3 करोड़ सैलरी भी है कम! पार्थिव पटेल ने क्यों नहीं किया चीफ सेलेक्टर के लिए आवेदन? जानें वजह

अजीत अगरकर के जाने के बाद से बीसीसीआई नए चीफ सेलेक्टर की तलाश जारी है। वहीं ऐसी खबरे थी की पूर्व भारतीय विकेटकीपर पार्थिव पटेल को इस पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। ऐसी चर्चाएं भी थीं कि अगर पटेल इस पद के लिए आवेदन करते हैं, तो उन्हें बोर्ड का पूरा समर्थन मिल सकता है। वहीं आवेदन करने की आखिरी तारीख बीत जाने के बावजूद पार्थिव पटेल ने इस पद के लिए अपना नाम नहीं दिया। वहीं रिपोर्ट में ऐसा दावा किया जा रहा है कि चीफ सेलेक्टर को मिलने वाली सैलरी की वजह से पार्थिव ने आवेदन नहीं किया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

इस वजह से पार्थिव ने नहीं दिया नाम

द टेलीग्राफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने आर्थिक कारणों के चलते मुख्य चयनकर्ता बनने का फैसला छोड़ दिया। BCCI इस पद के लिए उन्हें हर साल 3 करोड़ रुपये देने को तैयार था, लेकिन यह जिम्मेदारी स्वीकार करने पर उन्हें गुजरात टाइटंस में अपनी कोचिंग की नौकरी और कमेंट्री से होने वाली कमाई छोड़नी पड़ सकती थी। ऐसे में उन्हें इस पद को चुनने से आर्थिक नुकसान होने की आशंका थी। फिलहाल, साउथ जोन के चयनकर्ता प्रज्ञान ओझा इस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं।

वहीं, वेस्ट जोन से एक नए चयनकर्ता को भी टीम में शामिल किया जाना है। इस पद के लिए पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर और रमेश पोवार के नामों की चर्चा हो रही है। दोनों को मुख्य चयनकर्ता बनने की दौड़ में मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

अश्विन ने सैलरी को लेकर उठाए सवाल

भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल पर चयनकर्ताओं की सैलरी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि, BCCI में चयनकर्ता के पद पर मिलने वाली रकम इतनी नहीं है कि बड़े और अनुभवी क्रिकेटर इस जिम्मेदारी को लेने के लिए आगे आएं। अश्विन ने कहा कि, ‘अगर सेलेक्टर्स की सैलरी बढ़ाई जाती है, तो इस पद के लिए बड़े और अनुभवी क्रिकेटर आगे आ सकते हैं। उन्होंने सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले जैसे दिग्गजों का उदाहरण देते हुए कहा कि अच्छे स्तर के चयनकर्ताओं को लाने के लिए इस पद को आर्थिक रूप से आकर्षक बनाना जरूरी है।”

हेड कोच जितनी मिले सैलरी

अश्विन ने आगे कहा, “चयनकर्ता बनने के बाद पूर्व क्रिकेटर मीडिया में काम नहीं कर सकते, खिलाड़ियों पर खुलकर चर्चा नहीं कर सकते और न ही कहीं कोचिंग दे सकते हैं, क्योंकि इससे हितों के टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा, उन्हें पूरे साल घरेलू क्रिकेट और IPL पर नजर रखनी पड़ती है। अश्विन का मानना है कि अगर मुख्य चयनकर्ता को भारतीय टीम के मुख्य कोच के बराबर वेतन मिले, तो इस पद के लिए बेहतर अनुभव और योग्यता वाले लोग सामने आएंगे।” उन्होंने यह पूछकर अपनी बात खत्म की कि क्या बोर्ड पहले उन पेडिग्री वाले सिलेक्टर्स को चाहता था।

जियो की भारत से बाहर विस्तार की योजना

रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स देश के बाहर भी बड़े पैमाने पर विस्तार की योजना बना रहा है जिसमें अमेरिका और जर्मनी जैसे विकसित देश भी शामिल हैं।

जियो के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने यहां शनिवार को कंपनी के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले ब्रोकरों के साथ संवाद के दौरान बताया कि जियो भारत से बाहर विस्तार के लिए 11-12 रणनीतिक साझेदारों के साथ बातचीत कर रही है। इससे उसे 150 करोड़ नए ग्राहक मिलने की उम्मीद है।

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उल्लेखनीय है कि अगस्त 2026 के अंत में देश में कंपनी के सबस्क्राइबरों की संख्या 53.80 करोड़ थी। श्री अंबानी ने कहा कि जियो ने एक यूनीक प्रौद्योगिकी विकसित की है जिसमें विस्तार की गुंजाइश है। आम तौर पर प्रौद्योगिकी विकसित करना और उसका विस्तार करना दो अलग-अलग कौशल हैं। जियो ने भारत में जो एकीकृत स्टैक तैयार किया है उसका विस्तार किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका और जर्मनी जैसे विकसित देशों में फाइबर संचार के रोलआउट की गति धीमी रही है। इन देशों में जियो संभावनाएं देख रही है। इसके अलावा, पूर्वी एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका में भी विस्तार की संभावना है।

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को कारोबार की समाप्ति के साथ बंद होगा। कंपनी ने आईपीओ के लिए मूल्य का दायरा 1,065 रुपये से 1,119 रुपये तय किया है। एंकर निवेशक 19 अक्टूबर को बोली लगा सकेंगे।

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माहेला जयवर्धने ने छोड़ा मुंबई इंडियंस के हेड कोच का पद

मुंबई इंडियंस (एमआई) के हेड कोच माहेला जयवर्धने ने अपने पद से हटने का फैसला किया है। इसके साथ ही फ्रेंचाइज़ी के साथ उनका करीब एक दशक लंबा जुड़ाव भी खत्म हो गया। जयवर्धने के हेड कोच रहते हुए मुंबई इंडियंस ने तीन आईपीएल ख़िताब (2017, 2019, 2020) जीते हैं।

श्रीलंका के पूर्व कप्तान जयवर्धने दो अलग-अलग दौर में टीम के हेड कोच रहे। पहली बार वह 2017 से 2022 तक इस पद पर रहे, जिसके बाद 2024 से 2026 तक उन्होंने दूसरी बार यह ज़िम्मेदारी संभाली। आईपीएल 2026 में टीम का प्रदर्शन कुछ ख़ास नहीं था। इस दौरान एमआई ने 12 में से सिर्फ सात मैच जीते और प्वाइंट टेबल में छठे स्थान पर रही। वहीं टीम ने 2025 में टीम ने प्लेऑफ के प्रवेश किया था, जबकि 2024 के सीज़न में वे 10वें स्थान पर थे।

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पद छोड़ने पर जयवर्धने ने कहा मुंबई इंडियंस पिछले एक दशक से मेरे सफर का बेहद ख़ास हिस्सा रही है। खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सबसे बढ़कर फैंस के समर्थन ने इसे यादगार बना दिया। हमने मिलकर कई ख़ास पल साझा किए, चुनौतियों को पार किया और ऐसा कुछ खड़ा किया जिस पर हम सभी को गर्व है। मैं नीता अंबानी और आकाश अंबानी का उनके भरोसे और साथ के लिए शुक्रिया अदा करता हूं। एमआई के लिए मेरे दिल में हमेशा ख़ास जगह रहेगी।”

जयवर्धने 2022 में फ्रेंचाइज़ी के ग्लोबल हेड ऑफ परफॉर्मेंस भी बने थे। इस दौरान उन्होंने दुनियाभर की टी20 लीग्स में मुंबई इंडियंस से जुड़ी टीमों के विस्तार में भूमिका निभाई। उनके इस कार्यकाल में मुंबई इंडियंस विमेंस, एमआई न्यूयॉर्क और एमआई एमिरेट्स ने ख़िताब अपने नाम किए।

नीता अंबानी ने उनके योगदान को लेकर कहा माहेला ने बीते सालों में मुंबई इंडियंस के लिए बड़ा योगदान दिया है। उनका शांत नेतृत्व, ईमानदारी और खेल के प्रति गहरा लगाव हमारे लिए बेहद मायने रखता है। पूरी एमआई फैमिली की तरफ से मैं उनके समर्पण के लिए धन्यवाद देती हूं। वह हमेशा हमारी फैमिली का हिस्सा रहेंगे और हम उनके आगे के सफर के लिए शुभकामनाएं देते हैं।

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माहेला जयवर्धने ने छोड़ा मुंबई इंडियंस के हेड कोच का पद

मुंबई इंडियंस (एमआई) के हेड कोच माहेला जयवर्धने ने अपने पद से हटने का फैसला किया है। इसके साथ ही फ्रेंचाइज़ी के साथ उनका करीब एक दशक लंबा जुड़ाव भी खत्म हो गया। जयवर्धने के हेड कोच रहते हुए मुंबई इंडियंस ने तीन आईपीएल ख़िताब (2017, 2019, 2020) जीते हैं।

श्रीलंका के पूर्व कप्तान जयवर्धने दो अलग-अलग दौर में टीम के हेड कोच रहे। पहली बार वह 2017 से 2022 तक इस पद पर रहे, जिसके बाद 2024 से 2026 तक उन्होंने दूसरी बार यह ज़िम्मेदारी संभाली। आईपीएल 2026 में टीम का प्रदर्शन कुछ ख़ास नहीं था। इस दौरान एमआई ने 12 में से सिर्फ सात मैच जीते और प्वाइंट टेबल में छठे स्थान पर रही। वहीं टीम ने 2025 में टीम ने प्लेऑफ के प्रवेश किया था, जबकि 2024 के सीज़न में वे 10वें स्थान पर थे।

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पद छोड़ने पर जयवर्धने ने कहा मुंबई इंडियंस पिछले एक दशक से मेरे सफर का बेहद ख़ास हिस्सा रही है। खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सबसे बढ़कर फैंस के समर्थन ने इसे यादगार बना दिया। हमने मिलकर कई ख़ास पल साझा किए, चुनौतियों को पार किया और ऐसा कुछ खड़ा किया जिस पर हम सभी को गर्व है। मैं नीता अंबानी और आकाश अंबानी का उनके भरोसे और साथ के लिए शुक्रिया अदा करता हूं। एमआई के लिए मेरे दिल में हमेशा ख़ास जगह रहेगी।

जयवर्धने 2022 में फ्रेंचाइज़ी के ग्लोबल हेड ऑफ परफॉर्मेंस भी बने थे। इस दौरान उन्होंने दुनियाभर की टी20 लीग्स में मुंबई इंडियंस से जुड़ी टीमों के विस्तार में भूमिका निभाई। उनके इस कार्यकाल में मुंबई इंडियंस विमेंस, एमआई न्यूयॉर्क और एमआई एमिरेट्स ने ख़िताब अपने नाम किए।

नीता अंबानी ने उनके योगदान को लेकर कहा माहेला ने बीते सालों में मुंबई इंडियंस के लिए बड़ा योगदान दिया है। उनका शांत नेतृत्व, ईमानदारी और खेल के प्रति गहरा लगाव हमारे लिए बेहद मायने रखता है। पूरी एमआई फैमिली की तरफ से मैं उनके समर्पण के लिए धन्यवाद देती हूं। वह हमेशा हमारी फैमिली का हिस्सा रहेंगे और हम उनके आगे के सफर के लिए शुभकामनाएं देते हैं।

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IPL 2027 से पहले दिल्ली कैपिटल्स के सहायक और बल्लेबाज कोच बने युवराज सिंह

युवराज सिंह को IPL 2027 के लिए दिल्ली कैपिटल्स का सहायक और बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया गया है। हाल के सालों में, युवराज ने अभिषेक शर्मा और प्रभसिमरन सिंह जैसे कई भारतीय क्रिकेटरों को मेंटर किया है, हालांकि दिल्ली कैपिटल्स में यह नियुक्ति उनका पहला फ़ॉर्मल कोचिंग असाइनमेंट होगा।

भारत के पूर्व ऑलराउंडर दिल्ली फ्रेंचाइज़ी के साथ फिर से जुड़ेंगे; उन्होंने 2015 सीज़न में इस टीम का प्रतिनिधित्व किया था, जब नीलामी में उन्हें 16 करोड़ रुपये में खरीदा गया था और वे उस समय आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने थे। इस नियुक्ति से वे अपने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली के साथ भी फिर से जुड़ेंगे, जिन्हें हाल ही में दिल्ली कैपिटल्स का हेड कोच बनाया गया है।

एक ऐसी टीम के लिए जो अभी भी अपने पहले आईपीएल खिताब की तलाश में है, युवराज बहुत सारा अनुभव लेकर आ रहे हैं। उन्होंने भारत की 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाई थी। युवराज ने 132 आईपीएल मैच भी खेले, जिनमें उन्होंने 2750 रन बनाए और 36 विकेट लिए। उनका इंटरनेशनल करियर भी शानदार रहा, जिसमें उन्होंने 17 सालों में 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी 20 मैच खेले।

फ्रेंचाइज़ी के चेयरमैन पार्थ जिंदल ने कहा, “हम दिल्ली कैपिटल्स परिवार में युवी का स्वागत करते हुए बहुत उत्साहित हैं। युवी भारतीय क्रिकेट के सबसे बेहतरीन मैच-विनर्स में से एक हैं और उन्होंने आज भारतीय क्रिकेट के कई होनहार युवा टैलेंट को गाइड करने में अहम भूमिका निभाई है। उनका अनुभव, जीतने का जज़्बा और खिलाड़ियों के साथ घुलने-मिलने की काबिलियत हमारी टीम के लिए बहुत कीमती साबित होगी।”

वहीं, युवराज ने इस फ्रेंचाइज़ी के साथ एक नया सफ़र शुरू करने को लेकर उत्साह ज़ाहिर किया। उन्होंने कहा, “इस फ्रेंचाइज़ी के साथ मेरा पुराना नाता है और मैं मालिकों को अच्छी तरह जानता हूँ, इसलिए यह मेरे लिए एक खास मौका है। मैं ‘दादा’ के साथ मिलकर काम करने का भी बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूँ, इस बार कोच के तौर पर।” “कोचिंग मेरा जुनून है और मैं इस बेहद टैलेंटेड टीम के साथ काम शुरू करने के लिए बहुत उत्साहित हूँ।”

IPL 2027 में दिखेगा युवराज सिंह का जलवा, दिल्ली कैपिटल्स ने दी ये नई जिम्मेदारी

युवराज सिंह और इंडियन प्रीमियर लीग को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। युवराज सिंह IPL में दिल्ली कैपिटल्स के असिस्टेंट और बैटिंग कोच बन गए हैं। दिल्ली कैपिटल्स ने अपने सोशल मीडिया पर इसका ऐलान किया। बता दें कि, टीम के हेड कोच सौरव गांगुली हैं। वहीं युवराज पहली बार किसी टीम की कोचिंग करेंगे। युवराज 2015 में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेले थे।

दिल्ली में युवराज की एंट्री 

युवराज इससे पहले दिल्ली कैपिटल्स के लिए खिलाड़ी के तौर पर खेल चुके हैं, लेकिन अब वह नई जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्होंने अभिषेक शर्मा और प्रभसिमरन सिंह जैसे युवा खिलाड़ियों को भी तराशा है। अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर युवराज सिंह ने कहा कि, वह दिल्ली कैपिटल्स के साथ अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करने के लिए काफी उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि इस टीम के साथ उनका पुराना रिश्ता रहा है और वह फ्रेंचाइजी के मालिकों को भी अच्छी तरह जानते हैं। युवराज ने कहा कि इस बार वह भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के साथ कोच के रूप में काम करने को लेकर भी उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि कोचिंग में उनकी काफी दिलचस्पी है और वह टीम के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ काम शुरू करने का इंतजार कर रहे हैं।

टीम के साथ कोचिंग भी दमदार

युवराज को उम्मीद है कि यह सफर उनके लिए शानदार रहेगा और वह टीम की सफलता में अहम योगदान देंगे। वहीं दिल्ली कैपिटल्स के चेयरमैन पार्थ जिंदल ने युवराज सिंह का टीम में स्वागत करते हुए खुशी जताई। उन्होंने कहा कि युवराज भारतीय क्रिकेट के बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक रहे हैं और उन्होंने कई युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने में मदद की है। जिंदल के मुताबिक, युवराज का अनुभव, जीत हासिल करने की सोच और खिलाड़ियों के साथ बेहतर तालमेल बनाने की क्षमता टीम के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। उन्होंने युवराज को उनकी पहली आधिकारिक कोचिंग की जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं भी दीं। जिंदल ने कहा कि युवराज की टीम में वापसी दिल्ली कैपिटल्स से जुड़े सभी लोगों के लिए खास है और उन्हें सौरव गांगुली व बाकी कोचिंग स्टाफ के साथ काम करते देखना दिलचस्प होगा।

होप्स और हैडिन ने पंजाब किंग्स की कोचिंग छोड़ी

जेम्स होप्स और ब्रैड हैडिन ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के तेज गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण कोच के तौर पर अपनी-अपनी भूमिकाएं छोड़ दी हैं।

इनके जाने की उम्मीद पहले से ही थी, क्योंकि होप्स को क्वींसलैंड और ब्रिस्बेन हीट का मुख्य कोच बनाया गया था, और हैडिन ने न्यू साउथ वेल्स के मुख्य कोच का पद संभाला था।

इन दोनों के जाने से पीबीकेएस के मुख्य कोच रिकी पोंटिंग के सपोर्ट स्टाफ में एक बड़ी जगह खाली हो गई है। साथ ही, आईपीएल 2026 में स्पिन-गेंदबाजी कोच रहे साईराज बहुतुले ने भी भारतीय पुरुष टीम के साथ यही भूमिका संभाल ली है।

होप्स, जो पहले दिल्ली कैपिटल्स में अपने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई साथी पोंटिंग के स्टाफ का हिस्सा रह चुके थे, ने पीबीकेएस के साथ दो सीजन बिताए। हैडिन 2022 से ही पंजाब के बैक-रूम स्टाफ का हिस्सा थे, जब ट्रेवर बेलिस मुख्य कोच थे।

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होप्स और हैडिन दोनों ही अभी शेफील्ड शील्ड में खेल रहे हैं। क्वींसलैंड का मुकाबला पर्थ में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया से और न्यू साउथ वेल्स का मुक़ाबला सिडनी में तस्मानिया से हो रहा है।

पीबीकेएस ने कभी आईपीएल का खिताब नहीं जीता है, हालाँकि वे 2014 में (जब वे कोलकाता नाइट राइडर्स से फ़ाइनल हार गए थे) और 2025 में (जब वे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से खिताबी मुकाबला हार गए थे) इसके बहुत करीब पहुंचे थे। पोंटिंग ने आईपीएल 2025 से पहले हेड कोच का पद संभाला और टीम को तुरंत सफलता मिली। उन्होंने आईपीएल 2026 सीजन की भी शानदार शुरुआत कराई, जिसमें पंजाब ने लगातार छह मैच जीते (और एक मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया)। इसके बाद टीम लड़खड़ा गई। उन्होंने केवल एक और मैच जीता और छह मैच हारे, जिससे वे प्लेऑफ में जगह नहीं बना पाए।

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‘दिल्ली को टॉप पर ले जाना है’, हेड कोच बनते ही सौरव गांगुली ने बताया अपना मिशन

दिल्ली कैपिटल्स ने IPL 2027 के लिए सौरव गांगुली को अपना नया हेड कोच बनाया। टीम की जिम्मेदारी संभालने के बाद गांगुली ने कहा कि फ्रेंचाइजी के पास केएल राहुल और ऋषभ पंत जैसे बेहतरीन खिलाड़ी मौजूद हैं और टीम काफी मजबूत है। उन्होंने कहा कि 2019 और 2020 में दिल्ली कैपिटल्स का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था और अब उनका लक्ष्य टीम को फिर उसी स्तर पर ले जाना है। पिछले सीजन में दिल्ली कैपिटल्स की टीम छठे स्थान पर रही थी। अब सौरव गांगुली की नजर टीम को बेहतर प्रदर्शन कराने पर है। उन्होंने कहा कि उनका पहला लक्ष्य दिल्ली कैपिटल्स को प्लेऑफ में पहुंचाना होगा। टीम अब तक सिर्फ एक बार 2020 में आईपीएल के फाइनल तक पहुंची है, लेकिन खिताब नहीं जीत सकी।

गांगुली की हुई घर वापसी

दिल्ली कैपिटल्स के साथ सौरव गांगुली का रिश्ता काफी पुराना है। साल 2019 में सौरव गांगुली टीम के साथ सलाहकार के तौर पर काम शुरू किया था। इसके बाद वह फ्रेंचाइजी में अलग-अलग अहम जिम्मेदारियां संभालते रहे हैं। गांगुली पुरुष और महिला दोनों टीमों के क्रिकेट डायरेक्टर की भूमिका भी निभा चुके हैं। अब हेड कोच के तौर पर उनकी नियुक्ति को टीम के साथ उनकी एक तरह की घर वापसी के तौर पर देखा जा रहा है।

काफी अच्छी है दिल्ली की टीम

दिल्ली कैपिटल्स के YouTube चैनल पर बात करते हुए गांगुली ने कहा, “ये केएल राहुल, अक्षर पटेल, ऋषभ पंत, मिशेल स्टार्क, लुंगी एनगिडी, डेविड मिलर और ट्रिस्टन स्टब्स जैसे खिलाड़ियों के साथ एक अच्छी टीम है। यह काफी मजबूत टीम है और मुझे उम्मीद है कि हम अपनी पूरी क्षमता के अनुसार खेलेंगे। उम्मीद है कि हर खिलाड़ी समझेगा कि वह कितना अच्छा है और मैदान पर खुलकर अपना खेल दिखाएगा।” गांगुली ने कहा, “मेरा मोटिवेशन दिल्ली को टॉप पर ले जाना है। 2019 और 2020 में दिल्ली की टीम बहुत अच्छी थी। मैं उस टीम को बनाने का हिस्सा था, लेकिन इसके बाद मैंने टीम छोड़ दी और BCCI प्रेसिडेंट बन गया।”

उन्होंने आगे कहा, “इसलिए उस नजरिए से उस टीम को एक अलग स्तर पर ले जाने की प्रेरणा हमेशा बनी रहेगी। मुझे लगता है कि मैं खिलाड़ियों से भी यही उम्मीद करूंगा, क्योंकि ड्रेसिंग रूम में काफी टैलेंट मौजूद है।”

IPL 2027 में बेहतर प्रदर्शन करेगी दिल्ली

भारत के पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली ने माना कि दिल्ली कैपिटल्स को पिछले कुछ सालों में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान वह टीम के प्रदर्शन को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे। गांगुली ने कहा, “मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि दिल्ली के लड़कों को अपनी टीम पर गर्व करने का मौका मिले। उन्होंने इस टीम को तैयार करने में काफी समय और एनर्जी लगाई है और मैं चाहता हूं कि आने वाले वर्षों में टीम उन्हें खुशी का मौका दे।”

जापान की सड़कों पर दिखे वैभव सूर्यवंशी, डोरेमोन और नोबिता के रेफरेंस वाला पोस्ट हुआ वायरल

कभी-कभी किसी खिलाड़ी की उम्र सुनकर यकीन करना मुश्किल हो जाता है कि वह सच में इतना छोटा है। वैभव सूर्यवंशी के साथ भी कुछ ऐसा ही है। जिस उम्र में ज्यादातर बच्चे स्कूल, दोस्तों और खेल के मैदान में व्यस्त होते हैं, उस उम्र में वैभव भारत के लिए डेब्यू कर चुके हैं।, दो साल में कई IPL शतक लगा चुके हैं। इसके अलावा, कई दिग्गजों के वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं, और शायद इसी वजह से गिनीज बुक वाले भी चक्कर खाने लगे हैं। लेकिन सच्चाई यही है कि वह अभी भी 15 साल का बच्चा है और 2011 वर्ल्ड कप फाइनल से बस 6 दिन बड़ा है।

वहीं, कभी-कभी वैभव खुद भी कुछ ऐसा कर देते हैं, जिससे हमें उसकी उम्र याद आ जाती है। बुधवार को सूर्यवंशी ने जापान के टोक्यो में 2026 एशियन गेम्स के दौरान बिताए समय की कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं। बता दें कि यह एक भारतीय इंटरनेशनल क्रिकेटर के तौर पर उसका पहला मल्टी-नेशनल टूर्नामेंट है।

सूर्यवंशी ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ‘नोबिता के शहर से रिपोर्टिंग’। यह जापानी एनिमेटेड टीवी सीरीज ‘Doraemon’ के संदर्भ में था, जो टोक्यो पर आधारित है और भारत में बहुत लोकप्रिय है।

सूर्यवंशी ने पोस्ट में Doraemon Cat की तस्वीर भी शामिल की। ​​इस शो में Doraemon नाम की एक रोबोटिक बिल्ली है, जो 22वीं सदी से समय में पीछे की ओर यात्रा करके आती है। उसका मुख्य काम नोबिता नोबी नाम के एक युवा, नेक-नीयत लेकिन अनाड़ी स्कूली लड़के की मदद करना है।

बता दें कि वैभव ने इस साल अप्रैल में IPL के दौरान अपने मैच रूटीन के बारे में पूछे जाने पर कहा था कि, “दिमाग में कुछ नहीं चलता है। आज भी हर दिन मैच से पहले हम भी कार्टून देखते हैं, आदत है देखने का। अभी भी हम कार्टून देख रहे हैं, पर फोकस गेम पर भी है।”

अब यह देखना बाकी है कि क्या सूर्यवंशी को एशियन गेम्स में खेलने का मौका मिलता है या नहीं। भारत की पुरुष क्रिकेट टीम अपने अभियान की शुरुआत 28 सितंबर से करेगी। बता दें कि यह युवा बल्लेबाज अफगानिस्तान खिलाफ बिल्कुल नहीं खेला और जापान के खिलाफ़ हाल ही में हुए एकमात्र T20I मैच में भी बेंच पर ही बैठा रहा। वहीं, टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने उन्हें सही समय का इंतजार करने की सलाह दी है।

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चेन्नई सुपर किंग्स के मुख्य कोच बने पूर्व भारतीय पेसर जहीर खान

चेन्नई सुपर किंग्स ने भारत के पूर्व बांए हाथ के तेज गेंदबाज जहीर खान को आईपीएल 2027 के लिए अपना हेड कोच घोषित कर दिया है। जहीर स्टीफन फ्लेमिंग की जगह लेंगें। फ्लेमिंग ने इंग्लैंड क्रिकेट के साथ जुड़ने से पहले इस टीम के साथ अपना 18 साल का सफर समाप्त किया था। 2017 में आईपीएल से संन्यास लेने के बाद जहीर खान ने अलग अलग भूमिकाओं में काम किया है।

CSK ने ‘एक्स’ पर लिखा, “चेन्नई सुपर किंग्स के मुख्य कोच के रूप में जहीर खान का स्वागत है।”

जहीर ने फ्रेंचाइजी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “आईपीएल के इतिहास की सबसे सफल टीमों में से एक का हिस्सा बनना मेरे लिए सम्मान की बात है। एक क्रिकेटर के तौर पर मैंने मैदान पर सीएसके का सामना किया है और इन मुकाबलों का भरपूर आनंद लिया है। चेपॉक में टीम के ‘सुपरफैंस’ जिस तरह का माहौल बनाते हैं, वह इन मुकाबलों को और भी खास बना देता है।’’उन्होंने कहा, “इतिहास और समृद्ध विरासत वाली इस प्रतिष्ठित फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनने का मुझे बेसब्री से इंतजार है।”

जहीर ने भारत के लिए 92 टेस्ट, 200 वनडे और 17 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। 2011 विश्व कप में भारत की ऐतिहासिक खिताबी जीत के दौरान उन्होंने 21 विकेट लिए थे और वह टूर्नामेंट में टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे थे।

जहीर 2024 सत्र में लखनऊ सुपर जायंट्स के मेंटर की भूमिका भी निभा चुके हैं। वहीं, फ्लेमिंग ने पिछले साल जुलाई में पांच बार की चैंपियन सीएसके से अलग होने की घोषणा की थी।

माना जा रहा है कि सीएसके की क्रिकेट प्रबंधन समिति में शामिल एमएस धोनी, कप्तान रुतुराज गायकवाड़ और टीम की मालिक रूपा गुरुनाथ इस बार किसी भारतीय कोच को जिम्मेदारी सौंपना चाहते थे।

आईपीएल में जहीर ने 100 मैच खेले हैं और संन्यास के बाद वह कोचिंग की भूमिका में आ गए।सीएसके टीम प्रबंधन के करीबी सूत्रों की मानें तो धोनी किसी ऐसे व्यक्ति को टीम के साथ जोड़ने के पक्ष में थे, जिससे वह पहले से परिचित हों।

सोशल मीडिया पर चर्चा में आए कुछ अन्य नामों के विपरीत, इंग्लैंड के पूर्व कप्तान इयोन मोर्गन के इस पद को संभालने की संभावना लगभग नहीं थी।वहीं, तमिलनाडु के हेमंग बदानी के मामले में दिल्ली कैपिटल्स के साथ उनका दो साल का कार्यकाल उनके खिलाफ गया।