हर शेयर पर मिलेगा ₹270 का शानदार डिविडेंड, 4 अगस्त रिकॉर्ड डेट; स्टॉक 3 महीनों में 14% चढ़ा

Bosch Ltd वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 270 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने जा रही है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट अगले सप्ताह में 4 अगस्त है। इस तारीख तक जिन शेयरधारकों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड पाने के हकदार होंगे। इसका मतलब है कि अगर पहले से शेयरहोल्डर नहीं हैं तो पात्र बनने के लिए बॉश के शेयर की खरीद 3 अगस्त को मार्केट क्लोज होने से पहले करनी होगी।

Bosch Ltd, जर्मनी की मल्टीनेशनल इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कंपनी Robert Bosch GmbH की इंडिया यूनिट है। भारत में बॉश, मोबिलिटी सॉल्यूशंस, इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, कंज्यूमर गुड्स और एनर्जी एंड बिल्डिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी और सर्विसेज की सप्लाई करती है। जर्मनी की बॉश रेवेन्यू के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमोटिव सप्लायर है। यह स्पार्क प्लग से लेकर ऑटोमेटेड ड्राइविंग सॉफ्टवेयर तक सब कुछ बनाती है।

बॉश के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। फाइनल डिविडेंड पर 11 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट 14 अगस्त को या उसके बाद किया जाएगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 512 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था।

Bosch का शेयर 3 महीनों में 14 प्रतिशत मजबूत

बॉश के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 41088.75 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 1.21 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर की कीमत 3 महीनों में 14 प्रतिशत चढ़ी है। 3 साल में निवेशकों का पैसा डबल से भी ज्यादा हो चुका है। जून महीने में ब्रोकरेज फर्म UBS ने शेयर को डबल अपग्रेड किया था। रेटिंग ‘सेल’ से बढ़ाकर सीधा ‘बाय’ कर दी। टारगेट प्राइस 27920 रुपये से बढ़ाकर 45530 रुपये प्रति शेयर कर दिया।

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मार्च तिमाही में मुनाफा रहा 568 करोड़ रुपये

कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 70.54 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में बॉश लिमिटेड का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 5,565.70 करोड़ रुपये रहा था। इस बीच शुद्ध मुनाफा 568.50 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। ​पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 20,034.70 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 2,770.30 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPOs This Week: 3 अगस्त से शुरू हफ्ते में Ardee Industries समेत 6 नए इश्यू, 11 कंपनियां होंगी लिस्ट

3 अगस्त से शुरू हफ्ते में देश में 6 नए IPO खुलने जा रहे हैं। इनमें से 2 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 6 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। इनमें से 2 मेनबोर्ड हैं। जहां तक नई लिस्ट होने जा रही कंपनियों की बात है तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 11 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए खुल रहे IPO

Anawil Wire & Engineering IPO: ₹177.81 करोड़ का इश्यू 3 अगस्त को खुलेगा और 5 अगस्त को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹257-₹270 प्रति शेयर और लॉट साइज 400 शेयर है। IPO बंद होने के बाद कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 10 अगस्त को होगी।

Aegeus Technologies IPO: ₹23.71 करोड़ का इश्यू 4 अगस्त को खुलेगा। इसमें ₹100-₹105 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में और 1,200 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। इश्यू की क्लोजिंग 6 अगस्त को होगी। कंपनी के शेयर BSE SME पर 11 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Ardee Industries IPO: यह 5 अगस्त को खुलेगा और 7 अगस्त को बंद होगा। कंपनी ₹425.87 करोड़ जुटाना चाहती है। बोली ₹50-₹53 प्रति शेयर के भाव पर और 281 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। IPO बंद होने के बाद कंपनी NSE और BSE पर 12 अगस्त को लिस्ट हो सकती है।

LAPL Automotive IPO: यह ₹32.40 करोड़ का है। इसकी ओपनिंग 6 अगस्त को होगी। निवेशकों के ​पास 10 अगस्त तक ₹88-₹94 प्रति शेयर के भाव पर और 1,200 शेयरों के लॉट में पैसे लगाने का मौका रहेगा। कंपनी के शेयर BSE SME पर 13 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

Optimystix Entertainment IPO: यह 7 अगस्त को खुलेगा और 11 अगस्त को बंद होगा। इसका साइज, प्राइस बैंड, लॉट साइज अभी तक तय नहीं हुआ है। IPO बंद होने के बाद कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 14 अगस्त को होने की उम्मीद है।

Technocraft Ventures IPO: इसका भी साइज, लॉट साइज, प्राइस बैंड अभी फाइनल नहीं है। लेकिन इश्यू की ओपनिंग 7 अगस्त को और क्लोजिंग 11 अगस्त को होगी। शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 14 अगस्त को होने वाली है।

पहले से खुले IPO

Juniper Green Energy IPO: ₹1,800 करोड़ का इश्यू 30 जुलाई को ओपन हुआ था और 3 अगस्त को बंद होगा। इसे अभी तक 49 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है। प्राइस बैंड ₹214-₹225 प्रति शेयर और लॉट साइज 66 शेयर है। कंपनी के NSE और BSE पर 6 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

MV Electrosystems IPO: कंपनी ₹290 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू 30 जुलाई को खुला था। अभी तक 12.79 गुना भर चुका है। इस IPO में 3 अगस्त को भी ₹400-₹425 प्रति शेयर के भाव पर और 34 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 6 अगस्त को होने वाली है।

Dhaval Packaging IPO: ₹36.36 करोड़ का इश्यू 30 जुलाई को खुला था और 3 अगस्त को बंद होगा। इसे अभी तक 1.40 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। प्राइस बैंड ₹92-₹97 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। IPO की क्लोजिंग के बाद कंपनी के शेयर BSE SME पर 6 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Oneindig Technologies IPO: यह भी 30 जुलाई को खुला था और 3 अगस्त को बंद होगा। अभी तक 79 प्रतिशत भरा है। साइज ₹27.65 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹91-₹96 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। कंपनी के शेयर BSE SME पर 6 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

G.V. Electricals IPO: यह ₹42.25 करोड़ का है। इश्यू 31 जुलाई को खुला था और 4 अगस्त को बंद होगा। यह अभी तक 2.30 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹123-₹130 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,000 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 7 अगस्त को होगी।

Fusion Klassroom Edutech IPO: कंपनी का इरादा ₹39.04 करोड़ जुटाने का है। इश्यू 31 जुलाई से अभी तक 79 प्रतिशत भरा है। 3 और 4 अगस्त को भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। उसके बाद शेयरों की लिस्टिंग BSE SME पर 7 अगस्त को होने वाली है। प्राइस बैंड ₹151-₹159 प्रति शेयर और लॉट साइज 800 शेयर है।

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इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 3 अगस्त को NSE SME पर Propshop Events & Exhibitions की लिस्टिंग होने जा रही है। इसी दिन BSE SME पर Advance Technoforge के शेयर लिस्ट होने वाले हैं। 4 अगस्त को BSE SME पर Poojaa Precision Engg. की लिस्टिंग होने की उम्मीद है। 5 अगस्त को NSE और BSE पर Manipal Health Enterprises के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे। इसी दिन BSE SME पर H.R. Hygiene Products लिस्ट हो सकती है।

इसके बाद 6 अगस्त को NSE और BSE पर Juniper Green Energy, MV Electrosystems की लिस्टिंग होने वाली है। वहीं BSE SME पर Dhaval Packaging, Oneindig Technologies की लिस्टिंग की उम्मीद है। 7 अगस्त को BSE SME पर G.V. Electricals और Fusion Klassroom Edutech के शेयर शुरुआत करेंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Rise: बाजार लगातार तीसरे दिन चढ़ा, सेंसेक्स 166 अंकों की बढ़त के साथ बंद; निवेशकों की दौलत ₹1.32 लाख करोड़ बढ़ी

शेयर बाजार में शुक्रवार, 31 जुलाई को लगातार तीसरे दिन तेजी रही। सेंसेक्स 166.49 अंकों की बढ़त के साथ 78,094.64 पर और निफ्टी 66.45 अंक चढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1.32 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 344 अंक तक उछलकर 78,272.25 के हाई तक गया। यह मार्क दिन के लो से 462 अंक ज्यादा है। निफ्टी भी दिन में पिछली क्लोजिंग से लगभग 112 अंक तक उछलकर 24,429.40 के हाई तक गया।

गुरुवार, 30 जुलाई को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,84,56,699.485 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह बढ़कर 4,85,88,400.40 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 1,31,700.915 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी। निफ्टी पर बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, महिंद्रा एंड महिंद्रा और श्रीराम फाइनेंस टॉप गेनर रहे। वहीं TCS, इटर्नल, इंफोसिस, मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट, आईटीसी टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को सेंसेक्स 273.55 अंक या 0.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,928.15 पर बंद हुआ था। निफ्टी 66.95 अंक या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 24,317.15 अंक पर बंद हुआ था। विदेशी निवेशकों की ओर से अच्छी खरीद, रुपये में मजबूती और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए कंपनियों के उत्साहजनक नतीजों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को शुद्ध रूप से 3,623.51 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

विदेशी बाजारों की कैसी रही चाल

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 15 प्रतिशत की बढ़त में है। जापान के निक्केई 225 में भी 4 प्रतिशत की तेजी है। चीन का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी बढ़त में है। अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को अच्छी तेजी के साथ बंद हुए थे। यूरोपीय बाजार भी हरे निशान में हैं।

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रुपये में बढ़त

शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 9 पैसे की बढ़त के साथ 95.41 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। गुरुवार को रुपया लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज करते हुए 26 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.50 पर बंद हुआ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bajaj Finserv Share Price: बजाज ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 18% बढ़ा, NII रही 20% ज्यादा; शेयर में 6% तक तेजी

बजाज ग्रुप की कंपनी बजाज फिनसर्व के शेयरों में 31 जुलाई को अच्छी तेजी है। कंपनी ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। इसके बाद शेयर में पिछली क्लोजिंग से 6 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। BSE पर भाव 2025.45 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 3.22 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसका शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर 6,296.67 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 5329.17 करोड़ रुपये था।

कंपनी के मालिकों के लिए शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 3,132.35 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 2,789.05 करोड़ रुपये था। कुल इनकम एक साल पहले से 19 प्रतिशत बढ़कर 42,036.90 करोड़ रुपये हो गई। जून 2025 तिमाही में यह 35300.02 करोड़ रुपये थी। खर्च 33,109.82 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 28,097 करोड़ रुपये के थे।

जून 2026 तिमाही में बजाज फिनसर्व की शुद्ध ब्याज आय सालाना आधार पर 20 प्रतिशत बढ़कर 14,528 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 12,083 करोड़ रुपये थी। एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 33,027 करोड़ रुपये पर पहुंच गए। बजाज फिनसर्व एक नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है। यह बजाज ग्रुप के फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस के लिए होल्डिंग कंपनी है। यह बजाज फाइनेंस की पेरेंट कंपनी भी है।

कंपनी री-इंश्योरेंस बिजनेस में करेगी एंट्री

बजाज फिनसर्व के बोर्ड ने एक नई बनी सब्सिडियरी के जरिए री-इंश्योरेंस बिजनेस में उतरने की योजना को भी मंजूरी दी है। कामकाज शुरू करने से पहले इस प्रस्ताव के लिए इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) और अन्य संबंधित अथॉरिटीज से मंजूरी लेनी होगी। री-इंश्योरेंस को आसान शब्दों में “बीमा कंपनियों का बीमा” कहा जाता है। यह आम जनता के लिए नहीं होता। इसमें एक मुख्य बीमा कंपनी अपने द्वारा उठाए गए जोखिम का कुछ हिस्सा दूसरी री-इंश्योरेंस कंपनी को ट्रांसफर कर देती है। यह कदम बड़े नुकसान से बचने या आपदाओं के समय आर्थिक रूप से सुरक्षित रहने के लिए उठाया जाता है।

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Bajaj Finserv का शेयर एक महीने में 13 प्रतिशत मजबूत

बजाज फिनसर्व के शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। शेयर की कीमत एक महीने में 13 प्रतिशत चढ़ी है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 58.71 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 2,194.65 रुपये और एडजस्टेड लो 1,598.15 रुपये है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Hyundai Motor India Share Price: मुनाफा 35% घटने के बावजूद ब्रोकरेज बुलिश, शेयर 9% तक भागा

हुंडई मोटर इंडिया के शेयर में 31 जुलाई को दिन में 9 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। BSE पर शेयर 2,208.90 रुपये के हाई तक गया। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का मुनाफा गिरने और रेवेन्यू कम रहने के बावजूद शेयर चढ़ा है। इसकी वजह है कि शेयर पर ब्रोकरेज अभी भी बुलिश हैं। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है।

जून 2026 तिमाही में हुंडई मोटर इंडिया का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 35 प्रतिशत घटकर 888.62 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले मुनाफा 1369.23 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 16,334.63 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो जून 2025 तिमाही में 16,412.88 करोड़ रुपये था। कंपनी का कुल खर्च बढ़कर 15,407.35 करोड़ रुपये हो गया, जबकि जून 2025 तिमाही में यह 14,780.47 करोड़ रुपये था।

हुंडई मोटर इंडिया वित्त वर्ष 2026 के लिए 21 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दे रही है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 5 अगस्त है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुके होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। इस डिविडेंड पर 26 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने के बाद पेमेंट किया जाएगा।

Hyundai Motor India शेयर पर ब्रोकरेज की राय

CLSA ने 2,300 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ स्टॉक पर ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग को दोहराया है। कहा है कि हुंडई का EBITDA मार्जिन 9.3 प्रतिशत रहा, जो उम्मीद के मुताबिक था। एडजस्टेड ग्रॉस मार्जिन पिछली तिमाही के मुकाबले 40 बेसिस पॉइंट्स कम रहा। ब्रोकरेज ने कहा कि कीमतों में लगातार बढ़ोतरी, डिस्काउंट में कमी और लागत कम करने के उपायों से कंपनी को कमोडिटी की लागत के दबाव के बावजूद ग्रॉस मार्जिन को मैनेज करने में मदद मिली। कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी ने अपने मार्जिन गाइडेंस को दोहराया है।

नोमुरा ने हुंडई मोटर इंडिया के स्टॉक पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 2,498 रुपये तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि हुंडई का पहली तिमाही का EBITDA मार्जिन उम्मीद के मुताबिक रहा। उम्मीद है कि जुलाई-सितंबर 2026 में 2 नए मॉडल लॉन्च होने से कंपनी का प्रदर्शन बेहतर होगा। नोमुरा का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही से कंपनी की ग्रोथ इंडस्ट्री की ग्रोथ से बेहतर रहेगी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOSL) ने भी हुंडई मोटर इंडिया पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस 2,334 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा उसके अनुमान से अधिक रहा। कमोडिटी की महंगाई और कम वॉल्यूम के कारण EBITDA मार्जिन पर असर पड़ा। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कंपनी का वॉल्यूम FY26-28 के दौरान 9 प्रतिशत CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) और अर्निंग्स 16 प्रतिशत CAGR से बढ़ेगी।

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Silverstorm Parks And Resorts IPO Listing: पार्क और रिजॉर्ट कंपनी की फ्लैट शुरुआत, शेयर लगभग IPO प्राइस पर ही लिस्ट

SME सेगमेंट की कंपनी सिल्वरस्टॉर्म पार्क्स एंड रिजॉर्ट्स की 31 जुलाई को शेयर बाजार में लिस्टिंग न अच्छी रही, न बुरी। कंपनी के शेयर BSE SME पर फ्लैट नोट के साथ 132.90 रुपये पर लिस्ट हुए। IPO का फाइनल इश्यू प्राइस 133 रुपये प्रति शेयर था। कंपनी का 82.43 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू 1.91 गुना भरा था। IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.81 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 3.19 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.41 गुना सब्सक्राइब हुआ।

Silverstorm Parks & Resorts IPO में 62 लाख नए शेयर जारी हुए। कंपनी का पब्लिक इश्यू 24 जुलाई को खुला था और 28 जुलाई को बंद हुआ। सिल्वरस्टॉर्म पार्क्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड एक इंटीग्रेटेड एम्यूजमेंट और टूरिज्म कंपनी है। यह भारत में एम्यूजमेंट पार्क, वॉटर पार्क, स्नो पार्क और हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज चलाती है। कंपनी की फ्लैगशिप डेस्टिनेशन, केरल के अतिरापिल्ली में स्थित ‘सिल्वर स्टॉर्म थीम पार्क’ है। यह लगभग 17.38 एकड़ में फैला है। इसमें एक एम्यूजमेंट और वॉटर पार्क, केरल का पहला इनडोर स्नो पार्क, कई रेस्टोरेंट और सिल्वर स्टॉर्म रिसॉर्ट शामिल हैं। कंपनी झारखंड के जमशेदपुर में भी एक स्नो पार्क चलाती है और उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक नया स्नो पार्क और फैमिली एंटरटेनमेंट सेंटर बना रही है।

कंपनी एम्यूजमेंट और स्नो पार्क के टिकट बेचकर, खाने-पीने की सर्विसेज से, मर्चेंडाइज, रिजॉर्ट बुकिंग और प्राइवेट व कॉर्पोरेट इवेंट्स से कमाई करती है। यह अतिरापिल्ली में 1.2 किलोमीटर लंबे एरियल केबल कार प्रोजेक्ट के साथ अपनी सर्विस का विस्तार भी कर रही है। इसके साथ ही, नए एम्यूजमेंट राइड्स और वॉटर अट्रैक्शन भी जोड़े जा रहे हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Waaree Energies Share Price: सोलर पीवी मॉड्यूल मेकर का शेयर 6% तक लुढ़का, Q1 नतीजों के बाद भारी सेलिंग; अब क्या करें?

सोलर पीवी मॉड्यूल बनाने वाली वारी एनर्जीज लिमिटेड के शेयरों में 30 जुलाई को शुरुआती कारोबार में 6 प्रतिशत तक की गिरावट दिखी। BSE पर शेयर 2,563 रुपये के लो तक गया। कंपनी ने एक दिन पहले मार्केट बंद होने के बाद अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए थे। तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय में सालाना आधार पर 79.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह 7,932 करोड़ रुपये रही। EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 1,440 करोड़ रुपये रहा। यह जून 2025 तिमाही के मुकाबले 44 प्रतिशत ज्यादा EBITDA मार्जिन 4 प्रतिशत से ज्यादा घटकर 18.2 प्रतिशत रह गया, जो जून 2025 तिमाही में 22.5 प्रतिशत था।

जून 2026 तिमाही में Waaree Energies को 16,000 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले। कंपनी की ऑर्डर बुक 61,500 करोड़ रुपये की थी। कंपनी ने पूरे साल के लिए अपने ऑपरेटिंग EBITDA गाइडेंस को 7,000 करोड़ से 7,700 करोड़ रुपये के बीच ही बरकरार रखा।

वारी एनर्जीज अक्टूबर 2024 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका 4321.44 करोड़ रुपये का IPO 79.44 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी में सितंबर 2025 के आखिर तक प्रमोटर्स के ​पास 64.22 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 3 महीनों में 21 प्रतिशत नीचे आया है।

Waaree Energies पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने Waaree Energies पर अपनी “बाय” रेटिंग बरकरार रखी है। प्राइस टारगेट 3,750 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह शेयर के पिछले बंद भाव से 37 प्रतिशत ज्यादा है। ब्रोकरेज का मानना ​​है कि एडजस्टेड EBITDA अनुमान से कम रहा। इसकी वजह मार्जिन पर बना दबाव था, जिसने कंपनी के अच्छे कामकाज के असर को भी कम कर दिया। नोमुरा ने कहा कि कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक से कामकाज में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद दिखती है। वारी एनर्जीज के शेयर को 19 एनालिस्ट्स को कवर करते हैं। इनमें से 14 ने ‘बाय’ रेटिंग दी है। एक ने ‘होल्ड’ और 4 ने ‘सेल’ की सलाह दी है।

 

Juniper Green Energy IPO: दिग्गज एंकर निवेशकों ने लगाए ₹539 करोड़! आज से खुला इश्यू, निवेश करें या नहीं? जानें

Juniper Green Energy IPO Opening: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी जुपिटर ग्रीन एनर्जी का ₹1,800 करोड़ का इश्यू आज, 30 जुलाई को आम निवेशकों के लिए खुल गया है। निवेशक इस इश्यू में 3 अगस्त तक बोली लगा सकते हैं। अगर आप भी रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के इस आईपीओ में दांव लगाने की सोच रहे हैं, तो कंपनी के प्राइस बैंड, एंकर बुक, वित्तीय स्थिति और ब्रोकरेज रिपोर्ट से जुड़ी हर अहम बातें जान लें।

Juniper Green Energy IPO: मुख्य तारीखें और प्राइस बैंड

आईपीओ खुलने-बंद होने की तारीख: 30 जुलाई-3 अगस्त 2026

प्राइस बैंड: ₹214 से ₹225 प्रति शेयर

कुल इश्यू साइज: ₹1,800 करोड़ (पूरी तरह से फ्रेश इश्यू )

लिस्टिंग की संभावित तारीख: 6 अगस्त 2026 (BSE और NSE पर)

मर्चेंट बैंकर: आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, एचएसबीसी सिक्योरिटीज, जेएम फाइनेंशियल और कोटक महिंद्रा कैपिटल।

एंकर निवेशकों से जुटाए ₹539.4 करोड़

आईपीओ खुलने से ठीक एक दिन पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹539.4 करोड़ का फंड जुटाया है। बीएसई सर्कुलर के अनुसार, कंपनी ने ₹225 के अपर प्राइस बैंड पर 31 फंड्स को 2.4 करोड़ इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं। कुल एंकर पोर्शन का 74.79% (₹403.43 करोड़) हिस्सा देश के 9 बड़े म्यूचुअल फंड हाउस को मिला। इनमें SBI Mutual Fund, ICICI Prudential, WhiteOak Capital, Nippon India, HSBC और Edelweiss शामिल हैं।

दिग्गज ग्लोबल और इंश्योरेंस इन्वेस्टर फर्म अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने करीब ₹80 करोड़ का निवेश किया। इसके अलावा HDFC Life, Bajaj Life और Tata AIG जैसी इंश्योरेंस कंपनियों ने भी एंकर बुक में हिस्सा लिया।

आईपीओ से मिले पैसों का क्या करेगी कंपनी?

कंपनी आईपीओ के जरिए जुटाए गए ₹1,800 करोड़ में से बड़ा हिस्सा अपना कर्ज चुकाने में इस्तेमाल करेगी। कंपनी पर कुल ₹13,266 करोड़ का कर्ज है। इसमें से ₹683.24 करोड़ सीधे कंपनी के कर्ज को चुकाने/कम करने में इस्तेमाल होंगे, जबकि ₹728.69 करोड़ इसकी सहायक कंपनियों के बकाए लोन को चुकाने के लिए दिए जाएंगे। बची हुई राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होगी।

कंपनी का बिजनेस और वित्तीय स्थिति

गुरुग्राम बेस्ड जुपिटर ग्रीन एनर्जी भारत की टॉप 10 सबसे बड़ी रिन्यूएबल इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स (IPP) में शामिल है। यह सोलर, विंड, हाइब्रिड और बैटरी एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स डेवलप और ऑपरेट करती है।

जून 2026 तक कंपनी का कुल प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो 7,910.20 MW तक पहुंच गया है। वर्तमान में इसकी चालू क्षमता 1,795 MW है, जबकि 6,115 MW क्षमता के प्रोजेक्ट्स निर्माण के अधीन हैं। वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में कंपनी का शुद्ध लाभ 10.9% बढ़कर ₹40.5 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹36.5 करोड़ था। इसी अवधि में कंपनी की आय 41.3% उछलकर ₹718.9 करोड़ पर पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹508.7 करोड़ थी।

ब्रोकरेज की क्या है सलाह?

एसबीआई सिक्योरिटीज ने लंबी अवधि के नजरिए से इस आईपीओ को ‘Subscribe’ करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की विंड-सोलर हाइब्रिड( WSH) और FDRE एसेट्स में मजबूत पकड़ है। इसके अलावा, कंपनी की चालू क्षमता 1,795 MW है और 6,115 MW के प्रोजेक्ट्स निर्माणाधीन हैं, जो आने वाले समय में प्रोजेक्ट्स के चालू होने पर कंपनी को लंबे समय तक मजबूत ग्रोथ विजिबिलिटी प्रदान करेंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vedanta Oil & Gas Q1 Results: डिमर्जर के बाद पहली तिमाही में ₹945 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू और मार्जिन में गिरावट

Vedanta Oil & Gas Q1 Results: वेदांता ऑयल एंड गैस ने डिमर्जर और अलग लिस्टिंग के बाद पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। जून तिमाही में कंपनी ने 945 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछली तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

रेवेन्यू और EBITDA में आई गिरावट

जून तिमाही में वेदांता ऑयल एंड गैस का ऑपरेशन से रेवेन्यू 3.1% घटकर 2,507 करोड़ रुपये रह गया। पिछली तिमाही के मुकाबले EBITDA भी 7.7% गिरकर 814 करोड़ रुपये रहा।

वहीं, EBITDA मार्जिन घटकर 32.5% रह गया। मार्च तिमाही में यह 34.1% था।

कितना रहा तेल और गैस उत्पादन?

जून तिमाही में कंपनी का औसत ग्रॉस ऑपरेटेड प्रोडक्शन 77.7 हजार बैरल ऑयल इक्विवेलेंट प्रतिदिन (kboepd) रहा। वहीं, वर्किंग इंटरेस्ट प्रोडक्शन 51.1 हजार kboepd रहा।

पूरी तिमाही में कुल ग्रॉस प्रोडक्शन 7.1 मिलियन बैरल ऑयल इक्विवेलेंट (boe) रहा। जबकि वर्किंग इंटरेस्ट प्रोडक्शन 4.7 मिलियन boe दर्ज किया गया।

राजस्थान में गैस की नई खोज

वेदांता ऑयल एंड गैस ने राजस्थान के बाड़मेर बेसिन में RJ-ON-90/1 ब्लॉक के Kaam BCP-1ST कुएं में नई गैस खोज की भी घोषणा की है।

कंपनी ने कहा कि इस खोज का तकनीकी और व्यावसायिक मूल्यांकन अभी जारी है।

CEO ने क्या कहा?

अंतरिम CEO और पूर्णकालिक निदेशक जिम जॉनी गैस्ट ने कहा कि जून तिमाही कंपनी के लिए अहम रही। इसी दौरान कंपनी के शेयर NSE और BSE पर लिस्ट हुए।

उन्होंने कहा कि मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन, नई खोज और पूंजी के बेहतर इस्तेमाल की रणनीति से आगे भी ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं हैं। कंपनी अब एक्सप्लोरेशन ड्रिलिंग, ऑयल रिकवरी प्रोजेक्ट और नए डेवलपमेंट प्रोग्राम पर फोकस करेगी।

नतीजों से पहले बुधवार को वेदांता ऑयल एंड गैस का शेयर 3.3% की बढ़त के साथ 35.31 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में स्टॉक 6.45% चढ़ा है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bajaj Housing Q1 Results: बजाज ग्रुप की कंपनी को ₹715 करोड़ का मुनाफा, शेयरों पर रहेगी नजर

Bajaj Housing Q1 Results: बजाज ग्रुप की दिग्गज कंपनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का शुद्ध मुनाफा 22.6% बढ़कर 715 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 583 करोड़ रुपये था। बेहतर कारोबार और लोन पर कम प्रावधान का फायदा नतीजों में दिखा।

NII और रेवेन्यू दोनों बढ़े

जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 9% बढ़कर 968 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले यह 887 करोड़ रुपये थी।

वहीं, नेट टोटल इनकम 16% बढ़कर 1,175 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल यह 1,009 करोड़ रुपये थी। इस हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का रेवेन्यू भी 17.2% बढ़कर 3,063 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले यह 2,613 करोड़ रुपये था।

AUM 24% बढ़ा

30 जून 2026 तक बजाज हाउसिंग फाइनेंस का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 24% बढ़कर 1,49,624 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 1,20,420 करोड़ रुपये था।

तिमाही के दौरान फर्म की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी बेहतर हुई। ऑपरेटिंग खर्च और नेट टोटल इनकम का अनुपात घटकर 19.6% रह गया। पिछले साल यह 21.2% था। वहीं, लोन लॉस और प्रावधान घटकर 16 करोड़ रुपये रह गए। एक साल पहले यह 38 करोड़ रुपये थे।

एसेट क्वालिटी मजबूत रही

बजाज हाउसिंग फाइनेंस की ग्रॉस एनपीए (GNPA) 30 जून 2026 तक 0.29% रही। पिछले साल यह 0.30% थी। वहीं, नेट एनपीए (NNPA) घटकर 0.12% रह गया। एक साल पहले यह 0.13% था। स्टेज-3 एसेट्स पर प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो 59% रहा।

जून तिमाही के आखिर में हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (Tier-II पूंजी सहित) 21.59% रहा। यह मजबूत बैलेंस शीट की ओर इशारा करता है।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस क्या करती है?

बजाज हाउसिंग फाइनेंस, बजाज फाइनेंस की सब्सिडियरी है। यह हाउसिंग लोन देने वाली नॉन-डिपॉजिट टेकिंग हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है। इसे 2015 में नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) से रजिस्ट्रेशन मिला था।

इसने 2017 में कारोबार शुरू किया। बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयर सितंबर 2024 से NSE और BSE पर लिस्टेड हैं। कंपनी का रेगुलेशन RBI, SEBI और IRDAI करते हैं, जबकि NHB इसकी निगरानी करता है।

बजाज हाउसिंग के शेयरों का हाल

जून तिमाही के नतीजों से पहले बजाज हाउसिंग फाइनेंस का शेयर 2.6% की बढ़त के साथ 87.89 रुपये पर बंद हुआ। हालंकि, पिछले 1 साल में स्टॉक 24.18% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 72.94 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।