Kusumgar के शेयरों की धांसू लिस्टिंग, IPO को 135 गुना बोली मिलने के बाद 37% का लिस्टिंग गेन

Kusumgar IPO Listing: एयरोस्पेस, डिफेंस और ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए खास तरह के फैब्रिक्स बनाने वाली मुंबई की दिग्गज कंपनी कुसुमर की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 135 गुना से अधिक बोली मिली थी। इसके आईपीओ के तहत ₹419 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹574.00 और NSE पर ₹569.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 37% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹597.00 (Kusumgar Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 42.48% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹39 के डिस्काउंट पर मिला है।

Kusumgar IPO को मिला था धांसू रिप्सांस

कुसुमगर का ₹650 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 8-10 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 135.80 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 299.51 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 174.28 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 27.97 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 11.09 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है बल्कि ₹1 की फेस वैल्यू वाले 1,55,21,698 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। चूंकि इश्यू के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है तो कंपनी को आईपीओ का पैसा नहीं मिला है।

Kusumgar के बारे में

कुसुमगार एयरोस्पेस और डिफेंस, इंडस्ट्रियल और ऑटोमोटिव, और आउटडोर और लाइफस्टाइल सेगमेंट के लिए एडवांस्ड इंजीनियरिंग फैब्रिक्स बनाती है। इसके पास गुजरात में 6 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और उत्तर प्रदेश में 1 फैब्रिकेशन यूनिट है। यह कंपनी डिफेंस सेक्टर के लिए पैराशूट सिस्टम, स्टील्थ सॉल्यूशंस और रैपिड डिप्लॉयमेंट सिस्टम जैसे प्रोडक्ट्स बनाती है। इसके अलावा ऑटोमोटिव और गारमेंट इंडस्ट्री के लिए भी यह खास फैब्रिक तैयार करती है। कंपनी की कुल कमाई में एयरोस्पेस और डिफेंस फैब्रिक्स की 32%, एयरोस्पेस और डिफेंस सॉल्यूशंस की 23%, इंडस्ट्रियल और ऑटोमोटिव फैब्रिक्स की 24% और आउटडोर और लाइफस्टाइल फैब्रिक्स की 19% हिस्सेदारी है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹84.40 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2025 में उछलकर ₹111.99 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2026 में ₹98.20 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम में भी उठा-पटक दिखी और वित्त वर्ष 2024 में ₹474.55 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹790.21 करोड़ से वित्त वर्ष 2026 में ₹711.78 करोड़ पर पहुंच गई। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹223.58 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹491.05 करोड़ पड़े थे।

अमेरिका से आई राहत की खबर पर मार्केट में रौनक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Mausam Update 15 July: बिहार, बंगाल और ओडिशा में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, ये 3 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव! IMD ने इन 14 राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

Mausam Update 15 July: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 जुलाई के लिए एक नया वेदर बुलेटिन जारी कर बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत देश के 14 राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके साथ ही तीन बड़े चक्रवाती सिस्टम और सक्रिय हो गए हैं। इनके प्रभाव से मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का भी गंभीर खतरा बना हुआ है।

आइए जानते हैं 15 जुलाई को लेकर मौसम विभाग का विस्तृत पूर्वानुमान और इसके पीछे काम कर रहे एक्टिव चक्रवाती सिस्टम।

देश में अभी एक्टिव वेदर सिस्टम: बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश में कई मजबूत चक्रवाती प्रणालियां सक्रिय हैं। ये मानसून को रफ्तार दे रही हैं।

लो प्रेशर एरिया और चक्रवाती परिसंचरण: उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण बांग्लादेश के ऊपर सक्रिय वेदर सिस्टम के प्रभाव से आज उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के पास एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इससे संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। इसके अगले 2 दिनों के दौरान उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है।

गुजरात और राजस्थान में सिस्टम: उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है।

उत्तर प्रदेश में चक्रवाती प्रणाली: पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में भी समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

पश्चिमी विक्षोभ: उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।

मानसून ट्रफ: समुद्र तल पर मानसून ट्रफ वर्तमान में जम्मू, देहरादून, बरेली, गोरखपुर, पटना, बांकुरा और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी (उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों के पास) में बने कम दबाव के क्षेत्र के केंद्र से होते हुए दक्षिण-पूर्व दिशा में पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर गुजर रही है।

ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की रेड वॉर्निंग, बिहार और गांगेय बंगाल में ऑरेंज वॉर्निंग

मौसम विभाग ने ओडिशा के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में 15 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

इन 11 राज्यों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 15 जुलाई को देश के नीचे दिए राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है:-

उत्तराखंड

झारखंड

छत्तीसगढ़

तटीय आंध्र प्रदेश

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

अरुणाचल प्रदेश

असम और मेघालय

नागालैंड

मणिपुर

मिजोरम

त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाओं की चेतावनी

सक्रिय चक्रवाती सिस्टम के कारण देश के बड़े हिस्से में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और झारखंड में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं (झोंकों) के साथ आंधी चलने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, केरल और माहे तथा तेलंगाना में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का अलर्ट है। इसके साथ ही कर्नाटक, केरल और माहे, रायलसीमा तथा तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मरठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम संग उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

इन राज्यों में दिखेगा हीट वेव और उमस का डबल अटैक

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हो रही है वहीं कुछ राज्यों में गर्मी और उमस का प्रकोप भी जारी रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग जगहों पर लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, तेलंगाना और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

समुद्र में मौसम का हाल: मछुआरों के लिए अलर्ट

पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, उससे सटे पूर्व-मध्य, उत्तर और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों, सोमालिया व ओमान तटों के साथ-साथ उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिणी गुजरात तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं (जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं) चलने की संभावना है। मन्नार की खाड़ी, दक्षिण श्रीलंका और उससे सटे दक्षिण व पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (झोंके 65 किमी प्रति घंटे) से तेज हवाएं चल सकती हैं।

ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों के पास और अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ प्रतिकूल मौसम रहने का अनुमान है। मछुआरों को इन क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

ये भी पढ़ें- LPG Price Today: गैस सिलेंडर के ग्राहकों को बड़ी राहत! बुकिंग से पहले जानें आपके शहर में क्या है नया रेट

यूपी में सरकारी भर्ती हुई स्मार्ट, योगी सरकार ने शुरू किया OTR सिस्टम, अब बार-बार फॉर्म भरने की जरूरत नहीं

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ी सुविधा देते हुए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से 14 जुलाई 2026 से वन टाइम रजिस्ट्रेशन व्यवस्था शुरू कर दी है। यह सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क है और भविष्य में होने वाली पीईटी सहित अन्य भर्ती परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया को पहले से अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाएगी। सरकार का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को तकनीक आधारित, तेज और अभ्यर्थी हितैषी बनाना है।

 

एक बार दर्ज करना होगा विवरण

 

ओटीआर व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को अपना व्यक्तिगत विवरण केवल एक बार दर्ज करना होगा। इसके बाद भविष्य की भर्तियों में वही जानकारी स्वतः उपलब्ध रहेगी और बार-बार फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अभ्यर्थियों को मोबाइल नंबर और ई-मेल के माध्यम से ओटीआर सत्यापन कराना होगा। साथ ही नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, जाति, पता और शैक्षणिक योग्यता जैसी जानकारी दर्ज करनी होगी। छह माह के भीतर की रंगीन फोटो और निर्धारित प्रारूप में हस्ताक्षर भी अपलोड करने होंगे।

 

पीईटी स्कोर का मिलेगा पूरा लाभ

 

योगी सरकार की इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि पीईटी परीक्षा का स्कोर तीन वर्ष तक मान्य रहेगा। यदि किसी अभ्यर्थी के पास एक से अधिक वैध पीईटी स्कोर होंगे तो भविष्य की भर्ती में वह अपने सर्वाधिक अंक वाले स्कोर का उपयोग कर सकेगा। इससे योग्य अभ्यर्थियों को बेहतर अवसर मिलेंगे।

 

पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल और पारदर्शी

 

ओटीआर प्रणाली भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। डिजिटल रिकॉर्ड होने से अभ्यर्थियों का डेटा सुरक्षित रहेगा और आवेदन प्रक्रिया में त्रुटियों की संभावना कम होगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ओटीआर नंबर जारी होने के बाद दर्ज विवरण में संशोधन नहीं किया जा सकेगा, इसलिए अभ्यर्थियों को सभी जानकारियां सावधानीपूर्वक भरनी होंगी।

 

युवाओं के लिए पूरी तरह नि:शुल्क सुविधा

 

योगी सरकार ने इस सुविधा को सभी नए और पुराने अभ्यर्थियों के लिए पूरी तरह नि:शुल्क रखा है। इससे आर्थिक बोझ कम होगा और अधिक से अधिक युवा आसानी से भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। तकनीक आधारित यह पहल सरकारी नौकरियों की आवेदन प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाते हुए लाखों युवाओं को सीधा लाभ पहुंचाएगी। ओटीआर व्यवस्था को उत्तर प्रदेश में डिजिटल सुशासन और युवा हितैषी प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी घोषणा 

 

वन टाइम रजिस्ट्रेशन की अवधारणा को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2023 में बढ़ावा दिया था। उस समय मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के लिए ओटीआर पोर्टल और नई वेबसाइट का लोकार्पण करते हुए कहा था कि वन टाइम रजिस्ट्रेशन व्यवस्था अभ्यर्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल तथा सुगम बनाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगी।

दिल्ली-NCR रैपिड रेल नेटवर्क से जुड़ेगा मेरठ-हरिद्वार-ऋषिकेश ‘नमो भारत कॉरिडोर’, जानें इसका रूट और पूरा प्लान

Namo Bharat corridor: दिल्ली से हरिद्वार और ऋषिकेश की यात्रा अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होने वाली है। केंद्र सरकार ने मेरठ-हरिद्वार-ऋषिकेश नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। करीब 150 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का डीपीआर (DPR) तैयार किया जा रहा है। इसके पूरा होने पर यह कॉरिडोर दिल्ली-एनसीआर के मौजूदा नमो भारत नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इससे श्रद्धालुओं, पर्यटकों और रोजाना सफर करने वालों को बड़ा फायदा मिलेगा।

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली, एनसीआर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच यात्रा का समय कम होगा। हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक तेज, सुविधाजनक और निर्बाध यात्रा संभव होगी, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

कहां से कहां तक बनेगा यह रूट?

यह नया कॉरिडोर करीब 150 किलोमीटर लंबा होगा, जो दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के आखिरी स्टेशन मोदीपुरम से आगे बढ़ाया जाएगा:-

उत्तर प्रदेश में हिस्सा: यूपी में यह 72 किलोमीटर लंबा होगा, जो मेरठ और मुजफ्फरनगर जिलों से होकर गुजरेगी।

उत्तराखंड में हिस्सा: उत्तराखंड में इसकी लंबाई 78 किलोमीटर होगी, जिसके तहत रुड़की, हरिद्वार और ऋषिकेश को कवर किया जाएगा।

इन प्रमुख स्टेशनों से गुजरेगी रैपिड रेल

यह रैपिड रेल मोदीपुरम से शुरू होकर दौराला, खतौली, मुजफ्फरनगर, पुरकाजी, रुड़की, हरिद्वार में हर की पौड़ी और ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला के पास तक जाएगी।

उत्तराखंड और यूपी सरकार मिलकर करेंगी काम

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर के बीच हुई एक बैठक के दौरान इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। इस कॉरिडोर को नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC), उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तराखंड सरकार मिलकर संयुक्त रूप से विकसित करेंगे।

काम में तेजी लाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने अतिरिक्त सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वहीं, समय पर जमीन अधिग्रहण और रूट सर्वे के लिए NCRTC और यूपी सरकार ने भी अपने तालमेल अधिकारी तैनात कर दिए हैं।

दिल्ली-NCR और पूरे नेटवर्क से कैसे जुड़ेगा यह कॉरिडोर?

यह नया रूट मोदीपुरम में पहले से बन रहे 82.15 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर से सीधे जुड़ जाएगा। इसके फायदे कुछ इस तरह होंगे:-

दिल्ली-एनसीआर से डायरेक्ट एंट्री: यात्री सीधे साहिबाबाद, दुहाई, गुलधर, आनंद विहार और सराय काले खां जैसे स्टेशनों तक आ-जा सकेंगे। नोएडा और गाजियाबाद के लोगों के लिए भी हरिद्वार-ऋषिकेश जाना बेहद आसान हो जाएगा।

सराय काले खां बनेगा महा-हब: सराय काले खां स्टेशन दिल्ली-एनसीआर का सबसे बड़ा इंटरचेंज हब बनने जा रहा है। यहां से यात्री दिल्ली-गुरुग्राम-शाहजहाँपुर-नीमराना-अलवर कॉरिडोर के लिए ट्रेन बदल सकेंगे। यानी उत्तराखंड से आने वाले लोग सीधे गुरुग्राम या अलवर जा पाएंगे।

पानीपत और जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी: यात्री सराय काले खां या हजरत निजामुद्दीन से दिल्ली-सोनीपत-पानीपत कॉरिडोर के लिए भी ट्रेन बदल सकेंगे। इसके अलावा, गाजियाबाद के रास्ते प्रस्तावित गाजियाबाद-नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कॉरिडोर से सीधे जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचा जा सकेगा।

मेट्रो और रेलवे से सीधा जुड़ाव: आनंद विहार स्टेशन पर नमो भारत नेटवर्क से उतरकर यात्री सीधे दिल्ली मेट्रो की ब्लू और पिंक लाइन, आनंद विहार रेलवे टर्मिनल और आनंद विहार ISBT (बस अड्डा) तक बिना किसी परेशानी के पहुंच सकेंगे।

पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

इस कॉरिडोर के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद न केवल सफर का समय बचेगा, बल्कि उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों (हरिद्वार-ऋषिकेश), पर्यटन केंद्रों और वाणिज्यिक (कमर्शियल) शहरों तक पहुंचना बेहद सुगम हो जाएगा, जिससे क्षेत्र के विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी।

ये भी पढ़ें- ₹830 की पानी पुरी और 1,270 रुपये की पाव भाजी… लंदन में Haldiram के दाम देख चौंके भारतीय! भारत से 7 गुना मिल रहा महंगा

भारी बारिश की रेड वॉर्निंग 15 जुलाई: बिहार संग इन 14 राज्यों में भयानक बारिश का अलर्ट, चक्रवाती सिस्टम एक्टिव होने से आंधी-तूफान का भी खतरा

IMD Red alert for heavy rain on July 15: देश के कई हिस्सों में मानसून रौद्र रूप धारण कर चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 जुलाई के लिए देश के कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का रेड और ऑरेंज वॉनिंग जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और कई दूसरे वेदर सिस्टम्स की वजह से बिहार, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों समेत कुल 14 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है। आइए जानते हैं 15 जुलाई को लेकर मौसम विभाग का विस्तृत पूर्वानुमान और इसके पीछे काम कर रहे एक्टिव चक्रवाती सिस्टम।

एक्टिव वेदर सिस्टम: बंगाल की खाड़ी में बनेगा कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश में कई मजबूत चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ लाइन एक्टिव हैं। समुद्र तल पर मानसून ट्रफ वर्तमान में जम्मू, देहरादून, बाराबंकी, पटना, बांकुरा, कैनिंग से होते हुए दक्षिण-पूर्व दिशा में पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर गुजर रही है। उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण बांग्लादेश के ऊपर समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई तक विस्तृत एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। इसके असर से अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तटों पर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।

उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके पड़ोस में भी 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश और बिहार में ‘वेरी हैवी’ रेन का अलर्ट

ओडिशा (रेड वॉर्निंग): मौसम विभाग ने 15 जुलाई को ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका जताई है।

वहीं बिहार के अलग-अलग हिस्सों में 15 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही राज्य में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं, आंधी और बिजली चमकने का भी अलर्ट जारी किया गया है।

इन 12 राज्यों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 15 जुलाई को देश के नीचे दिए गए राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है:-

उत्तराखंड

पश्चिम बंगाल और सिक्किम

झारखंड

छत्तीसगढ़

अरुणाचल प्रदेश

असम और मेघालय

नागालैंड

मणिपुर

मिजोरम

त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाओं की चेतावनी

चक्रवाती सिस्टम एक्टिव होने के कारण देश के कई राज्यों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और झारखंड में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं (झोंकों) के साथ आंधी चलने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, केरल और माहे तथा तेलंगाना में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का अलर्ट है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और माहे और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है।

इन राज्यों में सताएगी हीट वेव और उमस भरा मौसम

एक तरफ जहां कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है, वहीं कुछ राज्यों में गर्मी और उमस का प्रकोप भी बना रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग जगहों पर लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, तेलंगाना और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

समुद्र में मौसम का हाल: मछुआरों के लिए चेतावनी

पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, उससे सटे उत्तर-पश्चिम अरब सागर, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों और सोमालिया व ओमान तटों के साथ-साथ 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं (जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं) चलने की संभावना है।

ये भी पढ़ें- Mausam update: दिल्ली, यूपी-बिहार समेत इन 25 राज्यों में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट, ये चक्रवाती सिस्टम हुए एक्टिव

दक्षिण श्रीलंका और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों के पास और अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ प्रतिकूल मौसम रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

लखनऊ में शहीद पथ पर बनेगा नया एलिवेटेड कॉरिडोर, नितिन गडकरी ने दिए डीपीआर बनाने के निर्देश

new elevated corridor will be built on Shaheed Path in Lucknow

– योगी सरकार की कानून व्यवस्था और विकास मॉडल की सड़क एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने की सराहना

– रक्षामंत्री राजनाथ सिंह बोले- योगी जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों पर

– शहीद पथ पर एयरपोर्ट से आउटर रिंग रोड तक बनेगा 23 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर

– केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गिनाईं यूपी में भावी योजनाएं

Uttar Pradesh News : लखनऊ में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए शहीद पथ पर बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट साकार होने जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कहने पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लखनऊ एयरपोर्ट से आउटर रिंग रोड तक लगभग 23 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दे दिए हैं। नितिन गडकरी ने कहा कि इस वर्ष दिसंबर तक भूमि पूजन कर परियोजना का निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। दोनों वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों ने योगी सरकार की कार्यशैली की खुलकर सराहना की। 

 

सोमवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4,850 करोड़ रुपए से अधिक की 3 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। 

 

शहीदपथ पर वाहन चालकों को जाम से मिलेगी राहत

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में केंद्र सरकार थी, तब उनके सड़क परिवहन मंत्री रहते हुए शहीद पथ का शिलान्यास हुआ था। आज यही शहीद पथ लखनऊ की लाइफलाइन बन चुका है। लगातार बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए अब इसके ऊपर एलिवेटेड रोड बनाना समय की आवश्यकता है, जिससे वाहन चालकों को जाम से राहत मिलेगी। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि भविष्य में इसी कॉरिडोर पर मेट्रो भी संचालित की जाए, ताकि लोगों को तेज और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध हो सके।

ALSO READ: योगी के नेतृत्व में सबसे बड़ा जल संरक्षण अभियान, देश के 27% अमृत सरोवर यूपी में

तीन लेयर फ्लाईओवर बनेगा दुनिया के आकर्षण का केंद्र

नितिन गडकरी ने कहा कि लखनऊ में प्रस्तावित तीन लेयर एलिवेटेड फ्लाईओवर विश्व स्तर पर आकर्षण का केंद्र बनेगा। इस परियोजना में आधुनिक मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम की भी व्यवस्था की जाएगी, जिससे सड़क और सार्वजनिक परिवहन दोनों को मजबूती मिलेगी। किसी भी राज्य के विकास की नींव मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर होती है। पानी, बिजली, परिवहन और संचार व्यवस्था बेहतर होने से उद्योग, व्यापार और निवेश बढ़ता है, जिससे रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और गरीबी व बेरोजगारी कम होती है।

 

लखनऊ-सीतापुर सिक्स लेन हाईवे सहित कई परियोजनाओं को मिली मंजूरी

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि लखनऊ से सीतापुर तक प्रस्तावित छह लेन राजमार्ग को भी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने तत्काल स्वीकृति दे दी है और जल्द ही इस परियोजना पर काम शुरू होने की उम्मीद है। वहीं नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 50 से 60 हजार करोड़ रुपए की नई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

अगले दो वर्षों में प्रदेश में लगभग पांच लाख करोड़ रुपए के विकास कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। नितिन गडकरी ने कहा कि लखनऊ के किसान पथ पर सर्विस रोड बनाई जाएगी। इसके अलावा अयोध्या-गोंडा बाईपास, आनंदनगर-महराजगंज बाईपास, पडरौना-तमकुही बाईपास तथा दादरी-लालकुआं छह लेन एलिवेटेड रोड जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।

ALSO READ: योगी सरकार का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर गिफ्ट, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे शुरू, 45 मिनट में होगा सफर

रक्षा मंत्री और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी की सराहना की

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का विकास पूरे देश में चर्चा का विषय है। किसी भी प्रदेश के विकास की पहली शर्त मजबूत कानून व्यवस्था होती है और योगी सरकार ने यह स्थापित करके दिखाया है। लखनऊ के विकास से जुड़े हर प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया और आने वाले समय में लखनऊ के आसपास बड़े उद्योग स्थापित होंगे।

 

यूपी में सीएम योगी ने समाप्त किया गुंडाराजः नितिन गडकरी

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत कर लोगों का विश्वास जीता और गुंडाराज को समाप्त किया। किसी भी देश और राज्य के विकास में चार बातें महत्वपूर्ण होती हैं।

सबसे पहली आवश्यकता मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर की होती है। इंफ्रास्ट्रक्चर के चार प्रमुख आधार हैं वाटर, पावर, ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन, जहां ये चारों व्यवस्थाएं मजबूत होती हैं, वहां व्यापार, उद्योग और कारोबार तेजी से बढ़ते हैं।

ALSO READ: भदरसा अब 'भरत नगर', मुख्यमंत्री योगी के फैसले से भरत जी की तपोभूमि को मिला सम्मान

इसके साथ ही पूंजी निवेश आता है। जहां व्यापार, उद्योग और निवेश बढ़ता है, वहां रोजगार का सृजन होता है और जहां रोजगार का निर्माण होता है, वहां गरीबी, भुखमरी और बेरोजगारी स्वतः दूर हो जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में तेजी से विकास हुआ है। 

भारत में इंजीनियर बनने का सपना फीका क्यों पड़ रहा है?

Engineering Colleges Closing in India

समीरात्मज मिश्र

एक समय इंजीनियरिंग कॉलेज खोलना एक सुरक्षित कारोबार माना जाता था। आज उनमें से कई खाली हैं या बंद हो रहे हैं। आखिर ऐसा क्या बदला कि इंजीनियर बनने का सपना लाखों युवाओं के लिए पहले जैसा आकर्षक नहीं रहा? ALSO READ: पर्यावरण संरक्षण में क्यों पिछड़ रहा है भारत

 

करीब डेढ़ दशक पहले उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में इंजीनियरिंग कॉलेज खोलना सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता था। हर साल हजारों छात्र बीटेक में दाखिला लेते थे और निजी कॉलेजों का तेजी से विस्तार हो रहा था। लेकिन अब वही संस्थान छात्रों के इंतजार में खाली पड़े हैं। कई कॉलेज बंद हो चुके हैं और कई बंद होने की कगार पर हैं। एक समय जिस तकनीकी शिक्षा को रोजगार की गारंटी माना जाता था, वही मॉडल आज सवालों के घेरे में है।

 

यही नहीं, इंजीनियरिंग की महंगी डिग्री लेने के बाद छात्रों को या तो बेरोजगारी का सामना करना पड़ता है या फिर बहुत कम तनख्वाह वाली नौकरियां मिलती हैं। नतीजा यह हुआ कि इंजीनियरिंग और एमबीए जैसे तमाम अन्य तकनीकी संस्थान धीरे-धीरे बंद होते जा रहे हैं।

 

ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन यानी एआईसीटीई की एक ताजा रिपोर्ट ने न सिर्फ इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक गंभीर चेतावनी दी है बल्कि देश के शैक्षिक परिवेश और बेरोजगारी की स्थिति पर भी सोचने को मजबूर किया है। एआईसीटीई के मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान देश भर में 58 से ज्यादा इंजीनियरिंग और तकनीकी संस्थान बंद कर दिए गए।

 

जिन राज्यों में ये कॉलेज बंद हुए हैं, उनमें उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र शीर्ष पर हैं। इन दोनों राज्यों में 12-12 संस्थान बंद हुए हैं जबकि मध्य प्रदेश में आठ और तेलंगाना और पंजाब में चार-चार संस्थान बंद हुए हैं। इन 58 संस्थानों में से तीन सरकारी मदद वाले थे, जबकि बाकी निजी तौर पर संचालित हो रहे थे। ALSO READ: अमेरिकी नागरिकता के पक्ष में फैसले से क्यों खुश हैं भारतीय

 

क्यों बंद हो रहे हैं कॉलेज?

दरअसल, एआईसीटीई उन स्थितियों में किसी संस्थान को बंद करने का आदेश देती है जब वहां छात्रों का दाखिला लगातार कम हो रहा हो, संस्थान में स्वीकृत संख्या में शिक्षकों की कमी हो और इंफ्रास्ट्रक्चर और संचालन के नियमों का सही तरीके से पालन न हो रहा हो।

 

एआईसीटीई भारत में तकनीकी शिक्षा के लिए कानूनी तौर पर बनी राष्ट्रीय संस्था और नियामक है। यह इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, मैनेजमेंट और फार्मेसी जैसे कार्यक्रमों की देख-रेख करती है और गुणवत्ता और मानक बनाए रखने की निगरानी करती है।

 

नोएडा के एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज में मेकेनेकिल इंजीनियरिंग पढ़ाने वाले एक शिक्षक नाम न बताने की शर्त पर कहते हैं कि चार साल की पढ़ाई के दौरान एक छात्र औसतन आठ-दस लाख रुपये खर्च करता है लेकिन इस खर्च के अनुरूप उन्हें नौकरी नहीं मिलती।

 

उनके मुताबिक, “कई कॉलेजों की फीस तो और भी ज्यादा है। चार साल में इंजीनियर बनकर जब छात्र बाहर जाते हैं तो उन्हें 15-20 हजार महीने की नौकरी के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। यही नहीं, इसके बाद वो फिर उन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं जिसके लिए सिर्फ स्नातक की अर्हता होती है। तो धीरे-धीरे पेरेंट्स को भी लगता है कि बीटेक कराने से फायदा ही क्या?” ALSO READ: पश्चिम बंगाल: पुलिस मुठभेड़ में अभियुक्त की मौत से उठे सवाल

 

समस्या सिर्फ रोजगार की नहीं है

यानी समस्या सिर्फ रोजगार की नहीं है, बल्कि चार साल की पढ़ाई पर होने वाले निवेश और उससे होने वाले लाभ या रिटर्न के बिगड़ते समीकरण की भी है। दीपाली राज मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं। नोएडा के एक प्रतिष्ठित कॉलेज से उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। वो बताती हैं, “कैंपस प्लेसमेंट में जो ऑफर मिले, उनकी सैलरी चार साल की पढ़ाई पर हुए खर्च के मुकाबले बहुत कम थी। इसलिए मैंने बैंकिंग की तैयारी शुरू कर दी। कम से कम वहां नौकरी की स्थिरता तो है”

 

दीपाली पिछले तीन साल से तैयारी में हैं लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली। दीपाली कहती हैं कि उनकी तरह हजारों की संख्या में इंजीनियरिंग करने वाले छात्र इन परीक्षाओं की तैयारी क रहे हैं। वजह यह कि कम से कम स्थाई नौकरी तो मिल जाएगी, बीटेक की डिग्री में इसकी गारंटी नहीं है।

 

प्राइवेट संस्थानों के बंद होने के पीछे और भी कई कारण हैं। जानकारों के मुताबिक, एक तो ये अभी भी पुराने पाठ्यक्रमों के हिसाब से चल रहे हैं जबकि आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस के जमाने में चीजें बहुत तेजी से बदल रही हैं। इसके अलावा बीटेक के पाठ्यक्रमों का विकल्प अन्य पाठ्यक्रमों में भी है जिन्हें पूरा करने में समय भी कम लगता है और खर्च भी।

 

गाजियाबाद के एबीईएस कॉलेज में कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर आदित्य टंडन बताते हैं, “बीटेक में भीड़ बढ़ गई है। डेटा साइंस में भरमार हो गई है और इसमें सिर्फ बीटेक ही नहीं चाहिए, दूसरे क्षेत्रों के लोग भी आते हैं। इसके अलावा, बीटेक के विकल्प के रूप में बीसीए, बीएससी कंप्यूटर साइंस जैसे कोर्स तीन साल में ही हो जा रहे हैं। इनका पाठ्यक्रम बीटेक जैसा ही है। यही नहीं, कई प्रोग्राम ऑनलाइन और डिस्टेंस लर्निंग मोड में भी हैं। तो छात्रों को यह भी एक विकल्प मिल जाता है। छात्रों की संख्या में कमी की वजह ये भी है।”

 

तकनीक तेजी से बदल रही है

पिछले कुछ वर्षों में आईटी और तकनीकी कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया भी बदली है। कई कंपनियां अब केवल डिग्री के आधार पर भर्ती करने के बजाय उम्मीदवार के कौशल, प्रोजेक्ट, इंटर्नशिप और समस्या सुलझाने की क्षमता पर ज्यादा जोर दे रही हैं। ऐसे में केवल बीटेक की डिग्री नौकरी की गारंटी नहीं रह गई है।

 

यहीं एक दिलचस्प सवाल भी खड़ा होता है कि यदि इंजीनियरिंग का आकर्षण कम हो रहा है, तो फिर हर साल लाखों छात्र जेईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी क्यों कर रहे हैं?

 

दिल्ली, कोटा, पुणे, कानपुर जैसी जगहों पर लाखों की संख्या में छात्र इन्हीं प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। दिल्ली में एक इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले दुर्गेश कुमार खुद भी आईआईटी से इंजीनियर रहे हैं। नौकरी करने की बजाय उन्होंने छात्रों को पढ़ाने का फैसला किया।

 

डीडब्ल्यू से बातचीत में दुर्गेश कहते हैं, “यह कहना ठीक नहीं है कि इंजीनियरिंग में लोगों की दिलचस्पी कम हो गई है। लेकिन हां, उन संस्थानों से बीटेक का क्रेज जरूर खत्म हुआ है जहां पढ़ाई, ट्रेनिंग और प्लेसमेंट का स्तर कमजोर है। जो संस्थान इसे सिर्फ पैसा कमाने का जरिया बनाए हुए हैं। आज भी आईआईटी, एनआईटी और तमाम अन्य संस्थानों की मांग वैसी ही बनी हुई है जैसी बीस-तीस साल पहले थी। इसका कारण है कि इन संस्थानों ने अपनी गुणवत्ता बरकरार रखी है और आधुनिक तकनीक और समय के हिसाब से खुद को ढालते रहे हैं। ज्यादातर संस्थान सरकारी नियंत्रण में हैं जहां पैसा कमाना संस्थान का लक्ष्य नहीं बल्कि संस्थान से बेहतर प्रशिक्षित लोग तैयार करना है।”

 

सिर्फ यही संस्थान टिक पाएंगे

जानकारों का मानना है कि उद्योगों की मांग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, रोबोटिक्स और सेमीकंडक्टर जैसी नई तकनीकों की ओर बढ़ रही है। जिन संस्थानों ने समय के अनुरूप अपने पाठ्यक्रम, प्रयोगशालाओं और उद्योगों से जुड़ाव को मजबूत नहीं किया, वहां छात्रों का रुझान लगातार घटा है। आदित्य टंडन कहते हैं कि आने वाले समय में वही संस्थान टिक पाएंगे, जो आधुनिक तकनीकों को अपनाने के साथ कौशल आधारित शिक्षा और उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय पर जोर देंगे।

 

उनके मुताबिक, “चूंकि निजी क्षेत्र के ज्यादातर संस्थान किसी तरह मान्यता लेने की कोशिश करते हैं, इसके लिए तमाम मानकों का उल्लंघन भी करते हैं लेकिन जब छात्र यहां आते हैं तो खुद को ठगा महसूस करते हैं। ऐसे में धीरे-धीरे वहां छात्रों की संख्या में कमी आने ही लगती है। यही नहीं, संस्थानों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की गुणवत्ता और उनका प्रोफाइल भी बहुत मायने रखता है। बहुत से निजी संस्थान इस तरफ भी ज्यादा ध्यान नहीं देते। नतीजा, छात्रों की कमी होना ही है।”

 

दरअसल, यह कहानी केवल 58 इंजीनियरिंग कॉलेजों के बंद होने की नहीं है बल्कि यह भारत की तकनीकी शिक्षा के उस दौर के खत्म होने की कहानी है, जिसमें सिर्फ डिग्री मिल जाना ही सफलता की गारंटी माना जाता था। अब छात्र डिग्री नहीं, रोजगार तलाश रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में वही इंजीनियरिंग संस्थान टिक पाएंगे जो बदलती तकनीक, उद्योगों की जरूरत और छात्रों की अपेक्षाओं के साथ खुद को बदल सकेंगे। बाकी संस्थानों के लिए चुनौती और कठिन होती जाएगी।

LIVE: उत्तर भारत में फिर कमजोर पड़ा दक्षिण-पश्चिम मानसून

monsoon

Latest News Today Live Updates in Hindi : उत्तर भारत में एक बार फिर दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ गया है। हरियाणा, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में उमस भरी गर्मी से लोग परेशान दिखे। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और वहां मूसलाधार बारिश हो रही है। पल पल की जानकारी…

वियतनाम में नाव पलटने से मारे गए आंध्र प्रदेश के तीन लोगों के पार्थिव शरीर RGI एयरपोर्ट पर पहुंचे और अधिकारियों ने उन्हें उनके परिवार वालों को सौंप दिया।कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी इंदौर से भोपाल की जेन ज़ी साइक्लोथॉन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह छात्रों की गूंज की शुरूआत और संकल्प है। प्रदेश में 25 सालों से भाजपा की सरकार है। मध्य प्रदेश में पेपर माफिया और नौकरियों में धांधली चल रही है। यह चिंता का विषय है। यह राजनीतिक यात्रा नहीं बल्कि शिक्षा को बचाने की यात्रा है। जो अमीर है उसके पास शिक्षा है और गरीबों के पास केवल मजदूरी है। ऐसा 80 साल की आजादी के बाद है। मध्य प्रदेश में शिक्षा को लेकर अराजकता है।

-उत्तर भारत में एक बार फिर दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ गया है।

-पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और वहां मूसलधार बारिश हो रही है। 

-राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई हिस्सों में मंगलवार सुबह बारिश हुई। 

14 जुलाई Weather Update: बिहार-ओडिशा में बहुत भारी बारिश, IMD ने इन 10 राज्यों में दिया हैवी रेन का अलर्ट

देश के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और अगले 24 घंटे कई राज्यों के लिए भारी पड़ सकते हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 जुलाई के लिए ताजा मौसम बुलेटिन जारी करते हुए बिहार और ओडिशा में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है।

बिहार और ओडिशा में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के मुताबिक 14 जुलाई को बिहार और ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कें डूबने और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। लोगों को बिना जरूरी काम के घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

इन 10 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 14 जुलाई को निम्न राज्यों में भारी बारिश का अनुमान जताया है।

  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • पश्चिम बंगाल
  • सिक्किम
  • झारखंड
  • छत्तीसगढ़
  • नागालैंड
  • मणिपुर
  • मिजोरम
  • त्रिपुरा

इन राज्यों में कई जगह तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।

इन राज्यों में चलेगी तेज हवा, गिर सकती है बिजली

आईएमडी के अनुसार बिहार, झारखंड, ओडिशा, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं अंडमान-निकोबार, आंध्र प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की भी आशंका है।

उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश में फिलहाल हल्की से मध्यम बारिश का दौर रहेगा, जबकि 17 से 19 जुलाई के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में भी छिटपुट बारिश का अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत में लगातार बारिश

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। मेघालय और असम के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण कुछ स्थानों पर अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है।

मध्य और दक्षिण भारत का मौसम

छत्तीसगढ़ में 14 और 15 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। वहीं मध्य प्रदेश और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर लू चलने की भी चेतावनी दी गई है, जबकि ओडिशा, तमिलनाडु और रायलसीमा में उमस भरा मौसम बना रह सकता है।

मछुआरों के लिए चेतावनी

आईएमडी ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। समुद्र में हवा की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों। जिन इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही है, वहां भूस्खलन और स्थानीय बाढ़ का खतरा बना रह सकता है।

Housing Scheme: दिल्ली के पास अपना घर होने का सपना होगा सच! सिर्फ 2 लाख रुपये में मिल रहा है शानदार फ्लैट

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लोगों के लिए डासना गांव में किफायती फ्लैटों की योजना शुरू की है। इसके लिए रजिट्रेशन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ती प्रॉपर्टी की कीमतों के बीच यह योजना उन लोगों के लिए बड़ी राहत है, जो कम खर्च में अपना घर खरीदना चाहते हैं।

जीडीए की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस योजना के तहत एक घर की अनुमानित कीमत 4.49 लाख रुपये रखी गई है। पात्र लाभार्थियों को केंद्र सरकार की ओर से 1.50 लाख रुपये और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी। यानी कुल 2.50 लाख रुपये की सहायता के बाद लाभार्थी को अपनी जेब से सिर्फ करीब 1.99 लाख रुपये ही चुकाने होंगे। योजना के तहत घरों का आवंटन लॉटरी के जरिए किया जाएगा। लॉटरी की तारीख और अन्य जानकारी समय-समय पर जीडीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।

फ्लैट की कीमत कितनी है?

  • इस योजना के तहत एक फ्लैट की अनुमानित कीमत करीब 4.50 लाख रुपये रखी गई है। खास बात यह है कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी के बाद लाभार्थी को काफी कम रकम चुकानी पड़ेगी।
  • केंद्र सरकार की ओर से पात्र आवेदकों को 1.50 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी।

    उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।

  • इस तरह कुल 2.50 लाख रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद आवेदक को अपनी जेब से करीब 1.99 लाख रुपये यानी लगभग 2 लाख रुपये ही देने होंगे।

आवेदन से पहले जान लें जरूरी बातें

अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो आवेदन की अंतिम तिथि और पात्रता की शर्तों का ध्यान रखना जरूरी है।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा, जो सरकार द्वारा तय की गई सभी शर्तों को पूरा करते हों।

  • आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
  • आवेदक उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले का निवासी होना चाहिए।
  • 20 जुलाई तक आवेदन किया जा सकता है।
  • आवेदक की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम पर देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
  • परिवार की आय आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए।
  • अगर कोई व्यक्ति इन शर्तों को पूरा किए बिना आवेदन करता है, तो उसका आवेदन रद्द किया जा सकता है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज सही होने चाहिए, ताकि प्रक्रिया में कोई परेशानी न आए।

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • तहसीलदार या सक्षम अधिकारी द्वारा जारी नया आय प्रमाण पत्र
  • गाजियाबाद का निवास प्रमाण पत्र
  • नोटरी से सत्यापित शपथ पत्र, जिसमें यह घोषणा हो कि आवेदक या उसके परिवार के नाम पर देश में कहीं भी कोई पक्का मकान नहीं है।