Pharma Stocks: बारिश-बाढ़ के चलते कुछ यूनिट्स में काम बंद, अब 27 जुलाई को इस फार्मा शेयर पर रहेगी नजर

Piramal Pharma Stocks: फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी पिरामल फार्मा के शेयरों में 27 जुलाई को स्टॉक मार्केट खुलने पर तेज हलचल दिख सकती है। इसकी वजह ये है कि कंपनी ने एक दिन पहले 24 जुलाई की रात एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि भारी बारिश और जलभराव के चलते गुजरात में इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज में काम अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है। ऐसे में शेयरों पर भी इसका असर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 24 जुलाई को बीएसई पर यह 0.17% की बढ़त के साथ ₹181.15 पर बंद हुआ था जबकि निफ्टी 0.43% की कमजोरी के साथ 23,767.45 पर बंद हुआ था।

इन फैसिलिटीज की Piramal Pharma के रेवेन्यू में कितनी हिस्सेदारी?

भारी बारिश और बाढ़ के चलते पिरामल फार्मा ने शुक्रवार 24 जुलाई को बताया कि उसने गुजरात के अहमदाबाद में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में कुछ समय के लिए काम रोक दिया है। कंपनी ने बताया कि इनके सभी एंप्लॉयीज और कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे स्टॉफ सुरक्षित हैं। अब कंपनी मौजूदा स्थिति का आकलन कर रही है और कामकाज बंद होने के असर का कैलकुलेशन कर रही है। कंपनी का कहना है कि मौसम की स्थिति में सुधार होने पर अगले कुछ दिनों में कामकाज धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है। पिरामल फार्मा का कहना है कि जिन यूनिट्स को बंद किया गया है, उनके एसेट्स इंश्योरेंस कवरेज के तहत हैं। कंपनी के मुताबिक इन यूनिट्स की कुल मिलाकर इसके कंसालिडेटेड रेवेन्यू में 3% से कम हिस्सा है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

पिरामल फार्मा के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल बीएसई पर 29 जुलाई 2025 को यह ₹210.35 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 8 ही महीने में यह 37% टूटकर 23 मार्च 2026 को ₹132.50 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

देश का पहला REIT-बेस्ड इंडेक्स फंड, Edelweiss Mutual Fund ने किया लॉन्च

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

देश का पहला REIT-बेस्ड इंडेक्स फंड, Edelweiss Mutual Fund ने किया लॉन्च

एडलवाइज म्यूचुअल फंड (Edelweiss Mutual Fund) ने ‘एडलवाइज निफ्टी REITs एंड रियल्टी इंडेक्स फंड’ लॉन्च किया है। यह एक ओपन-एंडेड पैसिव स्कीम है जो निफ्टी REITs और रियल्टी टोटल रिटर्न इंडेक्स (TRI) इंडेक्स को ट्रैक करती है। इस एक ही निवेश स्कीम के जरिए निवेशकों को लिस्टेड REITs (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स)) और रियल एस्टेट डेवलपर्स, दोनों में निवेश का मौका मिलेगा। लिंक्डइन पर एक पोस्ट में सीईओ राधिका गुप्ता ने जिक्र किया कि यह अपनी तरह का पहला फंड है और यह निवेशकों को एक महत्वपूर्ण एसेट क्लास में डाईवर्सिफाईड निवेश का मौका देता है, जिसमें पहले से ही बड़े संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी है।

Edelweiss Mutual Fund के नई स्कीम की खास बातें

एडलवाइज म्यूचुअल फंड का एडलवाइज निफ्टी REITs एंड रियल्टी इंडेक्स फंड सब्सक्रिप्शन के लिए अगले महीने 5 अगस्त को खुलेगा और19 अगस्त को बंद होगा। इसमें कम से कम ₹100 का निवेश करना होगा, कोई एग्जिट लोड नहीं लगेगा और इसका अधिकतम TER (टोटल एक्सपेंस रेश्यो) 0.90% होगा। इस स्कीम को भरत लाहोटी (Bharat Lahoti) और मानसी जलगांवकर (Manasi Jalgaonkar) मैनेज करेंगे।

यह फंड निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी इंडेक्स को ट्रैक करेगा जिसमें 60% लिस्टेड रीट्स और 40% रियल एस्टेट कंपनियां हैं। एडलवाइज म्यूचुअल फंड का कहना है कि जैसे-जैसे नए REITs लिस्ट होंगे और इंडेक्स में शामिल होंगे, REITs का हिस्सा बढ़ने की संभावना है। इसके पोर्टफोलियो में 15 सिक्योरिटीज शामिल होंगी और कम से कम 60% REITs में लगेगा और बाी लिस्टेड रियल एस्टेट स्टॉक्स में। किसी एक सिक्योरिटीज में अधिकतम 15% तक ही निवेश किया जाएगा और साथ ही प्रमोटर ग्रुप से जुड़ी कंपनियों में निवेश पर भी एग्रीगेट एक्सपोजर लिमिट तय की गई है।

भारत में तेजी से बढ़ रहा REIT मार्केट

एडलवाइज की स्कीम ऐसे समय में लॉन्च हो रही है जब भारत का लिस्टेड REIT मार्केट लगातार बढ़ रहा है। छह लिस्टेड REITs के पास कुल मिलाकर लगभग ₹3.1 लाख करोड़ के ग्रेड-ए कमर्शियल रियल एस्टेट एसेट्स हैं और साल 2019 से उन्होंने निवेशकों को ₹31,700 करोड़ रुपये से अधिक का डिस्ट्रीब्यूशन किया है। REITs को 1 जनवरी, 2026 से इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स के तौर पर रीक्लासिफाई किया गया और 1 जुलाई से वे इक्विटी इंडेक्स का हिस्सा बन गए, जिससे इंस्टीट्यूशनल और रिटेल निवेशकों के बीच उनकी अपील बढ़ी है।

एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) के मुताबिक देश के ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस का सिर्फ 13% हिस्सा ही फिलहाल लिस्टेड REITs के तहत आता है, जिससे यह संकेत मिलता है कि आने वाले समय में कमर्शियल एसेट्स के मोनेटाइजेशन की काफी संभावनाएं मौजूद हैं। फंड हाउस का मानना है कि शहरीकरण, इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के विस्तार, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ और इंस्टीट्यूशनल कैपिटल के बढ़ते निवेश जैसे जैसे स्ट्रक्चरल ड्राइवर्स से इस एसेट क्लास की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को मजबूती मिलेगी।

विकसित देशों की तुलना में भारत का REIT मार्केट अभी शुरुआती दौर में है। भारत में फिलहाल 6 लिस्टेड REITs हैं, जिनका अनुमानित मार्केट कैप करीब $1900 करोड़ है जबकि अमेरिका में 196 लिस्टेड REITs हैं, जिनका कुल मार्केट कैप करीब $1.4 ट्रिलियन यानी $1.4 लाख करोड़। इससे भारत में भविष्य में इस क्षेत्र के विस्तार की काफी संभावनाएं दिख रही हैं।

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दिल्ली में सोना 2 हफ्ते की ऊंचाई पर पहुंचा, चांदी एक दिन में 8500 रुपये उछली

दिल्ली सर्राफा बाजार में 22 जुलाई को सोने और चांदी में तेजी देखने को मिली। सोने का भाव 1,900 रुपये के उछाल के साथ दो हफ्ते की ऊंचाई यानी 1,49,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। ग्लोबल मार्केट से पॉजिटिव संकेतों और स्ट्रॉन्ग डिमांड की वजह से कीमतों को सपोर्ट मिला। चांदी में भी जबर्दस्त तेजी दिखी।

चांदी एक दिन में 8500 रुपये चढ़ी

दिल्ली सर्राफा बाजार में 22 जुलाई को चांदी 8,500 रुपये की तेजी के साथ 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। चांदी में यह तेजी का लगातार छठा सत्र था। ट्रेडर्स ने कहा कि सोने में भी यह तेजी का लगातार तीसरा सत्र था। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के पॉजिटिव संकेतों के साथ ही स्ट्रॉन्ग लोकल डिमांड और पिछले हफ्ते कीमतों में गिरावट के बाद अच्छी खरीदारी का असर कीमतों पर पड़ा।

फिजिकल सोने की डिमांड में रिकवरी

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “बुधवार को सोने में तेजी रही। इससे कीमतें दो हफ्ते की ऊंचाई पर पहुंच गई। इसमें फिजिकल सोने की डिमांड में रिकवरी का भी हाथ है।” उन्होंने कहा कि गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में भी निवेश बढ़ा है। इससे यह संकेत मिलता है कि हालिया गिरावट के बाद सोने को लेकर सेंटिमेंट बदल रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में तेजी दिखी। स्पॉट गोल्ड 1.16 फीसदी यानी 47 डॉलर के उछाल के साथ 4,125 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। चांदी में भी करीब 1 फीसदी की तेजी रही, जिससे यह 59.32 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। बीते कुछ हफ्तों में सोने और चांदी पर काफी दबाव देखने को मिला था।

क्रूड ऑयल 5 हफ्ते की ऊंचाई पर पहुंचा

कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च के एवीपी कायनात चेनवाला ने कहा कि पश्चिम एशिया में टेंशन और क्रूड ऑयल की कीमतें पांच हफ्ते की ऊंचाई पर पहुंच जाने के बावजूद सोने और चांदी में तेजी है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कूटनीति से मामले के समाधान के संकेत दिए हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका बातचीत शुरू करना चाहता है लेकिन चीन इसके लिए तैयार नहीं है। इससे इनवेस्टर्स ‘इंतजार करो और देखो’ की पॉलिसी अपना रहे हैं।

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क्रूड में तेजी जारी रहने पर बढ़ेगी महंगाई

22 जुलाई को ब्रेंट क्रूड की कीमतें 94 डॉलर प्रति बैरल को पार गई। अगर क्रूड में तेजी जारी रहती है या लंबे समय तक कीमतें इस लेवल पर बनी रहती हैं तो दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का खतरा होगा। अमेरिका में फेडरल रिजर्व उम्मीद से पहले इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घट जाती है।

SBI Funds Management Shares: ₹750 तक जा सकता है स्टॉक, Emkay ने खरीदने की सलाह दी

SBI Funds Management Shares: SBI Mutual Fund चलाने वाली कंपनी SBI Funds Management की शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत हुई। कंपनी का शेयर ₹574 के IPO प्राइस के मुकाबले 6.84% प्रीमियम के साथ ₹613.30 पर NSE में लिस्ट हुआ। कारोबार के दौरान यह ₹624.95 तक पहुंचा। हालांकि दिन के अंत में शेयर ₹609.75 पर बंद हुआ, जो लिस्टिंग प्राइस से 0.58% नीचे है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹1.24 लाख करोड़ रहा।

Emkay ने दी ‘Buy’ रेटिंग

ब्रोकरेज फर्म Emkay Global ने शेयर पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने ₹750 का टारगेट प्राइस रखा है। यह IPO प्राइस के मुकाबले करीब 31% और मौजूदा क्लोजिंग भाव के मुकाबले करीब 23% की संभावित तेजी दिखाता है।

Emkay के बुलिश रुख की वजह

Emkay का मानना है कि भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की लंबी अवधि की ग्रोथ का सबसे बड़ा फायदा SBI Funds Management को मिल सकता है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, SBI का मजबूत ब्रांड और बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क कंपनी की सबसे बड़ी ताकत है। फिलहाल SBI Mutual Fund के करीब 55 लाख ग्राहक हैं, जबकि SBI के 2.1 करोड़ सैलरी अकाउंट हैं। यानी अभी भी कंपनी के पास नए ग्राहकों को जोड़ने की बड़ी गुंजाइश है, खासकर B-30 शहरों और ग्रामीण इलाकों में।

अब किस फैक्टर पर फोकस रहेगा?

Emkay को उम्मीद है कि कंपनी धीरे-धीरे इक्विटी म्यूचुअल फंड, AIF और PMS जैसे ज्यादा मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ाएगी। इससे कमाई बेहतर हो सकती है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच कंपनी का EBITDA CAGR करीब 17% रह सकता है।

क्या हैं जोखिम?

Emkay ने कुछ जोखिम भी बताए हैं। SBI के नेटवर्क से नए ग्राहक कम जुड़ सकते हैं। म्यूचुअल फंड स्कीमों का प्रदर्शन कमजोर पड़ सकता है। शेयर बाजार में लंबे समय तक सुस्ती रह सकती है। रेगुलेटरी नियमों में बदलाव भी कंपनी की ग्रोथ पर असर डाल सकते हैं।

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इस म्यूचुअल फंड ने 10 लाख रुपये के निवेश को सिर्फ 5 साल में 20 लाख रुपये बना दिया

म्यूचुअल फंड की स्कीम में एकमुश्त निवेश करने पर भी अच्छा रिटर्न मिलता है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल फ्लेक्सीकैप फंड ने एकमुश्त निवेश करने वाले इनवेस्टर्स का पैसा सिर्फ 5 साल में डबल कर दिया है। इस फंड की शुरुआत जुलाई 2021 में हुई थी। तब अगर आपने इस फंड में 10 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश किया होता तो 30 जून, 2026 को आपका पैसा बढ़कर 19.61 लाख रुपये हो गया होता। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने अपने इस फंड के रिटर्न का डेटा जारी किया है।

17 जुलाई, 2021 को हुई थी फंड की शुरुआत

ICICI Prudential Mutual Fund ने 17 जुलाई, 2026 को इस फंड के लॉन्च के 5 साल पूरे होने पर इसके रिटर्न का डेटा जारी किया है। ICICI Prudential Flexicap Fund की शुरुआत 17 जुलाई 2021 को हुई थी। एसेट मैनेजमेंट कंपनी के मुताबिक, इस फंड के रिटर्न का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 14.55 फीसदी है। यह फंड के बेंचमार्क BSE 500 Total Return Index (TRI) के 11.88 फीसदी सीएजीआर रिटर्न से काफी ज्यादा है।

5 साल में 10000 का मंथली सिप आज 8.47 लाख होता

किसी निवेशक ने इस फंड की शुरुआत के समय इसमें 10,000 रुपये का मंथली सिप शुरू किया होता तो आज उसका पैसा बढ़कर 8.47 लाख रुपये हो गया होता। यह 13.83 फीसदी सीएजीआर रिटर्न है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनवेस्टर्स किसी अच्छे फंड में SIP या एकमुश्त दोनों ही तरीकों से निवेश कर सकते हैं। जो निवेशक एकमुश्त निवेश नहीं कर सकते, सिप उनके लिए निवेश का आसान तरीका है।

यह ओपन-एंडेड फ्लेक्सीकैप इक्विटी स्कीम है

ICICI Prudential Mutual Fund एक ओपन-एंडेड इक्विटी फ्लेक्सी कैप स्कीम है। इसका मतलब है कि यह छोटी-बड़ी सभी तरह की कंपनियों के शेयरों में निवेश कर सकती है। यह स्कीम निवेश में बॉटम-अप स्टॉक सेलेक्शन एप्रोच का इस्तेमाल करती है। इसका फोकस उन कंपनियों की पहचान पर होता है, जिनमें लंबी अवधि में ग्रोथ की बड़ी संभावना होती है।

क्वालिटी बिजनेसेज के स्टॉक्स में निवेश पर फोकस

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के सीनियर फंड मैनेजर रजत चंडाक ने इस स्कीम के बारे में बताया, “स्कीम का फोकस रिसर्च के जरिए क्वालिटी बिजनेसेज के सेलेक्शन पर रहा है। स्कीम मार्केट की हर साइकिल के हिसाब से लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट एप्रोच का इस्तेमाल करती है।”

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61 फीसदी निवेश लार्जकैप स्टॉक्स में 

30 जून, 2026 को इस फंड का करीब 61 फीसदी निवेश लार्ज-कैप स्टॉक्स में था। 9 फीसदी मिडकैप स्टॉक्स में था। 25 फीसदी निवेश स्मॉलकैप स्टॉक्स में था। अभी निवेश के मामले में इस फंड का झुकाव कंजम्प्शन-ओरिएंटेड स्टॉक्स में है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हालांकि, इस फंड का रिटर्न अच्छा है, लेकिन निवेशकों को किसी फंड के पिछले रिटर्न को देखकर उसमें निवेश का फैसला करना चाहिए। इस फंड में निवेश से पहले इनवेस्टर्स को अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की राय जरूर लेनी चाहिए।

Market Mantra : 3-6 महीने के नजरिए से निवेश करना रहेगा अच्छा, US-ईरान युद्ध को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं

Market Mantra : बाजार के सामने संकट के बादल फिर खड़े हो गए हैं। एक तरफ जहां अमेरिका-ईरान फिर लड़ पड़े हैं तो वहीं क्रूड की बिगड़ी चाल ने बाजार में फिर डर का माहौल बना दिया है। इसके अलावा भी बाजार के सामने कई और बड़ी चुनौतियां अब भी खड़ी हैं। कमजोर मॉनसून और पहली तिमाही के नतीजों पर बाजार नजर बनाए बैठा है। इन सभी मुद्दों से अब आगे बाजार की दिशा तय होनी है। ऐसे में निवेशक कंफ्यूज है कि निवेश को लेकर क्या रणनीति बनाएं,अभी निवेश करें या कुछ महीने पहले देख लें कि हालात क्या करवट लेते हैं। इसी कंफ्यूजन को दूर करने के लिए आज हमारे साथ हैं खास मेहमान LIC म्यूचुअल फंड (LIC Mutual Fund) के CIO इक्विटी सुधांशु अस्थाना

US-ईरान युद्ध को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं

बाजार की चाल पर बात करते हुए सुधांशु अस्थाना ने कहा कि US-ईरान युद्ध को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं है। US-ईरान फिर शांति की तरफ बढ़ेंगे। सरकार के कदमों से इकोनॉमी में डिमांड बढ़ी है। प्राइवेट कैपेक्स और क्रेडिट ग्रोथ में भी सुधार देखने को मिल रहा है। कॉर्पोरेट क्रेडिट ग्रोथ में 15% का उछाल आया है। देश में डॉलर का फ्लो आगे सुधरेगा। US-ईरान युद्ध आगे बढ़ा तो FY28 नतीजों पर असर दिखेगा। कच्चा तेल 85-90 डॉलर प्रति बैरल पर रहे तो इकोनॉमी पर असर नहीं होगा।

3-6 महीने के नजरिए से निवेश करना अच्छा

उन्होंने आगे कहा कि 3-6 महीने के नजरिए से निवेश करना अच्छा रहेगा। कंपनियों के मुताबिक युद्ध का असर अभी डिमांड पर नहीं दिखा है। दिसंबर नतीजों के बाद अर्निंग अपग्रेड संभव है। अगले साल से 8वें वेतन आयोग का पैसा भी आने लगेगा। 8वें वेतन आयोग के पैसे से डिमांड को बूस्ट मिलेगा। कच्चे माल की कीमतें बढ़ने का असर Q1 नतीजों पर दिखेगा।नतीजों के साथ कंपनियों की कमेंट्री और आउटलुक पर बाजार की नजर रहेगी।

बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में एक्सपोजर बढ़ा

सुधांशु अस्थाना ने बताया कि उन्होंनें बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में एक्सपोजर बढ़ाया है। प्राइवेट बैंक,NBFC और कैपिटल मार्केट शेयरों पर फोकस बढ़ा है। हेल्थकेयर शेयरों में भी एक्सपोजर बढ़ाया है। प्रीसिजन इंजीनियरिंग और डाटा सेंटर पर भी फोकस बढ़ा है। दिसंबर नतीजों के बाद अर्निंग अपग्रेड संभव है।

कम रिस्क चाहते हैं तो मल्टिकैप फंड में डालें पैसा

उन्होंने आगे कहा कि अगर आप कम रिस्क चाहते हैं तो मल्टिकैप फंड में पैसा डालें। फ्लैक्सीकैप फंड में भी निवेश किया जा सकता है। पिछले कुछ महीनों में मिडकैप और स्मॉलकैप में निवेश बढ़ा है। मिडकैप और स्मॉलकैप आगे अच्छा कर सकते हैं।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

SIP Calculator: नो टेंशन स्कीम! रोज बचाएं सिर्फ ₹100-200 और तैयार करें ₹40 लाख तक का फंड, यहां देखिए पूरा कैलकुलेशन

Daily Mutual Fund SIP Calculator: हम अक्सर सोचते हैं कि निवेश शुरू करने के लिए बहुत बड़ी रकम की जरूरत होती है। लेकिन असलियत यह है कि आपकी छोटी-छोटी दैनिक बचत भी लंबी अवधि में आपको लखपति बना सकती है। चाय-नाश्ते या जेब खर्च के ₹100 या ₹200 रोज बचाकर अगर आप म्यूचुअल फंड की डेली एसआईपी में डालते हैं, तो अगले 10 से 15 सालों में आपके पास एक बड़ा फंड तैयार हो सकता है।

आइए समझते हैं कि रोजाना ₹100 और ₹200 की डेली एसआईपी से 10 और 15 साल में कितना पैसा बनेगा।

1. रोजाना ₹100 की डेली एसआईपी का गणित

अगर आप प्रतिदिन ₹100 बचाते हैं, तो महीने के 30 दिन के हिसाब से आपका कुल मासिक निवेश ₹3,000 होगा।

10 साल के निवेश पर कुल जमा राशि: ₹3,60,000

12% सालाना रिटर्न पर: 10 साल बाद कुल वैल्यू करीब ₹6,97,017 होगी। इसमें ₹3,37,017 का फायदा होगा।

15% सालाना रिटर्न पर: 10 साल बाद कुल वैल्यू करीब ₹8,35,968 होगी। इसमें ₹4,75,968 का फायदा होगा।

15 साल के निवेश पर कुल जमा राशि: ₹5,40,000

12% सालाना रिटर्न पर: 15 साल बाद कुल वैल्यू करीब ₹15,14,272 होगी। इसमें ₹9,74,272 का फायदा।

15% सालाना रिटर्न पर: 15 साल बाद कुल वैल्यू करीब ₹20,17,631 (यानी ₹20 लाख से ज्यादा) होगी। इसमें ₹14,77,631 का फायदा होगा।

2. रोजाना ₹200 की डेली एसआईपी का गणित

अगर आप अपनी बचत को थोड़ा बढ़ाकर रोजाना ₹200 करते हैं, तो आपका मासिक निवेश ₹6,000 हो जाएगा।

10 साल के निवेश पर कुल जमा राशि: ₹7,20,000

12% सालाना रिटर्न पर: 10 साल बाद कुल वैल्यू करीब ₹13,94,034 होगी। (फायदा: ₹6,74,034)

15% सालाना रिटर्न पर: 10 साल बाद कुल वैल्यू करीब ₹16,71,936 होगी। (फायदा: ₹9,51,936)

15 साल के निवेश पर कुल जमा राशि: ₹10,80,000

12% सालाना रिटर्न पर: 15 साल बाद कुल वैल्यू करीब ₹30,28,544 होगी। (फायदा: ₹19,48,544)

15% सालाना रिटर्न पर: 15 साल बाद कुल वैल्यू करीब ₹40,35,262 (यानी ₹40 लाख से ज्यादा) होगी। (फायदा: ₹29,55,262)

₹100-₹200 की डेली SIP का पूरी कैलकुलेशन

रोज बचाएं सिर्फ ₹100-200 और तैयार करें ₹40 लाख तक का फंड, यहां देखिए पूरा कैलकुलेशन

छोटी बचत और डेली एसआईपी के फायदे

रोजाना ₹100 या ₹200 बचाना किसी भी छात्र, नौकरीपेशा या छोटे दुकानदार के लिए बहुत आसान है। इससे बजट पर कोई दबाव नहीं पड़ता। जेब पर कम बोझ होने पर आप इसे लंबे समय तक जारी रख सकते हैं। क्योंकि 10 साल के मुकाबले 15 साल में फंड लगभग दोगुना से भी ज्यादा हो जाता है। आप जितना लंबा समय देंगे, आपका पैसा उतनी ही तेजी से बढ़ेगा।

रोज निवेश करने से ‘रुपी कॉस्ट एवरेजिंग’ का फायदा मिलता है। इसका मतलब है कि जब बाजार गिरता है तो आपको ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं और चढ़ने पर कम, जिससे आपका औसत निवेश सुरक्षित रहता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SIP Calculator: सिर्फ ₹2,000 की मंथली SIP से तैयार करें ₹1 करोड़ का फंड! समझें म्यूचुअल फंड कंपाउंडिंग का पूरा गणित

Mutual Fund SIP Calculator: करोड़पति बनने का सपना हर किसी का होता है, लेकिन बहुत से लोग सोचते हैं कि इसके लिए बहुत बड़ी सैलरी या किसी बड़े बिजनेस की जरूरत होती है। हकीकत यह है कि अगर आप सही समय पर और सही अनुशासन के साथ निवेश की शुरुआत करें, तो बहुत मामूली रकम से भी यह जादुई आंकड़ा छुआ जा सकता है।

म्युचुअल फंड में सिर्फ ₹2,000 प्रति महीने की सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) शुरू करके आप ₹1 करोड़ से ज्यादा का फंड तैयार कर सकते हैं। लेकिन, इस गणित के पीछे एक बड़ा पेंच भी है, जिसे समझे बिना निवेश करना आपको नुकसान पहुंचा सकता है। आइए जानते हैं इसका पूरा गणित और इसके पीछे की हकीकत।

₹2,000 की SIP से ₹1.1 करोड़ बनाने का गणित

म्युचुअल फंड में लॉन्ग टर्म निवेश के लिए 12% का औसत सालाना रिटर्न एक मानक माना जाता है। अगर आप इस औसत रिटर्न के साथ हर महीने मात्र ₹2,000 बचाते हैं, तो देखिए समय के साथ आपकी वेल्थ कैसे बढ़ती है:

₹2,000 की SIP से ₹1.1 करोड़ बनाने का गणित

  • मंथली निवेश: ₹2,000
  • निवेश की अवधि: 35 वर्ष
  • कुल निवेशित रकम: ₹8.4 लाख
  • अनुमानित सालाना रिटर्न: 12%
  • केवल ब्याज से कमाई: ₹1.02 करोड़
  • मैच्योरिटी पर कुल वैल्यू: ₹1.1 करोड़

₹2,000 की SIP से ₹1.1 करोड़ बनाने का गणित

कंपाउंडिंग का जादू: इस पूरे गणित में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आपकी जेब से सिर्फ ₹8.4 लाख रुपये ही जमा होते हैं, लेकिन ब्याज के ऊपर ब्याज यानी कंपाउंडिंग मिलने के कारण आपको ₹1 करोड़ से अधिक का मुनाफा मिल जाता है।

लेकिन… इस जादुई आंकड़े के पीछे ‘कैच’ क्या है?

करोड़पति बनने का यह रास्ता दिखने में जितना आसान लगता है, असल में उतना ही धैर्य मांगता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसके पीछे दो सबसे बड़े रियल्टी चेक हैं:

1. अनुशासन और 35 साल की लंबी मैराथन

पैसे बनाने का यह सफर कोई स्प्रिंट यानी छोटी दौड़ नहीं बल्कि एक लंबी मैराथन है। ₹2,000 की छोटी रकम को ₹1 करोड़ बनाने के लिए आपको 35 साल तक लगातार बिना रुके निवेश करना होगा। सबसे बड़ी चुनौती यही है कि कई लोग बाजार में गिरावट आने पर या पर्सनल पैसों की तंगी होने पर अपनी एसआईपी बीच में ही बंद कर देते हैं या पैसे निकाल लेते हैं। ऐसा करने से कंपाउंडिंग का चक्र टूट जाता है और आप लक्ष्य से पीछे रह जाते हैं।

2. रिटर्न की कोई गारंटी नहीं

लॉन्ग टर्म में इक्विटी फंड्स शानदार रिटर्न दे सकते हैं, लेकिन यह कोई फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) नहीं है जिसमें रिटर्न तय हो। बाजार के चक्र के कारण कभी आपको एक साल में भारी मुनाफा मिल सकता है, तो कभी आपका पोर्टफोलियो घाटे में भी जा सकता है। इसलिए आपको उतार-चढ़ाव झेलने के लिए तैयार रहना होगा।

अगर देर से शुरुआत की, तो क्या करें?

अगर आप 35 साल तक इंतजार नहीं करना चाहते या आपने निवेश की शुरुआत थोड़ी देर से की है, तो फाइनेंशियल प्लानर्स स्टेप-अप एसआईपी (Step-up SIP) की सलाह देते हैं।

इसका मतलब यह है कि आप अपनी मासिक SIP को हमेशा ₹2,000 पर ही फिक्स रखने के बजाय, हर साल अपनी सैलरी या आय बढ़ने के साथ-साथ इसमें 5% या 10% की बढ़ोतरी करते रहें। इससे आप ₹1 करोड़ का यह माइलस्टोन बहुत कम समय में और बहुत आसानी से हासिल कर सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SIP vs SSY: सुकन्या समृद्धि और SIP में हर महीने ₹2000 निवेश करें तो किसमें ज्यादा पैसा बनेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

SIP vs SSY: अगर आपके घर में छोटी बेटी है और आप उसके भविष्य के लिए हर महीने ₹2,000 बचाना चाहते हैं, तो आपके सामने दो लोकप्रिय विकल्प होते हैं। पहला सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और दूसरा म्यूचुअल फंड SIP।

दोनों का मकसद लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाना है। लेकिन दोनों का तरीका अलग है। एक में सरकार तय ब्याज देती है, जबकि दूसरे में रिटर्न बाजार पर निर्भर करता है।

तो अगर हर महीने सिर्फ ₹2,000 निवेश किए जाएं, तो आखिर किसमें ज्यादा पैसा बन सकता है? आइए इसे समझते हैं।

₹2,000 की SIP से कितना फंड बन सकता है?

मान लीजिए कि आपकी बेटी अभी 2 साल की है। आप उसके 23 साल की होने तक एक अच्छा फंड तैयार करना चाहते हैं। आप 21 साल तक हर महीने ₹2,000 की SIP करते हैं। अगर निवेश पर औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है, तो तस्वीर कुछ ऐसी बन सकती है।

डिटेलSIP
मासिक निवेश₹2,000
निवेश अवधि21 साल
कुल निवेश₹5.04 लाख
अनुमानित रिटर्न12% सालाना
अनुमानित मैच्योरिटी राशिकरीब ₹22-24 लाख

यानी आपने अपनी जेब से सिर्फ ₹5.04 लाख लगाए, लेकिन कंपाउंडिंग की ताकत से फंड ₹22 लाख से ज्यादा हो सकता है।

सुकन्या समृद्धि योजना में कितना पैसा मिलेगा?

अब सुकन्या समृद्धि योजना का हिसाब भी समझ लेते हैं। इसमें आप हर महीने ₹2,000 जमा करते हैं। फिलहाल इस योजना पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। इस स्थिति में अनुमानित तस्वीर कुछ ऐसी होगी।

डिटेल
Sukanya Samriddhi Yojana

मासिक निवेश₹2,000
जमा करने की अवधि15 साल
योजना की मैच्योरिटी21 साल
कुल निवेश₹3.60 लाख
मौजूदा ब्याज दर8.2% सालाना
अनुमानित मैच्योरिटी राशिकरीब ₹9.5-10 लाख*

*यह अनुमान मौजूदा 8.2% ब्याज दर के आधार पर है। भविष्य में ब्याज दर बदल सकती है।

दोनों में इतना बड़ा अंतर क्यों?

पहली नजर में आपको लगेगा कि SIP में पैसा बहुत ज्यादा बन रहा है। लेकिन इसकी वजह समझना भी जरूरी है। SIP वाले उदाहरण में 21 साल तक लगातार निवेश किया गया है। वहीं सुकन्या समृद्धि योजना में सिर्फ 15 साल तक पैसा जमा करना होता है, लेकिन खाता 21 साल में मैच्योर होता है। यानी आखिरी 6 साल तक बिना नया पैसा जमा किए भी ब्याज मिलता रहता है।

दूसरी बात यह है कि SIP में 12% रिटर्न माना गया है, जबकि सुकन्या योजना में 8.2% ब्याज लिया गया है। यही दोनों के बीच सबसे बड़ा अंतर पैदा करता है।

कौन-सा विकल्प चुनें?

अगर आपकी पहली प्राथमिकता पूरी सुरक्षा है और आप बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहना चाहते हैं, तो सुकन्या समृद्धि योजना बेहतर विकल्प हो सकती है। इसमें सरकार की गारंटी होती है और ब्याज भी टैक्स छूट के साथ मिलता है।

लेकिन अगर आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाना है और आप बाजार का थोड़ा जोखिम उठा सकते हैं, तो SIP ज्यादा रिटर्न देने की क्षमता रखती है। हालांकि, इसमें रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती।

क्या एक ही विकल्प चुनना चाहिए?

जरूरी नहीं कि आप सिर्फ एक ही विकल्प चुनें। कई फाइनेंशियल प्लानर सलाह देते हैं कि बेटी के भविष्य के लिए दोनों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

उदाहरण के लिए, आप हर महीने ₹1,000 सुकन्या समृद्धि योजना में और ₹1,000 SIP में निवेश कर सकते हैं। इससे एक तरफ सुरक्षित फंड बनेगा, वहीं दूसरी तरफ बाजार से बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना भी बनी रहेगी। आपकी कमाई जैसे बढ़े, उसी हिसाब से आप निवेश की रकम भी बढ़ा सकते हैं।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।