चुनाव हारकर भी तेलंगाना के मंत्री बने मोहम्मद अजहरुद्दीन ने मांगा ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा (Video)

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और वर्तमान में तेलंगाना राज्य में कांग्रेस के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने भी केंद्रीय पार्टी लाइन पकड़ते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा है और S.I.R (Special Intensive revision) को धोखाधड़ी बताया है।यह बातचीत उन्होंने प्रदर्शन के दौरान कही जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

गौरतलब है कि 3 साल पहले मोहम्मद अजहरुद्दीन तेलंगाना में घरेलू पिच पर भी नहीं जीत सके। तेलंगाना की हाई प्रोफाइल जुबली हिल्स सीट पर  उनकी स्थिती मजबूत मानी जा रही थी। लेकिन वह इस सीट पर तब हार गए जब पूरे राज्य में कॉंग्रेस की आँधी चल रही थी।हार के बाद भी कांग्रेस आलाकमान ने मशहूर  और मुस्लिम चेहरा होने के कारण अल्पसंख्यक मंत्रालय थमा दिया।

कांग्रेस की आंधी में भी चुनाव हारे अजहर

इस सीट पर भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन को कुल 26 राउंड की वोटिंग के बाद  62,343 वोट मिले। वहीं भारत राष्ट्र समिति के प्रतिद्वंदी मगांथी गोपीनाथ को 78282 वोट मिले थे। इस कारण मोहम्मद अजहरुद्दीन 15,939 वोटों से हार गए थे। तीसरे स्थान पर भारतीय जनता पार्टी के लंकाला दीपक रेड्डी रहे थे जिन्हें कुल 25,083 वोट हासिल हुए थे। साल 2018 में भी मगांथी गोपीनाथ की इस सीट पर जीत हुई थी लेकिन मोहम्मद अजहरुद्दीन को जीत का दावेदार बताया जा रहा था।

साल 2009 में कॉंग्रेस पार्टी से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करने वाले मोहम्मद अजहरुद्दीन ने इस ही साल लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की मुरादाबद सीट पर जीत अर्जित की थी।इसके बाद साल 2014 में वह राजस्थान के टोंक सवाई माधोपुर से लोकसभा चुनाव में  उतरे थे लेकिन यहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। भारतीय जनता पार्टी के  प्रत्याशी सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने उनको मात दी थी।

शानदार करियर का फिक्सिंग के आरोप ने किया अंत

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ियों में से एक अजहर ने भारत का 99 टेस्टों और 334 वनडे में प्रतिनिधित्व किया था। वह 1992, 1996 और 1999 के विश्व कप में भारत के कप्तान रहे थे।अजहर ने अपने करियर में 99 टेस्टों में 22 शतकों की मदद से 6215 रन और 334 वनडे में 7 शतकों की मदद से 9378 रन बनाए थे। वह भारत के सफल कप्तानों में शुमार थे। उन्होंने 47 टेस्टों में भारत का नेतृत्व किया और 14 मैच जीते जबकि वनडे में उन्होंने 174 मैचों में भारत का नेतृत्व किया और 90 मैच जीते।

अपने शानदार करियर के दौरान अजहर का नाम मैच फिक्सिंग में आया था जिसके बाद बीसीसीआई ने उनपर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि 2012 में आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने उनपर लगा प्रतिबंध हटा दिया।

SBI ETF: आज से खुला SBI का नया डिफेंस ETF, जानिए NFO, निवेश राशि और जोखिम की पूरी डिटेल

SBI BSE India Defence ETF: डिफेंस सेक्टर में निवेश की बढ़ती दिलचस्पी के बीच एसबीआई म्यूचुअल फंड ने अपने नए इंडेक्स-ट्रैकिंग फंड ‘SBI BSE India Defence ETF’ के लॉन्च की घोषणा की है। इस NFO में निवेश की शुरुआत आज, 13 अक्टूबर 2026 से हो चुकी है और निवेशक 19 अक्टूबर 2026 तक इसमें सब्स्क्रिप्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

यह एक ओपन-एंडेड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) है, जो मुख्य रूप से BSE India Defence Index को ट्रैक करेगा और ट्रैकिंग एरर के अधीन रहते हुए इंडेक्स के समान टोटल रिटर्न देने का लक्ष्य रखेगा।

कैसा होगा एसेट एलोकेशन?

एसबीआई म्यूचुअल फंड द्वारा जारी स्कीम इंफॉर्मेशन डॉक्यूमेंट के मुताबिक, फंड का एसेट एलोकेशन इस प्रकार रहेगा:

95% से 100% हिस्सा: बीएसई इंडिया डिफेंस इंडेक्स में शामिल रक्षा क्षेत्र की कंपनियों के सिक्योरिटीज/शेयरों में निवेश किया जाएगा।

0% से 5% हिस्सा: सरकारी प्रतिभूतियों, स्टेट डेवलपमेंट लोन्स, ट्रेजरी बिल्स, ट्राई-पार्टी रेपो और लिक्विड म्यूचुअल फंड यूनिट्स में लगाया जाएगा।

निवेश की शर्तें और फंड मैनेजर

यह एक पैसिवली मैनेज्ड फंड है। इसमें फंड मैनेजर एक्टिवली स्टॉक सिलेक्शन करने के बजाय सीधे इंडेक्स की कंपनियों में आनुपातिक निवेश करेगा। इस स्कीम के फंड मैनेजर वायरल छड़वा है। वे दिसंबर 2020 से एसबीआई म्यूचुअल फंड से जुड़े हुए हैं और कई पैसिव स्कीम्स की देखरेख करते हैं।

एक ही सेक्टर में केंद्रित होने के कारण इस फंड का रिस्क मीटर ‘वेरी हाई’ श्रेणी में रखा गया है। निवेशकों पर रक्षा क्षेत्र और संबंधित कंपनियों के शेयर उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ेगा।

NFO की मुख्य बातें

पैरामीटर विवरण
फंड का नाम SBI BSE India Defence ETF
स्कीम का प्रकारओपन-एंडेड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF)
अंडरलाइंग इंडेक्सBSE India Defence Index
एनएफओ की तारीख13 अक्टूबर 2026 से 19 अक्टूबर 2026
ऑफर प्राइस₹10.00 प्रति यूनिट
न्यूनतम निवेश₹5,000 (इसके बाद ₹1,000 के गुणक में)
फंड मैनेजरवायरल छड़वा
रिस्क रेटिंगवेरी हाई

निवेशकों के लिए क्या है खास?

अगर आप डिफेंस क्षेत्र की कंपनियों के प्रदर्शन का सीधा फायदा उठाना चाहते हैं और किसी एक शेयर में जोखिम लेने के बजाय पूरे इंडेक्स में डायवर्सिफाइड निवेश की तलाश में हैं, तो यह ETF एक विकल्प हो सकता है। वैसे चूंकि यह एक थीमैटिक/सेक्टोरल फंड है, इसलिए इसमें सामान्य डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड्स की तुलना में जोखिम अधिक रहता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Viral Video: न भारत, न गुजरात… पाकिस्तान में दिखा नवरात्रि का ऐसा नजारा, वीडियो देख खुश हो जाएंगे आप

भारत में नवरात्रि के दौरान गरबा, पूजा और माता रानी के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो जाता है। लेकिन क्या आपने कभी पाकिस्तान में नवरात्रि का ऐसा नजारा देखा है? सोशल मीडिया पर कराची के एक मंदिर का वीडियो चर्चा में है, जहां हिंदू श्रद्धालु माता रानी की भक्ति में डूबे नजर आ रहे हैं। कोई गरबा कर रहा है, तो कोई प्रसाद बांटकर त्योहार की खुशियां साझा कर रहा है। इस वीडियो को देखकर भारत के कई सोशल मीडिया यूजर्स भी अपनी भावनाएं जाहिर कर रहे हैं। खास बात यह है कि सरहद के उस पार मनाए जा रहे इस त्योहार की झलक लोगों को धार्मिक आस्था और आपसी जुड़ाव का खूबसूरत संदेश देती नजर आ रही है।

कराची के मंदिर में गरबा करते दिखे श्रद्धालु

इंस्टाग्राम यूजर @munji_galhiyun ने यह वीडियो साझा किया है। इसमें पाकिस्तान के कराची स्थित श्री रत्नेश्वर महादेव मंदिर में नवरात्रि उत्सव की झलक दिखाई गई है। वीडियो पर लिखा है, “Navratri Day: 1: Shiv Mandir, Karachi Pakistan।”

वीडियो की शुरुआत में महिला कहती है, “This is not India, this is Pakistan Navratri।” इसके बाद मंदिर परिसर में गरबा करते श्रद्धालु दिखाई देते हैं। कहीं लोग भक्ति संगीत पर झूम रहे हैं, तो कहीं एक साथ प्रसाद ग्रहण करते नजर आ रहे हैं। माता रानी की प्रतिमा और ‘जय माता दी’ लिखे हेडबैंड पहने भक्तों की तस्वीरें भी इस वीडियो को खास बनाती हैं।

नौ दिनों तक चलती हैं नवरात्रि की रौनक

इंस्टाग्राम पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, मंदिर में नवरात्रि का उत्सव नौ दिनों तक चलता है। इस दौरान पूजा-पाठ, पारंपरिक गरबा और सामूहिक कार्यक्रमों के जरिए श्रद्धालु त्योहार मनाते हैं। महिला ने एक अन्य वीडियो में यह भी बताया कि मुस्लिम लड़के अपने परिवार के साथ इन कार्यक्रमों में आ सकते हैं। उसने इसकी वजह लड़कियों की सुरक्षा बताई। उसके अनुसार, उत्सव का समय रात 8 बजे से मध्यरात्रि तक रहता है।

वीडियो देखकर भारतीय यूजर्स ने जताई खुशी

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी चर्चा में हैं। कई यूजर्स ने पाकिस्तान में हिंदू समुदाय को नवरात्रि मनाते देखकर खुशी जताई, जबकि कुछ ने भविष्य में इन समारोहों में शामिल होने की इच्छा जाहिर की।

एक यूजर ने लिखा, “भगवान आप सभी को आशीर्वाद दें। भारत से ढेर सारा प्यार और प्रार्थनाएं।” वहीं, दूसरे यूजर ने कहा कि वह भी नवरात्रि में उनके साथ शामिल होना चाहता है और ‘जय माता दी’ कहकर शुभकामनाएं दीं।

एक अन्य यूजर ने हैरानी जताते हुए पूछा कि क्या यह सच है। वहीं, किसी ने लिखा कि यह वीडियो देखकर उसका दिन बन गया।

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भारत-पाकिस्तान के बीच त्योहार साथ मनाने की उम्मीद

कुछ लोगों ने इस वीडियो को दोनों पड़ोसी देशों के बीच बेहतर रिश्तों की उम्मीद से भी जोड़ा। एक यूजर ने इच्छा जताई कि काश किसी दिन भारत और पाकिस्तान के लोग मिलकर त्योहार मना सकें।कराची के मंदिर में नवरात्रि की यह झलक दिखाती है कि धार्मिक परंपराएं और त्योहार लोगों के जीवन में कितनी अहम जगह रखते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो इसी वजह से लोगों का ध्यान खींच रहा है और सरहद के दोनों ओर रहने वाले लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव की चर्चा को आगे बढ़ा रहा है।

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CJI के खिलाफ विवादित पोस्ट को लेकर घिरी केरल कांग्रेस, आलोचना के बाद कर्मचारी को पद से हटाया, बीजेपी ने बताया शर्मनाक

Kerala Congress: कांग्रेस की केरल इकाई के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X अकाउंट से भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत के खिलाफ की गई एक विवादित पोस्ट सोमवार को व्यापक रूप से वायरल हुई। लेकिन सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना होने के बाद इसे हटा दिया गया। पार्टी ने पोस्ट करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को भी पद से हटा दिया। केरलम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने एक बयान में कहा कि पार्टी के आधिकारिक X अकाउंट पर प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ विवादित पोस्ट करने वाले जिम्मेदार व्यक्ति को पद से हटा दिया गया है।

जोसेफ ने कहा कि यह पोस्ट केपीसीसी नेतृत्व की जानकारी, सहमति या परामर्श के बिना की गई थी। उन्होंने कहा, “केपीसीसी इस बात की जांच करेगी कि ऐसी पोस्ट किन परिस्थितियों में की गई।” उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका की निष्पक्षता को लेकर कांग्रेस पार्टी को कोई असहमति नहीं है। जोसेफ ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस रुख के विपरीत व्यक्त किए गए विचार केपीसीसी नेतृत्व का आधिकारिक रुख नहीं है।

इससे पहले, केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने हटाई जा चुकी पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि न्यायपालिका पार्टी का अगला निशाना होगी। रीजीजू ने X पर एक पोस्ट में कहा, “कांग्रेस भारत के सभी संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थानों को नष्ट करना चाहती है। सभी भारत-विरोधी गिरोह एकजुट हो रहे हैं। सभी देशभक्त भारतीय भी एकजुट होंगे।”

BJP ने बताया शर्मनाक

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने CJI के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। बीजेपी ने आरोप लगाया कि पार्टी अब हर संवैधानिक संस्था को ध्वस्त करके भारत में अराजकता पैदा करने की कोशिश में जुट गई है जो बेहद शर्मनाक है। BJP के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी इस मुद्दे पर विपक्षी दल पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “मुस्लिम लीग की माओवादी कांग्रेस में पूरी तरह बदल चुकी और चरम ‘दिमागी नक्सल’ मानसिकता अपना चुकी कांग्रेस अब हर संवैधानिक संस्था को ध्वस्त करके भारत में अराजकता पैदा करने की कोशिश में जुट गई है, जो शर्मनाक है।”

BJP प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी मानसिकता पूरी तरह अराजकतावादी हो गई है। यादव ने X पर एक पोस्ट में कहा, “अब कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक हैंडल से CJI के इस्तीफे की मांग की जा रही है।” उन्होंने सवाल किया, “संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करने और साथ ही संविधान की दुहाई देने से बड़ी राजनीतिक पाखंड की मिसाल क्या हो सकती है?”

उन्होंने कहा, “अगर चुनाव हारते हैं, तो निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाते हैं। अगर फैसला उनके खिलाफ आता है, तो न्यायपालिका को निशाना बनाते हैं।” BJP सांसद निशिकांत दुबे ने भी केरल कांग्रेस की ओर से प्रधान न्यायाधीश के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल गांधी पर हमला बोला।

दुबे ने X पर कहा, “राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करने के बाद ‘महाराजा’ राहुल गांधी ने अब उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के इस्तीफे की भी मांग कर दी है।” BJP सांसद ने तंज कसते हुए कहा, “सूत्रों के अनुसार, इन इस्तीफों के बाद राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे, शरजील इमाम राष्ट्रपति बनेंगे, अभिजीत दीपके उपराष्ट्रपति बनेंगे, प्रियंका गांधी सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस बनेंगी और खालिस्तानी पन्नून को मुख्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया जाएगा।”

उन्होंने कहा, “इस बीच, (जॉर्ज) सोरोस भारत के अमेरिका में राजदूत होंगे।” BJP के एक अन्य प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि CJI द्वारा गांधी और विपक्षी नेताओं से मिलने से इनकार किए जाने से यह महत्वपूर्ण संदेश गया है कि न्यायपालिका को रोजमर्रा की राजनीतिक लड़ाइयों से ऊपर रहना चाहिए।

कब शुरू हुआ विवाद?

पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी प्रदर्शनों और उनसे जुड़ी पाबंदियों के मद्देनजर स्थिति के बारे में पूछे जाने पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था, “ये कानून-व्यवस्था का मुद्दा है। ये मेरा विषय नहीं है।” CJI राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की स्थापना की 33वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे हर किसी के लिए खुले हैं, चाहे वह आम नागरिक हो या कानून बनाने वाला कोई व्यक्ति। उनसे पूछा गया था कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करने से इनकार किए जाने के बाद विपक्षी नेता अपनी शिकायतें उनके सामने कैसे रख सकते हैं।

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CJI की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस की केरल इकाई ने C पर एक पोस्ट में कहा, “प्रिय सूर्यकांत, अगर कानून-व्यवस्था आपका विषय नहीं है, तो अभी इस्तीफा दे दीजिए। हम आपका स्थान लेने के लिए किसी ऐसे व्यक्ति को ढूंढ लेंगे जो इसे संभाल सके।” हालांकि, बाद में इस पोस्ट को हटा दिया गया।

लेफ्ट के नए नेता निकल रहे हैं

जैसा हर राजनीतिक आंदोलन में होता है इस समय मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे आंदोलन से भी नए नेता निकल रहे हैं। इससे ठीक पहले हुए इंडिया अगेंस्ट करप्शन के आंदोलन से अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सहित आम आदमी पार्टी का पूरा नेतृत्व निकला। आप के अलावा दूसरी पार्टियों को भी नए नेता मिले। जेपी के आंदोलन से तो समाजवादी नेताओं की एक पूरी पीढ़ी निकली थी। मुलायम सिंह से लेकर लालू प्रसाद, नीतीश कुमार, रामविलास पासवान आदि का नेतृत्व उसी समय स्थापित हुआ।

इस बार के आंदोलन से भी नया नेतृत्व निकल रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के नेता कितने स्थापित होंगे यह नहीं कहा जा सकता है क्योंकि उनमें प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के अलावा कोई और योग्यता नहीं दिख रही है। लेकिन लेफ्ट पार्टियों को जरूर नए नेता मिल रहे हैं। ध्यान रहे लगातार चुनावी हार और पश्चिम बंगाल, केरल व त्रिपुरा तीनों राज्यों की सरकार से बाहर होने के बाद लेफ्ट के सामने बड़ा संकट है। तभी यह प्रदर्शन उनके लिए वरदान की तरह साबित हो रहा है।

सीपीआई माले के छात्र संगठन आइसा की नेता नेहा बोरा अखिल भारतीय स्तर पर लेफ्ट का चेहरा बनी हैं। उनका एक लड़ाकू चेहरा आज कल हर जगह दिख रहा है लेकिन इससे पहले जून और जुलाई के प्रदर्शन के दौरान उन्होंने 20 दिन तक भूख हड़ताल की थी। उनको असली वैधता और ताकत उस भूख हड़ताल से मिली। तभी बिहार से लेकर झारखंड तक हर जगह छात्र अपने को नेहा बोरा के साथ जोड़ रहे हैं। इसी तरह सीपीएम के छात्र संगठन एसएफआई की पुझाक्कल पवित्रा का चेहरा उभरा है। एसएफआई का झंडा लेकर भागते हुए उनकी तस्वीर वायरल हुई है। सीपीआई का अभी स्ट्रगल है। कन्हैया कुमार के धोखे के बाद पार्टी का छात्र संगठन एआईएसएफ अभी तक सदमे से नहीं उबर पाया है।

Video: आप डॉग, कैट पालते हैं और इस शख्स, इनकी सास और पत्नी सबने अलग-अलग सांप पाल लिया! इन्हें लेकर शॉपिंग पर भी जाते हैं

Viral Video: आज के समय में लोग अपने घरों में कई तरह के जानवरों को पालते हैं। घरों में डॉग, कैट, खरगोश या पक्षी पालना आम बात है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कोई शख्स अपने घर में अजगर जैसे सांप को भी पालतू बनाकर रख सकता है? रूस की राजधानी मॉस्को में एक शख्स ने अपने घर में अजगर पाला है। वहीं हैरानी की बात ये हैं कि वह अपने पालतू अजकर को लेकर शॉपिंग पर भी जाता है। वहीं शख्स ने बताया कि उसके घर में एक नहीं बल्कि चार अजगर पाले गए है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजील से वायरल हो रहा है।

अजगर के साथ शॉपिंग पर निकला शख्स

मॉस्को न्यूज के मुताबिक, रूस की राजधानी मॉस्को में एक शख्स अपने पालतू अजगर को लेकर कार के स्पेयर पार्ट्स की दुकान पहुंच गया। अजगर को अपने साथ देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए और इस अनोखे नजारे की तस्वीरें भी सामने आईं। इस दौरान जब शख्स से पूछा गया कि उसके पास कितने सांप हैं, तो उस आदमी ने जवाब दिया, “चार, जिसमें मेरी पत्नी और सास भी शामिल हैं।” आसपास के लोगों के मुताबिक, वह शख्स अपने अजगर को लेकर अक्सर खरीदारी करने निकलता है, इसलिए उसके लिए यह कोई नई बात नहीं है।

 

अक्सर अजगर को लेकर शॉपिंग करता है शख्स

मॉस्को में अजगर के साथ शॉपिंग करने पहुंचे इस शख्स की आदत अब स्थानीय लोगों के लिए नई नहीं है। लोगों के मुताबिक, वह अक्सर अपने पालतू अजगर को साथ लेकर दुकानों पर जाता है, इसलिए उसे सांप के साथ देखकर अब कोई खास हैरानी नहीं होती। हालांकि, इस बार उसका मजेदार जवाब और अजगर के साथ स्टोर में घूमने का अनोखा अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया और इस घटना ने सभी का ध्यान खींच लिया।

संयुक्त राष्ट्र संघ ने संज्ञान लिया

केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस इस मकसद में कामयाब हो गए कि उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी और लेफ्ट पार्टियों के प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर पर नहीं पहुंचने दिया। लेकिन क्या उनको अंदाजा है कि इससे एक लोकतांत्रिक देश के रूप में भारत की छवि पर क्या असर पड़ा है? भारत को क्या कीमत चुकानी पड़ रही है? लोग सोशल मीडिया में अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के अखबारों के पहले पन्ने की तस्वीरें शेयर कर रहे हैं। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने पहले पन्ने पर खबर छापी है, जिसमें कई पुलिस वाले एक महिला प्रदर्शनकारी को उठा कर ले जा रहे हैं।

इतना ही नहीं अभूतपूर्व पुलिस कार्रवाई का संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी संज्ञान लिया है। संयुक्त राष्ट्र संघ के ऑफिस ऑफ ह्यूमन राइट्स कमीशन यानी  ओएचसीएचआर ने शनिवार, 10 अक्टूबर के घटनाक्रम पर चिंता जताई है। इसके प्रवक्ता ने बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, वकीलों और पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई है। स्थिति यह है कि संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था को दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से यह अपील करनी पड़ी है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से लोगों के इकट्ठा होने और प्रदर्शन करने के अधिकार को बाधित न करें। उसने भारत सरकार के अधिकारियों से कहा है कि वह छात्रों और युवाओं से संवाद करे। हर बार की तरह भारत सरकार ने इसे देश के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप बताते हुए इसे खारिज किया है। लेकिन खारिज करने से हालात नहीं बदलेंगे। दुनिया भर में पुलिस कार्रवाई की तस्वीरें वायरल हो रही हैं।

Farah Khan: ‘मैं उसे तुमसे रिप्लेस कर देती हूं’, दिलीप को एनॉयिंग बताने पर फराह खान ने साइरस ब्रोचा को ऑफर की कुक की जॉब

Farah Khan: कॉमेडियन साइरस ब्रोचा ने जब खुलकर कहा कि उन्हें फराह खान के कुक दिलीप मुखिया बिल्कुल पसंद नहीं हैं तो फराह ने उन्हें एक मजेदार सुझाव दिया। फराह ने कहा कि वे दिलीप की जगह ले सकते हैं। इस पर कॉमेडियन ने भी तुरंत जवाब दिया-कल से आ जाऊं।

यह बातचीत तब शुरू हुई जब साइरस ने अपने पॉडकास्ट ‘साइरस सेज’ के एक एपिसोड में दिलीप की बढ़ती लोकप्रियता पर अपनी राय रखी। दिलीप, जो अक्सर YouTube पर फराह के कुकिंग और लाइफ़स्टाइल व्लॉग्स में नजर आते हैं, सोशल मीडिया पर एक जाना-माना चेहरा बन गए हैं। हालांकि साइरस को उनका ऑनलाइन अंदाज पसंद नहीं आता।

अपनी नापसंदगी जाहिर करते हुए साइरस ने कहा, “मुझे वह आदमी बिल्कुल पसंद नहीं है। वह मुझे चिढ़ाता है। कौन है यह दिलीप? अगर मैं प्रोड्यूसर होता तो दिलीप को हटा देता। अब वह हर समय एक्टिंग करता रहता है। शुरू में तो वह ठीक था, लेकिन अब मुझे वह धोखेबाज लगता है। मुझे लगता है कि फराह उसे लाइनें सिखाती हैं और फिर वह जो चाहे बोल देता है। कभी-कभी मुझे लगता है कि उसका मन इसमें नहीं लगता। दिलीप को जरूरत से ज्यादा अहमियत दी जा रही है।

सोशल मीडिया पर साइरस का ये वीडियो वायरल हो गया है। अपने मजाकिया अंदाज के लिए मशहूर फराह ने इन कमेंट्स का जवाब दिया। बहस में पड़ने के बजाय उन्होंने मजाक-मजाक में साइरस को ही दिलचस्प ऑफर दे दिया। फिल्ममेकर ने हंसने वाले इमोजी के साथ लिखा, “साइरस, मैं उनकी जगह तुम्हें ले सकती हूं।” साइरस ने भी तुरंत इस सुझाव पर मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी। फराह को जवाब देते हुए उन्होंने लिखा, “कल से आऊं?” इस बातचीत ने आलोचना को दोनों के बीच मजाकिया बातचीत में बदल दिया।

Video: 61 साल की उम्र में गजब की फिटनेस, एक घंटे में 1,575 पुश-अप्स के बाद 5 घंटे प्लैंक कर रचा इतिहास

उम्र सिर्फ एक नंबर है, यह बात कनाडा की 61 साल की डोना जीन वाइल्ड ने साबित कर दी है। 12 बच्चों की दादी डोना ने लगातार पांच घंटे तक प्लैंक करके अपनी पिछली रिकॉर्ड उपलब्धि को पीछे छोड़ दिया। उनकी कहानी इसलिए खास है, क्योंकि फिटनेस का यह सफर किसी बड़े लक्ष्य से नहीं, बल्कि हाथ में फ्रैक्चर होने के बाद शुरू हुआ था। आज वह अपनी मेहनत और हौसले से दुनियाभर के लोगों को प्रेरित कर रही हैं।

हाथ में फ्रैक्चर के बाद शुरू किया प्लैंक

डोना जीन वाइल्ड ने करीब 15 साल पहले प्लैंक करना शुरू किया था। उस समय उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। वह खुद को फिट रखना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने प्लैंक का अभ्यास शुरू किया। शुरुआत में वह केवल एक से डेढ़ मिनट तक ही इस एक्सरसाइज को कर पाती थीं। लेकिन लगातार अभ्यास से उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया और कुछ मिनटों का समय घंटों में बदल गया।

4 घंटे 30 मिनट का रिकॉर्ड तोड़कर पहुंचीं 5 घंटे तक

21 मार्च 2024 को डोना ने 4 घंटे, 30 मिनट और 11 सेकंड तक प्लैंक करके महिलाओं के वर्ग में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद उन्होंने एक बार फिर अपनी क्षमता को चुनौती दी। यूटा में आयोजित हंट्समैन वर्ल्ड सीनियर गेम्स में उन्होंने पांच घंटे तक प्लैंक किया। इस दौरान दर्शक लगातार उनका हौसला बढ़ाते रहे।

पोती को पीठ पर बैठाकर करती थीं प्रैक्टिस

डोना की ट्रेनिंग का एक दिलचस्प पहलू उनकी तीन साल की पोती रोज भी है। रिकॉर्ड की तैयारी के दौरान उनकी पोती कई बार उनकी पीठ पर लेट जाती थी और डोना प्लैंक करती रहती थीं। परिवार का साथ उनकी इस फिटनेस यात्रा का अहम हिस्सा रहा।

प्लैंक करते हुए पूरी की मास्टर डिग्री

डोना केवल एक्सरसाइज ही नहीं करतीं, बल्कि प्लैंक करते हुए पढ़ाई, मैसेज और दूसरे काम भी निपटाती हैं। उन्होंने इसी दौरान मास्टर डिग्री पूरी की और एक किताब भी लिखी। वह अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में फिटनेस के लिए कई घंटे निकालती हैं।

एक घंटे में 1,575 पुश-अप्स का भी रिकॉर्ड

साल 2024 में डोना ने एक घंटे में 1,575 पुश-अप्स करके महिलाओं के वर्ग में एक और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। अब उनका लक्ष्य एक घंटे में 1,600 से ज्यादा पुश-अप्स करना है।

आखिरी 10 मिनट में छोड़ने का मन हुआ

पांच घंटे के प्लैंक के दौरान एक समय डोना को लगा कि वह अब आगे नहीं कर पाएंगी। लेकिन दर्शकों की हौसलाअफजाई ने उन्हें चुनौती पूरी करने में मदद की। हैरानी की बात यह है कि अगले ही दिन वह 3,000 मीटर की दौड़ में भी शामिल हुईं।

डोना की कहानी बताती है कि सही अभ्यास, धैर्य और मजबूत इच्छाशक्ति से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। हालांकि, किसी भी कठिन एक्सरसाइज को अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही करना चाहिए।

दिल्ली प्रोटेस्ट में जिसे 4 ने मिलकर पीटा वो लड़का है या लड़की? इंटरनेट पर वायरल क्लेम के बीच पता चला ये सच

दिल्ली प्रोटेस्ट में जिसे 4 ने मिलकर पीटा वो लड़का है या लड़की? इंटरनेट पर वायरल क्लेम के बीच पता चला ये सच

दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के दौरान मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में चार लोगों द्वारा एक प्रदर्शनकारी की पिटाई किए जाने का दावा किया जा रहा है। इस घटना के सामने आने के बाद इंटरनेट पर इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोग वीडियो को शेयर करते हुए कई तरह के सवाल उठा रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि मारपीट का शिकार हुआ व्यक्ति लड़का है या लड़की। इस बीच दिल्ली पुलिस ने भी वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, वीडियो में दिखाई दे रहे चार लोगों की पहचान कर ली गई है।

घटना को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस वायरल वीडियो को लेकर अब तक क्या जानकारी सामने आई है और पीड़ित की पहचान को लेकर क्या दावा किया जा रहा है।

दिल्ली प्रोटेस्ट में क्या हुआ था?

यह मामला दिल्ली में CJP के विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई कथित मारपीट से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में चार लोगों को एक प्रदर्शनकारी के साथ मारपीट करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो वायरल होने के बाद घटना को लेकर लोगों ने सवाल उठाए और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

शुरुआती जानकारी में मारपीट का शिकार हुए व्यक्ति को युवती बताया गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई। हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर घटना की पूरी पृष्ठभूमि और इसमें शामिल लोगों की भूमिका के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

लड़की के साथ हुई थी मारपीट या लड़के के साथ?

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल पीड़ित की पहचान को लेकर है। शुरुआती जानकारी और घटना के विवरण में पीड़ित को लड़की यानी युवती बताया गया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस के उपलब्ध बयान में पीड़ित के लिए सामान्य रूप से ‘व्यक्ति’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है।

वायरल वीडियो पर दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया। पुलिस के मुताबिक, कमला मार्केट थाना पुलिस ने वीडियो के आधार पर कार्रवाई शुरू की और मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई।

पुलिस ने बताया कि वीडियो में चार लोग कथित तौर पर एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। मामले की जांच के दौरान इन चारों लोगों की पहचान कर ली गई है और उन्हें तलाश लिया गया है।

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चारों लोगों की पहचान हुई, अब आगे क्या होगा?

दिल्ली पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल बताए जा रहे चारों लोगों की पहचान हो चुकी है। अब घटना से संबंधित तथ्यों की जांच और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में चारों लोगों के नाम, उनकी गिरफ्तारी की स्थिति और उनके खिलाफ दर्ज विशिष्ट आरोपों का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है। इसलिए उनकी पहचान हो जाने को गिरफ्तारी या अदालत में दोष साबित होने के बराबर नहीं माना जा सकता।

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