लागत जीरो मुनाफा 100%, ऐसे 6 बिजनेस आईडिया जो कभी फेल नहीं होते!

आज के समय में अपना काम शुरू करने के लिए बड़ी दुकान, हैवी इन्वेस्टमेंट या महंगे सेटअप की जरूरत नहीं है। यदि आपके पास कोई हुनर है और आप लोगों की जरूरत को समझकर काम शुरू करते हैं, तो छोटे लावेल से भी अच्छी कमाई की जा सकती है। शुरुआत में खर्च कम होने की वजह से नुकसान का रिस्क भी ज्यादा नहीं रहता और काम चलने पर इसे धीरे-धीरे बड़ा किया जा सकता है।

किसी भी बिजनेस को शुरू करने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपके आसपास के लोगों को किस चीज की सबसे ज्यादा जरूरत है। इसके लिए आप अपने आसपास के 10-15 लोगों से बात करके उनकी पसंद, जरूरत और बजट के बारे में जान सकते हैं। अपनी पसंद और हुनर के हिसाब से सही बिजनेस चुनकर आप धीरे-धीरे कस्टमर बना सकते हैं।

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1. पौधों से कमाई

पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का शौक को छोटे बिजनेस में बदला जा सकता है। इसके लिए किसी छोटी नर्सरी से कम कीमत पर मनी प्लांट, एलोवेरा, स्नेक प्लांट, तुलसी और छोटे सजावटी पौधे खरीदें। शुरुआत में ज्यादा स्टॉक रखने की जरूरत नहीं है, 10-20 पौधों से भी काम शुरू किया जा सकता है। पौधों की अच्छी फोटो खींचकर WhatsApp और सोशल मीडिया पर डालें और आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दें। कस्टमर खुद पौधे लेने आ सकते हैं या आसपास डिलीवरी की फैसिलिटी भी दी जा सकती है।

2. क्लाउड किचन

खाना बनाने का शौक है, तो बिना रेस्टोरेंट खोले घर से क्लाउड किचन शुरू किया जा सकता है। शुरुआत में कुछ चुनिंदा डिश जैसे पराठे, थाली, स्नैक्स या घर का खाना रखें और आसपास के इलाके में डिलीवरी की फैसिलिटी दें। व्हाट्सएप और सोशल मीडिया से ऑर्डर लिए जा सकते हैं। अच्छा टेस्ट, साफ-सफाई और समय पर डिलीवरी मिलने पर धीरे-धीरे कस्टमर बढ़ाए जा सकते हैं।

3. कार-बाइक क्लीनिंग

कार और बाइक रखने वाले कई लोगों के पास रोज सफाई करने का समय नहीं होता, ऐसे में घर जाकर सफाई की सर्विस देना कमाई का अच्छा तरीका बन सकता है। शुरुआत में बाल्टी, माइक्रोफाइबर कपड़े, कार शैम्पू, ब्रश और सफाई का जरूरी सामान खरीदकर करीब 1 हजार रुपये के आसपास से काम शुरू किया जा सकता है। इसके लिए दुकान किराए पर लेने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि आसपास की सोसाइटी, कॉलोनी और मोहल्लों में जाकर ग्राहकों के घर पर ही सर्विस दे सकते हैं।

4. डिजिटल मार्केटिंग

छोटे दुकानदारों और लोकल बिजनेस को सोशल मीडिया पर प्रमोट करने की जरूरत होती है। आपको Instagram, Facebook, पोस्ट डिजाइन, रील या ऑनलाइन प्रमोशन की जानकारी है, तो आप उनके लिए डिजिटल मार्केटिंग की सर्विस दे सकते हैं। शुरुआत में 2-3 लोकल बिजनेस को सैंपल काम दिखाकर क्लाइंट बनाया जा सकता है और बाद में हर महीने के पैकेज के हिसाब से कमाई की जा सकती है।

5. स्किल से कमाई

किसी सब्जेक्ट में आपकी अच्छी पकड़ है या आपको ड्राइंग, म्यूजिक, कंप्यूटर या इंग्लिश जैसी कोई स्किल आती है, तो इसे कमाई का जरिया बनाया जा सकता है। इस काम के लिए दुकान या महंगे सेटअप की जरूरत नहीं होती और घर के एक कमरे से ही शुरुआत की जा सकती है। करीब 1 हजार रुपये में व्हाइटबोर्ड, मार्कर और जरूरी स्टेशनरी खरीदकर मोहल्ले के 4-5 बच्चों को छोटे बैच में पढ़ाना शुरू करें। कम बच्चों से शुरुआत करने पर हर बच्चे पर अच्छी तरह ध्यान दिया जा सकेगा।

6. शेयर मार्केट फाइनेंस कवर पेज

आपको फाइनेंस और शेयर मार्केट की अच्छी जानकारी है, तो इस विषय पर कंटेंट बनाकर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम शुरू किया जा सकता है। शेयर मार्केट की बेसिक जानकारी, बजटिंग, सेविंग और पर्सनल फाइनेंस जैसे सब्जेक्ट पर वीडियो, पोस्ट या ब्लॉग तैयार किए जा सकते हैं। शुरुआत में लगातार उपयोगी और आसान भाषा में कंटेंट बनाकर ऑडियंस तैयार करें और आगे चलकर ब्रांड सहयोग या डिजिटल प्रोडक्ट्स से कमाई के रास्ते बनाए जा सकते हैं।

iPhone 18 Pro और 18 Pro Max की प्री-ऑर्डर डेट लीक! 12 सितंबर से शुरू हो सकती है बुकिंग, 48MP ट्रिपल कैमरा समेत मिलेंगे ये फीचर्स

Apple का सितंबर इवेंट, जिसका नाम “Surprise and Shine” है, 9 सितंबर 2026 को होने वाला है। यह इवेंट भारत में इंडियन स्टैंडर्ड टाइम (IST) के अनुसार रात 10:30 बजे शुरू होगा। इस दिन तीन नए फोन देखने को मिल सकते हैं: iPhone 18, iPhone 18 Pro और iPhone Ultra (Apple का पहला फोल्ड होने वाला फोन)। हाल ही में लीक हुई जानकारी से iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के प्री-ऑर्डर की तारीख का पता चला है। यहां इनके बारे में, साथ ही इनके स्पेसिफिकेशन और कैमरा के बारे में पूरी जानकारी दी गई है।

Apple iPhone 18 Pro के प्री-ऑर्डर की डेट

Macwelt की एक रिपोर्ट के अनुसार, Apple प्री-ऑर्डर में एक दिन की देरी करेगा और शनिवार, 12 सितंबर 2026 से ऑर्डर लेना शुरू करेगा। ऐसा इसलिए होगा, क्योंकि 11 सितंबर का दिन अमेरिका में याद और शोक का दिन होता है। Apple शुरू होने का समय भी बदल सकता है। आम तौर पर शाम 5:30 बजे (IST) प्री-ऑर्डर शुरू होते हैं, लेकिन इस बार इनके 12 सितंबर को आधी रात (PT के अनुसार) और भारत में दोपहर लगभग 12:30 बजे शुरू होने की उम्मीद है।

Apple प्री-ऑर्डर शुरू करने का समय भी बदल सकता है। आमतौर पर प्री-ऑर्डर शाम 5:30 बजे (IST) शुरू होते हैं, लेकिन इस बार 12 सितंबर को PT के हिसाब से आधी रात से प्री-ऑर्डर शुरू होने की उम्मीद है। भारत में यह समय करीब दोपहर 12:30 बजे (IST) हो सकता है।

Apple iPhone 18 Pro के स्पेसिफिकेशन्स (अनुमानित)

Apple iPhone 18 Pro में 120Hz रिफ्रेश रेट वाला 6.3-इंच का OLED डिस्प्ले हो सकता है। इसमें 2nm प्रोसेस पर बना Apple A20 Pro चिपसेट इस्तेमाल किया जा सकता है। लीक से पता चलता है कि यह चिपसेट परफॉर्मेंस में 15% तेज होगा और लगभग 30% बेहतर एनर्जी एफिशिएंसी देगा। इस हैंडसेट में MagSafe वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट के साथ 5100mAh की बैटरी भी मिल सकती है।

कैमरा की बात करें तो, Apple iPhone 18 Pro में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें 48MP का प्राइमरी शूटर, 48MP का अल्ट्रा-वाइड-एंगल सेंसर और 48MP का टेलीफोटो सेंसर शामिल होगा। इसके फ्रंट में सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 18MP का कैमरा हो सकता है।

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Success Story: छत पर शुरू की ड्रैगन फ्रूट की खेती, ऐसे होने लगी लाखों की कमाई, महिला ने अपनाया ये तरीका

रिटायरमेंट के बाद आमतौर पर लोग आराम और परिवार के साथ समय बिताने की योजना बनाते हैं। लेकिन केरल की पूर्व हेडमिस्ट्रेस रेमाभाई एस की जिंदगी में रिटायरमेंट के बाद एक अलग ही अध्याय शुरू हुआ। अकेलेपन से निपटने के लिए घर में पौधे लगाने से शुरू हुआ उनका सफर धीरे-धीरे ऐसे बिजनेस में बदल गया, जिससे अब वह करीब ₹4 लाख महीने की कमाई कर रही हैं।

मां की मौत के बाद बढ़ गया था अकेलापन

रेमाभाई ने 31 मई 2022 को 30 साल से ज्यादा समय तक जूलॉजी पढ़ाने के बाद रिटायरमेंट लिया। उनके पति रिटायर्ड सीनियर बैंक मैनेजर हैं और उस समय भी एक इंजीनियरिंग कॉलेज में काम कर रहे थे। वहीं उनका बेटा और बहू दोनों डॉक्टर हैं और दिल्ली में रहते थे। उसी साल उनकी मां का निधन हो गया। रिटायरमेंट और मां की मौत के बाद घर में अकेलापन उन्हें ज्यादा महसूस होने लगा। इसी दौरान उन्होंने खुद को व्यस्त रखने के लिए घर में पौधे उगाने का फैसला किया।

52 विदेशी फलों पर की रिसर्च, फिर चुना ड्रैगन फ्रूट

रेमाभाई ने शुरुआत किसी जल्दबाजी में नहीं की। उन्होंने जर्नल, ऑनलाइन जानकारी और अलग-अलग फार्म की यात्राओं के जरिए करीब 52 विदेशी फलों के बारे में जानकारी जुटाई। काफी रिसर्च के बाद उन्होंने Malaysian King Red Dragon Fruit किस्म को चुना। सीमित जगह में ज्यादा पौधे लगाने के लिए उन्होंने हाई-डेंसिटी फार्मिंग का तरीका अपनाया।

1,750 वर्ग फुट में लगाए 360 पौधे

घर के करीब 1,750 वर्ग फुट के हिस्से में उन्होंने 360 ड्रैगन फ्रूट पौधे लगाए। इसके लिए 90 स्थानीय स्तर पर बने कंक्रीट पोल लगाए गए और हर पोल पर चार पौधों को सहारा दिया गया। उन्होंने खर्च कम रखने के लिए GI पाइप और पुराने टायरों का भी इस्तेमाल किया। शुरुआती दौर में एक पौधे की स्टेम करीब ₹100 में खरीदी गई थी। मेहनत का नतीजा जल्दी दिखा। करीब छह महीने में पौधों में फूल आने लगे और मार्च 2023 से उन्होंने फल की पहली फसल लेना शुरू कर दिया।

शुरुआत में ₹50 हजार, फिर बढ़कर ₹1.5 लाख महीना

पहले 360 पौधों से उन्हें हर महीने ₹50 हजार से ज्यादा की आमदनी हुई। पौधों के बड़े होने के साथ कमाई बढ़कर करीब ₹1.5 लाख महीने तक पहुंच गई। उत्पादन के चरम समय में वह लगभग 750 किलो ड्रैगन फ्रूट हर महीने तैयार करने लगीं। वह फल करीब ₹175 प्रति किलो की दर से बेचती थीं। खास बात यह रही कि थोक खरीदार और ऑर्गेनिक स्टोर उनके घर से ही फल उठा लेते थे।

नई जमीन नहीं खरीदी, छत को बनाया अगला फार्म

बिजनेस बढ़ाने के लिए रेमाभाई के सामने अगली चुनौती थी बिना जमीन खरीदे उत्पादन बढ़ाना। घर की छत पर बड़ी मात्रा में मिट्टी ले जाना उन्हें सही नहीं लगा। इसलिए उन्होंने सोइल-लेस यानी कम मिट्टी वाली खेती के विकल्प पर प्रयोग शुरू किया। उन्होंने सामान्य मिट्टी और घर में तैयार किए गए कंपोस्ट की तुलना की। कंपोस्ट में पौधों की ग्रोथ बेहतर दिखने के बाद उन्होंने इसी तरीके को आगे बढ़ाया।

बैरल में लगाए 100 और पौधे

रेमाबाई ने छत पर 50 बैरल लगाए। इनमें कंपोस्ट और गोबर की खाद का मिश्रण इस्तेमाल किया गया और हर बैरल में दो पौधे लगाए गए। इस तरह छत पर 100 और ड्रैगन फ्रूट पौधे तैयार हो गए। करीब पांच महीने में इन पौधों पर फल आने लगे। अक्टूबर 2023 तक छत की खेती भी उत्पादन देने लगी थी। एक पौधे पर एक समय में करीब 10 से 20 फल तक दिखाई देते थे।

घर के कचरे से तैयार करती हैं खाद और लिक्विड फर्टिलाइजर

रेमाबाई की खेती की खासियत सिर्फ ड्रैगन फ्रूट उगाना नहीं है। वह घर और बगीचे से निकलने वाले जैविक कचरे का इस्तेमाल भी खेती में करती हैं। किचन वेस्ट, पत्तियां, कटहल का बचा हिस्सा, प्याज और सब्जियों के अवशेष जैसी चीजों से वह कंपोस्ट तैयार करती हैं। उनके पास तीन कंपोस्टिंग यूनिट हैं और वह 15 से ज्यादा तरह के लिक्विड प्रिपरेशन भी तैयार करती हैं। मछली के कचरे से वह फिश अमीनो एसिड भी बनाती हैं। उनके मुताबिक, अब तक 5,000 लीटर से ज्यादा यह तैयारी तैयार की जा चुकी है।

साल में ज्यादा लंबे समय तक मिलता है फल

उनके खेती के तरीके का एक फायदा यह भी है कि ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन लंबे समय तक चलता है। जहां आमतौर पर इसकी मुख्य फसल करीब पांच से छह महीने तक रहती है, वहीं रेमाबाई लगभग 10 महीने तक फल प्राप्त कर लेती हैं। जनवरी और फरवरी में उत्पादन में मुख्य अंतराल रहता है। उनके बगीचे में महीने में करीब तीन बार फसल होती है और हर बार लगभग 250 किलो फल निकलता है।

अब पौधों की कटिंग भी बन गई कमाई का जरिया

समय के साथ रेमाभाई के ड्रैगन फ्रूट पौधों की स्टेम कटिंग की मांग भी बढ़ने लगी। उन्होंने इसे अलग आय के स्रोत के रूप में विकसित कर लिया। वह एक कटिंग करीब ₹70 में बेचती हैं और अब तक भारत, मालदीव और श्रीलंका में उनके 2,500 से ज्यादा ग्राहक बताए जाते हैं। बड़े ऑर्डर कुरियर के जरिए भेजे जाते हैं। एक दिन में तेलंगाना के लिए 5,500 स्टेम कटिंग का ऑर्डर भी भेजा गया।

सिर्फ पौधे नहीं बेचतीं, तरीका भी सिखाती हैं

रेमाबाई अपने ग्राहकों को सिर्फ कटिंग देकर नहीं छोड़तीं। वह उन्हें पौधे लगाने और उनकी देखभाल के बारे में जानकारी देती हैं और आगे की ग्रोथ पर भी नजर रखती हैं। उनके मुताबिक, सही परिस्थितियों में स्टेम से करीब छह महीने में फल मिलना शुरू हो सकता है।

रिटायरमेंट का शौक बना पूरा बिजनेस

रेमाबाई की कहानी की खास बात यह है कि उन्होंने बिजनेस शुरू करने के लिए न बड़ी जमीन खरीदी और न ही भारी निवेश किया। घर के आंगन और छत जैसी सीमित जगह का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने पहले पौधे लगाए, फिर रिसर्च की, प्रयोग किए और धीरे-धीरे खेती को कमाई के मॉडल में बदल दिया।

आज ड्रैगन फ्रूट, छत पर खेती और स्टेम कटिंगइन अलग-अलग स्रोतों से उनकी कुल मासिक कमाई करीब ₹4 लाख बताई जाती है। रिटायरमेंट के बाद अकेलेपन से बचने के लिए शुरू हुआ पौधों का शौक अब उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता की कहानी बन चुका है।

₹30 हजार से शुरू किया सैंडविच का ठेला, आज ₹25 लाख महीना! फेल इंटरनेट कैफे के बाद ऐसे बदली अभिषेक की किस्मत

₹30 हजार से शुरू किया सैंडविच का ठेला, आज ₹25 लाख महीना! फेल इंटरनेट कैफे के बाद ऐसे बदली अभिषेक की किस्मत

कारोबार में पहली कोशिश नाकाम हो जाए तो बहुत से लोग दोबारा जोखिम लेने से बचते हैं। लेकिन भोपाल के अभिषेक साहू की कहानी कुछ अलग है। करीब 15 साल पहले शुरू किया गया उनका इंटरनेट कैफे एक साल के अंदर बंद हो गया। इसके बाद उन्होंने हार मानने के बजाय महज ₹30 हजार के लोन से एक छोटे से सैंडविच कार्ट की शुरुआत की। आज उनका यही छोटा कारोबार सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

पहला बिजनेस एक साल में ही हो गया बंद

अभिषेक साहू करीब 15 साल पहले भोपाल पहुंचे थे। उन्होंने शुरुआत इंटरनेट कैफे से की। उस दौर में इंटरनेट कैफे एक अच्छा बिजनेस आइडिया माना जाता था, लेकिन उनका कारोबार उम्मीद के मुताबिक नहीं चला।

करीब एक साल बाद ही उन्हें इंटरनेट कैफे बंद करना पड़ा। पहली कोशिश की असफलता के बावजूद अभिषेक ने कारोबार करने का विचार नहीं छोड़ा। इस बार उन्होंने ऐसा बिजनेस चुना, जिसमें कम पूंजी लगाकर शुरुआत की जा सके।

₹30 हजार जुटाए और बदल दी दिशा

पहले कारोबार के बाद अभिषेक ने फूड बिजनेस की तरफ रुख किया। उन्होंने ₹30 हजार का लोन लिया और एक छोटा सा सैंडविच कार्ट शुरू किया। खास बात यह थी कि उनके पास सैंडविच बनाने की कोई बड़ी प्रोफेशनल ट्रेनिंग नहीं थी। उन्होंने YouTube की मदद से अलग-अलग सैंडविच की रेसिपी सीखीं और फिर उन्हें अपने छोटे से कार्ट पर आजमाना शुरू किया। यानी दूसरी शुरुआत बड़े निवेश या बड़े सेटअप से नहीं, बल्कि सीमित पैसे और खुद सीखने की कोशिश से हुई।

धीरे-धीरे लोगों को पसंद आने लगा स्वाद

शुरुआत में यह एक छोटा सा सैंडविच कार्ट था, लेकिन समय के साथ ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी। लोगों को सैंडविच पसंद आने लगे और धीरे-धीरे इस छोटे कारोबार ने अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी। अभिषेक के बिजनेस की कहानी में सोशल मीडिया ने भी अहम भूमिका निभाई। नवभारत टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उनके सैंडविच कार्ट पर बनी एक Instagram Reel वायरल हो गई। इसके बाद भोपाल के अलग-अलग हिस्सों से लोग उनके सैंडविच का स्वाद लेने पहुंचने लगे।

अब 30-50 मिनट तक इंतजार करते हैं ग्राहक

कभी जिस कारोबार की शुरुआत एक छोटे कार्ट से हुई थी, आज उसकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ग्राहक सैंडविच के लिए इंतजार करने को भी तैयार रहते हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, कई ग्राहकों को ऑर्डर के लिए करीब 30 से 50 मिनट तक इंतजार करना पड़ता है। इसके बावजूद लोगों की भीड़ कम नहीं हुई।

हर दिन सैकड़ों सैंडविच की बिक्री

सोशल मीडिया पर अभिषेक की कहानी शेयर करने वाले यूजर प्रथम के मुताबिक, उनका Hari Har Sandwich अब हर दिन लगभग 600 से ज्यादा सैंडविच बेचता है। वीकेंड पर यह संख्या और बढ़ जाती है। पोस्ट में दावा किया गया है कि शनिवार और रविवार जैसे दिनों में 1,000 से ज्यादा सैंडविच बिकते हैं। इसी पोस्ट के अनुसार, इस छोटे से फूड बिजनेस का मासिक टर्नओवर करीब ₹25 लाख तक पहुंच चुका है।

असफलता से शुरुआत, लेकिन वहीं नहीं रुके

अभिषेक साहू की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा सिर्फ ₹25 लाख का टर्नओवर नहीं है। असली बात यह है कि पहला बिजनेस बंद होने के बाद उन्होंने खुद को दोबारा आजमाया।

इंटरनेट कैफे के अनुभव के बाद उन्होंने कम पैसे वाला बिजनेस चुना, YouTube से स्किल सीखी और धीरे-धीरे ग्राहकों का भरोसा बनाया। यही छोटा कदम आगे चलकर बड़े कारोबार में बदलता गया।

सोशल मीडिया पर क्यों हो रही चर्चा?

प्रथम ने X पर अभिषेक की कहानी शेयर करते हुए उनके सफर को उजागर किया। पोस्ट के वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने उनकी दोबारा शुरुआत करने की हिम्मत की तारीफ की। एक यूजर ने लिखा कि इस कहानी की सबसे खास बात ₹25 लाख का टर्नओवर नहीं, बल्कि पहली असफलता के बाद सिर्फ ₹30 हजार से दोबारा शुरुआत करने का फैसला है। दूसरे यूजर ने इसे एक शानदार ‘कमबैक’ बताया।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

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Stocks to Watch: 2 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 13 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Stocks to Watch: बुधवार 2 सितंबर को कई बड़ी कंपनियों के शेयरों पर नजर रहेगी। अगस्त की सेल्स, नए ऑर्डर और बड़े बिजनेस अपडेट सामने आए हैं। रिन्यूएबल एनर्जी, FMCG, IT और मेटल सेक्टर की कंपनियां फोकस में रहेंगी। यहां 13 ऐसे स्टॉक्स हैं, जिनमें बुधवार को हलचल देखने को मिल सकती है।

Hero MotoCorp

देश की सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी Hero MotoCorp की घरेलू बिक्री अगस्त में 4.5% बढ़कर 5.42 लाख यूनिट रही। स्कूटर की बिक्री बढ़ने से मोटरसाइकिल की बिक्री में आई गिरावट का असर कम हुआ। कुल बिक्री और एक्सपोर्ट मिलाकर डिस्पैच 2.6% बढ़कर 5.68 लाख यूनिट रहे।

Coal India

सरकारी कोयला कंपनी Coal India ने अगस्त के ई-ऑक्शन में 210.66 लाख टन कोयला ऑफर किया। इसमें से 82.76 लाख टन की एलोकेशन हुई। यानी करीब 39% कोयला बिका। खास बात यह रही कि औसत कीमत नोटिफाइड प्राइस से 59% ज्यादा रही।

NMDC

सरकारी खनन कंपनी NMDC ने अगस्त में उत्पादन बढ़ने की जानकारी दी है। कंपनी का कुल उत्पादन बढ़कर 40.7 लाख टन हो गया। एक साल पहले अगस्त में यह 33.7 लाख टन था। वहीं, बिक्री 35.8 लाख टन रही, जो पिछले साल 33.9 लाख टन थी।

Ujjivan Small Finance Bank

स्मॉल फाइनेंस बैंक Ujjivan Small Finance Bank ने बताया कि RBI ने कैरल फर्टाडो को अंतरिम CEO बनाने की मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी। वह तीन महीने तक इस पद पर रहेंगी।

Gland Pharma

फार्मा कंपनी Gland Pharma की विशाखापट्टनम स्थित API फैसिलिटी में US FDA ने 24 अगस्त से 1 सितंबर 2026 के बीच GMP इंस्पेक्शन किया। कंपनी के मुताबिक, इस इंस्पेक्शन के बाद फैसलिटी को US FDA से कोई आपत्ति नहीं मिली है। इसे कंपनी के लिए बड़ा पॉजिटिव अपडेट माना जा रहा है।

Adani Green Energy

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Adani Green Energy की सब्सिडियरी ने गुजरात के खावड़ा में 139 MW का सोलर प्रोजेक्ट चालू कर दिया है। इसके बाद कंपनी की कुल ऑपरेशनल रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी बढ़कर 20,280.8 MW हो गई है।

Reliance Industries

तेल से रिटेल तक कारोबार करने वाली Reliance Industries की सब्सिडियरी RCPL ने आइसक्रीम बाजार में एंट्री कर ली है। कंपनी ने ‘Bombay Creamery’ नाम से नया ब्रांड लॉन्च किया है। इसकी शुरुआती कीमत ₹10 रखी गई है। आइसक्रीम को रियल डेयरी क्रीम से तैयार किया जाएगा।

ARSS Infrastructure Projects

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ARSS Infrastructure Projects को ईस्ट कोस्ट रेलवे से करीब ₹104.06 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर हावड़ा-विशाखापट्टनम मुख्य रेल लाइन पर दो रोड ओवर ब्रिज बनाने से जुड़ा है।

Ashiana Housing

रियल एस्टेट कंपनी Ashiana Housing ने अगस्त 2026 में 1.67 लाख वर्ग फुट एरिया की बुकिंग की। इसकी वैल्यू ₹165.93 करोड़ रही। अगस्त तक कंपनी की YTD बुकिंग 11.30 लाख वर्ग फुट तक पहुंच गई, जिसकी कुल वैल्यू ₹1,025.34 करोड़ है।

L&T Finance

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी L&T Finance को IRDAI से कॉरपोरेट एजेंट के तौर पर Perpetual Registration मिल गया है। कंपनी का नया सर्टिफिकेट 31 अगस्त 2026 से लागू हो गया है। इससे कंपनी को इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े कारोबार को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

ITC

FMCG कंपनी ITC की सब्सिडियरी ITC Infotech के साथ Blazeclan Technologies और Cloudlytics Technologies के मर्जर को NCLT की कोलकाता और मुंबई बेंच से मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी ITC Infotech के डिजिटल और क्लाउड कारोबार को मजबूत कर सकती है।

Wipro

IT कंपनी Wipro ने ABB के साथ अपने ग्लोबल डिजिटल वर्कप्लेस सर्विसेज एंगेजमेंट को आगे बढ़ाया है। इस समझौते के तहत डिजिटल वर्कप्लेस सर्विसेज को बेहतर बनाने और उन्हें आगे डेवलप करने पर काम होगा।

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ट्रम्प ने बोइंग डील के लिए बांग्लादेश को शुक्रिया कहा:PM से बोले- ये फाइटर जेट आपको निराश नहीं करेगा, मैं भी याद रखूंगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारीक रहमान को पत्र लिखकर बोइंग विमान खरीदने के फैसले के लिए धन्यवाद दिया है। बांग्लादेश PM तारिक रहमान के नाम से 31 अगस्त को लिखी इस चिट्ठी में ट्रम्प ने लिखा, प्रिय प्रधानमंत्री, मुझे बोइंग विमान खरीदने से संबंधित आपकी चिट्ठी मिली। मैं इस फैसले की बहुत तारीफ करता हूं। बोइंग आपको निराश नहीं करेगा और मैं भी इसे नहीं भूलूंगा। मैं आपसे मिलने का इंतजार कर रहा हूं। अमेरिका से 25 बोइंग प्लेन खरीदने की तैयारी में बांग्लादेश बांग्लादेश के पास अभी 14 बोइंग प्लेन हैं। बांग्लादेश ने अप्रैल 2026 में 14 नए बोइंग विमान का ऑर्डर भी दिया था। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने 30 अगस्त को बताया था कि ट्रम्प और रहमान के बीच बोइंग विमानों को लेकर बड़ी डील हुई है। इसके तहत बांग्लादेश 25 बोइंग विमान खरीदने की तैयारी में है। अमेरिकी टैरिफ से राहत पाने के लिए डील हुई बांग्लादेश की बोइंग खरीद सिर्फ अपनी एयरलाइन का बेड़ा बढ़ाने की योजना नहीं है। इसका एक बड़ा मकसद अमेरिका के साथ व्यापार घाटा कम करना और अमेरिकी टैरिफ में राहत पाना भी है। इसी वजह से बोइंग विमान खरीदने का मुद्दा दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों से भी जुड़ गया है। जब अमेरिका ने बांग्लादेश के सामान पर 37% टैरिफ लगाने की बात कही, तो बांग्लादेश ने अमेरिका से ज्यादा सामान खरीदने की कोशिश शुरू की। इसी दौरान बोइंग से 25 विमान खरीदने की बात सामने आई। बाद में बांग्लादेश ने बोइंग के 14 विमानों का सौदा पक्का किया। इसकी कीमत करीब 3.7 अरब डॉलर है। इसमें 8 बोइंग 787-10, 2 बोइंग 787-9 और 4 बोइंग 737-8 MAX विमान शामिल हैं। पहला विमान नवंबर 2031 में मिलने की उम्मीद है। इस सौदे में अमेरिका का एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक भी मदद करेगा। बैंक लोन की व्यवस्था करेगा और बांग्लादेश सरकार इस लोन की गारंटी देगी। ट्रम्प के दौर में हुईं बड़ी बोइंग डील ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में बांग्लादेश के अलावा कम से कम 6 देशों ने अमेरिका से बोइंग के विमान खरीदने का ऐलान किया है। 1. सऊदी अरब: मई 2025 में ट्रम्प की सऊदी अरब यात्रा के दौरान सऊदी कंपनी एविलीज ने बोइंग के 20 विमान खरीदने का पक्का ऑर्डर दिया। कंपनी ने 10 और विमान खरीदने का विकल्प भी रखा। 2. कतर: मई 2025 में ट्रम्प की कतर यात्रा के दौरान कतर एयरवेज और बोइंग के बीच 210 विमानों तक का समझौता हुआ। व्हाइट हाउस ने इसे दोनों देशों के बीच बड़े आर्थिक समझौतों का हिस्सा बताया। 3. इंडोनेशिया: जुलाई 2025 में अमेरिका से 50 बोइंग विमान खरीदने का वादा किया। इसके बदले अमेरिका ने इंडोनेशियाई सामान पर टैरिफ में कटौती की। 4. जापान: जुलाई 2025 में अमेरिका-जापान व्यापार समझौते के तहत जापान ने 100 प्लेन खरीदने की बात कही। इनमें बोइंग विमान शामिल हैं। 5. चीन: मई 2026 में ट्रम्प ने कहा कि चीन 200 बोइंग विमान खरीदने की तैयारी कर रहा है। बाद में बोइंग ने भी इसकी पुष्टि की। 6. साउथ कोरिया: अगस्त 2025 में साउथ कोरिया ने 103 बोइंग विमान खरीदने का ऐलान किया। इसके बाद ट्रम्प ने उन पर लगा 25% टैरिफ घटाकर 10% कर दिया। ——————– यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- होर्मुज पर जल्द अमेरिका का फुल कंट्रोल होगा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी तरह कंट्रोल कर लेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों में ईरान की नेवी, एयरफोर्स और मिलिट्री लीडरशिप को बहुत नुकसान हुआ है। पूरी खबर पढ़ें…

ट्रम्प ने बोइंग डील के लिए बांग्लादेश को शुक्रिया कहा:PM से बोले- ये फाइटर जेट आपको निराश नहीं करेगा, मैं भी याद रखूंगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारीक रहमान को पत्र लिखकर बोइंग विमान खरीदने के फैसले के लिए धन्यवाद दिया है। बांग्लादेश PM तारिक रहमान के नाम से 31 अगस्त को लिखी इस चिट्ठी में ट्रम्प ने लिखा, प्रिय प्रधानमंत्री, मुझे बोइंग विमान खरीदने से संबंधित आपकी चिट्ठी मिली। मैं इस फैसले की बहुत तारीफ करता हूं। बोइंग आपको निराश नहीं करेगा और मैं भी इसे नहीं भूलूंगा। मैं आपसे मिलने का इंतजार कर रहा हूं। अमेरिका से 25 बोइंग प्लेन खरीदने की तैयारी में बांग्लादेश बांग्लादेश के पास अभी 14 बोइंग प्लेन हैं। बांग्लादेश ने अप्रैल 2026 में 14 नए बोइंग विमान का ऑर्डर भी दिया था। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने 30 अगस्त को बताया था कि ट्रम्प और रहमान के बीच बोइंग विमानों को लेकर बड़ी डील हुई है। इसके तहत बांग्लादेश 25 बोइंग विमान खरीदने की तैयारी में है। अमेरिकी टैरिफ से राहत पाने के लिए डील हुई बांग्लादेश की बोइंग खरीद सिर्फ अपनी एयरलाइन का बेड़ा बढ़ाने की योजना नहीं है। इसका एक बड़ा मकसद अमेरिका के साथ व्यापार घाटा कम करना और अमेरिकी टैरिफ में राहत पाना भी है। इसी वजह से बोइंग विमान खरीदने का मुद्दा दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों से भी जुड़ गया है। जब अमेरिका ने बांग्लादेश के सामान पर 37% टैरिफ लगाने की बात कही, तो बांग्लादेश ने अमेरिका से ज्यादा सामान खरीदने की कोशिश शुरू की। इसी दौरान बोइंग से 25 विमान खरीदने की बात सामने आई। बाद में बांग्लादेश ने बोइंग के 14 विमानों का सौदा पक्का किया। इसकी कीमत करीब 3.7 अरब डॉलर है। इसमें 8 बोइंग 787-10, 2 बोइंग 787-9 और 4 बोइंग 737-8 MAX विमान शामिल हैं। पहला विमान नवंबर 2031 में मिलने की उम्मीद है। इस सौदे में अमेरिका का एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक भी मदद करेगा। बैंक लोन की व्यवस्था करेगा और बांग्लादेश सरकार इस लोन की गारंटी देगी। ट्रम्प के दौर में हुईं बड़ी बोइंग डील ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में बांग्लादेश के अलावा कम से कम 6 देशों ने अमेरिका से बोइंग के विमान खरीदने का ऐलान किया है। 1. सऊदी अरब: मई 2025 में ट्रम्प की सऊदी अरब यात्रा के दौरान सऊदी कंपनी एविलीज ने बोइंग के 20 विमान खरीदने का पक्का ऑर्डर दिया। कंपनी ने 10 और विमान खरीदने का विकल्प भी रखा। 2. कतर: मई 2025 में ट्रम्प की कतर यात्रा के दौरान कतर एयरवेज और बोइंग के बीच 210 विमानों तक का समझौता हुआ। व्हाइट हाउस ने इसे दोनों देशों के बीच बड़े आर्थिक समझौतों का हिस्सा बताया। 3. इंडोनेशिया: जुलाई 2025 में अमेरिका से 50 बोइंग विमान खरीदने का वादा किया। इसके बदले अमेरिका ने इंडोनेशियाई सामान पर टैरिफ में कटौती की। 4. जापान: जुलाई 2025 में अमेरिका-जापान व्यापार समझौते के तहत जापान ने 100 प्लेन खरीदने की बात कही। इनमें बोइंग विमान शामिल हैं। 5. चीन: मई 2026 में ट्रम्प ने कहा कि चीन 200 बोइंग विमान खरीदने की तैयारी कर रहा है। बाद में बोइंग ने भी इसकी पुष्टि की। 6. साउथ कोरिया: अगस्त 2025 में साउथ कोरिया ने 103 बोइंग विमान खरीदने का ऐलान किया। इसके बाद ट्रम्प ने उन पर लगा 25% टैरिफ घटाकर 10% कर दिया। ट्रम्प बोइंग विमान खरीदने पर क्यों जोर देते हैं अमेरिका में बड़े यात्री विमान बनाने वाली मुख्य कंपनी बोइंग ही है। वहां दूसरी विमान कंपनियां भी हैं, लेकिन वे ज्यादातर सैन्य या छोटे विमानों के कारोबार में हैं। बड़े यात्री विमानों के मामले में बोइंग ही अमेरिका की बड़ी कंपनी है और उसका सबसे बड़ा मुकाबला यूरोप की एयरबस से है। ट्रम्प की व्यापार नीति का सबसे बड़ा मकसद ही यही है कि दूसरे देश अमेरिका से ज्यादा से ज्यादा सामान खरीदें। इससे अमेरिका का व्यापार घाटा कम हो सकता है और अमेरिकी कंपनियों को बड़े ऑर्डर मिल सकते हैं। यहां बोइंग बहुत काम आती है, क्योंकि एक यात्री विमान की कीमत ही करोड़ों डॉलर होती है। अगर कोई देश 50, 100 या 200 विमान खरीदने का सौदा करता है तो अमेरिका से होने वाली खरीद का आंकड़ा एक झटके में अरबों डॉलर बढ़ जाता है। इसका फायदा सिर्फ बोइंग को नहीं मिलता। इनके निर्माण से वहां की फैक्ट्रियों, इंजीनियरों और दूसरे कामगारों को रोजगार मिलता है। उदाहरण के लिए, व्हाइट हाउस ने दक्षिण कोरिया की 103 बोइंग विमानों की डील को करीब 36.2 अरब डॉलर का बताया और कहा कि इससे अमेरिका में करीब 1.35 लाख नौकरियों को मदद मिलेगी। ——————– यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- होर्मुज पर जल्द अमेरिका का फुल कंट्रोल होगा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी तरह कंट्रोल कर लेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों में ईरान की नेवी, एयरफोर्स और मिलिट्री लीडरशिप को बहुत नुकसान हुआ है। पूरी खबर पढ़ें…

दिव्यांग माँ सड़क किनारे चला रही है किचन | Handicapped kitchen | Delhi | Inspiring Woman Story

दिव्यांग माँ सड़क किनारे चला रही है किचन | Handicapped kitchen | Delhi | Inspiring Woman Story

बचपन से दिव्यांग आरती की जिंदगी आसान कभी नहीं रही।
शादीशुदा जिंदगी में भी उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लेकिन हर बार टूटने के बाद उन्होंने खुद को फिर से संभाला।
आज दिल्ली के प्रीत विहार मेट्रो स्टेशन के पास अपने छोटे-से Handicapped kitchen स्टॉल पर आरती सिर्फ खाना नहीं खिलाती, बल्कि अपने दोनों बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए हर दिन नई उम्मीद भी पकाती हैं।
अगर आप दिल्ली में हैं, तो एक बार इनके स्टॉल पर ज़रूर जाएँ। आपका एक ऑर्डर किसी माँ के हौसले को और मजबूत बना सकता है। :heart:

📌Handi Service, प्रीत विहार मेट्रो स्टेशन, दिल्ली

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