IND vs ENG: क्या बारिश डालेगी रोहित-विराट की वापसी में खलल? जानें कैसी होगी बर्मिंघम की पिच

India vs England: भारत और इंग्लैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत 14 जुलाई से होगी। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा। वहीं वनडे टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी हो रही है। वहीं दोनों ने नेट्स पर जमकर पसीना बहा रहे हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ मैच में जसप्रीत बुमराह की वापसी हो रही है। बुमराह 2023 वनडे विश्व कप के बाद पहली बार इस फॉर्मेट में मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं। आइए मैच से पहले जानते हैं कैसी होगी दोनों टीमों की प्लेइंग 11 और पिच रिपोर्ट। क्या बारिश डालेगी मुकाबले में खलल?

कैसी होगी एजबेस्टन की पिच

भारत और इंग्लैंड के बीच पहला मुकाबला एजबेस्टन के बर्मिंघम में खेला जाएगा। एजबेस्टन की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आती है, जिससे बड़े शॉट खेलना आसान रहता है। वहीं नई गेंद से तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में स्विंग और सीम मूवमेंट मिल सकती है। मैच आगे बढ़ने पर स्पिन गेंदबाजों को भी कुछ मदद मिलने की उम्मीद है, खासकर बीच के ओवरों में, जहां गेंद हल्का टर्न ले सकती है।

भारत और इंग्लैंड ODI में हेड-टू-हेड रिकॉर्ड

  • मैच खेले: 110
  • भारत जीता: 61
  • इंग्लैंड जीता: 44
  • कोई रिजल्ट नहीं: 3
  • टाई: 2

भारत और इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग 11

भारत की संभावित प्लेइंग 11: शुभमन गिल (c), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (vc), केएल राहुल (wk), ईशान किशन, शिवम दुबे/अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह

इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग 11: बेन डकेट, जैकब बेथेल, जो रूट, हैरी ब्रूक (c), जोस बटलर (wk), विल जैक्स, सैम करन, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, जोश टंग, आदिल राशिद

कैसा होगा मौसम

पहले वनडे के दौरान मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद नहीं है। दिनभर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और बीच-बीच में हल्की बारिश होने की भी संभावना है। वहीं पूरे मैच के रद्द होने की आशंका कम है, लेकिन मौसम के कारण कुछ समय के लिए खेल प्रभावित हो सकता है।

Vietnam Boat Tragedy: वियतनाम से लौटे 15 भारतीयों के शव, मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड हुआ विशेष विमान

वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास 11 जुलाई को हुई दर्दनाक बोट हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय नागरिकों के शव लेकर एक विशेष विमान सोमवार को मुंबई पहुंच गया। हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि विशेष विमान मृतकों के शव लेकर सुरक्षित मुंबई पहुंच चुका है। दूतावास ने यह भी कहा कि हनोई में भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास संबंधित राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि सभी शव जल्द से जल्द उनके परिजनों तक पहुंचाए जा सकें।

वियतनाम से लौटे 15 भारतीयों के शव

भारतीय दूतावास ने शोक जताते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में उसकी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं। भारतीय मिशन ने बताया कि मृतकों के गृह राज्यों की सरकारें उनके परिवारों के साथ मिलकर मुंबई हवाई अड्डे से शवों को उनके-अपने शहरों और गांवों तक पहुंचाने की व्यवस्था करेंगी। इस हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीयों में 10 तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरल के रहने वाले थे।

मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड हुआ विशेष विमान

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि इस कठिन समय में वियतनाम के लोगों की ओर से मिली संवेदनाओं और प्रार्थनाओं के लिए वह आभारी है। दूतावास ने कहा कि लोगों का सहयोग, प्रार्थनाएं और समर्थन इस दुख की घड़ी में परिवारों और अधिकारियों के लिए बड़ी ताकत बना। इसके साथ ही भारतीय मिशन ने वियतनाम के सभी संबंधित सरकारी अधिकारियों और एजेंसियों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने राहत और अन्य जरूरी कार्यों में हर संभव मदद की।

11 जुलाई को वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास होन मे रुट न्गोई इलाके में एक दर्दनाक नाव हादसा हुआ। यहां 32 भारतीय पर्यटकों और चार स्थानीय चालक दल के सदस्यों को लेकर जा रही एक स्पीडबोट अचानक पलट गई। इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि बाकी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। बचाए गए 16 भारतीय पर्यटकों में से कुछ स्वदेश लौट चुके हैं। वहीं, एक घायल भारतीय का अभी भी वियतनाम के फु क्वोक में इलाज चल रहा है।

हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि घायल भारतीय नागरिक का रविवार शाम सफलतापूर्वक एक जरूरी चिकित्सीय उपचार किया गया। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए हो ची मिन्ह सिटी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दूतावास ने यह भी बताया कि घायल के परिवार के सदस्य भी हो ची मिन्ह सिटी पहुंच चुके हैं।

नाव हादसे में घायल एक भारतीय की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक, 49 वर्षीय इस व्यक्ति के फेफड़ों को पानी में डूबने की वजह से गंभीर नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा उन्हें गहरा सदमा लगा है, शरीर पर कई चोटें हैं और मस्तिष्क में भी रक्तस्राव (ब्रेन ब्लीडिंग) हुआ है। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। फु क्वोक वियतनाम का सबसे बड़ा द्वीप है और यह अपने सफेद रेतीले समुद्र तटों, खूबसूरत कोरल रीफ और आइलैंड टूर के लिए दुनिया भर के पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है।

लावा कंपनी ने किया मुआवजे का ऐलान

घरेलू मोबाइल कंपनी लावा इंटरनेशनल ने इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। कंपनी ने कहा है कि प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। गौरतलब है कि शनिवार को वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास नाव पलटने से लावा इंटरनेशनल के 14 सहयोगियों और एक कर्मचारी की मौत हो गई थी।

गर्लफ्रेंड के फ्लैट से चुपचाप निकलने की कोशिश, फिर हुआ ऐसा हादसा की मच गई चीख-पुकार

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से एक दुखद घटना सामने आई है। यहां 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र की एक अपार्टमेंट की 10वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वह अपनी दोस्त (गर्लफ्रेंड) के फ्लैट से बिना किसी की नजर में आए बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। मृतक की पहचान राफान खुर्शीद के रूप में हुई है। वह एक निजी स्कूल में 11वीं कक्षा का छात्र था और भुवनेश्वर के लक्ष्मीसागर इलाके में रहता था।

हादसे में 11वीं के छात्र की मौत

पुलिस के मुताबिक, राफान अपनी दोस्त के फ्लैट पर गया था। इसी दौरान उसे लगा कि लड़की की मां को उसके वहां होने की जानकारी मिल गई है। घबराहट में उसने मुख्य दरवाजे से बाहर निकलने की बजाय इमारत के बाहर लगे ड्रेनेज पाइप के सहारे नीचे उतरने की कोशिश की। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह 10वीं मंजिल से नीचे गिर गया।

पुलिस कर रही मामले की जांच

पुलिस के अनुसार, छात्र कुछ समय तक ड्रेनेज पाइप के सहारे लटका रहा, लेकिन अचानक पाइप टूट गया। इसके बाद वह सीधे 10वीं मंजिल से नीचे गिर गया। इस हादसे में राफान को गंभीर चोटें आईं। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि राफान के पिता एक निजी बैंक में प्रबंधक (मैनेजर) हैं। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना की पूरी सच्चाई जानने के लिए लड़की के परिवार से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, पुलिस आसपास के सबूतों और अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह दर्दनाक हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।

Viral Post: ‘दिन में सॉफ्टवेयर डेवलपर, रात में Uber चलाता है युवक’ सोशल मीडिया पर वायरल हुए पोस्ट

Viral Video: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक टेक प्रोफेशनल की पोस्ट काफी वायरल हो रही है। इस पोस्ट में टेक प्रोफेशनल ने उबर बाइक राइडर से हुई बातचीत का एक्सपीरिएंस शेयर किया। बातचीत के दौरान पता चला की वह दिन में सॉफ्टवेयर डेवलपर की नौकरी करता है और रात में अतिरिक्त कमाई के लिए राइडिंग करता है। अपनी पोस्ट में उन्होंने बताया कि अच्छी पढ़ाई और तकनीकी कौशल होने के बावजूद कई युवा नौकरीपेशा लोग आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। उनकी इस बात से कई लोगों ने सहमति भी जताई। ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा।

पोस्ट हुआ वायरल

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आदित्य ने पोस्ट किया। अपने वायरल पोस्ट में आदित्य ने एक उबर बाइक राइडर से हुई मुलाकात का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान राइडर उनकी ही उम्र का लगा और काफी आत्मविश्वास से बात कर रहा था। पहली नजर में उसे देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि वह केवल गिग वर्क या बाइक राइडिंग के जरिए अपनी आजीविका चला रहा है। आदित्य ने बातचीत के दौरान जब उस युवक से उसके काम के बारे में पूछा, तो जवाब सुनकर वह चौंक गए। राइडर ने बताया कि वह एक कंपनी में फुल-स्टैक डेवलपर के रूप में नौकरी करता है।

वीकेंड पर चलाते हैं उबर बाइक

इसके बाद आदित्य ने उससे पूछा कि नौकरी के बाद भी वह बाइक राइड क्यों चला रहा है। इस पर युवक ने बताया कि अतिरिक्त कमाई के लिए वह ऑफिस के बाद कुछ घंटे राइडिंग भी करता है। आदित्य के मुताबिक, उस युवक ने बताया कि सॉफ्टवेयर डेवलपर की नौकरी से उसे हर महीने करीब 25 हजार रुपये वेतन मिलता है। लेकिन परिवार की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी, एजुकेशन लोन की किस्त और अपने रोजमर्रा के खर्च पूरे करने के बाद उसके पास ज्यादा पैसे नहीं बचते। इसी वजह से वह अपनी आय बढ़ाने के लिए रात के समय और वीकेंड में उबर बाइक चलाकर अतिरिक्त कमाई करता है।

एक्ट्रा काम करना पड़ता है

इस बातचीत का जिक्र करते हुए आदित्य ने लिखा कि एक समय था जब इंजीनियरिंग की नौकरी को अच्छी कमाई और सुरक्षित भविष्य की गारंटी माना जाता था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। उनका कहना है कि आज कई कुशल इंजीनियर भी अपनी आमदनी बढ़ाने और परिवार का खर्च चलाने के लिए नौकरी के साथ अतिरिक्त काम करने को मजबूर हैं। यह मुलाकात उनके लिए आज के युवाओं की आर्थिक चुनौतियों की एक सच्ची तस्वीर बनकर सामने आई।

लोगों ने किया कमेंट

आदित्य की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। एक यूजर ने लिखा कि, “ये मामला बताता है कि आज के समय में सिर्फ अच्छी डिग्री या प्रोफेशनल नौकरी होने से आर्थिक सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती।”वहीं एक अन्य यूजर ने कहा कि, “यह कोई असामान्य बात नहीं है। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात भी कई ऐसे डिलीवरी पार्टनर्स और कैब या बाइक राइडर्स से हुई है, जो अपनी नियमित नौकरी पूरी करने के बाद अतिरिक्त कमाई के लिए यह काम करते हैं। उन्होंने ऐसे लोगों की मेहनत, लगन और अपनी आर्थिक जिम्मेदारियां निभाने के जज्बे की सराहना की।”

कार का माइलेज हो रहा है कम? मारुति, हुंडई, टाटा और Kia समेत हर पेट्रोल कार के लिए जानिए ईंधन बचाने के सबसे आसान तरीके

भारत में कार खरीदते समय लोग सबसे पहले उसके माइलेज पर ध्यान देते हैं। पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अब अच्छी माइलेज पहले से भी ज्यादा जरूरी हो गई है। वहीं, देश में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बढ़ने के बाद भी ईंधन की बचत को लेकर लोगों की चिंता बढ़ी है। हालांकि, कार कंपनियों का कहना है कि E20 पेट्रोल से माइलेज में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन किसी भी कार का वास्तविक माइलेज काफी हद तक आपकी ड्राइविंग की आदत, गाड़ी की देखभाल और सड़क की स्थिति पर भी निर्भर करता है।

चाहे आपके पास मारुति सुजुकी स्विफ्ट, हुंडई क्रेटा, टाटा नेक्सन, महिंद्रा XUV 3XO या किआ सेल्टोस जैसी कोई भी कार हो, कुछ आसान टिप्स अपनाकर आप हर लीटर ईंधन में ज्यादा दूरी तय कर सकते हैं और अपनी ईंधन लागत को कम कर सकते हैं।

क्या E20 पेट्रोल से कार का माइलेज कम हो जाता है?

E20 पेट्रोल में 20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल मिलाया जाता है। इथेनॉल में सामान्य पेट्रोल की तुलना में एनर्जी कम होती है। यही वजह है कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर कार का माइलेज थोड़ा कम हो सकता है। 4 जुलाई को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मारुति सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी राहुल भारती ने बताया कि E20 पेट्रोल की कैलोरीफिक वैल्यू, E10 पेट्रोल के मुकाबले करीब 3 से 3.5 प्रतिशत कम होती है। इसी कारण माइलेज में भी लगभग इतनी ही कमी देखने को मिल सकती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई कार सामान्य तौर पर 20 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है, तो E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर उसका माइलेज करीब 0.6 किलोमीटर प्रति लीटर तक कम हो सकता है।

कार का माइलेज कैसे बढ़ाएं?

चाहे आपकी कार E10 पेट्रोल पर चलती हो या E20 पेट्रोल पर, अच्छी माइलेज पाने का सबसे आसान तरीका है संतुलित और आराम से ड्राइविंग करना। तेज रफ्तार में अचानक एक्सीलेटर दबाने, बार-बार तेज ब्रेक लगाने और इंजन को बेवजह ज्यादा आरपीएम (स्पीड) पर चलाने से बचें। इससे ईंधन की खपत बढ़ जाती है। शहर के ट्रैफिक में गाड़ी चलाते समय धीरे-धीरे एक्सीलेटर दबाएं। इससे इंजन पर कम दबाव पड़ता है और ईंधन की बचत होती है। वहीं, हाईवे पर जहां संभव हो, एक समान गति बनाए रखकर गाड़ी चलाने से भी बेहतर माइलेज मिल सकता है।

क्या टायर का प्रेशर माइलेज पर असर डालता है?

टायर में सही हवा होना कार की माइलेज के लिए बहुत जरूरी है। अगर टायर में हवा कम होगी, तो सड़क पर उसका रोलिंग रेजिस्टेंस बढ़ जाएगा। ऐसे में इंजन को ज्यादा ताकत लगानी पड़ेगी और ईंधन की खपत भी बढ़ जाएगी। इसलिए कार मालिकों को कम से कम हर 15 दिन में एक बार टायर का प्रेशर जरूर जांचना चाहिए। हमेशा कंपनी द्वारा बताए गए तय प्रेशर के अनुसार ही टायर में हवा भरवाएं। इससे न सिर्फ माइलेज बेहतर होगी, बल्कि टायर की उम्र भी बढ़ेगी।

क्या समय पर सर्विस न कराने से कार का माइलेज कम हो जाता है?

अगर कार की सर्विस समय पर नहीं कराई जाती, तो उसका सीधा असर माइलेज पर पड़ सकता है। एयर फिल्टर गंदा या जाम होने, स्पार्क प्लग घिस जाने और इंजन ऑयल पुराना होने से इंजन पहले जितनी क्षमता से काम नहीं कर पाता। इससे ईंधन की खपत बढ़ जाती है और माइलेज कम हो जाती है। इसलिए कार की नियमित सर्विस कराना बहुत जरूरी है। समय पर सर्विस होने से इंजन बेहतर तरीके से काम करता है, ईंधन की बचत होती है और कार की परफॉर्मेंस भी अच्छी बनी रहती है। हर कार के साथ मिलने वाली ओनर मैनुअल में सर्विस का पूरा शेड्यूल दिया होता है। उसी के अनुसार समय-समय पर सर्विस कराते रहें। यह न सिर्फ कार को बेहतर स्थिति में रखता है, बल्कि कम ईंधन में ज्यादा दूरी तय करने में भी मदद करता है।

क्या ज्यादा सामान रखने से कार का माइलेज कम हो जाता है?

कार में जितना ज्यादा वजन होगा, इंजन को उसे चलाने के लिए उतनी ही ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। इसलिए अगर आप डिग्गी में बिना जरूरत का भारी सामान रखते हैं, तो इससे ईंधन की खपत बढ़ सकती है और माइलेज कम हो सकती है। इसके अलावा, कार की छत पर लगाए जाने वाले रूफ कैरियर या रूफ बॉक्स भी हवा के प्रवाह में रुकावट पैदा करते हैं। खासकर हाईवे पर इनकी वजह से कार को आगे बढ़ने में ज्यादा ताकत लगती है, जिससे माइलेज पर असर पड़ता है।

क्या गाड़ी खड़ी होने पर इंजन चालू रखना सही है?

आज की पेट्रोल कारें खड़ी रहने पर भी ईंधन खर्च करती हैं। अगर आपको एक मिनट या उससे ज्यादा समय तक कहीं रुकना है, तो जहां संभव हो, इंजन बंद कर देना बेहतर होता है। इससे ईंधन की बचत होती है। आजकल कई नई कारों में ऑटो स्टार्ट-स्टॉप सिस्टम दिया जाता है। यह सुविधा ट्रैफिक सिग्नल या लंबे इंतजार के दौरान अपने आप इंजन बंद कर देती है और जरूरत पड़ने पर दोबारा चालू कर देती है, जिससे ईंधन की बचत होती है।

क्या एसी चलाने से कार का माइलेज कम हो जाता है?

जी हां, लेकिन इसका असर इस बात पर निर्भर करता है कि आप कार कैसे चला रहे हैं। अगर आप लंबे समय तक एसी को सबसे कम तापमान पर चलाते हैं, तो इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और ईंधन की खपत बढ़ सकती है। बेहतर माइलेज के लिए एसी का तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना अच्छा माना जाता है। इसके अलावा, रीसर्कुलेशन मोड का इस्तेमाल करने से भी एसी जल्दी ठंडा करता है और ईंधन की बचत में मदद मिलती है।

क्या प्रीमियम पेट्रोल से माइलेज बढ़ जाती है?

हर बार ऐसा नहीं होता। अगर आपकी कार बनाने वाली कंपनी ने खास तौर पर प्रीमियम पेट्रोल इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी है, तो केवल ज्यादा ऑक्टेन वाला पेट्रोल भरवाने से माइलेज में कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ता। भारत में बिकने वाली ज्यादातर पेट्रोल कारें सामान्य पेट्रोल पर बेहतर तरीके से चलने के लिए बनाई जाती हैं। जिन कारों में E20 पेट्रोल की अनुमति है, वे भी सामान्य रूप से उसी ईंधन पर अच्छी तरह काम करती हैं। इसलिए बिना जरूरत सिर्फ माइलेज बढ़ाने के लिए प्रीमियम पेट्रोल पर अतिरिक्त खर्च करना जरूरी नहीं है।

वर्ल्ड कप 2027 में विराट-रोहित के खेलने को लेकर सस्पेंस खत्म! कप्तान का बड़ा बयान

इंग्लैंड और भारत के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत 14 जुलाई से होगी। इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी हो रही है। वहीं ये सीरीज अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप 2027 की तैयारियों के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है। वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि टीम 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी अभी से कर रही है। उन्होंने बताया कि वह विराट कोहली के साथ मिलकर टीम के सही कॉम्बिनेशन पर लगातार बात कर रहे हैं।

गिल के मुताबिक, विराट का अनुभव टीम के लिए बहुत अहम है और आने वाले विश्व कप की तैयारियों में उनकी भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है।

वर्ल्ड कप को लेकर कर रहे तैयारी

इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुभमन गिल ने बताया कि वह 2027 वनडे विश्व कप को लेकर विराट कोहली के साथ लगातार चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “दो दिन पहले ही हमारी 2027 विश्व कप की तैयारियों को लेकर बातचीत हुई थी। हमने टीम के संयोजन पर विचार किया और यह भी चर्चा की कि कौन-कौन से खिलाड़ी भविष्य में टीम के लिए अहम साबित हो सकते हैं। साथ ही यह भी देखा कि कौन सा खिलाड़ी किस भूमिका में टीम के लिए सबसे बेहतर रहेगा, भले ही वह अभी टीम का हिस्सा न हो।”

रोहित-विराट ने किया शानदार प्रदर्शन

अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप से पहले रोहित शर्मा और विराट कोहली की बढ़ती उम्र को लेकर लगातार चर्चा हो रही है, लेकिन शुभमन गिल ने कहा कि, दोनों खिलाड़ी अब भी भारतीय वनडे टीम के लिए बेहद अहम हैं। उन्होंने कहा, “रोहित शर्मा और विराट कोहली पिछले 10 साल से भारतीय बल्लेबाजी की सबसे मजबूत कड़ी रहे हैं। दोनों आज भी टीम के महत्वपूर्ण सदस्य हैं। उनके पास जो अनुभव और खेल की समझ है, वह टीम के लिए बहुत मूल्यवान है। हमने वर्षों से देखा है कि उन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया है।”

भविष्य की योजना का हिस्सा है विराट

शुभमन गिल के बयान से साफ पता चलता है कि विराट कोहली अभी भी भारतीय टीम की भविष्य की योजनाओं का अहम हिस्सा हैं। हाल ही में विराट ने कहा था कि वह ऐसी टीम में नहीं खेलना चाहते, जहां उन्हें बार-बार खुद को साबित करना पड़े। ऐसे में गिल का उनके साथ टीम की रणनीति पर चर्चा करना दिखाता है कि टीम मैनेजमेंट विराट के अनुभव और सलाह को काफी महत्व दे रहा है।

कोहली का रिकॉर्ड

भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ने के बाद कोहली नेतृत्व की भूमिका में कम नजर आए थे, लेकिन अब उनकी जिम्मेदारी फिर से बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। वनडे क्रिकेट में विराट कोहली का कप्तानी रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने भारत की कप्तानी करते हुए 95 मुकाबलों में टीम का नेतृत्व किया, जिनमें से 65 मैचों में भारत को जीत मिली। इस दौरान उनका जीत प्रतिशत 68.42 रहा, जो एक से अधिक वनडे मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी करने वाले सभी कप्तानों में सबसे बेहतर माना जाता है।

Aastha Spintex: आस्था स्पिनटेक्स को ₹76.78 करोड़ के ऑर्डर मिले, कॉटन यार्न की करेगी सप्लाई

Aastha Spintex Order Book: कॉटन यार्न बनाने वाली कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड को जुलाई से अक्टूबर 2026 के बीच डिलीवरी के लिए ₹76.78 करोड़ के कन्फर्म ऑर्डर मिले हैं। कंपनी का कहना है कि मजबूत ऑर्डर बुक से आने वाले महीनों में प्रोडक्शन और कमाई को सहारा मिलेगा।

चार महीनों के लिए 55 कन्फर्म ऑर्डर

कंपनी को कुल 55 कन्फर्म ऑर्डर मिले हैं। इनके तहत करीब 26.46 लाख किलोग्राम कॉटन यार्न की सप्लाई की जाएगी। ऑर्डर बुक में जुलाई के लिए ₹24.45 करोड़, अगस्त के लिए ₹20.78 करोड़, सितंबर के लिए ₹22.83 करोड़ और अक्टूबर के लिए ₹8.72 करोड़ के ऑर्डर शामिल हैं।

पुराने ग्राहकों से लगातार मिल रहे ऑर्डर

कंपनी ने बताया कि मौजूदा ऑर्डर बुक वित्त वर्ष 2024-25 के ₹352 करोड़ के रेवेन्यू का 21% से ज्यादा है। 7 Seas Impex, Texpert India, Elkins Trade Links और Niva Export जैसे पुराने ग्राहक लगातार ऑर्डर दे रहे हैं। वहीं, Sharvay Agronics LLP नए ग्राहक के रूप में जुड़ा है, जिससे कंपनी का ग्राहक आधार और मजबूत हुआ है।

Falcon Texotube के अधिग्रहण से फायदा

आस्था स्पिनटेक्स ने हाल ही में Falcon Texotube का अधिग्रहण किया था। कंपनी का दावा है कि इसके बाद स्पिनिंग क्षमता 7,700 MT से बढ़कर 17,457 MT हो गई है। वहीं, स्पिंडल क्षमता 25,920 से बढ़कर 61,824 तक पहुंच गई है। इससे कंपनी अब बड़े और ज्यादा ऑर्डर पूरे करने की स्थिति में है।

वित्तीय प्रदर्शन भी रहा मजबूत

आस्था स्पिनटेक्स के मैनेजमेंट का कहना है कि ₹76.78 करोड़ की ऑर्डर बुक उसकी पोस्ट-एक्विजिशन ग्रोथ रणनीति की सफलता दिखाती है। वित्तीय प्रदर्शन भी मजबूत रहा है। कंपनी का रेवेन्यू FY23 के ₹240 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹352 करोड़ हो गया। वहीं, शुद्ध मुनाफा ₹1.1 करोड़ से बढ़कर ₹23 करोड़ पहुंच गया। ऑपरेटिंग और EBITDA मार्जिन में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gupt Navratri Kalash Sthapana Subh Muhurat: आषाढ़ नवरात्रि पर बना रहा शश महालक्ष्मी योग, जानें महत्व और कलश स्थापना का मुहूर्त

Gupt Navratri Kalash Sthapana Subh Muhurat: आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नौ दिनों तक चलने वाला नवरात्रि पर्व आरंभ होने जा रहा है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूरे हिंदू वर्ष में चार नवरात्रि पर्व आते हैं, जिनमें से दो गृहस्थ जन काफी धूमधाम से मनाते हैं। जबकि दो गुप्त नवरात्रि पर्व आषाढ़ और माघ मास में आते हैं। इसमें देवी की नौ महाविद्याओं की साधना की जाती है।

इसमें भी मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा विधि-विधान की जाती है। सामान्य नवरात्रि की तरह इसमें अधिक सार्वजनिक आयोजन देखने को नहीं मिलते, लेकिन देवी उपासना करने वाले साधकों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान पूरी श्रद्धा, संयम और विधि-विधान के साथ की गई पूजा कई गुना अधिक फल देने वाली मानी जाती है।

शश महालक्ष्मी योग का संयोग

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बार आषाढ़ गुप्त नवरात्रि पर शश महालक्ष्मी नाम का एक दुर्लभ शुभ योग बन रहा है। देवघर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल ने लोकल 18 को बताया कि यह अत्यंत शुभ संयोग दस महाविद्याओं की साधना और धन-समृद्धि की प्राप्ति के लिए बेहद फलदायी माना जाता है। शश-महालक्ष्मी जैसे दुर्लभ योग साधकों की सोई हुई किस्मत जगाने, भौतिक सुख-सुविधाओं की वृद्धि और सात पीढ़ियों तक की दरिद्रता मिटाने में अत्यंत शक्तिशाली माने जाते हैं। गुप्त नवरात्रि का उद्देश्य गुप्त मनोकामनाओं की पूर्ति और तंत्र साधना करना होता है।

आषाढ़ नवरात्रि कलश स्थापना मुहूर्त

पंडित नंद किशोर मुदगल ने बताया कि इस वर्ष आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 15 जुलाई से हो रही है। जो श्रद्धालु अपने घर में कलश स्थापना करना चाहते हैं, उनके लिए सुबह 5 बजकर 33 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 30 मिनट तक अमृतकाल और पुष्य नक्षत्र रहेगा, जो शुभ माना जाता है। उन्होंने बताया कि इसी अवधि में कलश स्थापना कर मां दुर्गा का आह्वान करना उत्तम माना गया है।

आषाढ़ नवरात्रि पर इस विधि से करें कलश स्थापना

ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि गुप्त नवरात्रि के दौरान अपने घर में कलश स्थापना करने के लिए सबसे पहले घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई करें। गंगाजल का छिड़काव जरूर करें। इसके बाद लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर माता की दस महाविद्याओं का चित्र या प्रतिमा स्थापित करें।

मिट्टी या तांबे के कलश में साफ जल भरकर आम के पत्ते और नारियल स्थापित करें और विधि-विधान से मां का आवाहन करें। कलश स्थापना के बाद अखंड दीप जलाना, दुर्गा सप्तशती का पाठ करना और नियमित रूप से माता की आरती करना भी बेहद शुभ माना गया है।

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