IT में 12 साल काम करने के बाद नौकरी से निकाला गया तो गांव लौट आया ये शख्स! फिर बताया अपना एक्सपीरियंस

एक ही कंपनी में दस साल से ज्यादा समय बिताने के बाद नौकरी छूटने पर ज्यादातर लोग भविष्य को लेकर परेशान हो जाते हैं। लेकिन नौकरी से निकाले जाने पर एक व्यक्ति के रिएक्शन ने ऑनलाइन कई लोगों का ध्यान खींचा है। दूसरी IT नौकरी खोजने के बजाय, उसने अपने गांव लौटने और एक नई शुरुआत करने का फैसला किया।

यह कहानी वनेश माली ने X पर शेयर की। उन्होंने बताया कि उनके दोस्त ने ऐसी स्थिति के लिए बहुत पहले ही तैयारी कर ली थी और उनका मानना ​​है कि हर किसी के पास एक बैकअप प्लान होना चाहिए। अपना अनुभव शेयर करते हुए माली ने लिखा, “मेरा एक दोस्त 12 साल से ज्यादा समय तक एक बड़ी IT कंपनी में काम करता था। वह अपने काम में बहुत माहिर था। कुछ दिन पहले कंपनी ने उसे नौकरी से निकाल दिया। कई लोगों की नौकरी चली गई।”

लेकिन मेरा दोस्त, जिसकी नौकरी चली गई थी, दुखी नहीं था। उसने कहा, ‘मैं इसके लिए तैयार था। उसने तय किया कि अब वह IT में काम नहीं करेगा। IT की दुनिया बहुत तेजी से बदलती है।” वह अपने गांव वापस चला गया। वहां उसकी पहले से ही एक छोटी सी दुकान थी, जो किराए पर दी हुई थी। अब, वह उसे वापस ले लेगा और कपड़ों की अपनी दुकान खोलेगा। उसके पास परिवार की जमीन भी है और वह वहां बकरी पालन का फार्म शुरू करने की योजना बना रहा है।”

उसने मुझसे कहा, ‘हमारे पास हमेशा एक ‘प्लान B’ तैयार रहना चाहिए। जिंदगी में बहुत सारे बदलाव आते रहते हैं। अब वह गांव में अपनी नई जिंदगी को लेकर खुश और उत्साहित है। इस पोस्ट ने कई यूजर्स का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि अचानक आने वाली मुश्किलों के लिए पहले से तैयारी करना कितना जरूरी है।

एक यूजर ने कहा, “लेकिन ‘प्लान B’ के लिए हमारे पास काफी बचत होनी चाहिए और हम अपनी 20s की शुरुआत में होने चाहिए। जब ‘प्लान A’ ही ठीक से काम नहीं कर रहा हो, तो ‘प्लान B’ के बारे में कैसे सोचें। एक और व्यक्ति ने लिखा, “जिन लोगों ने ऐसी जिंदगी की योजना बनाई है, वे अब चैन की नींद सो सकेंगे।”

IT हमें सिर्फ़ ज़िंदगी जीना सिखाता है। अगर कोई नया डिप्लॉयमेंट या सेटअप फ़ेल हो जाता है, तो हमेशा बैकअप होने से मदद मिलती है। सिर्फ़ बैकअप ही प्रोडक्शन को…। एक और यूज़र ने कहा, “वाह, यही तो पॉज़िटिविटी है, यही सही नज़रिया है। मैं उसकी ज़बरदस्त तरक्की की कामना करता हूं, और इस पोस्ट ने मुझे भी अपने ‘प्लान B’ के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया।”

UPSC Recruitment 2026: यूपीएससी का ये आवेदन फॉर्म भर कर साकार कर सकते हैं सरकारी नौकरी का सपना, 31 जुलाई 241 पदों के लिए करें ऑनलाइन अप्लाई

UPSC Recruitment 2026: सरकारी नौकरी का सपना देख रहे उम्मीदवारों के लिए ये खबर अहम हो सकती है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने ऐसे सभी युवाओं के लिए ग्रुप ए और ग्रुप बी के 241 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इस भर्ती प्रक्रिया में असिस्टेंट सॉइल केमिस्ट, प्रॉसिक्यूटर, अलग-अलग फील्ड में स्पेशलिस्ट ग्रेड III असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ-साथ अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों में कई और पद शामिल हैं।

इचछुक और योग्य उम्मीदवार यूपीएससी के ऑनलाइन रिक्रूटमेंट एप्लीकेशन (ORA) पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2026 है। उम्मीदवार 1 अगस्त, 2026 तक अपने जमा किया हुए आवेदन का प्रिंट ले सकते हैं। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे अप्लाई करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ें और यह सुनिश्चित कर लें कि वे पद के हिसाब से योग्यता जरूरतों को पूरा करते हैं।

यूपीएससी भर्ती 2026 के लिए कैसे करें आवेदन?

कैंडिडेट इन स्टेप्स को फॉलो करके ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं:

  • upsc.gov.in पर यूपीएससी ऑनलाइन रिक्रूटमेंट एप्लीकेशन (ORA) पोर्टल पर जाएं।
  • अगर पहले से रजिस्टर्ड नहीं हैं, तो वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करें।
  • अपने रजिस्टर्ड क्रेडेंशियल का इस्तेमाल करके लॉग इन करें।
  • विज्ञापन संख्या 08/2026 के तहत अपनी पसंद का पद चुनें।
  • आवेदन फॉर्म में जरूरी निजी, शैक्षिक और अनुभव की जानकारी भरें।
  • जरूरी दस्तावेज बताए गए फॉर्मेट में अपलोड करें।
  • अगर लागू हो, तो एप्लीकेशन फीस भरें।
  • डिटेल्स देखें और एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें।
  • आगे के लिए कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करके प्रिंट कर लें।
  • उम्मीदवारों को 31 जुलाई, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरा करनी होगी।

यूपीएससी भर्ती 2026: योग्यता नियम

कैंडिडेट्स को संबंधित पदों के लिए तय योग्यता शर्तों को पूरा करना होगा। मुख्य जरूरतें ये हैं :

  • असिस्टेंट सॉइल केमिस्ट एप्लीकेंट्स के पास जरूरी स्पेशलाइज़ेशन के साथ एग्रीकल्चर/एग्रीकल्चरल केमिस्ट्री में मास्टर डिग्री होनी चाहिए।
  • कई पदों के लिए काम से संबंधित अनुभव जरूरी है।
  • कानून से जुड़े पदों के लिए लॉ डिग्री के साथ निर्धारित अनुभव जरूरी है।
  • चिकित्सा पदों के लिए एमबीबीएस, पोस्टग्रेजुएट मेडिकल क्वालिफिकेशन और संबंधित टीचिंग/प्रोफेशनल एक्सपीरियंस जरूरी है।

उम्र सीमा

पोस्ट और कैटेगरी के हिसाब से उम्र सीमा अलग-अलग होती है। भारत सरकार के नियमों के अनुसार, आरक्षित श्रेणी के लिए उम्र में छूट है। आवेदन करने से पहले, कैंडिडेट को पद के हिसाब से योग्यता की विस्तृत जरूरतों के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन देख लेना चाहिए।

RRC NCR Recruitment 2026: आरआरसी प्रयागराज में 1835 पदों पर 10वीं कर सकते हैं आवेदन, जानें लास्ट डेट और चयन प्रक्रिया

Sensex में इंट्रा-डे के निचले स्तर से 900 प्वाइंट्स की रिकवरी, 4 वजहों से Nifty फिर 24250 के पार

Share Market Sharp Recovery: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य हमले शुरू होने और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता ने शुरुआती कारोबार में आज मार्केट में हाहाकार मचा दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया था तो निफ्टी 24000 के लेवल तक आ गया था। हालांकि फिर मार्केट ने जोरदार वापसी की और निचले स्तर से सेंसेक्स 900 प्वाइंट्स से अधिक रिकवर हुआ और निफ्टी भी उछलकर 24250 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रौनक दिखी और आधे फीसदी से अधिक गिरावट से उबरते हुए निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 लगभग फ्लैट हो गए।

फिलहाल 12:55 PM पर सेंसेक्स 141.17 प्वाइंट्स यानी 0.18% की बढ़त के साथ 77.710.56 और निफ्टी 23.80 प्वाइंट्स यानी 0.10% के उछाल के साथ 24,230.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 711.96 प्वाइंट्स टूटकर 76,857.43 तक आया था जिससे यह 931.86 प्वाइंट्स रिकवर होकर 77,789.29 तक पहुंच गया तो निफ्टी भी शुरुआती कारोबार में 206.70 प्वाइंट्स गिरकर 24,000.20 तक आया था जिससे 259.60 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 24,259.80 तक पहुंच गया।

Share Market Recovery: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

शुरुआती गिरावट का फायदा उठाते हुए निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी शुरू की तो मार्केट मे तेजी से रिकवरी की। जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी वीके विजयकुमार का कहना है कि पश्चिमी एशिया में चल रहा संकट न्यू नॉर्मल बन चुका है लेकिन ऑयस मार्केट में जैसी स्थिति मार्च में थी, वैसा हाहाकार अभी नहीं है। वीके विजयकुमार का मानना है कि जब तक एक बैरल ब्रेंट क्रूड की कीमत $90 के नीचे है, मार्केट पर अधिक असर पड़ने की आशंका नहीं है।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने शुक्रवार को ₹2,603.72 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की। इस महीने 10 जुलाई तक विदेशी निवेशकों ने सेकंडरी मार्केट में ₹5,155 करोड़ की नेट खरीदारी की। प्राइमरी मार्केट और अन्य में ₹10,001 करोड़ की खरीदारी को मिलाकर जुलाई में इस महीने अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय मार्केट में ₹15,156 करोड़ का निवेश किया। जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ वीके विजयकुमार का कहना है कि विदेशी निवेशकों की खरीदारी मार्केट के लिए पॉजिटिव है। उनका कहना है कि भारत के बेहतर होते मैक्रो-इकनॉमिक हालात और रुपये में स्थिरता ने विदेशी निवेशकों के मूड को बदला है चिप ट्रेड में कमजोरी और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में विदेशी निवेशकों की भी भारत में उनका निवेश बढ़ा है।

आईटी स्टॉक्स में रौनक

शुरुआती कारोबार में जब मार्केट में कोहराम मचा हुआ था तो भी आईटी सेक्टर में शानदार रौनक थी। टीसीएस के उम्मीद से बेहतर कारोबारी नतीजे ने आईटी सेक्टर में रौनक बिखेर दी। निफ्टी आईटी आधे फीसदी से अधिक उछल पड़ा और इसके 10 में से 8 स्टॉक्स मजबूत हुए हैं। देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी टीसीएस के शेयर करीब 3% उछल पड़े।

अहम टेक्निकल सपोर्ट लेवल

निफ्टी ने 24000 के लेवल पर जाने के बाद वहां से फटाक से वापसी की। निफ्टी के लिए यह अहम टेक्निकल सपोर्ट जोन है। एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवीय (Rajesh Palviya) के मुताबिक निफ्टी के लिए 24000 तात्कालिक सपोर्ट लेवल है जो अगर टूटा तो यह 23,800 तक फिसल हो सकता है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NEET UG 2026 Re-exam: एनटीए कभी भी जारी कर सकता है फाइनल आंसर की, तुरंत देखने के लिए एप्लिकेशन नंबर की होगी जरूरत

NEET UG 2026 Re-exam: कई उतार-चढ़ाव से गुजरने के बाद स्नातक स्तरीय नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस एग्जाम (NEET UG) 2026 अब अपने अंतिम चरण की तरफ बढ़ रही है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जल्द ही अपनी ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की फाइनल आंसर की जारी कर सकता है। इस परीक्षा में शामिल परीक्षार्थी फाइनल आंसर की जारी होने के बाद उसे चेक कर सकेंगे। फाइनल आंसर की के बाद, नीट यूजी 2026 री-एग्जाम का रिजल्ट भी जल्द ही जारी किया जाएगा।

कैंडिडेट फाइनल आंसर की जारी होने का इंतजार कर रहे हैं, जो प्रोविजनल आंसर की में उठाए गए सभी ऑब्जेक्शन को देखने के बाद तैयार की जाएगी। परीक्षार्थी अपनी लॉगिन डिटेल्स, आवेदन संख्या और जन्म तिथि का इस्तेमाल करके आधिकारिक वेबसाइट से नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की ओएमआर रिस्पॉन्स शीट, फाइनल आंसर की और स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की : जरूरी तारीखें

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम से जुड़ी जरूरी तारीखें और इवेंट्स नीचे दी गई टेबल में हैं :

जानकारी तारीख

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की तारीख : 21 जून 2026

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम प्रोविजनल आंसर की : 25 जून 2026

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की : जल्द आने की उम्मीद

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम रिजल्ट : 20 जुलाई 2026 संभावित

आधिकारिक वेबसाइट : neet.nta.nic.in

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की कैसे डाउनलोड करें?

  • ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं।
  • नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की लिंक पर क्लिक करें, यह होमपेज पर मिलेगा।
  • नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की पीडीएफ स्क्रीन पर दिखेगी।
  • सभी क्वेश्चन पेपर सेट के सही जवाब चेक करें।
  • पीडीएफ को डाउनलोड करके भविष्य में इस्तेमाल के लिए सेव कर लें।
  • नीट यूजी 2026 री-एग्जाम ओएमआर शीट बनाम फाइनल आंसर की

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम ओएमआर शीट और फाइनल आंसर की परीक्षा प्रक्रिया के दौरान जारी किए जाने वाले दो अलग-अलग डॉक्यूमेंट हैं। ओएमआर शीट उन जवाबों की स्कैन की हुई कॉपी होती है जिन्हें कैंडिडेट परीक्षा के दौरान मार्क करते हैं। इससे परीक्षार्थी एग्जाम के दौरान दिए गए जवाबों को चेक कर सकते हैं और अनुमानित स्कोर पा सकते हैं।

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की में आधिकारिक जवाब होते हैं जिन्हें बदला नहीं जा सकता और ऑब्जेक्शन विंडो के दौरान उठाए गए सभी ऑब्जेक्शन से वेरिफाई किया जाता है। ओएमआर शीट सभी कैंडिडेट के लिए है और इसे तभी पाया जा सकता है जब वे अपनी डिटेल्स के साथ लॉगिन करें लेकिन फाइनल आंसर की सभी के लिए समान होती है। एनटीए इसका इस्तेमाल आंसर शीट को चेक और वेरिफाई करने और नीट यूजी 2026 री-एग्जाम रिजल्ट तैयार करने के लिए करता है। फाइनल आंसर की जारी होने के बाद, आगे कोई चैलेंज या ऑब्जेक्शन नहीं लिया जाएगा।

International Physics Olympiad: इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड में बजा भारत का डंका, 8 साल बाद झटके 5 गोल्ड मेडल

Badrinath Dham Donation Case: राम मंदिर के बाद अब बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की हेराफेरी का आरोप, SIT ने दान अधिकारी प्रमोद नौटियाल को किया गिरफ्तार

Badrinath Dham Donation Case: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बाद अब बद्रीनाथ धाम से भी ऐसा ही घटना सामने आई है। दरअसल, सोमवार को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा और दान से जुड़े अधिकारी प्रमोद नौटियाल को कथित दान फंड में गड़बड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है।

नौटियाल को बीती रात करीब 8 बजे देहरादून से गिरफ्तार किया गया और बाद में चल रही जांच के सिलसिले में बद्रीनाथ लाया गया।

SIT ने कहा कि नौटियाल पर इस मामले में गंभीर आरोप हैं और संकेत दिया कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, कई अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

बता दें कि यह गिरफ्तारी देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में शामिल बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के मामले की जांच में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

मंदिर में दान की गिनती में गड़बड़ी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक आंतरिक जांच में 2 जुलाई, 2026 को ‘थाली’ में चढ़ाए गए दान की गिनती के दौरान गड़बड़ी पाई गई। जिसके आधार पर FIR दर्ज की गई और इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया।

अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि मंदिर के दान-गणना क्षेत्र से नकदी और चढ़ावे की वस्तुएं चोरी हो गईं। शुरुआती रिपोर्टों में इस मामले को श्रद्धालुओं के दान और कीमती सामान की कथित चोरी या गबन के रूप में बताया गया है।

इस मामले में शिकायत के बाद पहले विभागीय जांच हुई, जिसके बाद पुलिस ने आपराधिक कार्यवाही शुरू की।

मंदिर की जांच से आगे बढ़ा मामला

अब यह जांच मंदिर प्रशासन की आंतरिक जांच से आगे बढ़ चुकी है और पुलिस तथा स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इसे संभाल रही हैं। गिरफ्तारी से पहले, नौटियाल ने कथित तौर पर FIR और अपने सस्पेंशन, दोनों को ही हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

बता दें कि SIT द्वारा उन्हें हिरासत में लिए जाने के बाद, जांच अधिकारी कथित गड़बड़ियों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।

SIT ने यह भी संकेत दिया है कि जांच जारी है और अगर सबूतों से अन्य लोगों की संलिप्तता साबित होती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

मामले का बड़ा महत्व

यह मामला इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है, क्योंकि बद्रीनाथ धाम देश के सबसे पवित्र हिंदू तीर्थ स्थलों में से एक है। नतीजतन, भक्तों के चढ़ावे के कथित दुरुपयोग को न केवल एक वित्तीय मामला, बल्कि जन-विश्वास का मुद्दा भी माना जा रहा है। इस विवाद के बाद कई धार्मिक नेताओं और जन-प्रतिनिधियों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

उत्तराखंड सरकार के अधिकारियों ने भी कहा है कि जांच के दौरान जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जांच जारी है

डोनेशन फंड में कथित गड़बड़ी की चल रही जांच में SIT द्वारा प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी सबसे नया कदम है। जांच करने वाले अधिकारी मंदिर में चढ़ावे के लेन-देन, डोनेशन गिनने की प्रक्रिया और इस मामले से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रहे हैं।

SIT का कहना है कि जांच जारी है और संकेत दिया है कि जैसे-जैसे और सबूत मिलेंगे, आगे और कार्रवाई की जा सकती है।

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अगर वेडिंग में बनना है स्टाइलिश ब्राइड, तो चुनें पिंक चूड़े के ये शानदार डिज़ाइन!

आजकल ब्राइडल फैशन में ट्रेडिशनल लाल चूड़े की जगह पिंक चूड़ा तेजी से ट्रेंड कर रहा है। इसका सॉफ्ट, एलिगेंट और रॉयल लुक दुल्हन की खूबसूरती में चार चांद लगा देता है। अगर आप भी अपनी शादी में स्टाइलिश और ट्रेंडी लुक चाहती हैं, तो पिंक चूड़े के ये खूबसूरत डिज़ाइन आपके लिए परफेक्ट हो सकते हैं:

बेबी पिंक चूड़ा

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हल्के गुलाबी रंग का बेबी पिंक चूड़ा आजकल ब्राइड्स की पहली पसंद बना हुआ है। यह सॉफ्ट और एलिगेंट लुक देता है। पेस्टल लहंगे, डायमंड या कुंदन ज्वेलरी के साथ इसका कॉम्बिनेशन बेहद खूबसूरत लगता है। दिन की शादी के लिए यह परफेक्ट ऑप्शन है।

ओम्ब्रे पिंक चूड़ा

Bridal Bangle Set with Kundan Kangan by Leshya – BANGLES BY LESHYA

इस चूड़े में हल्के से गहरे पिंक रंग का खूबसूरत शेड दिखाई देता है। यह मॉडर्न और ट्रेंडी ब्राइड्स के लिए बेहतरीन चॉइस है। फ्लोरल ज्वेलरी और पेस्टल आउटफिट्स के साथ इसका लुक और भी निखर जाता है। प्री-वेडिंग और वेडिंग दोनों फंक्शन में इसे पहना जा सकता है।

कुंदन वर्क पिंक चूड़ा

Plain and Kundan Bangles Design Ideas: प्लेन चूड़ियों के साथ कुंदन कंगन का ये कॉम्बिनेशन आपको देगा परफेक्ट लुक

कुंदन स्टोन से सजा पिंक चूड़ा रॉयल और ट्रेडिशनल लुक देता है। इसे हैवी लहंगे और कुंदन नेकलेस के साथ पहनने पर पूरा ब्राइडल लुक निखर जाता है। यह शादी के दिन के लिए शानदार ऑप्शन है। इसकी चमक हाथों की खूबसूरती बढ़ा देती है।

पर्ल डिटेलिंग पिंक चूड़ा

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मोतियों से सजा पिंक चूड़ा बेहद क्लासी और एलिगेंट दिखाई देता है। यह मिनिमल ब्राइडल लुक पसंद करने वाली दुल्हनों के लिए परफेक्ट है। आउटफिट्स के साथ इसका कॉम्बिनेशन शानदार लगता है। यह लुक कभी आउट ऑफ फैशन नहीं होता।

स्टोन और ज़िरकॉन पिंक चूड़ा

Sai गुलाबी और नीले रंग का हैंडमेड सिल्क थ्रेड चूड़ी सेट महिलाओं और लड़कियों के लिए स्टाइलिश ट्रेडिशनल ब्राइडल ज्वेलरी सेट स्टोन वर्क ...

चमकदार स्टोन और ज़िरकॉन वाले पिंक चूड़े रिसेप्शन और कॉकटेल लुक के लिए बेस्ट माने जाते हैं। यह हाथों को ग्लैमरस और लग्जरी लुक देता है। शाम के फंक्शन में इसकी शाइन और भी ज्यादा खूबसूरत लगती है। मॉडर्न ब्राइड्स इसे खूब पसंद कर रही हैं।

गोल्डन बैंगल्स कॉम्बिनेशन पिंक चूड़ा

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इस स्टाइल में पिंक चूड़े के बीच गोल्डन कड़े, कुंदन बैंगल्स या ज़िरकॉन कंगन जोड़े जाते हैं। लाल, पिंक, पीच और आइवरी लहंगे के साथ यह कॉम्बिनेशन बेहद खूबसूरत लगता है। शादी के मुख्य फंक्शन के लिए यह सबसे पसंदीदा स्टाइल्स में से एक है।

डबल लेयर पिंक चूड़ा

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अगर आप थोड़ा रिच और हैवी ब्राइडल लुक चाहती हैं, तो डबल लेयर पिंक चूड़ा बेस्ट ऑप्शन है। यह हाथों को भरा-भरा और रॉयल लुक देता है। इसे कुंदन या पोल्की ज्वेलरी के साथ पहनने पर पूरा ब्राइडल लुक और भी अट्रैक्टिव बन जाता है।

कस्टमाइज्ड पिंक चूड़ा

आजकल दुल्हनें अपने और दूल्हे के नाम या शादी की तारीख वाले कस्टमाइज्ड चूड़े बनवा रही हैं। सोशल मीडिया पर भी इस तरह के चूड़े काफी ट्रेंड में हैं। यादगार शादी के लिए यह एक शानदार आइडिया है।

सौरव जोशी के E20 फ्यूल वाले वायरल वीडियो के बाद मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने जारी किया बयान, कस्टमर्स को बताईं ये जरूरी बातें

सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में, मर्सिडीज-बेंज इंडिया के ऑफिशियल हैंडल ने कहा कि “सभी मर्सिडीज-बेंज पेट्रोल BS VI गाड़ियां E20 फ्यूल के साथ पूरी तरह से इस्तेमाल के लायक हैं और संबंधित अधिकारियों ने इसे सर्टिफाइड भी किया है।” भारत के पॉपुलर डेली व्लॉगर सौरव जोशी ने हाल ही में YouTube पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उनकी मर्सिडीज-बेंज लग्जरी गाड़ी का माइलेज सिर्फ दो दिनों में 17 से घटकर 5 हो गया।

उन्होंने कहा कि उनकी गाड़ी की एफिशिएंसी सिर्फ 48 घंटों में बहुत ज़्यादा गिर गई है। जोशी ने अपने दर्शकों से कहा, “कल मैंने आपको दिखाया था कि हमारी कार का माइलेज 17 से सीधे 9 पर आ गया था।” उन्होंने आगे कहा, “और क्या आपको पता है कि आज यह कितना हो गया है? आज यह पाच पर पहुंच गया है… इसे देखिए, यह पांच का माइलेज दिखा रहा है।”

जोशी ने इसके लिए लोकल फिलिंग स्टेशनों पर मिलने वाले फ्यूल को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “एथेनॉल की वजह से ही ऐसा हुआ है।” व्लॉगर ने बताया कि पहले पेट्रोल की एक फुल टैंक से गाड़ी लगभग 800 किलोमीटर तक चलती थी, लेकिन अब रिफिलिंग के बाद अनुमानित रेंज सिर्फ 480 किलोमीटर ही दिखाती है। उन्होंने कहा कि रेंज में आई इस भारी कमी की वजह से उन्हें जर्मन SUV के पेट्रोल इंजन में संभावित मैकेनिकल खराबी की चिंता हो रही है।

उन्होंने कहा, “पता नहीं यह कार कब खराब हो जाए… आजकल पेट्रोल भरवाने में भी बहुत डर लगता है।” जोशी ने यह भी बताया कि उनके पास G-Wagon (एक और मर्सिडीज SUV) का इलेक्ट्रिक वर्जन है, जिससे उन्हें इथेनॉल से जुड़ी चिंताओं की कोई फिक्र नहीं रहती। जोशी का वीडियो ऑनलाइन वायरल होने के कुछ ही समय बाद मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने ग्राहकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की। हालांकि इस बयान में जोशी का नाम नहीं लिया गया, लेकिन इसमें E20 पेट्रोल को लेकर उनकी चिंताओं का जिक्र किया गया।

जर्मन कार कंपनी ने कहा, “मर्सिडीज़-बेंज के लिए ग्राहकों की सुरक्षा, गाड़ी की भरोसेमंदता और परफॉर्मेंस सबसे जरूरी हैं। मर्सिडीज-बेंज की सभी पेट्रोल BS VI गाड़ियां E20 फ्यूल के साथ इस्तेमाल के लिए पूरी तरह से सही हैं और संबंधित अधिकारियों ने उन्हें इसके लिए सर्टिफाई भी किया है।”

“हम ग्राहकों की किसी भी तकनीकी सवाल में मदद करने के लिए तैयार हैं। मर्सिडीज-बेंज सस्टेनेबल मोबिलिटी (पर्यावरण के अनुकूल परिवहन) के लिए प्रतिबद्ध है।”E20 फ्यूल एक मिला-जुला मोटर फ्यूल है जिसमें 20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल होता है। भारत में E20 फ्यूल को बढ़ावा देने का मुद्दा विवादित हो गया है क्योंकि ऐसे दावे किए जा रहे हैं कि इससे पुरानी गाड़ियों (जो इसके लिए नहीं बनी हैं) के इंजन खराब हो सकते हैं और माइलेज भी कम हो सकता है।

हालांकि, शुक्रवार को सरकार ने इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल प्रोग्राम का बचाव किया। सरकार ने इंजन खराब होने और माइलेज कम होने की चिंताओं के बीच कहा कि इस स्कीम से चीनी अर्थव्यवस्था को मदद मिली है, किसानों की आय बढ़ी है और 2014-15 से देश के ₹1.90 लाख करोड़ से ज़्यादा विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।

Quant Mutual Fund ने खरीद लिए इस कंपनी के 700000 शेयर, 6% बढ़ गई चमक

Ethos Share Price: लग्जरी घड़ियां और ज्वैलरी बेचने वाली एथोस के शेयर आज रॉकेट बन गए। इसके शेयरों में यह तेजी ऐसे समय में आई है, जब क्वांट म्यूचुअल फंड ने इसके 7 लाख शेयर खरीदे हैं। क्वांट म्यूचुअल फंड ने एक कारोबारी दिन पहले 10 जुलाई को इसके 7 लाख शेयर खरीदे थे। अब आज इसके शेयर 6% से अधिक उछल पड़े। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाते हु्ए मुनाफावसूली की तो भाव नरम पड़े लेकिन अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 5.51% की बढ़त के साथ ₹2624.00 पर है। इंट्रा-डे में यह 6.47% उछलकर ₹2,647.85 तक पहुंच गया था।

Quant Mutual Fund ने किस भाव पर बेचे Ethos के शेयर

क्वांट म्यूचुअल फंड ने 10 जुलाई 2026 को हर शेयर ₹2500 के भाव पर एथोस के शेयर खरीदे। फंड हाउस ने ये शेयर यूके की जुपिटर फंड मैनेजमेंट ने दो स्कीमों से खरीदे हैं। जुपिटर ग्लोबल फंड-जुपिटर इंडिया सेलेक्ट ने ₹55.84 करोड़ में 2,23,387 शेयर और जुपिटर इंडिया फंड ने ₹124.8 करोड़ में 4,99,239 शेयर बेचे। मार्च 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार जुपिटर इंडिया फंड की एथोस में 2% हिस्सेदारी (5.34 लाख शेयर) थी। मार्च 2026 तक कंपनी में 13 म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 20.16% थी।

अब तक कैसी रही शेयरों की चाल?

एथोस के शेयरों की करीब चार साल पहले 30 मई 2022 को एंट्री हुई थी। इसके ₹402 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹878 के भाव पर शेयर जारी हुई थी। मार्केट में लिस्टिंग के बाद इसका शेयर 6 जून 2022 को टूटकर ₹711.60 के भाव पर आ गया था जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर पर शेयर संभला और यहां से रिकवर होकर यह 24 सितंबर 2024 को ₹3,514.95 के भाव पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है।

अब पिछले एक साल में बात करें तो एथोस के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 26 नवंबर 2026 को बीएसई पर यह ₹3244.45 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 3 ही महीने में यह 40.79% टूटकर 16 मार्च 2026 को ₹1,921.00 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

New Voter ID Rules Explained: नए वोटर आईडी कार्ड के लिए अब माता-पिता की SIR जानकारी जरूरी, चुनाव आयोग के नए नियम को जानें

New Voter ID Rules Explained: देश में मतदाता सूची में नाम शामिल कराने और वोटर आईडी कार्ड बनवाने के नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है। चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक अब सिर्फ उन मौजूदा मतदाताओं को ही मतदाता सूची में बने रहने के लिए अपने माता-पिता की विशेष गहन समीक्षा (Special Intensive Revision – SIR) की जानकारी जमा नहीं करनी है जो पिछली एसआईआर में शामिल नहीं थे बल्कि वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करने वाले नए आवेदकों के लिए भी अपने माता-पिता की SIR डिटेल्स देना अनिवार्य कर दिया गया है।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म 6 भरने वाले नए मतदाताओं के लिए अपने माता-पिता की SIR डिटेल्स को अटैच करना अनिवार्य बना दिया गया है।

बिहार में पिछले साल से लागू हुआ यह नियम

चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि इस घोषणा को पिछले साल जून में शुरू किए गए बिहार SIR में जोड़ा गया था। वहां नए मतदाताओं से फॉर्म 6 के साथ यह डिक्लेरेशन भरवाया जा रहा था। अधिकारी ने जानकारी दी कि बिहार के डेली एसआईआर बुलेटिन से पता चलता है कि वहां घोषणापत्र के साथ ही यह फॉर्म भरा गया था। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि इस घोषणापत्र को निर्देशों के जरिए जोड़ा गया है और इसके लिए मूल फॉर्म 6 में कोई संशोधन नहीं किया गया है।

ऑनलाइन आवेदन में डिक्लेरेशन भरना जरूरी

चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक इस नए नियम के कई फायदे हैं-

वोटर्स की मैपिंग: यह व्यवस्था मतदाताओं की सटीक मैपिंग करने में मदद करती है।

दस्तावेजों की कम जरूरत: इसके लागू होने से नए मतदाताओं को आवेदन के साथ जमा करने वाले दस्तावेजों की संख्या कम हो जाती है।

ऑनलाइन आवेदन करने वालों के लिए नियम

अगर कोई व्यक्ति ऑनलाइन माध्यम से फॉर्म 6 भरता है तो वह तब तक प्रक्रिया में आगे नहीं बढ़ सकता जब तक कि वह इस घोषणापत्र को पूरा नहीं भर देता। इसके साथ ही निर्वाचन प्राधिकरण ने मतदाता सूची के SIR की प्रक्रिया का पुरजोर बचाव किया है। संयुक्त राष्ट्र (UN) के रैपोर्टर्स द्वारा उठाई गई चिंताओं को खारिज करते हुए आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी, संवैधानिक और सुप्रीम कोर्ट द्वारा समर्थित है।

SIR का मुख्य उद्देश्य

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि SIR का उद्देश्य सभी पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना है। इसके साथ ही सूची में से डुप्लीकेट, मृत, शिफ्टेड, गैर मौजूद और विदेशी मतदाताओं के नामों को हटाना है।

अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम हटाने के आरोपों पर दिया ये जवाब

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम सहित अन्य जगहों पर बड़े पैमाने पर अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों का जवाब देते हुए चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि मतदाताओं के पास सूची से बाहर किए जाने के खिलाफ चुनौती देने के पर्याप्त अवसर थे। उन्होंने इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के पक्षपात से साफ इनकार किया है। गौरतलब है कि हाल ही में सरकार को भेजे एक पत्र में संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्टर्स ने इस एसआईआर प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त की थी और आरोप लगाया था कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है।

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रसोई का ये एक नियम चमका सकता है आपकी किस्मत, सिर्फ रोटी बनाते समय रखें इन बातों का ध्यान!

हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में रसोई घर को घर का सबसे पवित्र जगह माना गया है, क्योंकि यहां साक्षात माता अन्नपूर्णा का वास होता है. रसोई में बनने वाले भोजन का सीधा संबंध हमारी सेहत और आर्थिक स्थिति से होता है। अक्सर अनजाने में हम रोटी बनाते समय कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे माता लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं. जिससे घर में कंगाली व दरिद्रता का वास होने लगता है. आइए जानते हैं रोटी बनाते समय किन विशेष नियमों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:

पहली रोटी गाय के लिए निकालने की परंपरा

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वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तवे पर बनने वाली पहली रोटी घर के किसी सदस्य को नहीं खिलानी चाहिए। इसे थोड़ा घी और गुड़ या चीनी लगाकर गाय को खिलाने की परंपरा है। मान्यता है कि ऐसा करने से पितृ दोष शांत होते हैं, ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

आखिरी रोटी का भी है विशेष महत्व

टिप्स और ट्रिक्स: लंच बॉक्स में रोटी और चपाती को नरम कैसे रखें?

जैसे पहली रोटी का महत्व बताया गया है, वैसे ही आखिरी रोटी भी विशेष मानी जाती है। इसे काले कुत्ते या किसी अन्य कुत्ते को खिलाना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे शनि, राहु और केतु के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और परिवार पर आने वाली परेशानियां दूर रहती हैं।

ताजा आटे का प्रयोग क्यों जरूरी है?

टिप्स और ट्रिक्स: लंच बॉक्स में रोटी और चपाती को नरम कैसे रखें?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नियमित रूप से बासी आटे का उपयोग करने से घर में मानसिक तनाव, आलस्य और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। साथ ही यह भी माना जाता है कि इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है। इसलिए रोजाना ताजा आटा गूंथकर भोजन तैयार करना शुभ माना जाता है।

बासी आटे की रोटी बनाने से बचें

 

कैसे रोटी बनायें, रोटी बनाना सीखें (How to Make Chapati in Hindi)

आजकल कई लोग सुविधा के लिए रात में आटा गूंथकर फ्रिज में रख देते हैं और अगले दिन उसी से रोटियां बनाते हैं। वास्तु शास्त्र में इसे शुभ नहीं माना गया है। मान्यता है कि लंबे समय तक रखा गूंथा आटा नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर सकता है, इसलिए हमेशा ताजा आटा गूंथकर ही रोटियां बनाना बेहतर माना जाता है।

रोटियां गिनकर बनाने से बचें

The Butter Substitute To Use For Impossibly Soft Roti Bread

मान्यता है कि परिवार के लिए रोटियां बनाते समय उनकी संख्या गिनकर नहीं बनानी चाहिए। ऐसा करने से अन्न का सम्मान कम होता है और घर की बरकत प्रभावित हो सकती है। इसलिए भोजन को श्रद्धा और सम्मान के साथ तैयार करने की सलाह दी जाती है।

तवे से जुड़ी इन गलतियों से बचें

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वास्तु शास्त्र के अनुसार, गर्म तवे पर सीधे पानी नहीं डालना चाहिए और रोटी बनाने के बाद तवे को खाली चूल्हे पर भी नहीं छोड़ना चाहिए। इसके अलावा गंदे तवे पर रोटी बनाना, तवे को उल्टा रखना या उसे नुकीली चीज से खुरचना भी शुभ नहीं माना जाता। तवे को हमेशा साफ-सुथरा और सही तरीके से रखना चाहिए।

इस तरह वास्तु शास्त्र में रसोई और भोजन से जुड़े कुछ नियमों का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और बरकत बनी रहती है। हालांकि, इन मान्यताओं का पालन करना पूरी तरह व्यक्ति की आस्था और विश्वास पर निर्भर करता है।