Market Insight : बाजार में अब नया शॉर्ट करना थोड़ा रिस्की, अगर पहले से शॉर्ट हैं तो अब ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस लगाएं

Market Insight : चौतरफा बिकवाली के बीच भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में शुरुआती गिरावट और बढ़ गई है। निफ्टी 23600 के आसपास आ गया है। सुबह 10:50 बजे के आसपास सेंसेक्स 795.76 अंक या 1.04 प्रतिशत गिरकर 75,595.63 पर और निफ्टी 227.50 अंक या 0.95 प्रतिशत गिरकर 23,642.10 पर दिख रहा था। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1% से ज्यादा की गिरावट आई थी।

बाजार: क्या आज बनेगा बॉटम?

बाजार की आगे की चाल और रणनीति पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि अगर गिफ्ट निफ्टी सही हुआ तो आज हम रेंज का ब्रेकडाउन करेंगे। लेकिन याद है ना,पिछले शुक्रवार हमने रेंज का ब्रेकआउट देखा था। बुधवार से हमारा नजरिया था कि 23,800 टूटेगा। मगर ये भी संभव है कि ब्रेकडाउन भी टिके नहीं। US की 10 साल की बॉन्ड यील्ड अब मेक ऑर ब्रेक लेवल पर है। 4.7% की बॉन्ड यील्ड के ऊपर अमेरिका में पैनिक होता है। हो सकता है वीकेंड पर डॉनल्ड ट्रंप कुछ कदम पीछे लें। उन्होंने धमकी दी है कि कुछ बड़ा करेंगे। हो सकता है वीकेंड पर वो कहें कि ईरान मान गया है।

कच्चा तेल $102 तक गया लेकिन अब $100 के करीब है। आज शायद IT सबसे पहले रिकवरी दिखाए। इंफोसिस के नतीजे कमजोर हैं लेकिन बहुत ज्यादा कमजोर नहीं हैं। एक नजर मार्केट ब्रेड्थ पर भी रखें जो 2 दिन से काफी कमजोर है।

 

निफ्टी: अब क्या हैं अहम स्तर?

अनुज सिंघल का कहना है कि 23,800 का लेवल तो तो आज निर्णायक तौर पर टूटने वाला है। इस रैली की शुरुआत हुई थी 23,123 से। 23,123 से हम 24,430 तक गए, यानी 1307 अंकों की रैली हुई। उसमें से अब हम रैली का 43% गिर चुके हैं। 50% रिट्रेसमेंट 23,776 पर है और 61.8% रिट्रेसमेंट 23,622 पर है और अब 23,622 निफ्टी की आखिरी लक्ष्मण रेखा है। इसके नीचे बंद हुए तो पूरी रैली खत्म होने का रिस्क होगा।

बाजार: क्या हो अब रणनीति?

बाजार में अब नया शॉर्ट करना थोड़ा रिस्की है। अगर पहले से शॉर्ट हैं तो अब आप ट्रेलिंग SL लगाएं। वीकेंड पर शॉर्ट्स बिल्कुल ना लेकर जाएं, क्योंकि अब बाजार काफी हद तक पैनिक फैक्टर को पचा चुका है और अगर वीकेंड पर कुछ पॉजिटिव हुआ तो बड़ी कवरिंग होगी। मगर दिक्कत ये है कि बाजार का टेक्सचर काफी कमजोर है। पैसा पूरे हफ्ते सिर्फ बेचकर बना है। ऐसे में जोखिम लेकर लॉन्ग करने की रणनीति भी थोड़ी रिस्की है।

ये बाजार थकाने वाला है,इसमें कोई शक नहीं है। इस बाजार में रिवेंज ट्रेडिंग ना करें। जरूरी नहीं है कि इस हफ्ते का नुकसान आप आज ही पूरा भरें। कई बार आपको स्वीकार करना पड़ता है कि ये बाजार अलग है। बाजार में चुनिंदा शेयरों में मौके अब भी हैं,हालांकि बहुत सीमित हैं। पिछले 2-3 दिनों से बड़ा पैसा 2-व्हीलर शेयरों में बना है। अगर शॉर्ट करना नहीं आता तो इस बाजार में काफी दिक्कत है। बाजार में अंदाजे को नहीं बल्कि प्राइस एक्शन को फॉलो कीजिए।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 23,700-23,750 (ऑप्शंस जोन) पर और सबसे अहम सपोर्ट 23,600-23,650 (Fibonacci लेवल्स) पर है। वहीं, इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,850-23,900 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23,950-24,050 पर है। गैपडाउन के बाद वेट एंड वॉच की रणनीति रखें। अगर पहले से शॉर्ट हैं तो आधी पोजिशन बुक करें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

इसके लिए अगला बड़ा सपोर्ट 55,200 पर है। उसके पहले बीच-बीच में शॉर्ट कवरिंग आ सकती है। लेकिन अगर 57,000 जल्दी वापस नहीं आया तो बड़ी गिरावट का खतरा है। बैंक निफ्टी में अब इन लेवल्स पर नया ट्रेड करना लगभग नामुमकिन है। पहले के शॉर्ट्स हैं तो ट्रेलिंग SL के साथ रहें।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Infosys shares Price: Q1 नतीजों के बाद शेयर 2% टूटा, बना निफ्टी का टॉप लूजर, ब्रोकरेज भी हुए सर्तक

Infosys shares Price:  मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से भारत की दूसरी सबसे बड़ी IT सर्विस कंपनी इंफोसिस  (Infosys ) के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। 24, जुलाई को BSE पर इंफोसिस का शेयर 2.5% गिरकर दिन के सबसे निचले स्तर ₹1,023.30 प्रति शेयर पर पहुंच गया। तिमाही नतीजों के ऐलान के बाद आई।

बता दें कि IT कंपनी ने FY27 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफ़िट में साल-दर-साल (YoY) 12.3% की बढ़ोतरी के साथ ₹7,769 करोड़ बताया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹6,921 करोड़ था। हालांकि, पिछली तिमाही के आधार पर, नेट प्रॉफ़िट मार्च तिमाही (Q4FY26) में बताए गए ₹8,501 करोड़ से 8.6% कम हो गया।

IT कंपनी ने जून तिमाही में ऑपरेशन से ₹48,211 करोड़ का रेवेन्यू पोस्ट किया, जिसमें YoY में 14% और तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) 3.9% की ग्रोथ दर्ज की गई। Q1FY26 में रेवेन्यू ₹42,279 करोड़ और Q4FY26 में ₹46,402 करोड़ रहा। कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) टर्म्स में, रेवेन्यू YoY में 2.4% और QoQ में 1% बढ़ा।

स्टॉक पर क्या है ब्रोकरेजज फर्मों की राय 

HSBC

HSBC उन दो बड़े डाउनग्रेड में से एक है जो इंफोसिस को उसके नतीजों के बाद मिले हैं। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर अपनी रेटिंग को पहले की “buy” रेटिंग से घटाकर “hold” कर दिया है और अपना टारगेट प्राइस भी पहले के ₹1,340 से घटाकर ₹1,110 कर दिया है।

HSBC ने अपने नोट में लिखा कि हालांकि गाइडेंस में कटौती की उम्मीद थी, लेकिन यह रकम आम उम्मीदों से ज़्यादा थी। हालांकि HSBC ने इंफोसिस के नियर-टर्म वैल्यूएशन को “सस्ता” बताया है, लेकिन उसे उम्मीद है कि नियर-टर्म क्वार्टर कमजोर रहेंगे।

जेपी मॉर्गन

जेपी मॉर्गन ने भी इंफोसिस को उसकी पिछली “ओवरवेट” रेटिंग से डाउनग्रेड करके “Neutral” कर दिया है और स्टॉक का प्राइस टारगेट ₹1,050 रखा है। रेवेन्यू गाइडेंस में भारी कटौती को बताया और कहा कि ग्रोथ मोमेंटम को अब कई झटके लगे हैं, जिसमें कमजोर डिमांड, बढ़ता AI डिफ्लेशन, और डेमलर में चुनौतियां और एनर्जी, यूटिलिटीज रिसोर्सेज सर्विसेज (EURS) कॉन्ट्रैक्ट का खत्म होना शामिल है।

इंफोसिस का नया ऑर्गेनिक गाइडेंस, जो नेगेटिव 0.2% से पॉजिटिव 1.3% तक है, तेज मंदी की ओर इशारा करता है और वह भी मुश्किल माहौल में 0.4% से 1.4% कंपाउंड क्वार्टरली ग्रोथ रेट (CQGR) बनाए रखने पर निर्भर करता है।

CLSA

ब्रोकरेज ने इंफोसिस पर अपनी “outperform” रेटिंग राय दी है और इसके लिए टारगेट प्राइस ₹1,109 रखा है।CLSA ने कहा कि गाइडेंस में कटौती निराशाजनक थी, लेकिन EBIT मार्जिन बेहतर थे और ऑर्डर बुक भी स्थिर थी।इसने आशीष कुमार दाश को CEO-डेजिग्नेट के तौर पर नियुक्त करने को इंफोसिस के इतिहास में पहला मौका बताया, जब किसी इनसाइडर नॉन-फाउंडर को यह मौका दिया गया हो।

नोमुरा

नोमुरा ने इंफोसिस पर अपनी “Buy” रिकमेंडेशन बनाए रखी है और प्राइस टारगेट ₹1,290 रखा है। इसने नेगेटिव रेवेन्यू को क्लाइंट स्पेसिफिक इश्यूज के लिए सरप्राइज बताया, और कहा कि स्टॉक अभी आकर्षक वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है।

इंफोसिस ने गुरुवार को अपने रिजल्ट्स की रिपोर्ट दी, जिसमें उसने अपने फाइनेंशियल ईयर 2027 रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस के अपर एंड में 50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की। अब गाइडेंस कॉन्स्टेंट करेंसी टर्म्स में 1.5% से 3% है, जो पहले 1.5% से 3.5% था।

सलिल पारेख भी अगले साल अपना टर्म पूरा होने पर MD और CEO का पद छोड़ देंगे और 1 अप्रैल, 2027 से उनकी जगह आशीष दाश लेंगे।

Stock Market Live Update: सेंसेक्स 880 अंक टूटा, निफ्टी 23600 के करीब, लाल निशान में सभी सेक्टर

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : कच्चे तेल में उछाल ने ग्लोबल बाजारों का मूड खराब कर दिया है। गिफ्ट निफ्टी करीब 175 अंक फिसला है। FIIs की कैश में करीब 3000 करोड़ रुपये की बिकवाली देखने को मिली है। लॉन्ग शॉर्ट रेश्यो भी 8% के नीचे फिसल गया है। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

23 जुलाई को भारतीय बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट जारी रही। मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी बाजार पर दबाव डाला। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत गिरकर 76,391.39 पर और निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत गिरकर 23,869.60 पर बंद हुआ।

GIFT निफ्टी

GIFT निफ्टी शुरुआती कारोबार में लगभग 23,695 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी बाजार में कमजो शुरुआत का संकेत है।

एशियाई बाजार और अमेरिकी बाजार

एशियाई बाजारों में भी आज दबाव दिख रहा है। निक्केई और कॉस्पी में तीन फीसदी की गिरावट है। महंगे क्रूड और बॉन्ड यील्ड के इस साल की ऊंचाई पर पहुंचने से US मार्केट में भी तेज बिकवाली दिखी है। डाओ जोंस 500 अंक से ज्यादा गिरा है। नैस्डैक भी दो परसेंट फिसला है।

Market Trend: मार्केट एक्सपर्ट पंकज रांदड़ से जानें, आज निफ्टी-बैंक निफ्टी की कैसी रह सकती है चाल, कहां होगी कमाई

12.5% की जगह भारत पर अब 10% टैरिफ

ट्रंप टैरिफ से भारत को मामूली राहत संभव है। प्रस्तावित 12.5% की जगह भारत पर अब 10% टैरिफ लग सकता है। फोर्स्ड लेबर इनवेस्टिगेशन के तहत 10% टैरिफ का प्रस्ताव है। यह टैरिफ भारत समेत 60 देशों पर लागू होगा।

ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका, क्रूड ऊपरी स्तरों से थोड़ा हुआ नरम

अमेरिका, ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में है। ईरान में UK की एंबेसी बंद कर दी गई है। फ्रांस ने भी तेहरान में अपना दूतावास खाली करा लिया है। ट्रंप ने कहा है कि हूती के हमलों के लिए ईरान जिम्मेदार होगा। हालांकि, क्रूड ऊपरी स्तरों से थोड़ा नरम पड़ा है। यह 102 डॉलर तक जाकर फिलहाल 99 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है।

ट्रंप ने कहा है कि पहले हूती जिम्मेदारी से व्यवहार कर रहे थे। पिछले साल अमेरिका ने हमला किया था। हमले के बाद हूती का व्यवहार जिम्मेदारी भरा था। हूतियों ने बीती रात फिर हमला किया है। इन्होंने सऊदी के 2 जहाजों पर हमला किया है। दोबारा ऐसा करना उनके हित में नहीं होगा। इसके लिए हूती और ईरान दोनों को जिम्मेदार ठहराएंगे। ईरान और हूतियों को कड़ी सैन्य सजा मिलेगी। जहाजों और माल को नुसकान की भरपाई होगी। ईरान के पैसों से नुसकान की भरपाई होगी। नुकसान की राशि बड़ी हो सकती है।

कच्चे तले में लगी आग

कच्चे तेल के भाव 2 महीने की ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। कल ब्रेंट $101 के ऊपर बंद हुआ था। आज भी ब्रेंट $100 के ऊपर कायम है। WTI में भी $91 के ऊपर कारोबार हो रहा है। जियो पॉलिटिकल टेंशन बढ़ने से इसमें तेजी आई है। रेड और ब्लैक सी दोनों जगह तनाव बढ़ा है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर असमंजस कायम है। फिजिकल में भाव $105/बैरल के पार निकलते दिखे हैं। डीजल वायदा 7 अप्रैल के बाद सबसे ऊंचाई पर दिख रहा है।

इंफोसिस के निराशाजनक Q1 नतीजे

पहली तिमाही में इंफोसिस के नतीजों ने निराश किया है। constant currency Revenue Growth महज 1 परसेंट रही है। यह अनुमान से कम रही है। हालांकि मार्जिन अनुमान के मुताबिक रहे हैं। लेकिन गाइंडेंस में कटौती की गई है। आशीष कुमार दास अगले साल एक अप्रैल से सलिल पारेख की जगह इंफोसिस के नए MD & CEO होंगे। अमेरिका में इंफोसिस का ADR दो परसेंट नीचे बंद हुआ है।

इंडिगो पर पड़ी महंगे कच्चे तेल की मार

इंडिगो के नतीजों पर महंगे कच्चे तेल और रुपये की कमजोरी का असर साफ दिखा है। पहली तिमाही में 20% आय बढ़ने के बावजूद कंपनी को 382 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। जेट फ्यूल खर्च 86% बढ़ा है। मार्जिन भी घटकर आधे हो गए हैं। मैनेजमेंट ने कहा है कि दूसरी तिमाही में हालात सामान्य से कमजोर रहने की उम्मीद है।

Q1 में उम्मीद से बेहतर सोना BLW के नतीजे,14% बढ़ा मोतीलाल ओसवाल का मुनाफा

पहली तिमाही में सोना BLW के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 47% तो रेवेन्यू 52% बढ़ा है। हालांकि मार्जिन भी उम्मीद से बेहतर रही है। वहीं मोतीलाल ओसवाल का ऑपरेटिंग मुनाफा 14% बढ़ा है। साथ ही असेट एंड प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार का प्रॉफिट 46% बढ़ा है।

नतीजों के लिहाज से आज अहम दिन

नतीजों के लिहाज से आज अहम दिन है। आज निफ्टी की चार कंपनियों,श्रीराम फाइनेंस,टाटा कंज्यूमर,NTPC और SBI LIFE के रिजल्ट आएंगे। श्रीराम फाइनेंस का मुनाफा 52% बढ़ सकता है। इसके नेट इंटरेस्ट मार्जिन में भी सुधार संभव है। साथ ही बैंक ऑफ बड़ौदा,CG पावर,लॉरस लैब समेत वायदा की 13 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

आज कैबिनेट बैठक में होगा बड़ा फैसला

नीट पेपर लीक के खिलाफ पीएम मोदी का कल रात बड़ा संदेश आया। आज कैबिनेट में सरकार पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कदम उठाएगी। इससे जुड़े बिल को जल्द सदन में पास कराने की कोशिश होगी। उधर सोनम वांगचुक ने 26 दिनों बाद अनशन तोड़ा है। जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद उन्होंनें अनशन तोड़ने का फैसला लिया

विदेशी निवेशकों ने की बिकवाली

23 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दूसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और लगभग 3,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार दो सेशन तक बिकवाली करने के बाद खरीदारी की और 2,947 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Stocks to Watch: आज 24 जुलाई को Infosys, Indigo, Meesho, NTPC समेत इन शेयरों में दिख सकता है तेज उतार-चढ़ाव

शुक्रवार, 24 जुलाई को इंफोसिस, मीशो, NTPC, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडिगो समेत कई शेयरों में तेज उतारचढ़ाव देखने को मिल सकता है। इनमें से कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले तिमाही नतीजे जारी किए थे। वहीं कुछ कंपनियां आज वित्तीय नतीजे जारी करने वाली हैं। कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं, जिन्होंने एक दिन पहले नई डील, कॉन्ट्रैक्ट्स और अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स की जानकारी दी थी। इन पर बाजार शुक्रवार को प्रतिक्रिया देगा। इसके अलावा 40 से ज्यादा कंपनियों के शेयर 24 जुलाई को एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। साथ ही मेनबोर्ड सेगमेंट में कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स की लिस्टिंग होने वाली है। आइए डिटेल में जानते हैं किन शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के तिमाही नतीजे

NTPC, श्रीराम फाइनेंस, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज, बैंक ऑफ इंडिया, CG पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस, हिंदुस्तान जिंक, ACC, बैंक ऑफ बड़ौदा, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण, डालमिया भारत, जिंदल स्टील, लोढ़ा डेवलपर्स, न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, डॉ. लाल पैथलैब्स, REC, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया और वेल्सपन कॉर्प

25 जुलाई को ये कंपनियां जारी करेंगी तिमाही रिजल्ट

AU स्मॉल फाइनेंस बैंक, SBFC फाइनेंस, बिड़ला कॉर्पोरेशन, फाइव-स्टार बिजनेस फाइनेंस, IDFC फर्स्ट बैंक, डोडला डेयरी, शेषासायी पेपर एंड बोर्ड्स और ZEN टेक्नोलोजिज

आज इन शेयरों पर रहेगी नजर

Infosys: Q1 (अप्रैल-जून 2026 तिमाही) में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 12.2% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 14% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये हो गया। EBIT 15.4% बढ़कर 10,163 करोड़ रुपये और EBIT मार्जिन बढ़कर 21.1% हो गया। डॉलर रेवेन्यू 2.8% बढ़कर 508.2 करोड़ डॉलर हो गया। कंपनी के बोर्ड ने आशीष कुमार डैश को मार्च 2027 तक के लिए चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) डेजिग्नेट नियुक्त किया है। वह 1 अप्रैल, 2027 से चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और मैनेजिंग डायरेक्टर होंगे।

Meesho: Q1 में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर घटकर 132.8 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 48.3% बढ़कर 3,712.8 करोड़ रुपये हो गया।

Interglobe Aviation (Indigo): Q1 में कंपनी ने कंसोलिडेटेड बेसिस पर 238 करोड़ रुपये का घाटा देखा। एक साल पहले यह 2,176.3 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी। रेवेन्यू सालाना आधार पर 19.9% ​​बढ़कर 24,584.1 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 33.2% घटकर 3,832.5 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 28% से घटकर 15.6% पर आ गया।

Cyient: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 32.3% घटकर 104.1 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 21.3% बढ़कर 2,075.7 करोड़ रुपये हो गया।

Orient Cement: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 62.4% घटकर 77 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 30.3% घटकर 604 करोड़ रुपये रह गया।

Sona BLW Precision Forgings: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 46.7% बढ़कर 178.5 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 52.4% बढ़कर 1,301.2 करोड़ रुपये हो गया।

Motilal Oswal Financial Services: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 9.6% बढ़कर 1,273.1 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 25.1% बढ़कर 3,425.8 करोड़ रुपये हो गया।

Suryoday Small Finance Bank: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 113.1% बढ़कर 75.2 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 27.8% बढ़कर 315.7 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA 6.6% रहा, जबकि नेट NPA 1.27% दर्ज किया गया।

Shadowfax Technologies: एट रोड्स (Eight Roads), फ्लिपकार्ट और कोरिया का IMM इंडिया फंड ब्लॉक डील के जरिए शैडोफैक्स में ₹1,000 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेच सकते हैं। इसके लिए फ्लोर प्राइस ₹197 प्रति शेयर तय किया गया है।

Coforge: कंपनी ने ‘कोफोर्ज न्यूरॉन’ लॉन्च करने की घोषणा की है। यह एक AI ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसे कंपनियों को अलग-थलग AI पहलों से आगे बढ़ने और पूरे बिजनेस में AI-बेस्ड नतीजों को बड़े पैमाने पर लागू करने में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है।

बल्क डील्स

धाबरिया पॉलीवुड: आशीष रमेशचंद्र कचोलिया ने ₹22.29 करोड़ में 5,76,000 शेयर बेचकर धाबरिया पॉलीवुड से लगभग पूरी तरह से एग्जिट कर लिया है। सूर्यवंशी कमोट्रेड ने भी 1 लाख शेयर ₹3.87 करोड़ में बेचे हैं। इस बीच अबाकस वेंचर अपॉर्चुनिटीज फंड ने 6,01,341 शेयर खरीदे। कुल कीमत ₹23.32 करोड़ है।

Gandhar Oil Refinery India: सोसाइटे जेनरल ने ₹19.22 करोड़ में गंधार ऑयल रिफाइनरी इंडिया के 6.84 लाख शेयर खरीदे हैं।

Oswal Pumps: VQ फास्टरकैप फंड ने ₹20.54 करोड़ में ओसवाल पंप्स के 5.98 लाख शेयर बेचे हैं।

मेनबोर्ड लिस्टिंग

कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स

Market Trend: मार्केट एक्सपर्ट पंकज रांदड़ से जानें, आज निफ्टी-बैंक निफ्टी की कैसी रह सकती है चाल, कहां होगी कमाई

ये स्टॉक्स करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

भारती एयरटेल

दिविस लैबोरेटरीज

एबॉट इंडिया

हीरो मोटोकॉर्प

एडवांस्ड एंजाइम टेक्नोलॉजीज

भागेरिया इंडस्ट्रीज

बिड़ला कॉर्पोरेशन

CFF फ्लूइड कंट्रोल

केमबॉन्ड केमिकल्स

बॉम्बे साइकिल एंड मोटर एजेंसी

सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट

क्रैवाटेक्स

क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स

डेटा पैटर्न्स (इंडिया)

कॉनकॉर्ड बायोटेक

फिएम इंडस्ट्रीज

फोर्टिस हेल्थकेयर

जुबिलेंट इंग्रेविया

EL CID इन्वेस्टमेंट्स

इंटेलेक्ट डिजाइन एरिना

जॉइंडर कैपिटल सर्विसेज

जुबिलेंट फार्मोवा

इन्फो एज (इंडिया)

ओरिएंट बेल

PDS

करूर वैश्य बैंक

लक्ष्मी इलेक्ट्रिकल कंट्रोल सिस्टम्स

मित्सु केम प्लास्ट

किर्लोस्कर ब्रदर्स

न्यूलैंड लैबोरेटरीज

निट्टा जिलेटिन इंडिया

NOCIL

रेडिको खेतान

रिफेक्स इंडस्ट्रीज

सास्केन टेक्नोलोजिज

शेट्रॉन

ऋषभ इंस्ट्रूमेंट्स

सियाराम सिल्क मिल्स

स्टीलकास्ट

श्याम मेटालिक्स एंड एनर्जी

SIL इनवेस्टमेंट्स

जाइडस लाइफसाइंसेज

स्वेलेक्ट एनर्जी सिस्टम्स

वोल्टैम्प ट्रांसफॉर्मर्स

स्प्लिट और बोनस इश्यू के लिए ये स्टॉक करेंगे एक्स-ट्रेड

ज्यूपिटर लाइफ लाइन हॉस्पिटल्स

कालिंद

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 24 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 10 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 24 जुलाई को कई बड़े स्टॉक्स एक्शन में रह सकते हैं। जून तिमाही के नतीजों, प्रोडक्ट लॉन्च, ब्लॉक डील और अहम कॉरपोरेट अपडेट्स के चलते इन शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी। कुछ कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि कुछ के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे। ऐसे में इन 10 स्टॉक्स पर निवेशकों की करीबी नजर रहेगी।

Infosys

आईटी सर्विसेज कंपनी Infosys का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 8.6% घटकर 7,769 करोड़ रुपये रहा। यह CNBC-TV18 के अनुमान से कम है। कंपनी का रेवेन्यू 3.9% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये रहा। EBIT 10,163 करोड़ रुपये और EBIT मार्जिन 21.1% रहा।

IndiGo

एविएशन कंपनी IndiGo जून तिमाही में 238 करोड़ रुपये के घाटे में आ गई। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 2,176 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। कंपनी का रेवेन्यू 20% बढ़कर 24,854 करोड़ रुपये रहा। विमान ईंधन पर खर्च बढ़ने से EBITDAR मार्जिन 15.6% पर आ गया।

Maruti Suzuki

ऑटोमोबाइल कंपनी Maruti Suzuki की नई Brezza को Bharat NCAP में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। कंपनी 24 जुलाई को इसे लॉन्च करेगी। सभी वेरिएंट में 6 एयरबैग स्टैंडर्ड होंगे। इसके साथ कई एडवांस सेफ्टी फीचर्स भी मिलेंगे।

Sona BLW

ऑटो कंपोनेंट कंपनी Sona BLW का शुद्ध मुनाफा 46.7% बढ़कर 178.5 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का रेवेन्यू 52.4% बढ़कर 1,301 करोड़ रुपये और EBITDA 42.6% बढ़कर 293.3 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि EBITDA मार्जिन 22.5% रह गया।

Cyient

इंजीनियरिंग और आईटी सर्विसेज कंपनी Cyient का शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 90% बढ़कर 104 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का रेवेन्यू 7.7% बढ़कर 2,076 करोड़ रुपये रहा। EBIT 20% बढ़कर 187 करोड़ रुपये हो गया। EBIT मार्जिन 9% पर पहुंच गया।

Suryoday SFB

स्मॉल फाइनेंस बैंक Suryoday SFB का शुद्ध मुनाफा 75 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 35 करोड़ रुपये था। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 27.8% बढ़कर 316 करोड़ रुपये हो गई। नेट NPA 1.27% और ग्रॉस NPA 6.6% रहा।

Motilal Oswal

ब्रोकिंग कंपनी Motilal Oswal का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 14.04% बढ़कर 609 करोड़ रुपये रहा। एसेट और प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार का ऑपरेटिंग PAT 46% बढ़कर 335 करोड़ रुपये हो गया। हाउसिंग फाइनेंस कारोबार का मुनाफा 36% बढ़ा, जबकि वेल्थ और कैपिटल मार्केट कारोबार में दबाव रहा।

Shadowfax Tech

लॉजिस्टिक्स टेक कंपनी Shadowfax Tech में करीब 1,047.5 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील हो सकती है। Eight Roads, Flipkart और IMM India Fund 9.08% तक हिस्सेदारी बेच सकते हैं। सौदा 197 रुपये प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर होने की संभावना है।

Orient Cement

सीमेंट कंपनी Orient Cement का शुद्ध मुनाफा 62.4% घटकर 77 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी का रेवेन्यू 30.3% घटकर 604 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 144 करोड़ रुपये रहा। हालांकि EBITDA मार्जिन बढ़कर 23.8% हो गया।

NIIT Learning

एडटेक कंपनी NIIT Learning का शुद्ध मुनाफा 16.4% बढ़कर 57.4 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का रेवेन्यू 25.2% बढ़कर 565 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 92.8 करोड़ रुपये रहा। हालांकि EBITDA मार्जिन 16.4% पर आ गया।

पहली तिमाही के नतीजे

सीमेंट, बैंकिंग, इलेक्ट्रिकल और कैपिटल गुड्स सेक्टर की कई कंपनियां शुक्रवार (24 जुलाई) को जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें ACC, Bank of Baroda, Bank of India, CG Power and Industrial Solutions, Aaron Industries, Arihant Capital Markets और Automotive Stampings and Assemblies शामिल हैं। निवेशकों की नजर इन कंपनियों के रेवेन्यू, मुनाफे और ऑपरेशनल प्रदर्शन पर रहेगी।

Cyient Q1 Results: मुनाफा 90% उछला; शेयर बायबैक पूरा, AI पर बढ़ाया फोकस

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Infosys अक्तूबर और जनवरी में बढ़ाएगी एंप्लॉयीज की सैलरी, इस साल करेगी 20000 फ्रेशर्स की भर्ती

इंफोसिस इस साल अक्तूबर में एंप्लॉयीज की सैलरी बढ़ाएगी। ज्यादातर एंप्लॉयीज की सैलरी अक्तूबर में बढ़ेगी। बाकी एंप्लॉयीज की सैलरी जनवरी में बढ़ेगी। कंपनी के सीईओ सलील पारेख ने 23 जुलाई को यह बताया। कंपनी ने गुरुवार को ही जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया।

सीनियर एंप्लॉयीज की सैलरी जनवरी में बढ़ेगी

पारेख ने नतीजों के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “ज्यादातर एंप्लॉयीज की सैलरी में वृद्धि अक्तूबर में हो जाएगी। सीनियर एंप्लॉयीज की सैलरी जनवरी में बढ़ेगी।” कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 12.2 फीसदी बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान रेवेन्यू 14 फीसदी बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये रहा।

कंपनी ने FY27 में रेवेन्यू ग्रोथ का आउटलुक घटाया

कंपनी ने FY27 में रेवेन्यू ग्रोथ का आउटलुक 3 फीसदी से घटाकर 1.5 फीसदी कर दिया। कंपनी ने शेयर बाजार बंद होने के बाद जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। 24 जुलाई को इसके शेयरों पर जून तिमाही के नतीजों का असर दिखेगा। इंफोसिस देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी ने 23 जुलाई को नए सीईओ के नाम का भी ऐलान किया। मौजूदा सीईओ सलील पारेख का कार्यकाल 31 मार्च, 2027 को खत्म हो रहा है।

जून तिमाही में कंपनी ने की 4000 फ्रेशर्स की भर्ती

इंफोसिस ने कहा कि वह इस वित्त वर्ष (2026-27) के दौरान 20,000 फ्रेशर्स की भर्ती करेगी। उसने बताया कि जून तिमाही में उसने 4,000 से ज्यादा फ्रेशर्स की भर्ती की। बीते 12 महीनों में कंपनी के एंप्लॉयीज का एट्रिशन रेट (नौकरी छोड़ने की दर) बढ़कर 13 फीसदी हो गया। जून तिमाही में यह 12.6 फीसदी था। 30 जून को कंपनी में एंप्लॉयीज की कुल संख्या 3,28,062 थी। यह मार्च के अंत में 3,28,594 से थोड़ा कम है।

यह भी पढ़ें: Infosys के सीईओ सलील पारेख पद छोड़ेंगे, आशीष कुमार दास होंगे नए सीईओ

इस साल अब तक 35 फीसदी फिसला है

इंफोसिस का शेयर 23 जुलाई को 0.076 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 1,052.90 रुपये पर बंद हुआ। इस साल कंपनी का शेयर 35 फीसदी से ज्यादा फिसला है। इस दौरान निफ्टी आईटी इंडेक्स 25 फीसदी गिरा है। बीते छह महीनों में भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दिखा है। इसकी वजह एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों के नए एआई टूल्स हैं। 23 जुलाई को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स लगातार चौथे दिन गिरकर बंद हुए।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Infosys के सीईओ सलील पारेख पद छोड़ेंगे, आशीष कुमार दास होंगे नए सीईओ

इंफोसिस के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर सलील पारेख पद छोड़ेंगे। उनकी जगह आशीष कुमार दास लेंगे। इंफोसिस ने यह ऐलान 23 जुलाई को किया। पारेख बीते 9 सालों से कंपनी का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी को मुश्किल दौर से निकाला। उनके कार्यकाल में कंपनी में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और आर्टफिशियल इंटेलिजेंस जैसी चीजें देखने को मिलीं।

दास की नियुक्ति को बोर्ड की मंजूरी

Infosys ने कहा कि पारेख कार्यकाल पूरा होने पर पद छोड़ देंगे। कंपनी ने यह भी कहा कि बोर्ड ने सीईओ पद पर आशीष कुमार दास की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। पारेख ने जनवरी 2018 में इंफोसिस के बॉस की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके नाम सबसे लंबे समय तक कंपनी का सीईओ रहने का रिकॉर्ड है। 5 साल का उनका मौजूदा कार्यकाल 31 मार्च, 2027 को खत्म हो रहा है।

नए सीईओ की नियुक्ति को लेकर चल रही थी चर्चा

देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी ने 23 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। नए सीईओ की नियुक्ति का ऐलान कंपनी की एनुअल रिपोर्ट और एजीएम नोटिस के कई हफ्ते बाद हुआ। इससे पहले यह नहीं बताया गया था कि बोर्ड मार्च 2027 के बाद उनका कार्यकाल बढ़ाना चाहता है या नहीं। इससे निवेशकों के बीच पारेख के उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा हो रही थी।

नए सीईओ में ये योग्यताएं चाहती है कंपनी 

इंफोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा, “बोर्ड दास को सीईओ डेजिग्नेट नियुक्त कर खुशी महसूस कर रहा है। हमारी इंडस्ट्री बड़े बदलाव के समय से गुजर रही है। बोर्ड की स्पष्ट सोच थी कि हमारे अगले सीईओ के पास कंपनी की वैल्यू और ग्राहकों का भरोसा बनाए रखने के साथ बड़े बदलाव के लिए तैयार रहने की योग्यता होनी चाहिए। इस बात की मुझे काफी खुशी है कि कंपनी का एग्जिक्यूटिव हमारा अगला सीईओ होगा।”

पारेख ने कंपनी को सफल नेतृत्व दिया

उन्होंने कहा कि बोर्ड की तरफ से मैं 9 साल की शानदार लीडरशिप के लिए पारेख को धन्यवाद देता हूं। उनके नेतृत्व में कंपनी ने अपनी लीडरशिप पोजीशन को और मजबूत की। अपनी क्षमता में इजाफा किया। शेयरहोल्डर्स को रिवॉर्ड दिया और भविष्य में ग्रोथ के लिए मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार किया। कंपनी में बड़े बदलाव में सलील की बड़ी भूमिका रही। वह 31 मार्च, 2027 तक कंपनी का नेतृत्व करते रहेंगे।

पारेख के कार्यकाल में रेवेन्यू 20 अरब डॉलर के पार

पारेख के नेतृत्व में इंफोसिस ने क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और आर्टफिशियल इंटेलिजेंस में अपनी पोजीशन मजबूत की। उनके कार्यकाल में कंपनी का रेवेन्यू 20 अरब डॉलर को पार कर गया। हाल में पारेख ने जेनेरेटिव एआई की दिशा में इंफोसिस की पहली का नेतृत्व किया। कंपनी एआई प्लेटफॉर्म्स, एंटरप्राइज एआई ऑफरिंग्स और वर्कफोर्स रीस्किलिंग में काफी निवेश कर रही है।

Infosys Q1 Results: इंफोसिस को ₹7769 करोड़ मुनाफा, पर ग्रोथ आउटलुक घटाया; नए CEO का भी ऐलान

Infosys Q1 Results: देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी Infosys ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 12% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह 6,921 करोड़ रुपये था।

हालांकि कंपनी बाजार के अनुमान पर खरी नहीं उतर सकी। CNBC-TV18 ने 7,903 करोड़ रुपये के मुनाफे का अनुमान लगाया था।

रेवेन्यू में 14% की बढ़ोतरी

जून तिमाही में Infosys का ऑपरेशन से रेवेन्यू 14% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 42,279 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी ने अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, लेकिन मुनाफा अनुमान से थोड़ा कम रहा।

ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती

इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती की है। अब कंपनी को उम्मीद है कि पूरे साल कॉस्टेंट करेंसी आधार पर रेवेन्यू 1.5% से 3% के बीच बढ़ेगा। कॉन्सटेंट करेंसी ग्रोथ का मतलब है कि कंपनी की ग्रोथ को विदेशी मुद्रा (Forex) के उतार-चढ़ाव का असर हटाकर मापा जाता है।

इससे पहले कंपनी ने 1.5% से 3.5% ग्रोथ का अनुमान दिया था। बाजार को भी ऊपरी सीमा में 0.5% की कटौती की उम्मीद थी। हालांकि कंपनी ने EBIT मार्जिन का अनुमान 20% से 22% के बीच ही बरकरार रखा है।

जून तिमाही में कैसी रही ग्रोथ?

जून तिमाही में Infosys की कॉन्सटेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ तिमाही आधार पर 1% रही। यह Tech Mahindra (2.6%) से कम रही, लेकिन TCS (0.4%), HCLTech (-0.5%) और Wipro (-1.2%) से बेहतर प्रदर्शन रहा। एनालिस्टों ने करीब 1.8% ग्रोथ का अनुमान लगाया था।

कंपनी के CEO सलिल पारेख ने कहा कि एक बड़े क्लाइंट के फैसले का एकमुश्त असर इस ग्रोथ पर पड़ा।

डॉलर और रुपये में रेवेन्यू

जून तिमाही में Infosys का डॉलर रेवेन्यू 5.08 अरब डॉलर रहा। यह पिछले अनुमान के लगभग मुताबिक है। तिमाही आधार पर डॉलर रेवेन्यू में 0.8% की बढ़ोतरी हुई।

वहीं रुपये में कंपनी का रेवेन्यू 48,211 करोड़ रुपये रहा। यह पिछली तिमाही से 3.9% ज्यादा है, हालांकि बाजार के अनुमान 48,431 करोड़ रुपये से थोड़ा कम रहा।

मार्जिन में सुधार

इंफोसिस का EBIT 10,163 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 4.3% ज्यादा है। वहीं EBIT मार्जिन 21.1% रहा। इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 20 बेसिस प्वाइंट का सुधार हुआ। यह बाजार के अनुमान के अनुरूप रहा।

बड़े ऑर्डर और AI का बढ़ता योगदान

जून तिमाही में Infosys को 3.6 अरब डॉलर के बड़े डील मिले। इनमें 61% नए क्लाइंट या नए प्रोजेक्ट से जुड़े थे।

कंपनी ने यह भी बताया कि अब उसकी कुल आय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का योगदान 8.2% तक पहुंच गया है। यह दिखाता है कि AI से जुड़ी सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

नए CEO की जिम्मेदारी

Infosys ने अशीष कुमार दास को CEO-Designate नियुक्त किया है। वह 1 अप्रैल 2027 से मौजूदा CEO सलिल पारेख की जगह लेंगे। दास तीन दशक से ज्यादा समय से Infosys के साथ जुड़े हैं और फिलहाल कई ग्लोबल बिजनेस वर्टिकल्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

कंपनी के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा कि सलिल पारेख ऐसे समय में CEO बने थे, जब कंपनी कुछ चुनौतियों का सामना कर रही थी। उन्होंने संगठन में स्थिरता और स्पष्ट दिशा देने का काम किया। उन्होंने यह भी बताया कि अशीष कुमार दास फिलहाल अमेरिका में काम कर रहे हैं और नई जिम्मेदारी संभालने के लिए भारत लौटेंगे।

इंफोसिस के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले Infosys का शेयर 1,052.90 रुपये पर लगभग सपाट बंद हुआ। हालांकि 2026 में अब तक यह शेयर करीब 35% टूट चुका है।

IndiGo Q1 Results: इंडिगो को ₹382 करोड़ का घाटा, ईरान युद्ध से लगा बड़ा झटका

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Insight :अगर शॉर्ट नहीं कर सकते तो ये बाजार आपके लिए नहीं, दोनों तरफ बनेंगे पैसे

Market Insight : खराब ओपनिंग के बाद बाजार में रिकवरी की कोशिश हो रही है। निफ्टी निचले स्तरों से 100 अंकों से ज्यादा सुधरकर 23980 के करीब आ गया है। बैंक निफ्टी भी नीचे से करीब 250 अंक सुधरा है। लेकिन मिड और स्मॉलकैप में दबाव देखने को मिल रहा है। उधर वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में भी गिरावट आई है। अब सवाल ये है कि क्या हम ब्रेकडाउन के करीब हैं? इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी पिछले 2 हफ्तों से एक रेंज में रहा है। 8 जुलाई की कैंडल को तोड़ने में 10 दिन से ज्यादा लगे। लेकिन पिछले शुक्रवार का वो ब्रेकआउट नकली निकला।

हमने बात की थी कि अब रेंज के निचले स्तरों पर जाने का रिस्क है। ये भी संभव है कि हम अब एक रेंज का ब्रेकडाउन दिखा दें। मगर जैसे ब्रेकआउट फेल हुआ था,क्या पता ब्रेकडाउन भी फेल हो। मगर इसमें कोई शक नहीं है कि बाजार में डर लौटा है। डर है कि US-ईरान लड़ाई फिर से लंबा न खींच जाए। यह भी डर है कि वापस कच्चे तेल की कीमत और सप्लाई पर असर न पड़े। कच्चा तेल अब वापस $100 पार करने की तैयारी कर रहा है। India VIX पर भी नजर रखें, 14.5 का मेक ऑर ब्रेक जोन है।

अच्छी बात यह है कि इस बार मार्च जैसी पेनिक सेलिंग नहीं है और कच्चे तेल से जुड़े शेयर भी टूट नहीं रहे हैं। उम्मीद होगी कि US चुनाव से पहले ये लड़ाई जल्दी खत्म हो, क्योंकि इस समय बाजार बाकी फैक्टर्स को नजरअंदाज कर रहा है।

बाजार: आखिर क्यों गिर रहे हैं हम?

कल भी हमने समझाया था कि बाजार क्यों गिरेगा। बाजार के सभी बड़े सेक्टर्स ने थकान दिखाई थी। एक-एक कर आज बड़े सेक्टर्स की दिक्कत दिखती है। बैंक सबसे बड़ा फैक्टर है। यह सबसे बड़ा सेक्टर है और सबसे ज्यादा दिक्कत भी यहीं है। HDFC बैंक खराब नतीजों के बाद 52-हफ्ते के निचले स्तर पर जाने को तैयार दिख रहा है। ICICI बैंक में अच्छे नतीजों पर भी बड़ा पॉजिटिव रिएक्शन नहीं देखने को मिला है। SBI में नतीजों से पहले का डर और SBI फंड्स की फीकी लिस्टिंग का असर दिख रहा है। इसके अलावा डॉलर-रुपया,बॉन्ड यील्ड और कच्चा तेल सब मैक्रो निगेटिव हैं।

IT की रैली फिर हुई फेल 

IT की रैली फिर फेल हो गई है। यह दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर है जहां रैली फिर फेल होती दिख रही है। IT में रैली कोस्पी और चिप शेयरों में गिरावट से हुई थी। 2-3 दिनों से फिर AI रैली शुरू हुई है। मंगलवार को गैपअप पर हमने IT में मुनाफावसूली का नजरिया लिया था। फार्मा पर ट्रंप की नजर लग गई है।

यह बड़ा सेक्टर नहीं है लेकिन कम से कम चल तो रहा था। यहां डॉनल्ड ट्रंप की नजर लग गई और कल एक्सीडेंट हो गया। कल बहुत लोगों ने कहा ये न्यूट्रल है,इसका कोई असर नहीं होगा। सिर्फ CNBC-आवाज़ ने नजरिया लिया कि एक बार तो शेयर गिरेंगे। आज डॉ रेड्डीज के खराब नतीजों का भी असर दिखेगा। अब सिर्फ ऑटो,FMCG जैसे कुछ सेक्टर्स हैं जहां लोग चुप रहे हैं।

बाजार: आज के घरेलू संकेत

आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी का दिन है। आमतौर पर वीकली एक्सपायरी ऑप्शन राइटर्स की रेंज में होती हैं। इसके अलावा आज नतीजों के लिहाज से काफी बड़ा दिन है। इनमें से इंफोसिस के नतीजे सबसे अहम होंगे। अगर इंफोसिस की कमेंट्री खराब हुई तो IT फिर टूटेगा। लेकिन अगर इंफोसिस ने पॉजिटिव बोला तो शायद रैली फिर शुरू हो जाए।

बाजार: क्या हो रणनीति?

अगर शॉर्ट नहीं कर सकते तो ये बाजार आपके लिए नहीं है। इस बाजार में परमा बुल (Perma Bull)पैसा नहीं बना पाएगा। बाजार में दोनों तरफ के मौके हैं। लेकिन रेंज के सिरे में जब खड़े हों तो सावधान होना होगा, जैसे अब आज शायद शॉर्ट करना थोड़ा रिस्की हो। मोटा-मोटी हम 23,800-24,300 की रेंज में रहे हैं। अभी कुछ समय हमें शायद इसी रेंज में ऑपरेट करना हो। लेकिन स्टॉक स्पेसिफिक मौके अभी भी हैं और ये बाजार अच्छे नतीजों को रिवॉर्ड कर रहा है। सबसे बड़ा उदाहरण था बजाज ऑटो। अगर आपने मंगलवार को टॉप पर भी लिया,तब भी कल बड़ा पैसा बना। मगर बाजार में निराश करने की जगह नहीं है। कल इसका सबसे बड़ा उदाहरण था बंधन बैंक। बाजार में नतीजों पर रिएक्शन बड़े खतरनाक आ रहे हैं। आज का सबसे मजेदार शेयर होगा OFSS। कल शेयर औंधे मुंह गिरा लेकिन नतीजे शानदार हैं। मगर साथ ही OFSS के MD & CEO का इस्तीफा निगेटिव भी है।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए सबसे अहम सपोर्ट जोन 23,800-23,850 है। स्क्रीन बता रही है कि एक ना एक बार तो ये सपोर्ट जोन टेस्ट होगा। अगर ये लेवल बचा तो रिकवरी आ सकती है। मगर ये टूटा तो 23,600-23,700 का रिस्क होगा। पहला रजिस्टेंस 24,000-24,050 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,150-24,250 पर है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए अब 56,600-56,800 मेक ऑर ब्रेक जोन है। 56,800 पर 50 DEMA और 56,600 पर 100 DEMA है। अगर ये लेवल्स टूटे तो 56,000 भी टूटने का रिस्क रहेगा। बैंक निफ्टी में किसी भी रैली में भरोसा नहीं है क्योंकि सबसे बड़े शेयर चलने को तैयार नहीं हैं। ICICI बैंक,HDFC बैंक या SBI में से किसी को बड़ी लीडरशिप लेनी पड़ेगी। बैंक निफ्टी में जहां रिकवरी फेल हो,वहां बेचने पर पैसा बन रहा है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Trend : 23800 से नीचे जाने पर निफ्टी में आ सकती है बड़ी गिरावट, कमजोर बाजार में भी इन दो शेयरों में हो सकती है कमाई

Market Trend : ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों के बीच 23 जुलाई को भारतीय इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। मेटल शेयरों को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर में बिकवाली के कारण निफ्टी 23900 के करीब ट्रेड कर रहा है। निफ्टी पर एटरनल,टाटा कंज्यूमर,ONGC,बजाज ऑटो और कोल इंडिया में बढ़त दिख रही है। जबकि डॉ.रेड्डीज़ लैब्स,इंटरग्लोब एविएशन,इंफोसिस,टाटा स्टील और सिप्ला में गिरावट नजर आ रही है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं।

निफ्टी ट्रेंड

ऐसे में मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए मंत्री फिनमार्ट (Mantri FinMart) के अरुण कुमार मंत्री ने कहा कि कल का सेशन काफी खराब रहा। लेकिन यह बात ध्यान रखने की है कि पिछले दो दिनों की गिरावट में मिड कैप और स्माल कैप का पार्टिसिपेशन नहीं था। छोटे-मझोले शेयरों में काफी अच्छा मोमेटम देखने को मिला था। लेकिन कल की गिरावट में मिड कैप और स्माल कैप में भी प्रेशर देखने को मिला। क्रूड का दाम बढ़ने से बाजार का मूड खराब हुआ है। साथ ही ट्रंप टैरिफ का वापस आना भी मार्केट का सेंटीमेंट खराब कर रहा है। ऐसे में अगर निफ्टी 23,800 के नीचे जाता है तो पोजीशन से निकल जाना चाहिए। जब तक निफ्टी 23,800 के ऊपर है एग्जिट की सलाह नहीं होगी। निफ्टी में 23,800 का स्टॉप लॉस होना चाहिए। उसके नीचे जाने पर ही ट्रेंड क्लियरली नेगेटिव होगा। इसके बाद निफ्टी 23,400 तक फिसल सकता है। अपसाइड में निफ्टी के लिए 24,300-24,250 पर रेजिस्टेंस है। ऐसे में लगता है कि अगले कुछ दिन निफ्टी 23,800-24,300 के दायरे में ट्रेड करता दिख सकता है।

बैंक निफ्टी ट्रेंड

जहां तक बैंक निफ्टी की बात है तो यह थोड़ा ज्यादा वीक है। HDFC बैंक इस कमजोरी को लीड कर रहा है। क्रूड का बढ़ना भी बैंक निफ्टी को काफी परेशान करता दिख रहा है। बैंक निफ्टी के लिए 56,700 के आसपास एक माइनर सपोर्ट है। अगर 56,700 का लेवल टूटता है तो बैंक निफ्टी मार्केट को और नीचे लो जा सकता है। ऐसे में आपको बैंक निफ्टी 56,700 पर स्टॉप लॉस लगाना है। अगर दोनों में से किसी में लॉन्ग पोजीशंस बनानी है तो निफ्टी ज्यादा बेहतर रहेगा।

Top Stock Picks : निफ्टी और बैंक निफ्टी में उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम, आज इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

अरुण कुमार मंत्री के पसंदीदा शेयर

अरुण कुमार मंत्री का कहना है कि इस समय उनको दो स्टॉक काफी अच्छे लग रहे हैं। दोनों ही काफी अच्छे मोमेंटम है। इनमें से पहला है नेस्ले इंडिया। कल इसका रिजल्ट आया था। रिजल्ट के बाद एक क्लियर ब्रेकआउट है। इसमें डेली चार्ट पर कप एंड हैंडल का ब्रेकआउट देखने को मिला है। इस स्टॉक को 1497 के आसपास खरीदना है। 1472 रुपए का स्टॉप लॉस लगाएं। शॉर्ट टर्म में 1555 रुपए तक के टारगेट मिल सकते हैं। दूसरा स्टॉक थोड़े बड़े टिकट साइज का है। लेकिन इसमें मोमेंटम नजर आ रहा है। यह शेयर है BOSCH जिसमें 41550 रुपए के आसपास, 41020 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 42300 रुपए तक के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। दोनों ही स्टॉक्स आप दो से तीन दिन के लिए बाय करके चल सकते हैं।

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