BPSC 72nd CCE Prelims 2026: 25 अक्टूबर को होने वाली 72वीं सीसीई प्रीलिम्स फिर टली, आयोग जल्द करेगा नई तारीख की घोषणा

BPSC 72nd CCE Prelims 2026: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 72वीं कंबाइंड कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन (CCE) प्रीलिमिनरी परीक्षा को टाल दिया है। 25 अक्टूबर, 2026 को होनी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, परीक्षा को फिर से स्थगित कर दिया गया है और आयोग ने अभी तक नई तारीख की घोषणा नहीं की है। बीपीएससी की वेबसाइट पर परीक्षा रद्द करने के बारे में एक नोटिस भी जारी किया गया है। 72वीं बीपीएससी सीसीई प्री परीक्षा पहले जुलाई में होने वाली थी।

जुलाई में प्रस्तावित परीक्षा को पोस्टपोन करने के बाद आयोग ने परीक्षा को दूसरी बार रद्द किया है। बाद में अपने संशोधित परीक्षा कैलेंडर में 25 अक्टूबर को टेंटेटिव तारीख के तौर पर शामिल किया था। परीक्षा 25 अक्टूबर को होने की उम्मीद थी, लेकिन ताजा खबरों के मुताबिक, परीक्षार्थियों को अब नए शेड्यूल का इंतजार करना होगा। जो कैंडिडेट्स 25 अक्टूबर की टाइमलाइन के हिसाब से तैयारी कर रहे थे, उन्हें अब आयोग द्वारा संशोधित तारीख की घोषणा का इंतजार करना होगा।

बीपीएससी 72वीं सीसीई की नई तारीख घोषित नहीं हुई

बीपीएससी ने अभी तक 72वीं सीसीई प्री परीक्षा की नई तारीख की घोषणा नहीं की है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने एग्जाम प्लान में कोई भी बदलाव करने से पहले आयोग के आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार करें। आयोग के परीक्षा कैलेंडर में पहले 72वीं इंटीग्रेटेड सीसीई प्री परीक्षा की तारीख 25 अक्टूबर बताई गई थी और साफ तौर पर बताया गया था कि कैलेंडर में तारीखें टेंटेटिव हैं। बदली हुई एग्जाम की तारीख, एडमिट कार्ड और परीक्षा से जुड़े दूसरे निर्देश की जानकारी बाद में आधिकारिक नोटिस के जरिए जारी होने की उम्मीद है।

आधिकारिक वेबसाइट देखें परीक्षार्थी

उम्मीदवारों को 72वीं सीसीई प्री परीक्षा के बारे में ताजा अधिसूचना के लिए नियमित तौर पर आधिकारिक बीपीएससी वेबसाइट देखनी चाहिए। जब तक आयोग ऑफिशियली बदले हुए शेड्यूल की पुष्टि नहीं कर देता, तब तक कैंडिडेट्स को सोशल मीडिया या दूसरे अनधिकृत प्लेटफॉर्म पर चल रही बिना सत्यापित तारीखों पर भरोसा करने से भी बचना चाहिए।

बीपीएससी 72वीं सीसीई भर्ती विवरण

बिहार में अलग-अलग सरकारी पदों पर भर्ती के लिए 72वीं सीसीई परीक्षा होती है। बीपीएससी परीक्षा कैलेंडर में 72वीं सीसीई के लिए 1,189 वैकेंसी लिस्ट की गई हैं। चयन प्रक्रिया में आमतौर पर पद और भर्ती नियमों के आधार पर प्री परीक्षा के बाद मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू होता है। जो उम्मीदवार प्री परीक्षा में सफल होंगे, वे चयन प्रक्रिया के अगले चरण में जाने के लिए योग्य होंगे।

20 रुपये के टिकट की बजाय जान की बाजी लगाने वाले बेटिकट यात्री चलती ट्रेन से कूदे, देखें वायरल Video

20 रुपये के टिकट की बजाय जान की बाजी लगाने वाले बेटिकट यात्री चलती ट्रेन से कूदे, देखें वायरल Video

उत्तर प्रदेश में टिकट चेकिंग से बचने के लिए यात्रियों के एक बड़े ग्रुप ने चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। यह घटना ट्रेन के रसौली रेलवे स्टेशन पहुंचने से कुछ देर पहले हुई। खबर है कि यात्री ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर (TTE) से टकराव से बचने की कोशिश कर रहे थे। एक यात्री ने इस घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया और सोशल मीडिया पर डाल दिया। रेडिट प्लेटफॉर्म पर यह वीडियो खूब सुर्खियां बटोर रहा है। लोग यात्रियों के ट्रेन से कूदकर स्टेशन से भागने को बेवकूफी करार दे रहे हैं।

स्टेशन से पहले यात्री ट्रेन से कूदे

फुटेज में बड़ी संख्या में लोग रेलवे ट्रैक के पास चलती ट्रेन से उतरते हुए दिख रहे हैं। कुछ लोग नीचे कूदने के बाद भागते हुए देखे जा सकते हैं, जबकि ट्रेन स्टेशन की ओर बढ़ रही है। खबर है कि स्टेशन पर पुलिस अधिकारी मौजूद थे। खतरे के बावजूद, यात्रियों ने टिकट चेकिंग का सामना करने के बजाय प्लेटफॉर्म पर पहुंचने से पहले ही ट्रेन से उतरना चुना।

No wonder why IR can’t recover their cost. (not oc)

by

u/Status_Candidate_392 in

indianrailways

इस घटना को बाद में Reddit पर यूज़र ‘u/Status_Candidate_392’ ने शेयर किया। यह पोस्ट 7 अक्टूबर को अपलोड की गई थी और इसमें बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों पर चर्चा करते हुए यह कमेंट किया गया था, “कोई हैरानी नहीं कि IR अपनी लागत क्यों नहीं वसूल सकता। (oc नहीं)।”

चलती ट्रेन से कूदने से गंभीर चोटें लग सकती हैं, खासकर तब जब लोग रेलवे ट्रैक के पास उतरते हैं और उनके आस-पास दूसरे यात्री होते हैं।

यूजर्स ने सवाल किया, इस जोखिम की जरूरत क्या है?

कई यूजर्स ने ट्रेन टिकट के पैसे देने से बचने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने के लिए यात्रियों की बुराई की। एक व्यक्ति ने लिखा, “TTs और पुलिस हैरान थे,” जबकि दूसरे ने कहा, “नॉर्दर्न रेलवे में एक आम दिन।” एक और यूजर ने लिखा, “तो वे Rs 20 का टिकट खरीदने के बजाय घायल होने या मरने से भी ठीक हैं। बहुत बढ़िया,” इसमें शामिल खतरे की ओर इशारा करते हुए।

एक यूजर ने धनबाद जंक्शन का अपना अनुभव भी शेयर करते हुए कहा, “इसलिए मैंने देखा है कि धनबाद जंक्शन पर कई बार TTE FOB के खंभों के पास छिप जाते हैं और उनमें से कुछ सिविल ड्रेस में आकर ट्रेन रुकते ही गेट के सामने खड़े हो जाते हैं। एक बार जब वे एग्जिट का रास्ता कुछ समय के लिए ब्लॉक कर देते हैं तो TTE हमला कर देते हैं।”

एक और व्यक्ति ने मुंबई में अपने एक दोस्त के अनुभव को याद करते हुए कहा: “मेरा दोस्त मुंबई में हर सुबह ऐसा करता था। एक दिन उसके बैग का स्ट्रैप दरवाजे के हैंडल में फंस गया। उसके शरीर का बीच का हिस्सा गायब था।”

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The Vvaan Force of the Forrest Box Office: सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​की फिल्म ने मचाई धूम, 13वें दिन 80 करोड़ के पार पहुंचा कलेक्शन

The Vvaan Force of the Forrest Box Office: सैकनिल्क (Sacnilk) के आंकड़ों के अनुसार सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​की फिल्म “द वन – फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट” (The Vvaan – Force of the Forrest) सिनेमाघरों में धूम मचा रही है। 13वें दिन तक इसने दुनिया भर में 84.59 करोड़ की कमाई कर ली है।

दीपक कुमार मिश्रा के निर्देशन में बनी और तमन्ना भाटिया के साथ वाली इस फैंटेसी फोक-थ्रिलर फिल्म ने भारत के कई बाजारों में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है, भले ही दूसरे हफ्ते में इसकी कमाई में गिरावट आई है।

13वें दिन फिल्म ने भारत में अनुमानित ₹0.80 करोड़ की नेट कमाई की। यह 12वें दिन की ₹1.20 करोड़ की कमाई के मुकाबले 33.3% की गिरावट थी। 13वें दिन देश भर में फिल्म के 1,966 शो दिखाए गए, जो ओपनिंग वीक में दिखाए गए शो की संख्या से कम थे।

अब तक “The Vvaan” ने भारत में ₹65.05 करोड़ की नेट कमाई की है। इसकी भारत में ग्रॉस कमाई ₹77.24 करोड़ हो गई है। 13वें दिन इसकी विदेशी ग्रॉस कमाई का अनुमान ₹7.35 करोड़ है, जिससे इसका दुनिया भर में कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹84.59 करोड़ हो गया है।

‘द व्वान – फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ ने पहले दिन ₹8 करोड़ की कमाई के साथ शुरुआत की थी। इसके बाद दूसरे दिन ₹11.25 करोड़ और तीसरे दिन ₹14.35 करोड़ कमाए। चौथे दिन कमाई घटकर ₹5.25 करोड़ हो गई, लेकिन पांचवें दिन यह बढ़कर ₹6 करोड़ हो गई। फिल्म ने छठे दिन ₹4.25 करोड़ और सातवें दिन ₹4.50 करोड़ कमाए, जिससे पहले हफ़्ते की कुल कमाई ₹53.60 करोड़ हो गई। आठवें दिन फिल्म ने ₹3.25 करोड़ (नेट) और नौवें दिन ₹2 करोड़ कमाए। वहीं 10वें दिन 50 लाख, 11वें दिन- 0.11 करोड़, 12वें दिन-0.10 करोड़ का कलेक्शन किया।

दीपक कुमार मिश्रा की डायरेक्ट की हुई हिंदी फैंटेसी थ्रिलर फिल्म ‘द वन – फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ में सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म की कास्ट में अनूप सोनी, सुनील ग्रोवर, श्वेता तिवारी, मनीष पॉल और मिलिंद गुणाजी भी शामिल हैं। यह फिल्म पटना के पास बिहटा में स्थित वन देवी मंदिर से जुड़ी कहानियों से प्रेरित है और इसकी कहानी मध्य भारत के जंगलों पर आधारित है।

कहानी ऋषि कुमार नाम के एक शहरी व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी जमीन बेचने के लिए अपने पुश्तैनी गांव लौटता है। एक वर्जित जंगल और देवी वनदेवी के बारे में चेतावनियों के बावजूद, वह जंगल में चला जाता है और एक अलौकिक शक्ति को जगा देता है। जल्द ही उसका सामना रहस्यमयी ताकतों से होता है और उसे अपने गांव को एक जानलेवा खतरे से बचाना होता है।

फिल्म को अरुणाभ कुमार और जानवी गिल ने लिखा है और इसे बालाजी मोशन पिक्चर्स और द वायरल फीवर (TVF मोशन पिक्चर्स) ने प्रोड्यूस किया है। इसका संगीत तनिष्क बागची, विशाल मिश्रा और अमित त्रिवेदी ने तैयार किया है। ‘द वन – फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ 25 सितंबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।

Nana Patekar Controversies: एक्ट्रेस को मारा थप्पड़…तो कभी मीटू के लगे आरोप, इन बड़े विवादों से घिरे रहे नाना पाटेकर

Nana Patekar Controversies: एक एक्टर के तौर पर नाना पाटेकर का अंदाज हमेशा अनप्रेडिक्टेबल रहा। ‘परिंदा’ (1989), ‘प्रहार द फाइनल अटैक’ (1991) और ‘क्रांतिवीर’ (1994) जैसी फिल्मों ने उन्हें एक भरोसेमंद स्टार बना दिया था, लेकिन बाद में उन्होंने ‘वेलकम’ फ्रैंचाइजी जैसी कॉमेडी फिल्मों का रुख किया और उसमें भी आसानी से ढल गए। नाना, जिन्होंने कभी कहा था कि “मुझे शुरू से ही मौत का डर नहीं रहा”, का गुरुवार सुबह (8 अक्टूबर) को गोवा स्थित उनके घर पर निधन हो गया। एक्टर का विवादों से भी पुराना नाता रहा है।

एक्ट्रेस मधु को जब जड़ा तमाचा

एक्ट्रेस मधु ने 1997 की फिल्म ‘Yeshwant’ की शूटिंग का जून 2026 में एक किस्सा शेयर किया था। मधु ने बताया कि एक इमोशनल सीन में उन्हें ग्लिसरीन का यूज करना था। लेकिन नाना ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। वे बोले कि उन्हें अपने आप असल में रोना चाहिए। जब वह ऐसा नहीं कर पाईं तो नाना ने सीन को रियल फील देने के लिए उन्हें सच में थप्पड़ मार दिया था। थप्पड़ इतना तेज था कि आंखों से आंसू निकल आए। इसके बाद मधु ने भी पलटकर नाना को थप्पड़ मार दिया था। एक्ट्रेस ने ये भी कहा था कि नाना के साथ काम करने से उनके अभिनय पर असर पड़ा और उन्होंने मेथड एक्टिंग के बारे में सीखा।

फैन को मारा था थप्पड़

एक और विवाद नवंबर 2023 में सामने आया था। वाराणसी में फिल्म ‘Journey’ की शूटिंग के दौरान करीब 10 सेकेंड का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें नाना एक युवक के सिर पर थप्पड़ मारते नजर आए थे। शुरू में इसे सेल्फी लेने आए फैन को मारने का मामला बताया गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें खूब ट्रोल किया गया था। निर्देशक अनिल शर्मा ने फिर मामले पर सफाई दी थी। नाना ने भी वीडियो जारी कर बताया कि सीन की रिहर्सल हो रही थी, जिसमें एक लड़के को उनके पास आना था और उन्हें उसे थप्पड़ लगाना था।

तनुश्री दत्ता ने मीटू के लगाए थे आरोप

नाना का सबसे बड़ा और लंबा विवाद तनुश्री दत्ता के साथ चला। एक्ट्रेस ने दिग्गज एक्टर पर मीटू के आरोप लगाए थे। मामला 2008 की फिल्म ‘Horn Ok Pleassss’ की शूटिंग से जुड़ा था। तनुश्री ने आरोप लगाया कि एक गाने की शूटिंग के दौरान नाना ने उनके साथ गलत हरकत की थी। डांस स्टेप सिखाने के बहाने उन्हें गलत तरीके से छुआ करते थे। उनका कहना था कि गाना पहले उनके सोलो परफॉर्मेंस बताया गया था, लेकिन बाद में नाना को भी इसका हिस्सा बनाया गया।

वहीं नाना ने इन आरोप को गलत बताया था। उन्होंने कहा था कि सेट पर कई लोग मौजूद थे, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था। मामले में जांच के बाद 2019 में मुंबई पुलिस ने बी समरी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। पुलिस को आरोप साबित करने लायक ठोस सबूत नहीं मिले थे, वहीं 13 गवाहों ने नाना द्वारा यौन उत्पीड़न की पुष्टि भी नहीं की थी। फिर मामला अदालत गया, जहां मार्च 2025 में मुंबई की मजिस्ट्रेट अदालत ने तनुश्री की याचिका को खारिज कर दिया था। याचिका में उन्होंने क्लोजर रिपोर्ट का विरोध दर्ज कराया था।

विराट के आउट होते ही खाना छोड़ देते थे नाना पाटेकर, क्रिकेट ही नहीं शूटिंग में भी थे माहिर, देखें Video

अपनी दमदार अदाकारी, बेबाक अंदाज और यादगार किरदारों से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने वाले दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं हैं। 75 साल की उम्र में उनके निधन से फिल्म जगत के साथ-साथ उनके चाहने वालों में भी शोक की लहर है। नाना पाटेकर को भले ही फिल्मों में उनके शानदार अभिनय के लिए जाना जाता हो, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका क्रिकेट और शूटिंग जैसे खेलों से भी गहरा रिश्ता था। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून इतना ज्यादा था कि पसंदीदा खिलाड़ी विराट कोहली के जल्दी आउट होने पर उनका खाना तक खाने का मन नहीं करता था।

 

2007 में शूटिंग चैंपियनशिप में जीता था ब्रॉन्ज मेडल

 

नाना पाटेकर सिर्फ क्रिकेट के शौकीन ही नहीं थे, बल्कि शूटिंग में भी अपना हुनर दिखा चुके थे। साल 2007 में उन्होंने महाराष्ट्र की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए इंदौर के पास महू में आयोजित नेशनल 300 मीटर बिग बोर शूटिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

 

इस प्रतियोगिता में उन्होंने 49 प्रतिभागियों के बीच 13वां स्थान हासिल किया था। उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘रिनाउंड शॉट’ का खिताब भी मिला था। यानी पर्दे पर किरदारों में जान डालने वाले नाना असल जिंदगी में भी निशानेबाजी के अच्छे खिलाड़ी थे।

नाना पाटेकर 4 दिन पहले ही बोले थे- ‘हम सबको एक दिन जाना है’

नाना पाटेकर 4 दिन पहले ही बोले थे- ‘हम सबको एक दिन जाना है’

 

बचपन में करते थे ऑफ स्पिन गेंदबाजी

 

नाना पाटेकर का क्रिकेट प्रेम बचपन से ही था। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वह बचपन में क्रिकेट अच्छा खेलते थे और ऑफ स्पिन गेंदबाज* किया करते थे।

 

हालांकि, उस दौर में क्रिकेट की ट्रेनिंग लेने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। ऐसे में वह मुंबई के शिवाजी पार्क पहुंच जाते थे और वहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को गेंदबाजी करके अपना शौक पूरा करते थे। नाना ने यह भी कहा था कि क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उम्र बढ़ने के बाद भी कम नहीं हुआ और कुछ दिन अभ्यास करने के बाद वह आज भी अच्छी गेंदबाजी कर सकते हैं।

 

विराट कोहली थे नाना के फेवरेट क्रिकेटर

 

क्रिकेट की बात हो और विराट कोहली का जिक्र नाना पाटेकर के इंटरव्यू में न आए, ऐसा कम ही हुआ। नाना ने खुलकर बताया था कि विराट कोहली उनके पसंदीदा क्रिकेटर हैं।

 

उन्होंने कहा था कि अगर विराट जल्दी आउट हो जाएं तो उनका खाना खाने का मन तक नहीं करता। नाना के इस बयान ने यह साफ कर दिया था कि वह क्रिकेट को सिर्फ देखते नहीं थे, बल्कि खेल से भावनात्मक रूप से भी जुड़े हुए थे।

 

भारत-पाकिस्तान का मुकाबला होने पर तो नाना टीवी से हटते ही नहीं थे। उनके लिए क्रिकेट का रोमांच आज भी वैसा ही था, जैसा बचपन में हुआ करता था।

 

 क्रिकेट और एक्टिंग को लेकर कही थी खास बात

 

नाना पाटेकर ने क्रिकेट और एक्टिंग के बीच एक दिलचस्प समानता भी बताई थी। उनके मुताबिक, क्रिकेटर और अभिनेता दोनों को लगातार परीक्षा से गुजरना पड़ता है। फर्क सिर्फ इतना है कि क्रिकेटर की परीक्षा कुछ दिनों में पूरी हो जाती है, जबकि एक कलाकार की परीक्षा कई साल तक चल सकती है।

 

उन्होंने अपने क्रिकेट प्रेम को लेकर कहा था कि क्रिकेटरों की तरह कलाकारों को भी हर बार जनता के सामने खुद को साबित करना पड़ता है और आखिरकार फैसला दर्शक ही करते हैं।

एक्टर नहीं शेफ भी थे नाना पाटेकर! सेट पर खुद बनाते थे मटन, पूरी यूनिट को खिलाने का था शौक

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विराट के आउट होने पर वायरल होते थे मीम्स

 

नाना का विराट कोहली को लेकर दिया गया बयान सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में रहा। जब भी विराट जल्दी आउट होते या बड़ी पारी खेलते, सोशल मीडिया पर नाना पाटेकर के उस बयान को याद करते हुए मजेदार मीम्स और पोस्ट वायरल होने लगते थे।

 

यही नाना की खासियत थी उनका अंदाज बिल्कुल सीधा, बेबाक और दिल से निकला हुआ होता था। क्रिकेट को लेकर उनका जुनून उनके प्रशंसकों को उनकी फिल्मों से अलग उनकी एक और दिलचस्प तस्वीर दिखाता था।

 

 नाना के निधन पर विराट कोहली ने दी श्रद्धांजलि

 

नाना पाटेकर के निधन की खबर के बाद क्रिकेट जगत से भी उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। विराट कोहली ने नाना की तस्वीर साझा करते हुए उन्हें भारतीय सिनेमा का सच्चा लीजेंड बताया और उनके काम व विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक याद किए जाने की बात कही।

नाना पाटेकर का जाना सिर्फ सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति नहीं है। उनके निधन से क्रिकेट ने भी अपना एक ऐसा जुनूनी प्रशंसक खो दिया, जिसके लिए मैच महज खेल नहीं बल्कि भावनाओं से जुड़ा अनुभव था।

 

पर्दे पर दमदार किरदार निभाने वाले नाना पाटेकर की यादें अब उनकी फिल्मों, उनके बेबाक किस्सों और क्रिकेट के प्रति उनके जुनून के जरिए हमेशा जिंदा रहेंगी।

 

राहुल के रॉल खाने पर विवाद

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार, छह अक्टूबर को बड़ा प्रदर्शन किया। करीब 12 घंटे के इस प्रदर्शन के दौरान वे आठ घंटे तक ‘सत्याग्रह’ पर भी बैठे, दो घंटे तक हिरासत में रहे और दो घंटे तक सड़क पर खूब ऑप्टिक्स भी बनवाए। वे पुलिस के लगाए बैरिकेड्स के ऊपर चढ़ गए है, जिसकी वीडियो और तस्वीरें खूब वायरल हुई हैं। उनके प्रदर्शन का यह असर रहा कि मंगलवार को भाजपा को चार बार प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी। भाजपा के अलग अलग प्रवक्ताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चुनाव आयोग का बचाव किया।

इस पूरे प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया में सक्रिय भाजपा के इकोसिस्टम के लोगों को जब कोई और मुद्दा नहीं मिला तो उन्होंने राहुल गांधी के ‘खान चचा’ दुकान से मंगा कर रॉल खाने को मुद्दा बनाया। यह माना गया कि दुकान का मुस्लिम नाम है तो इससे एक नैरेटिव बनेगा। हालांकि दुकान एक हिंदू कारोबारी की ही है। हो सकता है कि रील वायरल करने वाले भी इस बात को जानते हों। उन्होंने नैरेटिव बनाने के लिए यह भी प्रचार किया कि राहुल चिकन रॉल खा रहे थे। तस्वीर जूम करके लाल निशान दिखाया जा रहा था। किसी को इस बात पर आपत्ति थी कि राहुल मंगलवार को नॉनवेज खा रहे थे तो किसी को इस पर परेशानी थी कि पितृपक्ष का समय चल रहा है और राहल नॉनवेज खा रहे थे। सोचें, कितने बड़े आरोपों को लेकर प्रदर्शन हो रहा था और भाजपा का इकोसिस्टम उसके किस स्तर पर ला रहा है!

Video: ‘1 लाख से कम कमाते हैं तो बेंगलुरु न आएं’, महिला के बयान ने छेड़ी बहस, यूजर्स बोले- क्यों?

बेंगलुरु में रहने की बढ़ती लागत को लेकर सोशल मीडिया पर एक नई बहस शुरू हो गई है। एक महिला के मुताबिक, 1 लाख रुपये से कम मासिक कमाई वाले लोगों के लिए शहर में रहना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने खास तौर पर घर खरीदने और किराए पर रहने के बढ़ते खर्च का जिक्र करते हुए कहा कि मिडिल क्लास लोगों को शहर में शिफ्ट होने से पहले अपने बजट पर अच्छी तरह विचार करना चाहिए। सोशल मीडिया यूजर ने इस पर तरह-तरह के रिएक्शन दिए हैं। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट

सोशल मीडिया पर ये वीडियो शहर में रहने वाली इंस्टाग्राम यूजर अत्रेयी ने शेयर किया है। पोस्ट में उन्होंने कहा, “अगर आप महीने में कम से कम 1 लाख रुपये नहीं कमाते हैं, तो प्लीज बेंगलुरु न आएं।” उन्होंने माना कि उनकी यह बात विवादित लग सकती है। उन्होंने बेंगलुरु में घर खरीदने की बढ़ती लागत को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि, “शहर में प्रॉपर्टी की कीमतें इतनी ज्यादा हो गई हैं कि मिडिल क्लास परिवारों के लिए अपना घर खरीदना आसान नहीं है। उन्होंने बताया कि, बेंगलुरु में घरों की कीमत करीब 2 करोड़ रुपये से शुरू होती है, जबकि अच्छे इलाकों और हाउसिंग सोसाइटी में यही कीमत 3 से 4 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।”

40-45 हजार होता है किराया

अत्रेयी ने बेंगलुरु में किराए के बढ़ते खर्च का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, किसी हाउसिंग सोसाइटी में एक सामान्य 2BHK फ्लैट का किराया करीब 40 से 45 हजार रुपये प्रति माह हो सकता है। वहीं, अगर कोई गेटेड सोसाइटी के बाहर घर किराए पर लेता है, तो वहां भी किराया करीब 30 हजार रुपये महीने से शुरू हो सकता है। इन खर्चों को देखते हुए बेंगलुरु में मिडिल क्लास लोगों के लिए रहना आर्थिक रूप से आसान नहीं है। उनके मुताबिक, महीने में करीब 3 से 4 लाख रुपये कमाने वाले लोग शहर के बढ़ते खर्चों को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं।

 

लोगों ने किया कमेंट

अत्रेयी की बात के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर लोगों के बीच बहस शुरू हो गई। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या बेंगलुरु में रहने के लिए 1 लाख रुपये की मासिक सैलरी को न्यूनतम मानना सही है। कुछ लोगों ने कहा कि लोग बेंगलुरु में नौकरी करते हुए शहर से दूर या दूसरे इलाकों में कम कीमत पर प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं। उनके मुताबिक, महंगी प्रॉपर्टी की समस्या सिर्फ बेंगलुरु तक सीमित नहीं है।

वहीं, कुछ लोगों ने असहमति जताई। उनका कहना था कि कम सैलरी वाले युवाओं को सिर्फ इस वजह से बेंगलुरु जाने से नहीं रोकना चाहिए। एक यूजर ने कहा कि युवाओं को शुरुआत में ज्यादा कमाई या घर खरीदने की चिंता करने के बजाय अपनी स्किल्स बेहतर करने और करियर में आगे बढ़ने पर ध्यान देना चाहिए।

रनर्स के साथ दौड़ती रही ये कुतिया, 21 KM बाद भी नहीं रुकी; 38 KM तक ऐसे निभाया साथ, वीडियो हुआ वायरल

कानपुर में एक रनिंग ग्रुप उस वक्त हैरान रह गया, जब एक आवारा कुतिया उनके साथ दौड़ने लगी। शुरुआत में लोगों ने सोचा कि वह कुछ दूर तक साथ आएगी और फिर वापस चली जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिल्लू लगातार ग्रुप के साथ दौड़ती रही और करीब 38 किलोमीटर की दूरी पूरी कर डाली।इस दौरान रनर्स जब पानी पीने या आराम करने के लिए रुकते, तो पिल्लू भी उनके साथ रुक जाती। ब्रेक के बाद वह फिर दौड़ना शुरू कर देती।

उसकी रफ्तार और स्टैमिना देखकर रनर्स भी हैरान थे। इसी दौरान उसे प्यार से ‘Pillu Goggins’ नाम दे दिया गया। अब उसके वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं।

21 किलोमीटर के बाद भी नहीं रुकी

इंडियन बैडमिंटन खिलाड़ी प्रथमम ने इस पूरी घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए। उनके मुताबिक, उन्होंने उस दिन करीब 43 किलोमीटर दौड़ लगाई, जबकि पिल्लू लगभग 38 किलोमीटर तक उनके साथ रही।

ग्रुप ने शुरुआत में सिर्फ 21 किलोमीटर तक दौड़ने का प्लान बनाया था। इसके बाद सभी को ऑटो से वापस लौटना था। उन्हें लगा था कि पिल्लू भी इतने किलोमीटर के बाद रुक जाएगी।

लेकिन 21 किलोमीटर पूरे होने के बाद भी पिल्लू ने दौड़ना जारी रखा। वह बिना किसी परेशानी के ग्रुप के साथ आगे बढ़ती रही। उसकी वजह से रनर्स का उत्साह भी बना रहा।

रनर्स ने भी रखा पिल्लू का ख्याल

पिल्लू ने पूरी दूरी अकेले नहीं दौड़ी। रनर्स ने भी उसका ध्यान रखा। जब ग्रुप पानी के लिए रुकता, तो उसे भी पानी दिया जाता और आराम का मौका मिलता।

वीडियो में वह कभी आगे तो कभी रनर्स के साथ-साथ दौड़ती दिखाई देती है। उसकी लगातार बनी रहने वाली रफ्तार ने लोगों को काफी प्रभावित किया।

दौड़ खत्म होने के बाद कहां गई पिल्लू?

इतनी लंबी दूरी तक दौड़ने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों को पिल्लू की चिंता होने लगी। कई लोगों ने पूछा कि आखिर दौड़ खत्म होने के बाद वह कहां गई।

प्रथमम ने बताया कि पिल्लू उनके घर के आसपास ही रहती है। उसने उनके साथ दौड़ शुरू की थी और आखिर में उनके घर पर ही पहुंची। उन्होंने यह भी साफ किया कि पिल्लू पहले से ही उनके इलाके में रहती है और इस तरह दौड़ना उसके लिए नया नहीं है।

इंटरनेट पर छाया ‘Pillu Goggins’ नाम

पिल्लू की कहानी सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स उसके फैन हो गए हैं। कोई उसे सबसे अच्छा रनिंग पार्टनर बता रहा है, तो कोई उसकी फिटनेस और वफादारी की तारीफ कर रहा है।

एक सामान्य सी रनिंग से शुरू हुई यह कहानी अब इंटरनेट पर लोगों का दिल जीत रही है। पिल्लू को शायद यह भी पता नहीं कि उसने 38 किलोमीटर की दौड़ पूरी की है, लेकिन उसके साथ दौड़ने वाले लोगों के लिए वह उस दिन की सबसे यादगार साथी जरूर बन गई।

Viral Video: चलती कार की बोनट पर चढ़ा जंगली हाथी! लोगों की रुकीं सांसें, वायरल हुआ हैरान करने वाला वीडियो

Viral Video: चलती कार की बोनट पर चढ़ा जंगली हाथी! लोगों की रुकीं सांसें, वायरल हुआ हैरान करने वाला वीडियो

तमिलनाडु के असनूर इलाके में एक सामान्य सफर उस वक्त डरावने अनुभव में बदल गया, जब जंगल की तरफ से निकला एक जंगली हाथी अचानक एक कार के सामने आ गया। बेंगलुरु-दिंडीगुल राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रही गाड़ी में बैठे यात्रियों ने शायद सोचा भी नहीं होगा कि अगले कुछ सेकंड में उन्हें इतने करीब से हाथी का सामना करना पड़ेगा।

कार मैसूर से कोयंबटूर की ओर जा रही थी। इसी दौरान हाथी सड़क के पास पहुंचा और वाहन के बेहद नजदीक आ गया। देखते ही देखते उसने कार पर अपना पैर रख दिया। विशाल जानवर को इतने करीब देखकर अंदर बैठे यात्रियों की घबराहट बढ़ गई।

कुछ सेकंड का खौफ

हाथी के वजन से कार का साइड मिरर टूट गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि वाहन में सवार किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई। घटना के बाद यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत यही थी कि हाथी ने ज्यादा देर तक वाहन के आसपास रुकने के बजाय वहां से दूरी बना ली। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखा दिया कि जंगल से होकर गुजरने वाले हाईवे पर कुछ सेकंड की लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है।

सड़क नहीं, हाथियों का पुराना रास्ता भी है यह इलाका

असनूर का इलाका जंगलों से घिरा हुआ है और यहां से गुजरने वाले रास्तों पर वन्यजीवों की आवाजाही देखी जाती है। आसपास के जंगल चामराजनगर क्षेत्र और बांदीपुर टाइगर रिजर्व से जुड़े वनक्षेत्रों के करीब हैं।

हाथियों के लिए जंगल से जंगल तक आने-जाने के प्राकृतिक रास्ते मौजूद हैं। ऐसे में जब हाईवे इन इलाकों के बीच से गुजरता है, तो कई बार इंसानों और वन्यजीवों का रास्ता एक ही जगह पर आ मिलता है।

खाने की खुशबू भी खींच सकती है हाथियों को

वन विभाग लंबे समय से वाहन चालकों को आगाह करता रहा है कि जंगल वाले रास्तों पर जानवरों को देखकर रुकना या उन्हें खाना देना भारी पड़ सकता है। खासतौर पर सब्जियों, गन्ने या अन्य खाद्य सामग्री की मौजूदगी हाथियों को वाहनों के करीब ला सकती है।

एक बार अगर किसी हाथी को गाड़ियों से खाना मिलने लगे, तो वह वाहनों के पास आने का आदी हो सकता है। इससे अगली बार सामना होने पर स्थिति और ज्यादा खतरनाक बन सकती है।

ऐसे इलाकों में सफर करने वालों के लिए सबसे जरूरी बात है कि हाथी दिखाई देने पर वाहन से बाहर न निकलें और उसके करीब जाने की कोशिश न करें। हॉर्न बजाकर या रास्ता रोककर उसे परेशान करना भी जोखिम बढ़ा सकता है।

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‘विराट को 5 करोड़ देकर आश्रम लाया गया था’… दावे पर कोहली के प्रवक्ता का आया बयान, कहा- दावा ‘पूरी तरह झूठा’

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की प्रेमानंद महाराज से मुलाकातें अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। दोनों कई बार वृंदावन पहुंचकर प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लेते और उनसे बातचीत करते नजर आए हैं। दोनों ही प्रेमानंद महाराज के बड़े भक्त भी माने जाते हैं। लेकिन इस बीच सोशल मीडिया पर फलहारी महाराज के वायरल हो रहे दावे, जिसमें उन्होंने कहा था की विराट और अनुष्का जब पहली बार प्रेमानंद महाराज के आश्रम गए थे तो इसके लिए उन्हें पांच करोड़ रुपये दिए गए थे, पर कोहली के प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया दी है।

कोहली के प्रवक्ता ने आरोप को किया खारिज

उन्होंने फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा के इस दावे को सख्ती से खारिज करते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया है। प्रवक्ता ने इन दावों को “पूरी तरह से झूठा, बेबुनियाद और तथ्यों के लिहाज से गलत” बताया है।

बयान में यह स्पष्ट किया गया है कि विराट कोहली प्रेमानंद महाराज जी के प्रति अपनी गहरी आस्था और सम्मान के कारण ही उनसे मिलने जाते हैं। साथ ही, मीडिया से यह भी आग्रह किया गया कि वे ऐसी बातों की रिपोर्ट करने या उन्हें आगे बढ़ाने से पहले तथ्यों की जांच-पड़ताल करें और पूरी सावधानी बरतें।

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वहीं, इस बयान के जरिए कोहली की टीम ने संबंधित दावों को लेकर अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है। यानी इन दावों को विराट कोहली की ओर से स्वीकार किए गए तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि बीते 25 सितंबर को संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की रहस्यमयी मौत के बाद हर गुजरते दिन नए-नए दावे सामने आए, जिसमें से संतों द्वारा एक दावा यह भी किया था कि एक बिल्डर लॉबी और भू-माफिया सिंडिकेट ने प्रेमानंद महाराज के आश्रम का नाम इस्तेमाल कर पीआर और वसूली का खेल रचा। जिसके तहत पहली बार विराट कोहली को 5 करोड़ रुपये देकर आश्रम लाया गया था।

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