Sankaran takes clean sweep in MRF Formula 2000 Round 1

Sankaran takes clean sweep in MRF Formula 2000 Round 1
MRF Indian National Racing Challenge 4W

The 2026 MRF Indian National Racing Challenge 4W kicked off with Round 1 held at the Madras International Circuit. This year’s championship attracted a total of 56 entries across multiple classes.

Teenagers Saishiva Sankaran and Bhuvan Bonu emerged as the star performers in the MRF Formula 2000 and Formula 1600 classes. But the opening round also saw seasoned racers like Ritesh Rai, Diljith TS and Pratik Sonawane highlighting their experience with emphatic wins.

MRF Formula 2000

Saishiva Sankaran MRF Formula 2000

After winning the 2025 Formula 1600 title, Sankaran moves up to the Formula 2000 category this year.  Despite suffering poor starts, the 18-year-old gained ground and defeated Aditya Patnaik to take victory in all three races.

MRF Formula 2000 Race 1

1. Saishiva Sankaran – 14mins 47.457sec

2. Aditya Patnaik – 14mins 48.121sec

3. Swarnav Das – 14mins 53.134sec

MRF Formula 2000 Race 2

1. Saishiva Sankaran – 20mins 11.403sec

2. Aditya Patnaik – 20mins 13.709sec

3. Krishay Gutte – 20mins 15.857sec

MRF Formula 2000 Race 3

1. Saishiva Sankaran – 16mins 22.565sec

2. Aditya Patnaik – 16mins 27.649sec

3. Swarnav Das – 16mins 33.095sec

MRF Formula 1600

Bhuvan Bonu MRF Formula 1600

Gyan S won the first Formula 1600 race after Bonu suffered a drop in power in the closing laps. But Bonu bounced back the next day, with the 16-year-old surviving some tough moments to win the remaining two races.

MRF Formula 1600 Race 1

1. Gyan S – 16mins 28.952sec

2. Priyanka Vijay – 14mins 52.355sec + 1 lap

3. Bhuvan Bonu – 14mins 59.959sec + 1 lap

MRF Formula 1600 Race 2 (only two finishers)

1. Bhuvan Bonu – 21mins 19.141sec

2. Evan Shrawan – 21mins 47.811sec

MRF Formula 1600 Race 3

1. Bhuvan Bonu – 18mins 10.216

2. Gyan Satish – 16mins 22.952sec + 1 lap

3. Shivansh Bejoy – 16mins 34.435sec + 1 lap

Indian Super Touring Cars

Ritesh Rai Indian Super Touring Cars

Former Indian National Champion Arjun Narendran returns to active racing after several years away. He qualified in pole position for the first Indian Super Touring Cars race, but spun out of the lead. To further add to his woes, he was unable to start Race 2 as the necessary repairs to his car could not be completed in time.

With his key rival out of the running, Ritesh Rai ended up taking victory in both the races.

Indian Super Touring Cars Race 1

1. Ritesh Rai (Buzzing Hornet Motorsports) – 19mins 01.310sec

2. Aman Nagdev (Buzzing Hornet Motorsports) – 19mins 15.179sec

3. Jeet Jhabakh (Buzzing Hornet Motorsports) – 19mins 23.583sec

Indian Super Touring Cars Race 2

1. Ritesh Rai (Buzzing Hornet Motorsports) – 19mins 05.125sec

2. Aman Nagdev (Buzzing Hornet Motorsports) – 19mins 18.370sec

3. Jeet Jhabakh (Buzzing Hornet Motorsports) – 19mins 23.919sec

Super Stock

Diljith TS Super Stock

Diljith TS led a clean sweep for DTS Racing in the Super Stock Class. Deepa S John, the only female racer in the class, also finished on the podium in both races. 

Super Stock Race 1

1. Diljith TS (DTS Racing) – 20mins 58.700sec

2. Deepa S John (DTS Racing) – 19mins 02.465sec + 1 lap

3. Lal Kattikulam Bharathan (DTS Racing) – 19mins 07.680sec + 1 lap

Super Stock Race 2

1. Diljith TS (DTS Racing) – 20mins 58.700sec

2. Lal Kattikulam Bharathan (DTS Racing) – 21mins 03.047sec

3. Deepa S John (DTS Racing) – 19mins 21.307sec + 1 lap

Polo Cup

Pratik Sonawane Polo Cup

Former Polo Cup and Ameo Cup champion Pratik Sonawane fought off rookie Neel Shah to win both races in this class. Hitarth Bhatt and Balaji Raju also enjoyed strong Polo Cup debuts, with each driver scoring a P3 result.

Polo Cup Race 1

1. Pratik Sonawane – 19mins 38.049sec

2. Neel Shah – 19mins 40.454sec

3. Hitarth Bhatt – 19mins 43.247sec

Polo Cup Race 2

1. Pratik Sonawane – 19mins 39.604sec

2. Neel Shah – 19mins 55.514sec

3. Balaji Raju – 20mins 00.495sec

Formula LGB 1300

Viswas Vijayaraj Formula LGB 1300

Viswas Vijayaraj also took a clean sweep, this time in the Formula LGB 1300 class. This included the reverse grid Race 2, where he started from P8 on the grid, but made it to the front of the pack by the end of the first lap.
Over in the Junior category, Sri Lankan racer Kaveen Diyyan Rajapaksa enjoyed a fruitful round, winning all three races.

Formula LGB 1300 Open Race 1

1. Viswas Vijayaraj (DTS Racing) – 18mins 53.431sec

2. Vinithkumar (DTS Racing) – 18mins 58.267sec

3. Liron Jaden Samuels – 19mins 03.051sec

Formula LGB 1300 Open Race 2

1. Viswas Vijayaraj (DTS Racing) – 22mins 21.644sec

2. Vinithkumar (DTS Racing) – 22mins 24.307sec

3. Liron Jaden Samuels (DTS Racing) – 22mins 27.640sec

Formula LGB 1300 Open Race 3

1. Viswas Vijayaraj (DTS Racing) – 13mins 15.418sec

2. Liron Jaden Samuels (DTS Racing) – 13mins 23.756sec

3. Vinithkumar (DTS Racing) – 13mins 24.135sec

Formula LGB 1300 Junior Race 1

1. Kaveen Diyyan Rajapaksa (Momentum Motorsports) – 19mins 21.510sec

2. Abhijit Vadavalli (Momentum Motorsports) 19mins 39.205sec

3. Yash Vikram Singh (Delta Speeds) – 19mins 39.596sec

Formula LGB 1300 Junior Race 2

1. Kaveen Diyyan Rajapaksa (Momentum Motorsports) – 22mins 41.719sec

2. Abhijit Vadavalli (Momentum Motorsports) – 22mins 51.719sec

3. Aadam Junaid (Momentum Motorsports) – 22mins 54.102sec

Formula LGB 1300 Junior Race 3

1. Kaveen Diyyan Rajapaksa (Momentum Motorsports) – 13mins 36.878sec

2. Shatveer Shetty (Meco Racing) – 13mins 43.726sec

3. Yash Vikram Singh (Delta Speeds) – 13mins 51.885sec
 

CJP ने संगठन में किए बड़े बदलाव, नए पदाधिकारियों का ऐलान, पार्टी ने बताया अब आगे का क्या है प्लान

CJP ने संगठन में किए बड़े बदलाव, नए पदाधिकारियों का ऐलान, पार्टी ने बताया अब आगे का क्या है प्लान

Abhijeet Dipke Cockroach Janta Party

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मंगलवार को अपने संगठन में नए पदाधिकारियों और जोनल कोऑर्डिनेशन कमेटियों के सदस्यों की घोषणा की। यह फैसला संगठन की 14 सदस्यीय नेशनल वर्किंग कमेटी के गठन के कुछ सप्ताह बाद लिया गया है। पार्टी ने अपने संस्थापक अभिजीत दिपके को राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है। वहीं मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और प्रवक्ता आशुतोष रांका को सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।

 

CJP ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर नए संगठनात्मक पदाधिकारियों की घोषणा करते हुए कहा कि वह देशभर में संगठन को और मजबूत तथा सक्रिय बनाने की दिशा में काम करना चाहती है। संगठन ने इसके साथ ही पांच संगठन संयुक्त सचिवों और दो राष्ट्रीय प्रवक्ताओं के नामों का भी ऐलान किया है।

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व्यंग्यात्मक संगठन से युवा आंदोलन तक पहुंचा CJP

 

कॉकroach जनता पार्टी की शुरुआत एक व्यंग्यात्मक संगठन के तौर पर हुई थी, लेकिन पिछले महीने हुए सफल प्रदर्शन के बाद यह धीरे-धीरे युवा आंदोलन और दबाव समूह के रूप में उभरा। संगठन का दावा है कि उसके आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

 

नए पदाधिकारियों की घोषणा ऐसे समय हुई है, जब CJP ने केंद्र सरकार पर 25 जुलाई को किए गए कथित वादों और प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए एक बार फिर आंदोलन का ऐलान किया है।

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5 सितंबर को दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च का ऐलान

 

CJP ने सोमवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने और 5 सितंबर को दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की घोषणा की थी। संगठन का आरोप है कि केंद्र सरकार ने 25 जुलाई को किए गए आश्वासनों को पूरा नहीं किया है। CJP के मुताबिक, 25 जुलाई को सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों के बाद संगठन ने अच्छे विश्वास में अपना राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन वापस लिया था। हालांकि, अब संगठन का आरोप है कि सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं पर खरी नहीं उतरी।

 

संगठन ने बताया कि 5 सितंबर को होने वाला मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाएगा। मार्च का नेतृत्व कथित तौर पर मृत NEET अभ्यर्थियों के परिवार और पुलिस कार्रवाई से प्रभावित लोगों के परिवार करेंगे। CJP ने दावा किया कि देशभर से छात्र, युवा संगठन और युवा नागरिक इस शांतिपूर्ण मार्च में शामिल हो सकते हैं।

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FIR वापस लेने के वादे को लेकर सरकार पर आरोप

 

CJP लंबे समय से केंद्र सरकार पर अपने वादों से पीछे हटने का आरोप लगाती रही है। संगठन का मुख्य आरोप प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और प्रदर्शनकारियों को दंडात्मक कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा देने के कथित आश्वासन से जुड़ा है। इस महीने की शुरुआत में CJP ने सुप्रीम कोर्ट का रुख भी किया था। संगठन ने केंद्र की मोदी सरकार पर छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को खत्म करने की प्रक्रिया में कथित तौर पर अड़चन डालने का आरोप लगाया था।

 

संगठन ने चेतावनी दी थी कि यदि 25 जुलाई को किए गए कथित वादों पर ठोस प्रगति नहीं हुई तो देशभर में आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है। CJP ने सोमवार को अपने बयान में कहा कि सरकार किसी पूरी पीढ़ी का भरोसा लेकर युवाओं को घर भेजने के बाद अपने ही वादे से पीछे नहीं हट सकती। संगठन ने इसे “विश्वासघात” करार देते हुए कहा कि वह इसे स्वीकार नहीं करेगा।

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आगे क्या?

नए पदाधिकारियों की नियुक्ति और 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च के ऐलान से CJP ने अपने संगठनात्मक विस्तार के साथ-साथ सरकार पर दबाव बढ़ाने की रणनीति भी स्पष्ट कर दी है। अब नजर इस बात पर होगी कि केंद्र सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च में कितनी भागीदारी होती है।

क्या कोई प्राइवेट कंपनी आपके ITR और EPFO डेटा को एक्सेस कर सकती है? जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा है

क्या प्राइवेट कंपनियां आपका इनकम टैक्स रिटर्न या प्रोविडेंट फंड रिकॉर्ड एक्सेस कर सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से उन आरोपों की जांच करने को कहा है जिनमें यह कहा गया है कि प्राइवेट वेरिफिकेशन कंपनियां लोगों के एंप्लॉयमेंट और फाइनेंशियल जानकारियां एक्सेस कर रही हैं और उनका व्यावसायिक इस्तेमाल कर रही हैं।

आईटीआर और ईपीएफओ को डेटा को संवेदनशील माना जाता है

सरकार ने एक जनहित याचिका पर यह निर्देश जारी किया है। इस याचिका में कहा गया है कि एक ऐसा कमर्शियल ईकोसिस्टम बना है, जिसमें EPFO/UAN Records और PAN से जुड़े फाइनेंशियल डेटा को प्राइवेट कंपनियां एक्सेस कर रही हैं। ऐसे डेटा को काफी संवेदनशील माना जाता है।

याचिकाकर्ता ने प्राइवेट कंपनियों के डेटा के एक्सेस पर सवाल उठाए हैं

सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि किसी कंपनी को ऐसी जानकारियां गैरकानूनी तरीके से एक्सेस करते नहीं पाया है। उसने यह भी नहीं कहा है कि प्राइवेट कंपनियों के पास लोगों के आईटीआर और ईपीएफओ रिकॉर्ड के इस्तेमाल की आजादी है। लेकिन, इस याचिका से एक बड़ा मसले को लेकर सवाल उठे हैं, जो करोड़ों भारतीयों से जुड़ा है।

डेटा एक्सेस के मसले से जुड़े तीन अहम सवाल सामने आए हैं

इस मसले से जुड़े कई सवाल हैं। पहला, सरकारी एजेंसियों के पास लोगों की जो व्यक्तिगत जानकारियां हैं, उनमें से किन जानकारियों का इस्तेमाल प्राइवेट कंपनियां कर सकती हैं? दूसरा, उनके इस्तेमाल का तरीका क्या होगा? तीसरा, क्या वे व्यक्ति विशेष से उसकी इन जानकारियों के इस्तेमाल की इजाजत लेती हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने व्यक्तिगत जानकारियों के इस्तेमाल पर चिंता जताई है

सुप्रीम कोर्ट ने लोगों की संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारियों के कथित दुरुपयोग पर चिंता जताई है। उसने सरकार से इस मामले की जांच करने को कहा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने कहा कि सरकार इस समस्या पर लगाम लगाने के तरीके पर विचार कर सकती है। वह इस फील्ड के एक्सपर्ट्स की मदद ले सकती है।

याचिकाकर्ता ने कुछ प्राइवेट सर्विसेज के एडवर्टाइजमेंट पर सवाल उठाए हैं

याचिकाकर्ता ने अपनी शिकायत में उन प्राइवेट सर्विसेज का जिक्र किया है, जो कथित रूप से ‘ईपीएफओ पासबुक एपीआई’, ‘फॉर्म26 एपीआई’ और ‘इनकम टैक्स रिटर्न एपीआई’ जैसे प्रो़क्ट्स का विज्ञापन देती हैं। उन्होंने कहा है कि इससे यह सवाल उठता है कि ऐसी संवेदनशील जानकारियां कैसे हासिल या वेरिफाय की जा रही हैं।

Raksha Bandhan 2026: रक्षा बंधन पर ग्रहण और भद्रा के साथ रहेगा पंचक का साया, जानें त्योहार पर पंचक का क्या होगा असर

Raksha Bandhan 2026: रक्षा बंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम का पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। बदले में भाई अपनी बहनों की हमेशा रक्षा करने का वचन देते हैं और राखी बांधने पर उन्हें उपहार देते हैं। यह पर्व हर साल सावन की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। हिंदू धर्म में इस पर्व और इस दिन का विशेष स्थान है। इसके अलावा इस साल रक्षा बंधन पर कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं।

इस साल रक्षा बंधन पर साल 2026 का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण लग रहा है। सावन पूर्णिमा पर भद्रा का साया रहेगा और साथ ही पंचक भी रहेगा। यह तीनों ही ऐसी बातें हैं, जिनमें शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। राखी बांधते समय भद्रा, ग्रहण और पंचक का विचार किया जाता है। ऐसे में लोगों के मन में राखी के त्योहार को लेकर भ्रम हो रहा है कि भद्रा और पंचक के दौरान राखी बांधने को लेकर क्या नियम और मान्यताएं हैं :

भद्रा का विचार : शास्त्रों में भद्रा के समय राखी बांधना पूरी तरह वर्जित माना गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, रावण को उसकी बहन सूर्पणखा ने भद्रा काल में ही राखी बांधी थी, जिसके कारण उसके पूरे कुल का नाश हो गया। इसलिए भद्रा समाप्त होने के बाद ही राखी बांधी जाती है।

पंचक का विचार : पंचक के दौरान राखी बांधने पर कोई प्रतिबंध या दोष नहीं होता है। पंचक का प्रभाव मुख्य रूप से नए घर के निर्माण, छत ढालने, लकड़ी इकट्ठा करने, दक्षिण दिशा की यात्रा करने या अंतिम संस्कार जैसे कार्यों पर लागू होता है। रक्षाबंधन जैसे शुभ और धार्मिक त्यौहार पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता। इस बार पंचक का आरंभ गुरुवार से हो रहा है। गुरुवार से जो पंचक आरंभ होता है उसे सामान्य माना जाता है।

राखी बांधने का सही नियम :

यदि रक्षाबंधन पर भद्रा का साया है, तो भद्रा काल बीतने का इंतजार करें।

पंचक चल रहा हो तब भी आप भद्रा रहित शुभ मुहूर्त में आराम से राखी बांध सकते हैं।

रक्षाबंधन पर पंचक और भद्रा का समय

27 अगस्त को पंचक दोपहर 1 बजकर 36 मिनट पर लग जाएगा। 28 तारीख को रक्षाबंधन है और पंचक पूरे पांच दिन रहता है। पंचक 1 सितंबर को सुबह 3 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगा।

27 अगस्त को भद्रा पूर्णिमा तिथि आरंभ होने के साथ ही लग जाएगी और रात 9 बजकर 29 मिनट तक रहेगी। इसलिए रक्षाबंधन 27 की बजाय 28 अगस्त को मनाया जाएगा। 28 को सूर्योदय के साथ पूर्णिमा तिथि 9 बजकर 49 मिनट तक ही है जो भद्रा मुक्त है।

रक्षाबंधन के दिन शतभिषा नक्षत्र रहेगा। इसलिए इस दिन राखी बांधने को कोई दोष नहीं लगेगा। रक्षाबंधन शतभिषा नक्षत्र में होगा। इसलिए आप बेफिक्र होकर राखी बांध सकते हैं।

रक्षाबंधन पर रहेगा चंद्र ग्रहण?

इस साल का दूसरा और अंतिम चंद्रग्रहण 28 अगस्त को लगने जा रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि चंद्रग्रहण के दिन क्या राखी बांध सकते हैं। चंद्रग्रहण का सूतक काल ग्रहण आरंभ होने से 9 घंटे पहले लग जाता है। लेकिन, यह चंद्रग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा। इसलिए रक्षाबंधन का पर्व आप बिना किसी के चिंता का मना सकते हैं।

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Bajaj Pulsar 125 और Pulsar 150 का नया अवतार लॉन्च, ₹92,990 से शुरू कीमत, मिलेंगे Ride Modes, TFT डिस्प्ले और Google Maps

Bajaj Pulsar 125 और Pulsar 150 का नया अवतार लॉन्च, ₹92,990 से शुरू कीमत, मिलेंगे Ride Modes, TFT डिस्प्ले और Google Maps

bajaj pulsar 125

बजाज ऑटो ने भारतीय बाजार में अपनी लोकप्रिय Pulsar 125 और Pulsar 150 मोटरसाइकिलों के नए मॉडल पेश किए हैं। कंपनी ने दोनों बाइक्स में अपग्रेडेड इंजन, नया हार्डवेयर और कई नए फीचर्स जोड़े हैं। Bajaj Pulsar 125 की शुरुआती कीमत ₹92,990, जबकि Pulsar 150 की कीमत ₹1,15,233 से शुरू होती है। ये सभी कीमतें एक्स-शोरूम हैं।

 

नई Pulsar सीरीज को सिर्फ रोजमर्रा के आवागमन वाली बाइक के तौर पर नहीं, बल्कि ज्यादा प्रीमियम फीचर्स वाली मोटरसाइकिल के रूप में पेश किया गया है। चुनिंदा वेरिएंट में Ride Modes, Crawl Tech, Monoshock Suspension और Google Maps Navigation के साथ 5-इंच TFT डिस्प्ले जैसे फीचर्स दिए गए हैं। खास बात यह है कि इनमें से कई फीचर्स अब कम कीमत वाली मोटरसाइकिलों में भी तेजी से देखने को मिल रहे हैं।

 

Bajaj Pulsar 125 और Pulsar 150: कीमत और वेरिएंट

 

Pulsar 125 को चार वेरिएंट में पेश किया गया है। इसके बेस वर्जन की कीमत ₹92,990 है, जबकि Premium Split Seat वेरिएंट की कीमत ₹1,04,318 तक जाती है। इसके STD Single Seat वेरिएंट की कीमत ₹99,291 और STD Split Seat की कीमत ₹1,00,288 है। वहीं Pulsar 150 तीन वेरिएंट में उपलब्ध है। इसके Single Disc मॉडल की कीमत ₹1,15,233 है। इसके अलावा Twin Disc Single Seat की कीमत ₹1,22,184 और Twin Disc Split Seat की कीमत ₹1,23,187 है।

 

नए इंजन में लो-RPM परफॉर्मेंस पर फोकस

 

नई Pulsar 125 में 11.7bhp की पावर मिलती है, जबकि Pulsar 150 में 13.6bhp का आउटपुट मिलता है। बजाज के मुताबिक, दोनों मोटरसाइकिलें 3,000rpm और उससे ऊपर अपने पीक पावर का करीब 85 प्रतिशत उपलब्ध कराती हैं। कंपनी ने गियरबॉक्स में भी बदलाव किया है, जिससे कम स्पीड पर बाइक की राइडिंग क्षमता बेहतर हो सके। मोटरसाइकिलों में डीप गियर बेवल्स दिए गए हैं, जिनसे बार-बार क्लच का इस्तेमाल करने की जरूरत कम होने का दावा किया गया है। शहरी ट्रैफिक में यह बदलाव खास तौर पर उपयोगी हो सकता है, क्योंकि यहां अधिकतम पावर के बजाय कम स्पीड पर बेहतर कंट्रोल और स्मूथ राइडिंग ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।

 

Crawl Tech से ट्रैफिक में आसान होगी राइडिंग

नई Pulsar का एक प्रमुख फीचर Crawl Tech है। यह फीचर बाइक को बहुत कम स्पीड पर चलाने में मदद करता है, जिससे राइडर को बार-बार थ्रॉटल दबाने की जरूरत कम पड़ती है। बजाज का दावा है कि Crawl Tech क्लच और थ्रॉटल इनपुट को आसान बनाता है और धीमे ट्रैफिक में बाइक के बंद पड़ने यानी stall होने के जोखिम को कम करता है।

 

किफायती Pulsar में अब ज्यादा टेक्नोलॉजी

 

Pulsar 125 के चुनिंदा मॉडल में Road, Rain और Sport तीन राइडिंग मोड दिए गए हैं। Pulsar 150 की पूरी रेंज में ये राइडिंग मोड उपलब्ध हैं। ऊपरी वेरिएंट में 5-इंच TFT डिस्प्ले और Google Maps Navigation के साथ LED इंडिकेटर्स, Hazard Lamps और Integrated Starter Generator (ISG) जैसे फीचर्स भी मिलते हैं।

 

वहीं बेस Pulsar 125 में कलर LCD, LED हेडलैंप, Monoshock Suspension और Crawl Tech दिया गया है। हालांकि इस वेरिएंट में Ride Modes और TFT डिस्प्ले नहीं मिलता। दोनों मोटरसाइकिलों में अब Monoshock Rear Suspension दिया गया है। इसके अलावा USB Type-C चार्जिंग पोर्ट भी मिलता है।

 

ज्यादा प्रीमियम बनाने की कोशिश

 

नई Pulsar 125 और Pulsar 150 के जरिए बजाज ने टेक्नोलॉजी और फीचर्स के दम पर इन मोटरसाइकिलों को पहले से ज्यादा प्रीमियम बनाने की कोशिश की है। बेस वेरिएंट अपेक्षाकृत सरल रखे गए हैं, जबकि महंगे वेरिएंट में ऐसे फीचर्स मिलते हैं जो पहले ज्यादा कीमत वाली मोटरसाइकिलों तक सीमित हुआ करते थे। अब देखने वाली बात यह होगी कि ये नए फीचर्स राइडिंग एक्सपीरियंस को कितना बेहतर बनाते हैं और अतिरिक्त कीमत के मुकाबले ग्राहकों के लिए कितने फायदेमंद साबित होते हैं।

आज का एक्सप्लेनर:क्या बांग्लादेश मक्का पैक्ट में शामिल होकर सऊदी-पाक-तुर्किये के साथ लड़ेगा; भारत के तीन तरफ से घिरने का खतरा

18 दिन पहले सऊदी, तुर्किये और पाकिस्तान के बीच मक्का में एक डिफेंस एग्रीमेंट हुआ। इसमें NATO की तरह करार है कि तीनों में से किसी एक देश पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा। अब इसमें कुछ और इस्लामिक देशों के शामिल होने की अटकलें लग रही हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम है भारत का पड़ोसी- बांग्लादेश। क्या वाकई ‘इस्लामिक NATO’ जॉइन करेगा बांग्लादेश, ये भारत के लिए कितना बड़ा खतरा और सरकार कैसे काउंटर करेगी; आज के एक्सप्लेनर में जानेंगे… सवाल-1: मक्का एग्रीमेंट में बांग्लादेश के शामिल होने की चर्चा क्यों उठी? जवाबः कोई औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन बांग्लादेश के दो मंत्रियों ने बयानों से चर्चा शुरू हुई…
सवाल-2: तो बांग्लादेश मक्का पैक्ट में शामिल होगा या नहीं? जवाब: सीनियर डिफेंस जर्नलिस्ट मनोज जोशी कहते हैं, ‘अगर ये सुन्नी देशों के बीच का पैक्ट है, तो बांग्लादेश भी इसमें शामिल हो सकता है। अगर इसका मकसद मिडिल ईस्ट की रीजनल सिक्योरिटी है, तो इसमें बांग्लादेश की कोई खास अहमियत नहीं है।’ स्ट्रैटेजिक एनालिस्ट ब्रह्म चेलानी भी कहते हैं, ‘ये पैक्ट 4 सुन्नी देशों का गठबंधन बन सकता है। सत्ताधारी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी, BNP के इस्लामिक ताकतों के साथ गहरे रिश्ते रहे हैं। रहमान की विदेश नीति उनकी पार्टी की उसी पुरानी स्ट्रैटेजी की तरफ जाती दिख रही है।’ दरअसल, बांग्लादेश में इस वक्त BNP की सरकार है, जो अपने कट्टर सुन्नी इस्लामिक रुख के लिए जानी जाती है। बीते कुछ समय से ये कट्टर रुख बढ़ रहा है, इसके कुछ संकेत हैं… पैक्ट में शामिल होने से बांग्लादेश को सऊदी अरब से विदेशी रोजगार, निवेश और तेल मिल सकता है। तुर्किये से डिफेंस टेक्नोलॉजी, हथियार और ट्रेनिंग मिल सकती है। पाकिस्तान इस्लामी मंचों पर राजनीतिक समर्थन दे सकता है। हालांकि बांग्लादेश के पूर्व राजनयिक एम शाहिदुल इस्लाम लिखते हैं, ‘बांग्लादेश को अपने फैसले दूसरों को खुश करने के लिए नहीं लेने चाहिए। मक्का पैक्ट की लागत बहुत ज्यादा है, लेकिन फायदा स्पष्ट नहीं है। समझौते में शामिल दूसरे देश बांग्लादेश जैसे छोटे देश पर दबाव भी बना सकते हैं। बांग्लादेश को पूछना होगा कि क्या उसे भारत-पाकिस्तान या ईरान-सऊदी के संघर्ष से दूर रहने की आजादी होगी।’
सवाल-3: अगर बांग्लादेश मक्का-पैक्ट में शामिल हुआ, तो भारत के लिए क्या खतरा? जवाब: दो बड़े खतरे हैं… 1. साउथ एशिया में भारत का प्रभाव, सिक्योरिटी, आर्थिक रिश्तों पर असर 2. पाकिस्तान से जंग हुई, तो मुश्किल बढ़ेगी सवाल-4: भारत इसे कैसे काउंटर करेगा? जवाब: भारत को घेरने का इरादा तो दिखता है, लेकिन लंबे समय तक भारत जैसी इकॉनोमिक पावर का विरोध करना मुमकिन नहीं है। भारत 2 तरह की तैयारी कर सकता है… 1. सऊदी, तुर्किये जैसे देशों से रिश्ते बेहतर करना 2. अहम समुद्री रूट्स पर नेवी को मजबूत करना 3. मक्का पैक्ट का उद्देश्य साफ नहीं, भारत को कड़ी नजर रखनी चाहिए ———— ये खबर भी पढ़िए… क्या जम्मू-कश्मीर पर भारत के पाले में अमेरिका, अमेरिकी राजदूत सर्जियो बोले- ये भारत का अहम हिस्सा; ट्रम्प का असली मकसद क्या 19 अगस्त 2026 को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर जम्मू-कश्मीर में सीएम उमर अब्दुल्ला से मिले। उन्होंने वहीं से बयान दिया- ‘जम्मू-कश्मीर भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मैं यहां पहली बार आया। ये बहुत खूबसूरत जगह है।’ पूरी खबर पढ़िए…

Delhi Lakshmi Yojana First Installment: कंफर्म हो गया, 26 अगस्त को लक्ष्मी योजना की जारी होगी पहली किस्त, ऐसे चेक करें स्टेटस

Delhi Lakshmi Yojana First Installment: दिल्ली की महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी दिल्ली लक्ष्मी योजना की पहली किस्त 26 अगस्त को जारी होने जा रही है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बुधवार को एक भव्य कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों के खातों में 2500 रुपये की पहली किस्त ट्रांसफर करेंगी। इस योजना की शुरुआत दिल्ली में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से की गई है।

तालकटोरा स्टेडियम में भव्य कार्यक्रम, 2500 महिलाओं को मिलेगी किस्त

इस योजना की पहली किस्त जारी करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा तालकटोरा स्टेडियम में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 26 अगस्त की सुबह 11 बजे शुरू होगा। इस विशेष समारोह में लगभग 2500 महिलाओं को सांकेतिक रूप से पहली किस्त दी जाएगी। आपको बता दें कि दिल्ली लक्ष्मी योजना 1 अगस्त से प्रभावी हुई थी और अब तक इस योजना के तहत 6 लाख से अधिक महिलाओं ने अपना पंजीकरण कराया है।

2500 रुपये का पूरा गणित: बैंक खाते और एफडी/आरडी का नियम

दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जानी है। ये मदद 1 सितंबर से लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा होना शुरू हो जाएगी। हालांकि इस 2500 रुपये की राशि को पूरा का पूरा अकाउंट में नहीं भेजा जाएगा। बाय डिफॉल्ट 2500 रुपये में से 1500 रुपये लाभार्थी महिला के RD या फिक्स्ड डिपॉजिट (खाते में जमा किए जाएंगे। बाकी 1000 रुपये लाभार्थी के उस बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे जो सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी वॉलेट से जुड़ा होगा। आरडी या एफडी में जमा की गई राशि पर 31 जुलाई 2029 तक लॉक-इन पीरियड लागू रहेगा।

अगर कोई लाभार्थी महिला चाहे तो वह पूरी 2500 रुपये की राशि को भी एफडी या आरडी में जमा करने का विकल्प चुन सकती है, जिस पर भी समान समय तक लॉक-इन पीरियड लागू रहेगा।

ऐसे चेक करें अपनी एप्लीकेशन का स्टेटस

अगर आपने दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन किया है और अपने आवेदन की स्थिति देखना चाहते हैं, तो इन आसान स्टेप्स का पालन कर सकते हैं:

  • सबसे पहले दिल्ली लक्ष्मी योजना के आधिकारिक पोर्टल dly.delhi.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर दिखाई दे रहे Track Application विकल्प पर क्लिक करें।
  • इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खुलेगा, जहां आपको अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर, जन्म तिथि और स्क्रीन पर दिखाई दे रहा कैप्चा डालना करना होगा।
  • सभी जानकारी भरने के बाद Sign In बटन पर क्लिक करें। इसके बाद आपके आवेदन का स्टेटस स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा।

क्या अभी भी किया जा सकता है आवेदन?

जो महिलाएं अभी तक इस योजना में आवेदन नहीं कर सकी हैं, वे पोर्टल पर जाकर कभी भी आवेदन कर सकती हैं। दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरे साल खुली रहेगी। इसके लिए महिलाएं dly.delhi.gov.in/Account/Login पर जाकर आवेदन कर सकती हैं। हर महीने की अंतिम तारीख को उस महीने मिलने वाले आवेदनों के लिए कट-ऑफ तारीख माना जाएगा। इसके बाद स्वीकृत होने वाले पात्र आवेदनों को अगले महीने से योजना का लाभ दिया जाएगा।

कौन कर सकता है आवेदन? पात्रता और शर्तें

दिल्ली लक्ष्मी योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी पात्रता मापदंड तय किए हैं-

  • आवेदन जमा करने की तिथि पर महिला की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह अपने परिवार की सबसे बड़ी महिला सदस्य होनी चाहिए।
  • परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • महिला दिल्ली की पंजीकृत मतदाता होनी चाहिए। इसके अलावा आवेदक, उसके पति या उसके माता-पिता में से कोई भी आवेदन की तिथि पर कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली का निवासी होना चाहिए।
  • पिछले 12 महीनों के दौरान परिवार की बिजली की खपत 2400 यूनिट से अधिक नहीं होनी चाहिए।

कौन नहीं होगा पात्र?

  • सरकारी पेंशन या नियमित वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाली महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
  • आयकरदाता, जीएसटी भरने वाले, सरकारी कर्मचारी और जन प्रतिनिधि इस योजना से बाहर रखे गए हैं।
  • अगर आवेदक या उसके परिवार का कोई सदस्य चार पहिया वाहन का मालिक है या सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, बोर्ड या स्थानीय निकाय में काम करता है तो लाभ नहीं मिलेगा।
  • जिन आवेदकों के 3 से अधिक बच्चे हैं या जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है, वे भी इस योजना की शर्तों के तहत अपात्र हैं।

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अयोध्या में चंपत राय के विरोध में संतों की बैठक पर पुलिस की रोक, संतों ने लगाया गंभीर आरोप

अयोध्या में चंपत राय के विरोध में संतों की बैठक पर पुलिस की रोक, संतों ने लगाया गंभीर आरोप

अयोध्या से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के विरोधी गुट के संतों की प्रस्तावित बैठक को पुलिस द्वारा रोक दिए जाने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि यह बैठक रामायणम आश्रम में आयोजित होनी थी। संतों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने रामायणम आश्रम में ताला लगवा दिया और कुछ समय के लिए वहां मौजूद संतों को नजरबंद रखा। इसके बाद संतों ने जिला प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।

 

प्रदर्शन के दौरान संतों ने 'चंदा चोरों अयोध्या छोड़ो' के नारे लगाए। संतों ने आरोप लगाया कि चढ़ावा प्रकरण में जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। विरोधी गुट के संतों ने चेतावनी दी कि जल्द ही एक लाख संतों को लेकर अयोध्या में बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी। संतों ने वर्तमान राम मंदिर ट्रस्ट को भंग कर संतों का नया ट्रस्ट बनाए जाने की मांग भी उठाई। 

 

महंत जन्मेजय शरण ने कहा कि राम मंदिर में चंदा व चढ़ावा चोरी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए जिसे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगीजी ने अयोध्या मे कई बार कही है कि दूध का दूध व पानी का पानी हो तो वहीं होना चाहिए, महंत दिलीप त्यागी ने कहा की राम मंदिर मे चढ़ावा चोरी से अयोध्या की गरिमा – महिमा की वैश्विक स्तर पऱ बदनामी हुई है जिसका कोई निराकरण नहीं हुआ।

उन्होंने  कहा कि हमारा केंद्र व प्रदेश की सरकार से मांग है कि SIT की जांच व उससे इनको क्लीन चिट मिलने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट बनाने का आदेश सर्वोच्च न्यायलय ने दिया था और भारत सरकार के निर्देश पऱ ट्रस्ट बना है इसलिए SIT कुछ नहीं कर सकती है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के द्वारा रिटायर्ड जजों की एक कमेटी बनाई जाए और उनके द्वारा जांच कराई जाए।

साथ ही इस ट्रस्ट को भंग किया जाए। संत प्रकाशनन्द उर्फ कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि आज हमारे संत समाज की शांतिपूर्वक चलने वाली संगोष्ठी थी। इसके माध्यम से हम ज्ञापन प्रशासन को सौपते परन्तु जिस प्रकार से यह कार्य हुआ है। चंदा चोरों को बचाया जा रहा है। इसमें जिला प्रशासन भी शामिल है। इसीलिए हम लोगों को रोका जा रहा है। ताला लगा दिया गया। उन्होंने कहा कि हम चुप नहीं बैठेंगे।

इसकी आवाज पूरे देश के संतों के साथ उठाएंगे। उन्होंने कहा कि राम मंदिर मे हुई चोरी के अभी तक केवल छोटी मछलियां ही पकड़ी गई हैं। बड़ी मछली बाहर जिनका नाम दुनिया जानती है, संतों की बैठक मे शामिल होने आए संत प्रकाशनन्द ने कहा की हम लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपने कार्यक्रम को आयोजित किया था। इसके पूर्व भी हम लोगों ने कई जगह व दिल्ली में शांतिपूर्वक बैठक की थी।

कोई दिक्कत किसी को नहीं हुई किन्तु श्रीराम की नगरी अयोध्या मे उनके मंदिर के चढ़ावे की चोरी को लेकर होने वाली साधु-संतों की बैठक को रोका जा रहा है, हमें धमकियां दी जा रही है। उन्होंने कहा कि अब हमें लगता है कि चढ़ावा चोरी का लाभ स्थानीय प्रशासन को भी मिला है इसीलिए हम लोगो को रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे संतों को बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि हम लोग अयोध्या एक लाख संतो के साथ आएंगे और जन-जन आंदोलन होगा। देखते हैं कि कितने लोगों  को जेल भेजा जाता है। हम लोग मरेंगे तो राम के लिए जिएंगे तो राम के लिए।

Bajaj Pulsar 125 New vs Old: Price and differences explained

Bajaj Pulsar 125 New vs Old: Price and differences explained
Lead image showing front right quarter shots of the outgoing and the new Pulsar 125

With the discontinuation of the N125 in India, the Pulsar 125 had gained attention back as the entry-level Pulsar model and Bajaj has just revamped it from the ground-up. Some of the obvious upgrades are to the engine, frame, and suspension. However, with the line-up expanding to four variants from two earlier, what exactly sets the new Pulsar 125 apart from the old? Let’s find out.

Note: At the time of writing, Bajaj hasn’t shared the exact dimensions and kerb weight for the new Pulsar 125 so this comparison skips that. We’ll update the story once we get those details.

Bajaj Pulsar 125 New vs Old: Engine

More power and torque at the same points in the rev range

 

New Bajaj Pulsar 125

Old Bajaj Pulsar 125

Engine

124.58cc single-cylinder, air-cooled

124.38cc single-cylinder, air-cooled

Power

12.1hp at 8,500rpm

11.8hp at 8,500rpm

Torque

11.4Nm at 6,500rpm

10.8Nm at 6,500rpm

Transmission

5-speed

5-speed

Similar to the all-new Pulsar 150, the new Pulsar 125’s engine also looks similar to the outgoing one at first glance, but that’s not the case. The cubic capacity on the new engine has increased by two-tenths and Bajaj has extracted marginally more power and torque delivered at similar rpm as before. Bajaj also claims that 80 percent of the torque is available from 3,000rpm onwards. On paper, it’s easy to dismiss this improvement as minuscule, but it bodes well with Bajaj’s placement of the 125 as an easy city commuter.

Unlike the new Pulsar 150’s oil-cooled engine, the 125 sticks to an air-cooled unit. Transmission also remains 5-speed, but Bajaj claims an upgraded gearbox for low end tractability. The power-to-weight ratio has supposedly improved, and Bajaj says acceleration has as well, but we’ll have to wait until we put the bike through our tests to confirm so.

Right side close up of the outgoing Pulsar 125's engine
Right side close up of the new Pulsar 125's engine
 

 

Bajaj Pulsar 125 New vs Old: Chassis, headlight, and suspension

Chassis and suspension see major changes

Keeping in line with the all-new theme, Bajaj has also changed the chassis and the suspension setup on the new Pulsar 125. The existing dual-cradle frame has been swapped for a single-cradle or diamond frame with the engine now acting as a stressed member. Bajaj says the change enables the Pulsar 125 to have greater stiffness, enabling better handling and stability.

Right close up of the outgoing Pulsar 125's rear wheel showing the suspension
Right close up of the new Pulsar 125's rear wheel showing the suspension
 

 

Though the fork is still a right side up (RSU) telescopic unit, the new Pulsar 125 upgrades the diameter by 1mm to 31mm, but with a 10mm shorter 125mm travel. The rear suspension has also seen improvements with the familiar twin-shock setup being swapped for a monoshock unit and the travel has been increased by 8mm to 110mm. Bajaj attributes greater stability in straight lines and corners on the new Pulsar 125 to the brand-new monoshock setup.

The lighting setup has also been changed, although by a tiny amount. While the headlight and taillight continue to be LED across the board, Bajaj has slightly redesigned the fairing on the new Pulsar 125. Out of the four variants, the LED indicators and hazard lights are only available on the top three variants; only the top-most variant gets a belly pan as standard.

Front close up of the outgoing Pulsar 125's headlight fairing
Front close up of the new Pulsar 125's headlight fairing
 

 

Bajaj Pulsar 125 New vs Old: Tyres and brakes

Higher variants get a larger front disc

 

New Bajaj Pulsar 125

Old Bajaj Pulsar 125

Tyres (F/R)

80/100-17 / 100/90-17

80/100-17 / 100/90-17

Brakes (F/R)

240mm disc, 130mm drum (base)/260mm disc, 130mm drum (other three)

240mm disc, 130mm drum

While the tyre sizes remain unchanged on the new Pulsar 125, Bajaj has increased the front disc size on the top three variants. ABS in any form continues to be missing, with the motorcycle offering Combined Braking System (CBS) as standard instead.

Front wheel right shot of the outgoing Pulsar 125
Front wheel right shot of the new Pulsar 125
 

 

Bajaj Pulsar 125 New vs Old: Features

TFT Cluster and ride modes are major upgrades

Close up of the outgoing Pulsar 125 base variant instrument cluster
Close up of the new Pulsar 125 top variant instrument cluster
 

 

The biggest feature addition to the new Pulsar 125 starts with what you’ll see on every ride, the instrument cluster. The base variant now gets a 5-inch LCD cluster, the mid and top variants getting a 5-inch TFT cluster. Connected features like music control and call and SMS alerts are common to all four variants—thanks to the standard Bluetooth—though WiFi is limited to the top variant. Thanks to WiFi, the top variant alone gets Google Maps mirroring for navigation, whereas the others have turn-by-turn navigation.

The TFT cluster can also store important documents like licence and RC for quick access. To charge up your devices on the go, the new Pulsar 125 gives you a USB type-C port, an upgrade to the previous version’s USB type-A port. However, it’s a paid extra on the base variant. What’s standard on all variants are the three ride modes, Road, Rain, and Sport. In order to make city riding easier still, the new Pulsar 125 also gets crawl tech and ISG (Integrated Starter Generator). The former makes stop-and-go traffic easier to handle; whereas the latter, available on the top three variants, gives you silent start and a stop-start system to conserve fuel.

Bajaj Pulsar 125 New vs Old: Price

New 125’s noticeably more expensive

 

New Bajaj Pulsar 125

Old Bajaj Pulsar 125

Price (ex-showroom, Delhi)

Rs 92,900 – Rs 1.04 lakh

Rs 81,556 – Rs 94,518

With all the new changes and features, the new Pulsar 125 starts at Rs 92,900 for the base variant and goes up to Rs 1.04 lakh for the top variant, cracking the one lakh mark. That’s a steep increase over the outgoing model’s price range. The new Pulsar 125 does make forward strides in almost every area, but we’ll have to wait until we ride the bike to comment on whether the changes justify the unmissable premium.

All prices are ex-showroom, Delhi.