Aarti Industries Share: आरती इंडस्ट्रीज के शेयरों में तगड़ा उछाल, विदेशी केमिकल कंपनी से ₹1500 करोड़ का ऑर्डर मिला

Aarti Industries Share: केमिकल कंपनी Aarti Industries के शेयरों में मंगलवार, 13 अक्टूबर को 5% से ज्यादा की तेजी आई। कंपनी को एक ग्लोबल स्पेशियलिटी केमिकल कंपनी से बड़ा काम मिला है। दोनों के बीच लंबे समय के लिए मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई का समझौता हुआ है। इससे 10 साल से ज्यादा समय में करीब ₹1,500 करोड़ का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।

इस समझौते के तहत Aarti Industries भारत में एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी। कंपनी ही इसे बनाएगी और चलाएगी। यहां खास तरह का केमिकल तैयार किया जाएगा। इसका इस्तेमाल हाई-परफॉर्मेंस प्रोडक्ट बनाने में होता है। केमिकल बनाने के लिए ग्राहक की अपनी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

कंपनी को इस समझौते से एक नया ग्लोबल ग्राहक मिला है। इसका मकसद भारत में ग्राहक की बढ़ती जरूरतों को पूरा करना है। जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद वित्त वर्ष 2028-29 में यहां कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद है।

₹250 करोड़ से कम का निवेश करेगी कंपनी

Aarti Industries के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के लिए ₹250 करोड़ से कम का कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी कैपेक्स लगेगा। इसके लिए एक खास फाइनेंशियल मॉडल बनाया जाएगा।

इसमें ग्राहक की तकनीक और Aarti Industries की इंजीनियरिंग क्षमता का इस्तेमाल होगा। कंपनी अपने अनुभव से प्रोडक्शन को बड़े स्तर पर ले जाएगी। साथ ही, प्लांट को चलाने की जिम्मेदारी भी संभालेगी।

मैनेजमेंट ने क्या कहा

Aarti Industries के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO सुयोग कोटेचा ने कहा कि इस समझौते से कंपनी के ग्लोबल ग्राहक पोर्टफोलियो में एक नया नाम जुड़ा है। यह कंपनी की क्षमता पर ग्राहक के भरोसे को दिखाता है।

उन्होंने कहा कि ग्राहक की तकनीक और Aarti Industries के अनुभव को मिलाकर काम किया जाएगा। इससे प्रोडक्शन बढ़ाने, प्लांट तैयार करने और उसे भरोसेमंद तरीके से चलाने में मदद मिलेगी।

Aarti Industries के शेयरों में तेजी

इस समझौते की खबर के बाद मंगलवार को Aarti Industries का शेयर कारोबार के दौरान 5.2% तक चढ़ गया। शेयर ने ₹498.40 का इंट्राडे हाई बनाया। आखिर में स्टॉक 3.04% की बढ़त के साथ ₹488.30 पर बंद हुआ था।

साल 2026 में अब तक कंपनी का शेयर करीब 30% चढ़ चुका है। कंपनी का मार्केट कैप 17.71 हजार करोड़ रुपये है।

डॉली खन्ना ने इस स्मॉलकैप स्टॉक में हिस्सेदारी बढ़ाई, 6 महीने में 77% उछला है शेयर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Polycab Share Price: ₹2.78 करोड़ की कानूनी लड़ाई, NSE ने कॉल-पुट पर लगाया बैन तो शेयर धड़ाम

Polycab Share Price: वायर और केबल बनाने वाली देश की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड कंपनी पॉलीकैब के शेयरों ने आज निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया। एनएसई ने जब 30 दिसंबर, 2026 से इसके F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) कॉन्ट्रैक्ट्स को बंद करने को कहा तो आज इसमें बिकवाली का दबाव दिखा। एनएसई ने दिसंबर के बाद से इसे डेरिवेटिव सेगमेंट से बाहर करने का आदेश इसलिए दिया क्योंकि कंपनी अब IBC (इनसॉल्वेंस एंड बैंकरप्सी कोड) फ्रेमवर्क के तहत आ गई। इसके बाद अब कंपनी के शेयर धड़ाम हो गए। फिलहाल बीएसई पर यह 2.16% की गिरावट के साथ ₹8232.00 पर है। इंट्रा-डे में यह 5.38% टूटकर ₹7,961.10 तक आ गया था।

Polycab क्यों आई IBC फ्रेमवर्क के शॉर्टलिस्ट में

एनएसई ने पॉलीकैब इंडिया को इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट से बाहर करने का फैसला इसलिए किया क्योंकि यह आईबीसी फ्रेमवर्क के तहत शॉर्टलिस्ट हुई है। यह मामला पॉलीकैब इंडिया के खिलाफ एक दिवालिया याचिका से जुड़ा है, जिसे एशियर मेटल्स (Asier Metals) ने फाइल किया है और इस पर सुनवाई के लिए NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) ने दोनों पक्षों की बहस के बाद मंजूरी दे दी है।

यह मामला ₹2.78 करोड़ के डिफॉल्ट से जु़ड़ा है। एशियर मेटल्स का कहना है कि पॉलीकैब के साथ उसका कारोबार संबंध साल 2020 में शुरू हुआ और इसके तहत पहले ही तय हो गया था कि एलुमिनियम इनगॉट्स की सप्लाई के पेमेंट 100% एडवांस होगा। सप्लायर एशियर मेटल्स के मुताबिक ऐसा मार्च 2026 तक चलता रहा और फिर इसके बाद 8 जून और 25 जून को जो दो ऑर्डर्स पॉलीकैब ने दिए, उसका एडवांस पेमेंट नहीं मिला। सप्लायर ने बाद में सप्लाई और बकाये के आधार पर पेमेंट मांगा।

सप्लायर के दावे के मुताबिक उसने प्रति किग्रा ₹405 के भाव पर एलुमिनियम इनगॉट्स की सप्लाई की और 29 इनवॉइस जारी की। रिफंड्स, क्रेडिट नोट्स और अन्य एडजस्टमेंट्स के बाद एशियर मेटल्स ने ₹2.78 करोड़ के बकाए की बात कही, जिस पर कंपनी 26 जून को डिफॉल्ट हो गई यानी कि दे नहीं पाई। इस पर सप्लायर ने 6 अगस्त को स्टैटुअर डिमांड नोटिस भेजा। पेमेंट नहीं मिलने पर सप्लायर ने 24 अगस्त को एनसीएलटी में याचिका डाली, जिसे 7 अक्टूबर को एनसीएलटी ने स्वीकार कर लिया।

कंपनी के दावे की बात करें तो पॉलीकैब का कहना है कि इनवॉइस प्रोविजिनल बिलिंग थी और इसमें फाइनल प्राइसिंग, रिकंसिलिएशन, क्वांटिटी डिस्काउंट्स, क्रेडिट नोट्स और अन्य एडजस्टमेंट्स होने थे। पॉलीकैब ने ₹17.52 करोड़ का काउंटर-क्लेम भी किया और डिटेंशन/डेमरेज के लिए ₹80 लाख के एडजस्टमेंट की मांग की। कंपनी का दावा है कि सप्लायर ने यह रकम एकतरफा और बिना मिलान किए गए हिसाब-किताब से निकाली थी। वहीं सप्लायर ने पर्चेज ऑर्डर का हवाला देते हुए कहा कि इसमें साफतौर पर प्रति किग्रा ₹405 की कीमत तय लिखी है।

क्या है NSE के आदेश का मतलब

एनएसई ने 12 अक्टूबर के अपने आदेश में पॉलीकैब इंडिया को इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट से बाहर निकालने का आदेश दिया, जिसके तहत 30 दिसंबर, 2026 से इसके F&O (फ्यूचर्स एंड कॉन्ट्रैक्ट्स) की ट्रेडिंग नहीं होगी। हालांकि इस सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि अक्टूबर 2026 के कॉन्ट्रैक्ट्स एक्सपायर होने के बाद एक्सपायरी महीनों के लिए कोई नया कॉन्ट्रैक्ट जारी नहीं होगा। वहीं अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2026 में एक्सपायर होने वाले मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स अपने-अपने एक्सपायरी डेट तक ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध रहेंगे। NSE का यह भी कहना है कि सभी मौजूदा डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स पर T+2 दिन के आधार पर 100% मार्जिन लगाया जाएगा। यह नियम 13 अक्टूबर, 2026 तक की सभी ओपन पोजीशन्स और 14 अक्टूबर से बनने वाली नई पोजीशन्स पर लागू होगा।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

पॉलीकैब के शेयरों ने अमेरिका-ईरान के बीच के युद्ध, टैरिफ वार की आंच और महंगाई की मार के बीच निवेशकों को कम समय में अच्छा रिटर्न दिया है। 27 जनवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹6,660.50 पर था, जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 5 महीने में यह 52.07% उछलकर 22 जून 2026 को ₹10,128.60 पर पहुंच गया था।

Polycab India Q1 Results: अनुमान से कमजोर रहा नेट प्रॉफिट और रेवेन्यू

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 13 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 11 स्टॉक्स, IRCON से RBL बैंक तक शामिल

Stocks to Watch: मंगलवार, 13 अक्टूबर को शेयर बाजार में कई शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। इनसे तिमाही नतीजे, नए ऑर्डर और बड़े कारोबारी समझौतों तक कई अहम अपडेट सामने आए हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर इन 11 शेयरों पर रहने वाली है।

RBL Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक RBL Bank का सितंबर तिमाही में मुनाफा बढ़कर 481.7 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 179 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। नेट इंटरेस्ट इनकम 37.4% बढ़कर 2,131 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, ग्रॉस NPA पिछली तिमाही के 1.30% से घटकर 1.02% पर आ गया।

HCL Tech

आईटी कंपनी HCL Tech ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान 2.5% से 4% रखा है। सितंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा पिछली तिमाही के 4,624 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,132 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 3% बढ़कर 35,620 करोड़ रुपये रहा। वहीं, EBIT मार्जिन 18.2% दर्ज किया गया।

Karur Vysya Bank

प्राइवेट बैंक Karur Vysya Bank ने Zurich Kotak General Insurance के साथ समझौता किया है। इसके तहत बैंक अपने ग्राहकों को जनरल इंश्योरेंस प्रोडक्ट उपलब्ध कराएगा। इस साझेदारी का मकसद ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से बीमा सेवाएं देना है।

ICICI Prudential AMC

म्यूचुअल फंड कंपनी ICICI Prudential AMC का सितंबर तिमाही में मुनाफा पिछली तिमाही के मुकाबले 7.8% घटकर 888.9 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, इस दौरान रेवेन्यू 7% बढ़कर 1,676.7 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के बोर्ड ने हर शेयर पर 30 रुपये के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है।

Can Fin Homes

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी Can Fin Homes का सितंबर तिमाही में मुनाफा सालाना आधार पर 9.2% बढ़कर 274.61 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की ऑपरेशंस से नेट इनकम 7.8% बढ़कर 1,131.18 करोड़ रुपये रही। वहीं, प्रति शेयर कमाई (EPS) पिछले साल के 18.88 रुपये से बढ़कर 20.62 रुपये हो गई।

Azad Engineering

प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी Azad Engineering को सरकारी कंपनी BHEL से 52.68 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके तहत कंपनी भारी गैस टर्बाइन के लिए जरूरी ब्लेड की सप्लाई करेगी। यह कॉन्ट्रैक्ट 9 अक्टूबर 2028 तक चलेगा।

IRCON International

सरकारी रेल कंपनी IRCON International को ईस्ट सेंट्रल रेलवे से 862.46 करोड़ रुपये का EPC कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके तहत सोन नगर-आंडाल प्रोजेक्ट की तीसरी और चौथी रेल लाइन के लिए ट्रैक बिछाने और जोड़ने का काम करना है। कंपनी रेलवे ट्रैक की गिट्टी और दूसरी जरूरी सामग्री की सप्लाई भी करेगी।

Indian Hotels Company

होटल कंपनी Indian Hotels Company Ltd (IHCL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 47 नए होटल साइन किए और 20 होटल शुरू किए। इसके साथ ही कंपनी के पोर्टफोलियो में कुल 670 होटल हो गए हैं।

Vikran Engineering

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Vikran Engineering की सब्सिडियरी NOPL Solar Projects ने IREDA के साथ 2,941.19 करोड़ रुपये का लोन एग्रीमेंट किया है। इस रकम का इस्तेमाल महाराष्ट्र में सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत 152 जगहों पर 969 MWac क्षमता का सोलर प्लांट लगाया जाएगा। इसकी कुल अनुमानित लागत 4,201.70 करोड़ रुपये है।

Bank of India

सरकारी बैंक Bank of India ने Future Enterprises के 575.40 करोड़ रुपये के बकाया खाते को फ्रॉड घोषित कर दिया है। बैंक ने इस मामले की जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को दे दी है। बैंक के मुताबिक, यह खाता पहले से ही NPA था। बैंक ने बकाया रकम के बराबर 575.40 करोड़ रुपये का प्रोविजन भी किया है।

Nazara Technologies

गेमिंग कंपनी Nazara Technologies ने मिथुन पदम सचेटी को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर से एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और होल-टाइम डायरेक्टर बनाया है। यह नियुक्ति 12 अक्टूबर 2026 से प्रभावी है, लेकिन इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी है। कंपनी के CFO राकेश शाह ने भी इस्तीफा दे दिया है, जो 15 अक्टूबर से प्रभावी होगा।

Q2 नतीजे घोषित करने वाली कंपनियां

कई कंपनियां 13 अक्टूबर को दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Anand Rathi Share and Stock Brokers, Hero Motors, ICICI Prudential Life Insurance Company और Tata Elxsi शामिल हैं। इसके अलावा, GTPL Hathway भी अपने नतीजे घोषित करेगी।

Q2 Results: हर शेयर पर ₹30 डिविडेंड देगी म्यूचुअल फंड कंपनी, दूसरी तिमाही में ₹889 करोड़ का मुनाफा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

फ्लाइट अटेंडेंट की नौकरी छोड़ संभाला फैमिली बिजनेस, एक दिन में कमाए ₹14.45 लाख

फ्लाइट अटेंडेंट की नौकरी करना कई लोगों का सपना होता है। इस काम में अलग-अलग जगहों पर घूमने और नए लोगों से मिलने का मौका मिलता है। लेकिन 12 साल तक एविएशन सेक्टर में काम करने के बाद एक महिला ने नौकरी छोड़कर अपने लिए एक नई राह चुनने का फैसला किया। महिला अपनी फ्लाइट अटेंडेंट की नौकरी छोड़कर परिवार के काम में हाथ बंटाने का फैसला किया। वहीं वह इस काम से अब हर दिन करीब 14 लाख रुपये कमा रही है। आइए जानते हैं इसके बारे में

मां का बिजनेस संभालने लौटी घर

Vietnam.vn की रिपोर्ट के अनुसार, जियाओ चेन ने फ्लाइट अटेंडेंट की नौकरी छोड़कर अपने होमटाउन लौटने का फैसला किया। अब वह केकड़े (Crabs) बेचने का काम करती हैं और अपना समय केकड़े चुनने, ग्राहकों के ऑर्डर पैक करने और उनकी डिलीवरी की व्यवस्था संभालने में बिताती हैं। चेन ने नौकरी छोड़कर परिवार के काम में हाथ बंटाने का फैसला किया। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मां का केकड़े बेचने का कारोबार पहले से अच्छा चल रहा था, लेकिन काम बढ़ने के साथ उसे संभालने के लिए मदद की जरूरत महसूस हुई। ऐसे में चेन चीन के झेजियांग प्रांत के तटीय शहर निंगबो वापस लौट आईं और मां के बिजनेस को संभालने में जुट गईं।

एक दिन में हुई 14.45 लाख की बिक्री

रिपोर्ट्स के अनुसार, त्योहार के दिनों में चेन के परिवार के कारोबार ने हर दिन 1 लाख युआन यानी करीब 14.45 लाख रुपये से ज्यादा की बिक्री की। हालांकि, बढ़ती मांग के बीच उनके सामने अच्छी क्वालिटी के हरे केकड़ों की पर्याप्त सप्लाई जुटाने की चुनौती भी खड़ी हो गई। इसी वजह से चेन ने तय किया कि, वह जरूरत से ज्यादा ऑर्डर नहीं लेंगी, ताकि ग्राहकों को खराब क्वालिटी का सामान न भेजना पड़े। सप्लाई कम होने पर उन्होंने बिक्री घटाने का फैसला किया, जिससे प्रोडक्ट की गुणवत्ता बनी रहे।

ऑनलाइन मिलते हैं ऑर्डर

फ्लाइट अटेंडेंट की नौकरी छोड़ने के बाद चेन ने परिवार के केकड़े के कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। वह छोटे-छोटे वीडियो बनाकर केकड़ों को चुनने, पैक करने और ग्राहकों तक भेजने की पूरी प्रक्रिया दिखाती हैं। उनके वीडियो में उनकी नई जिंदगी भी नजर आती है, जहां वह यूनिफॉर्म की जगह अब तालाब के पास काम करती और केकड़ों को संभालती दिखती हैं। यात्रियों से बातचीत करने का उनका पुराना अनुभव अब ग्राहकों से जुड़ने में मदद कर रहा है। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो लोगों को पसंद आ रहे हैं और कुछ लोग इन्हें देखकर ऑनलाइन ऑर्डर भी कर रहे हैं।

मिड-ऑटम फेस्टिवल में बढ़े ऑर्डर

ऑनलाइन वीडियो और सोशल मीडिया की मदद से चेन के परिवार का कारोबार अब स्थानीय ग्राहकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दूसरे इलाकों से भी लोग उनके प्रोडक्ट के बारे में जानने लगे हैं। पारंपरिक तरीके से बिक्री करने के साथ-साथ वह इंटरनेट पर केकड़ों की जानकारी और वीडियो शेयर कर ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच बना रही हैं। मिड-ऑटम फेस्टिवल के दौरान केकड़ों की मांग बढ़ने से कारोबार में ऑर्डर भी काफी बढ़ गए। इस दौरान चेन और उनकी टीम को पहले के मुकाबले ज्यादा काम संभालना पड़ा।

Stock in Focus: सरकारी रेल कंपनी को ₹862 करोड़ का ऑर्डर मिला, फोकस में रहेगा स्टॉक

Stock in Focus: सरकारी रेल कंपनी IRCON International को ईस्ट सेंट्रल रेलवे से 862.46 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी ने सोमवार, 12 अक्टूबर को इसकी जानकारी दी। यह ऑर्डर रेलवे की तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण से जुड़ा है।

IRCON को इस प्रोजेक्ट के तहत रेलवे ट्रैक बिछाने और उन्हें जोड़ने का काम करना है। इसके अलावा, कंपनी ट्रैक के नीचे बिछाई जाने वाली गिट्टी और रेलवे से जुड़ी दूसरी जरूरी सामग्री की सप्लाई भी करेगी। यह काम 32.5 टन एक्सल लोड के हिसाब से होगा।

इन रूट पर होगा काम

यह प्रोजेक्ट ईस्ट सेंट्रल रेलवे के दो डिवीजन में फैला है। इसमें धनबाद डिवीजन का गोमो-कोडरमा सेक्शन और दीन दयाल उपाध्याय डिवीजन का गया-सोन नगर सेक्शन शामिल है।

इसके अलावा, गया में डिप्टी चीफ इंजीनियर (कंस्ट्रक्शन) के तहत रेलवे ट्रैक से जुड़ी अलग-अलग सामग्रियों की सप्लाई भी करनी होगी।

365 दिन में पूरा करना होगा प्रोजेक्ट

कंपनी के मुताबिक, यह ऑर्डर एक घरेलू इकाई से मिला है। इसे इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) कॉन्ट्रैक्ट के तहत दिया गया है। IRCON को यह पूरा काम 365 दिन में पूरा करना होगा।

IRCON के शेयर का हाल

सोमवार को IRCON International का शेयर 0.13% की मामूली बढ़त के साथ 104.70 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 22.54% टूटा है। वहीं, 1 साल में इसने 39.80% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 9.85 हजार करोड़ रुपये है।

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IRCON का बिजनेस

IRCON International एक सरकारी इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनी है। यह रेलवे लाइन बिछाने, नई रेल लाइनों के निर्माण, रेलवे ट्रैक और पुल बनाने जैसे प्रोजेक्ट पर काम करती है। कंपनी रेलवे से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए जरूरी सामग्री की सप्लाई भी करती है। इसके अलावा, IRCON देश और विदेश में रेलवे, हाईवे और दूसरी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के निर्माण का काम करती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

पाकिस्तान ने श्रीलंका के खिलाफ रचा इतिहास

युवा बल्लेबाज माज सदाकात (96) और साहिबजादा फरहान (73) की शानदार पारियों की बदौलत पाकिस्तान की नयी टीम ने यहा श्रीलंका के खिलाफ 82 रनों की ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

पाकिस्तान ने माज सदाकत 96 रनों की शानदार पारी की मदद से तीन विकेट पर 215 का बड़ा स्कोर बनाया और फिर रविवार को एशियाई टीम की बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए श्रीलंका को सात विकेट पर 133 रन पर रोक कर 82 रनों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

यह घरेलू मैदान पर पुरुषों के टी-20 मैचों में पाकिस्तान का सबसे बड़ा टीम स्कोर था और कुल मिलाकर उनका दूसरा सबसे बड़ा स्कोर था। इससे बेहतर स्कोर उन्होंने 2021 में नॉटिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ 232/6 बनाया था। इस मैच में पाकिस्तान ने 13 छक्के लगाए, जो किसी भी पुरुष टी-20 में उनके द्वारा लगाए गए छक्कों की संख्या के मामले में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर है; उनका अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन 2024 में डबलिन में आयरलैंड के खिलाफ 15 छक्कों का था।

आईसीसी के अनुसार, साहिबजादा फरहान की कप्तानी में नई टीम के लिए यह अच्छी बात है। बाबर आज़म, शाहीन अफ़रीदी और मोहम्मद रिजवान जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की गैर-मौजूदगी के बावजूद पाकिस्तान के नए स्टार खिलाड़ी कई सकारात्मक संकेत दिखा रहे हैं।

मैच के बाद फरहान ने कहा यह एक अच्छी जीत है और हम अच्छी तरह से तैयार हो रहे हैं। हम 2026 में एक अलग टी-20 टीम बन गए हैं क्योंकि हमारे छक्के मारने का अनुपात बेहतर हुआ है और हमारे बल्लेबाज 150 से ज़्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं। अगर हम इसी तरह खेलते रहे तो हर बार 200 से ज़्यादा रन बनाएंगे, इसलिए हम उसी जोश के साथ खेलेंगे।

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फरहान ने टॉप ऑर्डर में खेलते हुए 73 रन बनाए। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने फख़र जमान (22) के साथ पहले विकेट के लिए 55 रन जोड़े और फिर सदाकत के साथ 88 रनों की साझेदारी की, जिससे मेज़बान टीम आसानी से रन बनाती रही।

सदाक़त के लिए यह उनके 10वें इंटरनेशनल मैच में बल्ले से शानदार प्रदर्शन था; 21 साल के इस खिलाड़ी ने सात बार छक्के लगाए और पाकिस्तान की पारी की आखिरी गेंद पर शतक बनाने की कोशिश में आउट हुए। सीरीज के पहले मैच में 50 रन बनाने के बाद सदाकत की यह लगातार दूसरा अर्धशतक था और बाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ को पता है कि वह अच्छी फ़ॉर्म में हैं।

सदाकत ने कहा मैं अपनी फ़ॉर्म का पूरा फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रहा था। मुझे खुद पर भरोसा था कि मैं गेंद को हिट कर सकता हूँ… मैं पॉज़िटिव सोच के साथ खेलता हूँ और बाउंड्री मारने के लिए सही गेंदों को चुनता हूं।

रन का पीछा करते हुए श्रीलंका के सिर्फ़ चार बल्लेबाज़ ही दहाई का आँकड़ा छू पाए और कप्तान कुसल मेंडिस अपनी टीम के बल्लेबाज़ों के प्रदर्शन से निराश थे।

मेंडिस ने कहा बल्लेबाजों को ज़िम्मेदारी लेनी होगी, जिसमें मैं भी शामिल हूं। यह बल्लेबाज़ी के लिए अच्छी पिच थी और हमें कम से कम 200 रन बनाने चाहिए थे… पिछले कुछ टूर्नामेंट में हमने फ़ील्डिंग में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन अफ़सोस की बात है कि पिछले दो मैचों में हम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं।

Pic Credit : UNI

VA Tech Wabag Share Price: एनालिस्ट शेयर पर हुआ बुलिश, 30% रिटर्न संभव, क्या आप करेंगे निवेश

VA Tech Wabag Share Price: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी VA Tech Wabag के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल बुलिश नजर आ रहा है। ब्रोकरेज फर्म ने स्टॉक पर Buy रेटिंग की राय दी है और इसके लिए 2529 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर आज 1.29 फीसदी की बढ़त के साथ 1961.80 रुपये के स्तर पर क्लोज हुआ।

मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि कंपनी लगातार ग्रोथ के लिए अच्छी स्थिति में है। इसे रेगुलर ऑर्डर मिलने और प्रोजेक्ट्स के सामान्य रूप से पूरे होने से मदद मिल रही है, जिसमें युद्ध से प्रभावित वेस्ट एशिया क्षेत्र भी शामिल है। VA Tech Wabag की मौजूदा ऑर्डर बुक ₹20,000 करोड़ की है, जो इसके FY26 के रेवेन्यू का पांच गुना है। ब्रोकरेज का कहना है कि इससे और मजबूत बिड पाइपलाइन से अगले तीन से चार वर्षों में 20% रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है।

इसने आगे कहा कि VA Tech Wabag का फोकस प्रॉफिटेबल ग्रोथ और विदेशी बाजार पर बना हुआ है।FY21-26 के दौरान रेवेन्यू में 7%, EBITDA में 17% और टैक्स के बाद एडजस्टेड प्रॉफिट (APAT) में 28% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज करने के बाद, मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि FY26-28 के दौरान ये आंकड़े क्रमशः 19%, 26% और 23% की CAGR से बढ़ेंगे।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मजबूत फ्री कैश फ्लो जेनरेशन, ₹1,000 करोड़ की नेट कैश पोजीशन और बेहतर होते रिटर्न रेश्यो इस स्टॉक को FY28 के अनुमानित प्राइस-टू-अर्निंग्स रेश्यो के 21 गुना पर आकर्षक बनाते हैं।

लगातार ऑर्डर मिलना

मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि पिछले छह महीनों में, VA Tech Wabag ने भारत और विदेशी बाजारों में कई तरह के कामों के लिए कई बेहतरीन ऑर्डर हासिल किए हैं।

हाल ही में इसने जामनगर में रिलायंस इंडस्ट्रीज से EPT काम के लिए ₹250 करोड़ का रिपीट ऑर्डर जीता है, और कुवैत तथा UAE के बाजारों में क्रमशः ₹100 करोड़ और ₹600 करोड़ के ऑर्डर हासिल करके प्रवेश किया है। भारत में, VA Tech Wabag ने नए ऑर्डर हासिल करके BWSSB और DJB के साथ अपने पुराने रिश्तों को और मजबूत किया है। वहीं यूरोप में, कंपनी ने ऑस्ट्रिया में Donauinsel Water Works से एक प्रोजेक्ट हासिल किया है। Motilal Oswal ने यह भी बताया कि चेन्नई का डिसेलिनेशन (खारे पानी को मीठा बनाने का) प्रोजेक्ट भी धीरे-धीरे पूरा होने की ओर बढ़ रहा है।

कंपनी ने कहा कि विदेशी प्रोजेक्ट्स से कंपनी का 50% रेवेन्यू आता है और ऑर्डर बुक में भी इनका बड़ा हिस्सा है। ब्रोकरेज का कहना है कि डिसेलिनेशन प्लांट की अहमियत और उनकी ज़रूरत को देखते हुए, कंपनी का कामकाज बिना किसी रुकावट के चलता रहेगा।

मुनाफे के साथ ग्रोथ और कैश फ्लो

कंपनी ने कहा कि भारतीय प्रोजेक्ट्स की तुलना में वेस्ट एशिया और दूसरे विदेशी प्रोजेक्ट्स वर्किंग कैपिटल साइकिल और कैश फ्लो जेनरेशन के मामले में बेहतर स्थिति में हैं।

Motilal Oswal ने कहा कि VA Tech Wabag का EP, इंडस्ट्रियल और ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस जैसे ज़्यादा मार्जिन वाले सेगमेंट में बड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करने पर ज़्यादा ध्यान देना मार्जिन के लिए अच्छा संकेत है।

स्टॉक पर असर

VA Tech Wabag पर नज़र रखने वाले सभी 13 एनालिस्ट ने इसे “खरीदने” (buy) की सलाह दी है। इस साल अब तक स्टॉक में 50% की बढ़त हुई है, लेकिन यह अभी भी अपने रिकॉर्ड हाई ₹2,319 से 15% नीचे है, जो इस साल 15 सितंबर को बना था।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

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Suzlon Energy Share Price: 8 अक्टूबर को एक साल के निचले स्तर पर आने के बाद से विंट टर्बाईन बनाने वाली सुजलॉन एनर्जी के शेयरों ने शानदार वापसी की है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल के बुलिश रुझान से इसे और सपोर्ट मिला और यह 3% से अधिक उछल पड़ा। मोतीलाल ओसवाल ने ₹65 के टारगेट प्राइस के साथ इसकी खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखा है। ओवरऑल इसे कवर करने वाले 12 एनालिस्ट्स में से 10 ने इसे खरीदारी और 2 ने होल्ड रेटिंग दी है। किसी भी एनालिस्ट ने इसे बेचने की सलाह नहीं दी है। अब शेयरों की बात करें तो फिलहाल बीएसई पर यह 1.84% की बढ़त के साथ ₹38.27 पर है। इंट्रा-डे में यह 3.14% उछलकर ₹38.76 तक पहुंच गया था।

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तीन महीने में सुजलॉन एनर्जी के शेयर 31% नीचे आए। इस गिरावट के साथ अब यह वित्त वर्ष 2028 की प्रति शेयर कमाई (EPS) के मुकाबले 17.5 गुना पर है जोकि इसके एक साल के औसत फारवर्ड P/E से करीब 20% डिस्काउंट पर है। ऐसे में सुजलॉन का शेयरों का वैल्यूएशन काफी आकर्षक हो गया। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक सुजलॉन की कमाई वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में अधिक होती रही है और कंपनी के सालाना EBITDA में इसकी 60-65% हिस्सेदारी रहती है। ऐसे में इस बार भी वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में ऐसी ही मजबूती के आसार हैं क्योंकि डिलीवरी पहली छमाही में 1.2 गीगावाट से बढ़कर दूसरी छमाही में 2.1 गीगावाट पहुंच सकती है।

जून तिमाही के आखिरी में सुजलॉन एनर्जी की ऑर्डर बुक 5.9 GW थी, जिससे वित्त वर्ष 2028 की तीसरी तिमाही तक डिलीवरी की तस्वीर साफ दिख रही है। ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-2028 के दौरान सुजलॉन एनर्जी का EBITDA सालाना 22% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़ेगा।

इस वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में देश की विंड कैपेसिटी 3 गीगावाट बढ़ी और ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक अब तक दूसरी छमाही में पहली की तुलना में डेढ़ गुना इंस्टॉलेशन होता रहा है तो इस बार दूसरी छमाही में करीब 4.5 गीगावाट के इंस्टॉलेशन की उम्मीद है जोकि सुजलॉन जैसी विंड टर्बाईन बनाने वाली कंपनियों के लिए पॉजिटिव है। सरकार ने इस वित्त वर्ष 2027 में 7.5–8 GW नई पवन ऊर्जा क्षमता जोड़ने का लक्ष्य तय किया हुआ है।

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि शाम के समय बिजली की बढ़ती मांग से विंड-सोलर हाइब्रिड और FDRE (फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी) प्रोजेक्ट्स के जरिए विंड कैपेसिटी बढ़ोतरी को सपोर्ट मिल सकता है और यह सुजलॉन एनर्जी के लिए पॉजिटिव है।

मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक सुजलॉन एनर्जी को तीन वजहों- DevCo को अच्छे रिस्पांस, निर्यात और पुराने टर्बाईनों को बदलने के मौके से मजबूत सपोर्ट मिल सकता है। डेवको मॉडल की बात करें तो इस वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों में ही 600 MW से अधिक के ऑर्डर मिले, जो कुल ऑर्डर का 60% हिस्सा हैं।

मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक सुजलॉन को सरकार के स्थानीय प्रोत्साहन से मजबूत सपोर्ट मिल रहा है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

सुजलॉन एनर्जी के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 6 नवंबर, 2025 को बीएसई पर यह ₹61.45 के भाव पर था, जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 11 महीने में यह 40.93% टूटकर 8 अक्टूबर 2026 को यह एक साल के निचले स्तर ₹36.30 पर आ गया।

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Stock in Focus: सोलर कंपनी को ₹4001 करोड़ के नए ऑर्डर मिले, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: सोलर सेल और मॉड्यूल बनाने वाली कंपनी Premier Energies को 4,001 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में मिले।

इन ऑर्डर के तहत कंपनी 2,308 मेगावाट (MW) के सोलर सेल और मॉड्यूल की सप्लाई करेगी। इसके अलावा, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) प्रोजेक्ट्स पर भी काम करेगी। ये ऑर्डर बिजली, मॉड्यूल और EPC कंपनियों से मिले हैं। इसमें रिटेल मार्केट से मिले ऑर्डर शामिल नहीं हैं।

सोलर सेल और मॉड्यूल बनाने की क्षमता बढ़ी

Premier Energies ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाई है। कंपनी की सोलर मॉड्यूल बनाने की क्षमता लगभग दोगुनी होकर 11.1 गीगावाट (GW) हो गई है। वहीं, सोलर सेल की क्षमता 3.6 GW से बढ़कर 10.6 GW हो गई है।

यह बढ़ोतरी आंध्र प्रदेश के नायडुपेटा में नया प्लांट शुरू होने के बाद हुई है। कंपनी ने पिछले महीने यहां 7 GW की TOPCon सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चालू की थी।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर चिरंजीव सलूजा ने कहा कि बढ़ता ऑर्डर बुक कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी को दिखाता है। उनके मुताबिक, भारतीय सोलर बाजार में ग्राहक बड़े पैमाने पर सप्लाई, भरोसेमंद कंपनियों और नई तकनीक चाहते हैं। कंपनी इन जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है।

FY28 तक रेवेन्यू और मार्जिन का अनुमान

अगस्त में कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर विनय रुस्तगी ने कहा था कि 15,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर बुक से कंपनी को वित्त वर्ष 2027-28 (FY28) तक रेवेन्यू और मार्जिन का अनुमान लगाने में मदद मिल रही है।

कंपनी का ऑर्डर बुक वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के रेवेन्यू का करीब दोगुना है। इससे कंपनी को FY27 और FY28 तक कारोबार की स्थिति का अंदाजा मिल रहा है। रुस्तगी ने यूरोप में एक्सपोर्ट और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) को कंपनी के लिए ग्रोथ के दो नए मौके बताया।

Premier Energies का शेयर शुक्रवार को BSE पर 895 रुपये पर बंद हुआ। इसमें पिछले बंद भाव के मुकाबले 9 रुपये यानी 1.02% की बढ़त दर्ज की गई।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।