Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है बाजार की शुरुआत

Stock Market Live Update: ईरान पर अमेरिका का 11वें दिन हमला जारी है। ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकाने को निशाना बनाने की चेतावनी दी। तेहरान ने युद्ध का दायरा बढ़ाने का एलान किया। इधर जंग बढ़ने और हूतियों के RED SEA BLOCKADE से कच्चे तेल में उछाल आया। ब्रेंट 92 डॉलर के पार निकला। इधर कच्चे तेल में उछाल से भारतीय बाजारों के सेंटिमेंट कमजोर हुआ है। गिफ्ट निफ्टी में करीब 60 प्वाइंट का दबाव दिखा रहा है। हालांकि FIIs और ग्लोबल मार्केट से पॉजिटिव संकेत मिल रहे है। जापान का बाजार निक्केई 2 परसेंट तो कोरिया मार्केट कॉस्पी 6% ऊपर है। उधर चिप शेयरों में खरीदारी के बीच US INDICES में अच्छी बढ़त दिखी। सोने-चांदी की भी चमक बढ़ी है।

Google Pixel 11 Pro XL की एंट्री जल्द, 5500mAh बैटरी और Tensor G6 चिप से होगा लैस

Google Pixel 11 सीरीज अगस्त 2026 में ग्लोबल मार्केट में लॉन्च होने के लिए तैयार है। इस सीरीज में चार नए फोन आएंगे – Google Pixel 11, Pixel 11 Pro, Pixel 11 Pro XL और Pixel 11 Pro Fold। सीरीज के Pixel 11 Pro XL की बात करें तो यह अपने पिछले मॉडल की तरह ही एक क्लासिक फोन होगा और उन लोगों के लिए सही रहेगा जो बड़ी स्क्रीन वाला डिवाइस चाहते हैं। अब आइए, इस फोन के स्पेसिफिकेशन्स, कीमत और लॉन्च डेट बारे में जानते हैं।

भारत में Google Pixel 11 Pro XL की कीमत और लॉन्च डेट

Google ने पहले ही कन्फर्म कर दिया है कि Pixel सीरीज के चारों डिवाइस 12 अगस्त 2026 को ग्लोबल मार्केट में आएंगे। कीमत की बात करें तो, 12GB RAM और 256GB इंटरनल स्टोरेज वाला वेरिएंट मार्केट में 1,19,999 रुपये या 1,25,999 रुपये में उपलब्ध होगा। ऐसी खबरें हैं कि Google इस डिवाइस के रंगों (कलर पैलेट) के साथ ज्यादा एक्सपेरिमेंट नहीं करेगा।

Google Pixel 11 Pro XL के स्पेसिफिकेशन्स और कैमरा

Google Pixel 11 Pro XL में 6.8-इंच का LTPO AMOLED डिस्प्ले हो सकता है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और 3600 निट्स की पीक ब्राइटनेस मिलेगी। इसके अलावा, इस फोन में Tensor G6 प्रोसेसर के साथ 12GB LPDDR5X RAM और 256GB इंटरनल स्टोरेज दी जाएगी। यह भी कहा जा रहा है कि इस हैंडसेट में 5500mAh की बैटरी होगी, जो 67W या 90W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी। बता दें कि यह फोन Android 17 ऑपरेटिंग सिस्टम पर रन करेगा।

कैमरे की बात करें तो, Google Pixel 11 Pro XL में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन (OIS) वाला 50MP का प्राइमरी कैमरा, 64MP का टेलीफोटो कैमरा और 48MP का अल्ट्रा-वाइड एंगल कैमरा शामिल होगा। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए, इस फोन में 48MP का फ्रंट कैमरा दिया जा सकता है।

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₹12 करोड़ से बने ₹700 करोड़, जानिए Myntra के मुकेश बंसल ने 8 साल में कैसे 60 गुना रिटर्न कमाया

18 जुलाई 2026 को श्रीहरिकोटा से Vikram-1 रॉकेट ने उड़ान भरी। यह सिर्फ एक लॉन्च नहीं था, बल्कि भारत की पहली निजी कंपनी का सफल ऑर्बिटल लॉन्च था। इसके साथ ही Skyroot Aerospace ने इतिहास रच दिया। लेकिन इस सफलता की कहानी करोड़ों की लैब से नहीं, बल्कि हैदराबाद के एक छोटे से ऑफिस से शुरू हुई थी।

सरकारी नौकरी छोड़कर लगा दिया दांव

साल 2017 में पवन कुमार चंदाना और नागा भरत डाका ISRO में वैज्ञानिक थे। इसी दौरान उन्होंने Space Activities Bill का ड्राफ्ट पढ़ा। उन्हें लगा कि आने वाले समय में निजी कंपनियों को भी रॉकेट बनाने और लॉन्च करने का मौका मिल सकता है। दोनों ने जोखिम उठाया, सरकारी नौकरी छोड़ी और 2018 में Skyroot Aerospace की शुरुआत कर दी।

उस समय भारत का स्पेस सेक्टर लगभग पूरी तरह सरकार के हाथ में था। इसलिए निवेशकों को भी इस आइडिया पर भरोसा नहीं था। ज्यादातर लोगों को लगता था कि किसी भारतीय स्टार्टअप के लिए रॉकेट लॉन्च करना सिर्फ सपना है।

जब किसी ने भरोसा नहीं किया

ऐसे समय में Myntra और Cult.fit के फाउंडर मुकेश बंसल कंपनी के साथ खड़े हुए। उन्होंने 2018 में Skyroot में पहला निवेश किया। उस समय कोई बड़ा वेंचर कैपिटल फंड कंपनी में पैसा लगाने को तैयार नहीं था।

Tracxn के मुताबिक, मुकेश बंसल ने अलग-अलग फंडिंग राउंड में करीब 13 लाख डॉलर, यानी लगभग ₹12 करोड़ लगाए। लंबे समय तक वही कंपनी के इकलौते एंजेल निवेशक रहे। उन्होंने उस स्टार्टअप पर दांव लगाया, जिसके भविष्य को लेकर किसी के पास भरोसेमंद जवाब नहीं था।

2020 में बदल गई तस्वीर

साल 2020 में सरकार ने स्पेस सेक्टर निजी कंपनियों के लिए खोल दिया। इसके बाद Skyroot की रफ्तार बदल गई। बड़े निवेशक जुड़ने लगे और कंपनी को तेजी से फंडिंग मिलने लगी।

नवंबर 2022 में कंपनी ने Vikram-S लॉन्च किया। यह अंतरिक्ष तक पहुंचने वाला भारत का पहला निजी रॉकेट बना। इसके बाद मई 2026 में Skyroot ने करीब 570 करोड़ रुपये जुटाए और 1.1 अरब डॉलर के वैल्यूएशन के साथ भारत की पहली स्पेसटेक यूनिकॉर्न बन गई।

₹12 करोड़ से बन गए ₹700 करोड़

मुकेश बंसल का शुरुआती भरोसा अब बड़ी कमाई में बदल चुका है। Tracxn के मुताबिक, उनके पास अभी भी Skyroot में 5.7% हिस्सेदारी है, जिसकी मौजूदा कीमत 600 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसके अलावा वह अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचकर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा पहले ही निकाल चुके हैं।

यानी उनकी बची हिस्सेदारी और अब तक की कमाई को जोड़ दें तो उनकी कुल वैल्यू 700 करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुकी है। दूसरे शब्दों में कहें तो करीब ₹12 करोड़ का निवेश लगभग 60 गुना बढ़ गया।

सिर्फ एक कंपनी नहीं, पूरे सेक्टर की कहानी

Skyroot की सफलता सिर्फ एक स्टार्टअप की सफलता नहीं है। यह भारत के स्पेस सेक्टर में आए बड़े बदलाव की भी कहानी है। सरकार के दरवाजे खोलने के बाद देश में स्पेस स्टार्टअप्स की संख्या 2014 में सिर्फ एक से बढ़कर 2026 में 400 से ज्यादा हो गई है।

सरकार का लक्ष्य 2033 तक भारत की स्पेस इकोनॉमी को 8.4 अरब डॉलर से बढ़ाकर 44 अरब डॉलर तक पहुंचाने का है। Skyroot की उड़ान इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल बन चुकी है।

मुकेश बंसल का सबसे बड़ा दांव

मुकेश बंसल पहले Myntra के जरिए फैशन ई-कॉमर्स और फिर Cult.fit के जरिए फिटनेस सेक्टर में अपनी पहचान बना चुके थे। लेकिन Skyroot में किया गया निवेश अलग था।

यह सिर्फ किसी स्टार्टअप में पैसा लगाना नहीं था, बल्कि भारत के निजी अंतरिक्ष कार्यक्रम के भविष्य पर जताया गया भरोसा था। आज वही भरोसा भारतीय स्पेस सेक्टर की सबसे बड़ी सफलता की कहानियों में गिना जा रहा है।

नौकरी 10 साल से पहले छोड़ने पर आपके EPS का क्या होगा? जानिए ईपीएफओ का नियम क्या है

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

मुंबई में ऐमजॉन की 35 लाख की नौकरी छोड़ सान्या देशमुख ने पुणे में चुना ये काम, आज अपने फैसले पर बेहद खुश

अच्छी सैलरी और बड़ी कंपनी में नौकरी हर किसी का सपना होती है। वहीं 31 वर्षीय सान्या देशमुख ने इससे बिल्कुल अलग रास्ता चुना। सान्या देशमुख ने कई साल तक बड़ी टेक कंपनियों में काम करते हुए अपना सफल करियर बनाया। 31 वर्षीय सान्या डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में बाइटडांस, इनमोबी और अमेजन जैसी नामी कंपनियों से जुड़ी रहीं। अमेजन में काम करते हुए उनकी सालाना सैलरी करीब 30 से 35 लाख रुपये थी। वहीं उनके पति की भी लगभग इतनी ही कमाई थी, जिससे दोनों की कुल सालाना आय 60 से 65 लाख रुपये के आसपास पहुंच गई थी।

लेकिन सान्या देशमुख के पास अच्छी नौकरी के बाद भी उन्हें धीरे-धीरे महसूस होने लगा कि मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी उनके लिए सही नहीं है। इसके बाद उन्होंने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने का फैसला किया। अब वह नासिक में रहकर अपने बिजनेस पार्टनर के साथ डिजिटल मार्केटिंग का काम करती हैं।

कई जगहों पर किया काम

पुणे से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद सान्या देशमुख ने पारंपरिक इंजीनियरिंग की नौकरी करने के बजाय डिजिटल मार्केटिंग को अपना करियर बनाया। शुरुआत में उन्होंने फूड से जुड़ा एक सोशल मीडिया प्रोजेक्ट शुरू किया, जिसकी लोकप्रियता ने उन्हें एक बड़ी डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी में नौकरी दिलाने में मदद की। इसके बाद उन्होंने लगातार अपने करियर में तरक्की की और कई बड़ी कंपनियों में काम किया। सान्या पहले बाइटडांस से जुड़ीं, फिर भारत में बाइटडांस का कारोबार बंद होने के बाद उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी। इसके बाद वह इनमोबी पहुंचीं और बाद में अमेजन के विज्ञापन कारोबार से जुड़े विभाग में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

करियर में आगे बढ़ते हुए सान्या ने शुरुआती पद से शुरुआत की और धीरे-धीरे टीम लीडर की जिम्मेदारी तक पहुंचीं। अमेजन में सान्या देशमुख को अपना काम पसंद था, लेकिन कॉर्पोरेट लाइफ की भागदौड़ धीरे-धीरे उनके लिए थकाऊ होती गई। उनके माता-पिता औरंगाबाद में और पति नासिक में रहते थे।

काफी त्योहार मिस किए

सान्या देशमुख ने मनीकंट्रोल से कहा, “अब मुझे सोमवार आने से पहले रविवार वाली घबराहट या तनाव महसूस नहीं होता।” सान्या देशमुख ने बताया, “शुरुआत में हमें हफ्ते में दो दिन ऑफिस आना होता था। बाद में यह तीन दिन और फिर पूरे पांच दिन हो गया। मैं हर रविवार शाम मुंबई के लिए निकलती थी, ऑफिस से काम करती थी और फिर वापस घर लौट आती थी।” उन्होंने बताया कि शादी के बाद लगातार शहरों के बीच सफर करना और परिवार की जिम्मेदारियों को निभाना उनके लिए धीरे-धीरे काफी मुश्किल और थकाने वाला हो गया था।

सान्या देशमुख ने कहा, “परिवार के कार्यक्रमों, त्योहारों और दूसरे खास मौकों पर शामिल होने के लिए हमें अक्सर छुट्टी लेनी पड़ती थी। ऐसे में कई बार हमें अपनों के साथ समय बिताने और भविष्य की यात्रा के लिए अपनी छुट्टियां बचाकर रखने के बीच चुनाव करना पड़ता था। हम परिवार के कई कार्यक्रम और त्योहार मिस कर रहे थे।”

किराए के लगते थे 65 हजार

सान्या देशमुख ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति को लेकर भी पति-पत्नी के बीच गंभीर बातचीत होने लगी थी। ऑफिस आने-जाने का समय बचाने के लिए दोनों ने मुंबई में ऑफिस के पास एक बेडरूम का फ्लैट किराए पर लिया था, जिसका किराया करीब 65 हजार रुपये प्रति माह था। वे ये खर्च उठा सकते थे, लेकिन उन्हें लगने लगा कि लंबे समय तक ये व्यवस्था सही नहीं है। उन्होंने कहा, “हम अपनी कमाई, किराए, रोजमर्रा के खर्च और आखिर में कितनी बचत हो रही है, इन सभी बातों पर ध्यान देने लगे थे।”

मुंबई में बढ़ते खर्चों और बच्चों की परवरिश को लेकर सोचने के बाद सान्या और उनके पति ने नासिक में परिवार के साथ रहने का फैसला किया। यहां उन्हें किराया नहीं देना पड़ता, जिससे घर के खर्च में काफी कमी आई और उनकी बचत भी बढ़ गई।

पैसों को लेकर काफी कुछ सीखा

सान्या ने कहा कि, आय पहले से कम होने के बावजूद अब उनकी बचत पहले के मुकाबले ज्यादा हो रही है। सान्या देशमुख ने कहा, “जब हम मुंबई में रह रहे थे, तब मैं ठीक तरह से निवेश भी नहीं कर पा रही थी।” उन्होंने बताया कि उस समय उनकी ज्यादातर बचत PPF, कभी-कभी यात्रा और सोना खरीदने जैसे खर्चों में चली जाती थी। लेकिन अब उन्होंने SIP शुरू की, PPF में निवेश जारी रखा और पैसों के बेहतर प्रबंधन के लिए कई फाइनेंशियल लिटरेसी कोर्स भी किए। उन्होंने कहा, “मैंने निवेश और पैसों को मैनेज करने के बारे में काफी कुछ सीखा। इससे मेरा पूरा नजरिया बदल गया।”

नासिक आने के बाद सान्या की जिंदगी बदल गई। अब वह अपनी सेहत पर पूरा ध्यान देती हैं, नियमित जिम जाती हैं, खेलती हैं और पर्याप्त नींद व आराम भी करती हैं। सान्या देशमुख ने कहा, “अब काम का तनाव पहले के मुकाबले काफी कम हो गया है।”

किसी बड़े प्लान के लिए नहीं छोड़ी नौकरी

उन्होंने कहा, “ऐसे भी दिन आए जब बढ़ते दबाव की वजह से मैं ऑफिस के वॉशरूम में जाकर खुद को बंद कर लेती थी और रोने लगती थी।” सान्या ने पहले से तय किसी बड़े प्लान के तहत नौकरी नहीं छोड़ी। उन्होंने अपनी तय समय-सीमा से करीब एक साल पहले ही इस्तीफा देने का फैसला कर लिया। नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने कुछ समय का ब्रेक लिया और फिर एक प्रोफेशनल साथी के साथ मिलकर डिजिटल मार्केटिंग का अपना कारोबार शुरू किया। धीरे-धीरे उन्हें क्लाइंट मिलने लगे और अब उनका यह बिजनेस पिछले आठ महीनों से सफलतापूर्वक चल रहा है।

फैसले पर कोई अफसोस नहीं

सान्या ने कहा कि, नौकरी छोड़ने के बाद उन्हें सबसे बड़ी खुशी अपना समय वापस मिलने की है। अब वह परिवार के साथ ज्यादा समय बिताती हैं। सान्या देशमुख ने कहा, “कमाई भले ही पहले से कम हो गई हो, लेकिन मुझे लगता है कि यह फैसला सही था। मौके हमेशा मिलते रहते हैं। लोगों को सबसे ज्यादा डर हर महीने मिलने वाली सैलरी छोड़ने का होता है। लेकिन जब आपके आर्थिक लक्ष्य साफ होते हैं, तो आप अपनी जिंदगी के लिए अलग फैसले लेने की हिम्मत जुटा लेते हैं।”

पति के ऑफिस में शिकायत करना पड़ सकता है भारी! सुप्रीम कोर्ट ने पत्नियों को दी बड़ी नसीहत

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक विवादों में पत्नियों द्वारा अपने पतियों के एम्प्लॉयर (कंपनियों/संस्थानों) को पत्र लिखने के बढ़ते चलन पर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा है कि ऐसी शिकायतों से नौकरी खतरे में पड़ सकती है और आखिरकार गुजारा-भत्ता (मेंटेनेंस) के दावों पर भी असर पड़ सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने पिछले हफ्ते ये टिप्पणियां कीं। वे एक महिला द्वारा दायर ट्रांसफर याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें मानहानि के मुकदमे को असम से गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) ट्रांसफर करने की मांग की गई थी।

यह याचिका पति के एक दोस्त द्वारा दायर मानहानि के मामले से जुड़ी थी। महिला ने ट्रांसफर की मांग इसलिए की थी क्योंकि वह गाजियाबाद में अपने पति के साथ पहले से ही कई कानूनी मामलों में उलझी हुई थी।

सुनवाई के दौरान, बेंच ने मामले को सुप्रीम कोर्ट मेडिएशन सेंटर (मध्यस्थता केंद्र) भेज दिया ताकि समझौते की संभावना तलाशी जा सके। जस्टिस नागरत्ना ने महिला के वकील से यह भी कहा कि वे उसे सभी विवाद सुलझाने और आरोप वापस लेने की सलाह दें।

बता दें कि यह मानहानि का मामला उस शिकायत से शुरू हुआ, जो महिला ने दिल्ली में एयर फोर्स अधिकारियों से की थी। उसने आरोप लगाया था कि उसके पति, जो एयर फोर्स में अफसर हैं, सर्विस के नियमों का उल्लंघन करके अपना अलग बिजनेस चला रहे हैं।

महिला के वकील ने दलील दी कि यह शिकायत तब की गई थी जब पति ने महिला और उसके भाई पर एयर फोर्स का हेलमेट चुराने का झूठा आरोप लगाया था।

वकील के अनुसार, इस शिकायत का मकसद उस सामान (हेलमेट) का पता लगाना था, जो उसके पति को मिला था। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि मानहानि की शिकायत पति ने खुद नहीं, बल्कि उनके दोस्त ने की थी।

सुनवाई के दौरान, जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि कई पत्नियां वैवाहिक विवाद चलने के दौरान अपने पतियों के एम्प्लॉयर को पत्र लिखने का रास्ता अपनाती हैं।

उन्होंने कहा कि तलाक मांगना एक अलग बात है, लेकिन जीवनसाथी की आजीविका (रोजगार) छिनवाना उससे भी बुरा है।

जज ने आगे कहा कि वैवाहिक विवादों के दौरान जीवनसाथी के नियोक्ता (employer) को पत्र लिखना उन “सबसे बुरी चीजों” में से एक है जो एक पत्नी कर सकती है, क्योंकि इससे पति की नौकरी जा सकती है और भविष्य में गुजारा-भत्ता (maintenance) के दावे का आधार भी कमजोर हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, यह कोई नई बात नहीं है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बताया कि पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं।

हालांकि, ऐसी शिकायतों की कोई सटीक संख्या नहीं है, लेकिन पहले भी महिलाएं व्यभिचार या दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए नियोक्ताओं के पास गई हैं और कुछ मामलों में अपने पतियों की नौकरी खत्म करने की मांग भी की हैं।

कोर्ट ने यह भी कहा कि नौकरी जाने से बाद में गुजारा-भत्ता (मेंटेनेंस) देने में मुश्किल हो सकती है।

पहले भी कोर्ट ने ऐसे कानूनी मुद्दों पर की है सुनवाई

कोर्ट ने कहा, अदालतों ने पहले भी ऐसी शिकायतों के कानूनी प्रभावों पर विचार किया है। ऐसे मामलों में सबसे पुराने मामलों में से एक दिल्ली हाई कोर्ट के सामने आया था। यह मामला 1972 का है, जब एक वैवाहिक विवाद के दौरान अलग रह रही पत्नी ने लोकसभा को पत्र लिखा था। उसने अपने पति, जो वहां काम करते थे, पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था और दावा किया था कि पति ने उसके माता-पिता से पैसों और अन्य चीजों की मांग की थी।

बाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि अगर पत्नी भरण-पोषण की मांग करना चाहती थी, तो उसे केवल यह बताने की जरूरत थी कि उसे मेंटेनेंस नहीं मिल रहा है। इसके लिए उसे ऐसे आरोप लगाने की जरूरत नहीं थी।

1980 के अपने आदेश में कोर्ट ने कहा था, “इस तरह की झूठी शिकायत अगर किसी कर्मचारी के नियोक्ता से की जाती है, तो यह निश्चित रूप से मानसिक क्रूरता (मेंटल क्रुएल्टी) के बराबर होगी। इससे कर्मचारी की छवि उसके नियोक्ता की नजरों में खराब होगी और उसके करियर व प्रमोशन के अवसरों पर भी असर पड़ सकता है। यह स्थिति उसके मानसिक शांति को प्रभावित कर सकती है।” पत्नी के पूरे व्यवहार पर विचार करने के बाद कोर्ट ने क्रूरता के आधार पर शादी खत्म करने के फैसले को सही ठहराया था।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, बाद में अदालतों ने भी इसी तरह का नजरिया अपनाया है। इसमें मद्रास हाई कोर्ट का जून का एक फैसला भी शामिल है, जिसमें कहा गया था कि “”बिना किसी ठोस सबूत के लगाए गए ऐसे आरोप, जो पति या पत्नी की प्रतिष्ठा और सम्मान को नुकसान पहुंचाते हैं, खासकर नियोक्ता या वरिष्ठ अधिकारियों के सामने लगाए गए आरोप, वैवाहिक रिश्ते को पूरी तरह नुकसान पहुंचा सकते हैं और हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13(1)(ia) के तहत क्रूरता माने जा सकते हैं।”

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एम्प्लॉयर, खासकर प्राइवेट कंपनियां, सिर्फ आरोपों के आधार पर किसी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाल सकते और उन्हें कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के अनुसार जांच करनी पड़ सकती है, जबकि सरकारी कर्मचारियों के मामले में अलग सर्विस नियम लागू होते हैं।

इसमें यह भी कहा गया है कि प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में ‘भारतीय न्याय संहिता’ की धारा 356 के तहत आपराधिक मानहानि की कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है।

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Suzuki SV-7GX ग्लोबली लॉन्च, मिलेगा 645cc V-Twin इंजन और V-Strom 650 वाला भरोसा

Suzuki SV 7GX: Suzuki ने अपनी 645cc V-ट्विन इंजन वाली बाइक को नए अवतार में वापस पेश किया है। यह वही इंजन है, जो पहले बंद हो चुकी V-Strom 650 में मिलता था। लेकिन अब कंपनी ने इसे नई मिडिलवेट बाइक SV-7GX में दिया है, जिसे इस महीने दुनिया भर में लॉन्च किया गया है। नई SV-7GX में पुराने मॉडल की तुलना में कई आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक फीचर्स दिए गए हैं।

अमेरिका में इस बाइक की शुरुआती कीमत करीब 8,399 डॉलर और ब्रिटेन में 6,999 पाउंड रखी गई है। हालांकि, Suzuki ने अभी भारत में इसकी कीमत या लॉन्च डेट की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इसलिए, अभी ऑनलाइन जो भी कीमत बताई जा रही है, वह सिर्फ एक अंदाजा है, पक्की जानकारी नहीं।

भारतीय ग्राहकों के लिए यह बाइक इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि इसका 645cc इंजन पहले V-Strom 650XT में इस्तेमाल किया जा चुका है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारतीय सड़कों पर इसका प्रदर्शन कैसा हो सकता है। अब आइए जानते हैं कि नई Suzuki SV-7GX में क्या-क्या फीचर्स मिल सकते हैं और भारत लॉन्च को लेकर अभी क्या जानकारी सामने आई है।

Suzuki SV-7GX: इसमें कौन सा इंजन है?

Suzuki SV-7GX में कंपनी ने 645cc, 90-डिग्री V-twin इंजन का इस्तेमाल किया है। इस इंजन को Euro 5+ उत्सर्जन नियमों के हिसाब से अपडेट किया गया है। यह इंजन करीब 73 hp की पावर और 64 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इस बाइक में सबसे बड़ा बदलाव राइड-बाय-वायर थ्रॉटल है, जो Suzuki के ‘Intelligent Ride System’ को सपोर्ट करता है। इससे राइडिंग मोड चुनने और ट्रैक्शन कंट्रोल को एडजस्ट करने की सुविधा मिलती है, जबकि पहले के मॉडल में साधारण मैकेनिकल थ्रॉटल कंट्रोल होता था। इसमें ‘बाई-डायरेक्शनल क्विकशिफ्टर’ भी स्टैंडर्ड तौर पर मिलता है, जो पहले वाले V-Strom 650 में नहीं था।

Suzuki SV-7GX: इसमें कौन-सी टेक्नोलॉजी है?

 

Suzuki SV-7GX में पुराने LCD इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर की जगह अब 4.2-इंच का TFT कलर डिस्प्ले दिया गया है। यह डिस्प्ले स्मार्टफोन कनेक्टिविटी को सपोर्ट करता है, जिससे यूजर्स को टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, कॉल और मैसेज अलर्ट के साथ मौसम की जानकारी भी मिल सकेगी।

Suzuki ने इसमें एडजस्टेबल विंडस्क्रीन, नकल गार्ड और इंटीग्रेटेड रियर लगेज कैरियर भी दिया है। इससे यह बाइक सिर्फ स्पोर्ट्स राइडिंग के बजाय रोजाना आने-जाने और वीकेंड पर घूमने-फिरने, दोनों के लिए सही बन जाती है।

इसका दूसरा वर्जन, SV-7GXV, मैकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स के मामले में तो वैसा ही है, लेकिन इसमें ‘Pearl Brilliant White’ पेंट स्कीम और Black कलर के चेसिस पार्ट्स दिए गए हैं, जो इसे ज्यादा सिंपल लुक देते हैं।

क्या भारत के बारे में कोई जानकारी है?

अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। Suzuki Motorcycle India ने अभी तक यह कन्फर्म नहीं किया है कि SV-7GX को स्थानीय स्तर पर कब लॉन्च किया जाएगा। अभी कुछ वेबसाइट्स पर जो कीमत के अनुमान दिख रहे हैं, उनके पीछे Suzuki की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि SV-7GX का मुख्य इंजन पहले V-Strom 650XT में कई सालों तक बिक चुका है (उस मॉडल के बंद होने से पहले)। इसलिए, जो राइडर्स यह जानना चाहते हैं कि यह प्लेटफॉर्म भारतीय सड़कों पर कैसा प्रदर्शन करेगा, उनके पास पहले से ही एक अच्छा संदर्भ बिंदु है, भले ही स्थानीय स्तर पर इसके लॉन्च की अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है।

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Guru Purnima 2026 Date: कब है गुरु पूर्णिमा? कुंडली से गुरु दोष दूर करने के लिए इस दिन कर सकते हैं 5 उपाय

Guru Purnima 2026 Date: हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह में आने वाली पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा भी कहा जाता है। यह पूर्णिमा सभी पूर्णिमा में महत्वपूर्ण मानी गई है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार इस तिथि पर किए गए दान-पुण्य द्वारा व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरु का आदर-सत्कार करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं। गुरु पूर्णिमा यानि आषाढ़ पूर्णिमा के दिन महाभारत और वेदों के रचयिता महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था। इस वजह से इस दिन वेद व्यास जयंती मनाते हैं। यह दिन कुंडली के गुरु दोष को दूर करने का भी एक अच्छा अवसर है। इस साल आषाढ़ पूर्णिमा तिथि 28 जुलाई को शाम 6:18 बजे से शुरू होगी और यह 29 जुलाई को रात 8:05 बजे तक मान्य होगी। उदयातिथि के अनुसार, गुरु पूर्णिमा का पर्व 29 जुलाई बुधवार को मनाया जाएगा।

गुरु पूर्णिमा 2026 मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त : प्रात: 04:17 बजे से लेकर प्रात: 04:59 बजे तक

लाभ-उन्नति मुहूर्त : सुबह 05:41 बजे से सुबह 07:22 बजे तक

अमृत-सर्वोत्तम : मुहूर्त सुबह 07:22 बजे से सुबह 09:04 बजे तक

शुभ-उत्तम मुहूर्त : सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक

चर-सामान्य मुहूर्त : दोपहर 03:51 बजे से शाम 05:32 बजे तक

लाभ-उन्नति मुहूर्त : शाम 05:32 बजे से शाम 07:14 बजे तक

प्रीति योग और उत्तराषाढा नक्षत्र में गुरु पूर्णिमा

इस साल की गुरु पूर्णिमा प्रीति योग और उत्तराषाढा नक्षत्र में है। प्रीति योग प्रात:काल से लेकर रात के 11 बजकर 58 मिनट तक है, उसके बाद से आयुष्मान योग बनेगा। प्रीति योग के स्वामी ग्रह बुध और देवता भगवान विष्णु हैं। यह योग नए रिश्तों की शुरुआत और विवादों के निपटारे के लिए उत्तम माना जाता है। इस दिन उत्तराषाढा नक्षत्र सुबह से लेकर दोपहर 03:37 पी एम तक है, उसके बाद से श्रवण नक्षत्र है।

कुंडली से गुरु दोष दूर करने के अचूक उपाय

कुंडली में गुरु कमजोर या पीड़ित हो, तो व्यक्ति के विवाह, करियर, शिक्षा और मान-सम्मान में बाधाएं आने लगती हैं। गुरु पूर्णिमा का दिन गुरु दोष के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इस दिन आप निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं:

  • गुरु पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की संयुक्त पूजा करें। पूजा में पीले फूल, पीले फल, चंदन, पंचामृत और बेसन के लड्डू अर्पित करें। इस दिन घर पर सत्यनारायण भगवान की कथा सुनना या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत लाभकारी होता है।
  • पूजा के समय पीले हकीक या तुलसी की माला से `ॐ बृं बृहस्पतये नमः` और `ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः` मंत्रों का कम से कम 108 बार जाप करें।
  • गुरु पूर्णिमा पर किसी मंदिर या जरूरतमंद को पीले रंग की वस्तुएं दान करें। जैसे— चने की दाल, हल्दी, पीला अनाज, केसर, पीली मिठाइयां या पीले वस्त्र। इससे गुरु ग्रह मजबूत होते हैं।
  • यदि कुंडली में गुरु अत्यधिक कमजोर है, तो इस दिन (और उसके बाद हर गुरुवार को) नहाने के पानी में एक चुटकी हल्दी मिलाकर स्नान करें। स्नान के पश्चात पीले रंग के वस्त्र धारण करें।
  • गुरु पूर्णिमा के दिन शिवलिंग पर चने की दाल के 108 साबुत दाने “ॐ नमः शिवाय” बोलते हुए एक-एक करके अर्पित करें। इससे भगवान शिव के साथ-साथ विष्णु जी की भी असीम कृपा मिलती है।

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पुलिस हिरासत के समय राहुल गांधी की नाक से बहता दिखा खून, पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान हुए चोटिल

मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई तब हुई जब सुरक्षाकर्मियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर हो रहे कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को हटाने की कोशिश की। पुलिस ने राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और विपक्ष के अन्य नेताओं को लोक कल्याण मार्ग पर प्रदर्शन स्थल से जबरदस्ती हटाने की भी कोशिश की। हटाए जाते समय राहुल गांधी ने कहा, “भारत में लोकतंत्र अभी चल रहा है।” IANS द्वारा शेयर की गई तस्वीरों में उनकी नाक से खून बहता हुआ दिखाई दिया।

बता दें कि विपक्ष के नेताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राहुल गांधी को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने उनके साथ-साथ कई सांसदों, कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया है। इनमें कन्हैया कुमार भी शामिल हैं। प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों की भी तैनाती की गई है।

हिरासत में लिए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने ANI से कहा, “सब कुछ आपके सामने है। देखिए किस तरह हमारे नेताओं, जिनमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी शामिल हैं, के साथ बदसलूकी की गई। क्या हम आज के देश में ऐसा माहौल चाहते हैं? क्या आपको देश में लोकतंत्र दिखाई दे रहा है? हम यहां फिर से विरोध प्रदर्शन करने आएंगे।”

हिरासत में लिए जाने से पहले, राहुल गांधी ने लोगों से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की और छात्रों के खिलाफ की गई कथित कार्रवाई को देश पर हमला बताया।

X पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, “छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है।”

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए गांधी ने कहा, “पीएम मोदी को लगता है कि वे बिना जवाब दिए और बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे। वे ऐसा नहीं कर सकते। इस बार तो बिल्कुल नहीं।”

लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “मैं हर उस देशभक्त भारतीय से कहता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए, वे सभी प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने में हमारे साथ शामिल हों। भारत के छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।”

इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की और इसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा और कांग्रेस के कई सांसद शामिल हुए। पार्टी ने NEET-UG पेपर लीक मामले और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

यह प्रदर्शन संसद के दोनों सदनों में बार-बार हुए हंगामे के बाद हुआ, जहां विपक्षी दलों ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों, जिसमें कथित NEET-UG पेपर लीक का मामला भी शामिल था, पर चर्चा की मांग की थी। वहीं, लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित होने के बाद, कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करते हुए गए।

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन लोक कल्याण मार्ग पहुंचे और राहुल गांधी से कुछ देर बातचीत की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को धरना खत्म करने के लिए मनाने की कोशिश की।

X पर एक पोस्ट में, जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने उन्हें और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं से बात करने के लिए भेजा था। सिंह के अनुसार, राहुल गांधी ने शुरुआत में कहा था कि अगर केंद्र सरकार संसद में NEET और उससे जुड़े आंदोलन से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा कराने का आश्वासन दे देती है, तो वे प्रदर्शन खत्म कर देंगे।

सिंह ने दावा किया कि सरकार ने वह मांग मान ली थी, लेकिन बाद में गांधी ने कहा, “अब मेरी दो मांगें हैं: संसद में चर्चा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा।”

इस घटनाक्रम को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए सिंह ने आरोप लगाया कि “राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता का अपनी बात से पीछे हटना… लोकतंत्र के हर नियम के खिलाफ है,” साथ ही उन्होंने कहा कि “सरकार NEET और उससे जुड़े आंदोलन से संबंधित सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार है।”

News18 ने सूत्रों के हवाले से बताया कि गांधी रात तक विरोध स्थल पर ही रह सकते थे, हालांकि बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

इससे पहले दिन में, गांधी ने X पर पोस्ट किया, “कल युवा छात्रों के साथ हुई बर्बरता के बारे में जवाब मांगने के लिए हम पीएम मोदी के घर तक मार्च कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि “सरकार न तो कोई जिम्मेदारी लेना चाहती है और न ही संसद में इस पर बहस करना चाहती है। भारत के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए।”

विपक्ष का पक्ष रखते हुए कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा, “हमारी एक सीधी-सी मांग है। हमारे विपक्ष के नेताओं ने लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में यह मांग उठाई है। मांग यह है कि गृह मंत्री संसद में इस बारे में स्पष्टीकरण दें और सदन में इस मुद्दे पर चर्चा हो।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि गृह मंत्री इस बात का जवाब दें कि “किस तरह लोकतंत्र और हमारे संविधान की हत्या की जा रही है और छात्रों पर जुल्म किए जा रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी पिछले 45 दिनों से प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संसद में चर्चा की बार-बार की गई मांगों पर कोई जवाब न मिलने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाया।

राजीव शुक्ला ने कहा, “हमारे पास कोई और विकल्प नहीं बचा था। वे संसद में बहस नहीं करवा रहे हैं। तो हम और क्या कर सकते थे? हमें सड़कों पर उतरना ही पड़ा।”

सैयद नसीर हुसैन ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और खड़गे को किसी भी सदन में बोलने नहीं दिया गया और कहा कि छात्रों को “लाठी-चार्ज, वॉटर कैनन और आंसू गैस” का सामना करना पड़ा। उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री संसद भी नहीं आते हैं। इसीलिए विपक्ष के सभी सांसद उनके आवास पर आए हैं, ताकि हमारी आवाज सुनी जा सके।”

मणिकम टैगोर ने कहा कि कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से मिलकर शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग करना चाहता था। उन्होंने कहा, “उन्हें शिक्षा मंत्री को हटा देना चाहिए। दिल्ली पुलिस के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इसके लिए गृह मंत्री जिम्मेदार हैं। पीएम मोदी इसके लिए जिम्मेदार हैं। हमें प्रधानमंत्री से मिलने के लिए अंदर नहीं जाने दिया गया। इसलिए, वे यहां सभी सांसदों को हिरासत में ले रहे हैं।”

के. सुरेश ने आरोप लगाया, “वे हमें बेरहमी से हिरासत में ले रहे हैं। हम प्रधानमंत्री आवास के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, क्योंकि कल दिल्ली पुलिस ने हमारे छात्रों पर बेरहमी से हमला किया था।”

लोगों को हिरासत में लिए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, “यह बीजेपी का आतंकवाद है। वे छात्रों की बात नहीं सुनते।” सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा, “अगर सांसदों का यह हाल है, तो सोचिए छात्रों के साथ क्या हो रहा होगा,” वहीं इमरान मसूद ने आरोप लगाया, “वे हमारे साथ बुरा बर्ताव कर रहे हैं। छात्रों की पिटाई की गई। हमें धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ रहा है। वे संसद में भी हमारी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।”

इससे पहले मंगलवार को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल ने दिल्ली में पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल हुए छात्रों से मुलाकात की। वहीं दूसरी ओर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आरएमएल अस्पताल में घायल प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की।

सोमवार को नड्डा ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की, जिसने प्रधान के इस्तीफे, NEET उम्मीदवारों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा (जिनमें से “20 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है”) और एक अन्य मांग रखी। बैठक के बाद, CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने X पर पोस्ट किया, “हमें अभी तक सरकार से कोई जवाब नहीं मिला है। हम अपने प्रदर्शनकारियों का ख्याल रख रहे हैं। सरकार को सिर्फ फोटो खिंचवाने के बजाय प्रधान को बर्खास्त करना चाहिए!”

Indian Hotels Q1 Results: टाटा ग्रुप की होटल कंपनी का मुनाफा 21% बढ़ा, शेयरों पर रहेगी नजर

Indian Hotels Q1 Results: टाटा ग्रुप की होटल कंपनी Indian Hotels Company (IHCL) ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा और रेवेन्यू, दोनों में दोहरे अंकों की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। ऑपरेटिंग मार्जिन में भी सुधार देखने को मिला।

मुनाफा 21% बढ़ा

अप्रैल-जून तिमाही में इंडियन होटल्स का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 20.8% बढ़कर ₹358 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹296 करोड़ था।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 14.6% बढ़कर ₹2,339 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹2,041 करोड़ था।

EBITDA और मार्जिन में सुधार

जून तिमाही में EBITDA 16.8% बढ़कर ₹672 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹576 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 28.2% से बढ़कर 28.8% हो गया।

होटल इंडस्ट्री के अहम पैमाने RevPAR (Revenue Per Available Room) में भी 14% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

क्या बोले CEO?

इंडियन होटल्स के एमडी और सीईओ पुनीत छतवाल ने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 2027 में भी डबल डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य बरकरार रखे हुए है। उनका कहना है कि होटल कारोबार में मांग मजबूत बनी हुई है।

शेयर का हाल

Indian Hotels Company का शेयर नतीजों से पहले मंगलवार को 0.98% बढ़कर ₹731.75 पर बंद हुआ। हालांकि, साल 2026 में अब तक शेयर में करीब 1% की गिरावट रही है। वहीं, पिछले 6 महीने में इसने करीब 12% का रिटर्न दिया है।

क्या करती है कंपनी?

Indian Hotels Company (IHCL) टाटा ग्रुप की हॉस्पिटैलिटी कंपनी है। यह Taj, Vivanta, SeleQtions, Ginger और ama Stays & Trails जैसे होटल और हॉस्पिटैलिटी ब्रांड चलाती है। भारत के साथ-साथ कई विदेशी बाजारों में भी कंपनी की मौजूदगी है।

Q1 Results: घाटे से मुनाफे में लौटी स्टेनलेस स्टील कंपनी, शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

‘रोहित शर्मा की बात पर नहीं था भरोसा… अब मांगी माफी’ संजू सैमसन ने ‘हिटमैन’ को लेकर किया बड़ा खुलासा

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में संजू सैमसन ने शानदार प्रदर्शन किया था। लेकिन वर्ल्ड कप के शुरुआती मुकाबलो में संजू को मौका नहीं दिया गया था। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में संजू सैमसन अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। इसके बाद उन्हें टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में भारत की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी। उनकी जगह ईशान किशन को अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग का मौका दिया गया। अब हाल ही में संजू ने खुलासा किया कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान प्लेइंग इलेवन से बाहर किए जाने के बाद वह काफी निराश थे।

उन्होंने बताया कि, उस समय पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने उनका हौसला बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में उन्हें रोहित की बातों पर भरोसा करना मुश्किल लग रहा था। बाद में उन्हें एहसास हुआ कि रोहित की सलाह उनके आत्मविश्वास को बनाए रखने के लिए थी।

रोहित की बात पर नहीं हुआ यकीन

संजू सैमसन ने JioStar से कहा की टी20 वर्ल्ड कप के दौरान रोहित शर्मा ने उनसे कहा, “निराश मत हो, भाई। ये लंबा टूर्नामेंट है। तुम्हें मौका जरूर मिलेगा और वह कभी भी आ सकता है।” संजू सैमसन ने बताया कि उस समय वह इतने निराश थे कि रोहित की बातों पर उन्हें भरोसा नहीं हो पाया। संजू ने आगे कहा, “सच कहूं तो उस वक्त मुझे उनकी बात पर यकीन नहीं हुआ। इसके लिए माफी चाहता हूं। हो सकता है उन्होंने अपने अनुभव और दिल से यह बात कही हो, लेकिन उस समय मैं वह नहीं देख पा रहा था, जो वह देख रहे थे।”

नहीं हो पाया नॉर्मल

केरल के बैट्समैन ने कहा कि वह काफी दिनों तक उदास रहे। संजू सैमसन ने कहा, “हमारा वर्ल्ड कप अभियान न्यूजीलैंड सीरीज खत्म होने के सिर्फ दो दिन बाद शुरू हो गया था। उस निराशा से बाहर आने में मुझे कम से कम एक हफ्ता लगा। मैं अपनी भावनाओं को छिपाने वाला इंसान नहीं हूं। अगर मैं पूरी तरह ठीक महसूस नहीं करता, तो वह मेरे चेहरे पर साफ नजर आता है। करीब चार-पांच दिन तक मैं उसी दौर से गुजरता रहा, उसके बाद ही खुद को संभाल पाया और फिर से सामान्य हो सका।”

खुद पर किया काम

संजू सैमसन ने आगे कहा, “जब आपको पता होता है कि आप असफल हो चुके हैं, तो उसके बाद आपके सामने सिर्फ आगे बढ़ने का रास्ता होता है। मैंने मानसिक रूप से खुद पर काम करना शुरू किया। मैंने खुद से सवाल पूछे कि मैं क्रिकेट क्यों खेलता हूं और मेरा असली मकसद क्या है। ऐसा लगा जैसे वर्ल्ड कप के दौरान मैं खुद को दोबारा पहचान रहा था। इसके बाद धीरे-धीरे सब कुछ फिर से सही होने लगा।”

बने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट

जब संजू सैमसन को टीम में मौका मिला तो उन्होंने शानदार प्रदर्शन करके सबका भरोसा जीत लिया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में दमदार बल्लेबाजी करते हुए पांच मैचों में 321 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 80.25 और स्ट्राइक रेट 199.37 रहा। संजू भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने और उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। इतना ही नहीं, उन्होंने पांच पारियों में 24 छक्के लगाकर टी20 वर्ल्ड कप के एक संस्करण में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।