Gold Silver Price Today: सोना ₹1000 उछलकर ₹1.48 लाख के पार, चांदी ₹600 सस्ती हुई

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को सोने की कीमत ₹1,000 बढ़कर ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। ज्वेलर्स और रिटेल खरीदारों की ताजा खरीदारी के साथ-साथ वैश्विक बाजार में मजबूती से सोने को सहारा मिला। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹1,47,000 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

वहीं, चांदी ₹600 टूटकर ₹2,24,700 प्रति किलोग्राम पर आ गई। एक दिन पहले इसका भाव ₹2,25,300 प्रति किलोग्राम था। यह जानकारी ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन ने दी।

क्यों बढ़ी सोने की कीमत?

कारोबारियों के मुताबिक, ज्वैलर्स और स्टॉकिस्ट की बढ़ी खरीदारी से घरेलू बाजार में सोने की कीमतों को सहारा मिला। हालांकि, रुपये में मजबूती की वजह से तेजी सीमित रही।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के बाद डॉलर में कमजोरी आई है। इससे सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की मांग बढ़ी। उन्होंने बताया कि डॉलर इंडेक्स पिछले सत्र में करीब 1% गिरने के बाद 101 के आसपास कारोबार कर रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,071.55 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर 1% चढ़कर 58.25 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

Kotak Neo की एवीपी कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला के मुताबिक, फिलहाल बाजार की नजर अमेरिका के PCE महंगाई आंकड़ों और जॉबलेस क्लेम्स के डेटा पर है। आने वाले दिनों में यही तय करेगा कि सितंबर में फेड ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कितनी मजबूत होती है। साथ ही, निवेशक अमेरिका-ईरान तनाव पर भी नजर बनाए हुए हैं।

भारत में घटी सोने की मांग

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में भारत में सोने की मांग 6% घटकर 131.4 टन रह गई। पिछले साल इसी अवधि में यह 139.7 टन थी। मौसमी सुस्ती, ऊंची कस्टम ड्यूटी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोने की खरीद कम करने की अपील का असर मांग पर देखने को मिला।

वैश्विक स्तर पर अप्रैल-जून तिमाही में सोने की कुल मांग लगभग स्थिर रही। यह 1,269 टन रही, जबकि पिछले साल समान तिमाही में यह 1,268.6 टन थी।

MCX गोल्ड प्राइस का हाल

LKP Securities के वीपी रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी एवं करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने कहा कि COMEX Gold 4,030 से 4,080 डॉलर प्रति औंस के दायरे में कारोबार करता रहा। वहीं, MCX Gold करीब ₹1,42,500 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया और इसमें करीब ₹700 की तेजी आई।

आगे कैसी रहेगी चाल

जतीन त्रिवेदी का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन उसके बयान का रुख अब भी सख्त (Hawkish) रहा। तीन FOMC सदस्यों ने दरें बढ़ाने के पक्ष में वोट दिया। हालांकि, फेड ने आगे ब्याज दरों में बदलाव के समय को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। ऐसे में निवेशक फिलहाल सोने में सतर्क रुख अपना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अब बाजार की नजर अमेरिका के Core PCE Price Index पर रहेगी। यह फेड का पसंदीदा महंगाई संकेतक है और इससे ब्याज दरों की आगे की दिशा तय होने के संकेत मिल सकते हैं। इसके आधार पर सोने की कीमतों में अगली बड़ी चाल देखने को मिल सकती है।

*पीटीआई से इनपुट के साथ

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South Korea Market Crash: किसी का फ्लैट खरीदने का पैसा डूबा तो किसी की शादी की पूरी सेविंग्स स्वाहा

South Korea Market Crash: दक्षिण कोरिया में शेयरों के निवेशकों की दुनिया सिर्फ एक महीने में पलट गई है। एक महीने पहले शेयरों में निवेश से मोटी कमाई का जश्न मनाने वाले कई इनेवस्टर्स आज गम में डूबे हैं। इसकी वजह बीते एक महीने में दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में आई बड़ी गिरावट है। एक महीने में बाजार का प्रमुख सूचकांक कोस्पी 34 फीसदी क्रैश कर चुका है।

चिप बनाने वाली दो कंपनियों की बदौलत चढ़ा था बाजार

दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में बीते एक साल में जबर्दस्त तेजी दिखी थी। यह दुनिया में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाला बाजार बन गया था। हालिया गिरावट के बावजूद कोस्पी का एक साल का रिटर्न 71 फीसदी है। शायद ही दुनिया के किसी बाजार में एक साल में ऐसा उछाल आया होगा। इस तेजी में चिप बनाने वाली दो कंपनियों-SK Hynix और Samsung Electronics का सबसे बड़ा हाथ है। अब बाजार में गिरावट में भी इन्हीं दोनों का हाथ है।

एसके हायनिक्स के शेयर में बीते एक साल में 400% उछाल

फॉरेन इनवेस्टर्स ने एसके हायनिक्स और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में बीते एक साल में जमकर पैसे लगाए। इससे दोनों शेयरों की कीमतें रॉकेट जैसी रफ्तार से चढ़ीं। इसका अंदाजा बीते एक साल में दोनों शेयरों में आई तेजी से लगाया जा सकता है। SK Hynix का शेयर बीते एक साल में 400 फीसदी चढ़ा है। सैमसंग इलेक्ट्रानिक्स का शेयर इस दौरान 185 फीसदी चढ़ा है। यह रिटर्न हालिया गिरावट के बावजूद है। इन दोनों शेयरों का वेटेज कोस्पी में करीब 60 फीसदी है।

बीते एक महीने में एसके हायनिक्स 50 फीसदी फिसला 

SK Hynix का शेयर बीते एक महीने में 50 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। Samsung Electronics का शेयर बीते एक महीने में 38 फीसदी गिरा है। इस गिरावट ने उन रिटेल इनवेस्टर्स को बड़ी चोट पहुंचाई है, जिन्होंने शेयर बाजार में तेजी का फायदा उठाने के लिए अपनी जिंदगी भर की सेविंग्स शेयरों में लगा दिए थे। कई निवेशकों ने अपना दर्द सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बयां किए हैं। 29 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे निवेशकों के कई पोस्ट देखने को मिले।

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घर खरीदने के पैसे से लेकर शादी की सेविंग्स तक स्वाहा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म थ्रेड पर एक यूजर ने बताया कि शेयरों में निवेश से एक समय उसका मुनाफा करीब 4 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। अब वह 4.6 करोड़ रुपये के घाटे पर बैठा है। एक दूसरे इनवेस्टर ने बताया कि उसके पोर्टफोलियो की वैल्यू 40 फीसदी घट गई है। उसने शादी के लिए अपनी सेविंग्स के पैसे शेयर बाजार में लगाए थे। एक दूसरे यूजर ने बताया कि उसे करीब 2 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उसने फ्लैट खरीदने के लिए रखे पैसे को शेयर बाजार में लगा दिया था।

डॉलर में नरमी से रुपया 26 पैसे मजबूत

Rupee

डॉलर सूचकांक में नरमी और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के भारत में निवेश बढ़ाने से गुरुवार को रुपया 26 पैसे मजबूत हुआ और कारोबार की समाप्त पर एक डॉलर 95.50 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

भारतीय मुद्रा की बढ़त का यह पांचवां दिन था। इन पांच दिनों में यह 123 पैसे मजबूत हो चुकी है। पिछले कारोबारी दिवस पर यह छह पैसे चढ़कर 95.76 रुपये प्रति डॉलर पर रही थी।

भारतीय मुद्रा आज 17 पैसे की बढ़त में 95.59 रुपये प्रति डॉलर पर खुली। दोपहर तक यह नीचे 95.75 रुपये प्रति डॉलर तक गयी थी, लेकिन उसके बाद फिर अपनी बढ़त और मजबूत करते हुए 95.50 रुपये प्रति डॉलर तक उतरकर उसी स्तर पर बंद हुई।

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अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बुधवार को समाप्त दो दिन की बैठक के बाद केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में न तो वृद्धि की और न ही इसके कोई संकेत दिये। इससे निवेशकों ने भारतीय बाजार का रुख किया।

इसके अलावा, दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक में करीब एक फीसदी की गिरावट देखी गयी। इससे भी रुपये को समर्थन मिला। एफपीआई ने आज भारतीय पूंजी बाजार में 57.60 करोड़ डॉलर का शुद्ध निवेश किया।

Pic Credit : ANI

Vedanta Demerger: वेदांता अब रियल एस्टेट कारोबार भी अलग करेगी, शेयरधारकों को मिलेगा नया शेयर

Vedanta Demerger: अनिल अग्रवाल के मालिकाना हक वाली मेटल और माइनिंग कंपनी वेदांता लिमिटेड ने अपने रियल एस्टेट कारोबार को भी अलग करने का ऐलान किया है। यह फैसला कंपनी के पावर, ऑयल एंड गैस, आयरन एंड स्टील और एल्युमिनियम कारोबार की अलग लिस्टिंग के करीब दो महीने बाद आया है।

कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा कि रियल एस्टेट बिजनेस को एक अलग लिस्टेड कंपनी बनाया जाएगा। यह डिमर्जर गोइंग कंसर्न आधार पर होगा। यानी कारोबार पहले की तरह चलता रहेगा, सिर्फ उसकी अलग कंपनी बन जाएगी।

शेयरधारकों को क्या मिलेगा?

वेदांता के मौजूदा शेयरधारकों को 20 शेयर पर 1 नया शेयर मिलेगा। यानी अगर आपके पास वेदांता के 20 शेयर हैं, तो डिमर्जर के बाद नई रियल एस्टेट कंपनी का 1 शेयर मिलेगा। हालांकि, इसके लिए रिकॉर्ड डेट का ऐलान अभी नहीं किया गया है।

क्या करती है रियल एस्टेट यूनिट?

वेदांता की यह यूनिट रिहायशी, कमर्शियल, रिटेल, इंडस्ट्रियल और हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट्स के विकास से जुड़ा काम करती है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, टाउनशिप, लीजिंग, इंडस्ट्रियल एस्टेट और स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर सकती है। 31 मार्च 2026 तक वेदांता के रियल एस्टेट कारोबार का टर्नओवर सिर्फ ₹1.26 करोड़ था। यह कंपनी के कुल स्टैंडअलोन टर्नओवर का महज 0.001% है।

डिमर्जर से क्या होगा फायदा?

वेदांता का कहना है कि अलग कंपनी बनने के बाद रियल एस्टेट कारोबार अपने सेक्टर पर पूरी तरह फोकस कर सकेगा। इससे कारोबार बढ़ाने में आसानी होगी। नई कंपनी अपने हिसाब से निवेशक, रणनीतिक साझेदार और कर्जदाता भी जोड़ सकेगी। इससे विस्तार की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।

वेदांता के शेयरों का हाल

डिमर्जर के ऐलान और जून तिमाही के नतीजों के बाद वेदांता का शेयर 0.8% की बढ़त के साथ ₹266.65 पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में स्टॉक 5.02% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 99.44 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 31 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 30 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 24,300 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा है। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 273.55 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 77,928.15 पर और निफ्टी 66.95 अंक या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 24,317.15 पर बंद हुआ। मार्केट ब्रेथ कमजोर रही है। आज लगभग 1620 शेयरों में बढ़त हुई, 2408 शेयरों में गिरावट आई और 188 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त M&M, आयशर मोटर्स, मारुति सुजुकी, कोल इंडिया और टेक महिंद्रा के शेयरों में दिखी। जबकि गिरावट वाले शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस, HDFC लाइफ, अल्ट्राटेक सीमेंट और जियो फाइनेंशियल शामिल रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी ऑटो सबसे ज्यादा बढ़त वाला इंडेक्स रहा। इसमें 1.6% की तेजी आई। दूसरी ओर निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट आई। यह आज 2% नीचे गिर कर बंद हुआ है।

ब्रॉडर इंडेक्स ने बेंचमार्क से कमजोर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि यूएस फेड का ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला काफी हद तक उम्मीद के मुताबिक ही रहा। लेकिन महंगाई को कंट्रोल करने पर लगातार जोर दिए जाने की वजह से सख्त रुख (hawkishness) बना रहा। US बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी ने निकट भविष्य में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के बढ़ते दबाव का संकेत दिया, जिससे ग्लोबल निवेशक सतर्क नजर आए। वहीं, पश्चिम एशिया में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने बाजार में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया।

इसके चलते घरेलू इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इंडेक्स एक दायरे में बना रहा, क्योंकि निवेशक मजबूत घरेलू फंडामेंटल और ग्लोबल चुनौतियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते दिखे। इसके बावजूद, FII के बढ़ते निवेश, मज़बूत होते रुपये और Q1FY27 के अच्छे नतीजों ने बाजार का मूड सुधारा और निवेशकों ने गिरावट में चुनिंदा क्वालिटी शेयरों में खरीदारी की।

निफ्टी व्यू

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी का रुख कायम रहा। कारोबार के अंत में निफ्टी 67 अंक ऊपर और सेंसेक्स 274 अंक चढ़कर बंद हुआ। सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो इंडेक्स में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली और यह 1.76% से ज्यादा की बढ़त लेकर बंद हुआ। वहीं, दूसरी तरफ रियल्टी इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई और यह 2% टूट कर बंद हुआ।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो सुस्त शुरुआत के बाद भी बाजार पूरे दिन 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) के ऊपर बना रहा। यह एक काफी अच्छा संकेत है। इसके अलावा, डेली चार्ट पर बुलिश कैंडल और इंट्राडे चार्ट पर अपट्रेंड जारी रहने का पैटर्न यह संकेत देता है कि मौजूदा लेवल से और तेजी आने की अच्छी संभावना है।

ट्रेंड को फॉलो करने वाले ट्रेडर्स के लिए अब निफ्टी में 24,200 का लेवल एक अहम सपोर्ट लेवल का काम करेगा। इसके ऊपर टिके रहने पर अपट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ, यह तेज़ी 24,450-24,500 तक जा सकती है। दूसरी ओर, 24,200 के नीचे जाने पर अपट्रेंड कमजेर पड़ सकता है। इस लेवल के नीचे, ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन काट सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी अभी भी एक ‘कंजेशन ज़ोन’ में फंसा हुआ है। इसके साथ ही यह इंडेक्स डेली और आवरली चार्ट पर अहम मूविंग एवरेज के बीच ट्रेड कर रहा है। बैंक निफ्टी के लिए 56,500 के लेवल पर मजबूत सपोर्ट है, जो 50-DMA के पास स्थित है, जबकि 57,500 के पास 200-DMA के एक बड़े रेजिस्टेंस के तौर पर काम करने की उम्मीद है। इंडेक्स में कुछ और कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता हैं। ऐसे में लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग अप्रोच अपनाना सही रहेगा। जब तक कोई साफ ब्रेकआउट नहीं होता, तब तक ट्रेडर्स सपोर्ट जोन के पास खरीदारी करने और प्रॉफिट बुक करने या रेजिस्टेंस जोन के पास शॉर्ट पोजीशन लेने की रणनीति अपना सकते हैं।

 

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Silver Gold Price Today: यूएस ट्रेजरी यील्ड में बढ़त से गिरा सोने के भाव, क्या आगे भी कीमतों पर दिखेगा कोई असर

Silver Gold Price Today:  सोने की कीमतें आज 30 जुलाई को गिर गई है। सोने की कीमतों में यह दबाव अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़त के कारण आई। साथ ही बाजार फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की महंगाई से निपटने संबंधी टिप्पणियों का आकलन कर रहे थे क्योंकि इस हफ्ते सेंट्रल बैंक ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था।

पिछले सत्र में सोने की कीमतें 2% बढ़ने के बाद, 0445 GMT पर स्पॉट गोल्ड 0.4% गिरकर $4,048.39 प्रति औंस पर आ गया। अगस्त डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.3% बढ़कर $4,045.70 हो गया। बेंचमार्क 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी नोट पर यील्ड बढ़ने से बुलियन (सोना) रखने की अवसर लागत (opportunity cost) बढ़ गई।

ANZ की एनालिस्ट सोनी कुमारी ने कहा, “यील्ड दर की उम्मीदों का नतीजा होती है और अगर बाजार को उम्मीद है कि महंगाई का डर ऊंची दरों में बदल जाएगा, तो यील्ड भी ऊंची होगी,” और इससे सोने पर दबाव पड़ रहा है।

बुधवार को बंटे हुए फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, जबकि वॉर्श ने महंगाई को काबू में लाने के लिए सेंट्रल बैंक की प्रतिबद्धता दोहराई है, जिससे बाजार इसके अगले नीतिगत कदम को लेकर अनिश्चितता में है। हालांकि सोने को महंगाई से बचाव (हेज) के तौर पर देखा जाता है, लेकिन ऊंची ब्याज दरों वाले माहौल में बिना रिटर्न (non-yielding) वाली संपत्ति के तौर पर इसका आकर्षण कम हो जाता है।

CME ग्रुप के FedWatch टूल के अनुसार, बाजार अभी भी सितंबर में दरें बढ़ने की 65% संभावना मानकर चल रहे हैं, हालांकि नीतिगत फैसले से पहले यह संभावना लगभग 81% थी। निवेशक जून के अमेरिकी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) डेटा का भी इंतजार कर रहे हैं, जो 1230 GMT पर आने वाला है।

जियोपॉलिटिकल मोर्चे पर, अमेरिकी सेना ने कहा कि बुधवार को अमेरिका ने ईरान में नए हमले किए, जिससे पांच महीने से चल रहा युद्ध और तेज हो गया है। यह युद्ध पहले ही अपने मुख्य मोर्चों से आगे बढ़कर क्षेत्र के अन्य देशों को भी अपनी चपेट में ले रहा था। गुरुवार को तेल की कीमतों में हुई कुछ बढ़त कम हो गई क्योंकि तेल टैंकर मध्य पूर्व से बाहर निकल रहे थे।

TD सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स ने एक नोट में कहा, “पीली धातु (सोना) के दाम वापस $3,900 प्रति औंस के स्तर पर आ सकते हैं, क्योंकि गर्मियों के दौरान तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी का दबाव बना हुआ है।” स्पॉट सिल्वर की कीमत 0.6% गिरकर $57.30 प्रति औंस हो गई और प्लैटिनम 1.1% गिरकर $1,593.77 पर आ गया। पैलेडियम की कीमत 0.6% बढ़कर $1,253.25 हो गई।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Juniper Green Energy IPO: दिग्गज एंकर निवेशकों ने लगाए ₹539 करोड़! आज से खुला इश्यू, निवेश करें या नहीं? जानें

Juniper Green Energy IPO Opening: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी जुपिटर ग्रीन एनर्जी का ₹1,800 करोड़ का इश्यू आज, 30 जुलाई को आम निवेशकों के लिए खुल गया है। निवेशक इस इश्यू में 3 अगस्त तक बोली लगा सकते हैं। अगर आप भी रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के इस आईपीओ में दांव लगाने की सोच रहे हैं, तो कंपनी के प्राइस बैंड, एंकर बुक, वित्तीय स्थिति और ब्रोकरेज रिपोर्ट से जुड़ी हर अहम बातें जान लें।

Juniper Green Energy IPO: मुख्य तारीखें और प्राइस बैंड

आईपीओ खुलने-बंद होने की तारीख: 30 जुलाई-3 अगस्त 2026

प्राइस बैंड: ₹214 से ₹225 प्रति शेयर

कुल इश्यू साइज: ₹1,800 करोड़ (पूरी तरह से फ्रेश इश्यू )

लिस्टिंग की संभावित तारीख: 6 अगस्त 2026 (BSE और NSE पर)

मर्चेंट बैंकर: आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, एचएसबीसी सिक्योरिटीज, जेएम फाइनेंशियल और कोटक महिंद्रा कैपिटल।

एंकर निवेशकों से जुटाए ₹539.4 करोड़

आईपीओ खुलने से ठीक एक दिन पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹539.4 करोड़ का फंड जुटाया है। बीएसई सर्कुलर के अनुसार, कंपनी ने ₹225 के अपर प्राइस बैंड पर 31 फंड्स को 2.4 करोड़ इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं। कुल एंकर पोर्शन का 74.79% (₹403.43 करोड़) हिस्सा देश के 9 बड़े म्यूचुअल फंड हाउस को मिला। इनमें SBI Mutual Fund, ICICI Prudential, WhiteOak Capital, Nippon India, HSBC और Edelweiss शामिल हैं।

दिग्गज ग्लोबल और इंश्योरेंस इन्वेस्टर फर्म अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने करीब ₹80 करोड़ का निवेश किया। इसके अलावा HDFC Life, Bajaj Life और Tata AIG जैसी इंश्योरेंस कंपनियों ने भी एंकर बुक में हिस्सा लिया।

आईपीओ से मिले पैसों का क्या करेगी कंपनी?

कंपनी आईपीओ के जरिए जुटाए गए ₹1,800 करोड़ में से बड़ा हिस्सा अपना कर्ज चुकाने में इस्तेमाल करेगी। कंपनी पर कुल ₹13,266 करोड़ का कर्ज है। इसमें से ₹683.24 करोड़ सीधे कंपनी के कर्ज को चुकाने/कम करने में इस्तेमाल होंगे, जबकि ₹728.69 करोड़ इसकी सहायक कंपनियों के बकाए लोन को चुकाने के लिए दिए जाएंगे। बची हुई राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होगी।

कंपनी का बिजनेस और वित्तीय स्थिति

गुरुग्राम बेस्ड जुपिटर ग्रीन एनर्जी भारत की टॉप 10 सबसे बड़ी रिन्यूएबल इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स (IPP) में शामिल है। यह सोलर, विंड, हाइब्रिड और बैटरी एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स डेवलप और ऑपरेट करती है।

जून 2026 तक कंपनी का कुल प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो 7,910.20 MW तक पहुंच गया है। वर्तमान में इसकी चालू क्षमता 1,795 MW है, जबकि 6,115 MW क्षमता के प्रोजेक्ट्स निर्माण के अधीन हैं। वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में कंपनी का शुद्ध लाभ 10.9% बढ़कर ₹40.5 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹36.5 करोड़ था। इसी अवधि में कंपनी की आय 41.3% उछलकर ₹718.9 करोड़ पर पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹508.7 करोड़ थी।

ब्रोकरेज की क्या है सलाह?

एसबीआई सिक्योरिटीज ने लंबी अवधि के नजरिए से इस आईपीओ को ‘Subscribe’ करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की विंड-सोलर हाइब्रिड( WSH) और FDRE एसेट्स में मजबूत पकड़ है। इसके अलावा, कंपनी की चालू क्षमता 1,795 MW है और 6,115 MW के प्रोजेक्ट्स निर्माणाधीन हैं, जो आने वाले समय में प्रोजेक्ट्स के चालू होने पर कंपनी को लंबे समय तक मजबूत ग्रोथ विजिबिलिटी प्रदान करेंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : बाजार में बुलिश मोमेंटम मजबूत रहने के संकेत, हल्के ठहराव में बाद इंडेक्स फिर पकड़ेंगे रफ्तार

Trade setup for today : निफ्टी में इस हफ्ते दूसरी बार गैप-अप ओपनिंग देखने को मिली। इसने पिछले शुक्रवार के निचले स्तर से 2.75 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है। ​​29 जुलाई को 1.1 प्रतिशत ऊपर बंद होकर निफ्टी ने अगस्त सीरीज़ की मज़बूत शुरुआत की है। शॉर्ट से मीडियम टर्म मूविंग एवरेज और 100 डे EMA के ऊपर बढ़त,साथ ही डाउनवर्ड स्लोपिंग रेजिस्टेंस ट्रेंडलाइन के ऊपर ब्रेकआउट और मोमेंटम इंडिकेटर्स में और सुधार से मार्केट के सेंटीमेंट में सुधार आया है। कच्चे तेल में नरमी से बाजार को बड़ा सपोर्ट मिला है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक अच्छी रैली के बाद भले ही निफ्टी में कुछ समय के लिए ठहराव आए,लेकिन कुल मिलाकर इसका ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। अगर निफ्टी 24,100-24,000 के अहम सपोर्ट जोन के ऊपर टिका रहता है,तो इसमें और तेजी आ सकती है और यह 24,400-24,500 के जोन तक जा सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,167, 24,133 और 24,077

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,280, 24,314 और 24,370

पिछले दो सेशन में 24,000 के लेवल के पास कंसोलिडेशन देखने को मिला। इसके बाद मज़बूत गैप-अप ओपनिंग के साथ निफ्टी 50 ने कल डेली टाइमफ्रेम पर एक बुलिश कैंडल बनाई। यह बाजार में अच्छी खरीदारी आने का संकेत है। निफ्टी 200 डे EMA को छोड़कर सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर वापस आ गया। 200 डे EMA अगले रेजिस्टेंस जोन के तौर पर काम कर सकता है। यह जून के निचले स्तर से जुलाई के ऊंचे स्तर तक की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर भी चला गया। बुल्लिश क्रॉसओवर के साथ RSI बढ़कर 56.11 हो गया,जबकि MACD रेफरेंस लाइन के नीचे रहने के बावजूद ऊपर की ओर बढ़ता रहा। इसके साथ ही हिस्टोग्राम की लाल बार्स कमजोरी कम होने का संकेत दे रही हैं। ये सभी बातें बुल्लिश मोमेंटम के मजबूत होने और आगे और बढ़त की संभावना का संकेत दे रही हैं।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,298, 57,386 और 57,530

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,010, 56,921 और 56,777

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,253, 59,247

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,441, 55,742

बैंक निफ्टी में कल 0.8 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इसने एक छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ एक साफ विक (wick) और ऊपर की तरफ एक छोटी विक थी। यह निचले स्तरों पर आई खरीदारी का संकेत है। इंडेक्स ने 20 डे EMA को टेस्ट किया लेकिन उसके ऊपर बंद होने में नाकाम रहा। इसके साथ ही,यह मई के निचले स्तर से जून के ऊंचे स्तर तक की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर भी बंद नहीं हो पाया। हालांकि,यह अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहा। RSI बढ़कर 49.95 हो गया,लेकिन रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा। MACD सिग्नल लाइन के नीचे बना रहा,हालांकि हिस्टोग्राम की लाल बार्स हल्की पड़ती दिखीं। इससे पता चलता है कि मंदी का मोमेंटम कम हो रहा है। ये सभी बातें मोमेंटम में सुधार का संकेत देती हैं,लेकिन मज़बूत तेजी के ट्रेंड की पुष्टि के लिए तत्काल रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर एक टिकाऊ चाल की जरूरत होगी।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 29 जुलाई को भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,981 करोड़ के भारतीय शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी नेट खरीदार के तौर पर लगभग ₹1,000 करोड़ का निवेश किया।

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इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में बुधवार को लगातार तीसरे सेशन में गिरावट जारी रही। यह 4.42% गिरकर 12 के जोन (7 जुलाई के बाद का सबसे निचला क्लोजिंग लेवल)पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। यह तेजड़ियों के लिए अच्छा संकेत है। अगर इसमें और गिरावट आती है और यह 12 के जोन से नीचे बना रहता है,तो बुल्स को और भी ज्यादा राहत मिल सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 29 जुलाई को पिछले सेशन के 1.05 से बढ़कर 1.18 हो गया। PCR का बढ़ना या 0.7 से ज़्यादा होना या इसका 1 से ऊपर निकल जाना,यह बताता है कि ट्रेडर्स कॉल ऑप्शन के मुकाबले पुट ऑप्शन ज्यादा बेच रहे हैं। आम तौर पर,यह बाजार में तेजी का संकेत होता है। अगर यह रेश्यो 0.7 से नीचे गिरता है या 0.5 की तरफ जाता है,तो इसका मतलब है कि पुट के मुकाबले कॉल की बिक्री ज्यादा हो रही है,जो बाजार में मंदी का संकेत है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: सम्मान कैपिटल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

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