iPhone Duo की बुकिंग शुरू होते ही आउट ऑफ स्टॉक, अब अगले साल मिलेगा 299000 में!

iPhone Duo की बुकिंग शुरू होते ही आउट ऑफ स्टॉक, अब अगले साल मिलेगा 299000 में!

apple duo

iphone Duo : Apple का पहला फोल्डेबल iPhone Duo वैसे तो लॉन्च हो चुका है, लेकिन इसकी बिक्री स्टार्ट नहीं हुई है। कंपनी ने 16 अक्टूबर को इस फोन की प्री-बुकिंग शुरू की और कुछ ही समय में यह आउट ऑफ स्टॉक हो गया। ग्राहकों को अब अगले साल तक इंतजार करना होगा। ALSO READ: Apple iPhone Duo की प्री-बुकिंग शुरू, Samsung Galaxy Z Fold 8 को मिला फायदा, कीमत 2.99 लाख रुपए

मतलब कुछ ही खुशकिस्मत ग्राहकों को यह 23 अक्टूबर को मिलेगा, जिन्होंने समय रहते प्री-ऑर्डर दे दिया था। भारत में अब इस फोन की शिपिंग डेट अब बढ़ाकर 23 जनवरी 2027 कर दी गई है। 

 

iPhone Duo की प्री-बुकिंग Apple की आधिकारिक वेबसाइट और Apple Store ऐप के जरिए की गई। इसकी शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपए रखी गई है। भारतीय समय के अनुसार, शुक्रवार शाम साढ़े 5 बजे से फोन के प्री-ऑर्डर शुरू हुए और कुछ समय में ही शिपिंग डेट 23 जनवरी तक पहुंच गई।

 

iPhone Duo ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, जापान, मलेशिया, मैक्सिको, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात समेत 70 से अधिक देशों और क्षेत्रों में उपलब्ध होगा। शेष देशों में लोगों को इंतजार करना होगा।

 

Apple ने पिछले महीने iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के साथ iPhone Duo पेश किया था। जहां iPhone 18 Pro सीरीज की प्री-बुकिंग उसी सप्ताह शुरू हो गई थी।

Google Pixel 11 पर ₹26,000 तक की बचत, Pixel 11 Pro और Fold पर भी ऑफर, जानें पूरी डिटेल

भारत में नवरात्रि 2026 के जश्न के बीच Google ने दिवाली से पहले ही अपनी सेल शुरू कर दी है। अगर आप Google के नए Pixel 11 स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह आपके लिए अच्छा मौका हो सकता है। Google Store पर यह सेल शुरू हो चुकी है और 8 नवंबर 2026 तक चलेगी। इस दौरान ग्राहकों को फोन की कीमत में छूट, बैंक से तुरंत कैशबैक, पुराने फोन को एक्सचेंज करने पर अतिरिक्त छूट और चुनिंदा खरीदारी पर बिना ब्याज वाली EMI जैसे फायदे मिल सकते हैं।

Google Store की जानकारी के मुताबिक, Pixel 11 के 512GB मॉडल पर कुल ₹26,000 तक के ऑफर मिल रहे हैं। इसके अलावा, Pixel 11 Pro, Pixel 11 Pro XL, Pixel 11 Pro Fold और पुराने Pixel स्मार्टफोन पर भी छूट दी जा रही है। Google की यह सेल ऐसे समय में आई है, जब भारत में Amazon और Flipkart की फेस्टिव सेल भी जारी है।

Google Pixel 11 दिवाली सेल: जानें ऑफर्स और डिस्काउंट

भारत में Google Pixel 11 की शुरुआती कीमत ₹89,999 है। दिवाली सेल के दौरान ग्राहक इसके 512GB वेरिएंट पर Google Store से ₹10,000 की छूट पा सकते हैं। इसके अलावा, चुनिंदा पुराने फोन एक्सचेंज करने पर ₹9,000 का अतिरिक्त बोनस भी मिल सकता है। Google Pixel 9 को एक्सचेंज करने पर ₹34,000 तक की कीमत मिल सकती है।

वहीं, HDFC Bank और ICICI Bank के क्रेडिट कार्ड से चुनिंदा EMI ट्रांजैक्शन करने पर ₹7,000 तक का इंस्टेंट कैशबैक मिल सकता है।

दिए गए ऑफर्स के मुताबिक, सभी लागू छूट और कैशबैक को मिलाकर Pixel 11 के 512GB वेरिएंट पर कुल ₹26,000 तक की बचत हो सकती है। इससे फोन की प्रभावी कीमत ₹70,000 से कम हो सकती है। हालांकि, इसका फायदा ग्राहकों की पात्रता और ऑफर की शर्तों पर निर्भर करेगा।

Google Pixel 11 Pro, Pixel 11 Pro XL और Pixel 11 Pro Fold पर ऑफर्स

Google की दिवाली सेल में कंपनी के प्रीमियम स्मार्टफोन पर भी छूट मिल रही है। ग्राहक चुनिंदा बैंक क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर ₹10,000 तक का इंस्टेंट डिस्काउंट पा सकते हैं। इसके अलावा, चुनिंदा पुराने फोन एक्सचेंज करने पर ₹9,000 का अतिरिक्त बोनस भी मिल सकता है।

Google के मुताबिक, Pixel 9 को एक्सचेंज करने वाले ग्राहकों को अलग-अलग ऑफर्स मिलाकर कुल ₹46,000 तक की बचत हो सकती है। Google Store की वेबसाइट पर बिना ब्याज वाली EMI का विकल्प भी दिया जा रहा है। हालांकि, ये सभी फायदे ऑफर की शर्तों पर निर्भर करेंगे।

कीमत की बात करें तो Google Pixel 11 Pro की कीमत ₹1,19,999 और Pixel 11 Pro XL की कीमत ₹1,34,999 है। वहीं, Google Store India की वेबसाइट पर Pixel 11 Pro Fold को ₹1,86,999 में लिस्ट किया गया है।

ग्राहकों को फोन कितने में पड़ेगा, यह उनके चुने गए मॉडल, भुगतान के तरीके और पुराने फोन की एक्सचेंज वैल्यू पर निर्भर करेगा।

Google दिवाली सेल: Pixel 10 और Pixel 10a पर छूट

जो ग्राहक Google के पुराने स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं, उनके लिए भी दिवाली सेल में अच्छे ऑफर्स मिल रहे हैं। Google Pixel 10 को ₹64,000 से कम और Pixel 10a को ₹46,000 से कम कीमत में खरीदा जा सकता है। इन कीमतों का फायदा Google Store की छूट, बैंक से मिलने वाले इंस्टेंट कैशबैक और पुराने फोन को एक्सचेंज करने पर मिलने वाले बोनस के साथ मिल सकता है।

हालांकि, कितनी बचत होगी, यह फोन के मॉडल, उपलब्ध ऑफर्स और ग्राहक की पात्रता पर निर्भर करेगा। इसलिए ऑर्डर करने से पहले Google Store के चेकआउट पेज पर दिखाई देने वाली अंतिम कीमत जरूर देख लें।

Google की इस दिवाली सेल में Pixel स्मार्टवॉच पर भी छूट मिल रही है। ग्राहक Pixel Watch 5 पर ₹2,500 तक और Pixel Watch 4 पर ₹1,500 तक का बैंक डिस्काउंट पा सकते हैं। Google Store India की वेबसाइट पर Pixel Watch 5 की कीमत ₹42,900 और Pixel Watch 4 की कीमत ₹39,900 है।

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दिल्ली में रहने वाली अमेरिकन लेडी भारत की किराना दुकानों की हो गई फैन! इनमें ऐसा क्या मिल गया इनको?

दिल्ली (Delhi) में रहने वाली अमेरिकी कंटेंट क्रिएटर क्रिस्टन फिशर (Kristen Fisher) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इसमें वह अपने घर के पास की किराना दुकान से खरीदती नजर आ रही हैं। क्रिस्टन को यह बात पसंद आई कि रोज का सामान लेने के लिए न तो दूर जाना पड़ता है और न ही ऑनलाइन ऑर्डर करके डिलीवरी का इंतजार करना पड़ता है।

क्रिस्टन ने इंस्टाग्राम वीडियो में बताया कि किराना दुकान उनके घर से एक मिनट से भी कम दूरी पर है। वह पैदल दुकान पर गईं, हिंदी में दूध और दही मांगा, पैसे दिए और घर लौट आईं। उन्होंने कहा कि भारत में छोटी दुकानें पास में होने से जरूरत का सामान आसानी से मिल जाता है और यह सुविधा उन्हें बहुत पसंद है।

क्रिस्टन के वीडियो पर लोगों ने कई तरह के रिएक्शन दिए

एक यूजर ने कहा कि भारतीय अपने आसपास आसानी से मिलने वाली सुविधाओं की अहमियत भूल जाते हैं। दूसरे ने बताया कि अमेरिका में बिना कार के खरीदारी करना मुश्किल हो सकता है। वहीं, एक यूजर ने छोटी दुकानों को ‘छोटा वॉलमार्ट’ कहा। कई लोगों ने क्रिस्टन की हिंदी की भी तारीफ की।

ब्लिंकइट से बेहतर लगी पैदल खरीदारी

एक यूजर ने क्रिस्टन को ब्लिंकइट इस्तेमाल करने की सलाह दी। इस पर उन्होंने कहा कि वह पैदल जाकर लोगों से बात करना और छोटी दुकानों से सामान खरीदना पसंद करती हैं। इससे छोटे दुकानदारों को भी मदद मिलती है।

आजकल ब्लिंकइट और इंस्टामार्ट जैसे ऐप्स से लोग कुछ ही मिनटों में घर पर सामान मंगवा लेते हैं। मोहल्ले की दुकानों से सामान लेने पर लोगों को डिलीवरी का इंतजार नहीं करना पड़ता और छोटे दुकानदारों का कारोबार भी चलता रहता है।

24-कोच वंदे भारत स्लीपर का डिजाइन फाइनल होने की डेट आई सामने, जानिए कब पटरी पर दौड़ेगा स्लीपर वर्जन

Vande Bharat Sleeper Train: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले समय में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन तैयार करने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है। भारत की वंदे भारत ट्रेन को तैयार करने वाले सुधांशु मणि ने भी इस पहल का स्वागत किया है। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने चार साल से ज्यादा की देरी के बाद इस ट्रेन का डिजाइन 10 नवंबर तक फाइनल करने का लक्ष्य रखा है।

चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने चार साल से भी पहले 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के लिए तकनीकी जानकारी जारी की थी। अब ICF ने बताया है कि ट्रेन का डिजाइन 10 नवंबर तक फाइनल कर लिया जाएगा। इसका पहला प्रोटोटाइप मई या जून 2027 तक तैयार होने की उम्मीद है।

फिलहाल, 16 कोच वाली दो वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें असम के कामाख्या और पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बीच चल रही हैं। इन ट्रेनों को यात्रियों से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में मिलेंगी यात्रियों की सुविधा वाली कई खूबियां

बता दें कि यह एक आधुनिक ट्रेन है, जिसमें यात्रियों की सुविधा के लिए कई खूबियां हैं। इनमें सेमी-हाई स्पीड, बेहतर कुशनिंग वाली आरामदायक बर्थ, आसानी से आने-जाने के लिए ऑटोमैटिक दरवाजे और वेस्टिब्यूल, बेहतरीन सस्पेंशन और कम शोर के साथ आरामदायक सफर, और साफ-सफाई बनाए रखने के लिए डिसइंफेक्टेंट तकनीक शामिल हैं।

मणि ने कहा, “ICF का नवंबर 2026 तक 24-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का डिजाइन फाइनल करने और 2027 के मध्य तक इसका प्रोटोटाइप तैयार करने का प्लान एक स्वागत योग्य और महत्वपूर्ण कदम है। देर से ही सही, लेकिन यह समय-सीमा बहुत अहम है।”

उन्होंने कहा, “इस समय-सीमा का पालन करने से ICF को अपनी मुख्य डिजाइन और निर्माण क्षमताओं का पूरा उपयोग करने, अधिकतम क्षमता वाली ट्रेनों के जरिए सीमित ट्रैक संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने और लोगों को रात के सफर का वह प्रीमियम अनुभव देने में मदद मिलेगी, जिसकी वे उम्मीद करते हैं।”

2018 में ही महसूस होने लगी थी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की जरूरत: मणि

मणि ने कहा कि 2018 में शुरुआत से ही यह स्पष्ट था कि आगे चलकर वंदे भारत प्लेटफॉर्म के लिए एक स्लीपर वेरिएंट की जरूरत पड़ेगी।

उन्होंने कहा, “दिन के समय चलने वाली चेयर-कार सेवाओं का बाजार एक स्तर पर आकर रुकने ही वाला था, जिससे रात भर चलने वाली ट्रेनें एक जरूरी जरूरत बन गईं। आज की स्थिति से यह बात साबित भी होती है। वंदे भारत की दिन की सेवाओं में से 30 प्रतिशत तक में यात्रियों की संख्या काफी कम रहती है।” उन्होंने कोच बनाने के क्षेत्र में ICF की ऐतिहासिक विरासत की भी तारीफ की।

देरी का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि शुरुआत में ICF ने 2019 के आखिर तक एक स्लीपर प्रोटोटाइप तैयार करने की योजना बनाई थी, लेकिन वंदे भारत प्रोजेक्ट में लगभग चार साल के ठहराव के कारण यह समय-सीमा पटरी से उतर गई।

वंदे भारत ट्रेन के कोच घटाकर 8 करने पड़े, देरी पर मणि ने उठाए सवाल

मणि ने तर्क दिया कि देरी के कारण एक ऐसा समझौता करना पड़ा जो आदर्श नहीं था: कुछ रूटों पर 16 कोच वाली सामान्य चेयर-कार ट्रेनों को घटाकर 8 कोच वाली ट्रेन सेट कर दिए गए। ऐसा शायद इसलिए किया गया ताकि सरकार द्वारा बताए गए उम्मीद भरे आंकड़ों को पूरा किया जा सके।

उन्होंने कहा, “चूंकि भारतीय रेलवे के रूटों पर बहुत अधिक भीड़ रहती है और ये काफी महंगे संसाधन हैं, इसलिए लंबी ट्रेनों के जरिए लाइन की क्षमता का अधिकतम उपयोग करना एक अहम प्राथमिकता होनी चाहिए।”

उन्होंने बताया कि विकास की गति बढ़ाने के लिए, भारतीय रेलवे ने निजी क्षेत्र का रुख किया। इसके तहत ‘किनेट रेलवे सॉल्यूशंस’ (रेल विकास निगम लिमिटेड और रूस की TMH का एक संयुक्त उद्यम) को 120 स्लीपर ट्रेनों का ठेका दिया गया, और ‘टाटागढ़’ तथा ‘भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड’ (BHEL) के एक समूह को 80 और रेक (ट्रेन सेट) बनाने का ठेका मिला। लेकिन, अनुबंध और डिजाइन से जुड़ी मंजूरियों में देरी के कारण इन निजी परियोजनाओं में विलंब हुआ। ऐसे में, काम को जल्द शुरू करने के लिए रेलवे ने 10 स्लीपर ट्रेन सेट का एक शुरुआती ऑर्डर दिया। दिलचस्प बात यह है कि यह ऑर्डर ICF को नहीं, बल्कि ‘भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड’ (BEML) को दिया गया।

मणि ने कहा, “देश अब ‘ओवरनाइट’ (रात भर चलने वाली) वंदे भारत सेवाओं के एक नए युग की शुरुआत देख रहा है। BEML द्वारा बनाई गई एक ट्रेन ने कमर्शियल स्लीपर सेवा की सफल शुरुआत की है, जो हावड़ा और कामाख्या के बीच एक महत्वपूर्ण लंबी दूरी के रूट पर चल रही है।”

उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में, ICF की योजना – जिसके तहत नवंबर 2026 तक डिजाइन को अंतिम रूप दिया जाना है और 2027 के मध्य तक 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का प्रोटोटाइप तैयार किया जाना है – एक स्वागत योग्य और अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।

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SEBI के नए CAS नियम! शेयरों की क्लोजिंग प्राइस और एक्सपायरी डे ट्रेडिंग में क्या बदलेगा? जानिए पूरी डिटेल

SEBI New CAS Rules: मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने गुरुवार को क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) का अंतिम फ्रेमवर्क जारी कर दिया। इसमें कैश मार्केट में CAS के समय और काम करने के तरीके में बदलाव किए गए हैं। हालांकि, इंडेक्स और स्टॉक डेरिवेटिव्स के एक्सपायरी वाले दिन सेटलमेंट प्राइस तय करने के लिए 30 मिनट के VWAP तरीके को बरकरार रखा गया है।

7 दिसंबर से लागू होंगे नए नियम

नए फ्रेमवर्क के तहत सभी कारोबारी दिनों में CAS दोपहर 3:30 बजे से 3:40 बजे तक चलेगा। ज्यादातर बदलाव 7 दिसंबर 2026 से लागू होंगे। हालांकि, लगातार ट्रेडिंग सेशन के बचे हुए लिमिट और आइसबर्ग ऑर्डर को CAS में ले जाने से जुड़े नियम 8 फरवरी 2027 से लागू होंगे।

कैसे चलेगा Closing Auction Session?

CAS की शुरुआत दोपहर 3:30 बजे से 3:31 बजे तक होगी। इस एक मिनट में रेफरेंस प्राइस की गणना और सेशन में बदलाव की प्रक्रिया पूरी होगी।

इसके बाद 3:31 बजे से 3:36 बजे तक निवेशक लिमिट और मार्केट, दोनों तरह के ऑर्डर दे सकेंगे। 3:36 बजे के बाद केवल लिमिट ऑर्डर की अनुमति होगी। इस दौरान मार्केट ऑर्डर में बदलाव या उन्हें रद्द नहीं किया जा सकेगा।

सेशन 3:38 बजे से 3:40 बजे के बीच किसी भी समय रैंडम तरीके से बंद होगा। इसके बाद ऑर्डर मैच किए जाएंगे।

क्लोजिंग प्राइस कैसे तय होगा?

CAS का रेफरेंस प्राइस लगातार ट्रेडिंग सेशन के आखिरी 15 मिनट के कारोबार के VWAP के आधार पर तय होगा। VWAP यानी वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस। इसमें शेयर की कीमत के साथ कारोबार की मात्रा को भी ध्यान में रखा जाता है।

अगर इन 15 मिनट में कोई ट्रेड नहीं होता, तो उस दिन का आखिरी ट्रेडेड प्राइस इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, अगर पूरे दिन शेयर में कारोबार नहीं हुआ, तो पिछले कारोबारी दिन का क्लोजिंग प्राइस लागू होगा। जरूरत पड़ने पर इसमें कॉरपोरेट एक्शन के हिसाब से बदलाव भी किया जाएगा।

डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग का समय

सामान्य कारोबारी दिनों में इंडेक्स डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग दोपहर 3:45 बजे तक जारी रहेगी। लेकिन एक्सपायरी वाले दिन इंडेक्स डेरिवेटिव्स के कॉन्ट्रैक्ट में ट्रेडिंग 3:30 बजे बंद हो जाएगी।

स्टॉक डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग एक्सपायरी वाले दिन भी दोपहर 3:45 बजे तक जारी रहेगी। वहीं, कैश मार्केट का पोस्ट-क्लोज सेशन 3:50 बजे से 4 बजे तक चलेगा। इस दौरान ट्रेड क्लोजिंग प्राइस पर होंगे।

एक्सपायरी सेटलमेंट के लिए 30 मिनट का VWAP

इंडेक्स डेरिवेटिव्स के एक्सपायरी सेटलमेंट के लिए संबंधित इंडेक्स की वैल्यू कैश मार्केट के लगातार ट्रेडिंग सेशन के आखिरी 30 मिनट में उसके घटक शेयरों के VWAP के आधार पर निकाली जाएगी।

स्टॉक डेरिवेटिव्स के मामले में संबंधित शेयर का VWAP इसी 30 मिनट की अवधि के दौरान सभी एक्सचेंजों पर हुए कारोबार के आधार पर तय होगा। एक्सचेंज इन संकेतक वैल्यू को रियल टाइम में जारी करेंगे।

लिमिट और आइसबर्ग ऑर्डर के नियम

लगातार ट्रेडिंग सेशन के बाद बचे हुए पात्र लिमिट ऑर्डर आम तौर पर CAS में आगे बढ़ा दिए जाएंगे। हालांकि, स्टॉप-लॉस ऑर्डर और लागू प्राइस बैंड से बाहर के ऑर्डर इसमें शामिल नहीं होंगे।

आइसबर्ग ऑर्डर को भी कुछ शर्तों के साथ CAS में ले जाया जाएगा। ऐसे ऑर्डर आम तौर पर पूरी मात्रा दिखाने वाले लिमिट ऑर्डर में बदल जाएंगे। हालांकि, निवेशक ऑर्डर देते समय इस प्रक्रिया से बाहर रहने का विकल्प चुन सकेंगे।

पहले से आगे बढ़ाए गए पात्र लिमिट ऑर्डर को CAS में नए लिमिट ऑर्डर के मुकाबले प्राथमिकता मिलेगी। बदले गए आइसबर्ग ऑर्डर की प्राथमिकता पहले से आगे बढ़ाए गए दूसरे लिमिट ऑर्डर से नीचे रहेगी।

CAS के दौरान नए आइसबर्ग और स्टॉप-लॉस ऑर्डर नहीं दिए जा सकेंगे। आम तौर पर ऑर्डर पर लागू मार्जिन नियम भी लागू होंगे। हालांकि, लगातार ट्रेडिंग सेशन से आगे बढ़ाए गए पात्र ऑर्डर को छूट मिलेगी। CAS के दौरान ऐसे ऑर्डर में बदलाव करने पर मार्जिन की शर्त लागू होगी।

स्टॉक फ्यूचर्स के प्राइस बैंड में भी बदलाव

दोपहर 3:30 बजे से 3:45 बजे तक स्टॉक फ्यूचर्स के प्राइस बैंड CAS के प्राइस बैंड के मुताबिक रहेंगे। इस अवधि में डायनेमिक प्राइस बैंड में बदलाव नहीं किया जाएगा।

सेबी ने एक्सचेंजों और क्लियरिंग कॉरपोरेशन को निर्देश दिया है कि वे इस सर्कुलर के सात दिनों के भीतर रेगुलेटर से सलाह लेकर अपनी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) में जरूरी बदलाव करें।

Angel One Q2 Results: मुनाफा 58% बढ़कर ₹335 करोड़ हुआ, डिविडेंड का भी ऐलान

Q2 Results: घाटे से ₹19 करोड़ के मुनाफे में लौटी सोलर कंपनी, ऑर्डर बुक ₹12000 करोड़ के पार

Q2 Results: सोलर एनर्जी से जुड़ी कंपनी Sterling and Wilson Renewable Energy (SWREL) के लिए सितंबर तिमाही अच्छी रही। कंपनी घाटे से निकलकर मुनाफे में आ गई। जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी ने 19.2 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया। पिछले साल इसी तिमाही में उसे 473.2 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू घट गया। सितंबर तिमाही में यह 12.6% गिरकर 1,527.5 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी दौरान कंपनी का रेवेन्यू 1,748.6 करोड़ रुपये था।

ऑपरेटिंग मुनाफे में सुधार

कंपनी के कारोबार से होने वाली कमाई में सुधार दिखा। सितंबर तिमाही में EBITDA बढ़कर 56 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह सिर्फ 4 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन भी 0.2% से बढ़कर 3.7% हो गया।

वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कंपनी ने 70 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। पिछले साल इसी अवधि में उसे 439 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

ऑर्डर बुक 12,480 करोड़ रुपये पहुंची

SWREL के पास फिलहाल 12,480 करोड़ रुपये के ऐसे ऑर्डर हैं, जिन पर काम पूरा होना बाकी है। इससे आने वाले समय में कमाई की उम्मीद का अंदाजा मिलता है।

कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में उसकी ऑर्डर बुक सालाना आधार पर 34% बढ़ी है।

985 करोड़ रुपये से ज्यादा के नए ऑर्डर

Sterling and Wilson को हाल ही में भारत और विदेशों में 985 करोड़ रुपये से ज्यादा के नए ऑर्डर मिले हैं। इनमें राजस्थान में 534.3 मेगावाट-पीक क्षमता का सोलर प्रोजेक्ट शामिल है।

इसके अलावा, दक्षिण अफ्रीका में बैटरी स्टोरेज के दो प्रोजेक्ट मिले हैं। इनकी कुल क्षमता 616 मेगावाट-घंटे है। कंपनी को मिस्र में वेस्ट मिन्या सोलर पावर प्रोजेक्ट भी मिला है। इसे कंपनी ने Hassan Allam Construction के साथ जॉइंट वेंचर के जरिए हासिल किया है।

शेयर 3% से ज्यादा चढ़ा

गुरुवार को NSE पर Sterling and Wilson का शेयर 3.06% बढ़कर 177 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 27.31% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 4.09 हजार करोड़ रुपये है।

IRFC Q2 Results: सरकारी रेल कंपनी को ₹1958 करोड़ का मुनाफा, अब तक के सबसे बड़े डिविडेंड का ऐलान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Angel One Q2 Results: मुनाफा 58% बढ़कर ₹335 करोड़ हुआ, डिविडेंड का भी ऐलान

Angel One Q2 Results: स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी Angel One का सितंबर तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 58.2% बढ़कर 334.9 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 211.7 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। रेवेन्यू भी 17.8% बढ़कर 1,426.9 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल 1,211.7 करोड़ रुपये था।

कंपनी का EBITDA बढ़कर 493.3 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी अवधि में यह 485.4 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन पिछली तिमाही के 34.5% से बढ़कर 45.1% पहुंच गया। इसमें 10.64 प्रतिशत अंक का सुधार हुआ।

क्लाइंट फंडिंग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

कंपनी की औसत क्लाइंट फंडिंग बुक वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में रिकॉर्ड 7,450 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इसमें सालाना आधार पर 40.5% की बढ़ोतरी हुई। सितंबर में रोजाना औसत ऑर्डर बढ़कर 58 लाख हो गए। यह Closing Auction Session (CAS) लागू होने से पहले के स्तर के करीब है। CAS के कारण कुछ समय तक ब्रोकिंग कारोबार प्रभावित हुआ था।

Angel One के ग्रुप CEO अंबरिश खेंगे ने कहा कि बाजार के नियमों में बदलाव के बावजूद कंपनी के ग्राहकों की भागीदारी में सुधार हुआ है। इनमें बैंक फंडिंग के बदले नियम और कैश इक्विटी में CAS की शुरुआत शामिल हैं।

डेरिवेटिव्स और क्रेडिट कारोबार में बढ़त

रिटेल इक्विटी डेरिवेटिव्स टर्नओवर में Angel One की हिस्सेदारी सालाना आधार पर 0.43 प्रतिशत अंक बढ़कर 22.1% हो गई। वहीं, कमोडिटी टर्नओवर दोगुने से ज्यादा बढ़ा।

कंपनी का क्रेडिट डिस्ट्रीब्यूशन भी 51.8% बढ़कर 690 करोड़ रुपये हो गया। सितंबर में ही करीब 280 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मासिक क्रेडिट डिस्ट्रीब्यूशन हुआ। हालांकि, नए सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) रजिस्ट्रेशन सालाना आधार पर 19% घटकर 19 लाख रह गए।

वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार का विस्तार

Angel One के वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार का AUM सालाना आधार पर 160.5% बढ़कर 16,000 करोड़ रुपये पहुंच गया। सितंबर 2026 तक इस कारोबार के ग्राहकों की संख्या 2,975 से ज्यादा हो गई। कंपनी के एसेट मैनेजमेंट कारोबार का AUM भी 41.3% बढ़कर 570 करोड़ रुपये रहा।

Angel One का डिविडेंड

एंजल वन ने 1.40 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड देने का भी ऐलान किया है। इसके लिए रिकॉर्ड 22 अक्टूबर 2026 तय की है।

नतीजों से पहले BSE पर कंपनी का शेयर 2.13% बढ़कर 312.10 रुपये पर बंद हुआ। इस साल स्टॉक 32.04% चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 2.82 हजार करोड़ रुपये है।

IRFC Q2 Results: सरकारी रेल कंपनी को ₹1958 करोड़ का मुनाफा, अब तक के सबसे बड़े डिविडेंड का ऐलान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q2 Results: आईटी कंपनी को ₹1586 करोड़ का मुनाफा, डिविडेंड और बोनस शेयर का ऐलान

Q2 Results: आईटी कंपनी Tech Mahindra ने सितंबर तिमाही में 1,586 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया। यह जून तिमाही के 1,465 करोड़ रुपये से 8.2% ज्यादा है। CNBC-TV18 के पोल में मुनाफा 1,576 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया था। यानी कंपनी के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे।

डॉलर में रेवेन्यू भी बढ़ा

टेक महिंद्रा का डॉलर में रेवेन्यू भी 2% बढ़कर 1,693 मिलियन डॉलर हो गया। जून तिमाही में यह 1,660 मिलियन डॉलर था। वहीं, EBIT यानी ऑपरेटिंग मुनाफा सालाना आधार पर 40.5% बढ़कर 2,387 करोड़ रुपये पहुंच गया।

कंपनी का EBIT मार्जिन भी सुधरा है। यह जून तिमाही के 14.4% से बढ़कर 14.8% हो गया। Tech Mahindra का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 के अंत तक इसे 15% तक पहुंचाना है।

डिविडेंड और बोनस शेयर को मंजूरी

टेक महिंद्रा ने शेयरधारकों को 15 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड देने का ऐलान किया है। इसके अलावा, बोर्ड ने 1:1 बोनस शेयर जारी करने को भी मंजूरी दी है। इसके तहत पात्र निवेशकों को हर एक शेयर के बदले एक अतिरिक्त शेयर मिल सकता है। हालांकि, इसके लिए जरूरी मंजूरियां मिलना बाकी है।

नए ऑर्डर और AI से ग्रोथ की उम्मीद

टेक महिंद्रा के CEO मोहित जोशी ने तिमाही प्रदर्शन को बेहद मजबूत बताया। सितंबर तिमाही में कंपनी को 1.023 अरब डॉलर के नए सौदे मिले। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस कारोबार में 4.6% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, हेल्थकेयर कारोबार 6.6% बढ़ा।

कंपनी को Orange के बड़े टेलीकॉम प्रोजेक्ट से भी मदद मिली। Avant Techno Solutions के अधिग्रहण से भी तिमाही के रेवेन्यू में योगदान हुआ। इसके अलावा, Tech Mahindra AI कारोबार को बढ़ाने पर जोर दे रही है। कंपनी के मुताबिक, उसका AI कलेक्शन सॉल्यूशन बकाया रकम की वसूली में करीब 40% तक एफिशिएंसी बढ़ा रहा है। कंपनी ने Cisco और SpaceX AI के साथ भी साझेदारी की घोषणा की है।

H-1B वीजा पर क्या बोले CEO?

अमेरिका के वीजा नियमों से जुड़े सवाल पर मोहित जोशी ने कहा कि अमेरिकी सरकार ने जिन कंपनियों का नाम लिया था, उनमें Tech Mahindra शामिल नहीं थी। उन्होंने कहा कि कंपनी दुनियाभर में वीजा नियमों और उनके अनुपालन को लेकर सतर्क रहती है।

जोशी के मुताबिक, H-1B वीजाधारक कंपनी के कुल कर्मचारियों का करीब 1% हैं। कंपनी का अमेरिका और वैश्विक स्तर पर स्थानीय कर्मचारियों की भर्ती पर जोर है।

शेयर में 4.75% की तेजी

नतीजों की घोषणा से पहले गुरुवार को Tech Mahindra का शेयर 4.75% बढ़कर 1,650 रुपये पर बंद हुआ। इस तेजी से शेयर सालभर के हिसाब से भी बढ़त में आ गया। पिछले 12 महीनों में इसमें 13% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

iPhone 17 Pro Max पर ₹15,000 तक की छूट, जानें कैसे मिलेगा डिस्काउंट

अगर आप लंबे समय से Apple का प्रीमियम iPhone खरीदने का प्लान बना रहे हैं, लेकिन इसकी कीमत देखकर रुक जा रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। नवरात्रि के मौके पर Croma अपने ग्राहकों को iPhone 17 Pro Max पर शानदार डिस्काउंट दे रहा है। इस ऑफर में फोन की कीमत पर सीधे छूट के साथ बैंक कार्ड का फायदा भी उठाया जा सकता है। दोनों ऑफर मिलाकर इस प्रीमियम iPhone पर ₹15,000 तक की बचत हो सकती है।

iPhone 17 Pro Max पर कैसे मिलेगा डिस्काउंट?

Apple iPhone 17 Pro Max (256GB) को भारत में ₹1,49,900 की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया था। हालांकि, Croma के फेस्टिव ऑफर में अब यह फोन कम कीमत पर मिल रहा है। कंपनी इस पर सीधे ₹10,910 की छूट दे रही है, जिसके बाद इसकी कीमत घटकर ₹1,38,990 रह जाती है।

इसके अलावा, ICICI Bank, HDFC Bank या IDFC Bank के क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर ₹4,000 की अतिरिक्त छूट भी मिल सकती है। इस तरह दोनों ऑफर का फायदा उठाने पर iPhone 17 Pro Max की प्रभावी कीमत ₹1,34,990 हो जाती है। यानी ग्राहक फोन की शुरुआती कीमत के मुकाबले कुल ₹14,910 तक की बचत कर सकते हैं।

iPhone 17 Pro Max के स्पेसिफिकेशन्स

iPhone 17 Pro Max में 6.9 इंच की डिस्प्ले है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करती है। यह स्मार्टफोन A19 Pro प्रोसेसर पर चलता है। दावा किया गया है कि यह डिवाइस 39 घंटे तक का वीडियो प्लेबैक दे सकता है। फोटोग्राफी के लिए, इस फ्लैगशिप फोन में ट्रिपल फ्यूजन रियर कैमरा सिस्टम है, जिसमें 48MP का प्राइमरी सेंसर, 48MP का अल्ट्रावाइड शूटर और 4x ऑप्टिकल जूम वाला 48MP का टेलीफोटो सेंसर शामिल है। वहीं, सेल्फी के लिए इसमें 18MP का कैमरा दिया गया है। यह स्मार्टफोन वेपर चैंबर कूलिंग को भी सपोर्ट करता है और इसमें Ceramic Shield 2 की सुरक्षा दी गई है।

खास बात यह है कि जो लोग iPhone 17 Pro Max को कम कीमत पर खरीदना चाहते हैं, उनके लिए Croma का यह ऑफर एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें मिलने वाले डिस्काउंट और बैंक ऑफर्स को मिलाकर, कुल बचत 14,910 रुपये से भी ज्यादा हो सकती है। हालांकि, ऑर्डर देने से पहले यह जरूर चेक कर लें कि आप बैंक ऑफर के लिए योग्य हैं या नहीं और इसकी शर्तें क्या हैं। ताकि आप अतिरिक्त लाभ उठा सकें। Croma के अनुसार, यह ऑफर 31 अक्टूबर 2026 तक मान्य है।

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