Vaibhav Sooryavanshi: ‘घर में शेर और बाहर बिल्ली…’ वैभव को लेकर इस क्रिकेटर ने कह दी बड़ी बात

भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए 3 मैचों की टी20 सीरीज को टीम इंडिया ने 3-0 से जीत ली है। वहीं सीरीज जीतने के बाद भारत के पूर्व मुख्य चयनकर्ता और 1983 विश्व कप विजेता टीम के खिलाड़ी ने विदेशों में भारतीय टीम के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं उन्होंने कहा कि भारतीय बल्लेबाजों को सिर्फ घरेलू मैदान पर ही नहीं, बल्कि विदेशी में भी अच्छा प्रदर्शन करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय टीम का दबदबा सिर्फ अपने देश में नहीं, बल्कि विदेशों में भी नजर आना चाहिए। बता दें हाल ही में विदेशों में भातरीय टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। भारत पहले आयरलैंड से और फिर इंग्लैंड से टी20 सीरीज हार गई थी।

वैभव को लेकर क्या कहा

भारत ने जून-जुलाई 2026 में व्हाइट-बॉल सीरीज के लिए आयरलैंड और इंग्लैंड का दौरा किया था, लेकिन 10 मैचों में टीम को सिर्फ एक जीत मिली। इस पर संदीप पाटिल ने नई दिल्ली में न्यूज18 इंडिया के ‘जज्बा: जड़ों से शिखर तक’ कार्यक्रम में कहा, “मैं चाहता हूं कि हमारे बल्लेबाज सिर्फ घरेलू मैदान पर ही नहीं, बल्कि जब विदेश जाएं तो वहां भी अच्छा प्रदर्शन करें। हमने देखा कि वैभव सूर्यवंशी ने उन परिस्थितियों में थोड़ा संघर्ष किया, जहां गेंद मूव कर रही थी। इसलिए हमारे चयनकर्ताओं, कोच और खिलाड़ियों को इस बारे में सोचना होगा। सिर्फ घर में दबदबा बनाना सही नहीं है। ऐसा नहीं होना चाहिए कि घर में शेर और बाहर बिल्ली बन जाएं।”

भारत के लिए अहम होगी टेस्ट सीरीज

भारतीय टीम का विदेशी मैदानों पर हालिया प्रदर्शन चिंताजनक रहा है। अब टीम इस साल के आखिर में सभी फॉर्मेट की सीरीज खेलने के लिए न्यूजीलैंड का दौरा करेगी। इस दौरे पर भारत पांच टी20, पांच वनडे और दो टेस्ट मैच खेलेगा। टेस्ट सीरीज भारत के लिए काफी अहम होगी, क्योंकि इसमें हार या ड्रॉ होने पर 2027 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की उसकी उम्मीद खत्म हो सकती है।

अफगानिस्तान सीरीज के बाद एशियन गेम्स में भी नहीं मिलेगा वैभव को मौका? हेड कोच ने दिया बड़ा अपडेट

युवराज सिंह संग चामिंडा वास की एंट्री? IPL 2027 में दिल्ली कैपिटल्स में होने वाला है बड़ा बदलाव!

आईपीएल 2027 से पहले दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। टीम ने दिल्ली के एयरोसिटी में छोटा कैंप और ट्रायल आयोजित किया, जिसमें घरेलू खिलाड़ियों को अलग-अलग मैच परिस्थितियों में परखा गया। इस कैंप की जिम्मेदारी पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) और पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा (Amit Mishra) ने संभाली। श्रीलंका के दिग्गज तेज गेंदबाज चामिंडा वास (chaminda Vaas) भी कैंप से जुड़े। 

 

गांगुली संभाल सकते हैं मुख्य कोच की जिम्मेदारी

 

दिल्ली कैपिटल्स के कोचिंग सेटअप में सबसे बड़ा बदलाव मुख्य कोच के पद पर देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली हेमंग बदानी की जगह टीम के हेड कोच बन सकते हैं। गांगुली 2024 से जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट हैं और दिल्ली की टीम से पहले भी जुड़े रहे हैं। 

 

गांगुली इससे पहले 2019 आईपीएल सीजन में दिल्ली के मेंटर की भूमिका निभा चुके हैं। इसके अलावा 2025 में उन्होंने साउथ अफ्रीका की एसए20 टीम प्रिटोरिया कैपिटल्स के हेड कोच के रूप में भी काम किया था। अब अगर उनकी नियुक्ति होती है, तो दिल्ली को उनके अनुभव से टीम को नई दिशा देने की उम्मीद होगी।

 

 युवराज सिंह की भी होगी एंट्री

 

गांगुली के साथ पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह का नाम भी दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, युवराज बैटिंग कोच (Batting Coach) या असिस्टेंट कोच (Assistant Coach) की भूमिका संभाल सकते हैं। अगर वह औपचारिक रूप से टीम के कोचिंग स्टाफ में शामिल होते हैं, तो यह आईपीएल में उनकी पहली आधिकारिक कोचिंग भूमिका होगी। 

yuvraj Singh

 

युवराज का युवा भारतीय बल्लेबाजों के साथ काम करने का अनुभव भी रहा है। शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा और प्रभसिमरन सिंह जैसे खिलाड़ियों ने उनके मार्गदर्शन की तारीफ की है। दिल्ली के लिए खास तौर पर युवा बल्लेबाजों और मिडिल ऑर्डर को तैयार करने में उनका अनुभव अहम हो सकता है।

 

चामिंडा वास संभाल सकते हैं पेस अटैक

 

श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज चामिंडा वास भी दिल्ली कैपिटल्स के संभावित नए कोचिंग सेटअप का हिस्सा बन सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह टीम के तेज गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। हालांकि, फ्रेंचाइजी ने अभी उनकी नियुक्ति की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वास दिल्ली के तैयारी कैंप और ट्रायल से जुड़ चुके हैं। 

 

वास का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। उन्होंने श्रीलंका के लिए 111 टेस्ट में 355 विकेट और 322 वनडे में 400 विकेट लिए। वह 1996 विश्व कप जीतने वाली श्रीलंकाई टीम का भी हिस्सा रहे। उनके पास श्रीलंका के अलावा न्यूजीलैंड और आयरलैंड के साथ कोचिंग और तेज गेंदबाजों के साथ काम करने का अनुभव भी है। 

 अमित मिश्रा के पास स्पिन की कमान

 

दिल्ली कैपिटल्स के सपोर्ट स्टाफ में पूर्व भारतीय लेग स्पिनर अमित मिश्रा का नाम भी शामिल हो सकता है। मिश्रा आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स, डेक्कन चार्जर्स, सनराइजर्स हैदराबाद और लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेल चुके हैं। उन्होंने सितंबर 2025 में क्रिकेट से संन्यास लिया था। 

 

मिश्रा ने आईपीएल करियर में 162 मैचों में 174 विकेट लिए और उनकी इकॉनमी रेट 7.37 रही। वह आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा हैट्रिक लेने वाले गेंदबाज भी हैं, उनके नाम 3 हैट्रिक दर्ज हैं। ऐसे में स्पिन गेंदबाजों को टी20 की परिस्थितियों और बल्लेबाजों को पढ़ने की बारीकियां सिखाने में उनका अनुभव दिल्ली के काम आ सकता है। 

 

दिल्ली ने अभी से शुरू की 2027 की तैयारी

 

दिल्ली कैपिटल्स ने पिछले महीने बेंगलुरु की जस्ट क्रिकेट अकादमी में भी ऑफ-सीजन कैंप और ट्रायल आयोजित किए थे। वहां अच्छा प्रदर्शन करने वाले कुछ खिलाड़ियों को दिल्ली के कैंप में दोबारा मौका दिया गया। फ्रेंचाइजी का फोकस घरेलू प्रतिभाओं की पहचान करने और मिनी ऑक्शन से पहले अपना पूल मजबूत करने पर है। 

 

दिल्ली कैपिटल्स पिछले दो सीजन में प्लेऑफ तक नहीं पहुंच सकी है। 2025 और 2026 में टीम का अभियान निराशाजनक रहा था। अब संभावित नए कोचिंग सेटअप और घरेलू खिलाड़ियों पर फोकस के जरिए फ्रेंचाइजी 2027 में अपनी तस्वीर बदलना चाहती है। 

 

 2027-28 में JSW के हाथों में ऑपरेशन

 

दिल्ली कैपिटल्स के सह-मालिक जेएसडब्ल्यू और जीएमआर के बीच हुए समझौते के तहत टीम का संचालन हर दो साल में बदलता है। आईपीएल 2027 और 2028 के दौरान क्रिकेट ऑपरेशंस की जिम्मेदारी जेएसडब्ल्यू के पास रहेगी। ऐसे में आने वाले सीजन के लिए टीम के ढांचे में बदलाव की चर्चाओं को इसी नए ऑपरेशनल फेज से भी जोड़कर देखा जा रहा है। 

 

गांगुली, युवराज, वास और अमित मिश्रा की बताई गई नई भूमिकाएं अभी रिपोर्ट्स/संभावनाओं पर आधारित हैं; दिल्ली कैपिटल्स की ओर से इन नियुक्तियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

ना कोहली ना रिकी पोंटिंग और ना ही कपिव देव…राहुल द्रविड़ ने इन्हें बताया दुनिया का नंबर-1 कप्तान

इंटरनेशनल क्रिकेट में कई ऐसे कप्तान रहे हैं, जिन्होंने अपनी टीम को बड़ी जीत दिलाकर इतिहास में खास जगह बनाई। इस लिस्ट में क्लाइव लॉयड से लेकर कपिल देव, इमरान खान, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे कई कप्तान शामिल है। वहीं हाल ही में राहुल द्रविड़ ने बताया कि उनका पसंदीदा कप्तान कौन है। एक क्रिकेट चैलेंज में राहुल को 15 महान कप्तानों में से अपनी पसंद चुननी थी। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और हेड कोच राहुल ने इस दौरान पहले नंबर पर ना तो विराट कोहली को रखा और ना ही पोटिंग और रोहित शर्मा को। आइए जानते हैं राहुल ने किसको चुना बेस्ट कैप्टन

धोनी को बताया बेस्ट कप्तान

ईएसपीएनक्रिकइन्फो के क्विज में राहुल को 15 महान कप्तानों में से अपनी पसंद चुननी थी। चैलेंज के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के 1992 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान इमरान खान और वेस्टइंडीज के महान कप्तान क्लाइव लॉयड जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए धोनी को चुना। द्रविड़ ने धोनी को अपनी पहली पसंद बताया। बता दें राहुल धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं। सोशल मीडिया पर लोग उनके फैसले और अलग-अलग दौर के महान कप्तानों को लेकर अपनी राय शेयर कर रहे हैं।

किस राउंड में किसे चुना

राहुल द्रविड़ को एक खास चैलेंज के दौरान जब उन्हें अलग-अलग दौर के दिग्गज कप्तानों में से चुनना था, तो द्रविड़ ने धोनी को अपनी पहली पसंद बताया। राहुल द्रविड़ को इस चैलेंज के शुरुआती दौर में कई शानदार कप्तानों के बीच अपनी पसंद तय करनी थी। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के स्टीवन स्मिथ को सबसे आगे रखा और लगातार कई राउंड में उन्हें चुना। द्रविड़ ने बेन स्टोक्स, केन विलियमसन, अर्जुन रणतुंगा, ग्रीम स्मिथ और स्टीफन फ्लेमिंग जैसे दिग्गज कप्तानों की तुलना में स्मिथ को तरजीह दी। इस तरह स्मिथ ने शुरुआती मुकाबलों में अपनी जगह मजबूत कर ली।

इस चैलेंज में राहुल द्रविड़ ने ऑस्ट्रेलिया के कई दिग्गज कप्तानों के बीच भी स्टीवन स्मिथ को अपनी पसंद बनाए रखा। उन्होंने माइकल क्लार्क, इयोन मॉर्गन और पैट कमिंस जैसे कप्तानों की तुलना में स्मिथ को चुना, लेकिन रिकी पोंटिंग के सामने उनकी पसंद बदल गई। इसके बाद पोंटिंग ने एलन बॉर्डर को हराकर अगले दौर में जगह बनाई, जहां उनका सामना स्टीव वॉ से हुआ। आखिरकार द्रविड़ की पसंद के तौर पर सामने आए स्टीव वॉ ने पोंटिंग को पीछे छोड़ते हुए ऑस्ट्रेलियाई कप्तानों वाले इस दौर को जीत लिया।

 

राहुल द्रविड़ ने एमएस धोनी को अपना सबसे पसंदीदा कप्तान चुनकर सभी का ध्यान खींचा। इसके बाद मुकाबला भारतीय और पाकिस्तानी कप्तानों के बीच पहुंचा। स्टीव वॉ और विराट कोहली में से किसी एक को चुनने की बारी आई तो द्रविड़ ने कोहली को चुना।

धोनी की कप्तानी सबसे अच्छी

चैलेंज के आखिरी दौर में राहुल द्रविड़ के सामने एमएस धोनी, इमरान खान और क्लाइव लॉयड जैसे बड़े कप्तानों में से चुनाव करने की स्थिति आई। इमरान खान के मुकाबले द्रविड़ ने धोनी को चुना। द्रविड़ ने धोनी की कप्तानी की सबसे बड़ी खासियत उनकी उपलब्धियों को बताया। उन्होंने कहा कि धोनी ऐसे इकलौते कप्तान हैं, जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप, वनडे वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी तीनों खिताब जीते हैं, इसलिए उनकी कप्तानी की सफलता की बराबरी करना मुश्किल है।

पाकिस्तान क्रिकेट में मचा बवाल! इन खिलाड़ियों के फोन किए गए जब्त…रातों-रात बदली गई टीम! जानें पूरा मामला

इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान टीम के खराब प्रदर्शन के बाद PCB ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती दो टेस्ट मैच हारने के बाद बोर्ड खिलाड़ियों की भूमिका और टीम के अंदर की स्थिति को लेकर जानकारी जुटा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमाम-उल-हक और मोहम्मद रिजवान भी इस जांच में शामिल हैं। पाकिस्तानी मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, PCB की जांच अब इमाम-उल-हक और मोहम्मद रिजवान के लंदन में रहने के दौरान की गतिविधियों तक पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि बोर्ड दोनों खिलाड़ियों के संपर्क और बातचीत से जुड़ी जानकारी भी देख रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान की हार के बाद टीम के सुरक्षा अधिकारी ने दोनों खिलाड़ियों के मोबाइल फोन कुछ समय के लिए अपने पास रखे थे। आपको बता दें इन दावों को लेकर अभी बोर्ड की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

फोन किया गया जब्त

रिपोर्ट्स के अनुसार, इमाम-उल-हक और मोहम्मद रिजवान के फोन कुछ समय के लिए टीम के पास थे और उन्हें वापस करने से पहले फोन की कुछ जानकारी सेफ की गई। जांच में दोनों खिलाड़ियों की गतिविधियों के साथ-साथ लंदन में उनके संपर्क में आए लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। लेकिन, PCB ने दोनों खिलाड़ियों पर लगे किसी खास आरोप की पुष्टि नहीं की है। PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी के सलाहकार आमिर मीर ने बताया कि, खिलाड़ियों के अनुशासन और व्यवहार से जुड़ी खबरों के बाद बोर्ड ने अंदरूनी जांच शुरू की है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला लिया जाएगा।

अफवाहों पर दूर रहने को कहा

आमिर मीर ने X पर बताया कि, ‘मीडिया में अनुशासन और खिलाड़ियों के व्यवहार से जुड़ी खबरें सामने आने के बाद PCB ने इंटरनल अनुशासनात्मक जांच शुरू की है। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस मामले की आंतरिक समीक्षा चल रही है और बोर्ड अपने तय नियमों के अनुसार पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।’ मीर ने ये भी कहा कि, जांच से जुड़े मामलों में सभी संबंधित लोगों की बातों और तथ्यों को ध्यान में रखा जाएगा। उन्होंने बिना पुष्टि वाली खबरों और अटकलों पर भरोसा न करने की अपील की। PCB ने साफ किया कि, फिलहाल बोर्ड इस मामले पर इससे ज्यादा जानकारी साझा नहीं करेगा और लोगों को केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।

हो सकते हैं बैन

अगर PCB की जांच में खिलाड़ियों की किसी गलती के ठोस सबूत सामने आते हैं, तो बोर्ड उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकता है। इसमें जुर्माना लगाने से लेकर कुछ समय के लिए बैन लगाने तक का फैसला शामिल हो सकता है। रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया कि गंभीर मामला सामने आने पर संबंधित खिलाड़ियों को आने वाली पाकिस्तान टीम से बाहर रखने पर भी विचार किया जा सकता है। वहीं इस बारे में अभी कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।

पाकिस्तान क्रिकेट में बवाल

लॉर्ड्स टेस्ट में हार के बाद पाकिस्तान की टेस्ट टीम में कई बदलाव किए गए हैं। सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर उनकी जगह नए खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जिनमें पांच खिलाड़ी ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेला है। इमाम-उल-हक और मोहम्मद रिजवान भी मैच के कुछ घंटों बाद वापस घर लौट गए। इसके अलावा हेड कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी टीम से हटा दिया गया है। इस बीच खिलाड़ियों के फोन लिए जाने की खबर भी सामने आई है, लेकिन इसे लेकर अभी कोई साफ जानकारी नहीं दी गई है। PCB की अंदरूनी जांच के बीच टीम में किए गए इन बदलावों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

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Dhoni: धोनी ने मांगी थी CSK में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी? सीईओ ने तोड़ी चुप्पी

MS dhoni: भारत के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पिछले कुछ समय से नों काफी चर्चा में हैं। ऐसी खबरे थी धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स में महेंद्र सिंह धोनी की हिस्सेदारी की मांग की थी। दावा किया गया था कि धोनी ने सीएसके में 25 प्रतिशत की हिस्सेदारी (स्टेक) की मांग की थी, लेकिन कंपनी 5.5 प्रतिशत ही स्टेक ऑफर किया था, जिसे धोनी ने मना कर दिया। CSK मैनेजमेंट और धोनी के बीच बात नहीं बन पाई। वहीं अब इन खबरों पर फ्रेंचाइजी के CEO काशी विश्वनाथन ने अपना रिएक्शन दिया है।

CEO ने क्या कहा

CSK के CEO काशी विश्वनाथन ने धोनी के टीम में हिस्सेदारी लेने वाली खबरों को खारिज कर दिया। साथ ही, उन्होंने IPL के अगले सीजन को लेकर भी धोनी के CSK के साथ जुड़े रहने पर जानकारी दी है। बता दें धोनी के CSK में हिस्सेदारी लेने की खबरों के बाद फ्रेंचाइजी और उनके बीच रिश्तों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। लेकिन, इन खबरों की कोई पक्की पुष्टि नहीं हुई थी। इसके बावजूद सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में धोनी और CSK के बीच मतभेद होने की अटकलें लगाई जाने लगी थीं।

क्या थी अफवाह

क्रिकब्लॉगर की पहले की रिपोर्ट के मुताबिक, धोनी ने शुरुआत में CSK में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग की थी, जिसे बाद में घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इसके जवाब में CSK ने उन्हें 5.5 प्रतिशत हिस्सेदारी देने की पेशकश की थी।

विश्वनाथन ने इन दावों को किया खारिज

CSK के CEO काशी विश्वनाथन ने PTI से बातचीत में इन सभी दावों को खारिज कर दिया और खबरों को “पूरी तरह से बेबुनियाद” बताया। उन्होंने IPL 2027 में धोनी के खिलाड़ी के तौर पर भविष्य को लेकर भी बात की। विश्वनाथन ने कहा, “धोनी ने अभी तक यह नहीं कहा है कि वह नहीं खेलेंगे। इसलिए हमें इंतजार करना चाहिए।” उन्होंने हिस्सेदारी से जुड़ी खबरों को भी “प्लांटेड स्टोरी” बताया।

नए कोच की तलाश में सीएसके

सूत्रों के मुताबिक, IPL 2027 से पहले CSK की टीम को लेकर एमएस धोनी की भूमिका अहम हो सकती है। टीम के नए हेड कोच के चयन से लेकर खिलाड़ियों की टीम तैयार करने तक धोनी की राय को महत्व दिया जा सकता है। स्टीफन फ्लेमिंग के जाने के बाद फ्रेंचाइजी अब नए कोच की तलाश में है। फ्लेमिंग ने इंग्लैंड टेस्ट टीम की जिम्मेदारी संभालने के लिए CSK का साथ छोड़ा था।

धोनी 2008 में IPL शुरू होने के बाद से ही सीएसके के साथ जुड़े हैं। CSK ने IPL 2025 से पहले धोनी को 4 करोड़ रुपये में टीम में रिटेन किया था। धोनी ने अपनी कप्तानी में टीम को 5 ट्रॉफी जीता चुके हैं। वहीं चोट के चलते वह IPL 2026 में CSK की ओर से एक भी मैच नहीं खेल पाए थे।

कप्तान बाबर आजम चोटिल होकर इंग्लैंड के खिलाफ हैडिंग्ले टेस्ट से हुए बाहर

Babar Azam_Pakistan

बेकेनहम में टीम के वॉर्म-अप मैच के दौरान हाथ में लगी चोट से उबर न पाने के कारण बाबर आज़म लीड्स में इंग्लैंड के खिलाफ़ पाकिस्तान के पहले टेस्ट से बाहर हो गए हैं। यह मैच बुधवार से शुरू हो रहा है।

वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ़ हालिया सीरीज़ से पहले पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान के तौर पर दोबारा चुने गए बाबर की जगह सलमान आगा तीन टेस्ट मैचों की सीरीज़ के पहले मैच में कार्यवाहक कप्तान होंगे। 32 साल के आगा 2024 से टी 20 क्रिकेट में पाकिस्तान की कप्तानी कर चुके हैं और 27 टेस्ट मैच खेल चुके हैं। हेड कोच सरफ़राज़ अहमद ने पुष्टि की है कि वह सीरीज़ के पहले मैच में टीम की कमान संभालेंगे।

पाकिस्तान अभी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की रैंकिंग में आठवें स्थान पर है, जो इंग्लैंड से एक पायदान नीचे है। दोनों टीमें तीन टेस्ट मैचों की सीरीज़ के दौरान अपनी स्थिति बेहतर करने की कोशिश करेंगी।

पाकिस्तान अपनी बैटिंग लाइन-अप में भी बदलाव कर सकता है। वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ़ दोनों टेस्ट मैच न खेलने के बाद सऊद शकील की वापसी की संभावना है। त्रिनिदाद में वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ़ दूसरे मैच में टेस्ट डेब्यू करने वाले अवैस ज़फ़र अपनी जगह बनाए रख सकते हैं, जबकि पूर्व कप्तान शान मसूद भी चोट से उबरने के बाद वापसी की कोशिश कर रहे हैं।

बाबर का न होना पाकिस्तान के लिए एक और झटका है, क्योंकि वे इंग्लैंड की उस टीम का सामना करने की तैयारी कर रहे हैं जो टेस्ट क्रिकेट में एक नए दौर से गुज़र रही है। इंग्लैंड की कप्तानी जो रूट करेंगे, जबकि मार्कस ट्रेस्कोथिक सीरीज़ के लिए अंतरिम हेड कोच की ज़िम्मेदारी संभालेंगे, जिसके बाद स्टीफन फ्लेमिंग पूर्णकालिक भूमिका संभालेंगे।

डब्ल्यूटीसी टेबल में दोनों टीमों के निचले पायदान पर होने के कारण यह सीरीज़ और भी अहम हो जाती है। पाकिस्तान अभी दूसरे-आखिरी स्थान पर है, जबकि इंग्लैंड उनसे ठीक ऊपर सातवें स्थान पर है।

IND vs PAK: ‘भारतीय टीम हमसे बेहतर..’ हॉकी वर्ल्ड कप के मुकाबले से पहले PAK कप्तान ने मानी हार? जानें क्या कहा

FIH वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान की टीमों का मुकाबला 19 अगस्त को होगा। भारत ने वेल्स को 3-1 से हराकर शानदार अंदाज में टूर्नामेंट की शुरुआत की है। वहीं, पाकिस्तान को अपने पहले मैच में इंग्लैंड के हाथों 1-4 से हार का सामना करना पड़ा। अब दोनों टीमें अगले मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन के साथ मैदान पर उतरेंगी। भारत और पाकिस्तान को दोनों टीमों को एक ही ग्रुप में रखा गया है। वहीं मुकाबले से पहले पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान अबू बकर महमूद ने बड़ा बयान दिया है। अबू बकर महमूद को उम्मीद है कि उनकी टीम वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ हार का सिलसिला खत्म करेगी।

भारत की रैंकिंग काफी अच्छा

इस बड़े मुकाबले से पहले पाकिस्तान के कप्तान अबू बकर महमूद ने PTI से कहा कि, “मुझे यह मानने में कोई झिझक नहीं है कि भारतीय टीम रैंकिंग में हमसे बहुत बेहतर है, लेकिन भारत-पाकिस्तान मैच में रैंकिंग मायने नहीं रखती। उस दिन का प्रदर्शन जरूरी है। ये मैच के दिन ही तय होगा कि कौन सी टीम अच्छा खेल रही है और जीतेगी।” पाकिस्तान ने आखिरी बार जून 2016 में लंदन में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भारत को 4-3 से हराया था। इसके बाद भारत ने हाल ही में FIH प्रो लीग के लंदन लेग में पाकिस्तान को 4-3 और 7-1 से मात दी थी। पाकिस्तान की हॉकी टीम आठ साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी कर रही है।

भारत ने जीते लगातार 2 मेडल

महमूद ने कहा, “भारत इकलौती एशियाई टीम है, जिसने लगातार दो ओलंपिक में मेडल जीते हैं। यह एशियाई हॉकी के लिए अच्छी बात है और हम उन्हें वर्ल्ड कप के लिए शुभकामनाएं देते हैं। हालांकि, इस बार हम पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरे हैं।” महमूद को प्रो लीग में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

कप्तान ने क्या कहा

वर्ल्ड कप के लिए टीम के रवाना होने से पहले पाकिस्तान के डच हेड कोच हरमन क्रुइस अपने घर लौट गए। इसके बाद गोलकीपिंग कोच बॉब-जोहान वेल्डहोफ ने टीम की जिम्मेदारी संभाली। कप्तान अबू बकर महमूद ने कहा कि, “कोच अदनान जाकिर, बॉब और सपोर्ट स्टाफ ने पिछले एक महीने में टीम के साथ काफी मेहनत की है, जिसका अच्छा असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी दिख रहा है। उन्होंने कहा कि टीम को हर मैच में बेहतर खेल दिखाना होगा। पाकिस्तान का मुख्य लक्ष्य एशियन गेम्स है, लेकिन वर्ल्ड कप में टीम की कोशिश अंतिम आठ में जगह बनाने की होगी।”

अब रैंकिंग में 12वें स्थान पर हैं हम

28 साल के महमूद ने कहा कि वर्ल्ड कप और ओलंपिक हॉकी के सबसे बड़े टूर्नामेंट हैं। अगर कोई टीम इन दोनों में नहीं खेलती है, तो वह विश्व हॉकी का हिस्सा नहीं मानी जाती। उन्होंने कहा, “यह हमारी किस्मत है या फिर हमारी कड़ी मेहनत का नतीजा कि हम आठ साल बाद एक बार फिर वर्ल्ड कप में खेलने जा रहे हैं।” कैप्टन ने कहा, “प्रो लीग शुरू होने से पहले हम दुनिया में 14वें नंबर पर थे, लेकिन अब 12वें स्थान पर पहुंच गए हैं। हमने प्रो लीग में दुनिया की टॉप टीमों के खिलाफ खेला, जिससे हमें काफी कुछ सीखने का मौका मिला। प्रो लीग के पहले दो चरणों के बाद हमने वर्ल्ड कप क्वालिफायर में हिस्सा लिया और फाइनल तक पहुंचकर वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया।”

उन्होंने आगे कहा, “हमने प्रो लीग के आखिरी दो चरणों में कुछ नई चीजों को आजमाया। हम प्रो लीग में खिताब जीतने के इरादे से नहीं, बल्कि सीखने के लिए गए थे, क्योंकि हमने काफी समय से दुनिया की बड़ी टीमों के खिलाफ अच्छे मुकाबले नहीं खेले थे। अब वर्ल्ड कप में हमारा प्रदर्शन बताएगा कि हमने वहां से कितना सीखा है।”

एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बेटे ने क्रिकेट में दिखाया अपना जलवा, 18 साल की उम्र में ठोका ताबड़तोड़ शतक

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बेटे रॉकी फ्लिंटॉफ ने घरेलू क्रिकेट में अपनी शानदार बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा है। 18 साल के रॉकी लंकाशायर की टीम से खेल रहे हैं। 11 अगस्त, मंगलवार को टॉन्टन के द कूपर एसोसिएट्स काउंटी ग्राउंड पर खेले गए मैच में रॉकी फ्लिंटॉफ ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 65 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। रॉकी ने ये शतक इंग्लैंड के वन-डे कप 2026 में समरसेट के खिलाफ लगाया।

रॉकी फ्लिंटॉफ ने कीटन जेनिंग्स के साथ मिलकर लंकाशायर की पारी को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 127 गेंदों में 214 रन की शानदार साझेदारी की। जेनिंग्स ने 156 रन बनाए, जबकि रॉकी की तेज पारी ने टीम को 50 ओवर में 443/6 के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में मदद की।

रॉकी ने खेली आक्रामक बल्लेबाजी

लंकाशायर के लिए नंबर-5 पर बल्लेबाजी करने उतरे रॉकी फ्लिंटॉफ ने अपनी पारी में आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन किया। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 45वें ओवर की पहली गेंद पर एक रन लेकर अपना शतक पूरा किया। इसके बाद भी उन्होंने तेजी से रन बनाना जारी रखा और 76 गेंदों में 123 रन की शानदार पारी खेली। रॉकी की इस पारी में 10 चौके और 7 छक्के शामिल रहे, जिससे उन्होंने टीम के स्कोर को मजबूत बनाने में अहम योगदान दिया। रॉकी के करियर में ये पहली बार था जब उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में शतक लगाया। इससे पहले 14 लिस्ट ए मैचों में उनके नाम दो अर्धशतक के साथ 350 रन थे। वहीं, वह अब तक पांच फर्स्ट-क्लास मैचों में नौ पारियां खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने कुल 137 रन बनाए हैं।

इससे पहले भी खेले चुके हैं अच्छी पारी

समरसेट के खिलाफ शतक लगाने से पहले रॉकी फ्लिंटॉफ ने अपने पिछले वन-डे कप मुकाबले में भी शानदार बल्लेबाजी की थी। वारविकशायर के खिलाफ उस मैच में उन्होंने लंकाशायर के लिए नंबर-5 पर खेलते हुए 51 गेंदों में नाबाद 61 रन बनाए थे। लगातार दो मैचों में अच्छे प्रदर्शन के साथ रॉकी ने घरेलू क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी की क्षमता दिखाई है।

एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने छोड़ा कोच का पद

रॉकी फ्लिंटॉफ के पिता एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने हाल ही में इंग्लैंड लायंस के मुख्य कोच का पद छोड़ दिया है। इंग्लैंड के लिए लंबे समय तक क्रिकेट खेलने वाले फ्लिंटॉफ ने 1998 से 2009 के बीच 79 टेस्ट, 141 वनडे और 7 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले थे। अब वह इस साल वह बिग बैश लीग (BBL) में पहली बार मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्हें साल की शुरुआत में सिडनी थंडर का हेड कोच नियुक्त किया गया था।

जब गुरु ही बन जाएं विरोधी खेमे की ताकत! कभी टीम इंडिया को बनाया चैंपियन, अब उसी को हराने की तैयारी

भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का मंच तैयार है। पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। इससे पहले भारतीय टीम ने तीन दिवसीय वार्म-अप मैच में श्रीलंका क्रिकेट XI को 6 विकेट से हराकर अपनी तैयारियों का अच्छा संकेत दिया। हालांकि इस मुकाबले में एक चेहरा ऐसा भी था, जिसने भारतीय फैंस का खास ध्यान खींचा—गैरी कर्स्टन। कभी टीम इंडिया को वर्ल्ड कप जिताने वाले कर्स्टन अब श्रीलंका के खेमे में हैं और आगामी टेस्ट सीरीज में भारत के खिलाफ रणनीति तैयार करेंगे।

 

बाउंड्री पर खड़े रहे कर्स्टन, भारतीय खिलाड़ियों पर रही पैनी नजर

 

रविवार को कर्स्टन एनसीसी ग्राउंड पहुंचे, जहां भारत अपना वार्म-अप मुकाबला खेल रहा था। वह काफी देर तक बाउंड्री के पास खड़े होकर भारतीय खिलाड़ियों की गतिविधियों पर नजर रखते दिखाई दिए।

 

वह मैदान पर ज्यादा सक्रिय नजर नहीं आए, लेकिन उनकी मौजूदगी अपने आप में चर्चा का विषय बन गई। कर्स्टन ने कुछ भारतीय खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से बातचीत भी की। इस दौरान वह लगातार मैच और स्कोरबोर्ड पर नजर बनाए हुए थे।

 

भारतीय टीम के स्पिनर मानव सुथार और थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट रघु से भी उनकी बातचीत हुई। कर्स्टन का सुथार और साई किशोर जैसे खिलाड़ियों से पुराना परिचय रहा है, खासकर गुजरात टाइटन्स के साथ उनके समय के कारण।

जिस टीम को वर्ल्ड कप जिताया, अब उसी के खिलाफ बनाएंगे रणनीति

 

गैरी कर्स्टन का भारतीय क्रिकेट से रिश्ता बेहद खास रहा है। 2008 से 2011 तक वह टीम इंडिया के हेड कोच रहे और उनके कार्यकाल में भारतीय टीम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। सबसे यादगार पल आया 2011 में, जब एमएस धोनी की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने श्रीलंका को हराकर 28 साल बाद वनडे वर्ल्ड कप अपने नाम किया। उसी दौर में भारत पहली बार टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 भी बना।

 

अब कहानी पूरी तरह बदल चुकी है। जिस टीम की कमजोरियों और ताकत को समझना कभी कर्स्टन की जिम्मेदारी थी, अब उसी टीम के खिलाफ उन्हें श्रीलंका की रणनीति तैयार करनी है।

 

गैरी के सामने होंगे उनके पुराने खिलाड़ी और नया कोच

 

कर्स्टन के लिए यह मुकाबला इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि भारतीय टीम के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर भी उनके पुराने खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।एक समय कर्स्टन की कोचिंग में खेलने वाले गंभीर अब टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम की कमान संभाल रहे हैं। यानी एक तरफ पुराने गुरु कर्स्टन श्रीलंका को तैयार कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनका पुराना खिलाड़ी गंभीर भारत की रणनीति बनाएगा।

 

क्रिकेट में ऐसे रिश्ते मुकाबले को और दिलचस्प बना देते हैं।

 

207 रन का टारगेट, आखिरी ओवर में भारत ने मारी बाजी

 

वार्म-अप मैच के तीसरे दिन भारत के सामने 207 रन का लक्ष्य था। भारतीय बल्लेबाजों ने दबाव के बीच लक्ष्य का पीछा किया और दिन के आखिरी ओवर में 6 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत से टीम इंडिया को टेस्ट सीरीज से पहले परिस्थितियों के साथ तालमेल बैठाने का अच्छा मौका मिला। वहीं श्रीलंका को भी भारत के खिलाफ अपनी तैयारियों को परखने का मौका मिला।

 

सरफराज की वापसी, सुदर्शन सीरीज से बाहर

 

टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम में बदलाव भी हुआ है। चोट के कारण साई सुदर्शन पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं, उनकी जगह सरफराज खान को टीम में शामिल किया गया है।

 

सरफराज ने नवंबर 2024 के बाद कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है। ऐसे में उनके पास खुद को फिर से टेस्ट टीम में स्थापित करने का मौका होगा।

 

वहीं, शुभमन गिल को भी लेकर टीम के लिए राहत की खबर आई। अभ्यास के दौरान चोटिल होने के कारण वह शुरुआती दो दिन वार्म-अप मैच में नहीं उतरे थे, लेकिन तीसरे दिन उन्होंने बल्लेबाजी की।

 

WTC पॉइंट्स टेबल के लिहाज से भी अहम है सीरीज

 

भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली यह टेस्ट सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है। टीम इंडिया फिलहाल टॉप-4 से बाहर है और दोनों टेस्ट जीतकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी।

 

श्रीलंका के लिए भी यह सीरीज बड़ी चुनौती है। खास बात यह है कि भारत के खिलाफ श्रीलंका ने अब तक जो 7 टेस्ट जीते हैं, वे सभी अपनी घरेलू जमीन पर आए हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि गॉल में कर्स्टन की रणनीति भारी पड़ती है या फिर गंभीर की टीम पुराने गुरु को उनके ही घर में मात देने की कहानी लिखती है।

 

वीवीएस लक्ष्मण बनने वाले थे टीम इंडिया के हेड कोच, इस वजह से ठुकराया था ऑफर

पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने हाल ही में बताया कि जय शाह ने उन्हें भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव दिया था। लक्ष्मण ने बताया कि, वह इस जिम्मेदारी को संभालना चाहते थे, लेकिन कुछ पर्सनल रीजन की वजह से टीम से जुड़ने से मना कर दिया था। वहीं राहुल द्रविड़ के के बाद गौतम गंभीर टीम के मुख्य कोच बने। गंभीर 2027 तक टीम के हेड कोच बने रहेंगे।

लक्ष्मण ने क्या कहा

लक्ष्मण ने ये नहीं बताया कि उन्हें मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव किस समय मिला था। लेकिन ऐसा माना जा रहा कि ये 2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद की बात है, जब राहुल द्रविड़ का कार्यकाल खत्म होने वाला था। उस समय द्रविड़ आगे भी कोच बने रहने को लेकर तैयार नहीं थे। बाद में BCCI ने उनका कार्यकाल 2024 टी20 वर्ल्ड कप तक बढ़ा दिया। भारत ने द्रविड़ की कोचिंग में यह टूर्नामेंट जीतकर लंबे समय बाद ICC ट्रॉफी अपने नाम की।

पर्सनल वजह से नहीं लिया पद

वीवीएस लक्ष्मण ने रविवार को कहा, “2023 में, मुझे हेड कोच बनना था।” उन्होंने आगे कहा, “पर्सनल वजहों से मैं यह काम नहीं कर पाया। मैं दो बार जय शाह से बात करने गया। वह मेरी वजहें समझ गए। जय और BCCI ने मुझे जो आजादी दी है, अपने विजन के साथ काम करने की, वह देवजीत और दूसरे अधिकारियों के साथ भी जारी है।” लक्ष्मण ने कहा कि हेड कोच बनने के बजाय उन्होंने बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के चेयरमैन का पद संभालने का फैसला किया, जो पहले राहुल द्रविड़ के पास था। उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाने का फैसला किया।

दो साल का लिया एक्सटेंशन

उन्होंने आगे कहा, “मैंने दो साल के लिए एक्सटेंशन लिया और BCCI से वादा किया कि मैं यहां हेड कोच का पद नहीं ले रहा हूं। लेकिन मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को बेहतर बनाऊं, इसके लिए सही स्ट्रक्चर, प्रोसेस और प्रोटोकॉल तैयार करूं, ताकि आगे बढ़ने से पहले यहां एक मजबूत व्यवस्था बन सके।”

गौतम गंभीर बने भारत के कोच

राहुल द्रविड़ ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच का पद छोड़ दिया था। इसके बाद वीवीएस लक्ष्मण का नाम एक बार फिर इस पद के लिए चर्चा में आया। लेकिन, उस समय BCCI ने गौतम गंभीर को मुख्य कोच की जिम्मेदारी सौंपी। गंभीर इससे पहले IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स के मेंटर थे और उनकी अगुवाई में टीम ने खिताब जीता था। इसके बाद गंभीर के कार्यकाल में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप भी जीता।