कल का मौसम 19 अक्टूबर: दिल्ली-UP से लेकर बिहार तक बारिश और आंधी का कहर, दक्षिण भारत के इन राज्यों में गरज-चमक का अलर्ट

IMD Weather Update: देशभर में इस समय धूमधाम से दुर्गापूजा और नवरात्रि मनाया जा रहा है। वहीं त्योहारों के मौसम के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने टेंशन भरा अलर्ट जारी कर दिया है। देश के कई हिस्सों में 19 अक्टूबर को मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। आने वाले कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा कई राज्यों में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। मौसम को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं दिल्ली से लेकर केरल तक कैसा होगा कल का मौसम

19 अक्टूबर को दक्षिण भारत समेत कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और बिजली कड़कने की संभावना है। वहीं दिल्ली और यूपी में भी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर ध्यान देने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कैसा होगा दिल्ली का मौसम

दिल्ली में 19 अक्टूबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, राजधानी में बारिश होने के साथ 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सतही हवाएं चल सकती हैं। तापमान की बात करें तो दिन में पारा 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि रात में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

कैसा होगा यूपी और बिहार का मौसम

उत्तर प्रदेश और बिहार में 19 अक्टूबर को मौसम बदलने की संभावना है। यूपी के मेरठ, आगरा, गाजियाबाद, मथुरा, प्रयागराज, देवरिया, बिजनौर, गोरखपुर, अमरोहा, बुलंदशहर, कानपुर और झांसी में कुछ जगहों पर बारिश के साथ आंधी चल सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं, बिहार के पटना, गया, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, बेगूसराय, कटिहार, भागलपुर और मुंगेर में हल्की से भारी बारिश हो सकती है। यहां भी तेज हवाएं चलने की संभावना है।

इन जगहों पर होगी तेज बारिश

आईएमडी के मुताबिक देश के दक्षिणी हिस्से में तेज बारिश की संभावना है। आईएमडी के अलर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका जताई है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंतरिक कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप, तेलंगाना और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी मौसम बदल सकता है। यहां बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इन क्षेत्रों में बारिश के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

इन जगहों पर गरज-चमक के साथ होगी बारिश

इसके अलावा छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, कोंकण और गोवा तथा महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

चलेंगी तेज हवाएं

समुद्र में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और उत्तर-पश्चिमी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के आसपास 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ समय के लिए इनकी गति बढ़कर 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। ऐसे मौसम में समुद्र में जाने वाले लोगों और मछुआरों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

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Kolkata Durga Puja Stampede: ‘पंडाल गिर जाएगा’, माइक पर हुई अनाउंसमेंट और फिर मच गई भगदड़! कोलकाता हादसे में 19 की मौत

शनिवार शाम को कोलकाता नॉर्थ में दुर्गा पूजा के एक पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की जान चली गई। इस मामले में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें ज्यादातर पूजा आयोजन समिति से जुड़े हैं। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया कि पंडाल गिरने की आशंका को लेकर की गई घोषणा के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। जिससे बाद ये दर्दनाक हादसा हो गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे की असली वजह पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

कब हुआ हादसा

कोलकाता के मशहूर दुर्गा पूजा स्थल चोर बागान में शनिवार शाम करीब 7:30 बजे यह हादसा हुआ। बारिश के कारण एक संकरी गली में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए थे। पुलिस के अनुसार, पंडाल के अंदर लोगों को वहां से निकलने की चेतावनी देने वाला ऐलान किया गया, जिसके बाद भीड़ में डर फैल गया। इसके चलते लोग जल्दबाजी में बाहर निकलने लगे और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। भीड़भाड़ वाले इलाके में मची अफरा-तफरी के कारण कई लोग इसकी चपेट में आ गए।

किया गया ये अनाउंसमेंट

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि पंडाल के अंदर अनाउंसमेंट किया गया था, जिसमें कहा गया, “पंडाल की हालत बहुत खराब है। यह गिर सकता है, इसलिए कृपया यहां से चले जाएं।” शनिवार देर रात पत्रकारों से बातचीत के दौरान अधिकारी ने कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि आयोजकों की ओर से की गई इस घोषणा के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई, जिसके चलते भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हुई और कई लोगों की जान चली गई।

फिसलकर गिरने लगे लोग

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बारिश से बचने के लिए बड़ी संख्या में लोग पंडाल की ओर जाने वाली संकरी गली में इकट्ठा हो गए थे। पंडाल के अंदर मौजूद लोग तेज बारिश के कारण बाहर नहीं निकलना चाहते थे, जबकि दूसरी ओर प्रवेश और निकास के रास्तों से लगातार लोग अंदर आ रहे थे। इसी दौरान गीली जमीन पर कई लोग फिसलकर गिरने लगे और उनके ऊपर दूसरे लोग भी गिर पड़े। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कोलकाता के पुराने दुर्गा पूजा स्थलों में शामिल चोर बागान, हावड़ा ब्रिज से दो किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। हादसे के बाद यहां का पंडाल बंद कर दिया गया। इसके अलावा, भीड़ को देखते हुए चेतला अग्रणी और ताला प्रतोय के पंडाल भी बंद करा दिए गए।

SIT करेगी जांच

पुलिस ने हादसे की जांच के लिए पंडाल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और 110 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। अधिकारी ने बताया कि पूजा समिति ने कोलकाता पुलिस, दमकल विभाग और कोलकाता नगर निगम से जरूरी मंजूरी ली थी। उन्होंने यह भी कहा कि कलकत्ता हाई कोर्ट के एक मौजूदा न्यायाधीश की अगुवाई में विशेष जांच दल (SIT) बनाया जाएगा, जो हादसे के कारणों का पता लगाएगा और यह जांच करेगा कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।

अधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान अगर किसी की भी लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें क्लब के स्वयंसेवक, अस्थायी होमगार्ड, पुलिसकर्मी और क्लब की ओर से तैनात की गई सुरक्षा एजेंसियों के कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से संबंधित लोगों की पहचान की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई होगी।

Greater Noida Family Deaths: नूडल्स नहीं, बल्कि प्रॉपर्टी विवाद के चलते 5 लोगों की गई जान! ग्रेटर नोएडा मामले में मृतक की बहनें-जीजा गिरफ्तार

Greater Noida Family Deaths Case: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के एक गांव में पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों की कथित जान देने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत के मामले में जांच के दौरान शुरुआती तौर पर चाय और नूडल्स खाने के बाद फूड पॉइजनिंग से जोड़कर देखा जा रहा था। लेकिन पोस्टमार्टम में जहर के संकेत मिलने के बाद पुलिस अब संपत्ति विवाद और मौत को गले लगाने के लिए उकसाने के एंगल से जांच कर रही है। इस मामले में मृतक की दो बहनों और उनके जीजा को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस जांच में पता चला है कि मृतक महेश जिस मकान में पत्नी और बच्चों सहित रहता था, उसे उसकी ही सगी बहन सुनीता ने मां से अपने नाम करवा लिया था। इसे लेकर महेश हमेशा टेंशन में रहता था। उसके मोबाइल से एक ऑडियो मिली है। इसमें मौत का जिम्मेदार बहन सुनीता, बहनोई शेखर, छोटी बहन सपना को बताया है। शिकायत के आधार पर ग्रेटर नोएडा पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि परिवार लंबे समय से संपत्ति विवाद से जूझ रहा था। इसी विवाद को पांचों की मौत की परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

मौत से पहले महेश ने वॉयस नोट में खोला राज!

पुलिस के मुताबिक, मृतक महेश ने अपनी मौत से पहले मोबाइल फोन में एक वॉयस नोट रिकॉर्ड किया था। इसमें उसने परिवार की स्थिति के लिए अपनी दोनों बहनों और जीजा को जिम्मेदार ठहराया है। इस रिकॉर्डिंग को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, आरोपियों की भूमिका और मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। रबूपुरा के थाना प्रभारी (SHO) सुजीत उपाध्याय ने पीटीआई को बताया कि मृतक व्यक्ति की दो बहनों और एक जीजा को एक रिश्तेदार की ओर से मिली शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, 37 वर्षीय महेश ने अपनी मौत से पहले मोबाइल फोन पर एक ‘वॉयस नोट’ रिकॉर्ड किया था, जिसमें कथित तौर पर तीनों आरोपियों को मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच से संकेत मिलता है कि संपत्ति के विवाद के कारण यह घटना हुई होगी। थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम में जहर दिए जाने के संकेत मिले हैं, जिसके बाद विसरा के सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत का सटीक कारण पता चल सकेगा। महेश, उनकी पत्नी ललिता (35), बेटी मिष्टी (7) और बेटे लड्डू (11) व साक्षात (3) के शव शनिवार सुबह रबूपुरा के पास नगला श्री पदम गांव स्थित उनके घर से बरामद हुए थे। शुरुआत में मौत का कारण खाद्य विषाक्तता माना जा रहा था क्योंकि खबरों से पता चला था कि परिवार के सदस्यों ने मौत से पहले ‘नूडल्स’ खाए थे। फिलहाल, मामले में अन्य एंगल से भी जांच चल रही है।

शिकायत के आधार पर तीन रिश्तेदार गिरफ्तार

पुलिस ने महेश की दो बहनों सुनीता और सपना तथा उनके जीजा शेखर को गिरफ्तार किया है। मृतकों में से एक के भाई की शिकायत के आधार पर तीनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तीनों रिश्तेदार महेश और उसके परिवार को परेशान कर रहे थे। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है। फिलहाल, यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित उत्पीड़न और संपत्ति विवाद का पांचों की मौत से क्या संबंध था।

विसरा रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

पोस्टमार्टम में जहर के संकेत मिलने के बाद डॉक्टरों ने पांचों मृतकों के विसरा सैंपल सुरक्षित रखे थे। इन नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल, पुलिस आत्महत्या की आशंका, जहर दिए जाने की संभावना, संपत्ति विवाद और वॉयस नोट में लगाए गए आरोपों सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है। ऐसे में विसरा रिपोर्ट इस मामले में अहम साबित हो सकती है।

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Kolkata Stampede Update: ‘कभी कभी हो जाता है…’; कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ पर बोले बंगाल के मंत्री दिलीप घोष, अब तक 19 लोगों की मौत

Kolkata Stampede Update: पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने रविवार (18 अक्टूबर) को दुर्गा पूजा समितियों से पंडालों में लोगों के आने-जाने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और भगदड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया। उनकी यह टिप्पणी उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार (17 अक्टूबर) शाम बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने से मची भगदड़ के बाद आई है। इस भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री घोष ने पत्रकारों से कहा कि संभवतः अचानक अत्यधिक भीड़ बढ़ जाने के कारण भगदड़ मची।

‘कभी कभी हो जाता है’

घोष ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “जो घटना हुआ है, दुर्भाग्यपूर्ण है, बहुत दुखदाई है। और कभी-कभी हो जाता है। सालों साल पूजा होता है, इतने सारे बड़े-बड़े पूजा है, लाखों लोग दर्शन करते हैं एक-एक पूजा में…। लेकिन कभी-कभी थोड़ा सा लापरवाही के कारण इस प्रकार घटना हो जाता है, जो नहीं होना चाहिए। और हमारे देश में कई जगह धार्मिक स्थानों पर इस प्रकार बहुत बड़ी भीड़ जहां होती है, कभी ना कभी घटना घट जाती है। इसलिए आयोजकों को और ज्यादा सावधानी बरतना चाहिए।”

मंत्री ने आगे कहा, “सरकार की तरफ से माननीय मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव, माननीय हमारे राष्ट्रीय पार्टी प्रेसिडेंट और सारे मंत्री-नेता भी वहां पहुंचे हैं। और पूरी व्यवस्था है जो घायलों का चिकित्सा के लिए। लेकिन जिनके साथ इस प्रकार घटना हो गया, चले गए, उनका परिवार को भी बहुत बड़ा कष्ट और दुख हुआ है।”

कैसे मची भगदड़?

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को कहा कि महासप्तमी के उत्सव के दौरान अचानक तेज बारिश के बाद भीड़ का उचित मैनेजमेंट नहीं किए जाने और भ्रामक घोषणाओं के कारण लोगों में घबराहट फैल गई होगी। इससे उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मच गई। अधिकारी ने कहा कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के साथ-साथ स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से संकेत मिलता है कि शनिवार शाम पंडाल में भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, जिससे यह घटना हुई।

पुलिस ने यह भी पाया कि आयोजन स्थल पर तैनात पुलिसकर्मियों और निजी सुरक्षा गार्डों की संख्या पर्याप्त नहीं थी, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। पुलिस अधिकारी ने पीटीआई से कहा, “हमने पर्याप्त साक्ष्य जुटाए हैं जिसमें आयोजकों की गंभीर लापरवाही और कुप्रबंधन के संकेत हैं। बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को संभालने की कोई स्पष्ट योजना नहीं थी और सारी व्यवस्था मौखिक निर्देशों के आधार पर चल रही थी। हमने सीसीटीवी फुटेज जुटाए हैं, स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए हैं तथा विभिन्न जानकारियों की पुष्टि की है। सुरक्षा कर्मियों की संख्या भी अपर्याप्त थी।”

उन्होंने कहा, “कुप्रबंधन के कारण भगदड़ के दौरान लोगों ने एंट्री गेट से ही बाहर निकलने की कोशिश की। दोनों गेट और वहां तक पहुंचने वाली सड़क संकरी थी, जिससे हादसा हुआ।” उन्होंने कहा कि एंट्री-एग्जिट और भीड़ की आवाजाही को लेकर पर्याप्त घोषणाएं नहीं की गई थीं, जिससे भीड़ के दबाव के बीच लोग भ्रमित हो गए। अधिकारी ने कहा, “हमारे पास एक घोषणा का वीडियो है, जिसमें लोगों से यह कहते हुए पंडाल खाली करने को कहा गया था कि उसकी संरचना ढहने वाली है। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह घोषणा किसने की थी और इसके पीछे क्या वजह थी।”

पंडाल में पुलिस की अपर्याप्त तैनाती का आरोप

स्थानीय लोगों ने भी पंडाल में पुलिस की अपर्याप्त तैनाती का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पुलिसकर्मी मुख्य रूप से VIP एंट्री गेट के पास तैनात थे। अधिकारी ने बताया कि फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम ने शनिवार रात पंडाल का दौरा किया और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी ने बताया कि कोलकाता पुलिस जांच के तहत हादसे में बच गए लोगों से भी पूछताछ करने की योजना बना रही है।

इस बीच, कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद ने रविवार सुबह उत्तर कोलकाता के चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल से सटी सड़कों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू कर दी। यह आदेश बहुबाजार थाने के अधिकार क्षेत्र में आने वाले पंडाल के आसपास की सड़कों पर लोगों के जमावड़े पर रोक लगाता है। ये प्रतिबंध 20 अक्टूबर तक लागू रहेंगे। शनिवार शाम बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने के कारण पंडाल में भगदड़ मच गई थी।

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Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता पुलिस ने चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ के सिलसिले में पूजा आयोजकों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार (18 अक्टूबर) को बताया कि शनिवार को हुए इस हादसे में कम से कम 19 लोगों की मौत हुई है। पुलिस ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए गैर इरादतन हत्या का मामला भी दर्ज किया है। पुलिस ने घटना की जांच के सिलसिले में शनिवार रात 14 लोगों को हिरासत में लिया था। उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार (17 अक्टूबर) शाम बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई थी। इसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य लोग घायल हो गए।

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, “हमने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। ये उन 14 लोगों में शामिल हैं, जिन्हें कल रात हिरासत में लिया गया था। कुछ और लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।” उन्होंने कहा, “शवों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है।”

अमित शाह ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हाल

इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार (18 अक्टूबर) को कोलकाता के एक अपोलो अस्पताल में पहुंचकर भगदड़ में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरद्वत मुखर्जी भी घायलों से मिलने अपोलो अस्पताल पहुंचे। इससे पहले अमित शाह ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ कालीघाट स्थित काली मंदिर में दर्शन किए। हादसे की जांच जारी है। कोलकाता पुलिस घटना के कारणों के साथ-साथ भीड़ मैनेजमेंट में हुई संभावित चूक की पड़ताल कर रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने भीड़ मैनेजमेंट में खामियों का आरोप लगाया

कोलकाता पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या भीड़ मैनेजमेंट में खामियों, एंट्री और एग्जिट के रास्तों को लेकर भ्रम तथा भारी बारिश के कारण चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मची।

कई प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि प्रवेश, निकास और लोगों की आवाजाही को लेकर उचित घोषणाएं नहीं की गईं, जिससे वहां पहुंचे लोग भ्रमित हो गए। स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि पंडाल में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं की गई थी। पुलिसकर्मी मुख्य रूप से वीआईपी एंट्री गेट के पास तैनात थे।

स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में प्रशासन की ओर से बहुत कम मदद मिलने का भी आरोप लगाया। एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई से कहा कि पुलिस घटना के कारणों, भीड़ नियंत्रण के उपायों, आयोजन स्थल पर की गई व्यवस्थाओं और आपात स्थिति के दौरान अधिकारियों की ओर से उठाए गए कदमों की जांच कर रही है। एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि फॉरेंसिक टीम देर रात चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल क्षेत्र में पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने शुरू किए।

उन्होंने बताया कि कोलकाता पुलिस के अधिकारी चोरबागान दुर्गा पूजा के आयोजकों से भी बात कर रहे हैं। उन्होंने वहां सुरक्षा में तैनात गार्डों तथा भीड़ मैनेजमेंट के लिए नियुक्त लोगों की सूची मांगी है। घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों में दुर्गा पूजा के कई आयोजक ‘थीम’ आधारित सजावट के जरिए अपने पंडालों को अधिक आकर्षक बनाने के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते हैं।

कैसे मची अफरा-तफरी?

मुख्यमंत्री अधिकारी ने बताया कि मृतकों में से दो के परिजनों के अनुसार, पंडाल क्षेत्र में निजी सुरक्षा गार्डों द्वारा सीटी बजाए जाने के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई थी। कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंदा भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, घायलों को इलाज के लिए आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया। जबकि 11 मरीजों को एसएसकेएम अस्पताल भेजा गया।

मेडिकल कॉलेज के एक सूत्र ने बताया कि मृतकों में 13 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने घटना से प्रभावित लोगों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है। इस हादसे में जान गंवाने वाली एक महिला के बेटे सोनू पाल ने घटना के वक्त की परिस्थितियों की जानकारी दी। कुम्हारटोली के निवासी पाल अपनी मां के साथ दुर्गा पूजा देखने गए थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई।

पाल ने कहा कि भीड़ बढ़ने के कारण लोग संभल नहीं सके और एक-दूसरे पर गिरने लगे। घटना से लोगों में भारी रोष है। भगदड़ में जान गंवाने वालों के दुखी परिजनों ने सवाल उठाया कि इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा। इस हादसे में शुभम सोनकर ने अपनी बहन को खो दिया। उन्होंने अपनी बहन से हुई आखिरी बातचीत को याद करते हुए कहा कि वह उसकी शादी की योजना बना रहे थे।

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उत्तर 24 परगना जिले के उत्तर जोगेंद्रनगर इलाके की रहने वाली प्रिया सामद्दार अपने दोस्तों के साथ दुर्गा पूजा पंडाल देखने कोलकाता आई थीं। लेकिन न्यू बैरकपुर स्थित तपती बालिका विद्यालय की यह छात्रा अब कभी घर नहीं लौटेगी। इस घटना में जान गंवाने वाली एक अन्य महिला श्रीपर्णा पोद्दार (27) हुगली जिले के बैद्यबाटी से थीं।

Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में आखिर कैसे मची अफरा-तफरी? भगदड़ में अब तक 19 लोगों की मौत, 25 घायल

Kolkata Durga Puja Stampede: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम उत्तर कोलकाता में स्थित चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में बारिश के बीच अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से भगदड़ मच गई। इसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य लोग घायल हो गए। गिरिश पार्क थाना क्षेत्र स्थित सरदा पार्क (चोरबागान) दुर्गा पूजा पंडाल के एग्जिट गेट पर अचानक भगदड़ मच गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायलों को तत्काल बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।

शाम करीब 7:40 बजे हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, यह घटना 17 अक्टूबर की शाम करीब 7:40 बजे हुई। उस समय दुर्गा पूजा पंडाल में दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे। पंडाल के एग्जिट गेट पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। बताया जा रहा है कि बाहर निकलने के रास्ते पर बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से हालात बिगड़े। हालांकि, भगदड़ के पीछे की परिस्थितियों और घटना के सटीक कारणों को लेकर डिटेल्स जानकारी का इंतजार है।

कैसे मची भगदड़?

घटना का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उत्तर कोलकाता के चोरबागान में सामुदायिक दुर्गा पूजा के आयोजकों की एक घोषणा के बाद श्रद्धालुओं के बीच अचानक भीड़ बढ़ गई, जिससे यह दुखद हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि घटना की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, “घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार पूजा आयोजकों द्वारा लाउडस्पीकर पर की गई एक घोषणा के कारण यह घटना हुई।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि चोरबागान दुर्गा पूजा आयोजित करने वाले क्लब के पदाधिकारियों, निजी सुरक्षा कर्मियों और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि मृतकों में से दो के परिजनों के अनुसार पंडाल परिसर में निजी सुरक्षा कर्मियों द्वारा सीटी बजाए जाने के कारण पंडाल में एंट्री के लिए इंतजार कर रहे लोगों में अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, बारिश शुरू होते ही पंडाल के बाहर इंतजार कर रही भीड़ अचानक आगे बढ़ी। इस दौरान कुछ लोग सड़क पर गिर गए, जिससे भगदड़ मच गई। प्रशासन ने घटना के बाद भीड़भाड़ वाले कई दुर्गा पूजा आयोजनों को अस्थायी रूप से अपने पंडाल बंद करने की सलाह दी है। कोलकाता में दुर्गा पूजा के लिए करीब 3,500 पंडाल लगाए गए हैं।

सीएम ने कहा कि यह घटना कुछ हद तक बारिश के कारण हुई। पूजा समिति द्वारा अंदर की गई व्यवस्थाओं में भी कुछ कमियां थीं। कोलकाता पुलिस CCTV फुटेज की जांच कर रही है। जो भी लापरवाही का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बारे में सूचित कर दिया गया है। अधिकारी ने कहा कि हम कलकत्ता हाई कोर्ट के एक मौजूदा जज की अध्यक्षता में एक जांच समिति (फैक्ट-फाइंडिंग कमिटी) बनाएंगे। फिर सरकार उसकी सिफारिशों के आधार पर कार्रवाई करेगी।

अमित शाह पहुंचे कोलकाता

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार शाम को कोलकाता पहुंचे थे। उनका रविवार को दुर्गा पूजा पंडालों का दौरा करने का कार्यक्रम था। उन्होंने कहा कि भगदड़ की घटना के मद्देनजर वह अपने निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर रहे हैं। आज वह हादसे में घायल लोगों से मुलाकात करेंगे। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि चोरबागान पूजा पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति की खबर सुनकर उन्हें गहरा सदमा लगा है।

सीएम अधिकारी और राज्य के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने भी सरकारी अस्पताल का दौरा किया। चोरबागान दुर्गा पूजा हाल के वर्षों में काफी लोकप्रिय हुई है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यह पूजा चित्तरंजन एवेन्यू से सटी एक संकरी सड़क पर आयोजित की जाती है।

हादसे के बाद बंद किया गया पूजा पंडाल

भगदड़ की घटना के बाद प्रशासन ने सरदा पार्क (चोरबागान) दुर्गा पूजा पंडाल को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया। मौके पर पुलिस और इमरजेंसी टीमें तैनात रहीं। अधिकारी घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने और स्थिति का आकलन करने में लगे हैं।

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भारी भीड़ बनी हादसे की वजह?

शुरुआती जानकारी के अनुसार, पंडाल के एग्जिट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा होना भगदड़ की प्रमुख वजह रही। भीड़ के अचानक बढ़े दबाव के कारण लोग अफरा-तफरी में फंस गए। हालांकि, घटना के सटीक कारणों और सुरक्षा इंतजामों की भूमिका को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने आनी बाकी है। फिलहाल प्रशासन का ध्यान घायलों को उपचार उपलब्ध कराने, भीड़ को नियंत्रित करने और घटना से संबंधित तथ्यों को जुटाने पर है। इस हादसे ने दुर्गा पूजा जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ मैनेजमेंट और सुरक्षित निकास व्यवस्था की अहमियत को एक बार फिर सामने ला दिया है।

INDvsWI T20I सीरीज हुई 2-2 से ड्रॉ, बारिश से धुला बैंगलूरू में मैच

भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांचवां और निर्णायक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला शनिवार को बारिश के कारण रद्द हो गया, जिससे पांच मैचों की शृंखला 2-2 से बराबर रही।बारिश के कारण मुकाबला दो घंटे 15 मिनट की देरी से शुरू हुआ और इसे नौ-नौ ओवर का कर दिया गया। भारतीय पारी के दौरान आठवें ओवर में एक बार फिर बारिश ने खेल रोक दिया। इसके बाद कुछ देर की इंतजार के बाद अंपायरों ने मुकाबला रद्द करने का फैसला किया।

मैच रद्द होने से पहले ईशान किशन और नमन धीर ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए भारत को 7.4 ओवर में पांच विकेट पर 118 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचा दिया था। किशन ने महज 10 गेंदों में 30 रन ठोके, जबकि धीर ने सिर्फ छह गेंदों में नाबाद 24 रन बनाए।

लगातार बारिश के कारण मुकाबला रात 9.15 बजे शुरू हो सका। शाम करीब चार बजे शुरू हुई बारिश के चलते मैच में काफी देरी हुई और इसे रात 10.03 बजे बारिश ने फिर खेल रोक दिया। इसके बाद वेस्टइंडीज को पांच ओवर में लक्ष्य का पीछा करने का मौका देने के लिए रात 10.21 बजे तक का कटऑफ समय तय किया गया था, लेकिन बारिश नहीं थमी और रात 10.18 बजे ही मुकाबला रद्द घोषित कर दिया गया।

पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए। अभिषेक शर्मा ने कीमो पॉल की गेंद पर छक्का लगाकर पारी का आगाज किया, लेकिन पॉल ने जल्द ही उन्हें पवेलियन भेज दिया। अभिषेक का फ्लिक शॉट सर्कल के किनारे खड़े शमर जोसेफ के हाथों में समा गया।

इसके बाद किशन ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने रोमारियो शेफर्ड के पारी के दूसरे ओवर में 24 रन बटोरकर कैरेबियाई गेंदबाजी की लय बिगाड़ दी। किशन ने इस ओवर में दो छक्के और दो चौके लगाए। स्क्वायर लेग के ऊपर से लगाया गया उनका स्कूप शॉट खास आकर्षण रहा।

संजू सैमसन ने भी कम गेंदों की अपनी पारी में छाप छोड़ी। उन्होंने शमर जोसेफ की गेंद पर पॉइंट के ऊपर से शानदार अपर कट लगाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। वेस्टइंडीज ने हालांकि जल्द ही दोनों बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर वापसी की। जोसेफ ने किशन का कैच रोवमैन पॉवेल के हाथों कराया, जबकि शमर स्प्रिंगर ने सैमसन को बोल्ड कर दिया।

कप्तान श्रेयस अय्यर (22) को जीवनदान मिला। इसके बाद उन्होंने कुछ आकर्षक शॉट लगाए, लेकिन कीमो पॉल की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में अपना विकेट गंवा बैठे। जोसेफ ने उनका कैच लपका। भारत ने सातवें ओवर में 88 रन पर चौथा विकेट गंवा दिया था और टीम को अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाने की जरूरत थी।ऐसे समय में धीर ने मोर्चा संभाला। उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए कीमो पॉल की गेंदों पर दो छक्के और एक चौका जड़कर भारतीय स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। दूसरी ओर, तिलक वर्मा को तेजी से रन बनाने में संघर्ष करना पड़ा।

भारत ने 7.4 ओवर में पांच विकेट पर 118 रन बना लिए थे, तभी बारिश ने दोबारा खेल रोक दिया। इसके बाद मुकाबला आगे नहीं बढ़ सका और शृंखला 2-2 से बराबर समाप्त हुई।

इस शृंखला में वेस्टइंडीज ने दो बार के विश्व चैंपियन भारत को कड़ी चुनौती दी। कैरेबियाई कप्तान शाई होप सीरीज के प्रमुख बल्लेबाजों में रहे। उन्होंने चार मैचों में दो शतकों की मदद से कुल 261 रन बनाए। बारिश के कारण निर्णायक मुकाबला रद्द होने सेशृंखला का नतीजा नहीं निकल सका, लेकिन वेस्टइंडीज ने अपने प्रदर्शन से भारतीय टीम को लगातार दबाव में रखा।

Kolkata Durga Puja: कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, अबतक 17 लोगों की मौत, पीएम मोदी ने जताया दुख

Kolkata Durga Puja Stampede:  पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में बड़ा हादसा हो गया है। शनिवार शाम कोलकाता के उत्तरी हिस्से में स्थित चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक भगदड़ जैसे हालात बन गए। सप्तमी के मौके पर पूजा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पांडाल पहुंचे थे। भीड़ बढ़ने से वहां अफरा-तफरी मच गई।

न्यूज 18 के रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोलकाता के चोरबागान सर्बोजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की वजह से कम से कम 17 लोगों की मौत होने और 35 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक,  पंडाल का एक हिस्सा गिरने की भी जानकारी सामने आई है। वहीं ये घटना कैसे हुई और इसके पीछे की असली वजह क्या थी अभी इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं इस हादसे पर पीएम मोदी ने भी दुख जताया है।

पुलिस ने क्या कहा

कोलकाता पुलिस ने कहा “आज शाम करीब 7:40 बजे, गिरीश पार्क पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले सरदा पार्क (चोर बागान) पूजा पंडाल के एग्जिट गेट पर भारी भीड़ और बारिश के कारण भगदड़ मच गई। पूजा पंडाल को अब दर्शकों के लिए बंद कर दिया गया है। सभी घायल लोगों को बचा लिया गया और इलाज के लिए MCH में शिफ्ट कर दिया गया है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 35 लोगों को MCH में शिफ्ट किया गया है।”

पीएम मोदी ने जताया दुख

कोलकाता में भगदड़ की घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। पीएमओ की ओर से जारी पोस्ट में पीएम ने कहा गया, “कोलकाता में भगदड़ बहुत दुखद है। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हों। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।”

 

सीएम अस्पताल पहुंचे

घटना में कई लोगों के घायल होने की खबर मिलने के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल घायलों का हाल जानने कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। वहीं, जानकारी मिलते ही पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं। पूजा आयोजकों ने भी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और घायलों के इलाज के लिए जरूरी मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने में मदद की।

गर्मी की वजह से हुआ हादसा?

पुलिस के मुताबिक, कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में मची अफरा-तफरी के दौरान कम से कम 35 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया और हालात काबू में करने के लिए पंडाल को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, तेज गर्मी और ज्यादा भीड़ के कारण कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी। वहीं, भगदड़ की खबर फैलने से लोगों में डर और बढ़ गया। इसके बाद पुलिस, अधिकारियों और पूजा आयोजकों ने भीड़ को संभालने और घायलों की मदद करने के लिए जरूरी कदम उठाए।

Weather Update: कल का मौसम 18 अक्टूबर: इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान, यूपी-राजस्थान में गरज-चमक का अलर्ट

देश में इस समय दुर्गापूजा और नवरात्रि की धूम है। वहीं त्योहारों के मौसम के बीच मौसम विभाग ने टेंशन भरा एक और अलर्ट जारी कर दिया है। देश के कई हिस्सों में 18 अक्टूबर को मौसम खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कल यानी 18 अक्टूबर को यूपी, बिहार, दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, 3 पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी से लोगों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 18 अक्टूबर को बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। इसके अलावा अरब सागर में भी समुद्र की स्थिति खराब रह सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

इन राज्यों में भारी बारिश की संभावना

18 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को बारिश के कारण होने वाली परेशानियों के लिए सतर्क रहने की जरूरत है।

कई राज्यों में बिजली गिरने का भी खतरा

आंध्र प्रदेश, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र तथा मराठवाड़ा में कुछ जगहों पर बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है।

इसके अलावा छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

लोगों के अलर्ट रहने की सलाह

बारिश, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। समुद्र में तेज हवाओं की स्थिति को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और समुद्र में जाने वालों को भी स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए।

IND vs WI 5th T20: चिन्नास्वामी स्टेडियम जाने से पहले जानें ये जरूरी नियम, कई जगहों पर रूट डायवर्जन

IND vs WI: भारत और वेस्टइंडीज के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का पांचवां मुकाबला आज खेला जाएगा। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज 2-2 की बराबरी पर है। अब दोनों टीमों के बीच आखिरी मुकाबला बेंगवुरू के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम खेला जाएगा, ये मुकाबला जीतने वाली टीम सीरीज अपने नाम कर लेगी। ऐसे में दोनों टीमों के लिए यह मैच काफी अहम है। वहीं अगर आप इस मुकाबले को देखने का प्लान कर रहे हैं तो स्टेडियम जाने से पहले पुलिस की ट्रैफिक एडवाइजरी जरूरी पढ़ लें।

किए गए हैं खास इंतजाम

भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले आखिरी टी20 मैच को देखते हुए बेंगलुरु में यातायात और सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं। चिन्नास्वामी स्टेडियम के आसपास की कई सड़कों पर गाड़ियों की पार्किंग पर रोक रहेगी। दर्शकों की सुविधा के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाए गए हैं और स्टेडियम में आने-जाने के लिए खास गेट तय किए गए हैं। मैच खत्म होने के बाद घर लौटने वाले क्रिकेट प्रेमियों की मदद के लिए नम्मा मेट्रो की सेवाएं देर रात तक जारी रहेंगी। वहीं मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, बेंगलुरु में आसमान में बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

देर रात चलेगी मेट्रो

भारत और वेस्टइंडीज के बीच मैच देखने जाने वाले दर्शकों की सुविधा के लिए बेंगलुरु मेट्रो ने आखिरी ट्रेनों के समय की जानकारी दी है। टी20 मैच के बाद दर्शकों को घर लौटने में परेशानी न हो, इसके लिए बेंगलुरु मेट्रो ने खास व्यवस्था की है। मैच देखने जाने वाले दर्शकों की सुविधा के लिए नम्मा मेट्रो ने आखिरी ट्रेनों का समय जारी किया है। व्हाइटफ़ील्ड और बोम्मासांद्रा से आखिरी ट्रेन रात 12 बजे चलेगी, जबकि सिल्क इंस्टीट्यूट और मदावरा से रात 12:15 बजे रवाना होगी। वहीं, आर.वी. रोड से आखिरी मेट्रो रात 1:30 बजे और मैजेस्टिक स्टेशन से रात 1 बजे मिलेगी। इसके अलावा, मैजेस्टिक के नादप्रभु केम्पेगौड़ा मेट्रो स्टेशन से पर्पल लाइन की आखिरी ट्रेन भी रात 1 बजे तक चलेगी।

यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सफर से पहले नम्मा मेट्रो की आधिकारिक वेबसाइट पर आखिरी ट्रेन का समय जांच लें, क्योंकि हर स्टेशन और रूट का समय अलग हो सकता है। इससे मैच के बाद घर लौटने में आसानी होगी।

इन जगहों पर यातायात रहेगा प्रतिबंध

भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले टी20 मैच के दौरान बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई सड़कों पर पार्किंग प्रतिबंधित रहेगी। इनमें क्वींस रोड, एमजी रोड, लिंक रोड, राजभवन रोड, टी. चौडैया रोड, रेस कोर्स रोड, सेंट्रल स्क्वायर रोड और कब्बन रोड के कुछ हिस्से शामिल हैं। इसके अलावा, कामराजा रोड, सेंट मार्क रोड, म्यूजियम क्रॉस रोड, कस्तूरबा रोड, लैवेल रोड और विट्ठल माल्या रोड पर भी गाड़ियां खड़ी करने की अनुमति नहीं होगी। कब्बन पार्क के आसपास के कुछ इलाकों और फाउंटेन रोड पर भी पार्किंग पर रोक लगाई गई है।

वहीं, सिद्दलिंगैया सर्कल से बिशप कॉटन गर्ल्स स्कूल की ओर जाने वाले रास्ते और सिद्दलिंगैया सर्कल से RRMR सर्कल के बीच भी यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे। ऐसे में वाहन चालकों को इन सड़कों पर गाड़ी खड़ी करने से बचना चाहिए और परेशानी से बचने के लिए प्रशासन की ओर से तय किए गए पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

बारिश डालेगी मुकाबले में खलल?

भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले सीरीज़ के आखिरी टी20 मुकाबले से पहले बेंगलुरु के मौसम ने चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 17 अक्टूबर को शहर में बादल छाए रह सकते हैं और दिन में एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इस दौरान तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। शाम के समय बारिश होने से स्टेडियम पहुंचने वाले दर्शकों को गीली सड़कों और ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ सकता है। बारिश के कारण मैच में रुकावट आने की आशंका भी है, लेकिन इससे यह तय नहीं होता कि मुकाबला देर से शुरू होगा या रद्द हो जाएगा। ऐसे में दर्शकों को सलाह दी जाती है कि वे स्टेडियम के लिए निकलने से पहले मौसम का ताजा हाल और मैच से जुड़ी आधिकारिक जानकारी जरूर देख लें।