10 लाख रुपये की FD पर कहां होगी सबसे ज्यादा कमाई? जानें कौन-कौन से बैंक दे रहे 8% से ज्यादा ब्याज

Best return on FDs: अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखते हुए उस पर बेहतर रिटर्न पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से भारतीय निवेशकों की पहली पसंद रहा है। अगस्त 2026 के आंकड़ों के मुताबिक अगर आप 10 लाख रुपये की बड़ी रकम एफडी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो स्मॉल फाइनेंस बैंक आपको सबसे ज्यादा ब्याज दे रहे हैं। एफडी इंट्रेस्ट रेट में एक छोटा सा अंतर भी लंबे समय में आपकी कुल कमाई को काफी बढ़ा सकता है। खासकर ज्यादा अमाउंट इन्वेस्ट करने वाले सीनियर सिटिजंस के लिए ये काफी फायदेमंद साबित होता है। बिना कोई एक्स्ट्रा जोखिम लिए अपनी इंट्रेस्ट इनकम को मैक्सिमाइज करने के लिए जरूरी है कि आपको अलग अलग बैंकों की ओर से ऑफर किए जा रहे इंट्रेस्ट रेट की पूरी जानकारी हो।

स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहे 8.10% तक का सबसे ज्यादा ब्याज

10 लाख रुपये के निवेश पर सबसे अधिक रिटर्न देने के मामले में स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे आगे हैं। अगस्त 2026 तक स्मॉल फाइनेंस बैंकों में 8.10 फीसदी तक के इंट्रेस्ट रेट ऑफर किए जा रहे हैं। इसकी पूरी लिस्ट यहां नीचे देखी जा सकती है-

सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank): 8,10 फीसदी तक की ब्याज दर।

उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank): 8.10 फीसदी तक की ब्याज दर।

शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक (Shivalik Small Finance Bank): 8 फीसदी तक की ब्याज दर।

जन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank): 8 फीसदी तक की ब्याज दर।

इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक (Equitas Small Finance Bank): 8 फीसदी तक की ब्याज दर।

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank): 7.80 फीसदी तक की ब्याज दर।

स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक (Slice Small Finance Bank): 7.75 फीसदी तक की ब्याज दर।

प्राइवेट बैंक ऑफर कर रहे 7.50% तक इंट्रेस्ट

निजी क्षेत्र के बैंक भी अलग अलग टेन्योर के लिए आकर्षक एफडी इंट्रेस्ट रेट ऑफर कर रहे हैं।

डीसीबी बैंक (DCB Bank): 7.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

बंधन बैंक (Bandhan Bank): 7.45 फीसदी तक की ब्याज दर।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC FIRST Bank): 7.25 फीसदी तक की ब्याज दर।

कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank): 6.80 फीसदी तक की ब्याज दर।

एक्सिस बैंक (Axis Bank): 6.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank): 6.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank): 6.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

सरकारी बैंक ऑफर कर रहे स्टेबल और सेफ रिटर्न

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पंजाब एंड सिंध बैंक और बैंक ऑफ इंडिया अपने ग्राहकों को एफडी पर सबसे अधिक ब्याज दे रहे हैं:

पंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab & Sind Bank): 6.85 फीसदी तक की ब्याज दर।

बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India): 6.85 फीसदी तक की ब्याज दर।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India): 6.75 फीसदी तक की ब्याज दर।

बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda): 6.75 फीसदी तक की ब्याज दर।

इंडियन बैंक (Indian Bank): 6.65 फीसदी तक की ब्याज दर।

पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank): 6.60 फीसदी तक की ब्याज दर।

भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India): 6.45 फीसदी तक की ब्याज दर।

विदेशी बैंक कितना इंट्रेस्ट दे रहे?

भारत में काम कर रहे विदेशी बैंकों में डॉयचे बैंक सबसे बेहतर इंट्रेस्ट रेट ऑफर कर रहा है-

डॉयचे बैंक (Deutsche Bank): 7 फीसदी तक की ब्याज दर।

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Bank): 6.60 फीसदी तक की ब्याज दर।

एचएसबीसी बैंक (HSBC Bank): 5.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

एक्सपर्ट्स की सलाह: कैसे करें 10 लाख रुपये का सुरक्षित निवेश?

मार्केट एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि अगर आप 10 लाख रुपये का निवेश कर रहे हैं तो पूरी रकम एक ही बैंक में रखने के बजाय इसे कई बैंकों में बांटकर जमा करें। ऐसा करने से आप हर बैंक में मिलने वाले 5 लाख रुपये के जमा बीमा कवर के दायरे में सुरक्षित रहते हैं। हाई रिटर्न पाने के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों का चयन समझदारी से करें और एफडी की समयावधि का चुनाव अपनी लिक्विडिटी यानी पैसे की जरूरत के हिसाब से करें। जमा बीमा सुरक्षा और स्थिर रिटर्न के चलते रिटायर लोगों के लिए एफडी आज भी एक बेहद भरोसेमंद निवेश माध्यम बनी हुई है।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HDFC Bank Share Price : स्टॉक ने हिट किया 52 हफ्तों का नया लो, जानिए कब तक कायम रहेगा यह दबाव

HDFC Bank Share Price : एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आज भी गिरावट देखने को मिल रही है। आज के कारोबारी सत्र में इसने 52 वीक का नया लो बनाया है। फिलहाल 12.45 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 6.15 रुपए यानी 0.84 फीसदी की कमजोरी के साथ 722 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का लो 722 रुपए है। आज यह शेयर 729 रुपए पर खुला था। वहीं, कल की इसकी क्लोजिंग भी 729 रुपए ही थी। टेक्निकल नजरिए से देंखें तो इस स्टॉक में नेगेटिव प्राइस ब्रेकआउट देखने को मिला है। यह अभी अपने दूसरे सपोर्ट लेवल (S2) से नीचे ट्रेड कर रहा है। इसका दूसरा सपोर्ट लेवल ₹733.10 पर है।

एक्सचेंज पर उपलब्ध आंकड़ो से पता चलता है कि HDFC बैंक के शेयर अपने पिछले निचले स्तर ₹726.75 से भी नीचे गिर गए हैं, जो इसने 2 अप्रैल, 2026 को छुआ था। यह स्टॉक मई 2024 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसने 23 अक्टूबर, 2025 को ₹1,020.35 का 52-हफ़्ते का हाई छुआ था।

कैलेंडर वर्ष 2026 में अब तक, BSE सेंसेक्स में 8.2 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, इसी अवधि में HDFC बैंक में 27 फीसदी की गिरावट आई है। ऐसे में इसका प्रदर्शन बाजार के मुकाबले कमजोर रहा है।

FPIs ने लगातार पांचवीं तिमाही में HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी घटाई

एचडीएफसी बैंक के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के आंकड़ों से पता चलता है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने लगातार पांचवीं तिमाही में HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी कम की है। ताजे आंकड़ों से पता चलता है कि जून 2026 तिमाही के आखिर में HDFC बैंक में FPI की हिस्सेदारी घटकर 41.83 फीसदी हो गई, जो मार्च 2026 तिमाही के आखिर में 44.05 फीसदी थी। दिसंबर 2025 तिमाही में इस प्राइवेट सेक्टर के बैंक में FPI की हिस्सेदारी 47.67 फीसदी थी और सितंबर 2025 तिमाही के आखिर में यह 48.39 फीसदी थी।

घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बढ़ाई हिस्सेदारी

हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने जून तिमाही में HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 41.9 फीसदी कर दी। ताजे आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर 2025 तिमाही के अंत में उनकी हिस्सेदारी 36.3 फीसदी थी। इंडिविजुअल पब्लिक शेयरहोल्डरों ने भी HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इनकी हिस्सेदारी पिछली तिमाही के 15.6 फीसदी और दिसंबर 2025 तिमाही के अंत के 15.1 फीसदी से बढ़कर 16.3 फीसदी हो गई है।

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स्टॉक में क्यों आ रही गिरावट?

बैंक के मार्जिन पर शॉर्ट-टर्म दबाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली की वजह से इस शेयर पर दबाव बना है। इस साल अब तक यह स्टॉक में 27 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है। बाजार जानकारों का कहना है कि बैंक के NIM (नेट इंटरेस्ट मार्जिन) में रिकवरी और फंड की लागत कम होने पर ही इसमें फिर से तेजी आ सकती है। DII की हिस्सेदारी में लगातार बढ़ोतरी से FPI की बिकवाली को कुछ हद तक संतुलित करने में सहायता मिली है। लेकिन स्टॉक में हो रही गिरावट को रोकने के लिए सिर्फ इतना ही काफी नहीं है। अगर बैंक के मार्जिन पर दबाव बना रहता है और फंड की लागत कम नहीं होती तो आगे भी स्टॉक पर दबाव बना रहेगा।

शेयर की चाल पर एक नजर

इस स्टॉक में लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म दोनों ही नजरिए से बाजार को निराश किया है। पिछले 1 हफ्ते में इसमें 1.57 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं, 1 महीने में यह शेयर 12.30 फीसदी टूटा है। 3 महीने में इसमें 3.6 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली है। वहीं, इस साल अब तक इसमें 27 फीसदी की गिरावट आई है। 1 साल में यह शेयर 26.53 फीसदी टूटा है। वहीं, 3 साल में इसमें 10.62 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली है।

सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में से 4 का मार्केट कैप ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा, SBI को सबसे ज्यादा फायदा

सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह कुल मिलाकर 1.43 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को सबसे अधिक फायदा हुआ। बीते सप्ताह सेंसेक्स 404.53 अंक या 0.51 प्रतिशत बढ़ा, जबकि निफ्टी 187.05 अंक या 0.76 प्रतिशत के लाभ में रहा। सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और लार्सन एंड टुब्रो के मार्केट कैप में बढ़ोतरी हुई।

वहीं भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में कुल मिलाकर 1.23 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई। सप्ताह के दौरान भारतीय स्टेट बैंक का मार्केट कैप 63,922.03 करोड़ रुपये बढ़कर 10,11,721.84 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

इसी तरह रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 32,816.4 करोड़ रुपये बढ़कर 18,01,925.19 करोड़ रुपये, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का 31,875.35 करोड़ रुपये बढ़कर 8,87,770.13 करोड़ रुपये और लार्सन एंड टुब्रो का मार्केट कैप 14,637.76 करोड़ रुपये बढ़कर 5,56,482.45 करोड़ रुपये हो गया।

बाकी 6 कंपनियों को कितना नुकसान

इस रुख के उलट LIC के मार्केट कैप में 40,543.23 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह घटकर 4,96,891.82 करोड़ रुपये पर आ गया। इसी तरह बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 37,168.96 करोड़ रुपये घटकर 6,73,648.55 करोड़ रुपये, HDFC Bank का 24,183.16 करोड़ रुपये घटकर 11,27,967.47 करोड़ रुपये, ICICI Bank का 9,507.67 करोड़ रुपये घटकर 10,20,370.63 करोड़ रुपये, भारती एयरटेल का 7,581.65 करोड़ रुपये घटकर 12,22,423.98 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 4,793.16 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 4,88,808.97 करोड़ रुपये पर आ गया।

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टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर

बाजार पूंजीकरण के लिहाज से सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों की लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर कायम रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

नए सप्ताह में मेनबोर्ड सेगमेंट में 12 अगस्त को NSE और BSE पर Ardee Industries के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं। 14 अगस्त को NSE और BSE पर LEAP India और Technocraft Ventures लिस्ट होने वाली हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HDFC Bank AGM: आने वाली तिमाहियों में HDFC बैंक के CASA और NIM सुधरेंगे : चेयरमैन राजीव कुमार

HDFC Bank AGM: देश के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन राजीव कुमार ने कहा कि बैंक की कॉरपोरेट गवर्नेंस मजबूत है। इसे आगे और सशक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाली कुछ तिमाहियों में CASA (करंट अकाउंट-सेविंग अकाउंट) रेशियो और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में सुधार होगा।

मर्जर से बैलेंस शीट का स्ट्रक्चर बदला

राजीव कुमार ने कहा कि HDFC लिमिटेड के मर्जर के बाद बैंक की बैलेंस शीट के स्ट्रक्चर में बदलाव आया है। इसका सबसे ज्यादा असर CASA रेशियो और NIM पर पड़ा।

उन्होंने कहा, ‘हम डिपॉजिट मार्केट में अपनी हिस्सेदारी लगातार बढ़ा रहे हैं। साथ ही कंजम्प्शन आधारित कारोबार पर फोकस बढ़ा रहे हैं। हमें भरोसा है कि अगले 2-3 वर्षों में CASA और NIM दोनों में सुधार होगा।’

पहली बार AGM में किया संबोधन

राजीव कुमार ने 5 अगस्त को बैंक की 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) को संबोधित किया। यह उनका चेयरमैन के तौर पर पहला संबोधन था।

उन्होंने कहा कि बैंक की कार्यसंस्कृति मजबूत है। आंतरिक नियंत्रण प्रणाली भी मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा, ‘हम अपने शेयरधारकों, ग्राहकों और सभी हितधारकों के भरोसे की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। बैंक के कामकाज का तरीका और आंतरिक नियंत्रण प्रणाली मजबूत है। इसे आगे और सशक्त बनाया जाएगा।’

पूर्व चेयरमैन के इस्तीफे के बाद आया बयान

राजीव कुमार का यह बयान अहम माना जा रहा है। मार्च में तत्कालीन पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने नैतिक मूल्यों में मतभेद की बात कही थी। इसके बाद स्वतंत्र कानूनी जांच कराई गई। जून में आई रिपोर्ट में किसी तरह की गवर्नेंस या नैतिक चूक के सबूत नहीं मिले।

CEO के तीसरे कार्यकाल पर चुप्पी

राजीव कुमार ने कहा कि बोर्ड में नई नियुक्तियां सिर्फ मेरिट के आधार पर होंगी। उन्होंने कहा कि योग्यता, ईमानदारी और पेशेवर उत्कृष्टता को ही प्राथमिकता दी जाएगी।

हाल के महीनों में MD और CEO शशिधर जगदीशन के तीसरे कार्यकाल को लेकर चर्चा रही है। हालांकि, राजीव कुमार ने अपने संबोधन में इस मुद्दे का जिक्र नहीं किया।

 

डिपॉजिट ग्रोथ रही मजबूत

राजीव कुमार ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में HDFC बैंक के डिपॉजिट में 14.4% की बढ़ोतरी हुई। यह पूरे बैंकिंग सिस्टम की 11.5% वृद्धि से बेहतर रही। वहीं, इसी अवधि में बैंक के एडवांस (लोन) 12.1% बढ़े।

राजीव कुमार ने कहा कि HDFC बैंक से पहली बार होम लोन लेने वाले 95% से ज्यादा ग्राहक बैंक में सेविंग अकाउंट भी खोल रहे हैं। इससे मर्जर के बाद क्रॉस-सेलिंग के अवसर बढ़े हैं।

HDFC बैंक के शेयरों का हाल

HDFC बैंक के शेयर बुधवार को 0.99% की गिरावट के साथ 734.65 रुपये पर बंद हुए। पिछले 1 महीने में स्टॉक 11.47% गिरा है। वही, 1 साल के दौरान 25.70% टूटा है। पिछले 5 साल का रिटर्न भी 1.56% नेगेटिव हो गया है। बैंक का मार्केट कैप 5.65 लाख करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HDFC Bank AGM: नए चेयरमैन, डिविडेंड से लेकर फंड जुटाने तक, 5 अगस्त की AGM में कई बड़े फैसले होंगे

HDFC Bank AGM: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC Bank की 32वीं सालाना आम बैठक (AGM) बुधवार,5 अगस्त को होगी। इस बार की AGM कई वजहों से खास मानी जा रही है। हाल ही में नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने नैतिक कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दिया था। वहीं, बैंक को जल्द नया CEO भी चुनना है।

मौजूदा MD और CEO शशिधर जगदीशन का कार्यकाल तीन महीने से भी कम बचा है। RBI के नियम कहते हैं कि नए CEO के नाम की सिफारिश छह महीने पहले भेजनी चाहिए। लेकिन बैंक ने अभी तक इस प्रक्रिया की शुरुआत नहीं की है।

डिविडेंड, फंड जुटाने का प्लान

AGM में सबसे पहले वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय नतीजों और डिविडेंड पर मंजूरी ली जाएगी।

इसके अलावा बैंक फंड जुटाने की भी तैयारी में है। इसके लिए वह AT-1 बॉन्ड, Tier-II बॉन्ड और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए लॉन्ग-टर्म बॉन्ड जारी करने की मंजूरी मांगेगा। ये सभी बॉन्ड प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी किए जाएंगे।

नए चेयरमैन पर भी लगेगी मुहर

बैंक ने राजीव कुमार को नया नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनाने का प्रस्ताव रखा है। AGM में शेयरधारक इस पर वोट करेंगे।

अगर मंजूरी मिलती है, तो उन्हें RBI की अनुमति के अनुसार ₹50 लाख सालाना तय पारिश्रमिक मिलेगा। इसके अलावा बोर्ड और कमेटी की बैठकों में शामिल होने पर सिटिंग फीस भी मिलेगी। बैंक की कार का इस्तेमाल भी आधिकारिक और निजी दोनों कामों के लिए कर सकेंगे।

पहले चेयरमैन को कितना मिला था?

राजीव कुमार से पहले अतनु चक्रवर्ती इस पद पर थे। वित्त वर्ष 2025-26 में उन्हें ₹59 लाख सिटिंग फीस और ₹48.25 लाख तय पारिश्रमिक मिला था। यानी कुल मिलाकर उन्हें ₹1.07 करोड़ का भुगतान हुआ।

उन्होंने 18 मार्च 2026 को इस्तीफा दिया था। इसलिए उन्हें पूरे साल की बजाय जितने समय तक पद पर रहे, उसी हिसाब से भुगतान किया गया।

एक और प्रस्ताव भी आएगा

AGM में वी. श्रीनिवास रंगन को फिर से निदेशक बनाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। वह रोटेशन के तहत रिटायर हो रहे हैं और बैंक उन्हें दोबारा बोर्ड में शामिल करना चाहता है।

HDFC बैंक के शेयर मंगलवार को 1.86% की गिरावट के साथ 739 रुपये पर बंद हुए। पिछले 1 साल में स्टॉक 25.80% टूट चुका है।

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सियासत ही नहीं, इन्वेस्टमेंट की पिच पर भी ‘ऑलराउंडर’ निकले प्रशांत किशोर! जानिए कहां-कहां लगाया है करोड़ों का दांव

Prashant Kishor Investment Portfolio: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बंपर जीत हासिल की है। बीजेपी के गढ़ में सेंध लगाते हुए उन्होंने नीरज कुमार को 19,324 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी। इस सियासी जीत के साथ ही प्रशांत किशोर की संपत्ति और उनके इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो की चर्चा तेज हो गई है।

चुनावी हलफनामे के अनुसार, प्रशांत किशोर की व्यक्तिगत संपत्ति ₹96.06 करोड़ है, जबकि उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास के पास ₹101.93 करोड़ की संपत्ति है। यानी परिवार की कुल कुल संपत्ति करीब ₹198 करोड़ रुपये से अधिक है।

अनलिस्टेड इक्विटी में बड़ा दांव: वेधास वेंचर्स में 100% हिस्सेदारी

प्रशांत किशोर के पर्सनल वेल्थ मॉडल का सबसे बड़ा हिस्सा कॉर्पोरेट शेयरहोल्डिंग से आता है। प्रशांत किशोर की कुल संपत्ति में सबसे बड़ा योगदान उनकी अनलिस्टेड कंपनी ‘वेधास वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ (Vedhas Ventures Pvt Ltd) का है। इस कंपनी में उनकी 100% कंट्रोलिंग हिस्सेदारी है, जिसकी बुक वैल्यू लगभग ₹95.26 करोड़ आंकी गई है। यह उनके कुल मूवेबल पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा एसेट क्लास है।

₹7.36 करोड़ की कराई हुई है FD

शेयर बाजार की अनिश्चितताओं और उतार-चढ़ाव से बचने के लिए प्रशांत किशोर ने सेफ और फिक्स्ड-रिटर्न इंस्ट्रूमेंट्स में भारी निवेश कर रखा है:

HDFC बैंक में एफडी: प्रशांत किशोर के नाम पर एचडीएफसी बैंक में 5 मुख्य फिक्स्ड डिपॉजिट हैं, जिनकी कुल वैल्यू ₹7.36 करोड़ के करीब है।

पारिवारिक होल्डिंग: उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास के पास 4 एफडी हैं और उनके बेटे दैविक्ष भारद्वाज के नाम पर भी एचडीएफसी बैंक में 2 फिक्स्ड डिपॉजिट मौजूद हैं।

बाजार के जोखिम और भू-राजनीतिक तनावों के बीच एफडी जैसे सुरक्षित विकल्पों में फंड रखना पोर्टफोलियो को स्थिरता प्रदान करता है।

डायरेक्ट इक्विटी, म्यूचुअल फंड्स और बॉन्ड्स

अनलिस्टेड शेयर्स और एफडी के अलावा प्रशांत किशोर और उनके परिवार ने डाइवर्सिफाइड एसेट एलोकेशन अपनाया है। स्टॉक मार्केट व म्यूचुअल फंड: प्रशांत किशोर का मार्केट इन्वेस्टमेंट्स और बैंक एफडी मिलाकर कुल निवेश ₹8 करोड़ से अधिक का है। उनके हलफनामे में लिस्टेड कंपनियों के शेयर, डेट बॉन्ड्स और म्यूचुअल फंड स्कीम्स में भी बैलेंस्ड एक्सपोजर दर्ज किया गया है।

पटना से दिल्ली तक अचल संपत्ति

प्रशांत किशोर के पोर्टफोलियो में अचल संपत्तियों का भी बड़ा योगदान है। प्रशांत किशोर के पास कुल ₹73.87 करोड़ की अचल संपत्ति है। इसमें पटना के पाटलिपुत्र कॉलोनी का आवासीय मकान, गाजियाबाद और नई दिल्ली के वसंत विहार स्थित प्राइम प्रॉपर्टीज शामिल हैं। इसके अलावा रोहतास और बक्सर में पैतृक व कृषि भूमि भी दर्ज है। उनकी पत्नी के पास ₹12.42 करोड़ की अचल संपत्ति है, जिसमें असम (गुवाहाटी) और नोएडा (जेपी ग्रींस) में प्रॉपर्टीज शामिल हैं।

टॉप 10 कंपनियों में से 9 का M-Cap ₹2.51 लाख करोड़ बढ़ा, Bajaj Finance को सबसे ज्यादा फायदा

सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह कुल मिलाकर ₹2,51,228.75 करोड़ की बढ़ोतरी हुई। इस बीच बजाज फाइनेंस लिमिटेड को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 2,034.87 अंक या 2.67 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी 616.15 अंक या 2.59 प्रतिशत की बढ़त में रहा। टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के मार्केट कैप में वृद्धि हुई। वहीं हिंदुस्तान यूनिलीवर की बाजार हैसियत घट गई।

बीते सप्ताह बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप ₹80,345.97 करोड़ बढ़कर ₹7,10,817.51 करोड़ हो गया। भारती एयरटेल का मार्केट कैप ₹44,959.50 करोड़ बढ़कर ₹12,30,005.63 करोड़ पर पहुंच गया। इसी तरह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का मार्केट कैप ₹40,414.03 करोड़ बढ़कर ₹8,55,894.78 करोड़, रिलायंस इंडस्ट्रीज का ₹39,447.35 करोड़ बढ़कर 17,69,108.79 करोड़, लार्सन एंड टुब्रो का ₹21,096.80 करोड़ बढ़कर ₹5,41,844.69 करोड़ और भारतीय स्टेट बैंक का मार्केट कैप ₹10,845.97 करोड़ बढ़कर ₹9,47,799.81 करोड़ हो गया।

HDFC Bank के मार्केट कैप में ₹8,164.73 करोड़ की बढ़ोतरी हुई और यह ₹11,52,150.63 करोड़ हो गया। LIC का मार्केट कैप ₹4,427.49 करोड़ बढ़कर ₹5,37,435.05 करोड़ और ICICI Bank का ₹1,660.37 करोड़ बढ़कर ₹10,29,878.30 करोड़ हो गया।

हिंदुस्तान यूनिलीवर को कितना नुकसान

इस रुख के उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड का मार्केट कैप ₹10,326.46 करोड़ घटकर ₹4,93,602.13 करोड़ पर आ गया। मार्केट कैप के लिहाज से टॉप 10 कंपनियों की लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर कायम रही। इसके बाद क्रमशः भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

JOJO Stock Split: 2 टुकड़ों में टूटने वाला है शेयर, 7 अगस्त रिकॉर्ड डेट; 5 साल में 9000% चढ़ी कीमत

नए सप्ताह में मेनबोर्ड सेगमेंट में 5 अगस्त को NSE और BSE पर Manipal Health Enterprises के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। 6 अगस्त को NSE और BSE पर Juniper Green Energy, MV Electrosystems की लिस्टिंग होने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

RBI ने बैंकों को बल्क डिपॉजिट्स पर डिफरेंशियल इंटरेस्ट रेट ऑफर करने की इजाजत दी, जानिए क्या है इसका मतलब

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों को बल्क डिपॉजिट पर अलग-अलग इंटरेस्ट रेट ऑफर करने की इजाजत दे दी है। यह लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (एलसीआर) फ्रेमवर्क के तहत बैंक के स्पेशिफिक रन-ऑफ रेट्स पर आधारित होगा।

RBI ने इस बारे में 30 जुलाई को एक नोटिफिकेशन इश्यू किया है। इसमें कहा गया है कि यह नियम घरेलू डिपॉजिट यानी रुपये में होने वाले डिपॉजिट के साथ ही NRI डिपॉजिट पर लागू होगा। हालांकि, बल्क डिपॉजिट्स से दूसरे नियम पहले की तरह होंगे।

केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा है कि बैंक को अपनी सभी शाखाओं में एक समान इंटरेस्ट रेट्स ऑफर करने होंगे। बैक को ग्राहकों के साथ किसी तरह का भेदभाव करने की इजाजत नहीं होगी। आरबीआई के नियम के मुताबिक, हर बैंक को रोजाना सुबह 10 बजे तक बल्क डिपॉजिट के इंटरेस्ट रेट ब्रांच में डिस्प्ले करने होंगे।

एचडीएफसी बैंक के हाल में एक ग्राहक को बल्क डिपॉजिट पर ज्यादा इंटरेस्ट रेट ऑफर करने से विवाद खड़ा हो गया था। देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ने महाराष्ट्र स्टेट रोड एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) को ‘मार्केटिंग स्पेंड्स’ के तहत कथित रूप से 45 करोड़ रुपये का पेमेंट किया था। उसने बल्क डिपॉजिट हासिल करने के लिए ऐसा किया था।

HDFC Bank ने MSRDC को बल्क डिपॉजिट पर 6.01 इंटरेस्ट रेट ऑफर किया था। यह रेगुलर सेविंग्स डिपॉजिट पर मिलने वाले 3.5 फीसदी इंटरेस्ट रेट से काफी ज्यादा था। मामले की जांच के बाद एचडीएफसी बैंक ने अपने कुछ टॉप अधिकारियों को वार्निंग लेटर इश्यू किए। उन पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

आरबीआई के नियम में बदलाव करने के बाद बैंकों के लिए बल्क डिपॉजिट पर ज्यादा इंटरेस्ट रेट ऑफर करने का रास्ता खुल गया है। इससे बैंकों को डिपॉजिट अट्रैक्ट करने में आसानी होगी। आरबीआई के नियम के मुताबिक, अलग-अलग कैटेगरी के बैंकों के लिए बल्क डिपॉजिट की परिभाषा अलग है।

शिड्यूल्ड कमर्शियल बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंक के लिए 3 करोड़ और इससे ज्यादा के डिपॉजिट बल्क डिपॉजिट की श्रेणी में आते हैं। रीजनल रूरल बैंक और को-ऑपरेटिव बैंकों के लिए 1 करोड़ और इससे ज्यादा अमाउंट के डिपॉजिट बल्क श्रेणी में आते हैं।

HDFC बैंक को गवर्नेंस में बड़े सुधार करने होंगे, तभी बहाल होगा निवेशकों का भरोसा : एक्सपर्ट्स

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के एचडीएफसी बैंक को निवेशकों का भरोसा फिर से जीतने के लिए सिर्फ पुराने विवादों को बंद करना काफी नहीं होगा। कॉरपोरेट गवर्नेंस के जानकारों का कहना है कि बैंक को अपनी गवर्नेंस, आंतरिक प्रक्रियाओं और बोर्ड की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करना होगा। उनका मानना है कि निवेशक अब सिर्फ नतीजे नहीं, बल्कि बैंक के काम करने के तरीके को भी देख रहे हैं।

मामला क्या है?

यह चर्चा MSRDC डिपॉजिट मामले के बाद तेज हुई है। बैंक के बोर्ड ने इस मामले की आंतरिक जांच पूरी की। जांच में CEO शशिधर जगदीशन समेत कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर आर्थिक जुर्माना और चेतावनी जारी की गई।

हालांकि, बोर्ड ने यह भी माना कि मामले में किसी तरह की निजी कमाई, गलत मंशा या नियमों के उल्लंघन के सबूत नहीं मिले। इसके बाद बोर्ड ने जगदीशन की दोबारा नियुक्ति की सिफारिश भी की।

एक्सपर्ट्स ने क्या कहा?

Institutional Investor Advisory Services (IiAS) के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित टंडन का कहना है कि किसी एक मामले का निपटारा कर देना ही काफी नहीं है। निवेशक अब यह देख रहे हैं कि क्या बैंक ने हाल के गवर्नेंस विवादों से सबक लिया है। क्या बोर्ड की निगरानी पहले से मजबूत हुई है। क्या आंतरिक कंट्रोल बेहतर हुए हैं। उनके मुताबिक गवर्नेंस में सिर्फ नतीजे नहीं, बल्कि उन तक पहुंचने की प्रक्रिया भी उतनी ही अहम होती है।

पुराने मामलों पर भी उठे सवाल

अमित टंडन का कहना है कि इस मामले को अकेले नहीं देखा जाना चाहिए। इसे पूर्व स्वतंत्र निदेशक अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे और हाल के दूसरे गवर्नेंस विवादों के साथ जोड़कर देखना होगा। उनका मानना है कि अब बैंक की सबसे बड़ी चुनौती निवेशकों को यह भरोसा दिलाना है कि उसकी गवर्नेंस सिस्टम पहले से ज्यादा मजबूत हो चुकी है।

बोर्ड का संदेश क्या है?

अश्विन पारेख एडवाइजरी सर्विसेज के मैनेजिंग पार्टनर अश्विन पारेख का कहना है कि बोर्ड की स्वतंत्र जांच से साफ हुआ कि यह मामला नियमों के उल्लंघन का नहीं, बल्कि गवर्नेंस और कारोबारी पहुंच का था। इसलिए बोर्ड ने CEO की दोबारा नियुक्ति की सिफारिश की। हालांकि, अंतिम फैसला RBI को लेना है।

आगे बैंक के लिए क्या चुनौती?

अश्विन पारेख का मानना है कि CEO, CFO और दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों पर जुर्माना लगाना अपने आप में बड़ा कदम है। इससे बोर्ड ने साफ संदेश दिया है कि जवाबदेही तय की जाएगी।

वहीं, अमित टंडन का कहना है कि अब बहस सजा की मात्रा पर नहीं होनी चाहिए। असली फोकस इस बात पर होना चाहिए कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए बैंक अपनी गवर्नेंस को कितना मजबूत बनाता है।

HDFC बैंक के शेयरों का हाल

देश के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर HDFC बैंक के शेयर मंगलवार को 0.38% गिरकर 736.75 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक 21.01% गिरा है। वहीं, एक साल में यह 26.64% टूटा है। 5 साल की बात करें, तो निवेशकों को सिर्फ 3.30% रिटर्न मिला है। बैंक का मार्केट कैप 5.64 हजार करोड़ रुपये है।

Q1 Results: प्राइवेट बैंक का मुनाफा 25% बढ़ा, NPA घटा; शेयर 11% उछला

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 28 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 15 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 28 जुलाई को कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी। कुछ कंपनियों ने तिमाही नतीजे जारी किए हैं। कुछ ने बड़े ऑर्डर, मैनेजमेंट में बदलाव और फंड जुटाने जैसे अहम ऐलान किए हैं। वहीं, कुछ कंपनियां कल अपने जून तिमाही के नतीजे पेश करेंगी। ऐसे में इन 15 शेयरों में कारोबार के दौरान हलचल देखने को मिल सकती है।

Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी मीशो में निवेशक Elevation Capital करीब ₹1,200 करोड़ का ब्लॉक डील कर अपनी हिस्सेदारी बेच सकता है। सूत्रों के मुताबिक फर्म के पास जून 2026 तक कंपनी में 12.04% हिस्सेदारी थी। इस डील के जरिए वह अपने निवेश का एक हिस्सा भुनाने की तैयारी में है।

Coal India

महारत्न सरकारी कंपनी कोल इंडिया का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.69% बढ़कर ₹8,852 करोड़ रहा। कंपनी का रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन EBITDA और मार्जिन में गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने ₹5.50 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

IndiGo

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने अपने मैनेजमेंट में बदलाव किया है। कंपनी ने गौरव नेगी को 27 जुलाई 2026 से मैनेजिंग डायरेक्टर का सलाहकार नियुक्त किया है। वहीं, किरण थदिमरी 28 जुलाई 2026 से कंपनी के नए चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) का पद संभालेंगे।

TVS Motor

दोपहिया और तिपहिया गाड़ी बनाने वाली कंपनी TVS मोटर ने अपनी सब्सिडियरी TVS Credit Services में 4.4% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी है। कंपनी ने यह सौदा ₹711 करोड़ में किया है। इस निवेश के बाद TVS Credit Services में उसकी हिस्सेदारी और बढ़ जाएगी।

Vodafone Idea

टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vi) छह टेलीकॉम सर्किलों में खत्म हो रही स्पेक्ट्रम वैधता का नवीनीकरण नहीं करने पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक इन सर्किलों में स्पेक्ट्रम की वैधता 5 दिसंबर 2026 को खत्म होगी। फिलहाल कंपनी का इन लाइसेंसों को रिन्यू कराने का इरादा नहीं है।

Tata Chemicals

केमिकल कंपनी टाटा केमिकल्स को जून तिमाही में घाटा हुआ है। कंपनी को ₹17 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस हुआ। पिछले साल इसी तिमाही में ₹252 करोड़ का मुनाफा हुआ था। कंपनी ने बताया कि कम कीमत मिलने, दूसरे स्रोतों से कम आय और जॉइंट वेंचर से कम कमाई की वजह से उसके नतीजों पर दबाव पड़ा।

Godfrey Phillips

सिगरेट और तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया ने जून तिमाही में कमजोर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा और रेवेन्यू, दोनों पिछले साल की तुलना में घटे हैं। कंपनी के मार्जिन पर जनवरी में बढ़ाई गई एक्साइज ड्यूटी का असर देखने को मिला।

Tata Power

टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा पावर ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 11% बढ़कर ₹1,401 करोड़ रहा। रिन्यूएबल एनर्जी, ट्रांसमिशन और जनरेशन कारोबार की मजबूत ग्रोथ ने कंपनी के नतीजों को सहारा दिया। हालांकि मार्जिन पर दबाव बना रहा।

Tata Motors

ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स ने कहा है कि गुजरात में आई भारी बाढ़ की वजह से उसके सानंद प्लांट और सप्लायर यूनिट्स का कामकाज अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ है। इसका असर कंपनी की कई प्रमुख पैसेंजर व्हीकल्स के प्रोडक्शन पर पड़ा है।

HDFC Bank

निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) डिपॉजिट मामले की आंतरिक जांच पूरी कर ली है। बैंक के बोर्ड ने कहा कि इसमें शामिल कर्मचारियों का मामला कारोबारी सीमा से आगे बढ़ने का था। हालांकि, किसी तरह की गलत मंशा, निजी फायदा या अनुचित इरादे के सबूत नहीं मिले।

Northern Arc Capital

एनबीएफसी कंपनी नॉर्दर्न आर्क कैपिटल का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 17.6% बढ़कर ₹121.8 करोड़ रहा। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 44.2% बढ़ी, जबकि कुल रेवेन्यू 30% बढ़कर ₹767.5 करोड़ पहुंच गया।

Gravita India

रीसाइक्लिंग कंपनी ग्रेविटा इंडिया का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट जून तिमाही में 14.1% बढ़कर ₹106.4 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹93.3 करोड़ था। इससे साफ है कि कंपनी ने लगातार मुनाफे की ग्रोथ बनाए रखी है।

Bharat Electronics

सरकारी रक्षा कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) ने जून तिमाही में बाजार के अनुमान के मुतबाकि नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा और रेवेन्यू अनुमान से थोड़ा बेहतर रहा। हालांकि, ऑपरेटिंग मार्जिन उम्मीद से कमजोर रहा। कंपनी ने अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।

Welspun Corp

स्टील पाइप बनाने वाली कंपनी वेलस्पन कॉर्प को अमेरिका से करीब ₹960 करोड़ का नया ऑर्डर मिला है। इसके बाद कंपनी की ग्लोबल ऑर्डर बुक ₹25,750 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। यह ऑर्डर अमेरिका के लिटिल रॉक प्लांट से पूरा किया जाएगा।

Adani Energy Solutions

बिजली ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए फंड जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी की QIP समिति ने इश्यू खोलने के साथ ₹1,698.15 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। यह कीमत SEBI के नियमों के तहत तय किए गए प्राइसिंग फॉर्मूले के आधार पर निर्धारित की गई है।

तिमाही नतीजे जारी करेंगी ये कंपनियां

कई कंपनियां मंगलवार को जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Ambuja Cements, Cholamandalam Investment and Finance Company, City Union Bank समेत कई कंपनियां शामिल हैं। निवेशकों की नजर तिमाही नतीजों के साथ-साथ कंपनियों के मैनेजमेंट की भविष्य की रणनीति पर भी रहेगी।

Coal India Q1 Results: सरकारी कंपनी को ₹8852 करोड़ का मुनाफा, हर शेयर पर ₹5.50 का डिविडेंड देगी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।