Stocks to Watch: BSE, HDFC Life और Hyundai समेत 21 स्टॉक्स; Sensex की वीकली एक्सपायरी पर फोकस में

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों से मजबूत रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 144.00 प्वाइंट्स यानी 0.60% की बढ़त के साथ 24,234.00 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 19 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 325.78 प्वाइंट्स यानी 0.42% की गिरावट के साथ 76,909.68 और निफ्टी 76.60 प्वाइंट्स यानी 0.32% की फिसलन के साथ 24,078.30 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

XtraNet Technologies Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एक्स्ट्रानेट टेक्नोलॉजीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 77.9% बढ़कर ₹6.04 करोड़ और रेवेन्यू 10.5% उछलकर ₹50.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Lohia Corp Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर लोहिया कॉर्प का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 4 गुना बढ़कर ₹16.9 करोड़ से ₹66.3 करोड़ और रेवेन्यू 59.5% उछलकर ₹503 करोड़ पर पहुंच गया।

EMS

ईएमस ने राजस्थान सरकार के पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट से कोटा में वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और उससे जुड़े दूसरे कामों के लिए सबसे कम बोली लगाई है। यह ऑर्डर ₹190.86 करोड़ का है।

Ramco Systems

एंटरप्राइज एविएशन सॉफ्टवेयर मुहैया कराने वाली रामको सिस्टम्स की सब्सिडरी रामको सिस्टम्स कॉर्पोरेशन ने ऐलान किया है कि इंजन एमआरओ सर्विसेज और एक्सेसरी रिपेयर मुहैया कराने वाली पेम-एयर (Pem-Air) ने अपने इंजन एमआरओ ऑपरेशंस के लिए तकनीकी आधार के रूप में रामको एविएशन सॉफ्टवेयर को चुना है।

Dr Lal PathLabs

डॉ लाल पैथलैब्स की दुबई की पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडरी डॉ लाल पैथलैब्स एफजेडसीओ ने 19 अगस्त को उज्बेकिस्तान के ताशकंद में डॉ लाल पैथलैब्स इंडोमेड नाम से एक कंपनी बनाई है और इसकी 70% शेयर कैपिटल लेने पर सहमति जताई है।

Autoline Industries

ऑटोलाइन इंडस्ट्रीज को टाटा मोटर्स पैसेंजर वेईकल्स से हैचबैक गाड़ियों के लिए चार जरूरी पार्ट्स की सप्लाई का नया बिजनेस मिला है। इस बिज़नेस से कंपनी को सालाना लगभग ₹80 करोड़ का अतिरिक्त रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है, जबकि इससे जुड़े टूलिंग से लगभग ₹30 करोड़ का एक बार का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।

HDFC Life Insurance Company

बीमा नियामक इरडा ने एचडीएफसी लाइफ की एमडी और सीईओ के तौर पर विभा पाडलकर की दोबारा नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। उनका अगला कार्यकाल 5 साल के लिए 12 सितंबर, 2026 से शुरू होगा। साथ ही 26 अप्रैल 2026 से पांच साल के लिए इरडा ने नीरज शाह की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर के तौर पर दोबारा नियुक्ति को भी मंजूरी दी है।

Hyundai Motor India

हुंडई मोटर इंडिया ने सितंबर 2026 से अपनी सभी गाड़ियों की कीमतों में 1% तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है।

Kolte-Patil Developers

कोल्टे-पाटिल डेवलपर्स ने 24 अगस्त से ऋषिकेश परांडेकर को सीईओ बनाने का ऐलान किया है।

Aditya Infotech

आदित्य इन्फोटेक के बोर्ड ने पब्लिक इश्यू, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) या किसी अन्य तरीके से सिक्योरिटीज जारी करके ₹1,500 करोड़ तक का फंड जुटाने को मंजूरी दे दी है।

United Spirits

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने यूनाइटेड स्पिरिट्स की बारामती यूनिट में बनने वाले एक प्रोडक्ट की बिक्री से जुड़े 29 जून 2026 के अपने आदेश को वापस ले लिया है।

BSE

बीएसई ने अपने कई इंडेक्स के लिए MSCI के साथ एक एग्रीमेंट किया है। एक्सचेंज रेगुलेटरी मंजूरी मिलने पर इन इंडेक्स से जुड़े F&O कॉन्ट्रैक्ट्स को भारत में लॉन्च करने पर विचार करेगा।

Dhenu Buildcon Infra

सेबी ने धेनु बिल्डकॉन इंफ्रा के छह प्रेफरेंशियल अलॉटीज यानी शेयर पाने वालों को कंपनी के शेयर बेचने से रोक दिया है। यह कार्रवाई ₹1,000 करोड़ के कथित लोन से जुड़े फंड की राउंड-ट्रिपिंग के शुरुआती सबूत मिलने के बाद की गई है।

Aster DM Quality Care

TPG के निवेश वाली सेंटेला मॉरीशस होल्डिंग्स ने एस्टर डीएम क्वालिटी केयर में 6.66% हिस्सेदारी वाले 5.81 करोड़ इक्विटी शेयर ₹4,451.45 करोड़ में प्रति शेयर ₹766.17 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक कंपनी में सेंटेला की हिस्सेदारी 9.9% थी, जो हिस्सेदारी बेचने के बाद घटकर 3.24% रह गई है। वहीं चार घरेलू और ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स-HDFC म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड, इंटीग्रेटेड कोर स्ट्रैटेजीज़ एशिया और सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स सिंगापुर ने कुल मिलाकर ₹2,287.6 करोड़ में कंपनी के 2.98 करोड़ शेयर खरीदे।

Shiprocket

गोल्डमैन सैक्स फंड्स-गोल्डमैन सैक्स इंडिया इक्विटी पोर्टफोलियो ने लिस्टिंग के दिन शिपरॉकेट में 0.55% हिस्सेदारी वाले 40.24 लाख शेयर ₹52.7 करोड़ में प्रति शेयर ₹131 के भाव पर खरीदे।

Behari Lal Engineering

360 वन म्यूचुअल फंड ने लिस्टिंग के दिन बेहारी लाल इंजीनियरिंग में 1.19% हिस्सेदारी वाले अतिरिक्त 5.05 लाख शेयर ₹23.74 करोड़ में प्रति शेयर ₹470.13 के भाव और संजय पोपटलाल जैन ने ₹14.35 करोड़ में 3 लाख शेयर ₹478.55 के भाव पर खरीदे। लेटेस्ट शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार 360 वन एसेट मैनेजमेंट के पास 360 वन इक्विटी अपॉर्चुनिटी फंड-सीरीज 2 के जरिए पहले से ही कंपनी में 1.08% हिस्सेदारी थी।

Updater Services

एसआईएस लिमिटेड ने प्रति शेयर ₹216.37 के भाव पर ₹113.5 करोड़ में अपडेटर सर्विसेज के अतिरिक्त 5.25 लाख शेयर (0.78% हिस्सेदारी) खरीदे। जून 2026 तक एसआईएस के पास कंपनी में 4.88% हिस्सेदारी थी।

Welspun Investments and Commercials

लॉयड्स एंटरप्राइजेज ने प्रति शेयर ₹1,797.12 के भाव पर वेलस्पन इंवेस्टमेंट्स एंड कमर्शियल्स के अतिरिक्त 29,960 शेयर म(0.81% हिस्सेदारी) ₹5.38 करोड़ में खरीदे। इससे पिछले सेशन में लॉयड्स ने कंपनी के 97,622 शेयर (2.67% हिस्सेदारी) खरीदे थे।

Waterways Leisure Tourism

बेल्ग्रेव इन्वेस्टमेंट फंड ने कॉर्डेलिया क्रूज की ऑपरेटर कंपनी वॉटरवेज लेजर टूरिज्म के 6.98 लाख शेयर (0.96% हिस्सेदारी) ₹57.65 करोड़ में प्रति शेयर ₹825.11 के भाव पर बेच दिए।

Tipco Engineering India

360 वन प्राइम ने टिप्को इंजीनियरिंग इंडिया के 1.56 लाख शेयर (0.75% हिस्सेदारी) ₹3.01 करोड़ में प्रति शेयर ₹192.28 के भाव पर खरीदे। वहीं इंटी कैपिटल वीसीसी-इंटी कैपिटल I ने कंपनी के 1.45 लाख शेयर (0.7% हिस्सेदारी) ₹2.79 करोड़ में प्रति शेयर ₹192 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक इसकी कंपनी में 1.63% हिस्सेदारी थी।

Credent Connect N Care

आईपीओ को 153 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद क्रीडेंट कनेक्ट एन केयर के शेयरों की आज एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

इन स्टॉक्स पर भी फोकस

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज, एसपीईएल सेमीकंडक्टर, स्टैंडर्ड सरफैक्टेंट्स

एक्स-डिविडेंड: मजझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, बीआर गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर, कोस्टल कॉर्पोरेशन, डाई-इची करकारिया (Dai-Ichi Karkaria), गोलकुंडा डायमंड्स एंड ज्वैलरी, कामा होल्डिंग्स, क्वांटम पेपर्स, ला ओपाला आरजी, मार्कसन्स फार्मा, मुंजाल ऑटो इंडस्ट्रीज, नैटको फार्मा, एनआईआईटी, एनआईआईटी लर्निंग सिस्टम्स, ओसीसीएल, शिवा टेक्सयार्न, सुखजीत स्टार्च एंड केमिकल्स

राइट्स की एक्स-डेट: वायसराय होटल्स

बोनस की एक्स-डेट: कहान पैकेजिंग, ऑर्गेनिक रीसाइक्लिंग सिस्टम्स

F&O Ban: बंधन बैंक, एलआईसी, मणप्पुरम फाइनेंस, SAIL

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Asian Market Today: एशिया बाजार में रौनक, बॉन्ड यील्ड में नरमी से निक्केई 1% और कोस्पी 5% चढ़ा

Asian Market Today: 20 अगस्त को एशियाई शेयर बाजार में तेज़ी देखी गई। अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबे समय वाले कर्ज़ को वापस खरीदने की योजना की घोषणा के बाद बॉन्ड मार्केट का दबाव कम हुआ, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स 0.8% ऊपर चढ़ा, जिसमें दक्षिण कोरियाई बाज़ार सबसे आगे रहे। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान कोस्पी (Kospi) में 3.86% की उछाल आई, जबकि जापान के निक्केई 225 में 0.95% और टोपिक्स (Topix) में 0.80% की बढ़त हुई। वहीं, हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.9% की बढ़ोतरी के संकेत मिले।

वॉल स्ट्रीट

बुधवार रात वॉल स्ट्रीट पर मज़बूत सेशन के बाद S&P 500 फ्यूचर्स में ज़्यादा बदलाव नहीं हुआ। इस तेज़ी को ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से समर्थन मिला था। S&P 500 फ्यूचर्स में लगभग 0.1% की मामूली बढ़त हुई, जबकि नैस्डैक-100 फ्यूचर्स में 0.3% की बढ़ोतरी हुई। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स भी 19 अंक या 0.04% ऊपर चढ़ा।

इससे पहले दिन में, S&P 500 ने लगातार तीन सेशन की गिरावट का सिलसिला खत्म किया, क्योंकि लंबे समय वाले अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड कई सालों के उच्चतम स्तर से नीचे आ गए। बॉन्ड मार्केट में हालिया बिकवाली के बाद दबाव कम करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बाद यील्ड में यह गिरावट आई।

कच्चे तेल की कीमतें

गुरुवार को शुरुआती एशियाई कारोबार में तेल की कीमतें ज़्यादातर स्थिर रहीं। निवेशक अमेरिका-ईरान युद्ध की संभावित दिशा और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से शिपिंग की सुरक्षा को लेकर चिंताओं पर विचार कर रहे थे।

अक्टूबर डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 25 सेंट या 0.3% बढ़कर $91.87 प्रति बैरल हो गया। वहीं, सितंबर के लिए अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 2 सेंट गिरकर $85.81 प्रति बैरल पर आ गया। ज़्यादा सक्रिय रूप से ट्रेड होने वाला अक्टूबर WTI कॉन्ट्रैक्ट 14 सेंट या 0.2% बढ़कर $84.53 प्रति बैरल हो गया। बुधवार को ब्रेंट और WTI, दोनों में लगातार चौथे सेशन में बढ़त देखी गई और ये 24 जुलाई के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर पर बंद हुए। सितंबर WTI कॉन्ट्रैक्ट गुरुवार को बाद में एक्सपायर होने वाला है।

US-ईरान युद्ध

ट्रंप ने कहा कि इन कदमों का मतलब “अभूतपूर्व स्तर पर आर्थिक युद्ध और अलग-थलग करना” होगा। उन्होंने इसे “ECONOMIC D-DAY” बताया और सभी US सहयोगियों से वॉशिंगटन का समर्थन करने को कहा।

उन्होंने चेतावनी दी कि जो देश वित्तीय संस्थानों, कंपनियों, एयरपोर्ट या सरकारी निकायों को ईरान की मदद करने की इजाज़त देंगे, उन्हें गंभीर आर्थिक नतीजों का सामना करना पड़ेगा, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ये सज़ाएं क्या होंगी। ट्रंप ने ईरान का समर्थन करने वाली गतिविधियों, जैसे तस्करी, कैश ट्रांसफर, एक्सचेंज हाउस के ऑपरेशन और शिप रजिस्ट्री के इस्तेमाल को खत्म करने की भी मांग की।

आज सोने का भाव

गुरुवार को सोने की कीमतें दो महीने से ज़्यादा के उच्चतम स्तर के करीब बनी रहीं। US ट्रेज़री की ओर से लिक्विडिटी सपोर्ट की अचानक घोषणा के बाद बॉन्ड यील्ड और डॉलर में गिरावट आई।

0031 GMT पर स्पॉट गोल्ड की कीमत $4,512.19 प्रति औंस पर लगभग स्थिर रही, जबकि सेशन की शुरुआत में यह $4,525.79 तक पहुंच गई थी, जो 2 जून के बाद इसका उच्चतम स्तर था। बुधवार को इस कीमती धातु की कीमत में 4% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई थी। आम तौर पर जियोपॉलिटिकल और आर्थिक अनिश्चितता के समय सोने को फायदा होता है क्योंकि निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश करते हैं, जबकि ऊंची ब्याज दरों से इसकी मांग पर असर पड़ सकता है क्योंकि सोने से कोई ब्याज आय नहीं होती है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: हुंडई से ऑयल इंडिया तक, 20 अगस्त को इन 10 शेयरों पर रहेगी बाजार की नजर

Stocks to Watch: गुरुवार, 20 अगस्त के कारोबार में कई कंपनियों से जुड़ी बड़ी खबरें आई हैं। कहीं कीमतें बढ़ाने का ऐलान हुआ है, कहीं डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट तय हुई है। कुछ कंपनियों ने फंड जुटाने, नए CEO की नियुक्ति और बड़े ऑर्डर जैसी घोषणाएं भी की हैं। ऐसे में 20 अगस्त के कारोबार में इन शेयरों पर निवेशकों की करीबी नजर रह सकती है।

Hyundai Motor India

ऑटो कंपनी Hyundai Motor India सितंबर 2026 से अपनी गाड़ियों की कीमतें 1% तक बढ़ाएगी। कंपनी ने इसकी वजह महंगा कच्चा माल, बढ़ता ऑपरेटिंग खर्च और वैश्विक अनिश्चितता बताई है।

Hexaware Technologies

आईटी सर्विसेज कंपनी Hexaware Technologies ने कहा कि उसके सिस्टम या ग्राहकों के डेटा में सेंध लगने का कोई भरोसेमंद सबूत नहीं मिला है। यह बयान उन रिपोर्ट्स के बाद आया, जिनमें एक हैकर ग्रुप ने कुछ कर्मचारियों की जानकारी लीक होने का दावा किया था।

HEG

ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड बनाने वाली HEG को NCLT की मंजूरी मिल गई है। डिमर्जर के बाद HEG Graphite अलग लिस्टेड कंपनी बनेगी। HEG के शेयरधारकों को हर 1 शेयर पर 1 HEG Graphite शेयर मिलेगा।

Aditya Infotech

सिक्योरिटी और सर्विलांस प्रोडक्ट्स बनाने वाली Aditya Infotech ने 1,500 करोड़ रुपये तक जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। कंपनी यह रकम पब्लिक इश्यू, QIP या दूसरे मंजूर तरीकों से जुटा सकती है। इसके लिए शेयरधारकों और रेगुलेटरी मंजूरी की जरूरत होगी।

HDFC Life Insurance

प्राइवेट लाइफ इंश्योरेंस कंपनी HDFC Life को IRDAI से बड़ी मंजूरी मिली है। रेगुलेटर ने विभा पडलकर को अगले पांच साल के लिए फिर से MD और CEO नियुक्त करने की अनुमति दे दी है। उनका नया कार्यकाल 12 सितंबर 2026 से शुरू होगा।

Oil India

महानवरत्न सरकारी कंपनी Oil India ने 4 सितंबर 2026 को फाइनल डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट तय की है। यह डिविडेंड FY26 के लिए है। शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद 30 दिनों के भीतर इसका भुगतान किया जाएगा।

Kolte-Patil Developers

रियल एस्टेट कंपनी Kolte-Patil Developers ने ऋषिकेश परांडेकर को नया CEO नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 24 अगस्त 2026 से प्रभावी होगी। कंपनी को उम्मीद है कि इससे बिजनेस की अगली ग्रोथ रणनीति को गति मिलेगी।

Fedbank Financial Services

NBFC कंपनी Fedbank Financial Services 25 अगस्त की बोर्ड बैठक में 2,500 करोड़ रुपये तक जुटाने पर विचार करेगी। यह रकम NCD समेत दूसरे डेट इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए जुटाई जा सकती है।

Dr Lal PathLabs

डायग्नोस्टिक कंपनी Dr Lal PathLabs ने उज्बेकिस्तान में अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। उसकी दुबई स्थित सब्सिडियरी ने ताशकंद में नई कंपनी बनाई है। नई इकाई में उसकी 70% हिस्सेदारी होगी।

EMS

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी EMS राजस्थान के कोटा में 190.86 करोड़ रुपये के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रोजेक्ट की L1 बिडर बनी है। यह प्रोजेक्ट राज्य के पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग की ओर से दिया गया है।

Ramco Systems

एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर कंपनी Ramco Systems की अमेरिकी इकाई को नया अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर मिला है। Pem-Air अपने इंजन MRO ऑपरेशंस के लिए कंपनी का AI आधारित एविएशन सॉफ्टवेयर अपनाएगी। इससे उसके इंजन मेंटेनेंस का डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन होगा।

IPO Returns: इस साल 5 छोटे IPO ने किया बड़ा धमाका, 149% तक चढ़े स्टॉक्स

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPO Returns: इस साल 5 छोटे IPO ने किया बड़ा धमाका, 149% तक चढ़े स्टॉक्स

IPO Returns: 2026 में कई छोटे IPO ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। खास बात यह है कि इनमें से हर कंपनी का इश्यू साइज 1,000 करोड़ रुपये से कम था। Prime Database के 18 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक, ये पांच IPO लिस्टिंग के बाद 50% से 149% तक चढ़ चुके हैं।

Omnitech Engineering

राजकोट की Omnitech Engineering इस लिस्ट में सबसे आगे है। कंपनी एनर्जी, इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट और ऑटोमेशन सेक्टर के लिए हाई-प्रिसिजन इंजीनियर्ड कंपोनेंट बनाती है। कंपनी ने 583 करोड़ रुपये का IPO लाया था। मार्च 2026 में इसकी लिस्टिंग हुई और तब से शेयर करीब 149% चढ़ चुका है।

GSP Crop Science

अहमदाबाद की GSP Crop Science फसल सुरक्षा से जुड़े प्रोडक्ट बनाती है। इसमें कीटनाशक, फफूंदनाशक, खरपतवारनाशक और बायोपेस्टिसाइड शामिल हैं। कंपनी ने 400 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके शेयर अब तक करीब 85% का रिटर्न दे चुके हैं।

OnEMI Technology

मुंबई की OnEMI Technology Solutions डिजिटल लेंडिंग और फाइनेंसिंग प्लेटफॉर्म चलाती है। इसका IPO 926 करोड़ रुपये का था। लिस्टिंग के बाद शेयर करीब 78% ऊपर है।

Gaudium IVF

दिल्ली की Gaudium IVF and Women Health महिलाओं की प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं देती है। कंपनी IVF, ICSI और IUI जैसी फर्टिलिटी ट्रीटमेंट्स में काम करती है। कंपनी ने 165 करोड़ रुपये का IPO लाया था। अब तक इसका शेयर करीब 53% चढ़ चुका है।

Laser Power & Infra

कोलकाता की Laser Power & Infra पावर केबल, कंडक्टर और बिजली ट्रांसमिशन से जुड़े दूसरे प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी पावर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर भी काम करती है। इसने 742 करोड़ रुपये जुटाए थे। लिस्टिंग के बाद शेयर करीब 52% का रिटर्न दे चुका है।

एक ही दिन में 137% उछला फार्मा स्टॉक, कंपनी को कैंसर थेरेपी के ट्रायल में मिली बड़ी कामयाबी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

VIDEO: मछली पकड़ने गया था और चेहरे पर इतनी बुरी तरह चिपक गया ऑक्टोपस! छूटने के लिए बांस से करनी पड़ी पिटाई

फिलीपींस में मछली पकड़ने के दौरान एक मछुआरे के साथ एक खतरनाक हादसा हो गआ। समुद्र में मछली पकड़ते समय अचानक एक ऑक्टोपस मछुआरे के चेहरे से चिपक गया। मछुआरे ने उसे हटाने की कोशिश की, लेकिन ऑक्टोपस ने अपने कई टेंटेकल्स उसके सिर और चेहरे के आसपास लपेट लिए। कुछ देर तक मछुआरा उसे छुड़ाने की कोशिश करता रहा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। वहीं लोग इसे देखकर हैरान रह गए। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

काफी मशक्कत के बाद जेसर सर्वेंटेस ने ऑक्टोपस को अपने चेहरे से अलग कर लिया और उसे वापस समुद्र में छोड़ दिया। इस दौरान हुए संघर्ष के बाद वह कुछ देर तक गहरी सांस लेते हुए दिखाई दिया।

क्या है पूरा मामला

मछली पकड़ते समय जेसर सर्वेंटेस के साथ अचानक हैरान करने वाली घटना हुई। वह एक छोटी लकड़ी की नाव में सवार होकर मछली पकड़ रहे थे, तभी उनके हाथ एक ऑक्टोपस लग गया। ऑक्टोपस को नाव में लाने की कोशिश करते ही उसने पलटकर मछुआरे के चेहरे को पकड़ लिया। इसके बाद ऑक्टोपस ने जेसर सर्वेंटेस के सिर को अपने कई टेंटेकल्स से जकड़ लिया और उसके चूसने वाले उसके चेहरे पर चिपक गए। कुछ ही देर में उसके मुंह का हिस्सा भी ढक गया, जिससे सांस लेने और खुद को छुड़ाने में उसे परेशानी होने लगी।

 

सर्वेंटेस ने ऑक्टोपस को हटाने के लिए पूरी ताकत लगाई, लेकिन उसकी पकड़ आसानी से नहीं छूटी। आखिरकार उसने पास पड़ा बांस का एक टुकड़ा उठाया और उससे ऑक्टोपस को हटाने की कोशिश की। काफी कोशिश के बाद उसने खुद को ऑक्टोपस की पकड़ से छुड़ाया।

लोगों ने उठाए सवाल

इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने हैरानी के साथ-साथ कई तरह के कमेंट किए। कुछ लोगों ने मछुआरे से ज्यादा उस शख्स पर सवाल उठाए, जो पूरी घटना का वीडियो बना रहा था। एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि, “वीडियो रिकॉर्ड करने वाला अपने दोस्त की मदद करने के बजाय फुटेज बनाने में लगा रहा।” वहीं, दूसरे यूजर ने कहा कि, “जंगली जानवरों को उनके हाल पर छोड़ देना चाहिए। कुछ लोगों ने घटना को बेहद डरावना बताया और कहा कि ऐसी स्थिति में वे खुद घबरा जाते। एक अन्य व्यक्ति ने यह भी सवाल उठाया कि, “जब मछुआरा ऑक्टोपस से जूझ रहा था, तब कैमरा पकड़े शख्स ने उसकी मदद क्यों नहीं की।”

वीडियो देखने के बाद एक व्यक्ति ने कहा कि अगर वह ऐसी स्थिति में होता तो डर के मारे अपना सिर ही काट लेता। एक यूजर ने लिखा कि, “जो दोस्त ऐसी हालत में मदद करने के बजाय वीडियो बनाए, उसे दोस्त नहीं कहना चाहिए। वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने मजाक करते हुए कहा कि शायद इसी वजह से महिलाएं पुरुषों से ज्यादा लंबी उम्र जीती हैं।”

ऑक्टोपस के बारे में

ऑक्टोपस की बाहों पर छोटे-छोटे सकर्स होते हैं, जिनकी मदद से वह चीजों और सतहों को मजबूती से पकड़ सकता है। ये सकर्स काफी संवेदनशील होते हैं और ऑक्टोपस को आसपास की चीजों का पता लगाने में भी मदद करते हैं। उसका शरीर लचीला होता है, इसलिए वह अपनी बाहों को अलग-अलग दिशाओं में आसानी से घुमा सकता है। उसका नर्वस सिस्टम भी टेंटेकल्स को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है। फिलीपींस के समुद्री इलाकों और कोरल रीफ में ऑक्टोपस की कई प्रजातियां मिलती हैं, जिनमें कोकोनट ऑक्टोपस, मिमिक ऑक्टोपस और जहरीला ब्लू-रिंग्ड ऑक्टोपस शामिल हैं।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

एक ही दिन में 137% उछला फार्मा स्टॉक, कंपनी को कैंसर थेरेपी के ट्रायल में मिली बड़ी कामयाबी

Moderna Share Price: अमेरिकी बायोफार्मा और वैक्सीन कंपनी Moderna के शेयरों में बुधवार को जोरदार उछाल आया। यह स्टॉक अमेरिकी बाजार के खुलते ही शुरुआती कारोबार में 120% से ज्यादा उछल गया। शाम 7.38 बजे तक यह 137% के उछाल के साथ 149.63 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। एक दिन पहले यह 62.96 डॉलर पर बंद हुआ था।

इस तेजी की वजह Moderna और Merck की कैंसर थेरेपी से जुड़ी बड़ी खबर रही। दोनों कंपनियों ने मेलानोमा यानी स्किन कैंसर के इलाज के लिए बनाई गई अपनी नई mRNA थेरेपी के फेज-3 ट्रायल में अच्छे नतीजे मिलने का ऐलान किया।

क्या है यह नई थेरेपी?

इस थेरेपी का नाम Intismeran Autogene (V940 या mRNA-4157) है। इसे Moderna और Merck मिलकर बना रहे हैं।

यह कोई सामान्य कैंसर की दवा नहीं है। इसे हर मरीज के लिए अलग-अलग तैयार किया जाता है। डॉक्टर पहले मरीज के ट्यूमर में मौजूद खास जेनेटिक बदलावों की पहचान करते हैं। फिर उसी के हिसाब से यह mRNA थेरेपी बनाई जाती है।

आसान भाषा में कहें तो यह शरीर की इम्यून सिस्टम को सिखाती है कि कैंसर कोशिकाओं को कैसे पहचानना है और उन पर हमला कैसे करना है।

ट्रायल में क्या मिला?

फेज-3 INTerpath-001 ट्रायल में इस थेरेपी को Merck की मशहूर कैंसर दवा KEYTRUDA के साथ दिया गया।

इस ट्रायल में दो बड़ी बातें सामने आईं। पहली, इलाज के बाद कैंसर दोबारा लौटने का खतरा कम हुआ। दूसरी, कैंसर के शरीर के दूसरे हिस्सों में फैलने का जोखिम भी घटा। कंपनियों का कहना है कि सिर्फ KEYTRUDA देने के मुकाबले दोनों दवाओं का कॉम्बिनेशन ज्यादा असरदार साबित हुआ।

फेज-3 ट्रायल क्यों अहम होता है?

किसी नई दवा के बाजार में आने से पहले उसे कई चरणों में टेस्ट किया जाता है। फेज-3 सबसे अहम चरण माना जाता है, क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में मरीज शामिल होते हैं। अगर इस चरण में अच्छे नतीजे मिलते हैं, तो कंपनी रेगुलेटर्स से मंजूरी मांग सकती है।

Moderna और Merck अब यही तैयारी कर रही हैं। दोनों कंपनियां इन नतीजों को एक अंतरराष्ट्रीय मेडिकल कॉन्फ्रेंस में पेश करेंगी। इसके बाद मंजूरी के लिए आवेदन दाखिल करेंगी।

एक्सपर्ट्स ने क्यों कहा इसे बड़ा कदम?

स्टडी की प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉर्जिना लॉन्ग ने इसे मेलानोमा के इलाज में बड़ी उपलब्धि बताया। उनके मुताबिक पहली बार किसी mRNA आधारित पर्सनलाइज्ड कैंसर थेरेपी ने फेज-3 ट्रायल में इतने मजबूत नतीजे दिए हैं। इससे मरीजों में कैंसर दोबारा लौटने या मौत का खतरा कम करने के अहम संकेत मिले हैं।

क्या यह इलाज हर कैंसर पर कारगर होगा?

अभी इसका जवाब है नहीं, लेकिन संभावनाओं के दरवाजे खुले हैं। Moderna और Merck की Intismeran Autogene (V940) थेरेपी फिलहाल सिर्फ मेलानोमा यानी स्किन कैंसर के मरीजों में फेज-3 ट्रायल में सफल हुई है।

अच्छी बात यह है कि यह हर मरीज के ट्यूमर के जेनेटिक बदलावों के हिसाब से तैयार होने वाली पर्सनलाइज्ड mRNA थेरेपी है। इसी वजह से इसे फेफड़े, ब्लैडर, किडनी और दूसरे कैंसर में भी टेस्ट किया जा रहा है। लेकिन वहां अभी रिसर्च चल रही है और किसी दूसरे कैंसर के लिए इसे मंजूरी नहीं मिली है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Mutual Funds: सोने ने दिया 9% रिटर्न, फिर भी निवेशकों ने इन फंड्स में लगाए ₹1.40 लाख करोड़

Mutual Funds: जुलाई 2026 में सोने ने करीब 9% का रिटर्न दिया। इसके बावजूद भारतीय निवेशकों ने सबसे ज्यादा भरोसा मनी मार्केट फंड्स पर जताया। Vallum Capital की अगस्त 2026 की Monthly Macro Grid Chartbook के मुताबिक, जुलाई में इन फंड्स में 1.40 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया। दिलचस्प बात यह है कि जून में इसी कैटेगरी से 65,530 करोड़ रुपये निकल गए थे।

सिर्फ मनी मार्केट फंड ही नहीं, फिक्स्ड इनकम फंड्स में भी वापसी देखने को मिली। जुलाई में इनमें 5,947 करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि जून में 53,006 करोड़ रुपये की निकासी हुई थी। दूसरी तरफ, सोने की कीमत बढ़ने के बावजूद प्रेशियस मेटल फंड्स में निवेश घटकर 4,084 करोड़ रुपये रह गया, जो जून में 8,680 करोड़ रुपये था।

SIP में लगातार बढ़ रहा निवेश

सुरक्षित निवेश की तरफ झुकाव का मतलब यह नहीं था कि निवेशकों ने शेयर बाजार से दूरी बना ली। Franklin Templeton India की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई में SIP योगदान 12% बढ़कर 31,961 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं SIP खातों की संख्या भी 12.5% बढ़कर 10.63 करोड़ हो गई।

हालांकि, औसत मासिक SIP योगदान में मामूली गिरावट आई। यह 3,012 रुपये से घटकर 3,007 रुपये रह गया।

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने बनाया नया रिकॉर्ड

जुलाई में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर रिकॉर्ड 85.8 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इस दौरान इक्विटी फंड्स का AUM 15.3% बढ़कर 38.40 लाख करोड़ रुपये हो गया। वहीं पैसिव फंड्स का AUM सालाना आधार पर 24% से ज्यादा बढ़ा।

सबसे ज्यादा पैसा कहां गया?

इक्विटी फंड्स के भीतर भी निवेशकों की पसंद साफ नजर आई। स्मॉलकैप फंड्स में जुलाई के दौरान 7,768 करोड़ रुपये आए, जबकि मिडकैप फंड्स में 6,192 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। Vallum Capital के मुताबिक, जुलाई में माइक्रोकैप शेयर 4.6% और स्मॉलकैप शेयर 2.8% चढ़े।

निवेशकों ने क्यों सुरक्षित विकल्प चुने?

डेटा बताता है कि जुलाई में निवेशकों ने सिर्फ सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाली एसेट क्लास का पीछा नहीं किया। एक तरफ SIP और इक्विटी में निवेश जारी रहा, तो दूसरी तरफ बड़ी रकम मनी मार्केट और फिक्स्ड इनकम फंड्स में गई। इससे साफ है कि निवेशक बेहतर रिटर्न के साथ-साथ लिक्विडिटी और कम जोखिम वाले विकल्पों को भी प्राथमिकता दे रहे थे।

Vallum Capital का कहना है कि जुलाई में सोने की तेजी की बड़ी वजह अमेरिका की उम्मीद से कमजोर जॉब्स रिपोर्ट रही। इससे फेडरल रिजर्व की अगली ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद कुछ कमजोर पड़ी। साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी ने भी सोने की कीमतों को सहारा दिया।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Nifty 50 लगातार सातवें दिन गिरा, क्या यह 24000 के नीचे चला जाएगा? जानिए एक्सपर्ट्स के जवाब

निफ्टी में लगातार सातवें सत्र गिरावट आई। बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन का असर शेयर बाजारों पर पड़ा। ब्रेंट क्रूड की कीमत लगातार 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है। इससे दुनियाभर में महंगाई के पैर पसारने का डर बढ़ गया है। बीते 7 सत्रों में निफ्टी 2.1 फीसदी गिरा है। बीएसई सेंसेक्स में बीते 7 सत्रों में से 6 में गिरावट आई है। वह भी इस दौरान 2.1 फीसदी गिरा है।

इन सूचकांकों में सबसे ज्यादा गिरावट

19 अगस्त को निफ्टी आईटी का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। इसने बाजार को कुछ सहारा दिया है। सबसे ज्यादा गिरावट निफ्टी मीडिया, एनर्जी और एफएमसीजी इंडेक्स में आई। इससे निफ्टी 50 इंडेक्स 0.32 फीसदी गिरकर 24,078 पर क्लोज हुआ। सेंसेक्स भी 0.42 फीसदी गिरकर 76,909 अंक पर आ गया।

बीते 12 सत्रों से निफ्टी में कंसॉलिडेशन

एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी बीते 12 सत्रों से कंसॉलिडेशन में रहा है। अब इसके लिए अगला सपोर्ट 24,000-23,800 पर है। कोटक सिक्योरिटीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “इंट्राडे में मार्केट का टेक्स्चर कमजोर है। लेकिन, अगर निफ्टी एक बार 24,150 के लेवल को तोड़ देता है तो पुलबैक रेली से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके बाद निफ्टी 24,300-24,350 तक जा सकता है।”

24000 के नीचे जाने पर बिकवाली बढ़ेगी

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि गिरावट की स्थिति में अगर यह 24,000 के नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। फिर यह गिरकर 23,900-23,850 तक जा सकता है। एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह ने भी कहा कि शेयर बाजारों में रिस्क लेने की क्षमता घटी है। निफ्टी में लगातार बिकवाली का दबाव दिख रहा है।

क्रूड ऑयल की कीमतों का सेंटीमेंट पर असर

उन्होंने कहा कि शेयर बाजार के सेंटीमेंट पर सबसे ज्यादा असर क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों का पड़ रहा है। क्रूड में उछाल की वजह यह है कि मध्यपूर्व में टेंशन कम होने का कोई संकेत नहीं दिख रहा है। इस वजह से ब्रेंट क्रूड उछलकर तीन महीनों के हाई पर पहुंच गया है। यह 92 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है।

मध्यपूर्व में टेंशन कम होने के फिलहाल संकेत नहीं 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 अगस्त को कहा कि ईरान के साथ कोई बातचीत नहीं चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला है। लेकिन, ईरान का दावा इसके उलट है। उसने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही नहीं हो रही है। दोनों पक्षों के दावा में विरोधाभास है। इससे यह संकेत मिलता है कि बीते छह महीनों से जारी यह लड़ाई जारी रह सकता है।

Google की 3.3 करोड़ की नौकरी छोड़ी, फिर शुरू किया अपना स्टार्टअप; पिता की मौत बनी जिंदगी बदलने की वजह

कई लोगों के लिए Google में करीब 3.3 करोड़ रुपये सालाना की नौकरी मिलना किसी सपने के सच होने जैसा है। लेकिन केविन नॉटन जूनियर के लिए यह नौकरी लंबे समय तक करियर का हिस्सा नहीं बन सकी। उनका कहना है कि वह हमेशा से कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर अपना खुद का काम शुरू करने के बारे में सोचते थे। न्यूयॉर्क में रहने वाले केविन नॉटन जूनियर अब अपना स्टार्टअप चला रहे हैं। उन्होंने हाल ही में Google की नौकरी छोड़ने के अपने फैसले के बारे में बात की। उस समय उनकी सालाना कमाई करीब 3.5 लाख डॉलर यानी लगभग 3.3 करोड़ रुपये थी।

Google में ₹3.3 करोड़ की सैलरी, फिर भी छोड़ी नौकरी

जुगल भट्ट से बातचीत में नॉटन जूनियर ने बताया कि Google ने उन्हें एक अच्छी और आरामदायक ‘9 से 5’ की नौकरी दी थी, लेकिन यह काम उनके असली लक्ष्य से मेल नहीं खाता था। वह कुछ अपना शुरू करना चाहते थे और इसी वजह से उन्होंने इतनी बड़ी सैलरी वाली नौकरी छोड़ने का फैसला किया।

इंस्टाग्राम पर अपनी बातचीत का एक वीडियो शेयर करते हुए केविन नॉटन जूनियर ने बताया कि उन्होंने Google छोड़ने का फैसला कब किया था। उन्होंने कहा कि यह फैसला उनके मन में नौकरी शुरू करने के पहले दिन से ही था। नॉटन जूनियर ने लिखा कि उन्हें हमेशा से पता था कि वह किसी और के लिए काम करने के बजाय अपना खुद का काम करना चाहते हैं। उनके मुताबिक, असली बदलाव 2022 में आया। उन्होंने कहा कि Google उनके लिए सबसे अच्छी ‘9 से 5’ वाली नौकरी थी, लेकिन यह उनका अपना काम नहीं था।

पिता की मौत बनी जिंदगी बदलने की वजह

बातचीत के दौरान जुगल भट्ट ने बताया कि नॉटन जूनियर Google में 3 लाख डॉलर से ज्यादा, यानी करीब 3.5 लाख डॉलर सालाना कमा रहे थे। इसके बाद उन्होंने पूछा कि आखिर उन्होंने नौकरी छोड़ने का मन कब बनाया था। इस पर नॉटन जूनियर ने कहा कि Google छोड़ने का विचार उनके मन में लगभग शुरुआत से ही था। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले दिन से ही पता था कि वह आगे चलकर अपने लिए काम करना चाहते हैं। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें हमेशा से पता था कि एक दिन वह Google की नौकरी छोड़ देंगे।

अपना खुद का बॉस बनने की इच्छा केविन नॉटन जूनियर के मन में पहले से थी, लेकिन साल 2022 में हुई एक निजी घटना ने उन्हें अपनी जिंदगी और प्राथमिकताओं के बारे में नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया। इसी साल उन्होंने अपने पिता को खो दिया। जुगल भट्ट ने जब उनसे इस बदलाव के बारे में पूछा तो नॉटन जूनियर ने बताया कि पिता की मौत उनके लिए एक बड़ा झटका और सोच बदलने वाला पल था। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद उन्हें महसूस हुआ कि इंसान को वही काम करना चाहिए जो वह सच में करना चाहता है और हर दिन खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए।

पिता को खोने के बाद नॉटन जूनियर को यह समझ आया कि भले ही Google ने उन्हें अच्छी सैलरी, शानदार काम का माहौल और एक मजबूत करियर दिया था, लेकिन यह नौकरी उस काम से मेल नहीं खाती थी जिसे वह वास्तव में करना चाहते थे। बातचीत के दौरान जुगल भट्ट ने यह भी बताया कि नॉटन जूनियर Google में 3 लाख डॉलर से ज्यादा, करीब 3.5 लाख डॉलर सालाना कमा रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने अपनी पसंद का काम करने के लिए नौकरी छोड़ने का फैसला किया।

‘मुझे पहले दिन से पता था, अपने लिए काम करूंगा’

नॉटन जूनियर ने बताया कि Google छोड़ने का विचार उनके मन में नौकरी के पहले दिन से ही था। उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा से पता था कि वह किसी कंपनी के लिए काम करने के बजाय अपना खुद का काम करना चाहते हैं। उनका मानना था कि एक दिन वह नौकरी जरूर छोड़ देंगे। हालांकि, अपना बॉस बनने की इच्छा पहले से थी, लेकिन साल 2022 में हुई एक निजी घटना ने उन्हें अपनी जिंदगी और प्राथमिकताओं के बारे में दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया। जुगल भट्ट ने जब उनसे इस अहम मोड़ के बारे में पूछा तो नॉटन जूनियर ने बताया कि 2022 में उन्होंने अपने पिता को खो दिया था। पिता की मौत उनके लिए एक बड़ा झटका थी और इस घटना ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि जिंदगी में वही काम करना चाहिए, जिसे वह वास्तव में करना चाहते हैं।

नॉटन जूनियर ने बताया कि साल 2022 में अपने पिता को खोना उनके लिए जिंदगी बदल देने वाला अनुभव था। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक बड़ा “वेक-अप कॉल” था। इस घटना के बाद उन्हें महसूस हुआ कि इंसान को वही काम करना चाहिए, जिसे वह सच में करना चाहता है और हर दिन खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए।पिता को खोने के बाद नॉटन जूनियर को यह साफ हो गया कि सिर्फ अच्छी नौकरी और बड़ी सैलरी ही काफी नहीं है। भले ही Google ने उन्हें शानदार काम का माहौल और अच्छा करियर दिया, लेकिन वह काम उनके असली लक्ष्य से मेल नहीं खाता था।

उन्होंने कहा कि Google उनके लिए सबसे अच्छी ‘9 से 5’ वाली नौकरी हो सकती थी, लेकिन वह वह काम नहीं था जिसे वह हर दिन करना चाहते थे। इसी सोच ने उन्हें आगे चलकर नौकरी छोड़कर अपना खुद का काम शुरू करने का फैसला लेने में मदद की।

नॉटन जूनियर ने यह भी बताया कि अच्छी सैलरी वाली कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर एंटरप्रेन्योर बनने का उनका सफर कैसे शुरू हुआ। उन्होंने खुद को रिस्क लेने के मामले में काफी सावधान बताया। हालांकि, कई सालों तक नौकरी करने के दौरान उन्होंने इतनी बचत कर ली थी कि उन्हें कुछ समय तक बिना नौकरी के भी आर्थिक परेशानी नहीं होती। उन्होंने बताया कि उनके पास कई सालों तक अपना खर्च चलाने लायक बचत थी। इसी वजह से उन्हें लगा कि वह नौकरी छोड़कर अपना काम शुरू करने का जोखिम उठा सकते हैं।

आखिरी फैसला लेने में उनके एक करीबी दोस्त की सलाह ने भी बड़ी भूमिका निभाई। नॉटन जूनियर के मुताबिक, दोस्त ने उनसे कहा कि अगर उनके पास करीब तीन साल तक बिना काम किए रहने लायक पैसे हैं, तो उन्हें इस समय का इस्तेमाल गंभीरता से अपना कारोबार शुरू करने में करना चाहिए। दोस्त ने उन्हें यह भी समझाया कि अगर तीन साल में उनका काम सफल नहीं होता है, तो वह दोबारा नौकरी कर सकते हैं। इस सलाह से नॉटन जूनियर का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने Google की नौकरी छोड़कर अपना काम शुरू करने का फैसला किया।