IND vs SL: जडेजा ने उतारी कुलदीप के बॉलिंग एक्शन की नकल, हंसी नहीं रोक पाए गंभीर, वीडियो वायरल

भारत और श्रीलंका के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 15 अगस्त से होगा। वहीं इस सीरीज से पहले भारतीय टीम कोलंबो में श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच खेल रही है। वहीं इस टेस्ट मैच का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिन का खेल खत्म होने के बाद जडेजा ने कुलदीप यादव के गेंदबाजी एक्शन की मजेदार नकल करते हुए नजर आए। जडेजा की इस हरकत पर हेड कोच गौतम गंभीर भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

जडेजा की टीम में हुई वापसी

प्रैक्टिस मैच के दूसरे दिन रवींद्र जडेजा ने शानदार बल्लेबाजी की और कप्तान शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में नंबर-4 पर उतरकर नाबाद अर्धशतक लगाया। वहीं जून में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट में रवींद्र जडेजा को टीम में जगह नहीं मिली थी। वहीं अब श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए उन्हें शामिल किया गया है। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में जडेजा टीम के लिए गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

कुलदीप ने किया शानदार प्रदर्शन

कुलदीप यादव ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल हैं। प्रैक्टिस मैच में उन्होंने नंबर-8 पर बल्लेबाजी करते हुए 15 गेंदों में एक रन बनाया और नाबाद रहे। कुलदीप यादव ने अभ्यास मैच के पहले दिन गेंद से अच्छा प्रदर्शन किया और 18 ओवर में 76 रन देकर दो विकेट हासिल किए। लेकिन श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उनकी जगह अभी तय नहीं मानी जा रही है। प्लेइंग-11 में शामिल होने के लिए कुलदीप को राजस्थान के स्पिनर मानव सुथार से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों में भी कुलदीप को खेलने का मौका नहीं मिला था।

मानव सुथार का शानदार प्रदर्शन

मानव सुथार ने भी प्रैक्टिस मैच में अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। जून में अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करने वाले सुथार ने उस मैच की पहली पारी में छह विकेट लिए थे। श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ अभ्यास मैच के पहले दिन उन्होंने दो विकेट हासिल किए, जबकि दूसरे दिन गेंदबाजी में 13 ओवर में 33 रन देकर 2 विकेट लिए। इसके अलावा उन्होंने बल्ले से भी योगदान दिया और 90 गेंदों पर 41 रन बनाए।

IPL 2027 में नहीं भाग लेंगे प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी, कोच ने दिए संकेत

ऑस्ट्रेलिया के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने संकेत दिया है कि अगले साल IPL 2027 में टीम के टेस्ट खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर कुछ कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं, क्योंकि शेड्यूल बहुत व्यस्त है और एशेज़ से पहले तेज़ गेंदबाजों का मैनेजमेंट खास तौर पर अहम है।

ऑस्ट्रेलिया गुरुवार को डार्विन और मैके में बांग्लादेश के खिलाफ़ मैच के साथ 12 महीनों में 20 टेस्ट और 14 व्हाइट-बॉल गेम का सिलसिला शुरू करेगा। इस दौरान ज़िम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका में छह वनडे, दक्षिण अफ्रीका में तीन टेस्ट, घर पर इंग्लैंड के खिलाफ़ आठ व्हाइट-बॉल गेम, न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ चार घरेलू टेस्ट, भारत का पांच-टेस्ट का दौरा, मार्च में इंग्लैंड के खिलाफ़ 150वीं वर्षगांठ का एक घरेलू टेस्ट और फिर जून और जुलाई में इंग्लैंड का पांच-टेस्ट का दौरा शामिल है।

इस लिस्ट में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल भी जुड़ सकता है। इसके बाद अगस्त के आखिर में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ घरेलू व्हाइट-बॉल सीरीज़ होने की संभावना है, जिसके बाद अक्टूबर और नवंबर में वनडे वर्ल्ड कप होगा।

ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा पहली पसंद के टेस्ट और वनडे खिलाड़ियों में से पांच – पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क, जोश हेज़लवुड, कैमरन ग्रीन और ट्रैविस हेड – आईपीएल लिस्ट में हैं, लेकिन रिटेंशन की समय-सीमा और इस साल के आखिर में होने वाली नीलामी के बाद यह बदल सकता है। वनडे विकेटकीपर और टेस्ट बैक-अप जोश इंग्लिस भी लखनऊ की मौजूदा टीम का हिस्सा हैं।

मैकडोनाल्ड ने एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट से कहा, “मुझे पता है कि लोग आईपीएल और उस समय का इस्तेमाल कैसे किया जाए, इस बारे में बात करेंगे। मैंने पहले भी कहा है कि आईपीएल हमारे कई खिलाड़ियों के लिए हमारे मैनेजमेंट प्लान का हिस्सा है। टी20 क्रिकेट के लिहाज़ से सबसे अच्छे कॉम्पिटिशन में अपने सबसे अच्छे खिलाड़ियों को खेलने का मौका देने से उनके परफॉर्मेंस में भी फ़ायदा होता है। बस आपको इसमें बैलेंस बनाना होता है।”

उपलब्धता को लेकर पहले ही तनाव

भारत और ऑस्ट्रेलिया में आईपीएल के लिए उन खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर पहले ही तनाव रहा है। पिछले सीज़न में दिल्ली कैपिटल्स, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और सनराइजर्स हैदराबाद तब निराश हुए थे जब स्टार्क, हेज़लवुड और कमिंस टूर्नामेंट में देर से पहुंचे थे, क्योंकि वे सीए की देखरेख में चोट की समस्याओं से निपट रहे थे।

ऑस्ट्रेलिया में तब हैरानी हुई थी जब नेशनल सेलेक्टर्स ने इन तीनों और हेड को पाकिस्तान और बांग्लादेश के दो व्हाइट-बॉल टूर से बाहर रखने का फ़ैसला किया, जबकि उन्हें आईपीएल खेलने की इजाज़त दी गई थी, ताकि वे आराम कर सकें और आगे के मुश्किल शेड्यूल के लिए तैयारी कर सकें।

IPL 2027 के दौरान आराम करने की योजना

ऑस्ट्रेलिया के उम्रदराज़ तेज़ गेंदबाज़ों के लिए बिना खेले, स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग के लिए शेड्यूल में आठ हफ़्ते का ब्रेक मिलना उनकी फ़िटनेस और 30 के दशक के बीच तक लंबे समय तक सफलता के लिए बहुत ज़रूरी रहा है। 2027 में आईपीएल का समय – जो जून में डब्ल्यूटीसी फ़ाइनल से पहले मार्च के बीच से मई के अंत तक चलने की संभावना है – एकमात्र ऐसा ब्लॉक है जब ऑस्ट्रेलिया के पास अभी से 2027 के अंत तक कोई इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं होगा। आईपीएल ने उन विदेशी खिलाड़ियों के लिए दो साल का बैन लगाया है जो ऑक्शन के दौरान साइन करते हैं और फिर बिना किसी चोट के बाद में हट जाते हैं।

मैकडोनाल्ड ने कहा, “मुझे पता है कि लोग देश बनाम फ्रेंचाइज़ी और ऐसी बातें करते हैं, लेकिन इस समय का अहम हिस्सा यह है कि हम अपने तेज़ गेंदबाज़ों को अपने शरीर को रीसेट करने और सब कुछ ठीक करने का मौका दे रहे हैं, ताकि वे उन 20 या 21 मैचों में अपना बेस्ट दे सकें जिनकी हर कोई बात करता है।”

गौतम गंभीर के कोचिंग स्टाइल से खुश नहीं BCCI! सीनियर प्लेयर्स ने की शिकायत, अहम होगी श्रीलंका सीरीज

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई से अब गौतम गंभीर को पहले जैसा मजबूत समर्थन नहीं मिल रहा है। पिछले एक साल के मुकाबले उनकी स्थिति बदल गई है और टीम के प्रदर्शन को लेकर उन पर दबाव बढ़ गया है। टीम के हालिया प्रदर्शन के बाद बोर्ड के कुछ अधिकारियों और टीम से जुड़े कुछ लोगों के बीच उनके काम करने के तरीके को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि, बोर्ड और टीम से जुड़े कुछ अहम लोगों का भरोसा भी पहले जैसा नहीं रहा।

गंभीर से खुश नहीं बीसीसीआई

cricblogger.com की रिपोर्ट्स के अनुसार, गंभीर कभी भी हार की जिम्मेदारी खुद लेते हैं, वह हार का ठीकरा किसी और के सिर फोड़ते हैं। बीसीसीआई के कुछ अधिकारियों का मानना है कि टीम की हार के बाद गौतम गंभीर अक्सर खिलाड़ियों, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) या सपोर्ट स्टाफ को जिम्मेदार ठहराते हैं। वहीं टीम प्रबंधन के फैसलों की जिम्मेदारी कम ही लेते हैं। रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया कि इस सोच का असर अब भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में भी देखने को मिल रहा है। वहीं टीम के कुछ सीनियर खिलाड़ियों ने निजी तौर पर पूर्व क्रिकेटरों और बीसीसीआई के कुछ अधिकारियों के सामने गौतम गंभीर के कोचिंग के तरीके पर अपनी नाराजगी जाहिर की है।

श्रीलंका दौरा होगा अहम

रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई के भीतर गौतम को लेकर माहौल पहले जैसा नहीं रहा है। ऐसे में श्रीलंका दौरा गौतम गंभीर के लिए काफी अहम माना जा रहा है। अगर इस सीरीज में भी टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, तो उनके कामकाज पर सवाल और बढ़ सकते हैं। हाल के टेस्ट मुकाबलों और इंग्लैंड दौरे में खराब प्रदर्शन के बावजूद गंभीर को उनके 2027 तक के कॉन्ट्रैक्ट का सहारा है। माना जा रहा है कि विश्व कप से पहले बीसीसीआई जल्दबाजी में मुख्य कोच को हटाने जैसा बड़ा फैसला नहीं करेगा।

कब उठे थे सवाल

रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार के बाद गौतम गंभीर पर ज्यादा सवाल नहीं उठे थे, क्योंकि उस समय हार की जिम्मेदारी मुख्य रूप से खिलाड़ियों पर डाली गई थी। बाद में उनकी आलोचना तब बढ़ी जब उन्होंने टीम के खराब प्रदर्शन की वजह बदलाव के दौर (ट्रांजिशन) को बताया। आलोचकों ने इस पर सवाल उठाए, क्योंकि अपने कार्यकाल की शुरुआत में गंभीर खुद कह चुके थे कि टीम में किसी तरह का ट्रांजिशन नहीं चल रहा है।