‘पंजाब में ‘कट्टर बेईमान’ पार्टी का राज…’, जालंधर से PM मोदी का AAP सरकार पर बड़ा हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने AAP को “कट्टर बेईमान” पार्टी बताते हुए आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था, ड्रग्स, भ्रष्टाचार और जनता के पैसे के गलत इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल रही है।

जालंधर में ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत 20 राज्यों में 75 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने पंजाब के इतिहास का जिक्र करते हुए अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा, “यह ‘शेर-ए-पंजाब’ महाराजा रणजीत सिंह की धरती है… लेकिन आज पंजाब में जो हो रहा है, वह किसी से छिपा नहीं है। यहां विज्ञापनों के जरिए धोखे की सच्चाई को छिपाने की कोशिश की जा रही है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में अपराध और जबरन वसूली का बोलबाला है।

उन्होंने कहा, “आज पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कोई नहीं बता सकता कि कब और कहां गैंगवार छिड़ जाए या किस तरफ से गोलियां चलने लगें।” उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस स्टेशन तक सुरक्षित नहीं हैं और उन पर “अक्सर हमले” होते रहते हैं।

पंजाब के युवाओं को ड्रग्स से सबसे ज्यादा नुकासन

प्रधानमंत्री कहा कि पंजाब के युवाओं को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। सबसे दुखद बात यह है कि पंजाब का भविष्य बर्बाद हो रहा है। ड्रग्स बेचने वाले खुलेआम घूम रहे हैं और पंजाब के युवाओं को नशे की दलदल में धकेल रहे हैं।

अपने हमले को और तेज करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि पार्टी के कामकाज में ईमानदारी और सच्चाई की कमी है। उन्होंने कहा, “जनता की सेवा के लिए ईमानदार इरादों और सच्चाई की भावना की जरूरत होती है। लेकिन पंजाब में अभी जो पार्टी सत्ता में है, उसमें ये दोनों ही चीजे नहीं हैं। इसे ‘कट्टर बेईमान पार्टी’ के तौर पर जाना जाता है।”

पंजाब के लोगों को सरकार की योजनाओं का मिले लाभ

प्रधानमंत्री ने कहा, “केंद्र सरकार यह पक्का करने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है कि पंजाब के लोगों को उसकी सभी योजनाओं का फायदा मिले। फिर भी, इस ‘कट्टर बेईमान पार्टी’ के राज में खुलेआम लूट मची हुई है। पिछले 12 सालों में, केंद्र ने पंजाब को लाखों करोड़ रुपये भेजे हैं… लेकिन पंजाब सरकार इस पैसे का सही इस्तेमाल नहीं कर पाई।”

उन्होंने आगे कहा, “और तो और, यह लूट उधार के पैसे से चल रही है। पंजाब के नाम पर कर्ज लिए जा रहे हैं। जहां राज्य का बजट इस कर्ज के ब्याज चुकाने में ही खर्च हो जाता है, वहीं सरकार चलाने वाले उसी पैसे पर ऐश कर रहे हैं।”

पीएम मोदी ने कोर्ट के फैसले को लेकर आप सरकार पर साधा निशाना

पीएम मोदी ने आम आदमी पार्टी पर गुजरात कोर्ट के हालिया फैसले को लेकर भी निशाना साधा है, जो पार्टी के एक विधायक के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि यह मामला सरकारी अधिकारियों के साथ मारपीट और जबरन वसूली से जुड़ा था।

उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले ही गुजरात की एक अदालत ने उनके एक विधायक को 7 साल की जेल की सजा सुनाई। यह सजा सरकारी अधिकारियों के साथ मारपीट और जबरन वसूली के मामले में सुनाई गई। जबरन वसूली और अवैध कब्जा उनके राजनीतिक सिस्टम की पहचान बन गई है।”

AAP नेताओं पर लगे कई कानूनी मामलों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “अभी कई लोग ऐसे ही कई मामलों में जमानत पर बाहर हैं। पंजाब को ही देख लीजिए: जिसे स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया था, उसे रिश्वतखोरी के कारण हटाना पड़ा। एक मंत्री पर मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप हैं। उनके विधायक रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जा रहे हैं। अगर हम इसी तरह गिनती करें, तो उनकी सरकार और पार्टी में बहुत कम लोग ऐसे मिलेंगे जिन पर कोई दाग न हो।”

आम आदमी पार्टी का ‘असली चेहरा’ आया सामने

AAP के पुराने वादों और कामकाज के रिकॉर्ड की आलोचना करते हुए PM मोदी ने कहा कि अब पार्टी का ‘असली चेहरा’ सबके सामने आ गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज पंजाब में जो लोग सत्ता में हैं, वे कभी बड़े घमंड से कहते थे कि वे देश की राजनीति बदल देंगे। लेकिन आज पूरा देश उनका असली चेहरा देख रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “सिर्फ 2-3 दिन पहले दिल्ली की एक अदालत ने उनकी पार्टी से जुड़े एक नेता को दोषी ठहराया है। उन पर (ताहिर हुसैन) दंगे भड़काने और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के एक अधिकारी की हत्या जैसे गंभीर आरोप हैं। इसके बावजूद वे अदालत के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं और इसे धर्म और आस्था के नजरिए से देख रहे हैं, क्योंकि उनका वोट बैंक प्रभावित हो रहा है।”

प्रधानमंत्री ने 5,470 करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन

बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जालंधर में 5,470 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाली रेल और सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन किया और उनकी आधारशिला रखी। साथ ही उन्होंने ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत जालंधर कैंट समेत 75 नए रूप में तैयार किए गए रेलवे स्टेशनों का भी उद्घाटन किया।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 20 राज्यों में 75 अमृत स्टेशनों का उद्घाटन एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह योजना दुनिया के सबसे बड़े रेलवे स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रमों में से एक है।

लगभग 1,570 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इन स्टेशनों को आधुनिक और यात्रियों के लिए सुविधाजनक सुविधाओं में बदला गया है। ‘विरासत भी, विकास भी’ की भावना के साथ रीडेवलप किए गए इन स्टेशनों में स्थानीय संस्कृति, विरासत और आर्किटेक्चर की झलक मिलती है।

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4.6 करोड़ रुपये की Ferrari Amalfi Spider भारत में लॉन्च, 3.3 सेकंड में पकड़ लेगी 100kmph की रफ्तार

Ferrari India ने अपनी नई Amalfi Spider की बुकिंग लेना शुरू कर दिया है। यह कार कंपनी की Amalfi Grand Tourer का कन्वर्टिबल वर्जन है। मार्च में ग्लोबल लॉन्च के ठीक चार महीने बाद आ रही इस कार की कीमत, ऑप्शन जोड़ने से पहले 4.6 करोड़ रुपये है। Ferrari Amalfi Spider में वही 3.9 लीटर ट्विन-टर्बो V8 इंजन दिया गया है, जो इसके कूपे मॉडल में मिलता है। यह इंजन 640 hp की पावर और 760 Nm का टॉर्क देता है। इसमें पावर को पीछे के पहियों तक पहुंचाने के लिए 8-स्पीड डुअल-क्लच गियरबॉक्स दिया गया है।

भारतीय ग्राहकों के लिए यह कार एक लग्जरी और परफॉर्मेंस का उदाहरण ज्यादा है, क्योंकि इसकी कीमत ज्यादातर लग्जरी कार खरीदारों के बजट से काफी ऊपर है। हालांकि, इससे यह जरूर पता चलता है कि Ferrari भारत को एक महत्वपूर्ण बाजार मान रही है और यहां ग्लोबल लॉन्च के करीब ही अपनी कारें पेश कर रही है।

कीमत और पोजिशनिंग

Amalfi Spider, Amalfi Grand Tourer का कन्वर्टिबल वर्जन है और जाहिर है कि इसकी कीमत इसके हार्ड-टॉप मॉडल से ज्यादा है। इसकी कीमत Amalfi Coupe से ₹52 लाख ज्यादा है, जो अभी ₹4.08 करोड़ में मिल रही है। खरीदारों को इस कार में लंबी दूरी के सफर में आराम और दमदार परफॉर्मेंस दोनों का शानदार अनुभव मिलेगा। इसके अलावा, ओपन-टॉप ड्राइविंग का मजा और अपनी पसंद के मुताबिक कार को कस्टमाइज कराने का विकल्प भी मिलेगा।

इंजन, परफॉर्मेंस

Amalfi Spider में जाना-पहचाना 3.9-लीटर ट्विन-टर्बो V8 इंजन लगा है, जो 640 hp की पावर और 760 Nm का टॉर्क देता है। यह पावर 8-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के जरिए सिर्फ पिछले पहियों तक पहुंचती है। Ferrari का दावा है कि यह कार 0 से 100 kmph की रफ्तार सिर्फ 3.3 सेकंड में पकड़ लेती है और इसकी टॉप स्पीड 320 kmph है। हालांकि, कन्वर्टिबल डिजाइन की वजह से यह कार Coupe मॉडल से 86 kg भारी है, लेकिन इसके बावजूद इसकी परफॉर्मेंस लगभग Amalfi Coupe जैसी ही दमदार बनी हुई है।

डिजाइन

दिखने में, Spider Coupe के स्लीक आकार जैसा ही है, लेकिन इसमें सबसे बड़ा फर्क इसकी फोल्ड होने वाली फैब्रिक रूफ है। यह रूफ 60 kmph तक की रफ्तार पर 13.5 सेकंड में खुल या बंद हो जाती है और यह चार कलर ऑप्शन में उपलब्ध है।

Ferrari का दावा है कि Amalfi Spider की पांच-लेयर (Five-Layer) फैब्रिक रूफ इस तरह तैयार की गई है कि कार के अंदर शोर, वाइब्रेशन और झटके लगभग हार्ड-टॉप मॉडल जितनी ही कम महसूस होती हैं। इसके अलावा, पीछे की सीटों के पीछे खास विंड डिफ्लेक्टर लगाए गए हैं, जो खुली छत के साथ ड्राइविंग के दौरान हवा के शोर को कम करने में मदद करते हैं। इससे लंबी यात्रा भी ज्यादा आरामदायक बनती है। Ferrari ने इस कार के लिए Rosso Tramonto नाम का एक एक्सक्लूसिव एक्सटीरियर (बाहरी) शेड भी पेश किया है, जिससे Amalfi Spider की पहचान बाकी मॉडलों से अलग नजर आती है।

इंटीरियर और फीचर्स

Ferrari Amalfi Spider का इंटीरियर काफी हद तक Amalfi Coupe जैसा ही है। इसमें 2+2 सीटिंग लेआउट दिया गया है, यानी आगे दो और पीछे दो सीटें मिलती हैं। कार का केबिन पूरी तरह ड्राइवर को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।

फीचर्स की बात करें तो इसमें 10.25 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, 8.8 इंच का पैसेंजर डिस्प्ले और 15.6 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले मिलता है। इसके अलावा, कार में पावर्ड स्पोर्ट्स सीट्स, तीन-स्पोक स्टीयरिंग व्हील (जिस पर कई फिजिकल कंट्रोल दिए गए हैं), स्टाइलिश AC वेंट्स और एल्यूमिनियम फिनिश सेंटर टनल दी गई है, जो इसे ‘ग्रैंड टूरर’ होने का अहसास कराते हैं।

टेक्नोलॉजी और आराम के मामले में, Amalfi Spider में वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto, कनेक्टेड कार फीचर्स, ADAS, एडेप्टिव क्रूज कंट्रोल, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और वायरलेस चार्जिंग पैड जैसे फीचर्स मिलते हैं। रूफ बंद होने पर इसका बूट स्पेस 255 लीटर और रूफ हटने पर 172 लीटर होता है, जो कन्वर्टिबल सुपरकार के हिसाब से काफी प्रैक्टिकल है।

Ferrari इस कार में सीटों की अपहोल्स्ट्री, इंटीरियर ट्रिम और कलर स्कीम को अपनी पसंद के अनुसार कस्टमाइज कराने का विकल्प भी देती है, जिससे ग्राहक अपनी पसंद के मुताबिक एक अलग और खास Amalfi Spider तैयार कर सकते हैं।

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रात में Security Guard, दिन में MMA Fighter | Vicky Singh Tomkyal | MMA Fighter India

सपने पूरे करने के लिए हमेशा बड़ी सुविधाओं की ज़रूरत नहीं होती… कभी-कभी एक तकिया, एक गैस सिलेंडर और हार न मानने की जिद ही काफी होती है।
उत्तराखंड के मुनस्यारी के रहने वाले विक्की सिंह टॉमक्याल दिन में MMA फाइटर बनने के लिए कड़ी ट्रेनिंग करते हैं और रात में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करके अपनी डाइट और ट्रेनिंग का खर्च खुद उठाते हैं। उनका एक ही लक्ष्य है—भारत के लिए मेडल जीतना।
आज पूरे देश से लोग उनका हौसला बढ़ा रहे हैं। 18 जुलाई को उनका अगला मुकाबला है।
कमेंट में विक्की को “All The Best” ज़रूर लिखिए।

@vicky_singh_tomkyal

Vicky Singh Tomkyal MMA Fighter, Indian Athlete Struggle, Boxing to MMA Journey

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पीएम सूर्य घर योजना : CM योगी के नेतृत्व में देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा UPPM

UPPM ranks second in country under leadership of Chief Minister Yogi

– सूर्य घर योजना में 6.74 लाख से अधिक घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापित, गुजरात के बाद देश में दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश

– योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश में 2,283.8 मेगावाट घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता विकसित

– प्रदेश में तेजी से विकसित हुई सोलर इकोनॉमी, 85 हजार से अधिक लोगों को मिला रोजगार

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापना में उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ते हुए देश में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। प्रदेश में अब तक 6,74,393 घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना हो चुकी है। पीएम सूर्य घर योजना की राष्ट्रीय रैंकिंग में गुजरात 7,49,839 स्थापनाओं के साथ पहले स्थान पर, जबकि उत्तर प्रदेश 6,74,393 स्थापनाओं के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। महाराष्ट्र 6,73,717 स्थापनाओं के साथ तीसरे स्थान पर है।

   
उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग, विभागीय समन्वय और मिशन मोड में किए गए प्रयासों का परिणाम है। प्रदेश सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ने से लेकर सोलर संयंत्रों की स्थापना, बैंक ऋण, डिस्कॉम निरीक्षण और सब्सिडी प्रक्रिया को गति देने के लिए विभिन्न स्तरों पर लगातार प्रयास किए गए हैं।

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2,283.8 मेगावाट घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता हुई विकसित

इस दौरान यूपी नेडा डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में घरेलू रूफटॉप सोलर के तेजी से विस्तार के परिणामस्वरूप अब तक लगभग 2,283.8 मेगावाट यानी 2.28 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है। इससे प्रदेश के लाखों घर अपनी छतों पर स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि रूफटॉप सोलर से उपभोक्ताओं की पारंपरिक ग्रिड बिजली पर निर्भरता कम होने के साथ-साथ उनके मासिक बिजली बिल में भी उल्लेखनीय कमी आई है। प्रदेश के लाखों परिवारों को प्रतिदिन लगभग 6.5 करोड़ रुपए मूल्य की निःशुल्क सौर बिजली का लाभ प्राप्त हो रहा है।

यह परिवर्तन उत्तर प्रदेश को केवल बिजली उपभोग करने वाली व्यवस्था से आगे बढ़ाकर विशेष आर्थिक दिशा में ले जा रहा है, जहां उपभोक्ता स्वयं अपने घर की छत पर बिजली का उत्पादन कर अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजने में भी सक्षम हो रहे हैं।

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7,000 से अधिक कंपनियां, 85 हजार से अधिक रोजगार

पीएम सूर्य घर योजना के व्यापक विस्तार ने उत्तर प्रदेश में एक मजबूत सोलर इकोनॉमी इकोसिस्टम विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदेश में सोलर सेक्टर से जुड़ी 7,000 से अधिक कंपनियां एवं व्यावसायिक इकाइयां सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से 85,000 से अधिक लोगों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

   
सोलर पैनल इंस्टॉलेशन से लेकर सर्वे, डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल कार्य, नेट मीटरिंग, लॉजिस्टिक्स, सेल्स, मार्केटिंग तथा ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस तक एक व्यापक रोजगार श्रृंखला विकसित हुई है। इससे विशेष रूप से युवाओं, तकनीकी पेशेवरों, इलेक्ट्रिशियन, इंजीनियरों, स्थानीय उद्यमियों और छोटे व्यवसायों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।

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मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली इकोसिस्टम को भी मिली नई गति

उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर की तेजी से बढ़ती मांग ने प्रदेश के सोलर मैन्युफैक्चरिंग एवं सप्लाई चेन इकोसिस्टम को भी नई गति प्रदान की है। सोलर मॉड्यूल एवं संबंधित उपकरणों के क्षेत्र में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और असेंबली लाइंस विकसित हुई हैं। इसके साथ ही इन्वर्टर, माउंटिंग स्ट्रक्चर, केबल, इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स, मीटरिंग उपकरण, वेयरहाउसिंग, परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े व्यवसायों को भी नई मांग मिली है। इससे प्रदेश में सौर ऊर्जा केवल बिजली उत्पादन का माध्यम नहीं रही, बल्कि यह निवेश, औद्योगिक विकास, एमएसएमई विस्तार, स्थानीय उद्यमिता और ग्रीन जॉब्स को गति देने वाली एक नई आर्थिक शक्ति के रूप में उभरी है।

 

9,000 एकड़ से अधिक भूमि की आवश्यकता में बचत

घरेलू रूफटॉप सोलर मॉडल की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसमें बिजली उत्पादन के लिए अलग से बड़े भू भाग की आवश्यकता नहीं होती। घरों और भवनों की उपलब्ध छतों का उपयोग स्वच्छ बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है। प्रदेश में विकसित रूफटॉप सोलर क्षमता को यदि समान क्षमता वाले बड़े ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्रोजेक्ट्स के माध्यम से स्थापित किया जाता, तो इसके लिए बड़े भू-भाग की आवश्यकता होती।

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रूफटॉप सोलर के विस्तार से अनुमानतः 9,000 एकड़ से अधिक अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता में बचत हुई है। इससे प्रदेश की बहुमूल्य भूमि को कृषि, आवास, औद्योगिक एवं अन्य विकासात्मक गतिविधियों के लिए संरक्षित रखने में मदद मिल रही है। 

 

हर साल लगभग 27 लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी

प्रदेश में स्थापित लगभग 2,283.8 मेगावाट (2.28 गीगावाट) घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से मुकाबले में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। अनुमानित सौर ऊर्जा उत्पादन और भारतीय विद्युत ग्रिड के उत्सर्जन कारकों के आधार पर, इस स्थापित क्षमता से सालाना लगभग 3.8 अरब यूनिट (3.8 बिलियन kWh) स्वच्छ बिजली का उत्पादन संभव है।

इससे जीवाश्म ईंधन आधारित पारंपरिक बिजली उत्पादन को प्रतिस्थापित कर प्रतिवर्ष अनुमानतः 27 लाख टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड  उत्सर्जन से बचाव हो सकता है। पर्यावरणीय प्रभाव को सरल रूप में समझें तो, यदि एक परिपक्व पेड़ द्वारा औसतन लगभग 22 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड प्रति वर्ष अवशोषित करने का मानक लिया जाए, तो यह वार्षिक कार्बन बचत लगभग 12 करोड़ से अधिक परिपक्व पेड़ों द्वारा एक वर्ष में किए जाने वाले कार्बन अवशोषण के तुलनीय है।

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इस प्रकार पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश न केवल लाखों परिवारों को स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा उपलब्ध करा रहा है, बल्कि बड़े पैमाने पर कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबले और भारत के दीर्घकालिक नेट-जीरो लक्ष्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

MG ने पेश किया भारत का पहला Multi-Powertrain ADAPT प्लेटफॉर्म, आएंगी नई Electric और Plug-in Hybrid SUV

mg moters

जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया (JSW MG Motor India) ने गुरुवार, 17 जुलाई को भारत का पहला मल्टी-पावरट्रेन न्यू एनर्जी व्हीकल (NEV) प्लेटफॉर्म 'ADAPT' पेश किया। कंपनी ने घोषणा की है कि वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के दौरान इस प्लेटफॉर्म पर आधारित एक नई इलेक्ट्रिक SUV (EV) और एक प्लग-इन हाइब्रिड SUV (PHEV) भारतीय बाजार में लॉन्च की जाएगी। कंपनी का कहना है कि ADAPT प्लेटफॉर्म के जरिए वह अपने न्यू एनर्जी व्हीकल पोर्टफोलियो का विस्तार करेगी और ग्राहकों को अलग-अलग पावरट्रेन विकल्प उपलब्ध कराएगी।

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EV के साथ Hybrid पर भी रहेगा फोकस

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कंपनी ने कहा कि भारत में वर्ष 2030 तक न्यू एनर्जी व्हीकल्स की हिस्सेदारी 30% तक पहुंचाने का लक्ष्य केवल बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) से पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग तरह के ग्राहक हैं। कुछ लोग सीधे इलेक्ट्रिक वाहन अपनाएंगे, जबकि कई ग्राहक हाइब्रिड तकनीक के जरिए धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ना पसंद करेंगे।

ऐसे में EV के साथ HEV, PHEV और REEV जैसी तकनीकों की भी जरूरत होगी। उपलब्ध कराने से लागत कम होगी और नए मॉडल तेजी से लॉन्च किए जा सकेंगे। जहां किसी नई कार के लिए नया प्लेटफॉर्म विकसित करने में आमतौर पर 4 से 5 साल लगते हैं, वहीं ADAPT प्लेटफॉर्म तैयार होने की वजह से MG अब 12 से 24 महीने के भीतर नए मॉडल बाजार में उतार सकेगी।

 

ADAPT प्लेटफॉर्म में क्या है खास?

ADAPT एक मॉड्यूलर प्लेटफॉर्म है, जो चार तरह की तकनीकों को सपोर्ट करता है—

 

  • इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV)
  • हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल (HEV)
  • प्लग-इन हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल (PHEV)
  • रेंज-एक्सटेंडर इलेक्ट्रिक व्हीकल (REEV)

 

कंपनी का कहना है कि इसी प्लेटफॉर्म पर भविष्य की कई नई MG गाड़ियां विकसित की जाएंगी। हालांकि सभी आगामी मॉडल इसी प्लेटफॉर्म पर आधारित होंगे, ऐसा जरूरी नहीं है।

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भारतीय ग्राहकों के लिए होगा खास ट्यूनिंग

एमजी ने बताया कि नए मॉडल ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर आधारित होंगे, लेकिन उन्हें भारतीय सड़कों, मौसम और ड्राइविंग परिस्थितियों के अनुसार विशेष रूप से तैयार किया जाएगा।

70% लोकलाइजेशन का लक्ष्य

 

एमजी मोटर का लक्ष्य ADAPT प्लेटफॉर्म पर बनने वाले वाहनों में 70 प्रतिशत स्थानीयकरण हासिल करना है। कंपनी के मुताबिक शेष 30% हिस्से में मुख्य रूप से बैटरी सेल और कुछ विशेष तकनीकी सिस्टम शामिल होंगे, जिन्हें फिलहाल अधिकांश वाहन निर्माता भी स्थानीय स्तर पर नहीं बनाते।

सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता (फिर इंदौर) हमारा

London Trip

Trip To London: मेरा कथन न तो आत्म मुग्धता है, न अतिशयोक्ति। हर किसी को अपनी माटी, अपना घर, अपने लोग पसंद होते हैं। वह उन सबके साथ सुविधाजनक स्थिति में होता है। फिर भी कोई तो ऐसी बात है कि सैकड़ों साल की गुलामी और लाखों सितम के बाद भी हमारे अभिमान के लिए एक वाक्य ही काफी है कि 'हस्ती मिटती नहीं हमारी'। इसका मतलब यह भी नहीं कि दुनिया में कहीं कुछ हमसे अच्छा नहीं, हमसे बेहतर नहीं। बेहतर तो बहुत है। तकनीक, विज्ञान, शिल्प, शिक्षा, शिष्टाचार, प्राकृतिक संसाधन, व्यवहार वगैरह बहुत कुछ भिन्न और उम्दा बहुत सारी जगह है।

फिर भी हम 140 करोड़ की चिल्लर जैसी आबादी के साथ, मामूली-सी प्राकृतिक और खनिज संपदा (मुगल और अंग्रेज अधिकांश तो लूट ले गए) के साथ, बैसाखी वाली शिक्षा के सहारे, लोकतंत्र के नाम पर लूटमार वाली राजनीतिक व्यवस्था के बीच, जातिवाद, भेदभाव, तुष्टिकरण, भाई-भतीजावाद के नासूर के बावजूद यदि आज दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच पा रहे हैं तो यह है फिनिक्स जैसी जिजीविषा, चट्‌टान जैसी दृढ़ता और पानी जैसी प्रकृति की वजह से, जो किसी भी तरह आगे बढ़ने का रास्ता निकाल लेता है। तो आइए, इस किस्त में कुछ अन्य पहलुओं को टटोलते हैं। ALSO READ: Trip To London : लंदन में न सड़क पर धरने-प्रदर्शन, न चक्का जाम

 

मेरी यह दृढ़ मान्यता है कि जहां से जो अच्छा मिले, उसे ग्रहण करें। यह भी कि जिसने भी इस ब्रह्मांड की रचना की, उसने किसी एक की झोली में सब कुछ नहीं डाला। कमीबेशी के साथ जीवन दिया है। यदि उत्तर, पश्चिम को ठंडा माहौल, बर्फ से ढंकी वादियां दीं तो पूरब को प्रचुर जल संपदा, विविध भौगोलिक संरचना, नदियां, दुनिया में सर्वाधिक बोलियां, विभिन्न संस्कृतियां, रस्म, त्यौहार, परंपराओं वाली प्रकृति दी। इसलिए किसी को कमतर व किसी को बेहतर हम बताते रहें, लेकिन वे सब अपने आप में भिन्न और कुछ विशेषता लिए हैं। ALSO READ: Trip To London: पाउंड को रुपए में गिनेंगे तो चाय भी नहीं पी सकेंगे

 

ब्रिटेन का प्रमुख शहर व राजधानी लंदन 90 लाख से अधिक आबादी वाला है, लेकिन यहां अंग्रेज केवल 36.8 प्रतिशत हैं। शेष एशियाई, अरब, अफ्रीकन, यहूदी व दुनिया भर के अन्य लोग हैं। लंदन में साढ़े 6 लाख भारतीय, 3 लाख 22 हजार बांग्लादेशी व 2 लाख 90 हजार पाकिस्तानी हैं। आपको किसी भी मॉल, शॉपिंग सेंटर, कार टैक्सी, सिक्यूरिटी सर्विस, एअरपोर्ट ग्राउंड टी, रेस्टारेंट, ग्रासरी स्टोर्स पर मालिक या कर्मचारी के तौर पर भारत, पाक, बांग्लादेश के चेहरे मिल जाएंगे। आप इस चक्कर में न रहें कि कोई भारतीय आपकी ओर देखकर मुस्कराएगा। जबकि, हम इंदौरियों को कोई भटिंडा में भी दिख जाए तो चेहरा खिल उठता है। फिर इंदौर में उससे कभी न मिले हों, बस कहीं देखा भर हो। ALSO READ: London Trip: प्रधानमंत्री से पब्लिक तक मेट्रो, सिटी बस में सफर करते हैं

 

लंदन में यहूदी भी भरपूर नजर आते हैं और मुस्लिमों की तरह अपनी स्पष्ट पहचान के साथ रहते हैं। जैसे मुस्लिम को टोपी-दाढ़ी से परहेज नहीं, वैसे ही ये लांग काला कोट और काली पेंट, सफेद शर्ट पहनते हैं, जिसमें से डोरियां बाहर लटकती रहती हैं। सिर पर हैट भी पहनते हैं। शनिवार को अपने पूजा स्थल सपरिवार जाएंगे। ये आम तौर पर किसी से बात नहीं करते। इनमें भी अधिक बच्चों का चलन है। तीन-चार बच्चे आम बात है। इस शहर में भिखारी, स्ट्रीट डॉग, मच्छर व मक्खियां नहीं हैं। यहां मांगने का तरीका थोड़ा हटकर है। जैसे, कोई फुटपाथ पर कोई स्वांग रचकर लेट-बैठ जाएगा। कोई संगीत पेश करेगा। कोई मेट्रो स्टेशन पर बाकायदा पूरा बैंड सजाकर गाएगा-बजाएगा। आपकी इच्छा हो तो दो नहीं तो निकल लो। ALSO READ: London Trip: सड़कें संकरी, फुटपाथ चौड़े, फिर भी जाम नहीं लगता

 

जब ब्रिटिश हुकूमत के तहत दुनिया के करीब 60-65 देश गुलाम थे, तब कहा जाता था कि विक्टोरिया के राज में कभी सूर्य अस्त नहीं होता। यह दुनिया के करीब 35 प्रतिशत हिस्से पर कब्जे के समय की बात है, लेकिन भौगोलिक कारणों से आज भी ब्रिटन में नाम को ही सूर्यास्त होता है। रात साढ़े नौ बजे तक उजाला रहता है और सुबह 4 बजे फिर से प्रकाश फैल जाता है। यूरोप में भी प्राय: ऐसा होता है।

 

लंदन या ब्रिटेन में टेलिफोन, ऑप्टिकल फाइबर या किसी भी तरह की केबल सड़क के ऊपर नजर नहीं आएगी। सब अंडरग्राउंड। इनके चैंबर पर लिखा भी होगा कि कौन-सी लाइन है। सिवरेज, वाटर सप्लाय, पोस्टल सर्विस, स्ट्राम वाटर लाइन के अलग-अलग चैंबर हैं, जिन पर स्पष्ट अक्षरों में अंकित रहता है। यहां टेलिफोन का उपयोग अभी-भी बहुतायत से होता है- खासकर वरिष्ठ नागरिक इसका उपयोग करते हैं। उनके लिए आपातकालीन सेवा के नंबर याद रखना आसान होता है। यहां सौ-दो सौ साल पुराने भवन मिलना सामान्य बात है। तमाम मकान लाल ईंट व कवेलू के होते हैं और समूचे ब्रिटेन, यूरोप में मकान की छत ढलान वाली होती है, ताकि बर्फ व पानी बहकर नीचे गिर जाए। 

 

इनमें टैरेस या गच्ची नहीं होती, जहां खड़े होकर पतंग उड़ाई जा सके। न छत पर पानी की टंकी या अवैध पेंट हाउस होता है। वास्तु शिल्प बेजोड़ होता है। 400 से एक हजार साल पुराने विशालकाय भवन हैं, जो पत्थरों के बने हैं। ये प्रमुखत: चर्च हैं। स्कॉटलैंड का चर्च 900 साल पुराना और लंदन का सैंट पॉल कैथेड्रल 400 साल पुराना है। जबकि वेस्टमिंस्टर चर्च 1066 से अभी तक कायम है। इसमें ब्रिटिश राजाओं के राज्याभिषेक होते रहे हैं तथा शादियां भी होती हैं। यहां राजा, रानियों, आइजैक न्यूटन व स्टीफन हाकिंग जैसे वैज्ञानिकों, कवियों को दफनाया गया है।

 

यहां आपको दो सौ, तीन सौ साल पुराने रेस्टारेंट भी मिल जाएंगे, जिनके संचालक तो काफी बदल गए, लेकिन रंगत वही बनी रही। ये रेस्टारेंट किसी प्रतीक से पहचाने जाते हैं। जैसे पैवैलियन, फोर सिस्टर्स, हेलमेट। तब इनसे रास्ता बताना आसान होता था। यहां की प्रसिद्ध नदी टेम्स का पानी साल भर मटमैला होता है, जबकि यूरोप में आम तौर पर नदियां साफ पानी वाली होती हैं। टेम्स की तलहटी मिट्‌टी वाली है, जो उसे साफ नहीं रहने देती।

 

यहां लंदन से अन्यत्र जाने वाली ट्रेन भी मेट्रो या वंदे भारत जैसी होती हैं, जिनमें हवाई जहाज जैसी सुविधाएं होती हैं। इनमें बैठने के लिए सीट होती हैं और भारत की तरह कुछ बोगियां और आरक्षित बोगी में भी कुछ सीट बिना आरक्षण के होती हैं। उन पर लिखा रहेगा- अवेलेबल। पूरे रास्ते उद्घोषणा होती रहती है। बस, मेट्रो, ट्रेन में दिव्यांग, बुजुर्ग के लिए सीट अलग होती हैं। उन पर आप बैठ सकते हैं, लेकिन किसी के आने पर उठना होता है।

 

बातें तो काफी हैं, लेकिन हर एक का उल्लेख जरूरी नहीं। मैंने अभी तक ब्रिटेन, यूरोप के सात देश, मॉरीशस, दुबई, थाईलैंड की यात्रा की है। अपने इस भ्रमण के मद्देनजर एक ही बात कह सकता हूं- सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा और हिंदोस्ता में सबसे अच्छा इंदौर हमारा। दुनिया घूमें, लेकिन इंदौर जैसा खान-पान, आत्मीयता, शांति-सद्भाव, उल्लास, उत्सवप्रियता, सुरक्षित वातावरण, दिलदार लोग, आसपड़ोस, पता पूछने पर गली या मकान तक छोड़ने आने का उत्साह जैसे अनेक कारण हैं, जिनकी वजह से इंदौर लाजवाब है। (समाप्त) 

वाराणसी में विदेशी नागरिक का हाईवोल्टेज ड्रामा, घरों में घुसकर फेंका सामान और निवासी को काटा, वीडियो वायरल

Varanasi Foreign National Incident: वाराणसी के एक इलाके में लोग तब दहशत में आ गए जब एक विदेशी नागरिक ने कथित तौर पर इलाके में जमकर हंगामा किया। वह घरों में घुस गया, घर का सामान फेंका और एक निवासी को काट भी लिया, जिसके बाद शहर की पुलिस ने उसे काबू में किया और हिरासत में ले लिया। इस घटना का वीडियो ऑनलाइन सामने आया है, जिसमें वह व्यक्ति चिल्लाता, कूदता और लोगों की तरफ झपटता हुआ दिखाई दे रहा है।

बता दें कि यह घटना गुरुवार, 16 जुलाई को कोतवाली पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले सप्तसागर मेडिसिन मार्केट इलाके में हुई। बताया जा रहा है कि विदेशी नागरिक घबराहट की हालत में इलाके में भागा और फिर एक रिहायशी इमारत में घुस गया। वह कथित तौर पर ऊपरी मंजिलों पर चढ़ गया और घर का सामान फेंकने लगा। स्थानीय लोगों ने उसे शांत करने की कई बार कोशिश की, लेकिन उसने कोई सहयोग नहीं किया।

इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में, वह सिर्फ़ हाफ पैंट पहने हुए दिखाई दे रहा है। वह लोगों पर चिल्ला रहा था, सड़क पर कूद रहा था और आक्रामक व्यवहार कर रहा था। इस हंगामे के दौरान, खबर है कि जब उसे काबू करने की कोशिश की जा रही थी, तो उसने एक निवासी के हाथ पर काट लिया। काफी जद्दोजहद के बाद, स्थानीय लोग उसे काबू करने में सफल रहे, और उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।। इसके बाद पुलिस ने उसे मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेज दिया।

हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि विदेशी नागरिक कथित तौर पर भांग के नशे में था। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

इंटरनेट पर विदेशी नागरिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग

विदेशी नागरिक के हंगामा करने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कुछ लोग उसके व्यवहार पर मजाक कर रहे हैं, जबकि कई लोगों ने स्थानीय लोगों को परेशान करने के लिए उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

एक यूजर ने दावा किया, “शायद उसने कुछ नशीली चीज का सेवन किया होगा। उसके कल्चर में यह बहुत आम बात है।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “वाराणसी में भांग के इस्तेमाल को लेकर नियम सख्त होने चाहिए। हाल ही में ट्रेन यात्रा के दौरान वाराणसी से एक व्यक्ति ट्रेन में चढ़ा था, जो पूरी तरह नशे में था। उसे यह भी पता नहीं था कि उसे कहां जाना है और वह टीटी से बहस भी कर रहा था।”

वहीं, एक अन्य यूजर ने पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा, “क्या स्थानीय पुलिस कुछ नहीं कर सकती? इसे तुरंत हिरासत में लेना चाहिए, क्योंकि यह लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है।”

एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “यहीं पर जनता के हस्तक्षेप की आवश्यकता है।”

एक यूजर ने कहा, “साफ है कि उसने कुछ नशा कर रखा है। अब समय आ गया है कि भारत में भी पुलिस अपराधियों को शांत करने के लिए टेजर का इस्तेमाल करे, जैसा कि अमेरिका में होता है।”

एक अन्य यूजर ने पूछा, “क्या हमारे यहां यूरोप और अमेरिका जैसा डिपोर्टेशन सिस्टम (देश से बाहर भेजने की व्यवस्था) नहीं है?”

Popular TVF Shows 2026: ‘ग्राम चिकित्सालय 2’ से लेकर ‘एस्पिरेंट्स 3’ तक, बैक-टू-बैक सुपरहिट शोज देकर TVF बना साल 2026 का कंटेंट पावरहाउस

Popular TVF Shows 2026: द वायरल फीवर (TVF) ने खुद को भारत के सबसे पसंदीदा कंटेंट स्टूडियोज में से एक के रूप में स्थापित किया है, जो लगातार अलग-अलग जॉनर में बेहतरीन कहानियां पेश करता आ रहा है। सालों से इसने देश के कुछ सबसे पसंदीदा और क्रिटिक्स द्वारा सराहे गए शोज़ बनाए हैं, जिनमें दिल को छू लेने वाले ‘स्लाइस-ऑफ-लाइफ’ ड्रामा से लेकर रोंगटे खड़े कर देने वाले थ्रिलर और जमीन से जुड़ी ऐसी सच्ची कहानियां शामिल हैं जो सीधे दर्शकों के दिलों को छूती हैं।

लगातार शानदार काम करने के इसी ट्रैक रिकॉर्ड ने टीवीएफ (TVF) को कंटेंट की दुनिया का एक पावरहाउस बना दिया है। साल 2026 का पहला आधा हिस्सा (first half) भी इसका अपवाद नहीं रहा है। सिर्फ छह महीनों में इस स्टूडियो ने एक के बाद एक कई सफल शोज़ दिए हैं, जिनमें फैंस के पसंदीदा शोज़ के नए सीज़न की वापसी के साथ-साथ कुछ नए ओरिजिनल शोज़ भी शामिल हैं, जिन्हें दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों का खूब प्यार मिला। आइए डालते हैं एक नज़र साल 2026 के पहले छह महीनों में आए टीवीएफ (TVF) के कुछ सबसे बड़े हिट्स पर।

गुल्लक सीज़न 5

पिछले चार सीज़न्स की भारी सफलता के बाद, टीवीएफ (TVF) ने दर्शकों के पसंदीदा फैमिली शो ‘गुल्लक’ के पांचवें सीज़न के साथ वापसी करने का फैसला किया। यह सीज़न एक बार फिर मिश्रा परिवार को साथ लेकर आता है, जिसमें अनत वी. जोशी की ‘अन्नू मिश्रा’ के रूप में एंट्री हुई है, जिसने दर्शकों को अपने इस फेवरेट परिवार से एक बार फिर प्यार करने पर मजबूर कर दिया। भारत की सबसे लंबे समय तक चलने वाली और सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली ओरिजिनल वेब सीरीज़ में से एक, गुल्लक आज भी आईएमडीबी (IMDb) की दुनिया भर के टॉप 250 टीवी शोज़ की लिस्ट में बनी हुई है, जो इसकी कभी न खत्म होने वाली पॉपुलैरिटी और हर दिल अजीज होने का पक्का सबूत है।

एस्पिरेंट्स सीज़न 3

‘एस्पिरेंट्स’ सीज़न 3 ने इस बेहद पसंदीदा फ्रेंचाइजी की कामयाबी के सिलसिले को आगे बढ़ाया और दर्शकों के साथ-साथ क्रिटिक्स से भी खूब वाहवाही बटोरी। दिल को छू लेने वाली कहानी और बेहतरीन एक्टिंग के शानदार तालमेल के साथ, इस सीरीज़ में नवीन कस्तूरिया, सनी हिंदुजा, शिवांकित सिंह परिहार, अभिलाष थपलियाल और नमिता दुबे ने एक बार फिर अपनी कमाल की परफॉर्मेंस से दर्शकों के दिलों को छुआ। एस्पिरेंट्स फ्रेंचाइजी भी आईएमडीबी (IMDb) की दुनिया भर के टॉप 250 टीवी शोज़ की लिस्ट में शामिल है। इस फ्रेंचाइजी ने ‘एसके सर की क्लास’ और ‘संदीप भैया’ जैसे बेहद कामयाब स्पिन-ऑफ्स को भी जन्म दिया है, जिसने इसके कहानी के दायरे को और बड़ा बना दिया है।

द पिरामिड स्कीम

टीवीएफ (TVF) ने साल 2026 के अपने लाइनअप में एक और कामयाब ओरिजिनल शो जोड़ा है, जिसका नाम है ‘द पिरामिड स्कीम’। इसे आशीष आर. शुक्ला और श्रेयांश पांडे ने डायरेक्ट किया है। परमवीर सिंह चीमा, रणवीर शौरी, शेखर सुमन, अंजन श्रीवास्तव, अल्फिया जाफ़री और आशीष राघव स्टारर इस कॉमेडी-ड्रामा की इसकी दिलचस्प कहानी, तीखे मज़ाक और शानदार एक्टिंग के लिए खूब तारीफ की गई है, जिसने इसे टीवीएफ की लिस्ट में एक बेहद खास शो बना दिया है। यह सीरीज़ नए-नए जॉनर और कहानी कहने के अलग तरीकों के साथ टीवीएफ के लगातार हो रहे प्रयोगों को दिखाती है, वो भी अपनी जड़ों से जुड़े और किरदारों पर आधारित कहानियों के साथ।

ग्राम चिकित्सालय सीज़न 2

टीवीएफ ने अपने बेहद पसंदीदा ग्रामीण कॉमेडी-ड्रामा ‘ग्राम चिकित्सालय’ के दूसरे सीज़न (Season 2) के साथ वापसी की है, जिसमें भटकंडी गांव का सफर आगे बढ़ता है। इस सीरीज़ में अमोल पराशर एक बार फिर डॉ. प्रभात सिन्हा के रोल में नजर आ रहे हैं। उनके साथ उनके प्यारे सपोर्टिंग किरदार भी नई चुनौतियों का सामना करते हुए दिख रहे हैं। यह सीज़न भी हंसी-मजाक, जज्बात और रोजमर्रा के पलों से भरा एक दिल को छू लेने वाला और मजेदार चैप्टर पेश करता है। पहले सीज़न को मिले शानदार रिस्पॉन्स को आगे बढ़ाते हुए, इस शो ने जमीन से जुड़ी और गाँव की कहानियों को पेश करने की टीवीएफ की लिस्ट को और मजबूत किया है, जिसे शहरों से लेकर गांवों तक के दर्शकों ने खूब पसंद किया है।

फैमिली किराना स्टोर

टीवीएफ ने अपने ओरिजिनल शोज़ का दायरा बढ़ाते हुए ‘फैमिली किराना स्टोर’ पेश किया है। यह एक दिल को छू लेने वाली कॉमेडी है जो गजानंद (श्रीकांत वर्मा) और उनके मिडिल-क्लास परिवार की कहानी दिखाती है, जो पड़ोस की एक किराने की दुकान चलाने के उतार-चढ़ाव से जूझते हैं। गरिमा विक्रांत सिंह और हेमंत मिश्रा के अभिनय से सजी यह सीरीज़ हंसी, पुरानी यादों (नॉस्टैल्जिया) और रोज़मर्रा के पारिवारिक पलों को बहुत ही खूबसूरती से मिलाती है। यह शो साधारण भारतीय परिवारों की खुशियां मनाने और रोज़मर्रा की जिंदगी से असाधारण कहानियाँ तलाशने की टीवीएफ की परंपरा को जारी रखता है।

स्पेस जेन: चंद्रयान

टीवीएफ (TVF) ने ‘स्पेस जेन: चंद्रयान’ के साथ स्पेस ड्रामा जॉनर में कदम रखा। यह एक प्रेरणादायक सीरीज़ है जो इसरो (ISRO) के वैज्ञानिकों के सफर को दिखाती है, जो तमाम मुश्किलों से लड़कर एक ऐतिहासिक मिशन को कामयाब बनाते हैं। नकुल मेहता, श्रिया सरन, प्रकाश बेलावाड़ी, गोपाल दत्त और दानिश सैत के अभिनय से सजी इस सीरीज़ को इसके इमोशनल ड्रामा और कलाकारों की बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए खूब सराहा गया। यह शो देश की एक बड़ी और ऐतिहासिक कहानी को दिखाने के टीवीएफ के बढ़ते हौसले को दर्शाता है, जिसमें उन्होंने अपनी पहचान बन चुके इमोशनल टच को बरकरार रखा है।

हेलो बच्चों

टीवीएफ के ‘हेलो बच्चों’ ने मशहूर शिक्षक अलख पांडे के प्रेरणादायक सफर को पर्दे पर उतारा, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे उन्होंने ऑनलाइन लर्निंग के जरिए हर बच्चे तक बेहतरीन शिक्षा पहुंचाने का मिशन पूरा किया। विनीत कुमार सिंह, विक्रम कोचर, गिरिजा ओक, अनुमेहा जैन और पंकज कश्यप के शानदार अभिनय से सजी इस सीरीज़ को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। अपनी दिल छू लेने वाली कहानी, इमोशनल गहराई और सच्ची परफॉर्मेंस की वजह से यह साल 2026 में टीवीएफ के सबसे पसंदीदा ओरिजिनल शोज़ में से एक बन गया। इस सीरीज़ ने शिक्षा की ताकत और उससे आने वाले बदलाव का जश्न मनाया, जो टीवीएफ के कई ओरिजिनल्स की एक बड़ी ताकत रहा है।

सपने वर्सेस एवरीवन

पहले सीज़न को मिले बेमिसाल रिस्पॉन्स के बाद, ‘सपने वर्सेस एवरीवन’ अपने दमदार और रोमांचक दूसरे चैप्टर के साथ वापस लौटा और इसे हर तरफ से खूब तारीफें मिलीं। अंबरीश वर्मा द्वारा लिखित, निर्देशित और बनाई गई इस सीरीज़ में खुद अंबरीश वर्मा, परमवीर सिंह चीमा, विजयांत कोहली और अभिषेक चौहान मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह सीज़न जिमी और प्रशांत के मुश्किल सफर को भावनाओं और बेहतरीन लिखावट के साथ आगे बढ़ाता है। इस सीरीज़ ने टीवीएफ के सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले ड्रामा शोज़ में अपनी जगह और मजबूत कर ली है। आईएमडीबी (IMDb) पर 9.2 की रेटिंग के साथ यह किसी भी भारतीय सीरीज़ के लिए सबसे बड़ी रेटिंग है। महत्वाकांक्षा और खुद को साबित करने की जंग को बहुत ही बारीकी से दिखाने के लिए इस शो की हर तरफ तारीफ हुई है।

बेहद पसंदीदा पुराने शोज़ की वापसी और फैमिली ड्रामा, ग्रामीण कॉमेडी, इंस्पायरिंग कहानियों, थ्रिलर और सोशल ड्रामा जैसे बड़े और नए ओरिजिनल्स के साथ, साल 2026 के पहले छह महीनों में टीवीएफ ने अपनी ऐसी रेंज दिखाई है जिसका फिल्म इंडस्ट्री में कोई मुकाबला नहीं है। सिर्फ छह महीने में अलग-अलग जॉनर और प्लेटफॉर्म्स पर इतने सारे सफल शोज़ देकर टीवीएफ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे भारत के सबसे लगातार और असरदार कंटेंट क्रिएटर्स में से एक हैं।

बार-बार KYC कराने से मिलेगा छुटकारा, ऐसे जानें अपनी 14 अंकों की CKYC संख्या, बैंक का काम होगा आसान

bank kyc

अगर आप हर बार नया बैंक खाता खोलने या किसी वित्तीय संस्था में निवेश करते समय बार-बार KYC दस्तावेज़ जमा करने से परेशान हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। सेंट्रल KYC (CKYC) की मदद से यह प्रक्रिया काफी आसान हो सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोगों से अपनी 14 अंकों की CKYC संख्या जानने और उसका उपयोग करने की अपील की है।

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क्या है CKYC नंबर?

CKYC (Central Know Your Customer) नंबर 14 अंकों की एक यूनिक पहचान संख्या होती है। यह आपकी KYC जानकारी से जुड़ी होती है, जो Central KYC Records Registry (CKYCR) में सुरक्षित रहती है। जब आपका CKYC नंबर उपलब्ध होता है, तो बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान आपकी पहले से दर्ज KYC जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे हर बार आधार, पैन या अन्य दस्तावेज़ दोबारा जमा करने की जरूरत काफी हद तक कम हो जाती है।

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कैसे पता करें अपना CKYC नंबर?

 

आप अपनी CKYC संख्या इन आसान तरीकों से प्राप्त कर सकते हैं—

 

  • अपने बैंक या वित्तीय संस्थान से संपर्क करें।
  • 7799022129 पर मिस्ड कॉल दें।
  • CKYC पोर्टल पर जाकर जानकारी प्राप्त करें।
  • CKYC के क्या हैं फायदे?
  • बार-बार KYC दस्तावेज़ जमा करने की जरूरत कम होती है।
  • बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया आसान और तेज़ होती है।
  • विभिन्न बैंक और वित्तीय संस्थानों में KYC प्रक्रिया सरल बनती है।
  • समय और दस्तावेज़ों की दोबारा जांच की परेशानी कम होती है।

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RBI ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी CKYC संख्या की जानकारी रखें और डिजिटल बैंकिंग से जुड़े कार्यों को अधिक सुविधाजनक बनाएं। साथ ही, वित्तीय लेनदेन के दौरान हमेशा सतर्क रहने और जागरूक रहने की सलाह भी दी है।

Rohit Sharma Retirement: क्या लॉर्ड्स वनडे होगा हिटमैन का आखिरी मैच? BCCI के फैसले से बढ़ी हलचल

Rohit Sharma Retirement: क्या भारतीय क्रिकेट टीम का एक और शानदार दौर खत्म होने वाला है? PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को लॉर्ड्स में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाने वाला तीसरा वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में रोहित शर्मा का आखिरी मैच हो सकता है, क्योंकि नेशनल सिलेक्शन कमिटी के UK में चल रही मौजूदा सीरीज के बाद इस शानदार व्हाइट-बॉल खिलाड़ी को टीम में शामिल करने की उम्मीद कम लग रही है। बता दें कि रोहित शर्मा ने अपने पिछले 8 वनडे मैचों में कुल 241 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 30.1 और स्ट्राइक रेट 88.6 का रहा है। उन्होंने इस दौरान एक हाफ-सेंचुरी भी लगाई है।

सिलेक्टरों के चेयरमैन अजीत अगरकर टूरिंग सेलेक्टर के तौर पर कार्डिफ में हैं, और यह साफ है कि सेलेक्टर अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए 39 साल के, दो बार ICC ट्रॉफी जीतने वाले भारतीय कप्तान पर विचार नहीं कर रहे हैं।

PTI से बातचीत में BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “नेशनल सेलेक्टर चाहते हैं कि यशस्वी जायसवाल, जिन्होंने तीन पारियों में दो शतक लगाए हैं, उन्हें ज्यादा मौके मिलें। लगभग 20 मैच होने हैं, और जायसवाल को वे 20 मैच मिलने चाहिए।

अधिकारी ने कहा, “कोई भी रोहित को रिटायर होने के लिए नहीं कह सकता, लेकिन यह बिल्कुल साफ है कि सितंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली घरेलू सीरीज को देखते हुए, सेलेक्टर आगे की ओर देखना चाहेंगे। रोहित का भविष्य क्या होगा, यह फैसला उन्हें ही लेना है।”

रोहित शर्मा सिलेक्टर्स के फैसले से खुश नहीं

वहीं, रोहित शर्मा अभी भी भारत के लिए वनडे क्रिकेट खेलना चाहते हैं और उनका सबसे बड़ा लक्ष्य 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलना है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजीत अगरकर की अगुवाई वाली भारतीय चयन समिति ने आगे बढ़ने का फैसला कर लिया है। समिति ने कथित तौर पर रोहित शर्मा और टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को भी इस योजना की जानकारी दे दी है।

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि रोहित शर्मा इस फैसले से खुश नहीं हैं। उन्होंने इंग्लैंड में चल रही वनडे सीरीज के दौरान BCCI अधिकारियों से इस मुद्दे पर बातचीत भी की है।

विराट कोहली के बारे में क्या?

यह बताना जरूरी है कि हेड कोच गौतम गंभीर और अगरकर इस बात पर सहमत हैं कि अपनी फ़ॉर्म और फिटनेस को देखते हुए विराट कोहली का टीम में चुना जाना तय है, जबकि रोहित के मामले में ऐसा नहीं है।

माना जा रहा है कि अगर इंग्लैंड सीरीज के बाद भी रोहित को टीम में बनाए रखा जाता है, तो जायसवाल- जो उनके बाद टीम में आने के लिए तैयार हैं – का कीमती खेलने का समय जाहिर तौर पर बर्बाद होगा। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि टेस्ट से संन्यास लेने के मामले में सिलेक्शन कमिटी और रोहित की राय एक जैसी नहीं थी।

हालांकि, सिलेक्शन कमिटी के करीबी सूत्रों का कहना था कि वे नहीं चाहते थे कि रोहित इंग्लैंड में होने वाले पांच टेस्ट मैचों में से सिर्फ दो मैच खेलने के बाद कोई फैसला लें, लेकिन रोहित के पक्ष को जानने वालों का कहना है कि उनका इरादा कभी भी सिर्फ दो मैच खेलने का नहीं था और वे पूरी सीरीज के लिए उपलब्ध थे।

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