AI की ताकत से घर बैठे पाई 1.06 करोड़ की नौकरी! जानिए आंध्र प्रदेश के इस युवक ने कैसे हासिल किया यह मुकाम

आंध्र प्रदेश के एक दर्जी के बेटे ने कनाडा की कंपनी Fabrantic AI में AI इंजीनियर के तौर पर 1.06 करोड़ रुपये की रिमोट जॉब हासिल करके सफलता की एक प्रेरणादायक कहानी लिखी है।

अखिलेश माल्थी कौन हैं?

आदित्य कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग से B.Tech (डेटा साइंस) 2026 के ग्रेजुएट अखिलेश माल्थी ने कैंपस प्लेसमेंट के ज़रिए यह उपलब्धि हासिल की। ​​इससे साबित होता है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से सबसे मुश्किल हालात का भी सामना किया जा सकता है।

अखिलेश एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता एक दर्जी हैं जो सुन और बोल नहीं सकते, जबकि उनकी माँ सिलाई के काम में मदद करके परिवार का सहारा बनती हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद, उनके माता-पिता ने कभी भी अपनी मुश्किलों को बेटे की पढ़ाई में बाधा नहीं बनने दिया। उन्होंने हमेशा उन्हें पढ़ाई करने और बेहतर भविष्य बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

उनके माता-पिता की मेहनत और त्याग का फल अब मिल गया है। अखिलेश को Fabrantic AI में रिमोट AI इंजीनियर की नौकरी मिली है, जिसका सालाना पैकेज ₹1.06 करोड़ है। यह उनके परिवार के लिए ज़िंदगी बदलने वाला पल है।

X पर किए गए पोस्ट में लिखा है, “बहुत गरीब बैकग्राउंड से आने वाले और एक दर्ज़ी के बेटे, अखिलेश को Fabrantic AI में AI इंजीनियर के तौर पर ₹1.06 करोड़ का पैकेज मिला है।” पोस्ट में आगे कहा गया है, “आज कैंपस प्लेसमेंट के ज़रिए अखिलेश को कनाडा की कंपनी Fabrantic AI में ₹1.06 करोड़ की रिमोट जॉब मिली है।”

सोशल मीडिया पर उनकी इस कामयाबी की खूब तारीफ़ हो रही है। कई लोग इसे इस बात का बेहतरीन उदाहरण मान रहे हैं कि कैसे शिक्षा, लगन और माता-पिता का साथ ज़िंदगी बदल सकता है। एक यूजर ने लिखा, “₹1.06 करोड़ और वो भी रिमोट जॉब! वाह, समय और उनकी मेहनत ने सच में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बदल दी।”

एक और व्यक्ति ने कहा, “गरीब बैकग्राउंड से आकर 1 करोड़ का पैकेज मिलना बहुत बड़ी बात है।”तीसरे कमेंट करने वाले ने लिखा, “पैकेज से भी ज़्यादा अच्छी बात यह देखना है कि कैसे उनकी मेहनत ने उनके परिवार का भविष्य बदल दिया… आख़िरकार उनके त्याग का फल मिल ही गया।”

एक और व्यक्ति ने कहा, “B.Tech के दौरान हमारे पास काफ़ी समय होता है… अगर हम रोज़ाना कम से कम 2 घंटे नई स्किल्स सीखने में लगाएं… तो हम कुछ असाधारण हासिल कर सकते हैं।”

8वें वेतन आयोग का बड़ा गणित, क्या DA मर्जर से कर्मचारियों की सैलरी में आएगा डबल उछाल? ये है पूरा कैलकुलेशन

8th Central Pay Commission updates: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वां केंद्रीय वेतन आयोग इस समय सबसे बड़ा और चर्चा का विषय बना हुआ है। कर्मचारी संगठनों की मांगों और वित्तीय विश्लेषण के मुताबिक अगर 8वें वेतन आयोग में महंगाई भत्ते (DA) का बेसिक वेतन में विलय और वार्षिक इंक्रीमेंट दर में बढ़ोतरी की मांग स्वीकार कर ली जाती है तो नियमित वेतन वृद्धि और DA संशोधनों के संयुक्त प्रभाव से केंद्रीय कर्मचारियों की ग्रॉस सैलरी अगले 7 वर्षों के भीतर लगभग दोगुनी हो सकती है।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को आधिकारिक तौर पर 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। इसके साथ ही लगभग 55 लाख से अधिक कार्यरत कर्मचारियों और करीब 69 लाख पेंशनभोगियों (जिसमें सेवानिवृत्त रक्षा कर्मी भी शामिल हैं) के वेतन, पेंशन, भत्तों, सेवा शर्तों और अन्य लाभों की समीक्षा व सिफारिश के लिए नियम एवं शर्तें जारी की गई थीं।

क्षेत्रीय परामर्श जारी: दिल्ली, चेन्नई और पुडुचेरी में होंगी आगामी बैठकें

अभी 8वां वेतन आयोग विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अपना क्षेत्रीय परामर्श आयोजित कर रहा है। इसके तहत आगामी बैठकों का कार्यक्रम इस प्रकार तय किया गया है:

दिल्ली: 7 और 10 अगस्त 2026

चेन्नई: 7 और 8 सितंबर 2026 (अपॉइंटमेंट की अंतिम तिथि: 18 अगस्त 2026)

पुडुचेरी: 9 सितंबर 2026 (अपॉइंटमेंट की अंतिम तिथि: 18 अगस्त 2026)

पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित है आयोग

8वें वेतन आयोग की संरचना और नेतृत्व की बात करें तो इसकी कमान पूर्व सुप्रीम कोर्ट जस्टिस के हाथों में है। इसकी अध्यक्ष पूर्व सुप्रीम कोर्ट जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई हैं। सदस्य-सचिव पूर्व आईएएस अधिकारी पंकज जैन और सदस्य प्रोफेसर पुलक घोष हैं जो प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य भी हैं। यह आयोग लगभग 50 लाख से 55 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 65 लाख से 69 लाख पेंशनभोगियों के जीवन को प्रभावित करने वाले बदलावों की सिफारिश करेगा।

कर्मचारी यूनियनों (NC-JCM) की प्रमुख मांगें

कर्मचारी प्रतिनिधि निकायों में सबसे बड़े संगठनों में से एक नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने आयोग कई मांगें रखी हैं। इसमें न्यूनतम बेसिक पे को बढ़ाकर ₹69000 करने की मांग है। इसके अलावा मौजूदा 7वें वेतन आयोग के तहत मिलने वाले 3% वार्षिक इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 6% करने का सुझाव है। दूसरे संगठनों की मांगों में DA को समय-समय पर बेसिक सैलरी में मर्ज करना शामिल है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक 8वें वेतन आयोग में अगर DA मर्जर और 6% इंक्रीमेंट लागू होता है, तो चक्रवृद्धि प्रभाव से सैलरी में भारी उछाल आएगा। जब महंगाई भत्ता 50% से ऊपर चला जाता है, तो इसे मूल वेतन में शामिल करने की मांग बढ़ जाती है। जैसे ही DA का बेसिक पे में विलय होता है, कर्मचारी की बेसिक सैलरी बढ़ जाती है। इसके परिणामस्वरूप बेसिक पे पर निर्भर अन्य सभी भत्ते (जैसे HRA, TA आदि) भी स्वतः बढ़ जाते हैं।

अभी सरकारी कर्मचारियों को 3% का सालाना इंक्रीमेंट मिलता है। अगर इसे बढ़ाकर 6% किया जाता है और साथ ही नियमित आधार पर DA को बेसिक पे में जोड़ा जाता है, तो वेतन वृद्धि की दर बहुत तेज हो जाएगी। उच्च वार्षिक वेतन वृद्धि और DA मर्जर का यह संयुक्त प्रभाव चक्रवृद्धि की तरह काम करेगा, जिससे 7 साल के भीतर ग्रॉस सैलरी दोगुनी हो सकती है।

फिटमेंट फैक्टर की भूमिका सबसे ज्यादा

नए वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर सबसे निर्णायक भूमिका निभाएगा। अगर पिछला इतिहास दोहराते हुए नया फिटमेंट फैक्टर तय किया जाता है तो कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में शुरुआती स्तर पर ही बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। वैसे एक्सपर्ट्स का साफ कहना है कि 7 साल में सैलरी दोगुनी होने का गणित एक प्रोजेक्शन है। वास्तविक वेतन वृद्धि कितनी होगी, यह 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों और उसके बाद केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली अंतिम मंजूरी पर ही निर्भर करेगा।

ये भी पढ़ें- दिल्ली लक्ष्मी योजना में ₹2500 पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू, इसके लिए 6 जरूरी डॉक्युमेंट्स की पूरी लिस्ट

Hardik Pandya: क्या मुंबई इंडियंस से होगी हार्दिक पांड्या की छुट्टी? ट्रेड डील की खबरों पर फ्रेंचाइजी का बड़ा बयान

Hardik Pandya: आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। इसके बाद हार्दिक पांड्या के भविष्य को लेकर कई तरह की खबरें सामने आने लगीं। गुजरात टाइटंस से मुंबई में आने के बाद वह फॉर्म, फिटनेस और टीम के साथ तालमेल जैसी चुनौतियों से जूझते रहे हैं। इसी वजह से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि हार्दिक पांड्या मुंबई इंडियंस को छोड़ कर दूसरी टीम में जा सकते हैं। लेकिन अभी तक किसी भी टीम या फ्रेंचाइजी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वहीं हाल ही में मुंबई इंडियंस ने हार्दिक पांड्या को लेकर सामने आई ट्रेड की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

फ्रेंचाइजी ने कहा कि, हार्दिक को चेन्नई सुपर किंग्स या किसी अन्य टीम के साथ ट्रेड करने पर कोई चर्चा नहीं हुई है। लेकिन टीम ने ये जरूर माना कि आईपीएल 2026 में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पूरे सीजन और टीम की रणनीति की समीक्षा की जा रही है।

नहीं चल रही कोई बातचीत

फ्रेंचाइजी के स्पोक्सपर्सन ने स्पोर्टस्टार को बताया, “हम फिलहाल सीजन खत्म होने के बाद टीम के प्रदर्शन की समीक्षा कर रहे हैं और हर पहलू पर विचार किया जा रहा है। मीडिया में चल रही खबरों के विपरीत, अभी किसी भी खिलाड़ी के ट्रेड को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है। समीक्षा पूरी होने के बाद ही आगे कोई फैसला लिया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “टीम प्रबंधन कई अलग-अलग विकल्पों और योजनाओं पर विचार कर रहा है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर फैसला लिया जाएगा, इसलिए फिलहाल किसी भी तरह का अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।”

एमआई ने साफ किया कि, फिलहाल किसी खिलाड़ी के ट्रेड को लेकर कोई बातचीत नहीं चल रही है। फ्रेंचाइजी की समीक्षा पूरी होने के बाद ही अगले आईपीएल सीजन के लिए टीम की रणनीति और खिलाड़ियों को लेकर फैसला लिया जाएगा।

आईपीएल में मंहगे बिक सकते हैं

माना जा रहा कि आईपीएल 2027 से पहले प्री-ऑक्शन ट्रेड विंडो दिसंबर 2026 के दूसरे सप्ताह तक खुली रहेगी, इसके बाद ही तस्वीर साफ हो सकती है। अगर हार्दिक पांड्या आईपीएल नीलामी में उतरते हैं, तो उन पर कई टीमें बड़ी बोली लगा सकती हैं। फिटनेस और फॉर्म को लेकर सवाल जरूर हैं, लेकिन तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर की मांग हमेशा बनी रहती है। भारतीय क्रिकेट में इस तरह के खिलाड़ियों की संख्या काफी कम है, इसलिए हार्दिक अब भी नीलामी के सबसे महंगे खिलाड़ियों में शामिल हो सकते हैं।

शानदार ऑलराउंडर हैं हार्दिक पांड्या

साल 2016 में भारतीय टीम में डेब्यू करने के बाद से हार्दिक पांड्या जैसा तेज गेंदबाजी करने वाला ऑलराउंडर भारत को अब तक नहीं मिला है। कुछ खिलाड़ियों ने उनकी जगह लेने की कोशिश की, लेकिन कोई भी लगातार खुद को साबित नहीं कर पाया। यही वजह है कि हार्दिक जैसे खिलाड़ी किसी भी आईपीएल टीम के लिए बेहद अहम माने जाते हैं। भारतीय खिलाड़ी होने के कारण वह विदेशी खिलाड़ी की जगह भी नहीं लेते और बल्ले व गेंद दोनों से टीम को मजबूत संतुलन देते हैं।

Silver Price Outlook: चांदी इस साल ₹65000 सस्ती हुई, एक्सपर्ट्स से जानिए अब दाम घटेंगे या बढ़ेंगे

Silver Price Outlook: इस साल चांदी ने निवेशकों को निराश किया है। साल की शुरुआत से अब तक इसकी कीमत करीब 23% गिर चुकी है। सिर्फ जून महीने में ही इसमें 22% की बड़ी गिरावट आई। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 58 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। भारत में इसका भाव करीब ₹2.20 लाख प्रति किलो है। इसका मतलब है कि इस साल चांदी ₹65,000 प्रति किलो सस्ती हो चुकी है।

हालांकि, पिछले एक साल में चांदी ने 50% से ज्यादा का रिटर्न दिया था। लेकिन अब कीमतें दिसंबर 2025 के स्तर के आसपास लौट आई हैं। सवाल यह है कि आखिर चांदी पर दबाव क्यों बना हुआ है?

तेल की कीमतें बनी सबसे बड़ी वजह

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। ईरान युद्ध के बाद होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ा है। इससे तेल की सप्लाई पर असर पड़ा और कीमतें चढ़ गईं। फिलहाल ब्रेंट क्रूड करीब 86 डॉलर प्रति बैरल पर है, जो युद्ध शुरू होने से पहले के मुकाबले करीब 20% ज्यादा है। अगर तनाव और बढ़ता है, तो तेल महंगा हो सकता है। इससे महंगाई बढ़ेगी और दुनिया भर के बाजारों पर दबाव आएगा।

फेड की ब्याज दरें क्यों हैं अहम?

तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ती है। ऐसे में अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव बनता है। अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो डॉलर मजबूत होता है। ऐसे समय में निवेशक सोना और चांदी जैसे बिना ब्याज वाले एसेट छोड़कर डॉलर आधारित निवेश की ओर रुख करते हैं। यही वजह है कि चांदी की कीमतों पर दबाव बना रहता है।

चांदी सोने से ज्यादा उतार-चढ़ाव वाली

चांदी की कीमतें सोने के मुकाबले ज्यादा तेजी से ऊपर-नीचे होती हैं। इसकी वजह यह है कि चांदी सिर्फ निवेश का जरिया नहीं, बल्कि औद्योगिक धातु भी है। इसका इस्तेमाल सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल, डेटा सेंटर और पावर ग्रिड जैसे सेक्टरों में होता है। इसलिए औद्योगिक मांग में थोड़ा भी बदलाव कीमतों पर बड़ा असर डाल सकता है।

गोल्ड सिल्वर रेशियो क्या होता है

जून 2026 में जब सोना 4,000-4,060 डॉलर प्रति औंस के बीच था, तब चांदी 60-61 डॉलर प्रति औंस पर थी। उस समय गोल्ड-सिल्वर रेशियो करीब 67 था। इससे पहले मई में यह 55 और जनवरी में 50 तक आ गया था।

गोल्ड-सिल्वर रेशियो बताता है कि 1 औंस सोना खरीदने के लिए कितने औंस चांदी चाहिए। इसे सोने की कीमत को चांदी की कीमत से भाग देकर निकाला जाता है। अगर रेशियो 75 या उससे ज्यादा हो, तो इसका मतलब माना जाता है कि चांदी सोने के मुकाबले सस्ती है। वहीं, अगर यह 50-60 या उससे नीचे हो, तो सोना सस्ता माना जाता है।

क्या अभी चांदी सस्ती है?

Bonanza के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निरपेन्द्र यादव का कहना है कि 70 का रेशियो अपने लंबे समय के औसत के करीब है। यह बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन फिर भी चांदी सोने के मुकाबले थोड़ी सस्ती नजर आती है। खासकर तब, जब औद्योगिक मांग मजबूत बनी रहे। भारत में दिसंबर 2025 से चांदी की कीमत लगातार ₹2 लाख प्रति किलो से ऊपर बनी हुई है।

आगे किस धातु में ज्यादा दम?

निरपेन्द्र यादव का मानना है कि फिलहाल गोल्ड-सिल्वर रेशियो 65 से 75 के बीच रह सकता है। यह काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और वैश्विक आर्थिक स्थिति पर निर्भर करेगा। अगर फेड ब्याज दरें घटाता है, डॉलर कमजोर पड़ता है और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुधार आता है, तो चांदी सोने से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। इससे Gold-Silver Ratio घटकर 60-65 तक आ सकता है।

वहीं, अगर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, मंदी का खतरा गहराता है या निवेशक सुरक्षित निवेश की तरफ भागते हैं, तो सोना चांदी से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। ऐसे में यह रेशियो 70 से ऊपर बना रह सकता है।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा समय में सिर्फ सोना या सिर्फ चांदी चुनने के बजाय दोनों में संतुलित निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

अगर आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है और आप कम जोखिम लेना चाहते हैं, तो सोना बेहतर विकल्प माना जा सकता है। लेकिन अगर आप थोड़ा ज्यादा जोखिम उठा सकते हैं और लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो धीरे-धीरे चांदी में हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। क्योंकि मौजूदा वैल्यूएशन के हिसाब से चांदी में आगे बेहतर प्रदर्शन की संभावना बनी हुई है।

Gold Price Today: अगस्त के पहले दिन सोना हुआ और महंगा, 24 और 22 कैरेट दोनों का बढ़ गया भाव

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

3 अगस्त का मौसम: बिहार समेत इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी, IMD ने दिल्ली से यूपी तक दिया ये अलर्ट

Heavy Rain Alert 3rd August: देश भर में मानसून की सक्रियता के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के नए बुलेटिन के मुताबिक सोमवार 3 अगस्त को देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और तूफानी हवाओं का दौर जारी रहेगा। आईएमडी ने बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल समेत 3 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर अत्यंत मुसलाधार यानी बहुत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। वहीं उत्तर भारत के मैदानी राज्यों जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा से लेकर पहाड़ी इलाकों तक भारी बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट दिया गया है।

इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, 3 अगस्त को देश के तीन प्रमुख राज्यों में बारिश का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा। यहां कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। बिहार में मानसूनी बारिश का दौर काफी तेज रहेगा। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वोत्तर भारत से सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के इलाकों में 3 अगस्त को बहुत तेज बारिश होने का अनुमान है। पूर्वोत्तर के पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश में भी कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

दिल्ली-यूपी से लेकर पंजाब-हरियाणा तक भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के मुताबिक 3 अगस्त को देश के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत: उत्तर प्रदेश (पूर्व और पश्चिम दोनों क्षेत्र), हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के साथ-साथ पंजाब में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

पूर्व और मध्य भारत: झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेश अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी तेज बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय के अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के छिटपुट इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिम भारत: कोंकण व गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र के पहाड़ी/तटीय इलाकों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं, कड़केगी बिजली

मौसम विभाग ने 3 अगस्त को बारिश के साथ-साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज रफ्तार हवाओं को लेकर भी विस्तृत चेतावनी जारी की है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके वाली तेज हवाएं चलने की प्रबल संभावना है।

बिहार, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, झारखंड, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, रायलसीमा, उत्तराखंड और विदर्भ के अलग-अलग इलाकों में मुख्य रूप से गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश, पूरे कर्नाटक क्षेत्र, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में मैदानी व तटीय इलाकों में दिन के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

Bhumi Pednekar: पीएम मोदी के लिए अश्लील शब्दों के इस्तेमाल को भूमि पेडनेकर बताया गलत, बोलीं- ये हमारा कल्चर नहीं

Bhumi Pednekar: भूमि पेडनेकर ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर एक वीडियो शेयर किया है। इसमें वह युवाओं को खास मैसेज देती दिख रही हैं। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर भी चिंता जाहिर करती दिख रही हैं। जानिए एक्ट्रेस ने क्या कहा है…

भूमि पेडनेकर ने इंस्टाग्राम पेज पर वीडियो शेयर किया है। वह कार में बैठी हैं और कहती हैं- ‘अभी जो हमारी फीड में वीडियो सामने आ रहे हैं, उनमें बहुत खराब भाषा बोली जा रही है। हमारे देश के युवा या हम ऐसे बात नहीं करते हैं, ये हमारा कल्चर नहीं है। हम उस इंसान के बारे में बोल रहे हैं, जो आज देश के सबसे ऊंचे पद पर है। इतना ही नहीं यहां बात सिर्फ पद की नहीं है, क्या हम अपने घर के बड़ों से ऐसे बात करते हैं? क्या हम सच में गाली-गलौज वाली भाषा बोल सकते हैं?’

भूमि ने आगे कहा कि ‘दोस्तों यह हमारा कल्चर नहीं है। यह पूरी तरह से गलत है और इस बात ने मुझे सच में काफी परेशान किया है। इसीलिए मैं सामने आकर इस बारे में सबके सामने बात कर रही हूं। कोई देश तभी आगे बढ़ता है और तरक्की करता है जब हम सब मिलकर अपनी कमियों और अच्छाइयों, दोनों पर बात करते हैं। हमारी संस्कृति और हमारे संस्कार ही हमारी बैकबोन हैं। हमें उनसे भटकना नहीं है, वरना हम सही बातें सही तरीके से नहीं कर पाएंगे और न ही उन पर कभी अमल होगा।’

भूमि ने वीडियो में कई बदलावों के बारे में भी बात की है, जो देश और शिक्षा क्षेत्र में करने की जरूरत है। भूमि पेडनेकर के करियर की बात करें तो वह फिल्म ‘द प्राइड ऑफ भारत छत्रपति शिवाजी महाराज’ में नजर आने वाली हैं। इस फिल्म में ऋषभ, शिवाजी महाराज के किरदार में दिखेंगे। फिल्म में भूमि पेडनेकर वॉरियर क्वीन बेलवाडी मल्लम्मा का रोल कर रही हैं।

सिर्फ 100 रुपये का पौधा और 20 साल बाद बड़ा फायदा? लाल चंदन की खेती से कमाई का तरीका जानिए

आज के समय में गार्डनिंग और पौधों की खेती को लोग सिर्फ शौक तक सीमित नहीं रख रहे हैं, बल्कि इसे भविष्य की कमाई से जोड़कर भी देख रहे हैं। इसी वजह से लाल चंदन (रेड सैंडर्स) जैसे कीमती पेड़ों की ओर किसानों और बागवानी प्रेमियों का आकर्षण बढ़ रहा है। अपनी खास लाल रंग की लकड़ी और बाजार में मांग के कारण यह पेड़ लंबे समय के निवेश के तौर पर चर्चा में है। हालांकि, लाल चंदन लगाना आसान कमाई का रास्ता नहीं है, क्योंकि इसके लिए कई वर्षों तक धैर्य, देखभाल और सुरक्षा की जरूरत होती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सही परिस्थितियों में विकसित होने वाला यह पेड़ भविष्य में अच्छी आर्थिक संभावनाएं दे सकता है। यही कारण है कि अब कई लोग खाली जमीन या बगीचे में लाल चंदन लगाने की योजना बना रहे हैं।

कम खर्च में शुरुआत, लेकिन मुनाफे के लिए लंबा इंतजार

लाल चंदन का एक पौधा करीब 50 से 100 रुपये की लागत में लगाया जा सकता है। हालांकि, इसे लगाकर तुरंत कमाई की उम्मीद नहीं की जा सकती। विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक लंबी अवधि की खेती है, जिसमें धैर्य और लगातार देखभाल सबसे जरूरी होती है।

15-20 साल की मेहनत के बाद मिल सकता है बड़ा फायदा

जानकारों के मुताबिक, लाल चंदन के पेड़ को पूरी तरह तैयार होने में लगभग 15 से 20 साल लग सकते हैं। इस दौरान सही मौसम, मिट्टी, सुरक्षा और नियमित देखभाल पेड़ के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। एक स्वस्थ पेड़ से अच्छी मात्रा में कीमती हार्टवुड मिलने की संभावना रहती है।

लाखों तक पहुंच सकती है लकड़ी की कीमत

लाल चंदन की लकड़ी की कीमत उसकी गुणवत्ता, वजन, बाजार मांग और सरकारी नियमों पर निर्भर करती है। अच्छी गुणवत्ता वाली लकड़ी कई बार काफी महंगी बिक सकती है। हालांकि, इसकी कमाई का अंदाजा पेड़ की स्थिति और उस समय के बाजार भाव के आधार पर ही लगाया जा सकता है।

समस्तीपुर में भी मिल रहे हैं पौधे

बिहार के समस्तीपुर जिले में लाल चंदन के पौधों को लेकर लोगों की रुचि बढ़ रही है। स्थानीय स्तर पर किसान और बागवानी प्रेमी कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) बिरौली और रोसड़ा क्षेत्र की कुछ नर्सरियों से पौधे प्राप्त कर सकते हैं। यहां पौधों की कीमत लगभग 50 से 100 रुपये बताई जा रही है।

खेती से पहले नियमों की जानकारी जरूरी

लाल चंदन की खेती शुरू करने से पहले इसकी प्रजाति, पौधे की गुणवत्ता और कानूनी नियमों की जानकारी लेना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि पेड़ की कटाई, परिवहन और बिक्री से जुड़े वन कानूनों का पालन करना अनिवार्य है। सही जानकारी और नियमों के साथ ही इसकी खेती भविष्य में लाभकारी साबित हो सकती है।

अंतरिक्ष स्टेशन की विंडो से दिखा ब्रह्मांड का सबसे खूबसूरत नजारा! नासा एस्ट्रोनॉट ने क्लिक की ऐसी तस्वीर कि देखते रह जाएंगे आप

NASA के अनुभवी अंतरिक्ष यात्री डॉन पेटिट ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर अपने हालिया मिशन के दौरान मिल्की वे की एक शानदार तस्वीर जारी की है, जो ऑर्बिट से हमारी गैलेक्सी का सबसे साफ़ नज़ारा दिखाती है। स्टेशन के कूपोला अवलोकन मॉड्यूल से ली गई इस तस्वीर में आकाशगंगा अंतरिक्ष के अंधकार में फैली हुई दिखाई दे रही है, जबकि पृथ्वी का घुमावदार क्षितिज नीचे शहर की रोशनी और हरे रंग की पतली वायुमंडलीय चमक से जगमगा रहा है।

नासा के अंतरिक्ष यात्री डॉन पेटिट ने X पर अपनी पोस्ट में बताया कि यह तस्वीर उनके मिशन के दौरान एकत्रित की गई लगभग 12 लाख रॉ तस्वीरों में से एक है और उनकी पसंदीदा तस्वीरों में से एक। पृथ्वी पर लौटने के बाद उन्हें हाल ही में पूरा कलेक्शन मिला, जिससे वे उच्च गुणवत्ता वाली फाइलों को विस्तार से संसाधित कर सके।

यह तस्वीर ‘कपोला’ से ली गई थी, जो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन का सात खिड़कियों वाला ऑब्ज़र्वेशन डोम है। यहां से अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी और गहरे अंतरिक्ष का शानदार नज़ारा दिखता है। यह मॉड्यूल ऑरोरा, तूफ़ान, तारों और दूर की आकाशगंगाओं की तस्वीरें लेने के लिए पसंदीदा जगह बन गया है।

पेटिट ने 15 mm ARRI Zeiss लेंस वाले Nikon Z9 कैमरे का इस्तेमाल करके यह नज़ारा कैद किया। चूंकि स्पेस स्टेशन लगभग 28,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से पृथ्वी के चारों ओर घूमता है, इसलिए तारों की तस्वीरें लेना बहुत मुश्किल होता है। आम तौर पर, लंबे एक्सपोज़र वाली तस्वीरों में तारे लकीरों की तरह धुंधले दिखाई देते हैं।

इस चुनौती से निपटने के लिए, पेटिट ने एक खास तरह का ‘साइडरियल ट्रैकिंग सिस्टम’ इस्तेमाल किया, जो स्टेशन की तेज़ गति के हिसाब से एडजस्ट हो जाता था। तस्वीर लेने के लिए, पेटिट ने ऐसे उपकरण का इस्तेमाल किया जो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की गति को बैलेंस करता था, जिससे तारे लकीरों की तरह नहीं दिखते थे।

तस्वीर में पृथ्वी के क्षितिज के पास हल्की हरी चमक भी दिखाई दे रही है। वैज्ञानिक इस चमक को ‘एयरग्लो’ कहते हैं, जो ऊपरी वायुमंडल में पैदा होने वाली एक प्राकृतिक रोशनी है। ऑर्बिट से, अंतरिक्ष यात्री बिना बादलों या रोशनी के प्रदूषण (लाइट पॉल्यूशन) के रात के आसमान की तस्वीरें ले सकते हैं।

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पृथ्वी के मौसम और ज़्यादातर वायुमंडल के ऊपर घूमता है, जिससे अंतरिक्ष यात्रियों को रात के आसमान का साफ़ नज़ारा मिलता है। बादल और रोशनी का प्रदूषण न होने के कारण, स्टेशन पर लगे कैमरे तारों और दूसरी खगोलीय चीज़ों की तस्वीरें ज़्यादा साफ़-साफ़ ले पाते हैं।

वैज्ञानिक काम करने के साथ-साथ, उन्होंने अपना ज़्यादातर खाली समय पृथ्वी और रात के आसमान की तस्वीरें लेने में बिताया; यह एक ऐसा शौक है जिसके लिए वे काफी मशहूर हो गए हैं। ऑनलाइन भी उनकी खूब तारीफ़ हुई है और कई लोगों ने इसे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से ली गई मिल्की वे (आकाशगंगा) की सबसे शानदार तस्वीरों में से एक बताया है।

‘सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल ₹18 करोड़ की चोरी’; राज ठाकरे का सनसनीखेज आरोप

Siddhivinayak Temple donations theft: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी होने का सनसनीखेज दावा किया है। MNS प्रमुख ने शनिवार 1 अगस्त को एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं। मनसे की छात्र इकाई के एक कार्यक्रम में ठाकरे ने यह दावा भी किया कि अयोध्या के राम मंदिर में 1,400 करोड़ रुपये की चोरी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर बोलना चाहिए।

MNS प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि निराश युवा मंदिरों में जाते हैं। लेकिन मंदिर भी भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को आठ न्यासियों द्वारा लिखा गया एक लेटर पढ़ते हुए ठाकरे ने कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर में दान पेटी से पैसे चुराने वाले कुछ कर्मचारियों को न्यासियों की सतर्कता के कारण पकड़ लिया गया।

‘हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी’

ठाकरे ने कहा कि इस चोरी के पकड़े जाने से पहले मंदिर में दान से होने वाली साप्ताहिक आय 50 लाख रुपये से भी कम थी। लेकिन इसके बाद दान की राशि बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये हो गई। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक ठाकरे ने दावा किया, “हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी की गई है।”

9 कर्मचारी गिरफ्तार

इस बीच सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता सदा सरवणकर ने पत्रकारों से कहा कि इस मामले में 9 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “जहां भी आवश्यक था, हमने मामले दर्ज कर दिए हैं।” सरवणकर ने कहा कि दान में वृद्धि न्यास द्वारा किए गए प्रयासों के कारण हुई।

‘आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं’

अपनी पार्टी के छात्र विंग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए ठाकरे ने कहा, “आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं।” राज ठाकरे ने मांग की है कि प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे पर बात करें। उन्होंने यह भी कहा, “निराश युवा मंदिरों में जाते हैं, लेकिन मंदिर भी भ्रष्टाचार से सुरक्षित नहीं हैं।”

सिद्धिविनायक मंदिर का ज़िक्र करते हुए ठाकरे ने कहा कि दान पेटी से पैसे चुराने वाले कुछ कर्मचारियों को ट्रस्टियों की सतर्कता के कारण पकड़ा गया था। आठ ट्रस्टियों द्वारा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लिखे गए एक पत्र को पढ़कर उन्होंने बताया कि चोरी का पता चलने से पहले मंदिर की साप्ताहिक दान आय 50 लाख रुपये से कम थी। बाद में यह बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये हो गई।

ये भी पढ़ें- रेप की धमकियों से डरी नोएडा की लड़की की मां, पीएम मोदी से की भावुक अपील, बोलीं- ‘मेरी बेटी को गोद ले लीजिए’

ठाकरे ने यह दावा अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान चारी केारोपों के बाद आया है। अयोध्या में पुलिस ने राम मंदिर में दान की चोरी के मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अभी जांच चल रही है। मुंबई में दिए गए इन बयानों ने मंदिर के दान को लेकर ठाकरे के आरोपों, सिद्धिविनायक मामले में की गई कार्रवाई और प्रधानमंत्री से जवाब की उनकी मांग पर ध्यान केंद्रित किया है।

Video: चेहरा काला किया, बिच्छू बूटी से रगड़ा… छेड़छाड़ के आरोपियों के साथ गांव वालों ने किया ऐसा व्यवहार, वीडियो वायरल

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में सामने आई एक घटना ने सोशल मीडिया पर नई चर्चा छेड़ दी है। यहां छेड़छाड़ के आरोपों का सामना कर रहे दो युवकों को पुलिस के हवाले करने से पहले ग्रामीणों द्वारा दी गई कथित सजा का वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में दोनों युवकों के चेहरे काले किए गए और उन्हें बिच्छू बूटी से रगड़ते हुए देखा गया। इस घटना के बाद लोगों के बीच महिलाओं की सुरक्षा, अपराधियों पर कार्रवाई और कानून हाथ में लेने जैसे मुद्दों को लेकर बहस शुरू हो गई। कुछ यूजर्स ने ग्रामीणों के गुस्से को सही ठहराया, तो कुछ ने सार्वजनिक सजा देने के तरीके पर सवाल उठाए। मामले ने सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय को जन्म दे दिया है।

सतौली गांव में सामने आया मामला

जानकारी के मुताबिक, यह घटना नैनीताल के मुक्तेश्वर क्षेत्र के सतौली गांव की बताई जा रही है। आरोप है कि मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश के रहने वाले दो युवकों ने गांव से गुजरते समय स्थानीय लड़कियों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इसके बाद ग्रामीणों और संबंधित महिलाओं ने दोनों को रोक लिया।

वायरल वीडियो में दिखा ग्रामीणों का गुस्सा

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लोगों की भीड़ दोनों युवकों के आसपास नजर आई। आरोपियों के चेहरे काले किए गए थे और उन्हें चप्पलों से पीटते हुए भी देखा गया। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें बिच्छू बूटी से रगड़ा, जो त्वचा पर तेज जलन और खुजली पैदा करने के लिए जानी जाती है। बाद में दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया।

सोशल मीडिया पर बंटे लोगों के विचार

वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कई यूजर्स ने महिलाओं के सम्मान के खिलाफ होने वाले व्यवहार पर सख्ती की बात करते हुए ग्रामीणों के कदम का समर्थन किया। कुछ लोगों ने कहा कि ऐसे मामलों में कड़ा संदेश जाना जरूरी है।

कुछ लोगों ने उठाए कानून हाथ में लेने पर सवाल

वहीं, कई यूजर्स ने इस तरह की सार्वजनिक सजा पर सवाल भी उठाए। उनका कहना था कि उत्पीड़न एक गंभीर अपराध है और दोषियों पर कार्रवाई पुलिस और कानून के जरिए होनी चाहिए। लोगों ने पूछा कि क्या किसी भी स्थिति में भीड़ को खुद सजा देने का अधिकार मिलना चाहिए?

घटना ने छेड़ी न्याय और भीड़ की कार्रवाई पर बहस

इस मामले ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा, अपराधों पर कार्रवाई और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा शुरू कर दी है। जहां कुछ लोग इसे अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश बता रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि न्याय की प्रक्रिया कानून के दायरे में ही होनी चाहिए।

एक साल में 1.14 रुपये करोड़ इनकम टैक्स जमा किया, फिर शख्स ने ऐसा क्यों कहा कि कमाई अपनी नहीं लगती