फ्लाइट कैंसिल होने के 40 दिन बाद भी नहीं मिला रिफंड, सोशल मीडिया पर यात्री ने शेयर किया अपना दर्द

एक यात्री की सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों काफी वायरल हो रही है। उसने बताया कि फ्लाइट रद्द होने के बाद उसे रिफंड मिलने में काफी देरी हुई। उसने कहा कि एयरलाइन और टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म दोनों एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे, जिससे उसे समय पर रिफंड नहीं मिला। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर फ्लाइट टिकट सीधे एयरलाइन से बुक करना ज्यादा सही रहता है या नहीं इस पर बहस शुरू हो गई। वहीं ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

ये मामला तब सामने आया जब एक्स यूजर साकेत आर ने अपनी रद्द हुई इंटरनेशनल फ्लाइट का एक्सपीरिएंस शेयर किया। उन्होंने बताया कि म्यूनिख जाने के लिए उन्होंने कई महीने पहले टिकट बुक की थी, लेकिन यात्रा से करीब 10 दिन पहले कुवैत एयरवेज ने फ्लाइट रद्द कर दी, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

रिफंड में हुई देरी

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “मैं सभी लोगों को सलाह दूंगा कि जहां तक संभव हो, MakeMyTrip जैसे प्लेटफॉर्म से फ्लाइट टिकट बुक करने से बचें। बेहतर होगा कि टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप से ही बुक करें।” साकेत ने बताया कि उन्होंने फ्लाइट रद्द होने वाले दिन यानी 21 मई को ही रिफंड के लिए आवेदन कर दिया था। उनके अनुसार, शुरुआत में MakeMyTrip ने 31 मई तक पैसा वापस मिलने की जानकारी दी थी, लेकिन बाद में उन्हें बताया गया कि रिफंड की पूरी प्रक्रिया में 28 दिन तक का समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि करीब 40 दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें रिफंड नहीं मिला।

अभी तक नहीं आया रिफंड

अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, “जब मैं कुवैत एयरवेज से संपर्क करता हूं तो वहां से कहा जाता है कि टिकट MakeMyTrip के जरिए बुक हुई थी, इसलिए रिफंड की प्रक्रिया वही शुरू करेगा। वहीं MakeMyTrip का कहना है कि एयरलाइन की ओर से अभी तक रिफंड जारी नहीं किया गया है। इस तरह यात्री दोनों के बीच फंस जाता है और हर बार एक-दूसरे से संपर्क करने के लिए कहा जाता है, जबकि उसका पैसा अटका रहता है।”

MakeMyTrip की टीम ने किया संपर्क

उन्होंने कहा, “लोग थर्ड-पार्टी बुकिंग प्लेटफॉर्म इसलिए इस्तेमाल करते हैं क्योंकि उन्हें उम्मीद होती है कि किसी समस्या की स्थिति में उन्हें मदद मिलेगी। लेकिन अगर एक महीने से ज्यादा समय तक ग्राहक एयरलाइन और बुकिंग प्लेटफॉर्म के बीच चक्कर लगाता रहे और दोनों एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहें, तो ऐसे प्लेटफॉर्म की उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।” बाद में उन्होंने एक नया अपडेट साझा करते हुए लिखा, “MakeMyTrip की टीम से मिस्टर कौशिक ने मुझसे संपर्क किया है और जल्द समाधान का भरोसा दिया है। रिफंड मिलने के बाद मैं इसकी जानकारी भी शेयर करूंगा।”

लोगों ने किया कमेंट

ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई, जिसके बाद कई लोगों ने भी ट्रैवल बुकिंग प्लेटफॉर्म और एयरलाइन से रिफंड में देरी के अपने अनुभव साझा किए। एक यूजर ने लिखा, “जब तक सब कुछ ठीक चलता है, तब तक थोड़ा डिस्काउंट मिल जाता है। लेकिन जैसे ही कोई समस्या आती है, परेशानी शुरू हो जाती है। मैंने यह बात कोविड के दौरान सीखी थी, तभी से मैं फ्लाइट टिकट किसी थर्ड-पार्टी वेबसाइट से बुक नहीं करता।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “मैं आपकी बात से पूरी तरह सहमत हूं। मई में ईरान-अमेरिका तनाव के कारण हमारी कतर एयरवेज की फ्लाइट रद्द हुई थी, लेकिन एयरलाइन ने 2 से 3 दिन के भीतर ही पूरा रिफंड दे दिया।”

पहले 93 लाख, अब फिर मिला 30 लाख का हीरा! पन्ना में इस परिवार की किस्मत देख लोग हैरान

मध्य प्रदेश का पन्ना जिला एक बार फिर अपनी किस्मत और हीरों के लिए सुर्खियों में आ गया है। यहां एक आदिवासी किसान परिवार की मेहनत और धैर्य ने उन्हें ऐसी सफलता दिलाई है, जो किसी सपने से कम नहीं लगती। आमतौर पर जहां लोग जीवनभर कठिन परिश्रम करते हैं, वहीं इस परिवार के हाथ एक बार फिर जमीन के भीतर छिपा कीमती हीरा लग गया है। यह घटना न सिर्फ उनकी किस्मत को चमका रही है, बल्कि पन्ना की उस पहचान को भी मजबूत कर रही है, जिसे “हीरों की धरती” कहा जाता है।

लगातार मेहनत और उम्मीद के साथ काम कर रहे इस परिवार के लिए यह दूसरी बड़ी उपलब्धि है, जिसने उनकी जिंदगी में नई रोशनी भर दी है। इस खोज ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पन्ना की मिट्टी में सचमुच किस्मत चमकाने की ताकत छिपी है।

पहले मिला था 19.22 कैरेट का हीरा

साल 2024 में इसी परिवार ने 19.22 कैरेट का कीमती हीरा खोजा था, जिसकी नीलामी में करीब 93 लाख रुपये मिले थे। इस एक खोज ने उनके जीवन की आर्थिक स्थिति को काफी बदल दिया था।

अब फिर मिला 11.19 कैरेट का चमकदार रत्न

इस बार परिवार को 11.19 कैरेट का एक और जेम-क्वालिटी हीरा मिला है, जिसकी कीमत लगभग 30 लाख रुपये आंकी गई है। यह हीरा पन्ना के अहीरगांव इलाके में स्थित निजी जमीन की खदान से निकला।

दो महीने की मेहनत के बाद मिली सफलता

परिवार ने अप्रैल में खनन का पट्टा लिया था और अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर काम शुरू किया। लगातार दो महीने की कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार यह कीमती हीरा उनके हाथ लगा, जिसने उनकी मेहनत को सफल बना दिया।

सरकारी कार्यालय में जमा किया गया हीरा

जैसे ही हीरा मिला, परिवार ने बिना देर किए उसे सरकारी हीरा कार्यालय पन्ना में जमा कर दिया। अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह 11.19 कैरेट का उच्च गुणवत्ता वाला रत्न है।

नीलामी में मिलेगा नया मालिक

सरकारी नियमों के अनुसार, इस हीरे को अब नीलामी में बेचा जाएगा। बिक्री के बाद रॉयल्टी काटकर बची हुई रकम सीधे परिवार के बैंक खाते में जमा की जाएगी।

परिवार की किस्मत फिर चमकी

परिवार के सदस्य राकेश आदिवासी और उनके भाइयों के लिए यह दूसरी बड़ी सफलता है। पहले मिले हीरे की कमाई से उनकी आर्थिक स्थिति सुधरी थी, लेकिन उन्होंने खनन का काम जारी रखा और एक बार फिर सफलता हासिल की।

पन्ना: जहां मिट्टी भी बना देती है करोड़पति

पन्ना की धरती एक बार फिर साबित कर रही है कि यहां किस्मत कभी भी चमक सकती है, जहां मेहनत के साथ थोड़ा सा भाग्य मिल जाए तो साधारण किसान भी करोड़पति बन सकता है।

1 जुलाई से बंद होंगे पुराने 10, 20, 50 और 100 रुपये के नोट? जानिए वायरल दावे की सच्चाई

गुरुग्राम में चलती कार की छत पर स्टंट, पुलिस ने दर्ज किया केस- VIDEO

गुरुग्राम में हाईवे पर चलती कार की छत पर स्टंट करने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ऐक्शन में आ गई है। पुलिस ने आरोपी की पहचान कर ली है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 

Venezuela: भूकंप की तबाही के बाद हुआ चमत्कार! 106 घंटे बाद मलबे से जिंदा मिला युवक, रेस्क्यू का VIDEO वायरल

जाको राखे साइयां मार सके न कोय… यह कहावत वेनेजुएला के एक शख्स पर सटीक बैठती है। वेनेजुएला में चार दिन पहले आए दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। हालांकि, समय बीतने के साथ मलबे में फंसे लोगों के जीवित मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है। इसी बीच एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। करीब 106 घंटे तक मलबे में फंसे रहने के बाद 21 वर्षीय हारून लेवी कैंटिलो वर्गास को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

भूकंप की तबाही के बाद वेनेज़ुएला में हुआ चमत्कार!

अल साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुकेले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई घंटों की कड़ी मेहनत और संयुक्त बचाव अभियान के बाद हारून को वेनेजुएला के ला गुएरा राज्य के काराबालेडा पैरिश के तनागुएरेना इलाके में स्थित ओपीपी-25 इमारत के मलबे से जीवित निकाला गया। राष्ट्रपति बुकेले ने इस बचाव अभियान का वीडियो भी साझा किया। उन्होंने बताया कि यह अभियान वेनेजुएला, मैक्सिको और अल साल्वाडोर की बचाव टीमों ने मिलकर चलाया, जिसकी बदौलत युवक की जान बचाई जा सकी।

106 घंटे के बाद मलबे से जीवित निकला शख्स 

अल साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुकेले ने बताया कि 21 वर्षीय युवक का सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद उसे विशेष चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि बचाव दल अब भी पूरी मेहनत से अभियान चला रहे हैं और उम्मीद है कि मलबे में फंसे अन्य लोगों को भी जीवित बचाया जा सकेगा। वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। पहले 7.2 तीव्रता का भूकंप आया और उसके सिर्फ 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा तेज झटका महसूस हुआ। इन दोनों भूकंपों से कई इमारतें ढह गईं, सड़कें और अन्य जरूरी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े।

अब तक 1400 लोगों की मौत

राहत और बचाव दल प्रभावित लोगों तक लगातार मदद पहुंचाने में जुटे हैं। अधिकारियों की ओर से लोगों के लिए अस्थायी राहत शिविर, भोजन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं, कई देशों की टीमें भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप में अब तक 1,430 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 68,000 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में लोग अपने परिजनों की तलाश के लिए दिन-रात मलबा हटा रहे हैं। इसके लिए वे फावड़े, रस्सियां, भारी मशीनों और कई जगह अपने हाथों का भी सहारा ले रहे हैं। इसी बीच, भूकंप आने के तीन दिन बाद राजधानी काराकास के उत्तर में स्थित काराबालेडा इलाके के मलबे से 11 वर्षीय एक बच्चे को जीवित बचा लिया गया।

Jai Moondra: भारत को हराने वाला खिलाड़ी ढूंढ रहा फुल-टाइम नौकरी! जय मूंदड़ा की कहानी हुई वायरल

आयरलैंड के तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा ने भारत के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में शानदार गेंदबाजी कर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। दोनों मुकाबलों में शानदार गेंदबाजी करते हुए कुल 5 विकेट चटका कर प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड भी अपने नाम किया। उनकी सटीक और कसी हुई गेंदबाजी ने पूरी सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और आयरलैंड की ऐतिहासिक जीत में बड़ी भूमिका निभाई। वहीं इसी बीच जय मूंदड़ा अपनी शानदार गेंदबाजी के अलाला किसी और वजह से भी चर्चा में हैं। जय मूंदड़ा आईटी सेक्टर में नौकरी की तलाश कर रहे हैं।

भारत के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करने वाले जय मूंदड़ा सिर्फ क्रिकेटर ही नहीं, बल्कि आईटी सेक्टर से भी जुड़े हैं। उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, वह अभी भी फुल-टाइम नौकरी की तलाश में हैं।

2025 में छोड़ दी नौकरी

राजस्थान के टोंक के रहने वाले जय मूंदड़ा साल 2021 में इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री की पढ़ाई के लिए आयरलैंड गए थे। आयरलैंड की राष्ट्रीय टीम से खेलने के बावजूद उनके पास अब भी भारतीय पासपोर्ट है। आयरलैंड जाने के बाद जय मूंदड़ा ने सितंबर 2022 में इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री पूरी की। पढ़ाई खत्म होने के बाद उन्होंने इंटेल में प्रोडक्ट डेवलपमेंट इंजीनियर के रूप में काम शुरू किया। लेकिन, जून 2025 में उन्होंने ये नौकरी छोड़ दी। उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, इसके बाद से उन्होंने किसी नई कंपनी में काम शुरू नहीं किया है।

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नए नौकरी की तलाश में जय मूंदड़ा

29 वर्षीय जय मूंदड़ा फिलहाल इंजीनियरिंग क्षेत्र में नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं। उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल पर आयरलैंड और यूरोप में अवसरों के लिए OpenToWork का बैज भी दिखाई देता है। करीब छह महीने पहले जय मूंदड़ा ने लिंक्डइन पर आयरलैंड और यूरोप में टेक्नोलॉजी से जुड़ी नौकरियों की एक पोस्ट में रुचि दिखाई थी। वहीं लगभग एक महीने पहले उन्होंने एक अन्य पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए खुद को इंटेल का पूर्व कर्मचारी बताया और कहा कि वह नए नौकरी के अवसर की तलाश में हैं।

लोगों ने किया कमेंट

भारत को हराने के बाद आयरलैंड के गेंदबाज जय मूंदड़ा की लिंक्डइन प्रोफाइल पर लगा OpenToWork बैज भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने इस बात पर हैरानी जताई कि एक तरफ वह नई नौकरी की तलाश में हैं और दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मैच जिताऊ प्रदर्शन कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “ये एक कॉर्पोरेट नौकरी है जिसने उन्हें दूसरा मौका दिया। मेहनत करने वाले की इज्जत करनी चाहिए। वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा, “वह भारत नहीं, बल्कि आयरलैंड के लिए खेल रहे हैं। इसलिए गुजारा चलाने के लिए उन्हें नौकरी भी करनी पड़ती है।”