अब चारधाम जाना होगा बेहद आसान, दिल्ली से ऋषिकेश सिर्फ 2.5 घंटे में! इस प्रोजेक्ट का 75% काम पूरा

Delhi To Rishikesh Namo Bharat: दिल्ली-एनसीआर से उत्तराखंड और चारधाम जाने वाले पर्यटकों के लिए एक बड़ा अपडेट आया है। आने वाले समय में दिल्ली से ऋषिकेश का सफर सिर्फ 2.5 घंटे में पूरा हो सकेगा, जबकि कर्णप्रयाग तक का सफर जो सड़क मार्ग से 12-13 घंटे लेता है, वह महज 5 से 6 घंटे में पूरा हो जाएगा।

यह मुमकिन होने जा रहा है सरकार के दो बड़े रेल प्रोजेक्ट्स के कारण। पहला, प्रस्तावित मेरठ-ऋषिकेश नमो भारत कॉरिडोर और दूसरा, निर्माणाधीन ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन। आइए आपको बताते हैं कि यह पूरा प्रोजेक्ट क्या है, इसका काम कहां तक पहुंचा है और इससे श्रद्धालुओं को क्या-क्या सहूलियतें मिलेंगी।

सिर्फ 2.5 घंटे में दिल्ली से ऋषिकेश

दिल्ली से मेरठ तक नमो भारत (RRTS) ट्रेन की कनेक्टिविटी पहले से ही चालू है। अब सरकार इस कॉरिडोर को मेरठ से आगे हरिद्वार और ऋषिकेश तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर काम कर रही है। अगर यह प्रोजेक्ट तय योजना के तहत पूरा होता है, तो दिल्ली-एनसीआर के लोग महज 2 से 2.5 घंटे में ऋषिकेश पहुंच जाएंगे। वीकेंड पर दिल्ली-देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर लगने वाले घंटों के ट्रैफिक जाम से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

ऋषिकेश से कर्णप्रयाग का 6 घंटे का सफर अब मात्र 2 घंटे में!

गढ़वाल के दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर सफर को आसान बनाने के लिए 127 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन का निर्माण तेजी से चल रहा है। इस प्रोजेक्ट का लगभग 75% सिविल वर्क पूरा हो चुका है। हाल ही में 11 सितंबर को 10 किमी लंबी ‘एस्केप टनल-1’ का ब्रेकथ्रू सफलता पूर्वक हासिल किया गया। हिमालय के कठिन और संवेदनशील इलाकों से गुजरने के कारण 127 किमी लंबे इस रूट का 105 किलोमीटर हिस्सा सुरंगों के भीतर से गुजरेगा।

कब चालू होगी ट्रेन?

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, शिवपुरी-ब्यासी तक का सेक्शन 2028 तक चालू होने की उम्मीद है, जबकि कर्णप्रयाग तक की पूरी रेल लाइन 2029 तक शुरू हो जाएगी। बता दें कि वर्तमान में ऋषिकेश से कर्णप्रयाग जाने में सड़क मार्ग से 6 से 7 घंटे लगते हैं, लेकिन ट्रेन शुरू होने के बाद यह दूरी सिर्फ 2 से 2.5 घंटे में तय हो जाएगी।

केदारनाथ और बद्रीनाथ के श्रद्धालुओं को कैसे मिलेगा फायदा?

यह रेलवे लाइन सीधे केदारनाथ या बद्रीनाथ मंदिर तक तो नहीं पहुंचेगी, लेकिन यह श्रद्धालुओं को मुख्य बेस कैंप के बहुत करीब पहुंचा देगी:

बद्रीनाथ जाने वालों के लिए: यात्री ट्रेन से सीधे कर्णप्रयाग उतरेंगे और वहां से सड़क मार्ग (बस या टैक्सी) के जरिए जोशीमठ होते हुए बेहद कम समय में बद्रीनाथ पहुंच सकेंगे।

केदारनाथ जाने वालों के लिए: ट्रेन से रुद्रप्रयाग या तिलणी स्टेशन उतरकर यात्री सीधे सोनप्रयाग/गौरीकुंड के लिए सड़क मार्ग ले सकेंगे, जो केदारनाथ पैदल यात्रा का मुख्य पड़ाव है।

बुजुर्गों के लिए वरदान: पहाड़ों के संकरे और घुमावदार रास्तों पर घंटों बस या कार में सफर करना बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए काफी तकलीफदेह होता था। ट्रेन चलने से उनका सफर बेहद आरामदायक और सुरक्षित हो जाएगा।

गढ़वाल के 5 जिलों की बदलेगी तस्वीर

यह रेल लाइन उत्तराखंड के 5 प्रमुख पहाड़ी जिलों से होकर गुजरेगी: देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली।

12 नए रेलवे स्टेशन: इस रूट पर 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं जिनमें ऋषिकेश, मुनि की रेती, शिवपुरी, ब्यासी, देवप्रयाग, मलेथा, श्रीनगर गढ़वाल, तिलणी, गौचर और कर्णप्रयाग शामिल हैं।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा: यात्रा और पर्यटन के अलावा, इस रेल नेटवर्क से स्थानीय निवासियों, किसानों, व्यापारियों और सेब-फल उत्पादकों को अपनी उपज बड़े शहरों के बाजारों तक आसानी से पहुंचाने में मदद मिलेगी।

Namo Bharat: 3 घंटे नहीं अब 90 मिनट में पूरा होगा दिल्ली-करनाल का सफर! नमो भारत के नए रूट पर बड़ा अपडेट

चारधाम यात्रा के लिए रेलवे का यह इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट उत्तराखंड के पर्यटन इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा। जब दिल्ली से कर्णप्रयाग का पूरा सफर 12 घंटे से घटकर महज 5-6 घंटे रह जाएगा, तो इससे न सिर्फ श्रद्धालुओं का समय और पैसा बचेगा, बल्कि मानसून और भूस्खलन के समय होने वाली दुर्घटनाओं में भी काफी कमी आएगी।

Badrinath Dham Donation Case: राम मंदिर के बाद अब बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की हेराफेरी का आरोप, SIT ने दान अधिकारी प्रमोद नौटियाल को किया गिरफ्तार

Badrinath Dham Donation Case: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बाद अब बद्रीनाथ धाम से भी ऐसा ही घटना सामने आई है। दरअसल, सोमवार को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा और दान से जुड़े अधिकारी प्रमोद नौटियाल को कथित दान फंड में गड़बड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है।

नौटियाल को बीती रात करीब 8 बजे देहरादून से गिरफ्तार किया गया और बाद में चल रही जांच के सिलसिले में बद्रीनाथ लाया गया।

SIT ने कहा कि नौटियाल पर इस मामले में गंभीर आरोप हैं और संकेत दिया कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, कई अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

बता दें कि यह गिरफ्तारी देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में शामिल बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के मामले की जांच में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

मंदिर में दान की गिनती में गड़बड़ी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक आंतरिक जांच में 2 जुलाई, 2026 को ‘थाली’ में चढ़ाए गए दान की गिनती के दौरान गड़बड़ी पाई गई। जिसके आधार पर FIR दर्ज की गई और इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया।

अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि मंदिर के दान-गणना क्षेत्र से नकदी और चढ़ावे की वस्तुएं चोरी हो गईं। शुरुआती रिपोर्टों में इस मामले को श्रद्धालुओं के दान और कीमती सामान की कथित चोरी या गबन के रूप में बताया गया है।

इस मामले में शिकायत के बाद पहले विभागीय जांच हुई, जिसके बाद पुलिस ने आपराधिक कार्यवाही शुरू की।

मंदिर की जांच से आगे बढ़ा मामला

अब यह जांच मंदिर प्रशासन की आंतरिक जांच से आगे बढ़ चुकी है और पुलिस तथा स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इसे संभाल रही हैं। गिरफ्तारी से पहले, नौटियाल ने कथित तौर पर FIR और अपने सस्पेंशन, दोनों को ही हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

बता दें कि SIT द्वारा उन्हें हिरासत में लिए जाने के बाद, जांच अधिकारी कथित गड़बड़ियों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।

SIT ने यह भी संकेत दिया है कि जांच जारी है और अगर सबूतों से अन्य लोगों की संलिप्तता साबित होती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

मामले का बड़ा महत्व

यह मामला इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है, क्योंकि बद्रीनाथ धाम देश के सबसे पवित्र हिंदू तीर्थ स्थलों में से एक है। नतीजतन, भक्तों के चढ़ावे के कथित दुरुपयोग को न केवल एक वित्तीय मामला, बल्कि जन-विश्वास का मुद्दा भी माना जा रहा है। इस विवाद के बाद कई धार्मिक नेताओं और जन-प्रतिनिधियों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

उत्तराखंड सरकार के अधिकारियों ने भी कहा है कि जांच के दौरान जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जांच जारी है

डोनेशन फंड में कथित गड़बड़ी की चल रही जांच में SIT द्वारा प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी सबसे नया कदम है। जांच करने वाले अधिकारी मंदिर में चढ़ावे के लेन-देन, डोनेशन गिनने की प्रक्रिया और इस मामले से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रहे हैं।

SIT का कहना है कि जांच जारी है और संकेत दिया है कि जैसे-जैसे और सबूत मिलेंगे, आगे और कार्रवाई की जा सकती है।

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