अयोध्या पुलिस का राजस्थान में बड़ा कांड! ₹2.80 लाख की रिश्वत लेते SI समेत 4 पुलिसकर्मी गिरफ्तार, SSP ने किया सस्पेंड

अयोध्या पुलिस का राजस्थान में बड़ा कांड! ₹2.80 लाख की रिश्वत लेते SI समेत 4 पुलिसकर्मी गिरफ्तार, SSP ने किया सस्पेंड

ayodhya

​राजस्थान के एक पीड़ित को साइबर फ्रॉड केस में जेल भेजने की धमकी देकर रिश्वत मांगने वाले अयोध्या पुलिस के 4 जवानों पर गाज गिरी है। सीकर पहुँची राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने 2.80 लाख रुपये घूस लेते हुए सब-इंस्पेक्टर समेत चारों पुलिसकर्मियों को रंगे हाथों दबोच लिया। मामले की जानकारी मिलते ही अयोध्या के एसएसपी (SSP) गौरव ग्रोवर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

 

​क्या है पूरा मामला?

 

​जेल भेजने की धमकी और घूस की मांग: अयोध्या के साइबर क्राइम थाने में तैनात पुलिस टीम ने राजस्थान के सीकर निवासी एक व्यक्ति को नोटिस देकर पूछताछ के लिए अयोध्या बुलाया था। आरोप है कि पीड़ित का नाम साइबर फ्रॉड केस से हटाने और उसे जेल न भेजने के बदले पुलिसकर्मियों ने 4 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में सौदा 2.80 लाख रुपये में तय हुआ।

 

​सीकर ACB में शिकायत और सत्यापन: पीड़ित ने इस जबरन वसूली की शिकायत राजस्थान ACB की सीकर यूनिट से की। ACB ने 17 अगस्त को शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत की मांग की पुष्टि हो गई।

 

​रंगे हाथों गिरफ्तारी और भागने की कोशिश नाकाम

18 अगस्त को ACB ने ट्रैप बिछाया। अयोध्या साइबर पुलिस की टीम रिश्वत की रकम लेने खुद सीकर पहुँची। जैसे ही कांस्टेबल सोहनलाल ने परिवादी से पैसों से भरा बैग लिया, ACB की टीम ने उन्हें घेर लिया। पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने अपनी कार से ACB की गाड़ी को टक्कर मारकर भागने का प्रयास भी किया, लेकिन सतर्क अधिकारियों ने घेराबंदी कर चारों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली गई है। 

 

​निलंबित किए गए आरोपी पुलिसकर्मियों के नाम

  • ​यशवंत सिंह (उप-निरीक्षक / SI)
  • ​पवन कुमार त्रिपाठी (कांस्टेबल)
  • ​सोहन लाल (कांस्टेबल)
  • ​गौरव चारग / चिराग (कांस्टेबल)
  • ​अयोध्या SSP का बड़ा एक्शन

 

​राजस्थान में हुई इस कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अयोध्या SSP गौरव ग्रोवर ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए चारों आरोपी पुलिसकर्मियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

PM मोदी के खिलाफ मॉर्फ्ड पोस्ट पर बड़ा एक्शन! Meta India प्रमुख समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट्स पर FIR

FIR on Meta chief on morfed video against PM Modi

छात्र प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित मॉर्फ्ड (छेड़छाड़ किए गए) कंटेंट और आपत्तिजनक पोस्ट साझा किए जाने के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। साइबर क्राइम पुलिस ने मामले में Meta India के प्रमुख, कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य संबंधित पक्षों के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। ALSO READ: पुजारी बनकर संसद पहुंचे पप्पू यादव, राहुल गांधी ने दानपात्र में डाले पैसे; 'चढ़ावा चोरी' पर विपक्ष का अनोखा प्रदर्शन

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का AI से मॉर्फ्ड वीडियो बनाने के मामले में हैदराबाद पुलिस ने मेटा इंडिया के प्रमुख अरुण श्रीनिवास और कई सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ एक केस दर्ज किया है। पीएम मोदी ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान वीडियो शेयर किया था, जिसको बाद में कुछ लोगों ने AI की मदद से एडिट किया है और गलत जानकारी सर्कुलेट की।

 

पुलिस का कहना है कि जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित मॉर्फ्ड सामग्री किसने तैयार की, किसने उसे प्रसारित किया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसके प्रसार को रोकने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया या नहीं। ALSO READ: 'अमित शाह संसद से गायब क्यों?' प्रियंका गांधी समेत विपक्ष का संसद परिसर में प्रदर्शन, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर इस्तीफे की मांग

 

क्या है पूरा मामला?

जांच एजेंसियों के अनुसार, NEET प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी कथित रूप से मॉर्फ्ड तस्वीरें, वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री तेजी से वायरल हुई थी। शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच की, जिसके आधार पर संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की गई। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि विवादित कंटेंट के प्रसार में किन-किन सोशल मीडिया अकाउंट्स की भूमिका रही और क्या किसी प्लेटफॉर्म ने कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई करने में लापरवाही बरती।

 

किन पहलुओं की होगी जांच?

 

साइबर क्राइम अधिकारियों के अनुसार जांच में कई बिंदुओं पर फोकस किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं—

  • कथित मॉर्फ्ड कंटेंट का मूल स्रोत कौन था।
  • कंटेंट किस नेटवर्क के माध्यम से वायरल हुआ।
  • संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स की भूमिका क्या रही।
  • लागू कानूनों और आईटी नियमों का पालन हुआ या नहीं।
  • डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई।

 

पुलिस का क्या कहना है?

साइबर क्राइम विभाग का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फर्जी, भ्रामक या मॉर्फ्ड सामग्री का प्रसार कानून के दायरे में आता है और ऐसे मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट या संदिग्ध सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।

 

मॉर्फ्ड वीडियो क्या होते हैं? 

मॉर्फ्ड वीडियो, असल में ऐसे वीडियो होते हैं जिनमें किसी व्यक्ति का चेहरा, आवाज या हाव-भाव डिजिटल तकनीक, AI या वीडियो या एडिटिंग सॉफ्टवेयर के जरिए बदले जाते हैं। इन वीडियो का मकसद होता है कि लोगों को ऐसा लगे कि वह व्यक्ति कुछ ऐसा कह या कर रहा है, जो असल में उसने कहा ही नहीं था।

Meta इंडिया हेड के खिलाफ केस दर्ज, PM मोदी का AI से मॉर्फ्ड वीडियो बनाने से जुड़ा है मामला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने वाले कथित मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक वीडियो को लेकर हैदराबाद पुलिस ने मेटा इंडिया के प्रमुख और कई सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ये वीडियो दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान और उसके बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायत के बाद हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं।

पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट चलाने वाले लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

मेटा इंडिया के प्रमुख भी आरोपी, पुलिस ने भेजा नोटिस

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों मामलों में मेटा इंडिया के प्रमुख को भी सह-आरोपी बनाया गया है। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस के एक जांच अधिकारी ने बताया कि दर्ज मामलों और शिकायतकर्ताओं द्वारा साझा किए गए कथित आपत्तिजनक लिंक के संबंध में मेटा को नोटिस भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। इसके लिए सोशल मीडिया खातों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि आरोपियों का पता लगाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान किया गया था आपत्तिजनक कमेंट

एक अन्य मामले में, नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप में नोएडा में एक महिला के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर नोएडा के एक्सप्रेसवे थाना में गाजियाबाद निवासी स्मृति सिंह की शिकायत पर दर्ज की गई। शिकायत में नोएडा के सेक्टर-168 की रहने वाली रुचिका सिंह पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। जीरो एफआईआर होने के कारण अब इस मामले को संबंधित पुलिस थाने को भेजकर आगे की जांच की जाएगी।

बीएनएस की कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला

एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता का आरोप है कि 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान आरोपी महिला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। शिकायत में कहा गया है कि इससे प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची और सार्वजनिक शांति भंग होने तथा लोगों के बीच तनाव फैलने की आशंका पैदा हुई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, धारा 353(1) और धारा 356(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में जानबूझकर अपमान करना, सार्वजनिक अशांति फैलाने वाले बयान देना और मानहानि जैसे आरोप शामिल हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।

Kirti Kulhari: साइबर ठगी का शिकार हुईं कीर्ति कुल्हारी, अनऑथराइज्ड कार्ड ट्रांजैक्शन के जरिए 2.44 लाख का लगा चूना

Kirti Kulhari: देश में साइबर स्कैम का शिकार आम लोगों के साथ-साथ सेलिब्रिटी भी हो रहे हैं। हाल ही में बॉलीवुड एक्ट्रेस कीर्ति कुल्हारी कथित तौर पर क्रेडिट कार्ड स्कैम का शिकार हुईं। साइबर अपराधियों ने उनके क्रेडिट कार्ड की जानकारी का इस्तेमाल करके विदेश में ₹2.44 लाख के अनऑथराइज़्ड ट्रांजैक्शन किए। शिकायत मिलने पर मुंबई की अंबोली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

कीर्ति कुल्हारी के क्रेडिट कार्ड का विदेशी ट्रांजैक्शन के लिए गलत इस्तेमाल होने का आरोप है। ABP न्यूज के अनुसार, पुलिस ने बताया कि यह घटना 24 जुलाई की रात को हुई, जब यारी रोड, वर्सोवा में रहने वाली 43 वर्षीय एक्ट्रेस अंधेरी वेस्ट के एक मल्टीप्लेक्स में फ़िल्म देखने गई थीं। सिनेमाघर जाते समय, उन्हें अपने बैंक से एक अलर्ट मिला कि उनके अकाउंट से विदेशी मुद्रा में ट्रांज़ैक्शन हुआ है।

अलर्ट में बताया गया था कि उनके क्रेडिट कार्ड से एयरोमेक्सिको एयरलाइंस को US$2,525 का ट्रांसफ़र किया गया है। कीर्ति हैरान रह गईं और तुरंत अपने बैंक के कस्टमर केयर को इस बारे में जानकारी दी। बैंक के साथ अपना अकाउंट और डिटेल्स चेक करने पर पता चला कि उनके क्रेडिट कार्ड से चार अलग-अलग ट्रांज़ैक्शन किए गए थे। इन अनऑथराइज़्ड पेमेंट की कुल रकम ₹2.43 लाख से ज़्यादा थी। बैंक ने आगे किसी भी गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए तुरंत उनका क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कर दिया।

पुलिस को शक है कि कार्ड की जानकारी डिजिटल तरीके से हासिल की गई थी। शुरुआती जांच से पता चला है कि कीर्ति ने अपना कार्ड पिन या बैंकिंग से जुड़ी कोई भी जानकारी किसी को नहीं दी थी। इससे जांच करने वालों को शक है कि कार्ड की जानकारी सीधे एक्सेस करने के बजाय किसी तकनीकी तरीके से चुराई गई होगी।

वे अभी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या जानकारी मोबाइल फोन, ऑनलाइन अकाउंट या किसी दूसरे डिजिटल नेटवर्क के ज़रिए लीक हुई है। इसके पीछे कौन है, यह पता लगाने के लिए बैंकिंग हिस्ट्री, ट्रांज़ैक्शन और डिजिटल ट्रेल्स की जांच की जा रही है। अंबोली पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स अभी भी जांच कर रहे हैं।

प्रोफेशनल तौर पर बात करें तो, कीर्ति कुल्हारी ने हाल ही में कहा है कि उन्होंने प्रोड्यूसर के तौर पर अपनी पहली फ़ीचर फ़िल्म की शूटिंग पूरी कर ली है, जो निश्चित रूप से उनके करियर का एक अहम पड़ाव होगी। इस एक्ट्रेस की कुछ मशहूर फ़िल्में और टेलीविज़न शो हैं- उरी द सर्जिकल स्ट्राइक, मिशन मंगल (2019), फोर मोर शॉट्स प्लीज़!, क्रिमिनल जस्टिस और ह्यूमन। कीर्ति कुल्हारी की पर्सनल लाइफ़ की बात करें तो, वह राजीव सिद्धार्थ को डेट कर रही हैं, जिन्होंने ‘फोर मोर शॉट्स प्लीज!’ में भी काम किया था। इस कपल ने इस साल की शुरुआत में इंस्टाग्राम पर अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया था।