FIFA World Cup 2026 Final: अर्जेंटीना और स्पेन के बीच ब्लॉकबस्टर फाइनल, जानें भारत में कब और कहां देख सकते हैं मुकाबला

FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है। फीफा वर्ल्ड कप का नया चैंपियन मिलने में सिर्फ एक मुकाबला बाकी है। कई हफ्तों तक चले रोमांचक मुकाबलों के बाद अब खिताब के लिए स्पेन और अर्जेंटीना आमने-सामने होंगे। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की मेजबानी में खेले गए इस टूर्नामेंट का समापन एक हाई-वोल्टेज फाइनल के साथ होगा। दुनियाभर के फुटबॉल फैंस बेसब्री से फाइनल का इंतजार कर रहे हैं। दोनों टीमें ट्रॉफी जीतने के इरादे से मैदान में उतरेंगी। वहीं भारत में फैंस यह जानना चाहते हैं कि फाइनल किस तारीख और समय पर देखा जा सकेगा।

भारत में कितने बजे शुरू होगा मुकाबला

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला स्पेन और अर्जेंटीना के बीच न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेला जाएगा। खिताबी मुकाबला स्पेन और अर्जेंटीना के बीच रविवार, 19 जुलाई (स्थानीय समय) को खेला जाएगा। वहीं भारतीय दर्शकों को ये मैच सोमवार, 20 जुलाई की आधी रात के बाद यानी 12:30 बजे (IST) देखने को मिलेगा। यानी भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों को इस महामुकाबले का रोमांच देखने के लिए रविवार देर रात तक जागना पड़ेगा। स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले इस खिताबी मुकाबले का इंतजार देश के लाखों फुटबॉल प्रेमी बेसब्री से कर रहे हैं।

वहीं तीसरे स्थान के लिए इंग्लैंड और फ्रांस की टीमें 18 जुलाई (स्थानीय समय) को मियामी के हार्ड रॉक स्टेडियम में भिड़ेंगी। भारतीय समय के अनुसार ये मुकाबला 19 जुलाई की रात 12:30 बजे शुरू होगा।

सेमीफाइनल में इसे दी मात

स्पेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से हराकर शानदार अंदाज में फाइनल का टिकट हासिल किया। वहीं मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से मात देकर लगातार दूसरी बार खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। अब ट्रॉफी के लिए दोनों टीमें फाइनल में बढ़ेगी।

कहां पर देखें लाइव मुकाबला

भारत में फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले का लाइव प्रसारण कई प्लेटफॉर्म पर देखा जा सकेगा। ऑनलाइन मैच देखने वाले दर्शक इसे ZEE5 पर लाइव स्ट्रीम कर सकेंगे। वहीं टीवी पर यह मुकाबला Unite8 स्पोर्ट्स चैनल पर प्रसारित होगा। इसके अलावा, डीडी फ्री डिश का इस्तेमाल करने वाले फुटबॉल प्रशंसक DD Sports पर भी इस हाई-वोल्टेज मुकाबले का सीधा प्रसारण देख सकेंगे।

IMD Heavy Rain Alert: 9 सक्रिय चक्रवाती सिस्टम एक्टिव, IMD ने 20+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, यूपी से बिहार तक मूसलाधार

India Weather Update: देश भर में मानसून की रफ्तार अब बेहद आक्रामक हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई को जारी ताजा वेदर बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम, पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान मानसून की स्थिति बेहद सक्रिय रहने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश के वायुमंडल में 9 बड़े चक्रवाती सिस्टम, ट्रफ और मौसमी प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इनके संयुक्त प्रभाव से देश के 20 से अधिक राज्यों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दूसरी तरफ अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां काफी धीमी बनी रहेंगी।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, आने वाले दिनों में आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

देश में एक्टिव हैं 9 चक्रवाती सिस्टम

18 जुलाई के मुताबिक देश के आसमान में अभी कई ताकतवर सिस्टम बने हुए हैं-

  • झारखंड-बंगाल पर चक्रवाती परिसंचरण: गांगेय पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों और उससे सटे उत्तरी झारखंड पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है लेकिन इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण इसी क्षेत्र पर समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक लगातार सक्रिय है।
  • बिहार से बंगाल की खाड़ी तक ट्रफ: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी बिहार से लेकर झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है।
  • उत्तरी हरियाणा पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी हरियाणा और उसके आस-पास के इलाके पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश पर चक्रवाती सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में पूर्वी यूपी के ऊपर एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
  • दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
  • दक्षिण ओडिशा पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण ओडिशा और उसके आस-पास के इलाके पर एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है।
  • उत्तर-पूर्वी असम पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तर-पूर्वी असम और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु) पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण तमिलनाडु से सटे मन्नार की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण लगातार बरकरार है।
  • उत्तरी केरल पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी केरल और उसके आस-पास के क्षेत्र पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

इसके अतिरिक्त पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ के रूप में 70°E देशांतर के साथ और 30°N अक्षांश के उत्तर में सक्रिय है जबकि मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर और पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है।

पिछले 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिश?

अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक): छत्तीसगढ़ और मेघालय में रिकॉर्ड तोड़ बरसात दर्ज की गई है।

बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी): पंजाब, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु में दर्ज हुई।

भारी बारिश (7 से 11 सेमी): हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, कोंकण व गोवा, ओडिशा, बिहार, त्रिपुरा, तटीय व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश व यानम और केरल में दर्ज की गई।

अगले 6-7 दिनों का राज्यवार विस्तृत पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर)

पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई के दौरान और पश्चिमी यूपी में 19-24-जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 18 जुलाई को छिटपुट बारिश की संभावना है। 18 से 21 जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और 18 से 20 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 22-24 जुलाई के बीच भारी बारिश भी होगी।

उत्तराखंड में 18-24 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर चलेगा। 19 और 20 जुलाई को उत्तराखंड में अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है। इसके साथ ही 18 और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 19-20 व 22-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को हिमाचल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 व 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18, 20-21 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में18 जुलाई को छिटपुट और 19-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश और 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश की आशंका है। 18-21 और 23 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 18-19 जुलाई और 24 जुलाई को छिटपुट जबकि 20 से 23 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होगी। 20 से 22 जुलाई के दौरान इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 19 और 23 जुलाई को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वी राजस्थान में 18-23 जुलाई को छिटपुट और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जबकि 20-24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में 18-24 जुलाई के दौरान छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

2- पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल)

बिहार में 18-21 जुलाई तक व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश का अनुमान है। 18 से 20 जुलाई के बीच बिहार में बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट है जबकि 21 से 24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। झारखंड में 18-23 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी (24 जुलाई को छिटपुट)। राज्य में 18 से 21 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 18 और 19 जुलाई को यहां कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट है। 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18-19 व 21-22 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी है।

गांगेय पश्चिम बंगाल में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी जिसमें 21-23 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 18-19 जुलाई को व्यापक बारिश (20-24 जुलाई को छिटपुट) होगी और 18-20 जुलाई के दौरान भारी बारिश का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को छिटपुट, जबकि 21-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी।

3- पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अरुणाचल)

असम और मेघालय में राज्यों में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी (21-22 जुलाई को छिटपुट)। 18 जुलाई को असम और मेघालय में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 19-20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 21-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 18-20 जुलाई और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। 18 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 18-24-जुलाई के दौरान लगातार व्यापक बारिश होगी जिसमें 18 से 22 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है।

Kia Sorento Hybrid SUV की भारत में एंट्री जल्द! दमदार डिजाइन, हाईटेक फीचर्स और हाइब्रिड इंजन का मिलेगा फायदा

Kia Sorento Hybrid: Kia भारतीय बाजार में अपनी नई Sorento Hybrid SUV को उतारने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने हाल ही में एक टीजर जारी किया है, जिसमें एक नई हाइब्रिड SUV की झलक दिखाई गई है। माना जा रहा है कि यह अपकमिंग Kia Sorento Hybrid हो सकती है। कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने इस SUV की अनऑफिशियल बुकिंग भी शुरू कर दी है।

मिलेंगे दमदार फीचर्स?

इंटीरियर की बात करें तो, 2026 Kia Sorento में एक प्रीमियम केबिन मिलता है, जो कई मॉडर्न फीचर्स से लैस है। इस 7-सीटर SUV के केबिन के अंदर एक डुअल-डिस्प्ले सेटअप दिया गया है जिसमें दोनों स्क्रीन का साइज 12-इंच है। इसके साथ ही, इसमें कंट्रोल बटन के साथ फोर-स्पोक स्टीयरिंग व्हील, एक प्रीमियम लेदर गियर नॉब, वॉल्यूम और फैन स्पीड कंट्रोल करने के लिए रोटरी डायल के साथ टच-बेस्ट HVAC पैनल, स्टडी पेडल्स और एक डुअल-टोन थीम मिलती है।

इसके अलावा, इस गाड़ी में लेवल-2 ADAS सुइट, मैनुअल रूप से डिम होने वाला IRVM, पैनोरमिक सनरूफ, पावर्ड और वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स जैसे कई सारे फीचर्स मिलने की उम्मीद है।

कैसा होगा डिजाइन?

2026 Kia Sorento का डिजाइन काफी दमदार और प्रीमियम नजर आता है। इसका लुक ऊंचा और बॉक्सी रखा गया है, जो इसे एक मजबूत SUV वाली पहचान देता है। इसके फ्रंट में Y-शेप के हॉरिजॉन्टल LED DRLs दिए गए हैं, जो टर्न इंडिकेटर का काम भी करते हैं। इसके अलावा, SUV में वर्टिकल डिजाइन वाले चार LED प्रोजेक्टर हेडलैंप मिलते हैं।

7-सीटर Sorento के फ्रंट प्रोफाइल में ब्लैक टाइगर नोज ग्रिल, एयर डैम्स और ब्लैक-आउट रेडिएटर ग्रिल जैसे एलिमेंट्स दिए गए हैं, जो इसे ज्यादा स्पोर्टी और आकर्षक लुक देते हैं।

साइड और रियर लुक

गाड़ी के साइड प्रोफाइल में पूरी लंबाई तक फैली हुई पतली ब्लैक बॉडी क्लैडिंग दी गई है, जो इसे एक रफ और प्रीमियम SUV वाला लुक देती है। इसके अलावा, इसमें व्हील आर्च क्लैडिंग और बड़े 19-इंच अलॉय व्हील मिलते हैं। पीछे की तरफ C-शेप की टेललाइट्स दी गई हैं, जो साइड तक फैली हुई है। इसके साथ ही, इसमें छोटा रूफ स्पॉइलर, टेलगेट पर Kia की बैजिंग और रूफ पर शार्क फिन एंटीना दिया गया है।

इंजन और पावरट्रेन

कंपनी ने अभी तक आने वाली इंजन की कोई जानकारी नहीं दी है। हालांकि, ग्लोबल मार्केट में यह SUV कई पावरट्रेन विकल्पों के साथ उपलब्ध है। इनमें 2.5 लीटर पेट्रोल इंजन, 2.5 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन और 1.6 लीटर टर्बो हाइब्रिड पावरट्रेन शामिल हैं।

उम्मीद की जा रही है कि भारत में किआ Sorento को स्टॉन्ग हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के साथ पेश कर सकती है। इसके अलावा, ग्राहकों के लिए इसमें पेट्रोल इंजन का विकल्प भी दिया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह SUV भारतीय बाजार में प्रीमियम हाइब्रिड सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बन सकती है।

FY27 की दूसरी छमाही में विदेशी निवेशकों की होगी वापसी, एक्सपर्ट ने बताया कहां दांव लगाने से होगी कमाई

लंबे समय बाद विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव दिखा है। जुलाई में उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली से ज्यादा खरीदारी की है। इससे अमेरिका-ईरान में फिर से लड़ाई शुरू होने के बावजूद बाजार में ज्यादा गिरावट नहीं आई है। शेयर बाजार के ट्रेंड को समझने के लिए मनीकंट्रोल ने AlfAccurate Advisors के चीफ इनवेस्टमेंट अफसर राजेश कोठारी से बातचीत की।

कोठारी ने कहा कि इंटरेस्ट रेट उम्मीद के मुताबिक रहने पर विदेशी निवेशकों की इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में धीरे-धीरे भारतीय बाजार में वापसी होगी। उनका मानना है कि बाजार में हालिया गिरावट के बाद भारतीय बाजार की वैल्यूएशंस वाजिब हो गई है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा वैल्यूएशंस पर रियल एस्टेट सेक्टर को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। हालांकि, हाउसिंग ईकोसिस्टम के बारे में उनकी सोच पॉजिटिव है। उनका मानना है कि इस सेक्टर में बिल्डिंग मैटेरियल्स और रियल एस्टेट की एंसिलियरीज कंपनियों के शेयरों में रिस्क-रिवॉर्ड अट्रैक्टिव दिख रहा है।

आईटी सेक्टर के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि इस सेक्टर में सेलेक्टिव रहने की जरूरत है। डिमांड में सुस्ती का दौर बीत चुका है। वैश्विक अनिश्चितता घटने पर डिस्क्रेशनरी खर्च में धीरे-धीरे इम्प्रूवमेंट दिखेगा। हालांकि, रिकवरी के एकसमान रहने की उम्मीद नहीं है। आईटी सर्विसेज ऑफर करने वाली ट्रेडिशनल कंपनियों के मुकाबले डिजिटल कपैबिलिटीज, एआई सर्विसेज ऑफर करने वाली कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर रहेगा।

क्या एआई थीम में अब दिलचस्पी घट रही है? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एआई थीम अभी शुरुआती अवस्था में है। कुछ खास ग्लोबल एआई कंपनियों के शेयरों की वैल्यूएशंस काफी बढ़ गई है। उनमें बीच-बीच में करेक्शंस दिख सकता है। लेकिन, एआई थीम से जुड़ी इनवेस्टमेंट साइकिल मजबूत बनी हुई है।

कोठारी ने कहा कि घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़ी कंपनियों को इंडिया की तेज ग्रोथ का फायदा मिलेगा। भारत में लोगों की खर्च करने योग्य इनकम बढ़ रही है। सरकार की पॉलिसी भी सपोर्टिव है। ऐसे में ऑटो एंसिलियरीज, कैपिटल गुड्स, कंजम्प्शन, बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में अच्छी संभावना दिख रही है। खासकर इन सेक्टर की वे कंपनियां अच्छी दिख रही हैं, जिनकी अर्निंग्स को लेकर तस्वीर साफ है।

Most watched Movies On OTT 2026: ओटीटी पर सबसे ज्यादा बार देखी गईं ये टॉप 10 फिल्में, रणवीर सिंह से कृति सेनन तक लिस्ट में शामिल

Most watched Movies On OTT 2026: 2026 के पहले छह महीनों का OTT रिपोर्ट कार्ड आ गया है और लेटेस्ट स्ट्रीमिंग नंबर डिजिटल स्पेस में थिएटर रिलीज के बढ़ते असर को दिखाते हैं। इसमें देश के दो सबसे बड़े स्टार, रणवीर सिंह और कृति सेनन सबसे आगे हैं, जिनकी फिल्में जनवरी और जून 2026 के बीच स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाले बॉलीवुड टाइटल्स में शामिल हुई हैं।

रणवीर सिंह

एक्टर धुरंधर और धुरंधर 2 दोनों के साथ चार्ट में सबसे ऊपर हैं, जो इस फ्रैंचाइजी की थिएटर रन से परे भी जबरदस्त पॉपुलैरिटी को कन्फर्म करता है। धुरंधर ने 35.2 मिलियन व्यूज के साथ टॉप स्पॉट हासिल किया, जबकि धुरंधर 2 27.8 मिलियन व्यूज के साथ उसके ठीक पीछे रहा। दोनों फिल्मों को मिलाकर 63 मिलियन से ज़्यादा व्यूज़ मिले हैं, जिससे यह फ्रेंचाइजी इस साल की अब तक की सबसे बड़ी OTT सक्सेस स्टोरी बन गई है।

कृति सेनन

जहां रणवीर सिंह का बड़ा सिनेमैटिक यूनिवर्स बस अछूता है, वहीं कृति सेनन ने चुपचाप और शान से खुद को OTT व्यूअरशिप की बिना किसी शक के क्वीन का ताज पहनाया है! पिछले साल, उन्होंने दो पत्ती से राज किया, और उससे पहले, क्रू ने OTT स्पेस पर राज किया था!

कृति सेनन ने तेरे इश्क में के साथ अपना शानदार डिजिटल रन जारी रखा, जिसने 12 मिलियन व्यूज के साथ लिस्ट में तीसरा स्थान हासिल किया। यह परफॉर्मेंस उनकी पिछली OTT रिलीज़ की सफलता के बाद, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर कृति की लगातार अपील को और मजबूत करती है। अलग-अलग जॉनर में दर्शकों को खींचने की उनकी काबिलियत ने उन्हें डिजिटल स्पेस में भी लीडिंग फीमेल स्टार्स में से एक बना दिया है।

जहां मेल एक्टर्स ने हाई-ऑक्टेन एक्शन के साथ मुकाबला किया, वहीं कृति सनेन इमोशनल स्पेस में पूरी तरह से हावी रहीं। आनंद एल राय की हिट रोमांटिक ड्रामा तेरे इश्क में ने 12 मिलियन व्यूज के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। इस बीच, नेटफ्लिक्स ने इस चार्ट पर राज किया, जिसने टॉप 10 में से 9 स्लॉट हासिल किए, उसके बाद जियोहॉटस्टार ने धुरंधर के लिए दो स्थान साझा किए।

ओटीटी पर 2026 की टॉप 10 सबसे ज्यादा देखी गई बॉलीवुड फिल्में देखें। ये फिल्में या तो सीधे ओटीटी पर आईं या अपनी थिएट्रिकल रन पूरी करने के बाद।

1. धुरंधर – 35.2 मिलियन-नेटफ्लिक्स-जियोहॉटस्टार

2. धुरंधर 2 – 27.8 मिलियन-नेटफ्लिक्स-जियोहॉटस्टार

3. तेरे इश्क में – 12 मिलियन-नेटफ्लिक्स

4. भूत बांग्ला – 11.6 मिलियन-NetFlix

5. मर्दानी 3 – 10.7 मिलियन-NetFlix

6. हक – 9.6 मिलियन-नेटफ्लिक्स

7. दे दे प्यार दे 2 – 9.5 मिलियन-नेटफ्लिक्स

8. बॉर्डर 2 – 8.4 मिलियन-नेटफ्लिक्स

9. किस किस को प्यार करूं 2 – 8.3 मिलियन-जियोहॉटस्टार

10. दो दीवाने शहर में – 5.1 मिलियन-नेटफ्लिक्स

थियेटर ब्लॉकबस्टर्स को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर लगातार मज़बूती मिल रही है, 2026 के पहले छह महीनों में एक बार फिर भारत के बड़े सितारों का डिजिटल आकर्षण दिखा है। रणवीर सिंह की धुरंधर फ्रैंचाइज़ी ने OTT व्यूअरशिप के लिए बेंचमार्क सेट किया है, जबकि कृति सनोन की तेरे इश्क में इस साल स्ट्रीमिंग पर सबसे ज़्यादा देखी जाने वाली महिला-प्रधान बॉलीवुड फ़िल्म बन गई है।

‘नीला मेरा रंग है…’ जंतर-मंतर पर स्याही फेंके जाने के बाद अभिजीत दिपके का रिएक्शन वायरल

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे एक विरोध प्रदर्शन के दौरान, एक महिला ने कथित तौर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर नीली स्याही फेंक दी, जिससे वहां अफरातफरी मच गई। इस घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें देखा जा सकता है कि स्याही फेंके जाने के बाद लोग अभिजीत दीपके के आसपास जमा हो गए और वहां काफी हंगामा हुआ।

हालांकि, इस घटना के पीछे की वजह की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थिति को काबू में लाने से पहले विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ देर के लिए भ्रम और अव्यवस्था की स्थिति बन गई थी। अधिकारियों ने अभी तक कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है और इस बारे में और जानकारी का इंतजार है।

सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ यूजर्स ने स्याही फेंकने की घटना पर सवाल उठाए और कहा कि किसी भी विरोध को शांतिपूर्ण तरीके से जताना चाहिए। वहीं, कुछ अन्य यूजर्स ने अभिजीत दीपके की आलोचना की और आरोप लगाया कि उन्होंने प्रदर्शन को राजनीतिक दिखावा बना दिया है।

एक यूजर ने व्यंग्यपूर्वक लिखा, “क्या ये एक ही दिन मेरे सारे काम करेगा?”

एक अन्य यूजर ने महिला के इरादों पर सवाल उठाते हुए कहा, “स्याही फेंकने का क्या मतलब है? क्या इस महिला को लगता है कि शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह सही है और इसमें कोई कमी, असमानता या कठोरता नहीं है?” एक अन्य ने आगे कहा, “अगर वह इस आंदोलन से सहमत नहीं है तो वह विरोध स्थल पर क्यों थी? वैसे वह है कौन?

बाद में दिपके ने X पर एक छोटी सी पोस्ट में इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “नीला मेरा रंग है… जय भीम!”—इस टिप्पणी पर ऑनलाइन मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं।

सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, दिपके ने भूख हड़ताल की घोषणा की

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर 20 दिन की भूख हड़ताल पूरी करने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। वांगचुक ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के समर्थन में भूख हड़ताल कर रहे थे, जो कथित NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।

बता दें कि स्याही फेंकने की घटना से कुछ समय पहले ही अभिजीत दीपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।

दीपके ने X पर पोस्ट कर लिखा था, “मैं अभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर रहा हूं।”

इस पर भी इंटरनेट पर लोगों ने जमकर प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने उनसे पूछा, “पक्का? ब्रेड पकौड़े की कसम?”

कई यूजर्स ने उनकी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि दिपके सोनम वांगचुक के नाम का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ उठाने के लिए कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “अभिजीत दिपके, आप पर शर्म आती है कि आप सोनम वांगचुक सर के नाम, उनके दर्द और संघर्ष का बेशर्मी से इस्तेमाल सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने और इस भूख हड़ताल के नाटक के जरिए ध्यान आकर्षित करने के लिए कर रहे हैं। सोनम सर वास्तविक चिकित्सा देखभाल और सम्मान के हकदार हैं, न कि उन्हें राजनीतिक हथियार बनाया जाना चाहिए। हम NEET, CBSE और छात्र आत्महत्याओं के मामले में वास्तविक न्याय के लिए सोनम वांगचुक के साथ मजबूती से खड़े हैं – आपके निजी लाभ के लिए नहीं।”

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तीसरे एकदिवसीय मैच से बाहर हुए ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर

वॉशिंगटन सुंदर रविवार को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ होने वाले तीसरे और निर्णायक वनडे से बाहर हो गए हैं। भारत के इस ऑलराउंडर के पैर में गुरुवार को कार्डिफ़ में खेले गए दूसरे वनडे के दौरान चोट लग गई थी। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड की पारी में मैदान पर उतरकर फ़ील्डिंग भी नहीं की। उनकी गैरमौजूदगी में भारत कुलदीप यादव को प्लेइंग XI में शामिल कर सकता है।

सोफ़िया गार्डन्स में खेले गए दूसरे वनडे में वॉशिंगटन ने पांच गेंदों पर दो रन बनाए। पारी के दौरान ब्रेक में फिज़ियो उनकी जांघ पर स्ट्रैपिंग करते दिखाई दिए थे। आउट होने के बाद भी वह स्पष्ट रूप से असहज दिखे थे।
मैच के बाद भारत के बल्लेबाज़ी कोच सितांशु कोटक ने कहा, “वॉशिंगटन को मिड ऑफ़ की तरफ़ पहला रन लेते समय चोट लगी थी। मुझे लगता है कि उनकी हैमस्ट्रिंग में गंभीर चोट है और अगली ही गेंद पर वह आउट हो गए।”

एक समय रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की मौजूदगी में टीम के किनारे पर रहने वाले वॉशिंगटन अब तीनों फ़ॉर्मेट में भारत के अहम खिलाड़ी बन चुके हैं। उन्होंने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहले वनडे में विजयी छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई थी और उसी के साथ अपना अर्धशतक भी पूरा किया था। तीन मैचों की सीरीज़ फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है।

भारत वॉशिंगटन को उनकी बल्लेबाज़ी से मिलने वाली अतिरिक्त गहराई के कारण बेहद अहम मानता है। मौजूदा दौरे पर टीम के पास उनका सीधा विकल्प मौजूद नहीं है। दूसरे ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी और हार्दिक पंड्या पहले से ही चोटिल हैं।केएल राहुल बीमारी के कारण दूसरा वनडे नहीं खेल पाए थे और उनकी जगह इशान किशन को मौका मिला था। अगर भारत को लगता है कि वॉशिंगटन की गेंदबाज़ी के बिना भी काम चल सकता है, तो लॉर्ड्स में राहुल और किशन दोनों को एक साथ प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है। अन्यथा टीम को कुलदीप यादव को मौका देना पड़ सकता है।

बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप का आईपीएल 2026 सीज़न अच्छा नहीं रहा था। इसके बाद से वह सभी फ़ॉर्मेट मिलाकर भारत के पिछले 13 मैचों में सिर्फ़ एक मुकाबला ही खेल सके हैं।

अश्विन ने हाल ही में कुलदीप को पर्याप्त मौके नहीं मिलने पर बात करते हुए कहा था, “दक्षिण अफ़्रीका में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप तक आपको कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर तीनों की ज़रूरत होगी। पहले वनडे में अक्षर और वॉशिंगटन दोनों ने अर्धशतक लगाकर हमें जीत दिलाई। लेकिन मुझे लगता है कि भविष्य में इन दोनों में से सिर्फ़ एक के लिए ही जगह होगी। मैं चाहता हूं कि कुलदीप के साथ बेहतर व्यवहार किया जाए, क्योंकि वह मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं।”

कुलदीप भारत के लिए वनडे में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले शीर्ष 10 गेंदबाज़ों में शामिल हैं। उन्होंने 121 मैचों में 194 विकेट लिए हैं। अपने सर्वश्रेष्ठ दौर में वह दाएं और बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों, दोनों को अपनी गेंदों से चकमा देने की क्षमता रखते हैं। हालांकि बल्लेबाज़ी में उनकी सीमित क्षमता कई बार उनकी टीम में जगह पर भारी पड़ी है।

पहली बार एक ओवर में 6 छक्के मारने वाले महान कैरिबियाई ऑलराउंडर का हुआ निधन

वेस्टइंडीज के प्रमुख ऑलराउंडर्स में से एक गैरी सोबर्स का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। क्रिकेट वेस्टइंडीज के हवाले से इस खबर की पुष्टि हुई। बहुत कम क्रिकेटर्स के नाम के आगे सर जुड़ा होता है ऐसे में वह कितने महान थे इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि उनके नाम के आगे सर लगता था।

सर गैरी सोबर्स का जन्म 28 जुलाई 1936 को बारबाडोस में हुआ था। उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए 17 साल की उम्र में ही पदार्पण कर लिया था। वह बाएं हाथ के बल्लेबाज थे और बाएं हाथ से ही तेज गेंदबाजी करते थे। यही नहीं जरुरत के हिसाब से वह स्पिन गेंदबाजी भी कर लेते थे । उस जमाने में उन्होंने उच्च कोटि का क्षेत्ररक्षण कर नजीर पेश की। करियर की बात करें तो उन्होंने 93 टेस्ट में 8032 रन बनाए और 235 विकेट लिए और 109 कैच लिए।

सबसे पहले बनाया 6 छक्कों का रिकॉर्ड

क्रिकेट की दुनिया के महान ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स ने रथम श्रेणी क्रिकेट में 1 ओवर में 6 छक्के उड़ाने का अनूठा रिकॉर्ड अपने नाम किया था।बाएं हाथ के महान बल्लेबाज सर गैरी सोबर्स ने इंग्लिश काउंटी चैंपियनशिप में नॉटिंघमशायर टीम की ओर से खेलते हुए यह ऐतिहासिक एवं आश्चर्यजनक उपलब्धि हासिल की थी। सोबर्स ने स्वासनिया में ग्लेमोर्गन के खिलाफ खेलते हुए बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मैल्कम नैश के 1 ओवर की 6 गेंदों पर 6 छक्के उड़ाकर यह रिकॉर्ड बनाया था।

 

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की एक रिपोर्ट के मुताबिक मैच में रनों की रफ्तार को रोकने के लिए टीम के कप्तान ने मैल्कम को स्पिन गेंदबाजी करने के लिए कहा था लेकिन उनका यह दांव उल्टा साबित हुआ और सोबर्स ने 1 ओवर में छक्कों की झड़ी लगाते हुए यह रिकॉर्ड अपने नाम किया। विंडीज के महान ऑलराउंडर सोबर्स इस मैच में 76 रन बनाकर नाबाद रहे थे।

 

गैरी सोबर्स के इस रिकॉर्ड की बराबरी भारतीय ऑलराउंडर रवि शास्त्री ने जनवरी 1985 में की। मौजूदा भारतीय कोच शास्त्री ने बॉम्बे (अब मुंबई) की ओर से खेलते हुए बड़ौदा के लेफ्ट आर्म स्पिनर तिलक राज के 1 ओवर में 6 छक्के उड़ाए थे। इसके अलावा धुरंधर भारतीय बल्लेबाज युवराज सिंह ने 2007 के ट्वंटी-20 विश्व कप में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के 1 ओवर में 6 छक्के ठोंककर यह अनूठा रिकॉर्ड अपने नाम किया था।

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर! सैलरी, DA और पेंशन में बदलाव का पूरा रोडमैप जारी, देखें पूरी लिस्ट

8th Pay Commission ToR Full List Out: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें पे कमीशन को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। केंद्रीय कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (ToR) से यह साफ हो गया है कि नए वेतन आयोग के दायरे में क्या-क्या चीजें शामिल होंगी और कर्मचारियों की सैलरी, डीए (DA), पेंशन तथा अन्य भत्तों में किस तरह के बदलाव होने जा रहे हैं।

इस 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का सीधा फायदा देश के 1 करोड़ से अधिक लोगों को मिलेगा। इसमें लगभग 50 लाख सक्रिय केंद्रीय कर्मचारी और करीब 65 लाख पेंशनभोगी शामिल हैं। आइए जानते हैं कि 8th CPC की इस पूरी लिस्ट में आपके लिए क्या खास है।

8th Pay Commission का गठन और समय सीमा

8वां वेतन आयोग एक अस्थायी निकाय होगा। इसमें एक अध्यक्ष, एक पार्ट-टाइम सदस्य और एक सदस्य-सचिव शामिल होंगे। आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर आयोग बीच में अंतरिम रिपोर्ट भी सौंप सकता है।

सैलरी, DA और भत्तों में क्या-क्या बदलेगा?

8th CPC के टर्म्स ऑफ रेफरेंस के मुताबिक, आयोग इन प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक बदलावों की जांच करेगा और अपनी सिफारिशें देगा:

पे-मैट्रिक्स और सैलरी स्ट्रक्चर: कर्मचारियों के मूल वेतन और पे-मैट्रिक्स को तर्कसंगत बनाया जाएगा ताकि सरकारी सेवाओं में बेहतरीन टैलेंट को आकर्षित किया जा सके।

भत्ते: इसमें मुख्य रूप से महंगाई भत्ता (DA), पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) की समीक्षा और संशोधन शामिल है।

अन्य सुविधाएं और लाभ: कर्मचारियों के सालाना इंक्रीमेंट, प्रमोशन पॉलिसी और समकालीन कामकाजी जरूरतों के आधार पर मिलने वाली अन्य नकद या गैर-नकद सुविधाओं की समीक्षा की जाएगी।

भत्तों का युक्तिकरण: वर्तमान में मिल रहे तमाम तरह के छोटे-बड़े भत्तों की संख्या की समीक्षा होगी ताकि उनकी जटिलता को कम किया जा सके।

परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव और बोनस पर नया फोकस

नए वेतन आयोग में काम के कल्चर को अधिक कुशल और जवाबदेह बनाने पर विशेष जोर दिया गया है:

कार्य संस्कृति में सुधार: एक ऐसा इमोल्यूमेंट स्ट्रक्चर तैयार करना जिससे सरकारी कामकाज में दक्षता, जवाबदेही और जिम्मेदारी को बढ़ावा मिले।

उत्पादकता आधारित बोनस: मौजूदा बोनस योजनाओं की समीक्षा की जाएगी ताकि इसे परफॉर्मेंस से जोड़ा जा सके।

इंसेंटिव स्कीम: बेहतर और उत्कृष्ट काम करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत करने के लिए वित्तीय और प्रदर्शन-आधारित मापदंडों के साथ एक नई इंसेंटिव योजना की सिफारिश की जाएगी।

पेंशनर्स और NPS/UPS के लिए क्या है खास?

वेतन आयोग पेंशनभोगियों के हितों और उनकी वित्तीय सुरक्षा की भी पूरी समीक्षा करेगा:

NPS और UPS के तहत ग्रेच्युटी: राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली और एकीकृत पेंशन योजना के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के लिए डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी की समीक्षा कर नई सिफारिशें दी जाएंगी।

ओल्ड पेंशन धारक: जो कर्मचारी NPS या UPS के दायरे में नहीं हैं, उनकी ग्रेच्युटी और मासिक पेंशन की भी विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, बिना अंशदान वाली गैर-अंशदायी पेंशन योजनाओं की बिना फंड वाली लागत का भी आकलन किया जाएगा।

सिफारिशें तय करते समय किन बातों का रखा जाएगा ध्यान?

8th Pay Commission केवल एकतरफा सिफारिशें नहीं देगा, बल्कि उसे देश की आर्थिक स्थिति को भी ध्यान में रखना होगा:

देश की आर्थिक स्थिति और राजकोषीय विवेक: सरकार के खजाने पर बहुत ज्यादा वित्तीय बोझ न पड़े, इसका ध्यान रखा जाएगा।

कल्याणकारी योजनाएं: यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वेतन बढ़ाने के बाद भी देश के विकास कार्यों और जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट बचा रहे।

राज्यों पर असर: केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को आमतौर पर राज्य सरकारें भी कुछ संशोधनों के साथ लागू करती हैं। इसलिए राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का भी आकलन किया जाएगा।

प्राइवेट सेक्टर से तुलना: पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (CPSUs) और प्राइवेट सेक्टर में कर्मचारियों को मिलने वाली सैलरी, वर्किंग कंडीशन और बेनिफिट्स की तुलना भी की जाएगी।

कौन-से कर्मचारी होंगे इसके पात्र?

8th CPC की सिफारिशें केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों, एजेंसियों और निम्नलिखित श्रेणियों के कर्मचारियों पर लागू होंगी:

  • केंद्रीय कर्मचारी (इंडस्ट्रियल और नॉन-इंडस्ट्रियल दोनों)
  • अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारी
  • सशस्त्र रक्षा बल के कर्मी
  • केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी
  • भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी
  • संसद के अधिनियमों के तहत स्थापित नियामक निकायों के सदस्य (आरबीआई को छोड़कर)
  • सुप्रीम कोर्ट के अधिकारी और कर्मचारी
  • केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा वहन किए जाने वाले खर्च वाले हाईकोर्ट के कर्मचारी
  • केंद्र शासित प्रदेशों की अधीनस्थ अदालतों के न्यायिक अधिकारी

Vikram-1 Launch: Skyroot एयरोस्पेस ने रचा इतिहास, भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट हुआ लॉन्च

शनिवार को भारत ने अपनी अंतरिक्ष यात्रा में एक अहम उपलब्धि हासिल की, जब हैदराबाद की कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने ‘मिशन आगमन’ के तहत श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर (SDSC-SHAR) से देश के पहले प्राइवेट तौर पर विकसित ऑर्बिटल-क्लास लॉन्च व्हीकल, ‘विक्रम-1’ को लॉन्च किया। दोपहर 12:05 बजे पहले लॉन्च पैड से हुआ यह लॉन्च, किसी भारतीय प्राइवेट कंपनी द्वारा भारतीय जमीन से रॉकेट को ऑर्बिट में भेजने की पहली कोशिश है। बता दें कि यह ग्लोबल कमर्शियल लॉन्च मार्केट में देश के प्रवेश का संकेत है।

गौरतलब है कि इस रॉकेट को असल में सुबह 11:30 बजे लॉन्च किया जाना था, लेकिन उड़ान भरने से कुछ मिनट पहले इसे थोड़ी देर के लिए रोका गया और आखिरकार यह दोपहर 12:05 बजे लॉन्च हुआ।

ISRO के चेयरमैन वी. नारायणन और ISRO के पूर्व प्रमुख एस. सोमनाथ ने श्रीहरिकोटा से विक्रम-1 की उड़ान देखी।

विक्रम-1 ध्वनी की रफ्तार से 5 गुना तेजी से उड़ान भरेगा

इस ऐतिहासिक लॉन्च के बाद, विक्रम-1 कुछ ही सेकंड में ध्वनि की रफ्तार को पार कर लेगा। उड़ान भरने के कुछ ही पलों बाद, विक्रम-1 तेजी से रफ्तार पकड़ेगा और उड़ान के सिर्फ 25 सेकंड में ध्वनि की रफ्तार (जिसे ‘मैक 1’ कहा जाता है) को पार कर लेगा।

स्काईरूट के मिशन प्रोफाइल के अनुसार, उड़ान शुरू होने के 1 मिनट 30 सेकंड के भीतर रॉकेट मैक-5 यानी ध्वनि की गति से पांच गुना तेज रफ्तार हासिल कर लेगा। इसके बाद इसका पहला चरण (फर्स्ट स्टेज) अलग हो जाएगा।

विक्रम-1 ऐतिहासिक लॉन्च के लिए तैयार

माना जा रहा है कि विक्रम-1 की टेस्ट फ्लाइट से भारत ग्लोबल प्राइवेट ऑर्बिटल लॉन्च मार्केट में कदम रखेगा। पूरी तरह से एक प्राइवेट भारतीय कंपनी द्वारा विकसित, विक्रम-1 देश का पहला प्राइवेट तौर पर बनाया गया ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल है और यह भारत की कमर्शियल स्पेस क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।

लॉन्च से पहले, स्काईरूट एयरोस्पेस ने बताया कि सभी जरूरी एयरस्पेस और समुद्री मंजूरियां मिल गई हैं। इसके अलावा रॉकेट के फ्लाइट पाथ और उसके प्रभाव वाले क्षेत्रों में हवाई और समुद्री गतिविधियों पर अस्थायी प्रतिबंध भी लगाया गया है, ताकि लॉन्च को सुरक्षित और सफल तरीके से पूरा किया जा सके।

मिशन आगमन

18 नवंबर 2022 में विक्रम-S के सफल लॉन्च के बाद, ‘मिशन आगमन’ स्काईरूट एयरोस्पेस का दूसरा मिशन है। विक्रम-S भारतीय जमीन से अंतरिक्ष में पहुंचने वाला पहला प्राइवेट तौर पर बनाया गया रॉकेट था।

शनिवार को होने वाले लॉन्च से पहले, कंपनी ने लॉन्च पैड पर विक्रम-1 के सभी स्टेज के इंटीग्रेशन और स्टैकिंग का काम पूरा कर लिया था। इसके बाद रॉकेट की फाइनल जांच, टेलीमेट्री इंटरफेस का वेरिफिकेशन और रडार ट्रैकिंग टेस्ट किए गए।

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