैलरी नहीं, अनदेखे खर्च हैं’

अक्षय ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा कि कई लोग सोचते हैं कि सैलरी बढ़ने के बाद बचत शुरू करेंगे। लेकिन उनके मुताबिक, असली फर्क कमाई से ज्यादा पैसों को लेकर जागरूकता का होता है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग 40 हजार रुपये कमाकर भी बचत कर लेते हैं, जबकि लाखों की आय वाले लोग भी महीने के अंत में परेशान रहते हैं।

छोटे खर्च कैसे बन जाते हैं बड़ा बोझ

अक्षय ने उदाहरण देते हुए बताया कि एक बार का ₹300 का कैब राइड ज्यादा बड़ा खर्च नहीं लगता, लेकिन महीने में 20 बार लेने पर यही रकम काफी बढ़ जाती है। इसी तरह रोजाना फूड डिलीवरी, सेल के नाम पर खरीदारी और छोटे-छोटे डिजिटल पेमेंट लंबे समय में जेब पर भारी असर डाल सकते हैं।

सब्सक्रिप्शन और वीकेंड खर्च पर भी दी चेतावनी

उन्होंने कहा कि कई लोग ऐसे ऐप्स और सेवाओं के लिए पैसे देते रहते हैं, जिनका इस्तेमाल तक नहीं करते। वहीं हर वीकेंड बाहर जाने की आदत भी बिना प्लानिंग के बजट बिगाड़ सकती है। उनके अनुसार, समस्या बाहर जाने में नहीं बल्कि बिना हिसाब के खर्च करने में है।

30 दिन वाला सवाल बदल सकता है खर्च की आदत

अक्षय ने पैसे बचाने का एक आसान तरीका भी साझा किया। उन्होंने बताया कि कोई भी चीज खरीदने से पहले वह खुद से पूछते हैं,”क्या मैं 30 दिन बाद भी इस खरीदारी से खुश रहूंगा?” उनके मुताबिक, इस एक सवाल ने उन्हें बेहतर वित्तीय फैसले लेने में मदद की है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने दी प्रतिक्रिया

अक्षय की पोस्ट पर कई यूजर्स ने सहमति जताई। कुछ लोगों ने कहा कि रोजमर्रा के खर्चों की वजह से महीने के अंत तक पैसे बचाना मुश्किल हो जाता है। वहीं कई यूजर्स ने माना कि बचत के लिए ज्यादा कमाई से ज्यादा खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है।

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Ather EL platform scooter teased ahead of August 29 launch

Ather EL platform scooter on the production line

Ather Energy CEO Tarun Mehta has shared an image of the upcoming EL platform-based electric scooter on the assembly line, giving us a glimpse of what to expect ahead of its official launch at Ather Community Day on August 29, 2026.

  1. Appears to have a metal body
  2. Expected to be priced between Rs 1 lakh and Rs 1.25 lakh
  3. Production version closely matches the EL01 concept and design patent filed last year

Ather EL platform scooter: What we know so far

Upcoming scooter confirmed for August 29 launch at Ather Community Day

From the assembly line image shared by Tarun Mehta, the production scooter retains the design language of the EL01 concept, featuring a handlebar-mounted headlight and a wide LED DRL on the front apron. Its overall silhouette also closely matches the design patent Ather filed last year. Notably, the scooter appears to feature a metal body, marking a departure from the polymer body panels used on Ather’s existing lineup.

The wheel setup is also visible in the image, with a 14-inch front wheel paired with what appears to be a 12-inch rear wheel. At Community Day 2025, Ather said the EL platform was developed using over 26 lakh kilometres of field data and is modular enough to underpin scooters across different sizes and use cases. The company also confirmed that the platform will support battery capacities ranging from 2kWh to 5kWh, along with a silent gear-drive motor, an onboard charger and extended service intervals.

The upcoming scooter is expected to be priced between Rs 1 lakh and Rs 1.25 lakh, marking Ather’s entry into the mainstream electric scooter segment. It is also expected to undercut the brand’s existing lineup, including the Rizta, which starts at Rs 1.21 lakh, and the 450 range, prices for which begin at Rs 1.28 lakh.

Writing on social media, Mehta said the August 29 event would feature “a bunch” of launches, suggesting additional products or services could be unveiled alongside the new scooter. Ather Community Day 2026 will be held on August 29, and we’ll bring you all the updates as they happen.

दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा, प्रदर्शनकारी को गोली लगने का दावा गलत, मेडिकल रिपोर्ट में नहीं मिले सबूत

नई दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी को गोली लगने के दावे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे थे। अब दिल्ली पुलिस ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि मेडिकल जांच में गोली लगने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में बताया कि घायल प्रदर्शनकारी की MLC (Medico-Legal Case) रिपोर्ट में दाहिने कान के आगे (Right Tragus) हिस्से में चोट दर्ज की गई है। डॉक्टरों के अनुसार यह चोट ब्लंट इंजरी (किसी ठोस वस्तु से लगी चोट) है और यह सामान्य श्रेणी की चोट है।

 

पुलिस ने कहा कि MLC में चोट की प्रकृति ब्लंट बताई गई है। डॉक्टर की राय के अनुसार यह साधारण चोट है और गोली लगने का कोई सबूत नहीं मिला है। दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।

 

दिल्ली पुलिस ने X से मांगी आपत्तिजनक पोस्ट हटाने की मांग

 

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व वाले प्रदर्शन के दौरान संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने वाली कथित आपत्तिजनक, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक सामग्री को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को पत्र लिखा था।

 

पुलिस ने X से ऐसी पोस्ट और वीडियो तुरंत हटाने की मांग की है। साथ ही संबंधित यूजर्स की पूरी जानकारी मांगी गई है, जिसमें:

 

यूजर का नाम

पता

संपर्क विवरण

ईमेल आईडी

लॉगिन और लॉगआउट रिकॉर्ड (समय और तारीख सहित)

 

शामिल हैं।

 

दिल्ली पुलिस ने प्लेटफॉर्म से संबंधित कंटेंट का डेटा सुरक्षित रखने को भी कहा है ताकि आगे की जांच में इसका इस्तेमाल किया जा सके। पुलिस ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की धारा 63(4) के तहत प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की भी मांग की है।

 

पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट हटाने के निर्देश

दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणियों वाली पोस्ट और वीडियो हटाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को निर्देश दिए हैं। पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन और 20 जुलाई के 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा वाले पोस्ट सामने आए थे।

 

दिल्ली पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम लगातार ऐसे कंटेंट की निगरानी कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि आपत्तिजनक सामग्री मिलने पर संबंधित सोशल मीडिया कंपनियों को नोटिस जारी कर उसे हटाने के निर्देश दिए जाते हैं। पुलिस के मुताबिक, नोटिस के बाद प्रधानमंत्री के खिलाफ कई आपत्तिजनक टिप्पणियों और वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाया जा चुका है।

जंतर-मंतर वाले वायरल अभिनव बिष्ट के इस वीडियो पर छिड़ी बहस, लोग पूछने लगे ये सवाल

Jantar Mantar Boy Abhinav Bisht: NEET पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी CJP के प्रदर्शन ने कई नए चेहरों को रातों-रात इंटरनेट स्टार बना दिया। इन्हीं में से एक नाम है अभिनव बिष्ट, जो वहां से पल-पल की लाइव अपडेट दे रहे थे। वहीं अब रातों-रात इंटरनेट सनसनी बने अभिनव बिष्ट को लेकर सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है।

वायरल हुआ था ये वीडियो 

अभिनव ने टिकटॉक स्टाइल में वीडियोज बनाए, जो युवाओं को बेहद पसंद आए। RAF के जवानों के पीछे खड़े होकर दोस्तों के साथ बनाई गई उनकी एक रील ने तो सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। इस वीडियो को 16 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया, जिस पर 65 लाख लाइक्स और 1.34 लाख से अधिक कमेंट्स आए। इन वीडियो की वजह से उन्हें लाखों व्यूज़ मिले और उनके फॉलोअर्स की संख्या भी तेजी से बढ़ गई।

8 लाख हुए फॉलोअर्स 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर कई यूजर्स का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान अभिनव बिष्ट के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स करीब 5,000 से बढ़कर 8 लाख से ज्यादा हो गए। उनकी कई छोटी वीडियो (रील्स) युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो गईं। इसी बीच उनका एक और वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें वह अपना कंटेंट वायरल होने के बाद नया मोबाइल फोन खरीदते नजर आए। इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कई लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में आंदोलन से ज्यादा फायदा कुछ कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स को मिला।

अब सोशल मीडिया पर छिड़ी ये बहस

यह मामला तब और चर्चा में आ गया, जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर यूज़र सुनैना होली ने आरोप लगाया कि कई कंटेंट क्रिएटर्स प्रदर्शन में मुद्दे का समर्थन करने के बजाय सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि ज्यादातर लोगों ने CJP प्रदर्शन में लाइक्स, व्यूज़, शेयर और फॉलोअर्स बढ़ाने के मकसद से हिस्सा लिया। उनका दावा था कि इससे छात्रों की लड़ाई से ज्यादा कुछ लोगों का निजी फायदा हुआ। सुनैना होली ने खास तौर पर अभिनव बिष्ट का नाम लेते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स 8 लाख से ज्यादा हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी रील्स को लाखों व्यूज मिले और इससे उन्हें आर्थिक फायदा भी हुआ। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अभिनव बिष्ट का पढ़ाई या शिक्षा के मुद्दों से कोई सीधा संबंध नहीं है और वह मुख्य रूप से सोशल मीडिया कंटेंट बनाने का काम करते हैं।

 

अर्शदीप सिंह ने इंस्टा पर फोटो डाल माना समरीन कौर को अपनी गर्लफ्रेंड

भारत के सबसे सफल टी-20 अंतरराष्ट्रीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने मॉडल और अभिनेत्री समरीन कौर के साथ इंस्टाग्राम पर फोटो डालकर सबको बताना चाहा है कि समरीन कौर उनकी गर्लफ्रेंड है।

अर्शदीप सिंह कई समय से समरीन कौर के साथ सार्वजनिक स्थानों पर नजर आ चुके थे लेकिन संबंध पर अपने पत्ते नहीं खोल रहे थे। लेकिन आज उन्होंने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पर समरीन कौर संग फोटो डाल अपने पनपते रिश्ते की जानकारी दे दी।

समरीन कौर 26 वर्षीय मॉडल और अभिनेत्री हैं। वह जम्मू और कश्मीर की है और पूर्व मिस इंडिया रह चुकी हैं। इसके अलावा वह कई फिल्मों वेबसीरीज और पंजाबी और हिंदी  वीडियोज में भी आ चुकी है। वह भारत के पहले विश्वकप जीत पर बनी फिल्म 83 का भी हिस्सा थी। शिक्षा की बात करें तो वह पुणे के सिंबायोसिस से बीए हॉनर्स कर चुकी है।

2 बार के टी-20 विश्वकप विजेता टीम का हिस्सा रहे अर्शदीप सिंह अब एकदिवसीय टीम का हिस्सा हैं। भारत के लिए वह टी-20 क्रिकेट में सर्वाधिक 135 विकेट निकाल चुके हैं। साल 2022 से अपने एकदिवसीय करियर की शुरुआत करने वाले अर्शदीप को अब तक सिर्फ 18 मैच खेलने को मिले हैं।

हालंकि टीम प्रबंधन ने यह साफ कर दिया है कि जसप्रीत बुमराह की मौजूदगी में वह दूसरे गेंदबाज होंगे और उनकी गैरमौजूदगी में प्रमुख गेंदबाज होंगे। वह विश्वकप 2027 के लिए टीम की योजना में है। जहां तक टेस्ट क्रिकेट की बात है तो वह अभी तक दुर्भाग्य से टीम के बाहर बैठे हैं। पिछले साल इंग्लैंड दौरे पर वह अंतिम ग्यारह में जगह नहीं बना सके थे।


E20 Janta Party campaign demands choice of ethanol-free petrol

fuel dispensers

Not long after the success of the Cockroach Janta Party’s (CJP) protests, a new social media-led campaign calling itself the E20 Janta Party has cropped up. It demands that Indian vehicle owners be given the option to purchase ethanol-free petrol alongside E20 fuel, as well as the resignation of Union Road Transport and Highways Minister Nitin Gadkari, who is a major proponent of the government’s ethanol blending policy.

For context, the E20 rollout started in April 2025, and it was mandated as the baseline petrol blend exactly one year later – all in an effort to reduce dependence on crude oil imports. This is despite the fact that E20 compliance was mandated in April 2023 as part of the BS6 Phase 2 emission norms, which means a hefty chunk of vehicles plying on Indian roads are not E20-compliant.

E20 Janta Party wants more transparency and options for fuel

No demands for E20 to be discontinued

Inspired by the CJP’s satirical, meme-driven approach, E20 Janta Party declared itself as a consumer rights movement that is not seeking the withdrawal of E20 petrol, but instead greater transparency and freedom of choice at fuel stations. Although ethanol-free fuel has been available in the form of 100-octane premium petrol (XP100, Speed100, and Power100), it’s sold only at select fuel stations and costs significantly more than standard E20, limiting its feasibility for most motorists.

“Our demand is very clear. E20 Janta Party is a people-powered movement demanding transparency, accountability, and the right of every Indian to know how the E20 policy affects their vehicles, wallets, and consumer rights,” the group said in a social media post. The campaign even referenced CJP’s initial call to mobilisation with a post stating, “What if all bike/car owners come together?”

The E20 Janta Party says it is not opposed to ethanol blending, nor is it asking for subsidies or free fuel. Instead, it wants fuel stations to offer consumers the choice between unblended petrol and ethanol-blended fuel. E20 Janta Party is also demanding transparent fuel labelling, publication of government data on the costs and benefits of different fuel blends, and independent scientific studies into mileage, engine performance, emissions, and maintenance costs, with the findings made publicly available.

Support pouring in for E20 Janta Party

At the time of writing, E20 Janta Party’s Twitter and Instagram accounts have attracted over 31,000 followers cumulatively, and the campaign has even begun attracting support beyond social media. Political commentator Tehseen Poonawalla announced a “Gaadi March” on July 31 against the E20 policy, while the Delhi Taxi and Tourist Transporters and Tour Operators Association planned a march to Parliament on August 4. The taxi association has raised concerns over fuel efficiency, maintenance costs and engine performance, particularly in older vehicles.

Govt continues to stand strong on ethanol blending policy

In recent months, motorists have expressed heightened acrimony surrounding the impact of E20 petrol on fuel efficiency and vehicle durability, whereas the government remains steadfast in its defence of the policy, saying E20 is a safe and cleaner fuel backed by scientific evaluation. A few weeks ago, prominent manufacturers like Maruti Suzuki, Toyota, and Hero Motocorp also backed E20 at a government briefing, notably claiming that they have found no significant concerns regarding accelerated wear and tear in older, non-compliant vehicles.

Petroleum Minister previously ruled out offering pure petrol or E10 alongside E20

Replying to a question in Parliament last week, Minister of State for Petroleum Suresh Gopi said the government had not received any “widespread or substantiated” complaints linking E20 petrol to vehicle performance issues. Petroleum Minister Hardeep Singh Puri earlier shot down the prospect of offering unblended and E10 petrol alongside E20, citing tremendous logistical issues like separate storage, transportation, and dispensing infrastructures.

Ethanol content in petrol could increase; diesel likely to be blended with isobutanol

The government is even looking to increase the baseline ethanol blend in petrol, with the Automotive Research Association of India (ARAI) tasked to examine the effects of E25 on existing E10- and E20-compliant vehicles. Plans are also underway to blend ethanol-derived isobutanol into diesel in the near future, even though the government has not laid out any isobutanol compliance framework for any diesel-powered passenger vehicle in India.

बैंक में 100 करोड़ रुपये, सिलिकॉन वैली में करोड़ों की कंपनी… फिर भी गांव में क्यों रह रहा है ये करोड़पति

सफलता को अक्सर पैसा, बड़ा बिजनेस और शानदार जीवनशैली से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन कई बार जिंदगी में ऐसे मोड़ आते हैं, जहां आर्थिक मजबूती भी परेशानियों को कम नहीं कर पाती। एक उद्यमी द्वारा साझा की गई कहानी ने इसी सोच को सामने रखा है। इसमें एक ऐसे व्यक्ति का जिक्र है, जिसने अपनी मेहनत से विदेश में बड़ी कामयाबी हासिल की, करोड़ों की संपत्ति बनाई और खुद को सफल साबित किया। हालांकि, निजी जिंदगी की चुनौतियों ने उसकी राह बदल दी।

परिवार से जुड़े विवाद, मानसिक तनाव और बदलते हालातों के बीच उसने अपनी जिंदगी को एक नई दिशा देने का फैसला किया। यह कहानी सिर्फ सफलता और असफलता की नहीं, बल्कि मानसिक शांति, रिश्तों और जीवन में संतुलन की अहमियत को भी उजागर करती है।

सिलिकॉन वैली में बनाई अपनी पहचान

विनीथ के अनुसार, उनके कॉलेज साथी ने अपनी मेहनत के दम पर अमेरिका में एक सफल कंपनी बनाई और खुद को डॉलर मिलियनेयर बनाया। करियर में सफलता, आर्थिक मजबूती और एक शानदार भविष्य उसके साथ था। लेकिन कुछ समय बाद जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी।

परिवारिक विवादों ने बदली पूरी जिंदगी

विनीथ ने बताया कि उनके साथी को पत्नी, ससुराल पक्ष और परिवार से जुड़े विवादों का सामना करना पड़ा। इसके बाद कानूनी मामलों और मानसिक तनाव ने उनकी जिंदगी को काफी प्रभावित किया। उन्होंने दावा किया कि इन परिस्थितियों के बीच वह डिप्रेशन से भी गुजरे और अपने बच्चे से दूरी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। आखिरकार उन्होंने अमेरिका छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया।

₹100 करोड़ से ज्यादा संपत्ति, लेकिन जिंदगी गांव में

विनीथ के मुताबिक, आज उनके पूर्व साथी के पास बैंक में ₹100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है, लेकिन वह अब शहरों की चमक-दमक से दूर एक छोटे गांव में रहते हैं। वह अपना समय आध्यात्मिक गतिविधियों में बिताते हैं और मानसिक शांति, उपचार और जीवन के अनुभवों से जुड़े वीडियो साझा करते हैं।

पैसे से ज्यादा जरूरी है मन की शांति

विनीथ ने इस कहानी के जरिए मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसे कई मामले देखे हैं जहां आर्थिक सफलता के बावजूद लोग मानसिक परेशानियों से जूझते हैं। उनका संदेश था कि जिस तरह लोग अपनी संपत्ति की सुरक्षा करते हैं, उसी तरह अपने मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए।

सोशल मीडिया पर लोगों ने साझा किए अपने अनुभव

विनीथ की पोस्ट पर कई यूजर्स ने प्रतिक्रिया दी और माना कि जिंदगी में मानसिक शांति और अच्छे रिश्तों की अहमियत को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। एक यूजर ने लिखा कि अच्छी नींद और मन की शांति को लोग कम आंकते हैं। वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि कई बार हालात इंसान के नियंत्रण में नहीं होते और मुश्किल समय का सामना करना ही एकमात्र रास्ता रह जाता है।

दौलत बड़ी है, लेकिन सुकून उससे भी ज्यादा जरूरी

इस कहानी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि असली सफलता सिर्फ पैसा कमाने में है या फिर एक संतुलित और शांत जीवन जीने में। करोड़ों की संपत्ति होने के बावजूद अगर मन अशांत हो, तो जिंदगी की खुशियां अधूरी रह सकती हैं।

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Video: शौचालय के पास नंगे पैर आटा गूंथती महिला का वीडियो वायरल, फूड हाइजीन को लेकर सोशल मीडिया पर मचा हंगामा

सोशल मीडिया पर आए दिन ऐसे वीडियो सामने आते हैं, जो कुछ ही घंटों में लाखों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं। हाल ही में वायरल हुई एक क्लिप ने भी इंटरनेट पर तीखी बहस छेड़ दी है। वीडियो में दिखाई दे रहे दृश्य देखकर कई लोग हैरान रह गए, जबकि कुछ ने इसे खाद्य स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। यही वजह है कि यह वीडियो तेजी से अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया जा रहा है।

हालांकि, वीडियो में किए जा रहे दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसने लोगों को यह सोचने पर जरूर मजबूर कर दिया कि भोजन तैयार करते समय साफ-सफाई के मानकों का पालन कितना जरूरी है। इंटरनेट पर यूजर्स इस पर लगातार अपनी राय दे रहे हैं और जिम्मेदार खाद्य प्रबंधन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

आटे को पैरों से गूंथती दिखी महिला

वायरल क्लिप में महिला एक बड़े बर्तन में रखे आटे को नंगे पैरों से गूंथती दिखाई देती है। वीडियो में दिख रहा कमरा गंदा नजर आता है और दावा किया जा रहा है कि यह जगह शौचालय के बिल्कुल पास है। यही दृश्य सोशल मीडिया यूजर्स के लिए सबसे ज्यादा चिंता का कारण बना।

चूहों की मौजूदगी ने बढ़ाई लोगों की चिंता

वीडियो का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा वह है, जहां आटा रखे बर्तन के आसपास कई चूहे घूमते दिखाई देते हैं। कुछ चूहे बर्तन के किनारे बैठे नजर आते हैं, जबकि एक अन्य चूहा पास में रखी खाने की चीज को खाता हुआ दिखाई देता है। इन सबके बावजूद महिला अपना काम जारी रखती है।

वीडियो वायरल होते ही फूटा लोगों का गुस्सा

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने जमकर प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने इसे फूड हाइजीन के साथ गंभीर लापरवाही बताया, जबकि कुछ ने कहा कि ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

कमेंट्स में बरसी प्रतिक्रियाएं

एक यूजर ने लिखा कि खाने की जगहों की साफ-सफाई पर अब पहले से ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। वहीं दूसरे ने चूहों की मौजूदगी पर हैरानी जताते हुए इसे बेहद अस्वच्छ बताया। कई अन्य लोगों ने भी वीडियो को देखकर चिंता व्यक्त की और इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।

वीडियो की सच्चाई की नहीं हुई आधिकारिक पुष्टि

हालांकि, यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, लेकिन इसकी जगह, समय और परिस्थितियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी इसने लोगों के बीच फूड हाइजीन, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।

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