मुश्किल में मोहम्मद रिजवान, सट्टे और फिक्सिंग के लगे संगीन आरोप

 

पाकिस्तान की राष्ट्रीय साइबर क्राइम एजेंसी के ख़िलाफ़ मोहम्मद रिज़वान की याचिका को लाहौर हाई कोर्ट ने ख़ारिज करते हुए उन्हें साइबर क्राइम एजेंसी के सवालों का जवाब देने के निर्देश दिए हैं।

रिज़वान ने बुधवार को एक याचिका दायर की थी जिसमें उनके वकीलों ने कहा था कि पाकिस्तान की राष्ट्रीय साइबर क्राइम एजेंसी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह उनसे क्यों पूछताछ कर रही है, और यह भी दलील दी कि इस मामले की जांच करना एजेंसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। याचिका के अनुसार यह मामला पाकिस्तान क्रिकेट में कथित ऑनलाइन बेटिंग/सट्टेबाज़ी से जुड़ा था।

हालांकि गुरुवार को काफ़ी छोटी सुनवाई में इस याचिका को ख़ारिज कर दिया गया। अभी यह जानकारी सामने नहीं आई है कि रिज़वान इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करेंगे या अदालत के निर्देशानुसार एजेंसी के सवालों का जवाब देंगे।

रिज़वान ने पिछले सप्ताह एजेंसी द्वारा पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद यह याचिका दायर की थी। उसी दिन इमाम-उल-हक़ भी एजेंसी के समक्ष के पेश हुए थे लेकिन उन्होंने सवालों की सूची को भरते हुए इस सप्ताह की शुरुआत में एजेंसी को वापस भेज दिया था। जबकि रिज़वान ने अदालत का रुख़ करने का फ़ैसला किया।

रिज़वान की याचिका में कहा गया था कि आरोप पूरी तरह से ग़लतफ़हमी पर आधारित हैं और मनगढंत और असपष्ट हैं। आरोपों को लेकर याचिका में यह भी कहा गया था कि यह याचिकाकर्ता के हितों और प्रतिष्ठा को नुक़सान पहुंचाने के लिए किए जाने वाले प्रयास से अधिक नहीं है।याचिका में एजेंसी के अधिकार क्षेत्र को चुनौती देते हुए यह भी कहा गया था कि आईसीसी की एंटी-करप्शन यूनिट ही इन आरोपों की जांच करती है।

याचिका में यह दावा किया गया था कि रिज़वान को रात के एक बजे होटल की लॉबी में बुलाया गया था जहां टीम रह रही थी। वहां पर सरकारी एजेंसी का एक अधिकारी मौजूद था। इस मामले में पहले कोई नोटिस न मिलने के बावजूद अधिकारी ने रिज़वान से पूछताछ की और उन्हें बिना कोई कारण बताए उनसे फ़ोन ले लिया गया। याचिका के अनुसार उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि किस आदेश के तहत उनका फ़ोन ज़ब्त किया गया।

याचिका में कहा गया है कि तीन घंटे में फ़ोन की पूरी जांच करने के बाद फ़ोन वापस लौटाने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन इस आश्वासन के बाद भी अभी तक रिज़वान को उनका फ़ोन नहीं लौटाया गया है।

पिछले सप्ताह पीसीबी ने अपने स्तर पर एक जांच करने की घोषणा की थी लेकिन तब यह नहीं बताया गया था कि यह जांच किस संबंध में होगी। बोर्ड ने उस समय खिलाड़ियों का नाम भी नहीं लिया था लेकिन यह कहा था कि बोर्ड ने अनुशासन और व्यवहार संबंधी कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर आंतरिक अनुशासन जांच शुरू की है जिसकी अभी समीक्षा की जा रही है। बोर्ड ने इस प्रक्रिया के बारे में कहा था कि यह पीसीबी के नियमों के अंतर्गत की जा रही है।

वेस्टइंडीज़ और इंग्लैंड के दौरों के लिए रिज़वान और इमाम के चयन के संबंध में पीसीबी ने लॉर्ड्स टेस्ट के बाद चयनकर्ताओं को नोटिस भी भेजा था। इस नोटिस में 24 घंटे के भीतर लिखित में यह जवाब मांगा गया था कि उनका चयन किन कारणों से किया गया और किस प्रक्रिया के तहत उनके चयन के नतीजे तक पहुंचा गया। पाकिस्तान के टेस्ट दल में बदलाव के बाद चयनकर्ता मिस्बाह-उल-हक़ ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था।

पाकिस्तान क्रिकेट में मचा बवाल! इन खिलाड़ियों के फोन किए गए जब्त…रातों-रात बदली गई टीम! जानें पूरा मामला

इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान टीम के खराब प्रदर्शन के बाद PCB ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती दो टेस्ट मैच हारने के बाद बोर्ड खिलाड़ियों की भूमिका और टीम के अंदर की स्थिति को लेकर जानकारी जुटा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमाम-उल-हक और मोहम्मद रिजवान भी इस जांच में शामिल हैं। पाकिस्तानी मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, PCB की जांच अब इमाम-उल-हक और मोहम्मद रिजवान के लंदन में रहने के दौरान की गतिविधियों तक पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि बोर्ड दोनों खिलाड़ियों के संपर्क और बातचीत से जुड़ी जानकारी भी देख रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान की हार के बाद टीम के सुरक्षा अधिकारी ने दोनों खिलाड़ियों के मोबाइल फोन कुछ समय के लिए अपने पास रखे थे। आपको बता दें इन दावों को लेकर अभी बोर्ड की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

फोन किया गया जब्त

रिपोर्ट्स के अनुसार, इमाम-उल-हक और मोहम्मद रिजवान के फोन कुछ समय के लिए टीम के पास थे और उन्हें वापस करने से पहले फोन की कुछ जानकारी सेफ की गई। जांच में दोनों खिलाड़ियों की गतिविधियों के साथ-साथ लंदन में उनके संपर्क में आए लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। लेकिन, PCB ने दोनों खिलाड़ियों पर लगे किसी खास आरोप की पुष्टि नहीं की है। PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी के सलाहकार आमिर मीर ने बताया कि, खिलाड़ियों के अनुशासन और व्यवहार से जुड़ी खबरों के बाद बोर्ड ने अंदरूनी जांच शुरू की है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला लिया जाएगा।

अफवाहों पर दूर रहने को कहा

आमिर मीर ने X पर बताया कि, ‘मीडिया में अनुशासन और खिलाड़ियों के व्यवहार से जुड़ी खबरें सामने आने के बाद PCB ने इंटरनल अनुशासनात्मक जांच शुरू की है। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस मामले की आंतरिक समीक्षा चल रही है और बोर्ड अपने तय नियमों के अनुसार पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।’ मीर ने ये भी कहा कि, जांच से जुड़े मामलों में सभी संबंधित लोगों की बातों और तथ्यों को ध्यान में रखा जाएगा। उन्होंने बिना पुष्टि वाली खबरों और अटकलों पर भरोसा न करने की अपील की। PCB ने साफ किया कि, फिलहाल बोर्ड इस मामले पर इससे ज्यादा जानकारी साझा नहीं करेगा और लोगों को केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।

हो सकते हैं बैन

अगर PCB की जांच में खिलाड़ियों की किसी गलती के ठोस सबूत सामने आते हैं, तो बोर्ड उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकता है। इसमें जुर्माना लगाने से लेकर कुछ समय के लिए बैन लगाने तक का फैसला शामिल हो सकता है। रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया कि गंभीर मामला सामने आने पर संबंधित खिलाड़ियों को आने वाली पाकिस्तान टीम से बाहर रखने पर भी विचार किया जा सकता है। वहीं इस बारे में अभी कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।

पाकिस्तान क्रिकेट में बवाल

लॉर्ड्स टेस्ट में हार के बाद पाकिस्तान की टेस्ट टीम में कई बदलाव किए गए हैं। सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर उनकी जगह नए खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जिनमें पांच खिलाड़ी ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेला है। इमाम-उल-हक और मोहम्मद रिजवान भी मैच के कुछ घंटों बाद वापस घर लौट गए। इसके अलावा हेड कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी टीम से हटा दिया गया है। इस बीच खिलाड़ियों के फोन लिए जाने की खबर भी सामने आई है, लेकिन इसे लेकर अभी कोई साफ जानकारी नहीं दी गई है। PCB की अंदरूनी जांच के बीच टीम में किए गए इन बदलावों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

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