21 साल के बिट्टू तबाही की CM मोहन यादव से मुलाकात पर मचा बवाल! ध्रुव राठी ने कही ये बात

मध्य प्रदेश के 21 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘बिट्टू तबाही’ के नाम से जाना जाता है, इन दिनों एक अलग वजह से चर्चा में हैं। उन्होंने अपने दम पर प्रदूषित अजनार नदी की सफाई का अभियान शुरू किया था। उनके इसी काम की वजह से वह न सिर्फ लोगों की नजरों में आए, बल्कि अब उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी हुई।

इसी मुलाकात को लेकर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने सवाल उठाया, जिसके बाद बिट्टू तबाही ने सीधे उन्हें जवाब दिया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव से हुई मुलाकात

सुरेंद्र सिंह चौधरी हाल ही में भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नदी की सफाई के लिए उनके प्रयासों की सराहना की और उनके जज्बे की तारीफ की। मुलाकात का वीडियो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी साझा किया गया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं।

ध्रुव राठी ने सरकार पर साधा निशाना

वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए ध्रुव राठी ने सरकार पर बिट्टू तबाही के काम का श्रेय लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि एक युवक ने अकेले नदी की सफाई के लिए मेहनत की और जब उसका काम वायरल हुआ, तब उसे बुलाकर फोटोशूट किया गया। राठी ने यह भी टिप्पणी की कि सरकार वास्तव में क्या कर रही है और केवल PR करने से क्या हासिल होगा। उनकी इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर चर्चा को और तेज कर दिया।

बिट्टू तबाही ने क्या दिया जवाब?

ध्रुव राठी की टिप्पणी पर सुरेंद्र सिंह चौधरी ने खुद जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह किसी को श्रेय देने या लेने की बात नहीं है। उनके मुताबिक, सरकार पहले भी उनके काम की सराहना कर चुकी है। उन्होंने कहा कि असली मुद्दा सिविक सेंस यानी नागरिक जिम्मेदारी का है। उनका मकसद सिर्फ इतना है कि लोग सफाई और पर्यावरण को लेकर अपनी जिम्मेदारी समझें और आगे आकर काम करें। बिट्टू के इस जवाब से साफ हुआ कि वह अपनी मुहिम को राजनीतिक बहस से ज्यादा लोगों की भागीदारी और जागरूकता से जोड़कर देखते हैं।

मोहन यादव ने भी की तारीफ

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सुरेंद्र के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए हमेशा बड़ी संख्या में लोगों की जरूरत नहीं होती। कई बार एक व्यक्ति की ईमानदार पहल भी बदलाव की शुरुआत कर सकती है।

मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों को राज्य सरकार के जल गंगा संवर्धन अभियान से भी जोड़ा। यह अभियान जल स्रोतों के संरक्षण और उनके पुनर्जीवन के लिए जनभागीदारी पर जोर देता है।

नदी की सफाई ने विदेश तक पहुंचाई पहचान

अजनार नदी की सफाई को लेकर बिट्टू तबाही की मेहनत की चर्चा भारत से बाहर भी पहुंची। उनकी कहानी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नीदरलैंड स्थित गैर-लाभकारी संस्था The Ocean Cleanup के संस्थापक और CEO बॉयन स्लैट ने उन्हें नौकरी का ऑफर दिया।

एक X यूजर ने बिट्टू के काम की पहले और बाद की तस्वीरें शेयर करते हुए बताया कि 21 वर्षीय सुरेंद्र कई महीनों से अकेले प्रदूषित अजनार नदी की सफाई में जुटे हुए हैं।

90 लाख की नौकरी छोड़ी, माइक्रोग्रीन्स की खेती शुरू की, आज खड़ा कर दिया 1.44 करोड़ का बिजनेस

McDonald’s India पर गंभीर आरोप! इंटर्न का महीनों तक बिना सैलरी काम कराने का दावा, कहा- दो और नौकरियां करनी पड़ीं

सोशल मीडिया पर मैकडॉनल्ड्स इंडिया (McDonald’s India) से जुड़ा एक पोस्ट इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल पोस्ट में एक कथित इंटर्न ने आरोप लगाया है कि उसे कई महीनों तक किए गए काम का भुगतान नहीं किया गया और आर्थिक मजबूरी के चलते उसे दो अतिरिक्त नौकरियां तक करनी पड़ीं। हैरानी की बात यह है कि यह दावा McDonald’s India के आधिकारिक X हैंडल पर एक पोस्ट के जरिए किया गया। हालांकि, McDonald’s India ने इस पोस्ट को कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया से डिलीट कर दिया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

क्या है वायरल पोस्ट में दावा?

वायरल स्क्रीनशॉट में एक कथित इंटर्न ने McDonald’s India के सोशल मीडिया अकाउंट से ट्वीट कर शिकायत दर्ज कराई है। पोस्ट में दावा किया गया है कि वह कंपनी में इंटर्न के तौर पर काम कर रहा था। लेकिन दिसंबर 2025 से उसका भुगतान नहीं किया गया। कथित इंटर्न ने यह भी दावा किया कि वह McDonald’s के कई एशियाई अकाउंट संभाल रहा था।

Clipboard07kj

लेकिन इसके बावजूद उसके काम का भुगतान नहीं किया गया। आर्थिक स्थिति संभालने के लिए उसे दो अतिरिक्त नौकरियां करने के लिए मजबूर होना पड़ा। यही दावा सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। इसे लेकर इंटर्नशिप, स्टाइपेंड और कंपनियों में युवाओं के साथ होने वाले व्यवहार पर बहस शुरू हो गई है।

इंटर्नशिप या बिना भुगतान के काम?

इस मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है अगर किसी इंटर्न से नियमित कर्मचारी की तरह काम लिया जा रहा है, जिम्मेदारियां दी जा रही हैं और लंबे समय तक काम कराया जा रहा है, तो क्या उसे उचित स्टाइपेंड या भुगतान नहीं मिलना चाहिए? भारत में इंटर्नशिप को लेकर पहले भी सोशल मीडिया पर बहस होती रही है। LinkedIn पर युवाओं की कई पोस्ट में ऐसे अनुभव शेयर किए गए हैं, जिनमें लंबे समय तक बिना भुगतान काम, फुल-टाइम उपलब्धता और वास्तविक सीखने के बजाय नियमित काम करवाने की शिकायतें सामने आती रही हैं।

यूजर्स ने क्या कहा?

वायरल दावे के बाद सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं मुख्य रूप से दो हिस्सों में नजर आती हैं। एक वर्ग ने कथित इंटर्न का समर्थन करते हुए कहा कि बड़ी कंपनियों से युवाओं को बेहतर कार्य-संस्कृति और भुगतान की उम्मीद होती है। यूजर्स का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो कंपनी को मामले की जांच कर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

वहीं, कुछ यूजर्स ने बिना पूरी जानकारी के कंपनी को दोषी ठहराने से बचने की सलाह दी। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी स्क्रीनशॉट या पोस्ट को आखिरी सच मानने से पहले संबंधित कंपनी और कथित इंटर्न दोनों का पक्ष सामने आना जरूरी है।

McDonald’s के लिए क्यों अहम है मामला?

यह मामला ऐसे समय में चर्चा में आया है जब कंपनियों में इंटर्नशिप को लेकर युवाओं की अपेक्षाएं लगातार बढ़ रही हैं। किसी बड़े ब्रांड के साथ इंटर्नशिप को छात्र और युवा अक्सर अपने करियर के लिए महत्वपूर्ण अवसर मानते हैं। McDonald’s India से जुड़ी इंटर्नशिप के पुराने रिकॉर्ड भी बताते हैं कि कंपनी के साथ विभिन्न समय पर इंटर्नशिप अवसर उपलब्ध रहे हैं।

कुछ भूमिकाओं में स्टाइपेंड भी दिया गया था। उदाहरण के तौर पर 2017 के एक Internshala रिकॉर्ड में McDonald’s India (South & West) की HR इंटर्नशिप के लिए ₹7,500-15,000 मासिक स्टाइपेंड का उल्लेख था। इसलिए वायरल पोस्ट में लगाए गए वर्तमान आरोपों और कंपनी की सामान्य इंटर्नशिप नीतियों को एक ही चीज मानना सही नहीं होगा।

क्या कंपनी की ओर से कोई जवाब आया?

फिलहाल उपलब्ध विश्वसनीय सार्वजनिक स्रोतों में इस वायरल आरोप पर McDonald’s India का स्पष्ट आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि कथित इंटर्न को वास्तव में महीनों तक भुगतान नहीं किया गया या कंपनी ने जानबूझकर ऐसा किया। पूरे मामले की सच्चाई सामने आने के लिए कथित इंटर्न की पहचान, उसका ऑफर/इंटर्नशिप दस्तावेज, भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड और कंपनी का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है।

ये भी पढ़ें- IMD weather forecast September 6: इन 24 राज्यों में आज भारी बारिश की चेतावनी! दिल्ली-NCR से यूपी-बिहार तक बरसेगा मानसून, 70 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

Manoj Bajpayee: महात्मा गांधी के किरदार में मनोज बाजपेयी का ट्रांसफॉर्मेशन देख फैंस हुए शॉक्ड, नया लुक इंटरनेट पर वायरल

Manoj Bajpayee: NH स्टूडियोज द्वारा प्रेजेंटेड और बनारस मीडियावर्क्स प्रोडक्शन के तले अनुभव सिन्हा और नरेंद्र हीरावत द्वारा प्रोड्यूस की जाने वाली इस फिल्म को सुधीर मिश्रा द्वारा डायरेक्ट किया जा रहा है। यह फिल्म मनोज बाजपेयी के सामने आए गांधी लुक के बाद अब चर्चा का विषय बन गई है।

सुधीर मिश्रा की अपकमिंग डायरेक्टोरियल फीचर फिल्म का जब से ऐलान हुआ है, तब से लोगों में उसे लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। फिल्म की कहानी आजादी के समय के इतिहास से जुड़ी है। इसे 21 दिनों के एक कम चर्चित दौर पर बनाया जा रहा है। फिल्म से जुड़ी खास बात यह है कि इसमें नेशनल अवॉर्ड विनिंग एक्टर मनोज बाजपेयी पहली बार महात्मा गांधी का किरदार निभा रहे हैं। ऐसे में जब फैंस कयास लगाए जा रहे थे कि मनोज, गांधी जी के किरदार में किस तरह नजर आएंगे। अब उनका फर्स्ट लुक सामने आया है। सामने आई तस्वीर में दर्शक उनके लुक की झलक देख सकते हैं।

मनोज बाजपेयी तस्वीर में बिल्कुल भी पहचान में नहीं आ रहे हैं। इस जबरदस्त लुक में यह साफ फिल्म लवर्स महसूस कर सकते हैं कि एक्टर ने न सिर्फ गांधी जी के लुक को अपनाया है बल्कि उनके बॉडी लेंग्वेज को भी अपना लिया है। लुक सामने आने के बाद हर तरफ यह चर्चा तेज हो गई है कि यह किरदार उनके द्वारा निभाए जाने वाले सबसे मुश्किल किरदारों में से एक है।

इस प्रोजेक्ट को बनाने के लिए हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े और दिग्गज नाम साथ आएं हैं। इसमें पहला नाम अनुभव सिन्हा का आता है जिन्होंने अ बनारस मीडिया वर्क्स के बैनर तले ‘मुल्क’, ‘आर्टिकल 15’ और ‘थप्पड़’ जैसी दमदार और सोचने पर मजबूर करने वाली फिल्में प्रोड्यूस की है।

दूसरा नाम दिग्गज डायरेक्टर सुधीर मिश्रा का है, जिन्हें ‘हजारों ख्वाहिशें ऐसी’ और ‘धारावी’ जैसी शानदार फिल्मों के साथ इंडस्ट्री में करीब चार दशक पूरे कर चुके हैं। वहीं, तीसरा नाम है अनुभवी एक्टर सौरभ शुक्ला का है, जिनके फिल्म में शामिल होने से ही कहानी में मजबूती नजर आने लगती है। बात करें लुक की तो इसमें मनोज बाजपेयी की इंटेंस एक्टिंग और दमदार परफॉर्मेंस की झलक देखने मिलती है। इससे यह साफ है कि यह फिल्म हाल के समय की सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली फिल्मों में से एक बन गई है।

फिल्म को सुधीर मिश्रा द्वारा डायरेक्ट किया जा रहा है। फिल्म में मनोज बाजपेयी और सौरभ शुक्ला अहम भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। जबकि फिल्म को अनुभव सिन्हा और नरेंद्र हिरावत ने अ बनारस मीडिया वर्क्स के बैनर तले प्रोड्यूस कर रहे हैं, जबकि NH स्टूडियोज द्वारा इसे पेश किया जा रहा है।

‘आप तो मुझसे भी बेहतर एक्टिंग करते हैं…’ सांसद कंगना रनौत ने MPLADS फंड खर्च न होने पर अफसरों को लगाई फटकार

Kangana Ranaut: हिमाचल प्रदेश के मंडी संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों की धीमी गति को लेकर, शनिवार को BJP सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (DISHA) की बैठक में राज्य सरकार के अधिकारियों को फटकार लगाई।

BJP सांसद ने सांसद निधि (MPLADS) के तहत उपलब्ध फंड का पूरा इस्तेमाल न किए जाने को लेकर अधिकारियों से सवाल किए। X पर वायरल हो रहे एक वीडियो में उन्होंने दावा किया कि उनके MP फंड में करोड़ों रुपये उपलब्ध थे, लेकिन उनमें से केवल आधी रकम का ही इस्तेमाल किया गया है।

DISHA मीटिंग में कंगना रनौत का गुस्सा: वीडियो

रनौत ने अधिकारियों से कहा, “मुझे ये बेकार के जुमले (झूठे वादे) मत सुनाइए। मुझे हर DISHA कमिटी मीटिंग में यही सुनने को मिलता है।”

उन्होंने ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर्स (BDOs) से खर्च की रिपोर्ट मांगी। कंगना ने कहा कि इससे पहले अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि काम में कोई रुकावट नहीं है और सांसद निधि की करीब 90 फीसदी रकम खर्च की जा चुकी है।

कंगना ने आगे कहा, “अब बस काम पूरा करके दिखाइए। अब सिर्फ बातें करने का समय नहीं रहा। ये मामले दो साल पुराने हैं। कुछ डेढ़-दो साल पुराने मामले हैं। अब काम पूरा कीजिए और मुझे रिपोर्ट दीजिए कि काम हो गया है! कंगना ने 11 करोड़ रुपये दिए, फिर भी एक भी काम नहीं हुआ। यह कितनी अक्षमता और शर्मनाक बात है।”

रनौत ने आरोप लगाया कि बैठकों में दिखाए गए खर्च के आंकड़े असल खर्च से मेल नहीं खाते थे। उन्होंने एजेंसी की उन रिपोर्टों का भी जिक्र किया जिनमें दावा किया गया था कि MPLADS फंड का 30-40 प्रतिशत हिस्सा धोखाधड़ी करने वाले लाभार्थियों को दिया गया था और उसे वापस नहीं पाया जा सका।

‘अधिकारी तो मुझसे भी बेहतर एक्टिंग करते हैं’

एक्टर से नेता बनीं रनौत ने कहा कि एक सांसद के तौर पर उनके काम को लेकर नेशनल मीडिया में उनका मजाक उड़ाया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अधिकारी तो मुझसे भी बेहतर एक्टिंग करते हैं।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंडी के लोग रुके हुए प्रोजेक्ट्स के बारे में लगातार रील्स पोस्ट कर रहे हैं, जबकि अधिकारी अपने दफ्तरों में उन पर हंस रहे हैं और उन्हें “कोस” रहे हैं।

कंगना ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बिना किसी देरी के रुके हुए प्रोजेक्ट्स को पूरा करें और उपलब्ध MPLADS फंड का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करें।

यह भी पढ़ें: ‘पप्पू यादव का बाकी हिस्सा कहां है?’ सांसद के बदले लुक पर यूजर्स ने किए मजेदार कमेंट, Ozempic को लेकर भी किए दावे

Delhi Metro: मेट्रो पर फोन चिपकाकर Reel बनाना पड़ेगा मंहगा! DMRC ने दी सख्त चेतावनी

दिल्ली मेट्रो में रील्स और वीडियो बनाने का ट्रेंड इन दिनों काफी बढ़ रहा है। वहीं हाल ही में दिल्ली मेट्रो का एक नया रील सोशल मीडिया पर काफी ट्रेड कर रहा है। इसमें कई यूजर्स चलती मेट्रो की खिड़की पर मोबाइल फोन चिपकाकर वीडियो बना रहे हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। इस ट्रेंड को लेकर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ यूजर्स इसे मजेदार मान फॉलो कर रहे हैं। वहीं कई लोग चलती ट्रेन में इस तरह वीडियो बनाने को लेकर सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं और इसे जोखिम भरा बता रहे हैं। अब DMRC ने चलती मेट्रो में वीडियो बनाने पर सख्त रुख अपनाया है।

DMRC ने की खास अपील

चलती मेट्रो की खिड़की पर मोबाइल लगाकर वीडियो बनाने के मामले को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने गंभीरता से लिया है। DMRC ने यात्रियों और कंटेंट क्रिएटर्स से ऐसी रील्स नहीं बनाने की अपील की है। साथ ही, कॉर्पोरेशन ने साफ किया कि नियमों का उल्लंघन करते हुए इस तरह की गतिविधि में शामिल लोगों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जा सकती है।

वीडियो बनाने से लोगों को हो सकती है परेशानी

DMRC ने इंस्टाग्राम पर दिए अपने बयान में कहा, “दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने देखा कि कुछ सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स मेट्रो ट्रेन की खिड़कियों पर अपने मोबाइल फोन चिपका रहे हैं और चलती ट्रेन के साथ वीडियो शूट कर रहे हैं। इस तरह की हरकत से दूसरे यात्रियों को परेशानी हो सकती है या उन्हें चोट लग सकती है। साथ ही, इससे यूजर्स के मोबाइल फोन भी खराब हो सकते हैं।”

पोस्ट में आगे कहा, “DMRC अधिकारी इस मामले को पूरी गंभीरता से देख रहे हैं और अगर कोई कंटेंट क्रिएटर इस तरह की शूटिंग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी। इसलिए कंटेंट क्रिएटर्स को दिल्ली मेट्रो परिसर के अंदर इस तरह के वीडियो शूट नहीं करने का निर्देश दिया जाता है।”

 

दिल्ली मेट्रो में बनाते हैं वीडियो

दिल्ली मेट्रो अब सोशल मीडिया वीडियो बनाने की पसंदीदा जगहों में शामिल हो गई है। यहां कई यात्री और कंटेंट क्रिएटर डांस, मीम और दूसरी तरह की वायरल रील्स बनाते नजर आते हैं। हालांकि, DMRC लगातार यात्रियों से अपील करता रहा है कि वे मेट्रो के नियमों का पालन करें और ऐसी कोई वीडियो या गतिविधि न करें, जिससे दूसरे यात्रियों को परेशानी हो या मेट्रो सेवाओं के संचालन में किसी तरह की दिक्कत आए।

अकेले कचरे से भरी नदी साफ करने वाले ‘बिट्टू तबाही’ की बदली किस्मत, डच CEO ने दिया नौकरी का ऑफर

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा के 20 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘Bittu Tabahi’ के नाम से पहचान मिली है, इन दिनों अपनी मेहनत के कारण सुर्खियों में हैं। सुरेंद्र ने कचरे से भरी अजनार नदी की सफाई का बीड़ा खुद उठाया और कई महीनों तक लगातार वहां से प्लास्टिक, गंदगी और जमा मलबा हटाते रहे। उनके इस काम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसके बाद उनकी कोशिशों की चर्चा दूर तक पहुंची। अब उनकी इसी पहल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है।

नीदरलैंड की पर्यावरण संस्था The Ocean Cleanup के संस्थापक और CEO बॉयन स्लैट ने सोशल मीडिया पर सुरेंद्र के काम को देखते हुए उन्हें अपने साथ काम करने का सीधा ऑफर दिया है। इस खबर के सामने आने के बाद सुरेंद्र की कहानी को लेकर सोशल मीडिया पर लोग उत्साहित हैं। एक छोटे से शहर का यह युवा अब नदी सफाई के अपने जुनून के कारण वैश्विक मंच तक पहुंचने की ओर बढ़ रहा है।

सोशल मीडिया पोस्ट पर CEO ने कहा- हमारे साथ काम करो

अजनार नदी की सफाई के दौरान सुरेंद्र के काम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। एक यूजर ने X पर उनकी तस्वीरों के साथ पोस्ट शेयर की, जिसमें नदी की सफाई से पहले और बाद की तस्वीरें दिखाई गई थीं।

पोस्ट पर बॉयन स्लैट की नजर पड़ी। उन्होंने बिना ज्यादा कुछ कहे सीधे लिखा, “Come work for us.”

डच के CEO का यह छोटा-सा जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

लोगों ने कहा- जिंदगी का सबसे बड़ा मौका

बॉयैन स्लैट के ऑफर के बाद यूजर्स ने सुरेंद्र को बधाई देना शुरू कर दिया। कई लोगों ने इसे उनके लिए शानदार अवसर बताया। एक यूजर ने लिखा कि उम्मीद है यह ऑफर गंभीर है और सुरेंद्र को यह मौका जरूर हासिल करना चाहिए।

दूसरे यूजर ने इसे ‘ऑफर ऑफ ए लाइफटाइम’ तक बता दिया।

कौन हैं Bittu Tabahi?

सुरेंद्र सिंह चौधरी ब्यावरा, राजगढ़, मध्य प्रदेश से आते हैं। उनके सोशल मीडिया वीडियो में उन्हें अजनार नदी से प्लास्टिक, कचरा, गंदगी और जमा हुआ मलबा खुद निकालते देखा जा सकता है।बताया जाता है कि उन्होंने इस सफाई अभियान की शुरुआत जनवरी में की थी। लगातार मेहनत के बाद नदी के एक हिस्से का पूरा रूप बदल गया और वहां जमा कचरा काफी हद तक साफ हो गया।

सफाई अभियान में अपनी जेब से लगाए पैसे

एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के मुताबिक, सुरेंद्र अब तक इस सफाई अभियान पर करीब ₹30,000 खर्च कर चुके हैं। यानी सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने से पहले उन्होंने इस काम में अपना समय, मेहनत और पैसा लगाया।

आनंद महिंद्रा भी कर चुके हैं तारीफ

सुरेंद्र के काम की चर्चा इससे पहले उद्योगपति आनंद महिंद्रा तक भी पहुंच चुकी है। उन्होंने मार्च में सोशल मीडिया पर सुरेंद्र की तारीफ करते हुए कहा था कि अगर सोशल मीडिया पर मिलने वाले ‘लाइक्स’ किसी अच्छे काम की वजह बनते हैं, तो इसमें कोई बुराई नहीं है।

उन्होंने सुरेंद्र को अपनी #MondayMotivation पोस्ट का हिस्सा भी बनाया था।

कौन हैं बॉयन स्लैट?

बॉयैन स्लैट नीदरलैंड के इनोवेटर और उद्यमी हैं और The Ocean Cleanup के संस्थापक हैं। उनकी संस्था समुद्रों और नदियों में जमा प्लास्टिक को हटाने के लिए तकनीकी समाधान विकसित करती है।

संस्था का लक्ष्य 2040 तक समुद्र में मौजूद तैरते प्लास्टिक का 90 फीसदी हिस्सा हटाना है। ऐसे में नदी की सफाई में जुटे एक युवा भारतीय को खुद CEO की ओर से मिला ऑफर उसके काम की अंतरराष्ट्रीय पहचान के तौर पर देखा जा रहा है।

भारत से नॉर्वे पहुंचे भारतीय को Driving Licence के लिए करनी पड़ी इतनी मेहनत, खर्च जानकर उड़ जाएंगे होश

Taapsee Pannu: हम और पैसे कैसे कमाएंगे? फिल्मों में महिलाओं को ‘ऑब्जेक्ट’ की तरह दिखाए जाने पर बोलीं तापसी पन्नू

Taapsee Pannu: तापसी पन्नू ने भारतीय सिनेमा में महिलाओं के किरदारों को लेकर हो रही चर्चा पर अपनी राय रखी है। हाल ही में राम चरण की ‘पेड्डी’ और यश की ‘टॉक्सिक’ जैसी दो बड़े बजट की फिल्मों में महिला किरदारों को दिखाए जाने के तरीके की ऑनलाइन काफी आलोचना हुई। इस विवाद पर बात करते हुए तापसी ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री अक्सर यह कहकर आलोचना से बचती है कि ऐसा कंटेंट सिर्फ दर्शकों की मांग पर बनाया जाता है।

जूम टीवी के साथ बातचीत में तापसी ने बताया कि इंडस्ट्री अक्सर ऐसे किरदारों के लिए दर्शकों को जिम्मेदार ठहराती है और इसे एक ऐसी लड़ाई बताया जिसे एक्टर्स दर्शकों के सपोर्ट के बिना नहीं जीत सकते। “आप चाहे कितना भी शोर मचा लें, आपको सोशल मीडिया पर उतने ही लोग मिल जाएंगे जो वही तस्वीर इस्तेमाल कर रहे होंगे, उसे जूम कर रहे होंगे, अजीब एंगल से अलग-अलग तरह के वीडियो और तस्वीरें बना रहे होंगे और उसे वायरल कर रहे होंगे। तो सोशल मीडिया पर इसके लिए दर्शक मौजूद हैं।”

इस पूरी प्रक्रिया को “मांग और आपूर्ति” (demand and supply) बताते हुए तापसी ने कहा, “लोगों को लगता है कि जनता मांग रही है तो हमें देना चाहिए, वरना हम पैसे कैसे कमाएंगे? इसलिए कला पीछे छूट जाती है, हुनर ​​पीछे छूट जाता है। कोविड से पहले हमने काफी तरक्की की थी और हम बेहतरीन फिल्मों के स्तर तक पहुंच रहे थे। लेकिन अब हम फिर से पीछे छूट रहे हैं। सभी मेकर्स दर्शकों पर दोष मढ़ देंगे और यहीं पर हम सभी एक्टर्स कोई ठोस जवाब नहीं दे पाते। यह एक ऐसी लड़ाई है जिसे हम हार जाएंगे, और सिर्फ दर्शक ही हमें इसे जीतने में मदद कर सकते हैं।”

तापसी की ये बातें ‘पेड्डी’ और ‘टॉक्सिक’ दोनों फिल्मों को लेकर सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना के बीच सामने आईं। फिल्म में जाह्नवी कपूर के किरदार के बहुत ज़्यादा hypersexualised चित्रण की आलोचना हुई। सोशल मीडिया यूज़र्स ने कैमरा वर्क, रोमांटिक सीन और जाह्नवी के किरदार की असलियत के बजाय उसके शारीरिक दिखावे पर ज़्यादा ज़ोर देने को लेकर सवाल उठाए। बाद में डायरेक्टर ने फ़िल्म से ये सीन हटा दिए और माफ़ी भी मांगी।

दूसरी ओर, ‘टॉक्सिक ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में महिलाओं के चित्रण को लेकर फ़िल्म के रिलीज़ होने से पहले ही बहस शुरू हो गई थी। रिलीज़ के बाद आलोचना और बढ़ गई। कुछ दर्शकों ने मेकर्स पर महिला किरदारों को सिर्फ़ एक ‘वस्तु’ (object) की तरह दिखाने और उन्हें सिर्फ़ ग्लैमर, कामुकता और मुख्य पुरुष किरदार के साथ उनके रिश्तों के ज़रिए पेश करने का आरोप लगाया।

तापसी पन्नू हाल ही में नेटफ़्लिक्स फ़िल्म ‘गांधारी’ में नज़र आईं। देवाशीष मखीजा की डायरेक्ट की गई इस एक्शन थ्रिलर फ़िल्म में इशवाक सिंह, छाया कदम, स्वस्तिका मुखर्जी और मीता वशिष्ठ भी अहम भूमिकाओं में हैं। यह फ़िल्म अभी नेटफ़्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है।

Viral Video: मानसिक रूप से बीमार महिला के साथ गलत हरकत करने पहुंचा था शख्स फिर स्ट्रीट डॉग्स ने उसे खदेड़ा!

Coimbatore Incident: कोयंबटूर में एक चौंकाने वाली घटना का CCTV फुटेज वायरल हो रहा है। जिसमें दो आवारा कुत्ते तब बीच-बचाव करते दिखे जब एक 17 साल के लड़के ने कथित तौर पर मानसिक रूप से बीमार महिला के साथ यौन उत्पीड़न की कोशिश की। यह घटना गुरुवार सुबह थुडियालुर के पास रेलवे ओवरब्रिज की सर्विस रोड पर हुई। खबरों के मुताबिक, बाद में लड़के की पहचान हुई और उसी दिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, महिला सड़क किनारे दो आवारा कुत्तों के पास बैठी थी, तभी शराब के नशे में धुत लड़का उसके पास पहुंचा। CCTV फुटेज में कथित तौर पर उसे महिला से बात करते और फिर पत्थर उठाकर कुत्तों को भगाने की कोशिश करते देखा गया। कुत्ते वहां से हट तो गए, लेकिन उस पर भौंकते रहे।

इसके बाद लड़के ने कथित तौर पर महिला के साथ यौन उत्पीड़न की कोशिश की। महिला मदद के लिए चिल्लाई, जिसके बाद दो कुत्तों ने कथित तौर पर उस पर झपट्टा मारा, उसके पैरों को काटा और उसे महिला से दूर खींच लिया।

इसके बाद वह लड़का वहां से भाग गया और कथित तौर पर एक कुत्ता उसके पीछे भागा। बाद में पुलिस ने CCTV फुटेज की मदद से लड़के की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल, मामले की आगे जांच चल रही है।

इंटरनेट पर प्रतिक्रिया

इस घटना ने ऑनलाइन प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू कर दिया है। कई यूजर्स आवारा कुत्तों की तारीफ कर रहे हैं कि उन्होंने बीच-बचाव किया और साथ ही समाज द्वारा कम्युनिटी जानवरों के साथ किए जाने वाले व्यवहार पर सवाल भी उठा रहे हैं।

एक यूजर ने लिखा, “भारत, जरा ध्यान से देखो कि हम किसे ‘खतरा’ कहते हैं।” कोयंबटूर में रात करीब 2:30 बजे, दो कम्युनिटी डॉग्स तब हीरो बन गए जब एक आदमी ने कथित तौर पर एक कमजोर महिला के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की। भगाए जाने के बाद, कुत्ते वापस आए और उनमें से एक ने कथित तौर पर आरोपी पर हमला कर दिया, जिससे उसे भागना पड़ा और महिला की जान बच गई। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कम्युनिटी डॉग्स बेकार चीज नहीं हैं। वे सुरक्षा करते हैं, साथ रहते हैं और अक्सर इंसानों से ज्यादा इंसानियत दिखाते हैं।

एक और यूजर ने भी देसी कुत्तों की तारीफ की। “हमारे गली के कुत्ते सच में बहुत समझदार होते हैं! यह उन अनगिनत मामलों में से एक है जहां उन्होंने गली में महिलाओं को बुरे लोगों से बचाया है। यहां इन कुत्तों ने एक मानसिक रूप से कमजोर महिला को उस आदमी से बचाया जो उसका फायदा उठाने की कोशिश कर रहा था। देसी कुत्ते सबसे अच्छे होते हैं।”

कुछ यूज़र्स ने महिलाओं की सुरक्षा के मामले में सरकार की बेरुखी पर भी सवाल उठाए। “डोगेशभाई सरकार और अधिकारियों, दोनों का काम अकेले कर रहे हैं… सोचता हूं कि ये कौन से ‘मर्द’ हैं जो चाहते हैं कि महिलाओं की सुरक्षा करने वालों को ‘हटा’ दिया जाए?”

एक और यूजर ने कहा, “कुत्ते इंसानों के वफादार दोस्त और रक्षक होते हैं।” वहीं एक और यूजर ने कमेंट किया, “सड़क किनारे सड़ा-गला और कचरा खाना खाने वाले आवारा देसी कुत्तों में, हर समय ताजा बनी बिरयानी खाने वाले इंसानों के मुकाबले ज्यादा इंसानियत, नागरिक समझ और आम नागरिक वाली समझ होती है। अब समय आ गया है कि इंसानी सभ्यता खत्म हो जाए।”

यह भी पढ़ें: नेपाल के इकलौते अरबपति और नूडल किंग पर भारत में बड़ा एक्शन! जानिए FSSAI ने Wai Wai बनाने वाली कंपनी पर क्यों कसा शिकंजा

महिला की इज्जत बचाने को टूट पड़े कुत्ते, लोग बोले-इन्हें तो मेडल दिया जाना चाहिए

कोयंबटूर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां पर कुछ स्ट्रीट डॉग्स ने ऐसा कारनामा अंजाम दिया कि लोग उनके लिए मेडल मांगने लगे हैं। सोशल मीडिया पर इस घटना का सीसीटीवी फुटेज वायरल हो रहा है।

जंतर-मंतर मारपीट मामला : स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंद शहर से हिरासत में लिया, CJP ने दिया था 72 घंटे का अल्टीमेटम, पढ़िए क्या था पूरा मामला

जंतर-मंतर मारपीट मामला : स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंद शहर से हिरासत में लिया, CJP ने दिया था 72 घंटे का अल्टीमेटम, पढ़िए क्या था पूरा मामला

swatantra-bhardwaj

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता के साथ कथित मारपीट के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंद शहर से हिरासत में लिया गया है। स्वतंत्र की गिरफ्तारी के लिए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन कर किया था। शुक्रवार को CJP के प्रतिनिधिमंडल ने संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचकर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका भी शामिल थे। 

ALSO READ: BLA : बलूचिस्‍तान बना पाकिस्‍तानी सेना का कब्रिस्‍तान, बीएलए ने मचाई तबाही, मुनीर के 25 सैनिकों को किया ढेर

क्या था पूरा मामला

खुद को 'हिन्दुत्व एक्टिविस्ट' बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप है कि उन्होंने CJP के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की थी। वायरल वीडियो क्लिप में भारद्वाज कथित तौर पर यह कहते नजर आए कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार की 'खोपड़ी फोड़ दी थी' और कथित घटना की गंभीरता के बावजूद जेल जाने से बच गए। CJP ने उस प्रदर्शन का आयोजन किया था, जिसके दौरान कथित मारपीट की घटना हुई थी। संगठन लगातार स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है। CJP का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।

दिल्ली पुलिस ने खोपड़ी में फ्रैक्चर के दावे को नकारा

विवाद उस समय और बढ़ गया जब गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने कहा कि 38 वर्षीय संजय कुमार को झड़प के दौरान सिर में साधारण चोट लगी थी। पुलिस ने उन दावों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि संजय कुमार की खोपड़ी में फ्रैक्चर हुआ है।  पुलिस के मुताबिक स्वतंत्र भारद्वाज और एक अन्य आरोपी सूरज कुमार को घटनास्थल पर हिरासत में लिया गया था। दोनों से पूछताछ की गई और उन्हें नोटिस भी जारी किए गए। दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा है कि मामले में जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

 

 

कौन हैं स्वतंत्र भारद्वाज?

स्वतंत्र भारद्वाज एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। उन पर जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। यह मामला उस समय फिर चर्चा में आ गया जब भारद्वाज से जुड़े एक पॉडकास्ट की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई।

 

हालांकि, स्वतंत्र भारद्वाज ने संजय पर हमला करने के आरोप से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने आत्मरक्षा में प्रतिक्रिया दी थी। भारद्वाज के मुताबिक, उन्हें करीब 10-15 लोगों ने घेर लिया था और उन्हें डर था कि उनके साथ मारपीट या उनकी हत्या तक की जा सकती है। उन्होंने वायरल पॉडकास्ट क्लिप को भी कथित तौर पर गलत तरीके से पेश किए जाने का दावा किया और कहा कि उनकी राजनीतिक संबद्धता को लेकर लोगों ने उस क्लिप को मजाक या व्यंग्य के तौर पर बनाया था।

ALSO READ: Kia Sorento : भारत में लॉन्च हुई नई प्रीमियम SUV, कीमत ₹27.99 लाख से शुरू; हाइब्रिड और डीजल इंजन के साथ मिलेगी AWD की सुविधा

निशु आजाद ने क्या आरोप लगाए?

निशु आजाद ने भारद्वाज के दावों को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि आरोपी और उसके समर्थकों ने उन्हें परेशान किया और दुष्कर्म की धमकियां भी दीं। निशु के अनुसार, इन धमकियों को लेकर उन्होंने अलग से FIR भी दर्ज कराई है। आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान संजय के साथ गंभीर मारपीट हुई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आरोपी अब तक बाहर क्यों है और पुलिस से मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर संजय की खोपड़ी में फ्रैक्चर होने की बात को लेकर गलत सूचना फैलाई गई थी। पुलिस के अनुसार, संसद मार्ग थाने में मामला दर्ज किया जा चुका है और आरोपी से पूछताछ भी की गई है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी को अभी कुछ नोटिस दिए जाने बाकी हैं।  जांच पूरी होने के बाद सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल करने समेत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मामले को मिला राजनीतिक रंग

निशु आजाद के मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्ष के कुछ नेताओं ने निशु के प्रति समर्थन जताया है। इसके बाद जंतर-मंतर की घटना और स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े आरोपों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है।