IND vs NZ: ‘रोहित-विराट को रन बनाने के लिए करना होगा मशक्कत’ न्यूजीलैंड दौरे से पहले डरे कीवी कप्तान! दिया बड़ा बयान

भारतीय टीम इस साल अक्टूबर-नवंबर में पांच वनडे, पांच टी-20 अंतरराष्ट्रीय और दो टेस्ट मैच के लिए न्यूजीलैंड दौरे पर जाएगी। वहीं वनडे सीरीज में विराट कोहली और रोहित शर्मा भी खेलते हुए नजर आएगे। वहीं न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सेंटनर भारत के खिलाफ आगामी व्हाइट-बॉल दौरे को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं। कप्तान मिचेल सेंटनर को पता है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा न्यूजीलैंड के लिए बड़ा खतरा हो सकते हैं। वह दोनों बल्लेबाजों को रोकने और उन्हें न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करने से रोकने की रणनीति पर काम करेंगे।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच अक्टूबर और नवंबर में होने वाली सीरीज में विराट कोहली और रोहित शर्मा भी खेलते नजर आएंगे। इस दौरे पर दोनों टीमों के बीच पांच वनडे और पांच टी20 मैच खेले जाएंगे। इसके अलावा भारत और न्यूजीलैंड के बीच दो टेस्ट मैच भी होंगे।

वनडे वर्ल्ड कप के लिए अहम है ये सीरीज

भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाली पांच मैचों की वनडे सीरीज दोनों टीमों के लिए काफी अहम रहेगी। यह सीरीज 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों को मजबूत करने का मौका देगी। न्यूजीलैंड की टीम वर्ल्ड कप से पहले अपनी तैयारियों को बेहतर बनाने के लिए श्रीलंका के खिलाफ भी तीन वनडे मैच खेलेगी। इसके बाद टीम सितंबर में इंग्लैंड का दौरा करेगी, जहां वह विश्व कप से पहले अपनी रणनीति और टीम को परखने की कोशिश करेगी।

रोहित-विराट पर होगी नजर

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, सेंटनर ने कहा, “यह हमारे लिए एक चुनौती होगी। विराट और रोहित लंबे समय से शानदार खिलाड़ी रहे हैं और वनडे क्रिकेट में उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। न्यूजीलैंड की कुछ पिचों पर दोनों पहले भी अच्छा खेल चुके हैं। उम्मीद है कि इस बार उन्हें यहां की परिस्थितियां ज्यादा रास नहीं आएंगी।” सेंटनर ने कहा कि न्यूजीलैंड के लिए भारत को अपनी जमीन पर हराना एक बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा, “हम भारत के खिलाफ पांच मैच खेलेंगे, इसके बाद घर पर श्रीलंका के खिलाफ तीन वनडे होंगे और फिर सितंबर 2027 में वर्ल्ड कप से पहले इंग्लैंड में तैयारी करने का मौका मिलेगा। लेकिन फिलहाल हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य भारत के खिलाफ घरेलू सीरीज जीतना है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह हमारे लिए बड़ी कामयाबी होगी। इसके बाद हम यह तय करने पर ध्यान देंगे कि अगले साल अक्टूबर में वर्ल्ड कप के लिए हमारी टीम और रणनीति कैसी होनी चाहिए।”

टेस्ट में भारत को होगी चुनौती

दो टेस्ट मैचों की सीरीज न्यूजीलैंड के लिए भारत की नई टेस्ट टीम को परखने का मौका होगी। पिछली बार न्यूजीलैंड ने भारत को घर में 3-0 से हराकर उसका 12 साल पुराना अजेय रिकॉर्ड तोड़ा था। इस जीत में मिचेल सेंटनर का अहम योगदान रहा था। सेंटनर का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में बदलाव के दौर से गुजर रही भारतीय टीम के नए खिलाड़ियों के लिए न्यूजीलैंड की परिस्थितियां एक बड़ी चुनौती हो सकती हैं।

उन्होंने कहा, “हमने पहले भी जल्दी से परिस्थितियों के हिसाब से ढलने की बात की है। भारत की नई दिखने वाली टीम के कुछ खिलाड़ियों के लिए न्यूजीलैंड में रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का यह पहला मौका हो सकता है। यहां की पिचें उनके लिए अलग होंगी और उन्हें अपने देश की परिस्थितियों से ज्यादा अलग माहौल में खुद को ढालना होगा।”

भारत की गेंदबाजी मजबूत

सेंटनर ने माना कि न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में भी भारतीय गेंदबाजी आक्रमण काफी मजबूत है। उन्होंने कहा, “अगर आप भारतीय टीम को देखें तो इसमें काफी अच्छे गेंदबाज हैं। जसप्रीत बुमराह की वापसी से टीम और मजबूत होगी। इसके अलावा मोहम्मद सिराज और अपनी तेज गेंदों व उछाल के लिए जाने जाने वाले प्रसिद्ध कृष्णा भी टीम में हैं। स्पिन में रवींद्र जडेजा और मानव सुथार जैसे विकल्प मौजूद हैं। इसके अलावा टीम के पास एक और तेज गेंदबाज का विकल्प भी हो सकता है।” उन्होंने कहा, “यह सीरीज अच्छी तरह तैयार हो रही है और काफी शानदार मुकाबला देखने को मिल सकता है। उस समय न्यूजीलैंड में मौसम और पिच का मिजाज थोड़ा बदल सकता है।”

भारत के खिलाफ सीरीज अहम

सेंटनर ने कहा कि, “बल्लेबाजों को हर गेंद पर आक्रामक शॉट खेलने के बजाय कुछ समय तक गेंदबाजों को खेलने देना चाहिए और गेंद की चमक कम होने का इंतजार करना चाहिए। उनके मुताबिक, न्यूजीलैंड में टेस्ट मैच के दौरान परिस्थितियां कभी भी बदल सकती हैं।”सेंटनर ने कहा कि भारत के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज को लेकर न्यूजीलैंड की टीम उत्साहित है। दुनिया की मजबूत टीम के खिलाफ खेलना खिलाड़ियों के लिए खुद को परखने का शानदार मौका होगा।

ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी न्यूजीलैंड

भारत के खिलाफ सीरीज खत्म होने के बाद न्यूजीलैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी, जहां उसे चार टेस्ट मैच खेलने हैं। ऐसे में टीम के लिए आने वाला कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है। सेंटनर ने कहा कि, “पहले भारत के खिलाफ 10 व्हाइट-बॉल मैचों पर ध्यान रहेगा, जिसमें वनडे और टी20 शामिल हैं। इसके बाद टीम को बिना ज्यादा समय गंवाए टेस्ट क्रिकेट के लिए खुद को तैयार करना होगा।”

Rohit Sharma Retirement: क्या लॉर्ड्स वनडे होगा हिटमैन का आखिरी मैच? BCCI के फैसले से बढ़ी हलचल

Rohit Sharma Retirement: क्या भारतीय क्रिकेट टीम का एक और शानदार दौर खत्म होने वाला है? PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को लॉर्ड्स में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाने वाला तीसरा वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में रोहित शर्मा का आखिरी मैच हो सकता है, क्योंकि नेशनल सिलेक्शन कमिटी के UK में चल रही मौजूदा सीरीज के बाद इस शानदार व्हाइट-बॉल खिलाड़ी को टीम में शामिल करने की उम्मीद कम लग रही है। बता दें कि रोहित शर्मा ने अपने पिछले 8 वनडे मैचों में कुल 241 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 30.1 और स्ट्राइक रेट 88.6 का रहा है। उन्होंने इस दौरान एक हाफ-सेंचुरी भी लगाई है।

सिलेक्टरों के चेयरमैन अजीत अगरकर टूरिंग सेलेक्टर के तौर पर कार्डिफ में हैं, और यह साफ है कि सेलेक्टर अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए 39 साल के, दो बार ICC ट्रॉफी जीतने वाले भारतीय कप्तान पर विचार नहीं कर रहे हैं।

PTI से बातचीत में BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “नेशनल सेलेक्टर चाहते हैं कि यशस्वी जायसवाल, जिन्होंने तीन पारियों में दो शतक लगाए हैं, उन्हें ज्यादा मौके मिलें। लगभग 20 मैच होने हैं, और जायसवाल को वे 20 मैच मिलने चाहिए।

अधिकारी ने कहा, “कोई भी रोहित को रिटायर होने के लिए नहीं कह सकता, लेकिन यह बिल्कुल साफ है कि सितंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली घरेलू सीरीज को देखते हुए, सेलेक्टर आगे की ओर देखना चाहेंगे। रोहित का भविष्य क्या होगा, यह फैसला उन्हें ही लेना है।”

रोहित शर्मा सिलेक्टर्स के फैसले से खुश नहीं

वहीं, रोहित शर्मा अभी भी भारत के लिए वनडे क्रिकेट खेलना चाहते हैं और उनका सबसे बड़ा लक्ष्य 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलना है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजीत अगरकर की अगुवाई वाली भारतीय चयन समिति ने आगे बढ़ने का फैसला कर लिया है। समिति ने कथित तौर पर रोहित शर्मा और टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को भी इस योजना की जानकारी दे दी है।

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि रोहित शर्मा इस फैसले से खुश नहीं हैं। उन्होंने इंग्लैंड में चल रही वनडे सीरीज के दौरान BCCI अधिकारियों से इस मुद्दे पर बातचीत भी की है।

विराट कोहली के बारे में क्या?

यह बताना जरूरी है कि हेड कोच गौतम गंभीर और अगरकर इस बात पर सहमत हैं कि अपनी फ़ॉर्म और फिटनेस को देखते हुए विराट कोहली का टीम में चुना जाना तय है, जबकि रोहित के मामले में ऐसा नहीं है।

माना जा रहा है कि अगर इंग्लैंड सीरीज के बाद भी रोहित को टीम में बनाए रखा जाता है, तो जायसवाल- जो उनके बाद टीम में आने के लिए तैयार हैं – का कीमती खेलने का समय जाहिर तौर पर बर्बाद होगा। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि टेस्ट से संन्यास लेने के मामले में सिलेक्शन कमिटी और रोहित की राय एक जैसी नहीं थी।

हालांकि, सिलेक्शन कमिटी के करीबी सूत्रों का कहना था कि वे नहीं चाहते थे कि रोहित इंग्लैंड में होने वाले पांच टेस्ट मैचों में से सिर्फ दो मैच खेलने के बाद कोई फैसला लें, लेकिन रोहित के पक्ष को जानने वालों का कहना है कि उनका इरादा कभी भी सिर्फ दो मैच खेलने का नहीं था और वे पूरी सीरीज के लिए उपलब्ध थे।

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