‘आंखों के सामने कार बही, लगा अब हमारी बारी है’:लोग बोले- जिस पुल से आए, वो डूब गया; नेपाल से रेस्क्यू 106 भारतीयों की आपबीती

‘काठमांडू से निकलते ही हमें अंदाजा हो गया था कि हालात बेहद खतरनाक हो चुके हैं। पानी का फ्लो अचानक तेजी से बढ़ गया था। हमारी गाड़ी से करीब 500 मीटर की दूरी पर देखते ही देखते एक कार पानी के तेज बहाव में बह गई। उस मंजर को देखकर हम लोग घबरा गए थे।’ उस वक्त लगा कि अब हम लोगों की बारी है। हमारी गाड़ी भी पानी में बह सकती है। हमें उम्मीद नहीं थी कि हम जिंदा बचकर यहां तक पहुंच पाएंगे। भगवान और बिहार सरकार ने ही हमारी जान बचाई है।’ नेपाल से रेस्क्यू किए गए भारतीयों ने ये बातें बताईं। 106 लोगों को शुक्रवार शाम बिहार सरकार की मदद से सुरक्षित सीतामढ़ी लाया गया। इसके बाद इन्हें बस की मदद से देर रात पटना भेजा गया। वहां से ट्रेन की मदद से सुरक्षित उनके राज्य महाराष्ट्र भेजा गया। नेपाल में भीषण बाढ़ से अब तक 600 से ज्यादा लोगों की मौत और 2500 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर है। इनमें बिहार के भी कई लोग शामिल हैं। नेपाल से बिहार लौटे भारतीयों ने क्या बताया? दो दिन उन्होंने किन हालात में गुजारे? अपनी आंखों के सामने उन्होंने क्या-क्या देखा? अब भी उनके मन में किस बात का डर है? पढ़िए नेपाल की आंखों देखी… नेपाल से सही सलामत लोग सीतामढ़ी पहुंचे, 3 फोटोज… ‘बचने की उम्मीद छोड़ चुके थे’ नेपाल घूमने और पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए गए महाराष्ट्र के करीब 106 यात्रियों का ग्रुप काठमांडू से भारत लौट आया। उन्हें अंदाजा नहीं था कि ये दो दिन उनकी जिंदगी के सबसे खौफनाक पलों में बदल जाएंगे। जब वे काठमांडू से बिहार आ रहे थे तो रास्ते में अचानक पानी का बहाव तेज हो गया था। सड़कें टूट चुकी थीं। नदियां उफान पर थीं। जिस पुल को पार कर वे बिहार की सीमा में दाखिल हुए, उसका आधे से ज्यादा हिस्सा पानी में डूबा हुआ था। हालांकि, बिहार प्रशासन की मदद से सभी लोग सुरक्षित बचाए लिए गए। इस बीच दैनिक भास्कर की टीम ने सभी सुरक्षित भारतीयों से बात की। नागपुर के रहने वाले योगेश गावंडे ने बताया, ‘नेपाल से बिहार में प्रवेश करने के लिए जिस पुल को हमने पार किया, उस समय उसका आधे से ज्यादा हिस्सा पानी में डूबा हुआ था। पानी लगातार बढ़ रहा था और बहाव बेहद तेज था। डर के बीच हम लोगों ने किसी तरह पुल पार किया, लेकिन इसके करीब आधे घंटे बाद हमें खबर मिली की पानी का लेवल और बढ़ गया है। जिस पुल को हमने क्रॉस किया, वो पूरी तरह डूब चुका है।’ योगेश ने ये भी कहा कि जब हम नेपाल में फंसे थे, तब सच में लग रहा था कि हम बचेंगे भी या नहीं। सुरक्षित निकल पाएंगे, इसकी कोई उम्मीद नहीं थी। अगर कुछ देर वहां और रुकते तो शायद ही आज जिंदा होते। भारत सरकार ने हमारा बहुत साथ दिया। सरकार ने हमें वहां से सुरक्षित निकाला, इंडिया लाए और फिर हमारे घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की। इसके लिए बिहार के CM सम्राट चौधरी का बहुत-बहुत धन्यवाद। ‘महाराष्ट्र और बिहार अलग-अलग नहीं, हम सब भारतीय हैं’ योगेश ने कहा, बिहार प्रशासन और यहां के लोगों के व्यवहार से हमें बहुत अच्छा लगा। हम सभी भारतीय हैं। ऐसा नहीं है कि महाराष्ट्र अलग है और बिहार अलग। हम सब एक ही देश के हैं। आज यहां आकर यह बात और ज्यादा महसूस हो रही है कि मुश्किल वक्त में पूरा भारत एक साथ खड़ा होता है। हम लोगों का ग्रुप 19 अगस्त को महाराष्ट्र से नेपाल पहुंचा था। सबसे पहले हम लोग पोखरा गए, वहां से मुक्तिनाथ और फिर काठमांडू पहुंचे थे। इसी दौरान ग्लेशियर से आई तबाही और बाढ़ के कारण कई रास्ते पूरी तरह टूट गए और बंद हो गए। इसके चलते हमलोग भारत वापस नहीं आ पा रहे थे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से तत्काल मदद की गई और नेपाल से भारत तक पहुंचाने के लिए आवश्यक व्यवस्था कराई गई। ’50 सीटर बस पहाड़ में फंसी, छोटी गाड़ियों से निकाला’ पुणे निवासी नारायण रेशमा बाजपेयी ने बताया, हम लोगों का ग्रुप करीब 50 सीटर बस से नेपाल गया था। शुरुआत के 7-8 दिन यात्रा सामान्य रही, लेकिन वापसी के समय रास्ते बंद होने लगे। 50 सीटर बस के लिए पहाड़ी और टूटे हुए रास्तों से आगे बढ़ना संभव नहीं था। इसके बाद स्थानीय स्तर पर मदद मांगी गई। छोटी गाड़ियों की व्यवस्था की गई। इन्हीं छोटी गाड़ियों से यात्रियों को आगे निकाला गया। जिस जगह बाद में सबसे ज्यादा तबाही हुई, उसी जगह से हम लोग एक दिन पहले ही निकल चुके थे। इस वजह से हमने तबाही का सबसे भयानक रूप सामने से नहीं देखा, लेकिन वापसी के दौरान रास्तों की हालत देखकर हमें खतरे का अंदाजा हो गया था। काठमांडू में दो दिनों तक बिना खाए रहे लोग आशा पांडे ने बताया, हमलोग 2 दिनों से बहुत ही मुश्किल में थे। भूखे-प्यासे सिर्फ जान की परवाह कर रहे थे। समझ में नहीं आ रहा था कि कब और कैसे इस भयानक तबाही से निकल पाएंगे।’ एक अन्य यात्री सरला ने बताया, ‘नेपाल से निकलकर जब हम लोग भारतीय सीमा तक पहुंचे तो यहां प्रशासन और स्थानीय लोगों ने हमारी काफी मदद की। हमें बॉर्डर से आगे लाने, गाड़ी तक पहुंचाने और खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की गई। प्रशासन की ओर से पहले नाश्ता और भोजन कराया गया। रहने की भी व्यवस्था की गई। उन्होंने भावुक होकर कहा, ‘आज राखी का दिन है और ऐसा लग रहा है कि हमें यहां भाई मिल गए। हमारी बहुत बड़ी मदद हुई है। जिस तरह से प्रशासन और लोगों ने हमारा साथ दिया, वह हम कभी नहीं भूलेंगे।’ सरला की मौसेरी बहन निर्मला पांडे ने बताया, हम लोग नेपाल घूमने गए थे, लेकिन अचानक आई बाढ़ के कारण वहां फंस गए। इस बीच मेरी मां की तबीयत बिगड़ गई। नेपाल के हालात को देखकर वे घबरा गईं और उन्हें हार्ट अटैक आ गया। फिलहाल, उनका इलाज नेपाल के काठमांडू के एक अस्पताल में चल रहा है। वहां की सरकार और मेरा भाई उनका ध्यान रख रहे हैं।’ ये सभी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, लेकिन महाराष्ट्र के पुणे में नौकरी करते हैं। ‘नेपाल बॉर्डर पर यात्रियों को रिसीव किया, खाना दिया, आगे की व्यवस्था की’ आपदा के ADM बृज किशोर पांडेय ने कहा, भारत से नेपाल घूमने गए ये यात्री बाढ़ की तबाही में फंस गए थे। 28 अगस्त को करीब 3 बजे दोपहर में मुख्यमंत्री सचिवालय और आपदा प्रबंधन विभाग से सूचना मिली कि नेपाल से कुछ भारतीय बिहार बॉर्डर पर आ रहे हैं। जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने बॉर्डर पर पहुंचकर यात्रियों को रिसीव किया। गाड़ी नहीं होने पर प्रशासन ने अपने साधनों से उन्हें थाने तक पहुंचाया। थाने पहुंचने पर यात्रियों को नाश्ता, फल, पानी और भोजन उपलब्ध कराया गया। एक-दो यात्रियों ने कमजोरी और चक्कर की शिकायत की, जिनकी डॉक्टरों ने जांच की। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। प्रशासन के अनुसार करीब 110 यात्री लौट रहे थे, जिनमें कुछ निजी साधनों से आगे निकल गए। फिलहाल 106 यात्रियों का ग्रुप प्रशासन के पास पहुंचा है। सभी को उनकी जरूरत के मुताबिक मदद देने के साथ पटना आने-जाने की व्यवस्था भी की गई। महाराष्ट्र के CM ने सीतामढ़ी सांसद से किया कॉन्टैक्ट सभी यात्रियों ने गुरुवार, 27 अगस्त को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से संपर्क साधा था। इसके बाद फडणवीस ने तुरंत सीतामढ़ी सांसद देवेश चंद्र ठाकुर को पूरी स्थिति बताई। सांसद देवेश ठाकुर ने गुरुवार रात काठमांडू सांसद संदीप राणा से कॉन्टैक्ट किया, जिसके बाद शुक्रवार सुबह विशेष बसों की व्यवस्था कर सभी को वहां से रवाना किया गया। रास्ते में दो बसें बदलकर तीर्थयात्री किसी तरह सीतामढ़ी के भिट्ठामोड़ सीमा पहुंचे। यहां सीतामढ़ी जिला प्रशासन की टीम पहले से मुस्तैद थी। सीमा पर पुपरी एसडीओ गौरव कुमार, सीओ सतीश कुमार, बीडीओ कर्मवीर कुमार प्रभाकर, आरओ ब्रजेश मिश्र और भिट्ठा थानाध्यक्ष दीपक पटेल सहित अधिकारियों ने सभी का स्वागत किया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. लालू कुमार की देखरेख में सभी का हेल्थ चेकअप कराया गया। सभी को खाना खिलाया और आराम करने की व्यवस्था की। महाराष्ट्र की महिलाओं ने सीतामढ़ी SDM के साथ मनाई राखी ——————– ये खबर भी पढ़ें… नेपाल में तबाही के बीच बचा रहा घर:कई फीट तक पानी और मलबे से घिरा; बालकनी में खड़े 3 लोगों की जान बची, VIDEO नेपाल में आई अचानक बाढ़ के बीच एक घर पानी के तेज बहाव के बावजूद खड़ा रहा। आसपास का इलाका उफनते पानी में डूब गया और कई इमारतें व मलबा बहते दिखे। इस घर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

Nepal Flood Video: नेपाल बाढ़ की तबाही के बीच हैवानियत! मृत महिला के बाल खींचकर कानोंर से उड़ाईं सोने की बालियां, ये शर्मनाक काम करने वाले कौन थे?

Nepal Flood News: नेपाल में आई अचानक और विनाशकारी बाढ़ के बीच एक दिल दहला देने वाली और इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। लोग नेपाल में कुदरत के इस कहर के बीच अभी भी अपनी जान और अपनों को बचाने के लिए जूझ रहे हैं लेकिन इस त्रासदी के बीच दो पुरुषों ने संवेदनहीनता और हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। नेपाल में नारायणी नदी में बहकर आई एक मृत महिला के शव से सोने की बालियां चुराने का शर्मनाक मामला सामने आया है। नेपाल पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

वायरल वीडियो में दिखा हैवानियत का मंजर, मूकदर्शक बने रहे लोग

इस दर्दनाक और शर्मनाक घटना का खुलासा एक 41 सेकंड के वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद हुआ। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो शख्स बाढ़ के पानी में तैरती हुई महिला की लाश को लकड़ी के तख्तों की मदद से किनारे की ओर खींचते हैं।

इसके बाद दोनों आरोपियों ने महिला के शव को पानी से बाहर निकालने के नाम पर उसके बाल खींचे और फिर बेरहमी से उसके दोनों कानों से सोने की बालियां निकालकर अलग रख लीं। हैरान करने वाली बात यह भी रही कि जब यह घिनौना काम हो रहा था तब वहां मौजूद कई दूसरे लोग इसमें हस्तक्षेप करने या रोकने के बजाय अपने फोन से इस घटना का वीडियो बनाते रहे।

चितवन पुलिस ने की आरोपियों की पहचान, पोखरा बस पार्क के पास से हुए गिरफ्तार

शर्मनाक हरकत का यह वीडियो सामने आने के बाद नेपाल पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू की। वीडियो के आधार पर नेपाल पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान 25 वर्षीय मदन गुरुंग और 38 वर्षीय उमेश चौधरी के रूप में की।

हमारी सहयोगी वेबसाइट News18 की रिपोर्ट में नेपाली मीडिया पोर्टल खबरहब के हवाले से बताया गया है कि पुलिस ने दोनों संदिग्धों को गुरुवार को भरतपुर महानगरपालिका-1 स्थित पोखरा बस पार्क के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सख्त लहजे में चेतावनी जारी की है कि ऐसे कठिन समय में बाढ़ पीड़ितों को निशाना बनाने वाली लूटपाट या किसी भी तरह की अमानवीय गतिविधि के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नेपाल में बाढ़ का कहर: 469 लोगों की मौत, सैकड़ों अभी भी लापता

यह शर्मनाक घटना ऐसे समय में हुई है जब नेपाल हिमालयी सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ की चपेट में है। बुधवार को नेपाल-तिब्बत सीमा पर ल्हेन्दे नदी के पास बर्फ और चट्टानों के ढहने से भोटे कोशी और त्रिशूली नदी में पानी, मलबे और पत्थरों का भयंकर सैलाब आ गया था। इस तबाही की वजह से नेपाल में अब तक कम से कम 469 लोगों की जान जा चुकी है जबकि चीन की तरफ 3 लोगों की मौत हुई है। सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। इस आपदा का सबसे बड़ा असर रसुवा और धाडिंग जिलों में देखने को मिला।

बाढ़ का पानी नीचे बहते हुए नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी पूर्व तक पहुंच गया। सड़कें और पुल बह जाने और कम्युनेकेशन के साथ बिजली सेवाएं ठप होने से राहत और बचाव टीमों को कई प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ये भी पढ़ें- Nepal Flood update: नेपाल में बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हुई, 290 भारतीय नागरिक अभी भी लापता, चीन ने फिर जारी किया अलर्ट

खतरा अभी टला नहीं, नदियों के आसपास बना हुआ है जोखिम

नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग ने चेतावनी जारी की है कि खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक नदी में रुकावट आने की वजह से बनी झील से पानी अभी पूरी तरह से बाहर नहीं निकला है। इस वजह से भोटे कोशी और त्रिशूली नदी के आसपास के इलाकों में अभी भी लगातार खतरा मंडरा रहा है और वहां अलर्ट जारी है।

नेपाल की तबाही वाली बाढ़ का नया Video आया सामने, देखिए त्रिशूली बाजार में पीछे पीछे पानी और आगे कैसे जान बचाकर भागते दिखे लोग

नेपाल के पहाड़ी इलाकों में आई विनाशकारी प्राकृतिक आपदा के बीच एक खौफनाक वीडियो सामने आया है। यह नया वीडियो नेपाल के नुवाकोट जिले के त्रिशूली बाजार का है। यहां बुधवार को आई भयानक बाढ़ के बीच अचानक चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मटमैले पानी, कीचड़ और मलबे की एक विशाल दीवार तेजी से बाजार की ओर बढ़ रही है और लोग अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर भाग रहे हैं।

आम दिन का माहौल अचानक बदला चीख-पुकार में, स्कूल बस भी फंसी

वायरल फुटेज में दिखाया गया है कि त्रिशूली बाजार में हर रोज की तरह सामान्य चहल-पहल थी। ये चहल पहल कुछ ही पलों में भारी अफरा-तफरी में बदल गई। जैसे ही बाढ़ का पानी तेजी से बाजार की सड़कों में दाखिल हुआ, पैदल चल रहे लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। कार और मोटरसाइकिल सवार भी सैलाब के रास्ते से दूर हटने की होड़ में लग गए।

यहां नीचे देखिए तबाही वाला वो वीडियो

इस भयानक अफरा-तफरी और मलबे के बीच एक स्कूल बस भी फंसी हुई नजर आई। पानी के तेज बहाव ने देखते ही देखते पूरे बाजार को अपनी आगोश में ले लिया। कुछ ही मिनटों के भीतर पूरा बाजार इलाका पानी, गाद, पत्थरों और मलबे से पट गया। इससे सड़कें, इमारतें और पुल क्षतिग्रस्त होकर बह गए।

ग्लेशियर ढहने से शुरू हुई तबाही, नुवाकोट में सबसे ज्यादा तबाही

यह जलप्रलय बुधवार को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हुए एक बड़े भूस्खलन और ग्लेशियर से जुड़ी घटना की वजह से आया था। इस प्राकृतिक आपदा की वजह से स्थानी हिमालयी नदियों के स्टीम में भारी मात्रा में पानी, बर्फ, चट्टानें और कीचड़ बहकर नीचे आ गया। इस तबाही से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले इलाकों में नुवाकोट शामिल है। यहां कई गांव पूरी तरह तबाह या क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सड़कें और पुल बह जाने के कारण कई समुदाय पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गए हैं, जिससे राहत और बचाव टीमों को मौके पर पहुंचने में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। राहत दल भारी मशीनों की मदद से कीचड़ और मलबे के नीचे दबे लोगों तथा जीवित बचे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।

469 की मौत, 290 भारतीय समेत 1500 लापता, पीएम बालेन शाह ने लिया जायजा

ताजा आंकड़ों के मुताबिक इस भीषण आपदा में अब तक कम से कम 469 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 290 भारतीय नागरिकों समेत लगभग 1500 लोग अभी भी लापता हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बाढ़ प्रभावित नुवाकोट का दौरा किया और जमीनी हालात का जायजा लिया।

प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य की सभी एजेंसियां अपनी पूरी क्षमता के साथ बचाव कार्य में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लापता लोगों को खोजना, घायलों का तुरंत इलाज कराना और प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाना है। इस बीच अधिकारियों ने चेतावनी जारी की है कि हिमालयी क्षेत्र के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण आगे भी बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

इंसानियत शर्मसार! नेपाल बाढ़ त्रासदी में दिखी हैवानियत, लाशों से गहने नोच रहे हैं नराधम

इंसानियत शर्मसार! नेपाल बाढ़ त्रासदी में दिखी हैवानियत, लाशों से गहने नोच रहे हैं नराधम

nepal flood

नेपाल में हालिया विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। 350 से ज्यादा लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के लापता होने के बीच सोशल मीडिया पर सामने आई कुछ तस्वीरों और दावों ने इस त्रासदी को और भी विचलित करने वाला बना दिया है। इनमें दावा किया जा रहा है कि बाढ़ में मारे गए लोगों के शवों से गहने निकाले जा रहे हैं।

 लोग बहते शवों से गहने नोचते दिखाई दे रहे हैं।

एक्स पर वायरल एक पोस्ट में दावा किया गया है कि महिलाओं के शवों से आभूषण निकाले जा रहे हैं और यह किसी एक व्यक्ति की चोरी नहीं, बल्कि कथित तौर पर कई लोगों की मौजूदगी में की जा रही सामूहिक लूट है। हालांकि, वायरल तस्वीर की तारीख, स्थान की कोई जानकारी नहीं है।  शवों से आभूषण लूटने की घटना प्राकृतिक आपदा के बीच मानवीय संवेदनाओं के लिए बेहद गंभीर और शर्मनाक स्थिति है। आपदा में अपने परिजनों को खो चुके परिवारों के लिए मृतकों की गरिमा और सम्मान बनाए रखना समाज की बुनियादी जिम्मेदारी है।

ALSO READ: Rahul Gandhi : राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना, सुभाष चंद्रा के NCLT मामले पर उठाए सवाल, बोले- देश में 2 सिस्टम

बाढ़ ने मचाई भारी तबाही

नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने कई इलाकों को अपनी चपेट में लिया है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ, चट्टानों और मलबे के खिसकने से अचानक आए तेज बहाव ने सड़कों, घरों और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है।  इस प्राकृतिक आपदा के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं और राहत एवं बचाव अभियान जारी है। कई प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना भी चुनौती बना हुआ है।

पुणे की इस महिला ने 29 साल की उम्र में लिया रिटायरमेंट, वीडियो शेयर कर बताया 4-स्टेप मैजिकल फॉर्मूला

कॉर्पोरेट की भागदौड़ भरी जिंदगी से थककर, एक महिला ने 29 साल की उम्र में रिटायरमेंट ले लिया और अपने पिता के साथ मिलकर एक ‘फ़ार्म स्टे’ शुरू किया। पर्माकल्चर और फलों की खेती अपनाकर और काम के तनाव (बर्नआउट) के बजाय अपनी सेहत और खुशी पर ध्यान देकर, उन्होंने एक आत्मनिर्भर जीवनशैली बनाई। इंस्टाग्राम पर अपनी कहानी शेयर करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे ज़मीन खरीदकर और एक अच्छा इकोसिस्टम बनाकर उन्होंने अपनी मर्ज़ी की ज़िंदगी जी। उनका वायरल वीडियो अब तक हज़ारों लोगों को प्रेरित कर चुका है।

वायरल हो रहे इस वीडियो में स्नेहा राजगुरु कहती हैं, “मैं 29 साल की उम्र में रिटायर हो गई। मैं आपको बताती हूं कैसे,” और फिर वे उन 4 स्टेप्स के बारे में बताती हैं जिनकी मदद से उन्होंने कॉर्पोरेट ज़िंदगी छोड़ दी।

स्टेप 1- ज़मीन का एक छोटा सा टुकड़ा खरीदें। उसका कोई ऐसा नाम रखें जो आपके दिल के करीब हो, जैसे मैंने ‘बाब बेटी फ़ार्म’ रखा।

स्टेप 2- फलों के पेड़ लगाएं। वे आपके साथ-साथ बढ़ते हैं, उनमें सबसे कम मेहनत लगती है और वे सालों तक आपको फल देते रहेंगे।

स्टेप 3- अपना खाना खुद उगाना शुरू करें। ताकि अगर लॉकडाउन या युद्ध जैसी कोई स्थिति आए, तो आप किसी पर निर्भर न रहें। मेरा यकीन मानिए, सरकार पर भी नहीं।

स्टेप 4- अपनी ज़मीन को फूलों से भर दें। यकीन मानिए, जब आपका मन रोज़ सुंदरता देखता है, तो उसे अस्पतालों की ज़रूरत नहीं पड़ती। और सबसे ज़रूरी बात, ऐसी जगह बनाएँ जो सिर्फ़ आपके पेट को ही नहीं, बल्कि आपकी आत्मा को भी सुकून दे। क्योंकि रिटायरमेंट का मतलब उम्र से नहीं, बल्कि दबाव के बजाय शांति को चुनने से है।

उन्होंने इंस्टाग्राम वीडियो के कैप्शन में लिखा- “क्या आप भी ऐसी ज़िंदगी का सपना देखते हैं? साथ जुड़िए, आपकी यात्रा यहीं से शुरू हो सकती है,”। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है। इसे 4 लाख से ज़्यादा बार देखा जा चुका है और कमेंट सेक्शन में लोगों की ढेरों प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं।

एक यूज़र ने लिखा, “मुझे फ़ार्म का नाम बहुत पसंद आया। यह मेरा भी सपना है।” एक और यूज़र ने कमेंट किया, “मैं भी दबाव के बजाय शांति चुनना चाहता हूं।”तीसरे यूज़र ने लिखा, “वाह, यह सचमुच बहुत सुंदर है। उम्मीद है कि मैं भी कभी अपनी ऐसी जगह बना पाऊंगा। आप जो कर रही हैं, वह मुझे बहुत पसंद है।” एक और कमेंट करने वाले ने पूछा, “आप किस इलाके में रहती हैं? वहां ज़मीन की कीमत क्या है?”

अहमदाबाद में 300 की स्पीड से दौड़ाई कार, पुलिस ने उतारा आराेपी पायलट का फितूर- VIDEO

अहमदाबाद में एक 24 साल के कमर्शियल पायलट ने शहर की भीड़-भाड़ वाली सड़क पर 300 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से पोर्शे कार दौड़ाई। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तगड़ा ऐक्शन लिया है।

Viral Video: नेपाल की बाढ़ में बहकर भारत पहुंचे हाथी, पानी में फंसा देख लोगों का पसीजा दिल

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। अचानक आए सैलाब ने बस्तियों, सड़कों और दूसरी जरूरी सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया, वहीं बड़ी संख्या में लोगों की जान जाने और कई लोगों के लापता होने की खबर है। इस भयावह स्थिति के बीच अब एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। वीडियो में कुछ हाथी तेज बहाव वाले बाढ़ के पानी में फंसे नजर आ रहे हैं। ये बेजुबान जानवर पानी की लहरों के बीच खुद को बचाने और सुरक्षित जगह तक पहुंचने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं।

बताया जा रहा है कि नेपाल से आए बाढ़ के पानी के कारण हाथी बहकर उत्तर प्रदेश के बहराइच के पास पहुंच गए। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स हाथियों की सलामती को लेकर चिंता जता रहे हैं और उनके सुरक्षित रेस्क्यू की उम्मीद कर रहे हैं।

बाढ़ के पानी में फंसे 4-5 हाथी

वायरल वीडियो में कई हाथी तेज बहाव वाले पानी में फंसे नजर आ रहे हैं। वे लगातार खुद को पानी की सतह से ऊपर रखने और बहाव के बीच आगे बढ़ने की कोशिश करते दिखाई देते हैं। वीडियो रिकॉर्ड कर रहा एक शख्स बताता है कि नेपाल की तरफ से आए बाढ़ के पानी में बहकर ये हाथी उत्तर प्रदेश के बहराइच स्थित कैलाशपुरी बैराज के आसपास पहुंच गए हैं। उसके मुताबिक, पानी में करीब चार से पांच हाथी फंसे हुए थे और उन्हें सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही थी।

नेपाल से आए सैलाब में बहकर पहुंचे हाथी

बताया जा रहा है कि नेपाल में आई बाढ़ का पानी कर्णाली नदी में पहुंचा, जिसे उत्तर प्रदेश में घाघरा नदी के नाम से भी जाना जाता है। तेज बहाव के साथ हाथी भी बहकर भारतीय क्षेत्र की तरफ आ गए।हालात की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीमें हाथियों को बचाने और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गईं। अधिकारी बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के साथ-साथ प्रभावित वन्यजीवों पर भी नजर रख रहे हैं।

‘इंसानों के साथ जानवर भी झेल रहे हैं तबाही’

हाथियों का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भावुक हो गए। लोगों ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा में इंसानों के साथ-साथ बेजुबान जानवर भी बुरी तरह प्रभावित होते हैं। एक यूजर ने लिखा कि ऐसी त्रासदियों में अक्सर यह भूल जाता है कि जानवर भी उतनी ही तकलीफ झेलते हैं। एक अन्य यूजर ने हाथियों के लिए चिंता जताते हुए कहा कि इन बेजुबान जानवरों का अच्छी तरह ख्याल रखा जाना चाहिए। वहीं, एक व्यक्ति ने लिखा कि इतने सारे जानवरों को बाढ़ में फंसा देखकर उसका दिल टूट गया और आपदा की भयावहता का अंदाजा लगाना मुश्किल है।

नेपाल में कैसे आई इतनी भयानक बाढ़?

जानकारी के अनुसार, नेपाल में अचानक आई बाढ़ की शुरुआत करीब सुबह 9 बजे हुई, जब तिब्बत की तरफ से पानी का तेज बहाव भोटे कोशी नदी में पहुंचा। इसके बाद बाढ़ का पानी नेपाल के रसुवा जिले के कई इलाकों में फैल गया। तिमुरे और स्याफ्रुबेसी जैसे इलाकों में सैलाब ने भारी तबाही मचाई। पानी के तेज बहाव ने रास्तों, बस्तियों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया।

रेस्क्यू टीमों की नजर अब हाथियों पर

एक तरफ राहत और बचाव दल बाढ़ में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं, वहीं वन विभाग की टीमें हाथियों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रही हैं। वायरल वीडियो ने यह भी दिखा दिया कि प्राकृतिक आपदा का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जंगल और वन्यजीव भी इसकी चपेट में आ जाते हैं।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

Viral Video: दोस्त की शादी में शख्स ने दिया ऐसा गिफ्ट, सीने पर बनवा लिया दूल्हा-दुल्हन का टैटू

Viral Video: दोस्त की शादी में शख्स ने दिया ऐसा गिफ्ट, सीने पर बनवा लिया दूल्हा-दुल्हन का टैटू

शादी में दोस्त को गिफ्ट देना आम बात है, लेकिन एक शख्स ने अपने दोस्त की शादी पर ऐसा तोहफा दिया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। उसने दोस्त और उसकी नई-नवेली पत्नी के चेहरे का टैटू अपने सीने पर बनवा लिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। किसी को यह दोस्ती की मिसाल लग रही है, तो कोई इसे हद से ज्यादा अजीब बता रहा है। खास बात यह है कि टैटू सामने आते ही दूल्हे का रिएक्शन भी कैमरे में कैद हो गया, जिसे देखकर यूजर्स जमकर मजे ले रहे हैं।

पहले दिया कपल का स्केच

वायरल वीडियो में शादी के जश्न के दौरान शख्स नवविवाहित कपल को उनके चेहरों वाला एक स्केच देता नजर आता है। शुरुआत में यह एक सामान्य और प्यारा दोस्ती वाला तोहफा लगता है। लेकिन कुछ ही देर बाद शख्स अपनी शर्ट उतारकर ऐसा सरप्राइज देता है, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग भी दंग रह जाते हैं। उसी स्केच में दिख रहे दोस्त और उसकी पत्नी के चेहरे उसने अपने सीने पर स्थायी रूप से टैटू करवाए होते हैं।

दूल्हे का रिएक्शन बना चर्चा की वजह

टैटू से ज्यादा लोगों का ध्यान दूल्हे के चेहरे पर गया। जैसे ही उसने अपने दोस्त के सीने पर अपनी पत्नी का चेहरा देखा, उसके एक्सप्रेशन ने सोशल मीडिया यूजर्स को खूब हंसाया। वायरल पोस्ट में भी मजाकिया अंदाज में कहा गया कि दूल्हा पहले दोस्त के इस भावुक gesture से खुश हुआ होगा, लेकिन पत्नी का चेहरा टैटू में देखकर शायद उसके मन में सवाल आया होगा, “भाई, मेरी पत्नी ही क्यों?”

इंटरनेट पर छिड़ी बहस

वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इस अनोखे तोहफे को लेकर अलग-अलग राय दी। कुछ यूजर्स ने इसे सच्ची दोस्ती और भावनाओं से जुड़ा हुआ gesture बताया। वहीं, कई लोगों को यह जरूरत से ज्यादा अजीब और असहज करने वाला लगा। एक यूजर ने इसे creepy तक बताया और सवाल किया कि जब लोग करीबी परिवार वालों के चेहरे तक का टैटू नहीं बनवाते, तो दोस्त की पत्नी का चेहरा सीने पर स्थायी रूप से बनवाना कितना सही है।

‘दोस्त का चेहरा होता तो समझ आता…’

कुछ लोगों का कहना था कि अगर शख्स ने सिर्फ अपने दोस्त का चेहरा टैटू कराया होता तो बात समझ में आती। लेकिन दोस्त की पत्नी का चेहरा भी उसी टैटू में शामिल करना उन्हें असहज लगा। एक अन्य यूजर ने दूल्हे के एक्सप्रेशन पर मजाक करते हुए कहा कि उसके चेहरे से साफ लग रहा था,“दोस्त का चेहरा ठीक था, लेकिन मेरी पत्नी का क्यों?”

अगर रिश्ता बदल गया तो?

बहस का एक दूसरा पहलू भी सामने आया। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि दोस्ती और रिश्ते हमेशा एक जैसे नहीं रहते। अगर भविष्य में दोस्ती में दरार आ जाए या कपल के रिश्ते में कोई बदलाव हो जाए, तो यह स्थायी टैटू बेहद अजीब स्थिति पैदा कर सकता है। हालांकि, वायरल पोस्ट में टैटू बनवाने वाले शख्स की निजी जिंदगी या उसके रिश्ते से जुड़ी कोई पक्की जानकारी सामने नहीं आई है।

लोगों को पसंद आया या लगा हद से ज्यादा?

इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि दोस्ती जताने के लिए कोई gesture कितना बड़ा होना चाहिए। कुछ लोगों के लिए यह जिंदगीभर याद रहने वाला दोस्ती का प्रतीक है, जबकि दूसरों को लगता है कि किसी दोस्त की पत्नी का चेहरा सीने पर स्थायी रूप से बनवाना दोस्ती से एक कदम आगे है। फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रहा है और सबसे ज्यादा चर्चा उसी पल की हो रही है, जब दूल्हे ने पहली बार अपने दोस्त के सीने पर अपनी पत्नी का चेहरा देखा।

Highest Paying Jobs: सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं, ये लोग कमा रहे लाखों! PG मालिक से चायवाले तक की लिस्ट वायरल

Highest Paying Jobs: सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं, ये लोग कमा रहे लाखों! PG मालिक से चायवाले तक की लिस्ट वायरल

भारत में अक्सर युवाओं को बताया जाता है कि IIT की पढ़ाई, FAANG जैसी बड़ी टेक कंपनियों में नौकरी या Data Structures and Algorithms (DSA) में महारत हासिल करना अच्छी कमाई का सबसे आसान रास्ता है। लेकिन टेक और AI कमेंटेटर साक्षी ने सोशल मीडिया पर एक मजेदार लिस्ट शेयर कर इस सोच को ही उलट दिया। उन्होंने भारत में इस समय सबसे ज्यादा कमाई करने वाले लोगों की एक मजाकिया रैंकिंग साझा की, जिसमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर टॉप पर नहीं, बल्कि काफी पीछे नजर आए। इस लिस्ट में PG मालिक, मकान मालिक, पानी के टैंकर वाले और चाय-सिगरेट की दुकान चलाने वाले शामिल हैं।

नंबर-1 पर PG मालिक, एक कमरे से लाखों की कमाई

साक्षी की इस मजेदार रैंकिंग में सबसे ऊपर PG मालिक को रखा गया। उन्होंने बताया कि शहरों में बढ़ती नौकरी और किराए की मांग का फायदा PG के मालिकों को मिल रहा है। उनके मुताबिक, एक कमरे में तीन लोगों को रखा जाता है और हर व्यक्ति से करीब ₹10,000 से ₹15,000 तक किराया लिया जाता है। इस हिसाब से कुछ PG मालिक किराया और दूसरे खर्च निकालने के बाद भी ₹1 लाख से ₹1.5 लाख महीने तक कमा सकते हैं। यही वजह है कि पोस्ट में PG बिजनेस को आज के दौर के सबसे कमाई वाले कामों में से एक बताया गया।

बेंगलुरु के मकान मालिक भी पीछे नहीं

लिस्ट में तीसरे नंबर पर बेंगलुरु के मकान मालिक का जिक्र किया गया। टेक सिटी में किराए की बढ़ती मांग को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चाएं होती रहती हैं। पोस्ट में मजाकिया अंदाज में बताया गया कि दो बेडरूम का फ्लैट खरीदकर उसे करीब ₹50,000 महीने के किराए पर देना, हर साल किराया बढ़ाना और WhatsApp पर सिर्फ ‘last price’ लिखकर बातचीत खत्म करना भी कमाई का शानदार तरीका बन गया है।

पानी के टैंकर वाले भी बने ‘बिजनेस किंग’

बेंगलुरु में पानी की समस्या किसी से छिपी नहीं है। इसी को लेकर साक्षी ने पानी के टैंकर संचालकों को भी अपनी लिस्ट में जगह दी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा कि ये लोग बेंगलुरु का ही पानी वापस बेंगलुरु के लोगों को बेचते हैं। पानी की कमी के समय टैंकरों की मांग बढ़ने से इस कारोबार की कमाई भी बढ़ जाती है।

ब्रोकरों की कमाई का भी किया जिक्र

रैंकिंग में प्रॉपर्टी ब्रोकर भी शामिल हैं। पोस्ट के मुताबिक, कुछ ब्रोकर किरायेदारों को कई ऐसे घर दिखाते हैं जो उनकी जरूरत के मुताबिक नहीं होते और आखिर में डील होने पर किरायेदार और मकान मालिक, दोनों से करीब एक महीने के किराए के बराबर कमीशन ले लेते हैं। बेंगलुरु जैसे शहरों में लगातार घर बदलने वाले किरायेदारों की बड़ी संख्या के कारण यह काम भी अच्छी कमाई वाला बताया गया।

टेक पार्क के बाहर चाय-सिगरेट वाला भी हिट

इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर जिस शख्स को रखा गया, वह शायद सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम है टेक पार्क के बाहर चाय, सिगरेट और स्नैक्स बेचने वाला दुकानदार। साक्षी ने उसे टेक इंडस्ट्री का ‘अनसंग हीरो’ बताया। उनके अनुसार, हजारों सॉफ्टवेयर इंजीनियर रोजाना चाय, सिगरेट और स्नैक्स के लिए ऐसी दुकानों पर निर्भर रहते हैं। पोस्ट में अनुमान लगाया गया कि अच्छी लोकेशन वाली ऐसी दुकान से कुछ दुकानदार ₹30,000 से ₹50,000 महीने तक कमा सकते हैं।

न MBA, न फंडिंग, फिर भी कमाई!

इस पूरी पोस्ट का सबसे मजेदार हिस्सा यही था। चाय-सिगरेट की दुकान के लिए न किसी MBA की जरूरत है, न pitch deck की और न ही startup funding की। साक्षी ने इसी अंदाज में टेक इंडस्ट्री पर तंज कसते हुए बताया कि जहां इंजीनियर नौकरी और प्रमोशन के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं, वहीं कुछ छोटे कारोबारी रोजमर्रा की जरूरतों के दम पर अच्छी कमाई कर रहे हैं।

सॉफ्टवेयर इंजीनियरों पर आया सबसे बड़ा तंज

पोस्ट के अंत में सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को लेकर सबसे मजेदार टिप्पणी की गई। साक्षी ने लिखा कि जब बाकी लोग अलग-अलग तरीकों से कमाई कर रहे हैं, तब सॉफ्टवेयर इंजीनियर रात 2 बजे तक DSA के सवाल हल कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि अगली salary hike अच्छी होगी।

सोशल मीडिया यूजर्स ने भी लिए मजे

साक्षी की पोस्ट को सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और इसे खबर लिखने तक 1.5 लाख से ज्यादा व्यूज मिले। यूजर्स ने भी अपने-अपने अंदाज में इस रैंकिंग पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने मजाक करते हुए कहा कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने कमाई का सबसे मुश्किल रास्ता चुना है और उन्हें DSA की तैयारी के बजाय पानी का टैंकर खरीद लेना चाहिए था। एक अन्य यूजर ने बेंगलुरु का असली ‘product-market fit’ AI या सॉफ्टवेयर नहीं, बल्कि चाय, प्रॉपर्टी और मेट्रो से दूरी का गणित बताया। एक यूजर ने टैक्स को लेकर भी तंज कसा और कहा कि इन कामों में कमाई करने वालों में शायद सॉफ्टवेयर इंजीनियर ही ऐसा व्यक्ति है जो नियमित रूप से इनकम टैक्स और ITR जैसी चीजों से जूझता है।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

MPSC Paper Leak: गर्लफ्रेंड को पास कराने के लिए एमपीएससी का पेपर कर दिया लीक! इंस्पेक्टर ने खोला राज, एग्जाम रद्द; 6 गिरफ्तार

कभी Nano खरीदने पर उड़ाया गया था मजाक, आज मां को गिफ्ट की 1.5 करोड़ की कार, देखें वीडियो

आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने के बाद, कई बच्चे अपने माता-पिता को आरामदायक जिंदगी देने और उनके सपने को पूरा करना चाहते हैं। एक व्यक्ति के लिए यह सपना एक लग्जरी कार के रूप में सच हुआ, जबकि एक समय ऐसा भी था जब सिर्फ ‘Nano’ कार खरीदने की इच्छा रखने पर उनके परिवार का मजाक उड़ाया गया था।

माता-पिता को आराम की जिंदगी देना और उनके सपनों को पूरा करना हर बच्चे की इच्छा होती है। आर्थिक रूप से मजबूत होने के बाद कई बच्चे अपने माता-पिता के लिए कुछ खास करना चाहते हैं।

यह वीडियो ट्रेडर और कंटेंट क्रिएटर हर्षित पटेल ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। क्लिप में पटेल अपनी मां को 1.5 करोड़ रुपये की कार में टेस्ट ड्राइव पर ले जाते हुए दिख रहे हैं। जब उनकी मां कार में बैठती हैं, तो वह उन्हें उन दिनों की याद दिलाते हैं जब परिवार के लिए कार का मालिक बनना ही एक बहुत बड़ा लक्ष्य हुआ करता था।

ड्राइव के दौरान, पटेल अपनी मां से कहते हैं, “वो दिन याद है मम्मी जब मैं कह रहा था कि नैनो खरीद लेते हैं क्योंकि एक गाड़ी होनी चाहिए अपने पास। और आज देखो मम्मी 1.5 करोड़ रुपये की गाड़ी में बैठी हैं आप और आपको ये गिफ्ट मिलने वाली है। डिपेंड करता है आपको कौन सी पसंद आती है।”

बेटे की यह बात सुनकर उनकी मां कार के अंदर भावुक होती नजर आती हैं। हर्षित उन्हें बताते हैं कि यह कार उनके लिए एक गिफ्ट हो सकती है।

हर्षित ने वीडियो के कैप्शन में लिखा, “जब हम Nano खरीदने की बात करते थे, तब लोग हमारा मजाक उड़ाते थे। आज वही मां 1.5 करोड़ रुपये की कार में बैठी हैं।”

पटेल कहते हैं कि जब उनका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत नहीं था और उनके करियर के प्लान भी पक्के नहीं थे, तब उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने लिखा, “जब आपकी शुरुआत साधारण होती है, तो लोग हमेशा आपके विजन पर शक करते हैं। वे आपसे सुरक्षित रास्ता चुनने, ‘नॉर्मल’ नौकरी करने और इतने बड़े सपने न देखने के लिए कहेंगे। जब हम उस छोटे से कमरे में रह रहे थे, तो ताने कभी खत्म नहीं होते थे। लेकिन उन सभी शक और तानों ने मेरे अंदर कुछ कर दिखाने की आग को और भड़काया।”

एक और वीडियो में उन्होंने कहा, “उन्होंने मेरे माता-पिता से कहा कि मैं अपना समय बर्बाद कर रहा हूं, मुझे ‘असली पढ़ाई’ पर ध्यान देना चाहिए और मैं जिंदगी में कुछ नहीं कर पाऊंगा। हमने यह सफर एक सेकंड-हैंड होंडा सिटी कार से शुरू किया था और चुपचाप लोगों के मजाक और शक को सहते रहे। आज, मेरी मां 1.5 करोड़ रुपये की कार में बैठी हैं और गर्व के आंसू बहा रही हैं।”

जैसे ही यह वीडियो ऑनलाइन वायरल हुआ, लोगों ने मां-बेटे के इस इमोशनल पल पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

एक यूजर ने कमेंट किया, “मेरी तरफ से बहुत-बहुत बधाई।” दूसरे ने लिखा, “सच में रोंगटे खड़े हो गए।” एक ने कहा, “सबसे बेहतरीन पल।”

यह भी पढ़ें: ‘न डिग्री थी, न अनुभव, फिर भी उन्होंने मुझ पर भरोसा किया’, राज शमानी को भेजे एक DM से मिली नौकरी, 22 तक 1 करोड़ कमाने का दावा