IIT मद्रास के छात्र की बड़ी कामयाबी, AI चिप्स की गर्मी कम करने के लिए स्टार्टअप ने जुटाए 9 मिलियन डॉलर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच चिप्स को गर्म होने से बचाना टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। IIT मद्रास के पूर्व छात्र आकाश रामदास के AI स्टार्टअप ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है। MoneyControl की रिपोर्ट के अनुसार, आकाश रामदास द्वारा शुरू किए गए स्टार्टअप Discovered Materials  ने 9 मिलियन डॉलर की सीड फंडिंग हासिल की है। कंपनी इस फंडिंग का इस्तेमाल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए नए और बेहतर मटेरियल की खोज में करेगी।

कौन हैं आकाश रामदास?

आकाश रामदास IIT मद्रास के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से नए मटेरियल खोजने के लिए Discovered Materials की स्थापना की। उनका स्टार्टअप खास तौर पर सेमीकंडक्टर सेक्टर की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक – AI चिप्स की हीटिंग प्रॉब्लम पर काम कर रहा है।

क्या काम करता है Discovered Materials?

जैसे-जैसे AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ज्यादा पावरफुल चिप्स की डिमांड भी बढ़ रही है। लेकिन इन हाई-पावर AI चिप्स के साथ एक बड़ी दिक्कत है ये चलने के दौरान बहुत ज्यादा गर्म हो जाती हैं। ज्यादा गर्म होने से चिप्स की परफॉर्मेंस गिर जाती है और कंपनियों को महंगे कूलिंग सिस्टम लगाने पड़ते हैं। इससे न सिर्फ बिजली की खपत बढ़ती है बल्कि डेटा सेंटर्स का खर्च भी कई गुना बढ़ जाता है। Discovered Materials इसी समस्या का हल खोज रहा है। कंपनी AI प्लेटफॉर्म की मदद से ऐसे नए मटेरियल की खोज कर रही है जो गर्मी को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकें।

AI से मटेरियल खोजने का तरीका क्या होगा?

पहले किसी नए मटेरियल को लैब में खोजने में सालों लग जाते थे। लेकिन Discovered Materials का AI मॉडल इस पूरी प्रोसेस को कई गुना तेज कर देता है। कंपनी का AI सिस्टम हजारों केमिकल कॉम्बिनेशन को वर्चुअली टेस्ट करके यह पता लगा लेता है कि कौन सा मटेरियल सबसे ज्यादा हीट-रेजिस्टेंट और परफॉर्मेंस के लिए बेहतर होगा। इससे रिसर्च का समय और लागत दोनों कम हो जाती है।

फंडिंग से कंपनी को क्या फायदा होगा?

कंपनी को मिली 9 मिलियन डॉलर की सीड फंडिंग से तीन बड़े काम होंगे:

  • रिसर्च तेज होगी: नए मटेरियल की खोज और टेस्टिंग का काम और तेजी से होगा।
  • टीम बढ़ेगी: कंपनी अपनी टेक्निकल टीम में और एक्सपर्ट्स को शामिल करेगी।
  • सेमीकंडक्टर कंपनियों से पार्टनरशिप: बड़े चिप मेकर्स के साथ मिलकर इन मटेरियल को मार्केट में लाने की तैयारी होगी।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में AI चिप्स की डिमांड और भी ज्यादा बढ़ने वाली है, ऐसे में हीट मैनेजमेंट करने वाले मटेरियल की जरूरत भी बढ़ेगी। इस हिसाब से Discovered Materials का यह स्टार्टअप भविष्य की एक बड़ी जरूरत पर काम कर रहा है।

अल्ट्राटेक सीमेंट का मुनाफा 21 प्रतिशत बढ़कर 1,501 करोड़ पर

आदित्य बिरला समूह की सीमेंट कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 1,501 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है, जो एक साल पहले की समान तिमाही के मुकाबले 21.3 प्रतिशत अधिक है।

इस दौरान, समूह की कंपनियों में परस्पर बिक्री को छोड़कर कंपनी का राजस्व 23,024 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह भी पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के मुकाबले 18.9 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है।

इसमें ग्रे-सीमेंट की घरेलू बिक्री 18,603 करोड़ रुपये और रेडी मिक्स कॉन्क्रीट की बिक्री 2,338 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इनमें क्रमशः 16 फीसदी और 29.1 फीसदी की वृद्धि हुई है। व्हाइट सीमेंट की घरेलू बिक्री 12.2 फीसदी बढ़कर 693 करोड़ रुपये पर रही।

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ग्रे और व्हाइट सीमेंट मिलाकर विदेशों में कंपनी की कुल बिक्री में 27.2 प्रतिशत का इजाफा हुआ और यह 1,302 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। निर्माण में काम आने वाले रसायनों की बिक्री में 48.4 प्रतिशत का इजाफा हुआ। यह 421 करोड़ रुपये पर रहा।

तिमाही के दौरान कंपनी की कुल लागत में परिवहन की हिस्सेदारी 27 प्रतिशत रही। यह 0.01 प्रतिशत घटकर 1,136 रुपये प्रति टन रह गया। ईंधन के मद में कंपनी का खर्च 24 फीसदी बढ़कर 1,030 रुपये प्रति टन पर रहा।

कच्चे माल के मद में कंपनी की लागत में छह फीसदी की वृद्धि हुई है। यह 718 रुपये प्रति टन रही। बिजली की खपत 12 फीसदी से बढ़कर 337 रुपये प्रति टन हो गई।

Pic Credit : UNI

iQOO Neo 12 की पहली झलक आई सामने, 185Hz डिस्प्ले और कूलिंग फैन समेत मिलेंगे ये फीचर्स

iQOO Neo 12 इस महीने के आखिर में लॉन्च होने वाला है। इसके साथ कंपनी iQOO Pad Pro Mini टैबलेट भी पेश करेगी। लॉन्च से पहले कंपनी ने नए टीजर जारी किए हैं, जिनमें फोन का डिजाइन और डिस्प्ले से जुड़ी जानकारी सामने आई है। टीजर में iQOO Neo 12 को फ्लैट स्क्रीन और पतले बेजल्स के साथ दिखाया गया है। फोन में Visionox का बनाया हुआ डिस्प्ले पैनल मिलने की उम्मीद है, जिसमें pTSF लाइट-एमिटिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। उम्मीद है कि नया iQOO Neo 12 पिछले साल के मॉडल के मुकाबले कई अपग्रेड के साथ आएगा।

iQOO Neo 12 का डिजाइन और डिस्प्ले स्पेसिफिकेशन्स

iQOO की हालिया Weibo पोस्ट्स से iQOO Neo 12 के फ्रंट पैनल की पहली झलक मिलती है। इस स्मार्टफोन में पतले बेजेल्स वाला फ्लैट डिस्प्ले है। पैनल में फ्रंट-फेसिंग कैमरे के लिए बीच में होल-पंच कटआउट दिया गया है।

यह पहले ही कन्फर्म हो चुका है कि iQOO Neo 12 में 185Hz रिफ्रेश रेट वाला 2K-रिजॉल्यूशन डिस्प्ले होगा। iQOO ने कन्फर्म किया है कि नए हैंडसेट का डिस्प्ले चीनी कंपनी Visionox ने बनाया है। इसमें PTSF टेक्नोलॉजी और ल्यूमिनसेंट मटीरियल का इस्तेमाल किया गया है, और दावा किया जाता है कि इससे बिजली की खपत कम होती है और कलर रिप्रोडक्शन बेहतर होता है।

iQOO अपने नए स्मार्टफोन Neo 12 के बारे में और जानकारी 14 अक्टूबर को देने वाली है। कंपनी इस दिन Tsinghua University Display Technology Briefing का आयोजन करेगी। यह कार्यक्रम Tsinghua Science Park में होगा। उम्मीद है कि इसी दौरान फोन के कुछ और फीचर्स से पर्दा उठाया जाएगा। iQOO Neo 12 को इस महीने के आखिर में iQOO Pad Pro Mini टैबलेट के साथ लॉन्च किया जाएगा।

कंपनी पहले ही पुष्टि कर चुकी है कि iQOO Neo 12 में Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर मिलेगा। इसके साथ कंपनी की Q3 गेमिंग चिप भी दी जाएगी। फोन में एक इनबिल्ट कूलिंग फैन मिलने की भी जानकारी सामने आई है, जो Ice Dome एक्टिव कूलिंग सिस्टम के साथ मिलकर काम करेगा। इससे गेमिंग के दौरान फोन को ठंडा रखने में मदद मिल सकती है।

लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, iQOO Neo 12 में 9,000mAh की बड़ी बैटरी दी जा सकती है, जो 100W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी। फोन में 16GB रैम और Android 17 मिलने की भी उम्मीद है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इसकी कीमत और लॉन्च की सटीक तारीख का खुलासा नहीं किया है।

बता दें कि नया iQOO Neo 12 पिछले साल अक्टूबर में लॉन्च हुए iQOO Neo 11 की जगह ले सकता है। iQOO Neo 11 में 6.82 इंच की 2K LTPO AMOLED स्क्रीन दी गई है, जिसका रिफ्रेश रेट 144Hz तक है।

यह स्मार्टफोन Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर पर काम करता है। फोटोग्राफी के लिए इसमें 50MP का मेन कैमरा दिया गया है, जिसमें 1/1.56 इंच का सेंसर मिलता है। फोन में 7,500mAh की बैटरी है, जो 100W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

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Xiaomi 18 Pro Max, Xiaomi 18 Pro Max कीमत, स्पेसिफिकेशन, कैमरा, कब होगा भारत में लॉन्च

Xiaomi 18 Pro Max, Xiaomi 18 Pro Max कीमत, स्पेसिफिकेशन, कैमरा, कब होगा भारत में लॉन्च

Xiaomi 18pro max

Xiaomi अपनी नई फ्लैगशिप स्मार्टफोन सीरीज Xiaomi 18 Pro को 23 सितंबर को चीन में लॉन्च करने जा रही है। कंपनी ने लॉन्च से पहले फोन के डिस्प्ले, बैटरी, कैमरा और डिजाइन से जुड़ी कई अहम जानकारियां साझा की हैं। इस सीरीज में Xiaomi 18 Pro और Xiaomi 18 Pro Max शामिल होंगे।

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नई सीरीज की सबसे खास खूबियों में हार्डवेयर लेवल पर दिया गया Privacy Display फीचर शामिल है। Xiaomi के मुताबिक, यह तकनीक डिस्प्ले हार्डवेयर में ही इंटीग्रेट की गई है और स्क्रीन के देखने के एंगल को सीमित करने के लिए डिजाइन की गई है। इसका उद्देश्य आसपास मौजूद लोगों को स्क्रीन की जानकारी आसानी से देखने से रोकना है। यह तकनीक Samsung Galaxy S26 Ultra में दिए गए प्राइवेसी डिस्प्ले फीचर के समान बताई जा रही है।

 

Xiaomi 18 Pro में 4,000 निट्स की पीक ब्राइटनेस

 

Xiaomi 18 Pro सीरीज में कंपनी का नया M11 Luminescent Panel दिया जाएगा। कंपनी का दावा है कि यह पिछली पीढ़ी के पैनल की तुलना में करीब 20 प्रतिशत ज्यादा ऊर्जा दक्ष है। डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 4,000 निट्स तक होगी। Xiaomi के अनुसार, नया पैनल पारंपरिक 2K रेजोल्यूशन डिस्प्ले की तुलना में कम बिजली की खपत करते हुए बेहतर डिस्प्ले परफॉर्मेंस देने में सक्षम होगा। फोन में सिर्फ 0.99mm के बेहद पतले बेजल्स दिए जाएंगे। इससे स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो ज्यादा मिलेगा और फोन का फ्रंट ज्यादा स्क्रीन वाला दिखाई देगा।

 

HyperOS 4 और सेकेंडरी रियर डिस्प्ले

 

Xiaomi 18 Pro सीरीज में कंपनी का नया HyperOS 4 ऑपरेटिंग सिस्टम मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा फोन में अपग्रेडेड रियर डिस्प्ले भी दिया जा सकता है। Xiaomi पहले ही फोन के सेकेंडरी स्क्रीन को टीज कर चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह स्क्रीन कई अतिरिक्त फंक्शंस को सपोर्ट कर सकती है। इसके अलावा यूजर्स AI की मदद से इस सेकेंडरी डिस्प्ले के लिए एप्लिकेशन तैयार करने में भी सक्षम हो सकते हैं।

 

Pro Max में मिलेगी 8,500mAh की बड़ी बैटरी

 

बैटरी के मामले में भी Xiaomi ने इस बार बड़ी क्षमता वाला विकल्प पेश किया है। Xiaomi 18 Pro में 7,000mAh की बैटरी दी जाएगी, जबकि Xiaomi 18 Pro Max में 8,500mAh की बैटरी मिलेगी। 8,500mAh बैटरी Xiaomi 18 Pro Max को सीरीज का सबसे ज्यादा बैटरी क्षमता वाला मॉडल बनाएगी। हालांकि, कंपनी ने अभी फोन की चार्जिंग स्पीड और चार्जिंग टेक्नोलॉजी की पूरी जानकारी साझा नहीं की है।

 

200MP Leica कैमरा सेटअप

 

फोटोग्राफी के लिए दोनों स्मार्टफोन में Leica के साथ मिलकर विकसित किया गया ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा। इस कैमरा सिस्टम में 200MP का प्राइमरी कैमरा और 200MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा शामिल होगा। ऐसे में Xiaomi 18 Pro सीरीज में हाई-रिजोल्यूशन फोटो और जूम क्षमता पर खास फोकस देखने को मिल सकता है।

 

2nm चिपसेट से लैस होंगे फोन

 

परफॉर्मेंस के लिए Xiaomi 18 Pro सीरीज में 2nm चिपसेट दिया जाएगा। हालांकि, कंपनी ने अभी प्रोसेसर का आधिकारिक नाम नहीं बताया है। मौजूदा रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि फोन में Qualcomm का अगली पीढ़ी का Snapdragon 8 Elite Gen 6 Pro चिपसेट मिल सकता है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि Xiaomi के लॉन्च इवेंट में ही होगी।

 

Black, Galaxy Blue और White कलर ऑप्शन

 

Xiaomi 18 Pro और 18 Pro Max को तीन कलर ऑप्शन में पेश किया जाएगा। इनमें Black, Galaxy Blue और White शामिल हैं। कंपनी 23 सितंबर के लॉन्च इवेंट में फोन की कीमत, चार्जिंग स्पेसिफिकेशन और पूरी तकनीकी जानकारी का खुलासा कर सकती है।

आज रात iPhone 18 Pro Max से उठेगा पर्दा! मिल सकते हैं ये 5 बड़े अपग्रेड

Apple आज रात अपना सितंबर इवेंट करने जा रहा है। उम्मीद है कि कंपनी इसमें iPhone 18 सीरीज लॉन्च करेगी, जिसमें फ्लैगशिप iPhone 18 Pro Max भी शामिल होगा। हालांकि, असल जानकारी तो प्रेजेंटेशन के दौरान ही पता चलेगी, लेकिन पिछले कुछ महीनों में सामने आई लगातार लीक्स से यह काफी हद तक साफ हो गया है कि खरीदार Apple के अगले प्रीमियम स्मार्टफोन से क्या उम्मीद कर सकते हैं।

अगली पीढ़ी के प्रोसेसर से लेकर बेहतर कैमरा और नए डिजाइन तक, iPhone 18 Pro Max में हाल के सालों में iPhone पर देखे गए कुछ सबसे बड़े हार्डवेयर अपग्रेड देखने को मिल सकते हैं।

A20 Pro चिपसेट से परफॉर्मेंस में जबरदस्त सुधार हो सकता है

सबसे बड़ा अपग्रेड Apple के नए A20 Pro प्रोसेसर से मिलने की उम्मीद है। अफवाहों के अनुसार, यह Apple का पहला स्मार्टफोन चिप होगा जो 2nm मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस पर बना होगा। इससे बेहतर परफॉर्मेंस और पावर एफिशिएंसी (बिजली की बचत) मिलने की उम्मीद है।

लीक से यह भी पता चलता है कि चिपसेट में छह-कोर CPU कॉन्फिगरेशन का इस्तेमाल जारी रहेगा, लेकिन इसमें बड़े कैश साइज और बेहतर पैकेजिंग टेक्नोलॉजी होगी। इस टेक्नोलॉजी से CPU और GPU एक-दूसरे के करीब होंगे, जिससे तेजी से कम्युनिकेशन हो सकेगा। बेंचमार्क अनुमानों का दावा है कि यह चिप आसानी से iPhone 17 Pro Max में मौजूद मौजूदा A19 Pro से बेहतर परफॉर्मेंस दे सकती है।

डिजाइन में बदलाव के तहत ‘डायनामिक आइलैंड’ छोटा हो सकता है

ऐसी भी खबर है कि Apple ‘Pro Max’ मॉडल के डिजाइन को और बेहतर बनाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘Dynamic Island’ का साइज 30% तक कम हो सकता है क्योंकि Face ID के पार्ट्स डिस्प्ले के नीचे चले जाएंगे।

इससे स्क्रीन का इस्तेमाल करने लायक एरिया बढ़ जाएगा और सामने का लुक ज्यादा साफ-सुथरा दिखेगा। लीक से रियर कैमरा लेआउट में भी मामूली बदलावों का संकेत मिलता है, हालांकि उम्मीद है कि Apple हाल के वर्जन में पेश किए गए प्रीमियम टाइटेनियम डिजाइन को ही बनाए रखेगा।

बड़ी बैटरी और बेहतर कैमरे

इस साल बैटरी लाइफ में काफी सुधार हो सकता है। अफवाहों के अनुसार, इसमें 5,567mAh की बड़ी बैटरी हो सकती है। ज्यादा बेहतर A20 Pro चिप के साथ मिलकर, यह पुराने मॉडल के मुकाबले काफी ज्यादा ‘स्क्रीन-ऑन टाइम’ दे सकती है।

कैमरा अपग्रेड भी खास आकर्षण हो सकते हैं। अफवाह है कि iPhone 18 Pro Max में ट्रिपल 48MP रियर कैमरा सिस्टम होगा, जिसमें वेरिएबल-अपर्चर लेंस वाला प्राइमरी सेंसर शामिल होगा। अगर यह सच होता है, तो यूजर्स को डेप्थ ऑफ फील्ड और कम रोशनी में फोटोग्राफी पर ज्यादा कंट्रोल मिलेगा। साथ ही, ज्यादा रिजोल्यूशन वाला 24MP का फ्रंट कैमरा होने की भी उम्मीद है।

बेहतर कनेक्टिविटी और अनुमानित कीमत

Apple अपने इन-हाउस C2 मॉडेम और Wi-Fi 7 सपोर्ट वाले नए N2 वायरलेस चिप को लाकर थर्ड-पार्टी नेटवर्किंग हार्डवेयर पर अपनी निर्भरता और कम कर सकता है। उम्मीद है कि इन अपग्रेड्स से नेटवर्क परफॉर्मेंस बेहतर होगी और बिजली की खपत भी कम होगी।

हालांकि, Apple ने कीमत की पुष्टि नहीं की है, लेकिन लीक से पता चलता है कि iPhone 18 Pro Max के 256GB वेरिएंट की शुरुआती कीमत $1,299 हो सकती है, जो भारत में लगभग 1,59,900 रुपये के बराबर होगी।

अब सबकी नजरें आज रात होने वाले Apple के लॉन्च इवेंट पर हैं, जहां कंपनी आधिकारिक तौर पर बताएगी कि क्या ये संभावित अपग्रेड्स उसके अब तक के सबसे एडवांस्ड iPhone में शामिल किए जाएंगे या नहीं।

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Delhi Lakshmi Yojana First Installment: कंफर्म हो गया, 26 अगस्त को लक्ष्मी योजना की जारी होगी पहली किस्त, ऐसे चेक करें स्टेटस

Delhi Lakshmi Yojana First Installment: दिल्ली की महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी दिल्ली लक्ष्मी योजना की पहली किस्त 26 अगस्त को जारी होने जा रही है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बुधवार को एक भव्य कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों के खातों में 2500 रुपये की पहली किस्त ट्रांसफर करेंगी। इस योजना की शुरुआत दिल्ली में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से की गई है।

तालकटोरा स्टेडियम में भव्य कार्यक्रम, 2500 महिलाओं को मिलेगी किस्त

इस योजना की पहली किस्त जारी करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा तालकटोरा स्टेडियम में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 26 अगस्त की सुबह 11 बजे शुरू होगा। इस विशेष समारोह में लगभग 2500 महिलाओं को सांकेतिक रूप से पहली किस्त दी जाएगी। आपको बता दें कि दिल्ली लक्ष्मी योजना 1 अगस्त से प्रभावी हुई थी और अब तक इस योजना के तहत 6 लाख से अधिक महिलाओं ने अपना पंजीकरण कराया है।

2500 रुपये का पूरा गणित: बैंक खाते और एफडी/आरडी का नियम

दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जानी है। ये मदद 1 सितंबर से लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा होना शुरू हो जाएगी। हालांकि इस 2500 रुपये की राशि को पूरा का पूरा अकाउंट में नहीं भेजा जाएगा। बाय डिफॉल्ट 2500 रुपये में से 1500 रुपये लाभार्थी महिला के RD या फिक्स्ड डिपॉजिट (खाते में जमा किए जाएंगे। बाकी 1000 रुपये लाभार्थी के उस बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे जो सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी वॉलेट से जुड़ा होगा। आरडी या एफडी में जमा की गई राशि पर 31 जुलाई 2029 तक लॉक-इन पीरियड लागू रहेगा।

अगर कोई लाभार्थी महिला चाहे तो वह पूरी 2500 रुपये की राशि को भी एफडी या आरडी में जमा करने का विकल्प चुन सकती है, जिस पर भी समान समय तक लॉक-इन पीरियड लागू रहेगा।

ऐसे चेक करें अपनी एप्लीकेशन का स्टेटस

अगर आपने दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन किया है और अपने आवेदन की स्थिति देखना चाहते हैं, तो इन आसान स्टेप्स का पालन कर सकते हैं:

  • सबसे पहले दिल्ली लक्ष्मी योजना के आधिकारिक पोर्टल dly.delhi.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर दिखाई दे रहे Track Application विकल्प पर क्लिक करें।
  • इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खुलेगा, जहां आपको अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर, जन्म तिथि और स्क्रीन पर दिखाई दे रहा कैप्चा डालना करना होगा।
  • सभी जानकारी भरने के बाद Sign In बटन पर क्लिक करें। इसके बाद आपके आवेदन का स्टेटस स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा।

क्या अभी भी किया जा सकता है आवेदन?

जो महिलाएं अभी तक इस योजना में आवेदन नहीं कर सकी हैं, वे पोर्टल पर जाकर कभी भी आवेदन कर सकती हैं। दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरे साल खुली रहेगी। इसके लिए महिलाएं dly.delhi.gov.in/Account/Login पर जाकर आवेदन कर सकती हैं। हर महीने की अंतिम तारीख को उस महीने मिलने वाले आवेदनों के लिए कट-ऑफ तारीख माना जाएगा। इसके बाद स्वीकृत होने वाले पात्र आवेदनों को अगले महीने से योजना का लाभ दिया जाएगा।

कौन कर सकता है आवेदन? पात्रता और शर्तें

दिल्ली लक्ष्मी योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी पात्रता मापदंड तय किए हैं-

  • आवेदन जमा करने की तिथि पर महिला की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह अपने परिवार की सबसे बड़ी महिला सदस्य होनी चाहिए।
  • परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • महिला दिल्ली की पंजीकृत मतदाता होनी चाहिए। इसके अलावा आवेदक, उसके पति या उसके माता-पिता में से कोई भी आवेदन की तिथि पर कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली का निवासी होना चाहिए।
  • पिछले 12 महीनों के दौरान परिवार की बिजली की खपत 2400 यूनिट से अधिक नहीं होनी चाहिए।

कौन नहीं होगा पात्र?

  • सरकारी पेंशन या नियमित वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाली महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
  • आयकरदाता, जीएसटी भरने वाले, सरकारी कर्मचारी और जन प्रतिनिधि इस योजना से बाहर रखे गए हैं।
  • अगर आवेदक या उसके परिवार का कोई सदस्य चार पहिया वाहन का मालिक है या सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, बोर्ड या स्थानीय निकाय में काम करता है तो लाभ नहीं मिलेगा।
  • जिन आवेदकों के 3 से अधिक बच्चे हैं या जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है, वे भी इस योजना की शर्तों के तहत अपात्र हैं।

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पाकिस्तान के कई शहरों में 12-12 घंटे बिजली कटौती:कराची में हालात बदतर, सड़कों पर उतरे लोग, घंटों जाम लगा

पाकिस्तान के इस्लामाबाद, रावलपिंडी और कराची जैसे बड़े शहर बिजली कटौती से परेशान हैं। सबसे खराब हालात कराची में हैं, जहां 12-12 घंटे बिजली कटौती हो रही है। कराची में बिजली कटौती के खिलाफ शनिवार को लोगों ने प्रदर्शन किया, कई घंटे सड़कें जाम रखीं। इस प्रदर्शन से शहर में ट्रैफिक ठप हो गया और हजारों लोग जाम में फंस गए। डॉन के मुताबिक, लोगों ने बताया कि उन्हें रोज 12 घंटे या उससे ज्यादा बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कई बार कटौती की जानकारी भी नहीं दी जाती। बिजली नहीं होने पर पंपिंग स्टेशन बंद रहते हैं। इससे पानी की सप्लाई भी रुक रही है। कराची में बिजली कंपनी-लोगों के बीच झड़प इस समस्या को लेकर कराची के व्यापारियों और बिजली कंपनी के-इलेक्ट्रिक (KE) के कर्मचारियों के बीच विवाद और झड़प हुई। प्रदर्शन में शामिल व्यापारियों ने कहा- बिजली की अनियमित सप्लाई से कारोबार को काफी नुकसान हो रहा है। प्रदर्शन और जाम का भी लोगों पर बुरा असर पड़ा। एक महिला ने बताया कि उनकी मां को बुखार था वो मां को जांच के लिए क्लिनिक ले जा रही थीं, लेकिन उनकी एंबुलेंस करीब 2 घंटे तक जाम में फंसी रही। गरीबाबाद के रहने वाले इमरान ने कहा- समय पर बिजली का बिल भरते हैं फिर भी 12 घंटे बिजली कटती है। आज तो हम घर तक नहीं पहुंच पाए। जुलूस और इन प्रदर्शनों की वजह से पूरा शहर जाम है। बिजली कंपनी के-इलेक्ट्रिक ने कहा- बार-बार बिजली चोरी रोकने के अभियान चलाने के बावजूद लोग बिजली चोरी कर रहे हैं और बिल भी नहीं भर रहे हैं। अरबों बिल बकाया है। इस्लामाबाद-रावलपिंडी में बारिश से बिजली गुल पाकिस्तान के इस्लामाबाद और रावलपिंडी में भी शनिवार रात तेज बारिश के कारण कई जगह बिजली सप्लाई प्रभावित हुई। कई सड़कें और अंडरपास पानी में डूब गए। रावलपिंडी में नुल्लाह लाई का जलस्तर 19 फीट तक बढ़ गया। सड़कों पर इतना पानी भर गया कि कई इलाकों में रास्ते तालाब जैसे नजर आए। कराची में बिजली क्यों कट रही है? 1. कराची में बिजली की सप्लाई मुख्य रूप से के-इलेक्ट्रिक के जिम्मे है। कंपनी को बिजली की कमी के साथ अपने ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में फॉल्ट का भी सामना करना पड़ रहा है। किसी इलाके में लाइन या ट्रांसफॉर्मर में खराबी आने पर तय लोडशेडिंग के अलावा भी बिजली बंद हो सकती है। 2. पाकिस्तान के कई बिजली संयंत्र गैस और रीगैसिफाइड लिक्विफाइड नेचुरल गैस (RLNG) से चलते हैं। इन दिनों ईंधन की सप्लाई में दिक्कतों का असर बिजली उत्पादन पर पड़ा है। 3. पाकिस्तान में बिजली कंपनियां उतनी बिजली उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं, ऐसे में मांग और सप्लाई के बीच का अंतर लोडशेडिंग के जरिए संभाला जाता है। 4. कराची में गर्मी के दौरान बिजली की खपत तेजी से बढ़ जाती है। बड़ी संख्या में लोग AC, पंखे और दूसरे कूलिंग उपकरण चलाते हैं। इससे खासकर पीक टाइम में ग्रिड पर काफी दबाव पड़ता है। जब सिस्टम ज्यादा लोड नहीं संभाल पाता, तो कुछ इलाकों में बिजली काटनी पड़ती है। 5. कराची के कुछ इलाकों में बिजली चोरी और बिलों की कम वसूली जैसी वजहों से पहले से ही ज्यादा लोडशेडिंग की जाती है। ऐसे इलाकों में अगर सामान्य कटौती के दौरान कोई तकनीकी खराबी भी आ जाए, तो बिजली कई घंटे और बंद रह सकती है। ————— पाकिस्तान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… रक्षा-समझौते की आड़ में हथियारों का जखीरा भर रहा पाकिस्तान: तुर्किये से ड्रोन की सप्लाई, 60 घंटे में दर्जनों सैन्य विमान पहुंचे सऊदी अरब और तुर्किये से हुए रक्षा समझौते की आड़ में पाकिस्तान हथियारों का जखीरा बढ़ा रहा है। 19 से 21 अगस्त के बीच करीब 60 घंटे में तुर्किये के दर्जनों सैन्य विमानों ने पाकिस्तान के अलग-अलग एयरबेस पर लैंडिंग और टेकऑफ किया। इनमें सी-130 सैन्य परिवहन विमान और ए-400-एम जंबो मिलिट्री विमान शामिल थे। पूरी खबर पढ़ें…

बिजली गई तो भी 10 घंटे तक देता रहेगा ठंडी हवा! ओरिएंट ने लॉन्च किया इन-बिल्ट बैटरी वाला BLDC पंखा, जानिए इसकी कीमत

गर्मियों के मौसम में बार-बार पावर कट यानी बिजली कटने की समस्या से परेशान रहने वाले लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। होम एप्लायंसेज बनाने वाली जानी-मानी कंपनी ओरिएंट इलेक्ट्रिक ने भारत में अपना नया इकोटेक वोल्ट BLDC सीलिंग फैन लॉन्च कर दिया है। इस पंखे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें इन-बिल्ट रीचार्जबल बैटरी दी गई है। इसकी मदद से ये पंखा बिजली जाने के बाद भी बिना किसी एक्सटर्नल इन्वर्टर या पावर बैकअप के कई घंटों तक लगातार ठंडी हवा देता रहता है।

कंपनी ने इस नए BLDC सीलिंग फैन को भारत में 4594 रुपये की शुरुआती कीमत पर पेश किया है। यह फैन उन घरों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर सामने आया है जहां अक्सर पावर कट होता रहता है और जो लोग अलग से महंगा इन्वर्टर या बैकअप सेटअप लगाने में पैसा खर्च नहीं करना चाहते।

पावर कट में 10 घंटे तक का बैटरी बैकअप

ओरिएंट इकोटेक वोल्ट की USP इसकी इन-बिल्ट रीचार्जबल बैटरी ही है। कंपनी का दावा है कि जब बिजली चली जाती है तो यह फैन स्पीड 1 पर चलाए जाने पर 10 घंटे तक लगातार कूलिंग दे सकता है। बैटरी की लाइफ और ड्यूरेबिलिटी को लेकर कंपनी का कहना है कि यह बैटरी 500 चार्ज साइकिल पूरा होने के बाद भी अपनी बैटरी हेल्थ क्षमता का 80 फीसदी तक हिस्सा बनाए रखती है। कंपनी पूरे पंखे पर 3 साल की वारंटी दे रही है जबकि इसमें लगी इन-बिल्ट बैटरी के लिए 1 साल की अलग से वारंटी दी जा रही है।

50% तक बिजली बचाएगी BLDC टेक्नोलॉजी

परफॉर्मेंस और एनर्जी सेविंग की बात करें तो ओरिएंट इकोटेक वोल्ट में 28W की एफिशिएंट BLDC (Brushless Direct Current) मोटर दी गई है। कंपनी के मुताबिक यह मोटर पारंपरिक इंडक्शन पंखों की तुलना में 50 प्रतिशत तक कम बिजली की खपत करती है।

इसमें डबल बॉल-बेयरिंग मैकेनिज्म का इस्तेमाल किया गया है। ये पंखे को लंबे समय तक स्मूथ और बिना किसी परेशानी के चलने में मदद करता है। यह मोटर 120V से लेकर 280V की वाइड वोल्टेज रेंज के बीच आसानी से काम कर सकती है। इससे वोल्टेज के उतार-चढ़ाव का इस पर कोई खास असर नहीं पड़ता।

इन्वर्टर वाले घरों के लिए भी है काम का

यह सीलिंग फैन दो प्रीमियम कलर ऑप्शंस ग्लेशियर ग्रे और व्हाइट में पेश किया गया है। जिन घरों में पहले से इन्वर्टर लगा हुआ है, वहां भी यह बैटरी-ऑपरेटेड पंखा काफी काम साबित हो सकता है। इस फैन को अपनी इन-बिल्ट बैटरी पर चलाकर यूजर्स अपने घरेलू इन्वर्टर का लोड कम कर सकते हैं। इससे इन्वर्टर की क्षमता दूसरे जरूरी होम एप्लायंसेज को चलाने के काम आ सकती है।

बांग्लादेश में 10-10 घंटे बिजली कट रही:सरकार ने रात 8 बजे बाजार बंद करने का आदेश दिया, भारत से डीजल सप्लाई बढ़ाने की मांग

बांग्लादेश में बिजली संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। देश के कई हिस्सों में रोज 8 से 10 घंटे तक बिजली कट रही है। इसका सबसे ज्यादा असर राजधानी ढाका के बाहर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है। तेज गर्मी और हीटवेव ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। बिजली की कमी से निपटने के लिए सरकार ने बुधवार से देशभर में शॉपिंग मॉल, बाजार और दुकानों को रात 8 बजे तक बंद करने का आदेश दिया है। बिजली संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने अब भारत से अतिरिक्त डीजल देने की मांग की है। गैस की कमी से 1,500 मेगावाट बिजली कम बनी बांग्लादेश में बिजली संकट की सबसे बड़ी वजह ईंधन की कमी है। खासकर प्राकृतिक गैस की कमी ने बिजली उत्पादन को प्रभावित किया है। बांग्लादेश अपने इस्तेमाल का 90% से ज्यादा तेल और करीब 30% गैस दूसरे देशों से खरीदता है। मौजूदा संकट के पीछे दो बड़ी वजहें… पहली वजह- अमेरिकी कंपनी एक्सेलरेट एनर्जी के LNG टर्मिनल में 21 जुलाई को आग लग गई। इसके बाद टर्मिनल बंद हो गया था। इस हफ्ते की शुरुआत में यहां कुछ काम दोबारा शुरू हुआ, लेकिन तब तक LNG की सप्लाई आधी रह गई थी। दूसरी वजह- समुद्र में खराब मौसम की वजह से कम से कम दो LNG जहाज टर्मिनल तक नहीं पहुंच पाए और अपना माल नहीं उतार सके। दूसरे देशों से आने वाली बिजली की सप्लाई भी कम हुई है। इन वजहों से बांग्लादेश में बिजली उत्पादन करीब 1,500 मेगावाट घट गया है। ग्रामीण इलाकों में ज्यादा कटौती बांग्लादेश में बिजली की सप्लाई छह वितरण कंपनियां करती हैं। राजधानी ढाका को फिलहाल उसकी जरूरत के मुताबिक बिजली मिल रही है। लेकिन ढाका के बाहर ग्रामीण इलाकों में करीब 80 बिजली सहकारी समितियां सप्लाई करती हैं। मयमनसिंह, बरिशाल, रंगपुर, सिलहट, राजशाही और खुलना में बिजली संकट का ज्यादा असर है। ज्यादातर इलाकों में रोज 3 से 5 घंटे बिजली कट रही है। वहीं खुलना में लोगों ने 9 से 10 घंटे तक बिजली गुल रहने की शिकायत की है। नाराज लोगों ने बिजली घरों पर हमला किया लगातार बिजली कटने से लोगों में गुस्सा भी बढ़ रहा है। कुछ इलाकों में नाराज लोगों ने बिजली से जुड़ी फैसिलिटी पर हमला किया है। कई जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी की भी खबरें सामने आई हैं। इसके बाद बिजली विभाग ने सुरक्षा के लिए पुलिस से मदद मांगी है। बिजली कटौती का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है। खेती, रेस्टोरेंट और कारखानों का काम भी प्रभावित हो रहा है। किसानों को बिजली की जगह डीजल जनरेटर चलाने के लिए ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है। झींगा पालने वाले किसानों की परेशानी और ज्यादा है। बिजली जाने पर पानी में ऑक्सीजन पहुंचाने वाली मशीनें बंद हो जाती हैं। इससे पानी में ऑक्सीजन कम होने लगती है और झींगों के मरने का खतरा बढ़ जाता है। बांग्लादेश दुनिया में झींगा निर्यात करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है। देश के कपड़ा और गारमेंट उद्योग पर भी बिजली संकट का असर पड़ रहा है। यह सेक्टर बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है। बिजली बचाने के लिए सरकार ने लगाई पाबंदियां सरकार को फिलहाल बिजली संकट से जल्द राहत मिलने की उम्मीद कम है। इसलिए बिजली की खपत घटाने के लिए कई पाबंदियां लगाई गई हैं। ऐसा कदम बांग्लादेश में पहले भी उठाया जा चुका है। कुछ महीने पहले अप्रैल में ऊर्जा संकट बढ़ने के दौरान सरकार ने दुकानों और शॉपिंग मॉल को शाम 6 बजे तक बंद करने का आदेश दिया था। भारत से और ज्यादा डीजल की मांग बांग्लादेश के ऊर्जा मंत्री इकबाल हसन महमूद ने पिछले हफ्ते भारतीय हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी से मुलाकात के दौरान यह मांग रखी थी। महमूद ने पत्रकारों से कहा कि भारत के साथ एक पाइपलाइन है, जिससे बांग्लादेश को डीजल मिलता है। उन्होंने भारत से इसकी सप्लाई बढ़ाने का अनुरोध किया है। भारत और बांग्लादेश के बीच इंडिया-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन 2017 में शुरू हुई थी। दोनों देशों के बीच 15 साल का समझौता है। इसके तहत भारत को हर साल बांग्लादेश को 1.80 लाख मीट्रिक टन डीजल देना है। पश्चिम एशिया में हालिया संकट के दौरान भारत मार्च और अप्रैल में बांग्लादेश को पहले ही 30 हजार टन से ज्यादा डीजल भेज चुका है। —————– यह खबर भी पढ़ें… शेख हसीना बोलीं- दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी: 2 साल बाद वर्चुअल भाषण दिया, कैमरा ऑफ था; बांग्लादेश सरकार बोली- दिल्ली में बैठकर जहर उगला बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दो साल बाद लोगों को वर्चुअली संबोधित किया। जब हसीना बोल रही थीं, उस दौरान उनका कैमरा बंद था। पूरी खबर पढ़ें…

फ्रिज पर मैग्नेट लगाने से पहले जान लें यह जरूरी बात, ये मैग्नेट कहीं ‘बिजली चोर’ तो नहीं!

आपने सुना है कि फ्रिज पर मैग्नेट लगाने से बिजली का बिल बढ़ जाता है। आजकल सोशल मीडिया पर यह मिथ काफी वायरल है, लेकिन यह सच है या सिर्फ एक अफवाह। इस दावे को लेकर एक्सपर्ट्स ने क्या कहा है और इसके पीछे की सच्चाई क्या है, यही जानना सबसे जरूरी है:

Fridge Magnet Myth (फ्रिज मैग्नेट का सच)

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फ्रिज पर मैग्नेट लगाने से बिजली का बिल नहीं बढ़ता। कोई भी फ्रिज मैग्नेट इतने पावरफुल नहीं होते कि वे फ्रिज के काम करने के तरीके या उसकी बिजली की खपत को बढ़ा सकें।

Heavy Magnets (भारी मैग्नेट से रखें दूरी)

How to Choose Standard Refrigerator Size for Your Home - Spinchill

अगर फ्रिज पर बहुत ज्यादा या भारी मैग्नेट लगा दिए जाएं, तो समय के साथ दरवाजे के कब्जों (हिंज) पर जयदा दबाव पड़ सकता है। इससे फ्रिज की फिटिंग और उम्र पर असर पड़ सकता है।

Cooling Performance (कूलिंग पर पड़ता है असर)

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एक्सपर्ट्स के अनुसार, फ्रिज के बाहर लगे मैग्नेट अंदर की कूलिंग, सेंसर या खाने की क्वालिटी पर कोई असर नहीं डालते। इसलिए इस बात को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है।

Save Electricity (बिजली बचाने का सही तरीका)

This may contain: an open refrigerator in a kitchen with food on the counter and door to the other side

अगर बिजली का बिल कम करना चाहते हैं, तो फ्रिज का दरवाजा बार-बार खुला न छोड़ें, रबर सील की जांच करते रहें, सही टेम्परेचर सेट करें और फ्रिज की रेगुलर सफाई करें। यही तरीके सच में बिजली बचाने में मदद करते हैं।

Expert Advice (क्या करें)

Best Fridge Magnets for Heavy Items: A Complete Guide - Fridge Magnets

फ्रिज पर कुछ हल्के मैग्नेट लगाना बिल्कुल सही है। बस बहुत ज्यादा भारी मैग्नेट या बिना कारण वजन दरवाजे पर न रखें, ताकि फ्रिज लंबे समय तक अच्छी तरह काम करता रहे।