Delhi: महिलाओं को 2500 रुपये देने वाली सरकारी स्कीम के लिए आया नया अपडेट, जानें कब से होगा लागू?

Delhi Mahila Samridhi Yojna: दिल्ली में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की वित्तीय सहायता देने वाली सरकारी योजना को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली सरकार ने महिला समृद्धि योजना का नाम बदलकर दिल्ली लक्ष्मी योजना कर दिया है। इस योजना के तहत महिलाओं को 2500 प्रतिमाह दिए जाएंगे। दिल्ली की करीब 17 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। दिल्ली लक्ष्मी योजना रक्षाबंधन पर लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।

बता दें कि, इस योजना की घोषणा पहले आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने की थी, लेकिन उस समय इसे लागू नहीं किया जा सका। बाद में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अपने चुनावी घोषणा पत्र में भी महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का वादा किया था। हालांकि, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने अभी तक इस योजना को शुरू नहीं किया है।

दिल्ली लक्ष्मी योजना कब शुरू हो सकती है?

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली सरकार इस योजना की शुरुआत अगस्त में रक्षाबंधन के आसपास कर सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी इसकी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।

कौन उठा सकेगा योजना का लाभ?

इस योजना का लाभ 21 से 60 साल की उन महिलाओं को मिलने की संभावना है, जो पिछले 10 साल से दिल्ली की निवासी हैं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आती हैं। इसके अलावा, लाभ पाने के लिए महिला का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए और उसके परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

हर महीने कितनी आर्थिक सहायता मिलेगी?

योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खाते में हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता भेजी जाएगी।

किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?

फिलहाल दिल्ली सरकार ने इस योजना के लिए आवेदन में लगने वाले जरूरी दस्तावेजों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की है। सरकार की ओर से घोषणा होने के बाद ही इसकी पूरी जानकारी सामने आएगी।

1 अगस्त से लागू होगा ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’

दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए 1 अगस्त से ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ को अनिवार्य करने का फैसला किया है। इस तारीख के बाद जिन महिलाओं के पास यह कार्ड नहीं होगा, वे दिल्ली की मुफ्त बस यात्रा योजना का लाभ नहीं ले सकेंगी। सरकार ने साफ किया है कि अभी इस्तेमाल किए जा रहे पेपर वाले पिंक टिकट केवल 31 जुलाई तक ही मान्य रहेंगे। इसके बाद मुफ्त यात्रा के लिए सिर्फ पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड ही स्वीकार किया जाएगा। यह कार्ड केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन कार्ड’ योजना के तहत जारी किया जा रहा है। इसके जरिए केवल दिल्ली की महिला निवासी ही दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ उठा सकेंगी।

CSEET June 2026 Result: आईसीएसआई 15 जुलाई तक सीएसईईटी का रिजल्ट करेगा घोषित, जानें नतीजा जारी होने का समय और स्कोरकार्ड कैसे डाउनलोड करेंगे

CSEET June 2026 Result: कंपनी सेक्रेटरी एग्जीक्यूटिव एंट्रेंस टेस्ट (CSEET) में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवार बेसब्री से अपने नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। इनके लिए इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) ने राहत देने वाली खबर दी है। आईसीएसआई 15 जुलाई, 2026 को दोपहर 2:00 बजे सीएसईईटी जून 2026 का रिजल्ट घोषित करेगा। यह परीक्षा 1 जून से 4 जून, 2026 के बीच आयोजित की गई थी। इसमें शामिल उम्मीदवार आईसीएसआई की आधिकारिक वेबसाइट icsi.edu पर अपना रिजल्ट देख सकेंगे।

कैंडिडेट को अपने स्कोरकार्ड चेक करने के लिए लॉगइन डिटेल्स तैयार रखनी चाहिए, ताकि उन्हें आखिरी समय में किसी भी तरह की देरी न हो। कैंडिडेट को सीएसईईटी स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपने रजिस्ट्रेशन क्रेडेंशियल का इस्तेमाल करके लॉग इन करना होगा। परीक्षार्थियों को उनके विषयों के हिसाब से अंक और ई-रिजल्ट-कम-मार्क्स स्टेटमेंट जारी किया जाएगा। ध्यान रखें, आईसीएसआई फिजिकल मार्कशीट जारी नहीं करेगा। इसलिए ऑनलाइन रिजल्ट डॉक्यूमेंट को भविष्य में एडमिशन और वेरिफिकेशन के लिए सुरक्षित रखना चाहिए। प्रवेश परीक्षा में सफल उम्मीदवार सीएस एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम के लिए प्रवेश प्रक्रिया के अगल चरण में हिस्सा ले सकते हैं।

सीएसईईटी जून 2026 रिजल्ट कैसे चेक करें?

  • आईसीएसआई की ऑफिशियल वेबसाइट icsi.edu पर जाएं।
  • होमपेज पर ‘CSEET रिजल्ट जून 2026’ लिंक पर क्लिक करें।
  • रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि डालें।
  • अपना रिजल्ट देखने के लिए डिटेल्स सबमिट करें।
  • सीएसईईटी स्कोरकार्ड पीडीएफ को भविष्य के लिए डाउनलोड करके सेव कर लें।

सीएसईईटी जून 2026 क्वालिफाइंग मार्क्स

परीक्षा में सफलता दर्ज करने के लिए परीक्षार्थियों को आईसीएसआई द्वारा तय न्यूनतम योग्यता मानदंड को पूरा करना होगा। सीएसईईटी जून 2026 रिजल्ट में PASS स्टेटस पाने के लिए कैंडिडेट्स को हर पेपर में कम से कम 40% अंक और कुल मिलाकर कम से कम 50% मार्क्स लाने होंगे। इन दोनों शर्तों को पूरा करने वाले उम्मीदवारों को ही परीक्षा में सफल घोषित किया जाएगा।

सीएसईईटी रिजल्ट के बाद क्या?

सीएसईईटी जून 2026 परीक्षा को सफलतापूर्वक पास करने वाले उम्मीदवार सीएस एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम के लिए पंजीकरण कराने के योग्य माने जाएंगे। यह कंपनी सेक्रेटरी कोर्स का अगला चरण है।

NEET UG 2026 Re-exam: एनटीए कभी भी जारी कर सकता है फाइनल आंसर की, तुरंत देखने के लिए एप्लिकेशन नंबर की होगी जरूरत

Retirement Planning: रिटायरमेंट के बाद नियमित कमाई चाहिए? जानिए आपके लिए कौन-सी स्कीम बेस्ट

Retirement Planning: रिटायरमेंट प्लानिंग अब सिर्फ बचत तक सीमित नहीं रह गई है। बढ़ती उम्र, महंगाई और इलाज का खर्च देखते हुए समय रहते बड़ा रिटायरमेंट फंड बनाना जरूरी हो गया है। नौकरीपेशा लोगों को EPF का फायदा मिलता है। लेकिन इसके अलावा भी कई सरकारी और मार्केट से जुड़ी स्कीम हैं, जो रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का सहारा बन सकती हैं।

NPS (National Pension System)

NPS सरकार की रिटायरमेंट स्कीम है। इसे PFRDA रेगुलेट करता है। इसमें नौकरीपेशा और स्वरोजगार करने वाले, दोनों निवेश कर सकते हैं।

इसमें पैसा इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड, सरकारी बॉन्ड और दूसरे एसेट्स में लगाया जाता है। रिटायरमेंट पर कुछ रकम एकमुश्त निकाली जा सकती है। बाकी रकम से एन्युटी खरीदनी होती है, जिससे हर महीने पेंशन मिलती है। इसमें टैक्स छूट का भी फायदा मिलता है।

EPF (Employees’ Provident Fund)

EPF संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए सबसे लोकप्रिय रिटायरमेंट स्कीम है। हर महीने कर्मचारी और कंपनी, दोनों बेसिक सैलरी और DA का तय हिस्सा जमा करते हैं।

इस पर EPFO हर साल ब्याज तय करता है। फिलहाल ब्याज दर 8.25% सालाना है। रिटायरमेंट पर पूरा फंड निकाला जा सकता है। वहीं, इलाज, घर खरीदने या पढ़ाई जैसी जरूरतों के लिए कुछ शर्तों के साथ आंशिक निकासी भी की जा सकती है।

PPF (Public Provident Fund)

PPF सरकार समर्थित लंबी अवधि की बचत योजना है। इसकी मैच्योरिटी 15 साल की होती है, जिसे 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है।

इसकी ब्याज दर सरकार तय करती है। रिटर्न बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होता। इसमें टैक्स छूट का भी फायदा मिलता है। यह लंबी अवधि में सुरक्षित रिटायरमेंट फंड बनाने का अच्छा विकल्प माना जाता है।

APY (Atal Pension Yojana)

अटल पेंशन योजना मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए शुरू की गई थी। हालांकि, पात्रता पूरी करने वाले दूसरे लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं।

इसमें कामकाजी उम्र के दौरान नियमित निवेश करना होता है। तय उम्र के बाद हर महीने गारंटीड पेंशन मिलती है। पेंशन की रकम आपके योगदान और चुने गए विकल्प पर निर्भर करती है।

SCSS (Senior Citizens’ Savings Scheme)

SCSS खास तौर पर रिटायर हो चुके लोगों के लिए है। इसमें बैंक और पोस्ट ऑफिस के जरिए निवेश किया जा सकता है।

सरकार समय-समय पर इसकी ब्याज दर तय करती है। ब्याज नियमित अंतराल पर मिलता है, इसलिए रिटायरमेंट के बाद नियमित आय चाहने वालों के बीच यह काफी लोकप्रिय है।

म्यूचुअल फंड

सरकारी योजनाओं के अलावा म्यूचुअल फंड भी रिटायरमेंट फंड बनाने का अच्छा विकल्प हो सकते हैं। लंबी अवधि में इक्विटी म्यूचुअल फंड बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, इनमें बाजार का जोखिम भी रहता है।

SIP के जरिए हर महीने निवेश करने से लंबे समय में कंपाउंडिंग का फायदा मिल सकता है। रिटायरमेंट के करीब पहुंचने पर कई निवेशक डेट फंड जैसे स्थिर विकल्पों का रुख करते हैं। इनमें जोखिम कम होता है।

कौन-सी स्कीम चुनें?

हर व्यक्ति के लिए एक ही रिटायरमेंट प्लान सही नहीं हो सकता। सही विकल्प आपकी उम्र, आय, नौकरी, जोखिम लेने की क्षमता और रिटायरमेंट के लक्ष्य पर निर्भर करता है फाइनेंशयल एडवाइजर आमतौर पर सिर्फ एक स्कीम पर निर्भर रहने से बचने की सलाह देते हैं। उनके मुताबिक- आपको अलग अलग स्कीमों में निवेश करना चाहिए, ताकि जोखिम कम रहे।

उदाहरण के लिए, नौकरीपेशा लोगों के लिए EPF आधार बन सकता है। वहीं NPS, PPF और म्यूचुअल फंड अतिरिक्त रिटायरमेंट फंड बनाने में मदद कर सकते हैं। रिटायरमेंट के बाद SCSS जैसी स्कीम नियमित कमाई का अच्छा जरिया बन सकती है।

ITR Refund: ई-वेरिफिकेशन में देरी होने पर भी मिलेगा रिफंड, ITAT के फैसले से टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

48 घंटे से भी कम समय में क्रेडिट होने वाला है आपके PF खाते में इंट्रेस्ट! जानिए कैसे कैलकुलेट होता है ब्याज, 5 लाख पीएफ पर कितनी होगी कमाई?

EPF Interest 2026: अगर आप भी बार-बार अपनी ईपीएफ (EPF) पासबुक रिफ्रेश कर रहे हैं तो आपका इंतजार अब लगभग खत्म होने वाला है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) वित्त वर्ष 2025-26 के लिए करीब 34 करोड़ खातों में 15 जुलाई तक ब्याज की रकम क्रेडिट करने जा रहा है। पिछले वर्षों में जहां ब्याज अक्टूबर-नवंबर के समय क्रेडिट होता था। वहीं इस साल यह काफी पहले किया जा रहा है।

इस बार कुल 1.44 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि इंट्रेस्ट के मद में क्रेडिट होने वाली है। EPFO के नए सेंट्रलाइज्ड आईटी सिस्टम (CITES) के माध्यम से बड़े पैमाने पर किया जाने वाला पहला ब्याज भुगतान है।

पिछले महीने वित्त मंत्रालय द्वारा मंजूर की गई ब्याज दर लगातार तीसरे साल भी 8.25 प्रतिशत पर बरकरार है। आइए जानते हैं कि आपके पीएफ बैलेंस के हिसाब से इस 8.25% ब्याज का रुपयों में क्या गणित बैठता है और इसका कैलकुलेशन कैसे किया जाता है।

₹5 लाख से ₹1 करोड़ के बैलेंस पर कितनी होगी कमाई?

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इंट्रेस्ट का कैलकुलेशन 31 मार्च 2026 तक के कुल फंड के आधार पर की जाती है। ये इंट्रेस्ट 15 जुलाई तक आपके पासबुक में दिखने लगेगी। साधारण गणित के हिसाब से आपके पीएफ बैलेंस पर मिलने वाला इंट्रेस्ट कुछ ऐसा बनता है:-

₹5 लाख के पीएफ बैलेंस पर: ₹41250 का ब्याज मिलेगा और ब्याज क्रेडिट होने के बाद कुल बैलेंस ₹541250 हो जाएगा।

₹10 लाख के पीएफ बैलेंस पर: ₹82500 का ब्याज मिलेगा और ब्याज क्रेडिट होने के बाद कुल बैलेंस ₹1082500 हो जाएगा।

₹50 लाख के पीएफ बैलेंस पर: ₹412500 का ब्याज मिलेगा और ब्याज क्रेडिट होने के बाद कुल बैलेंस ₹5412500 हो जाएगा।

₹1 करोड़ के पीएफ बैलेंस पर: ₹825000 का ब्याज मिलेगा और ब्याज क्रेडिट होने के बाद कुल बैलेंस ₹10825000 हो जाएगा।

इंट्रेस्ट क्रेडिट होने से पहले अपने ईपीएफओ मेंबर पोर्टल या उमंग (UMANG) ऐप पर जाकर तुरंत चेक कर लें कि आपकी केवाईसी डिटेल्स अपडेटेड हैं या नहीं। केवाईसी डिटेल्स का पुराना या आउटडेटेड होना ही सबसे आम कारण है जिसकी वजह से ब्याज क्रेडिट और क्लेम अटक जाते हैं।

कैसे होता है EPF ब्याज का कैलकुलेशन? जानिए नियम

ईपीएफ (EPF) में ब्याज की गणना मंथली आधार पर की जाती है। लेकिन यह रकम वित्तीय वर्ष के अंत में साल में एक बार आपके खाते में जमा होती है। इसका कैलकुलेशन कुछ इस तरह से किया जाता है-

मंथली क्लोजिंग बैलेंस: ईपीएफओ हर महीने के अंत में आपके खाते के बैलेंस को आधार बनाता है। पिछले वित्त वर्ष के क्लोजिंग बैलेंस पर पूरे साल का ब्याज मिलता है।

मासिक दर: वार्षिक ब्याज दर को 12 से भाग दिया जाता है, जैसे- 8.25% ÷ 12 = 0.6875% प्रति माह

नया योगदान: महीने के दौरान जमा हुई नई राशि को उस महीने के ब्याज में नहीं गिना जाता बल्कि उसे अगले महीने के ओपनिंग बैलेंस में शामिल किया जाता है। साल के दौरान जमा होने वाले नए पीएफ योगदान पर ब्याज, जमा होने के अगले महीने की पहली तारीख से 31 मार्च तक मिलता है।

पैसा निकालने पर नियम: अगर आपने साल के बीच में पीएफ का पैसा निकाला है तो निकाली गई रकम पर ब्याज केवल निकासी वाले महीने से ठीक पहले तक ही मिलता है। उसके बाद उस हिस्से पर ब्याज नहीं मिलता।

राउंड ऑफ और टोटल: सभी 12 महीनों के ब्याज को जोड़कर वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में क्रेडिट किया जाता है। आखिरी में EPFO कुल ब्याज की रकम को नजदीकी पूरे रुपये में राउंड ऑफ कर देता है।

इस बार नए CITES सिस्टम की वजह से न सिर्फ ब्याज काफी जल्दी मिल रहा है। बल्कि आगे चलकर क्लेम, अकाउंट ट्रांसफर और दूसरी EPFO सेवाएं भी पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएंगी।

मेंबर पासबुक पोर्टल पर कैसे चेक करें अपना बैलेंस? स्टेप बाई स्टेप तरीका

अगर आप यह चेक करना चाहते हैं कि वित्त वर्ष 2025-26 का 8.25% ब्याज आपके खाते में क्रेडिट हुआ है या नहीं तो सुनिश्चित करें कि आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) एक्टिवेट हो। इसके बाद इन स्टेप्स को फॉलो करें:-

स्टेप 1: सबसे पहले EPFO मेंबर पासबुक पोर्टल पर जाएं।

स्टेप 2: अपने UAN, पासवर्ड और कैप्चा कोड का उपयोग करके लॉग इन करें।

स्टेप 3: आपके आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी (OTP) को दर्ज करके अपनी पहचान सत्यापित करें।

स्टेप 4: इसके बाद ‘View Passbook’ के विकल्प को चुनें। यहां आप अपना लेटेस्ट ईपीएफ बैलेंस देख सकते हैं और यह भी चेक कर सकते हैं कि FY26 का ब्याज क्रेडिट हुआ है या नहीं।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।)

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Airfare regulation : एयर लाइंस की मनमानी पर लगेगी लगाम, त्योहारों और छुट्टियों में हवाई किराए में बढ़ोतरी पर लगेगी रोक

Airfare regulation : त्योहारों और छुट्टियों के दौरान अचानक बढ़ने वाले हवाई किराए से जल्दी राहत मिल सकती है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि नए नियम तैयार कर लिए गए हैं और जल्दी ही संसद में पेश किए जा सकते हैं। इस पर ज्यादा जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ संवाददाता असीम मनचंदा ने कहा कि अब हवाई किराया रेगुलेट होगा। त्योहारों और छुट्टियों में हवाई किराए में बढ़ोतरी के मामले में सरकार की तरफ से बड़ी खबर आई है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी गई जानकारी में बताया है कि हवाई किराए को रेगुलेट करने के नियम तैयार कर लिए गए हैं। ये नियम 30 दिन में संसद के दोनों सदनों के सामने रखे जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नियमों की एक कॉपी दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। सरकार से दो हफ्ते में कॉपी दाखिल करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।

कोर्ट में हवाई किराए में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने की मांग की गई है। कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र से जवाब मांगा। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि भारतीय वायुयान अधिनियम 2024 के तहत बने नियम बहुत महत्वपूर्ण हैं। ये नियम एविएशन सेक्टर को आधुनिक बनाने के लिए लाए गए हैं, लेकिन इनके अमल पर अब कोर्ट नजर रख रहा है।

बता दें कि एस. लक्ष्मीनारायणन द्वारा दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि एयरलाइंस बिना पर्याप्त नियमन के एल्गोरिदम आधारित डायनेमिक प्राइसिंग अपनाकर यात्रियों से बहुत ज्यादा किराया वसूल रही हैं। याचिका में कहा गया है कि यह व्यवस्था आम यात्रियों के हितों के खिलाफ है और इसमें पारदर्शिता का अभाव है। याचिकाकर्ता का कहना है कि भारत में निजी एयरलाइंस बिना पर्याप्त रेग्युलेशन के डायनेमिक प्राइसिंग (Dynamic Pricing) अपनाकर यात्रियों से बहुत ज्यादा किराया वसूल रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

भारत में हवाई किराए को लेकर पैसेंजर्स की शिकायतें भी बढ़ रही हैं। कई बार त्योहारों या छुट्टियों में टिकट की कीमतें दोगुनी-तिगुनी हो जाती हैं। एयरलाइंस अतिरिक्त सामान, सीट चॉइस या खाने-पीने के लिए अलग से पैसे वसूलती हैं। यात्रियों की शिकायत होती है कि टिकट बुकिंग के समय सस्ता दिखता है, लेकिन अंत में कुल राशि बहुत ज्यादा हो जाती है। केंद्र सरकार को अब दो हफ्ते के अंदर नए नियम के बारे में बताना होगा। अगर नियम पहले ही संसद में रखे जा चुके हैं, तब भी कोर्ट उन्हें देखना चाहता है। यह फैसला आम यात्रियों के लिए राहत की उम्मीद जगाता है।

डायनेमिक प्राइसिंग क्या है ?

आसान शब्दों में कहें तो डायनेमिक प्राइसिंग कीमतों को तय करने का एक ऐसा तरीका है जिसके जरिए कंपनियां बाजार की मांग, ग्राहकों के व्यवहार और रियल टाइम डेटा के आधार पर अपने किराए में बदलाव करती रहती हैं। इसी के आधार पर हवाई जहाज कंपनियां, किसी एक उड़ान के लिए एक तय कीमत तय करने के बजाय, मांग के अनुसार हर घंटे या दिन टिकट के दाम बदलती हैं। अगर किसी खास रूट पर अचानक यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है या किसी सीट की मांग अधिक होती है, तो कीमतें बढ़ा दी जाती हैं।

 

 

Market Outlook : हल्के हरे निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 14 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Salman Khan: ‘मातूभूमि’ की रिलीज डेट बढ़ी आगे, इस बीच काउबॉय लुक में बदले-बदले से दिखे सलमान खान

Salman Khan: सलमान खान की बहुप्रतीक्षित मिलिट्री ड्रामा ‘मातृभूमि’ की थिएटर में रिलीज में असल दुनिया में हुए कूटनीतिक बदलावों के कारण काफी देरी हो रही है। भारत और चीन के बीच 2020 में हुई सीमा झड़पों पर आधारित इस प्रोजेक्ट पर, दोनों देशों के बीच हाल ही में संबंधों में आए सुधार के बाद रक्षा मंत्रालय ने सवाल उठाए हैं।

अधिकारियों ने फिल्म के संवेदनशील जियोपॉलिटिकल कंटेंट और इसमें चीन का सीधे तौर पर जिक्र किए जाने को लेकर चिंता जताई है, जिससे इसकी संभावित रिलीज रुक गई है। हालांकि प्रोड्यूसर्स अभी भी इस साल के आखिर तक फिल्म को सिनेमाघरों में लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मंजूरी मिलने में आ रही रुकावटों के कारण इसका प्रीमियर 2027 तक टल सकता है।

एक सूत्र ने बॉलीवुड हंगामा को बताया, “मामले अभी सुलझने बाकी हैं। अगर वे जल्द सुलझ भी जाते हैं, तो भी अच्छी रिलीज़ डेट मिलना मुश्किल होगा, क्योंकि ज़्यादातर बड़ी तारीखें पहले ही बुक हो चुकी हैं।” उन्होंने आगे कहा, “इस साल दशहरा मंगलवार, 20 अक्टूबर को है।

दशहरा से एक दिन पहले भी अक्सर बड़ी छुट्टी जैसा माहौल होता है और कलेक्शन में उछाल आता है। इसलिए, ‘मातृभूमि’ को पांच दिन के लंबे वीकेंड का फ़ायदा मिल सकता है। उम्मीद है कि ‘रामायण’ की रिलीज डेट 30 अक्टूबर कर दी जाएगी। उसके बाद, नवंबर के आखिरी हफ्ते तक कोई बड़ी फिल्म रिलीज नहीं होने वाली है, जिससे ‘मातृभूमि’ को भी फायदा हो सकता है।”

अगर मामले सुलझ नहीं पाए, तो चित्रांगदा सिंह स्टारर इस फ़िल्म को अगले साल के लिए टाला जा सकता है। ‘मातृभूमि’ को असल में 17 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना था, लेकिन तब से इसमें कई बार देरी हो चुकी है। इन सबके बीच सलमान खान को बांद्रा में एक स्टूडियो के बाहर डबिंग के बाद देखा गया, जिससे उनकी आने वाली फिल्म को लेकर फैंस के बीच काफी चर्चा शुरू हो गई। सोशल मीडिया पर कई पैपराजी वीडियो वायरल हो रहे हैं।

वीडियो में सलमान एक टफ, काउबॉय लुक में नजर आ रहे हैं, जिसमें उन्होंने हैट भी पहनी है। उन्होंने हल्के नीले रंग की डिस्ट्रेस्ड डेनिम पैंट और लाल-सफेद चेक वाली बटन-डाउन शर्ट पहनी थी, जिसके बटन आधे ही लगे हुए थे। एक्टर ने टेक्सचर्ड ग्रे काउबॉय हैट पहनकर अपने लुक को और भी शानदार बना दिया।

EPFO Alert: PF फंड का क्लेम और e-नॉमिनेशन के लिए तुरंत अपडेट करें प्रोफाइल फोटो, नहीं तो हो सकती है परेशानी

EPFO Alert: अगर आप कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्य हैं, तो आपके लिए एक जरूरी खबर है। EPFO ने अपने सदस्यों को सलाह दी है कि वे यूनिफाइड मेंबर पोर्टल (Unified Member Portal) पर अपनी प्रोफाइल फोटो अपडेट कर लें। यह फोटो ई-नॉमिनेशन (e-nomination) की प्रक्रिया पूरी करने और ऑनलाइन PF फंड के क्लेम के दौरान पहचान वेरीफाई करने में अहम भूमिका निभाती है। प्रोफाइल फोटो अपडेट नहीं होने पर आपको कुछ सर्विस का लाभ लेने में देरी या परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

यह प्रोफाइल फोटो पीएफ सदस्यों की एक विजुअल पहचान के रूप में काम करती है। इससे विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं के दौरान ईपीएफओ को खाताधारक की पहचान वेरिफाई करने में मदद मिलती है। हालांकि सभी ईपीएफओ लेन-देन के लिए फोटो अपलोड करना अनिवार्य नहीं है। लेकिन ई-नॉमिनेशन जैसी कुछ खास सेवाओं के लिए यह बेहद जरूरी है। प्रोफाइल फोटो अपडेट रहने से पीएफ दावों की प्रोसेसिंग के दौरान होने वाली देरी से बचा जा सकता है।

e-Nomination के लिए क्यों जरूरी है प्रोफाइल फोटो?

EPFO के मुताबिक, सदस्यों को अपनी प्रोफाइल में हाल ही की पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करनी चाहिए। यह e-Nomination पूरा करने के लिए जरूरी है। e-Nomination के जरिए सदस्य अपने परिवार के किसी सदस्य या पात्र व्यक्ति को नामांकित कर सकते हैं। ताकि सदस्य की मृत्यु होने पर EPF, Employees Pension Scheme (EPS) और Employees’ Deposit Linked Insurance (EDLI) का लाभ आसानी से नामित व्यक्ति को मिल सके।

PF क्लेम के निपटारे में मिलती है मदद

यदि सदस्य की प्रोफाइल पूरी तरह अपडेट रहती है, तो EPFO को ऑनलाइन पहचान सत्यापित करने में आसानी होती है। इससे PF से जुड़े दावों के निपटारे में कम समय लगता है और कागजी प्रक्रिया भी घट जाती है। वैध e-Nomination होने पर नामित व्यक्ति को क्लेम सेटलमेंट में भी कम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

इन जानकारियों को भी रखें अपडेट

EPFO ने सदस्यों को सलाह दी गई है कि प्रोफाइल फोटो के अलावा आधार, PAN, बैंक खाता, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भी पोर्टल पर सही तरीके से लिंक और वैरीफाई रखें। इससे e-Nomination, ऑनलाइन PF निकासी, पेंशन संबंधी सेवाओं और अन्य डिजिटल सुविधाओं का लाभ बिना किसी बाधा के लिया जा सकता है। साथ ही अपने पहचान प्रमाण दस्तावेजों को भी अपडेट रखें। इन सभी जानकारियों को अपडेट रखने से ई-नॉमिनेशन, ऑनलाइन पीएफ निकासी (PF Withdrawal) और पेंशन से जुड़ी डिजिटल सेवाओं का लाभ बिना किसी रुकावट के तेजी से मिलता है।

EPFO पोर्टल पर प्रोफाइल फोटो अपडेट करने के आसान स्टेप्स

EPFO सदस्य इन आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपनी प्रोफाइल फोटो अपडेट कर सकते हैं:-

पोर्टल पर लॉग इन करें: सबसे पहले ईपीएफओ यूनिफाइड मेंबर पोर्टल (EPFO Unified Member Portal) पर जाएं। फिर अपने यूएएन (UAN), पासवर्ड और कैप्चा कोड का उपयोग करके लॉग इन करें।

प्रोफाइल सेक्शन में जाएं: डैशबोर्ड पर जाने के बाद ‘Profile’ या ‘View’ सेक्शन पर नेविगेट करें और प्रोफाइल फोटो अपलोड/अपडेट करने के विकल्प को चुनें।

फोटो का चयन करें: एक हालिया पासपोर्ट साइज फोटो चुनें जो पोर्टल की तय फाइल साइज और फॉर्मेट की शर्तों को पूरा करती हो।

अपलोड और सेव करें: चुनी गई फोटो को अपलोड करें और बदलावों को सेव (Save) कर दें।

वेरीफाई करें: आगे की ई-नॉमिनेशन प्रक्रिया या ऑनलाइन क्लेम फाइल करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि अपडेट की गई फोटो आपके प्रोफाइल पर सही तरीके से दिख रही है या नहीं।

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Retail Inflation: महंगाई का झटका! जून में बढ़कर 4.38% पहुंची, RBI के लक्ष्य से ऊपर निकली

Retail Inflation: जून महीने में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई। मई में यह 3.93% थी। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, खाने-पीने की चीजों और ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ने से महंगाई में फिर तेजी आई है। यह पिछले 6 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है और RBI के 4% के लक्ष्य से भी ऊपर निकल गई है।

खाने-पीने की चीजों ने बढ़ाई महंगाई

जून में महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दाम रहे। फूड इंफ्लेशन मई के 4.78% से बढ़कर जून में 5.32% हो गई। चूंकि कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में खाने-पीने की चीजों का हिस्सा सबसे ज्यादा होता है, इसलिए इनके दाम बढ़ने का असर सीधे कुल महंगाई पर पड़ा।

होटल और रेस्तरां में खाने-पीने की सेवाएं भी 6.94% महंगी हुईं। वहीं, निजी गाड़ी चलाने का खर्च 7.35% और माल ढुलाई सेवाओं की लागत 7.70% बढ़ गई। इससे साफ है कि ईंधन और लॉजिस्टिक्स का खर्च भी बढ़ा है।

गहनों की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

‘अन्य व्यक्तिगत सामान’ श्रेणी सबसे ज्यादा महंगी रही। इसमें सोने-चांदी और गहने शामिल हैं। इस श्रेणी में महंगाई दर 50.17% रही। हालांकि, मई में यह 56.35% थी, यानी बढ़ोतरी की रफ्तार पहले के मुकाबले थोड़ी कम हुई है।

कुछ चीजों के दाम घटे भी

हर चीज महंगी नहीं हुई। जून में कुछ टिकाऊ सामानों की कीमतों में गिरावट भी दर्ज की गई। गाड़ियों की खरीद पर महंगाई दर -4.59% रही। वहीं मनोरंजन से जुड़े टिकाऊ सामान और घर-बगीचे में इस्तेमाल होने वाले कुछ उपकरण भी सस्ते हुए। सरकार का कहना है कि GST में पहले की गई कटौती का असर इन प्रोडक्ट्स की कीमतों पर दिखा।

गांवों में ज्यादा बढ़ी महंगाई

महंगाई का असर ग्रामीण इलाकों में ज्यादा देखने को मिला। जून में ग्रामीण महंगाई 4.74% रही, जो मई में 4.25% थी। वहीं शहरी महंगाई 3.53% से बढ़कर 3.92% हो गई। इससे पता चलता है कि खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतों का असर गांवों में ज्यादा पड़ा।

इस साल के पहले पांच महीनों में महंगाई लगातार कम हो रही थी, लेकिन जून में इसमें फिर तेजी आ गई। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले महीनों में खाद्य पदार्थों की कीमतें ही महंगाई की दिशा तय करने में सबसे बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।

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US-Iran War: अमेरिका-ईरान जंग के बीच रूस ने क्यों भेजा ‘तबाही वाला प्लेन’? जानिए इसके पीछे की बड़ी वजह

अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर ज्यादा समय तक नहीं टिक सका। एक बार फिर दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है और लगातार सैन्य हमले किए जा रहे हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि पूरे पश्चिम एशिया में संघर्ष और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी बीच रूस की गतिविधियों ने भी दुनिया का ध्यान खींचा है। रूस ने अपना स्पेशल कमांड प्लेन ईरान भेजा है।

रूस ने भेजा ये खतरनाक विमान

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रूस ने अपना स्पेशल कमांड प्लेन टीयू-214पीयू (Tu-214PU) ईरान की सीमा के पास भेजा है। यह विमान किसी भी बड़े संकट या युद्ध जैसी स्थिति में सरकार के शीर्ष नेतृत्व के लिए कमांड और नियंत्रण केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। टीयू-214पीयू को अक्सर अमेरिका के उन स्पेशल प्लेन जैसा माना जाता है, जिनका इस्तेमाल आपातकालीन हालात में सरकार और सेना के संचालन के लिए किया जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव के दौरान यह विमान तेहरान पहुंचा।

रिपोर्ट के मुताबिक, जून में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर के ऐलान के बाद भी अमेरिका ने ईरान से जुड़े कुछ ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई जारी रखी। वहीं, होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हुए हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ गया। बताया जा रहा है कि युद्धविराम ज्यादा समय तक नहीं टिक सका और पिछले सप्ताह इस अहम समुद्री मार्ग पर हुए हमलों के बाद हालात फिर बिगड़ गए। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि रूसी कमांड विमान की यह तैनाती रूस और ईरान के बीच मजबूत रणनीतिक संबंधों का संकेत है। उनके अनुसार, ईरान में इस विमान की मौजूदगी दिखाती है कि क्षेत्र में तनावपूर्ण हालात के बावजूद दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग जारी है।

Tu-214PU की खासियतें

टीयू-214पीयू (Tu-214PU) रूस के टुपोलेव Tu-214 यात्री विमान का विशेष सैन्य और कमांड संस्करण है। इसे अनौपचारिक तौर पर “डूम्सडे प्लेन” यानी संकट या युद्ध जैसी आपात स्थिति में इस्तेमाल होने वाला विमान भी कहा जाता है। यह विमान रूस के राष्ट्रपति और देश के शीर्ष अधिकारियों के लिए तैयार किया गया है। इसमें अत्याधुनिक संचार (कम्युनिकेशन) और कमांड सिस्टम लगाए गए हैं, जिनकी मदद से बड़े अधिकारी हवा में रहते हुए भी सरकारी और सैन्य कामकाज का संचालन कर सकते हैं।

इस विमान के नाम में “पीयू (PU)” का मतलब रूसी भाषा में उड़ता हुआ कमांड पोस्ट होता है। दिखने में यह सामान्य यात्री विमान जैसा लगता है, लेकिन इसके अंदर पूरी तरह अलग और सुरक्षित कमांड सेंटर बनाया गया है। इसमें आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और विशेष उपकरण लगाए गए हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित तरीके से कमांड और नियंत्रण किया जा सके।

आसमान में उड़ता कमांड सेंटर

इस विमान को रूस के शीर्ष नेतृत्व के लिए एक चलता-फिरता कमांड सेंटर बनाया गया है। इसमें ऐसे आधुनिक रेडियो और कम्युनिकेशन सिस्टम लगे हैं, जिनकी मदद से राष्ट्रपति और वरिष्ठ अधिकारी यात्रा के दौरान भी सरकारी और सैन्य कामकाज संभाल सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इस विमान की अधिकतम क्रूज़िंग स्पीड करीब 850 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसकी उड़ान क्षमता लगभग 6,500 किलोमीटर तक बताई जाती है, जिससे यह बिना रुके लंबी दूरी तय कर सकता है। इसी वजह से इसे दुनिया के दूसरे वीआईपी कमांड विमानों की श्रेणी में रखा जाता है। इसका एक और उन्नत सैन्य संस्करण Tu-214PU-SBUS भी है, जिसमें और बेहतर तथा सुरक्षित संचार प्रणाली लगी होने की बात कही जाती है।

पश्चिम एशिया में फिर बढ़ा तनाव

रूस के इस विशेष विमान के पहुंचने के बीच पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने सोमवार, 13 जुलाई को दावा किया कि उसने कुवैत में मौजूद अली अल-सलेम एयर बेस पर ईंधन भंडारण टैंक और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया। इसके अलावा अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर लगे एक रडार सिस्टम पर भी हमला करने का दावा किया गया। कुवैत को अमेरिका का करीबी सहयोगी देश माना जाता है।

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, आईआरजीसी ने कहा कि ये हमले अमेरिका के खिलाफ चलाए जा रहे उसके “आंख के बदले आंख” अभियान के तीसरे चरण का हिस्सा हैं। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका की पिछली सैन्य कार्रवाई के जवाब में की गई है। साथ ही उसने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर आगे भी ऐसे अभियान जारी रह सकते हैं।