KKR समर्थित लॉजिस्टिक्स कंपनी ला रही है ₹2480 करोड़ का IPO! कल से करें अप्लाई, जानिए कितना चल रहा है GMP

LEAP India IPO Details: वैश्विक निवेश फर्म केकेआर के स्वामित्व वाली लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चैन कंपनी लीप इंडिया का ₹2,480 करोड़ का आईपीओ कल यानी 7 अगस्त 2026 से आम निवेशकों के सबस्क्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है।

इश्यू खुलने से ठीक पहले अनलिस्टेड मार्केट में कंपनी के शेयर प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे है। अगर आप भी इस आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो दांव लगाने से पहले प्राइस बैंड, जीएमपी और इश्यू से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण डिटेल्स जान लें।

LEAP India IPO की प्रमुख डिटेल्स

  • प्राइस बैंड: ₹151 से ₹159 प्रति शेयर
  • फ्रेश इश्यू : ₹480 करोड़ मूल्य के 3.02 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे।
  • ऑफर फॉर सेल (OFS): मौजूदा निवेशक ₹2,000 करोड़ के 12.58 करोड़ शेयर बेचेंगे।
  • एंकर निवेशकों के लिए ओपनिंग: 6 अगस्त 2026
  • आईपीओ ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 7- 11 अगस्त 2026
  • शेयर अलॉटमेंट की तारीख: 12 अगस्त 2026
  • शेयर लिस्टिंग की तारीख (BSE/NSE): 14 अगस्त 2026

इस इश्यू का बुक-रनिंग लीड मैनेजर जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड है, जबकि एमयूएफजी इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को इसका रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।

क्या काम करती है LEAP India

2013 में स्थापित लीप इंडिया एंटरप्राइजेज को एसेट-पूलिंग और सप्लाई चैन सॉल्यूशन मुहैया कराती है। कंपनी ई-कॉमर्स, एफएमसीजी, ऑटोमोटिव और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर की कंपनियों को इक्विपमेंट पूलिंग, रिटर्नेबल पैकेजिंग, इन्वेंट्री मैनेजमेंट, ट्रांसपोर्टेशन और रिपेयर एंड मेंटेनेंस जैसी सेवाएं देती है। साल 2023 में वैश्विक निवेश फर्म KKR ने अपनी एशिया इंफ्रास्ट्रक्चर रणनीति के तहत कंपनी में बहुमत हिस्सेदारी हासिल की थी।

ग्रे मार्केट में कैसा है माहौल?

इश्यू खुलने से पहले अनलिस्टेड मार्केट ट्रैकर्स Investorgain और IPO Watch के मुताबिक, 6 अगस्त की सुबह लीप इंडिया का शेयर अपने अपर प्राइस बैंड से लगभग 3.5% के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर ट्रेड कर रहा था। हालांकि जीएमपी अनऑफिशियल मार्केट का सेंटिमेंट दिखाता है और लिस्टिंग गेन की कोई गारंटी नहीं देता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हर 7 से 15 साल में खिलने वाला ये हिमालयन फूल है खास, लंबाई इंसानों से भी ज्यादा

Padamchal flower: क्या आपने कभी ऐसे फूल को देखा है, जो इंसानों से भी ज्यादा लंबा हो? अगर नहीं तो चलिए हम आपको बताते हैं। हाल ही में एक नया फूल मिला है, जो आपको पूरी तरह से चौंका देगा। हिमालय के पहाड़ों में पाया जाने वाला यह खास फूल दिखने में काफी अनोखा नहीं है। इसे खिलने में सालों लग जाते हैं। सोशल मीडिया पर ये खूब तेजी से वायरल हो रहा है, आइए इसके बारे में कुछ खास बातें बताते हैं।

हाल ही में, सोशल मीडिया पर हिमालय के एक दुर्लभ फूल का वीडियो वायरल हुआ है। बताया जा रहा है कि इस फूल को ‘डायमंड फ्लावर’ के नाम से जाना जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वैज्ञानिक और स्थानीय भाषाओं में डायमंड फ्लावर को ‘रियम नोबिले’ (Rheum Nobile) या ‘केन्जो’ (Kenjo) के नाम से जाना जाता है।

इसकी चमकदार और अनोखी बनावट की वजह से लोग इसे प्यार से ‘हिमालयन डायमंड’ कहते हैं। सोशल मीडिया पर इन दिनों ये तेजी से वायरल हो रहा है।

इस फूल को खिलने में 7 से 15 साल लगते हैं और इसकी ऊंचाई 3.2 फीट से 6.5 फीट तक हो सकती है। ये फूल इंसानों से भी ऊंचे हो सकते हैं।

यह दुर्लभ पौधा आम जगहों पर नहीं उगता है। यह हिमालय के ठंडे और पथरीले इलाकों में, समुद्र तल से लगभग 4,000 मीटर (13,000 फीट) या उससे ज़्यादा ऊंचाई पर पाया जाता है।

कुदरत के करिश्मे की मिसाल बना ‘रियम नोबिले’ (Rheum Nobile) उन पौधों की जबरदस्त सहनशक्ति को दिखाता है, जो धरती के सबसे मुश्किल हालात में भी ऊंचाई वाले इलाकों में पनपते हैं।

औषधीय गुणों के लिए लोकप्रिय

जानकारी के मुताबिक हिमालय के पहाड़ों में रहने वाले लोग सालों से इस फूल को एक दवा की तरह भी करते आ रहे हैं। यह कई शारीरिक समस्याओं को ठीक करने में मददगार है, जैसे- सिर दर्द , फ्रैक्चर, अपच , शरीर की सूजन।

कहां देख सकते हैं फूल

अगर आप ट्रेकिंग का शौक रखते हैं, तो इसे देख सकते हैं। डायमंड फूल को उत्तराखंड के पहाड़ों में आसानी से देखा जा सकता है। खास जगह जैसे फ्लावर ऑफ वैली नेशनल पार्क, हेमकुंड साहिब क्षेत्र, गंगोत्री नेशनल पार्क में। इसके अलावा, यह फूल उत्तरी सिक्किम और भूटान के हिमालय में भी देखने को मिलते हैं।

Tamil Nadu Budget 2026: शादी पर लड़की को सोने का सिक्का, जन्म पर बच्चे को सोने की अंगूठी, जानें बजट में क्या-क्या है

Tamil Nadu Budget 2026: तमिलनाडु के वित्तमंत्री मैरी विल्सन ने 5 अगस्त को विजय सरकार का पहला बजट पेश किया। इस बजट में कई वेल्फेयर स्कीम के लिए बड़ा आवंटन किया गया है। साथ ही सरकार का फोकस टेंडर की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर है। लेकिन, बजट में कुछ स्कीम के लिए आवंटित फंड की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है।

लड़की की शादी पर सोने का सिक्का और सिल्क साड़ी

सरकार ने दो गोल्ड असिस्टेंस स्कीम के लिए 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा का आवंटन किया है। गोल्ड कॉइन और सिल्क साड़ी स्कीम के तहत लड़की की शादी पर सरकार सोने का एक 8 ग्राम का सिक्का और सिल्क की एक साड़ी देगी। दरअसल, टीवीके प्रमुख सी जोसफ विजय ने चुनाव से पहले राज्य की जनता से ये वादे किए थे।

सरकारी अस्पताल में जन्म पर बच्चे को सोने की अंगूठी

गोल्ड कॉइन और सिल्क साड़ी स्कीम के लिए 812 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। 560 करोड़ रुपये का आवंटन गोल्ड रिंग स्कीम के लिए किया गया है। इस स्कीम के तहत सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चे को सरकार की तरफ से एक सोने की अंगूठी दी जाएगी। इस स्कीम से सरकार अस्पताल की सेवाओं में लोगों की दिलचस्पी बढ़ सकती है।

कॉलेज स्टूडेंट्स को फ्री लैपटॉप के लिए 2000 करोड़ आवंटन

बजट में कॉलेज स्टूडेंट्स को फ्री लैपटॉप देने की स्कीम के लिए 2,000 रुपये का आवंटन किया गया है। सरकार ने हज सब्सिडी का भी ऐलान किया है। इस स्कीम के तहत पहली बार हज कमेटी के जरिए हज पर जाने वालों को सरकारी की तरफ 35,000 से 25,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी।

राज्य सरकार पर पहले से 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज 

राज्य के वित्तमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में NEET की जगह 12वीं के मार्क्स के आधार पर दाखिला देने की अपील केंद्र सरकार से की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय चुनौतियों का सामना करने के लिए कई उपाय कर रही है। इससे पहले टीवीके सरकार ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर एक व्हाइट पेपर पेश किया था। इस राज्य पर करीब 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज होने की जानकारी दी गई।

9वीं से 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए अल्ट्रा-मॉडर्न स्कूल बनेंगे

राज्य के बजट में स्कूलों के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के लिए 300 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। सरकार पूर्व मुख्यमंत्री के कामराज के नाम पर एक खास स्कीम शुरू करने जा रही है। इस स्कीम में 9वीं से 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए अल्ट्रा मॉडर्न रेजिडेंशियल स्कूल बनाए जाएंगे। इसके लिए बजट में अतिरिक्त 125 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

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परिवारों को मुफ्त 200 यूनिट्स बिजली की स्कीम पहले से लागू

वित्तमंत्री ने बताया कि सरकार पहले ही परिवारों के लिए मुफ्त 200 यूनिट्स बिजली की स्कीम शुरू कर चुकी है। शराब की 717 दुकानों को बंद करने का आदेश दिया गया है। विल्सन ने कहा कि सरकार का फोकस महिलाओं के सशक्तिकरण, सामाजिक न्यायन और सभी के लिए आवास पर है।

Tarun Tejpal: यौन उत्पीड़न मामले में पत्रकार तरुण तेजपाल को 10 साल की जेल की सजा, Tehelkaके पूर्व संपादक का आया पहला बयान

Tarun Tejpal: बॉम्बे हाई कोर्ट ने ‘तहलका’ मैगजीन के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को 2013 में अपनी एक सहकर्मी से दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने गोवा की एक सत्र अदालत द्वारा पांच साल पहले उसे बरी करने के फैसले को भी रद्द कर दिया। हाई कोर्ट की गोवा पीठ की जस्टिस नीला गोखले और जस्टिस अमित जामसांडेकर ने पहले तरुण तेजपाल को दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। लेकिन उनके वकीलों के अनुरोध पर अदालत ने यह अवधि बढ़ाकर चार सप्ताह कर दी।

अदालत ने न्यूनतम सजा सुनाते हुए कहा कि यह घटना 13 वर्ष पहले हुई थी। तब से तेजपाल ने कोई अन्य अपराध नहीं किया है। अदालत ने यह भी कहा, “संभव है कि पीड़िता और तेजपाल, दोनों अब अपने-अपने जीवन में आगे बढ़ चुके हों।” हाई कोर्ट ने तेजपाल पर 10,21,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने निर्देश दिया कि यह पूरी राशि पीड़िता को दी जाएगी। पीठ ने कहा, “यौन उत्पीड़न की पीड़िता को जुर्माने की पूरी राशि सौंपी जाएगी।”

तेजपाल ने खुद को बताया ‘राजनीतिक प्रताड़ना का शिकार’

सुनवाई के दौरान तरूण तेजपाल ने खुद को राजनीतिक प्रताड़ना का शिकार बताया। दो बेटियों का पिता होने का हवाला देते हुए पूर्व संपादक ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की। वहीं, गोवा सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अधिकतम सजा की मांग करते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि नहीं का मतलब नहीं (शारीरिक संबंध के लिए सहमति नहीं देना) होता है। पीठ ने कहा, “हम निचली अदालत के बरी करने के आदेश को निरस्त करते हैं। प्रतिवादी (तरुण तेजपाल) को दोषी करार देते हैं।” हाई कोर्ट के फैसले के बाद अदालत परिसर के बाहर पयत्रकारों से बातचीत में तेजपाल ने कहा कि वह इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।

बेटियों का दिया हवाला

अदालत ने तेजपाल को भारतीय दंड संहिता (भादसं) की धारा 376(2)(f) (संरक्षक या विश्वास अथवा प्राधिकार की स्थिति में रहने वाले व्यक्ति द्वारा महिला से दुष्कर्म), धारा 354(a) (यौन उत्पीड़न) और धारा 354(b) (महिला को निर्वस्त्र करने के इरादे से उसके खिलाफ आपराधिक बल प्रयोग) के तहत दोषी करार दिया है। अदालत में मौजूद तेजपाल ने खुद को राजनीतिक प्रताड़ना का शिकार बताते हुए नरमी बरतने का अनुरोध किया। तेजपाल ने यह भी कहा कि वह दो बेटियों का पिता है।

उसने अदालत में कहा, “मैं 62 वर्ष का हूं। मेरी दो बेटियां हैं और मेरी पत्नी भी है। मैं राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई का शिकार हूं। मेरे वकीलों ने भी मुझसे कहा है कि मैं अदालत से नरमी बरतने की गुजारिश करूं।” तरुण तेजपाल के वकील आबाद पोंडा ने न्यूनतम सजा देने का अनुरोध करते हुए अदालत से यह भी आग्रह किया था कि सजा और दोषसिद्धि पर कम से कम 10 सप्ताह के लिए रोक लगाई जाए, ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने का समय मिल सके।

सुप्रीम कोर्ट जाएंगे तेजपाल

बाद में पत्रकारों से बातचीत में तेजपाल ने कहा कि हम इस आदेश के खिलाफ अपील करेंगे। हमारा मानना है कि यह फैसला गलत है। हम इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख करेंगे। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, तेजपाल ने कहा, “हम निश्चित रूप से सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। वे राजनीतिक बदले की भावना और ‘तहलका’ के काम की वजह से मेरे पीछे पड़े हैं। हमने ट्रायल कोर्ट में 7.5 साल तक केस लड़ा और बरी हो गए। जो लोग उनके साथ हैं, वे बरी हो जाते हैं, लेकिन वे उनके पीछे पड़ते हैं जिन्होंने उनके खिलाफ लिखा है।”

Tehelka के पूर्व एडिटर इन चीफ तेजपाल ने आगे कहा, “उमर खालिद और शरजील इमाम कई सालों से जेल में हैं। ‘तहलका’ की रिपोर्टिंग से शायद उन्हें कुछ राजनीतिक नुकसान हुआ हो या उनके निजी हितों को चोट पहुंची हो। वे पिछले 13 सालों से बदले की भावना से मेरे पीछे पड़े हैं। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है कि ऐसे जज होंगे जो सच देखेंगे। हम सबूत सबके सामने रखेंगे।”

क्या है पूरा मामला?

यह मामला नवंबर 2013 में गोवा में आयोजित ‘थिंकफेस्ट’ कार्यक्रम के दौरान एक होटल की लिफ्ट में तेजपाल की एक पूर्व जूनियर महिला सहकर्मी के कथित यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म से संबंधित है। निचली अदालत ने 2021 में तेजपाल को इस मामले में बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ गोवा सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील दायर की थी। तेजपाल के वकील पोंडा ने कहा, “वह मुकदमे की शुरुआत से ही जमानत पर हैं और उन्होंने कभी जमानत की किसी शर्त का उल्लंघन नहीं किया है। वह वरिष्ठ नागरिक हैं।”

हालांकि, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि पीड़िता के प्रति तेजपाल के बेहद निर्लज्ज रवैये और कथित घटना के बाद उसके सामान्य आचरण को आधार बनाकर आरोपों को कमजोर साबित करने की कोशिश को देखते हुए उन्हें आजीवन कारावास की अधिकतम सजा दी जानी चाहिए। मेहता ने कहा, “दोषी (तेजपाल) पीड़िता पर अधिकार जताने और प्रभाव रखने की स्थिति में था। पीड़िता केवल उसकी सहकर्मी ही नहीं, बल्कि उसकी बेटी की मित्र भी थी। दोषी ने अपने कृत्य पर कोई पछतावा प्रदर्शित नहीं किया है।”

उन्होंने कहा कि तेजपाल ने अगले दिन भी अपराध दोहराया और मुकदमे के दौरान तथा अब हाई कोर्ट में भी यह कहकर पीड़िता के आचरण पर सवाल उठाया कि घटना के बाद वह सामान्य व्यवहार कर रही थी। राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई के दौरान मेहता ने दलील दी थी कि ट्रायल कोर्ट ने यह मानकर गंभीर गलती की कि यौन उत्पीड़न की पीड़िता का व्यवहार एक तय धारणा के अनुसार होना चाहिए और उसी आधार पर शिकायतकर्ता के आचरण का आकलन किया।

Maruti Victoris gets up to Rs 1.35 lakh discount in August 2026

Maruti Victoris

Maruti Suzuki is offering discounts across much of its Arena line-up, including the Victoris, Swift, Wagon R, Alto K10, Celerio, S-Presso and Eeco, in August 2026. The highest benefits are available on the Victoris, with savings of up to Rs 1.35 lakh. These offers comprise cash discounts, exchange or scrappage bonuses, loyalty benefits and institutional discounts, depending on the variant.

Disclaimer: Offers may vary by city and are subject to stock availability. Check with your nearest dealer for exact details.

Maruti Victoris discounts in August 2026

Up to Rs 1.35 lakh off

The Victoris strong hybrid attracts the highest benefits this month, with total discounts of up to Rs 1.35 lakh. These include a Rs 20,000 cash discount, an exchange bonus of up to Rs 75,000 or a Rs 45,000 scrappage bonus, a Rs 30,000 loyalty upgrade bonus and a Rs 10,000 institutional discount.

Petrol and CNG variants, meanwhile, are available with benefits of up to Rs 85,000. Both are eligible for an exchange bonus of up to Rs 55,000, while customers opting for the scrappage scheme can avail of benefits of up to Rs 25,000 on petrol variants and Rs 20,000 on CNG variants. These variants also receive a Rs 20,000 loyalty upgrade bonus and a Rs 10,000 institutional discount.

Priced between Rs 10.50 lakh and Rs 19.99 lakh, the Victoris rivals the Hyundai Creta, Kia Seltos, Tata Sierra and Honda Elevate.

Maruti Wagon R discounts in August 2026

Up to Rs 52,500 off

The Wagon R is available with benefits of up to Rs 52,500 across its petrol and CNG range. Buyers can avail of a Rs 25,000 cash discount, an exchange bonus of up to Rs 25,000 or a Rs 10,000 scrappage bonus, along with a Rs 2,500 institutional discount.

Priced between Rs 4.99 lakh and Rs 7.24 lakh, the Wagon R rivals the Tata Tiago and Citroen C3.

Maruti Alto K10 discounts in August 2026

Up to Rs 52,500 off

In the Alto K10 line-up, the LXi petrol variant gets the highest benefits of Rs 52,500, while other petrol variants are available with discounts of up to Rs 42,500. Benefits on CNG variants are capped at Rs 37,500.

Depending on the variant, buyers can avail of a cash discount of up to Rs 25,000, an exchange bonus of up to Rs 25,000 or a Rs 10,000 scrappage bonus, and a Rs 2,500 institutional discount. This rival to the Renault Kwid is priced between Rs 3.70 lakh and Rs 5.45 lakh.

Maruti Celerio discounts in August 2026

Up to Rs 42,500 off

Benefits of up to Rs 42,500 are available across the Celerio range this month. The offer includes a Rs 15,000 cash discount, an exchange bonus of up to Rs 25,000 or a Rs 10,000 scrappage bonus, along with a Rs 2,500 institutional discount. A rival to the Tata Tiago and Renault Kwid, the Celerio has a starting price of Rs 4.70 lakh and costs Rs 6.73 lakh for the top-spec variant.

Maruti Eeco discounts in August 2026

Up to Rs 42,500 off

Petrol variants of the Eeco receive benefits of up to Rs 42,500, while CNG versions are eligible for discounts of up to Rs 32,500. Petrol models get a Rs 15,000 cash discount, whereas CNG variants receive Rs 5,000. Both are offered with an exchange bonus of up to Rs 25,000, along with a Rs 2,500 institutional discount. The Eeco is priced between Rs 5.23 lakh and Rs 6.41 lakh.

Maruti Swift discounts in August 2026

Up to Rs 40,000 off

Petrol variants of the Swift are available with benefits of up to Rs 40,000, including a Rs 10,000 cash discount, an exchange bonus of up to Rs 25,000 or a Rs 10,000 scrappage bonus, and a Rs 5,000 institutional discount. CNG variants receive lower benefits of up to Rs 30,000, as they are not eligible for a cash discount this month.

The Swift is priced between Rs 5.79 lakh and Rs 8.69 lakh and rivals the Hyundai Grand i10 Nios and Tata Tiago.

Maruti S-Presso discounts in August 2026

Up to Rs 37,500 off

All variants of the S-Presso are being offered with benefits of up to Rs 37,500. Buyers can avail of a Rs 10,000 cash discount, an exchange bonus of up to Rs 25,000 or a Rs 10,000 scrappage bonus, and a Rs 2,500 institutional discount. Maruti’s most affordable offering currently, the S-Presso is priced from Rs 3.50 lakh to Rs 5.25 lakh and rivals the Renault Kwid and its stablemate Alto K10.

All prices are ex-showroom, India.

Maruti Brezza vs Tata Nexon real world CNG mileage comparison

Brezza CNG and Nexon CNG

The Maruti Brezza and Tata Nexon are two of the few compact SUVs to offer a factory-fitted CNG kit. Both are also among the best-selling models for their respective brands, and since CNG cars are known to offer good mileage, it makes sense to compare these two and see which is more fuel-efficient in the real world. Keep reading to find out more.

Maruti Brezza CNG vs Tata Nexon CNG: Specs and price

Compact SUVBrezzaNexon

Engine

4 cyl, petrol-CNG3 cyl, petrol-CNG
TurbochargedNoYes

Displacement (cc)

1,4621,199

Power (hp)

101 (petrol), 88 (CNG)120 (petrol), 100 (CNG)

Torque (Nm)

137 (petrol), 122 (CNG)170

Transmission

5-speed manual6-speed manual
Claimed CNG mileage (km/kg)25.524

CNG tank (litres)

5560
Petrol tank (litres)4844
Boot space (litres)Not disclosed321

Price range (Rs, lakh)

9.17-11.468.3-13.42

While the Brezza uses a four-cylinder naturally aspirated engine, the Nexon gets a three-cylinder turbocharged unit. Notably, no other compact SUV currently offers a CNG kit with a turbocharged engine. The Nexon has a clear performance advantage over the Brezza. In petrol guise, its 1.2-litre turbo-petrol engine produces 120hp and 170Nm, giving it a 19hp and 33Nm edge over the Brezza’s 1.5-litre naturally aspirated petrol engine, which develops 101hp and 137Nm. 

In CNG mode too, the Nexon leads with 100hp and 170Nm, compared to the Brezza CNG’s 88hp and 122Nm. That gives the Nexon a 12hp and 48Nm advantage in CNG form. It also gets a 6-speed manual, compared with the Brezza’s 5-speed unit, and a larger 60-litre CNG tank (dual-cylinder setup). The Maruti, meanwhile, uses a more conventional cylinder arrangement.

The Brezza’s 1,462cc engine also crosses the 1,200cc threshold for the lower 18 percent GST slab, so it’s taxed at 40 percent. That shows up in pricing, too, with the Brezza’s entry price sitting Rs 95,000 above the Nexon’s. At the top end, though, the Tata is Rs 2.1 lakh pricier than the equivalent Brezza CNG variant.

Maruti Brezza CNG vs Tata Nexon CNG: Real-world mileage

The Brezza CNG is clearly more efficient in real-world use than the Nexon CNG. In the city, it returns 5.3km/kg more than the Tata SUV. The Brezza maintains its lead on the highway as well, but the gap narrows to 1.8km/kg. As a result, the average figure also favours the Brezza, which is ahead by 3.55km/kg.

Part of the Brezza’s efficiency advantage comes from its much lighter kerb weight and a naturally aspirated setup. It should be noted that the Nexon’s CNG setup does not significantly affect drivability or performance in everyday use. It can also be started directly in CNG mode, and even the added weight of the kit – 120kg more than the petrol Nexon – does not make it feel breathless or strained.

Autocar India’s fuel efficiency testing

Before our real-world fuel efficiency tests, we fill our test cars’ tanks to the brim and maintain tyre pressures based on the manufacturer’s recommendations. These cars are driven in fixed city and highway loops in and around Navi Mumbai, and we maintain certain average speeds. Throughout the tests, there is only one person in each car, running the air conditioner and other electricals, such as the audio system, indicators and wipers, when required, just like a regular user would. Periodic driver swaps further neutralise variations in driver patterns. At the end of each cycle, we calculate efficiency by refilling the tanks to full.

Aaban Ahmed Dead: सड़क हादसे में माफिया अतीक अहमद के बेटे आबान की दर्दनाक मौत, जेल में बंद भाई से जा रहा था मिलने, चकनाचूर हुई कार

Aaban Ahmed News: माफिया एवं पूर्व सांसद अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान समेत दो लोगों की गुरुवार (6 अगस्त) को उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक सड़क हादसे में मौत हो गई। इस घटना में कार सवार तीन अन्य लोग भी घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक (देहात) अरविंद कुमार ने बताया कि पूर्व सांसद अतीक अहमद का बेटा आबान अहमद अपने कुछ साथियों के साथ झांसी जेल में बंद अपने भाइयों से मिलने जा रहा था। इस दौरान रास्ते में पुंछ थाना में झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे पर उसकी तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर एक डिवाइडर से टकराकर पलट गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SP) बीबीजीटीएस मूर्ति ने पत्रकारों को बताया कि इस हादसे में 21 वर्षीय आबान अहमद और उसके दोस्त सोनू (26) की मौत हो गई। जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए जिनका मेडिकल कॉलेज में इलाज किया जा रहा है। मूर्ति ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, आबान अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने के लिए झांसी जेल गया था। वहां से लौटते वक्त तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। कार का अलग हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि गाड़ी में कुल 5 लोग थे। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हादसे के दौरान आबान और उसके एक साथी सोनू की मौत हो गई। इसी झांसी में अतीक अहमद के तीसरे नंबर वाले बेटे असद अहमद की भी एनकाउंटर में मौत हुई थी। अतीक के कुल 5 बेटे थे। इनमें से अब दो की मौत हो चुकी है। जबकि दो बेटे जेल में बंद है। अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन अभी भी फरार चल रही है। उनके ऊपर यूपी पुलिस ने 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया है।

अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ अहमद की 15 अप्रैल 2023 की रात प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना उस समय हुई जब पुलिस दोनों को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जा रही थी। हमलावर मीडिया कर्मी बनकर पहुंचे थे। पुलिस सुरक्षा के बीच उन्होंने दोनों पर नजदीक से गोलियां चला दीं। तीनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

इसके अलावा अतीक अहमद के बेटे असद अहमद का 13 अप्रैल 2023 को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने झांसी में मुठभेड़ (एनकाउंटर) में मार गिराया था। उस पर उमेश पाल हत्याकांड में शामिल होने का आरोप था। अब यूपी पुलिस को अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन की तलाश है।

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River Mobility raises USD 120 million in funding

River co-founders at the factory

River Mobility has closed a $120 million (Rs 1,141 crore approximately) Series C funding round comprising equity and venture debt, marking one of the largest private fundraises in India’s electric two-wheeler sector. The company plans to use the capital to expand its manufacturing footprint, develop new products in the utility lifestyle segment and improve profitability.

  1. $120 million Series C round closed with equity and venture debt components
  2. Round led by Elev8 Venture Partners and Claypond Capital; existing backers also participated
  3. Capital to fund new greenfield plant, product launches and margin improvement

River Mobility funding

First significant round from Indian institutional investors for the company

The equity portion of the round was led by Elev8 Venture Partners and Claypond Capital, with participation from Singularity AMC, Anicut Capital, 360 ONE Asset, JIF Capital and HDFC AMC – marking the first time River Mobility has attracted significant backing from Indian institutional investors. Venture debt came from Alteria Capital, Innoven Capital and Stride Ventures. Existing global backers Yamaha Motor Corporation, Al Futtaim Group and Mitsui & Co. also participated in the round.

River’s monthly retail sales have since grown to around 5,000-6,000 units, and the company recently rolled out its 50,000th unit from its Hoskote plant. It currently has over 75 stores across India, with a target of over 350 stores by March 2028. The company also manufactures the Yamaha EC-06 at the same facility under a partnership with Yamaha Motor Co.

The company says these funds will be directed towards capacity expansion at the existing Hoskote facility, the construction of a new greenfield plant, new product development and improvements to gross margins and EBITDA profitability. 

SIP Calculator: क्या ₹5,000 की SIP से सच में बन सकते हैं करोड़पति? देखिए 10, 20 और 30 साल में कितनी बढ़ेगी आपकी पूंजी

SIP Return Calculation: म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी के जरिए निवेश करना लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाने का सबसे पसंदीदा तरीका बन चुका है। एकमुश्त पैसे लगाने के बजाय हर महीने एक निश्चित राशि जमा करने से निवेशकों को ‘रुपये की औसत लागत’ और ‘कंपाउडिंग की ताकत’ का सीधा फायदा मिलता है।

अगर आप भी हर महीने महज ₹5,000 की बचत करके म्यूचुअल फंड एसआईपी में लगाते हैं, तो 12% के औसत अनुमानित रिटर्न के हिसाब से आप कुछ ही दशकों में करोड़पति बन सकते हैं। आइए देखते हैं 10, 20 और 30 साल में आपके इस छोटे से निवेश का पूरा कैलकुलेशन।

10 साल में कितना बनेगा फंड?

अगर आप हर महीने ₹5,000 का निवेश लगातार 10 सालों तक जारी रखते हैं, तो आपका कुल निवेश और रिटर्न इस प्रकार होगा:

  • मासिक SIP: ₹5,000
  • निवेश की अवधि: 10 वर्ष
  • अनुमानित वार्षिक रिटर्न: 12%
  • कुल जमा राशि: ₹6,00,000
  • अनुमानित रिटर्न: ₹5,61,696
  • 10 साल बाद कुल वैल्यू: ₹11,61,696

यानी 10 सालों में आपकी जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज लगभग आपके मूलधन के बराबर पहुंच जाता है।

20 साल में दिखेगा कंपाउंडिंग का असर

जैसे-जैसे आप निवेश की अवधि बढ़ाते हैं, कंपाउंडिंग की ताकत तेजी से काम करने लगती है:

  • मासिक SIP: ₹5,00,0
  • निवेश की अवधि: 20 वर्ष
  • अनुमानित वार्षिक रिटर्न: 12%
  • कुल जमा राशि: ₹12,00,000
  • अनुमानित रिटर्न: ₹37,95,740
  • 20 साल बाद कुल वैल्यू: ₹49,95,740 (लगभग ₹50 लाख)

ध्यान दें, 10 साल से 20 साल के बीच आपकी जमा राशि केवल दोगुनी ₹6 लाख से ₹12 लाख हुई, लेकिन आपका कुल फंड बढ़कर लगभग ₹50 लाख हो गया।

30 साल में बनेंगे ₹1.76 करोड़ से अधिक

30 साल का लंबा नजरिया रखने पर आपको अहसास होगा कि वक्त आपके पैसों को किस तरह से मल्टीप्लाई करता है:

  • मासिक SIP: ₹5,000
  • निवेश की अवधि: 30 वर्ष
  • अनुमानित वार्षिक रिटर्न: 12%
  • कुल जमा राशि: ₹18,00,000
  • अनुमानित रिटर्न: ₹1,58,49,569
  • 30 साल बाद कुल वैल्यू: ₹1,76,49,569 (₹1.76 करोड़ से ज्यादा)

30 सालों में आपके जेब से कुल ₹18 लाख ही गए, जबकि आपको मिलने वाला रिटर्न ही ₹1.58 करोड़ से अधिक का हो जाता है।

10, 20 और 30 साल की SIP का सफर

10, 20 और 30 साल की SIP का सफर

कंपाउंडिंग से दिन दोगुना रात चौगुना बढ़ती है पूंजी

म्यूचुअल फंड में वित्तीय सलाहकार जल्द से जल्द निवेश शुरू करने की सलाह इसीलिए देते हैं। आप जितने कम उम्र में एसआईपी शुरू करेंगे, कंपाउंडिंग को काम करने के लिए उतना ही ज्यादा समय मिलेगा। जब मार्केट गिरता है तो आपको ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं और मार्केट चढ़ने पर आपकी एनएवी (NAV) की वैल्यू तेजी से बढ़ती है।

निवेशकों के लिए जरूरी बातें

म्यूचुअल फंड में SIP के जरिए निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन होता है। 12% का रिटर्न एक ऐतिहासिक औसत पर आधारित गणना है। बाजार के रुख के अनुसार आपका रिटर्न कम या ज्यादा भी हो सकता है। इसलिए अपने पोर्टफोलियो की समय-समय पर समीक्षा करें और वित्तीय सलाहकार से सलाह लेकर ही अपने लक्ष्य के अनुसार सही फंड्स चुनें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

घूमें बेफिक्र होकर, IRCTC के नए टूर पैकेज से बिना प्लानिंग के करें दर्शन-पूजन!

IRCTC ने ‘गंगा गया संगम यात्रा’ नाम से 8 दिन और 7 रात का नया धार्मिक टूर शुरू किया है। इस पैकेज में गया, वाराणसी, सारनाथ, प्रयागराज, अयोध्या, लखनऊ और नैमिषारण्य जैसे पवित्र स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। फ्लाइट, होटल, खाने, एसी वाहन और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी कई फैसिलिटी भी पैकेज में हैं। इस तरह से श्रद्धालुओं को अलग-अलग बुकिंग करने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।

यात्रा की शुरुआत

विष्णुपद मंदिर, पर्यटन, 2023 - बोध गया | विष्णुपद मंदिर की तस्वीरें - Tripinvites - TripInvites

यह तीर्थयात्रा 2 सितंबर 2026 को हैदराबाद से शुरू होगी। पहले फ्लाइट से गया पहुंचाया जाएगा, जहां होटल में ठहरने के बाद महाबोधि मंदिर और आसपास के बौद्ध मठों के दर्शन कराए जाएंगे। इसके बाद अगले दिन विष्णुपद मंदिर और मंगला गौरी शक्तिपीठ देखने का मौका मिलेगा। यहां से सड़क मार्ग से वाराणसी के लिए रवाना हुआ जाएगा।

काशी और सारनाथ 

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वाराणसी में यात्रियों को तीन रात रुकने का मौका मिलेगा। यहां काशी विश्वनाथ मंदिर, गंगा घाट, शाम की भव्य गंगा आरती और शहर के पुराने बाजार देखने का मौका मिलेगा। अगले दिन सारनाथ की सैर भी कराई जाएगी, जहां भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था। यहां आप चाहें तो खाली समय में खरीदारी भी कर सकते हैं।

प्रयागराज और अयोध्या 

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वाराणसी के बाद यात्रा प्रयागराज पहुंचेगी। यहां श्रद्धालु त्रिवेणी संगम और अलोपी देवी मंदिर के दर्शन करेंगे। इसके बाद अयोध्या ले जाया जाएगा, जहां रामलला मंदिर और भी कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जायेंगे। यहां की आध्यात्मिक शांति और भक्ति का माहौल बहुत ही सुख देता है।

लखनऊ और नैमिषारण्य

अयोध्या से निकलकर यात्रा लखनऊ पहुंचेगी। यहां से नैमिषारण्य की यात्रा कराई जाएगी, जिसे हिंदू धर्म के सबसे प्राचीन तीर्थ स्थलों में सबसे खूबसूरत है। वापसी पर लखनऊ का फेमस बड़ा इमामबाड़ा भी दिखाया जाएगा। इसके बाद फ्लाइट से वापस हैदराबाद लौटकर जर्नी पूरी होगी।

यात्रा की सुविधाएं

इस टूर में आने-जाने की फ्लाइट, सात रात होटल में ठहरने की फैसिलिटी, सात बार नाश्ता, सात बार डिनर और एक बार लंच शामिल है। इसके साथ ही एसी वाली गाड़ी से घूमना, ट्रैवल इंश्योरेंस, IRCTC टूर एस्कॉर्ट और सभी जरूरी टैक्स भी पैकेज में हैं। यानी ट्रिप में आपको अलग-अलग बुकिंग करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

पैकेज कॉस्ट 

इस पैकेज की कीमत कमरे और लोगों के हिसाब से की गई है। सिंगल रूम के लिए ₹54,800, दो लोगों के साथ रुकने पर ₹41,000 प्रति व्यक्ति और तीन लोगों के साथ रुकने पर ₹38,750 प्रति व्यक्ति खर्च आएगा। अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से आप इस पैकेज को चुन सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

इस पैकेज में मंदिरों या स्मारकों के एंट्री टिकट शामिल नहीं हैं। इसके साथ ही ऑटो-रिक्शा, बैटरी वाहन, विशेष पूजा, गाइड, टिप्स, लॉन्ड्री, ड्रिंक्स, बोतलबंद पानी और दूसरे अपने खुद के खर्च यात्रियों को खुद उठाने होंगे। इसलिए ट्रिप पर निकलने से पहले इन एक्स्ट्रा खर्चों को ध्यान में रखकर तैयारी करें।