Xtranet Technologies IPO: आईटी सेक्टर के इस आईपीओ में निवेश का मौका! क्या आपको करना चाहिए अप्लाई? यहां जानें

Xtranet Technologies IPO Details: आईपीओ में पैसे लगाने वाले निवेशकों के लिए आज से एक और नया मौका खुल गया है। मध्य प्रदेश की आईटी सॉल्यूशंस प्रोवाइडर कंपनी एक्सट्रानेट टेक्नोलॉजीज का ₹167 करोड़ का आईपीओ आज यानी 23 जुलाई से दांव लगाने के लिए खुल गया है। कंपनी के अनलिस्टेड शेयर ग्रे मार्केट में अच्छे प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। आइए आपको बताते हैं ब्रोकरेज की राय सहित इस आईपीओ से जुड़ी हर जरूरी बात।

Xtranet Technologies IPO का प्राइस बैंड और लॉट साइज

  • प्राइस बैंड: ₹120 से ₹127 प्रति शेयर।
  • रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश: ₹13,970
  • इश्यू ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 23-27 जुलाई
  • शेयर अलॉटमेंट डेट: 28 जुलाई
  • लिस्टिंग डेट (BSE & NSE): 30 जुलाई

एंकर इनवेस्टर्स से जुटाए ₹50 करोड़

यह ₹167 करोड़ का आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, जिसमें 1.31 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। आम लोगों के लिए आईपीओ खुलने से ठीक पहले कंपनी ने एंकर इनवेस्टर्स से ₹50.04 करोड़ जुटाए हैं। प्रमुख एंकर इनवेस्टर्स सेंट कैपिटल फंड, विनी ग्रोथ फंड, लॉन्गथ्राइव कैपिटल और टॉरस म्यूचुअल फंड शामिल हैं।

आईपीओ से मिले पैसों का इस्तेमाल कंपनी ₹102 करोड़ वर्किंग कैपिटल जरूरतों, ₹20.2 करोड़ कर्ज चुकाने और ₹8.48 करोड़ नए सिस्टम व हार्डवेयर खरीदने पर खर्च करेगी।

कंपनी की वित्तीय सेहत और ऑर्डर बुक

2002 में स्थापित यह कंपनी एंटरप्राइज एप्लीकेशन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, मैनेज्ड सर्विसेज और टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स के क्षेत्र में एंड-टू-एंड आईटी सॉल्यूशंस प्रदान करती है।

फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) साल-दर-साल 35.6% बढ़कर ₹40.73 करोड़ हो गया। इस दौरान कुल रेवेन्यू 32.3% बढ़कर ₹365.3 करोड़ पर पहुंच गया। 30 अप्रैल 2026 तक कंपनी के पास ₹356.96 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक थी।

ग्रे मार्केट में कितना चल रहा है GMP?

IPO मार्केट पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों के अनुसार, 23 जुलाई को एक्सट्रानेट टेक्नोलॉजीज का ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹13 प्रति शेयर दर्ज किया गया। इस हिसाब से इसका संभावित लिस्टिंग प्राइस ₹140 रह सकता है। अगर GMP के अनुमानों के मुताबिक लिस्टिंग होती है तो इसमें पैसा लगाने वाले निवेशकों को करीब 10% से ज्यादा का मुनाफा हो सकता है।

एक्सपर्ट्स की राय: क्या लगाएं पैसा?

ब्रोकरेज फर्म स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने इस आईपीओ को मध्यम अवधि और मध्यम जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए ‘Subscribe’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ काफी मजबूत है और इसका वैल्यूएशन मौजूदा वित्तीय प्रदर्शन के हिसाब से सही है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 23 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 22 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,000 के नीचे बंद हुआ। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 715.06 अंक या 0.92 प्रतिशत गिरकर 76,755.05 पर और निफ्टी 191.45 अंक या 0.79 प्रतिशत गिरकर 23,996.25 पर बंद हुआ। लगभग 1443 शेयरों में बढ़त हुई, 2616 शेयरों में गिरावट आई और 170 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन, जियो फाइनेंशियल, इंफोसिस, एसबीआई और डॉ. रेड्डीज़ लैब्स शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में बजाज ऑटो, नेस्ले, टाटा कंज्यूमर, पावर ग्रिड कॉर्प और ओएनजीसी शामिल रहे। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत की गिरावट आई।

सेक्टर के हिसाब से परफॉर्मेंस ज्यादातर नेगेटिव रहा। निफ्टी FMCG सबसे ज्यादा बढ़ने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 0.65% की बढ़त हुई, इसके बाद निफ्टी ऑटो में 0.18% की बढ़त हुई। गिरावट वाले सेक्टर में, निफ्टी मीडिया सबसे खराब परफॉर्मेंस वाला सेक्टर रहा, जिसमें 2.68% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी रियल्टी (-2.6%), निफ्टी PSU बैंक (-1.8%), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-1.4%), निफ्टी IT (-1.5%), निफ्टी बैंक (-1.2%), निफ्टी फार्मा (-1.3%), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-0.86%), निफ्टी इंफ्रा (-0.85%), निफ्टी ऑयल एंड गैस (-0.6%), निफ्टी मेटल (-0.48%) और निफ्टी एनर्जी (-0.3%) रहे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि आज भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। US-ईरान के बीच जारी तनाव और अहम ग्लोबल शिपिंग रूट पर हूथी गुट की वजह से आई दिक्कतो ने तेल की सप्लाई से जुड़ी चिंता बढ़ा दी, जिससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं और रुपया कमजोर हुआ। घरेलू महंगाई को लेकर फिर से बढ़ती चिंताओं के कारण बाजार में जोखिम लेने से बचने का माहौल हावी रहा। इसने उम्मीद से बेहतर बिजनेस अपडेट और Q1 के अच्छे नतीजों के असर को कम कर दिया।

रियल एस्टेट, बैंकिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे ब्याज दरों पर निर्भर सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट आई। फार्मास्युटिकल एक्सपोर्ट पर US के प्रस्तावित टैरिफ को लेकर फिर से बनी अनिश्चितता के बीच फार्मा शेयरों पर भी दबाव रहा।

सावधानी भरे माहौल के बावजूद, FMCG और ऑटो शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। सेक्टर की बड़ी कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों से इन्हें सहारा मिला, जो यह दिखाता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भी निवेशक उन कंपनियों को पसंद कर रहे हैं जिनकी कमाई में मज़बूत ग्रोथ दिख रही है।

निफ्टी व्यू

Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट-HNI ​​एंड डेरिवेटिव्स रियांक अरोड़ा का कहना है कि आज के सेशन में भारतीय इक्विटी मार्केट में हर तरफ गिरावट नजर आई। लगातार बिकवाली के दबाव और निवेशकों के सतर्क रवैये के बीच बेंचमार्क इंडेक्स काफी नीचे बंद हुए। अहम सेक्टरों में कमजोरी और प्रॉफिट बुकिंग ने इंडेक्स को नीचे धकेल दिया, जिससे बाजार में रिस्क-ऑफ (जोखिम से बचने का) मूड दिखा।

निफ्टी 191.45 अंक यानी 0.79% गिरकर 23,996.25 पर बंद हुआ। यह 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया, जो शॉर्ट-टर्म कमजोरी का संकेत है। अब इसके लिए 23,950–23,900 के आसपास तत्काल सपोर्ट है। उसके बाद 23,800 के पास अगला मजबूत सपोर्ट जोन है। ऊपर की तरफ, 24,100–24,200 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। पॉजिटिव मोमेंटम वापस पाने के लिए लगातार इन स्तरों से ऊपर बने रहना जरूरी होगा।

BSE सेंसेक्स 715.06 अंक यानी 0.92% गिरकर 76,755.05 पर बंद हुआ। इंडेक्स में हर तरफ बिकवाली हुई और यह दिन के निचले स्तर के पास बंद हुआ। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 76,600–76,400 के आसपास है, जबकि रेजिस्टेंस 77,000–77,300 के पास दिख रहा है। रेजिस्टेंस जोन से ऊपर एक मजबूत चाल बुलिश सेंटीमेंट को बहाल करने में मदद कर सकती है।

आज की गिरावट की वजह हर तरफ से हुई प्रॉफिट बुकिंग और बाजार का सतर्क रवैया रहा। हालांकि शॉर्ट-टर्म मोमेंटम कमजोर हुआ है, लेकिन जब तक अहम सपोर्ट लेवल बचे हुए हैं, मीडियम-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे चुनिंदा शेयरों पर ध्यान दें, आक्रामक लॉन्ग पोजीशन लेने से बचें और सख्त रिस्क मैनेजमेंट के साथ मजबूत सपोर्ट जोन के पास गिरावट पर खरीदारी का तरीका अपनाएं।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें फिर से भारतीय इक्विटी मार्ट के लिए परेशानी का कारण बन गई हैं। जहां कच्चा तेल 50EMA के ऊपर बना हुआ है, वहीं निफ्टी 50EMA के नीचे जाने की कगार पर है। ऐसा लगता है कि निफ्टी और कच्चा तेल फिर से एक-दूसरे के विपरीत दिशा में चल रहे हैं।

निफ्टी के डेली चार्ट पर कंसोलिडेशन का दौर नीचे की ओर टूटता हुआ दिख रहा है। RSI में बेयरिश क्रॉसओवर है, जो निकट भविष्य में कमजोर मोमेंटम का संकेत दे रहा है। अगर निफ्टी 23900 के नीचे गिरता है तो गिरावट 23700/23600 तक बढ़ सकती है। शॉर्ट टर्म में ऊपरी स्तर 24100 पर रेजिस्टेंस दिख रहा है।

कोटक सिक्योरिटीज में हेड ऑफ इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में बड़ी गिरावट आई। निफ्टी 191 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में 715 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो रियल्टी और मीडिया इंडेक्स में 2.5 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई, जबकि बाजार का मूड खराब होने के बावजूद कुछ चुनिंदा FMCG और ऑटो शेयरों में तेजी दिखी। तकनीकी तौर पर निफ्टी 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) या 24,100 के सपोर्ट जोन से नीचे आ गया है और इस गिरावट के बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया है। डेली चार्ट पर एक लॉन्ग ‘बेयरिश कैंडल’ बनी है, जो मौजूदा स्तरों से और गिरावट का संकेत देती है।

श्रीकांत चौहान मानना ​​है कि जब तक निफ्टी 24,100 के नीचे ट्रेड कर रहा है, तब तक गिरावट का दौर जारी रहने की संभावना है। यह गिरावट 50-डे SMA या 23,850 के स्तर तक जारी रह सकती है। इसके बाद और गिरावट हो सकती है, जिससे इंडेक्स 23,750-23,700 के स्तर तक जा सकता है। दूसरी ओर, 24,100 के स्तर के ऊपर जाने पर बाजार का मूड बदल सकता है। इस स्तर के ऊपर, बाजार में 24,200-24,250 तक की रिकवरी हो सकती है। इंट्राडे मार्केट की स्थिति अनिश्चित और उतार-चढ़ाव वाली है। इसलिए, डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

बैंक निफ्टी व्यू

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी जो पिछले आठ ट्रेडिंग सेशन से 58,597–57,287 की रेंज में बना हुआ था, उसमें भी आज एक बड़ा ब्रेकडाउन देखने को मिला। इंडेक्स ने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई और 8 जुलाई के बाद पहली बार अपने 20-डे EMA के नीचे बंद हुआ। गिरती हुई MACD लाइन और बढ़ते हुए रेड हिस्टोग्राम बार नीचे की ओर बढ़ते मोमेंटम का संकेत दे रहे हैं।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56700-56600 जोन में है। अगर यह लगातार इस जोन के नीचे बना रहता है, तो बैंक निफ्टी में और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 56300 और फिर 56000 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57500-57600 जोन में है।

 

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हाहाकार, ₹4 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex तीसरे दिन लाल, Nifty टूटकर 24000 के नीचे बंद

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच में कच्चे तेल में और उबाल आया तो मार्केट में आज भी इसकी आंच महसूस हुई। घरेलू बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी लगातार तीसरे दिन फिसले। इंट्रा-डे में आज सेंसेक्स 800 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी 50 भी फिसलकर 24,000 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी आज काफी दबाव दिखा और स्मॉलकैप स्पेस में तो थोड़ी अधिक ही। निफ्टी मिडकैप 100 में डेढ़ फीसदी से थोड़ी अधिक गिरावट आई तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी 1% से अधिक टूटकर बंद हुआ।

सेक्टरवाइज आज ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर ने मार्केट को संभालने की लेकिन बाकी अहम सेक्टर्स के दबाव में घबराहट गायब नहीं हो पाई। निफ्टी एफएमसीजी आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ तो निफ्टी ऑटो भी बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं रियल्टी सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स ढाई फीसदी से अधिक, निफ्टी पीएसयू बैंक करीब 2%, निफ्टी प्राइवेट बैंक 1% से अधिक, निफ्टी आईटी डेढ़ फीसदी, और निफ्टी फार्मा 1% से अधिक कमजोर हुआ। बिकवाली के इस माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹4 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत ₹4 लाख करोड़ से अधिक कम हो गई।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के एक दिन पहले आज सेंसेक्स (Sensex) 715.06 प्वाइंट्स यानी 0.92% की कमजोरी के साथ 76,755.05 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 191.45 प्वाइंट्स यानी 0.79% की गिरावट के साथ 23,996.25 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 828.92 प्वाइंट्स टूटकर 76,641.19 और निफ्टी 226.30 प्वाइंट्स गिरकर 23,961.40 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹4.16 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 21 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,84,21,297.62 करोड़ था। आज यानी 21 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,80,04,542.03 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹416,755.59 लाख करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 12 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से आज सिर्फ 12 ही ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज जोमैटो की एटर्नल, एचयूएल और पावरग्रिड में रही। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट आज इंडिगो, एक्सिस बैंक और इंफोसिस में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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114 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4418 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 1473 शेयर आज मजबूत हुए तो 2762 में गिरावट रही जबकि 183 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 114 शेयर एक साल के हाई और 100 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lohia Corp IPO: कल से खुलेगा लोहिया कॉर्प का ₹1101 करोड़ का आईपीओ, पैसा लगाने से पहले जान लें ब्रोकरेज की राय

Lohia Corp IPO GMP and Details: प्राइमरी मार्केट में निवेशकों को पैसा बनाने का एक और जबरदस्त मौका मिलने जा रहा है। टेक्निकल टेक्सटाइल और वोवन प्लास्टिक इंडस्ट्री के लिए मशीनरी बनाने वाली कंपनी लोहिया कॉर्प लिमिटेड का करीब ₹1,101 करोड़ का आईपीओ कल यानी 23 जुलाई से दांव लगाने के लिए खुल रहा है।

बाजार में एंट्री से पहले ही ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर अच्छे प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी ने भी इस इश्यू को लंबी अवधि के लिए ‘सब्सक्राइब’ करने की सलाह दी है। आइए जानते हैं इस आईपीओ का प्राइस बैंड, जीएमपी, जरूरी तारीखें, कंपनी की वित्तीय सेहत और ब्रोकरेज की राय।

Lohia Corp IPO का प्राइस बैंड और लॉट साइज

  • प्राइस बैंड: ₹404 से ₹425 प्रति शेयर
  • रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश: ₹14,875
  • इश्यू ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 23-27 जुलाई
  • शेयर अलॉटमेंट डेट: 28 जुलाई
  • लिस्टिंग डेट (BSE & NSE): 30 जुलाई

यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित है। इश्यू का साइज ₹1,101.28 करोड़ है जिसमें प्रमोटर्स 2.59 करोड़ शेयरों की बिक्री कर रहे है। चूंकि यह पूरी तरह से OFS है, इसलिए आईपीओ से मिलने वाली पूरी राशि शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स को जाएगी, कंपनी के खाते में कोई फंड नहीं आएगा।

कंपनी का बिजनेस मॉडल और वित्तीय सेहत

लोहिया कॉर्प टेक्निकल टेक्सटाइल और Raffia इंडस्ट्री के लिए मशीनरी और इक्विपमेंट बनाने वाली ग्लोबल दिग्गज है। यह सीमेंट, उर्वरक, केमिकल्स, फूड ग्रेंस और बैग्स की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले फैब्रिक और बोरे बनाने की मशीनें बनाती है।

वित्त वर्ष 2025 में भारतीय वोवन राफिया मशीनरी बाजार में कंपनी की 40.7% की हिस्सेदारी थी, जबकि वैश्विक बाजार में इसकी हिस्सेदारी 15.4% है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) 64.16% बढ़कर ₹193.45 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹117.84 करोड़ था। इसी दौरान कंपनी का रेवेन्यू 24.70% बढ़कर ₹1,717 करोड़ पर पहुंच गया।

ग्रे मार्केट में कितना चल रहा है जीएमपी?

InvestorGain के आंकड़ों के मुताबिक, 22 जुलाई को लोहिया कॉर्प का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹40 प्रति शेयर दर्ज किया गया। इसका अपर प्राइस बैंड ₹425 है इस हिसाब से अनुमानित लिस्टिंग प्राइस: ₹465 प्रति शेयर (₹425 + ₹40) रह सकता है। इस GMP पर निवेशकों को करीब 10% का लिस्टिंग गेन मिलने की संभावना है।

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ब्रोकरेज की राय क्या है?

ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी ने इस आईपीओ को ‘Subscribe for Long Term’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि हालांकि कंपनी का राजस्व मुख्य रूप से एक ही सेगमेंट पर निर्भर है, लेकिन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मजबूत पकड़ और ग्रोथ क्षमता को देखते हुए लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक अच्छा विकल्प है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Indo-MIM IPO: पैसे कर लें तैयार! कल से खुलेगा ₹3,811 करोड़ का मेगा मेनबोर्ड आईपीओ, ग्रे मार्केट में 40% ऊपर चल रहा भाव

Indo MIM IPO Details & GMP: अगर आप आईपीओ मार्केट में दांव लगाने की योजना बना रहे हैं, तो बेंगलुरु बेस्ड प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर इंडो-एमआईएम का बड़ा आईपीओ कल यानी 23 जुलाई से खुल रहा है। ₹3,811.21 करोड़ का यह मेनबोर्ड आईपीओ बाजार में दस्तक देने से पहले ही ग्रे मार्केट में धमाल मचा रहा है।

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, कंपनी के शेयर ग्रे मार्केट में करीब 40% के तगड़े प्रीमियम (GMP) पर ट्रेड कर रहे हैं, जो लिस्टिंग के दिन शानदार रिटर्न का संकेत दे रहा है। आइए जानते हैं इस आईपीओ की प्राइस बैंड, जरूरी तारीखें, वित्तीय सेहत और अन्य प्रमुख बातें।

Indo-MIM IPO की सभी जरूरी डिटेल्स

  • एंकर इनवेस्टर्स के लिए बिडिंग: 22 जुलाई
  • इश्यू ओपनिंग और क्लोजिंग डेट: 23 से 27 जुलाई
  • प्राइस बैंड: ₹461 से ₹485 प्रति शेयर
  • रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश: ₹14,550
  • शेयर अलॉटमेंट की तारीख: 28 जुलाई
  • लिस्टिंग डेट (BSE & NSE): 30 जुलाई

इश्यू साइज और फंड का इस्तेमाल

यह आईपीओ कुल ₹3,811.21 करोड़ का है जिसमें ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹3,312 करोड़ ऑफर फॉर सेल (OFS) है। ओएफएस के तहत ग्रीन मीडोज इन्वेस्टमेंट्स 6.05 करोड़ शेयर, अनुराधा कोडुरी 54.59 लाख शेयर और आईआईटी मद्रास 23.07 लाख शेयर बेच रहे हैं।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹500 करोड़ में से ₹400 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा। कंपनी का मई 2026 तक कंपनी पर कुल ₹1,212.3 करोड़ का बकाया कर्ज था। बाकी फंड का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए होगा।

कंपनी का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और बिजनेस

1996 में स्थापित इंडो-एमआईएम (Indo-MIM) मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (MIM) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स बनाती है। कंपनी ऑटोमोटिव, डिफेंस, मेडिकल, कंज्यूमर और एयरोस्पेस सेक्टर्स के लिए काम करती है। फाइनेंशियल ग्रोथ की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल (YoY) 26% बढ़कर ₹533.5 करोड़ हो गया। इसी अवधि में परिचालन राजस्व भी 26% बढ़कर ₹4,193 करोड़ पर पहुंच गया।

ग्रे मार्केट में कितना चल रहा है जीएमपी?

आईपीओ मार्केट पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म्स Investorgain और IPO Watch के मुताबिक, 22 जुलाई की सुबह इंडो-एमआईएम के शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹194 से ₹195 प्रति शेयर दर्ज किया गया। इसकी संभावित लिस्टिंग प्राइस ₹485 (अपर प्राइस बैंड) + ₹195 (GMP) = ₹680 प्रति शेयर हो सकती है। निवेशकों को इस आईपीओ की लिस्टिंग पर ही करीब 40.21% का मुनाफा हो सकता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Anant Raj Demerger: अनंत राज दो हिस्सों में बंटेगी, डेटा सेंटर कारोबार के लिए अलग लिस्टेड कंपनी बनेगी

Anant Raj Demerger: रियल एस्टेट कंपनी Anant Raj Ltd ने अपने कारोबार में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। कंपनी के बोर्ड ने एक कॉम्पोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को मंजूरी दी है। इसके तहत डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज बिजनेस को रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार से अलग किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद ग्रुप की दो अलग-अलग लिस्टेड कंपनियां होंगी।

हालांकि, इस योजना को लागू करने से पहले NCLT, SEBI, स्टॉक एक्सचेंज, शेयरधारकों और अन्य नियामकीय मंजूरियां मिलना जरूरी होगा।

किस कंपनी के पास कौन सा कारोबार रहेगा?

डिमर्जर के बाद Anant Raj Ltd रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार पर फोकस करेगी। कंपनी का ध्यान रेजिडेंशियल टाउनशिप, लग्जरी हाउसिंग, कमर्शियल प्रोजेक्ट्स और हॉस्पिटैलिटी बिजनेस पर रहेगा।

वहीं, Ashok Cloud Private Limited डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विसेज और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का कारोबार संभालेगी। कंपनी AI वर्कलोड, को-लोकेशन सर्विस, सॉवरेन पब्लिक क्लाउड, डिजास्टर रिकवरी, क्लाउड माइग्रेशन और डेटा बैकअप जैसी सेवाएं देगी।

शेयरधारकों को क्या मिलेगा?

कंपनी ने बताया कि डिमर्जर लागू होने के बाद योग्य शेयरधारकों को Anant Raj Ltd के हर एक ₹2 फेस वैल्यू वाले शेयर के बदले Ashok Cloud Private Limited का ₹2 फेस वैल्यू वाला एक शेयर मिलेगा।

हालांकि, डिमर्जर के बाद भी Ashok Cloud, Anant Raj Ltd की सब्सिडियरी बनी रहेगी। कंपनी की मौजूदा हिस्सेदारी रद्द नहीं की जाएगी।

कंपनी ने क्यों लिया यह फैसला?

कंपनी का कहना है कि दोनों कारोबार अब अलग-अलग दिशा में बढ़ रहे हैं। दोनों की पूंजी जरूरत, बिजनेस मॉडल और ग्रोथ स्ट्रेटजी भी अलग है। ऐसे में अलग कंपनियां बनने से दोनों बिजनेस अपने-अपने क्षेत्र पर ज्यादा फोकस कर सकेंगे।

कंपनी का मानना है कि इससे डेटा सेंटर बिजनेस को अलग पहचान मिलेगी। उसकी वैल्यू बेहतर तरीके से सामने आएगी। साथ ही सेक्टर-फोकस्ड निवेशकों को आकर्षित करने, रणनीतिक साझेदारी करने और नए निवेश जुटाने में भी आसानी होगी।

Anant Raj के एमडी ने क्या कहा?

Anant Raj के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित सरीन ने कहा कि रियल एस्टेट और डेटा सेंटर कारोबार अब दो अलग प्लेटफॉर्म बन चुके हैं। दोनों की जरूरतें और ग्रोथ का रास्ता अलग है। ऐसे में डिमर्जर से दोनों कंपनियों को स्वतंत्र रणनीति बनाने और तेजी से विस्तार करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर और क्लाउड कारोबार को एक ही प्लेटफॉर्म के तहत लाने से कॉरपोरेट स्ट्रक्चर सरल होगा। इससे फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे और निवेशकों के लिए पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

यह घोषणा बाजार बंद होने के बाद हुई। Anant Raj का शेयर मंगलवार को BSE पर 1.50% की गिरावट के साथ ₹609.60 पर बंद हुआ।

Trident Q1 Results: टेक्सटाइल कंपनी का मुनाफा 13% बढ़ा, शेयरधारकों को मिला डिविडेंड

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aastha Spintex: 23 जुलाई को बोर्ड मीटिंग होगी, 1:1 बोनस शेयर के साथ डिविडेंड देने के प्रस्ताव पर विचार करेगा बोर्ड

Aastha Spintex: गुजरात की इंटीग्रेटेड कॉटन यार्न निर्माता Aastha Spintex Ltd अपने कारोबार के अगले चरण की तैयारी में जुट गई है। कंपनी का बोर्ड 23 जुलाई 2026 को होने वाली बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर विचार करेगा। इनमें 1:1 बोनस शेयर, 100% तक फाइनल डिविडेंड और वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स में विस्तार शामिल है।

बोनस शेयर और डिविडेंड पर फैसला

Aastha Spintex के बोर्ड के सामने 1:1 बोनस इश्यू का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके तहत हर एक इक्विटी शेयर पर एक अतिरिक्त बोनस शेयर मिलेगा। इसके अलावा, ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹10 तक के फाइनल डिविडेंड पर भी विचार किया जाएगा। हालांकि, इन प्रस्तावों को शेयरधारकों की मंजूरी मिलना जरूरी होगा।

टेक्सटाइल वैल्यू चेन में आगे बढ़ने की तैयारी

Aastha Spintex के मुताबिक, वह अब सिर्फ कॉटन यार्न तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी अपने ब्रांड के तहत ग्रे फैब्रिक और दूसरे वैल्यू-एडेड फैब्रिक प्रोडक्ट्स के कारोबार में उतरने की योजना बना रही है। इस कदम से कंपनी टेक्सटाइल वैल्यू चेन में अपनी मौजूदगी और मजबूत करना चाहती है। साथ ही मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का बेहतर इस्तेमाल भी हो सकेगा।

मैनेजिंग डायरेक्टर क्या बोले?

Aastha Spintex के मैनेजिंग डायरेक्टर दिव्यांग जसवंत पटेल ने कहा कि कंपनी लंबे समय से एक मजबूत और इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल बिजनेस बनाने की दिशा में काम कर रही है। उनके मुताबिक, अब टेक्सटाइल वैल्यू चेन में आगे बढ़ने का सही समय है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बोनस इश्यू और डिविडेंड शेयरधारकों के साथ कंपनी की बनाई गई वैल्यू साझा करने की प्रतिबद्धता को भी दिखाते हैं।

हाल में बढ़ी उत्पादन क्षमता

हाल ही में NSE और BSE के मेन बोर्ड पर लिस्टिंग के बाद कंपनी ने Falcon Yarns Pvt Ltd का अधिग्रहण पूरा किया है। कंपनी का दावा है कि अब उसकी सालाना स्पिनिंग क्षमता 7,700 मीट्रिक टन से बढ़कर 17,457 मीट्रिक टन हो गई। वहीं, स्पिंडल क्षमता 25,920 से बढ़कर 61,824 तक पहुंच गई। कंपनी का मानना है कि वैल्यू-एडेड फैब्रिक सेगमेंट में विस्तार इस बढ़ी क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद करेगा।

वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा

पिछले दो वित्त वर्षों में कंपनी की वित्तीय स्थिति में भी सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023 में ₹240 करोड़ रहा रेवेन्यू बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में ₹352 करोड़ हो गया। इस दौरान कंपनी ने 21.2% की CAGR दर्ज की। ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 5.87% से बढ़कर 14.16% हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 6.05% से बढ़कर 14.45% पहुंच गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HDFC Bank की गिरावट पर Sensex-Nifty लाल बंद, फिर भी इस कारण निवेशकों पर बरसे ₹2 लाख करोड़

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच में कच्चे तेल में और उबला आया तो मार्केट में आज भी इसकी आंच महसूस हुई। घरेलू बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार दूसरे दिन फिसले। एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) जैसे हैवीवेट स्टॉक में गिरावट के चलते इंट्रा-डे में आज सेंसेक्स 300 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी 50 भी फिसलकर 24150 के नीचे आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रौनक दिखी और स्मॉलकैप स्पेस में अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 में आधे फीसदी से थोड़ी कम बढ़त रही तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से थोड़ी अधिक तेजी आई।

सेक्टरवाइज आज मार्केट में सबसे अच्छी रौनक रियल्टी सेक्टर में दिखी जिसके निफ्टी इंडेक्स में 1% से अधिक बढ़त रही। निफ्टी ऑटो में 1% से थोड़ी कम बढ़त रही। वहीं दूसरी तरफ सरकारी बैंकों में बिकवाली का दबाव दिखा और इसका निफ्टी इंडेक्स 0.88% कमजोर हुआ तो निफ्टी आईटी भी आधे फीसदी से अधिक कमजोर हुआ। इस मिले-जुले माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹2 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹2 लाख करोड़ से अधिक की तेजी आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज सेंसेक्स (Sensex) 238.41 प्वाइंट्स यानी 0.31% की कमजोरी के साथ 77,470.11 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 50.80 प्वाइंट्स यानी 0.21% की गिरावट के साथ 24,187.70 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 371.19 प्वाइंट्स टूटकर 77,337.33 और निफ्टी 102.85 प्वाइंट्स गिरकर 24,135.65 तक आ गया था।

₹2.15 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 20 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,82,19,644.97 करोड़ था। आज यानी 21 जुलाई 2026 को यह बढ़कर ₹4,84,29,159.65 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹2,09,514.68 लाख करोड़ का इजाफा हुआ है

Sensex के 21 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से 21 आज ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज बजाज फिनसर्व, इंडिगो और अल्ट्राटेक सीमेंट में रही। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट आज एचडीएफसी बैंक में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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 131 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4399 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2188 शेयर आज मजबूत हुए तो 2021 में गिरावट रही जबकि 190 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 131 शेयर एक साल के हाई और 90 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 15 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 9 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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पश्चिमी एशिया में क्या है स्थिति

अमेरिका ने ईरान पर लगातार 10वीं रात किया ताबड़तोड़ हमला किया तो दूसरी तरफ इस युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। वीकेंड पर अमेरिकी सैनिकों की हुई मौतों और नुकसान से भड़के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ भयंकर बदले की कसम खाई है। अमेरिकी हमलों से बौखलाए ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सैन्य और व्यापारिक नेटवर्क पर चौतरफा हमला बोल दिया है। ईरानी सेना ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि उसने बहरीन में स्थित अमेरिकी ई-कॉमर्स और टेक दिग्गज अमेजन के सेंट्रल डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर पर कई क्रूज मिसाइलों से हमला कर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Alpine Texworld IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, फ्लैट एंट्री के बाद शेयर धड़ाम

Alpine Texworld IPO Listing: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के साथ-साथ मार्केट में अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का भी आईपाओ लॉन्च हुआ था। एक तरफ एसबीआई फंड्स के आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और इसे 41 गुना से अधिक बोली मिली थी तो दूसरी तरफ अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के आईपीओ को ओवरऑल 1.40 गुना बोली मिली थी। अब दोनों के शेयर आज लिस्ट हुए हैं। एसबीआई फंड्स के शेयर तो 6% से अधिक प्रीमियम पर लिस्ट हुए तो अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के शेयर एकदम फ्लैट।

अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के शेयर आईपीओ के तहत ₹105 के भाव पर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹105.00 और NSE पर ₹105.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर फिसल गए। टूटकर BSE पर यह ₹99.75 (Alpine Texworld Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 5% घाटे में हैं।

Alpine Texworld IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का ₹126 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 14-16 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का सुस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 1.40 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.09 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.09 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.54 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,20,24,000 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹32.08 करोड़ प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने के लिए एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में नई वीविंग यूनिट लगाने, ₹52.20 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Alpine Texworld के बारे में

अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड कपड़ों की डाईंग और प्रोसेसिंग के बिजनेस में है। इसके पास दो मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। इसकी सालाना इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 6 हजार टन के कॉटन और ब्लेंडेड यार्न की है। इसके पास 112 हाई-स्पीड लूम हैं जो डेनिम, सूटिंग शर्टिंग, और RFD (रेडी-फॉर-डाईंग) फैब्रिक बनाते हैं। कंपनी को फिलहाल फोकस ग्रीन एनर्जी पर है और रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट पर भी ध्यान दे रही है। अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के वित्तीय सेहत की बात करें तो पिछले वित्त वर्ष 2026 में इसका शुद्ध 151.68% बढ़कर ₹21.72 करोड़ और टोटल इनकम 47.34% उछलकर ₹350.18 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹177.60 करोड़ का कर्ज था तो रिजर्व और सरप्लस में ₹46.32 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।