Top five midsize SUVs ranked

Best midsize SUVs

If you are in the market for a new midsize SUV, you are quite spoilt for choice. There are as many as 13 models to choose from, spanning every powertrain, including petrol, diesel, CNG, strong-hybrid and electric. With so many options, it may be quite daunting to choose the right model. To make it easier for you, we have compiled the five best midsize SUVs currently available in the market, focusing only on the ICE-powered models. 

1. Kia Seltos 

Price: Rs 10.99 lakh-21.82 lakh

The midsize SUV segment has a new all-rounder in the Seltos. It’s got a wide range of engines, including a 115hp, 1.5-litre naturally aspirated petrol, a 160hp, 1.5-litre turbo-petrol and a 116hp, 1.5-litre diesel; gearbox options are just as diverse. The Seltos also has the most premium and inviting interior. Not only is it refined, efficient and spacious, but it also has class-leading tech and UI/UX. The only downside is that there’s a hint of firmness in the suspension setup, but it’s not a dealbreaker. It is, however, quite expensive at the top end. 

2. Hyundai Creta

Price: Rs 10.91 lakh-19.95 lakh  

Despite its age, the Creta remains a competitive offering in the company of its newer rivals. It’s slightly smaller and less spacious than the Seltos because the latter has moved on to a new-generation platform, but it offers the same mix of powertrain options, a comfortable driving and riding experience and a feature-loaded cabin. Hyundai’s after-sales service experience is quite satisfactory, and there’s also the N Line version with a slightly sportier setup for the more enthusiastic buyer. 

3. Maruti Victoris 

Price: Rs 10.49 lakh-19.99 lakh

If running costs, reliability and ease of ownership are priorities, the Victoris (or the Grand Vitara and Hyryder) remains unmatched. Between the three, the Victoris is the newest and also packs some additional features. The trio has the segment’s only strong-hybrid powertrain with the 116hp, 1.5-litre strong-hybrid unit and also the option of AWD with the 1.5-litre naturally aspirated petrol engine. The Victoris rides and handles well, too, although performance isn’t particularly exciting, and rear-seat space isn’t as good as that of its rivals. There’s also the option of CNG should you want affordable running costs. 

4. Tata Sierra

Price: Rs 11.49 lakh-21.29 lakh

The Sierra is the roomiest and most feature-loaded SUV in the midsize segment, uniquely even offering a third screen for the front passenger. Good ride and handling are also among its strengths. The 160hp, 1.5-litre turbo-petrol engine is the pick of the range, as the 118hp, 1.5-litre diesel and 106hp, 1.5-litre naturally aspirated petrol engines aren’t good on refinement and performance. It’s also on the more expensive side, and reliability and service experience are deterrents, too. 

5. Renault Duster 

Price: Rs 10.49 lakh-18.69 lakh

The Duster has a tough and rugged appeal, fantastic ride quality and a well-appointed interior. It offers good value for money, too, but is not as spacious as its rivals. Also, both its 100hp, 1.0-litre turbo-petrol and 163hp, 1.3-litre turbo-petrol engines suffer from turbo-lag, although performance is otherwise quite potent. A big miss is the option of an auto gearbox with the base petrol engine. Some may even miss a diesel engine and optional all-wheel-drive system offered with the original Duster. 

Market Mantra : 3-6 महीने के नजरिए से निवेश करना रहेगा अच्छा, US-ईरान युद्ध को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं

Market Mantra : बाजार के सामने संकट के बादल फिर खड़े हो गए हैं। एक तरफ जहां अमेरिका-ईरान फिर लड़ पड़े हैं तो वहीं क्रूड की बिगड़ी चाल ने बाजार में फिर डर का माहौल बना दिया है। इसके अलावा भी बाजार के सामने कई और बड़ी चुनौतियां अब भी खड़ी हैं। कमजोर मॉनसून और पहली तिमाही के नतीजों पर बाजार नजर बनाए बैठा है। इन सभी मुद्दों से अब आगे बाजार की दिशा तय होनी है। ऐसे में निवेशक कंफ्यूज है कि निवेश को लेकर क्या रणनीति बनाएं,अभी निवेश करें या कुछ महीने पहले देख लें कि हालात क्या करवट लेते हैं। इसी कंफ्यूजन को दूर करने के लिए आज हमारे साथ हैं खास मेहमान LIC म्यूचुअल फंड (LIC Mutual Fund) के CIO इक्विटी सुधांशु अस्थाना

US-ईरान युद्ध को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं

बाजार की चाल पर बात करते हुए सुधांशु अस्थाना ने कहा कि US-ईरान युद्ध को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं है। US-ईरान फिर शांति की तरफ बढ़ेंगे। सरकार के कदमों से इकोनॉमी में डिमांड बढ़ी है। प्राइवेट कैपेक्स और क्रेडिट ग्रोथ में भी सुधार देखने को मिल रहा है। कॉर्पोरेट क्रेडिट ग्रोथ में 15% का उछाल आया है। देश में डॉलर का फ्लो आगे सुधरेगा। US-ईरान युद्ध आगे बढ़ा तो FY28 नतीजों पर असर दिखेगा। कच्चा तेल 85-90 डॉलर प्रति बैरल पर रहे तो इकोनॉमी पर असर नहीं होगा।

3-6 महीने के नजरिए से निवेश करना अच्छा

उन्होंने आगे कहा कि 3-6 महीने के नजरिए से निवेश करना अच्छा रहेगा। कंपनियों के मुताबिक युद्ध का असर अभी डिमांड पर नहीं दिखा है। दिसंबर नतीजों के बाद अर्निंग अपग्रेड संभव है। अगले साल से 8वें वेतन आयोग का पैसा भी आने लगेगा। 8वें वेतन आयोग के पैसे से डिमांड को बूस्ट मिलेगा। कच्चे माल की कीमतें बढ़ने का असर Q1 नतीजों पर दिखेगा।नतीजों के साथ कंपनियों की कमेंट्री और आउटलुक पर बाजार की नजर रहेगी।

बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में एक्सपोजर बढ़ा

सुधांशु अस्थाना ने बताया कि उन्होंनें बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में एक्सपोजर बढ़ाया है। प्राइवेट बैंक,NBFC और कैपिटल मार्केट शेयरों पर फोकस बढ़ा है। हेल्थकेयर शेयरों में भी एक्सपोजर बढ़ाया है। प्रीसिजन इंजीनियरिंग और डाटा सेंटर पर भी फोकस बढ़ा है। दिसंबर नतीजों के बाद अर्निंग अपग्रेड संभव है।

कम रिस्क चाहते हैं तो मल्टिकैप फंड में डालें पैसा

उन्होंने आगे कहा कि अगर आप कम रिस्क चाहते हैं तो मल्टिकैप फंड में पैसा डालें। फ्लैक्सीकैप फंड में भी निवेश किया जा सकता है। पिछले कुछ महीनों में मिडकैप और स्मॉलकैप में निवेश बढ़ा है। मिडकैप और स्मॉलकैप आगे अच्छा कर सकते हैं।

 

MF Investment : वाइजइन्वेस्ट के CEO हेमंत रुस्तगी से जाने बाजार में निवेश के मंत्र, क्या हैं स्टेप-अप SIP के फायदे

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

MF Investment : वाइजइन्वेस्ट के CEO हेमंत रुस्तगी से जाने बाजार में निवेश के मंत्र, क्या हैं स्टेप-अप SIP के फायदे

MF Investment : महंगाई के दौर में सिर्फ बचत नहीं,बल्कि स्मार्ट निवेश भी उतना ही जरूरी है। ऐसे में स्टेप-अप SIP आपकी बढ़ती आय के साथ निवेश बढ़ाकर लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाने में मदद कर सकती है। लेकिन सवाल सिर्फ निवेश बढ़ाने का नहीं,बल्कि बाजार की गिरावट में उस निवेश को बनाए रखने का भी है। तो अतिरिक्त रकम कहां लगानी चाहिए? क्या हर ट्रेंडिंग फंड सही विकल्प है? और बाजार की अस्थिरता में गोल-बेस्ड निवेश कैसे आपकी सबसे बड़ी ताकत बन सकता है? आज यहा इन्हीं अहम सवालों के जवाब जानेंगे वाइजइन्वेस्ट के CEO हेमंत रुस्तगी (Hemant Rustagi) से

क्या है स्टेप-अप SIP?

इसमें हर साल SIP की रकम तय परसेंट या तय रकम से बढ़ाई जाती है। हमें इसमें बढ़ती आय के हिसाब से निवेश बढ़ाने की सुविधा मिलती है। छोटी राशि से निवेश की शुरुआत करना आसान होता है। कंपाउंडिंग का लाभ समय के साथ अधिक मिलता है। इससे लंबी अवधि में बड़ा निवेश फंड तैयार करने में मदद मिलती है।

कैसे बढ़ता है रिटर्न ?

सामान्य SIP में निवेश राशि पूरे समय एक जैसी रहती है। स्टेप-अप SIP में हर साल निवेश बढ़ने से ज्यादा रकम निवेश होती है। बढ़े हुए निवेश पर कंपाउंडिंग का असर और ज्यादा मिलता है। लंबी अवधि में रिटर्न सामान्य SIP से काफी ज्यादा हो सकता है।

नौकरीपेशा लोगों के लिए फायदेमंद

स्टेप-अप SIP नौकरीपेशा लोगों के लिए फायदेमंद होती है। इसमें सालाना सैलेरी बढ़ने के साथ निवेश भी बढ़ेगा। निवेश बढ़ाने का अतिरिक्त बोझ एक साथ महसूस नहीं होता। फाइनेंशियल गोल जल्दी हासिल करने में मदद मिलती है। रेग्युलर बचत और निवेश की आदत बनी रहती है। भविष्य की बढ़ती जरूरतों के अनुसार बेहतर फंड तैयार होता है।

बड़े फाइनेंशियल गोल होंगे हासिल

इससे बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए बड़ा फंड तैयार होता है। यह तरीका घर खरीदने के लक्ष्य को आसान बनाता है। रिटायरमेंट के लिए मजबूत कॉर्पस बनाता है।

यह लंबी अवधि के बड़े लक्ष्यों के लिए सही निवेश रणनीति होती है।

कहां लगाएं अतिरिक्त राशि?

स्टेप-अप SIP को सही जगह लगाना निवेशकों के लिए बड़ी चुनौती है। अतिरिक्त रकम को मौजूदा SIP में बढ़ाना सही कदम होता है। नए सेक्टर,थीमैटिक फंड में अतिरिक्त निवेश में ज्यादा जोखिम होता है। ट्रेंडिंग सेक्टर,थीमैटिक और स्मॉलकैप फंड में निवेश करने में जोखिम होता है। ऐसे फंड Cyclical होते हैं और इनमें गलत समय पर निवेश मुश्किल बढ़ाएगा। रिटेल निवेशकों के लिए इन फंडों पर नजर रखना आसान नहीं होता। जब SIP काफी बढ़ जाए,तब पोर्टफोलियो में मिडकैप या स्मॉलकैप फंड जोड़ें। सही एलोकेशन में आवंटन सेलंबे समय में बेहतर रिटर्न संभव है।

बाजार की अस्थिरता से कैसे निपटें?

बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य बात है, इसके लिए मानसिक रूप से तैयार रहें। गिरावट में डरने की बजाय अनुशासित निवेश बरकरार रखें। गिरावट में लंबी अवधि का नजरिया हमेशा काम आता है। अस्थिर बाजार में SIP से लंबे समय में अच्छे रिटर्न मिलते हैं। गोल बेस्ड निवेश गिरावट में निवेशक को इमोशनल फैसले लेने से रोकता है। यदि पैसा 20–25 साल बाद चाहिए तो आज की गिरावट से क्यों डरना। साफ समय-सीमा से निवेशक का बाजार पर भरोसा बना रहता है। बाजार में जल्दबाजी में डेट या हाइब्रिड फंड में शिफ्ट होने से बचें। इससे लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन पर असर पड़ सकता है।

 

Market this week : इस हफ्ते बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए अगले हफ्ते कैसी रह सकती है इसकी चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Scooter industry posts best-ever first-half sales in 2026

graphic showing the activa, jupiter, and access

India’s scooter industry has delivered its strongest-ever first-half (H1) performance, with wholesales of 44.2 lakh units – up 33 percent year on year (YoY) and 11 lakh units higher than in the same period of 2025. Monthly sales crossed the 7 lakh-unit mark in five of the six months, with April being the only exception. At this pace, the segment is on course to surpass 90 lakh annual units for the first time in a calendar year.

  1. Scooter wholesales reach 44.2 lakh units in H1 2026
  2. Segment on course to cross 90 lakh units in CY2026

India scooter sales H1 2026: OEM breakdown

Honda Motorcycle & Scooter India

16.2 lakh units

Market leader Honda maintained its position with 16.2 lakh scooter dispatches, up 32 percent year-on-year, giving it a 37 percent market share as the Activa and Dio continued to drive volumes. Honda’s electric scooter sales, comprising the Activa e: and QC1, contributed 2,100 units in the first half, down 4 percent year-on-year. Honda’s share of the scooter market has fallen significantly over the past decade, from 57 percent in FY2017 to 37 percent today, as TVS and other manufacturers have gained ground.

TVS Motor Co

12.6 lakh units

TVS dispatched 12.6 lakh scooters in H1 2026, up 32 percent year-on-year. Its ICE scooters, led by the Jupiter, NTorq and Zest, contributed 10.24 lakh units (up 26 percent), while the electric iQube and Orbiter added 2.41 lakh units (up 66 percent). EVs now account for 19 percent of TVS’s scooter sales, up from 15 percent a year ago.

Suzuki Motorcycle India

5.95 lakh units

Suzuki dispatched 5.95 lakh scooters, up 11 percent year-on-year, although its market share fell to 13 percent from 16 percent as the broader market expanded at a faster pace. The Access 125 remained the brand’s volume leader, ahead of the Burgman Street and Avenis. The e-Access contributed 3,390 wholesale units in H1 2026, while retail sales stood at 2,042 units.

Hero MotoCorp

3.46 lakh units

Hero MotoCorp posted the strongest growth among the larger manufacturers, with 3.46 lakh scooter dispatches – up 72 percent year-on-year. ICE scooters contributed 2.44 lakh units (up 54 percent), while the Vida electric range added 1.02 lakh units (up 136 percent). Hero’s EV penetration has risen sharply, with Vida now accounting for 30 percent of its scooter sales, compared to 21 percent in H1 2025.

Bajaj Auto

2.07 lakh units

Bajaj Auto dispatched 2.07 lakh scooters, up 53 percent year-on-year, of which 2.04 lakh were Chetak electric scooters and 2,850 were Yulu e-bikes. Bajaj’s overall scooter market share edged up to around 5 percent from 4 percent a year ago.

India Yamaha Motor

1.89 lakh units

Yamaha posted 39 percent growth with 1.89 lakh scooter dispatches, with the Fascino and RayZR accounting for 1.75 lakh units of that total. The Aerox grew 15 percent to 12,590 units. Yamaha also dispatched 678 EC-06 electric scooters between March and June, before launching the Aerox-E earlier this month.

Ather 

1.64 lakh units

Ather Energy dispatched 1.64 lakh scooters, up 67 percent year-on-year, taking its share of the overall scooter market to 4 percent from 3 percent a year ago. The Rizta remained the company’s key volume driver alongside the 450 range. Ather recently became the fourth Indian EV manufacturer to cross 7 lakh cumulative retail sales.

Other manufacturers

Piaggio Vehicles (Aprilia and Vespa) dispatched 19,162 units, up 27 percent year-on-year. River Mobility, which became a SIAM member during the year, dispatched 11,569 River Indie scooters in the April-June quarter alone, including its highest-ever monthly wholesale of 5,217 units in June.

Stock Market Rally: शाइनिंग शुक्रवार, सेंसेक्स 965 अंक चढ़कर बंद; निफ्टी 24300 के पार, निवेशकों पर ₹81698 करोड़ की बारिश

शेयर बाजार में शुक्रवार, 17 जुलाई को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी रही और यह काफी अच्छी रही। हरे निशान में ओपनिंग के बाद सेंसेक्स दिन में पिछली क्लोजिंग से 1,095.68 अंक तक उछला। इसने 78,282.55 का मार्क छुआ। आईटी स्टॉक्स, बैंकिंग स्टॉक्स, ऑटो स्टॉक्स, रियल्टी स्टॉक्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज व जियो फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे शेयरों में तेजी के दम पर सेंसेक्स बाद में 964.58 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 78,151.45 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी भी बढ़त में खुला और फिर दिन में पिछली क्लोजिंग से 294.55 अंक उछलकर 24,367.30 के हाई तक गया। बाद में यह 261.55 अंकों की बढ़त के साथ 24,334.30 पर सेटल हुआ।

इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 81,697.82 करोड़ रुपये बढ़ गया। गुरुवार, 16 जुलाई को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,80,10,512.78 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह बढ़कर 4,80,92,210.60 करोड़ रुपये हो गया।

market cap new1

एक दिन पहले क्या रहा था मार्केट का हाल

गुरुवार को सेंसेक्स लगभग फ्लैट रहा था। सेंसेक्स 1.44 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77,186.87 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 5.75 अंक गिरकर 24,072.75 पर बंद हुआ था। आईटी, कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में तेजी रही थी।

रुपये की चाल

17 जुलाई को रुपया 14 पैसे मजबूत होकर 96.28 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 17 पैसे की गिरावट के साथ 96.42 पर बंद हुआ था। पश्चिम एशिया में नए तनाव के बाद डॉलर इंडेक्स में बढ़ोतरी ने घरेलू शेयर बाजार से विदेशी पूंजी की निकासी को बढ़ावा दिया, जिससे स्थानीय मुद्रा पर दबाव पड़ा।

वैश्विक बाजारों की चाल

वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में गिरावट है। निक्केई 225 लगभग 5 प्रतिशत नीचे है। हेंग सेंग 2 प्रतिशत, शंघाई वेटेड 3 प्रतिशत और ताइवान वेटेड 7 प्रतिशत गिरा है। जकार्ता कंपोजिट में 1 प्रतिशत की तेजी है। अमेरिकी बाजार गुरुवार को लाल निशान में बंद हुए थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए भारतीय इक्विटी इंडेक्स, जानिए 20 जुलाई को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : 17 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,300 के ऊपर रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 964.58 अंक या 1.25 प्रतिशत बढ़कर 78,151.45 पर और निफ्टी 261.55 अंक या 1.09 प्रतिशत बढ़कर 24,334.30 पर बंद हुआ। लगभग 1632 शेयरों में बढ़त हुई, 2419 शेयरों में गिरावट आई और 175 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक,टेक महिंद्रा,TCS,जियो फाइनेंशियल और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में हिंडाल्को,डॉ. रेड्डीज़ लैब्स,विप्रो,सन फार्मा और मैक्स हेल्थकेयर शामिल रहे। सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक सबसे ज्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा। इसमें 2 प्रतिशत की तेजी आई। इसके बाद निफ्टी बैंक रहा,जिसमें 1.6 प्रतिशत की बढ़त हुई। निफ्टी IT में 1.7 प्रतिशत की तेजी आई।

दूसरे बढ़त वाले सेक्टरों में निफ्टी ऑटो और निफ्टी रियल्टी में 1.3-1.3 प्रतिशत की बढ़त हुई। जबकि निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1 प्रतिशत और निफ्टी FMCG में 0.7 प्रतिशत की बढ़त हुई। दूसरी ओर निफ्टी फार्मा में 1.4 प्रतिशत और मेटल में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.2 प्रतिशत की गिरावट आई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

बाजार जानकारों का कहना है कि घरेलू बाजार के लिए पहली तिमाही के नतीजे मेन ट्रिगर होंगे,जिससे अलग-अलग सेक्टर और शेयरों में हलचल दिखेगी। हालांकि,मिडिल ईस्ट में हो रही घटनाएं और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी अहम डिसाइडिंग फैक्टर बने रहेंगे। इनसे ब्याज दरों,कंपनियों की अर्निंग, महंगाई और देश के मैक्रोइकॉनॉमिक आउटलुक के अनुमानों पर असर पड़ने की संभावना है।

टाटा म्यूचुअल फंड को उम्मीद है कि बेहतर होते मैक्रोइकॉनॉमिक माहौल के दम पर FY27 में निफ्टी की अर्निंग्स में 15-17% की बढ़ोतरी होगी। इसका कहना है कि निफ्टी का वैल्यूएशन अपने लान्ग टर्म एवरेज से नीचे आ गया है,जो अगले 12-18 महीनों में इक्विटी रिटर्न के लिए एक अच्छा माहौल बनाता है। भारत का लॉन्ग-टर्म इक्विटी आउटलुक, बेहतर होते इन्वेस्टमेंट साइकल,क्रेडिट ग्रोथ,मैन्युफैक्चरिंग को मिल रहे सपोर्ट,रियल एस्टेट में रिकवरी और मज़बूत बैंकिंग फंडामेंटल्स की वजह से अच्छा बना हुआ है। FII की लगातार बिकवाली के बावजूद,घरेलू संस्थागत निवेशकों का मज़बूत निवेश भारतीय इक्विटी को सपोर्ट कर रहा है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि मार्केट की चाल में बदलाव दिख रहा है, जिसमें IT और बैंकिंग सेक्टर की अगुवाई में लार्ज-कैप शेयरों की ओर जबरदस्त रुझान है। बिजनेस अपडेट्स और Q1 की कमाई की उम्मीदों को लेकर अच्छे माहौल से इसे सपोर्ट मिल रहा है। यह ट्रेंड मुख्य रूप से घरेलू संस्थागत निवेशकों की वजह से दिख रहा है,जो महंगे मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों से निकलकर बेहतर रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल और आकर्षक वैल्यूएशन वाले लार्ज-कैप शेयरों में निवेश कर रहे हैं।

साथ ही,FY27 की दूसरी छमाही (H2) में घरेलू मांग अच्छी रहने की उम्मीद में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी खरीदारी का रुझान दिख रहा है। कुल मिलाकर भारत के लिए बेहतर होते आउटलुक के बीच चुनिंदा शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग और खरीदारी के साथ ब्रॉडर मार्केट का रुख पॉजिटिव बना हुआ है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि इंडेक्स पांच दिन के कंसोलिडेशन फेज से बाहर निकल गया है। यह ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स के बढ़ते भरोसे का संकेत है। बाजार का ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है क्योंकि इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा,RSI बुलिश क्रॉसओवर में आ गया है,जिससे पॉजिटिव मोमेंटम और मजबूत हुआ है। आने वाले समय में निफ्टी के मजबूत बने रहने और 24,800 के लेवल की ओर बढ़ने की संभावना है। नीचे की तरफ निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,200 पर है। अगर यह इस लेवल से नीचे गिरता है तो कंसोलिडेशन का दौर शुरू हो सकता है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार रिलायंस इंडस्ट्रीज,HDFC बैंक और ICICI बैंक के Q1FY27 नतीजों पर बारीकी से नजर रखेगा। इनसे बाजार की निकट भविष्य की दिशा तय होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर,बाजार के स्टॉक-स्पेसिफ़क रहने की संभावना है। अच्छी कमाई करने वाली कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है।

 

इंश्योरेंस सेक्टर के लिए आईं दो बड़ी एक्सक्लूसिव खबरें, ICICI प्रू लाइफ और SBI लाइफ को बड़ी राहत संभव

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Reliance Industries Share Price: Q1 नतीजों से पहले शेयर 2% उछला, तिमाही आधार पर 4% बढ़ सकता है EBITDA

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे आज, 17 जुलाई को जारी होने वाले हैं। पहले बोर्ड मीटिंग में इन पर चर्चा की जाएगी और इन्हें मंजूरी दी जाएगी। मीटिंग खत्म होने के बाद रिजल्ट जारी किए जाएंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ-साथ रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के तिमाही नतीजे भी सामने आएंगे। तिमाही परफॉरमेंस की घोषणा से पहले RIL के शेयर में तेजी है। दिन में BSE पर शेयर की कीमत पिछले बंद भाव से लगभग 2.5 प्रतिशत तक उछलकर 1323.80 रुपये के हाई तक गई।

एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि कंपनी का अलग-अलग क्षेत्रों में फैला कारोबार, रिफाइनिंग मार्जिन में मजबूती और पेट्रोकेमिकल कारोबार से बेहतर मुनाफा, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अस्थिरता के असर को कम करने में मदद करेगा। CNBC-TV18 के एक पोल के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज जून 2026 तिमाही में पिछली तिमाही के मुकाबले 3.7 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ 3.05 लाख करोड़ रुपये की आय दर्ज कर सकती है। EBITDA पिछली तिमाही के मुकाबले 4 प्रतिशत बढ़कर लगभग 46,000 करोड़ रुपये हो सकता है। मार्जिन 15 प्रतिशत पर स्थिर रह सकता है।

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 12.9 प्रतिशत बढ़कर 298621 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के मालिकों के लिए शुद्ध मुनाफा 12.5 प्रतिशत की कमी के साथ 16971 करोड़ रुपये रहा था।

देश की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी है RIL

RIL इस वक्त देश की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी है। BSE के मुताबिक, इसका मार्केट कैप 17.86 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.48 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर साल 2026 में अब तक 16 प्रतिशत नीचे आया है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,611.20 रुपये और एडजस्टेड लो 1,253.65 रुपये है।

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जियो फाइनेंशियल के कैसे रहे नतीजे

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने जून 2026 तिमाही के नतीजे एक दिन पहले यानि कि 16 जुलाई को जारी किए थे। तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 227.28 प्रतिशत बढ़कर 2,004.47 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 612.46 करोड़ रुपये था। शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा एक साल पहले से 155.7 प्रतिशत बढ़कर 830.25 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में मुनाफा 324.66 करोड़ रुपये रहा था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Disclaimer:मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Hero MotoCorp enters German market with XPulse 200 4V

XPulse 200 4V Pro

Hero MotoCorp has officially entered the German market, taking its international footprint to 53 countries. Germany becomes the brand’s fifth active market in Europe, alongside Italy, Spain, France and the UK.

  1. Hero enters Germany through a distribution partnership with Austria-headquartered KSR Group
  2. Initial retail network of over 28 outlets across major German cities
  3. Brand enters the German market with the XPulse 200 4V

Hero MotoCorp Germany: What’s on offer

The XPulse 200 4V is Hero’s debut product in the German market

Hero has partnered with Austria-headquartered KSR Group to manage sales, logistics and after-sales operations in Germany. The initial retail network spans more than 28 sales and service outlets across major German cities, with plans to expand to 30 outlets. To support the launch, Hero is offering a five-year warranty package, comprising a standard three-year manufacturer warranty and a two-year promotional extension.

The initial product lineup consists of the standard and Pro variants of the XPulse 200 4V, priced at €2,990 (Rs 3.30 lakh) and €3,290 (Rs 3.62 lakh), respectively. For reference, in India the two variants are priced at Rs 1.45 lakh and Rs 1.57 lakh (ex-showroom), respectively.

As Hero continues to expand its presence in international markets with its adventure motorcycle lineup, it is also working on a significantly more capable offering. The upcoming Xpulse 421 has been spotted testing multiple times in recent months and will be built on an all-new platform with a new liquid-cooled engine. An EICMA 2026 debut appears likely, with a market launch expected to follow in 2027.

Dev Vadchhedia

Stocks to Watch: आज 17 जुलाई को Wipro, Tech Mahindra, RIL, Ceat समेत ये शेयर फोकस में, बड़ी उठापटक के आसार

शुक्रवार, 17 जुलाई को विप्रो, टेक महिंद्रा, सिएट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, पीसी ज्वेलर, कोल इंडिया, टाटा टेक्नोलोजिज समेत कई शेयर फोकस में रहने वाले हैं। इनमें से कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले तिमाही नतीजे जारी किए थे। वहीं कुछ कंपनियां आज वित्तीय नतीजे जारी करने वाली हैं। कई कंपनियों ने एक दिन पहले नई डील, कॉन्ट्रैक्ट्स और अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स की जानकारी दी थी। इन पर बाजार शुक्रवार को प्रतिक्रिया देगा। इसके अलावा 60 से ज्यादा कंपनियों के शेयर 17 जुलाई को एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। आइए जानते हैं किन शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है…

आज इन कंपनियों के तिमाही नतीजे

रिलायंस इंडस्ट्रीज, हैवेल्स इंडिया, JSW स्टील, टाटा टेक्नोलोजिज, पूनावाला फिनकॉर्प, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, फेडरल बैंक, RBL बैंक, तत्व चिंतन फार्मा केम, ग्लोबस स्पिरिट्स, ओबेरॉय रियल्टी, टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस और विविमेड लैब्स

18 जुलाई को इन कंपनियों के नतीजे

HDFC बैंक, ICICI बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, IDBI बैंक, यस बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, इंडिया सीमेंट्स, JK सीमेंट, भंसाली इंजीनियरिंग पॉलिमर्स, कैन फिन होम्स और रोसारी बायोटेक

आज इन शेयरों पर रहेगी खास नजर

Wipro: अप्रैल-जून 2026 तिमाही (Q1) में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 0.6% बढ़कर ₹3,356.3 करोड़ हो गया। IT सर्विस रेवेन्यू 10.7% बढ़कर ₹24,452.9 करोड़, IT सर्विस डॉलर रेवेन्यू 1% बढ़कर $261.45 करोड़ रहा। IT सर्विस ऑपरेटिंग मार्जिन 130 bps घटकर 16% रहा। कंपनी ने Q2 में IT सर्विस डॉलर रेवेन्यू $257.4-262.7 करोड़ रहने का अनुमान जताया है।

Tech Mahindra: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 31.7% बढ़कर ₹1,486.3 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 17.7% बढ़कर ₹15,711.9 करोड़ हो गया। डॉलर रेवेन्यू 6.1% बढ़कर $166 करोड़ और EBIT मार्जिन 330 bps बढ़कर 14.4% रहा।

WeWork India Management: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर कम होकर ₹4.3 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 27.7% बढ़कर ₹683.8 करोड़ हो गया।

Ceat: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 96.4% घटकर ₹4 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 22.4% बढ़कर ₹4,318 करोड़ हो गया। एक्सेप्शनल लॉस बढ़कर ₹7 करोड़ हो गया।

Piramal Finance: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा एक साल पहले से 66.8% उछलकर 461 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 27.6% बढ़कर 3,368.3 करोड़ रुपये हो गया।

Borosil Renewables: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 86.8 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले कंपनी 166.6 करोड़ रुपये के नुकसान में थी। रेवेन्यू 17% बढ़कर 405.7 करोड़ रुपये रहा।

5paisa Capital: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 0.2% बढ़कर 11.6 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 13.7% बढ़कर 88.3 करोड़ रुपये हो गया।

Coal India: कंपनी को गुजरात के खावड़ा में 300 MW के सोलर पावर प्रोजेक्ट में से 200 MW सोलर पावर क्षमता के लिए गुजरात एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (GEDA) से कमीशनिंग सर्टिफिकेट मिला है।

PC Jeweller: कंपनी के बोर्ड ने एक या एक से ज्यादा राउंड में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए इक्विटी शेयर जारी करके 1,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की मंजूरी दी है।

Maruti Suzuki India: कंपनी रायपुर के डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन के 14 जुलाई के आदेश को चुनौती देगी। कमीशन ने कंपनी को निर्देश दिया है कि वह एक ग्राहक की गाड़ी को नए E20-कम्पैटिबल मॉडल से बदले। ग्राहक ने E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से जुड़ी समस्याओं की शिकायत की थी। कंपनी ने कहा कि इस मामले में शामिल गाड़ी पहले से ही E20-कम्पैटिबल थी और E20 फ्यूल पर चलने में पूरी तरह सक्षम थी, जैसा कि ओनर मैनुअल में बताया गया है। यह कार ग्राहक को जून 2024 में बेची गई थी, लेकिन इसे जनवरी 2023 में बनाया गया था।

मारुति सुजुकी का यह भी कहना है कि ग्राहक की गाड़ी से लिए गए फ्यूल में मिलावट के सबूत मिले थे और कई अन्य जरूरी बातें कमीशन के आदेश में शामिल नहीं की गईं।

बल्क डील्स

Laser Power and Infra: निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने 44.22 करोड़ रुपये के दो ट्रांजेक्शंस के जरिए लेजर पावर एंड इंफ्रा में अतिरिक्त 16.95 लाख शेयर खरीदकर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। बॉयंट अपॉर्चुनिटीज स्ट्रैटेजी और बॉयंट अपॉर्चुनिटीज़ स्ट्रैटेजी-III ने 53.8 करोड़ रुपये में 20 लाख शेयर खरीदे हैं। BofA सिक्योरिटीज यूरोप SA ने 23.63 करोड़ रुपये के 9 लाख शेयर खरीदे, जबकि बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड ने 24.83 करोड़ रुपये में 9.43 लाख शेयर खरीदे।

Ramkrishna Forgings: स्मॉलकैप वर्ल्ड फंड ने 74.01 करोड़ रुपये में 12.89 लाख शेयर बेचे हैं।

Nilkamal: सुनील सिंघानिया की कंपनी अबाकस इनवेस्टमेंट मैनेजर्स ने 37.39 करोड़ रुपये में 2.8 लाख शेयर खरीदे हैं।

Asian Market Today: चिप शेयरों में फिर तेज हुई बिकवाली, एशियाई बाजार कमजोर, निक्केई करीब 4% टूटा

आज ये शेयर करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

HCL टेक्नोलोजिज

श्री सीमेंट

कोटक महिंद्रा बैंक

भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स

डाबर इंडिया

20 माइक्रॉन्स

3M इंडिया

अपोलो पाइप्स

अतुल

ल्यूपिन

अवध शुगर एंड एनर्जी

बजाज इलेक्ट्रिकल्स

बालकृष्ण इंडस्ट्रीज

भारत सीट्स

ब्रिस्क टेक्नोविजन

कमिंस इंडिया

धामपुर बायो ऑर्गेनिक्स

ग्रेटेक्स कॉर्पोरेट सर्विसेज

गुजरात पॉली इलेक्ट्रॉनिक्स

भाटिया कम्युनिकेशंस एंड रिटेल (इंडिया)

बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल

ब्लू स्टार

धानुका एग्रीटेक

डंकन इंजीनियरिंग

एल्गी इक्विपमेंट्स

गुजरात होटल्स

मगध शुगर एंड एनर्जी

MRF

किर्लोस्कर फेरस इंडस्ट्रीज

हैप्पिएस्ट माइंड्स टेक्नोलोजिज

हनीवेल ऑटोमेशन इंडिया

इंडियन ह्यूमे पाइप कंपनी

जेके लक्ष्मी सीमेंट

जुबिलेंट फूडवर्क्स

LMW

मंगलम ग्लोबल एंटरप्राइज

न्यूजेन सॉफ्टवेयर टेक्नोलोजिज

नारायण हृदयालय

पंजाब केमिकल्स एंड क्रॉप प्रोटेक्शन

राजरतन ग्लोबल वायर

फाइजर

स्काई इंडस्ट्रीज

सोमा टेक्सटाइल्स एंड इंडस्ट्रीज

पॉलीकेम

प्रूडेंट कॉर्पोरेट एडवाइजरी सर्विसेज

सफारी इंडस्ट्रीज इंडिया

सीलमैटिक इंडिया

सुंदरम ब्रेक लाइनिंग्स

सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक

शांति गियर्स

TTK हेल्थकेयर

यूनिफोस एंटरप्राइजेज

सोनाटा सॉफ्टवेयर

सुमितोमो केमिकल इंडिया

सिम्फनी

ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया

UPL

वीडोल कॉर्पोरेशन

V-मार्ट रिटेल

जाइडस वेलनेस

VA टेक वाबाग

वालचंद पीपुलफर्स्ट

वेंड्ट (इंडिया)

जेंसर टेक्नोलोजिज

ये शेयर करेंगे एक्स-स्प्लिट ट्रेड

इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

All you need to know about the upcoming Kia Syros EV

Kia Syros EV front quarter static

Kia is aiming at the growing compact electric SUV segment with the upcoming Syros EV, set to be its second mass-market electric model for India. The Syros EV utilises the same K1 platform as its ICE-powered counterpart. Bookings for the Syros EV are already open ahead of its launch, scheduled for the end of July 2026. In this article, we answer everything that you need to know about the Syros EV.

1. What battery pack options does the Kia Syros EV offer, and how much power does its motor produce?

The Kia Syros EV offers the same 42kWh and 51.4kWh battery packs that do duty in the Kia Carens Clavis EV and the Hyundai Creta Electric. Both are mated to a front-mounted motor. In the 42kWh guise, the motor delivers 135hp and 255Nm, but in the 51.4kWh guise, power is bumped to 171hp, while torque remains the same. The 51.4kWh battery pack and its 171hp motor make it the model with the largest battery pack and the most powerful motor in the class. Kia claims a 0-100kph sprint in 8.1 seconds with the 51.4kWh version.

2. What is the claimed range of the Kia Syros EV?

The ARAI-rated range is 443km for the 42kWh battery pack and 543km for the larger 51.4kWh unit. Not only does the Syros EV have a higher claimed range than the Clavis EV and the Creta Electric, but its 543km figure is also the highest in the compact electric SUV segment.

3. What charging speeds does the Kia Syros EV support, and how long does it take to charge?

The Kia Syros EV supports up to 11kW AC charging speeds, while DC charging is capped at 100kW. A 10-100 percent top-up for the 42kWh version takes 6 hours with the 7.4kW charger and 4 hours with the 11kW unit. In the 51.4kWh guise, the same takes 7 hours and 15 minutes with a 7.4kW charger and 4 hours and 50 minutes with an 11kW charger. Kia also claims that with a 100kW DC fast charger, both batteries can charge from 10 to 80 percent in 39 minutes.

4. How different is the Kia Syros EV from the ICE Syros on the outside and inside?

The Kia Syros EV may look largely similar to the ICE Syros, but it comes with a charging flap on the front fender, EV badging at the rear and a different set of alloy wheels that give it some distinction. Apart from these differences, it retains the overall tall-boy silhouette, front and rear bumper designs and lighting elements found on its combustion-powered counterpart.

Inside, the dashboard layout remains the same as the ICE Syros, but there are some revisions to the centre console, which is high-set and features storage spaces and retractable cup holders. Also, the drive select lever has shifted to the steering wheel column.

5. What features does the Kia Syros EV come with?

For starters, the Kia Syros EV retains its ICE counterpart’s unique sliding and reclining rear seat with a ventilation function for the seat base. It also gets features such as dual 12.3-inch screens, a 5-inch HVAC control screen, wireless Apple CarPlay and Android Auto, a wireless charging pad, an 8-speaker Harman Kardon sound system, a panoramic sunroof, 64-colour ambient lighting and rear sunshades.

6. What does the Kia Syros EV offer over the ICE-powered Syros?

Apart from having EV-specific features such as a 16-litre frunk, regenerative braking, a virtual engine sound system and vehicle-to-load (V2L) functionality, it gets Level 2 ADAS, automatic flush door handles, a 360-degree camera setup, a dual-camera dashcam, a digital key, puddle lamps, multi-colour ambient lighting and metal pedals over the ICE-powered Syros.

7. What is the expected price of the Kia Syros EV?

The Kia Syros EV is expected to be priced from Rs 15 lakh to Rs 20 lakh, ex-showroom. It will take on the Mahindra XUV 3XO EV and the segment-reigning Tata Nexon EV, among others.