Vaibhav Sooryavanshi: ‘अगर वह 17 या 18 साल का है, तो…’ वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर ब्रेट ली ने दिया अजीब बयान

IPL में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टी20 टीम में जगह मिली। इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआत भले ही उनके लिए खास नहीं रही, लेकिन जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने दमदार वापसी की। यहां उनके बल्ले से लगातार अच्छी पारियां देखने को मिलीं और उनके प्रदर्शन के दम पर उन्हें सीरीज का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। कम उम्र में दबाव से निकलकर इस तरह का प्रदर्शन करना वैभव की प्रतिभा और आत्मविश्वास को दिखाता है। वहीं वैभव की उम्र को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है।

वहीं हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि इस समय वैभव की उम्र को लेकर काफी चर्चा हो रही है, लेकिन इससे ज्यादा जरूरी उनकी क्रिकेट प्रतिभा है।

वैभव को लेकर ली ने क्या कहा

बीयर बाइसेप्स YouTube चैनल पर बात करते हुए ब्रेट ली ने कहा, “वह जबरदस्त है। भारत से बाहर हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि क्या वह 15 साल का है? क्या वह 15 साल का है? शायद इस समय दुनिया भर में सबसे बड़ी चर्चा इसी बात को लेकर है। मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह कितने साल का है।” ली ने आगे कहा, “अगर वह 15 साल का है, तो शानदार है, लेकिन अगर वह 17 या 18 साल का है, तो इससे क्या फर्क पड़ता है। यह बच्चा क्रिकेट खेलना जानता है। वह भारत के लिए एक बहुत बड़ी खोज है और आने वाले समय में वह इससे भी बड़ी और बेहतर उपलब्धियां हासिल करेगा।”

कम समय में मिली ज्यादा तारीफ

ली ने कहा, “उन्होंने इतने कम समय में IPL में धूम मचा दी है। SRH के खिलाफ उन्होंने जो 97 रन बनाए, वह ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के खिलाफ थे। वे बहुत तेज गेंदबाजी कर रहे थे और वह उनके खिलाफ बेखौफ होकर हुक शॉट खेल रहे थे।” ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर ब्रेट ली ने वैभव सूर्यवंशी के खेल की तारीफ करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में उनका आत्मविश्वास और समझ काबिले तारीफ है। उन्होंने ये भी माना कि सूर्यवंशी ने IPL में तेज गेंदबाजों के खिलाफ बिना डरे जिस तरह बल्लेबाजी की, वह उनकी खासियत है। लेकिन, ली के मुताबिक आगे बढ़ने के साथ सूर्यवंशी पर लोगों की उम्मीदें और मीडिया का ध्यान भी बढ़ेगा, जिसे संभालना उनके लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है।

IND vs SL: जडेजा ने उतारी कुलदीप के बॉलिंग एक्शन की नकल, हंसी नहीं रोक पाए गंभीर, वीडियो वायरल

आलिया भट्ट का सेल्फ हीलिंग मंत्र हुआ वायरल, मुश्किल वक्त में हर किसी के आ रहा काम!

जिंदगी हमेशा एक जैसी नहीं रहती। कभी सब कुछ आसानी से चलता है, तो कभी अचानक ऐसी मुश्किलें सामने आ जाती हैं, जिनसे संभलना मुश्किल लगता है। ऐसे समय में अपने लोगों का साथ, अपने काम का मकसद और खुद पर भरोसा आगे बढ़ने की ताकत देता है। आलिया भट्ट की कही बात भी यही बताती है कि मुश्किल रास्ते से घबराने के बजाय आगे बढ़ते रहना चाहिए।

 

 

परिवार एक ताकत

मुश्किल समय में परिवार और अपने लोगों का साथ बहुत बड़ी ताकत बन सकता है। आलिया भट्ट ने बताया कि जब उनकी एनर्जी कम फील होती है, तो अपनी बेटी को देखकर उन्हें फिर से नई एनर्जी मिलती है। इसलिए परेशानी के समय खुद को अकेला रखने के बजाय अपनों के करीब रहना मन को सुकून दे सकता है।

 

 

अपने फैसले और जिम्मेदारियां

जिंदगी में कई जिम्मेदारियां ऐसी होती हैं जिन्हें खुद अपनी इच्छा से चुना जाता है। काम, परिवार, करियर या कोई नया सपना, हर चुनाव के साथ कुछ जिम्मेदारियां भी आती हैं। आलिया ने भी अपने एक्टर, प्रोड्यूसर, एंटरप्रेन्योर और मां बनने जैसे अलग-अलग रोल खुद चुने हैं। इसलिए शिकायत करने के बजाय याद रखें कि अपनी जिंदगी का फैसला खुद ही लिया गया था।

 

 

जिंदगी के उतार-चढ़ाव

जिंदगी का रास्ता हमेशा सीधा और आसान नहीं होता। कभी काम में परेशानी आती है, कभी रिश्तों में उतार-चढ़ाव आते हैं और कभी अचानक ऐसी सिचुएशन बन जाती है जिसकी उम्मीद नहीं होती। इन मुश्किलों से हमेशा बच पाना संभव नहीं है। ऐसे समय में परेशानी के कारण रुकने के बजाय धीरे-धीरे रास्ता निकालकर आगे बढ़ना जरूरी होता है।

 

 

खुद पर भरोसा

मुश्किल समय में खुद पर भरोसा बनाए रखना बहुत जरूरी है। जब हालात सही नहीं होते, तब कई बार लगता है कि चीजें कभी ठीक नहीं होंगी। लेकिन ऐसे समय में अपने फैसलों और अपनी मेहनत पर विश्वास रखना चाहिए। छोटी-छोटी परेशानियों से घबराने के बजाय एक-एक कदम आगे बढ़ते रहना बेहतर होता है।

 

हिम्मत रखें

मुश्किल हालात में बार-बार यह सोचने से कि ऐसा मेरे साथ ही क्यों हुआ, परेशानी कम नहीं होती। कोई अपना, कोई सपना या जिंदगी का कोई खास मकसद आगे बढ़ने की वजह बन सकता है। जब मन थकने लगे, तो खुद को संभालकर आगे बढ़ना जरूरी है।

 

 

जिंदगी में मुश्किल समय सभी के सामने आता है। ऐसे समय में घबराने के बजाय खुद को संभालना और आगे बढ़ते रहना जरूरी है। अपनों का साथ मुश्किल समय में हिम्मत देता है। हर चीज हमारे हिसाब से नहीं चल सकती, लेकिन परेशानी का सामना कैसे करना है, यह हमारे हाथ में होता है।

IND vs SL: जडेजा ने उतारी कुलदीप के बॉलिंग एक्शन की नकल, हंसी नहीं रोक पाए गंभीर, वीडियो वायरल

भारत और श्रीलंका के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 15 अगस्त से होगा। वहीं इस सीरीज से पहले भारतीय टीम कोलंबो में श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच खेल रही है। वहीं इस टेस्ट मैच का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिन का खेल खत्म होने के बाद जडेजा ने कुलदीप यादव के गेंदबाजी एक्शन की मजेदार नकल करते हुए नजर आए। जडेजा की इस हरकत पर हेड कोच गौतम गंभीर भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

जडेजा की टीम में हुई वापसी

प्रैक्टिस मैच के दूसरे दिन रवींद्र जडेजा ने शानदार बल्लेबाजी की और कप्तान शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में नंबर-4 पर उतरकर नाबाद अर्धशतक लगाया। वहीं जून में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट में रवींद्र जडेजा को टीम में जगह नहीं मिली थी। वहीं अब श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए उन्हें शामिल किया गया है। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में जडेजा टीम के लिए गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

कुलदीप ने किया शानदार प्रदर्शन

कुलदीप यादव ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल हैं। प्रैक्टिस मैच में उन्होंने नंबर-8 पर बल्लेबाजी करते हुए 15 गेंदों में एक रन बनाया और नाबाद रहे। कुलदीप यादव ने अभ्यास मैच के पहले दिन गेंद से अच्छा प्रदर्शन किया और 18 ओवर में 76 रन देकर दो विकेट हासिल किए। लेकिन श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उनकी जगह अभी तय नहीं मानी जा रही है। प्लेइंग-11 में शामिल होने के लिए कुलदीप को राजस्थान के स्पिनर मानव सुथार से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों में भी कुलदीप को खेलने का मौका नहीं मिला था।

मानव सुथार का शानदार प्रदर्शन

मानव सुथार ने भी प्रैक्टिस मैच में अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। जून में अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करने वाले सुथार ने उस मैच की पहली पारी में छह विकेट लिए थे। श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ अभ्यास मैच के पहले दिन उन्होंने दो विकेट हासिल किए, जबकि दूसरे दिन गेंदबाजी में 13 ओवर में 33 रन देकर 2 विकेट लिए। इसके अलावा उन्होंने बल्ले से भी योगदान दिया और 90 गेंदों पर 41 रन बनाए।

111 साल की महिला ने बताया लंबी उम्र का राज, रोज खाती हैं मछली और लेती हैं 2 झपकी

सोशल मीडिया पर चीन की वांग गेयिंग की कहानी काफी वायरल हो रही है। 111 साल की चीनी महिला वांग गेयिंग की लंबी उम्र लोगों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है। गेयिंग ने बताया कि, लंबी उम्र के लिए हमेशा कोई खास या मुश्किल तरीका अपनाना जरूरी नहीं होता। उनके रोजमर्रा के जीवन की साधारण आदतें और आसान दिनचर्या ही उनकी लंबी और स्वस्थ जिंदगी का हिस्सा रही हैं। सोशल मीडिया पर ये कहानी काफी वायरल हो रही है। आइए जानते हैं इनकी पूरी कहानी

चीन के जिआंग्सू प्रांत के रुगाओ शहर की रहने वाली वांग गेयिंग 111 साल की उम्र में भी अपने रोजमर्रा के काम खुद करने की कोशिश करती हैं। 100 साल की उम्र पार करने के बाद भी उनकी एक्टिव बनी हुई है। उनकी दिनचर्या की आदतें उन्हें इस उम्र में भी एक्टिव और आत्मनिर्भर रखती हैं।

100 साल की उम्र में करती है काम

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, वांग गेयिंग उम्र बढ़ने के बावजूद काफी एक्टिव रही हैं। 100 साल की उम्र में भी वह खेतों में काम करती थीं और मूंगफली व तरबूज तोड़ने जैसे कामों में हाथ बंटाती थीं। 111 साल की वांग आज भी घर के छोटे-मोटे काम खुद करती हैं। वह टेबल साफ करती हैं, कपड़े तह करती हैं और घर के दूसरे हल्के कामों में हाथ बंटाती हैं। परिवार के लोग उन्हें कई बार आराम करने की सलाह देते हैं, लेकिन वांग के मुताबिक, शरीर को एक्टिव रखना जरूरी है। वह किसी खास एक्सरसाइज रूटीन का पालन नहीं करतीं, बल्कि घर के काम करते हुए ही उनका शरीर चलता-फिरता रहता है। उनका कहना है कि इससे शरीर के अंग सक्रिय रहते हैं और ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर बना रहता है।

वांग की लंबी उम्र को उनके शहर रुगाओ से भी जोड़कर देखा जाता है। चीन के पूर्वी हिस्से में स्थित जिआंग्सू प्रांत का ये शहर लंबे समय से अपनी ज्यादा उम्र तक जीने वाली आबादी के लिए जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिन्होंने 100 साल या उससे ज्यादा की उम्र पूरी की है।

रुगाओ में 672 लोग है 100 के पार

जियांगहाई इवनिंग न्यूज के मुताबिक, फरवरी तक रुगाओ में 100 साल या उससे ज्यादा उम्र के 672 लोग जीवित थे। इसी वजह से यह शहर चीन के उन इलाकों में शामिल है, जहां इतनी ज्यादा उम्र तक पहुंचने वाले लोगों की संख्या काफी अधिक है। शोध में रुगाओ की मिट्टी में मौजूद खनिजों और स्थानीय वातावरण में पाए जाने वाले सूक्ष्म तत्वों का भी अध्ययन किया गया है। साइंटिस्ट्स ने रुगाओ के वातावरण को समझने के लिए वहां की मिट्टी, फसलों और पीने के पानी की जांच की है।

खान-पान का रखती है ध्यान

शोध के मुताबिक, रुगाओ का स्थानीय वातावरण लोगों की सेहत और लंबी उम्र से जुड़ा हो सकता है, हालांकि इसकी कोई एक वजह साफ नहीं है। वहीं, वांग कम मात्रा में अलग-अलग तरह का खाना खाती हैं। उन्हें मछली पसंद है और वह ज्यादा खाने से बचती हैं। वांग की दिनचर्या में सिर्फ खान-पान और शारीरिक गतिविधियां ही शामिल नहीं हैं, बल्कि वह छोटी-छोटी खुशियों को भी महत्व देती हैं। वह हर दिन कोई न कोई अच्छा काम करने की कोशिश करती हैं। कभी वह परिवार के किसी सदस्य की तारीफ करती हैं तो कभी किसी पुराने दोस्त को छोटा सा संदेश भेजती हैं। जब कोई बात वांग को परेशान करती है, तो वह उसे लेकर रातभर चिंता करने के बजाय सो जाना पसंद करती हैं।

वांग का सोने-जागने का समय भी तय है। वह शाम 7 बजे सोती हैं और सुबह 7 बजे उठती हैं। दिन में एक-दो बार आराम भी करती हैं। वांग अपने परिवार की पांच पीढ़ियों के साथ रहती हैं और उनका एक पोता 60 साल का है। पांच पीढ़ियों के परिवार के साथ रहते हुए भी वह अपनी क्षमता के अनुसार रोजमर्रा के काम खुद करती हैं।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

Fact Check: क्या नेपाल छोड़कर भाग रहे मुसलमान? खूब वायरल हो रहा वीडियो, जानें सच्चाई

वायरल वीडियो की जांच के लिए इनविड टूल की मदद से कई प्रमुख फ्रेम निकाले गए। इन फ्रेम की गूगल लेंस के जरिए रिवर्स इमेज सर्च करने पर कई ऐसे पोस्ट मिले, जिनमें इसी वीडियो को अलग-अलग दावों के साथ शेयर किया गया था।

ऋषभ पंत का एक पोस्ट और सोशल मीडिया पर मचा बवाल! लोगों ने दिया मजेदार रिएक्शन

भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत का उत्तराखंड में जमीन खरीदने को लेकर किया गया सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में आ गया। भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत उत्तराखंड में अपना घर बनाने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जमीन तलाशने में मदद मांगी है। ऋषभ पंत ने सोशल मीडिया पर बताया कि वह दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होना चाहते हैं और काफी समय से वहां जमीन खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में मदद करने और सही प्रक्रिया बताने की अपील की है।

वहीं पंत का ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग इस पोस्ट पर तरह-तरह से कमेंट कर रहे हैं। वहीं कुछ का कहना है कि पंत का अकाउंट किसी ने हैक कर लिया है।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

ऋषभ पंत ने अपनी इच्छा जाहिर की है कि वह उत्तराखंड में रहकर अपने राज्य के विकास में योगदान देना चाहते हैं। उन्होंने सीएम पुष्कर सिंह धामी से घर बनाने के लिए सही जमीन तलाशने में मदद मांगी है। पंत ने कहा कि उत्तराखंड से उनका खास जुड़ाव है और वह अपनी जन्मभूमि के लिए कुछ करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर राज्य सरकार उन्हें जमीन गिफ्ट में देती है तो उन्हें खुशी होगी, लेकिन वह सरकार की तय कीमत पर जमीन खरीदने के लिए भी तैयार हैं। पंत ने बताया कि, उन्हें जमीन खरीदने की प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं है, इसलिए वह मुख्यमंत्री से इस मामले में मदद और सही जानकारी चाहते हैं।

लोगों ने किया कमेंट

पंत की इस अपील के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग रिएक्शन देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि, अच्छी कमाई करने वाले एक इंटरनेशनल क्रिकेटर को जमीन गिफ्ट में लेने की बात क्यों करनी चाहिए।

एक यूजर ने पंत की आईपीएल से होने वाली कमाई का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह की मांग से लोगों के बीच गलत संदेश जा सकता है। यूजर ने ये भी कहा कि जब आम लोग ऐसे ही फायदे मांगते हैं तो अक्सर उनकी बुराई की जाती है।

पोस्ट पर लोगों ने किया कमेंट

कुछ यूजर्स ने कहा कि, “भारत में जमीन खरीदने और घर बनाने में पेपरवर्क, देरी और दूसरी दिक्कतें आ सकती हैं। उन्हें लगा कि अगर कोई हाई-प्रोफाइल क्रिकेटर प्रोसेस को समझने में स्ट्रगल कर रहा है, तो आम लोगों के लिए यह अनुभव और भी मुश्किल हो सकता है।” पंत के पोस्ट की टाइमिंग भी चर्चा का विषय बन गई। एक यूजर ने मजाक करते हुए कहा कि, जब पंत श्रीलंका में थे और भारत को वहां टेस्ट सीरीज खेलनी है, उसी दौरान उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से जमीन को लेकर मदद मांगी।

99.9% निवेशक यहां करते हैं गलती! 2 करोड़ से 10 करोड़ का सफर कैसे होगा आसान, जानें एक्सपर्ट की रणनीति

हर निवेशक चाहता है कि उसका पैसा समय के साथ तेजी से बढ़े। आम धारणा है कि नियमित निवेश करते रहें, बाजार में टिके रहें और कंपाउंडिंग को अपना काम करने दें। लेकिन जैसे-जैसे पोर्टफोलियो बड़ा होता है, कहानी बदलने लगती है। फाइनेंशियल एडवाइजर कपिल जैन ने 45 साल के एक ऐसे निवेशक का उदाहरण दिया, जिसके पास 2 करोड़ रुपये हैं और वह 10 साल में इसे 10 करोड़ करना चाहता है। उनके मुताबिक, लक्ष्य हासिल करना संभव है, लेकिन रास्ते में निवेश की रणनीति बदलना बेहद जरूरी है।

शुरुआत में SIP बनाती है रफ्तार

जैन के अनुसार, शुरुआती दौर में नियमित निवेश और बाजार की ग्रोथ से पोर्टफोलियो तेजी से बढ़ सकता है। लेकिन जब रकम करोड़ों में पहुंचने लगती है, तब बाजार की छोटी गिरावट भी बड़ा नुकसान दिखाने लगती है। यही वजह है कि शुरुआत में काम करने वाली रणनीति को पूरी यात्रा में जारी रखना समझदारी नहीं हो सकती।

5 करोड़ पर 25% गिरावट का मतलब?

मान लीजिए पोर्टफोलियो 5 करोड़ रुपये का है और बाजार 25 फीसदी गिर जाता है। रकम के हिसाब से करीब 1.25 करोड़ रुपये की गिरावट आ सकती है। यानी अब नुकसान की भरपाई सिर्फ कुछ महीनों की SIP से नहीं होगी। बड़े कॉर्पस के साथ बाजार का हर उतार-चढ़ाव ज्यादा बड़ा असर डालता है।

10 करोड़ के करीब पहुंचते ही असली चुनौती

अगर पोर्टफोलियो 10 करोड़ रुपये तक पहुंच गया और बाजार 25 फीसदी गिरा, तो करीब 2.5 करोड़ रुपये की वैल्यू कम हो सकती है। इसीलिए जैन का कहना है कि बड़े पोर्टफोलियो के साथ सिर्फ रिटर्न के पीछे भागना सही रणनीति नहीं है। इस चरण में कमाए हुए पैसे को बचाना भी उतना ही जरूरी है।

‘एक ही रणनीति हमेशा काम नहीं करती’

कपिल जैन के मुताबिक निवेशक अक्सर सबसे बड़ी गलती यही करते हैं कि पोर्टफोलियो छोटा हो या बड़ा, रणनीति वही रखते हैं। उनका सुझाव है कि समय-समय पर पोर्टफोलियो की समीक्षा, रीबैलेंसिंग और सही एसेट एलोकेशन पर ध्यान देना चाहिए। आखिरकार, 2 करोड़ से 10 करोड़ तक पहुंचना सिर्फ कंपाउंडिंग का खेल नहीं है; जैसे-जैसे पैसा बढ़ता है, उसे संभालने का तरीका भी बदलना पड़ता है।

Dog Surgery Viral Video: 26 साल के करोड़पति ने ‘कुत्ता’ बनने के लिए उड़ाए 220 करोड़? वायरल वीडियो ने खड़े किए सवाल

Mrunal Thakur: मृणाल ठाकुर ने 10 साल छोटे यशस्वी जायसवाल संग डेटिंग की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- ‘जेन जेड से…’

Mrunal Thakur: मृणाल ठाकुर ने उस वीडियो पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें कहा गया था कि वह क्रिकेटर यशस्वी जयसवाल को डेट कर रही हैं। 34 वर्षीय मृणाल को 24 वर्षीय यशस्वी से तब जोड़ा गया जब उन्हें मुंबई के बांद्रा पश्चिम में एक ही कैफे से बाहर निकलते देखा गया। यह क्लिप तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गई और प्रशंसकों ने अटकलें लगाना शुरू कर दिया। हालांकि, मृणाल ने अब अफवाहों पर विराम लगा दिया है।

मृणाल ने यशस्वी के साथ अपनी क्लिप के कमेंट बॉक्स में लिखा, “भाई आराम से… मुझे एक साथ कहां दिखाओ? कैसे यार, आप लोग इतने पढ़े-लिखे लोग ऐसे अफवाओ को सच मानने लगते हैं?” उन्होंने कहा, “देश में क्या कुछ नहीं हो रहा है। जेन जेड से कुछ सीखिए और सही मुद्दों पर वीडियो बनाइए और ज्यादा व्यूज मिलेंगे।”

हालांकि यह कमेंट अब वीडियो के नीचे दिखाई नहीं दे रही है, फ्री प्रेस जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में इसका स्क्रीनशॉट शेयर किया है। इस बीच, मृणाल के प्रशंसक भी उनका समर्थन करने के लिए सामने आए। एक शख्स ने लिखा, “क्या झूठी खबर चला रहे हो ।” किसी और ने कहा, “वह मेरा प्यार है।” एक अन्य लिखा था, “भाई एमएलटीबी एक रेस्टोरेंट में जा भी नहीं सकता क्या कोई उसी दिन पे।” किसी ने लिखा, “कुछ भी।”

इससे पहले, 2025 में मृणाल ठाकुर का नाम एक्टर धनुष के साथ जोड़ा गया था। खबरों में यह भी दावा किया गया था कि दोनों स्टार्स 2026 में शादी करने वाले हैं। हालांकि, दोनों एक्टर्स और उनके करीबी लोगों ने इन अटकलों को पूरी तरह से गलत बताया।

कौन हैं क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल?

यशस्वी ने भारत के सबसे होनहार युवा क्रिकेट स्टार्स में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ यादगार शतक के साथ इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने के बाद से ही वे सभी फॉर्मेट्स में रेगुलर खिलाड़ी बन गए हैं। बाएं हाथ के बल्लेबाज यशस्वी, जो घरेलू क्रिकेट में मुंबई और IPL में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हैं, आखिरी बार भारत-अफगानिस्तान ODI सीरीज में नजर आए थे। थोड़े ब्रेक के बाद, उनके श्रीलंका के खिलाफ भारत की आने वाली टेस्ट सीरीज में वापसी करने की उम्मीद है।

Dog Surgery Viral Video: 26 साल के करोड़पति ने ‘कुत्ता’ बनने के लिए उड़ाए 220 करोड़? वायरल वीडियो ने खड़े किए सवाल

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो चर्चा में है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि जापान के 26 वर्षीय करोड़पति जासो ने खुद को कुत्ते जैसा दिखाने के लिए करीब 220 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। पोस्ट के मुताबिक, उन्होंने कई सर्जरी करवाईं और अब उनका हाव-भाव और रहन-सहन कुत्ते जैसा है। हालांकि, इस दावे की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा

वायरल पोस्ट में कहा गया है कि जासो ने अपनी शक्ल और शरीर को कुत्ते जैसा बनाने के लिए बड़ी रकम खर्च की। दावा यह भी है कि सर्जरी के बाद वह कुत्ते की तरह चलने-फिरने और रहने की कोशिश करते हैं। वीडियो के साथ शेयर किया गया यह दावा सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और देखते ही देखते लोग इस असामान्य कहानी पर अपनी प्रतिक्रियाएं देने लगे।

करोड़पति ने चुना ऐसा अजीब शौक?

वीडियो वायरल होने के बाद यूजर्स के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हुई कि अगर किसी व्यक्ति के पास करोड़ों रुपये हैं तो वह उन्हें अपनी पसंद के मुताबिक खर्च कर सकता है, लेकिन 220 करोड़ रुपये खर्च कर खुद को कुत्ते जैसा बनाने का दावा लोगों को असामान्य लगा। कुछ यूजर्स ने इस पर मजेदार टिप्पणियां कीं, जबकि कुछ ने इसे इंसान के अनोखे शौक की मिसाल बताया।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

पोस्ट के कमेंट सेक्शन में लोगों की प्रतिक्रियाएं भी अलग-अलग रहीं। कुछ लोगों ने मजाक करते हुए कहा कि आमतौर पर करोड़पति महंगी कार, बंगला या लग्जरी लाइफस्टाइल पर पैसा खर्च करते हैं, लेकिन यहां मामला बिल्कुल अलग है। वहीं, कुछ यूजर्स ने वीडियो को लेकर हैरानी जताई और कहा कि अगर यह दावा सही है तो इतनी बड़ी रकम खर्च करने का फैसला वाकई चौंकाने वाला है।

कुछ लोगों ने वीडियो पर ही उठाए सवाल

हर कोई वायरल दावे को सच मानने के लिए तैयार नहीं है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल किया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति आखिर कौन है और क्या वाकई उसने इतनी बड़ी रकम सर्जरी पर खर्च की है। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली तस्वीरों और वीडियो के साथ कई बार अधूरी या गलत जानकारी जोड़ दी जाती है। ऐसे में केवल पोस्ट या वीडियो के आधार पर किसी बड़े दावे को सच मानना सही नहीं होगा।

अभी तक दावे की पुष्टि नहीं

फिलहाल जासो के बारे में किए जा रहे इन दावों की किसी विश्वसनीय आधिकारिक स्रोत से पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए 220 करोड़ रुपये खर्च करने, कई सर्जरी कराने या कुत्ते जैसा जीवन जीने की बात को फिलहाल सोशल मीडिया का दावा ही माना जाना चाहिए। वीडियो जरूर तेजी से वायरल हो रहा है, लेकिन इसके पीछे की वास्तविक कहानी क्या है, यह आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

Gen Z की अनोखी नौकरी वाली मांग ने छेड़ी बहस, IITian फाउंडर ने बताया क्यों कैंडिडेट को किया सिलेक्ट

Gen Z की अनोखी नौकरी वाली मांग ने छेड़ी बहस, IITian फाउंडर ने बताया क्यों कैंडिडेट को किया सिलेक्ट

नौकरी के इंटरव्यू में कैंडिडेट आमतौर पर सैलरी, छुट्टियों, वर्क फ्रॉम होम और जॉब रोल से जुड़ी बातें पूछते हैं। लेकिन नोएडा के एक फाउंडर के सामने एक उम्मीदवार ने ऐसी मांग रख दी, जिसने इंटरव्यू का माहौल ही बदल दिया। कैंडिडेट ने बेहद आत्मविश्वास के साथ कहा कि उसे हर दोपहर 30 मिनट की नींद लेने की जरूरत होगी, क्योंकि इससे उसकी productivity बेहतर होती है। हैरानी की बात यह थी कि उसने यह बात न तो मजाक में कही और न ही किसी झिझक के साथ।

फाउंडर नितिन वर्मा के मुताबिक, उम्मीदवार ने अपनी इस जरूरत को ऐसे रखा जैसे वह सैलरी पर बातचीत कर रहा हो। पहली प्रतिक्रिया में उन्हें इंटरव्यू खत्म करने का ख्याल आया, लेकिन बाद में उन्होंने इस मांग को एक अलग नजरिए से देखने का फैसला किया। सवाल यह था कि क्या कर्मचारी के काम के नतीजे अच्छे हों तो 30 मिनट की nap वास्तव में बड़ी समस्या है?

 ‘हर दोपहर मुझे Nap चाहिए’

IIT-backed कंपनी के फाउंडर और CEO नितिन वर्मा ने LinkedIn पर इस इंटरव्यू का अनुभव शेयर किया। उनके मुताबिक, उम्मीदवार ने पूरी गंभीरता और आत्मविश्वास के साथ कहा कि दोपहर की 30 मिनट की झपकी उसके काम को बेहतर बनाती है। वर्मा ने बताया कि उम्मीदवार ने यह बात ऐसे रखी, जैसे वह सैलरी पर बातचीत कर रहा हो। उनका पहला विचार इंटरव्यू खत्म करने का था, लेकिन फिर उन्होंने सोचा कि क्या यह मांग वाकई इतनी गलत है।

फाउंडर को पसंद आई कैंडिडेट की बेबाकी

नितिन वर्मा ने माना कि छोटी दोपहर की नींद से फोकस, एनर्जी और याददाश्त बेहतर हो सकती है। उन्होंने मजाक में कहा कि कॉरपोरेट ऑफिस में दोपहर की मीटिंग्स के दौरान कई लोग वैसे भी ऊंघते नजर आते हैं, फर्क सिर्फ इतना है कि यह उम्मीदवार अपनी जरूरत खुलकर बता रहा था। फाउंडर के मुताबिक, ज्यादातर लोग इंटरव्यू में खुद को कंपनी की पसंद के हिसाब से पेश करते हैं, जबकि इस कैंडिडेट ने साफ बताया कि वह किस तरह काम करने पर सबसे ज्यादा productive रहता है।

‘मुझे फर्क नहीं पड़ता तुम कब सोते हो’

वर्मा ने कैंडिडेट को फिक्स 30 मिनट की Nap Break देने के बजाय साफ कहा कि उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि कर्मचारी कब आराम करता है। उनके लिए जरूरी यह है कि सौंपा गया काम समय पर पूरा हो। यानी शर्त सीधी थी, काम पूरा करो, तो घंटे गिनने की जरूरत नहीं; काम नहीं हुआ तो कोई Nap मदद नहीं करेगी।

आखिरकार मिल गई नौकरी

सबसे दिलचस्प बात यह रही कि कैंडिडेट को नौकरी मिल गई। फाउंडर ने कहा कि उसकी Nap की मांग असली मुद्दा नहीं थी। उन्हें उसकी ईमानदारी और आत्मविश्वास ने प्रभावित किया। इस घटना ने उन्हें यह सोचने पर भी मजबूर किया कि क्या आधुनिक वर्कप्लेस में कर्मचारियों की productivity को ऑफिस में बिताए घंटों से मापा जाना चाहिए या उनके actual results से।

LinkedIn पर लोगों ने क्या कहा?

पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने इसे बदलते workplace culture का संकेत बताया। कुछ ने कहा कि अगर कर्मचारी अपना काम पूरा कर रहा है तो उसे अपनी working style में थोड़ी आजादी मिलनी चाहिए। वहीं, कुछ यूजर्स ने Gen Z के इस अंदाज पर मजाक भी किया। एक यूजर ने कहा कि Gen Z को पता है कि जरूरी benefits के लिए negotiation कैसे करनी है।

Raksha Bandhan Mehndi Designs: रक्षाबंधन पर हाथों की खूबसूरती में लगाएं चार चांद, ट्राई करें ये लेटेस्ट और आसान मेहंदी डिजाइन