Climate impact Alert: जलवायु परिवर्तन की मार से गेहूं में होगा बड़ा बदलाव! रोटी की गुणवत्ता पर मंडराया खतरा; सेहत पर भी पड़ सकता है असर

Climate impact ON wheat: जलवायु परिवर्तन का असर अब हमारी थाली तक पहुंच सकता है। जी हां, जिस गेहूं से हर दिन करोड़ों लोगों की रोटी बनती है, उसकी पोषण संबंधी गुणवत्ता और प्रोटीन संरचना भविष्य में बदल सकती है। एक नई वैज्ञानिक स्टडी में सामने आया है कि वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का स्तर बढ़ने से गेहूं के प्रोटीन की संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं। इसका असर न केवल आटे और ब्रेड की क्वालिटी पर पड़ सकता है, बल्कि गेहूं से जुड़ी कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के लिहाज से भी यह महत्वपूर्ण हो सकता है।

स्टडी में खुलासा हुआ है कि वातावरण में बढ़ती CO₂ गेहूं की प्रोटीन संरचना को बदल सकती है। इसका असर बेकिंग गुणवत्ता पर पड़ने के संकेत मिले हैं। जर्मनी के लीबनिज इंस्टीट्यूट फॉर फूड सिस्टम्स बायोलॉजी और टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख से जुड़े शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन के निष्कर्ष प्रतिष्ठित जर्नल फूड केमिस्ट्री (Food Chemistry) में प्रकाशित हुए हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के दौर में गेहूं की खेती पर विचार करते समय केवल उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं होगा। अनाज की गुणवत्ता और उसमें मौजूद प्रोटीन के प्रकारों को भी समझना जरूरी है।

हवा में बढ़ती CO₂ से गेहूं पर कितना असर?

स्टडी के अनुसार, वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा लगातार बढ़ रही है। वर्ष 1980 में इसका स्तर लगभग 340 पार्ट्स पर मिलियन (ppm) था, जो 2024 में बढ़कर करीब 425 ppm तक पहुंच गया। अनुमान है कि वर्ष 2050 तक यह स्तर 600 ppm तक जा सकता है। गेहूं दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण खाद्य फसलों में से एक है। ऐसे में वातावरण में CO₂ की बढ़ती मात्रा के बीच इसकी खेती और अनाज की क्वालिटी में होने वाले बदलावों को समझना बेहद जरूरी है। वैज्ञानिकों ने इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए गेहूं की अलग-अलग किस्मों पर प्रयोग किया।

10 किस्मों पर हुआ प्रयोग, सामने आए चौंकाने वाले बदलाव

शोधकर्ताओं ने सर्दियों में उगाई जाने वाली गेहूं की 10 खेती की किस्मों को वास्तविक कृषि और पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुरूप उगाया। इनमें से कुछ पौधों को सामान्य परिस्थितियों में मौजूद CO₂ के स्तर पर रखा गया। जबकि अन्य पौधों को 546 ppm की बढ़ी हुई CO₂ में उगाया गया। फसल तैयार होने के बाद वैज्ञानिकों ने गेहूं के दानों में मौजूद प्रोटीन का बारीकी से विश्लेषण किया। इसके लिए हाई-रिजॉल्यूशन मास स्पेक्ट्रोमेट्री तकनीक का इस्तेमाल किया गया।

स्टडी में विशेष रूप से ग्लूटेन प्रोटीन, एमाइलेज/ट्रिप्सिन इनहिबिटर्स (ATIs), प्यूरोइंडोलिन और सीलिएक रोग से संबंधित कुछ पेप्टाइड्स पर ध्यान दिया गया। नतीजों से पता चला कि CO₂ कॉन्सेंट्रेशन का स्तर बढ़ने पर गेहूं के अलग-अलग प्रोटीन समूहों में एक जैसा बदलाव नहीं हुआ। कुछ प्रोटीन बढ़े। जबकि कुछ की मात्रा घट गई। इसका मतलब है कि जलवायु परिवर्तन गेहूं की प्रोटीन संरचना को प्रभावित कर सकता है।

बढ़ेगा एक तरह का प्रोटीन, घट सकता है ग्लूटेन

इस स्टडी में पाया गया कि बढ़ी हुई CO₂ कॉन्सेंट्रेशन में गेहूं के दानों में एमाइलेज/ट्रिप्सिन इनहिबिटर्स (ATIs) की मात्रा बढ़ गई। दूसरी ओर, प्यूरोइंडोलिन, ग्लूटेन प्रोटीन और सीलिएक रोग से एक्टिव हो सकने वाले कुछ पेप्टाइड्स की मात्रा में कमी देखी गई। ATIs ऐसे प्रोटीन हैं जिनकी संभावित हेल्थ संबंधी भूमिका पर वैज्ञानिक अध्यन करते रहे हैं। इनकी मात्रा बढ़ने का असर मानव स्वास्थ्य के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।

लेकिन इस स्टडी के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि बढ़ी हुई CO₂ में उगा गेहूं सीधे तौर पर लोगों को बीमार कर देगा। वैज्ञानिकों ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्लूटेन प्रोटीन की मात्रा घटने के साथ गेहूं की बेकिंग गुणवत्ता में गिरावट देखी गई। यानी प्रोटीन की संरचना में बदलाव का असर रोटी, ब्रेड और गेहूं से बनने वाले दूसरे खाद्य पदार्थों की निर्माण संबंधी विशेषताओं पर पड़ सकता है।

क्या गेहूं से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बदल सकता है?

अध्ययन का एक महत्वपूर्ण पहलू गेहूं से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा है। शोधकर्ताओं ने पाया कि CO₂ बढ़ने के कारण ATIs और सीलिएक रोग से सक्रिय होने वाले कुछ पेप्टाइड्स की मात्रा में बदलाव हुआ। सीलिएक रोग एक प्रतिरक्षा सिस्टम से जुड़ी बीमारी है, जिसमें ग्लूटेन के सेवन से छोटी आंत को नुकसान पहुंच सकता है।

हालांकि, स्टडी में कुछ संबंधित पेप्टाइड्स की मात्रा घटने का संकेत मिला। जबकि ATIs की मात्रा बढ़ी। इसलिए इन बदलावों का कुल स्वास्थ्य प्रभाव क्या होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, यह समझने के लिए आगे अध्ययन करना जरूरी है कि गेहूं में प्रोटीन संरचना के ये बदलाव वास्तव में मानव शरीर की जैविक और प्रतिरक्षा संबंधी प्रतिक्रियाओं को किस तरह प्रभावित करते हैं। फिलहाल इस शोध को गेहूं से जुड़ी बीमारियों में निश्चित वृद्धि या कमी का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

हर गेहूं की किस्म पर एक जैसा असर नहीं

पीटीआई के मुताबिक, इस अध्ययन में एक और अहम बात सामने आई कि सभी गेहूं की किस्मों में बदलाव समान नहीं थे। प्रमुख शोधकर्ता सबरीना गाइस्लिट्ज के अनुसार, प्रोटीन संरचना में परिवर्तन की सीमा काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि गेहूं की कौन-सी किस्म उगाई गई है। यह निष्कर्ष भविष्य की खेती के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। यदि कुछ किस्में बढ़ी हुई CO₂ परिस्थितियों में अपनी गुणवत्ता बेहतर बनाए रखती हैं, तो उन किस्मों की पहचान और विकास पर ध्यान दिया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए अलग-अलग जलवायु परिस्थितियों और कृषि क्षेत्रों में और परीक्षण करने होंगे।

भविष्य की खेती के लिए क्या है सबक?

इस स्टडी से साफ संकेत मिलता है कि जलवायु परिवर्तन का आकलन केवल इस आधार पर नहीं किया जाना चाहिए कि खेतों में कितना अनाज पैदा हो रहा है। यह भी देखना होगा कि उस अनाज में किस तरह के प्रोटीन मौजूद हैं। उसकी बेकिंग गुणवत्ता कैसी है। उसके सेवन से जुड़े संभावित स्वास्थ्य पहलुओं पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, भविष्य में गेहूं की ऐसी किस्में विकसित करने की जरूरत होगी, जो बदलती पर्यावरणीय परिस्थितियों में भी अच्छी पैदावार के साथ बेहतर गुणवत्ता बनाए रख सकें।

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IMD Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण भारत के राज्यों में 25 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, केरल और माहे में आज यानी 19 से 25 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी खतरा है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हवा की रफ्तार झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी कुछ दिनों तक बारिश और खराब मौसम देखने को मिल सकता है।

मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:30 बजे तक समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। इन इलाकों में बारिश की मात्रा 12 से 20 सेंटीमीटर के बीच रही। वहीं, केरल और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। लगातार बारिश के कारण दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।

किस राज्य में कब होगी बारिश? जानिए IMD का पूरा पूर्वानुमान

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आज यानी 19 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 22 से 25 अक्टूबर के दौरान भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 19 से 25 अक्टूबर तक गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

केरल और माहे में सात दिन बारिश की आशंका

19 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 21 से 23 अक्टूबर के बीच गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की हवाओं के झोंके आने की संभावना है।

कर्नाटक में अलर्ट

तटीय कर्नाटक में 19 से 22 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 23 और 24 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश की संभावना है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21 से 24 अक्टूबर तक व्यापक बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी 22 और 23 अक्टूबर को तेज हवाओं के साथ मौसम सक्रिय रह सकता है।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 19 से 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। 20 और 21 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। रायलसीमा में 21 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। यहां 19 से 23 अक्टूबर के दौरान तेज हवाओं का भी अनुमान है।

लक्षद्वीप

19 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। 22 से 25 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को तेज हवाएं तथा 21 से 23 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के झोंके आने की संभावना है।

अंडमान-निकोबार में भी बारिश का दौर

पूर्वी भारत में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और ओडिशा में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अंडमान-निकोबार में 19 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 20 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। द्वीप समूह में 20 अक्टूबर और फिर 23 से 25 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली और 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

ओडिशा में 19 से 22 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को यहां गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं का भी अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र, चक्रवात बनने की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र 19 अक्टूबर की सुबह भी उसी इलाके में सक्रिय था। अगले 24 घंटों के दौरान इसके और मजबूत होकर डिप्रेशन यानी अवदाब में बदलने की संभावना है। इसके बाद यह मौसम तंत्र अगले 2 से 3 दिनों में पहले पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा और फिर दक्षिण-पश्चिम दिशा में सोमालिया के तट की ओर बढ़ सकता है।

हालांकि, मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान में इस सिस्टम के चक्रवात में बदलने की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल इसके अवदाब में मजबूत होने की संभावना जताई गई है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी तमिलनाडु के तट के आसपास ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इससे जुड़ी एक ट्रफ रेखा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।

इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और आसपास के पंजाब क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। थाईलैंड की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों तथा दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश और त्रिपुरा के पास भी ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

दिल्ली-UP समेत उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत का कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पश्चिम भारत और पूर्वोत्तर भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। इसका मतलब है कि फिलहाल इन क्षेत्रों के लिए कोई महत्वपूर्ण व्यापक मौसमी गतिविधि का अनुमान नहीं है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।

मछुआरों के लिए चेतावनी, समुद्र में जाने से पहले बरतें सावधानी

IMD ने मछुआरों के लिए समुद्री क्षेत्रों में चेतावनी जारी की है:- 

  • 19 से 22 अक्टूबर: दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत है।
  • 22 से 24 अक्टूबर: केरल और कर्नाटक के तटों के पास तथा लक्षद्वीप क्षेत्र में मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
  • बंगाल की खाड़ी: मौसम विभाग के इस बुलेटिन में कोई मछुआरा चेतावनी जारी नहीं की गई है।

    मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे समुद्र में जाने से पहले मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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IMD Alert: उत्तर-पूर्वी मानसून की धमाकेदार शुरुआत, इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली से तमिलनाडु तक दिखेगा मौसम का ये रूप

IMD Alert: देश भर के मौसम में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा और आधिकारिक बुलेटिन के मुताबिक आज 15 अक्टूबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के बाकी हिस्सों से भी पूरी तरह विदा हो गया है। इसके साथ ही दक्षिण प्रायद्वीप के राज्यों में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश की औपचारिक और धमाकेदार शुरुआत हो गई है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर-पूर्वी मानसून के सक्रिय होने की वजह से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में 21 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश का एक लंबा और व्यापक दौर जारी रहेगा। पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के अलग-अलग जगहों पर 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून सक्रिय, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीप में मौसमी प्रणालियों के मजबूत होने से बारिश का दौर काफी तेज हो गया है। दक्षिण तटीय तमिलनाडु और उससे लगे इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। जबकि दक्षिणी प्रायद्वीप, मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के निचले स्तरों पर पूर्वी व उत्तर-पूर्वी हवाएं पूरी तरह सेट हो चुकी हैं। इन प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में आने वाले दिनों में भारी बारिश का कड़ा पहरा रहेगा।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 15 से 19 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी जबकि 15 और 16 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की चेतावनी दी गई है। केरल और माहे में 15 से 21 अक्टूबर के बीच व्यापक बारिश होगी> आज 15 अक्टूबर को यहां कुछ स्थानों पर मूसलाधार से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 15 से 21 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश होगी जिसमें 16 अक्टूबर को बहुत भारी वर्षा की आशंका है। तटीय कर्नाटक में 16 से 17 अक्टूबर, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम और रायलसीमा में 15 से 16 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का दौर रहेगा। दक्षिण भारत के इन तटीय और अंदरूनी हिस्सों में 15 से 19 अक्टूबर के दौरान 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी।

उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ और ओलावृष्टि का प्रकोप

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और पर्वतीय क्षेत्रों में उत्तरी पंजाब पर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है, जिससे जुड़ी ट्रफ रेखा बनी हुई है। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा पर भी चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मौजूद है। इन प्रणालियों के असर से आज 15 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में व्यापक रूप से बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। मौसम विभाग ने आज दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि होने की गंभीर चेतावनी जारी की है। इन मैदानी राज्यों में आज 40 से 60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

देश के अन्य हिस्सों और तटीय क्षेत्रों का मौसम हाल

पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम में कोई विशेष भारी गतिविधि की संभावना नहीं है, हालांकि छिटपुट जगहों पर हल्की फुल्की बौछारें गिर सकती हैं। पश्चिम और दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में नमी और तापमान के बने रहने से लोगों को उमस का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, कोंकण व गोवा तथा तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में मौसम काफी उमस भरा बना रहेगा।

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कल का मौसम 13 अक्टूबर: वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर! दिल्ली-NCR और पंजाब में आंधी-बारिश का अलर्ट, इन इलाकों में बिगड़ेगा मौसम

IMD Weather Update: देश के मौसम में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और विभिन्न चक्रवाती प्रणालियों की वजह से बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक मंगलवार 13 अक्टूबर को उत्तर-पश्चिम और दक्षिण भारत के कई राज्यों में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। मौसम विभाग ने दिल्ली, एनसीआर, पंजाब और हरियाणा समेत कई इलाकों में तेज आंधी-तूफान और झमाझम बारिश की चेतावनी जारी की है। आइए जानते हैं कल 13 अक्टूबर को देश के विभिन्न हिस्सों में कैसा रहेगा मौसम का हाल।

दिल्ली-NCR और पंजाब में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बारिश का अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसमी हलचल तेज हो गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 13 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली चमकने के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी। इस दौरान इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की भी पूरी संभावना है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में भी 30 से 40 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है।

हिमाचल प्रदेश, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में गरज-चमक की चेतावनी

पर्वतीय राज्य हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के तटीय और अंदरूनी क्षेत्रों में भी मौसमी गतिविधियां सक्रिय रहेंगी। 13 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के अलग-अलग इलाकों में बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा राज्यों में भी पृथक स्थानों पर आंधी और बिजली चमकने का दौर देखने को मिलेगा। तटीय आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी का असर

पश्चिम भारत के तटीय क्षेत्रों में नमी और तापमान बढ़ने की वजह से लोगों को हल्की चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग के मुताबिक कोंकण और गोवा क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है। राहत भरी खबर यह है कि समुद्री और तटीय क्षेत्रों में चल रही हवाओं के बावजूद समुद्र के भीतर स्थितियां पूरी तरह नियंत्रण में हैं। इसे देखते हुए भारत मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए समुद्र में जाने को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

IMD Heavy Rain Alert: दिल्ली-NCR में मौसम विभाग का ‘रेड अलर्ट’! गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी; घर से निकलने से पहले जान लें अपडेट

IMD Heavy Rain Alert: दिल्ली-NCR में सोमवार, 12 अक्टूबर की सुबह मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की जिला-स्तरीय तात्कालिक चेतावनी (Nowcast Warning) के मुताबिक, दिल्ली के सभी 11 जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने, करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।

IMD की ओर से जारी यह चेतावनी 12 अक्टूबर 2026 को सुबह 6 बजे जारी की गई थी। यह अलर्ट सुबह 9 बजे तक के लिए वैध थी। इसके अलावा हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी आंधी, बिजली गिरने और मध्यम से तेज बारिश की संभावना को देखते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के कुछ हिस्सों में सोमवार तड़के भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण मौसम बेहद ठंडा हो गया।

दिल्ली के सभी 11 जिलों में रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली के सभी 11 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। जबकि बारिश की तीव्रता 15 मिलीमीटर प्रति घंटे से अधिक रहने की आशंका जताई गई है। दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भरने और ट्रैपिक की रफ्तार स्लो होने की आशंका को देखते हुए यात्रा से पहले स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।

दिल्ली में ‘रेड अलर्ट’ वाले जिलों की लिस्ट

– सेंट्रल दिल्ली

– ईस्ट दिल्ली

– नई दिल्ली

– नॉर्थ दिल्ली

– नॉर्थ ईस्ट दिल्ली

– नॉर्थ वेस्ट दिल्ली

– शाहदरा

– साउथ दिल्ली

– साउथ ईस्ट दिल्ली

– साउथ वेस्ट दिल्ली

– वेस्ट दिल्ली

‘रेड अलर्ट’ का मतलब क्या है?

‘रेड अलर्ट’ का मतलब है कि मौसम की स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए लोगों को तत्काल सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव, ट्रैपिक प्रभावित होने और पेड़ों या कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। बारिश से राजधानी में मौसम ठंडा हो गया है। लेकिन कई इलाकों में जलभराव हो गया। IMD के आंकड़ों के अनुसार, सफदरजंग वेधशाला में सुबह साढ़े पांच बजे तक 40 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जबकि दिल्ली एयरपोर्ट पर 30 मिलीमीटर बारिश हुई।

हरियाणा के इन जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’

दिल्ली से सटे हरियाणा के कई जिलों में भी मौसम विभाग ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। यहां गरज-चमक के साथ बिजली गिरने, 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और मध्यम से तेज बारिश होने की आशंका है। इन जिलों में बारिश की तीव्रता 5 से 15 मिलीमीटर प्रति घंटे के बीच रहने की संभावना जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और मौसम विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

‘ऑरेंज अलर्ट’ वाले जिले

– फरीदाबाद

– गुरुग्राम

– रोहतक

– सोनीपत

UP के 9 जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी

दिल्ली और हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। IMD के मुताबिक, इन इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इन इलाकों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है।

‘ऑरेंज अलर्ट’ वाले जिलों की लिस्ट

– अमरोहा

– बागपत

– बिजनौर

– बुलंदशहर

– गौतम बुद्ध नगर

– गाजियाबाद

– हापुड़

– मेरठ

– संभल

रेड और ऑरेंज अलर्ट में क्या अंतर है?

मौसम विभाग की चेतावनियां संभावित मौसम के खतरे और जरूरी कार्रवाई के स्तर को बताती हैं:-

  • रेड अलर्ट: गंभीर मौसम की आशंका होने पर जारी किया जाता है। इसमें लोगों को तत्काल सावधानी बरतने और जरूरी सुरक्षा उपाय करने की सलाह दी जाती है।
  • ऑरेंज अलर्ट: खराब मौसम के लिए तैयार रहने और सतर्कता बरतने का संकेत है। इस दौरान तेज हवाओं, बिजली गिरने और भारी बारिश जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।

मौसम खराब होने पर क्या सावधानी बरतें?

IMD ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह दी है:-

  • बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों में रहने से बचें।
  • पेड़ों के नीचे या कमजोर ढांचों के पास शरण न लें।
  • तेज हवाओं के दौरान ढीली वस्तुओं, होर्डिंग और असुरक्षित संरचनाओं से दूर रहें।
  • जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें और सड़क तथा ट्रैफिक की स्थिति की जानकारी लेते रहें।
  • मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।

कल का मौसम 12 अक्टूबर: दिल्ली-NCR, पंजाब और छत्तीसगढ़ में आंधी-तूफान का अलर्ट, उत्तर से दक्षिण भारत तक ऐसा रहेगा वेदर

IMD Weather Alert: देश भर से मानसून की विदाई के बीच मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, सोमवार, 12 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चल सकती हैं। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम खराब होने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं कैसा होगा आपके शहर का मौसम

इन राज्यों में चलेगी तेज हवाएं

12 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। यहां गरज के साथ बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने की अलग से भी संभावना है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और केरल के साथ माहे में भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान घर में रहने और बिजली गिरने की आशंका वाले इलाकों में पेड़, खंभे और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।

कैसा होगा दिल्ली का मौसम

दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना है। 12 से 15 अक्टूबर के बीच इन इलाकों में बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, वहीं कुछ जगहों पर हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। उत्तर प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। पश्चिमी यूपी में 11 से 16 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 11 अक्टूबर को पश्चिमी हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को बारिश होने का अनुमान है।

जम्मू-कश्मीर में 13 और 15 अक्टूबर को बारिश के साथ बर्फबारी होने का अनुमान है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में 14 और 15 अक्टूबर को कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है।

Weather Update: फिर बदलेगा मौसम! दिल्ली-NCR समेत 6 राज्यों में आंधी, ओलावृष्टि का खतरा! यूपी समेत इन राज्यों में बारिश की चेतावनी

IMD Rain Alert: देश भर से मानसून की विदाई के बीच पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती प्रणालियों के आपस में टकराने से मौसम में बड़ा और उग्र बदलाव आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा रविवार 11 अक्टूबर को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर समेत 6 प्रमुख राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश, ओलावृष्टि और 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार और दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और उत्तराखंड में ओलावृष्टि और 70 kmph की आंधी

उत्तर-पश्चिम भारत के आसमान पर एक बेहद सक्रिय मौसमी प्रणाली असर दिखा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज 11 अक्टूबर को दिल्ली, NCR, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। आज ही दिल्ली-एनसीआर और पंजाब में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 70 किमी/घंटे की गति तक पहुंच सकती हैं। इन सभी 6 राज्यों व पर्वतीय क्षेत्रों में आज ओलावृष्टि होने का खतरा जताया गया है।

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में 12 से 15 अक्टूबर के दौरान भी 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलने और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। जम्मू-कश्मीर में 13 व 15 अक्टूबर को और हिमाचल प्रदेश में 14 व 15 अक्टूबर को व्यापक बारिश और बर्फबारी का अनुमान व्यक्त किया गया है।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बारिश और झोंकेदार हवाओं का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी मौसम का रुख बदला हुआ है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 से 16 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होने का अनुमान है, जबकि आज 11 अक्टूबर को राज्य के पश्चिमी हिस्सों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली चमकने का अलर्ट है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

राजस्थान की बात करें तो पश्चिमी राजस्थान में 11 से 15 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। आज 11 अक्टूबर को तथा 13 से 15 अक्टूबर के दौरान पश्चिमी राजस्थान में 30 से 40 किमी/घंटे (झोंके 50 किमी/घंटे) की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। पूर्वी राजस्थान में 11 और 13 अक्टूबर को छिटपुट बौछारें गिर सकती हैं।

बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत का मौसम हाल

मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में भी चक्रवाती परिसंचरणों का असर देखा जाएगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में आज 11 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने और हल्की बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 12 से 17 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश का दौर चलेगा, जहां 12 और 13 अक्टूबर को 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आज 11 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी। बिहार में 11-12 अक्टूबर और 15-17 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है, जबकि 16 और 17 अक्टूबर को बिहार में 30 से 40 किमी/घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी। झारखंड में 11 से 13 अक्टूबर और ओडिशा में 11 से 17 अक्टूबर तक बारिश व गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 17 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। आज 11 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 11 से 15 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। केरल एवं माहे और लक्षद्वीप में 15 से 17 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी।

जबकि 16 और 17 अक्टूबर को केरल एवं तमिलनाडु में भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 11 से 15 अक्टूबर के बीच तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। पश्चिम भारत के तटीय इलाकों की बात करें तो कोंकण और गोवा क्षेत्र में आज 11 अक्टूबर को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

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बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया लो-प्रेशर सिस्टम! केरल, तमिलनाडु, यूपी, दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट

IMD Weather Alert: देश के विभिन्न हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद देश के मौसम में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शुक्रवार 9 अक्टूबर की दोपहर जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक अगले 3 से 4 दिनों में पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर भारत के कई और हिस्सों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा। इस बीच बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) आकार लेने जा रहा है। इससे आने वाले दिनों में देश के समुद्री, पूर्वी और दक्षिणी इलाकों में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। इसके साथ ही उत्तर भारत में बने चक्रवाती परिसंचरणों और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बीते 24 घंटों के मौसम की बात करें तो तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम और नागालैंड में अलग-अलग स्थानों पर 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया लो-प्रेशर सिस्टम, अंडमान में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक थाईलैंड की खाड़ी पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके 11 अक्टूबर के आसपास अंडमान सागर में प्रवेश करने की संभावना है। इसके असर से 13 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने के आसार हैं। इस वजह से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 10 और 11 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी, जबकि 13 और 14 अक्टूबर को वहां मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।

उत्तर भारत में बदलेगा मौसम: दिल्ली-NCR, यूपी और पंजाब में 60 kmph की आंधी का अलर्ट

उत्तर भारत के आसमान पर कई प्रणालियां एक साथ असर दिखा रही हैं। उत्तर पाकिस्तान के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश पर निचले क्षोभमंडल में चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। इन प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसमी गतिविधियों में तेजी आएगी। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 10 से 12 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब में भी 10 से 12 अक्टूबर तक 30 से 40 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 अक्टूबर को आंधी और बिजली चमकने के साथ बारिश होने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में 10 व 11 अक्टूबर और पूर्वी राजस्थान में 10 अक्टूबर को झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 9 अक्टूबर को बारिश होगी और 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। 10 अक्टूबर को भी राज्य में आंधी का असर रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 10 और 13 अक्टूबर को और हिमाचल प्रदेश में 9 से 15 अक्टूबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी।

केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में मन्नार की खाड़ी से उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इसके असर से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 9 और 10 अक्टूबर को भारी मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल में 9 से 15 अक्टूबर तक व्यापक रूप से बारिश का सिलसिला बना रहेगा। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 अक्टूबर को भारी बारिश की प्रबल संभावना है।

केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में 9 और 10 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 9 से 13 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों का मौसम हाल

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी अलग-अलग परिसंचरण सक्रिय हैं। उत्तरी बांग्लादेश और पूर्वी असम के ऊपर निचले स्तर पर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। इसके प्रभाव से बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 9 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। झारखंड और ओडिशा में 9 और 10 अक्टूबर को आंधी का असर रहेगा। पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 9 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी और भारी बारिश हबो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 अक्टूबर को पृथक स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।

तटीय इलाकों में चिपचिपी गर्मी की मार

पश्चिम और दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में आर्द्रता बढ़ने की वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 9 और 10 अक्टूबर के दौरान तटीय कर्नाटक और महाराष्ट्र के कोंकण एवं गोवा क्षेत्र में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

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कल का मौसम: तमिलनाडु-केरल में बरसेंगे बादल, उत्तराखंड के 8 जिलों में येलो अलर्ट जारी

Tomorrow Weather: देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। अगले कुछ दिनों में कई राज्यों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने तमिलनाडु और केरल के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और कुछ उत्तरी राज्यों में भी बारिश हो सकती है, हालांकि यहां बारिश हल्की रहने का अनुमान है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के आठ जिलों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया है। देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में अगले चार दिनों के दौरान मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलने की संभावना है।

इसके अलावा, उत्तराखंड के कुछ इलाकों में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। वहीं, 4,200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी भी हो सकती है।

दिल्ली में बादल, यूपी में बारिश; हिमाचल से पंजाब तक आंधी-तूफान का अलर्ट

दिल्ली में 9 अक्टूबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है। राजधानी लखनऊ में भी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

हिमाचल प्रदेश में भी बारिश, आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। राज्य के कुछ हिस्सों में 11 अक्टूबर तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी बारिश और आंधी-तूफान आ सकता है। कुछ इलाकों में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

वहीं, पंजाब के कुछ हिस्सों में रविवार तक आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चल सकती हैं।

दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर, कई राज्यों में गरज-चमक के आसार

इसके अलावा, आने वाले दिनों में दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। IMD के मुताबिक, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें भी पड़ सकती हैं।

इन राज्यों से पीछे हट रहा दक्षिण-पश्चिम मानसून

इस बीच, दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कुछ हिस्सों से लगातार पीछे हट रहा है। आने वाले दिनों में मानसून की वापसी का असर मौसम में बदलाव के रूप में देखने को मिल सकता है।

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पश्चिमी विक्षोभ का बड़ा असर! IMD ने दिल्ली-यूपी से लेकर पहाड़ों तक दिया बारिश का अलर्ट, जानें कैसा रहेगा आपके राज्य का मौसम

IMD Rain Forecast: देश भर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया के बीच एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम में भारी उथल-पुथल मचा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा मंगलवार 6 अक्टूबर की दोपहर जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक इस पश्चिमी विक्षोभ के असर से 10 अक्टूबर तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में बारिश और तेज आंधी का सिलसिला शुरू हो चुका है।

बीते 24 घंटों के दौरान मौसम के मिजाज की बात करें तो तमिलनाडु में अलग-अलग जगहों पर 12 से 20 सेमी तक अत्यधिक भारी बारिश हुई है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और बिहार में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है।

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर: दिल्ली, यूपी और पंजाब में 60 kmph की आंधी

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में ट्रफ रेखा के रूप में बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण हरियाणा पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, जबकि एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश पर सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 अक्टूबर को भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान है, जबकि 7 से 12 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश जारी रहेगी। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 7 अक्टूबर के दौरान और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 अक्टूबर तक 40 से 50 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने और बारिश होने का अलर्ट है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 6 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश में पृथक स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 11 और 12 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान तथा 12 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान में भी हल्की बारिश हो सकती है।

मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश और तूफानी हवाएं

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में भी मौसमी चक्र सक्रिय है। 6 अक्टूबर को पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। 6 और 7 अक्टूबर को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वी भारत में बिहार और झारखंड में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान और ओडिशा में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश होने की संभावना है। बिहार में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत और तटीय इलाकों में उथल-पुथल

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश तेज रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 6 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 और 7 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 6 और 7 अक्टूबर को बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है, जिसके बाद मौसम में सुधार देखने को मिलेगा।

दक्षिण भारत में जारी रहेगा मूसलाधार बारिश का दौर

दक्षिण भारत के राज्यों में समुद्र और धरातल के ऊपर एक साथ कई चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय हैं। एक चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण केरल तट के पास दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर और दूसरा उत्तरी तमिलनाडु पर बना हुआ है। इसके साथ ही मन्नार की खाड़ी से मध्य महाराष्ट्र तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इनके असर से केरल व माहे में 6 से 11 अक्टूबर के दौरान काफी बारिश होगी।

केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 6 अक्टूबर और 8 से 10 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का नया दौर आएगा। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 6 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज हो सकती है। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 6 से 8 अक्टूबर तक दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।